🇮🇳 अध्याय 16/16 — राजस्थान का इतिहास

राजस्थान का एकीकरण

Integration of Rajasthan | RAS Pre + Mains
📋 इस अध्याय में
  1. परिचय — स्वतंत्रता के समय राजस्थान की राजनीतिक स्थिति
  2. राजस्थान की 19 रियासतें, 3 ठिकाने एवं 1 केंद्रशासित प्रदेश
  3. "राजस्थान यूनियन" की अवधारणा — महाराणा भूपाल सिंह
  4. रियासती सचिवालय एवं भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947
  5. विलय पत्र (Instrument of Accession)
  6. एकीकरण — एक नज़र में (सभी 7 चरणों की सार तालिका)
  7. प्रथम चरण — मत्स्य संघ (18 मार्च 1948)
  8. द्वितीय चरण — पूर्व राजस्थान संघ (25 मार्च 1948)
  9. तृतीय चरण — संयुक्त राजस्थान (18 अप्रैल 1948)
  10. चतुर्थ चरण — वृहद् राजस्थान (30 मार्च 1949) — राजस्थान दिवस
  11. पंचम् चरण — संयुक्त वृहद् राजस्थान (15 मई 1949)
  12. षष्ठम् चरण — राजस्थान (26 जनवरी 1950) — सिरोही का विभाजन
  13. सप्तम् चरण — वर्तमान राजस्थान (1 नवंबर 1956)
  14. एकीकरण से जुड़े आयोग एवं समितियां
  15. राजस्थान के मुख्यमंत्री — मनोनीत, नियुक्त एवं निर्वाचित
  16. संवैधानिक तथ्य — राजप्रमुख पद एवं प्रिवी पर्स
  17. राजस्थान दिवस — परंपरा एवं 2026 का महत्वपूर्ण बदलाव
  18. एकीकरण का ऐतिहासिक महत्व
  19. अध्याय सार एवं समय-रेखा

कल्पना कीजिए — 15 अगस्त 1947 को भारत तो आज़ाद हो गया, परंतु राजस्थान नाम की कोई भौगोलिक इकाई अस्तित्व में नहीं थी! इसके स्थान पर था एक बिखरा हुआ नक्शा — 19 अलग-अलग रियासतें, 3 छोटी ठिकानेदारियां और 1 केंद्रशासित प्रदेश, हर एक का अपना राजा, अपनी सेना, अपनी मुद्रा तक। बिजोलिया के किसानों का संघर्ष (अध्याय 14) और प्रजामंडल आंदोलनों की जन-चेतना (अध्याय 15) ने जिस एकता की नींव रखी थी, उसे अब एक भौगोलिक-राजनीतिक हकीकत बनाना था। यह काम आसान नहीं था — सरदार वल्लभभाई पटेल व वी.पी. मेनन की कूटनीति, महाराणा भूपाल सिंह का त्याग, और लाखों आम नागरिकों की आकांक्षा — इन सबने मिलकर अगले 8 वर्ष 7 महीने 14 दिनों में, 7 चरणों में, टुकड़े-टुकड़े राजस्थान को एक अखंड राज्य में बदल दिया। यह अध्याय उसी अद्भुत यात्रा की कहानी है — 18 मार्च 1948 के मत्स्य संघ से लेकर 1 नवंबर 1956 के वर्तमान राजस्थान तक।

1परिचय — स्वतंत्रता के समय राजस्थान की राजनीतिक स्थिति

2राजस्थान की 19 रियासतें, 3 ठिकाने एवं 1 केंद्रशासित प्रदेश

एकीकरण अथवा स्वतंत्रता के समय राजस्थान की सभी रियासतों व उनके शासकों की सूची निम्नानुसार है — यह तालिका संपूर्ण अध्याय की आधारशिला है:

रियासत (Princely State)शासक (Ruler)
मेवाड़ / उदयपुरभूपाल सिंह
मारवाड़ / जोधपुरहनवंत सिंह
जयपुरसवाई मानसिंह द्वितीय
बीकानेरशार्दुल सिंह
अलवरतेज सिंह
धौलपुरउदयभान सिंह
भरतपुरबृजेंद्र सिंह द्वितीय
कोटाभीम सिंह द्वितीय
बूंदीबहादुर सिंह
झालावाड़हरिश्चंद्र
बांसवाड़ाचंद्रवीर सिंह
डूंगरपुरलक्ष्मण सिंह
किशनगढ़सुमेर सिंह
शाहपुरासुदर्शन देव
सिरोहीअभय सिंह
जैसलमेरजवाहर सिंह
प्रतापगढ़राम सिंह
टोंकअजीज-उद्-दौला
करौलीगणेशपाल
🏰 3 ठिकाने (Chiefships)
  • नीमराणा ठिकाना — अलवर रियासत से अलग
  • कुशलगढ़ ठिकाना — बांसवाड़ा रियासत से अलग
  • लावा ठिकाना — टोंक रियासत से अलग
🏛️ 1 केंद्रशासित प्रदेश (Union Territory)
  • अजमेर-मेरवाड़ा — स्वतंत्रता के समय राजस्थान क्षेत्र में एकमात्र केंद्रशासित प्रदेश
  • 30-सदस्यीय धारा सभा (विधानसभा) थी
  • मुख्यमंत्री हरिभाऊ उपाध्याय (विलय के विरोधी)

3"राजस्थान यूनियन" की अवधारणा — महाराणा भूपाल सिंह

4रियासती सचिवालय एवं भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947

🇮🇳 रियासती सचिवालय (Princely/States Secretariat) (स्थापना 5 जुलाई 1947 ई.) सरदार वल्लभभाई पटेल एवं वी.पी. मेनन के नेतृत्व में रियासतों के एकीकरण की केंद्रीय संस्था

5विलय पत्र (Instrument of Accession)

तिथि (Date)शासक (Ruler)विवरण (Detail)
7 अगस्त 1947 ई.महाराजा शार्दुल सिंह (बीकानेर)बीकानेर राजस्थान की प्रथम रियासत थी, जिसने भारत के साथ विलय पत्र पर हस्ताक्षर किए
14 अगस्त 1947 ई.महाराजा उदयभान सिंह (धौलपुर)धौलपुर राजस्थान की अंतिम रियासत थी, जिसने विलय पत्र पर हस्ताक्षर किए
"मैं अपने डेथ वारंट पर हस्ताक्षर कर रहा हूं।" — महारावल चंद्रवीर सिंह (बांसवाड़ा), विलय पत्र पर हस्ताक्षर करते समय

6एकीकरण — एक नज़र में (सभी 7 चरणों की सार तालिका)

नीचे दी तालिका राजस्थान एकीकरण के सभी 7 चरणों को एक साथ प्रस्तुत करती है — रिवीजन के लिए यह सबसे महत्वपूर्ण तालिका है, इसे अवश्य याद रखें:

चरणनामकरण (तिथि)राजधानीराजप्रमुखसम्मिलित क्षेत्र
प्रथममत्स्य संघ (18 मार्च 1948)अलवरउदयभान सिंह (धौलपुर)अलवर, भरतपुर, करौली, धौलपुर
द्वितीयपूर्व राजस्थान संघ (25 मार्च 1948)कोटाभीम सिंह (कोटा)कोटा, बूंदी, टोंक, झालावाड़, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़, किशनगढ़, शाहपुरा, कुशलगढ़
तृतीयसंयुक्त राजस्थान (18 अप्रैल 1948)उदयपुरभूपाल सिंह (मेवाड़)पूर्व राजस्थान संघ + उदयपुर
चतुर्थवृहद् राजस्थान (30 मार्च 1949)जयपुरसवाई मानसिंह-IIजयपुर, जोधपुर, बीकानेर, जैसलमेर
पंचम्संयुक्त वृहद् राजस्थान (15 मई 1949)जयपुरसवाई मानसिंह-IIवृहद् राजस्थान + मत्स्य संघ
षष्ठम्राजस्थान (26 जनवरी 1950)जयपुरसवाई मानसिंह-IIसिरोही (आबू को छोड़कर)
सप्तम्वर्तमान राजस्थान (1 नवंबर 1956)जयपुरगुरुमुख निहाल सिंह (गवर्नर)अजमेर-मेरवाड़ा, आबू-देलवाड़ा, सुनेल-टप्पा

कुल अवधि: राजस्थान का एकीकरण 18 मार्च 1948 से 1 नवंबर 1956 ई. के मध्य सम्पन्न हुआ — इस संपूर्ण प्रक्रिया में लगभग 8 वर्ष 7 माह 14 दिन का समय लगा।

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7प्रथम चरण — मत्स्य संघ (18 मार्च 1948)

🇮🇳 मत्स्य संघ (Matsya Union) (उद्घाटन 18 मार्च 1948 ई.) सम्मिलित रियासतें — धौलपुर, करौली, अलवर, भरतपुर, नीमराणा ठिकाना

8द्वितीय चरण — पूर्व राजस्थान संघ (25 मार्च 1948)

🇮🇳 पूर्व राजस्थान संघ (East Rajasthan Union) (उद्घाटन 25 मार्च 1948 ई.) सम्मिलित रियासतें — कोटा, बूंदी, झालावाड़, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़, टोंक, किशनगढ़, शाहपुरा, कुशलगढ़ ठिकाना

9तृतीय चरण — संयुक्त राजस्थान (18 अप्रैल 1948)

🇮🇳 संयुक्त राजस्थान (United State of Rajasthan) (उद्घाटन 18 अप्रैल 1948 ई.) सम्मिलित इकाइयां — पूर्व राजस्थान संघ (9 रियासतें + 1 ठिकाना) + मेवाड़ रियासत

10चतुर्थ चरण — वृहद् राजस्थान (30 मार्च 1949) — राजस्थान दिवस

🇮🇳 वृहद् राजस्थान (Greater Rajasthan) (उद्घाटन 30 मार्च 1949 ई. (चैत्र शुक्ल एकम्, विक्रमी संवत् 2006)) सम्मिलित रियासतें — संयुक्त राजस्थान + जयपुर + जोधपुर + बीकानेर + जैसलमेर

💡 30 मार्च 1949 — जब चार बड़ी रियासतें एक साथ जुड़ीं

सोचिए — जयपुर, जोधपुर, बीकानेर व जैसलमेर जैसी विशाल व समृद्ध रियासतें, जिनकी अपनी अलग सेनाएं, अलग खजाने व सदियों पुरानी स्वतंत्र पहचान थी, एक ही दिन एक नए राज्य "वृहद् राजस्थान" में विलीन हो गईं। सरदार पटेल स्वयं जयपुर आए, और इसी दिन को आगे चलकर "राजस्थान दिवस" के रूप में मनाया जाने लगा — यह दर्शाता है कि इतिहासकार इस चतुर्थ चरण को राजस्थान के निर्माण का सबसे निर्णायक क्षण मानते हैं, भले ही पूर्ण एकीकरण में अभी 7 वर्ष और शेष थे।

11पंचम् चरण — संयुक्त वृहद् राजस्थान (15 मई 1949)

12षष्ठम् चरण — राजस्थान (26 जनवरी 1950) — सिरोही का विभाजन

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13सप्तम् चरण — वर्तमान राजस्थान (1 नवंबर 1956)

🇮🇳 वर्तमान राजस्थान (Modern/Present Rajasthan) (1 नवंबर 1956 ई.) राज्य पुनर्गठन आयोग की सिफारिशों पर एकीकरण की अंतिम एवं पूर्ण अवस्था

1 नवंबर 2000 का तथ्य: मध्य प्रदेश से छत्तीसगढ़ राज्य अलग होने पर राजस्थान क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत का सबसे बड़ा राज्य बना — इससे पहले मध्य प्रदेश सबसे बड़ा राज्य था। यह संयोग ही है कि राजस्थान के एकीकरण की तिथि (1 नवंबर 1956) व भारत के सबसे बड़े राज्य बनने की तिथि (1 नवंबर 2000) दोनों 1 नवंबर को ही पड़ती हैं।

14एकीकरण से जुड़े आयोग एवं समितियां

आयोग/समितिगठन वर्षअध्यक्षउद्देश्य/कार्य
राजस्थान एकीकरण समिति1947वी.पी. मेननदेशी रियासतों के विलय की योजना बनाना
मत्स्य संघ समिति1948एन.वी. गाडगिलमत्स्य संघ के गठन की प्रक्रिया
शंकर राव देव समिति1949शंकर राव देवमत्स्य संघ का वृहद् राजस्थान में विलय
बी.आर. पटेल समिति1949बी.आर. पटेलराजधानी निर्धारण (जयपुर)
सिरोही विलय समिति1949-50वल्लभभाई पटेल की देखरेखसिरोही के विभाजन का निर्णय
राज्य पुनर्गठन आयोग1953फजल अलीराज्यों का भाषाई पुनर्गठन
मुनि जिन विजय सूरी समिति1956मुनि जिन विजय सूरीआबू-देलवाड़ा को राजस्थान में मिलाने हेतु
सत्यनारायण राव समिति1956सत्यनारायण रावराजधानी व प्रशासनिक संतुलन
धर आयोग1948एस.के. धरभाषायी आधार पर राज्य-गठन
जे.वी.पी. समिति1949नेहरू-पटेल-पट्टाभि सीतारमैयाभाषायी राज्यों पर पुनर्विचार

15राजस्थान के मुख्यमंत्री — मनोनीत, नियुक्त एवं निर्वाचित

श्रेणी (Category)मुख्यमंत्री (क्रम अनुसार)
मनोनीत मुख्यमंत्रीप्रथम — हीरालाल शास्त्री (विस्तार अध्याय 15)
नियुक्त मुख्यमंत्रीद्वितीय — सी.एस. वेंकटाचारी (ICS); तृतीय — जयनारायण व्यास (विस्तार अध्याय 15)
निर्वाचित मुख्यमंत्रीप्रथम — टीकाराम पालीवाल; द्वितीय — जयनारायण व्यास; तृतीय — मोहनलाल सुखाड़िया (विस्तार अध्याय 15)

16संवैधानिक तथ्य — राजप्रमुख पद एवं प्रिवी पर्स

17राजस्थान दिवस — परंपरा एवं 2026 का महत्वपूर्ण बदलाव

ताज़ा अपडेट (2026): राजस्थान सरकार ने निर्णय लिया है कि अब से राजस्थान दिवस निश्चित अंग्रेजी तिथि (30 मार्च) के स्थान पर हिंदी पंचांग अनुसार "चैत्र शुक्ल प्रतिपदा" (हिंदू नववर्ष) के दिन मनाया जाएगा — इसी नई व्यवस्था के अनुसार वर्ष 2026 में राजस्थान दिवस 19 मार्च 2026 को मनाया गया, तथा राज्यभर में 14 से 19 मार्च तक सप्ताह भर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हुए, जिसका मुख्य समारोह जालोर में हुआ। यह दर्शाता है कि राजस्थान का इतिहास आज भी गतिशील है — नोट्स पढ़ते समय ध्यान रखें कि "स्थापना/एकीकरण की तिथि" (30 मार्च 1949) एवं "वार्षिक उत्सव मनाने की तिथि" (अब चैत्र शुक्ल प्रतिपदा, वर्षानुसार बदलती हुई) दो अलग बातें हैं।

18एकीकरण का ऐतिहासिक महत्व

"राजस्थान वालों को गोकुलभाई भट्ट चाहिए था, अतः वह हमने दे दिया।" — सरदार वल्लभभाई पटेल, सिरोही विभाजन के समय

19अध्याय सार एवं समय-रेखा

★ अध्याय सार — महत्वपूर्ण तथ्य ★

1. स्वतंत्रता के समय राजस्थान क्षेत्र — 19 रियासतें, 3 ठिकाने, 1 केंद्रशासित प्रदेश (अजमेर-मेरवाड़ा)। 2. रियासती सचिवालय — स्थापना 5 जुलाई 1947, अध्यक्ष सरदार पटेल, सचिव वी.पी. मेनन। 3. बीकानेर — विलय पत्र पर हस्ताक्षर करने वाली प्रथम रियासत (7 अगस्त 1947); धौलपुर — अंतिम (14 अगस्त 1947)। 4. प्रथम चरण — मत्स्य संघ, 18 मार्च 1948, राजधानी अलवर, राजप्रमुख उदयभान सिंह। 5. द्वितीय चरण — पूर्व राजस्थान संघ, 25 मार्च 1948, राजधानी कोटा। 6. तृतीय चरण — संयुक्त राजस्थान, 18 अप्रैल 1948, राजधानी उदयपुर, उद्घाटनकर्ता नेहरू। 7. चतुर्थ चरण — वृहद् राजस्थान, 30 मार्च 1949, राजधानी जयपुर, उद्घाटनकर्ता सरदार पटेल — यही तिथि परंपरागत "राजस्थान दिवस" है। 8. पंचम् चरण — संयुक्त वृहद् राजस्थान, 15 मई 1949 (मत्स्य संघ का विलय)। 9. षष्ठम् चरण — 26 जनवरी 1950, राज्य का नाम औपचारिक रूप से "राजस्थान"; हीरालाल शास्त्री प्रथम मुख्यमंत्री। 10. सप्तम् (अंतिम) चरण — 1 नवंबर 1956, आबू-देलवाड़ा व अजमेर-मेरवाड़ा का विलय, मुख्यमंत्री मोहनलाल सुखाड़िया — एकीकरण पूर्ण। 11. संपूर्ण एकीकरण प्रक्रिया की अवधि — लगभग 8 वर्ष 7 माह 14 दिन (18 मार्च 1948 से 1 नवंबर 1956)। 12. 7वां संविधान संशोधन (1956) — राजप्रमुख पद समाप्त; 26वां संविधान संशोधन (1971) — प्रिवी पर्स समाप्त। 13. सवाई मानसिंह-द्वितीय — राजस्थान के प्रथम एवं अंतिम राजप्रमुख। 14. 1 नवंबर 2000 — छत्तीसगढ़ के मध्य प्रदेश से पृथक होने पर राजस्थान क्षेत्रफल में भारत का सबसे बड़ा राज्य बना। 15. 2026 से राजस्थान दिवस चैत्र शुक्ल प्रतिपदा (हिंदू नववर्ष) को मनाया जाने लगा — 2026 में यह तिथि 19 मार्च थी। 16. राजस्थान एकीकरण की जन-चेतना की नींव किसान आंदोलनों (अध्याय 14) व प्रजामंडल आंदोलनों (अध्याय 15) ने रखी थी।

नीचे दी समय-रेखा (Timeline) इस अध्याय एवं संपूर्ण पुस्तक के अंतिम घटनाक्रम को स्पष्ट करती है — रिवीजन के लिए इसे ज़रूर दोहराएं:

वर्ष/तिथिघटना/Eventमहत्व
5 जुलाई 1947रियासती सचिवालय की स्थापनापटेल-मेनन के नेतृत्व में एकीकरण प्रक्रिया प्रारंभ
18 जुलाई 1947भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम पारितधारा 8 — रियासतों की संधियां समाप्त
7 अगस्त 1947बीकानेर का विलय पत्र हस्ताक्षरराजस्थान की प्रथम विलय करने वाली रियासत
14 अगस्त 1947धौलपुर का विलय पत्र हस्ताक्षरराजस्थान की अंतिम विलय करने वाली रियासत
18 मार्च 1948मत्स्य संघ की स्थापनाएकीकरण का प्रथम चरण
25 मार्च 1948पूर्व राजस्थान संघ की स्थापनाएकीकरण का द्वितीय चरण
18 अप्रैल 1948संयुक्त राजस्थान की स्थापनामेवाड़ का विलय, तृतीय चरण
30 मार्च 1949वृहद् राजस्थान की स्थापनाचतुर्थ चरण — परंपरागत राजस्थान दिवस
15 मई 1949संयुक्त वृहद् राजस्थानपंचम् चरण — मत्स्य संघ का विलय
26 जनवरी 1950"राजस्थान" नाम की औपचारिक स्थापनाषष्ठम् चरण — सिरोही का आंशिक विलय
1953राज्य पुनर्गठन आयोग (फजल अली)भाषायी पुनर्गठन की सिफारिशें
19567वां संविधान संशोधनराजप्रमुख पद समाप्त
1 नवंबर 1956वर्तमान राजस्थान का गठनसप्तम् (अंतिम) चरण — एकीकरण पूर्ण
197126वां संविधान संशोधनराजाओं का प्रिवी पर्स समाप्त
1 नवंबर 2000छत्तीसगढ़ का मध्य प्रदेश से पृथक्करणराजस्थान क्षेत्रफल में भारत का सबसे बड़ा राज्य बना
19 मार्च 2026राजस्थान दिवस (नई पद्धति — चैत्र शुक्ल प्रतिपदा)परंपरा में परिवर्तन — ताज़ा तथ्य
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