🌾 अध्याय 6/14 — राजस्थान भूगोल

कृषि — प्रमुख फसलें, उत्पादन एवं वितरण

Agriculture: Major Crops, Production & Distribution | RAS Pre + Mains
📋 इस अध्याय में
  1. परिचय एवं कृषि अर्थव्यवस्था
  2. कृषि जलवायु प्रदेश (Agro-Climatic Zones) — 10 जोन
  3. कृषि के प्रकार (Types of Farming)
  4. कृषि का वर्गीकरण (Crop Classification)
  5. प्रमुख फसलों की भौगोलिक दशाएँ (Geographical Conditions)
  6. राजस्थान की प्रमुख फसलें — उत्पादन डेटा
  7. दलहन एवं तिलहन (Pulses & Oilseeds)
  8. नकदी/वाणिज्यिक फसलें (Commercial Crops)
  9. उद्यानिकी (Horticulture — फल, मसाले, औषधीय)
  10. कृषि विकास — केंद्र, विश्वविद्यालय, नीतियाँ
  11. योजनाएँ, मिशन एवं डिजिटल कृषि (Schemes & Missions)
  12. भूमि उपयोग, जोत एवं अधिनियम (Land Use, Holdings & Acts)
  13. नवीनतम अपडेट 2025-26 (Latest Updates — इंटरनेट रिसर्च आधारित)
  14. त्वरित पुनरावृत्ति एवं सारांश (Quick Revision)
🌟 क्या आप जानते हैं?

ज़रा सोचिए — भारत के कुल क्षेत्रफल का मात्र 10.4% हिस्सा रखने वाला एक राज्य, ग्वार जैसी फसल में दुनिया के बाकी हिस्सों को लगभग पीछे छोड़ देता है — राजस्थान अकेला भारत के कुल ग्वार उत्पादन का 88.80% पैदा करता है! यानी अगर आपके घर में इस्तेमाल होने वाले शैम्पू, आइसक्रीम या यहाँ तक कि तेल की ड्रिलिंग में भी ग्वार गम इस्तेमाल होता है (हाँ, यह सच है), तो उसका बड़ा हिस्सा राजस्थान के खेतों से ही आता है। और क्या आप जानते हैं कि जिस राज्य को लोग सिर्फ रेगिस्तान समझते हैं, वही राज्य बाजरा और सरसों उत्पादन में भी देश में नंबर-1 है? यह ऐसा है जैसे कोई सबसे कम पानी वाला विद्यार्थी परीक्षा में टॉप कर जाए — क्योंकि यहाँ की खेती ज़्यादातर मानसून (बारिश) पर निर्भर है, इसीलिए इसे 'मानसून का जुआ' भी कहा जाता है — कभी बंपर फसल, तो कभी सूखा। आइए, इस अध्याय में राजस्थान की खेती की पूरी कहानी को विस्तार से समझते हैं — यहाँ के 10 कृषि जलवायु प्रदेश, फसलों के प्रकार, प्रमुख फसलें, सरकारी योजनाएँ और नवीनतम आँकड़े।

1परिचय एवं कृषि अर्थव्यवस्था

कृषि (Agriculture) प्राथमिक क्षेत्र (Primary Sector — यानी सीधे प्रकृति से जुड़ा क्षेत्र, जैसे खेती, खनन, मछली पकड़ना) का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। राजस्थान की कृषि मुख्यतः मानसून (बारिश) पर निर्भर है, इसीलिए यहाँ की खेती को 'मानसून का जुआ' (Gamble of Monsoon) कहा जाता है — ठीक वैसे ही जैसे जुए में परिणाम अनिश्चित रहता है, वैसे ही अच्छी बारिश हुई तो बंपर फसल, नहीं तो सूखा।

विज़न राजस्थान @2047 (Economic Survey 2025-26)

Economic Survey 2025-26 — प्रमुख आँकड़े

संकेतकआँकड़े/Dataविशेष
GVA वृद्धि (स्थिर कीमतें)₹1.92 लाख करोड़ (2021-22) → ₹2.23 लाख करोड़ (2025-26)CAGR 3.82%
GVA वृद्धि (प्रचलित कीमतें)₹3.23 लाख करोड़ (2021-22) → ₹4.41 लाख करोड़ (2025-26)CAGR 8.10%
GSVA में हिस्सेदारी25.74% (2025-26); 2011-12 में 28.56% थाघटती प्रवृत्ति
क्षेत्रवार हिस्सेदारीपशुधन 49.35%, फसलें 42.61%, वानिकी 7.49%, मत्स्य 0.54%2025-26
कुल खाद्यान्न उत्पादन283.98 लाख टन (2025-26 अग्रिम अनुमान)8.28% कम पिछले वर्ष से
तिलहन उत्पादन100.46 लाख टन+7.18% वृद्धि
रबी दलहन उत्पादन26.61 लाख टन+22.34% भारी वृद्धि
कपास उत्पादन17.94 लाख गांठें2025-26 अनुमान
गन्ना उत्पादन3.61 लाख टन2025-26 अनुमान
फसल क्षेत्र GVA वृद्धि₹1.88 लाख करोड़-5.01% गिरावट
पशुधन GVA₹2.17 लाख करोड़ (दूध 79.60%)+5.20% वृद्धि

महत्वपूर्ण तथ्य: 2023-24 में खाद्यान्न उत्पादन 245.01 लाख टन था, जो 2025-26 में बढ़कर 283.98 लाख टन हो गया। राष्ट्रीय स्तर पर राजस्थान बाजरा, ग्वार एवं सरसों — तीनों में प्रथम स्थान पर है, और ग्वार में तो राज्य की राष्ट्रीय हिस्सेदारी 88.80% जितनी विशाल है।

राष्ट्रीय स्तर पर राजस्थान की स्थिति

स्थान (Rank)फसल एवं उत्पादन प्रतिशत
🥇 प्रथम स्थानबाजरा (41.34%), रेपसीड-सरसों (43.43%), ग्वार (88.80%), कुल तिलहन (23.61%), मोटे अनाज/Nutri-cereals (14.21%), कुल दलहन (13.76%)
🥈 द्वितीय स्थानमूंगफली (19.91%)
🥉 तृतीय स्थानचना (17.39%), सोयाबीन (8.96%)

2कृषि जलवायु प्रदेश (Agro-Climatic Zones) — 10 जोन

कृषि जलवायु प्रदेश (Agro-Climatic Zone) का मतलब है — किसी क्षेत्र को फसल-चक्रण, मिट्टी के प्रकार, जल उपलब्धता एवं वर्षा के आधार पर बाँटना। यह ठीक वैसे ही है जैसे किसी स्कूल में बच्चों को उनकी उम्र और क्षमता के हिसाब से अलग-अलग कक्षाओं में बाँटा जाता है — हर जोन की अपनी खास फसलें और खेती का तरीका होता है। भारत में कुल 15 कृषि जलवायु प्रदेश हैं, जिनमें से राजस्थान में 10 जोन आते हैं (देश के जोन-6, 8, 9 एवं 14 में राजस्थान स्थित है)।

जोनजलवायु क्षेत्रप्रमुख जिलेवर्षाप्रमुख फसलें
IAशुष्क पश्चिमी मैदान (Arid Western Plain)जोधपुर, बाड़मेर, बालोतरा, फलौदी20-37 सेमीरबी: गेहूँ, चना, सरसों, ईसबगोल, मोठ, जौ | खरीफ: बाजरा, ग्वार
IBउत्तरी-पश्चिमी सिंचित मैदान (Irrigated NW Plain)श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ (सबसे छोटा क्षेत्रफल)10-35 सेमीरबी: गेहूँ, सरसों, जौ | खरीफ: कपास, गन्ना, चावल
ICअति शुष्क आंशिक सिंचित (Hyper Arid Partial Irrigated)जैसलमेर, बीकानेर, चूरू (आंशिक) — सबसे बड़ा क्षेत्रफल10-35 सेमीरबी: गेहूँ, चना, सरसों | खरीफ: बाजरा, ग्वार, मूंगफली
IIAशेखावाटी अंतः प्रवाह मैदान (Transitional Inland Drainage)सीकर, झुंझुनूं, नागौर, डीडवाना-कुचामन, चूरू (आंशिक)30-50 सेमीरबी: गेहूँ, सरसों, चना | खरीफ: बाजरा, ग्वार, दलहनी फसलें
IIBलूनी अंतः प्रवाही मैदान (Transitional Plain of Luni)पाली, जालोर, सांचौर, सिरोही, ब्यावर (आंशिक)30-50 सेमीरबी: गेहूँ, सरसों, चना, ईसबगोल, जीरा, अरंडी | खरीफ: बाजरा, ग्वार, तिल
IIIAअर्द्धशुष्क पूर्वी मैदान (Semi Arid Eastern Plain)अजमेर, जयपुर, दौसा, टोंक, कोटपूतली-बहरोड़, ब्यावर50-70 सेमीरबी: गेहूँ, सरसों, चना, जौ | खरीफ: बाजरा, ग्वार, ज्वार
IIIBबाढ़ सम्भाव्य पूर्वी मैदान (Flood Prone Eastern Plain)अलवर, डीग, भरतपुर, करौली, धौलपुर, सवाई माधोपुर50-70 सेमीरबी: गेहूँ, सरसों | खरीफ: बाजरा, ग्वार
IVAउपआर्द्र दक्षिणी मैदान (Sub-Humid Southern Plain)उदयपुर, चित्तौड़गढ़, राजसमंद, भीलवाड़ा, सिरोही50-90 सेमीरबी: गेहूँ, चना, अफीम | खरीफ: गन्ना, ज्वार, मक्का
IVBआर्द्र दक्षिणी मैदान (Humid Southern Plain)बाँसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, सलूंबर (सबसे छोटा जोन)50-110 सेमीरबी: गेहूँ, चना, अफीम | खरीफ: गन्ना, चावल, मक्का
Vआर्द्र दक्षिणी-पूर्वी मैदान (Humid South-Eastern Plain)कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़60-110 सेमीरबी: गेहूँ, चना, सरसों, मसाला | खरीफ: मक्का, गन्ना, चावल, सोयाबीन

क्षेत्रफल संबंधी विशेष तथ्य: सबसे बड़ा जोन: IC (प्रथम) → IA (द्वितीय) | सबसे छोटा जोन: IVB (प्रथम) → IB (द्वितीय)। याद रखने का ट्रिक: 'IC IB' — IC सबसे बड़ा जोन है और IB सबसे छोटा जोन है, जबकि IVB दूसरा सबसे छोटा जोन है।

(रिक्त मानचित्र में स्वयं अभ्यास करें) मानचित्र — राजस्थान के 10 कृषि जलवायु प्रदेशों (IA से V तक) की सीमाएँ

3कृषि के प्रकार (Types of Farming)

I. वैज्ञानिक प्रकार — विशेष उत्पादों के अनुसार खेती के नाम

जिस तरह डॉक्टरी में अलग-अलग बीमारियों के लिए अलग-अलग विशेषज्ञ (specialist) होते हैं, उसी तरह खेती में भी अलग-अलग उत्पादों के लिए खास नाम दिए गए हैं — इन सबके अंत में 'कल्चर' (Culture) शब्द आता है, जिसका मतलब है 'खेती/पालन करना'।

क्रमकल्चर का नामउत्पादन
1सेरीकल्चर (Sericulture)रेशम/रेशम कीट पालन
2पिसीकल्चर (Pisciculture)मछली/मत्स्य पालन
3एपीकल्चर (Apiculture)शहद/मधुमक्खी पालन
4विटीकल्चर (Viticulture)अंगूर की खेती
5हॉर्टीकल्चर (Horticulture)बागवानी (फल, फूल, सब्जी)
6पोमोकल्चर (Pomology)फल उत्पादन
7फ्लोरीकल्चर (Floriculture)फूलों की खेती
8ऑलेरीकल्चर (Olericulture)सब्जियों की खेती
9ऑलिवीकल्चर (Oliviculture)जैतून (Olive) उत्पादन
10सिल्वीकल्चर (Silviculture)वन प्रबंधन
11वर्मीकल्चर (Vermiculture)केंचुआ पालन/खाद

II. सामान्य प्रकार — तरीके के अनुसार खेती के नाम

खड़ीन कृषि — जैसलमेर की अनूठी परंपरागत तकनीक

💡 खड़ीन कृषि क्या है?

खड़ीन कृषि पश्चिमी राजस्थान (मुख्यतः जैसलमेर) में पालीवाल ब्राह्मणों द्वारा शुरू की गई एक अनूठी तकनीक है। इसमें बारिश के पानी को एक ढलान वाले खेत में इकट्ठा किया जाता है, और जब वह पानी सूख जाता है तो बची हुई नमी में फसल उगाई जाती है — ठीक वैसे ही जैसे बारिश के बाद गीली रेत में बीज बोकर उसकी नमी का इस्तेमाल किया जाए। यह मरुस्थल जैसे कम पानी वाले क्षेत्र में खेती करने का एक बहुत ही समझदारी भरा परंपरागत तरीका है।

स्थानांतरित कृषि (Shifting Cultivation)

विशेष उपाधियाँ: स्थानांतरित कृषि को 'आदिवासियों की कृषि' एवं 'पर्यावरण की दुश्मन' भी कहा जाता है — क्योंकि इसमें बार-बार पेड़ काटे/जलाए जाते हैं, जिससे वनों को नुकसान पहुँचता है।

जीरो बजट प्राकृतिक खेती (Zero Budget Natural Farming)

यह एक ऐसी खेती पद्धति है जिसमें किसान को बाज़ार से कुछ भी (खाद, कीटनाशक) खरीदना नहीं पड़ता — इसीलिए इसे 'जीरो बजट' कहा जाता है। इसके 4 मुख्य स्तंभ हैं: जीवामृत, बीजामृत, आच्छादन (मल्चिंग) एवं वाष्प (नमी संरक्षण)। इसका पायलट प्रोजेक्ट बाँसवाड़ा, टोंक व सिरोही में 36 ग्राम पंचायतों तथा लगभग 20 हज़ार किसानों के साथ चलाया गया।

कृषि वर्ष: राजस्थान में कृषि वर्ष 1 जुलाई से 30 जून तक माना जाता है — यानी हर साल के मानसून के आगमन के साथ ही नया कृषि वर्ष शुरू होता है।

4कृषि का वर्गीकरण (Crop Classification)

(i) मौसम एवं ऋतु के आधार पर वर्गीकरण

ऋतुअनाजदलहनतिलहन/मसालानकदी
खरीफ/स्यालू (जून-जुलाई बुआई, सितंबर-अक्टूबर कटाई)बाजरा, ज्वार, चावल, मक्का, रामदानामूंग, मोठ, चवला, अरहर, उड़दतिल, सोयाबीन, मूंगफली, अरंडी, सूर्यमुखीकपास, ग्वार, जूट (सुनहरा रेशा)
रबी/उनालू (अक्टूबर-नवंबर बुआई, मार्च-अप्रैल कटाई)गेहूँ, जौमसूर, चना, मटरसरसों, जीरा, राई, सौंफ, लहसुन, प्याज, अदरक, मिर्च, मेथीतारामीरा, ईसबगोल, अफीम, तंबाकू, अलसी
जायद/चौमासा (मार्च-अप्रैल बुआई, मई-जून कटाई)खरबूजा, तरबूज, सब्जियाँ, ककड़ी, पशुओं का चारा

(ii) उपयोग के आधार पर वर्गीकरण

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5प्रमुख फसलों की भौगोलिक दशाएँ (Geographical Conditions)

फसलवर्षातापमानमिट्टीऋतु
बाजरा25-50 सेमी25°C-35°Cरेतीली, जलोढ़खरीफ
ज्वार50-100 सेमी21°C-27°Cरेतीली, जलोढ़खरीफ
गेहूँ50-100 सेमी15°C-20°Cजलोढ़, दोमटरबी
जौ50-100 सेमी15°C-20°Cजलोढ़रबी
सरसों50-100 सेमी15°C-20°Cजलोढ़, रेतीलीरबी
मक्का50-100 सेमी21°C-27°Cलाल, चिकनी मिट्टीखरीफ
गन्ना125-150 सेमी21°C-27°Cजलोढ़, दोमटखरीफ
चावल150-200 सेमी21°C-28°Cजलोढ़, चिकनीखरीफ
कपास50-100 सेमी20°C-40°Cकाली मिट्टीखरीफ
चना25-50 सेमी15°C-20°Cदोमट, जलोढ़रबी

विस्तृत विवरण — प्रमुख फसलें

💡 1. बाजरा (Bajra/Pearl Millet) — राजस्थान का प्रमुख खाद्यान्न

वर्षा: 25-50 सेमी | तापमान: 25°C-35°C | मिट्टी: जलोढ़, रेतीली | राजस्थान — उत्पादन में देश में प्रथम स्थान (41.34% हिस्सेदारी) | प्रमुख जिले: अलवर (सर्वाधिक), जयपुर, बाड़मेर | उत्तरी-पश्चिमी मरुस्थलीय क्षेत्र व पूर्वी मैदान में मुख्यतः उत्पादन होता है।

💡 2. गेहूँ (Wheat) — 'अन्न भंडार/खाद्य की टोकरी'

वर्षा: 50-100 सेमी | तापमान: 15°C-20°C | मिट्टी: जलोढ़, दोमट | यह शीतोष्ण जलवायु का पौधा है — श्रीगंगानगर को 'अन्न भंडार/खाद्य की टोकरी' कहा जाता है | प्रमुख जिले: श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ (वर्तमान में उत्पादन में प्रथम), अलवर, जयपुर, कोटा।

💡 3. मक्का (Maize)

वर्षा: 50 सेमी | तापमान: 21°C-27°C | मिट्टी: लाल चिकनी, जीवांश दोमट | प्रमुख क्षेत्र: मेवाड़ संभाग — राजसमंद, उदयपुर, भीलवाड़ा, बाँसवाड़ा, चित्तौड़, सलूंबर | पकने की अवधि: लगभग 110 दिन।

💡 4. चावल (Rice/Paddy)

वर्षा: 150-200 सेमी | तापमान: 21°C-28°C | मिट्टी: जलोढ़, चिकनी | प्रमुख जिले: बूंदी (बासमती चावल के लिए प्रसिद्ध), हनुमानगढ़, बाँसवाड़ा, डूंगरपुर, कोटा, बारां | बुआई विधि: पौधरोपण (Transplanting) या सीधे दाने बिखेरना।

💡 5. ज्वार (Sorghum/Jowar) — 'गरीब की रोटी'

वैज्ञानिक नाम: Sorghum | वर्षा: 50 सेमी | तापमान: 21°C-27°C | प्रमुख जिले: अजमेर, नागौर, पाली, चित्तौड़, बूंदी, कोटा, बारां, झालावाड़, टोंक। इसे 'गरीब की रोटी' कहा जाता है क्योंकि यह कम उपजाऊ ज़मीन में भी उग जाती है और आम लोगों का मुख्य भोजन रही है।

6राजस्थान की प्रमुख फसलें — उत्पादन डेटा

जिलेवार उत्पादन (Report 2020-22)

क्रमफसलसर्वाधिक उत्पादन जिलासर्वाधिक बुवाई क्षेत्रफल
1गेहूँश्रीगंगानगरहनुमानगढ़, श्रीगंगानगर
2बाजराअलवरबाड़मेर, जोधपुर
3मक्काचित्तौड़गढ़भीलवाड़ा, उदयपुर
4कपासहनुमानगढ़हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर
5गन्नाश्रीगंगानगरश्रीगंगानगर, चित्तौड़गढ़
6जौजयपुरजयपुर, श्रीगंगानगर
7चावलबूंदीबूंदी, हनुमानगढ़
8सरसोंश्रीगंगानगरश्रीगंगानगर, भरतपुर
9चनाहनुमानगढ़हनुमानगढ़, चूरू
10मूंगफलीबीकानेरबीकानेर, जोधपुर

HYV — उन्नत किस्में (High Yielding Varieties)

फसलउन्नत किस्में (HYV)
बाजराRAJ-171, RCB-2, RCB-311, RHB-30, पूसा कम्पोजिट-383
कपासबीकानेरी नरमा, गंगानगर अगेती, नरमा, US-51, US-71, US-81, वीरनार, वरलक्ष्मी, संकर-4, किरण, प्रभात
गेहूँMG-नबी (मैक्सिकन गेहूँ), कल्याण सोना (1482), सोनालिका, मालविका, कोहिनूर, दुर्गापुरा-65, चंबल-65, लाल बहादुर, मंगला
गन्नाCO-419, CO-449, CO-1007, CO-1111
चावलबासमती, माही-सुगंधा, परमल, चंबल, पद्मा, जया, कावेरी, रतना
मक्कामाही कंचन, माही धवल, HM-4, HM-8, HM-3, नवजोत, विजय, मोती कम्पोजिट
सरसोंपूसा बोल्ड, राजविजय सरसों, पूसा सरसों-25, पूसा सरसों-1, वरुणा, पूसा कल्याणी, वरदान
जौकरण, कैलाश, केदार, ज्योति, RD-57, 2035, राजकिरण
मूंगफलीचंद्रा, RG-141, RSB-87, RS-1, कुफरी
चनापूसा 2085 (काबूली), दोहद येलो, डागर

7दलहन एवं तिलहन (Pulses & Oilseeds)

प्रमुख दलहन फसलें (Pulses)

💡 1. चना (Gram/Chickpea)

राजस्थान — तृतीय स्थान (17.39% हिस्सेदारी) | प्रमुख: हनुमानगढ़ एवं चूरू (सर्वाधिक), बीकानेर, जैसलमेर, गंगानगर, अलवर, कोटा | किस्में: पूसा 2085 (काबूली), दोहद येलो, डागर

💡 2. उड़द (Black Gram)

भूमि की उर्वरता (उपजाऊपन) बढ़ाने में विशेष रूप से उपयोगी — दलहन फसलें मिट्टी में नाइट्रोजन का स्तर बढ़ा देती हैं, ठीक वैसे ही जैसे कोई प्राकृतिक खाद काम करती है।

प्रमुख तिलहन फसलें (Oilseeds)

💡 1. सरसों एवं राई (Mustard) — राजस्थान का ताज

राजस्थान — देश में प्रथम स्थान (43.43% हिस्सेदारी) | प्रमुख: श्रीगंगानगर, भरतपुर, अलवर, खैरथल-तिजारा, डीग, सवाई माधोपुर, टोंक, जयपुर | किस्में: पूसा बोल्ड, वरुणा, दुर्गामणि, वरदान

💡 2. मूंगफली (Groundnut)

गुजरात के बाद राजस्थान — द्वितीय स्थान (19.91% हिस्सेदारी) | लूणकरणसर (बीकानेर) को 'राजस्थान का राजकोट' कहा जाता है (क्योंकि गुजरात के राजकोट की तरह यहाँ भी मूंगफली की खेती बहुत होती है) | किस्में: चंद्रा, RG-141, RSB-87, RS-1, कुफरी | दालों की तरह ही यह मिट्टी में नाइट्रोजन का स्तर बढ़ाती है।

💡 3. सोयाबीन

तृतीय स्थान (8.96% हिस्सेदारी) | प्रमुख क्षेत्र: हाड़ौती — झालावाड़, बारां, प्रतापगढ़, कोटा, बूंदी

💡 4. अलसी (Linseed/तीसी) एवं अरंडी (Castor)

अलसी: हाड़ौती प्रदेश में — बारां, कोटा, बूंदी, झालावाड़ में उगाई जाती है। अरंडी: इसके बीजों में सबसे अधिक तेल होता है — इसका उपयोग जलाने, साबुन एवं दवाइयाँ बनाने में होता है।

8नकदी/वाणिज्यिक फसलें (Commercial Crops)

💡 1. कपास (Cotton) — 'सफेद सोना/White Gold', 'बणीयां'

वर्षा: 50-100 सेमी | तापमान: 20°C-40°C (सर्वोत्तम: 20°C-30°C) | मिट्टी: काली मिट्टी (आर्द्रताग्राही — यानी नमी सोखने वाली) | कपास को 90 दिन तक पाला (Frost) रहित मौसम चाहिए | राजस्थान में: हनुमानगढ़ (कुल उत्पादन का 30%), श्रीगंगानगर, जोधपुर, फलौदी।

राजस्थान में कपास के 3 प्रकार (Memory Trick: 'DAM' — Desi-American-Malvi)

💡 2. गन्ना (Sugarcane)

वर्षा: 100-200 सेमी | तापमान: 15°C-25°C | मिट्टी: कच्छारी, दोमट, लावा मिट्टी | अग्रणी जिले: श्रीगंगानगर, चित्तौड़गढ़, बूंदी

💡 3. तंबाकू एवं अफीम

तंबाकू: मुख्यतः अलवर जिले में उगाई जाती है। अफीम (Opium): यह एक मादक पदार्थ है, जो पौधे के फल से निकलने वाले दूध (लेटेक्स) से बनता है — सर्वाधिक चित्तौड़गढ़, कोटा, झालावाड़ में उगाई जाती है, और सरकार से लाइसेंस लेकर ही इसकी खेती की जा सकती है।

9उद्यानिकी (Horticulture — फल, मसाले, औषधीय)

उद्यानिकी का मतलब है फल, सब्जी, फूल एवं मसालों की खेती। Economic Survey 2025-26 के अनुसार वर्ष 2024-25 में राजस्थान में फल की खेती 92,993 हेक्टेयर (13,84,606 मीट्रिक टन उत्पादन), सब्जियों की खेती 2,04,755 हेक्टेयर (28,60,484 मीट्रिक टन) एवं मसालों की खेती 13,64,822 हेक्टेयर (14,69,559 मीट्रिक टन) क्षेत्र में हुई।

प्रमुख फल (Major Fruits)

प्रमुख मसाले (Spices)

विशेष पादप (Special Plants)

महत्वपूर्ण किस्में (Important Varieties)

(रिक्त मानचित्र में स्वयं अभ्यास करें) मानचित्र — राजस्थान में प्रमुख उद्यानिकी क्षेत्र (फल, मसाले, विशेष पादप) का वितरण

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10कृषि विकास — केंद्र, विश्वविद्यालय, नीतियाँ

कृषि अनुसंधान केंद्र (Agricultural Research Centers)

संस्था/Research Centerस्थानसंचालक
बेर अनुसंधान केंद्रबीछवाल (बीकानेर)राज्य सरकार
खजूर अनुसंधान केंद्रबीघवाल (बीकानेर)राज्य सरकार
बाजरा अनुसंधान केंद्रजोधपुर एवं बाड़मेरराज्य सरकार
ईसबगोल अनुसंधान केंद्रजोधपुरराज्य सरकार
मक्का अनुसंधान केंद्रबाँसवाड़ाराज्य सरकार
चावल अनुसंधान केंद्रबाँसवाड़ाराज्य सरकार
ज्वार अनुसंधान केंद्रवल्लभनगर (उदयपुर)राज्य सरकार
शुष्क बागवानी केंद्रबीघवाल (बीकानेर) — 1993ICAR
रेपसीड-सरसों अनुसंधान केंद्रसेवर (भरतपुर) — 1993ICAR
बीजीय अनुसंधान केंद्रतबीजी, अजमेर — 2000ICAR
CAZRIजोधपुर — 1959ICAR (केंद्र सरकार)
RARIदुर्गापुरा (जयपुर) — 1943राज्य सरकार

कृषि उत्कृष्टता केंद्र (Centers of Excellence)

उत्कृष्टता केंद्र (फसल)जिला/स्थान
खजूर (Date Palm)सगरा भोजका, जैसलमेर
बाजराजोधपुर
अंजीरसिरोही (प्रस्तावित)
नींबू वर्गीय/मसाला व औषधिझालावाड़
नींबू वर्गीय पादपकोटा (नांता)
सब्जीबूंदी
सीताफल (Custard Apple)चित्तौड़गढ़
अमरूददेवडावास (टोंक), सवाई माधोपुर
एपीकल्चर (मधुमक्खी)टोंक (प्रस्तावित)
फूल/पुष्पसवाई माधोपुर
अनारबस्सी (जयपुर)
ड्रैगन फ्रूटबस्सी (जयपुर)
ऑलिव/जैतूनबस्सी (जयपुर)
आँवला, आम, जैतूनखैमरी (धौलपुर)
लहसुनबारां

कृषि विश्वविद्यालय (Agricultural Universities)

क्रमविश्वविद्यालय का नामस्थानस्थापना
1stस्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालयबीछवाल (बीकानेर)1987
2ndमहाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालयउदयपुर1999
3rdजोधपुर कृषि विश्वविद्यालयमंडोर (जोधपुर)2013
4thश्री कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालयजोबनेर (जयपुर)2013
5thकृषि विश्वविद्यालयबोरखेड़ा (कोटा)2013

कृषि नीतियाँ (Agricultural Policies)

कृषक कल्याण कोष (K-3 Fund): स्थापना: 2003 | कुल कोष: ₹1500 करोड़ | उद्देश्य: किसानों को उनकी उपज की उचित कीमत उपलब्ध कराना। 16 दिसंबर 2019 को इस कोष को नए रूप में पुनर्गठित किया गया।

11योजनाएँ, मिशन एवं डिजिटल कृषि (Schemes & Missions)

राज्य स्तरीय प्रमुख योजनाएँ

योजनाविवरण
मुख्यमंत्री बीज स्वावलंबन योजनासभी 10 जलवायु खंडों में लागू; 2025-26 में 1.12 लाख क्विंटल बीज + 31.50 लाख मिनीकिट वितरित
मृदा स्वास्थ्य कार्ड4.15 लाख कार्ड जारी किए गए
गोवर्धन जैविक उर्वरक योजनावर्मी-कम्पोस्ट हेतु ₹10,000 प्रति किसान प्रति ब्लॉक
मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधिवार्षिक ₹3,000 सहायता
लघु/सीमांत वृद्ध किसान सम्मान पेंशन₹1,250 प्रति माह
राजस्थान कृषक समर्थन योजनाMSP पर ₹150 प्रति क्विंटल अतिरिक्त बोनस
मुख्यमंत्री कृषक साथी/राजीव गांधी कृषक साथी सहायता योजनादुर्घटना सहायता; कुल बजट ₹5000 करोड़

राष्ट्रीय मिशन

मिशनविवरण
PMKSY (प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना)1 जुलाई 2015 से (केंद्र:राज्य = 60:40) — AIBP + IWMP + OFWM शामिल
RKVY (राष्ट्रीय कृषि विकास योजना)2007-08 से (60:40)
NMSA (राष्ट्रीय टिकाऊ खेती मिशन)2014-15 (60:40) — 3 उप-मिशन: RAD, SMAF, मृदा स्वास्थ्य
NFSNM (राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन)2007 से — गेहूँ में 18 जिले, दालों में 41, मक्का में 9, ज्वार में 11, बाजरा में 28 जिले शामिल
NHM (राष्ट्रीय बागवानी मिशन)24 जिलों में लागू
राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन (NMNF)2025-26 से — लगभग 2.5 लाख किसान शामिल
PM धन-धान्य कृषि योजना (PMDDKY)8 जिलों में — बाड़मेर, जैसलमेर, पाली, नागौर, जोधपुर, बीकानेर, चूरू, जालोर

डिजिटल एग्रीकल्चर

कृषि ऋण एवं बीमा

विपणन एवं भंडारण (Marketing & Storage)

Rising Rajasthan Summit 2024: इस समिट में कृषि क्षेत्र से जुड़े ₹43,794.84 करोड़ के कुल 2524 MoU (समझौता ज्ञापन) हस्ताक्षरित हुए — यह दिखाता है कि निवेशक अब राजस्थान की कृषि में भी बड़ा निवेश करने के इच्छुक हैं।

पशुधन एवं डेयरी (Livestock & Dairy)

12भूमि उपयोग, जोत एवं अधिनियम (Land Use, Holdings & Acts)

भूमि उपयोग सांख्यिकी (2024-25)

कृषि जोत (Operational Holdings 2015-16)

प्रमुख कृषि अधिनियम (Acts)

महत्वपूर्ण शब्दावली

(रिक्त मानचित्र में स्वयं अभ्यास करें) मानचित्र — राजस्थान में भूमि उपयोग पैटर्न (शुद्ध बोया क्षेत्र, वानिकी, पड़त भूमि) का जिलेवार वितरण

13नवीनतम अपडेट 2025-26 (Latest Updates — इंटरनेट रिसर्च आधारित)

इस अध्याय को पूरी तरह अद्यतन रखने के लिए जुलाई 2026 तक की स्थिति के अनुसार नवीनतम कृषि संबंधी बजट घोषणाओं व आँकड़ों को यहाँ शामिल किया गया है।

💡 राजस्थान बजट 2026-27 — किसानों के लिए बड़ी घोषणाएँ

राजस्थान बजट 2026-27 में किसानों के लिए कई बड़ी घोषणाएँ की गई हैं — सस्ती बिजली, 50,000 सोलर पंप, सूक्ष्म सिंचाई (Micro-Irrigation) का विस्तार, तथा तारबंदी (खेत की चारदीवारी) के लिए अनुदान। उपनिवेशन क्षेत्रों में रहने वाले किसान, जिन पर ऋण की बकाया राशि एवं संचित ब्याज है, उन्हें 100% ब्याज माफी दी जाएगी — इसका लाभ उठाने के लिए किसानों को 1 अप्रैल 2026 से 30 सितंबर 2026 के बीच अपनी बकाया मूल राशि जमा करनी होगी। इसके अलावा, राजस्थान सहकारी डेयरी अवसंरचना विकास कोष को ₹1,000 करोड़ से बढ़ाकर ₹2,000 करोड़ कर दिया गया है — यानी डेयरी क्षेत्र में निवेश दोगुना हो गया है।

💡 बाजरा उत्पादन में राजस्थान की मज़बूत स्थिति बरकरार

नवीनतम आँकड़ों के अनुसार राजस्थान बाजरा उत्पादन में देश में शीर्ष स्थान पर बना हुआ है, राज्य में लगभग 42.81 लाख टन बाजरा उत्पादन होता है, जो देश के कुल बाजरा उत्पादन का लगभग 31.3% हिस्सा है (यह अध्याय में पहले बताए गए Economic Survey 2025-26 के 41.34% वाले आँकड़े से थोड़ा अलग है क्योंकि अलग-अलग वर्षों/स्रोतों के आँकड़े हैं, लेकिन दोनों ही यह पुष्टि करते हैं कि राजस्थान बाजरा उत्पादन में देश में सबसे आगे है)। इसी तरह सरसों उत्पादन में भी राजस्थान लगातार प्रथम स्थान पर बना हुआ है — राज्य के प्रमुख मसाला उत्पादों (जीरा, सरसों, लहसुन, धनिया, मेथी) में भी राजस्थान की मज़बूत पकड़ बनी हुई है।

(रिक्त मानचित्र में स्वयं अभ्यास करें) मानचित्र — राजस्थान बजट 2026-27 अंतर्गत नई सिंचाई/सोलर पंप योजनाओं से लाभान्वित जिलों का वितरण

14त्वरित पुनरावृत्ति एवं सारांश (Quick Revision)

14.1 Super Important Quick Facts

प्रश्न/तथ्यउत्तर
राजस्थान का सबसे बड़ा कृषि जलवायु प्रदेश कौनसा है?IC (अति शुष्क आंशिक सिंचित)
राजस्थान में बाजरे का सर्वाधिक उत्पादन किस जिले में होता है?अलवर
राजस्थान में सरसों उत्पादन में भारत में स्थान?प्रथम (43.43%)
राजस्थान में 'मानसून का जुआ' किसे कहते हैं?कृषि को
'खड़ीन कृषि' किसके द्वारा शुरू की गई?पालीवाल ब्राह्मणों द्वारा (जैसलमेर)
राजस्थान की प्रमुख खाद्यान्न फसल कौनसी है?बाजरा
राजस्थान का 'छोटा नागपुर' किसे कहते हैं?झालावाड़ (संतरे के लिए)
'सफेद सोना' किस फसल को कहते हैं?कपास को
राजस्थान में 'डेजर्ट गोल्ड/पीला सोना' किसे कहते हैं?जोजोबा/होहोबा
राजस्थान की प्रमुख तिलहन फसल कौनसी है?सरसों
राजस्थान में ग्वार उत्पादन में भारत में स्थान?प्रथम (88.80%)
स्थानांतरित कृषि को राजस्थान में क्या कहते हैं?पहाड़ी क्षेत्र: चिमाता, मैदानी क्षेत्र: दाजिया/झूमटी
राजस्थान का 'राजकोट' किसे कहते हैं?लूणकरणसर (मूंगफली के लिए)
देश की पहली जैतून तेल रिफाइनरी कहाँ है?लूणकरणसर, बीकानेर (2014)
CAZRI संस्था कहाँ स्थित है?जोधपुर (1959)

14.2 Memory Tricks — याद रखने के तरीके

🔑 इस अध्याय के महत्वपूर्ण तथ्य
1. राजस्थान की कृषि मुख्यतः मानसून पर निर्भर है ('मानसून का जुआ'), फिर भी राज्य बाजरा, सरसों एवं ग्वार — तीनों में देश में प्रथम स्थान रखता है, जिसमें ग्वार में तो 88.80% जितनी विशाल राष्ट्रीय हिस्सेदारी है 2. राजस्थान में 10 कृषि जलवायु प्रदेश (IA से V तक) हैं, जिनमें IC (जैसलमेर-बीकानेर-चूरू) सबसे बड़ा एवं IVB (बाँसवाड़ा-डूंगरपुर-प्रतापगढ़-सलूंबर) सबसे छोटा जोन है 3. फसलों को ऋतु आधार पर खरीफ (जून-जुलाई बुआई), रबी (अक्टूबर-नवंबर बुआई) एवं जायद (मार्च-अप्रैल बुआई) — तीन भागों में बाँटा गया है, और उपयोग के आधार पर खाद्यान्न, दलहन, तिलहन, रेशेदार, नकदी व पेय फसलों में बाँटा गया है 4. बाजरा राजस्थान की प्रमुख खाद्यान्न फसल है, सरसों प्रमुख तिलहन फसल है, और चना प्रमुख दलहन फसल है — जबकि कपास (सफेद सोना) राज्य की प्रमुख नकदी फसल है 5. खड़ीन कृषि (जैसलमेर, पालीवाल ब्राह्मणों द्वारा) एवं स्थानांतरित कृषि (डूंगरपुर-बाँसवाड़ा, 'चिमाता/दाजिया') राजस्थान की दो अनूठी परंपरागत खेती-पद्धतियाँ हैं 6. 2025-26 के नवीनतम आँकड़े दिखाते हैं कि राजस्थान बजट 2026-27 में किसानों के लिए सोलर पंप, सूक्ष्म सिंचाई, ऋण माफी एवं डेयरी अवसंरचना कोष (₹1000 करोड़ से बढ़ाकर ₹2000 करोड़) जैसी बड़ी घोषणाएँ हुई हैं, जो 'विज़न राजस्थान @2047' के तहत राज्य को 'Agricultural Powerhouse' बनाने के लक्ष्य को आगे बढ़ाती हैं

📝 पिछले वर्षों के प्रश्न (All Exams) 📝

Q1. राजस्थान का सबसे बड़ा कृषि जलवायु प्रदेश कौनसा है? — RAS Pre. 2021 Q2. राजस्थान में बाजरे का सर्वाधिक उत्पादन किस जिले में होता है? — RAS Pre. 2018 Q3. राजस्थान में सरसों उत्पादन में भारत में स्थान बताइए। — RPSC 2019 Q4. राजस्थान में 'मानसून का जुआ' किसे कहते हैं? — SSC CGL Q5. 'खड़ीन कृषि' किसके द्वारा शुरू की गई? — RAS Pre. 2016 Q6. राजस्थान की प्रमुख खाद्यान्न फसल कौनसी है? — RAS Pre. 2020 Q7. राजस्थान का 'छोटा नागपुर' किसे कहते हैं? — RAS Pre. 2015 Q8. 'सफेद सोना' किस फसल को कहते हैं? — SSC 2021 Q9. राजस्थान में 'डेजर्ट गोल्ड/पीला सोना' किसे कहते हैं? — RAS Pre. 2022 Q10. राजस्थान की प्रमुख तिलहन फसल कौनसी है? — RPSC 2020 Q11. राजस्थान में ग्वार उत्पादन में भारत में स्थान बताइए। — RAS Pre. 2019 Q12. स्थानांतरित कृषि को राजस्थान में क्या कहते हैं? — RAS Mains Q13. राजस्थान का 'राजकोट' किसे कहते हैं? — RPSC 2018 Q14. देश की पहली जैतून तेल रिफाइनरी कहाँ है? — RAS Pre. 2023 Q15. CAZRI संस्था कहाँ स्थित है? — SSC/RAS

📌 अध्याय सारांश (Chapter Summary)

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