📊 अध्याय 11/14 — राजस्थान अर्थव्यवस्था

शहरी विकास एवं नगरीय प्रशासन

Urban Development & Administration | स्मार्ट सिटी मिशन, अमृत योजना, स्वच्छ भारत मिशन (नगरीय), इंदिरा रसोई (रसोइया)
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📋 इस अध्याय में क्या-क्या पढ़ेंगे
  1. विज़न व शहरीकरण की प्रवृत्ति — जनसांख्यिकीय प्रबंधन
  2. साक्षरता, लिंगानुपात, प्रवास व मलिन बस्तियाँ (Slums)
  3. शहरी विकास संस्थाएँ — विकास प्राधिकरण, न्यास,
  4. जयपुर मेट्रो
  5. TOD नीति, RERA व टाउनशिप नीति
  6. राजस्थान आवासन मंडल व टाउन प्लानिंग
  7. प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 व 2.0
  8. सामाजिक-रोजगार योजनाएँ (PM स्वनिधि, दीनदयाल जन
  9. आजीविका आदि)
  10. स्मार्ट सिटीज मिशन, AMRUT 2.0, स्वच्छ भारत मिशन
  11. (शहरी), RUIDP
🌟 शुरुआत एक कहानी से

जयपुर की सड़क पर ठेला लगाने वाला एक फेरीवाला — जिसे कभी बैंक कर्ज नहीं मिलता था — आज "PM स्वनिधि 2.0" के तहत ₹50,000 तक का ऋण, डिजिटल भुगतान पर ₹1,200 तक कैशबैक व 9 केंद्रीय कल्याण योजनाओं से जुड़ाव पाता है। वहीं मानसरोवर से बड़ी चौपड़ तक फैली "जयपुर मेट्रो" उसी शहर को जोड़ती है — यही है राजस्थान के शहरी विकास का बदलता चेहरा।

विज़न 2047 के अनुसार राजस्थान 2047 तक किफायती आवास, स्मार्ट टाउनशिप व परिवर्तित अनौपचारिक बस्तियों से युक्त जीवंत-समावेशी-सतत शहरी केंद्रों का निर्माण करेगा तथा 5R दृष्टिकोण (Reduce-Reuse-Recycle-Recover-Remove) से शहरी स्वच्छता में अग्रणी रहेगा।

📘 विज़न 2047

परिभाषा: वर्ष 2047 तक राजस्थान में किफायती आवास, स्मार्ट टाउनशिप और आवश्यक सुविधाओं से युक्त परिवर्तित अनौपचारिक बस्तियों द्वारा जीवंत, समावेशी व सतत शहरी केंद्रों का निर्माण होगा। राज्य 5R दृष्टिकोण — Reduce (कम करें), Reuse (पुनः उपयोग करें), Recycle (रीसाइकिल करें), Recover (पुनर्प्राप्त करें), Remove (निकालें) — के माध्यम से उन्नत तकनीकों का लाभ उठाकर शहरी स्वच्छता में अग्रणी भूमिका निभाएगा। नवीकरणीय ऊर्जा, अनुकूल अवसंरचना व हरित सार्वजनिक स्थलों पर केंद्रित योजनाओं से शहरी विकास व पारिस्थितिक संरक्षण में संतुलन स्थापित किया जाएगा।

1विज़न स्टेटमेंट — विकसित राजस्थान 2047

क्षेत्र196120112021 (अनुमानित)2031 (अनुमानित)
भारत17.97%31.14%34.43%37.55%
राजस्थान16.28%24.87%26.33%27.74%
कुल जनसंख्या 2011
685 लाख
पुरुष 355 + महिला 330 लाख
शहरी जनसंख्या 2011
170 लाख
पुरुष 89 + महिला 81 लाख
अनुमानित कुल जनसंख्या
2031
872 लाख पुरुष 444 + महिला 428 लाख
अनुमानित शहरी जनसंख्या
2031
242 लाख पुरुष 126 + महिला 116 लाख
वर्षशहरी क्षेत्रग्रामीण क्षेत्र
2001890930
2011914933
सर्वाधिक शहरी साक्षरतादरन्यूनतम शहरी साक्षरतादर
1. उदयपुर87.5%1. नागौर70.6%
2. बांसवाड़ा85.2%2. जालौर71.1%
3. प्रतापगढ़84.8%3. चुरू72.6%
वैश्विक संदर्भ (UN वैश्विक सतत विकास रिपोर्ट 2023)

विश्व की आधी से अधिक आबादी वर्तमान में शहरों में निवास कर रही है — यह हिस्सेदारी वर्ष 2050 तक 66.66% होने का अनुमान है। शहर व महानगरीय क्षेत्र वैश्विक GDP में लगभग 80% योगदान देते हैं — व्यापार, शासन व परिवहन के केंद्र के रूप में।

2शहरीकरण की प्रवृत्ति एवं जनसांख्यिकीय प्रबंधन

मलिन बस्ती जनसंख्या (2011)
20.68 लाख
शहरी जनसंख्या का 12.13%
सर्वाधिक स्लम आबादी
जयपुर नगर निगम
3.23 लाख (15.64% राज्य स्लम आबादी)
सर्वाधिक स्लम % (नगर)
पीलीबंगा
74.53% — इसके बाद जहाजपुर (63.79%)
विवरण (जनगणना 2011)मान
स्लम परिवार3,94,391
स्लम जनसंख्या20,68,000 (पुरुष 10,78,991 + महिला 9,89,009)
बाल जनसंख्या (0-6 वर्ष)3,07,035
SC/ST जनसंख्याSC — 5,82,562; ST — 1,00,675
साक्षरता दर / लिंगानुपात / बाल लिंगानुपात69.79% / 917 / 897
प्रवास (ग्रामीण-शहरी)

राष्ट्रीय स्तर पर 794 लाख लोग ग्रामीण से शहरी क्षेत्रों में प्रवासित हुए, जिसमें राजस्थान से 32 लाख (कुल का 4%) प्रवासी शामिल। पुरुष मुख्यतः रोजगार हेतु प्रवास करते हैं — राजस्थान में 49.16% (राष्ट्रीय 45.06%); महिलाएँ मुख्यतः वैवाहिक कारणों से — राजस्थान में 59.11% (राष्ट्रीय 51.80%)।

शहर, शहरीकरण भिन्नता व प्रवास

3शहरी विकास संस्थाएँ एवं अवसंरचना विस्तार

शहरी जनसंख्या की बुनियादी आवश्यकताएँ व्यवस्थित रूप से पूर्ण करने हेतु राज्य सरकार ने विकास प्राधिकरण, शहरी न्यास, राजस्थान आवासन मंडल, नगर नियोजन कार्यालय व जयपुर मेट्रो रेल कॉरपोरेशन का गठन किया है।

विकास प्राधिकरणकुल प्राप्तियाँ (₹ करोड़)कुल व्यय (₹ करोड़)
जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA)2,371.871,248.32
जोधपुर विकास प्राधिकरण521.78183.21
अजमेर विकास प्राधिकरण363.02158.81
कोटा विकास प्राधिकरण1,059.49498.18
उदयपुर विकास प्राधिकरण473.89212.02
बीकानेर विकास प्राधिकरण369.0181.24
भरतपुर विकास प्राधिकरण82.4868.72
चरणविवरणलागत/वित्तपोषण
1A (मानसरोवर–चांदपोल)3 जून 2015 से संचालित₹2,023 करोड़ — पूर्णतः राज्य सरकार वित्तपोषित
1B (चांदपोल–बड़ी चौपड़)23 सितंबर 2020 से संचालित; लंबाई 2.01 किमी₹1,126 करोड़ (ADB ऋण ₹810 करोड़ + शेष राज्य सरकार)
1C (बड़ी चौपड़–ट्रांसपोर्ट नगर)DPR दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) द्वारा तैयार₹1,511.07 करोड़ — RMRC द्वारा क्रियान्वित (मेट्रो नीति 2017 का 50:50 JV मॉडल)
1D (मानसरोवर–200 फीट बायपास, अजमेर रोड)DPR DMRC द्वारा तैयार, कार्य प्रगति पर₹222.15 करोड़ — RMRC द्वारा क्रियान्वित
2 (प्रहलादपुरा–टोड़ी मोड़)M/s राइट्स लिमिटेड यातायात सलाहकार; DPR प्रस्तुत₹13,532.92 करोड़ — RMRC द्वारा क्रियान्वित
ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) नीति 2025

अधिसूचित — 10 दिसंबर 2025, शहरी विकास एवं आवास विभाग द्वारा; उद्देश्य — भूमि-उपयोग व सार्वजनिक परिवहन नियोजन के एकीकरण से सतत-सघन शहरी विकास, यातायात भीड़भाड़-प्रदूषण-शहरी फैलाव कम करना। TOD क्षेत्र — मेट्रो जैसे जन परिवहन स्टेशनों/कॉरिडोरों के चारों ओर 500-800 मीटर परिधि में चिन्हित-अधिसूचित; पैदल आवागमन, पैदल सुरक्षा, गैर-मोटर चालित परिवहन व अंतिम-छोर संपर्क पर बल। TOD क्षेत्रों में अवसंरचना क्षमता के अधीन उच्च अनुमेय निर्मित क्षेत्र अनुपात (BAR); वित्तपोषण — अवसंरचना संवर्धन शुल्क व वैल्यू कैप्चर फाइनेंस के माध्यम से।

विकास प्राधिकरण वित्तीय स्थिति (2025-26, दिसं. तक)

गतिविधि (2025-26)लक्ष्यउपलब्धि (दिसं. तक)
नए मकान आरंभ4,2691,557
मकान पूर्ण3,467269
मकान आवंटित3,699377
मकान हस्तांतरित5,5272,212
व्यय (₹ करोड़)961.63300
प्राप्तियाँ (₹ करोड़)652.94847.70
राजस्थान टाउनशिप नीति 2024

अधिसूचित — 17 जुलाई 2025, नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा; उद्देश्य — संतुलित शहरी विस्तार, बेहतर जीवन गुणवत्ता व सतत आर्थिक विकास; बड़े स्तर की आत्मनिर्भर टाउनशिप (आवास+अवसंरचना+सामाजिक सुविधा) को बढ़ावा। परिधीय व नए विकास क्षेत्रों में सुव्यवस्थित विकास से मौजूदा शहरी क्षेत्रों पर दबाव कम; सरल नियोजन नियम व भू-उपयोग लचीलापन से निजी निवेश आकर्षित। सभी आवासीय योजनाओं में एकरूपता हेतु 7% पार्क-खेल मैदान + 8% सुविधा क्षेत्र अनिवार्य; औद्योगिक योजनाओं में श्रमिक आवास हेतु न्यूनतम 5% क्षेत्रफल भूखंड आरक्षित; EWS/अल्प आय वर्ग हेतु आरक्षित भूखंडों का आवंटन स्थानीय निकाय द्वारा।

📘 राजस्थान आवासन मंडल

परिभाषा: स्थापना — 24 फरवरी 1970, एक स्वायत्त शासी निकाय के रूप में; उद्देश्य — राज्य में आवास संबंधी आवश्यकताओं का समाधान करना व उनकी पूतं हेतु प्रभावी उपाय सुझाना।

💡 आसान भाषा में: यह सरकारी संस्था है जो शहरों में फ्लैट-मकान बनाकर विभिन्न आय-वर्ग (EWS/LIG/MIG/HIG) के लोगों को किफायती दर पर उपलब्ध कराती है।

🏠 उदाहरण: जयपुर के प्रताप नगर में "ग्रीनवुड होराइजन" के 336 फ्लैट व मानसरोवर आवासीय योजना में 160 फ्लैट निर्माणाधीन — मुख्यमंत्री जन आवास योजना के अंतर्गत।

रियल एस्टेट रेग्यूलेटरी अथॉरिटी (RERA)

4राजस्थान आवासन मंडल (Rajasthan Housing Board)

योजनापात्रता/उद्देश्यउपलब्धि (दिसंबर 2025 तक)
PMAY-शहरी 1.0बेघर व आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (वार्षिक आय ₹3 लाख तक) एवं निम्न आय वर्ग (₹3-6 लाख) हेतु किफायती आवास; घटक — AHP (किफायती आवास भागीदारी), BLC (लाभार्थ-नेतृत्व निर्माण), CLSS (क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी)कुल 2,77,908 मकान स्वीकृत (AHP 27,396 + BLC 1,02,150 + CLSS 1,48,362); 2,38,942 मकान पूर्ण; 32,726 निर्माणाधीन
PMAY-शहरी 2.0EWS (₹3 लाख तक) व LIG (₹3-6 लाख) परिवारों को वर्ष 2029 तक स्थायी आवास; घटक — BLC व ब्याज सब्सिडी योजना (ISS)BLC अंतर्गत 48,619 मकान स्वीकृत + ISS अंतर्गत 6,619 मकान; कुल 55,238 मकान भारत सरकार द्वारा राज्य हेतु स्वीकृत
योजनाप्रारंभ/विवरणप्रमुख बिंदु
दीनदयाल जन आजीविका योजना (शहरी)जून 2025 से जयपुर नगर निगम में पायलटभवन निर्माण, परिवहन, कूड़ा बीनने, घरेलू कामगार जैसे असुरक्षित व्यावसायिक समूह (VOG) लाभान्वित; घटक — सामुदायिक-नेतृत्व संस्थागत विकास (CLID), वित्तीय समावेशन व उद्यम विकास (FIED), सामाजिक अवसंरचना, अभिसरण; भारत सरकार से ₹3 करोड़ प्राप्त
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) सेल

भरतपुर जिले के रूपवास नगर हेतु ड्राफ्ट मास्टर प्लान-2041 तैयार; खैरथल-तिजारा जिले के खैरथल नगर हेतु ड्राफ्ट मास्टर प्लान-2041 अधिसूचित, संशोधित मास्टर प्लान-2047 का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा गया। NCRPB, नई दिल्ली के समन्वय से कोटा विकास प्राधिकरण हेतु ₹1,061 करोड़ व भरतपुर विकास प्राधिकरण हेतु ₹470 करोड़ की ऋण सहायता स्वीकृत।

5टाउन प्लानिंग, मास्टर प्लान व NCR

6प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी)

7सामाजिक-रोजगार योजनाएँ (प्रभावी शहरी शासन)

योजनाप्रारंभ/विवरणप्रमुख बिंदु
PM स्वनिधि 2.09 सितंबर 2025 पुनर्गठित; वैधता मार्च 2030 तकउद्देश्य — फेरीवालों का सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण व 9 केंद्रीय कल्याण योजनाओं से जुड़ाव; 3 ऋण स्लैब — ₹15,000/₹25,000/₹50,000 पर 7% वार्षिक ब्याज सब्सिडी; डिजिटल भुगतान पर ₹1,200 तक कैशबैक (₹2,000 से अधिक लेनदेन पर अतिरिक्त ₹400); दिसंबर 2025 तक ₹363.25 करोड़ की 2,67,883 ऋण राशि वितरित
राजीव आवास योजना (RAY)—मलिन बस्तियों के बेघर परिवारों को पक्का मकान + पेयजल-सड़क जैसी बुनियादी अवसंरचना; 16 शहरों में 19 परियोजनाएँ (₹903.15 करोड़); कुल स्वीकृत 8,716 डवेलिंग यूनिट में से 7,065 पूर्ण (दिसंबर 2025 तक)
RUDF-II (शहरी विकास कोष)25 अगस्त 2021 स्थापितHUDCO/वित्तीय संस्थाओं से ऋण व राज्य सरकार अनुदान हेतु कोष; सभी ULB/विकास प्राधिकरण/न्यास/आवासन मंडल से अंशदान अनिवार्य; 7 शहरों (बांसवाड़ा, फतेहपुर शेखावाटी, गंगानगर, नाथद्वारा, बालोतरा, डीडवाना, मकराना) में सीवर लाइन हेतु ₹472.44 करोड़ स्वीकृत
मुख्यमंत्री शहरी रोजगार गारंटी योजना—18-60 वर्ष सदस्यों को 125 दिन अकुशल श्रम रोजगार; जनाधार ID से निःशुल्क पंजीकरण व जॉब कार्ड; दिसंबर 2025 तक 7.05 लाख परिवार पंजीकृत, 1.79 लाख को 7,010 कार्य आवंटित; व्यय ₹125.72 करोड़, 111.24 लाख मानव-दिवस सृजित; 90%+ लाभार्थ महिलाएँ
कुल आवंटन
₹3,910 करोड़
4 शहरों हेतु
व्यय (दिसं. 2025 तक)
₹3,862.23 करोड़
~99% उपयोग
प्रमुख परियोजनाएँ
जल आपूर्ति, स्मार्ट सड़कें
पार्क, ओपन-एयर जिम, पार्किंग
घटकविवरण
सीवरेज परियोजनाएँ31 ULB में 43 परियोजनाएँ ₹5,673.71 करोड़ स्वीकृत; दिसंबर 2025 तक ₹2,250.12 करोड़ कार्य निष्पादित — लगभग 24.35 लाख लोग लाभान्वित (4.87 लाख घरों को सीवर कनेक्शन)
जल निकाय पुनरुद्धार व पार्क131 परियोजनाएँ ₹494.13 करोड़ स्वीकृत; 23 कार्य पूर्ण; ₹141.35 करोड़ व्यय (दिसंबर 2025 तक)
जल आपूर्ति कार्य178 ULB में ₹5,099.47 करोड़ स्वीकृत; कार्यान्वयन एजेंसी — जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED); भौतिक प्रगति 43%, व्यय ₹2,436.57 करोड़ (दिसंबर 2025 तक)
केंद्रीय सहायतासीवरेज, जल निकाय पुनरुद्धार व जल आपूर्ति कार्यों हेतु कुल ₹3,552 करोड़

स्मार्ट सिटीज मिशन

संस्करणप्रमुख विवरण
SBM (शहरी) 1.0उद्देश्य — जन-भागीदारी से स्वच्छता संवर्धन; 3.68 लाख व्यक्तिगत शौचालय (IHHL) + 22,547 सामुदायिक/सार्वजनिक शौचालय सीट पूर्ण; सभी ULB ODF घोषित व प्रमाणित; कुल व्यय ₹925.95 करोड़ (केंद्र ₹611.34 + राज्य ₹314.61 करोड़)
SBM (शहरी) 2.0अक्टूबर 2021 से 5 वर्षा हेतु; घटक — IHHL, सामुदायिक/सार्वजनिक शौचालय, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, अपशिष्ट जल प्रबंधन, IEC&CB; राज्य हेतु कुल आवंटन ₹1,765.80 करोड़; ₹3,799.20 करोड़ की कार्य योजना राज्य स्तरीय तकनीकी समिति (SLTC) द्वारा अनुमोदित
परियोजनाशहर/लागतप्रगति (दिसंबर 2025 तक)
RUIDP चरण-III12 शहर (पाली, झुंझुनू, श्रीगंगानगर, टोंक आदि); ₹4,017.56 करोड़व्यय ₹3,853.42 करोड़; लगभग 18 लाख जनसंख्या लाभान्वित; अधिकांश कार्य पूर्ण
RUIDP चरण-IV ट्रेंच-I14 शहर (सिरोही, आबू रोड, बांसवाड़ा आदि) + 12 शहरों में FSSM (₹45.65 करोड़); ₹3,076.63 करोड़व्यय ₹2,342.66 करोड़
RUIDP चरण-IV ट्रेंच-IIADB ऋण से 16 शहर; लगभग ₹2,450 करोड़व्यय ₹1,081.27 करोड़; 2027-28 तक पूर्ण होने की संभावना; ~49 लाख जनसंख्या लाभान्वित
राजस्थान परिवहन अवसंरचना विकास निधि (RTIDF)स्थापना 2011-12; अब तक कुल संग्रह ₹8,974.60 करोड़व्यय ₹6,272.04 करोड़; ROB/RUB — 9 निर्माणाधीन (₹314.81 करोड़); 10 वर्षा में 56 स्वीकृत, 47 पूर्ण

स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) श्री अन्नपूर्णा रसोई योजना (शहरी)

अध्याय 11 — मुख्य परीक्षा दृष्टि से

शहरीकरण दर — राजस्थान 1961 में 16.28% से 2011 में 24.87% (भारत 17.97%→31.14%); 2031 तक राजस्थान 27.74% अनुमानित — दोनों के आँकड़े न मिलाएँ। शहरी लिंगानुपात (914, 2011) ग्रामीण (933) से कम है — सामान्यतः विपरीत समझी जाने वाली यह बात याद रखें; बाल लिंगानुपात दोनों क्षेत्रों में घटा है। राजस्थान में 7 विकास प्राधिकरण व 12 शहरी न्यास — सूची याद रखें; जयपुर मेट्रो चरण 1A-1D व चरण-2 के वित्तपोषण मॉडल (राज्य/ADB/RMRC 50:50 JV) में अंतर स्पष्ट रखें। TOD नीति 2025 (10 दिसंबर 2025) व टाउनशिप नीति 2024 (अधिसूचित 17 जुलाई 2025) — दोनों की तिथियों व उद्देश्यों में भ्रम न करें। PM स्वनिधि 2.0 के 3 ऋण स्लैब (₹15,000/25,000/50,000) व स्मार्ट सिटीज मिशन के 4 चयनित शहर (जयपुर, उदयपुर, कोटा, अजमेर) याद रखें।

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