राज्य सचिवालय वह केन्द्रीय कार्यालय है जहाँ से राज्य सरकार की नीतियाँ बनती हैं, कानून का निर्माण होता है और समस्त प्रशासनिक निर्णय लिए जाते हैं। यह राज्य के राजनीतिक एवं प्रशासनिक नेतृत्व का मुख्यालय है — राज्य सत्ता का हृदय।
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| परिभाषा | वह कार्यालय जहाँ सरकार के समस्त विभागों के राजनीतिक (मंत्री) व प्रशासनिक (सचिव) मुखिया बैठकर नीति एवं कानून का निर्धारण करते हैं। |
| राजनैतिक प्रमुख | मुख्यमंत्री |
| प्रशासनिक प्रमुख | मुख्य सचिव (Chief Secretary) |
| विभागों का नाम | "प्रशासनिक विभाग" (केन्द्र की तरह "मंत्रालय" नहीं कहा जाता) |
| विभागों की संख्या | मंत्रिमण्डल द्वारा निर्धारित (प्रथम ARC सुझाव — 13 से अधिक नहीं) |
| प्रत्येक विभाग के प्रमुख | राजनैतिक — मंत्री | प्रशासनिक — सचिव |
| संवैधानिक आधार | अनुच्छेद 166 के तहत् राज्य सचिवालय की कार्यविधि संबंधी नियम बनाये गये हैं। |
| O&M संभाग | 1955 में स्थापित (संगठन एवं पद्धति संभाग) — प्रशासनिक सुधार विभाग का अंग |
सचिवालय को "सचिवों का आलय (घर)" माना जाता है, लेकिन यहाँ सचिवों के साथ सभी मंत्री और उनके अधीनस्थ अधिकारियों के कार्यालय भी स्थित हैं। यह Staff Agency है — नीति बनाती है, क्रियान्वयन नहीं। सचिवालय ≠ निदेशालय।
राज्य सचिवालय की संरचना दो समानांतर स्तंभों पर टिकी है — एक राजनीतिक (निर्वाचित जनप्रतिनिधि) और दूसरा प्रशासनिक (स्थायी नौकरशाही)। दोनों मिलकर नीति-निर्माण एवं क्रियान्वयन का कार्य करते हैं।
(1) राजनीतिक नेतृत्व (मंत्री) → नीति निर्धारण | (2) सचिवालय (सचिव) → नीति निर्धारण | (3) निदेशालय (निदेशक) → नीतियों का क्रियान्वयन।
राज्य प्रशासन की सर्वोच्च प्रशासनिक संस्था होने के कारण नीति एवं कानून निर्माण तथा अधीनस्थ संस्थाओं पर नियंत्रण का कार्य सचिवालय करता है।
| क्र. | सचिवालय के प्रमुख कार्य |
|---|---|
| 1 | राज्य सरकार की नीतियाँ एवं कार्यक्रम तैयार करना। |
| 2 | राज्य का बजट तैयार करना एवं वित्तीय नियंत्रण स्थापित करना। |
| 3 | राज्य सूची के विषयों पर कानून एवं नियमों के निर्माण में भूमिका। |
| 4 | नीतियों एवं कार्यक्रमों के मध्य सामंजस्य स्थापित करना। |
| 5 | क्षेत्रीय प्रशासनिक इकाईयों के मध्य तालमेल बनाए रखना। |
| 6 | नीतियों व कार्यक्रमों के परिणामों की समीक्षा करना। |
| 7 | राज्य सरकार के सूचना भण्डार के रूप में कार्य करना। |
| 8 | मंत्रियों की विधानमण्डल से संबंधित जिम्मेदारियों के निर्वहन में सहयोग। |
| 9 | लोक सेवकों की भर्ती, प्रशिक्षण, पदोन्नति, स्थानान्तरण, वेतन-भत्ते तथा सेवा नियमों का निर्धारण। |
| 10 | केन्द्र व राज्य सरकारों के मध्य सम्पर्क बनाए रखना। |
| 11 | जनसम्पर्क व जनता की शिकायतों का निवारण करना। |
| 12 | विभिन्न विभागों के प्रशासनिक कार्यों में समन्वय एवं एकरूपता लाना। |
सचिवालय और निदेशालय — दोनों राज्य प्रशासन की महत्वपूर्ण संस्थाएँ हैं, लेकिन इनके कार्य, स्तर और प्रकृति में मूलभूत अंतर है। एक नीति बनाती है, दूसरी उसे लागू करती है।
सचिवालय → नीति बनाओ (Think) | निदेशालय → नीति लागू करो (Do)। सचिवालय Staff Agency = सलाह देना। निदेशालय Line Agency = काम करना।
| समिति / आयोग | वर्ष | अध्यक्ष | प्रमुख सिफारिश / कार्य |
|---|---|---|---|
| प्रथम प्रशासनिक सुधार आयोग | 1966-70 | मोरारजी देसाई → बाद में के. हनुमन्तैया | (1) विभाग 13 से अधिक नहीं। (2) प्रत्येक विभाग में नीतिगत सलाहकार समिति। (3) मंत्री देते समय विभाग की मूल भावना न तोड़ें। (4) CS के अधीन कार्मिक विभाग। |
| सचिवालय पुनर्गठन समिति | 1959-60 | एस.डी. उज्ज्वल | — |
| राजस्थान प्रथम प्रशासनिक सुधार समिति | 1963 | हरिश्चन्द्र माथुर | सचिव नियुक्ति का आधार केवल वरिष्ठता नहीं — योग्यता भी हो। IAS अधिकारी को लगातार 5 वर्ष से अधिक सचिवालय में नहीं रखना चाहिए। |
| राजस्थान सचिवालय पुनर्गठन समिति | 1969-70 | मोहन मुखर्जी | प्रकोष्ठ प्रणाली (Cell System) के स्थान पर ग्रुप सिस्टम (Group System) लागू। |
| प्रशासन सुधार समिति | 1992-95 | जी.के. भनोत | प्रशासनिक सुधार। |
| वित्तीय प्रशासनिक सुधार समिति | 1999-2001 | शिवचरण माथुर | वित्त व प्रशासनिक सुधार। |
| सिंघवी समिति | 2005 | — | प्रशासनिक सुधारों हेतु। |
मुख्य सचिव राज्य का सर्वोच्च प्रशासनिक अधिकारी होता है। जिस प्रकार केन्द्र में कैबिनेट सचिव सर्वोच्च नौकरशाह है, उसी प्रकार राज्य में मुख्य सचिव सर्वोच्च प्रशासनिक पद है। यह भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) का वरिष्ठतम कैडर पद है।
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| नियुक्ति | मुख्यमंत्री द्वारा। आधार — प्रशासनिक कार्यकुशलता, आकर्षक व्यक्तित्व, CM का विश्वासपात्र, वरिष्ठ IAS। |
| कार्यकाल | निश्चित नहीं — मुख्यमंत्री के प्रसादपर्यंत। सामान्यतः 60 वर्ष की आयु तक। |
| कार्यकाल विस्तार | राज्य सरकार की सिफारिश पर केन्द्र द्वारा — 3+3 माह (दो बार) तक। |
| हटाना | मुख्यमंत्री द्वारा। |
| सेवा | IAS (Indian Administrative Service) — वरिष्ठ कैडर पद। |
| ऐतिहासिक उत्पत्ति | लॉर्ड वेलेजली 1799 (ब्रिटिश भारत)। ब्रिटिश भारत के प्रथम CS — जार्ज हिलेरी बार्लो। |
| प्रांतों में | 1858 में पद सृजित। 1956 तक — केन्द्र नियुक्त करता था। 1956 के बाद — राज्य नियुक्त। |
| मानकीकरण | 1973 में प्रथम ARC की सिफारिश पर — केन्द्र के सचिव पद के समतुल्य। |
| विशेष पहचान | नाम | विवरण |
|---|---|---|
| प्रथम मुख्य सचिव (Rajasthan) | के. राधाकृष्णन | ICS अधिकारी। 13 अप्रैल 1949 को केन्द्र द्वारा नियुक्त। |
| राजस्थान सरकार द्वारा नियुक्त प्रथम CS | भगतसिंह मेहता | — |
| प्रथम राजस्थानी व्यक्ति (CS) | भगतसिंह मेहता | — |
| सर्वाधिक कार्यकाल | भगतसिंह मेहता | दो बार पद पर रहे — सर्वाधिक वर्ष। |
| न्यूनतम कार्यकाल | आर.डी. थापर | मात्र 50 दिन। |
| प्रथम कार्यवाहक CS | एस.डी. उज्ज्वल | 1964-65। |
| प्रथम महिला CS | कुशलसिंह | 27 फरवरी 2009। |
| दूसरी महिला CS | उषा शर्मा | — |
| प्रथम ST मुख्य सचिव | ओ.पी. मीणा | — |
| प्रथम SC मुख्य सचिव | निरंजन कुमार आर्य | 43वें मुख्य सचिव। |
| वर्तमान (46वें) मुख्य सचिव | V . श्रीनिवासन | NOV. 2025 से। |
| 4 CM के साथ काम करने वाले CS | वी.बी.एल. माथुर (1986-92) | 4 CM — हरिदेव जोशी, शिवचरण माथुर, हरिदेव जोशी, भैरोसिंह शेखावत। |
| दो बार पद पर रहे (4 व्यक्ति) | के. राधाकृष्णन, भगतसिंह मेहता, मोहन मुखर्जी, सी.एस. राजन | — |
| भारत के कैबिनेट सचिव + US राजदूत | नरेश चन्द्र | 2007 में पद्म विभूषण। |
| वरीयता क्रम तोड़ा (1994) | मीठालाल मेहता | 2015 में पद्मश्री मिला। |
"मुख्य सचिव सरकारी प्रक्रिया का एक जनतांत्रिक गणतंत्र में मानवीय प्रक्रिया का एक अंग है।" — मंगतराय। Rules of Business में CS के कार्य व शक्तियों का उल्लेख है।
मुख्य सचिव की भूमिका बहुआयामी है — वह एक ओर मुख्यमंत्री का प्रमुख सलाहकार है, दूसरी ओर समस्त सिविल सेवा का प्रधान। उसकी स्थिति राजनीति और प्रशासन के बीच की सेतु जैसी है।
| भूमिका / उपनाम | विवरण |
|---|---|
| प्रशासनिक प्रमुख | राज्य सिविल सेवा का प्रधान। "सचिवों का सचिव (मुखिया)"। |
| मुख्यमंत्री का सलाहकार | मुख्यमंत्री को प्रशासनिक मामलों में परामर्श व सलाह देता है। |
| कैबिनेट सचिव (Ex-officio) | राज्य मंत्रिपरिषद् का पदेन सचिव। मंत्रिमण्डल का सदस्य न होते हुए भी बैठकों में भाग लेता है — एजेंडा तैयार करना, विवरण रखना, निर्णयों का अनुसरण करना। |
| समन्वयक | शासन सचिवों की बैठकों की अध्यक्षता। राज्य प्रशासन में समन्वय व नियंत्रण। |
| अवशिष्ट वसीयतदार(Residual Legatee) | वे मामले देखता है जो अन्य सचिवों को आवंटित नहीं हैं। |
| "किंग पिन (King Pin)" | नीति-निर्माण और प्रशासनिक नेतृत्व में सर्वाधिक भूमिका। |
| संकटकालीन प्रशासक | आपातकाल/आपदाओं में उच्च स्तरीय समिति का अध्यक्ष। "राज्य का नर्व सिस्टम (तंत्रिका तंत्र)"। |
| विभागीय प्रमुख (Rajasthan) | सामान्य प्रशासन, प्रशासनिक सुधार, नियोजन व कार्मिक विभाग का प्रमुख। |
| DPC अध्यक्ष | IAS, IPS अधिकारियों की Departmental Promotion Committee का अध्यक्ष। |
| केन्द्र-राज्य कड़ी | केन्द्र सरकार के साथ महत्वपूर्ण संचार का माध्यम। |
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| उद्देश्य | मुख्यमंत्री को सचिवीय व प्रशासनिक सहायता प्रदान करना। |
| स्थापना (Rajasthan) | 1951 में। |
| पुनर्गठन | 1998 में CM अशोक गहलोत ने दो सचिव (प्रथम+द्वितीय) नियुक्त किए। 74 विभागों का बँटवारा — प्रथम को 36, द्वितीय को 38। |
| CMO की संरचना | CM → प्रमुख निजी सचिव / प्रेस सलाहकार / SP (सतर्कता) → सचिव (1st & 2nd) → उपसचिव। |
| महत्व | व्यावहारिक रूप में CM का प्रधान सचिव नौकरशाही का सर्वाधिक शक्तिशाली पद। |
| क्र. | मुख्य सचिव | पद ग्रहण | पद मुक्त |
|---|---|---|---|
| 1 | के. राधाकृष्णन | 13.04.1949 | 02.05.1950 |
| 2 | वी. नारायणन | 02.05.1950 | 01.09.1950 |
| 3 | के. राधाकृष्णन | 01.09.1950 | 31.01.1951 |
| 4 | एस.डब्ल्यू. शिवेश्वरकर | 08.02.1951 | 16.02.1953 |
| 5 | बी.जी. राव | 16.02.1953 | 30.12.1954 |
| 6 | कृष्णन पुरी | 30.12.1954 | 12.01.1957 |
| 7 | के.एन. सुब्रह्मण्यम | 11.03.1957 | 06.05.1958 |
| 8 | भगतसिंह मेहता | 09.05.1958 | 26.09.1964 |
| 9 | एस.डी. उज्ज्वल (कार्यवाहक) | 26.09.1964 | 16.01.1965 |
| 10 | भगतसिंह मेहता | 16.01.1965 | 29.10.1966 |
| 11 | के.पी.यू. मेनन | 29.10.1966 | 22.10.1968 |
| 12 | आर.डी. माथुर | 22.10.1968 | 16.05.1969 |
| 13 | जे.एस. झाला | 17.05.1969 | 09.08.1971 |
| 14 | सुन्दरलाल खुराणा | 09.08.1971 | 23.06.1975 |
| 15 | मोहन मुखर्जी | 07.07.1975 | 01.05.1977 |
| 16 | आर.डी. थापर | 04.05.1977 | 22.06.1977 |
| 17 | मोहन मुखर्जी | 26.06.1977 | 31.10.1977 |
| 18 | गोपालकृष्णन भनोत | 23.11.1977 | 29.12.1980 |
| 19 | मदनमोहन कृष्णनवली | 29.12.1980 | 20.02.1984 |
| 20 | आनन्द मोहनलाल | 21.02.1984 | 21.07.1985 |
| 21 | नरेश चन्द्र | 21.07.1985 | 09.03.1986 |
| 22 | विपिन बिहारी लाल माथुर | 10.03.1986 | 31.01.1992 |
| 23 | टी.वी. रमन | 31.01.1992 | 30.08.1993 |
| 24 | गोविन्द जी मिश्रा | 30.08.1993 | 28.01.1994 |
| 25 | मीठालाल मेहता | 02.02.1994 | 31.12.1997 |
| 26 | अरुण कुमार | 31.12.1997 | 31.12.1999 |
| 27 | इन्द्रजीत खन्ना | 01.01.2000 | 26.12.2002 |
| 28 | आर.के. नायर | 26.12.2002 | 28.02.2005 |
| 29 | अनिल वैश्य | 28.02.2005 | 30.06.2007 |
| 30 | डी.सी. सामंत | 30.06.2007 | 27.02.2009 |
| 31 | कुशलसिंह (प्रथम महिला CS) | 27.02.2009 | 31.10.2009 |
| 32 | टी. श्रीनिवासन | 31.10.2009 | 31.08.2010 |
| 33 | सलाउद्दीन अहमद | 31.08.2010 | 29.02.2012 |
| 34 | सी.के. मैथ्यू | 29.02.2012 | 15.10.2013 |
| 35 | सी.एस. राजन | 20.10.2013 | 22.12.2013 |
| 36 | राजीव महर्षि | 22.12.2013 | 28.10.2014 |
| 37 | सी.एस. राजन | 31.10.2014 | 30.06.2016 |
| 38 | ओमप्रकाश मीणा (प्रथम ST CS) | 30.06.2016 | 30.06.2017 |
| 39 | अशोक जैन | 30.06.2017 | 30.12.2017 |
| 40 | निहालचंद गोयल | 31.12.2017 | 30.04.2018 |
| 41 | देवेन्द्र भूषण गुप्ता | 30.04.2018 | 03.07.2020 |
| 42 | राजीव स्वरूप | 03.07.2020 | 31.10.2020 |
| 43 | निरंजन आर्य (प्रथम SC CS) | 01.11.2020 | 31.01.2022 |
| 44 | उषा शर्मा (द्वितीय महिला CS) | 01.02.2022 | 31.12.2023 |
| 45 | सुधांश पंत | 31.12.2023 | Nov. 2025 |
| 46 | V, srinivasan (वर्तमान) | Nov. 2025 | —-------- |
1. राज्य सचिवालय की स्थापना — राजस्थान में 13 अप्रैल 1949 को जयपुर में (शंकरराव समिति की सिफारिश पर)। 2. सचिवालय का राजनैतिक प्रमुख — मुख्यमंत्री। प्रशासनिक प्रमुख — मुख्य सचिव। 3. सचिवालय — Staff Agency (नीति बनाना)। निदेशालय — Line Agency (नीति लागू करना)। 4. Art. 166 के तहत् सचिवालय की कार्यविधि के नियम। O&M संभाग — 1955 में स्थापित। 5. मुख्य सचिव — IAS वरिष्ठतम पद। नियुक्ति व हटाना — मुख्यमंत्री। कार्यकाल — निश्चित नहीं। 6. पद का इतिहास — Lord Wellesley 1799। ब्रिटिश भारत के प्रथम CS — George Hillary Barlow। 7. CS — "King Pin", "सचिवों का सचिव", "अवशिष्ट वसीयतदार", कैबिनेट का पदेन सचिव। 8. राजस्थान के प्रथम CS — के. राधाकृष्णन (13 April 1949)। प्रथम राजस्थानी CS — भगतसिंह मेहता। 9. प्रथम महिला CS — कुशलसिंह (27 Feb 2009)। दूसरी — उषा शर्मा। 10. प्रथम ST CS — ओ.पी. मीणा। प्रथम SC CS — निरंजन कुमार आर्य (43वें)। 11. न्यूनतम कार्यकाल — आर.डी. थापर (50 दिन)। सर्वाधिक कार्यकाल — भगतसिंह मेहता। 12. CMO — राजस्थान में 1951 में स्थापित। CM का प्रधान सचिव = नौकरशाही का सर्वाधिक शक्तिशाली पद।