कल्पना कीजिए बारां जिले की सहरिया जनजाति की एक महिला — जिसके पास न पक्का घर है, न नियमित आय। आज वह "ड्रोन दीदी" बनकर खेतों में कीटनाशक छिड़कती है, "बैंक सखी" गाँव में ही उसे पेंशन दिलवाती है, और "लखपति दीदी" कार्यक्रम से उसकी वार्षिक आय ₹1 लाख के पार पहुँचने की राह पर है — यही है राजस्थान के ग्रामीण विकास मॉडल की तस्वीर।
विज़न 2047 के अनुसार राजस्थान वर्ष 2047 तक ग्रामीण समुदायों के सशक्तिकरण, समावेशी बुनियादी ढांचे, आजीविका सुरक्षा, जल-पर्यावरण सुरक्षा के माध्यम से "ग्राम स्वराज" का समग्र लक्ष्य प्राप्त करेगा।
परिभाषा: वर्ष 2047 तक राजस्थान ग्रामीण समुदायों के सशक्तिकरण, समावेशी-सुलभ बुनियादी ढाँचे के निर्माण, आजीविका सुरक्षा एवं आय वृद्धि, जल सुरक्षा तथा पर्यावरणीय-स्वच्छता सेवाओं के माध्यम से "ग्राम स्वराज" के समग्र लक्ष्य की प्राप्ति सुनिश्चित करेगा।
गरीबी कम करना, आधारभूत सुविधाओं में वृद्धि, क्षेत्रीय असंतुलन मिटाना, जीवन स्तर सुधारना, मजदूरी आधारित रोजगार/स्वरोजगार सृजन। चार प्रमुख स्तंभ — (1) रोजगार (राजीविका, मनरेगा), (2) आवास (PM-JANMAN, PMAY-G), (3) अवसंरचना विकास (MPLAD, सांसद आदर्श ग्राम), (4) क्षेत्रीय विकास (थार सीमा, मेवात, मगरा, डांग, बृज, गोविन्द गुरू)। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की स्थापना 1 अप्रैल 1999 को पृथक विभाग के रूप में की गई।
| योजना | शुरुआत/संचालन | प्रमुख विवरण |
|---|---|---|
| राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) | जून 2011 | ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा; संपूर्ण राज्य में क्रियान्वित; केंद्र-राज्य हिस्सेदारी 60:40 |
| राष्ट्रीय ग्रामीण आर्थिक रूपांतरण योजना (NRETP) | जून 2024 में समाप्त | विश्व बैंक (World Bank) की सहायता से 9 जिलों के 36 ब्लॉक में संचालित |
| योजना | प्रारंभ/पात्रता | प्रमुख बिंदु |
|---|---|---|
| 1. वन धन विकास योजना | 8 जिले, 517 केंद्र | बाँसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, कोटा, बारां, झालावाड़, सिरोही, उदयपुर में वन धन विकास केंद्रों का गठन |
| 2. उजाला मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी | 6 जिले | 40,000 महिला डेयरी उत्पादकों हेतु — कोटा, बूंदी, बारां, करौली, सवाई माधोपुर, झालावाड़ |
| 3. उड़ान योजना | 19 दिसंबर 2021 | महिला स्वच्छता-स्वास्थ्य-गरिमा जागरूकता; स्कूल/कॉलेज/आंगनबाड़ी में 12 निःशुल्क सेनेटरी पैड वितरण; नोडल — महिला अधिकारिता विभाग; दिसंबर 2025 तक 63 लाख पैड वितरित (ER डेटा) |
| 4. राजस्थान महिला कोष | 26 अगस्त 2022 (महिला समानता दिवस) | ₹40,000 तक 48 घंटे में, अधिक राशि 15 दिन में स्वीकृत; ब्याज दर 2.5%, राज्य सब्सिडी 8%; "अपना महिला निधि" ऐप से आवेदन; 1,54,861 महिलाओं को ₹735 करोड़ ऋण वितरित |
| 5. हाड़ौती महिला किसान प्रोड्यूसर कंपनी | कोटा-बारां | सोयाबीन व धनिया मूल्य श्रृंखला (Value Chain) विकास हेतु गठित |
परिभाषा: सोसायटी पंजीकरण अधिनियम 1958 के अंतर्गत पंजीकृत स्वायत्त परिषद, जिसका गठन अक्टूबर 2010 में हुआ; भारत सरकार द्वारा वित्त-पोषित राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) की राज्य इकाई है।
💡 आसान भाषा में: यह ग्रामीण महिलाओं को स्वयं सहायता समूह (SHG) में संगठित कर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने वाली संस्था है।
🏠 उदाहरण: बारां की सहरिया महिला SHG से जुड़कर "पशु सखी" बनती है — प्रशिक्षण, भत्ता व नई पहचान तीनों एक साथ मिलते हैं।
| योजना | प्रारंभ/पात्रता | प्रमुख बिंदु |
|---|---|---|
| 6. SHG रिटेल स्टोर | 11 स्टोर | जयपुर, चुरू(2), श्रीगंगानगर, उदयपुर, अजमेर, अलवर, डूंगरपुर, जोधपुर, राजसमंद, कोटा में बिक्री-संवर्धन हेतु |
| 7. नमो ड्रोन दीदी | 15 अगस्त 2023; कोटा से 11 मार्च 2024 | 15,000 चयनित SHG को कृषि ड्रोन; 15 दिन प्रशिक्षण + ₹1,500/माह सहायता; लागत का 80% या अधिकतम ₹8 लाख वित्तीय सहायता; 30 जिलों के 46 ब्लॉक में 50 ड्रोन वितरित |
| 8. सोलर दीदी | आयु 20-45 वर्ष, 10वीं पास (12वीं वरीयता) | मानदेय ₹2,000/माह; 2025-26 लक्ष्य 25,000 — दिसंबर 2025 तक 25,000 सोलर दीदी चिह्नित |
| 9. लखपति दीदी | 15 अगस्त 2023 | वार्षिक आय ₹1 लाख तक करने का लक्ष्य; राज्य लक्ष्य — 20 लाख लखपति दीदी; 19.90 लाख महिलाएँ प्रशिक्षित, 12.98 लाख "लखपति दीदी" श्रेणी में (796 मास्टर ट्रेनर द्वारा 24,907 CRP प्रशिक्षित — ER डेटा) |
| 10. बैंक सखी | — | खाता खोलना, पेंशन व मनरेगा भुगतान जैसे बैंकिंग कार्य ग्रामीण स्तर पर; 7,104 डिजिटल सखी (DG Pay सखी) + 6,053 बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट सखी (BC सखी) कार्यरत |
| 11. पशु सखी | 5वीं पास, पशुपालन-निर्भर आजीविका | 4 दिन पशु-स्वास्थ्य प्रशिक्षण; ₹1,500/माह भत्ता; 37,369 SHG सदस्य पशु सखी के रूप में कार्यरत |
| 12. कृषि सखी | — | 56 दिन कृषि व संबद्ध प्रशिक्षण; खेती में किसान सहायता व योजना जानकारी; 36,787 SHG सदस्य कृषि सखी के रूप में कार्यरत |
| गतिविधि | लक्ष्य 2025-26 | प्रगति (दिसं. तक) | संचयी प्रगति |
|---|---|---|---|
| SHG गठन संख्या | 40,000 | 16,952 | 4,29,525 |
| SHG में शामिल परिवार | 4,00,000 | 2,07,135 | 51,01,109 |
| ग्राम संगठन (VO) प्रमोटेड | 380 | 593 | 32,061 |
| रिवॉल्विंग फंड प्राप्त SHG (₹15,000/SHG) | 40,000 | 12,253 | 3,18,833 |
| सामुदायिक निवेश निधि (CIF) प्राप्त SHG (₹75,000/SHG) | 30,000 | 23,754 | 2,09,813 |
राजीविका उपलब्धियाँ 2025-26 (दिसंबर तक) — Table 10.1
| अधिनियम व लागू | अधिनियम — 2005; लागू — 2 फरवरी 2006; संपूर्ण देश में — अप्रैल 2008; नाम परिवर्तन — 2 अक्टूबर 2009 को "महात्मा गांधी NREGA" |
|---|---|
| उद्देश्य | ग्रामीणों को रोजगार, समावेशी विकास को बढ़ावा, आजीविका सुरक्षा, काम करने के अधिकार की गारंटी |
| रोजगार गारंटी | एक वित्तीय वर्ष में हर परिवार के वयस्क सदस्य (जो अकुशल शारीरिक श्रम हेतु स्वेच्छा से तैयार हों) को कम-से-कम 100 दिन रोजगार सुनिश्चित |
| पात्रता व पंजीकरण | पात्र — स्थानीय ग्राम पंचायत निवासी वयस्क; 15 दिन में निःशुल्क फोटोयुक्त जॉबकार्ड; 15 दिन में रोजगार न मिलने पर राज्य सरकार बेरोजगारी भत्ता देगी |
| कार्यस्थल प्रावधान | 5 किमी परिधि में कार्य (अधिक दूरी पर 10% अतिरिक्त मजदूरी); सुविधाएँ — पीने का पानी, छाया, शिशु पालना, प्राथमिक चिकित्सा |
| महिला भागीदारी | न्यूनतम 1/3 अनिवार्य — राजस्थान में वास्तविक भागीदारी लगभग 50% |
| वित्त व व्यय अनुपात | केंद्र : राज्य (वित्त) = 90 : 10; कार्य पर व्यय — मजदूरी 60% : सामग्री 40%; भुगतान बैंक/डाकघर के माध्यम से |
| ग्राम सभा के कार्य | कार्य चयन, वार्षिक कार्य योजना, योजना प्रगति, कार्य गुणवत्ता व सामाजिक अंकेक्षण |
| उपलब्धि 2024-25 | व्यय ₹9,441.01 करोड़; 3,155.57 लाख मानव-दिवस सृजित; 58.86 लाख परिवारों को रोजगार; 5.11 लाख परिवारों ने 100 दिन पूरे किए |
| उपलब्धि 2025-26 (दिसं. तक) | व्यय ₹4,819.26 करोड़; 1,554.85 लाख मानव-दिवस सृजित; 42.03 लाख परिवारों को रोजगार; 46,684 परिवारों ने 100 दिन पूरे किए |
| नवीन पहल — VB-GRAM | ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा "विकसित भारत — रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण)" — मनरेगा का उन्नत रूप; हर ग्रामीण परिवार के वयस्क सदस्यों को 125 दिन मजदूरी रोजगार गारंटी; केंद्र:राज्य 60:40 (पूर्व में राज्य हिस्सा केवल 10% था); उत्तर-पूर्व व हिमालयी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों हेतु 90:10 पैटर्न यथावत |
बजट भाषण 2022-23 में घोषणा — मनरेगा में रोजगार 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन किया गया। 47 अनुसूचित जनजाति (ST) ब्लॉकों के परिवारों को 50 दिन का अतिरिक्त रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। बारां की सहरिया जनजाति, उदयपुर की कथौड़ी जनजाति व राज्य के विशेष योग्यजन श्रमिकों को 100 दिन का अतिरिक्त रोजगार दिया जा रहा है।
मिशन अमृत सरोवर
| योजना | प्रारंभ | प्रमुख विवरण |
|---|---|---|
| PM-JANMAN (प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महा अभियान) | बजट 2023-24 | उद्देश्य — 75 विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTG) की सामाजिक-आर्थिक स्थिति सुधार; राजस्थान में बारां जिले की 8 पंचायत समिति की सहरिया जनजाति पर लागू; लाभ — ₹2 लाख आवास + ₹12,000 शौचालय + 90 दिन मनरेगा अनुमानित पारिश्रमिक ₹25,290; पात्र — सभी आवासहीन सहरिया परिवार (अपात्र — पक्का मकान/सरकारी नौकरी वाले); दिसंबर 2025 तक 26,671 लक्ष्य में से 22,416 मकान स्वीकृत, 11,411 पूर्ण, व्यय ₹368.18 करोड़ |
| प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) | 20 नवंबर 2016 | केंद्र:राज्य = 60:40; लाभ — ₹1.20 लाख आवास + ₹12,000 शौचालय (स्वच्छ भारत मिशन के तहत) + 90 दिन मनरेगा रोजगार; चयन आधार — SECC-2011; 2025-26 लक्ष्य 2,21,135 मकान — 2,18,050 स्वीकृत; दिसंबर तक व्यय ₹1,045.61 करोड़, 1,08,073 नए मकान निर्मित |
| डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्ज जिला उत्थान योजना (SPMJUY) | जून 2025 | जिला-विशिष्ट जरूरतें पूर्ण कर आर्थिक व समावेशी सामाजिक विकास; राज्य के सभी जिलों के ग्रामीण-शहरी क्षेत्रों में लागू; वित्त प्रावधान — ₹500 करोड़ (वित्तीय वर्ष 2025-26) |
| पं. दीनदयाल उपाध्याय गरीबी मुक्त ग्राम योजना | 2 जुलाई 2025 | पात्रता — BPL जनगणना 2002 अनुसार गरीबी रेखा से नीचे 22 लाख परिवार; चरणबद्ध क्रियान्वयन — प्रथम 5,000 + द्वितीय 5,000 + तृतीय 10,000 गाँव; उद्देश्य — आजीविका सृजन-स्वरोजगार, महिला सशक्तिकरण, वित्तीय समावेशन, सामाजिक सुरक्षा; वित्त — राज्य सरकार द्वारा 100% वित्त-पोषित |
| योजना | प्रारंभ | प्रमुख विवरण |
|---|---|---|
| सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (MPLAD) | 1993 | मंत्रालय — सांख्यिकी व कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय; लोकसभा सांसद — अपने निर्वाचन क्षेत्र में, राज्यसभा सांसद — पूरे राज्य में, मनोनीत सांसद — पूरे भारत में ₹5 करोड़/वर्ष अनुशंसा; गंभीर प्राकृतिक आपदा हेतु ₹1 करोड़; सांसद जिला कलेक्टर को प्रस्ताव देते हैं, 45 दिन में स्वीकृति; खर्च — SC 15%, ST 7.5% आरक्षित; भुगतान ई-साक्षी ऑनलाइन पोर्टल से; केंद्रीय क्षेत्रक योजना |
| विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (MLA-LAD) | 1999-2000 | विधानसभा क्षेत्र हेतु ₹5 करोड़/वर्ष; खर्च — SC/ST 20%, सार्वजनिक उपयोग कार्य (मरम्मत, नवीनीकरण) हेतु शेष |
| महात्मा गांधी जनभागीदारी विकास योजना (MGJVY) | फरवरी 2020 (नाम परिवर्तन) | पुराना नाम — गुरु गोलवलकर जनभागीदारी विकास योजना (2014); वित्त-पोषण राज्य सरकार द्वारा; केवल ग्रामीण क्षेत्रों में लागू; अंशदान अनुपात (सरकार:जनता) — शमशान/कब्रिस्तान चारदीवारी 90:10, अन्य सामुदायिक परिसंपत्तियाँ 70:30 (TSP क्षेत्र में 80:20), नाम-अंकित निर्माण योजना 49:51 |
| योजना | प्रारंभ | प्रमुख विवरण |
|---|---|---|
| सांसद आदर्श ग्राम योजना | 11 अक्टूबर 2014 | उद्देश्य — समग्र विकास, जीवन स्तर व गुणवत्ता सुधार; प्रत्येक सांसद प्रति वर्ष 1 ग्राम पंचायत चयन; चयन आधार जनसंख्या — मैदानी क्षेत्र 3,000-5,000, दुर्गम क्षेत्र 1,000-3,000; चयनित ग्राम स्वयं या पति-पत्नी का नहीं होना चाहिए |
| कार्यक्रम | प्रारंभ/बजट 2025-26 | प्रमुख विवरण |
|---|---|---|
| मुख्यमंत्री थार सीमा क्षेत्र विकास कार्यक्रम | घोषणा 2025-26; बजट ₹150 करोड़ | अंतर्राष्ट्रीय सीमा से लगे दूरस्थ, दुर्गम व रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्रों का समग्र विकास; केंद्रित क्षेत्र — शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, पेयजल, कौशल विकास व स्थानीय अर्थव्यवस्था; ब्लॉक स्तर पर कौशल विकास केंद्रों की स्थापना |
| मेवात क्षेत्रीय विकास कार्यक्रम | 1986-87 से शुरू; बजट ₹100 करोड़ | 3 जिले — अलवर, खैरथल-तिजारा व डीग के 14 ब्लॉक व 807 गाँव; मेव बाहुल्य क्षेत्र; वित्त — राज्य 100% |
| मगरा क्षेत्र विकास कार्यक्रम | 2005-06 से; बजट ₹100 करोड़ | दक्षिणी-मध्य पहाड़ी भाग; 5 जिले — ब्यावर, पाली, भीलवाड़ा, राजसमंद, चित्तौड़गढ़ (कुल परिव्यय ₹1,746 करोड़); वित्त — राज्य सरकार द्वारा |
| डांग क्षेत्र विकास कार्यक्रम | 2005-06 से पुनः प्रारंभ; बजट ₹100 करोड़ | 8 जिलों में लागू (2,192 गाँव) — कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़, सवाई माधोपुर, करौली, धौलपुर, भरतपुर; बीहड़ क्षेत्र व संकुचित घाटी युक्त दस्यु-ग्रस्त क्षेत्र; वित्त — राज्य सरकार |
| बृज क्षेत्रीय विकास योजना | — | पूर्व राजस्थान के दूरस्थ क्षेत्रों के विकास हेतु; 5 जिले — भरतपुर, धौलपुर, अलवर, डीग, खैरथल-तिजारा |
| गोविन्द गुरू जनजातीय क्षेत्रीय विकास योजना | बजट ₹75 करोड़ | अनुसूचित क्षेत्र (TSP) में समग्र विकास हेतु |
| पहल | तिथि/विवरण |
|---|---|
| बायो फ्यूल मिशन | 4 सितंबर 2005 — अध्यक्ष मुख्यमंत्री |
| बायो फ्यूल नीति | 2006 |
| बायो फ्यूल प्राधिकरण | 2007 |
| राजस्थान बायो डीजल नियम | 2019 |
| बायो फ्यूल दिवस | 10 अगस्त |
उद्देश्य — अवसंरचना विकास, आधारभूत सुविधा, रोजगार सृजन-निवेश वृद्धि, जीवन स्तर व सामाजिक स्तर में सुधार।
बायो फ्यूल (जैव ईंधन) पहल
| स्तर (दिसंबर 2025) | संख्या | संक्षिप्त विवरण |
|---|---|---|
| जिला परिषद | 41 | ग्रामीण आबादी हेतु आवश्यक सेवाएँ-सुविधाएँ देने वाला जिला-स्तरीय स्थानीय निकाय |
| पंचायत समिति | 457 | स्थानीय राजकीय निकाय — ग्राम पंचायत व जिला परिषद के बीच की कड़ी |
| ग्राम पंचायत | 14,403 | प्रथम स्तर पर निर्वाचित निकाय, लोकतंत्र की बुनियादी इकाई; ग्राम सभा — शामिल गाँवों के नागरिकों की आम सभा |
| स्रोत | विवरण |
|---|---|
| केंद्र (15वें वित्त आयोग अनुसार) | PRI को शुद्ध कर राजस्व का 41%+1% अनुदान — टाइड 60% : अनटाइड 40% |
| राज्य (अनुच्छेद 280) — 6ठे राज्य वित्त आयोग की सिफारिश (2020-21 से 2024-25) | स्थानीय सरकार हेतु राज्य के राजस्व का 6.75%; इसमें पंचायती राज 75.10% : शहरी निकाय 24.90%; विभाजित राशि में से 55% आधारभूत-विकास कार्यों हेतु, 40% राष्ट्रीय-राज्य प्राथमिकता योजनाओं हेतु, 5% PRI की स्वयं की आय वृद्धि प्रोत्साहन अनुदान हेतु |
राजस्थान जैव ईंधन (बायो फ्यूल) नियम तैयार करने वाला भारत का पहला राज्य है। राजस्थान बंजर भूमि एवं चारागाह विकास बोर्ड — स्थापना 22 दिसंबर 2016, पुनर्गठन 11 फरवरी 2022; समितियों के स्तर — जिला, ब्लॉक, ग्राम।
73वें संविधान संशोधन अनुसार ग्राम स्तर पर विकेंद्रीकरण सुनिश्चित करना व अनुसूचित क्षेत्रों में पेसा (PESA) अधिनियम का प्रभावी क्रियान्वयन। निर्वाचित प्रतिनिधियों (विशेषकर महिला जन-प्रतिनिधियों) की क्षमता विकास; ग्राम सभाओं को सशक्त कर सामाजिक अंकेक्षण व दर्शिता सुनिश्चित करना। ठोस-तरल अपशिष्ट प्रबंधन से स्वच्छ पर्यावरण; हर घर-विद्यालय-आंगनबाड़ी में शौचालय सुविधा व ई-सक्षमता से दर्शिता-जवाबदेही बढ़ाना।
संवैधानिक ढांचे में केंद्र-राज्य-स्थानीय सरकार की त्रिस्तरीय व्यवस्था है। ग्रामीण क्षेत्र में पंचायती राज (त्रिस्तरीय) — जिला परिषद, पंचायत समिति, ग्राम पंचायत — जबकि शहरी क्षेत्र में नगरीय संस्थाएँ/निकाय कार्यरत हैं।
संवैधानिक स्थिति व संरचना
| स्रोत | विवरण |
|---|---|
| अंतर-स्तरीय बँटवारा | ग्राम पंचायत : पंचायत समिति : जिला परिषद = 75 : 20 : 5 |
| राज्य वित्त आयोग | अध्यक्ष | कार्यकाल |
|---|---|---|
| I | कृष्ण कुमार गोयल | 1 अप्रैल 1993 – 31 मार्च 2000 |
| II | हीरालाल देवपुरा | 1 अप्रैल 2000 – 31 मार्च 2005 |
| III | माणिक चंद सुराणा | 1 अप्रैल 2005 – 31 मार्च 2010 |
| IV | टी.के. कल्ला | 1 अप्रैल 2010 – 31 मार्च 2015 |
| V | ज्योति किरण | 1 अप्रैल 2015 – 31 मार्च 2020 |
| VI | प्रद्युम्न सिंह | 1 अप्रैल 2020 – 31 मार्च 2025 |
| VII | डॉ. अरुण चतुर्वेदी | 1 अप्रैल 2025 से |
| योजना | प्रारंभ | प्रमुख विवरण |
|---|---|---|
| श्री अन्नपूर्णा रसोई योजना (ग्रामीण) | 6 जनवरी 2024 (पूर्व नाम — इंदिरा रसोई योजना, 10 सितंबर 2023) | उद्देश्य — ग्रामीण कस्बों में किफायती दर पर पौष्टिक भोजन; संचालन राजीविका SHG के माध्यम से; 796 रसोइयों से दोपहर-रात्रि भोजन (अधिकतम 100 थाली प्रत्येक); 600 ग्राम भोज्य सामग्री (चपाती 300g+दाल 100g+सब्जी 100g+चावल/बाजरा खिचड़ी 100g+अचार); शुल्क — लाभार्थ ₹8/थाली + राज्य सरकार ₹22/थाली |
16वाँ वित्त आयोग — अध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया; सदस्य — अजय नारायण झा, एनी जॉर्ज मैथ्यू, मनोज पांडा, डॉ. सौम्या कांति घोष। राज्य वित्त आयोग का गठन अनुच्छेद 243-I (ग्रामीण) व अनुच्छेद 243-Y (शहरी) के तहत होता है। 7वाँ राज्य वित्त आयोग — गठन 1 अगस्त 2025; अवधि 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2031 तक; अध्यक्ष डॉ. अरुण चतुर्वेदी; सदस्य सचिव — श्री नरेश कुमार ठकराल (सेवानिवृत्त IAS)।
| योजना | प्रारंभ | प्रमुख विवरण |
|---|---|---|
| स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) | 2 अक्टूबर 2014 | संचालन जल शक्ति मंत्रालय द्वारा; 31 मार्च 2018 को राजस्थान ODF घोषित; चरण-I (2014-19), चरण-II (2020-21 से 5 वर्ष); उद्देश्य ODF स्थिति बनाए रखना + ODF Plus बनाना; 4 घटक — व्यक्तिगत शौचालय (₹12,000, BPL/SC-ST/दिव्यांग/लघु-सीमांत किसान/भूमिहीन/महिला-मुखिया परिवार पात्र), सामुदायिक स्वच्छता केंद्र (₹3 लाख/ग्राम पंचायत), ठोस-तरल अपशिष्ट प्रबंधन, गोबर-धन परियोजना (पशु गोबर-जैविक कचरे से ऊर्जा-खाद उत्पादन, हर जिले में आदर्श गोबर धन परियोजना); 15वें वित्त आयोग में 30% राशि व्यय का प्रावधान; 2025-26 में 2,205 सामुदायिक स्वास्थ्य परिसर व 1.05 लाख शौचालय निर्मित |
| योजना/पुरस्कार | विवरण |
|---|---|
| पंचायत पुरस्कार (2010-11 से) | 24 अप्रैल को राष्ट्रीय पंचायत दिवस पर प्रदत्त — दीनदयाल उपाध्याय पुरस्कार (3 ग्राम पंचायत + 3 ब्लॉक + 3 जिला पंचायत); विशेष श्रेणी — ग्राम ऊर्जा स्वराज विशेष पंचायत पुरस्कार (3 ग्राम पंचायत — ऊर्जा नवीकरणीय स्रोत हेतु) व विशेष पंचायत पुरस्कार (3 ग्राम पंचायत — पूर्ण शून्य कार्बन उत्सर्जन हेतु) |
| पंचायत विकास योजना (PDP) | प्रारंभ 2015 (भारत सरकार); प्रक्रिया — ग्राम पंचायत योजना निर्माण → ग्राम सभा अनुमोदन → ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर अपलोड; जन योजना अभियान "सबकी योजना सबका विकास" — 2 अक्टूबर 2025 से 31 मार्च 2026 तक |
| राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान | 2018-19 से 31 मार्च 2026 तक; उद्देश्य — PRI सुदृढ़ीकरण व निर्वाचित प्रतिनिधियों-कार्मिकों का क्षमता निर्माण; केंद्र:राज्य 60:40; वर्तमान नाम — "पुनर्गठित राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान" |
| विलेज मास्टर प्लान | आगामी 30 वर्षा (2050) हेतु ग्राम पंचायत मुख्यालय के लिए तैयार; प्रथम चरण — 10,000+ जनसंख्या; 3 विभाग शामिल — विज्ञान-प्रौद्योगिकी, सूचना प्रौद्योगिकी-संचार, भू-प्रबंधन (सहायक — पटवारी) |
| ग्राम पंचायत भवन व अंबेडकर भवन योजना | ग्राम पंचायत भवन — 5 बीघा तक निर्माण, अनुमानित लागत ₹50 लाख; अंबेडकर भवन योजना (2019-20) — सभी पंचायत समिति मुख्यालयों पर (नगर निगम/परिषद/पालिका मुख्यालय छोड़कर), प्रति भवन लागत ₹50 लाख |
| हर घर तिरंगा / भूखंड आवंटन अभियान | हर घर तिरंगा — 8-15 अगस्त 2025 (नोडल — पंचायती राज विभाग); विमुक्त-घुमंतू व अर्ध-घुमंतू भूखंड/पट्टा आवंटन अभियान — 2 अक्टूबर 2024 से, कमजोर समुदायों के सामाजिक समावेशन हेतु |
| 2. स्वामित्व योजना (SVAMITVA) फ़्लैगशिप योजना | केंद्र प्रायोजित / राष्ट्रीय कार्यक्रम | |
|---|---|
| पूर्ण रूप | Survey of Villages and Mapping with Improvised Technology in Village Areas |
| प्रारंभ | 24 अप्रैल 2020 (पंचायत दिवस) |
| क्रियान्वयन | पंचायती राज विभाग + भारतीय सर्वेक्षण विभाग + राजस्व विभाग (संयुक्त रूप से) |
पंचायत पुरस्कार, योजना व अभियान
| प्रक्रिया | भारतीय सर्वेक्षण विभाग ड्रोन के माध्यम से गाँवों के आबादी क्षेत्रों का डिजिटल मानचित्र तैयार कर संबंधित ग्राम पंचायत को सौंपेगा; ग्राम पंचायत मानचित्र आधार पर "राजस्थान पंचायती राज अधिनियम-1996" के तहत संबंधित व्यक्ति को पट्टा जारी करेगी |
|---|---|
| उपलब्धि 2025-26 (दिसं. तक) | 4.13 लाख स्वामित्व कार्ड वितरित किए गए |
| 3. मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान 2.0 फ़्लैगशिप योजना | राज्य योजना | |
|---|---|
| प्रारंभ | 18 फरवरी 2024 |
| प्रशासनिक/नोडल विभाग | प्रशासनिक — पंचायती राज विभाग; नोडल — जलग्रहण एवं भू-संरक्षण विभाग |
| लक्ष्य/क्रियान्वयन | 4 वर्षा में 20,000 गाँवों में 5 लाख वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं का निर्माण |
| समिति | राज्य स्तरीय जल स्वावलंबन समिति — अध्यक्ष मुख्यमंत्री, 21 अन्य विभागीय विशेषज्ञ सदस्य |
| कार्य | एनीकट, बावड़ी, ड्रिप, स्प्रिंकलर, चारागाह व वृक्षारोपण क्षेत्र को बढ़ावा देना |
घोषणा — ग्रामीण युवाओं को स्व-अध्ययन, प्रतियोगी परीक्षा तैयारी, रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण, सरकारी योजनाओं की जानकारी व करियर काउंसलिंग जैसी सुविधाएँ उपलब्ध कराना। विभाग — ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग; चरण-1 — 3,000 से अधिक जनसंख्या वाले पंचायत मुख्यालयों पर स्थापना। दिसंबर 2025 तक कुल 1,607 अटल ज्ञान केंद्रों की स्थापना हेतु स्वीकृति जारी की जा चुकी है।
RUDA (ग्रामीण गैर-कृषि विकास अभिकरण)
राजीविका के तहत फ्लैगशिप उप-योजनाएँ — नमो ड्रोन दीदी, सोलर दीदी, लखपति दीदी, बैंक सखी, पशु सखी, कृषि सखी (सभी ग्रामीण विकास विभाग द्वारा क्रियान्वित) याद रखें। मनरेगा — केंद्र:राज्य 90:10 (मजदूरी:सामग्री 60:40) जबकि नई VB-GRAM पहल में केंद्र:राज्य 60:40 व 125 दिन रोजगार गारंटी — दोनों अनुपातों में भ्रम न करें। पंचायती राज त्रिस्तरीय संरचना (दिसंबर 2025) — 41 जिला परिषद, 457 पंचायत समितियाँ, 14,403 ग्राम पंचायत — व अंतर-स्तरीय निधि बँटवारा 75:20:5 याद रखें। 7वाँ राज्य वित्त आयोग (अध्यक्ष डॉ. अरुण चतुर्वेदी, गठन 1 अगस्त 2025) व 16वाँ केंद्रीय वित्त आयोग (अध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया) में अंतर स्पष्ट रखें। SVAMITVA व मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान 2.0 — दोनों फ्लैगशिप योजनाएँ, पर क्रियान्वयन एजेंसियाँ अलग-अलग हैं (क्रमशः सर्वेक्षण विभाग+राजस्व विभाग vs जलग्रहण एवं भू-संरक्षण विभाग)।
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