🏢 अध्याय 3/12 — राजस्थान राज्यव्यवस्था

राजस्थान विधानसभा एवं राजनीतिक दल

Rajasthan Assembly & Political Parties | RAS Pre + Mains
📋 इस अध्याय में
  1. परिचय — अनुच्छेद 168 : विधानमण्डल का गठन
  2. अनुच्छेद 169 — विधानपरिषद् का सृजन एवं समापन
  3. अनुच्छेद 170 — विधानसभा की संरचना (Composition of Vidhan Sabha)
  4. अनुच्छेद 171 — विधानपरिषद् की संरचना (Composition of Vidhan Parishad)
  5. अनुच्छेद 172 — कार्यकाल (Duration of State Legislatures)
  6. अनुच्छेद 173 — सदस्यों की योग्यताएँ (Qualifications)
  7. अनुच्छेद 174–177 — सत्र, सत्रावसान, अभिभाषण
  8. विधानसभा अध्यक्ष व उपाध्यक्ष — अनुच्छेद 178–181, 186
  9. विधानपरिषद् सभापति व उपसभापति — अनुच्छेद 182–185
  10. प्रोटेम स्पीकर (Protem Speaker) — अस्थायी अध्यक्ष
  11. शपथ, मतदान, गणपूर्ति एवं रिक्तता — अनुच्छेद 188–190
  12. अयोग्यताएँ एवं विशेषाधिकार — अनुच्छेद 191–195
  13. विधेयक प्रक्रिया — अनुच्छेद 196–201 (Legislative Process)
  14. वित्तीय प्रक्रिया — अनुच्छेद 202–209 (Financial Procedure)
  15. प्रश्नकाल, शून्यकाल एवं विशेष चर्चाएँ (Question Hour & Zero Hour)
  16. विधानमण्डल के 7 प्रकार के प्रस्ताव (Types of Motions)
  17. राजस्थान विधानसभा की 26 समितियाँ (Committees)
  18. विधानसभा बनाम विधानपरिषद् — विस्तृत तुलना (15 आधार)
  19. राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष (Speaker) — सम्पूर्ण सूची
  20. राजस्थान विधानसभा उपाध्यक्ष (Deputy Speaker) — सूची
  21. राजस्थान विधानसभाओं का इतिहास — 1st से 8वीं (1952–1990)
  22. राजस्थान विधानसभाओं का इतिहास — 9वीं से 16वीं (1990–2023)
  23. राजस्थान विधानसभा उपचुनाव — 13 नवम्बर 2024
  24. राजस्थान विधानसभा में महिलाओं की भागीदारी (1952–2023)
  25. राजस्थान विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता
  26. लोकसभा में राजस्थान — 18वीं लोकसभा (2024)
  27. राज्यसभा में राजस्थान — वर्तमान 10 सांसद
  28. राजस्थान से महिला सांसद — राज्यसभा (10) + लोकसभा (23)
  29. संसद में राजस्थान — महत्वपूर्ण तथ्य एवं रिकॉर्ड
  30. राजस्थान विधानसभा — विशेष तथ्य एवं रिकॉर्ड
📌 राज्य विधानमण्डल — संरचना एवं शक्तियाँ

1परिचय — अनुच्छेद 168 : विधानमण्डल का गठन

भारत में संसद की तरह राज्य स्तर पर सर्वोच्च विधि-निर्माण संस्था विधानमण्डल (State Legislature) है। जैसे केन्द्र में राष्ट्रपति + लोकसभा + राज्यसभा मिलकर संसद बनाते हैं, वैसे ही राज्य में राज्यपाल + विधानसभा (+ विधानपरिषद्) मिलकर विधानमण्डल बनाते हैं। इसका उल्लेख संविधान के भाग-6, अनुच्छेद 168 से 212 में है।

घटक/अंगसंवैधानिक स्थितिविशेष तथ्य
राज्यपाल (Governor)विधानमण्डल का अभिन्न अंग — सदस्य नहींराज्यपाल के हस्ताक्षर से ही विधेयक कानून बनता है
विधानसभा (Vidhan Sabha)निम्न सदन — सभी राज्यों मेंप्रत्यक्ष निर्वाचन द्वारा; अनुच्छेद 170
विधानपरिषद् (Vidhan Parishad)उच्च सदन — केवल 6 राज्यों मेंअप्रत्यक्ष निर्वाचन + मनोनयन; अनुच्छेद 171

भारत के 6 द्विसदनात्मक (Bicameral) राज्य — अनुच्छेद 168(2)

🧠 याद करने की ट्रिक

"महाराणा KUMBA (कुंभा) Tea (टी) के" — महाराणा = महाराष्ट्र, K=कर्नाटक, U=उत्तरप्रदेश, M=मिलाकर (जोड़कर), B=बिहार, A=आन्ध्रप्रदेश, Tea=तेलंगाना। इनके अलावा शेष सभी 22 राज्यों में एकसदनात्मक (Unicameral) विधानमण्डल है।

🔑 मुख्य शब्द (Keywords)
अनुच्छेद 168भाग-6विधानमण्डल6 द्विसदनात्मक राज्यएकसदनात्मकराज्यपाल अभिन्न अंग168-212

2अनुच्छेद 169 — विधानपरिषद् का सृजन एवं समापन

विधानपरिषद् का निर्माण और समापन की अंतिम शक्ति संसद के पास है, न कि राज्य सरकार के पास। यह प्रक्रिया दो चरणों में होती है।

चरणविवरणविशेष
चरण 1संबंधित राज्य की विधानसभा द्वारा विशेष बहुमत (Special Majority) से प्रस्ताव पारित करके संसद के समक्ष प्रस्तुत।विशेष बहुमत = कुल सदस्यों का बहुमत + उपस्थित व मतदान करने वाले सदस्यों का 2/3
चरण 2संसद साधारण बहुमत (Simple Majority) से प्रस्ताव पारित कर दे → विधानपरिषद् का गठन/समापन।साधारण बहुमत = उपस्थित व मतदान करने वालों का 50%+1

महत्वपूर्ण उदाहरण

💡 अवधारणा

विधानपरिषद् स्थायी सदन है — इसे भंग (Dissolve) नहीं किया जा सकता लेकिन समाप्त (Abolish) किया जा सकता है। यह राज्यसभा से अलग है — राज्यसभा को न भंग किया जा सकता है, न समाप्त।

🔑 मुख्य शब्द (Keywords)
अनुच्छेद 169विशेष बहुमतसाधारण बहुमतसंसद की शक्तिराजस्थान 2012 प्रस्तावविधानपरिषद् स्थायीसमाप्त हाँ — भंग नहीं

3अनुच्छेद 170 — विधानसभा की संरचना (Composition of Vidhan Sabha)

(संविधान संशोधन की प्रक्रिया का उल्लेख भाग 20 के अनुच्छेद 368 में है।)

राज्यविधानसभा सीटेंराज्यविधानसभा सीटें
उत्तर प्रदेश (सर्वाधिक)403राजस्थान200
महाराष्ट्र288मध्य प्रदेश230
पश्चिम बंगाल294तमिलनाडु234
बिहार243कर्नाटक224
गुजरात182आन्ध्र प्रदेश175
सिक्किम (न्यूनतम)32पुड्डुचेरी30
⭐ महत्वपूर्ण

भारत के 8 केन्द्रशासित प्रदेशों में से केवल 3 में विधानसभा है — दिल्ली (70), पुड्डुचेरी (30), जम्मू-कश्मीर (90)। लोकसभा में SC आरक्षण — अनुच्छेद 330; विधानसभा में SC/ST आरक्षण — अनुच्छेद 332।

🔑 मुख्य शब्द (Keywords)
अनुच्छेद 170500 अधिकतम60 न्यूनतमराजस्थान 2001977 से 200अनुच्छेद 332 (आरक्षण)104वाँ संशोधन84वाँ संशोधन2030 तक

4अनुच्छेद 171 — विधानपरिषद् की संरचना (Composition of Vidhan Parishad)

अनुच्छेद 171(3) — सदस्यों का निर्वाचन/मनोनयन — 1/3 1/3 1/12 1/12 1/6 सूत्र

अनुपातनिर्वाचन/मनोनयनकिसके द्वारा
1/3स्थानीय निकाय (नगरपालिका, जिला बोर्ड आदि) के प्रतिनिधियों द्वारा निर्वाचनस्थानीय निकाय
1/3विधानसभा सदस्यों द्वारा — ऐसे व्यक्ति जो वर्तमान में विधानसभा सदस्य नहीं हैंविधायक (MLA)
1/123 वर्ष पुराने स्नातकों द्वाराGraduate Constituency
1/12माध्यमिक विद्यालय/महाविद्यालय में 3 वर्षों से शिक्षणरत अध्यापकों द्वाराTeachers Constituency
1/6राज्यपाल द्वारा मनोनीतसाहित्य, विज्ञान, कला, सहकारी आंदोलन, समाज सेवा
राज्यविधानपरिषद् सीटें
उत्तर प्रदेश100 (सर्वाधिक)
महाराष्ट्र78
बिहार75
कर्नाटक75
आन्ध्र प्रदेश58
तेलंगाना40 (न्यूनतम)
🔑 मुख्य शब्द (Keywords)
अनुच्छेद 1711/3 अधिकतम40 न्यूनतम1/3 स्थानीय निकाय1/3 विधायक1/12 स्नातक1/12 शिक्षक1/6 राज्यपालSTV प्रणाली

5अनुच्छेद 172 — कार्यकाल (Duration of State Legislatures)

विधानसभा — अनुच्छेद 172(1)
  • कार्यकाल: 5 वर्ष (प्रथम अधिवेशन से)
  • राष्ट्रीय आपातकाल में संसद 1 वर्ष बढ़ा सकती है (एक बार में)
  • आपातकाल समाप्ति के बाद बढ़ी अवधि 6 माह तक रह सकती है
  • राजस्थान 5वीं विधानसभा — आपातकाल (1975) में कार्यकाल बढ़ा — सर्वाधिक कार्यकाल वाली
  • राज्यपाल भंग कर सकता है — मुख्यमंत्री की सलाह पर
विधानपरिषद् — अनुच्छेद 172(2)
  • स्थायी सदन (Permanent House)
  • भंग नहीं होती — समाप्त हो सकती है
  • सदस्यों का कार्यकाल 6 वर्ष
  • प्रत्येक 2 वर्ष बाद 1/3 सदस्य सेवानिवृत्त होते हैं
  • नए सदस्य द्विवार्षिक निर्वाचन से आते हैं
🔑 मुख्य शब्द (Keywords)
अनुच्छेद 1725 वर्ष विधानसभा6 वर्ष विधानपरिषद् सदस्यआपातकाल विस्तार1 वर्ष बढ़ाना2 वर्ष 1/3 सेवानिवृत्त5वीं विधानसभा सर्वाधिक

6अनुच्छेद 173 — सदस्यों की योग्यताएँ (Qualifications)

योग्यताविधानसभा (MLA)विधानपरिषद् (MLC)
नागरिकताभारत का नागरिकभारत का नागरिक
न्यूनतम आयु25 वर्ष30 वर्ष
शपथनिर्वाचन आयोग द्वारा प्राधिकृत व्यक्ति के समक्षनिर्वाचन आयोग द्वारा प्राधिकृत व्यक्ति के समक्ष
सेवा शर्तशासकीय/लाभ के पद पर नहीं होना
मतदाता होनाउस राज्य के किसी विधानसभा क्षेत्र का मतदाता होउस राज्य के किसी विधानसभा क्षेत्र का मतदाता हो
विशेष नियमएक साथ दोनों सदनों का सदस्य नहीं10 दिन में एक सदन की सदस्यता छोड़नी होगी

⚠️ सावधान अनुच्छेद 190(1): कोई व्यक्ति दोनों सदनों का एक साथ सदस्य नहीं हो सकता — 10 दिन में एक सदन की सदस्यता त्यागनी होगी। अनुच्छेद 190(2): कोई व्यक्ति दो या अधिक राज्यों के विधानमण्डलों का एक साथ सदस्य नहीं हो सकता।

🔑 मुख्य शब्द (Keywords)
अनुच्छेद 17325 वर्ष MLA30 वर्ष MLCभारतीय नागरिकलाभ का पद10 दिन नियमअनुच्छेद 190JPA 1951

7अनुच्छेद 174–177 — सत्र, सत्रावसान, अभिभाषण

अनुच्छेद 174 — सत्राहूत, सत्रावसान, विघटन

तुलनासत्रावसान (Prorogation)स्थगन (Adjournment)
कौन करता हैराज्यपालविधानसभा अध्यक्ष
प्रभावसत्र के साथ बैठक भी समाप्तकेवल उस दिन की बैठक स्थगित
विधेयकों का हालविधेयक जारी रहते हैं
Sine Dieअनिश्चितकाल के लिए स्थगन = Sine Die
💡 अवधारणा

डॉ. बी.आर. अम्बेडकर: "विधानसभा आहूत करना राज्यपाल का अधिकार नहीं — कर्तव्य है।" राज्यपाल सामान्यतः मुख्यमंत्री की सलाह पर सत्र बुलाता है लेकिन कुछ परिस्थितियों में स्वविवेक से भी सत्र बुला सकता है।

अनुच्छेद 175 — राज्यपाल का अभिभाषण एवं संदेश

अनुच्छेद 176 — विशेष अभिभाषण (Special Address)

अनुच्छेद 177 — मंत्रियों व महाधिवक्ता के अधिकार

🔑 मुख्य शब्द (Keywords)
अनुच्छेद 1746 माह अंतरSine Dieअनुच्छेद 175अनुच्छेद 176 विशेष अभिभाषणअनुच्छेद 177

8विधानसभा अध्यक्ष व उपाध्यक्ष — अनुच्छेद 178–181, 186

अनुच्छेद 178 — निर्वाचन

विधानसभा अध्यक्ष के प्रमुख कार्य एवं शक्तियाँ

कार्य/शक्तिविवरणसंबंधित अनुच्छेद/नियम
विधानमण्डल विशेषाधिकार संरक्षकविधायकों के विशेषाधिकारों की रक्षा करता हैअनुच्छेद 194
कार्यवाही संचालनशांति व सामंजस्य बनाए रखना
नियमों की व्याख्याविधानसभा के नियमों की व्याख्या का एकमात्र अधिकार
धन विधेयक निर्णयकोई विधेयक धन विधेयक है या नहीं — अंतिम निर्णयअनुच्छेद 199(3)
निर्णायक मतपक्ष-विपक्ष बराबर होने पर Casting Voteअनुच्छेद 189(1)
दल-बदल अयोग्यतादल-बदल के आधार पर सदस्य को अयोग्य घोषित करना10वीं अनुसूची
कोरम न होने परबैठक स्थगित/निलंबित करनाअनुच्छेद 189(3-4)
समितियों का गठनसभी समितियों के अध्यक्षों की नियुक्ति
3 समितियों के अध्यक्षनियम समिति, कार्यमंत्रणा समिति, सामान्य प्रयोजन समितिपदेन (ex-officio)
विधेयक पुनर्विचारराज्यपाल द्वारा लौटाए विधेयक को सदन के समक्ष रखना

अनुच्छेद 179 — पद रिक्त होने की परिस्थितियाँ

1. विधानसभा के सदस्य न रहने पर।

2. स्वयं त्यागपत्र देने पर — अध्यक्ष → उपाध्यक्ष को; उपाध्यक्ष → अध्यक्ष को।

3. विधानसभा तत्कालीन समस्त सदस्यों के बहुमत से प्रस्ताव पारित करके हटा सकती है — 14 दिन पूर्व सूचना अनिवार्य।

अनुच्छेद 181 — हटाने के प्रस्ताव के समय अध्यक्ष

अनुच्छेद 186 — वेतन-भत्ते

⭐ महत्वपूर्ण

अध्यक्ष व उपाध्यक्ष अलग से शपथ नहीं लेते — विधानसभा सदस्य के रूप में ली गई शपथ ही मान्य होती है। अब तक राजस्थान में किसी भी विधानसभा अध्यक्ष को हटाया नहीं गया है (6 बार प्रस्ताव आए — सभी विफल)।

🔑 मुख्य शब्द (Keywords)
अनुच्छेद 178अनुच्छेद 17914 दिन सूचना21 दिन सीमाअनुच्छेद 181पीठासीन नहींनिर्णायक मतअनुच्छेद 186द्वितीय अनुसूचीधन विधेयक निर्णय

9विधानपरिषद् सभापति व उपसभापति — अनुच्छेद 182–185

🧠 याद करने की ट्रिक

"178-181 = विधानसभा अध्यक्ष; 182-185 = विधानपरिषद् सभापति" — दोनों में नियम समान हैं, बस सदन अलग। 186 दोनों का वेतन।

🔑 मुख्य शब्द (Keywords)
अनुच्छेद 182अनुच्छेद 183अनुच्छेद 184अनुच्छेद 1856 वर्ष कार्यकालतत्कालीन समस्त सदस्यों के बहुमत14 दिन सूचनानिर्णायक मत नहीं

10प्रोटेम स्पीकर (Protem Speaker) — अस्थायी अध्यक्ष

परिचय एवं कार्य

राजस्थान के प्रोटेम स्पीकर — पूरी सूची

क्र.नामनियुक्तिविशेष
1.महाराव संग्राम सिंह24.03.1952राजस्थान के प्रथम प्रोटेम स्पीकर
2.नारायण सिंह मसूदा22.04.1957प्रोटेम स्पीकर + उपाध्यक्ष दोनों रहे
3.नारायण सिंह मसूदा07.03.1962दूसरी बार
4.पूनम चंद विश्नोई28.04.1967सर्वाधिक 3 बार — प्रथम बार
5.यशवंत सिंह नाहर17.03.1972
6.मेजर फतेह सिंह13.07.1977
7.परसराम मदेरणा03.07.1980अध्यक्ष + प्रोटेम + विपक्ष नेता तीनों
8.लक्ष्मण सिंह11.03.1985अध्यक्ष + प्रोटेम + विपक्ष नेता तीनों
9.पूनम चंद विश्नोई08.03.1990सर्वाधिक 3 बार — दूसरी बार
10.पूनम चंद विश्नोई22.12.1993सर्वाधिक 3 बार — तीसरी बार; अध्यक्ष+उपाध्यक्ष+प्रोटेम तीनों पद
11.भैरोसिंह शेखावत05.04.1995CM + प्रोटेम + विपक्ष नेता + उपराष्ट्रपति
12.गंगाराम चौधरी06.01.2004
13.देवी सिंह पाटिल24.12.2008
14.प्रद्युम्न सिंह02.01.2014
15.गुलाब चंद कटारिया08.01.2019
16.कालीचरण सराफ18.12.2023वर्तमान (16वीं विधानसभा)
⭐ महत्वपूर्ण

पूनम चंद विश्नोई — राजस्थान के विधानसभा अध्यक्ष + उपाध्यक्ष + प्रोटेम स्पीकर तीनों पदों पर रहे। सर्वाधिक 3 बार प्रोटेम स्पीकर।

🔑 मुख्य शब्द (Keywords)
प्रोटेम स्पीकरराज्यपाल नियुक्तसर्वाधिक वरिष्ठनवसदस्यों को शपथपूनम चंद विश्नोई 3 बारकालीचरण सराफसंविधान में उल्लेख नहीं
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11शपथ, मतदान, गणपूर्ति एवं रिक्तता — अनुच्छेद 188–190

अनुच्छेद 188 — शपथ/प्रतिज्ञान

अनुच्छेद 189 — मतदान एवं गणपूर्ति (Quorum)

अनुच्छेद 190 — स्थानों का रिक्त होना

🔑 मुख्य शब्द (Keywords)
अनुच्छेद 188तृतीय अनुसूची₹500 जुर्मानाअनुच्छेद 1891/10 गणपूर्ति20 सदस्य राजस्थाननिर्णायक मत60 दिन अनुपस्थिति

12अयोग्यताएँ एवं विशेषाधिकार — अनुच्छेद 191–195

अनुच्छेद 191 — अयोग्यताएँ (Disqualifications)

अयोग्यताविवरण
लाभ का पदभारत सरकार/राज्य सरकार के अधीन लाभ का पद धारण
विकृत चित्तसक्षम न्यायालय ने घोषित किया हो
दिवालियाअनुन्मोचित दिवालिया (Undischarged Insolvent)
विदेशी नागरिकताभारत का नागरिक नहीं या स्वेच्छा से विदेशी नागरिकता
भ्रष्ट आचरणचुनाव में भ्रष्ट आचरण या चुनावी अपराध
2 वर्ष+ कारावासकिसी अपराध में 2 वर्ष या अधिक की सजा
सरकारी सेवा से निष्कासनभ्रष्टाचार/विश्वासघात के कारण
चुनावी खर्च विवरण न देनानिर्धारित समय में विवरण प्रस्तुत न करना
सामाजिक अपराधअस्पृश्यता, दहेज, सती प्रथा में संलिप्तता
दल-बदल10वीं अनुसूची — विधानसभा अध्यक्ष घोषित करता है

अनुच्छेद 192 — अयोग्यता का निर्णय

अनुच्छेद 194 — विशेषाधिकार (Privileges)

⭐ महत्वपूर्ण

नोट: "सर्चलाइट वाद" एवं "केशवसिंह वाद" का संबंध भारत में वाक्-स्वातंत्र्य एवं विधानमण्डल के विशेषाधिकारों से है। राज्य विधानमण्डल के विशेषाधिकार संघ की संसद के विशेषाधिकार के समान हैं।

अनुच्छेद 195 — विधायकों के वेतन-भत्ते

🔑 मुख्य शब्द (Keywords)
अनुच्छेद 191अनुच्छेद 192EC की रायअनुच्छेद 194वाक्-स्वातंत्र्य40 दिन गिरफ्तारी नहीं10वीं अनुसूची दल-बदल₹40000 MLA

13विधेयक प्रक्रिया — अनुच्छेद 196–201 (Legislative Process)

विधेयकों के प्रकार

सरकारी विधेयक (Government Bill)
  • किसी मंत्री द्वारा पुरःस्थापित
  • अधिकांश विधेयक इसी प्रकार के
  • राज्यपाल की अनुशंसा आवश्यक — धन/वित्त के लिए
गैर-सरकारी विधेयक (Private Member Bill)
  • गैर-मंत्री सदस्य द्वारा
  • राजस्थान में अब तक 4 पारित
  • दुर्लभ — संसदीय कार्य कठिन

अनुच्छेद 197 — साधारण विधेयक (Ordinary Bill)

1. आरंभ: किसी भी सदन (विधानसभा या विधानपरिषद्) में रखा जा सकता है — तीन वाचन (Reading) होते हैं।

2. विधानसभा पारित: विधानसभा से पारित होकर विधानपरिषद् में जाता है।

3. विधानपरिषद् में: यदि 3 माह तक न पारित करे या संशोधन करे जो विधानसभा को मंजूर नहीं → वापस विधानसभा।

4. विधानसभा पुनः पारित: विधानसभा संशोधन सहित/रहित पुनः पारित करके फिर विधानपरिषद् को भेजती है।

5. 1 माह बाद: विधानपरिषद् 1 माह में न पारित करे या अस्वीकार करे → विधानसभा से पारित माना जाएगा।

6. अधिकतम देरी: विधानपरिषद् अधिकतम 4 माह (3+1) तक विधेयक रोक सकती है।

7. अपवाद: विधानपरिषद् से पारित होकर विधानसभा में आए विधेयक को यदि विधानसभा अस्वीकार करे → विधेयक समाप्त।

💡 अवधारणा

साधारण विधेयक पर कोई संयुक्त बैठक (Joint Session) नहीं होती — क्योंकि 4 माह बाद विधानपरिषद् से स्वतः पारित मान लिया जाता है। (संसद में लोकसभा-राज्यसभा गतिरोध पर संयुक्त बैठक का प्रावधान है — राज्य में नहीं।)

अनुच्छेद 198–199 — धन विधेयक (Money Bill)

बिंदुविवरण
आरंभकेवल विधानसभा में — राज्यपाल की पूर्वानुमति (Prior Approval) से।
विधानपरिषद् मेंअधिकतम 14 दिन रोक सकती है — संशोधन नहीं, अस्वीकार नहीं — केवल सिफारिश।
14 दिन बादस्वतः पारित मान लिया जाता है।
सिफारिशेंविधानसभा स्वीकार या अस्वीकार — दोनों अधिकार।
संयुक्त बैठकनहीं — 14 दिन बाद स्वतः पारित।
निर्णयधन विधेयक है या नहीं → विधानसभा अध्यक्ष का अंतिम निर्णय — अनुच्छेद 199(3)।
राज्यपाल के विकल्पस्वीकृति, रोकना, राष्ट्रपति के लिए आरक्षित — पुनर्विचार हेतु नहीं लौटा सकता।
📖 परिभाषा

धन विधेयक (अनुच्छेद 199): कर अधिरोपण, धन उधार, संचित निधि, विनियोग, भारित व्यय, लोक लेखा — इन विषयों से संबंधित विधेयक। जुर्माना/लाइसेंस फीस/स्थानीय कर वाला विधेयक धन विधेयक नहीं।

अनुच्छेद 200 — राज्यपाल की वीटो शक्ति

विकल्पवीटो प्रकारविवरण
1. अनुमति देनाविधेयक → कानून/अधिनियम बन जाता है।
2. पुनर्विचार हेतु लौटानानिलम्बनकारी वीटो (Suspensive)एक बार लौटा सकता है — पुनः पारित → देने के लिए बाध्य। धन विधेयक पर नहीं।
3. अनुमति देने से मनाआत्यांतिक वीटो (Absolute)सामान्यतः गैर-सरकारी विधेयकों पर।
4. राष्ट्रपति के लिए आरक्षित6 आधारों पर; राज्यपाल की भूमिका समाप्त।
राज्यपाल — 2 वीटो (अनुच्छेद 200)
  • निलम्बनकारी वीटो
  • आत्यांतिक वीटो
  • पॉकेट वीटो — नहीं
  • धन विधेयक पर निलम्बनकारी — नहीं
राष्ट्रपति — 3 वीटो (अनुच्छेद 111)
  • निलम्बनकारी वीटो
  • आत्यांतिक वीटो
  • पॉकेट वीटो — हाँ
  • धन विधेयक पुनर्विचार — नहीं
🔑 मुख्य शब्द (Keywords)
अनुच्छेद 1973+1 माह विधानपरिषद्अनुच्छेद 19814 दिन धन विधेयकअनुच्छेद 199अनुच्छेद 200निलम्बनकारी वीटोआत्यांतिक वीटोपॉकेट वीटो — नहीं

14वित्तीय प्रक्रिया — अनुच्छेद 202–209 (Financial Procedure)

अनुच्छेद 202 — वार्षिक वित्तीय विवरण (Budget)

अनुच्छेद 203 — अनुदान की माँग (Demand for Grants)

अनुच्छेद 204 — विनियोग विधेयक (Appropriation Bill)

विशेष वित्तीय अनुदानअनुच्छेदविवरण
अनुपूरक अनुदान205मूल राशि अपर्याप्त या नई सेवा → अतिरिक्त राशि।
लेखानुदान (Vote on Account)206(क)बजट पास होने से पहले — कुछ महीनों के अग्रिम व्यय के लिए।
प्रत्ययानुदान (Vote of Credit)206(ख)अनिश्चित/अपरिमेय माँग — राष्ट्रीय सुरक्षा आदि।
अपवादानुदान (Exceptional Grant)206(ग)वर्तमान वित्त वर्ष की चालू सेवा का भाग नहीं।

संचित निधि पर भारित व्यय (Charged Expenditure) — अनुच्छेद 202(3)

अनुच्छेद 209 — वित्तीय कार्य को समय में पूरा करने का प्रावधान

अनुच्छेद 210 — विधानमण्डल में भाषा

अनुच्छेद 211–212 — प्रतिबंध और न्यायालय समीक्षा

🔑 मुख्य शब्द (Keywords)
अनुच्छेद 202वार्षिक वित्तीय विवरणअनुच्छेद 203भारित व्ययलेखानुदानअनुच्छेद 204विनियोग विधेयकअनुच्छेद 211अनुच्छेद 212

15प्रश्नकाल, शून्यकाल एवं विशेष चर्चाएँ (Question Hour & Zero Hour)

प्रश्नकाल (Question Hour) — प्रतिदिन 11 AM – 12 Noon

प्रश्न प्रकारउत्तरपूरक प्रश्नसूचनासीमा
(A) तारांकित प्रश्नमौखिकहाँ14 दिन पूर्वबजट सत्र: अधिकतम 40; अन्य: 10; एक दिन: 2 से अधिक नहीं
(B) अतारांकित प्रश्नलिखितनहीं14 दिन पूर्वबजट सत्र: 60; अन्य: 20; अंतः सत्रकाल: सप्ताह में 1
(C) अल्प सूचना प्रश्नमौखिक14 दिन से कम

शून्यकाल (Zero Hour) — 12 Noon – 1 PM

आधे घण्टे की चर्चा (Half-Hour Discussion)

अल्पकालीन चर्चा (Short Duration Discussion)

🔑 मुख्य शब्द (Keywords)
प्रश्नकाल14 दिन सूचनातारांकित-मौखिकअतारांकित-लिखितअल्प सूचनाशून्यकालZero Hourआधे घण्टे की चर्चा3 दिन सूचना

16विधानमण्डल के 7 प्रकार के प्रस्ताव (Types of Motions)

(1) अविश्वास प्रस्ताव (Non-Confidence Motion) — नियम 132

(2) विश्वास प्रस्ताव (Confidence Motion) — नियम 132A

(3) स्थगन प्रस्ताव (Adjournment Motion) — नियम 50

(4) कटौती प्रस्ताव (Cut Motion)

प्रकारविवरण
(A) नीतिगत कटौतीमाँग की राशि घटाकर ₹1 — नीति के विरोध में।
(B) अर्थगत कटौती (मितव्ययता)माँग की राशि में उल्लिखित कटौती — मितव्ययता हेतु।
(C) सांकेतिक कटौतीमाँग में ₹100 की कमी — शिकायत/असंतोष दर्ज करने के लिए।

(5) धन्यवाद प्रस्ताव (Motion of Thanks)

(6) ध्यानाकर्षण प्रस्ताव (Calling Attention Motion)

(7) निन्दा प्रस्ताव (Censure Motion)

प्रस्तावकारण जरूरीसदनपारित होने पर
अविश्वासनहींकेवल विधानसभासरकार गिरती है
विश्वासकेवल विधानसभापारित न हो → सरकार गिरती है
स्थगनहाँ (तात्कालिक)केवल विधानसभासरकार पर नैतिक दबाव
कटौतीकेवल विधानसभासरकार गिरती है
धन्यवादविधानसभापारित न हो → सरकार गिरती है
ध्यानाकर्षणकेवल विधानसभाकेवल ध्यान आकर्षण
निन्दाहाँकेवल विधानसभाप्रतिष्ठा गिरती है — सरकार नहीं
🧠 याद करने की ट्रिक

"अविश्वास — बिना कारण; निन्दा — कारण बताना जरूरी" | "निन्दा पारित = प्रतिष्ठा गिरी; बाकी 4 (अविश्वास, विश्वास, कटौती, धन्यवाद) = सरकार गिरी"

🔑 मुख्य शब्द (Keywords)
अविश्वास 40 सदस्य6 माह बादविश्वास प्रस्ताव 5 बारस्थगन 20 सदस्यकटौती 3 प्रकारधन्यवाद प्रस्तावध्यानाकर्षणनिन्दा — कारण जरूरी

17राजस्थान विधानसभा की 26 समितियाँ (Committees)

राजस्थान विधानसभा में कार्य संचालन हेतु कुल 26 समितियाँ हैं — 4 वित्तीय + 22 स्थायी (जिनमें से वर्तमान में 18 सक्रिय)। प्रक्रिया एवं कार्य संचालन नियम पहली बार 1956 में निर्मित।

(A) 4 वित्तीय समितियाँ (Finance Committees)

समितिअध्यक्षसदस्यकार्यकालप्रमुख कार्य
(1) लोक लेखा समिति (PAC)विपक्षी दल का होता है — विधानसभा अध्यक्ष चुनता है15 (एकल संक्रमणीय मत)1 वर्ष (6 माह विस्तार सम्भव)राज्य के वित्तीय खर्चों पर नियंत्रण; CAG रिपोर्ट की जाँच। "CAG = मार्गदर्शक"
(2) प्राक्कलन समिति 'क'विधानसभा अध्यक्ष चुनता हैअधिकतम 15 (वर्तमान 14)1 वर्षखर्चों का पूर्वानुमान; मितव्ययता सुझाव; बजट प्रारूप सुझाव
(3) प्राक्कलन समिति 'ख'विधानसभा अध्यक्ष चुनता हैअधिकतम 15 (वर्तमान 10)1 वर्षराजस्व, सहकारिता, पशुपालन आदि विभागों के प्राक्कलन
(4) राजकीय उपक्रम समितिविधानसभा अध्यक्ष चुनता है15 (एकल संक्रमणीय मत)1 वर्षसरकारी उपक्रमों के प्रतिवेदन/लेखे की जाँच
💡 अवधारणा

"प्राक्कलन समिति = लोक लेखा समिति की जुड़वा बहन।" PAC गठन: 10 अप्रैल 1952। कोई मंत्री PAC का सदस्य नहीं हो सकता। संसद की PAC = 22 सदस्य (15 LS + 7 RS); गठन 1921।

(B) जाँच समितियाँ (4)

(C) प्रमुख अन्य समितियाँ

⭐ महत्वपूर्ण

नियम समिति, कार्यमंत्रणा समिति, सामान्य प्रयोजन समिति के अध्यक्ष — स्वयं विधानसभा अध्यक्ष होते हैं (पदेन)। किसी भी समिति में अधिकतम 15 सदस्य (अध्यक्ष सहित) — सामान्य प्रयोजन समिति अपवाद। बैठकें गोपनीय।

अद्यतन (Updated): 2024-25

समितिवर्तमान अध्यक्ष (2024-25)
जन/लोक लेखा समितिश्री टीकाराम जूली
राजकीय उपक्रम समितिश्री कालीचरण सराफ
प्राक्कलन समिति 'क'श्री अर्जुनलाल जीनगर
प्राक्कलन समिति 'ख'श्री चंद कृपलानी
विशेषाधिकार समितिश्री पुष्पेंद्र सिंह
नियम समितिश्री वासुदेव देवनानी (पदेन)
कार्यसलाहकार समितिश्री वासुदेव देवनानी (पदेन)
सदाचार समितिश्री हरीश चौधरी
याचिका समितिश्री हमीर सिंह भायल
अधीनस्थ विधान समितिश्रीमती अनिता भदेल
🔑 मुख्य शब्द (Keywords)
26 समितियाँ4 वित्तीयPAC विपक्षी अध्यक्षCAG मार्गदर्शकजुड़वा बहनOmbudsman समिति15 अधिकतम सदस्यकार्यमंत्रणा CM सदस्य

18विधानसभा बनाम विधानपरिषद् — विस्तृत तुलना (15 आधार)

आधारविधानसभा (Lower House)विधानपरिषद् (Upper House)
अनुच्छेदअनुच्छेद 170अनुच्छेद 169, 171
उपनामनिम्न सदन, प्रथम सदन, लोकप्रिय सदनउच्च सदन, द्वितीय सदन, वरिष्ठों का सदन
न्यूनतम आयु25 वर्ष30 वर्ष
विघटनअस्थायी — राज्यपाल भंग कर सकता हैस्थायी — भंग नहीं; समाप्त हो सकती है
कार्यकाल5 वर्ष (सदन)6 वर्ष (सदस्य); 2 वर्ष में 1/3 सेवानिवृत्त
निर्वाचनप्रत्यक्ष, वयस्क मताधिकार, FPTPअप्रत्यक्ष, STV (एकल संक्रमणीय मत)
पदाधिकारीअध्यक्ष व उपाध्यक्षसभापति व उपसभापति
सीटेंअधिकतम 500, न्यूनतम 60विधानसभा सीटों का 1/3; न्यूनतम 40
धन विधेयकसर्वप्रथम यहाँ; संशोधन हो सकता है14 दिन रोक सकती है — संशोधन नहीं, अस्वीकार नहीं
साधारण विधेयक4 माह बाद पारित माना जाता हैविधानसभा-पारित वापस → 4 माह में कार्यवाही
मंत्रिपरिषद् उत्तरदायित्वविधानसभा के प्रति उत्तरदायीविधानपरिषद् के प्रति नहीं
राष्ट्रपति/RS चुनावइसके सदस्य भाग लेते हैंइसके सदस्य भाग नहीं लेते
संविधान संशोधनकम से कम आधे राज्यों का समर्थन (368)
अविश्वास/निन्दाअविश्वास और निन्दा प्रस्ताव लाए जा सकते हैंविधानसभा में ही
बजट मतदानबहस + मतदान दोनोंकेवल बहस — मतदान नहीं
💡 अवधारणा

निष्कर्ष: विधानसभा के मुकाबले विधानपरिषद् के पास शक्तियाँ कम हैं — यह कमजोर सदन है। फिर भी प्रासंगिकता है: (1) विधानसभा की स्वेच्छारिता पर अंकुश, (2) साहित्य/विज्ञान/कला के व्यक्तियों को प्रतिनिधित्व, (3) विधेयकों पर आवश्यक पुनर्विचार का अवसर।

🔑 मुख्य शब्द (Keywords)
FPTP vs STV5 वर्ष vs 6 वर्षअस्थायी vs स्थायी14 दिन धन विधेयक4 माह साधारणविधानसभा शक्तिशालीमतदान vs बहसराष्ट्रपति चुनाव

📋 अध्याय सारांश — Part A (Quick Revision)

1. विधानमण्डल — भाग-6, अनुच्छेद 168-212; 3 घटक — राज्यपाल + विधानसभा + विधानपरिषद्। 6 द्विसदनात्मक राज्य (KUMBA + T)। 2. विधानपरिषद् सृजन/समापन — अनुच्छेद 169: विधानसभा विशेष बहुमत → संसद साधारण बहुमत। राजस्थान 2012 प्रस्ताव — संसद से अब तक पारित नहीं। 3. विधानसभा — अनुच्छेद 170: अधिकतम 500, न्यूनतम 60; राजस्थान 200 (1977 से); SC 34 + ST 25 आरक्षित। 4. विधानपरिषद् — अनुच्छेद 171: विधानसभा का 1/3 अधिकतम, 40 न्यूनतम। 1/3+1/3+1/12+1/12+1/6 सूत्र। 5. कार्यकाल — विधानसभा 5 वर्ष (आपातकाल में 1 वर्ष बढ़ाया जा सकता है); विधानपरिषद् स्थायी (सदस्य 6 वर्ष)। 6. योग्यताएँ — MLA: 25 वर्ष; MLC: 30 वर्ष; दोनों सदनों में एक साथ नहीं (10 दिन में एक छोड़ना होगा)। 7. सत्र — अनुच्छेद 174: 21 दिन सूचना, 6 माह अंतर, 60 बैठकें/वर्ष। Sine Die = अनिश्चितकाल स्थगन। 8. विधानसभा अध्यक्ष — 5 वर्ष; नियम, कार्यमंत्रणा, सामान्य प्रयोजन तीनों का पदेन अध्यक्ष; हटाने पर 14 दिन सूचना। 9. प्रोटेम स्पीकर — राज्यपाल नियुक्त; सबसे वरिष्ठ सदस्य; कार्य: नव-सदस्यों को शपथ। पूनम चंद विश्नोई — 3 बार। 10. गणपूर्ति — 1/10 या 10 सदस्य (जो अधिक); राजस्थान में 20; 60 दिन अनुपस्थित → स्थान रिक्त। 11. विधायी प्रक्रिया — साधारण: विधानपरिषद् 4 माह रोक सकती है; धन: 14 दिन; राज्यपाल — 2 वीटो (पॉकेट वीटो नहीं)। 12. वित्त — अनुच्छेद 202: वार्षिक वित्तीय विवरण; 203: भारित व्यय पर बहस-मतदान नहीं; 204: विनियोग विधेयक। 13. प्रश्नकाल — 11-12: तारांकित (मौखिक/14 दिन/पूरक हाँ); अतारांकित (लिखित/14 दिन/पूरक नहीं)। शून्यकाल 12-1। 14. 7 प्रस्ताव — अविश्वास (40 सदस्य, बिना कारण); निन्दा (कारण जरूरी); कटौती (3 प्रकार); धन्यवाद; विश्वास; स्थगन; ध्यानाकर्षण। 15. समितियाँ — 26 (4 वित्तीय + 22 स्थायी); PAC अध्यक्ष = विपक्षी; अधिकतम 15 सदस्य; नियम/कार्यमंत्रणा/सामान्य = अध्यक्ष पदेन।

📌 राजस्थान विधानसभा — इतिहास, चुनाव एवं राजनीतिक दल

1राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष (Speaker) — सम्पूर्ण सूची

क्र.नामकार्यकाल (से)कार्यकाल (तक)विशेष तथ्य
1.नरोत्तम लाल जोशी31.03.195225.04.1957प्रथम विधानसभा अध्यक्ष; झुंझुनूं से; हटाने के 2 प्रयास (जसवंत सिंह + वेदपाल त्यागी)
2.रामनिवास मिर्धा25.04.195703.05.19672 बार अध्यक्ष; सर्वाधिक कार्यकाल (10 वर्ष); बाद में 4 बार राज्यसभा सांसद
3.निरंजन नाथ आचार्य03.05.196720.03.1972अध्यक्ष + उपाध्यक्ष दोनों रहे; 4वीं विधानसभा में 1 बार हटाने का प्रयास
4.रामकिशोर व्यास20.03.197218.07.1977
5.महारावल लक्ष्मण सिंह18.07.197720.06.1979प्रथम गैर-कांग्रेसी विधानसभा अध्यक्ष (6ठी विधानसभा); डूंगरपुर
6.गोपाल सिंह भाद्राजून25.09.197907.07.1980
7.पूनम चंद विश्नोई07.07.198020.03.1985अध्यक्ष + उपाध्यक्ष + प्रोटेम स्पीकर तीनों; 3 बार प्रोटेम स्पीकर
8.हीरालाल देवपुरा20.03.198516.10.1985CM + विधानसभा अध्यक्ष दोनों रहे; CM + वित्त आयोग अध्यक्ष भी
9.गिरिराज प्रसाद तिवाड़ी31.01.198611.03.1990अध्यक्ष + उपाध्यक्ष दोनों; 8वीं विधानसभा में 1 बार हटाने का प्रयास
10.हरिशंकर भाभड़ा16.03.199021.12.1993DCM + विधानसभा अध्यक्ष; 2 बार अध्यक्ष; सर्वाधिक कार्यकाल वाले DCM
11.हरिशंकर भाभड़ा30.12.199305.10.1994दूसरी बार
12.शांतिलाल चपलोत07.04.199518.03.1998अध्यक्ष + उपाध्यक्ष दोनों; 10वीं विधानसभा में 2 बार हटाने के प्रयास
13.समरथलाल मीणा24.07.199804.01.1999न्यूनतम कार्यकाल (5 माह); अध्यक्ष + उपाध्यक्ष दोनों
14.परसराम मदेरणा06.01.199915.01.2004अध्यक्ष + प्रोटेम + विपक्ष नेता तीनों
15.सुमित्रा सिंह16.01.200401.01.2009प्रथम महिला विधानसभा अध्यक्ष (12वीं विधानसभा); लाडपुरा, कोटा
16.दीपेन्द्र सिंह शेखावत02.01.200920.01.2014
17.कैलाश मेघवाल22.01.201415.01.201914वीं विधानसभा के सर्वाधिक मतों से विजेता (शाहपुरा, भीलवाड़ा)
18.चंद्र प्रकाश जोशी06.01.201920.12.2023
19.वासुदेव देवनानी21.12.2023वर्तमान (लगातार)16वीं विधानसभा; अजमेर उत्तर सीट से विधायक
⭐ महत्वपूर्ण

अब तक 6 बार विधानसभा अध्यक्ष को हटाने के प्रस्ताव आए — एक बार भी सफल नहीं। सर्वाधिक कार्यकाल — रामनिवास मिर्धा (10 वर्ष); न्यूनतम — समरथलाल मीणा (5 माह)। 12वीं विधानसभा में पहली बार CM + राज्यपाल + विधानसभा अध्यक्ष तीनों महिलाएँ।

🔑 मुख्य शब्द (Keywords)
नरोत्तम लाल जोशी (प्रथम)रामनिवास मिर्धा (सर्वाधिक)समरथलाल मीणा (न्यूनतम)सुमित्रा सिंह (प्रथम महिला)लक्ष्मण सिंह (प्रथम गैर-कांग्रेसी)वासुदेव देवनानी (वर्तमान)6 प्रस्ताव — सभी विफल

2राजस्थान विधानसभा उपाध्यक्ष (Deputy Speaker) — सूची

क्र.नामकार्यकालविशेष
1.लालसिंह शक्तावत31.03.1952 – 31.03.1957प्रथम उपाध्यक्ष
2.निरंजन नाथ आचार्य01.05.1957 – 01.03.1962अध्यक्ष + उपाध्यक्ष दोनों पदों पर
3.नारायण सिंह मसूदा07.05.1962 – 28.02.1967प्रोटेम स्पीकर भी रहे
4.पूनम चंद विश्नोई09.05.1967 – 09.07.1971अध्यक्ष + उपाध्यक्ष + प्रोटेम तीनों
5.रामनारायण चौधरी11.11.1971 – 15.03.1972उपाध्यक्ष + विपक्ष नेता दोनों
6.रामसिंह यादव25.03.1972 – 30.04.1977
7.रामचंद्र08.09.1977 – 17.02.1980
8.अहमद बक्ष सिंधी28.03.1981 – 24.10.1982
9.गिरिराज प्रसाद तिवाड़ी29.03.1985 – 31.01.1986अध्यक्ष + उपाध्यक्ष दोनों
10.किशन मोटवानी28.10.1986 – 01.03.1990
11.यदुनाथ सिंह05.07.1990 – 21.03.1991
12.हीरा सिंह चौहान25.03.1991 – 14.12.1992
13.शांतिलाल चपलोत27.09.1994 – 07.04.1995अध्यक्ष + उपाध्यक्ष दोनों
14.समरथलाल मीणा04.05.1995 – 17.07.1998अध्यक्ष + उपाध्यक्ष दोनों
15.तारा भण्डारी28.07.1998 – 30.11.1998प्रथम महिला उपाध्यक्ष
16.देवेन्द्र सिंह26.03.1999 – 04.12.2003
17.रामनारायण विश्नोई19.07.2004 – 10.12.2008
18.रामनारायण मीणा29.02.2012 – 09.12.2013
19.राव राजेन्द्र सिंह18.09.2015 – 15.01.201916वीं विधानसभा में लोकसभा सांसद बने
💡 अवधारणा

हरिशंकर भाभड़ा — एकमात्र उपमुख्यमंत्री जो विधानसभा अध्यक्ष भी रहे (2 बार)। तारा भण्डारी — प्रथम महिला उपाध्यक्ष। लालसिंह शक्तावत — प्रथम उपाध्यक्ष।

🔑 मुख्य शब्द (Keywords)
लालसिंह शक्तावत (प्रथम)तारा भण्डारी (प्रथम महिला)पूनम चंद विश्नोईहरिशंकर भाभड़ाअध्यक्ष+उपाध्यक्ष दोनों वाले 5 व्यक्ति
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3राजस्थान विधानसभाओं का इतिहास — 1st से 8वीं (1952–1990)

1ली विधानसभा — 1952–1957

चुनाव: 4 से 24 जनवरी 1952; 160 सीटों पर परिणाम: कांग्रेस 82 (सबसे बड़ी), रामराज्य परिषद् 24, जनसंघ 8, कृषिकर लोक पार्टी 7, निर्दलीय 35 अध्यक्ष: नरोत्तम लाल जोशी | उपाध्यक्ष: लालसिंह शक्तावत प्रथम बैठक: 29 मार्च 1952 — सवाई मानसिंह टाउन हॉल, जयपुर CM: टीकाराम पालीवाल (प्रथम निर्वाचित); जयनारायण व्यास (किशनगढ़ उपचुनाव जीतकर) विशेष: राज्य की पहली महिला विधायक — यशोदा देवी (बाँसवाड़ा उपचुनाव, नवम्बर 1953) विशेष: 1956 में अजमेर-मेरवाड़ा विलय से 30 सीटें जुड़ी → 190 सीटें; पहली महिला मंत्री कमला बेनिवाल प्रोटेम: महाराव संग्राम सिंह | विपक्ष नेता: जसवंत सिंह (बीकानेर) उपचुनाव: 17 उपचुनाव — अब तक सर्वाधिक

2री विधानसभा — 1957–1962

चुनाव: कुल 176 सीटों पर; 4 राष्ट्रीय + 1 राज्य दल परिणाम: कांग्रेस 119, रामराज्य परिषद् 17, जनसंघ 6 अध्यक्ष: रामनिवास मिर्धा (सर्वाधिक कार्यकाल वाले) | उपाध्यक्ष: निरंजन नाथ आचार्य CM: मोहनलाल सुखाड़िया (2री बार); प्रोटेम: नारायण सिंह मसूदा

3री विधानसभा — 1962–1967

चुनाव: 176 सीटें; 2-सदस्य क्षेत्र समाप्त परिणाम: कांग्रेस 88, स्वतंत्र पार्टी 36 (दूसरी सबसे बड़ी), जनसंघ 15 विशेष: स्वतंत्र पार्टी का उदय — सामंतों/राजाओं की पार्टी; संस्थापक: सी. राजगोपालाचारी; चिन्ह: तारा (1959) विशेष: राजस्थान में स्वतंत्र पार्टी की नेता — जयपुर महारानी गायत्री देवी CM: मोहनलाल सुखाड़िया (3री बार) | अध्यक्ष: रामनिवास मिर्धा | सर्वाधिक 5 बार अविश्वास प्रस्ताव इस सदन में

4थी विधानसभा — 1967–1972

चुनाव: 184 सीटें; कांग्रेस पहली बार बहुमत नहीं जुटा पाई परिणाम: कांग्रेस 89, स्वतंत्र पार्टी 48, जनसंघ 22 — त्रिशंकु विधानसभा विशेष: प्रथम राष्ट्रपति शासन (13 मार्च–26 अप्रैल 1967); CM: सुखाड़िया → बरकतुल्लाह खाँ (AJGAR फॉर्मूला) विशेष: पहली बार राज्यमंत्री तथा संसदीय सचिव पद बनाए गए (1967) अध्यक्ष: निरंजन नाथ आचार्य | 1 बार हटाने का प्रयास | उपाध्यक्ष: पूनम चंद विश्नोई

5वीं विधानसभा — 1972–1977

चुनाव: 184 सीटें; बांग्लादेश विजय (1971) की लहर परिणाम: कांग्रेस 145, स्वतंत्र पार्टी 11, जनसंघ 8 विशेष: 25 जून 1975 — आपातकाल (Emergency) → विधानसभा का कार्यकाल बढ़ा → 5वीं विधानसभा सर्वाधिक कार्यकाल वाली विशेष: 1977 में केन्द्र में जनता पार्टी → राजस्थान में 2रा राष्ट्रपति शासन (30 अप्रैल–21 जून 1977) अध्यक्ष: रामकिशोर व्यास | प्रोटेम: यशवंत सिंह नाहर

6ठी विधानसभा — 1977–1980

चुनाव: 200 सीटें (184 से बढ़कर) — पहली बार 200 सीटें परिणाम: जनता पार्टी 151, कांग्रेस 41 विशेष: राजस्थान में प्रथम गैर-कांग्रेसी सरकार; CM भैरोसिंह शेखावत (प्रथम गैर-कांग्रेसी CM) अध्यक्ष: लक्ष्मण सिंह (प्रथम गैर-कांग्रेसी अध्यक्ष) → गोपाल सिंह भाद्राजून | प्रोटेम: मेजर फतेह सिंह विशेष: 1980 में जनता पार्टी गिरी → 3रा राष्ट्रपति शासन (17 फरवरी–5 जून 1980); प्रथम मध्यावधि चुनाव

7वीं विधानसभा — 1980–1985

चुनाव: 200 सीटें; प्रथम मध्यावधि चुनाव परिणाम: कांग्रेस 133, BJP 32 विशेष: प्रथम मध्यावधि चुनावों से गठित विधानसभा; CM: जगन्नाथ पहाड़िया (SC, प्रथम दलित CM) अध्यक्ष: पूनम चंद विश्नोई | प्रोटेम: परसराम मदेरणा विशेष: डीग गोलीकाण्ड (भरतपुर, महाराजा मानसिंह मृत्यु) → शिवचरण माथुर CM → हीरालाल देवपुरा (16 दिन) CM

8वीं विधानसभा — 1985–1990

चुनाव: 200 सीटें; कांग्रेस 113, BJP 39 CM: हरिदेव जोशी (2री बार) → शिवचरण माथुर (2री बार) | प्रोटेम: लक्ष्मण सिंह अध्यक्ष: हीरालाल देवपुरा → गिरिराज प्रसाद तिवाड़ी (1 बार हटाने का प्रयास) विशेष: 1987 में संभागीय व्यवस्था पुनः प्रारंभ (हरिदेव जोशी) | दिवराला सती काण्ड 1987

🔑 मुख्य शब्द (Keywords)
प्रथम विधानसभा 160 सीटेंयशोदा देवी प्रथम महिला MLAसर्वाधिक कार्यकाल 5वीं200 सीटें 1977 सेAJGAR फॉर्मूलास्वतंत्र पार्टीप्रथम गैर-कांग्रेसी सरकार 1977प्रथम मध्यावधि चुनाव 1980

4राजस्थान विधानसभाओं का इतिहास — 9वीं से 16वीं (1990–2023)

9वीं विधानसभा — 1990–1992

परिणाम: BJP 85 (सर्वाधिक) — किसी को स्पष्ट बहुमत नहीं; जनता दल 55 सहयोग से शेखावत CM विशेष: राजस्थान में 2री बार गैर-कांग्रेसी सरकार; CM: भैरोसिंह शेखावत अध्यक्ष: हरिशंकर भाभड़ा (1री बार) | प्रोटेम: पूनम चंद विश्नोई विशेष: राम मंदिर आंदोलन → जनता दल ने समर्थन वापस; बाबरी काण्ड (1992) → 4था राष्ट्रपति शासन (15 दिसम्बर 1992–3 दिसम्बर 1993) विशेष: 2री बार मध्यावधि चुनाव; अविश्वास प्रस्ताव 2 बार (शेखावत के विरुद्ध)

10वीं विधानसभा — 1993–1998

परिणाम: BJP 95 (सबसे बड़ी) — निर्दलीय समर्थन से शेखावत 3री बार CM अध्यक्ष: हरिशंकर भाभड़ा (2री बार) → शांतिलाल चपलोत (2 बार हटाने का प्रयास — जगदीप धनकड़ द्वारा) प्रोटेम: पूनम चंद विश्नोई (3री बार — सर्वाधिक)

11वीं विधानसभा — 1998–2003

परिणाम: कांग्रेस 153 — पहली बार 3/4 (तीन-चौथाई) बहुमत; CM: अशोक गहलोत (1री बार) अध्यक्ष: परसराम मदेरणा | प्रोटेम: भैरोसिंह शेखावत विशेष: पहली बार EVM (Electronic Voting Machine) का प्रयोग — अंशतः (सम्पूर्ण राज्य में नहीं)

12वीं विधानसभा — 2003–2008

परिणाम: BJP 120 — वसुंधरा राजे ने पूर्ण बहुमत दिलाया; CM: वसुंधरा राजे (प्रथम महिला CM) अध्यक्ष: श्रीमती सुमित्रा सिंह — प्रथम महिला विधानसभा अध्यक्ष प्रोटेम: गंगाराम चौधरी विशेष: 12वीं विधानसभा: CM + राज्यपाल + विधानसभा अध्यक्ष तीनों महिलाएँ (वसुंधरा + प्रतिभा पाटिल + सुमित्रा सिंह) विशेष: सम्पूर्ण राज्य में पहली बार EVM का प्रयोग (2003)

13वीं विधानसभा — 2008–2013

परिणाम: कांग्रेस 96 (सबसे बड़ी) — निर्दलीय + BSP समर्थन; CM: अशोक गहलोत (2री बार) अध्यक्ष: दीपेन्द्र सिंह शेखावत | प्रोटेम: देवी सिंह भाटी विशेष: सर्वाधिक महिला सदस्य — 28 महिला विधायक इस विधानसभा में जीतकर आईं

14वीं विधानसभा — 2013–2018

परिणाम: BJP 163 — राजस्थान में किसी एक पार्टी को अब तक मिलने वाली सर्वाधिक सीटें CM: वसुंधरा राजे (2री बार) | अध्यक्ष: कैलाश मेघवाल | उपाध्यक्ष: राव राजेन्द्र सिंह प्रोटेम: प्रद्युम्न सिंह

15वीं विधानसभा — 2018–2023

चुनाव: 7 दिसम्बर 2018 को 199 सीटों पर (रामगढ़ 28 जनवरी 2019 को); कुल मतदान 74.69% रामगढ़: BSP प्रत्याशी लक्ष्मण सिंह निधन → चुनाव स्थगित → साफिया जुबेर (कांग्रेस) विजयी परिणाम: कांग्रेस 99 सीटें (6 BSP विधायकों के विलय से 107 सीटें हुईं) अध्यक्ष: चंद्र प्रकाश जोशी | प्रोटेम: गुलाब चंद कटारिया विशेष: 27 महिला विधायक; NOTA 1.41%; सर्वाधिक मतदान: जैसलमेर (85.36%); न्यूनतम: पाली (65.31%) विशेष: करणपुर (गंगानगर) में पुनः मतदान — पीठासीन अधिकारी की गलती

16वीं विधानसभा — दिसम्बर 2023 – वर्तमान

चुनाव: 25 नवम्बर 2023 को 199 सीटों पर; करणपुर स्थगित — कांग्रेस प्रत्याशी गुरमीत सिंह का निधन करणपुर: 5 जनवरी 2024 को उपचुनाव — कांग्रेस के रूपेन्द्र सिंह कुन्नर विजयी परिणाम: BJP 119 (199 में से), कांग्रेस 69, BAP 3, BSP 2, RLP 1, निर्दलीय 8 अंतिम परिणाम: करणपुर सहित: BJP 115, कांग्रेस 70, BAP 3, BSP 2, RLD 1, निर्दलीय 8, RLP 1 CM: भजनलाल शर्मा (सांगानेर, जयपुर) | DCM: दीया कुमारी + प्रेमचंद बैरवा शपथ: 15 दिसम्बर 2023, अल्बर्ट हॉल, जयपुर; राज्यपाल कलराज मिश्र ने दिलाई अध्यक्ष: वासुदेव देवनानी (अजमेर उत्तर) | प्रोटेम: कालीचरण सराफ (मालवीयनगर) मतदान: 75.45% (15वीं से 0.73% वृद्धि); ग्रामीण 75.68%, शहरी 71.23% महिला: 21 महिला विधायक (10.5%) — 10 BJP, 9 कांग्रेस, 2 निर्दलीय युवा: सबसे युवा विधायक: रवीन्द्रसिंह भाटी (शिव सीट, निर्दलीय, 25 वर्ष) NOTA: 3,82,066 (0.96%) — सर्वाधिक झाड़ोल सीट पर

⭐ महत्वपूर्ण

16वीं विधानसभा में BJP को पूर्ण बहुमत; राजस्थान में BJP ने 2003 में वसुंधरा, 2013 में वसुंधरा, 2023 में भजनलाल — तीन बार गैर-कांग्रेसी CM। 16वीं में सर्वाधिक मतों से विजेता — दीया कुमारी (विद्याधरनगर से 71,368 मत); न्यूनतम — हेमराज पटेल (कोटपूतली से 321 मत)।

🔑 मुख्य शब्द (Keywords)
9वीं — AJGAR11वीं — 3/4 बहुमत EVM12वीं — तीनों महिलाएँ14वीं — 163 सर्वाधिक15वीं — साफिया जुबेर16वीं — 75.45%भजनलाल CMवासुदेव देवनानी अध्यक्ष

5राजस्थान विधानसभा उपचुनाव — 13 नवम्बर 2024

16वीं विधानसभा में 7 सीटों पर उपचुनाव 13 नवम्बर 2024 को हुए। मतगणना 23 नवम्बर 2024 को। कुल 7 में से BJP ने 5, कांग्रेस ने 1 और RLP ने 1 जीती।

क्र.विधानसभा सीटविजेतापार्टीविशेष
1.झुंझुनूंरेवतराम डागाBJP
2.सलूम्बरशांता मीणाBJPविधायक अमृतलाल मीणा के निधन से रिक्त
3.देवली-उनियाराराजेन्द्र गुर्जरBJP
4.रामगढ़सुखवंत सिंहBJP
5.दौसादीनदयाल बैरवाBJPविधायक मुरारीलाल मीणा के LS जीतने से रिक्त
6.चौरासीअनिल कटाराकांग्रेसBAP से कांग्रेस की जीत
7.खींवसरप्रकाश बेनीवालRLPहनुमान बेनीवाल के LS जीतने से रिक्त
🔑 मुख्य शब्द (Keywords)
7 सीट उपचुनाव 2024BJP 5कांग्रेस 1BAP 1शांता मीणारेवतराम डागाबागीदौरा BAP

6राजस्थान विधानसभा में महिलाओं की भागीदारी (1952–2023)

विधानसभावर्षमैदान में महिलाएँविजयी महिलाएँ
1ली19520400 (4 लड़ीं — सभी हारीं)
2री19572208
3री19621408
4थी19671106
5वीं19720504
6ठी19773207
7वीं19803110
8वीं19854416
9वीं19908711
10वीं19939009
11वीं19986914
12वीं200311812
13वीं200815428 (सर्वाधिक)
14वीं201316628 (सर्वाधिक = 13वीं के बराबर)
15वीं201818927
16वीं202318321
🔑 मुख्य शब्द (Keywords)
यशोदा देवी 19534 महिलाएँ 1952 — सभी हारीं13वीं-14वीं सर्वाधिक 2816वीं — 21 महिला10.5% महिला प्रतिनिधित्व

7राजस्थान विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता

विपक्ष के नेता पद का संविधान में उल्लेख नहीं है। यह पद प्राप्त करने के लिए कुल सीटों का कम से कम 10% (20 सीटें) जीतना आवश्यक है। विपक्ष नेता को कैबिनेट मंत्री के समान वेतन-भत्ते व सुविधाएँ।

विधानसभाविपक्ष के नेता
1लीजसवंत सिंह (बीकानेर), तन सिंह
2री
3रीनरेन्द्र सिंह
4थीलक्ष्मण सिंह
5वींलक्ष्मण सिंह
6ठीलक्ष्मण सिंह
7वींपरसराम मदेरणा, रामनारायण चौधरी, लक्ष्मण सिंह
8वींभैरोसिंह शेखावत
9वींहरिदेव जोशी
10वींभैरोसिंह शेखावत, केदारनाथ शर्मा
11वींपरसराम मदेरणा
12वींभैरोसिंह शेखावत, गुलाब चंद कटारिया
13वींबी.डी. कल्ला, रामनारायण चौधरी, हेमाराम चौधरी
14वींवसुंधरा राजे, गुलाब चंद कटारिया
15वींरामेश्वर लाल डूडी, गुलाब चंद कटारिया, राजेन्द्र राठौड़
16वींटीकाराम जूली (अलवर ग्रामीण, कांग्रेस) — वर्तमान
🔑 मुख्य शब्द (Keywords)
लक्ष्मण सिंह 4 बारभैरोसिंह 3 बारकटारिया 3 बारजसवंत सिंह (प्रथम)वसुंधरा (प्रथम महिला)टीकाराम जूली (16वीं)10% सीटें जरूरी

8लोकसभा में राजस्थान — 18वीं लोकसभा (2024)

राजस्थान से लोकसभा की कुल 25 सीटें; राज्यसभा की 10 सीटें — कुल 35 सांसद। लोकसभा में 4 SC + 3 ST आरक्षित।

18वीं लोकसभा 2024 — राजस्थान मतदान

18वीं लोकसभा में राजस्थान के 25 सांसद

लोकसभा क्षेत्रसांसददल
अजमेरभागीरथ चौधरीBJP
अलवरभूपेन्द्र यादवBJP
बाँसवाड़ा (ST)राजकुमार रोतBAP (भारत आदिवासी पार्टी)
बाड़मेरउम्मेदाराम बनीवालकांग्रेस
भरतपुर (SC)संजना जाटवकांग्रेस
भीलवाड़ादामोदर अग्रवालBJP
बीकानेर (SC)अर्जुनराम मेघवालBJP
चित्तौड़गढ़चंद्रप्रकाश जोशीBJP
चूरूराहुल कस्वांकांग्रेस
दौसा (ST)मुरारीलाल मीणाकांग्रेस
गंगानगर (SC)कुलदीप इंदौराकांग्रेस
जयपुरमंजू शर्माBJP
जयपुर ग्रामीणराव राजेन्द्र सिंहBJP
जालौरलुम्बारामBJP
झालावाड़-बाराँदुष्यंत सिंहBJP
झुंझुनूंबृजेन्द्र सिंह ओलाकांग्रेस
जोधपुरगजेन्द्र सिंह शेखावतBJP
करौली-धौलपुर (SC)भजनलाल जाटवकांग्रेस
कोटाओम बिड़लाBJP
नागौरहनुमान बेनीवालRLP
पालीपी.पी. चौधरीBJP
राजसमंदमहिमा कुमारी मेवाड़BJP
सीकरअमरारामCPI(M)
टोंक-सवाईमाधोपुरहरिशचंद्र मीणाकांग्रेस
उदयपुर (ST)मन्नालाल रावतBJP

18वीं लोकसभा — राजस्थान से केन्द्रीय मंत्री

सांसदमंत्रालयपद
गजेन्द्र सिंह शेखावत (जोधपुर)पर्यटन एवं संस्कृतिकैबिनेट मंत्री
भूपेन्द्र यादव (अलवर)वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन, श्रम एवं रोजगारकैबिनेट मंत्री
अर्जुनराम मेघवाल (बीकानेर)कानून एवं न्याय; संसदीय कार्य + संस्कृति (MoS)राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)
भागीरथ चौधरी (अजमेर)कृषि एवं किसान कल्याणराज्य मंत्री
⭐ महत्वपूर्ण

18वीं लोकसभा में राजस्थान: सर्वाधिक मतों से विजेता — महिमा कुमारी मेवाड़ (राजसमंद, 3,92,223 मत); न्यूनतम — राव राजेन्द्र सिंह (जयपुर ग्रामीण, 1615 मत)। सर्वाधिक मतदान: बाड़मेर (74.25%); न्यूनतम: करौली-धौलपुर (49.25%)।

🔑 मुख्य शब्द (Keywords)
25 लोकसभा सीटें4SC + 3ST62.10% मतदानBJP 14कांग्रेस 8ओम बिड़ला कोटागजेन्द्र शेखावत मंत्रीमहिमा कुमारी सर्वाधिक

9राज्यसभा में राजस्थान — वर्तमान 10 सांसद

राजस्थान से राज्यसभा के वर्तमान 10 सदस्य (जुलाई 2026)

नामदलकार्यकाल/विशेष
डॉ. अलका सिंहBJP22.06.2026 – 21.06.2032
डॉ. सतीश पूनियाBJP22.06.2026 – 21.06.2032
नीरज डांगीINC22.06.2026 – 21.06.2032
घनश्याम तिवाड़ीBJPवर्तमान
रणदीप सिंह सुरजेवालाINCवर्तमान
मुकुल वासनिकINCवर्तमान
प्रमोद कुमारINCवर्तमान
चुन्नीलाल गरासियाBJPवर्तमान
मदन राठौड़BJPवर्तमान
सोनिया गांधीINCवर्तमान
💡 अवधारणा

राज्यसभा में मनोनीत होने वाले प्रथम राजस्थानी — नारायणसिंह माणकलाव। निर्वाचित होने वाले प्रथम राजस्थानी — रामनाथ पोद्दार। सर्वाधिक 4 बार राज्यसभा सदस्य — रामनिवास मिर्धा और जसवंत सिंह।

🔑 मुख्य शब्द (Keywords)
10 राज्यसभा सीटें5 BJP + 5 कांग्रेससोनिया गाँधीनारायणसिंह माणकलाव (प्रथम मनोनीत)रामनाथ पोद्दार (प्रथम निर्वाचित)रामनिवास मिर्धा 4 बार

10राजस्थान से महिला सांसद — राज्यसभा (10) + लोकसभा (23)

राज्यसभा में राजस्थान से महिला सदस्य (10)

क्र.सांसददलवर्ष/विशेष
1.शारदा भार्गवकांग्रेस1952 — प्रथम महिला राज्यसभा सांसद; 3 बार (1952, 1956, 1963) — सर्वाधिक; राज्यसभा उपसभापति भी रहीं
2.लक्ष्मीकुमारी चुड़ावत
3.शांति पहाड़िया
4.प्रभा ठाकुरकांग्रेस
5.मंगला देवी तलवार
6.नारायणी देवी वर्मा
7.ऊषी खान
8.जमना देवी बारुपाल
9.नजमा हेपतुल्लाकांग्रेस
10.सोनिया गाँधीकांग्रेस2024 से; वर्तमान एकमात्र महिला राज्यसभा सांसद
11डॉ. अलका सिंहbjp

लोकसभा में राजस्थान से महिला सदस्य (23) — प्रमुख

सांसदक्षेत्र/पार्टीवर्षविशेष
महारानी गायत्री देवीजयपुर / स्वतंत्र पार्टी1962, 1967, 1971प्रथम महिला लोकसभा सांसद (राजस्थान से); 3 बार
निर्मला कुमारी शक्तावतचित्तौड़ / कांग्रेस1980, 1984
इंदुबाला सुखाड़ियाउदयपुर / कांग्रेस1984CM सुखाड़िया की पत्नी
डॉ. गिरिजा व्यासउदयपुर / कांग्रेस1991, 1996, 1999, 20094 बार; राजस्थान से केन्द्रीय मंत्री बनने वाली प्रथम महिला (1991, PV नरसिंहराव सरकार में)
वसुंधरा राजेझालावाड़ / BJP1989-1999 (5 बार)सर्वाधिक 5 बार लोकसभा सांसद (राजस्थान की महिला में)
ऊषा देवी मीणास. माधोपुर / कांग्रेस1996, 1998ST प्रथम महिला लोकसभा सदस्य (1996)
सुशीला बंगारुजालौर / BJP2004SC प्रथम महिला लोकसभा सदस्य (2004)
दीया कुमारीराजसमंद / BJP2019अब राजस्थान की उपमुख्यमंत्री
संजना जाटवभरतपुर(SC) / कांग्रेस202418वीं LS; सबसे युवा सांसद
महिमा कुमारी मेवाड़राजसमंद / BJP2024सर्वाधिक मतों से विजेता (3,92,223)
मंजू शर्माजयपुर / BJP2024
⭐ महत्वपूर्ण

लोकसभा चुनाव लड़ने वाली प्रथम महिलाएँ (1952, दोनों हारीं): शारदा बाई (निर्दलीय, भरतपुर) + रानी देवी भार्गव (जनसंघ, सिरोही-पाली)। राजस्थान से अब तक 33 महिलाएँ सांसद रहीं (23 LS + 10 RS)।

🔑 मुख्य शब्द (Keywords)
शारदा भार्गव 3 बार RSगायत्री देवी प्रथम LSवसुंधरा 5 बार LSगिरिजा व्यास 4 बारSC प्रथम — सुशीला बंगारुST प्रथम — ऊषा देवी मीणा33 महिला सांसद कुल

11संसद में राजस्थान — महत्वपूर्ण तथ्य एवं रिकॉर्ड

श्रेणीतथ्य
प्रथम महिला LS सांसदमहारानी गायत्री देवी — 1962, जयपुर (स्वतंत्र पार्टी)
प्रथम महिला RS सांसदशारदा भार्गव — 1952 (कांग्रेस)
सर्वाधिक बार LS सांसद (महिला)वसुंधरा राजे — 5 बार (1989-1999)
सर्वाधिक बार RS सांसद (महिला)शारदा भार्गव — 3 बार (RS उपसभापति भी)
सर्वाधिक बार LS सदस्यनाथूराम मिर्धा — सर्वाधिक बार
सर्वाधिक बार RS सदस्यरामनिवास मिर्धा (4 बार) + जसवंत सिंह (4 बार)
प्रथम महिला केन्द्रीय मंत्रीडॉ. गिरिजा व्यास — 1991 (PV नरसिंहराव सरकार में उपमंत्री)
प्रथम केबिनेट मंत्रीकालूलाल श्रीमाली — 1958-63 (JL नेहरू सरकार में)
LS से लोकसभा अध्यक्षबलराम जाखड़ (सीकर सांसद) + ओम बिड़ला (कोटा-बूंदी — 17वीं/18वीं LS)
प्रथम मुख्य सचेतकमथुरादास माथुर
RS में मनोनीत प्रथमनारायणसिंह माणकलाव
RS में निर्वाचित प्रथमरामनाथ पोद्दार
SC की प्रथम महिला LSसुशीला बंगारु (जालौर, 2004)
ST की प्रथम महिला LSऊषा देवी मीणा (सवाई माधोपुर, 1996)
LS चुनाव लड़ने वाली प्रथम महिलाएँशारदा बाई + रानी देवी भार्गव — 1952 (दोनों हारीं)
18वीं LS — सर्वाधिक विजयमहिमा कुमारी मेवाड़ (3,92,223 मत — राजसमंद)
18वीं LS — न्यूनतम विजयराव राजेन्द्र सिंह (1615 मत — जयपुर ग्रामीण)
18वीं LS — सर्वाधिक मतदानबाड़मेर (74.25%)
18वीं LS — न्यूनतम मतदानकरौली-धौलपुर (49.25%)
प्रथम LS चुनाव (1952) में राजस्थान22 सीटें (20 राजस्थान + 2 अजमेर-मेरवाड़ा)
RS में पुस्तकराजस्थान की राजनीति: सामंतवाद से जातिवाद के भँवर में — लेखक: विजय भण्डारी
🔑 मुख्य शब्द (Keywords)
बलराम जाखड़ LS अध्यक्षओम बिड़ला LS अध्यक्षकालूलाल श्रीमालीनाथूराम मिर्धागिरिजा व्यासमथुरादास माथुर22 सीटें 195225 सीटें अब

12राजस्थान विधानसभा — विशेष तथ्य एवं रिकॉर्ड

श्रेणीरिकॉर्ड
सर्वाधिक सीटों वाला विधानसभा जिलाजयपुर (19 सीटें), अलवर (11 सीटें)
न्यूनतम सीटों वाले जिलेजैसलमेर (2) + प्रतापगढ़ (2)
सबसे बड़ा विधानसभा क्षेत्र (क्षेत्रफल)जैसलमेर
भारत में क्रमांक 01 सीटसारदुलशहर (चूरू)
एक से अधिक जिलों में फैला क्षेत्रनाथद्वारा (राजसमंद)
सभी सीटें ST आरक्षित जिलेबाँसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़
एक भी आरक्षित सीट नहींजैसलमेर + राजसमंद
16वीं विधानसभा में 18वीं LS में LS जीतने वाले MLA5 विधायक LS जीते
विधानसभा का प्रोटोकॉलराज्यपाल > CM > विधानसभा अध्यक्ष > विपक्ष नेता
विधानसभा Digital Museum उद्घाटनभारत के मुख्य न्यायाधीश एन.बी. रमना ने किया
राजस्थान की राजनीति से संबंधित पुस्तकवसुंधरा राजे और विकसित राजस्थान — रचयिता: विजय नाहर
भरतपुर से CM बने (2)जगन्नाथ पहाड़िया + भजनलाल शर्मा
सर्वाधिक उपचुनाव (1 विधानसभा में)प्रथम विधानसभा — 17 उपचुनाव
EVM पहली बार अंशतः11वीं विधानसभा 2003 चुनाव में
EVM सम्पूर्ण राज्य12वीं विधानसभा 2003 चुनाव में
NOTA सर्वाधिक (16वीं)झाड़ोल सीट (6,488 मतदाता)
सर्वाधिक EVM मतदान (16वीं)कुशलगढ़ (88.13%)
न्यूनतम EVM मतदान (16वीं)आहोर (61.24%)
16वीं में 40 वर्ष या कम आयु के MLA28 विधायक
16वीं में पहली बार MLA72 विधायक
🔑 मुख्य शब्द (Keywords)
जैसलमेर सबसे बड़ा क्षेत्रसारदुलशहर क्रमांक 1ST आरक्षित 3 जिलेEVM 2003 अंशतःNOTA झाड़ोलDigital Museumविजय नाहरविजय भण्डारी

📋 अध्याय सारांश — Part B (Quick Revision)

1. विधानसभा अध्यक्ष — प्रथम: नरोत्तम लाल जोशी; सर्वाधिक कार्यकाल: रामनिवास मिर्धा; न्यूनतम: समरथलाल मीणा (5 माह); प्रथम महिला: सुमित्रा सिंह; प्रथम गैर-कांग्रेसी: लक्ष्मण सिंह। 2. प्रोटेम स्पीकर सर्वाधिक 3 बार — पूनम चंद विश्नोई। वर्तमान प्रोटेम: कालीचरण सराफ। 6 बार हटाने का प्रयास — सभी विफल। 3. 1ली विधानसभा (1952): 160 सीटें; प्रथम महिला MLA: यशोदा देवी (1953); 4 महिलाएँ लड़ीं — सभी हारीं। 4. राष्ट्रपति शासन 4 बार: 1967 (45 दिन), 1977 (53 दिन), 1980 (109 दिन), 1992-93 (353 दिन)। 5. 5वीं विधानसभा — सर्वाधिक कार्यकाल (आपातकाल 1975)। 200 सीटें 1977 (6ठी) से। 6. 11वीं (2003): EVM अंशतः; 12वीं (2003): सम्पूर्ण EVM; तीनों महिलाएँ (CM + Gov + Speaker)। 7. 14वीं — BJP 163 (सर्वाधिक); 16वीं — 75.45% मतदान; CM भजनलाल शर्मा; DCM दीया कुमारी + बैरवा। 8. विपक्ष नेता — सर्वाधिक 4 बार: लक्ष्मण सिंह। प्रथम महिला: वसुंधरा राजे। 16वीं: टीकाराम जूली। 9. 18वीं LS (2024): राजस्थान 25 सीटें — BJP 14, कांग्रेस 8, CPI(M) 1, RLP 1, BAP 1। 10. LS में 3 महिला (2024): संजना जाटव, महिमा कुमारी, मंजू शर्मा। राजस्थान से अब तक 33 महिला सांसद। 11. LS प्रथम महिला (1962): गायत्री देवी; RS प्रथम महिला (1952): शारदा भार्गव (3 बार + उपसभापति)। 12. प्रथम महिला केन्द्रीय मंत्री: गिरिजा व्यास (1991)। प्रथम केबिनेट मंत्री: कालूलाल श्रीमाली (1958)। 13. LS अध्यक्ष — बलराम जाखड़ (सीकर) + ओम बिड़ला (कोटा-बूंदी)। 14. विधानमण्डल में महिला भागीदारी — 13वीं-14वीं में सर्वाधिक 28; 16वीं में 21 (10.5%)। 15. विशेष सीटें — जैसलमेर सबसे बड़ा क्षेत्र; सारदुलशहर क्रमांक 1; BAD जिले — सभी ST आरक्षित।

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