📋 इस अध्याय में क्या-क्या पढ़ेंगे
- विज़न : विकसित राजस्थान @2047 — स्वास्थ्य
- स्वास्थ्य सेवाओं का आधुनिकीकरण
- सार्वभौमिक स्वास्थ्य पहुँच — प्रमुख संकेतक (NFHS-4
- vs NFHS-5)
- मातृ मृत्यु दर (MMR) की प्रवृत्ति
- राज्य स्वास्थ्य अवसंरचना — भौतिक ढाँचा
- आयुष्मान आरोग्य मंदिर (AAM) एवं 12 CPHC सेवाएँ
- आयुर्वेद, होम्योपैथी एवं यूनानी संस्थान
- सभी के लिए स्वास्थ्य — फ़्लैगशिप योजनाएँ (भाग-1)
- सभी के लिए स्वास्थ्य — शेष कार्यक्रम (भाग-2)
- राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) — NRHM एवं NUHM
- टीकाकरण प्रगति एवं स्वास्थ्य कार्यक्रम उपलब्धियाँ
🌟 शुरुआत एक कहानी से
सोचिए — किसी गाँव की एक गर्भवती महिला को अस्पताल जाने के लिए न पैसा जुटाना पड़े, न साधन ढूँढ़ना पड़े। बुखार में भर्त हुए मरीज़ को दवा मुफ़्त मिले, जाँच मुफ़्त मिले, और इलाज का बिल ₹25 लाख तक सरकार खुद भर दे — यही है राजस्थान का "स्वास्थ्य का अधिकार" मॉडल।
यह अकेला राज्य है जिसने स्वास्थ्य सेवा का अधिकार अधिनियम, 2023 बनाकर स्वास्थ्य को "कानूनी अधिकार" का दर्जा दिया — कोई और राज्य अभी तक यहाँ तक नहीं पहुँचा। इसी अध्याय में हम पढ़ेंगे — राजस्थान के स्वास्थ्य संकेतक राष्ट्रीय औसत से कैसे बेहतर हैं, अस्पतालों का जाल कितना फैला है, और मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना जैसी योजनाएँ कैसे काम करती हैं।
1विज़न वक्तव्य — विकसित राजस्थान @2047
2स्वास्थ्य सेवाओं का आधुनिकीकरण
राजस्थान सरकार स्वास्थ्य तंत्र को मानव संसाधन विकास का प्रमुख स्तम्भ मानते हुए इसे सुदृढ़ कर रही है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति 2017 के अनुरूप, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग गरीब व कमज़ोर वर्गों पर विशेष ध्यान देते हुए व्यापक सुधार लागू कर रहा है — PHC, CHC व उप-स्वास्थ्य केंद्रों को उन्नत किया जा रहा है ताकि अंतिम छोर तक (last-mile) सेवा पहुँचे।
| संकेतक | राज. NFHS-4 | राज. NFHS-5 | भारत NFHS-4 | भारत NFHS-5 |
| नवजात मृत्यु दर (NNMR) प्रति 1000 जीवित जन्म | 29.8 | 20.2 | 29.5 | 24.9 |
| शिशु मृत्यु दर (IMR) प्रति 1000 जीवित जन्म | 41.3 | 30.3 | 40.7 | 35.2 |
| 5 वर्ष से कम मृत्यु दर (U5MR) प्रति 1000 जीवित जन्म | 50.7 | 37.6 | 49.7 | 41.9 |
| संस्थागत जन्म (%) | 84.0 | 94.9 | 78.9 | 88.6 |
| पूर्ण टीकाकरण (%) | 54.8 | 80.4 | 62.0 | 76.4 |
| गर्भवती महिलाओं में एनीमिया (15-49 वर्ष) (%) | 46.6 | 46.3 | 50.4 | 52.2 |
| कुल प्रजनन दर (TFR) प्रति महिला | 2.4 | 2.0 | 2.2 | 2.0 |
| 5 वर्ष से कम बौने (Stunted) बच्चे (%) | 39.1 | 31.8 | 38.4 | 35.5 |
| 5 वर्ष से कम दुबले (Wasted) बच्चे (%) | 23.0 | 16.8 | 21.0 | 19.3 |
| 5 वर्ष से कम कम-वज़न (Underweight) बच्चे (%) | 36.7 | 27.6 | 35.8 | 32.1 |
स्वास्थ्य सेवा का अधिकार अधिनियम, 2023
राजस्थान — इस तरह का कानून बनाने वाला देश का प्रथम राज्य। इसका उद्देश्य राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ और किफ़ायती बनाना है — अर्थात स्वास्थ्य अब केवल कल्याणकारी योजना नहीं, बल्कि कानूनी अधिकार है। इसी की नींव पर मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना (₹25 लाख तक कैशलेस इलाज) और RGHS जैसी फ़्लैगशिप योजनाएँ खड़ी हैं, जो OOPE (जेब से होने वाले खर्च) का बोझ घटाती हैं।
टेलीमेडिसिन, इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड और AI-आधारित डायग्नोस्टिक्स जैसी नवाचारी तकनीकों को अपनाकर राज्य ने राजस्थान डिजिटल हेल्थ मिशन शुरू किया है — जिसका उद्देश्य स्वास्थ्य रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण व तकनीक के माध्यम से सेवा वितरण को मज़बूत बनाना है।
आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (ABHA)
3सार्वभौमिक स्वास्थ्य पहुँच (Universal Health Access)
राजस्थान व भारत के प्रमुख स्वास्थ्य संकेतकों की प्रवृत्ति नीचे दी गई है — तुलना NFHS-4 (2015-16) व NFHS-5 (2019-21) के बीच की गई है।
तालिका 2.1 : राजस्थान व भारत में स्वास्थ्य संकेतकों की प्रवृत्ति
NNMR में सुधार
29.8 → 20.2
राष्ट्रीय औसत (24.9) से बेहतर
IMR में सुधार
41.3 → 30.3
11 अंकों की गिरावट; राष्ट्रीय औसत 35.2 से कम
U5MR में सुधार
50.7 → 37.6
13.1 अंक गिरावट; राष्ट्रीय औसत 41.9 से कम
| संकेतक | राज. SRS
2018-20 | राज. SRS
2021-23 | भारत SRS
2018-20 | भारत SRS
2021-23 |
| मातृ मृत्यु अनुपात (प्रति लाख जीवित जन्म) | 113 | 86 | 97 | 88 |
| अस्पताल
267 | CHC
849 | PHC
(शहरी+ग्रामीण)
2,875 | सब-सेंटर
15,292 | कुल बेड
76,720 | आयुष्मान
आरोग्य मंदिर
638
(कार्यरत) |
याद रखें
राजस्थान का MMR (86) राष्ट्रीय औसत (88) से बेहतर है — SRS 2018-20 से 2021-23 के बीच 113 से 86 पर आया। स्रोत : Sample Registration System (SRS), सितंबर 2025
स्रोत : National Family Health Survey (NFHS-5 : 2019-21)
- संस्थागत प्रसव 84.0% से बढ़कर 94.9%— राष्ट्रीय औसत 88.6% से भी अधिक। इससे प्रसव के दौरान माँ व नवजात दोनों की सुरक्षा बढ़ी है।
- कुल प्रजनन दर (TFR) 2.4 से घटकर 2.0— यह राष्ट्रीय औसत (2.0) के बराबर है और NFHS-5 अनुसार "प्रतिस्थापन स्तर" (लगभग 2.1) के निकट है, अर्थात जनसंख्या स्थिरीकरण की दिशा में प्रगति।
- कुपोषण के तीनों संकेतक (बौनापन, दुबलापन, कम-वज़न) में उल्लेखनीय गिरावट— फिर भी सुधार जारी रखने की ज़रूरत है।
तालिका 2.2 : मातृ मृत्यु अनुपात (MMR) की प्रवृत्ति
4राज्य स्वास्थ्य अवसंरचना (State Healthcare Infrastructure)
राजस्थान में एलोपैथिक, आयुर्वेदिक व होम्योपैथिक — तीनों प्रणालियों के अस्पतालों का विस्तृत जाल है, जो शहरी व ग्रामीण दोनों क्षेत्रों को कवर करता है।
भौतिक अवसंरचना — एलोपैथिक चिकित्सा संस्थान (दिसंबर 2025 तक)
- 267 अस्पतालों की संरचना (दिसंबर 2025 तक): 63 ज़िला अस्पताल + 125 उप-ज़िला अस्पताल + 32 सैटेलाइट अस्पताल + 47 अन्य अस्पताल (मेडिकल कॉलेज व संबद्ध अस्पताल इसमें शामिल नहीं)।
| सुविधा प्रकार | कुल AAM | पोर्टल पर कार्यरत (विस्तारित
सेवाओं सहित) |
| प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) | 2,485 | 2,113 |
| उप-स्वास्थ्य केंद्र (SHC) | 14,742 | 6,854 |
| शहरी PHC (UPHC) | 299 | 292 |
| शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर (UAAM) | 332 | 293 |
| आयुष आयुष्मान आरोग्य मंदिर (AAAM) | 2,019 | 2,019 |
| कुल | 19,877 | 11,571 |
| चिकित्सा संस्थान | संख्या |
| आयुर्वेद अस्पताल | 127 |
| ब्लॉक आयुष अस्पताल | 86 |
| आयुर्वेद औषधालय | 3,575 |
आयुष्मान आरोग्य मंदिर की 12 CPHC सेवाएँ
1. गर्भावस्था व प्रसव देखभाल 2. नवजात व शिशु स्वास्थ्य 3. बाल्यकाल-किशोरावस्था स्वास्थ्य 4. परिवार नियोजन व प्रजनन स्वास्थ्य 5. संचारी रोग प्रबंधन 6. सामान्य OPD सेवाएँ 7. गैर-संचारी रोगों की जाँच-नियंत्रण 8. नेत्र, नाक-कान-गला सेवाएँ 9. मूल मुख स्वास्थ्य देखभाल 10. वृद्धजन व उपशामक देखभाल 11. आपातकालीन सेवाएँ (जलना/आघात सहित) 12. मानसिक स्वास्थ्य की जाँच व बुनियादी प्रबंधन
आयुष्मान आरोग्य मंदिर (AAM) — विस्तारित सेवाओं की स्थिति
राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति 2017 के अनुसार, प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा को "स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र" के रूप में सुदृढ़ किया गया —
नवंबर 2023 में इनका नाम बदलकर आयुष्मान आरोग्य मंदिर (AAM) कर दिया गया। स्वास्थ्य बजट का दो-तिहाई हिस्सा प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल के लिए समर्पित है।
आयुर्वेद, होम्योपैथी एवं यूनानी संस्थान (दिसंबर 2025 तक)
| चिकित्सा संस्थान | संख्या |
| मोबाइल इकाइयाँ | 14 |
| योग व प्राकृतिक चिकित्सा अनुसंधान केंद्र | 33 |
| योग व प्राकृतिक चिकित्सा अस्पताल | 3 |
| योग व प्राकृतिक चिकित्सा औषधालय | 3 |
| 1.
मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना (MAA)
फ़्लैगशिप योजना |
राज्य योजना | |
| पूर्व नाम | मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना |
| उद्देश्य | बिना वित्तीय कठिनाई के गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ — पात्र परिवारों को सरकारी व सूचीबद्ध निजी
अस्पतालों में कैशलेस इलाज, ताकि परिवारों को उच्च आउट-ऑफ़-पॉकेट खर्च (OOPE) से सुरक्षा मिले |
| लाभार्थ | ▪ NFSA में पंजीकृत परिवार, SECC पात्र, लघु-सीमांत किसान, संविदा श्रमिक, COVID अनुग्रह प्रभावित,
EWS, 70+ वर्ष वरिष्ठ नागरिक — निःशुल्क बीमा
▪ शेष आबादी : ₹850/वर्ष प्रीमियम पर पंजीकरण (शेष ₹1,115 राज्य सरकार वहन करती है — कुल
प्रीमियम ₹1,965; नए चरण में ₹2,370)
▪ कुल पंजीकृत परिवार : लगभग 1.36 करोड़ |
| प्रावधान | ▪ ₹25 लाख तक/वर्ष/परिवार कैशलेस उपचार — बीमा मोड ₹5 लाख + ट्रस्ट मोड ₹20 लाख
▪ कुल 2,179 पैकेज (बीमा मोड 2,002 + ट्रस्ट मोड 177); सर्जरी, मानसिक स्वास्थ्य, आयुष व वृद्धजन
देखभाल से जुड़े 132 नए पैकेज
▪ अंग प्रत्यारोपण व कोक्लियर इम्प्लांट पैकेज भी शामिल; अन्य राज्यों में इलाज हेतु इन-बाउंड (अप्रैल 2025)
व आउट-बाउंड (दिसंबर 2025) पोर्टेबिलिटी |
| प्रगति (2025-26,
दिसंबर तक) | ▪ उपचारित मरीज़ : 15,32,780
▪ दावे प्रस्तुत : 62,75,311 (₹2,955.16 करोड़)
▪ भुगतान किए दावे : 40,15,705 (₹2,245.53 करोड़)
▪ ₹2,800 करोड़ प्रावधान में से ₹2,080 करोड़ व्यय |
| लक्ष्य | लाभार्थ लक्ष्य 2.86 करोड़ — e-KYC 2.29 करोड़ पूर्ण |
- ऊपर की तालिका के अतिरिक्त आयुर्वेद संस्थानों में ये भी शामिल हैं— 45 आँचल प्रसूता केंद्र, 45 जरावस्था-जन्य व्याधि निवारण केंद्र, 82 पंचकर्म केंद्र, 10 क्षारसूत्र केंद्र व 1 सर्जिकल एम्बुलेटरी थेरेपी यूनिट + 13 एम्बुलेटरी थेरेपी यूनिट।
- होम्योपैथी— 7 अस्पताल, 189 औषधालय, 60 सिंगल मेडिकल यूनिट, 225 ब्लॉक औषधालय, 2 मोबाइल यूनिट + 3 ज़िला आयुष अस्पताल व 83 सरकारी ब्लॉक आयुष अस्पताल भी कार्यरत।
- यूनानी— 12 अस्पताल, 119 औषधालय, 7 मोबाइल यूनिट, 142 DH/CHC/PHC इकाइयाँ, 102 सह-स्थित (Co-located) आयुर्वेद इकाइयाँ तथा 1 हिजामा थेरेपी उत्कृष्टता केंद्र।
5सभी के लिए स्वास्थ्य — फ़्लैगशिप योजनाएँ
राजस्थान ने स्वास्थ्य सेवा का अधिकार अधिनियम, 2023 लागू करके "सभी के लिए स्वास्थ्य" के लक्ष्य को कानूनी आधार दिया है। नीचे राज्य की प्रमुख स्वास्थ्य योजनाएँ क्रमवार दी गई हैं।
| 2.
मुख्यमंत्री निःशुल्क निरोगी राजस्थान (दवा) योजना
फ़्लैगशिप योजना |
राज्य योजना | |
| प्रारंभ | 1 अप्रैल 2022 |
| उद्देश्य | सभी नागरिकों को निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएँ — मेडिकल कॉलेज, ज़िला अस्पताल, CHC, PHC, सब-सेंटर व
AAM में भर्त व बाह्य रोगियों को आवश्यक दवाइयाँ व जाँच सुविधा मुफ़्त |
| प्रावधान | 1,238 दवाइयाँ + 428 सर्जिकल आइटम + 156 सूचर्स सूचीबद्ध; अनुमोदित प्रयोगशालाओं में गुणवत्ता
जाँच |
| प्रगति (2025-26,
दिसंबर तक) | 15.73 करोड़ मरीज़ लाभान्वित, व्यय ₹1,312.19 करोड़ |
| 3.
मुख्यमंत्री निःशुल्क निरोगी राजस्थान (जाँच) योजना
फ़्लैगशिप योजना |
राज्य योजना | |
| उद्देश्य | सरकारी अस्पतालों में व्यापक निःशुल्क जाँच सुविधा — चरणबद्ध रूप से लागू |
| प्रगति | ▪ पहले चरण में अब तक कुल 101.17 करोड़ निःशुल्क जाँच
▪ 2025-26 (दिसंबर तक) : 13.55 करोड़ जाँच, ₹531.56 करोड़ व्यय, 3.90 करोड़ लोग लाभान्वित |
| 4.
राजस्थान सरकार स्वास्थ्य योजना (RGHS)
फ़्लैगशिप योजना |
राज्य योजना | |
| समकक्ष | CGHS (केंद्रीय सरकार) की तज़ पर |
| प्रारंभ | 1 जुलाई 2021 |
| उद्देश्य | राजस्थान के सरकारी कर्मचारियों को कैशलेस व गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा |
| लाभार्थ | मंत्री, विधायक, पूर्व विधायक, अखिल भारतीय सेवा के सेवारत/सेवानिवृत्त अधिकारी, राज्य सरकार के
कर्मचारी व पेंशनभोगी तथा उनके आश्रित — लगभग 13.65 लाख परिवार |
| विशेषताएँ | ▪ पंजीकरण जन आधार से; सरकारी + 741 सूचीबद्ध निजी अस्पताल + 3,748 निजी फ़ार्मेसी (राज्य में) +
39 अस्पताल (राज्य के बाहर)
▪ एलोपैथी के अलावा आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी, सिद्धा में भी उपचार (योग को छोड़कर)
▪ पूर्ण रूप से ऑनलाइन, पेपरलेस; मोबाइल ऐप से सुविधा |
| प्रगति (2025-26,
दिसंबर तक) | ₹2,440.69 करोड़ व्यय — 92.76 लाख दावे (OPD/IPD व फ़ार्मेसी रीइंबर्समेंट) |
| 5.
आयुष्मान वय वंदन योजना
फ़्लैगशिप योजना |
केंद्र प्रायोजित / राष्ट्रीय कार्यक्रम | |
| प्रारंभ | 29 अक्टूबर 2024 |
| लाभार्थ | 70 वर्ष व अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक |
| लाभ | ₹5 लाख तक कवरेज — कैशलेस उपचार, बिना वित्तीय बोझ के आवश्यक चिकित्सा |
| 6.
मुख्यमंत्री बाल संबल / आयुष्मान बाल सहायता योजना
राज्य योजना | |
| उद्देश्य | दुर्लभ रोगों (Rare Diseases) से पीड़ित बच्चों (18 वर्ष तक) को स्वास्थ्य सहायता |
| लाभ | ₹50 लाख तक उपचार सहायता + ₹5,000/माह |
| प्रगति | 224 बच्चे दुर्लभ रोग प्रमाणित, कुल ₹65 लाख व्यय |
| 7.
मातृ एवं शिशु सुरक्षा योजना
केंद्र प्रायोजित / राष्ट्रीय कार्यक्रम |
राज्य योजना | |
| उद्देश्य | शिशु मृत्यु दर व प्रसव के दौरान मातृ मृत्यु दर कम करना; गर्भवती महिला व नवजात को निःशुल्क दवा, जाँच,
भोजन, रक्त व परिवहन सुविधा |
| प्रगति (2025-26,
दिसंबर तक) | ▪ निःशुल्क दवा : 25.47 लाख गर्भवती महिलाएँ
▪ निःशुल्क जाँच : 10.15 लाख
▪ निःशुल्क भोजन : 7.37 लाख
▪ घर से अस्पताल परिवहन : 4.43 लाख; अस्पताल से घर : 4.92 लाख; उच्च संस्थान हेतु रेफ़रल परिवहन :
30,193 महिलाएँ
▪ रक्त-आधान सुविधा : 54,314 महिलाएँ
▪ बच्चों हेतु : निःशुल्क जाँच 1.81 लाख, दवा 4.21 लाख, रक्त-आधान 3,259, परिवहन सुविधा 48,997
बच्चे |
| 8.
आदर्श प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र / मॉडल CHC योजना
राज्य योजना | |
| उद्देश्य | ग्रामीण क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ — ग्रामीण PHC को "आदर्श PHC" के रूप में विकसित |
| प्रगति (2025-26,
दिसंबर तक) | मासिक 9 लाख OPD/IPD मरीज़; मासिक 4,000 प्रसव |
| बजट | 2025-26 हेतु ₹300 लाख की प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति |
| 9.
"शुद्ध आहार — मिलावट पर वार" अभियान
राज्य योजना | |
| प्रारंभ | 15 फ़रवरी 2024 |
| उद्देश्य | राज्य के सभी उपभोक्ताओं को शुद्ध खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना |
| प्रगति (दिसंबर 2025
तक) | 14,998 निरीक्षणों से 38,647 नमूने एकत्र — इनमें 2,764 सब-स्टैंडर्ड, 129 मिसब्रांडेड, 653 असुरक्षित
पाए गए; व्यय ₹13.61 करोड़ |
| 10.
सिलिकोसिस नीति — 2019
राज्य योजना |
फ़्लैगशिप योजना | |
| सिलिकोसिस क्या है | खदानों, कारखानों, पत्थर काटने-पीसने जैसे कार्यों में लंबे समय तक धूल के संपर्क से होने वाला असाध्य रोग |
| उद्देश्य | पीड़ितों को वित्तीय सहायता तथा पहचान, पुनर्वास, रोकथाम व कार्यस्थल सुरक्षा सुनिश्चित करना |
| प्रावधान | ▪ प्रमाणन पर : ₹3 लाख पुनर्वास सहायता + ₹1,500/माह पेंशन
▪ मृत्यु पर आश्रित परिवार को : ₹2 लाख
▪ विधवा पेंशन : ₹1,250–₹1,500/माह (आयु अनुसार)
▪ अंतिम संस्कार सहायता : ₹10,000
▪ पालनहार योजना में प्राथमिकता; NFSA सहित सभी BPL लाभ (आस्था कार्ड परिवार की तरह) |
| नवाचार | शीघ्र पहचान हेतु AI-आधारित टेली-रेडियोलॉजी पहल |
| प्रगति (दिसंबर 2025
तक) | 20,478 पीड़ित/परिवार को सहायता — ₹614.86 करोड़ व्यय (DSAP केंद्रीय ऑनलाइन भुगतान) |
| 11.
राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम (NMHP)
केंद्र प्रायोजित / राष्ट्रीय कार्यक्रम | |
| उद्देश्य | मानसिक स्वास्थ्य सेवा की पहुँच बढ़ाना व मरीज़ों को सहयोग देना |
| प्रगति (2025-26,
दिसंबर तक) | ▪ OPD से 2.10 लाख नए व 3.41 लाख फ़ॉलो-अप मरीज़ों को सेवा
▪ 645 शिविर आयोजित — 15,069 मरीज़ों का उपचार; व्यय ₹179.55 लाख |
| 12.
राष्ट्रीय फ़्लोरोसिस नियंत्रण एवं रोकथाम कार्यक्रम (NPPCF)
केंद्र प्रायोजित / राष्ट्रीय कार्यक्रम | |
| क्षेत्र | पेयजल में अधिक फ़्लोराइड वाले क्षेत्रों में लागू — वर्तमान में 30 ज़िलों में संचालित |
| प्रगति | ▪ जल शक्ति मंत्रालय रिपोर्ट अनुसार राज्य के 1,020 गाँव फ़्लोराइड-प्रभावित
▪ 2025-26 (दिसंबर तक) : 19,805 संदिग्ध रोगी चिह्नित, 7,260 पुष्ट मामले; व्यय ₹17.22 लाख |
| 13.
राष्ट्रीय मुख स्वास्थ्य कार्यक्रम (NOHP)
केंद्र प्रायोजित / राष्ट्रीय कार्यक्रम | |
| प्रारंभ | 2014-15 |
| उद्देश्य | मुख स्वास्थ्य को बढ़ावा देना व शहरी-ग्रामीण सेवा-असमानता कम करना |
| प्रगति (2025-26,
दिसंबर तक) | 6,095 शिविर — 2.38 लाख मरीज़ों की जाँच; सरकारी डेंटल संस्थानों में 16.29 लाख मरीज़ों का इलाज |
6सभी के लिए स्वास्थ्य — शेष राष्ट्रीय कार्यक्रम एवं पहलें
ऊपर दी गई फ़्लैगशिप योजनाओं के अलावा, कई राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम राजस्थान में सक्रिय रूप से लागू हैं — इनमें से अधिकांश केंद्र प्रायोजित हैं।
| 14.
राष्ट्रीय बहरापन नियंत्रण कार्यक्रम (NPPCD)
केंद्र प्रायोजित / राष्ट्रीय कार्यक्रम | |
| उद्देश्य | श्रवण क्षमता बढ़ाना व सेवा-असमानता कम करना |
| प्रगति (2025-26,
दिसंबर तक) | 1,554 शिविर — 61,625 मरीज़ जाँचे गए; सरकारी संस्थानों में 6.09 लाख मरीज़ों का इलाज |
| 15.
राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम (NTCP)
केंद्र प्रायोजित / राष्ट्रीय कार्यक्रम | |
| गतिविधियाँ | 60-दिवसीय तम्बाकू-मुक्त युवा अभियान 3.0 — तम्बाकू-मुक्त विद्यालय, COTPA के तहत प्रवर्तन
कार्रवाई, तम्बाकू-मुक्त ग्राम पंचायतें, सोशल मीडिया अभियान |
| बजट (2025-26,
दिसंबर तक) | ₹931.40 लाख प्रावधान में से ₹211.95 लाख व्यय |
| 16.
राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम (NVHCP)
केंद्र प्रायोजित / राष्ट्रीय कार्यक्रम | |
| प्रारंभ | 2019 |
| लक्ष्य | वर्ष 2030 तक हेपेटाइटिस-C का उन्मूलन; हेपेटाइटिस B, C, A व E से मृत्यु-दर कम करना |
| मॉडल उपचार केंद्र | जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, अजमेर मेडिकल कॉलेजों में; राज्यभर में 50 NVHCP केंद्र भी सक्रिय |
| प्रगति (2025-26,
दिसंबर तक) | ▪ हेपेटाइटिस-B जाँच : 8.81 लाख (10,555 पॉज़िटिव, 1,597 का इलाज)
▪ हेपेटाइटिस-C जाँच : 6.65 लाख (3,580 पॉज़िटिव, 1,026 का इलाज)
▪ व्यय ₹2.18 करोड़ (कुल प्रावधान ₹12.59 करोड़ के विरुद्ध) |
| 17.
एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (IDSP)
केंद्र प्रायोजित / राष्ट्रीय कार्यक्रम | |
| उद्देश्य | संचारी व गैर-संचारी रोगों की नियमित निगरानी से सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट नियंत्रित करना |
| विशेषताएँ | ▪ उप-केंद्र स्तर से रियल-टाइम डेटा संकलन (IDSP पोर्टल); राज्य/ज़िला स्तर पर निगरानी समितियाँ
▪ 27 ज़िला अस्पताल → ज़िला जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला के रूप में विकसित; 7 मेडिकल कॉलेज रेफ़रल
नेटवर्क में |
| बजट (2025-26,
दिसंबर तक) | ₹163.50 लाख में से ₹49.11 लाख व्यय |
| 18.
राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम
केंद्र प्रायोजित / राष्ट्रीय कार्यक्रम | |
| क्रियान्वयन | राजस्थान राज्य एड्स नियंत्रण सोसाइटी द्वारा |
| उद्देश्य | HIV संक्रमण के प्रसार को रोकना व कम करना |
| प्रगति (दिसंबर 2025
तक) | ▪ 28.60 लाख नमूनों की जाँच — 5,522 HIV-पॉज़िटिव मामले
▪ 53 STI क्लीनिक पर निःशुल्क परामर्श-जाँच-दवा; 255 ब्लड बैंक (58 राज्य + 7 केंद्र + 190 निजी); 28
ART केंद्र + 8 PPP-ART + 21 लिंक ART + 17 केयर सपोर्ट सेंटर
▪ व्यय ₹22.72 करोड़ (कुल प्रावधान ₹47.98 करोड़ के विरुद्ध) |
| क्र. | कार्यक्रम / गतिविधि | मुख्य तथ्य |
| 1 | मिशन मधुहारी (टाइप-1 मधुमेह) | शुभारंभ 29 नवंबर 2024, नागौर से; 70
ज़िला/उप-ज़िला अस्पतालों में प्रशिक्षण;
1,700+ मरीज़ों को निःशुल्क इंसुलिन,
ग्लूकोमीटर व ग्लूकोज़ स्ट्रिप्स |
| 2 | मिशन मधुनेत्र (डायबिटिक रेटिनोपैथी जाँच) | 5 संस्थानों से शुरुआत (पाली, ब्यावर, करौली,
जालौर, देशनोक-बीकानेर); 640 AI-स्क्रीनिंग,
96 पॉज़िटिव |
| 3 | प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम | 41 ज़िलों के 61 अस्पतालों में
हीमोडायलिसिस; 145 मशीनें; 51,088 सेशन,
6,653 मरीज़ |
| 4 | क्रमोन्नत अस्पताल (2025-26) | CHC डीग → 150-बेड ज़िला अस्पताल;
रामगंज मंडी (कोटा) उप-ज़िला → ज़िला
अस्पताल; 17 CHC → उप-ज़िला; 78
सब-सेंटर → PHC; 34 PHC → CHC |
| 5 | नए सैटेलाइट अस्पताल | पृथ्वीराजनगर व बालमुकुंदपुरा (जयपुर/अजमेर
रोड) में 50-बेड; मुरलीपुरा, प्रतापनगर, कमला
नेहरू अस्पताल (कांकरोली) क्रमोन्नत; सुनेल
(झालावाड़) 75-बेड |
| 19.
आयुष सशक्तीकरण (आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्धा, होम्योपैथी)
केंद्र प्रायोजित / राष्ट्रीय कार्यक्रम |
राज्य योजना | |
| संस्थाएँ | राजस्थान राज्य आयुष सोसायटी + राष्ट्रीय आयुष मिशन कार्यालय |
| प्रगति | ▪ 2,019 आयुष औषधालय → आयुष्मान आरोग्य मंदिर (आयुष) में परिवर्तित; 50 को NABH प्रमाणन
▪ 11वाँ अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (21 जून 2025) — "एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य हेतु योग" थीम, 1.38 करोड़
प्रतिभागी (1.69 लाख स्थानों पर)
▪ कोटा में नया राजकीय आयुर्वेद-योग-प्राकृतिक चिकित्सा महाविद्यालय स्थापित; जयल (नागौर) व नवलगढ़
(झुंझुनू) के आयुर्वेद औषधालय ब्लॉक आयुष अस्पताल में उन्नत; सभी अस्पताल-औषधालय गूगल मैप्स पर
जियो-टैग |
| बजट | राष्ट्रीय आयुष मिशन : ₹348.88 करोड़ स्वीकृति में से ₹174.44 करोड़ प्राप्त (₹50.81 करोड़ व्यय); आयुष
सेवाओं हेतु ₹39.76 करोड़ की दवा/आकस्मिक सहायता 4,032 औषधालयों, 222 अस्पतालों व 33
योग-प्राकृतिक चिकित्सा अस्पतालों को |
अन्य प्रमुख गतिविधियाँ
| क्र. | कार्यक्रम / गतिविधि | मुख्य तथ्य |
| 1 | निर्माण व नवीनीकरण | 570 औषधालय, 6 पचास-बेड एकीकृत आयुष अस्पताल, 7 रसायनशाला,
2,019 AAM(आयुष) की सिविल ब्रांडिंग, 5 दस/तीस-बेड एकीकृत अस्पताल,
10 क्षारसूत्र इकाइयाँ |
| 2 | आयुष्मान आदर्श ग्राम योजना | प्रथम चरण में 210 आयुष्मान आरोग्य मंदिर चयनित — 18 स्वास्थ्य
संकेतकों पर मूल्यांकन |
| 3 | मौसमी रोग शिविर | साप्ताहिक एक-दिवसीय शिविर — 4.16 लाख मरीज़ लाभान्वित |
| 4 | होम्योपैथी विशेष शिविर | आयुर्वेद दिवस/स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार/पोषण माह : 1.30 लाख मरीज़;
"शहर चलो एवं गाँव चलो" अभियान : 3.08 लाख मरीज़; नारी निकेतन केंद्र
शिविर : 547 मरीज़; आरोग्य मेला (बीकानेर-उदयपुर) : 52,694 मरीज़ |
| 5 | होम्योपैथी — कुल उपलब्धि | 2.30 करोड़ मरीज़ इलाजित; SCSP/TSP क्षेत्रों के 40 शिविरों में 8,828
मरीज़ लाभान्वित |
| 6 | यूनानी — कुल उपलब्धि | 10.86 लाख मरीज़ (4.82 लाख महिलाएँ) इलाजित; व्यय ₹41.26 करोड़
(बजट ₹61.67 करोड़ के विरुद्ध) |
| 20.
कर्मचारी राज्य बीमा योजना (ESIS)
केंद्र प्रायोजित / राष्ट्रीय कार्यक्रम | |
| उद्देश्य | निजी क्षेत्र के कर्मचारियों व आश्रितों को व्यापक चिकित्सा व सामाजिक सुरक्षा |
| पात्रता | न्यूनतम 10 कर्मचारी वाली संस्थाएँ, वेतन ₹21,000/माह तक |
| वित्तीय भागीदारी | ESI निगम : राज्य सरकार = 7 : 1; अंशदान — नियोक्ता 3.25% + कर्मचारी 0.75% |
| आश्रित कवरेज | बीमित कर्मचारी के साथ पति/पत्नी, पुत्र (21 वर्ष तक), अविवाहित पुत्री, दिव्यांग बच्चे व आश्रित माता-पिता
भी लाभान्वित |
| प्रगति (2025-26,
दिसंबर तक) | ▪ 67.44 लाख+ बीमित लाभान्वित; ₹144.77 करोड़ व्यय — 13.91 लाख OPD + 590 IPD + 1.17
लाख जाँच
▪ 3 अस्पताल (जोधपुर, भीलवाड़ा, पाली, प्रत्येक 50-बेड) + 76 औषधालय संचालित
▪ मॉडल ESIC अस्पताल जयपुर तथा भिवाड़ी, उदयपुर, बीकानेर, अलवर में भी सुविधाएँ; अलवर में मेडिकल
कॉलेज सह अस्पताल; चित्तौड़गढ़ व झुंझुनू में औषधालय
▪ 58 अस्पतालों/औषधालयों में दंत चिकित्सा सेवा भी उपलब्ध |
आयुष उपलब्धियाँ — अतिरिक्त विवरण (2025-26, दिसंबर तक)
7राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (National Health Mission — NHM)
NHM का उद्देश्य व्यक्तिगत, पारिवारिक, सामुदायिक एवं स्वास्थ्य-प्रणाली स्तर पर विभिन्न हस्तक्षेपों से प्रभावी स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करना है। वित्त पोषण अनुपात केंद्र : राज्य = 60 : 40। इसके दो उप-मिशन हैं — राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (NRHM) व राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन (NUHM)।
| योजना | मुख्य तथ्य (2025-26, दिसंबर/नवंबर तक) |
| 104 जननी एक्सप्रेस | गर्भवती महिलाओं को समय पर परिवहन — घर→अस्पताल 13,984, अस्पताल→घर 1.77 लाख,
नसबंदी हेतु 12,827
शिशु परिवहन : घर→अस्पताल 3,458, अस्पताल→घर 29,490; रेफ़रल : 1,097 गर्भवती
महिलाएँ + 224 बीमार नवजात
बजट ₹100.24 करोड़ (व्यय ₹55.24 करोड़) |
| 108 एम्बुलेंस सेवा (सितंबर
2008 से) | वर्तमान में 1,094 एम्बुलेंस संचालित — 3.19 लाख मेडिकल इमरजेंसी, 19,139 पुलिस केस,
1.23 लाख प्रसव-संबंधी; बजट ₹224.77 करोड़ (व्यय ₹173.57 करोड़) |
| मोबाइल मेडिकल सेवा
(2008-09 से) | 28 वाहन; मरुस्थलीय/आदिवासी/दुर्गम क्षेत्रों में मासिक 20 शिविर; 10,714 शिविरों में 6.01 लाख
मरीज़ इलाज (लक्ष्य 14,340 शिविर); बजट ₹87.08 करोड़ (व्यय ₹7.45 करोड़) |
| MAA वाउचर योजना (2024
से) | ग्रामीण गर्भवती महिलाओं को QR-कोड वाउचर से निःशुल्क सोनोग्राफी — 1,462 अधिकृत केंद्र;
₹450/सोनोग्राफी सरकार वहन करती है; 2 लाख वाउचर जारी, 1.48 लाख महिलाएँ लाभान्वित |
राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (NRHM, 2005)
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK)
- उद्देश्य: बच्चों (18 वर्ष तक) में जन्म-दोष व विकासात्मक देरी जैसी 40 पूर्व-निर्धारित स्वास्थ्य समस्याओं — "4D" (Defects, Disease, Deficiencies, Developmental delays) — की शीघ्र पहचान व प्रबंधन। मोबाइल हेल्थ टीमें (MHT) स्कूलों व आंगनबाड़ी में जाँच करती हैं।
- प्रगति (2025-26, दिसंबर तक): 34.10 लाख बच्चों की जाँच; 87,592 को उपचार, जिसमें 732 बड़ी सर्जरी शामिल; व्यय ₹6.37 करोड़ (प्रावधान ₹24.77 करोड़)।
राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम (RKSK)
- उजाला क्लिनिक— किशोर-अनुकूल स्वास्थ्य क्लिनिक, सभी ज़िलों में विस्तारित; एनीमिया, कुपोषण व प्रजनन स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों की शीघ्र पहचान व प्रबंधन। साथ ही साप्ताहिक आयरन-फ़ॉलिक एसिड पूरक कार्यक्रम व शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम भी किशोर स्वास्थ्य सुधारने में सहायक।
- प्रगति (2025-26, दिसंबर तक): उजाला क्लिनिक में 6.74 लाख किशोरों को परामर्श; 6,547 आउटरीच सत्र (3.93 लाख किशोर लाभान्वित); व्यय ₹9.96 करोड़ (बजट ₹21.71 करोड़)।
आपातकालीन एवं परिवहन सेवाएँ
| लॉन्च | 25 अक्टूबर 2021 |
| उद्देश्य | भारत की सार्वजनिक स्वास्थ्य अवसंरचना का विस्तार व सुदृढ़ीकरण — भविष्य की महामारियों से निपटने व
हर ज़िले को आत्मनिर्भर बनाने हेतु |
| स्वीकृत कार्य (406 कुल) | ▪ 131 ब्लॉक स्तरीय सार्वजनिक स्वास्थ्य इकाइयाँ (BPHU)
▪ 6 एकीकृत सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशालाएँ (IPHL)
▪ 3 क्रिटिकल केयर ब्लॉक (CCB)
▪ 429 शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर (UAAM) |
| चिकित्सा संस्थान | संचालित (दिसंबर 2025 तक) |
| शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (UCHC) | 17 |
| शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (UPHC) | 286 |
| शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर (UAAM) | 638 |
| टीकाकरण | उपलब्धि (लाख में) |
| पेंटा-3 | 11.24 |
| BCG टीकाकरण | 10.98 |
| MR-1 | 11.73 |
| TD | 11.93 |
| OPV-3 | 11.16 |
ग्राम स्वास्थ्य एवं स्वच्छता समितियाँ (VHSC) तथा टेलीमेडिसिन
- VHSC— स्वास्थ्य को "जन आंदोलन" बनाने की पहली सीढ़ी; अध्यक्षता सरपंच/वार्डपंच, संयोजक आशा सहयोगिनी। 43,440 समितियाँ गठित; 2025-26 (दिसंबर तक) 3.5 लाख बैठकें; व्यय ₹3.44 करोड़ (प्रावधान ₹11.65 करोड़)।
- टेलीमेडिसिन (ई-संजीवनी)— केंद्र सरकार का हब-स्पोक मॉडल पोर्टल (PHC→CHC→ज़िला अस्पताल→मेडिकल कॉलेज)। दिसंबर 2025 तक 20.33 लाख टेली-परामर्श; बजट ₹619.01 करोड़ (व्यय ₹13.30 करोड़)।
राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन (NUHM)
शहरी क्षेत्रों में, विशेषकर कमज़ोर वर्गों में, संक्रामक रोगों पर नियंत्रण के साथ उपचारात्मक व निवारक सेवाएँ देना NUHM का लक्ष्य है।
- 2025-26 (दिसंबर तक): 31,893 शहरी स्वास्थ्य-पोषण दिवस आयोजित; 1,693 आउटरीच शिविर; गुणवत्ता आश्वासन कार्यक्रम में 71 UPHC को राष्ट्रीय व 7 संस्थाओं को राज्य प्रमाणन; बजट ₹198.01 करोड़ (व्यय ₹58.25 करोड़)।
8टीकाकरण प्रगति एवं स्वास्थ्य कार्यक्रम उपलब्धियाँ
तालिका : टीकाकरण कार्यक्रम की प्रगति, 2025-26 (दिसंबर तक, लाख में)
मोतियाबिंद ऑपरेशन
2.88 लाख
लक्ष्य 4.50 लाख के विरुद्ध
रक्त नमूना जाँच
119.04 लाख
लक्ष्य 110.12 लाख के विरुद्ध
आयोडीन जागरूकता नमूने
59,246
विश्व IDD दिवस (21 अक्तूबर)
मुख्य परीक्षा दृष्टि से — अध्याय का सार (विश्लेषण)
कानूनी अधिकार बना स्वास्थ्य : स्वास्थ्य सेवा का अधिकार अधिनियम, 2023 पारित करने वाला राजस्थान देश का पहला राज्य है — यही आधार MAA (₹25 लाख कैशलेस) व RGHS जैसी योजनाओं को "कल्याण" से आगे "अधिकार" बनाता है। संकेतक राष्ट्रीय औसत से बेहतर, पर सुधार जारी : NNMR, IMR, U5MR, MMR — सभी में राजस्थान भारत के औसत से आगे निकल चुका है; फिर भी एनीमिया (46.3%) व कुपोषण के आँकड़े दिखाते हैं कि पोषण-सुरक्षा अभी अधूरी है। अवसंरचना बनाम पहुँच का अंतर : 19,877 कुल AAM में से केवल 11,571 पर विस्तारित सेवाएँ चालू — यही "अंतिम छोर तक पहुँच" की असली चुनौती है, जिसे PM-ABHIM व नए सैटेलाइट अस्पताल पाटने की कोशिश कर रहे हैं। केंद्र-राज्य भागीदारी का मॉडल : NHM में 60:40 और ESIS में 7:1 अनुपात — फंडिंग ढाँचा समझना बहुविकल्पीय प्रश्नों में अक्सर पूछा जाता है।
परिवार कल्याण : 2025-26 (दिसंबर तक) 86,733 नसबंदी ऑपरेशन, 4.63 लाख IUCD, 2.19 लाख PPIUCD, इंजेक्टेबल गर्भनिरोधक की पहली खुराक 1.52 लाख लाभार्थियों को, मौखिक गर्भनिरोधक गोली 3.75 लाख महिलाओं को, कॉन्डोम (CC) उपयोगकर्ता 5.63 लाख व सेंटक्रोमन गोली उपयोगकर्ता 76,001; TFR राष्ट्रीय स्तर 2.0 तक पहुँच चुका है (NFHS-5 अनुसार)।
- एक अन्य रोग-नियंत्रण कार्यक्रम में (2025-26, दिसंबर तक): नए मामले चिह्नित 830 (लक्ष्य 1,200); उपचारित/स्वस्थ हुए मरीज़ 854 (लक्ष्य 1,164); उपचाराधीन मरीज़ 1.67 लाख (लक्ष्य 1.60 लाख) — यह आँकड़ा आर्थिक समीक्षा के "स्वास्थ्य कार्यक्रम उपलब्धियाँ" चित्र से है।
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