🚩 अध्याय 15/16 — राजस्थान का इतिहास

प्रजामंडल आंदोलन

Praja Mandal Movement | RAS Pre + Mains
📋 इस अध्याय में
  1. परिचय — पृष्ठभूमि एवं शब्दावली
  2. अखिल भारतीय देशी राज्य लोक परिषद (AISPC) एवं राजपूताना देशी राज्य लोक परिषद
  3. प्रजामंडल-पूर्व संगठन (1905-1935) — प्रारंभिक जन-जागृति
  4. जयपुर प्रजामंडल (1931) — राजस्थान का प्रथम प्रजामंडल
  5. मारवाड़ (जोधपुर) प्रजामंडल — जयनारायण व्यास का योगदान
  6. मेवाड़ प्रजामंडल (1938) — माणिक्यलाल वर्मा एवं सारदा किला
  7. बीकानेर प्रजामंडल एवं प्रजा परिषद
  8. बूंदी, कोटा एवं हाड़ौती प्रजामंडल
  9. अलवर, भरतपुर, धौलपुर एवं करौली प्रजामंडल
  10. सिरोही एवं किशनगढ़ प्रजामंडल — गोकुलभाई भट्ट
  11. शाहपुरा प्रजामंडल — राजस्थान की प्रथम उत्तरदायी सरकार
  12. वागड़ क्षेत्र के प्रजामंडल — डूंगरपुर, बांसवाड़ा, कुशलगढ़, प्रतापगढ़
  13. जैसलमेर एवं झालावाड़ प्रजामंडल
  14. सभी प्रजामंडलों की तुलनात्मक तालिका
  15. महिलाओं की भूमिका — प्रजामंडल आंदोलन में नारी शक्ति
  16. समाचार-पत्र एवं साहित्य
  17. प्रजामंडल आंदोलन का ऐतिहासिक महत्व एवं प्रभाव
  18. अध्याय सार एवं समय-रेखा

कल्पना कीजिए — 1938 ई. में जयपुर के नाथमल का कटला में हजारों लोग एकत्र हैं, मंच पर सेठ जमनालाल बजाज अध्यक्षता कर रहे हैं और अगले ही दिन कस्तूरबा गांधी स्वयं महिला-सभा को संबोधित करती हैं। यह कोई साधारण सभा नहीं थी — यह जयपुर प्रजामंडल का प्रथम अधिवेशन था, जो रियासती जनता की सदियों पुरानी चुप्पी को तोड़ने वाला था। बिजोलिया, बेंगू व मानगढ़ जैसे किसान-जनजातीय आंदोलनों ने जो चिंगारी जलाई थी, प्रजामंडल आंदोलन ने उसे एक संगठित, राजनीतिक रूप दिया — "राजा के अधीन उत्तरदायी शासन" (Responsible Government under the Crown) की मांग के साथ। अगले दो दशकों में जयपुर से जैसलमेर तक, हर छोटी-बड़ी रियासत में यह मांग गूंजी, हजारों सत्याग्रहियों ने जेल भरी, कालीबाई जैसी किशोरियों ने बलिदान दिया — और अंततः यही जन-जागृति राजस्थान के एकीकरण का सबसे मजबूत आधार बनी।

1परिचय — पृष्ठभूमि एवं शब्दावली

🎯 प्रजामंडल आंदोलन की मुख्य मांगें
  • उत्तरदायी शासन की स्थापना
  • प्रेस व सभा की स्वतंत्रता
  • जागीरदारी व बेगार प्रथा की समाप्ति
  • मौलिक अधिकारों की गारंटी
  • जन-प्रतिनिधि सभा (विधानसभा) का गठन
🏛️ प्रजामंडल आंदोलन की विशेषताएं
  • प्रत्येक रियासत में पृथक संगठन
  • कांग्रेस से वैचारिक जुड़ाव, संगठनात्मक स्वतंत्रता
  • AISPC के छत्र-संगठन से समन्वय
  • महिलाओं व जनजातीय वर्ग की सक्रिय भागीदारी
  • राजस्थान एकीकरण की राजनीतिक भूमिका (अध्याय 16)

2अखिल भारतीय देशी राज्य लोक परिषद (AISPC) एवं राजपूताना देशी राज्य लोक परिषद

संगठन (Organization)स्थापना (Year)स्थान (Place)प्रमुख व्यक्ति
अखिल भारतीय देशी राज्य लोक परिषद (AISPC)1927 ई.बॉम्बे (मुंबई)रामचंद्र राव (अध्यक्ष), विजयसिंह पथिक (उपाध्यक्ष)
राजपूताना देशी राज्य लोक परिषद1928 ई.अजमेररामनारायण चौधरी
हरिपुरा अधिवेशन (कांग्रेस समर्थन)1938 ई.हरिपुरा (गुजरात)सुभाषचंद्र बोस (कांग्रेस अध्यक्ष)

महत्व की तीन कसौटियां: राजनीतिक महत्व — उत्तरदायी शासन की स्थापना, राजनीतिक चेतना का विकास, राष्ट्रीय एकता को बल, राजतंत्र का अंत व लोकतंत्र की स्थापना, राजस्थान के शांतिपूर्ण एकीकरण (अध्याय 16) में योगदान। सामाजिक महत्व — सामाजिक कुरीतियों में कमी, अस्पृश्यता-निवारण, महिला सशक्तिकरण, शिक्षा का प्रसार, नागरिक असमानता का विरोध। आर्थिक महत्व — स्वदेशी वस्तुओं को बढ़ावा, किसान आंदोलनों को समर्थन, भूमि पर किसान के अधिकार, जागीरदारी व बेगार प्रथा की समाप्ति।

3प्रजामंडल-पूर्व संगठन (1905-1935) — प्रारंभिक जन-जागृति

प्रजामंडलों की स्थापना से पूर्व राजस्थान में कई छोटे-छोटे सामाजिक-राजनीतिक संगठन बने, जिन्होंने शिक्षा, समाज-सुधार व राष्ट्रीय चेतना के प्रसार का कार्य किया — इन्हीं संगठनों के कार्यकर्ता आगे चलकर प्रजामंडलों के प्रमुख नेता बने।

संगठन (Organization)वर्षस्थानसंस्थापक/संबंधित व्यक्ति
जैन शिक्षा प्रचारक समिति1905 ई.जयपुरअर्जुनलाल सेठी
अभिनव भारत समिति1907 ई.जयपुरअर्जुनलाल सेठी, गोपाल सिंह, केसरी सिंह
सर्वहितकारिणी सभा1907 ई.चूरूकन्हैयालाल ढूंढ, स्वामी गोपालदास
वर्धमान विद्यालय1907 ई.जयपुरअर्जुनलाल सेठी
आचार सुधारिणी सभा1910 ई.धौलपुरयमुना प्रसाद शर्मा
वीर भारत सभा1910 ई.अजमेरकेसरी सिंह बारहठ, गोपाल सिंह
मारुधरा हितकारिणी सभा1915 ई.जोधपुरजयनारायण व्यास, भंवरलाल
राजपूताना मध्य भारत सभा1918 ई.दिल्लीजमनालाल बजाज, विजयसिंह पथिक
राजस्थान सेवा संघ1919 ई.वर्धा (बाद में ब्यावर/अजमेर)विजयसिंह पथिक
राजपूत सेवा संघ1920 ई.जोधपुरजयनारायण व्यास
अमर सेवा समिति1922 ई.चिड़ावापं. प्यारेलाल गुप्ता
अस्पृश्यता निवारण संघ1923 ई.अलवरहरिनारायण शर्मा
राजस्थान चरखा संघ1925 ई.अजमेरजमनालाल बजाज
हरिजनोद्धार सभा1925 ई.कोटानंदलाल शर्मा
नागरिक प्रचारिणी सभा1934 ई.धौलपुरज्वालाप्रसाद जिज्ञासु
खादी आश्रम1934 ई.डूंगरपुरमाणिक्यलाल वर्मा
राजस्थान सेवक मंडल1935 ई.भोगीलाल पांड्या

4जयपुर प्रजामंडल (1931) — राजस्थान का प्रथम प्रजामंडल

✊ जयपुर प्रजामंडल (1931-1947 ई.) राजस्थान का प्रथम प्रजामंडल — संस्थापक कपूरचंद पाटनी एवं जमनालाल बजाज

5मारवाड़ (जोधपुर) प्रजामंडल — जयनारायण व्यास का योगदान

✊ जयनारायण व्यास (1899-1963 ई.) "लोकनायक" / "शेर-ए-राजस्थान" / "मास्साब" — मारवाड़ प्रजामंडल के प्रमुख निर्माता, राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री

घटना/संगठन (Event/Org)वर्ष (Year)विवरण (Detail)
मारवाड़ हितकारिणी सभा1918 ई.संस्थापक चांदमल सुराणा
मारवाड़ सेवा संघ1920 ई.स्थापना
मारवाड़ प्रजामंडल पुनर्गठन1923/1934 ई.जयनारायण व्यास द्वारा पुनर्गठित, अध्यक्ष भंवरलाल सर्राफ
चांदी तिरंगा फहराव1932 ई.छगनराज चोपासनीवाला ने जोधपुर में तिरंगा फहराया
तौल आंदोलन (Weight Movement)100 तोला के स्थान पर 80 तोला 1 सेर करने के विरुद्ध आंदोलन
कृष्ण दिवस1936 ई., बॉम्बेकृष्ण-अपहरण मामले के विरुद्ध मनाया गया
शिक्षा दिवस1936 ई., जोधपुरस्कूल फीस वृद्धि के विरुद्ध
चांडावल कांड (पाली)28 मार्च 1942 ई.किसान सभा पर लाठीचार्ज
डाबड़ा कांड (नागौर)13 मार्च 1947 ई.शहीद मोतीराम-चुन्नीलाल; घायल माथुरादास माथुर
💡 विजयलक्ष्मी पंडित का जोधपुर आगमन

1938 ई. में विजयलक्ष्मी पंडित सुभाषचंद्र बोस के साथ जोधपुर आईं — यह घटना दर्शाती है कि किस प्रकार राष्ट्रीय स्तर के कांग्रेस नेता रियासती प्रजामंडल आंदोलनों को प्रत्यक्ष समर्थन देने पहुंचते थे, जिससे स्थानीय आंदोलनों को राष्ट्रीय पहचान व नैतिक बल मिलता था।

6मेवाड़ प्रजामंडल (1938) — माणिक्यलाल वर्मा एवं सारदा किला

✊ मेवाड़ प्रजामंडल (1938-1947 ई.) स्थापना 24 अप्रैल 1938 — अध्यक्ष बलवंत सिंह मेहता, महामंत्री माणिक्यलाल वर्मा

"सारदा किला — जहां दीवारें कैद कर सकती थीं, पर विचारों को नहीं।" — मेवाड़ प्रजामंडल की स्मृति परंपरा ("मेवाड़ का कालापानी")
📢 विज्ञापन
🔥 सबसे लोकप्रिय
📘

RAS Foundation Course 2026 🕉️

Multiple ValidityTests
₹4,999₹25,000
Join Now →

7बीकानेर प्रजामंडल एवं प्रजा परिषद

8बूंदी, कोटा एवं हाड़ौती प्रजामंडल

प्रजामंडलस्थापना वर्षसंस्थापक/नेताविशेष तथ्य
बूंदी प्रजामंडल1931 ई.नित्यानंद, कांतिलाल, ऋषिदत्त मेहता"राजस्थान" समाचार-पत्र (1923, ब्यावर) से जुड़ाव; बूंदी देशी राज्य लोक परिषद (ऋषिदत्त मेहता का संगठन)
हाड़ौती प्रजामंडल1934 ई.पं. नयनूराम शर्मा, हाजी फैज मोहम्मदबेगार-विरोधी आंदोलन का नेतृत्व (नयनूराम शर्मा — अध्याय 14 में भी उल्लेखित)
कोटा प्रजामंडल1939 ई.नयनूराम शर्मा, अभिन्न हरि, तनसुखलाल मित्तलप्रथम अधिवेशन 1939 मांगरोल; द्वितीय अधिवेशन 1940 कोटा

9अलवर, भरतपुर, धौलपुर एवं करौली प्रजामंडल

प्रजामंडलस्थापना वर्षसंस्थापक/नेताविशेष तथ्य
अलवर प्रजामंडल1938 ई.हरिनारायण शर्माभारत छोड़ो आंदोलन (1942) में भाग नहीं लिया; प्रथम अधिवेशन 1944, अध्यक्ष भवानीशंकर शर्मा
भरतपुर प्रजामंडल1938 ई.गोपीलाल यादवस्थापना रेवाड़ी में; जुगलकिशोर चतुर्वेदी — "राजस्थान के नेहरू"; समाचार-पत्र "वैभव"; जापान दिवस (16-17 अगस्त 1945), इंडोनेशिया दिवस (28 अक्टूबर 1945)
धौलपुर प्रजामंडल1936 ई.ज्वालाप्रसाद जिज्ञासु, कृष्णदत्त पालीवालतासीमो कांड — 11 अप्रैल 1947 ई., शहीद पंचमसिंह-छत्तरसिंह
करौली प्रजामंडल1938 ई.त्रिलोकचंद माथुर, चिरंजीलाल वर्मा, कुंवर मदनसिंहकुंवर मदनसिंह — करौली किसान आंदोलन (1927, अध्याय 14) से भी जुड़े

10सिरोही एवं किशनगढ़ प्रजामंडल — गोकुलभाई भट्ट

✊ गोकुलभाई भट्ट (1939 ई. से सक्रिय) "राजस्थान के गांधी" — सिरोही प्रजामंडल के संस्थापक

11शाहपुरा प्रजामंडल — राजस्थान की प्रथम उत्तरदायी सरकार

विशेष उपलब्धि: शाहपुरा (छोटी सी ठिकानेदारी होते हुए भी) राजस्थान की उन गिनी-चुनी रियासतों में अग्रणी रही जहां प्रजामंडल आंदोलन ने व्यवहारिक रूप से उत्तरदायी शासन स्थापित करवाया — यह झालावाड़ में भी बाद में दोहराया गया (देखें अनुभाग 13)।

12वागड़ क्षेत्र के प्रजामंडल — डूंगरपुर, बांसवाड़ा, कुशलगढ़, प्रतापगढ़

✊ भोगीलाल पांड्या (1935 ई. से सक्रिय) "वागड़ के गांधी" — डूंगरपुर प्रजामंडल के प्रमुख संस्थापक

💡 कालीबाई — जब एक किशोरी ने अपनी शिक्षिका के लिए प्राण न्योछावर कर दिए

सोचिए — डूंगरपुर के रास्तापाल गांव की एक भील किशोरी कालीबाई, जो नई-नई पढ़ना सीख रही थी, 19 जून 1947 की उस शाम पुलिस को अपनी शिक्षिका सेंगाभाई को गिरफ्तार करते देखती है। बिना डरे वह शिक्षिका को बचाने दौड़ पड़ती है — और पुलिस की गोली का शिकार होकर सदा के लिए अमर हो जाती है। आज, लगभग 80 वर्ष बाद भी, राजस्थान सरकार उन्हीं की स्मृति में मेधावी बालिकाओं को छात्रवृत्ति व स्कूटी/नकद राशि प्रदान करती है — यह दर्शाता है कि एक किशोरी का बलिदान कैसे पीढ़ियों तक शिक्षा की मशाल जलाए रखता है।

प्रजामंडलस्थापना वर्षसंस्थापक/नेताविशेष तथ्य
बांसवाड़ा प्रजामंडल1943 ई.मणिशंकर नागर, धूलजी भाई भावसार, भूपेंद्रनाथ त्रिवेदीविजया बहन भावसार ने "महिला मंडल" की स्थापना की
कुशलगढ़ प्रजामंडल1942 ई.भंवरलाल निगमवागड़ क्षेत्र की छोटी ठिकानेदारी में प्रजामंडल गतिविधि
प्रतापगढ़ प्रजामंडल1945 ई.अमृतलाल पायक, चुन्नीलाल प्रभाकर, ठक्कर बापावागड़-मालवा सीमा क्षेत्र में उत्तरदायी शासन की मांग
📢 विज्ञापन
📦

ALL IN ONE Subscription — सम्पूर्ण GK एक ही स्थान पर

Multiple ValidityTests
₹899₹4,999
Join Now →

13जैसलमेर एवं झालावाड़ प्रजामंडल

14सभी प्रजामंडलों की तुलनात्मक तालिका

नीचे दी तालिका राजस्थान की सभी प्रमुख रियासतों के प्रजामंडलों को एक साथ प्रस्तुत करती है — रिवीजन व त्वरित तुलना के लिए यह तालिका सर्वाधिक उपयोगी है:

प्रजामंडल (रियासत)स्थापना वर्षसंस्थापक/प्रमुख नेताविशेष तथ्य
जयपुर प्रजामंडल1931 ई.कपूरचंद पाटनी, जमनालाल बजाजराजस्थान का प्रथम प्रजामंडल; 1936-37 में हीरालाल शास्त्री द्वारा पुनर्गठित
बूंदी प्रजामंडल1931 ई.नित्यानंद, कांतिलाल, ऋषिदत्त मेहता"राजस्थान" समाचार-पत्र (1923) से जुड़ाव
मारवाड़ प्रजामंडल1934 ई. (पुनर्गठन)जयनारायण व्यास, भंवरलाल सर्राफ"तौल आंदोलन" के लिए प्रसिद्ध
हाड़ौती प्रजामंडल1934 ई.नयनूराम शर्मा, हाजी फैज मोहम्मदबेगार-विरोधी आंदोलन
सिरोही प्रजामंडल1939 ई.गोकुलभाई भट्टगोकुलभाई — "राजस्थान के गांधी"
बीकानेर प्रजामंडल1936 ई., कलकत्तावैद्य मघाराम1944 — दमन-विरोधी दिवस मनाया गया
कोटा प्रजामंडल1939 ई.नयनूराम शर्माप्रथम अधिवेशन मांगरोल में हुआ
मेवाड़ प्रजामंडल1938 ई.माणिक्यलाल वर्मा, बलवंत सिंह मेहतासारदा किला — "मेवाड़ का कालापानी"
अलवर प्रजामंडल1938 ई.हरिनारायण शर्माभारत छोड़ो आंदोलन में भाग नहीं लिया
भरतपुर प्रजामंडल1938 ई.गोपीलाल यादवजुगलकिशोर चतुर्वेदी — "राजस्थान के नेहरू"
शाहपुरा प्रजामंडल1938 ई.लादूराम व्यासराजस्थान की प्रथम उत्तरदायी सरकार स्थापित
धौलपुर प्रजामंडल1936 ई.ज्वालाप्रसाद जिज्ञासुतासीमो कांड (1947)
करौली प्रजामंडल1938 ई.त्रिलोकचंद माथुरकुंवर मदनसिंह भी संस्थापकों में शामिल
किशनगढ़ प्रजामंडल1939 ई.कांतिलाल चौथानी, जमालशाह
कुशलगढ़ प्रजामंडल1942 ई.भंवरलाल निगमवागड़ की छोटी ठिकानेदारी
बांसवाड़ा प्रजामंडल1943 ई.मणिशंकर नागर, धूलजी भावसारविजया बहन भावसार — महिला मंडल की स्थापना
डूंगरपुर प्रजामंडल1944 ई. (1 अगस्त)भोगीलाल पांड्याकालीबाई का बलिदान (1947, रास्तापाल)
जैसलमेर प्रजामंडल1945 ई.मीठालाल व्यासजोधपुर में स्थापित
प्रतापगढ़ प्रजामंडल1945 ई.अमृतलाल पायक
झालावाड़ प्रजामंडल1946 ई.मांगीलाल भव्यशासक राजराणा हरिश्चंद्र का समर्थन, उत्तरदायी शासन स्थापित

★ प्रजामंडल — त्वरित स्मरण-बिंदु ★

1. जयपुर प्रजामंडल (1931) राजस्थान का प्रथम प्रजामंडल था; बूंदी प्रजामंडल भी उसी वर्ष 1931 ई. में स्थापित हुआ। 2. शाहपुरा व झालावाड़ — दोनों रियासतों में प्रजामंडल आंदोलन ने व्यवहारिक रूप से उत्तरदायी शासन स्थापित करवाया। 3. मेवाड़ प्रजामंडल का सारदा किला ("मेवाड़ का कालापानी") — भूरेलाल बया की नजरबंदी का स्थान। 4. गोकुलभाई भट्ट (सिरोही) को "राजस्थान के गांधी" तथा भोगीलाल पांड्या (डूंगरपुर) को "वागड़ के गांधी" कहा जाता है। 5. जयपुर के "जेंटलमैन एग्रीमेंट" (17 सितंबर 1942) के तहत प्रजामंडल भारत छोड़ो आंदोलन में शामिल नहीं हुआ था।

15महिलाओं की भूमिका — प्रजामंडल आंदोलन में नारी शक्ति

प्रजामंडल आंदोलन में महिलाओं की भागीदारी न केवल सहयोगी रही, बल्कि कई अवसरों पर उन्होंने स्वतंत्र नेतृत्व भी किया — सत्याग्रह, जेल-यात्रा, महिला-संगठनों की स्थापना व शिक्षा-प्रसार में उनका योगदान अविस्मरणीय है।

महिला नेत्रीसंबंध/क्षेत्रयोगदान
किशोरी देवीपत्नी, सरदार हरलाल सिंह25 अप्रैल 1934 कटराथल सम्मेलन की अध्यक्षता (विस्तार अध्याय 14)
नारायणी देवी वर्मापत्नी, माणिक्यलाल वर्मा1944 भीलवाड़ा में महिला आश्रम स्थापित; डूंगरपुर के खांडलाई क्षेत्र में भील शिक्षा-प्रसार; 1970-76 राज्यसभा सदस्य
स्नेहलता वर्मापुत्री, माणिक्यलाल वर्मापिता के नेतृत्व में बिजोलिया किसान आंदोलन में भागीदारी
रतन शास्त्रीपत्नी, हीरालाल शास्त्री1939 जयपुर प्रजामंडल सत्याग्रह; 1942 भारत छोड़ो आंदोलन में भूमिगत सेवा; 1955 पद्मश्री, 1975 पद्मभूषण
अंजना देवी चौधरीपत्नी, रामनारायण चौधरीबिजोलिया-बूंदी किसान सत्याग्रह में लगभग 500 महिलाओं का नेतृत्व; 1930 नमक सत्याग्रह, 6 माह कारावास
नागेंद्र बालापौत्री, केसरी सिंह बारहठ1941-47 किसान आंदोलनों में सक्रिय; स्वतंत्रता बाद कोटा की प्रथम महिला जिला प्रमुख
जानकी देवी बजाजपत्नी, जमनालाल बजाज1944 जयपुर प्रजामंडल अधिवेशन की अध्यक्षता; भूदान आंदोलन; 1956 पद्मविभूषण
शांता त्रिवेदीउदयपुर निवासी1947 उदयपुर में "राजस्थान महिला परिषद" की स्थापना
कालीबाई (भील किशोरी)रास्तापाल, डूंगरपुर19 जून 1947 शिक्षिका की रक्षा हेतु बलिदान — आज भी "कालीबाई भील छात्रवृत्ति योजना" के रूप में जीवंत विरासत
लक्ष्मीदेवी आचार्यबीकानेर प्रजामंडलसंस्थापक सदस्य व अध्यक्ष; सविनय अवज्ञा व स्वदेशी आंदोलन में सक्रिय
विजया बहन भावसारपत्नी, धूलजी भावसार (बांसवाड़ा)"महिला मंडल" की स्थापना
सत्यभामापुत्रवधू, नित्यानंद नागर (बूंदी)1932 ब्यावर-अजमेर आंदोलन का नेतृत्व; गांधीजी की "मानस पुत्री"
👩 राजनीतिक भागीदारी
  • प्रजामंडल अधिवेशनों की अध्यक्षता (जानकी देवी बजाज, किशोरी देवी)
  • सत्याग्रह व जेल-यात्रा (रतन शास्त्री, अंजना देवी)
  • महिला-संगठनों की स्थापना (शांता त्रिवेदी, विजया बहन भावसार)
📚 सामाजिक योगदान
  • बलिदान — कालीबाई (1947, रास्तापाल)
  • शिक्षा-प्रसार — नारायणी देवी वर्मा (भील क्षेत्र)
  • राजनीतिक प्रतिनिधित्व — नारायणी देवी (राज्यसभा), नागेंद्र बाला (जिला प्रमुख)

16समाचार-पत्र एवं साहित्य

समाचार-पत्र/पत्रिकाप्रकाशन स्थान/भाषामहत्व
राजस्थानब्यावर, 1923 (साप्ताहिक)हाड़ौती क्षेत्र की खबरें प्रकाशित; बूंदी प्रजामंडल से जुड़ाव
अखंड भारतबॉम्बे, हिंदीजयनारायण व्यास द्वारा 1936 ई. में प्रारंभ
तरुण राजस्थानब्यावर, हिंदी, 1927जयनारायण व्यास द्वारा प्रारंभ (विस्तार अध्याय 14)
पीप (Peep)दिल्ली, अंग्रेजीराष्ट्रीय स्तर पर रियासती मुद्दों का प्रचार
अंगीबाणब्यावर, राजस्थानीप्रथम राजस्थानी भाषा राजनीतिक पत्र
लोकवाणीजयपुर, हिंदी, 1943देवीशंकर तिवाड़ी द्वारा प्रकाशित
वैभवभरतपुरभरतपुर प्रजामंडल का मुखपत्र
दैनिक नवज्योतिकैप्टन दुर्गाप्रसाद चौधरी बाद में संपादक बने
प्रकाशकमला देवी (राजस्थान की प्रथम महिला पत्रकार) की लेखन-यात्रा का प्रारंभिक पत्र

17प्रजामंडल आंदोलन का ऐतिहासिक महत्व एवं प्रभाव

"राजा के अधीन उत्तरदायी शासन — यही हमारा एकमात्र लक्ष्य है, न विद्रोह, न विध्वंस, केवल जनता का अधिकार।" — प्रजामंडल आंदोलन की मूल भावना

18अध्याय सार एवं समय-रेखा

★ अध्याय सार — महत्वपूर्ण तथ्य ★

1. अखिल भारतीय देशी राज्य लोक परिषद (AISPC) — स्थापना 1927 ई., बॉम्बे; प्रथम अध्यक्ष रामचंद्र राव। 2. राजपूताना देशी राज्य लोक परिषद — स्थापना 1928 ई., अजमेर; प्रथम अधिवेशन 1931 ई.। 3. जयपुर प्रजामंडल (1931) — राजस्थान का प्रथम प्रजामंडल, संस्थापक कपूरचंद पाटनी व जमनालाल बजाज। 4. जयपुर "जेंटलमैन एग्रीमेंट" — 17 सितंबर 1942, मिर्जा इस्माइल-हीरालाल शास्त्री के बीच। 5. मारवाड़ प्रजामंडल — जयनारायण व्यास, "तौल आंदोलन" के लिए प्रसिद्ध; भारत छोड़ो आंदोलन में सिवाना दुर्ग में नजरबंद। 6. मेवाड़ प्रजामंडल — स्थापना 24 अप्रैल 1938; प्रतिबंध 24 सितंबर 1938; प्रतिबंध समाप्ति 22 फरवरी 1941। 7. सारदा किला — "मेवाड़ का कालापानी", भूरेलाल बया की नजरबंदी स्थल। 8. 7वां AISPC अधिवेशन — 1946, सालेटिया मैदान (उदयपुर), अध्यक्ष जवाहरलाल नेहरू। 9. बीकानेर प्रजामंडल — स्थापना 4 अक्टूबर 1936, कलकत्ता, संस्थापक वैद्य मघाराम। 10. शाहपुरा व झालावाड़ — दोनों में प्रजामंडल आंदोलन से उत्तरदायी शासन व्यावहारिक रूप से स्थापित हुआ। 11. गोकुलभाई भट्ट — "राजस्थान के गांधी" (सिरोही प्रजामंडल, 1939)। 12. भोगीलाल पांड्या — "वागड़ के गांधी" (डूंगरपुर प्रजामंडल, 1 अगस्त 1944)। 13. रास्तापाल कांड — 19 जून 1947, कालीबाई व नानाभाई शहीद — आज भी बालिका-शिक्षा योजना के रूप में जीवंत। 14. तासीमो कांड (धौलपुर) — 11 अप्रैल 1947, शहीद पंचमसिंह-छत्तरसिंह। 15. देवीशंकर तिवाड़ी — राजस्थान के प्रथम गैर-सरकारी मंत्री (1946, जयपुर राज्य)। 16. प्रजामंडल आंदोलनों से प्रशिक्षित नेतृत्व ही स्वतंत्र राजस्थान के प्रथम मुख्यमंत्री व मंत्री बने। 17. प्रजामंडल आंदोलन राजस्थान के एकीकरण (अध्याय 16) की राजनीतिक-वैचारिक नींव बना।

नीचे दी समय-रेखा (Timeline) इस अध्याय के संपूर्ण घटनाक्रम को स्पष्ट करती है — रिवीजन के लिए इसे ज़रूर दोहराएं:

वर्ष/तिथिघटना/Eventमहत्व
1927AISPC की स्थापना (बॉम्बे)सभी प्रजामंडलों का छत्र-संगठन
1928राजपूताना देशी राज्य लोक परिषद की स्थापनाअजमेर में क्षेत्रीय समन्वय
1931जयपुर व बूंदी प्रजामंडल की स्थापनाराजस्थान के प्रथम प्रजामंडल
1934मारवाड़ व हाड़ौती प्रजामंडल पुनर्गठनजयनारायण व्यास, नयनूराम शर्मा का नेतृत्व
1936बीकानेर व धौलपुर प्रजामंडल की स्थापनाकलकत्ता व स्थानीय स्तर पर संगठन
1938मेवाड़, अलवर, भरतपुर, करौली, शाहपुरा प्रजामंडलसर्वाधिक प्रजामंडल एक ही वर्ष में स्थापित
24 सितंबर 1938मेवाड़ प्रजामंडल पर प्रतिबंधमाणिक्यलाल वर्मा निष्कासित
1939कोटा, किशनगढ़, सिरोही प्रजामंडलगोकुलभाई भट्ट का नेतृत्व प्रारंभ
22 फरवरी 1941मेवाड़ प्रजामंडल पर से प्रतिबंध हटापुनः सक्रियता
25-26 नवंबर 1941मेवाड़ प्रजामंडल प्रथम अधिवेशन (उदयपुर)अध्यक्ष माणिक्यलाल वर्मा
1942कुशलगढ़ प्रजामंडल; बीकानेर प्रजा परिषद की स्थापनारघुवीरदयाल गोयल का नेतृत्व
17 सितंबर 1942जयपुर जेंटलमैन एग्रीमेंटमिर्जा इस्माइल-हीरालाल शास्त्री समझौता
1943बांसवाड़ा प्रजामंडल की स्थापना
26 अक्टूबर 1944बीकानेर दमन-विरोधी दिवसजन-प्रतिरोध का प्रतीक
1 अगस्त 1944डूंगरपुर प्रजामंडल की स्थापनाभोगीलाल पांड्या का नेतृत्व
1945जैसलमेर व प्रतापगढ़ प्रजामंडल
19467वां AISPC अधिवेशन (उदयपुर); झालावाड़ प्रजामंडलअध्यक्ष जवाहरलाल नेहरू
11 अप्रैल 1947तासीमो कांड (धौलपुर)शहीद पंचमसिंह-छत्तरसिंह
19 जून 1947रास्तापाल कांड (डूंगरपुर)कालीबाई व नानाभाई शहीद
📢 विज्ञापन
🔥 सबसे लोकप्रिय
📘

RAS Foundation Course 2026 🕉️

Multiple ValidityTests
₹4,999₹25,000
Join Now →
← अध्याय 14: किसान एवं जनजातीय आंदोलन अध्याय 16: राजस्थान का एकीकरण →