पर्यावरणीय स्थायित्व (Sustainability) का अर्थ है वर्तमान आवश्यकताओं को भावी पीढ़ियों की क्षमता से समझौता किए बिना पूरा करना; जलवायु अनुकूलता (Resilience) का अर्थ है लू-बाढ़-सूखा जैसी जलवायु-आपदाओं का पूर्वानुमान, सहनशीलता व पुनर्प्राप्ति क्षमता।
राजस्थान वन संरक्षण, नवीकरणीय ऊर्जा, आपदा प्रबंधन व सतत विकास लक्ष्यों (SDG) को जोड़ते हुए एक एकीकृत पर्यावरण-जलवायु रणनीति अपना रहा है।
राज्य की भौगोलिक विशेषताएँ व पर्यावरणीय चुनौतियाँ
परिभाषा: एक आर्थिक मॉडल जिसमें उत्पाद-सामग्री का बार-बार उपयोग, पुनउपयोग, मरम्मत व पुनर्चक्रण करके अपशिष्ट को न्यूनतम रखा जाता है — बजाय पारंपरिक "बनाओ-उपयोग करो-फेंको" (Linear Economy) मॉडल के।
💡 आसान भाषा में: यानी किसी चीज़ को एक बार उपयोग करके फेंकने की बजाय बार-बार इस्तेमाल में लाना, मरम्मत करना या उसकी सामग्री को नई चीज़ बनाने में दोबारा लगाना — जैसे पुरानी बोतल को तोड़कर नए प्लास्टिक-धागे में बदल देना।
🏠 उदाहरण: राजस्थान की वाहन स्क्रैपिंग नीति व ई-वेस्ट नीति — दोनों चक्रीय अर्थव्यवस्था पर आधारित हैं; पुराने वाहनों/उपकरणों से धातु-सामग्री निकालकर पुनः उपयोग में लाई जाती है।
परिभाषा: किसी शहर/ज़िले द्वारा लू (Heatwave) से पहले, उसके दौरान व बाद में जान-माल की सुरक्षा हेतु तैयार की गई पूर्व-निर्धारित कार्य-योजना, जिसमें प्रारंभिक चेतावनी, जन-जागरूकता, अस्पताल-तैयारी व शीतलन-केंद्र (Cooling Center) जैसे उपाय शामिल होते हैं।
💡 आसान भाषा में: यानी गर्म की लहर आने से पहले ही यह तय कर लिया जाता है कि कब स्कूल की छुट्टी होगी, कब पानी-छाया की व्यवस्था बढ़ेगी व अस्पताल किस तरह तैयार रहेंगे — ताकि लू से होने वाली मौतें रोकी जा सकें।
🏠 उदाहरण: 12 स्तंभों में से एक "आपदा-तैयारी" स्तंभ के अंतर्गत हीट एक्शन प्लान, सूखे की तैयारी व समुदाय-आधारित आपदा प्रबंधन को शामिल किया गया है।
प्रभावी क्रियान्वयन हेतु दृष्टिकोण
| वन वर्गकरण (1953 अधिनियम) | हिस्सा |
|---|---|
| आरक्षित वन (Reserved Forest) | 36.94% |
| संरक्षित वन (Protected Forest) | 56.54% |
| अवर्गकृत वन (Unclassified Forest) | 6.51% |
परिभाषा: अभिलिखित वन क्षेत्र वह भूमि है जो राजस्थान वन अधिनियम 1953 के अंतर्गत क़ानूनी रूप से "वन" दर्ज है (33,020.32 वर्ग किमी); वन आवरण भारतीय वन स्थिति रिपोर्ट (ISFR-2023) के उपग्रह-सर्वेक्षण से मापा गया वास्तविक हरित आवरण है, चाहे वह क़ानूनी वन-भूमि पर हो या बाहर।
💡 आसान भाषा में: एक "कागज़ी रिकॉर्ड" है — सरकारी फ़ाइल में कितनी ज़मीन वन दर्ज है, और दूसरा "सैटेलाइट से दिखने वाली असली हरियाली" है — दोनों संख्याएँ अलग-अलग होती हैं और परीक्षा में अक्सर गड़बड़ हो जाती हैं।
🏠 उदाहरण: राजस्थान का अभिलिखित वन क्षेत्र 33,020.32 वर्ग किमी (9.65%) है, जबकि ISFR-2023 अनुसार वन+वृक्ष आवरण केवल 27,389.33 वर्ग किमी (8%) है — यानी दर्ज वन-भूमि की तुलना में वास्तविक हरियाली कम ज़मीन पर दिखती है।
परिभाषा: राज्य जलवायु परिवर्तन कार्य-योजना (SAPCC) व राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन कार्य-योजना (NAPCC) — क्रमशः राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर जलवायु परिवर्तन के शमन (उत्सर्जन घटाना) व अनुकूलन (ढलना-सहना) हेतु बनाई गई आधिकारिक रणनीतिक कार्य-योजनाएँ।
💡 आसान भाषा में: यानी केंद्र सरकार का अपना जलवायु-प्लान (NAPCC) होता है और हर राज्य का अपना स्थानीय जलवायु-प्लान (SAPCC) होता है — राज्य की योजना को केंद्र की योजना से जोड़कर (align करके) काम करना ज़रूरी होता है ताकि दोहराव न हो व संसाधन सही जगह लगें।
🏠 उदाहरण: राजस्थान की सभी पर्यावरण-जलवायु नीतियाँ (जलवायु परिवर्तन नीति 2023, वन नीति 2023 आदि) SAPCC-NAPCC व SDG लक्ष्यों से संबद्ध करके बनाई गई हैं ताकि अंतर-विभागीय समन्वय व निगरानी सुसंगत रहे।
| 1. राजस्थान वाहन स्क्रैपिंग नीति 2025 फ़्लैगशिप योजना | राज्य योजना | |
|---|---|
| अधिसूचना / प्रभावी | 2 जनवरी 2026 (31 मार्च 2029 तक प्रभावी) |
| उद्देश्य | पुराने-अपंजीकृत-अत्यधिक प्रदूषणकारी वाहनों को चरणबद्ध रूप से वैज्ञानिक-सुरक्षित तरीके से हटाना |
| प्रावधान | 15 वर्ष+ पुराने सरकारी वाहन अनिवार्य स्क्रैप; निजी वाहनों हेतु स्वैच्छिक विकल्प (भविष्य में अनिवार्यता की संभावना); अवधिपार-अपंजीकृत-दुर्घटनाग्रस्त-छोड़े/जब्त वाहन भी सम्मिलित; पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा (RVSF) स्थापना; VAHAN पोर्टल से एकीकृत डिजिटल-पारदर्श प्रक्रिया; वाहन स्वामी को जमा प्रमाण-पत्र (CoD) व स्क्रैपिंग प्रमाण-पत्र (CVS) जारी; नए वाहन पर मोटर वाहन कर में अधिकतम 50% (₹1 लाख तक) छूट |
| नीति | मुख्य बिंदु |
|---|---|
| ई-वेस्ट प्रबंधन नियम व नीति (5 जून 2023) | सुरक्षित संग्रहण-पृथक्करण-पुनर्चक्रण; अनौपचारिक क्षेत्र को औपचारिक से जोड़ना; EPR अनुपालन — RSPCB नोडल; ~14 पंजीकृत रीसाइक्लर कार्यरत |
| राजस्थान जलवायु परिवर्तन नीति 2023 (5 जून 2023) | तापमान वृद्धि-सूखा-जल संकट-मरुस्थलीकरण से सुरक्षा; सभी विभागीय योजनाओं में जलवायु पहलू एकीकरण; ग्रीन फ़ाइनेंस व प्रभावी जलवायु शासन हेतु संस्थागत सुदृढ़ीकरण |
| राजस्थान वन नीति 2023 (5 जून 2023) | अगले 20 वर्षा में वनस्पति आवरण 20% तक बढ़ाने का लक्ष्य; प्राकृतिक वन-वन्यजीव-जैवविविधता के संरक्षण, पुनर्स्थापन व प्रबंधन की परिकल्पना |
जल संरक्षण (वर्षा जल संचयन, वाटरशेड, भूजल पुनर्भरण) · GHG उत्सर्जन कमी (स्वच्छ ऊर्जा-परिवहन-उद्योग) · वनीकरण-जैवविविधता संरक्षण · अपशिष्ट प्रबंधन-हरित शहरी नियोजन। आपदा-तैयारी (हीट एक्शन प्लान, प्रारंभिक चेतावनी) · संसाधन दक्षता-पुनर्चक्रण · नवीकरणीय ऊर्जा विस्तार · जलवायु-अनुकूल कृषि (सूखा-प्रतिरोधी फ़सलें)। मृदा-चारागाह प्रबंधन · जलवायु-प्रतिरोधी अवसंरचना · सामुदायिक सहभागिता व पारंपरिक ज्ञान · SAPCC-NAPCC-SDG से संबद्धता व अंतर-विभागीय समन्वय।
राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता निगरानी कार्यक्रम (NAMP) — 57 स्टेशन; इसके अतिरिक्त 46 सतत वास्तविक-समय वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशन (CAAQMS) व 2 मोबाइल वैन कार्यरत। राष्ट्रीय जल निगरानी कार्यक्रम (NWMP) — 199 स्टेशन (68 सतही जल + 131 भूजल); जयपुर में वायु गुणवत्ता सूचकांक हेतु प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली कार्यरत।
| पहल | विवरण |
|---|---|
| मेरी लाइफ़ पोर्टल वृक्षारोपण | "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान के अंतर्गत माननीय प्रधानमंत्री द्वारा शुभारंभ; मेरी लाइफ़ पोर्टल (merilife.nic.in) अनुसार दिसंबर 2025 तक 8.21 करोड़ वृक्षारोपण |
| मिशन हरियालो राजस्थान | भारत सरकार के "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान से प्रेरित; राजस्थान को हरित राज्य बनाने हेतु शुभारंभ — 10 करोड़ लक्ष्य के विरुद्ध 11.64 करोड़ पौधरोपण (2025-26, दिसंबर तक) |
| वन महोत्सव व संयुक्त वन प्रबंधन | राज्य स्तरीय वन महोत्सव 27 जुलाई 2025, जयपुर (~12,000 पौध रोपित); ज़िला स्तरीय हरियाली तीज पर (लक्ष्य 2.50 करोड़ के विरुद्ध 2.54 करोड़ पौध); 2,605 ग्राम वन सुरक्षा-प्रबंधन/पारिस्थितिकी विकास समितियाँ गठित (व्यय ₹9.82 लाख, प्रावधान ₹50 लाख) |
| इको-टूरिज़्म — "लव कुश वाटिका" | हर ज़िले में 2 लव कुश वाटिका विकास (मनोरंजन गतिविधि, वॉकिंग ट्रैक, जल निकाय, पक्षी-दर्शन सुविधा सहित); 2025-26 (दिसंबर तक) व्यय ₹736.42 लाख (प्रावधान ₹1,541.48 लाख) |
| वानस्पतिक उद्यान | विश्व वानिकी वृक्ष उद्यान (जयपुर) तज़ पर जोधपुर-बीकानेर-कोटा-उदयपुर-भरतपुर-अजमेर में विकास; व्यय ₹231.04 लाख (प्रावधान ₹1,530.05 लाख) |
| राजस्थान का प्रथम तितली उद्यान (Butterfly Park), उदयपुर | 5 ज़ोन में विभाजित; राज्य में पाई जाने वाली कुल 189 तितली प्रजातियों में से 80 रंगीन प्रजातियाँ इस उद्यान में देखी जा सकती हैं |
| पंच गौरव कार्यक्रम (ज़िला-विशिष्ट पहचान) | लॉन्च 17 दिसंबर 2024, आयोजना विभाग — हर ज़िले की एक उपज + एक प्रजाति + एक खेल + एक उत्पाद + एक पर्यटन स्थल पहचान कर विशिष्ट पहचान स्थापित; चयनित पादप प्रजातियों हेतु 2025-26 में ₹1,175 लाख स्वीकृत |
परिभाषा: राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल (RSPCB) का डिजिटल पोर्टल OCEMS, जिससे उच्च-प्रदूषणकारी उद्योगों के उत्सर्जन (चिमनी) व बहिस्राव (नाली) का वास्तविक-समय डेटा सीधे नियामक तक पहुँचता है।
💡 आसान भाषा में: यानी फ़ैक्ट्रियों के प्रदूषण को मैन्युअल जाँच की बजाय एक ऑनलाइन सेंसर-सिस्टम से लगातार, बिना रुके मॉनिटर किया जाता है — जैसे किसी मरीज़ की हृदय-गति अस्पताल में लगातार मॉनिटर होती है।
🏠 उदाहरण: 666 उद्योग OCEMS पोर्टल से जुड़े हैं — इसके दायरे में सभी 17 अति-प्रदूषणकारी श्रेणी उद्योग, सामान्य उपचार-निस्तारण सुविधाएँ (CTDF), राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की रेड-श्रेणी इकाइयाँ, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, डेयरी व 100 KLD से अधिक बहिस्राव वाले उद्योग शामिल हैं।
| पहल | विवरण |
|---|---|
| CAMPA (प्रतिकरात्मक वनरोपण निधि) | प्रतिकरात्मक वनरोपण निधि अधिनियम 2016 व नियम 2018 अनुसार राज्य CAMPA गठन (14 सितंबर 2018 अधिसूचना); राष्ट्रीय CAMPA द्वारा दिसंबर 2025 तक ₹2,676.25 करोड़ हस्तांतरित; 2025-26 हेतु ₹286.14 करोड़ की वार्षिक कार्य-योजना स्वीकृत, व्यय ₹76.50 करोड़ (दिसंबर 2025 तक) |
| राजस्थान राज्य जैव विविधता मंडल | जैव विविधता अधिनियम 2002 अंतर्गत स्थापित; जैव विविधता नियम 2010 अनुसार कार्यरत; 2025-26 (दिसंबर तक) प्रावधान ₹155.01 लाख में से ₹120 लाख जारी |
| 2. राजस्थान नवीकरणीय ऊर्जा नीति 2024 फ़्लैगशिप योजना | राज्य योजना | |
|---|---|
| राष्ट्रीय संबद्धता | भारत के 2030 तक 500 GW अक्षय क्षमता लक्ष्य से संबद्ध; अवधि मार्च 2030 तक; नोडल एजेंसी — राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम (RREC) |
| राज्य लक्ष्य (2029-30) | 125 GW कुल क्षमता — सौर 90,000 MW + पवन-हाइब्रिड 25,000 MW + हाइड्रो-PSP-बैटरी भंडारण (BESS) 10,000 MW |
परिभाषा: ₹1,13,905.67 लाख दिसंबर 2025 तक व्यय ₹58,525.08 लाख — राज्य योजना, केंद्र प्रायोजित योजना, CAMPA, बाह्य-सहायतित परियोजना व मनरेगा से वित्तपोषित
स्थापित क्षमता, PM-KUSUM, PM सूर्य घर योजना व सौर पार्कों का विस्तृत विवरण अध्याय 7 (कोर अवसंरचना) में — यहाँ जलवायु-नीति दृष्टिकोण से पूरक बिंदु। राजस्थान के विशाल शुष्क भू-भाग व उच्च सौर विकिरण के कारण यह राज्य सौर-पवन ऊर्जा परियोजनाओं हेतु आदर्श स्थल है; जैसलमेर-बाड़मेर-जोधपुर के पवन-गलियारे (Wind Corridor) में विशेष रूप से पवन ऊर्जा क्षमता का दोहन हो रहा है।
| पहल | विवरण |
|---|---|
| राजस्थान EV नीति 2022 | अधिसूचित 31 अगस्त 2022, प्रभावी 1 सितंबर 2022 — वाहन उत्सर्जन कमी; RIICO द्वारा समर्पित EV-कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग पार्क; जयपुर-जोधपुर जैसे उच्च-घनत्व शहरों को अतिरिक्त सहायता; चार्जिंग स्टेशन स्थापना लाइसेंस-मुक्त; परिवहन-ऊर्जा-उद्योग-सूचना प्रौद्योगिकी विभागों के मध्य समन्वय; सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन की वास्तविक-समय स्थिति हेतु मोबाइल ऐप; 2025-26 में SGST प्रतिपूतं हेतु ₹150 करोड़ बजट प्रावधान |
| RSMML पवन ऊर्जा फ़ार्म (जैसलमेर) | 106.30 MW क्षमता — 8 चरणों में स्थापित; लगभग 1,300 लाख यूनिट प्रति वर्ष उत्पादन क्षमता |
| मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान 2.0 | वर्षा जल संचयन, जल संरक्षण व जल-निकाय संरचनाओं के कायाकल्प हेतु प्रमुख पहल — हरित विकास (Green Growth) को समर्थन; विस्तृत विवरण अध्याय 8 (जल सुरक्षा) में |
| हरित विनिर्माण उद्योग | खनन एवं विनिर्माण क्षेत्र में पर्यावरण अनुकूल कार्यों-निवेश को बढ़ावा देने वाली नीतियाँ तथा हरित औद्योगिक प्रथाओं को प्रोत्साहन |
| राज्य का प्रथम ग्रीन बजट (2025-26) | 19 फ़रवरी 2025 प्रस्तुत (केंद्रीय बजट 2023-24 की तर्ज पर) — कुल ₹27,853.84 करोड़ का आवंटन, जो राज्य के कुल बजट का 5.18% है |
| पर्यावरणीय अनुपालन रेटिंग (Green Rating Scheme) | उद्योगों को पर्यावरणीय प्रदर्शन आधार पर प्लेटिनम-गोल्ड-सिल्वर-ब्रॉन्ज़ श्रेणी; 21 अगस्त 2024 से स्वास्थ्य सुविधाओं, होटलों व आवासीय परियोजनाओं तक विस्तारित — कम शुल्क व विस्तारित सहमति-वैधता प्रोत्साहन |
| राज-काज पोर्टल (ई-फ़ाइल प्रणाली) | कागज़-रहित, पारदर्श शासन की दिशा में कदम; दिसंबर 2025 तक 75 प्रशासनिक विभागों के 60,000+ कार्यालयों में 10 लाख+ उपयोगकर्ता सक्रिय, 42 लाख+ फ़ाइलें ऑनलाइन सृजित |
| राजस्थान जन आधार प्राधिकरण | लाभार्थ सत्यापन व लोक-कल्याण योजनाओं के लाभ-वितरण हेतु डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म — संधारणीय शासन में प्रौद्योगिकी उपयोग का उदाहरण |
| गतिविधि (2025-26, दिसंबर 2025 तक) | व्यय (₹ करोड़) |
|---|---|
| राहत गतिविधि — पेयजल | 6.58 |
| राहत गतिविधि — पशु संरक्षण | 1.99 |
| कृषि आदान-अनुदान (प्रावधान ₹2,483.97 करोड़) | 1,364.88 |
| अन्य मद | 1,053.55 |
| कुल व्यय | 3,546.09 |
परिभाषा: आपदा आने के बाद केवल राहत देने की बजाय, आपदा आने ही न पाए या उसका असर कम-से-कम हो — इस हेतु पहले से किए जाने वाले पूर्वानुमान, तैयारी व संरचनात्मक-गैर-संरचनात्मक उपायों की समग्र प्रक्रिया।
💡 आसान भाषा में: यानी "इलाज से बेहतर बचाव" वाली सोच — जैसे बाढ़ आने के बाद पैसा बाँटने की बजाय पहले से नालों की सफ़ाई, चेतावनी-सायरन व सुरक्षित निकासी-मार्ग तैयार रखना।
🏠 उदाहरण: राजस्थान में तड़ित-सुरक्षा हेतु संवेदनशील स्थलों की पूर्व-पहचान व पोर्टेबल तड़ित-अरेस्टर लगाना, तथा युवा आपदा मित्र योजना अंतर्गत युवाओं को प्रशिक्षित करना — दोनों आपदा जोखिम न्यूनीकरण के व्यावहारिक उदाहरण हैं।
| लक्ष्य 1–9 | लक्ष्य 10–17 |
|---|---|
| गोल-1: गरीबी का अंत | गोल-10: असमानताओं में कमी |
| गोल-2: भुखमरी की समाप्ति | गोल-11: संधारणीय शहर एवं समुदाय |
| गोल-3: अच्छा स्वास्थ्य एवं कल्याण | गोल-12: उत्तरदायी उपभोग एवं उत्पादन |
| गोल-4: गुणवत्तापूर्ण शिक्षा | गोल-13: जलवायु कार्यवाही |
| गोल-5: लैंगिक समानता | गोल-14: जलीय जीवन |
परिभाषा: ब्रुंटलैंड आयोग रिपोर्ट 1987 द्वारा आधिकारिक रूप से परिभाषित — ऐसा विकास जिसमें वर्तमान पीढ़ी अपनी आवश्यकताएँ इस तरह पूरी करे कि भावी पीढ़ियों की आवश्यकता-पूतं क्षमता से समझौता न हो।
💡 आसान भाषा में: यानी विकास ऐसा हो कि आज के फ़ायदे के लिए कल के संसाधन ख़त्म न किए जाएँ — जैसे आज पेड़ काटकर मुनाफ़ा कमाना, पर भावी पीढ़ी के लिए हरियाली-पानी न बचाना, सतत विकास नहीं है।
🏠 उदाहरण: 25-27 सितंबर 2015 को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 70वें सत्र में 193 देशों ने "Transforming Our World: The 2030 Agenda for Sustainable Development" अपनाया — 17 लक्ष्य व 169 संबद्ध टारगेट (पूर्व में 8 MDG थे)।
17 लक्ष्य, अधिकतम 19 टारगेट (न्यूनतम 5) — कुल 169 टारगेट, 248 वैश्विक संकेतक; अवधि 1 जनवरी 2016 से 2030 तक। आर्थिक समीक्षा 2025-26 की तालिका अनुसार वर्तमान वैश्विक संकेतक फ़्रेमवर्क (GIF) में कुल 251 संकेतक सम्मिलित हैं। केंद्रीय सिद्धांत — "कोई भी पीछे न रहे" (Leave No One Behind); 5 आयाम (5P — जन, पृथ्वी, समृद्धि, शांति, साझेदारी) — सार्वभौमिकता, Leave No One Behind, अंतर्संबद्धता-अविभाज्यता, समावेशिता, बहु-हितधारक भागीदारी। सितंबर 2019 शिखर सम्मेलन में शेष 10 वर्षा को "Decade of Action" घोषित किया गया।
परिभाषा: भारत ने SDG को राष्ट्रीय नीतियों-कार्यक्रमों में स्पष्ट रूप से अपनाया है; नोडल संस्था नीति आयोग राज्यों-केंद्रशासित प्रदेशों के साथ मिलकर SDG-निगरानी, रिपोर्टिंग व समीक्षा हेतु विविध उपकरण विकसित करता है तथा सिविल सोसायटी व निजी क्षेत्र को भी भागीदार बनाता है। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) को राष्ट्रीय संकेतक फ़्रेमवर्क (NIF) के विकास व समीक्षा का दायित्व सौंपा गया है — इसके सांख्यिकीय संकेतक SDG-लक्ष्यों की दिशा में नीतियों के परिणाम को वैज्ञानिक ढंग से मापने में सहायक हैं। राज्य संकेतक ढाँचे (SIF) हेतु दिशा-निर्देश जुलाई 2019 में जारी किए गए।
| लक्ष्य 1–9 | लक्ष्य 10–17 |
|---|---|
| गोल-6: शुद्ध जल एवं स्वच्छता | गोल-15: स्थलीय जीवन |
| गोल-7: किफ़ायती एवं स्वच्छ ऊर्जा | गोल-16: शांति, न्याय एवं सुदृढ़ संस्थाएँ |
| गोल-8: सम्मानजनक कार्य एवं आर्थिक विकास | गोल-17: लक्ष्यों के लिए साझेदारियाँ |
| गोल-9: उद्योग, नवाचार एवं अवसंरचना | — |
| संस्करण (वर्ष) | लक्ष्य कवर | भारत स्कोर | राजस्थान स्कोर | राजस्थान की श्रेणी |
|---|---|---|---|---|
| 1.0 (दिसंबर 2018) | 13 | 62 | 59 | — |
| 2.0 (दिसंबर 2019) | 16 | 100 | 60 | 57 |
| 3.0 (मार्च 2021) | 16 | 115 | 66 | 60 |
| 4.0 (जुलाई 2024) | 16 | 113 | 71 | 67 (फ्रंट रनर) |
| SDG संकेतक फ़्रेमवर्क — स्तर | संकेतक संख्या |
|---|---|
| वैश्विक फ़्रेमवर्क (मूल 2016 दस्तावेज़ 248; ER 2025-26 तालिका अनुसार वर्तमान) | 251 |
| राष्ट्रीय संकेतक फ़्रेमवर्क (NIF) | 284 |
| राज्य संकेतक फ़्रेमवर्क (SIF 3.0) | 316 |
| ज़िला संकेतक फ़्रेमवर्क (DIF 3.0) | 217 |
परिभाषा: नीति आयोग द्वारा राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को 0-100 के बीच समग्र स्कोर दिया जाता है, जिसके आधार पर 4 श्रेणियाँ बनती हैं — Achiever (स्कोर 100), Front-Runner (स्कोर 65-99), Performer (स्कोर 50-64), Aspirant (स्कोर 50 से कम)।
💡 आसान भाषा में: यानी जितना ज़्यादा स्कोर, उतनी बेहतर श्रेणी — 100 अंक वाला राज्य "पूर्ण उपलब्धिकर्ता", 65-99 वाला "अग्रणी धावक", 50-64 वाला "औसत प्रदर्शक" व 50 से कम वाला "आकांक्षी" (अभी पीछे) श्रेणी में आता है।
🏠 उदाहरण: राजस्थान का SDG इंडिया इंडेक्स 4.0 में स्कोर 71 है — इसलिए राजस्थान वर्तमान में "Front-Runner" (फ्रंट रनर) श्रेणी में शामिल है।
उल्लेखनीय वृद्धि — किफ़ायती-स्वच्छ ऊर्जा (लक्ष्य-7, स्कोर 100), उत्तरदायी उपभोग-उत्पादन (लक्ष्य-12, स्कोर 89), गरीबी का अंत (लक्ष्य-1, स्कोर 82), मातृ स्वास्थ्य सुधार (73), गुणवत्तापूर्ण शिक्षा (63)। सुधार आवश्यक — असमानता में कमी (लक्ष्य-10, स्कोर 49), लैंगिक समानता (लक्ष्य-5, स्कोर 52), उद्योग-नवाचार-अवसंरचना (53), स्थलीय जीवन (54)। 2024 में शीर्ष राज्य — उत्तराखंड, केरल (79); निम्नतम — बिहार (57), झारखंड (62)।
SDG इंडिया इंडेक्स — राजस्थान की प्रगति
| SDG संकेतक फ़्रेमवर्क — स्तर | संकेतक संख्या |
|---|---|
| ब्लॉक संकेतक फ़्रेमवर्क (BIF 1.0) | 110 |
| रिपोर्ट/सूचकांक | विवरण |
|---|---|
| राजस्थान SDG रिपोर्ट | प्रथम संस्करण 2019; नवीनतम 7वाँ संस्करण मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा द्वारा 29 जून 2025 (19वें राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस पर) जारी — SIF 3.0 आधारित, 316 संकेतक; पहली बार 2030 टारगेट के सापेक्ष प्रगति का विस्तृत विश्लेषण; संकेतक 4 श्रेणियों में — अर्जित (Achieved), पथ पर (On Track), धीमी प्रगति (Slow Progress), पथ से बाहर (Out of Track) |
| राजस्थान ज़िला SDG सूचकांक | नवीनतम 6वाँ संस्करण (अक्टूबर 2025) — 14 लक्ष्यों के 100 संकेतक; शीर्ष — झुंझुनू (67.13 स्कोर); अंतिम — जैसलमेर (51.82 स्कोर) |
| राज्य संकेतक ढाँचा (SIF) 3.0 | राज्य-स्तरीय SDG मॉनिटरिंग हेतु — कुल 316 संकेतक |
| ज़िला संकेतक ढाँचा (DIF) 3.0 (2025) | ज़िला-स्तरीय SDG प्रगति मापन — कुल 217 संकेतक |
| ब्लॉक संकेतक ढाँचा (BIF) 1.0 | ब्लॉक-स्तरीय प्रशासन हेतु — कुल 110 संकेतक |
| SDG समन्वय-विश्लेषण प्रकोष्ठ (SDG-CAC) | शुभारंभ 4 सितंबर 2025 (बजट घोषणा) — आर्थिक-सांख्यिकी निदेशालय में; SDG प्रगति विश्लेषण व पिछड़े क्षेत्रों की पहचान हेतु; त्रैमासिक SDG बुलेटिन जारी |
| राजस्थान SDG इंडेक्स संस्करण | वर्ष | लक्ष्य कवर | संकेतक |
|---|---|---|---|
| 1.0 | 2020 | 12 | 31 |
| 2.0 | 2021 | 13 | 55 |
| 3.0 | 2022 | 14 | 75 |
| 4.0 | 2023 | 14 | 83 |
| 5.0 | 2024 | 14 | 95 |
| 6.0 | 2025 | 14 | 100 |
| SDG बुलेटिन संस्करण (अवधि) | केंद्रित लक्ष्य |
|---|---|
| प्रथम (जुलाई-सितंबर 2024) | गोल-1: गरीबी का अंत |
| द्वितीय (अक्टूबर-दिसंबर 2024) | गोल-2: भुखमरी की समाप्ति |
राज्य SDG निगरानी ढाँचा
| SDG बुलेटिन संस्करण (अवधि) | केंद्रित लक्ष्य |
|---|---|
| तृतीय (जनवरी-मार्च 2025) | गोल-3: अच्छा स्वास्थ्य एवं कल्याण |
| चतुर्थ (अप्रैल-जून 2025) | गोल-4: गुणवत्तापूर्ण शिक्षा |
| पंचम (जुलाई-सितंबर 2025) | गोल-5: लैंगिक समानता |
| षष्ठम (अक्टूबर-दिसंबर 2025) | गोल-6: शुद्ध जल एवं स्वच्छता |
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