जयपुर की सड़क पर ठेला लगाने वाला एक फेरीवाला — जिसे कभी बैंक कर्ज नहीं मिलता था — आज "PM स्वनिधि 2.0" के तहत ₹50,000 तक का ऋण, डिजिटल भुगतान पर ₹1,200 तक कैशबैक व 9 केंद्रीय कल्याण योजनाओं से जुड़ाव पाता है। वहीं मानसरोवर से बड़ी चौपड़ तक फैली "जयपुर मेट्रो" उसी शहर को जोड़ती है — यही है राजस्थान के शहरी विकास का बदलता चेहरा।
विज़न 2047 के अनुसार राजस्थान 2047 तक किफायती आवास, स्मार्ट टाउनशिप व परिवर्तित अनौपचारिक बस्तियों से युक्त जीवंत-समावेशी-सतत शहरी केंद्रों का निर्माण करेगा तथा 5R दृष्टिकोण (Reduce-Reuse-Recycle-Recover-Remove) से शहरी स्वच्छता में अग्रणी रहेगा।
परिभाषा: वर्ष 2047 तक राजस्थान में किफायती आवास, स्मार्ट टाउनशिप और आवश्यक सुविधाओं से युक्त परिवर्तित अनौपचारिक बस्तियों द्वारा जीवंत, समावेशी व सतत शहरी केंद्रों का निर्माण होगा। राज्य 5R दृष्टिकोण — Reduce (कम करें), Reuse (पुनः उपयोग करें), Recycle (रीसाइकिल करें), Recover (पुनर्प्राप्त करें), Remove (निकालें) — के माध्यम से उन्नत तकनीकों का लाभ उठाकर शहरी स्वच्छता में अग्रणी भूमिका निभाएगा। नवीकरणीय ऊर्जा, अनुकूल अवसंरचना व हरित सार्वजनिक स्थलों पर केंद्रित योजनाओं से शहरी विकास व पारिस्थितिक संरक्षण में संतुलन स्थापित किया जाएगा।
| क्षेत्र | 1961 | 2011 | 2021 (अनुमानित) | 2031 (अनुमानित) |
|---|---|---|---|---|
| भारत | 17.97% | 31.14% | 34.43% | 37.55% |
| राजस्थान | 16.28% | 24.87% | 26.33% | 27.74% |
| वर्ष | शहरी क्षेत्र | ग्रामीण क्षेत्र |
|---|---|---|
| 2001 | 890 | 930 |
| 2011 | 914 | 933 |
| सर्वाधिक शहरी साक्षरता | दर | न्यूनतम शहरी साक्षरता | दर |
|---|---|---|---|
| 1. उदयपुर | 87.5% | 1. नागौर | 70.6% |
| 2. बांसवाड़ा | 85.2% | 2. जालौर | 71.1% |
| 3. प्रतापगढ़ | 84.8% | 3. चुरू | 72.6% |
विश्व की आधी से अधिक आबादी वर्तमान में शहरों में निवास कर रही है — यह हिस्सेदारी वर्ष 2050 तक 66.66% होने का अनुमान है। शहर व महानगरीय क्षेत्र वैश्विक GDP में लगभग 80% योगदान देते हैं — व्यापार, शासन व परिवहन के केंद्र के रूप में।
| विवरण (जनगणना 2011) | मान |
|---|---|
| स्लम परिवार | 3,94,391 |
| स्लम जनसंख्या | 20,68,000 (पुरुष 10,78,991 + महिला 9,89,009) |
| बाल जनसंख्या (0-6 वर्ष) | 3,07,035 |
| SC/ST जनसंख्या | SC — 5,82,562; ST — 1,00,675 |
| साक्षरता दर / लिंगानुपात / बाल लिंगानुपात | 69.79% / 917 / 897 |
राष्ट्रीय स्तर पर 794 लाख लोग ग्रामीण से शहरी क्षेत्रों में प्रवासित हुए, जिसमें राजस्थान से 32 लाख (कुल का 4%) प्रवासी शामिल। पुरुष मुख्यतः रोजगार हेतु प्रवास करते हैं — राजस्थान में 49.16% (राष्ट्रीय 45.06%); महिलाएँ मुख्यतः वैवाहिक कारणों से — राजस्थान में 59.11% (राष्ट्रीय 51.80%)।
शहर, शहरीकरण भिन्नता व प्रवास
शहरी जनसंख्या की बुनियादी आवश्यकताएँ व्यवस्थित रूप से पूर्ण करने हेतु राज्य सरकार ने विकास प्राधिकरण, शहरी न्यास, राजस्थान आवासन मंडल, नगर नियोजन कार्यालय व जयपुर मेट्रो रेल कॉरपोरेशन का गठन किया है।
| विकास प्राधिकरण | कुल प्राप्तियाँ (₹ करोड़) | कुल व्यय (₹ करोड़) |
|---|---|---|
| जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) | 2,371.87 | 1,248.32 |
| जोधपुर विकास प्राधिकरण | 521.78 | 183.21 |
| अजमेर विकास प्राधिकरण | 363.02 | 158.81 |
| कोटा विकास प्राधिकरण | 1,059.49 | 498.18 |
| उदयपुर विकास प्राधिकरण | 473.89 | 212.02 |
| बीकानेर विकास प्राधिकरण | 369.01 | 81.24 |
| भरतपुर विकास प्राधिकरण | 82.48 | 68.72 |
| चरण | विवरण | लागत/वित्तपोषण |
|---|---|---|
| 1A (मानसरोवर–चांदपोल) | 3 जून 2015 से संचालित | ₹2,023 करोड़ — पूर्णतः राज्य सरकार वित्तपोषित |
| 1B (चांदपोल–बड़ी चौपड़) | 23 सितंबर 2020 से संचालित; लंबाई 2.01 किमी | ₹1,126 करोड़ (ADB ऋण ₹810 करोड़ + शेष राज्य सरकार) |
| 1C (बड़ी चौपड़–ट्रांसपोर्ट नगर) | DPR दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) द्वारा तैयार | ₹1,511.07 करोड़ — RMRC द्वारा क्रियान्वित (मेट्रो नीति 2017 का 50:50 JV मॉडल) |
| 1D (मानसरोवर–200 फीट बायपास, अजमेर रोड) | DPR DMRC द्वारा तैयार, कार्य प्रगति पर | ₹222.15 करोड़ — RMRC द्वारा क्रियान्वित |
| 2 (प्रहलादपुरा–टोड़ी मोड़) | M/s राइट्स लिमिटेड यातायात सलाहकार; DPR प्रस्तुत | ₹13,532.92 करोड़ — RMRC द्वारा क्रियान्वित |
अधिसूचित — 10 दिसंबर 2025, शहरी विकास एवं आवास विभाग द्वारा; उद्देश्य — भूमि-उपयोग व सार्वजनिक परिवहन नियोजन के एकीकरण से सतत-सघन शहरी विकास, यातायात भीड़भाड़-प्रदूषण-शहरी फैलाव कम करना। TOD क्षेत्र — मेट्रो जैसे जन परिवहन स्टेशनों/कॉरिडोरों के चारों ओर 500-800 मीटर परिधि में चिन्हित-अधिसूचित; पैदल आवागमन, पैदल सुरक्षा, गैर-मोटर चालित परिवहन व अंतिम-छोर संपर्क पर बल। TOD क्षेत्रों में अवसंरचना क्षमता के अधीन उच्च अनुमेय निर्मित क्षेत्र अनुपात (BAR); वित्तपोषण — अवसंरचना संवर्धन शुल्क व वैल्यू कैप्चर फाइनेंस के माध्यम से।
विकास प्राधिकरण वित्तीय स्थिति (2025-26, दिसं. तक)
| गतिविधि (2025-26) | लक्ष्य | उपलब्धि (दिसं. तक) |
|---|---|---|
| नए मकान आरंभ | 4,269 | 1,557 |
| मकान पूर्ण | 3,467 | 269 |
| मकान आवंटित | 3,699 | 377 |
| मकान हस्तांतरित | 5,527 | 2,212 |
| व्यय (₹ करोड़) | 961.63 | 300 |
| प्राप्तियाँ (₹ करोड़) | 652.94 | 847.70 |
अधिसूचित — 17 जुलाई 2025, नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा; उद्देश्य — संतुलित शहरी विस्तार, बेहतर जीवन गुणवत्ता व सतत आर्थिक विकास; बड़े स्तर की आत्मनिर्भर टाउनशिप (आवास+अवसंरचना+सामाजिक सुविधा) को बढ़ावा। परिधीय व नए विकास क्षेत्रों में सुव्यवस्थित विकास से मौजूदा शहरी क्षेत्रों पर दबाव कम; सरल नियोजन नियम व भू-उपयोग लचीलापन से निजी निवेश आकर्षित। सभी आवासीय योजनाओं में एकरूपता हेतु 7% पार्क-खेल मैदान + 8% सुविधा क्षेत्र अनिवार्य; औद्योगिक योजनाओं में श्रमिक आवास हेतु न्यूनतम 5% क्षेत्रफल भूखंड आरक्षित; EWS/अल्प आय वर्ग हेतु आरक्षित भूखंडों का आवंटन स्थानीय निकाय द्वारा।
परिभाषा: स्थापना — 24 फरवरी 1970, एक स्वायत्त शासी निकाय के रूप में; उद्देश्य — राज्य में आवास संबंधी आवश्यकताओं का समाधान करना व उनकी पूतं हेतु प्रभावी उपाय सुझाना।
💡 आसान भाषा में: यह सरकारी संस्था है जो शहरों में फ्लैट-मकान बनाकर विभिन्न आय-वर्ग (EWS/LIG/MIG/HIG) के लोगों को किफायती दर पर उपलब्ध कराती है।
🏠 उदाहरण: जयपुर के प्रताप नगर में "ग्रीनवुड होराइजन" के 336 फ्लैट व मानसरोवर आवासीय योजना में 160 फ्लैट निर्माणाधीन — मुख्यमंत्री जन आवास योजना के अंतर्गत।
रियल एस्टेट रेग्यूलेटरी अथॉरिटी (RERA)
| योजना | पात्रता/उद्देश्य | उपलब्धि (दिसंबर 2025 तक) |
|---|---|---|
| PMAY-शहरी 1.0 | बेघर व आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (वार्षिक आय ₹3 लाख तक) एवं निम्न आय वर्ग (₹3-6 लाख) हेतु किफायती आवास; घटक — AHP (किफायती आवास भागीदारी), BLC (लाभार्थ-नेतृत्व निर्माण), CLSS (क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी) | कुल 2,77,908 मकान स्वीकृत (AHP 27,396 + BLC 1,02,150 + CLSS 1,48,362); 2,38,942 मकान पूर्ण; 32,726 निर्माणाधीन |
| PMAY-शहरी 2.0 | EWS (₹3 लाख तक) व LIG (₹3-6 लाख) परिवारों को वर्ष 2029 तक स्थायी आवास; घटक — BLC व ब्याज सब्सिडी योजना (ISS) | BLC अंतर्गत 48,619 मकान स्वीकृत + ISS अंतर्गत 6,619 मकान; कुल 55,238 मकान भारत सरकार द्वारा राज्य हेतु स्वीकृत |
| योजना | प्रारंभ/विवरण | प्रमुख बिंदु |
|---|---|---|
| दीनदयाल जन आजीविका योजना (शहरी) | जून 2025 से जयपुर नगर निगम में पायलट | भवन निर्माण, परिवहन, कूड़ा बीनने, घरेलू कामगार जैसे असुरक्षित व्यावसायिक समूह (VOG) लाभान्वित; घटक — सामुदायिक-नेतृत्व संस्थागत विकास (CLID), वित्तीय समावेशन व उद्यम विकास (FIED), सामाजिक अवसंरचना, अभिसरण; भारत सरकार से ₹3 करोड़ प्राप्त |
भरतपुर जिले के रूपवास नगर हेतु ड्राफ्ट मास्टर प्लान-2041 तैयार; खैरथल-तिजारा जिले के खैरथल नगर हेतु ड्राफ्ट मास्टर प्लान-2041 अधिसूचित, संशोधित मास्टर प्लान-2047 का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा गया। NCRPB, नई दिल्ली के समन्वय से कोटा विकास प्राधिकरण हेतु ₹1,061 करोड़ व भरतपुर विकास प्राधिकरण हेतु ₹470 करोड़ की ऋण सहायता स्वीकृत।
| योजना | प्रारंभ/विवरण | प्रमुख बिंदु |
|---|---|---|
| PM स्वनिधि 2.0 | 9 सितंबर 2025 पुनर्गठित; वैधता मार्च 2030 तक | उद्देश्य — फेरीवालों का सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण व 9 केंद्रीय कल्याण योजनाओं से जुड़ाव; 3 ऋण स्लैब — ₹15,000/₹25,000/₹50,000 पर 7% वार्षिक ब्याज सब्सिडी; डिजिटल भुगतान पर ₹1,200 तक कैशबैक (₹2,000 से अधिक लेनदेन पर अतिरिक्त ₹400); दिसंबर 2025 तक ₹363.25 करोड़ की 2,67,883 ऋण राशि वितरित |
| राजीव आवास योजना (RAY) | — | मलिन बस्तियों के बेघर परिवारों को पक्का मकान + पेयजल-सड़क जैसी बुनियादी अवसंरचना; 16 शहरों में 19 परियोजनाएँ (₹903.15 करोड़); कुल स्वीकृत 8,716 डवेलिंग यूनिट में से 7,065 पूर्ण (दिसंबर 2025 तक) |
| RUDF-II (शहरी विकास कोष) | 25 अगस्त 2021 स्थापित | HUDCO/वित्तीय संस्थाओं से ऋण व राज्य सरकार अनुदान हेतु कोष; सभी ULB/विकास प्राधिकरण/न्यास/आवासन मंडल से अंशदान अनिवार्य; 7 शहरों (बांसवाड़ा, फतेहपुर शेखावाटी, गंगानगर, नाथद्वारा, बालोतरा, डीडवाना, मकराना) में सीवर लाइन हेतु ₹472.44 करोड़ स्वीकृत |
| मुख्यमंत्री शहरी रोजगार गारंटी योजना | — | 18-60 वर्ष सदस्यों को 125 दिन अकुशल श्रम रोजगार; जनाधार ID से निःशुल्क पंजीकरण व जॉब कार्ड; दिसंबर 2025 तक 7.05 लाख परिवार पंजीकृत, 1.79 लाख को 7,010 कार्य आवंटित; व्यय ₹125.72 करोड़, 111.24 लाख मानव-दिवस सृजित; 90%+ लाभार्थ महिलाएँ |
| घटक | विवरण |
|---|---|
| सीवरेज परियोजनाएँ | 31 ULB में 43 परियोजनाएँ ₹5,673.71 करोड़ स्वीकृत; दिसंबर 2025 तक ₹2,250.12 करोड़ कार्य निष्पादित — लगभग 24.35 लाख लोग लाभान्वित (4.87 लाख घरों को सीवर कनेक्शन) |
| जल निकाय पुनरुद्धार व पार्क | 131 परियोजनाएँ ₹494.13 करोड़ स्वीकृत; 23 कार्य पूर्ण; ₹141.35 करोड़ व्यय (दिसंबर 2025 तक) |
| जल आपूर्ति कार्य | 178 ULB में ₹5,099.47 करोड़ स्वीकृत; कार्यान्वयन एजेंसी — जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED); भौतिक प्रगति 43%, व्यय ₹2,436.57 करोड़ (दिसंबर 2025 तक) |
| केंद्रीय सहायता | सीवरेज, जल निकाय पुनरुद्धार व जल आपूर्ति कार्यों हेतु कुल ₹3,552 करोड़ |
स्मार्ट सिटीज मिशन
| संस्करण | प्रमुख विवरण |
|---|---|
| SBM (शहरी) 1.0 | उद्देश्य — जन-भागीदारी से स्वच्छता संवर्धन; 3.68 लाख व्यक्तिगत शौचालय (IHHL) + 22,547 सामुदायिक/सार्वजनिक शौचालय सीट पूर्ण; सभी ULB ODF घोषित व प्रमाणित; कुल व्यय ₹925.95 करोड़ (केंद्र ₹611.34 + राज्य ₹314.61 करोड़) |
| SBM (शहरी) 2.0 | अक्टूबर 2021 से 5 वर्षा हेतु; घटक — IHHL, सामुदायिक/सार्वजनिक शौचालय, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, अपशिष्ट जल प्रबंधन, IEC&CB; राज्य हेतु कुल आवंटन ₹1,765.80 करोड़; ₹3,799.20 करोड़ की कार्य योजना राज्य स्तरीय तकनीकी समिति (SLTC) द्वारा अनुमोदित |
| परियोजना | शहर/लागत | प्रगति (दिसंबर 2025 तक) |
|---|---|---|
| RUIDP चरण-III | 12 शहर (पाली, झुंझुनू, श्रीगंगानगर, टोंक आदि); ₹4,017.56 करोड़ | व्यय ₹3,853.42 करोड़; लगभग 18 लाख जनसंख्या लाभान्वित; अधिकांश कार्य पूर्ण |
| RUIDP चरण-IV ट्रेंच-I | 14 शहर (सिरोही, आबू रोड, बांसवाड़ा आदि) + 12 शहरों में FSSM (₹45.65 करोड़); ₹3,076.63 करोड़ | व्यय ₹2,342.66 करोड़ |
| RUIDP चरण-IV ट्रेंच-II | ADB ऋण से 16 शहर; लगभग ₹2,450 करोड़ | व्यय ₹1,081.27 करोड़; 2027-28 तक पूर्ण होने की संभावना; ~49 लाख जनसंख्या लाभान्वित |
| राजस्थान परिवहन अवसंरचना विकास निधि (RTIDF) | स्थापना 2011-12; अब तक कुल संग्रह ₹8,974.60 करोड़ | व्यय ₹6,272.04 करोड़; ROB/RUB — 9 निर्माणाधीन (₹314.81 करोड़); 10 वर्षा में 56 स्वीकृत, 47 पूर्ण |
स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) श्री अन्नपूर्णा रसोई योजना (शहरी)
शहरीकरण दर — राजस्थान 1961 में 16.28% से 2011 में 24.87% (भारत 17.97%→31.14%); 2031 तक राजस्थान 27.74% अनुमानित — दोनों के आँकड़े न मिलाएँ। शहरी लिंगानुपात (914, 2011) ग्रामीण (933) से कम है — सामान्यतः विपरीत समझी जाने वाली यह बात याद रखें; बाल लिंगानुपात दोनों क्षेत्रों में घटा है। राजस्थान में 7 विकास प्राधिकरण व 12 शहरी न्यास — सूची याद रखें; जयपुर मेट्रो चरण 1A-1D व चरण-2 के वित्तपोषण मॉडल (राज्य/ADB/RMRC 50:50 JV) में अंतर स्पष्ट रखें। TOD नीति 2025 (10 दिसंबर 2025) व टाउनशिप नीति 2024 (अधिसूचित 17 जुलाई 2025) — दोनों की तिथियों व उद्देश्यों में भ्रम न करें। PM स्वनिधि 2.0 के 3 ऋण स्लैब (₹15,000/25,000/50,000) व स्मार्ट सिटीज मिशन के 4 चयनित शहर (जयपुर, उदयपुर, कोटा, अजमेर) याद रखें।
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