कल्पना कीजिए — ऊँट की पीठ पर बैठकर रेगिस्तान के टीलों से सूर्यास्त देखना, हवा महल की झरोखों से जयपुर की गलियों को निहारना, या घूमर नृत्य की थाप पर झूमते लोक-कलाकारों को देखना — यही है राजस्थान का "पर्यटन ब्रांड", जो हर साल लाखों देशी-विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करता है।
यह अध्याय राजस्थान की अर्थव्यवस्था के उस तृतीयक (सेवा) स्तंभ को समेटता है, जिसमें पर्यटन, संस्कृति-कला और व्यापक सेवा क्षेत्र तीनों मिलकर राज्य की GSVA में सबसे बड़ा हिस्सा (लगभग 47.71%) योगदान करते हैं।
विज़न स्टेटमेंट — विकसित राजस्थान@2047 वर्ष 2047 तक, राजस्थान एक ग्रामीण, वैश्विक एवं इको-टूरिज़्म तथा सांस्कृतिक केंद्र होगा जो सतत नीतियों, नवाचार और डिजिटल एकीकरण के माध्यम से अद्वितीय विरासत, आध्यात्मिकता और कलात्मक अनुभव प्रदान करेगा।
राज्य अपनी प्राकृतिक, ऐतिहासिक व सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण करते हुए समावेशी आर्थिक विकास, आजीविका संवर्धन तथा भावी पीढ़ियों हेतु विश्वस्तरीय पर्यटन-तीर्थाटन अनुभव सृजित करेगा।
राजस्थान की समृद्ध इतिहास, विविध परंपराओं, भव्य दुर्ग-महलों व विविध प्राकृतिक परिदृश्यों के कारण यह भारत के सर्वाधिक लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में से एक है। पर्यटन से होटल, परिवहन, हस्तशिल्प व स्थानीय सेवाओं जैसे संबद्ध क्षेत्रों को आय व रोज़गार मिलता है, साथ ही ग्रामीण विकास व सांस्कृतिक विरासत संरक्षण में भी सहायता मिलती है।
चित्तौड़गढ़ दुर्ग (चित्तौड़गढ़), कुंभलगढ़ दुर्ग (राजसमंद), रणथंभौर दुर्ग (सवाई माधोपुर), जैसलमेर दुर्ग (जैसलमेर), आमेर दुर्ग (जयपुर), गागरोन दुर्ग (झालावाड़), जंतर मंतर (जयपुर), जयपुर का परकोटा शहर (Walled City), केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान (भरतपुर)।
परिभाषा: किसी एक विशेष रुचि/विषय (थीम) को केंद्र में रखकर विकसित किया गया पर्यटन उत्पाद — जैसे विरासत, रेगिस्तान, वन्यजीव, साहसिक खेल या आध्यात्मिकता।
💡 आसान भाषा में: सीधी भाषा में — यह "एक ही तरह के शौक़ीन पर्यटकों" के लिए अलग-अलग "पैकेज" बनाने जैसा है, ताकि हर पर्यटक को अपनी पसंद का अनुभव मिले और भीड़ पूरे साल बँटी रहे, सिर्फ एक मौसम में न आए।
🏠 उदाहरण: जैसे — जो पर्यटक रोमांच पसंद करता है वह जैसलमेर में डेज़र्ट कैंपिंग व पैरामोटरिंग चुनेगा, जबकि श्रद्धालु खाटू श्याम या नाथद्वारा जाना पसंद करेगा — दोनों को राजस्थान अलग-अलग "थीम" के ज़रिए आकर्षित करता है।
राजस्थान में विरासत पर्यटन (दुर्ग-महल-हवेली), धार्मिक-आध्यात्मिक पर्यटन (UNESCO स्थल), वन्यजीव-इको पर्यटन, फ़िल्म पर्यटन, वेलनेस व एडवेंचर पर्यटन तेज़ी से बढ़ रहे हैं — MICE (Meetings, Incentives, Conferences, Exhibitions) भी पर्यटन प्रोत्साहन में सहायक है। यह विविधता वर्षभर पर्यटकों को आकर्षित करती है व मौसमी उतार-चढ़ाव को कम करती है।
हेरिटेज टूरिज़्म (Heritage Tourism) ऐतिहासिक, सांस्कृतिक व प्राकृतिक महत्व के स्थलों पर केंद्रित — इन्हें "प्रतिष्ठित पर्यटन स्थलों" के रूप में विकसित किया गया है, जिनमें दुर्ग, महल, स्थापत्य व विश्व धरोहर स्थल शामिल हैं — यह विदेशी पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण है।
कल्चरल टूरिज़्म व अन्य श्रेणियाँ
| धार्मिक स्थल (शीर्ष 10) | 2024 (लाख) | 2025 (लाख) |
|---|---|---|
| खाटू श्याम जी, सीकर | 236.00 | 258.00 |
| पूंछरी का लौठा, डीग (सर्वाधिक वृद्धि) | 95.51 | 147.12 |
| पुष्कर, अजमेर | 124.76 | 132.46 |
| सांवलियाजी सेठ, चित्तौड़गढ़ | 106.90 | 119.40 |
| दरगाह शरीफ़, अजमेर | 73.91 | 84.61 |
| रामदेवरा, जैसलमेर | 70.94 | 72.33 |
| कैला देवी मंदिर, करौली | 65.89 | 65.34 |
परिभाषा: Meetings (बैठकें), Incentives (प्रोत्साहन यात्राएँ), Conferences (सम्मेलन) व Exhibitions (प्रदर्शनियाँ) — व्यावसायिक/संस्थागत उद्देश्य से होने वाला सामूहिक पर्यटन, जो सामान्य अवकाश-पर्यटन से अलग है।
💡 आसान भाषा में: आसान भाषा में — जब कोई कंपनी या संस्था अपनी बैठक, सम्मेलन या प्रदर्शनी किसी सुंदर व सुविधाजनक शहर में आयोजित करती है, तो उसमें आए सैकड़ों-हज़ारों लोग स्थानीय होटल, परिवहन व खान-पान से बड़ी आय देते हैं — यही MICE पर्यटन है।
🏠 उदाहरण: जैसे — जयपुर में जेम्स एंड ज्वैलरी शो (IGJS) में देश-विदेश से व्यापारी आते हैं जो न सिर्फ व्यापार करते हैं बल्कि होटल में ठहरते व शहर घूमते भी हैं, जिससे पर्यटन को भी सीधा लाभ मिलता है।
पर्यटन विकास के थ्रस्ट एरिया (मुख्य फोकस क्षेत्र) आर्थिक समीक्षा 2025-26 में पर्यटन क्षेत्र के समग्र विकास हेतु 10 प्रमुख फोकस क्षेत्र (थ्रस्ट एरिया) चिह्नित किए गए हैं, जिन पर राज्य सरकार की नीतियाँ केंद्रित हैं:
कोविड-19 के कारण 2020 में घरेलू पर्यटन में 71.05% की भारी गिरावट आई थी, पर 2022 में 392.65% की ज़बरदस्त वृद्धि के साथ मज़बूत सुधार हुआ। विदेशी पर्यटन में सुधार धीमी गति से रहा — 2021 से 2024 तक क्रमिक वृद्धि के बाद 2025 में हल्की गिरावट दर्ज हुई।
| धार्मिक स्थल (शीर्ष 10) | 2024 (लाख) | 2025 (लाख) |
|---|---|---|
| सालासर बालाजी, चूरू | 49.89 | 53.61 |
| गोगामेड़ी, हनुमानगढ़ | 42.16 | 42.05 |
| शिवाड़, सवाई माधोपुर | 47.81 | 33.63 |
| ऐतिहासिक-हेरिटेज स्थल (शीर्ष 10) | 2024 (लाख) | 2025 (लाख) |
|---|---|---|
| जैसलमेर दुर्ग, जैसलमेर | 44.17 | 41.92 |
| हवा महल, जयपुर | 14.67 | 18.24 |
| आमेर दुर्ग, जयपुर | 16.04 | 18.15 |
| सिटी पैलेस, उदयपुर | 12.84 | 15.23 |
| चित्तौड़गढ़ दुर्ग (सर्वाधिक वृद्धि — +4.54 लाख) | 8.90 | 13.44 |
| नाहरगढ़ दुर्ग, जयपुर | 10.21 | 12.22 |
| जंतर मंतर, जयपुर | 9.81 | 11.63 |
| मेहरानगढ़ दुर्ग, जोधपुर | 9.75 | 10.73 |
| उम्मेद भवन पैलेस, जोधपुर | 5.74 | 6.02 |
| अकबर दुर्ग, अजमेर | 4.22 | 4.83 |
| क्रम | ज़िला (2024) | संख्या (2024) | ज़िला (2025) | संख्या (2025) |
|---|---|---|---|---|
| 1 | जयपुर | 6,23,534 | जयपुर | 5,60,249 |
| 2 | उदयपुर | 4,83,109 | उदयपुर | 4,70,971 |
| 3 | जोधपुर | 2,07,490 | जोधपुर | 1,89,454 |
| 4 | जैसलमेर | 1,61,884 | जैसलमेर | 1,53,716 |
| 5 | अजमेर | 1,03,393 | दौसा (नया प्रवेश) | 83,505 |
2025 में शीर्ष-5 ज़िलों की सूची में अजमेर की जगह दौसा ने प्रवेश किया — यह हाल में लोकप्रिय हुए "पूंछरी का लौठा" (डीग) व आसपास के धार्मिक स्थलों के कारण संभव हुआ।
विदेशी पर्यटक — शीर्ष 5 ज़िले (2024 व 2025) देशवार विदेशी पर्यटक आगमन — 2019 से 2025 का रुझान कोविड-पूर्व (2019), कोविड-चरम गिरावट (2021) व वर्तमान रिकवरी (2023-2025) की तुलना दर्शाने हेतु शीर्ष स्रोत देशों के आँकड़े नीचे दिए गए हैं — संख्या पर्यटक-आगमन की वास्तविक गिनती है (लाख में नहीं):
| देश | 2019 | 2021 (COVID) | 2023 | 2024 | 2025 |
|---|---|---|---|---|---|
| संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) | 1,45,178 | 7,307 | 1,35,275 | 1,57,817 | 1,69,868 |
| यूनाइटेड किंगडम (UK) | 1,72,698 | 1,939 | 96,394 | 1,28,994 | 1,33,978 |
| फ़्रांस | 2,18,657 | 3,237 | 97,157 | 1,25,469 | 1,31,270 |
| जर्मनी | 1,34,098 | 1,140 | 60,220 | 77,797 | 82,703 |
| इटली | 83,060 | 644 | 56,388 | 77,868 | 71,636 |
| ऑस्ट्रेलिया | 81,564 | 614 | 48,140 | 68,283 | 65,252 |
| कनाडा | 50,194 | 810 | 18,437 | 25,834 | 30,562 |
| जापान | 37,452 | 1,496 | 16,229 | 25,748 | 25,250 |
| स्विट्ज़रलैंड | 17,109 | 224 | 11,225 | 14,558 | 14,605 |
| अन्य देश | 6,65,550 | 17,395 | 11,60,404 | 13,70,039 | 12,19,944 |
| कुल विदेशी पर्यटक | 16,05,560 | 34,806 | 16,99,869 | 20,72,407 | 19,45,068 |
2021 में कोविड के कारण कुल विदेशी पर्यटक घटकर मात्र 34,806 रह गए थे (2019 के 16.06 लाख की तुलना में) — पर 2024 तक 20.72 लाख तक पूर्ण रिकवरी हुई, जबकि 2025 में हल्की गिरावट (19.45 लाख) दर्ज हुई। USA, UK व फ़्रांस लगातार शीर्ष-3 स्रोत देश बने हुए हैं — तीनों यूरोप-अमेरिका के पारंपरिक बाज़ार राजस्थान पर्यटन के लिए सर्वाधिक महत्वपूर्ण हैं।
| 1. राजस्थान पर्यटन नीति 2025 व फ़िल्म पर्यटन प्रोत्साहन नीति 2025 फ़्लैगशिप योजना | राज्य योजना | |
|---|---|
| पर्यटन नीति — क्रियान्वयन व लॉन्च | राज्य में लागू — 7 दिसंबर 2025; औपचारिक शुभारंभ समारोह — 10 दिसंबर 2025, जयपुर (दोनों तिथियाँ न मिलाएँ) — निजी क्षेत्र भागीदारी, विश्वस्तरीय अवसंरचना, डिजिटल-स्मार्ट पर्यटन विस्तार, निवेश-अनुकूल माहौल |
| फ़िल्म नीति — लागू | 20 दिसंबर 2025 — शूटिंग खर्च पर सब्सिडी: फ़ीचर फ़िल्म 30% (अधिकतम ₹3 करोड़), वेब सीरीज़/डॉक्यूमेंट्री 30% (अधिकतम ₹2 करोड़), TV सीरियल 30% (अधिकतम ₹1.5 करोड़); न्यूनतम 5% स्क्रीन टाइम या 50% शूटिंग दिन राजस्थान में; राजस्थानी भाषा फ़िल्में भी पात्र; सरकारी स्थलों हेतु 100% लोकेशन-फ़ीस प्रतिपूतं (5 दिन तक); राष्ट्रीय पुरस्कार-विजेता फ़िल्म हेतु ₹50 लाख व अंतरराष्ट्रीय हेतु ₹1 करोड़ विशेष प्रोत्साहन |
राइजिंग राजस्थान समिट — पर्यटन क्षेत्र में निजी निवेश हेतु 1,320 ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। 25वाँ IIFA महोत्सव — 7-9 मार्च 2025, जयपुर; राजस्थान पर्यटन अवसंरचना एवं क्षमता निर्माण कोष (RTICF) — 11 मार्च 2025 गठित, ₹5,000 करोड़+ के कार्य (हेरिटेज, धार्मिक, ग्रामीण, इको व एडवेंचर पर्यटन विकास सहित); 2025-26 (दिसंबर तक) में ₹276 करोड़ के 88 पर्यटन विकास कार्य स्वीकृत। राजस्थान पर्यटन विकास बोर्ड — 20 नवंबर 2025 को गठित, राज्य को देशी-विदेशी पर्यटकों हेतु लोकप्रिय गंतव्य बनाने के उद्देश्य से। ग्रेट इंडियन ट्रैवल बाज़ार (GITB) — 4-6 मई 2025 (53 देशों से 272 विदेशी टूर ऑपरेटर + 300 घरेलू विक्रेता); RDTM — 12-14 सितंबर 2025 (600+ प्रदर्शक, 295 घरेलू टूर ऑपरेटर, 19,296 B2B बैठकें)। इंडियन रिस्पॉन्सिबल टूरिज़्म स्टेट समिट एंड अवाड्स — 11 जुलाई 2025, जयपुर — उत्तरदायी व सतत पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु होटल-गेस्ट हाउस-होमस्टे-ट्रैवल एजेंसियों को सम्मानित किया गया। स्वदेश दर्शन 2.0 योजना (केंद्र प्रायोजित) — खाटू श्याम सीकर (₹87.87 करोड़), करणी माता मंदिर बीकानेर (₹22.57 करोड़), मालासेरी डूंगरी भीलवाड़ा (₹48.73 करोड़), केशोराय पाटन बूंदी (₹21.65 करोड़) में विकास कार्य प्रगतिरत। इंडस्ट्री स्टेटस लाभ — 148 एंटाइटलमेंट सर्टिफिकेट जारी; 462 पर्यटन इकाई परियोजनाएँ (₹7,609.21 करोड़ निवेश, 22,427 रोज़गार) स्वीकृत; 18 हेरिटेज सर्टिफिकेट प्रदान; 39 फ़िल्म/डॉक्यूमेंट्री/विज्ञापन हेतु शूटिंग अनुमति जारी। पर्यटन विभाग व्यय (2025-26, दिसंबर तक) — ₹517.06 करोड़ आवंटन के विरुद्ध ₹78.39 करोड़ व्यय।
परिभाषा: पर्यटन इकाइयों (होटल-रिसॉर्ट आदि) को "उद्योग" के समान दर्जा देने हेतु जारी प्रमाण-पत्र, जिससे वे वाणिज्यिक (कमर्शियल) की बजाय औद्योगिक दरों पर सुविधाएँ पा सकें।
💡 आसान भाषा में: सामान्यतः होटल-रिसॉर्ट को बिजली व नगरीय विकास कर (UD टैक्स) "व्यावसायिक" दर पर चुकाना पड़ता है, जो महँगी होती है। यह सर्टिफिकेट मिलने पर उन्हें "औद्योगिक" (इंडस्ट्रियल) दर मिलती है, जो काफी सस्ती होती है।
🏠 उदाहरण: जैसे — बिजली शुल्क में वाणिज्यिक दर से 30% तक तथा UD टैक्स में 90% तक की बचत — इससे होटल मालिक की लागत घटती है और वह पर्यटन इकाई में और निवेश कर पाता है।
| नीति/योजना | मुख्य विशेषता |
|---|---|
| राजस्थान टूरिज़्म यूनिट पॉलिसी (RTUP) 2024 | 4 दिसंबर 2024 से लागू — 5 वर्ष में पर्यटन अर्थव्यवस्था दुगुनी करना — निवेश प्रोत्साहन, अवसंरचना विकास, उत्पाद विविधीकरण (इको-ग्रामीण-आदिवासी-साहसिक-धार्मिक), सततता, डिजिटल रूपांतरण व रोज़गार सृजन — RIPS लाभ, औद्योगिक दर पर भवन शुल्क, ऑपरेशनल लाइसेंस एक बार में 10 वर्ष |
| राजस्थान गेस्ट हाउस योजना | 16 मार्च 2021 से लागू — आवासीय घरों में 6-20 कमरे; मालिक/पट्टेदार को परिवार सहित उसी घर में रहना अनिवार्य; फ़ायर NOC व FSSAI लाइसेंस ज़रूरी — सरलीकृत पंजीकरण से पर्यटन-रोज़गार बढ़ावा |
| राजस्थान ग्रामीण पर्यटन योजना | 30 नवंबर 2022 से लागू — ग्रामीण गेस्ट हाउस-कृषि पर्यटन-कैंपिंग साइट; स्टाम्प ड्यूटी पूर्ण छूट (आरंभ में 25% देय, बाद में प्रारंभ-प्रमाणपत्र पर प्रतिपूतं), 10 वर्ष SGST 100% प्रतिपूतं, भू-संपरिवर्तन व भवन-योजना अनुमोदन से छूट, वन क्षेत्रों में इको-टूरिज़्म नीति 2021 लागू, स्थानीय लोक-कलाकारों/शिल्पकारों/स्टार्टअप को प्राथमिकता |
| 2. राजस्थान पर्यटन विकास निगम (RTDC) फ़्लैगशिप योजना | राज्य योजना | |
|---|---|
| स्थापना | 1 अप्रैल 1979 |
| कार्य | हेरिटेज होटल-मोटल-पैलेस ऑन व्हील्स-गेस्ट हाउस नेटवर्क व पर्यटक परिवहन संचालन |
| इकाइयाँ (दिसंबर 2025) | 25 होटल, 2 मोटल, 1 कैफ़ेटेरिया, 1 पैलेस ऑन व्हील्स, 1 ट्रांसपोर्ट यूनिट |
परिभाषा: राज्य में नया उद्योग/इकाई लगाने वाले निवेशकों को कर-छूट व सब्सिडी के रूप में प्रोत्साहन देने वाली राज्य सरकार की व्यापक योजना — पर्यटन इकाइयों को भी इसी के लाभ मिलते हैं।
💡 आसान भाषा में: सरकार चाहती है कि लोग राजस्थान में होटल-रिसॉर्ट जैसी नई इकाइयाँ खोलें, इसलिए वह उन्हें कुछ वर्षों तक टैक्स में छूट व सब्सिडी देकर निवेश को "आकर्षक" बनाती है — जैसे किसी दुकान को शुरुआत में किराया-माफ़ी मिल जाए।
🏠 उदाहरण: जैसे — RTUP के तहत नया हेरिटेज होटल खोलने वाले को RIPS से पूँजी सब्सिडी, SGST की वापसी (प्रतिपूतं) व ऋण पर ब्याज सब्सिडी मिलती है, साथ ही स्टाम्प ड्यूटी व बिजली शुल्क में भी छूट मिलती है — इससे उसकी शुरुआती लागत काफी घट जाती है।
| क्र म | पुरस्कार | विजेता/श्रेणी | आयोजन व तिथि |
|---|---|---|---|
| 1 | बेस्ट क्रिएटिव फ़िल्म अवार्ड | "रोमांस ऑफ़ राजस्थान" | आउटबाउंड ट्रैवल मार्ट (OTM), मुंबई — 1 फ़रवरी 2025 |
| 2 | डेस्टिनेशन ऑफ़ द ईयर अवार्ड (रॉयल एक्सपीरियंस) | राजस्थान | PATA, बर्लिन — 4-6 मार्च 2025 |
| 3 | वीमेन टूरिज़्म मिनिस्टर ऑफ़ द ईयर (इंडिया) | उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी | PATA, बर्लिन — 4-6 मार्च 2025 |
| 4 | बेस्ट हेरिटेज डेस्टिनेशन अवार्ड | आमेर फ़ोर्ट | इंडिया टुडे टूरिज़्म सर्वे एंड अवाड्स — 28 मार्च 2025 |
| 5 | बेस्ट माउंटेन डेस्टिनेशन अवार्ड | कुंभलगढ़ फ़ोर्ट | इंडिया टुडे टूरिज़्म सर्वे एंड अवाड्स — 28 मार्च 2025 |
| 6 | बेस्ट क्यूलिनरी डेस्टिनेशन अवार्ड | बीकानेर | इंडिया टुडे टूरिज़्म सर्वे एंड अवाड्स — 28 मार्च 2025 |
| 7 | बेस्ट पैवेलियन इंस्टॉलेशन अवार्ड | राजस्थान | ट्रैवल एंड टूरिज़्म फ़ेयर (TTF), कोलकाता — 12 जुलाई 2025 |
| 8 | बेस्ट सस्टेनेबल ट्रैवल एक्सपीरियंस इन इंडिया अवार्ड | राजस्थान | इंडिया इंटरनेशनल ट्रैवल मार्ट (IITM), बेंगलुरु — 24 जुलाई 2025 |
| 9 | बेस्ट पैवेलियन अवार्ड | राजस्थान | गुजरात ट्रैवल फ़ेयर (GTF), अहमदाबाद — 30 जुलाई 2025 |
| 10 | बेस्ट डिज़ाइन एंड डेकोरेशन अवार्ड | राजस्थान | GTF, गांधीनगर — 2 अगस्त 2025 |
| 11 | बेस्ट डिज़ाइन एंड डेकोरेशन अवार्ड | राजस्थान | TTF, मुंबई — 13 अगस्त 2025 |
| 12 | बेस्ट वेडिंग डेस्टिनेशन अवार्ड | राजस्थान | आउटलुक ट्रैवलर, नई दिल्ली — 22 नवंबर 2025 |
| 13 | बेस्ट डेस्टिनेशन ऑफ़ द ईयर अवार्ड | राजस्थान | IITM, पुणे — 29 नवंबर 2025 |
| 14 | द कल्चरल कैलिडोस्कोप अवार्ड | राजस्थान | IITM, हैदराबाद — 6 दिसंबर 2025 |
27 सितंबर 2021 (विश्व पर्यटन दिवस) को प्रौद्योगिकी-आधारित पर्यटक-सहायता पहल लॉन्च — तकनीक के ज़रिये व्यक्तिगत अनुभव, संवर्धित वास्तविकता (Augmented Reality) व वास्तविक-समय जानकारी उपलब्ध कराने वाला राजस्थान केरल के बाद देश का दूसरा राज्य बना।
राजस्थान एक्सीलेंस इन टूरिज़्म अवाड्स (2025 — पूर्ण सूची, 14 पुरस्कार)
| श्रेणी | कुल संख्या | राज्य में स्थित | अन्य राज्यों में |
|---|---|---|---|
| सरकारी प्रत्यक्ष प्रभार (Direct Charge) | 390 | 365 | 25 |
| सरकारी आत्मनिर्भर (Self-reliant) | 203 | 187 | 16 |
| राज्य वितरण (State Delivery) | 343 | 305 | 38 |
| सरकारी अनुदान-प्राप्त (Govt. Aided) | 10,009 | 9,935 | 74 |
| वार्षिकी-प्राप्तकर्ता (Annuity Receiving) | 48,466 | 48,466 | — |
| मंदिर बोर्ड अधिनियम (Temple Board Act) | 2 | 2 | — |
| योजना | लाभ / प्रगति |
|---|---|
| मुख्यमंत्री (वरिष्ठ नागरिक) तीर्थ यात्रा योजना | हरिद्वार, ऋषिकेश, अयोध्या, वाराणसी, सारनाथ, सम्मेद शिखर-पावापुरी, मथुरा-वृंदावन-बरसाना, आगरा, द्वारकापुरी, नागेश्वर, सोमनाथ, तिरुपति, कामाख्या, गंगासागर, जगन्नाथ पुरी, रामेश्वरम, वैष्णो देवी, वाघा बॉर्डर, महाकालेश्वर, अमृतसर, बिहार-शरीफ़, पटना साहिब, श्री हज़ूर साहिब नांदेड़ (रेल मार्ग) व पशुपतिनाथ काठमांडू-नेपाल (हवाई मार्ग) की निःशुल्क यात्रा-दर्शन सुविधा — 2025-26 में (27 जनवरी 2026 तक) कुल 37,506 तीर्थयात्री (35,634 रेल मार्ग से + 1,872 वायु मार्ग से), व्यय ₹98.87 करोड़ |
| सिंधु दर्शन तीर्थ यात्रा योजना | लद्दाख स्थित सिंधु दर्शन की यात्रा — कुल यात्रा खर्च के 50% की, अधिकतम ₹15,000/तीर्थयात्री तक प्रतिपूतं — 2025-26 में ₹100 लाख का प्रावधान |
2025 में राज्यभर में 103 मेले-त्योहार व सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित — पुष्कर मेला, मेवाड़ महोत्सव, मारवाड़ महोत्सव, कुंभलगढ़ महोत्सव, ऊँट महोत्सव (बीकानेर), मरु महोत्सव (जैसलमेर), पतंग महोत्सव, गणगौर व तीज उत्सव प्रमुख। घूमर महोत्सव 2025 — 19 नवंबर 2025, पहली बार सभी संभागीय मुख्यालयों पर एक साथ आयोजित। तीज मेला (महिलाओं हेतु) — 27-28 जुलाई 2025, पहली बार पोंडरिक पार्क जयपुर में आयोजित। "अनहद" सांस्कृतिक डायरी शृंखला — सितंबर 2025 में शुरू, राजस्थान की सांस्कृतिक विविधता के दस्तावेज़ीकरण हेतु।
राजस्थान सरकार श्रद्धालुओं हेतु समृद्ध आध्यात्मिक अनुभव सुनिश्चित करने के साथ-साथ मंदिरों व धार्मिक संस्थानों के संरक्षण-प्रबंधन में भी सक्रिय भूमिका निभाती है — कुछ ऐसे मंदिर भी राज्य सरकार द्वारा प्रबंधित हैं जो उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, गुजरात व महाराष्ट्र में स्थित हैं।
राज्य द्वारा प्रबंधित मंदिरों/संस्थानों की श्रेणियाँ
| 3. जवाहर कला केंद्र (JKK), जयपुर फ़्लैगशिप योजना | राज्य योजना | |
|---|---|
| स्थापना | 8 अप्रैल 1993 |
| संकल्पना व डिज़ाइन | वास्तुकार चार्ल्स कोरिया द्वारा "नवग्रह" (9 ग्रह) थीम पर अभिकल्पित — 8 खंड (संग्रहालय, एम्फीथिएटर, ऑडिटोरियम, पुस्तकालय, आर्ट गैलरी, आर्ट स्टूडियो, कैफ़ेटेरिया, शिल्पग्राम) |
| 2025-26 व्यय | ₹575.51 लाख (₹945.00 लाख आवंटन के विरुद्ध) |
| 2025-26 आयोजन | टैगोर जयंती, JKK स्थापना दिवस, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्ज 125वीं जयंती, "हर घर तिरंगा अभियान" देशभक्ति संगीत संध्याएँ |
परिभाषा: अर्थव्यवस्था के तीन क्षेत्रों (प्राथमिक-कृषि, द्वितीयक-उद्योग, तृतीयक-सेवा) में से तीसरा — यह वस्तु नहीं बल्कि "सेवा" उत्पन्न करता है। GVA (सकल मूल्य वर्धित) किसी क्षेत्र द्वारा उत्पादन प्रक्रिया में जोड़े गए कुल मूल्य को मापता है।
💡 आसान भाषा में: जब कोई किसान गेहूँ उगाता है तो वह प्राथमिक क्षेत्र है, जब कोई कारखाना उस गेहूँ से बिस्किट बनाता है तो वह द्वितीयक क्षेत्र है — पर जब कोई दुकानदार वह बिस्किट बेचता है, कोई होटल कमरा किराए पर देता है, या कोई बैंक ऋण देता है, तो यह सब "सेवा" है, यानी तृतीयक क्षेत्र।
🏠 उदाहरण: जैसे — जयपुर का कोई होटल पर्यटक को कमरा व खाना देता है (यह वस्तु-उत्पादन नहीं, सेवा है) — इसीलिए "व्यापार-होटल-रेस्टोरेंट" उप-क्षेत्र सेवा क्षेत्र में गिना जाता है, प्राथमिक/द्वितीयक क्षेत्र में नहीं।
सेवा क्षेत्र (तृतीयक क्षेत्र) वह क्षेत्र है जो सीधे वस्तु का उत्पादन नहीं करता, बल्कि "सेवाएँ" प्रदान करता है — इसमें कंप्यूटर सॉफ़्टवेयर व दूरसंचार जैसी उन्नत गतिविधियों से लेकर प्लंबिंग जैसी सामान्य गतिविधियाँ तक शामिल हैं। राष्ट्रीय लेखा वर्गकरण (National Accounts) के अनुसार इसमें व्यापार, होटल-रेस्टोरेंट, परिवहन-भंडारण-संचार, वित्तीय सेवाएँ-बीमा-रियल एस्टेट-व्यावसायिक सेवाएँ तथा सामुदायिक-सामाजिक-व्यक्तिगत सेवाएँ व लोक प्रशासन आते हैं।
| वर्ष | GVA चालू मूल्य (₹ करोड़) | वृद्धि दर चालू (%) | GVA स्थिर मूल्य (₹ करोड़) | वृद्धि दर स्थिर (%) |
|---|---|---|---|---|
| 2021-22 | 4,92,527 | 19.77 | 2,93,757 | 14.57 |
| 2022-23 | 5,73,023 | 16.34 | 3,19,842 | 8.88 |
| 2023-24 | 6,33,302 | 10.52 | 3,38,068 | 5.70 |
| 2024-25 | 7,19,530 | 13.62 | 3,67,377 | 8.67 |
| 2025-26 (अग्रिम अनुमान) | 8,16,828 | 13.52 | 4,08,325 | 11.15 |
| उप-क्षेत्र | हिस्सेदारी (चालू मूल्य) | वृद्धि दर (स्थिर मूल्य) |
|---|---|---|
| व्यापार-होटल-रेस्टोरेंट | 27.95% | 15.34% |
| रियल एस्टेट-आवासीय स्वामित्व-व्यावसायिक सेवाएँ | 23.48% | 8.97% |
| अन्य सेवाएँ | 20.38% | 10.30% |
| वित्तीय सेवाएँ | 10.62% | 9.90% |
| परिवहन-भंडारण-संचार | 10.57% | 7.79% |
| लोक प्रशासन | 7.00% | 13.24% |
व्यापार-होटल-रेस्टोरेंट उप-क्षेत्र सेवा क्षेत्र में सबसे बड़ा योगदानकर्ता (27.95%) व सर्वाधिक वृद्धि दर (15.34%) वाला भी है — यह पर्यटन क्षेत्र की सेवा-अर्थव्यवस्था में केंद्रीय भूमिका को स्पष्ट दर्शाता है। लोक प्रशासन की हिस्सेदारी सबसे कम (7.00%) है, पर इसकी वृद्धि दर (13.24%) व्यापार-होटल-रेस्टोरेंट के बाद दूसरी सबसे ऊँची है।
सेवा क्षेत्र का GVA — पिछले 5 वर्षा का रुझान 2025-26 में चालू मूल्यों पर सेवा क्षेत्र का GVA ₹7.20 लाख करोड़ (2024-25) से बढ़कर ₹8.17 लाख करोड़ हो गया (13.52% वृद्धि), जबकि स्थिर मूल्यों (2011-12 आधार वर्ष) पर यह ₹3.67 लाख करोड़ से बढ़कर ₹4.08 लाख करोड़ हुआ (11.15% वृद्धि)।
राजस्थान की GSVA में सेवा क्षेत्र की हिस्सेदारी राजस्थान की अर्थव्यवस्था में सेवा क्षेत्र लगातार सबसे बड़ा योगदानकर्ता बना हुआ है, तथा इसकी हिस्सेदारी वर्ष-दर-वर्ष बढ़ रही है। 2025-26 में इसकी विभिन्न उप-क्षेत्रों में हिस्सेदारी व वृद्धि दर (स्थिर मूल्य पर) इस प्रकार रही:
राजस्थान के 9 UNESCO विश्व धरोहर स्थल (6 पहाड़ी दुर्ग + जंतर मंतर + जयपुर वाल्ड सिटी + केवलादेव) याद रखें। घरेलू व विदेशी पर्यटक आँकड़े व COVID-पश्चात रिकवरी (2022 में घरेलू में 392.65% वृद्धि; विदेशी में 2021 के मात्र 34,806 से 2024 में 20.72 लाख तक रिकवरी) याद रखें। पर्यटन नीति 2025 का राज्य में क्रियान्वयन 7 दिसंबर से हुआ पर औपचारिक शुभारंभ जयपुर में 10 दिसंबर को — जबकि फ़िल्म पर्यटन प्रोत्साहन नीति 2025, 20 दिसंबर 2025 को लागू हुई — तीनों तिथियाँ न मिलाएँ। जवाहर कला केंद्र (स्थापना 8 अप्रैल 1993) की "नवग्रह" थीम व वास्तुकार चार्ल्स कोरिया याद रखें। राज्य में मंदिर-श्रेणियाँ — 390 प्रत्यक्ष प्रभार, 203 आत्मनिर्भर, 343 राज्य वितरण, 10,009 सरकारी अनुदान-प्राप्त, 48,466 वार्षिकी-प्राप्तकर्ता — संख्याएँ न मिलाएँ। सेवा क्षेत्र राजस्थान GSVA का सबसे बड़ा हिस्सा (2025-26: 47.71%, पिछले वर्ष 46.46%) है — व्यापार-होटल-रेस्टोरेंट उप-क्षेत्र सर्वाधिक योगदान व वृद्धि दोनों में अग्रणी है। डिजिटल पर्यटन पहल (2021) में राजस्थान केरल के बाद देश का दूसरा राज्य बना — व राइजिंग राजस्थान समिट में पर्यटन क्षेत्र हेतु 1,320 MoU हस्ताक्षरित हुए।
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