🗄️ अध्याय 4/12 — राजस्थान राज्यव्यवस्था

राज्य सचिवालय, मुख्य सचिव एवं निदेशालय

State Secretariat, Chief Secretary & Directorates | RAS Pre + Mains
📋 इस अध्याय में
  1. राज्य सचिवालय — परिचय, ऐतिहासिक पृष्ठभूमि एवं राजस्थान में स्थापना
  2. सचिवालय की संरचना — राजनीतिक एवं प्रशासनिक पदानुक्रम
  3. राज्य सचिवालय के कार्य एवं कार्यविधि
  4. सचिवालय vs निदेशालय — तुलनात्मक विश्लेषण
  5. सचिवालय सुधार समितियाँ एवं प्रशासनिक आयोग
  6. मुख्य सचिव (Chief Secretary) — परिचय, इतिहास एवं विशिष्ट तथ्य
  7. मुख्य सचिव की शक्तियाँ, कार्य एवं भूमिका
  8. कैबिनेट सचिव vs मुख्य सचिव | CMO | मुख्य सचिवों की पूर्ण सूची

1राज्य सचिवालय — परिचय, ऐतिहासिक पृष्ठभूमि एवं राजस्थान में स्थापना

राज्य सचिवालय वह केन्द्रीय कार्यालय है जहाँ से राज्य सरकार की नीतियाँ बनती हैं, कानून का निर्माण होता है और समस्त प्रशासनिक निर्णय लिए जाते हैं। यह राज्य के राजनीतिक एवं प्रशासनिक नेतृत्व का मुख्यालय है — राज्य सत्ता का हृदय।

पहलूविवरण
परिभाषावह कार्यालय जहाँ सरकार के समस्त विभागों के राजनीतिक (मंत्री) व प्रशासनिक (सचिव) मुखिया बैठकर नीति एवं कानून का निर्धारण करते हैं।
राजनैतिक प्रमुखमुख्यमंत्री
प्रशासनिक प्रमुखमुख्य सचिव (Chief Secretary)
विभागों का नाम"प्रशासनिक विभाग" (केन्द्र की तरह "मंत्रालय" नहीं कहा जाता)
विभागों की संख्यामंत्रिमण्डल द्वारा निर्धारित (प्रथम ARC सुझाव — 13 से अधिक नहीं)
प्रत्येक विभाग के प्रमुखराजनैतिक — मंत्री | प्रशासनिक — सचिव
संवैधानिक आधारअनुच्छेद 166 के तहत् राज्य सचिवालय की कार्यविधि संबंधी नियम बनाये गये हैं।
O&M संभाग1955 में स्थापित (संगठन एवं पद्धति संभाग) — प्रशासनिक सुधार विभाग का अंग

◈ ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

💡 अवधारणा:

सचिवालय को "सचिवों का आलय (घर)" माना जाता है, लेकिन यहाँ सचिवों के साथ सभी मंत्री और उनके अधीनस्थ अधिकारियों के कार्यालय भी स्थित हैं। यह Staff Agency है — नीति बनाती है, क्रियान्वयन नहीं। सचिवालय ≠ निदेशालय।

🔑 मुख्य शब्द (Keywords)
13 अप्रैल 1949जयपुरशंकरराव समितिArt. 166इम्पीरियल सेक्रेटरिएटO&M 1955प्रशासनिक विभागStaff Agencyसत्ता का हृदय

2सचिवालय की संरचना — राजनीतिक एवं प्रशासनिक पदानुक्रम

राज्य सचिवालय की संरचना दो समानांतर स्तंभों पर टिकी है — एक राजनीतिक (निर्वाचित जनप्रतिनिधि) और दूसरा प्रशासनिक (स्थायी नौकरशाही)। दोनों मिलकर नीति-निर्माण एवं क्रियान्वयन का कार्य करते हैं।

🏛 राजनीतिक पदानुक्रम
  • 1. मुख्यमंत्री (Chief Minister)
  • 2. कैबिनेट मंत्री (Cabinet Minister)
  • 3. राज्य मंत्री (State Minister)
  • 4. उपमंत्री (Deputy Minister) — प्रायः नहीं
  • 5. संसदीय सचिव — प्रायः नहीं
⚙️ प्रशासनिक पदानुक्रम
  • 1. मुख्य सचिव (Chief Secretary)
  • 2. अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS)
  • 3. प्रधान सचिव / सचिव
  • 4. विशिष्ट सचिव — प्रायः नहीं
  • 5. संयुक्त सचिव (Joint Secretary)
  • 6. उपसचिव (Deputy Secretary)
  • 7. सहायक सचिव / PS
  • 8. अनुभाग अधिकारी / APS
  • 9. PA / Steno (सहायक निजी सहायक)
  • 10. वरिष्ठ सहायक (UDC)
  • 11. कनिष्ठ सहायक (LDC)
  • 12. चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी
💡 राज्य प्रशासन की 3-स्तरीय संरचना:

(1) राजनीतिक नेतृत्व (मंत्री) → नीति निर्धारण | (2) सचिवालय (सचिव) → नीति निर्धारण | (3) निदेशालय (निदेशक) → नीतियों का क्रियान्वयन।

🔑 मुख्य शब्द (Keywords)
मुख्यमंत्रीमुख्य सचिवACSप्रधान सचिवसंयुक्त सचिवUDCLDC3-स्तरीय संरचना
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3राज्य सचिवालय के कार्य एवं कार्यविधि

राज्य प्रशासन की सर्वोच्च प्रशासनिक संस्था होने के कारण नीति एवं कानून निर्माण तथा अधीनस्थ संस्थाओं पर नियंत्रण का कार्य सचिवालय करता है।

क्र.सचिवालय के प्रमुख कार्य
1राज्य सरकार की नीतियाँ एवं कार्यक्रम तैयार करना।
2राज्य का बजट तैयार करना एवं वित्तीय नियंत्रण स्थापित करना।
3राज्य सूची के विषयों पर कानून एवं नियमों के निर्माण में भूमिका।
4नीतियों एवं कार्यक्रमों के मध्य सामंजस्य स्थापित करना।
5क्षेत्रीय प्रशासनिक इकाईयों के मध्य तालमेल बनाए रखना।
6नीतियों व कार्यक्रमों के परिणामों की समीक्षा करना।
7राज्य सरकार के सूचना भण्डार के रूप में कार्य करना।
8मंत्रियों की विधानमण्डल से संबंधित जिम्मेदारियों के निर्वहन में सहयोग।
9लोक सेवकों की भर्ती, प्रशिक्षण, पदोन्नति, स्थानान्तरण, वेतन-भत्ते तथा सेवा नियमों का निर्धारण।
10केन्द्र व राज्य सरकारों के मध्य सम्पर्क बनाए रखना।
11जनसम्पर्क व जनता की शिकायतों का निवारण करना।
12विभिन्न विभागों के प्रशासनिक कार्यों में समन्वय एवं एकरूपता लाना।
🔑 मुख्य शब्द (Keywords)
नीति निर्धारणबजटकानून निर्माणसमन्वयसूचना भण्डारलोक सेवक सेवा नियमकेन्द्र-राज्य सम्पर्क

4सचिवालय vs निदेशालय — तुलनात्मक विश्लेषण

सचिवालय और निदेशालय — दोनों राज्य प्रशासन की महत्वपूर्ण संस्थाएँ हैं, लेकिन इनके कार्य, स्तर और प्रकृति में मूलभूत अंतर है। एक नीति बनाती है, दूसरी उसे लागू करती है।

🏛 सचिवालय (Secretariat)
  • शीर्ष प्रशासनिक संस्था
  • प्रमुख अधिकारी — सचिव
  • Staff Agency (सलाहकार)
  • सामान्य सेवाएँ — नीति निर्धारण व कानून निर्माण
  • मंत्री से प्रत्यक्ष रूप से संबंधित
  • उच्च स्तरीय — व्यापक दृष्टिकोण
  • नीति समीक्षा व बजट नियंत्रण
  • राज्य सूची के सभी विषयों पर समन्वय
🏢 निदेशालय (Directorate)
  • अधीनस्थ प्रशासनिक संस्था
  • प्रमुख अधिकारी — निदेशक
  • Line Agency (क्रियान्वयन)
  • विशेषज्ञ सेवाएँ — नीतियों का कार्यान्वयन
  • मंत्री से प्रत्यक्ष सम्पर्क नहीं
  • विशेष क्षेत्र में तकनीकी विशेषज्ञता
  • योजनाएँ लागू करना, फील्ड पर्यवेक्षण
  • किसी एक क्षेत्र (शिक्षा/कृषि/स्वास्थ्य) में विशेषज्ञ
💡 याद करें:

सचिवालय → नीति बनाओ (Think) | निदेशालय → नीति लागू करो (Do)। सचिवालय Staff Agency = सलाह देना। निदेशालय Line Agency = काम करना।

🔑 मुख्य शब्द (Keywords)
Staff AgencyLine Agencyसचिवनिदेशकनीति निर्माणक्रियान्वयनसामान्यविशेषज्ञ

5सचिवालय सुधार समितियाँ एवं प्रशासनिक आयोग

समिति / आयोगवर्षअध्यक्षप्रमुख सिफारिश / कार्य
प्रथम प्रशासनिक सुधार आयोग1966-70मोरारजी देसाई → बाद में के. हनुमन्तैया(1) विभाग 13 से अधिक नहीं। (2) प्रत्येक विभाग में नीतिगत सलाहकार समिति। (3) मंत्री देते समय विभाग की मूल भावना न तोड़ें। (4) CS के अधीन कार्मिक विभाग।
सचिवालय पुनर्गठन समिति1959-60एस.डी. उज्ज्वल
राजस्थान प्रथम प्रशासनिक सुधार समिति1963हरिश्चन्द्र माथुरसचिव नियुक्ति का आधार केवल वरिष्ठता नहीं — योग्यता भी हो। IAS अधिकारी को लगातार 5 वर्ष से अधिक सचिवालय में नहीं रखना चाहिए।
राजस्थान सचिवालय पुनर्गठन समिति1969-70मोहन मुखर्जीप्रकोष्ठ प्रणाली (Cell System) के स्थान पर ग्रुप सिस्टम (Group System) लागू।
प्रशासन सुधार समिति1992-95जी.के. भनोतप्रशासनिक सुधार।
वित्तीय प्रशासनिक सुधार समिति1999-2001शिवचरण माथुरवित्त व प्रशासनिक सुधार।
सिंघवी समिति2005प्रशासनिक सुधारों हेतु।
🔑 मुख्य शब्द (Keywords)
प्रथम ARC 1966-70मोरारजी देसाईहरिश्चन्द्र माथुर 1963मोहन मुखर्जी 1969ग्रुप सिस्टमभनोत 1992शिवचरण माथुर 1999
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6मुख्य सचिव (Chief Secretary) — परिचय, इतिहास एवं विशिष्ट तथ्य

मुख्य सचिव राज्य का सर्वोच्च प्रशासनिक अधिकारी होता है। जिस प्रकार केन्द्र में कैबिनेट सचिव सर्वोच्च नौकरशाह है, उसी प्रकार राज्य में मुख्य सचिव सर्वोच्च प्रशासनिक पद है। यह भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) का वरिष्ठतम कैडर पद है।

पहलूविवरण
नियुक्तिमुख्यमंत्री द्वारा। आधार — प्रशासनिक कार्यकुशलता, आकर्षक व्यक्तित्व, CM का विश्वासपात्र, वरिष्ठ IAS।
कार्यकालनिश्चित नहीं — मुख्यमंत्री के प्रसादपर्यंत। सामान्यतः 60 वर्ष की आयु तक।
कार्यकाल विस्तारराज्य सरकार की सिफारिश पर केन्द्र द्वारा — 3+3 माह (दो बार) तक।
हटानामुख्यमंत्री द्वारा।
सेवाIAS (Indian Administrative Service) — वरिष्ठ कैडर पद।
ऐतिहासिक उत्पत्तिलॉर्ड वेलेजली 1799 (ब्रिटिश भारत)। ब्रिटिश भारत के प्रथम CS — जार्ज हिलेरी बार्लो।
प्रांतों में1858 में पद सृजित। 1956 तक — केन्द्र नियुक्त करता था। 1956 के बाद — राज्य नियुक्त।
मानकीकरण1973 में प्रथम ARC की सिफारिश पर — केन्द्र के सचिव पद के समतुल्य।

◈ राजस्थान के मुख्य सचिव — विशिष्ट तथ्य

विशेष पहचाननामविवरण
प्रथम मुख्य सचिव (Rajasthan)के. राधाकृष्णनICS अधिकारी। 13 अप्रैल 1949 को केन्द्र द्वारा नियुक्त।
राजस्थान सरकार द्वारा नियुक्त प्रथम CSभगतसिंह मेहता
प्रथम राजस्थानी व्यक्ति (CS)भगतसिंह मेहता
सर्वाधिक कार्यकालभगतसिंह मेहतादो बार पद पर रहे — सर्वाधिक वर्ष।
न्यूनतम कार्यकालआर.डी. थापरमात्र 50 दिन।
प्रथम कार्यवाहक CSएस.डी. उज्ज्वल1964-65।
प्रथम महिला CSकुशलसिंह27 फरवरी 2009।
दूसरी महिला CSउषा शर्मा
प्रथम ST मुख्य सचिवओ.पी. मीणा
प्रथम SC मुख्य सचिवनिरंजन कुमार आर्य43वें मुख्य सचिव।
वर्तमान (46वें) मुख्य सचिवV . श्रीनिवासनNOV. 2025 से।
4 CM के साथ काम करने वाले CSवी.बी.एल. माथुर (1986-92)4 CM — हरिदेव जोशी, शिवचरण माथुर, हरिदेव जोशी, भैरोसिंह शेखावत।
दो बार पद पर रहे (4 व्यक्ति)के. राधाकृष्णन, भगतसिंह मेहता, मोहन मुखर्जी, सी.एस. राजन
भारत के कैबिनेट सचिव + US राजदूतनरेश चन्द्र2007 में पद्म विभूषण।
वरीयता क्रम तोड़ा (1994)मीठालाल मेहता2015 में पद्मश्री मिला।
📖 महत्वपूर्ण कथन:

"मुख्य सचिव सरकारी प्रक्रिया का एक जनतांत्रिक गणतंत्र में मानवीय प्रक्रिया का एक अंग है।" — मंगतराय। Rules of Business में CS के कार्य व शक्तियों का उल्लेख है।

🔑 मुख्य शब्द (Keywords)
IAS वरिष्ठ पदCM का विश्वासपात्रLord Wellesley 1799Geo. Hillary Barlowके. राधाकृष्णनभगतसिंह मेहताकुशलसिंहOP MeenaSudhansh Pant

7मुख्य सचिव की शक्तियाँ, कार्य एवं भूमिका

मुख्य सचिव की भूमिका बहुआयामी है — वह एक ओर मुख्यमंत्री का प्रमुख सलाहकार है, दूसरी ओर समस्त सिविल सेवा का प्रधान। उसकी स्थिति राजनीति और प्रशासन के बीच की सेतु जैसी है।

भूमिका / उपनामविवरण
प्रशासनिक प्रमुखराज्य सिविल सेवा का प्रधान। "सचिवों का सचिव (मुखिया)"।
मुख्यमंत्री का सलाहकारमुख्यमंत्री को प्रशासनिक मामलों में परामर्श व सलाह देता है।
कैबिनेट सचिव (Ex-officio)राज्य मंत्रिपरिषद् का पदेन सचिव। मंत्रिमण्डल का सदस्य न होते हुए भी बैठकों में भाग लेता है — एजेंडा तैयार करना, विवरण रखना, निर्णयों का अनुसरण करना।
समन्वयकशासन सचिवों की बैठकों की अध्यक्षता। राज्य प्रशासन में समन्वय व नियंत्रण।
अवशिष्ट वसीयतदार(Residual Legatee)वे मामले देखता है जो अन्य सचिवों को आवंटित नहीं हैं।
"किंग पिन (King Pin)"नीति-निर्माण और प्रशासनिक नेतृत्व में सर्वाधिक भूमिका।
संकटकालीन प्रशासकआपातकाल/आपदाओं में उच्च स्तरीय समिति का अध्यक्ष। "राज्य का नर्व सिस्टम (तंत्रिका तंत्र)"।
विभागीय प्रमुख (Rajasthan)सामान्य प्रशासन, प्रशासनिक सुधार, नियोजन व कार्मिक विभाग का प्रमुख।
DPC अध्यक्षIAS, IPS अधिकारियों की Departmental Promotion Committee का अध्यक्ष।
केन्द्र-राज्य कड़ीकेन्द्र सरकार के साथ महत्वपूर्ण संचार का माध्यम।
🔑 मुख्य शब्द (Keywords)
"King Pin"कैबिनेट सचिव (पदेन)अवशिष्ट वसीयतदारनर्व सिस्टमDPC अध्यक्षमुख्यमंत्री सलाहकारRules of Business

8कैबिनेट सचिव vs मुख्य सचिव | CMO | मुख्य सचिवों की पूर्ण सूची

◈ कैबिनेट सचिव vs मुख्य सचिव — तुलना

🏛 समानताएँ (Similarities)
  • दोनों अपने-अपने सचिवालय के मुखिया
  • दोनों मुख्य कार्यपालकों के प्रमुख सलाहकार
  • दोनों IAS रैंक के सिविल सेवा प्रधान
  • दोनों मुख्य समन्वयक एवं संकटकालीन प्रशासक
  • दोनों पदों की उत्पत्ति UPSC स्तर पर
  • दोनों मंत्रिमण्डल सचिवालय के प्रमुख
⚖ असमानताएँ (Differences)
  • CS की शक्तियाँ कैबिनेट सचिव से अधिक हैं
  • CS — "सचिवों का प्रधान"; Cabinet Sec — नहीं
  • CS के पास विशिष्ट विभाग हैं; Cabinet Sec के नहीं
  • CS — "अवशिष्ट वसीयतदार"; Cabinet Sec नहीं
  • केन्द्र में ये शक्तियाँ PMO सचिव के पास हैं
  • CS = राज्य स्तर; Cabinet Sec = राष्ट्रीय स्तर

◈ मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO)

पहलूविवरण
उद्देश्यमुख्यमंत्री को सचिवीय व प्रशासनिक सहायता प्रदान करना।
स्थापना (Rajasthan)1951 में।
पुनर्गठन1998 में CM अशोक गहलोत ने दो सचिव (प्रथम+द्वितीय) नियुक्त किए। 74 विभागों का बँटवारा — प्रथम को 36, द्वितीय को 38।
CMO की संरचनाCM → प्रमुख निजी सचिव / प्रेस सलाहकार / SP (सतर्कता) → सचिव (1st & 2nd) → उपसचिव।
महत्वव्यावहारिक रूप में CM का प्रधान सचिव नौकरशाही का सर्वाधिक शक्तिशाली पद।

◈ राजस्थान के मुख्य सचिवों की पूर्ण सूची (1–45)

क्र.मुख्य सचिवपद ग्रहणपद मुक्त
1के. राधाकृष्णन13.04.194902.05.1950
2वी. नारायणन02.05.195001.09.1950
3के. राधाकृष्णन01.09.195031.01.1951
4एस.डब्ल्यू. शिवेश्वरकर08.02.195116.02.1953
5बी.जी. राव16.02.195330.12.1954
6कृष्णन पुरी30.12.195412.01.1957
7के.एन. सुब्रह्मण्यम11.03.195706.05.1958
8भगतसिंह मेहता09.05.195826.09.1964
9एस.डी. उज्ज्वल (कार्यवाहक)26.09.196416.01.1965
10भगतसिंह मेहता16.01.196529.10.1966
11के.पी.यू. मेनन29.10.196622.10.1968
12आर.डी. माथुर22.10.196816.05.1969
13जे.एस. झाला17.05.196909.08.1971
14सुन्दरलाल खुराणा09.08.197123.06.1975
15मोहन मुखर्जी07.07.197501.05.1977
16आर.डी. थापर04.05.197722.06.1977
17मोहन मुखर्जी26.06.197731.10.1977
18गोपालकृष्णन भनोत23.11.197729.12.1980
19मदनमोहन कृष्णनवली29.12.198020.02.1984
20आनन्द मोहनलाल21.02.198421.07.1985
21नरेश चन्द्र21.07.198509.03.1986
22विपिन बिहारी लाल माथुर10.03.198631.01.1992
23टी.वी. रमन31.01.199230.08.1993
24गोविन्द जी मिश्रा30.08.199328.01.1994
25मीठालाल मेहता02.02.199431.12.1997
26अरुण कुमार31.12.199731.12.1999
27इन्द्रजीत खन्ना01.01.200026.12.2002
28आर.के. नायर26.12.200228.02.2005
29अनिल वैश्य28.02.200530.06.2007
30डी.सी. सामंत30.06.200727.02.2009
31कुशलसिंह (प्रथम महिला CS)27.02.200931.10.2009
32टी. श्रीनिवासन31.10.200931.08.2010
33सलाउद्दीन अहमद31.08.201029.02.2012
34सी.के. मैथ्यू29.02.201215.10.2013
35सी.एस. राजन20.10.201322.12.2013
36राजीव महर्षि22.12.201328.10.2014
37सी.एस. राजन31.10.201430.06.2016
38ओमप्रकाश मीणा (प्रथम ST CS)30.06.201630.06.2017
39अशोक जैन30.06.201730.12.2017
40निहालचंद गोयल31.12.201730.04.2018
41देवेन्द्र भूषण गुप्ता30.04.201803.07.2020
42राजीव स्वरूप03.07.202031.10.2020
43निरंजन आर्य (प्रथम SC CS)01.11.202031.01.2022
44उषा शर्मा (द्वितीय महिला CS)01.02.202231.12.2023
45सुधांश पंत31.12.2023Nov. 2025
46V, srinivasan (वर्तमान)Nov. 2025—--------

📋 अध्याय सारांश (Quick Revision)

1. राज्य सचिवालय की स्थापना — राजस्थान में 13 अप्रैल 1949 को जयपुर में (शंकरराव समिति की सिफारिश पर)। 2. सचिवालय का राजनैतिक प्रमुख — मुख्यमंत्री। प्रशासनिक प्रमुख — मुख्य सचिव। 3. सचिवालय — Staff Agency (नीति बनाना)। निदेशालय — Line Agency (नीति लागू करना)। 4. Art. 166 के तहत् सचिवालय की कार्यविधि के नियम। O&M संभाग — 1955 में स्थापित। 5. मुख्य सचिव — IAS वरिष्ठतम पद। नियुक्ति व हटाना — मुख्यमंत्री। कार्यकाल — निश्चित नहीं। 6. पद का इतिहास — Lord Wellesley 1799। ब्रिटिश भारत के प्रथम CS — George Hillary Barlow। 7. CS — "King Pin", "सचिवों का सचिव", "अवशिष्ट वसीयतदार", कैबिनेट का पदेन सचिव। 8. राजस्थान के प्रथम CS — के. राधाकृष्णन (13 April 1949)। प्रथम राजस्थानी CS — भगतसिंह मेहता। 9. प्रथम महिला CS — कुशलसिंह (27 Feb 2009)। दूसरी — उषा शर्मा। 10. प्रथम ST CS — ओ.पी. मीणा। प्रथम SC CS — निरंजन कुमार आर्य (43वें)। 11. न्यूनतम कार्यकाल — आर.डी. थापर (50 दिन)। सर्वाधिक कार्यकाल — भगतसिंह मेहता। 12. CMO — राजस्थान में 1951 में स्थापित। CM का प्रधान सचिव = नौकरशाही का सर्वाधिक शक्तिशाली पद।

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