📊 अध्याय 9/14 — राजस्थान अर्थव्यवस्था

पर्यावरणीय स्थायित्व एवं जलवायु अनुकूलता

Environmental Sustainability & SDG | वन स्थिति रिपोर्ट, वन्यजीव अभयारण्य, जलवायु परिवर्तन व सतत विकास लक्ष्य
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📋 इस अध्याय में क्या-क्या पढ़ेंगे
  1. 01. अवधारणा, चुनौतियाँ एवं 12 स्तंभ
  2. 02. वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन क्षेत्र
  3. 03. प्रमुख पर्यावरण नीतियाँ एवं निगरानी तंत्र
  4. 04. वानिकी पहलें, जैव विविधता एवं अपशिष्ट प्रबंधन
  5. 05. अक्षय ऊर्जा क्षेत्र एवं हरित शासन
  6. 06. राज्य आपदा प्रबंधन एवं राहत कार्य
  7. 07. सतत विकास लक्ष्य (SDG) — वैश्विक ढाँचा
  8. 08. राजस्थान की SDG प्रगति एवं निगरानी ढाँचा
🌟 शुरुआत एक कहानी से

पर्यावरणीय स्थायित्व (Sustainability) का अर्थ है वर्तमान आवश्यकताओं को भावी पीढ़ियों की क्षमता से समझौता किए बिना पूरा करना; जलवायु अनुकूलता (Resilience) का अर्थ है लू-बाढ़-सूखा जैसी जलवायु-आपदाओं का पूर्वानुमान, सहनशीलता व पुनर्प्राप्ति क्षमता।

राजस्थान वन संरक्षण, नवीकरणीय ऊर्जा, आपदा प्रबंधन व सतत विकास लक्ष्यों (SDG) को जोड़ते हुए एक एकीकृत पर्यावरण-जलवायु रणनीति अपना रहा है।

राज्य की भौगोलिक विशेषताएँ व पर्यावरणीय चुनौतियाँ

उपलब्धियाँ
▸ SDG ढाँचे में उल्लेखनीय व निरंतर प्रगति (स्कोर 59→67)
▸ राजस्थान समेकित स्वच्छ ऊर्जा नीति व अन्य लक्षित हरित नीतियाँ लागू ▸ वन-जलवायु-अपशिष्ट क्षेत्रों में संस्थागत तंत्र सुदृढ़
शेष चुनौतियाँ
▸ कम वन आवरण (मात्र 8% भौगोलिक क्षेत्र)
▸ गंभीर जल संकट (भूजल स्तर में गिरावट) ▸ शहरी क्षेत्रों में प्रदूषण संबंधी चिंताएँ
कुल अभिलिखित वन क्षेत्र
33,020.32 वर्ग किमी
राज्य के भौगोलिक क्षेत्र का 9.65%
वन+वृक्ष आवरण
27,389.33 वर्ग किमी
कुल भौगोलिक क्षेत्र का 8% (वनावरण 4.84% + वृक्षावरण 3.16%)
📘 चक्रीय अर्थव्यवस्था (Circular Economy)

परिभाषा: एक आर्थिक मॉडल जिसमें उत्पाद-सामग्री का बार-बार उपयोग, पुनउपयोग, मरम्मत व पुनर्चक्रण करके अपशिष्ट को न्यूनतम रखा जाता है — बजाय पारंपरिक "बनाओ-उपयोग करो-फेंको" (Linear Economy) मॉडल के।

💡 आसान भाषा में: यानी किसी चीज़ को एक बार उपयोग करके फेंकने की बजाय बार-बार इस्तेमाल में लाना, मरम्मत करना या उसकी सामग्री को नई चीज़ बनाने में दोबारा लगाना — जैसे पुरानी बोतल को तोड़कर नए प्लास्टिक-धागे में बदल देना।

🏠 उदाहरण: राजस्थान की वाहन स्क्रैपिंग नीति व ई-वेस्ट नीति — दोनों चक्रीय अर्थव्यवस्था पर आधारित हैं; पुराने वाहनों/उपकरणों से धातु-सामग्री निकालकर पुनः उपयोग में लाई जाती है।

📘 हीट एक्शन प्लान (Heat Action Plan)

परिभाषा: किसी शहर/ज़िले द्वारा लू (Heatwave) से पहले, उसके दौरान व बाद में जान-माल की सुरक्षा हेतु तैयार की गई पूर्व-निर्धारित कार्य-योजना, जिसमें प्रारंभिक चेतावनी, जन-जागरूकता, अस्पताल-तैयारी व शीतलन-केंद्र (Cooling Center) जैसे उपाय शामिल होते हैं।

💡 आसान भाषा में: यानी गर्म की लहर आने से पहले ही यह तय कर लिया जाता है कि कब स्कूल की छुट्टी होगी, कब पानी-छाया की व्यवस्था बढ़ेगी व अस्पताल किस तरह तैयार रहेंगे — ताकि लू से होने वाली मौतें रोकी जा सकें।

🏠 उदाहरण: 12 स्तंभों में से एक "आपदा-तैयारी" स्तंभ के अंतर्गत हीट एक्शन प्लान, सूखे की तैयारी व समुदाय-आधारित आपदा प्रबंधन को शामिल किया गया है।

प्रभावी क्रियान्वयन हेतु दृष्टिकोण

1वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन क्षेत्र

वन वर्गकरण (1953 अधिनियम)हिस्सा
आरक्षित वन (Reserved Forest)36.94%
संरक्षित वन (Protected Forest)56.54%
अवर्गकृत वन (Unclassified Forest)6.51%
📘 अभिलिखित वन क्षेत्र (Recorded Forest Area) बनाम वन आवरण (Forest Cover)

परिभाषा: अभिलिखित वन क्षेत्र वह भूमि है जो राजस्थान वन अधिनियम 1953 के अंतर्गत क़ानूनी रूप से "वन" दर्ज है (33,020.32 वर्ग किमी); वन आवरण भारतीय वन स्थिति रिपोर्ट (ISFR-2023) के उपग्रह-सर्वेक्षण से मापा गया वास्तविक हरित आवरण है, चाहे वह क़ानूनी वन-भूमि पर हो या बाहर।

💡 आसान भाषा में: एक "कागज़ी रिकॉर्ड" है — सरकारी फ़ाइल में कितनी ज़मीन वन दर्ज है, और दूसरा "सैटेलाइट से दिखने वाली असली हरियाली" है — दोनों संख्याएँ अलग-अलग होती हैं और परीक्षा में अक्सर गड़बड़ हो जाती हैं।

🏠 उदाहरण: राजस्थान का अभिलिखित वन क्षेत्र 33,020.32 वर्ग किमी (9.65%) है, जबकि ISFR-2023 अनुसार वन+वृक्ष आवरण केवल 27,389.33 वर्ग किमी (8%) है — यानी दर्ज वन-भूमि की तुलना में वास्तविक हरियाली कम ज़मीन पर दिखती है।

📘 SAPCC व NAPCC

परिभाषा: राज्य जलवायु परिवर्तन कार्य-योजना (SAPCC) व राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन कार्य-योजना (NAPCC) — क्रमशः राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर जलवायु परिवर्तन के शमन (उत्सर्जन घटाना) व अनुकूलन (ढलना-सहना) हेतु बनाई गई आधिकारिक रणनीतिक कार्य-योजनाएँ।

💡 आसान भाषा में: यानी केंद्र सरकार का अपना जलवायु-प्लान (NAPCC) होता है और हर राज्य का अपना स्थानीय जलवायु-प्लान (SAPCC) होता है — राज्य की योजना को केंद्र की योजना से जोड़कर (align करके) काम करना ज़रूरी होता है ताकि दोहराव न हो व संसाधन सही जगह लगें।

🏠 उदाहरण: राजस्थान की सभी पर्यावरण-जलवायु नीतियाँ (जलवायु परिवर्तन नीति 2023, वन नीति 2023 आदि) SAPCC-NAPCC व SDG लक्ष्यों से संबद्ध करके बनाई गई हैं ताकि अंतर-विभागीय समन्वय व निगरानी सुसंगत रहे।

1. राजस्थान वाहन स्क्रैपिंग नीति 2025 फ़्लैगशिप योजना | राज्य योजना
अधिसूचना / प्रभावी2 जनवरी 2026 (31 मार्च 2029 तक प्रभावी)
उद्देश्यपुराने-अपंजीकृत-अत्यधिक प्रदूषणकारी वाहनों को चरणबद्ध रूप से वैज्ञानिक-सुरक्षित तरीके से हटाना
प्रावधान15 वर्ष+ पुराने सरकारी वाहन अनिवार्य स्क्रैप; निजी वाहनों हेतु स्वैच्छिक विकल्प (भविष्य में अनिवार्यता की संभावना); अवधिपार-अपंजीकृत-दुर्घटनाग्रस्त-छोड़े/जब्त वाहन भी सम्मिलित; पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा (RVSF) स्थापना; VAHAN पोर्टल से एकीकृत डिजिटल-पारदर्श प्रक्रिया; वाहन स्वामी को जमा प्रमाण-पत्र (CoD) व स्क्रैपिंग प्रमाण-पत्र (CVS) जारी; नए वाहन पर मोटर वाहन कर में अधिकतम 50% (₹1 लाख तक) छूट
नीतिमुख्य बिंदु
ई-वेस्ट प्रबंधन नियम व नीति (5 जून 2023)सुरक्षित संग्रहण-पृथक्करण-पुनर्चक्रण; अनौपचारिक क्षेत्र को औपचारिक से जोड़ना; EPR अनुपालन — RSPCB नोडल; ~14 पंजीकृत रीसाइक्लर कार्यरत
राजस्थान जलवायु परिवर्तन नीति 2023 (5 जून 2023)तापमान वृद्धि-सूखा-जल संकट-मरुस्थलीकरण से सुरक्षा; सभी विभागीय योजनाओं में जलवायु पहलू एकीकरण; ग्रीन फ़ाइनेंस व प्रभावी जलवायु शासन हेतु संस्थागत सुदृढ़ीकरण
राजस्थान वन नीति 2023 (5 जून 2023)अगले 20 वर्षा में वनस्पति आवरण 20% तक बढ़ाने का लक्ष्य; प्राकृतिक वन-वन्यजीव-जैवविविधता के संरक्षण, पुनर्स्थापन व प्रबंधन की परिकल्पना
पर्यावरणीय स्थायित्व-जलवायु अनुकूलता के 12 स्तंभ

जल संरक्षण (वर्षा जल संचयन, वाटरशेड, भूजल पुनर्भरण) · GHG उत्सर्जन कमी (स्वच्छ ऊर्जा-परिवहन-उद्योग) · वनीकरण-जैवविविधता संरक्षण · अपशिष्ट प्रबंधन-हरित शहरी नियोजन। आपदा-तैयारी (हीट एक्शन प्लान, प्रारंभिक चेतावनी) · संसाधन दक्षता-पुनर्चक्रण · नवीकरणीय ऊर्जा विस्तार · जलवायु-अनुकूल कृषि (सूखा-प्रतिरोधी फ़सलें)। मृदा-चारागाह प्रबंधन · जलवायु-प्रतिरोधी अवसंरचना · सामुदायिक सहभागिता व पारंपरिक ज्ञान · SAPCC-NAPCC-SDG से संबद्धता व अंतर-विभागीय समन्वय।

निगरानी तंत्र

राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता निगरानी कार्यक्रम (NAMP) — 57 स्टेशन; इसके अतिरिक्त 46 सतत वास्तविक-समय वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशन (CAAQMS) व 2 मोबाइल वैन कार्यरत। राष्ट्रीय जल निगरानी कार्यक्रम (NWMP) — 199 स्टेशन (68 सतही जल + 131 भूजल); जयपुर में वायु गुणवत्ता सूचकांक हेतु प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली कार्यरत।

2प्रमुख पर्यावरण नीतियाँ

मिशन हरियालो राजस्थान (2025-26, दिसंबर तक)
11.64 करोड़ पौध
लक्ष्य 10 करोड़ के विरुद्ध — लक्ष्य से अधिक उपलब्धि
बीस सूत्री कार्यक्रम — वृक्षारोपण
822.02 लाख पौध
लक्ष्य 521.93 लाख का 157.50%; 1.46 लाख हेक्टेयर क्षेत्र (लक्ष्य 80,297 हेक्टेयर का 181.82%)
पहलविवरण
मेरी लाइफ़ पोर्टल वृक्षारोपण"एक पेड़ माँ के नाम" अभियान के अंतर्गत माननीय प्रधानमंत्री द्वारा शुभारंभ; मेरी लाइफ़ पोर्टल (merilife.nic.in) अनुसार दिसंबर 2025 तक 8.21 करोड़ वृक्षारोपण
मिशन हरियालो राजस्थानभारत सरकार के "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान से प्रेरित; राजस्थान को हरित राज्य बनाने हेतु शुभारंभ — 10 करोड़ लक्ष्य के विरुद्ध 11.64 करोड़ पौधरोपण (2025-26, दिसंबर तक)
वन महोत्सव व संयुक्त वन प्रबंधनराज्य स्तरीय वन महोत्सव 27 जुलाई 2025, जयपुर (~12,000 पौध रोपित); ज़िला स्तरीय हरियाली तीज पर (लक्ष्य 2.50 करोड़ के विरुद्ध 2.54 करोड़ पौध); 2,605 ग्राम वन सुरक्षा-प्रबंधन/पारिस्थितिकी विकास समितियाँ गठित (व्यय ₹9.82 लाख, प्रावधान ₹50 लाख)
इको-टूरिज़्म — "लव कुश वाटिका"हर ज़िले में 2 लव कुश वाटिका विकास (मनोरंजन गतिविधि, वॉकिंग ट्रैक, जल निकाय, पक्षी-दर्शन सुविधा सहित); 2025-26 (दिसंबर तक) व्यय ₹736.42 लाख (प्रावधान ₹1,541.48 लाख)
वानस्पतिक उद्यानविश्व वानिकी वृक्ष उद्यान (जयपुर) तज़ पर जोधपुर-बीकानेर-कोटा-उदयपुर-भरतपुर-अजमेर में विकास; व्यय ₹231.04 लाख (प्रावधान ₹1,530.05 लाख)
राजस्थान का प्रथम तितली उद्यान (Butterfly Park), उदयपुर5 ज़ोन में विभाजित; राज्य में पाई जाने वाली कुल 189 तितली प्रजातियों में से 80 रंगीन प्रजातियाँ इस उद्यान में देखी जा सकती हैं
पंच गौरव कार्यक्रम (ज़िला-विशिष्ट पहचान)लॉन्च 17 दिसंबर 2024, आयोजना विभाग — हर ज़िले की एक उपज + एक प्रजाति + एक खेल + एक उत्पाद + एक पर्यटन स्थल पहचान कर विशिष्ट पहचान स्थापित; चयनित पादप प्रजातियों हेतु 2025-26 में ₹1,175 लाख स्वीकृत
📘 OCEMS (ऑनलाइन सतत उत्सर्जन/बहिस्राव निगरानी प्रणाली)

परिभाषा: राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल (RSPCB) का डिजिटल पोर्टल OCEMS, जिससे उच्च-प्रदूषणकारी उद्योगों के उत्सर्जन (चिमनी) व बहिस्राव (नाली) का वास्तविक-समय डेटा सीधे नियामक तक पहुँचता है।

💡 आसान भाषा में: यानी फ़ैक्ट्रियों के प्रदूषण को मैन्युअल जाँच की बजाय एक ऑनलाइन सेंसर-सिस्टम से लगातार, बिना रुके मॉनिटर किया जाता है — जैसे किसी मरीज़ की हृदय-गति अस्पताल में लगातार मॉनिटर होती है।

🏠 उदाहरण: 666 उद्योग OCEMS पोर्टल से जुड़े हैं — इसके दायरे में सभी 17 अति-प्रदूषणकारी श्रेणी उद्योग, सामान्य उपचार-निस्तारण सुविधाएँ (CTDF), राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की रेड-श्रेणी इकाइयाँ, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, डेयरी व 100 KLD से अधिक बहिस्राव वाले उद्योग शामिल हैं।

3वानिकी पहलें एवं संस्थागत ढाँचा

पहलविवरण
CAMPA (प्रतिकरात्मक वनरोपण निधि)प्रतिकरात्मक वनरोपण निधि अधिनियम 2016 व नियम 2018 अनुसार राज्य CAMPA गठन (14 सितंबर 2018 अधिसूचना); राष्ट्रीय CAMPA द्वारा दिसंबर 2025 तक ₹2,676.25 करोड़ हस्तांतरित; 2025-26 हेतु ₹286.14 करोड़ की वार्षिक कार्य-योजना स्वीकृत, व्यय ₹76.50 करोड़ (दिसंबर 2025 तक)
राजस्थान राज्य जैव विविधता मंडलजैव विविधता अधिनियम 2002 अंतर्गत स्थापित; जैव विविधता नियम 2010 अनुसार कार्यरत; 2025-26 (दिसंबर तक) प्रावधान ₹155.01 लाख में से ₹120 लाख जारी
2. राजस्थान नवीकरणीय ऊर्जा नीति 2024 फ़्लैगशिप योजना | राज्य योजना
राष्ट्रीय संबद्धताभारत के 2030 तक 500 GW अक्षय क्षमता लक्ष्य से संबद्ध; अवधि मार्च 2030 तक; नोडल एजेंसी — राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम (RREC)
राज्य लक्ष्य (2029-30)125 GW कुल क्षमता — सौर 90,000 MW + पवन-हाइब्रिड 25,000 MW + हाइड्रो-PSP-बैटरी भंडारण (BESS) 10,000 MW
📘 वानिकी-जलवायु कार्यों हेतु कुल बजट प्रावधान (2025-26)

परिभाषा: ₹1,13,905.67 लाख दिसंबर 2025 तक व्यय ₹58,525.08 लाख — राज्य योजना, केंद्र प्रायोजित योजना, CAMPA, बाह्य-सहायतित परियोजना व मनरेगा से वित्तपोषित

4अक्षय ऊर्जा क्षेत्र

स्थापित क्षमता, PM-KUSUM, PM सूर्य घर योजना व सौर पार्कों का विस्तृत विवरण अध्याय 7 (कोर अवसंरचना) में — यहाँ जलवायु-नीति दृष्टिकोण से पूरक बिंदु। राजस्थान के विशाल शुष्क भू-भाग व उच्च सौर विकिरण के कारण यह राज्य सौर-पवन ऊर्जा परियोजनाओं हेतु आदर्श स्थल है; जैसलमेर-बाड़मेर-जोधपुर के पवन-गलियारे (Wind Corridor) में विशेष रूप से पवन ऊर्जा क्षमता का दोहन हो रहा है।

सहायक प्रावधान
सौर-पवन हाइब्रिडाइज़ेशन (ग्रिड स्थिरता हेतु), ऊर्जा भंडारण प्रणाली (ESS) व ग्रीन हाइड्रोजन को बढ़ावा;
रूफटॉप व ऑफ़-ग्रिड सोलर हेतु नेट/ग्रॉस मीटरिंग प्रोत्साहन; अनुसंधान-विकास (R&D) व मानव संसाधन
विकास पर बल
PM सूर्य घर मुफ़्त बिजली योजना (13
फ़रवरी 2024)
493 MW रूफटॉप 1.22 लाख उपभोक्ता तक स्थापना (दिसंबर 2025 तक); राज्य लक्ष्य — 5 लाख घर
PM-KUSUM Component-A,
Phase-I
468.75 MW RRECL द्वारा स्थापित सौर ऊर्जा संयंत्र
PM-KUSUM Component-C
(फ़ीडर स्तरीय सोलराइज़ेशन)
2,162 MW 838 सौर विद्युत संयंत्र स्थापित (दिसंबर 2025 तक)
पहलविवरण
राजस्थान EV नीति 2022अधिसूचित 31 अगस्त 2022, प्रभावी 1 सितंबर 2022 — वाहन उत्सर्जन कमी; RIICO द्वारा समर्पित EV-कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग पार्क; जयपुर-जोधपुर जैसे उच्च-घनत्व शहरों को अतिरिक्त सहायता; चार्जिंग स्टेशन स्थापना लाइसेंस-मुक्त; परिवहन-ऊर्जा-उद्योग-सूचना प्रौद्योगिकी विभागों के मध्य समन्वय; सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन की वास्तविक-समय स्थिति हेतु मोबाइल ऐप; 2025-26 में SGST प्रतिपूतं हेतु ₹150 करोड़ बजट प्रावधान
RSMML पवन ऊर्जा फ़ार्म (जैसलमेर)106.30 MW क्षमता — 8 चरणों में स्थापित; लगभग 1,300 लाख यूनिट प्रति वर्ष उत्पादन क्षमता
मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान 2.0वर्षा जल संचयन, जल संरक्षण व जल-निकाय संरचनाओं के कायाकल्प हेतु प्रमुख पहल — हरित विकास (Green Growth) को समर्थन; विस्तृत विवरण अध्याय 8 (जल सुरक्षा) में
हरित विनिर्माण उद्योगखनन एवं विनिर्माण क्षेत्र में पर्यावरण अनुकूल कार्यों-निवेश को बढ़ावा देने वाली नीतियाँ तथा हरित औद्योगिक प्रथाओं को प्रोत्साहन
राज्य का प्रथम ग्रीन बजट (2025-26)19 फ़रवरी 2025 प्रस्तुत (केंद्रीय बजट 2023-24 की तर्ज पर) — कुल ₹27,853.84 करोड़ का आवंटन, जो राज्य के कुल बजट का 5.18% है
पर्यावरणीय अनुपालन रेटिंग (Green Rating Scheme)उद्योगों को पर्यावरणीय प्रदर्शन आधार पर प्लेटिनम-गोल्ड-सिल्वर-ब्रॉन्ज़ श्रेणी; 21 अगस्त 2024 से स्वास्थ्य सुविधाओं, होटलों व आवासीय परियोजनाओं तक विस्तारित — कम शुल्क व विस्तारित सहमति-वैधता प्रोत्साहन
राज-काज पोर्टल (ई-फ़ाइल प्रणाली)कागज़-रहित, पारदर्श शासन की दिशा में कदम; दिसंबर 2025 तक 75 प्रशासनिक विभागों के 60,000+ कार्यालयों में 10 लाख+ उपयोगकर्ता सक्रिय, 42 लाख+ फ़ाइलें ऑनलाइन सृजित
राजस्थान जन आधार प्राधिकरणलाभार्थ सत्यापन व लोक-कल्याण योजनाओं के लाभ-वितरण हेतु डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म — संधारणीय शासन में प्रौद्योगिकी उपयोग का उदाहरण
राज्य आपदा मोचन निधि (SDRF,
2025-26)
₹5,905.86 करोड़ सर्वाधिक आवंटन कृषि आदान-अनुदान को
ज़िला आपातकालीन संचालन केंद्र
41 ज़िले
₹38.95 करोड़ आवंटित (2025-26)
युवा आपदा मित्र योजना
₹2,425.40 लाख
NDMA (नई दिल्ली) द्वारा युवा प्रशिक्षण हेतु स्वीकृत
गतिविधि (2025-26, दिसंबर 2025 तक)व्यय (₹ करोड़)
राहत गतिविधि — पेयजल6.58
राहत गतिविधि — पशु संरक्षण1.99
कृषि आदान-अनुदान (प्रावधान ₹2,483.97 करोड़)1,364.88
अन्य मद1,053.55
कुल व्यय3,546.09
📘 आपदा जोखिम न्यूनीकरण (Disaster Risk Reduction)

परिभाषा: आपदा आने के बाद केवल राहत देने की बजाय, आपदा आने ही न पाए या उसका असर कम-से-कम हो — इस हेतु पहले से किए जाने वाले पूर्वानुमान, तैयारी व संरचनात्मक-गैर-संरचनात्मक उपायों की समग्र प्रक्रिया।

💡 आसान भाषा में: यानी "इलाज से बेहतर बचाव" वाली सोच — जैसे बाढ़ आने के बाद पैसा बाँटने की बजाय पहले से नालों की सफ़ाई, चेतावनी-सायरन व सुरक्षित निकासी-मार्ग तैयार रखना।

🏠 उदाहरण: राजस्थान में तड़ित-सुरक्षा हेतु संवेदनशील स्थलों की पूर्व-पहचान व पोर्टेबल तड़ित-अरेस्टर लगाना, तथा युवा आपदा मित्र योजना अंतर्गत युवाओं को प्रशिक्षित करना — दोनों आपदा जोखिम न्यूनीकरण के व्यावहारिक उदाहरण हैं।

5राज्य आपदा प्रबंधन एवं राहत कार्य

लक्ष्य 1–9लक्ष्य 10–17
गोल-1: गरीबी का अंतगोल-10: असमानताओं में कमी
गोल-2: भुखमरी की समाप्तिगोल-11: संधारणीय शहर एवं समुदाय
गोल-3: अच्छा स्वास्थ्य एवं कल्याणगोल-12: उत्तरदायी उपभोग एवं उत्पादन
गोल-4: गुणवत्तापूर्ण शिक्षागोल-13: जलवायु कार्यवाही
गोल-5: लैंगिक समानतागोल-14: जलीय जीवन
📘 सतत विकास (Sustainable Development)

परिभाषा: ब्रुंटलैंड आयोग रिपोर्ट 1987 द्वारा आधिकारिक रूप से परिभाषित — ऐसा विकास जिसमें वर्तमान पीढ़ी अपनी आवश्यकताएँ इस तरह पूरी करे कि भावी पीढ़ियों की आवश्यकता-पूतं क्षमता से समझौता न हो।

💡 आसान भाषा में: यानी विकास ऐसा हो कि आज के फ़ायदे के लिए कल के संसाधन ख़त्म न किए जाएँ — जैसे आज पेड़ काटकर मुनाफ़ा कमाना, पर भावी पीढ़ी के लिए हरियाली-पानी न बचाना, सतत विकास नहीं है।

🏠 उदाहरण: 25-27 सितंबर 2015 को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 70वें सत्र में 193 देशों ने "Transforming Our World: The 2030 Agenda for Sustainable Development" अपनाया — 17 लक्ष्य व 169 संबद्ध टारगेट (पूर्व में 8 MDG थे)।

SDG ढाँचा — मुख्य तथ्य

17 लक्ष्य, अधिकतम 19 टारगेट (न्यूनतम 5) — कुल 169 टारगेट, 248 वैश्विक संकेतक; अवधि 1 जनवरी 2016 से 2030 तक। आर्थिक समीक्षा 2025-26 की तालिका अनुसार वर्तमान वैश्विक संकेतक फ़्रेमवर्क (GIF) में कुल 251 संकेतक सम्मिलित हैं। केंद्रीय सिद्धांत — "कोई भी पीछे न रहे" (Leave No One Behind); 5 आयाम (5P — जन, पृथ्वी, समृद्धि, शांति, साझेदारी) — सार्वभौमिकता, Leave No One Behind, अंतर्संबद्धता-अविभाज्यता, समावेशिता, बहु-हितधारक भागीदारी। सितंबर 2019 शिखर सम्मेलन में शेष 10 वर्षा को "Decade of Action" घोषित किया गया।

📘 भारत की SDG प्रतिबद्धता

परिभाषा: भारत ने SDG को राष्ट्रीय नीतियों-कार्यक्रमों में स्पष्ट रूप से अपनाया है; नोडल संस्था नीति आयोग राज्यों-केंद्रशासित प्रदेशों के साथ मिलकर SDG-निगरानी, रिपोर्टिंग व समीक्षा हेतु विविध उपकरण विकसित करता है तथा सिविल सोसायटी व निजी क्षेत्र को भी भागीदार बनाता है। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) को राष्ट्रीय संकेतक फ़्रेमवर्क (NIF) के विकास व समीक्षा का दायित्व सौंपा गया है — इसके सांख्यिकीय संकेतक SDG-लक्ष्यों की दिशा में नीतियों के परिणाम को वैज्ञानिक ढंग से मापने में सहायक हैं। राज्य संकेतक ढाँचे (SIF) हेतु दिशा-निर्देश जुलाई 2019 में जारी किए गए।

6सतत विकास लक्ष्य (SDG)

लक्ष्य 1–9लक्ष्य 10–17
गोल-6: शुद्ध जल एवं स्वच्छतागोल-15: स्थलीय जीवन
गोल-7: किफ़ायती एवं स्वच्छ ऊर्जागोल-16: शांति, न्याय एवं सुदृढ़ संस्थाएँ
गोल-8: सम्मानजनक कार्य एवं आर्थिक विकासगोल-17: लक्ष्यों के लिए साझेदारियाँ
गोल-9: उद्योग, नवाचार एवं अवसंरचना—
संस्करण (वर्ष)लक्ष्य कवरभारत स्कोरराजस्थान स्कोरराजस्थान की श्रेणी
1.0 (दिसंबर 2018)136259—
2.0 (दिसंबर 2019)161006057
3.0 (मार्च 2021)161156660
4.0 (जुलाई 2024)161137167 (फ्रंट रनर)
SDG संकेतक फ़्रेमवर्क — स्तरसंकेतक संख्या
वैश्विक फ़्रेमवर्क (मूल 2016 दस्तावेज़ 248; ER 2025-26 तालिका अनुसार वर्तमान)251
राष्ट्रीय संकेतक फ़्रेमवर्क (NIF)284
राज्य संकेतक फ़्रेमवर्क (SIF 3.0)316
ज़िला संकेतक फ़्रेमवर्क (DIF 3.0)217
📘 SDG इंडिया इंडेक्स की 4 श्रेणियाँ

परिभाषा: नीति आयोग द्वारा राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को 0-100 के बीच समग्र स्कोर दिया जाता है, जिसके आधार पर 4 श्रेणियाँ बनती हैं — Achiever (स्कोर 100), Front-Runner (स्कोर 65-99), Performer (स्कोर 50-64), Aspirant (स्कोर 50 से कम)।

💡 आसान भाषा में: यानी जितना ज़्यादा स्कोर, उतनी बेहतर श्रेणी — 100 अंक वाला राज्य "पूर्ण उपलब्धिकर्ता", 65-99 वाला "अग्रणी धावक", 50-64 वाला "औसत प्रदर्शक" व 50 से कम वाला "आकांक्षी" (अभी पीछे) श्रेणी में आता है।

🏠 उदाहरण: राजस्थान का SDG इंडिया इंडेक्स 4.0 में स्कोर 71 है — इसलिए राजस्थान वर्तमान में "Front-Runner" (फ्रंट रनर) श्रेणी में शामिल है।

विश्लेषण (4.0 संस्करण, स्कोर 60→67)

उल्लेखनीय वृद्धि — किफ़ायती-स्वच्छ ऊर्जा (लक्ष्य-7, स्कोर 100), उत्तरदायी उपभोग-उत्पादन (लक्ष्य-12, स्कोर 89), गरीबी का अंत (लक्ष्य-1, स्कोर 82), मातृ स्वास्थ्य सुधार (73), गुणवत्तापूर्ण शिक्षा (63)। सुधार आवश्यक — असमानता में कमी (लक्ष्य-10, स्कोर 49), लैंगिक समानता (लक्ष्य-5, स्कोर 52), उद्योग-नवाचार-अवसंरचना (53), स्थलीय जीवन (54)। 2024 में शीर्ष राज्य — उत्तराखंड, केरल (79); निम्नतम — बिहार (57), झारखंड (62)।

SDG इंडिया इंडेक्स — राजस्थान की प्रगति

SDG संकेतक फ़्रेमवर्क — स्तरसंकेतक संख्या
ब्लॉक संकेतक फ़्रेमवर्क (BIF 1.0)110
रिपोर्ट/सूचकांकविवरण
राजस्थान SDG रिपोर्टप्रथम संस्करण 2019; नवीनतम 7वाँ संस्करण मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा द्वारा 29 जून 2025 (19वें राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस पर) जारी — SIF 3.0 आधारित, 316 संकेतक; पहली बार 2030 टारगेट के सापेक्ष प्रगति का विस्तृत विश्लेषण; संकेतक 4 श्रेणियों में — अर्जित (Achieved), पथ पर (On Track), धीमी प्रगति (Slow Progress), पथ से बाहर (Out of Track)
राजस्थान ज़िला SDG सूचकांकनवीनतम 6वाँ संस्करण (अक्टूबर 2025) — 14 लक्ष्यों के 100 संकेतक; शीर्ष — झुंझुनू (67.13 स्कोर); अंतिम — जैसलमेर (51.82 स्कोर)
राज्य संकेतक ढाँचा (SIF) 3.0राज्य-स्तरीय SDG मॉनिटरिंग हेतु — कुल 316 संकेतक
ज़िला संकेतक ढाँचा (DIF) 3.0 (2025)ज़िला-स्तरीय SDG प्रगति मापन — कुल 217 संकेतक
ब्लॉक संकेतक ढाँचा (BIF) 1.0ब्लॉक-स्तरीय प्रशासन हेतु — कुल 110 संकेतक
SDG समन्वय-विश्लेषण प्रकोष्ठ (SDG-CAC)शुभारंभ 4 सितंबर 2025 (बजट घोषणा) — आर्थिक-सांख्यिकी निदेशालय में; SDG प्रगति विश्लेषण व पिछड़े क्षेत्रों की पहचान हेतु; त्रैमासिक SDG बुलेटिन जारी
Achieve
33 (18%)
2030 लक्ष्य पहले ही अर्जित
On Track
63 (34%)
वर्तमान गति से अर्जित होंगे
Slow Progress
46 (24%)
धीमी प्रगति
Out of Track
46 (24%)
अत्यंत न्यून/नकारात्मक प्रगति
राजस्थान SDG इंडेक्स संस्करणवर्षलक्ष्य कवरसंकेतक
1.020201231
2.020211355
3.020221475
4.020231483
5.020241495
6.0202514100
SDG बुलेटिन संस्करण (अवधि)केंद्रित लक्ष्य
प्रथम (जुलाई-सितंबर 2024)गोल-1: गरीबी का अंत
द्वितीय (अक्टूबर-दिसंबर 2024)गोल-2: भुखमरी की समाप्ति

राज्य SDG निगरानी ढाँचा

SDG बुलेटिन संस्करण (अवधि)केंद्रित लक्ष्य
तृतीय (जनवरी-मार्च 2025)गोल-3: अच्छा स्वास्थ्य एवं कल्याण
चतुर्थ (अप्रैल-जून 2025)गोल-4: गुणवत्तापूर्ण शिक्षा
पंचम (जुलाई-सितंबर 2025)गोल-5: लैंगिक समानता
षष्ठम (अक्टूबर-दिसंबर 2025)गोल-6: शुद्ध जल एवं स्वच्छता
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