सोचिए — एक ऐसा राज्य जहाँ रेगिस्तान के नीचे तेल-गैस के भंडार हों, पहाड़ों में संगमरमर-चूना पत्थर की खदानें हों, और साथ ही जयपुर-जोधपुर-भीलवाड़ा जैसे शहरों में हज़ारों फैक्ट्रियाँ उत्पादन कर रही हों — यही है राजस्थान की "त्रिस्तंभीय" आर्थिक ताकत: उद्योग + खनन + रोज़गार।
यह अध्याय तीन बड़े स्तंभों को जोड़ता है — फैक्ट्री-MSME-निर्यात की दुनिया, धरती के नीचे छिपी खनिज-पेट्रोलियम संपदा, और इनसे जुड़े लाखों रोज़गार-कौशल अवसर — जो मिलकर "विकसित राजस्थान@2047" के विज़न को साकार करते हैं।
परिभाषा: वर्ष 2047 तक, राजस्थान MSME, पर्यावरण-अनुकूल विनिर्माण व न्यूनतम नियामक बाधाओं पर बल के साथ सतत-समावेशी-प्रौद्योगिकी-संचालित औद्योगीकरण को बढ़ावा देते हुए भारत का प्रमुख औद्योगिक व निवेश केंद्र होगा। वैश्विक मान्यता-प्राप्त सतत खनन व पेट्रोलियम क्षेत्र आर्थिक विविधीकरण बढ़ाएगा, जबकि भविष्य-तैयार कौशल तंत्र युवाओं को रोज़गार से सशक्त बनाएगा।
| उद्योग के उप-क्षेत्र | GSVA योगदान (प्रचलित, %) | वृद्धि (%) | CAGR (%) |
|---|---|---|---|
| विनिर्माण (Manufacturing) | 40.52 | 7.84 | 4.75 |
| निर्माण (Construction) | 35.02 | 8.27 | 4.04 |
| खनन एवं उत्खनन | 12.42 | −1.41 | 2.56 |
| विद्युत, गैस, जलापूर्ति एवं अन्य | 12.04 | 9.37 | 6.32 |
| संस्था | स्थापना | मुख्य कार्य |
|---|---|---|
| उद्योग एवं वाणिज्य विभाग | 1949 (नाम परिवर्तन 2021) | उद्योग-हस्तशिल्प को मार्गदर्शन-सहायता देने वाली नोडल संस्था |
| निवेश संवर्धन ब्यूरो (BIP) | 1991 | बड़े निवेश प्रस्तावों को सुविधा; बोर्ड ऑफ़ इन्वेस्टमेंट (CM) व स्टेट एम्पावर्ड कमेटी (मुख्य सचिव) का सचिवालय |
| RIICO | 1980 | औद्योगिक विकास की शीर्ष संस्था — वित्तीय-तकनीकी सहायता, औद्योगिक क्षेत्र/पार्क/SIR विकास |
परिभाषा: कई वर्षा की अवधि की औसत वार्षिक वृद्धि दर, जो चक्रवृद्धि ब्याज की तरह जोड़ी जाती है।
💡 आसान भाषा में: यानी हर साल की अलग-अलग % वृद्धि को मिलाकर एक ऐसा "औसत सालाना" प्रतिशत निकाला जाता है जो पूरी अवधि की कुल वृद्धि दर्शाए।
🏠 उदाहरण: राजस्थान उद्योग क्षेत्र का CAGR स्थिर कीमतों पर 4.36% व प्रचलित कीमतों पर 8.98% है — यानी उद्योग हर साल औसतन इतनी दर से बढ़ रहा है।
परिभाषा: औद्योगिक उत्पादों की उत्पादन मात्रा में अल्पकालिक परिवर्तन मापने वाला सूचकांक (आधार वर्ष 2011-12; जारीकर्ता NSO; मासिक संकलन; विनिर्माण-खनन-विद्युत तीन वृहद समूहों पर आधारित)।
💡 आसान भाषा में: यानी IIP बताता है कि आधार वर्ष की तुलना में आज कारखाने कितना ज़्यादा/कम उत्पादन कर रहे हैं।
🏠 उदाहरण: अगर आधार वर्ष में उत्पादन 100 था और आज IIP 181.17 है, तो विनिर्माण उत्पादन लगभग 81% बढ़ चुका है — जबकि खनन का IIP 87.94 यानी आधार वर्ष से भी नीचे, लगातार कमी दर्शाता है।
खनन उप-क्षेत्र में वृद्धि दर (−1.41%) व IIP (87.94, लगातार कमी) दोनों में गिरावट — राजस्थान खनिज-संपन्न राज्य होते हुए भी यह विरोधाभासी तथ्य परीक्षा में पूछा जाता है।
| संस्था | स्थापना | मुख्य कार्य |
|---|---|---|
| RAJSICO | जून 1961 | हस्तशिल्प उत्थान, लघु उद्योग ऋण, विपणन सहायता; एयर कार्गो जयपुर व 3 ड्राइपोर्ट संचालन |
| राजस्थान वित्त निगम (RFC) | 1955 | MSME इकाइयों को वित्तीय सहायता (स्थापना से अब तक 84,879 इकाइयों को ₹9,130.07 करोड़) |
| 1. WDFC व DMIC — दो प्रमुख कॉरिडोर फ़्लैगशिप योजना | केंद्र प्रायोजित / राष्ट्रीय कार्यक्रम | |
|---|---|
| वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (WDFC) | दादरी (UP) से JNPT मुंबई; कुल 1,504 किमी, ~39% राजस्थान के 28 जिलों से; जापान की सहायता |
| दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (DMIC) | WDFC के दोनों ओर 150 किमी पट्टी; राजस्थान में अजमेर-किशनगढ़, जयपुर-दौसा, KBNIR, राजसमंद-भीलवाड़ा, JPMIA शामिल |
भिवाड़ी औद्योगिक अपशिष्ट प्रबंधन उन्नयन हेतु भारत सरकार से ₹146 करोड़ — दिसंबर 2025 तक ₹141.02 करोड़ व्यय; 2025-26 में ₹91.06 करोड़ टर्म लोन स्वीकृत।
| 2. राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना 2024 (RIPS) फ़्लैगशिप योजना | राज्य योजना | |
|---|---|
| लागू / अवधि | 8 अक्टूबर 2024; 31 मार्च 2029 या नई नीति तक |
| प्रमुख क्षेत्र (7) | विनिर्माण, सेवा, सनराइज़, MSME, स्टार्ट-अप्स, औद्योगिक अवसंरचना, GCC व टेस्ट लैब्स |
| प्रोत्साहन ढाँचा (त्रिस्तरीय) | (1) मानक पैकेज — निवेश सब्सिडी (75% कर प्रतिपूतं, 7 वर्ष) / पूँजीगत अनुदान / टर्नओवर लिंक्ड (2) राज्य प्राथमिकता प्रोत्साहन (हरित, निर्यात, क्षमता विकास) (3) कस्टमाइज़्ड — Silver (₹500+ करोड़), Gold (₹1000+ करोड़+800 रोज़गार, 20% बूस्टर), Platinum (₹3000+ करोड़+1500 रोज़गार) |
| न्यूनतम निवेश पात्रता | विनिर्माण ₹50 करोड़; सेवा/MSME ₹25 करोड़; पर्यटन ₹10 करोड़ |
| विशेष छूट | 7 वर्ष विद्युत शुल्क 100% छूट + मंडी शुल्क प्रतिपूतं; स्टाम्प ड्यूटी 75% छूट + 25% प्रतिपूतं |
| टॉप-अप बूस्टर | रोज़गार बूस्टर 10-15%; थ्रस्ट बूस्टर 10%; एंकर बूस्टर 20% (क्षेत्रीय/क्षेत्रवार एंकर इकाइयों हेतु) — बैंकिंग-डीलिंग-ट्रांसमिशन शुल्क में पूर्ण छूट/प्रतिपूतं भी सम्मिलित |
| MSME विशेष प्रावधान (सम्पत्ति सृजन) | प्लास्टिक-विकल्प उत्पाद इकाई — पूँजीगत सब्सिडी 50% (अधिकतम ₹40 लाख); फूड प्रोसेसिंग इकाई — 50% (अधिकतम ₹1.5 करोड़); ब्याज अनुदान — ₹5 करोड़ तक 6%, ₹5-10 करोड़ 4%, ₹10-50 करोड़ 3% |
| प्रगति (2025-26, दिसंबर तक) | ₹1.65 लाख करोड़ प्रस्तावित निवेश की 3,914 इकाइयों को पात्रता प्रमाण-पत्र |
| नीति | लागू | नोडल विभाग | मुख्य प्रोत्साहन |
|---|---|---|---|
| राजस्थान लॉजिस्टिक्स नीति 2025 | 31 मार्च 2025 | उद्योग एवं वाणिज्य | EFCI का 25% पूँजीगत सब्सिडी (10 वर्ष) या 7% ब्याज सब्सिडी (7 वर्ष); विद्युत-मंडी शुल्क में 100% छूट |
परिभाषा: राज्य की केंद्रीय निवेश-प्रोत्साहन नीति, जो विनिर्माण-सेवा-सनराइज़ क्षेत्रों में निवेश पर सब्सिडी, कर-छूट व अनुदान का त्रिस्तरीय ढाँचा देती है।
💡 आसान भाषा में: यानी कोई कंपनी राजस्थान में फैक्ट्री लगाए तो उसे कर-छूट व बोनस अनुदान मिलता है — जितना बड़ा निवेश व जितने ज़्यादा रोज़गार, उतना ज़्यादा लाभ (Silver→Gold→Platinum)।
🏠 उदाहरण: अगर कोई कंपनी ₹1,200 करोड़ निवेश व 900 रोज़गार देती है, तो वह "Gold Package" की पात्र होगी और उसे 20% अतिरिक्त बूस्टर अनुदान मिलेगा।
| नीति | लागू | नोडल विभाग | मुख्य प्रोत्साहन |
|---|---|---|---|
| राजस्थान डेटा सेंटर नीति 2025 | 19 फ़रवरी 2025 | उद्योग एवं वाणिज्य | निवेश/पूँजी/टर्नओवर अनुदान में से एक; प्रथम 3 मेगा/अल्ट्रा-मेगा हेतु विशेष सनराइज़ प्रोत्साहन; 24×7 संचालन व स्व-प्रमाणीकरण |
| श्रेणी | निवेश सीमा | टर्नओवर सीमा |
|---|---|---|
| सूक्ष्म (Micro) | ₹2.5 करोड़ | ₹10 करोड़ |
| लघु (Small) | ₹25 करोड़ | ₹100 करोड़ |
| मध्यम (Medium) | ₹125 करोड़ | ₹500 करोड़ |
| योजना | पात्रता / लक्ष्य | मुख्य लाभ | प्रगति (2025-26, दिसंबर तक) |
|---|---|---|---|
| डॉ. भीमराव अंबेडकर राजस्थान दलित-आदिवासी उद्यम प्रोत्साहन योजना (2022) | SC/ST वर्ग (51%+ स्वामित्व) | ब्याज अनुदान — ₹25 लाख तक 9%; ₹25लाख-5करोड़ 7%; ₹5-10करोड़ 6% | 890 लाभार्थियों को ₹222.95 करोड़ ऋण + ₹43.21 करोड़ मार्जिन मनी (660 को) + ₹14.73 करोड़ ब्याज अनुदान (2,370 को) |
परिभाषा: 1 अप्रैल 2025 से लागू नई परिभाषा — निवेश व टर्नओवर दोनों आधार पर वर्गकृत: सूक्ष्म (₹2.5 करोड़ / ₹10 करोड़), लघु (₹25 करोड़ / ₹100 करोड़), मध्यम (₹125 करोड़ / ₹500 करोड़)।
💡 आसान भाषा में: यानी किसी उद्यम की "साइज़" तय करने हेतु दो पैमाने देखे जाते हैं — निवेश (मशीनरी में लगा पैसा) व टर्नओवर (सालाना बिक्री); दोनों में जो सीमा पार हो, वह श्रेणी तय करती है।
🏠 उदाहरण: अगर किसी फ़र्म का निवेश ₹20 करोड़ व टर्नओवर ₹150 करोड़ है, तो टर्नओवर सीमा (₹100 करोड़ से ऊपर) के आधार पर वह "मध्यम उद्यम" मानी जाएगी।
| योजना | पात्रता / लक्ष्य | मुख्य लाभ | प्रगति (2025-26, दिसंबर तक) |
|---|---|---|---|
| पीएम विश्वकर्मा योजना (फ़्लैगशिप, केंद्र) | 18 पारंपरिक ट्रेड के कारीगर | प्रमाणपत्र, ₹15,000 टूलकिट, बिना गारंटी ऋण 5% (राज्य सहयोग से 3%), डिजिटल प्रोत्साहन | ऋण स्वीकृति (57,524) व वितरण (53,552) में राष्ट्रीय द्वितीय स्थान; प्रशिक्षण (2.14 लाख) व टूलकिट वितरण (1.13 लाख) में तृतीय स्थान |
| युवा उद्यमिता प्रोत्साहन योजना | 45 वर्ष तक युवा; लक्ष्य 1,000 इकाई वित्तपोषण | ₹2 करोड़ तक ऋण पर 6% ब्याज अनुदान | स्थापना से अब तक 706 इकाइयों को ₹764.43 करोड़ ऋण स्वीकृत |
| विश्वकर्मा युवा उद्यमी प्रोत्साहन योजना (VKYUPY, 2025) | युवा — विनिर्माण/सेवा MSME | ₹1करोड़ तक 8%, ₹1-2करोड़ 7% ब्याज अनुदान; मार्जिन मनी 25% (₹5 लाख तक) | 2,075 आवेदन प्राप्त; 73 लाभार्थियों को ₹27.34 करोड़ वितरित |
| मुख्यमंत्री युवा स्वरोज़गार योजना (MYSY 2026) | 18-45 वर्ष, 1 लाख युवा लक्ष्य | 8वीं-12वीं पास: ₹3.5-7.5 लाख ऋण सीमा; स्नातक/ITI: ₹5-10 लाख — मार्जिन मनी 10% | नवीन योजना (15 जनवरी 2026) |
| 3. एकीकृत क्लस्टर विकास योजना 2024 राज्य योजना | |
|---|---|
| उद्देश्य | हस्तशिल्प-हथकरघा-MSME क्लस्टरों की उत्पादकता-गुणवत्ता बढ़ाना; प्रारंभिक लक्ष्य 15 क्लस्टर |
| प्रमुख सहायता | कारीगर क्लस्टर हेतु ₹50 लाख तक क्षमता निर्माण; कॉमन फैसिलिटी सेंटर हेतु 90% या ₹10 करोड़ तक; गैर-रीको क्षेत्रों में आधारभूत संरचना हेतु 60-80% सहायता |
राजस्थान एंटरप्राइज़ेज़ सिंगल विंडो एनेबलिंग एंड क्लीयरेंस अधिनियम, 2011 के तहत निवेशकों को त्वरित ऑनलाइन क्लीयरेंस — राज निवेश पोर्टल (19 विभागों की 181 सेवाएँ एकीकृत) से 2025 में 1,925 आवेदन (₹42,693.70 करोड़ निवेश) स्वीकृत। विवाद निवारण तंत्र (DRM) राज्य स्तर पर मुख्य सचिव व जिला स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता में स्थापित — 2025-26 (दिसंबर तक) 111 बैठकें। BRAP-2024 में राजस्थान बिज़नेस एंट्री, लेबर रेगुलेशन व सर्विस सेक्टर में "टॉप अचीवर"; BRAP-2026 क्रियान्वयन 15 नवंबर 2025-15 जुलाई 2026।
कारखाना एवं बॉयलर निरीक्षण विभाग औद्योगिक स्वास्थ्य-सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु औद्योगिक स्वच्छता प्रयोगशाला (Industrial Hygiene Laboratory) — 2025-26 (दिसंबर तक) 127 फैक्ट्रियों से 871 वायु-प्रदूषक नमूने एकत्रित-विश्लेषित; 3,052 निरीक्षण; 629 नई फैक्ट्रियाँ
| निर्यात वस्तु | 2020-21 | 2022-23 | 2024-25 |
|---|---|---|---|
| वस्त्र (Textiles) | 5,729.29 | 7,834.36 | 9,700.60 |
| रत्न एवं आभूषण | 4,067.36 | 9,178.77 | 17,567.87 |
| इंजीनियरिंग गुड्स | 7,781.81 | 13,887.00 | 19,849.29 |
| हस्तशिल्प वस्तुएँ | 6,205.32 | 7,309.05 | 8,444.04 |
| कुल निर्यात | 52,764.31 | 77,771.35 | 97,171.66 |
| नीति | मुख्य विशेषता |
|---|---|
| राजस्थान निर्यात प्रोत्साहन नीति 2024 | दस्तावेज़ीकरण-प्रमाणन (50%, ₹5लाख — 25 आवेदकों को ₹22.36 लाख), विपणन (75%, ₹3लाख — 75 आवेदकों को ₹182.68 लाख), तकनीकी उन्नयन (75%, ₹50लाख — 15 आवेदकों को ₹624.96 लाख), ई-कॉमर्स (75%, ₹2लाख) व निर्यात ऋण बीमा (ECGC प्रीमियम का 50%, ₹2लाख) सहायता; प्रथम निर्यात पर फ्रेट सब्सिडी 25% (₹25लाख) |
| राजस्थान एक ज़िला एक उत्पाद (ODOP) नीति 2024 | हर ज़िले को निर्यात-केंद्र बनाना — मार्जिन मनी, तकनीकी-गुणवत्ता-विपणन सहायता; जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला निर्यात प्रोत्साहन समितियाँ (DEPC) गठित; अब तक 272 इकाइयों को ₹1,154.36 लाख (61 इकाइयों को मार्जिन मनी सर्वाधिक ₹912.03 लाख) |
| राजस्थान व्यापार संवर्धन नीति 2025 | (लागू 7 दिसंबर 2025) सूक्ष्म व्यापार उद्यमों को ₹1करोड़ तक 6%, ₹1-2करोड़ 4% ब्याज अनुदान; क्रेडिट गारंटी व बीमा प्रीमियम सहायता |
| राजस्थान वस्त्र एवं परिधान नीति 2025 | (अधिसूचित 13 फ़रवरी 2025) 10 वर्ष परिसंपत्ति सृजन प्रोत्साहन; 7 वर्ष 100% विद्युत शुल्क छूट; फ्रेट सब्सिडी — सभी लाभ RIPS-2024 अनुरूप |
व 161 नए बॉयलर पंजीकृत (~87,200 श्रमिकों को रोज़गार); 1,213 सुरक्षा-प्रशिक्षण कार्यक्रम (43,743 प्रतिभागी) आयोजित।
| 4. राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट 2024 फ़्लैगशिप योजना | |
|---|---|
| आयोजन | 9-11 दिसंबर 2024, JECC सीतापुरा, जयपुर — थीम: Replete, Responsible, Ready |
| परिणाम | 20,000+ निवेशक; 13 विशेष सत्र; कुल ₹35 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव; 11,013 MoU (₹35.30 लाख करोड़ प्रस्ताव, ₹8.01 लाख करोड़ ग्राउंड-ब्रेकिंग निवेश दिसंबर 2025 तक) |
| शीर्ष विभाग (निवेश प्रस्ताव) | ऊर्जा (₹28.27 लाख करोड़) > उद्योग (₹2.26 लाख करोड़, MoU संख्या में सर्वाधिक 4,340) > शहरी विकास (₹1.07 लाख करोड़) > खान (₹0.996 लाख करोड़) > पर्यटन (₹0.92 लाख करोड़) |
| संस्था/नीति | मुख्य बिंदु |
|---|---|
| राजस्थान खनिज नीति 2024 | (4 दिसंबर 2024) टिकाऊ-पारदर्श खनिज विकास; 2047 तक खनन रियायत क्षेत्र राज्य भूमि का 2%; 50 प्रमुख ब्लॉकों की नीलामी; खनिज निष्कर्षण प्रकार 58 से बढ़ाकर 70 करने व रणनीतिक-महत्वपूर्ण खनिजों (लिथियम, दुर्लभ मृदा तत्व) को बढ़ावा देने का लक्ष्य; एक राज्य खनन कंपनी की स्थापना प्रस्तावित; 2047 तक 1 करोड़+ प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोज़गार लक्ष्य |
| संस्था/नीति | मुख्य बिंदु |
|---|---|
| राजस्थान M-सैंड नीति 2024 | नदी रेत के विकल्प में M-Sand को बढ़ावा — रॉयल्टी 50% छूट, 10वर्ष 75% कर प्रतिपूतं, 7वर्ष 100% विद्युत शुल्क छूट, स्थानीय कर्मचारियों हेतु EPF-ESI नियोक्ता अंशदान का 50% प्रतिपूतं; 2028-29 तक सरकारी परियोजनाओं में 50% उपयोग लक्ष्य — दिसंबर 2025 तक 38 M-सैंड व 10 ओवरबर्डन प्लॉट आवंटित |
| RSMML (30 अक्टूबर 1974) | राज्य सार्वजनिक उद्यम, मुख्यालय उदयपुर — 4 SBU-PC (रॉक फॉस्फेट झामरकोटड़ा, जिप्सम बीकानेर, लिग्नाइट जयपुर, लाइमस्टोन जोधपुर) + 106.3 MW पवन व 5 MW सौर ऊर्जा संयंत्र; 2024-25 सकल राजस्व ₹1,726.03 करोड़ (कर-पूर्व लाभ ₹658.22 करोड़); दिसंबर 2025 तक सरकारी कोष में ₹253.92 करोड़ योगदान |
| RSMET (सितंबर 2020) | राजस्थान राज्य खनिज अन्वेषण न्यास, जयपुर — खान एवं भू-विज्ञान विभाग को तकनीकी परामर्श; 2025-26 में सघन खनिज सर्वेक्षण योजना अंतर्गत 34 परियोजनाएँ भू-वैज्ञानिक जांच हेतु स्वीकृत |
| DMFT (33 ट्रस्ट, 2016) | खनन-प्रभावित क्षेत्रों के हितों की रक्षा — दिसंबर 2025 तक 21,993 वित्तीय स्वीकृतियाँ (₹9,393.38 करोड़), 13,612 कार्य पूर्ण, कुल व्यय ₹5,927.84 करोड़ |
7,335 पंजीकृत मामले; 831 FIR दर्ज; 7,162 वाहन/मशीन ज़ब्त; ₹50.94 करोड़ पेनल्टी वसूल।
4 पेट्रोलियम बेसिन (14 ज़िले, ~1.50 लाख वर्ग किमी): बाड़मेर-सांचोर (बाड़मेर, आंशिक जालोर-बालोतरा), जैसलमेर (जैसलमेर-फलौदी, आंशिक बीकानेर), बीकानेर-नागौर (बीकानेर-नागौर-श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़-चूरू), विंध्यन (कोटा-बारां-झालावाड़-धौलपुर-करौली, आंशिक बूंदी-भीलवाड़ा-चित्तौड़गढ़)। संचालक कंपनियाँ — बाड़मेर-सांचोर में कैयर्न इंडिया लिमिटेड (2025-26 में 22.51 लाख मीट्रिक टन कच्चा तेल उत्पादन); जैसलमेर बेसिन में वेदांता व ONGC (घोटारू क्षेत्र में गैस-उत्पादन पुनः ONGC द्वारा शुरू); कैयर्न वेदांता, फोकस एनर्ज, ONGC व ऑयल इंडिया लिमिटेड (OIL) ने मिलकर 825.07 MMSCM प्राकृतिक गैस उत्पादित की; वर्तमान में 12 पेट्रोलियम लीज़ (PL) क्षेत्र व 13 पेट्रोलियम अन्वेषण लाइसेंस (PEL) ब्लॉक सक्रिय।
| संयुक्त उद्यम (HRRL) | HPCL 74% (₹19,600 करोड़) : राजस्थान सरकार 26% (₹6,886 करोड़) — अब तक ₹3,734.91 करोड़ राज्य इक्विटी भुगतान |
|---|---|
| शुभारंभ / क्षमता / लागत | 16 जनवरी 2018; 9 MMTPA; संशोधित लागत ₹79,459 करोड़ — भारत की प्रथम BS-VI+पेट्रोकेमिकल एकीकृत रिफाइनरी |
| प्रगति (दिसंबर 2025 तक) | ~90% कार्य पूर्ण; ₹76,442 करोड़ के वर्क-ऑर्डर जारी; ₹63,456 करोड़ व्यय; 26,000+ श्रमिक कार्यरत |
| संकेतक (2023-24) | राजस्थान — पुरुष | राजस्थान — महिला | राजस्थान — कुल | भारत — कुल |
|---|---|---|---|---|
| LFPR | 81.4 | 54.1 | 67.6 | 64.3 |
| WPR | 77.4 | 51.7 | 64.4 | 62.1 |
| बेरोज़गारी दर | 4.8 | 4.5 | 4.7 | 3.5 |
| क्षेत्र | राजस्थान (%) | भारत (%) |
|---|---|---|
| कृषि-वानिकी-मत्स्य पालन (सर्वाधिक) | 51.05 | 46.07 |
| निर्माण (Construction) | 12.31 | 11.98 |
| विनिर्माण (Manufacturing) | 10.95 | 11.44 |
| थोक-खुदरा व्यापार व मोटर वाहन मरम्मत | 8.61 | 10.23 |
| रियल एस्टेट गतिविधियाँ (न्यूनतम) | 0.14 | 0.22 |
| जलापूर्ति-सीवरेज-अपशिष्ट प्रबंधन | 0.23 | 0.27 |
परिभाषा: NSO द्वारा संचालित सर्वेक्षण — LFPR (श्रम बल भागीदारी), WPR (कार्यशील जनसंख्या अनुपात) व बेरोज़गारी दर (UR) से रोज़गार-स्थिति मापता है (आयु 15-59)।
💡 आसान भाषा में: यानी 100 काम-योग्य लोगों में से जितने काम कर रहे या ढूँढ़ रहे — वह LFPR; जितने वाकई काम में लगे — वह WPR; जो ढूँढ़ रहे पर नहीं मिला — वह बेरोज़गारी दर।
🏠 उदाहरण: अगर LFPR 67.6% है तो 100 में से लगभग 68 लोग या तो काम कर रहे हैं या सक्रिय रूप से खोज रहे हैं।
राजस्थान की महिला LFPR (54.1%) राष्ट्रीय औसत (45.2%) से अधिक है; कुल बेरोज़गारी दर (4.7%) राष्ट्रीय औसत से अधिक होते हुए भी 2022-23 (4.9%) से घटी — सुधार की दिशा में प्रगति।
क्षेत्रवार कार्यरत श्रमिक (PLFS 2023-24)
| योजना / संस्था | मुख्य बिंदु |
|---|---|
| मॉडल करियर सेंटर (MCC) | 16 ज़िलों में — पारंपरिक एक्सचेंज को IT-सक्षम केंद्र में बदला गया |
| मुख्यमंत्री युवा संबल योजना (2019) | पात्रता — स्नातक बेरोज़गार, न्यूनतम 3 माह कौशल प्रशिक्षण व प्रतिदिन 4 घंटे राजकीय विभाग में इंटर्नशिप। भत्ता — पुरुष ₹4,000/माह, महिला-ट्रांसजेंडर-दिव्यांग ₹4,500/माह (अधिकतम 2 वर्ष); 2019 से 8,54,504 लाभार्थियों को ₹3,644.33 करोड़ वितरित; 2025-26 (दिसंबर तक) ₹850.18 करोड़ स्वीकृत, ₹477.60 करोड़ वितरित |
| राजस्थान रोज़गार नीति 2026 (फ़्लैगशिप) | 12 जनवरी 2026 जारी; विज़न — 2030 तक 350 अरब डॉलर अर्थव्यवस्था हेतु समावेशी रोज़गार का अग्रणी केंद्र; मार्च 2029 तक 15 लाख रोज़गार सृजन लक्ष्य; रोज़गार पोर्टल EEMS 2.0 (AI-सक्षम); रोज़गार परिणाम सूचकांक (EOI) से जिलेवार निगरानी; नारा — "नियोजित युवा, समृद्ध राजस्थान" |
| राजस्थान GCC नीति 2025 | 27 नवंबर 2025 अधिसूचित — वैश्विक कैपेबिलिटी सेंटर आकर्षित कर उच्च-मूल्य सेवा रोज़गार सृजन; मूल मंत्र — Connect, Collaborate, Contribute |
| राजस्थान कौशल नीति 2025 | 16 अप्रैल 2025 जारी — AI-साइबर सुरक्षा-इंडस्ट्री 4.0 में री-स्किलिंग; ITI आधुनिकीकरण, RCVET सुदृढ़ीकरण |
| 6. भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (BOCW) फ़्लैगशिप योजना | राज्य योजना | |
|---|---|
| गठन | 2009 — निर्माण श्रमिक (रोज़गार-सेवा शर्त विनियमन) अधिनियम 1996 के तहत |
| कुल पंजीकरण | 36.95 लाख+ श्रमिक; 20.09 लाख+ को लाभ (स्थापना से) |
| प्रगति (2025-26, दिसंबर तक) | 1.29 लाख नए लाभार्थ; ₹303.83 करोड़ व्यय |
परिभाषा: 1,33,430 महिला 69,956; OBC 71,718; SC 23,457; ST 15,198
| प्रमुख योजना | लाभ (2025-26 दिसंबर तक प्रगति सहित) |
|---|---|
| सामान्य/दुर्घटना मृत्यु-चोट सहायता | सामान्य मृत्यु ₹2 लाख; दुर्घटना मृत्यु ₹5 लाख; पूर्ण विकलांगता ₹3 लाख; आंशिक विकलांगता ₹1 लाख; चोट ₹5,000-20,000 — 1,419 लाभार्थियों को ₹13.84 करोड़ |
| शुभ शक्ति योजना | अविवाहित पुत्रियों को उच्च शिक्षा-व्यवसाय हेतु ₹55,000 |
| निर्माण श्रमिक शिक्षा व कौशल विकास योजना | बच्चों को छात्रवृत्ति ₹8,000-25,000 + प्रोत्साहन ₹4,000-35,000 (कक्षा 6+) — 2.68 लाख लाभार्थ, ₹284.72 करोड़ व्यय |
| प्रसूति सहायता योजना | पुत्र ₹20,000; पुत्री ₹21,000 (3 किश्तों में) — 4,188 लाभार्थ, ₹2.11 करोड़ |
| सिलिकोसिस सहायता योजना | पीड़ित ₹3 लाख; मृत्यु पर आश्रित ₹2 लाख — 494 लाभार्थ, ₹14.82 करोड़ |
| IAS/RAS प्रोत्साहन | IAS प्रारंभिक ₹1 लाख; RAS प्रारंभिक ₹50,000 — 52 लाभार्थ, ₹26.50 लाख |
| योजना | लाभ |
|---|---|
| निर्माण श्रमिक औज़ार/टूलकिट सहायता | औज़ार खरीद पर ₹2,000 या वास्तविक लागत (जो कम हो) — 13,948 लाभार्थ, ₹2.78 करोड़ |
| निर्माण श्रमिक सुलभ्य आवास योजना | स्वयं का आवास निर्माण/क्रय हेतु ₹1.50 लाख अनुदान (PMAY/मुख्यमंत्री जन आवास योजना अंतर्गत) |
| निर्माण श्रमिक जीवन भविष्य सुरक्षा योजना | हितधारी अंशदान पर बोर्ड द्वारा 50-100% सहायता — 88 लाभार्थ, ₹6,596 |
| व्यावसायिक ऋण ब्याज पुनर्भरण योजना | ₹5 लाख तक के व्यवसायीकरण ऋण पर ब्याज पुनर्भरण |
| IIT/IIM ट्यूशन फीस पुनर्भरण | श्रमिक के बच्चों को IIT/IIM में प्रवेश पर कुल ट्यूशन फीस का पुनर्भरण |
| विदेश रोज़गार वीज़ा व्यय प्रतिपूतं | ₹5,000 तक की राशि पुनर्भरित |
| अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता प्रोत्साहन | भागीदारी ₹2 लाख; कांस्य ₹5 लाख; रजत ₹8 लाख; स्वर्ण ₹11 लाख — नेपाल में शॉट-पुट स्वर्ण विजेता को ₹11 लाख प्रदत्त |
| योजना | विशेषता |
|---|---|
| EPF, 1952 | अनिवार्य बचत — कर्मचारी 12% + नियोक्ता 3.67% योगदान |
| EPS, 1995 | वेतन-सेवा वर्षा आधारित पेंशन (नियोक्ता योगदान 8.33%) |
अन्य कल्याणकारी योजनाएँ (BOCW)
EPFO राजस्थान ज़ोन में तीन योजनाएँ चलाता है — 2025-26 (दिसंबर तक) 1.30 लाख प्रतिष्ठान, 22.26 लाख खाते व 1.75 लाख पेंशनर कवर; 17,55,318 दावों का निपटान कर ₹4,476.33 करोड़ वितरित। EPFO ने हाल ही में सभी ज़िलों तक पहुँच बढ़ाने हेतु "निधि आपके निकट 2.0" (NAN 2.0) पहल शुरू की।
| योजना | विशेषता |
|---|---|
| EDLI, 1976 | असामयिक मृत्यु पर परिवार को ₹2.5-7 लाख बीमा (नियोक्ता योगदान 0.50%) |
| 7. प्रधानमंत्री विकसित भारत रोज़गार योजना (PMVBRY) फ़्लैगशिप योजना | केंद्र प्रायोजित / राष्ट्रीय कार्यक्रम | |
|---|---|
| लागू | 1 अगस्त 2025 — 2 वर्ष में 3.5 करोड़+ रोज़गार लक्ष्य, ₹99,446 करोड़ आउटले |
| भाग अ (कर्मचारी) | प्रथम बार EPFO सदस्य (₹1लाख/माह तक वेतन) को 1 माह EPF वेतन के बराबर (₹15,000 तक) एकमुश्त प्रोत्साहन |
| भाग ब (नियोक्ता) | हर अतिरिक्त कर्मचारी पर ₹3,000/माह तक (विनिर्माण क्षेत्र में अधिकतम 4 वर्ष तक) — राजस्थान में 18,263 प्रतिष्ठान पंजीकृत |
| 8. राजस्थान कौशल एवं आजीविका विकास निगम (RSLDC) फ़्लैगशिप योजना | राज्य योजना | |
|---|---|
| इतिहास | RMoL (2010, भारत का पहला राज्य आजीविका मिशन) → RSLDC (मई 2012) |
| प्रगति (2025-26, दिसंबर तक) | 431 भागीदार एजेंसियाँ; 9 लाख+ युवा प्रशिक्षित |
| योजना | लक्षित वर्ग | 2025-26 प्रशिक्षित |
|---|---|---|
| RAJKViK (पूर्व ELSTP) | बेरोज़गार युवा — Recruit-Train-Deploy मॉडल; अल्पकालिक प्रशिक्षण (3-6 माह) पूर्ण करने पर 70% को वेतन-रोज़गार सुनिश्चित | 16,150 |
| SAKSHM | युवा-महिला स्वरोज़गार | 6,282 |
| SAMARTH | हाशिए के समुदाय (भिखारी, दलित, आदिवासी, कैदी) | 6,039 |
| मुख्यमंत्री युवा कौशल योजना (MMYKY, 2019) | कॉलेज छात्र (द्वितीय-तृतीय वर्ष+स्नातकोत्तर) — सॉफ्ट व डोमेन स्किल; 2025-26 में ₹1.76 करोड़ आवंटित, 22 जॉब-रोल चिन्हित | 5,000 (लक्ष्य) |
सभी योजनाएँ मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना (अम्ब्रेला योजना) अंतर्गत — DDU-GKY 2.0 (केंद्र-प्रायोजित, SC/ST 34%+महिला 33% आरक्षण, 1 अप्रैल 2025 से लागू; 2025-26 लक्ष्य 7,957 युवा, आउटले ₹83.63 करोड़, 6,463 प्रशिक्षित) के साथ RSLDC की 3 पुनर्गठित योजनाएँ:
| योजना | लक्षित वर्ग | 2025-26 प्रशिक्षित |
|---|---|---|
| मुख्यमंत्री नारी शक्ति कौशल सामर्थ्य योजना (MNSKSY) | महिला कौशल-आजीविका (पूर्व "आई-एम शक्ति") | 2,955 |
| 9. राजस्थान युवा नीति 2026 फ़्लैगशिप योजना | राज्य योजना | |
|---|---|
| लॉन्च / पात्रता | 12 जनवरी 2026; 15-29 वर्ष (2.25-2.30 करोड़ युवा, राज्य जनसंख्या का 27.2%) |
| कवरेज लक्ष्य | 90% युवाओं तक 1 हस्तक्षेप, 75% तक बहु-स्पर्श सहायता |
| 7 फ़ोकस क्षेत्र | नेतृत्व-स्वयंसेविता; डिजिटल सशक्तिकरण; शिक्षा-कौशल; रोज़गार-उद्यमिता; खेल-स्वास्थ्य; संस्कृति-कला; समावेशन-समानता |
| 10. खेल जीवन बीमा योजना व मिशन ओलंपिक्स-2028 फ़्लैगशिप योजना | राज्य योजना | |
|---|---|
| खेल जीवन बीमा योजना | अंतरराष्ट्रीय पदक विजेताओं को ₹25 लाख तक दुर्घटना-जीवन बीमा — 40 खिलाड़ी लाभान्वित |
| मिशन ओलंपिक्स-2028 | 50 प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण; जयपुर में ₹20 करोड़ से सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस (150 एथलीट); महिला भागीदारी बढ़ाने हेतु जयपुर-भरतपुर-उदयपुर में आवासीय बालिका खेल संस्थान स्थापित हो रहे |
| एक ज़िला-एक खेल योजना | हर ज़िले हेतु एक प्रमुख खेल चयनित — विशेषज्ञता सुदृढ़ करने हेतु |
| खेलो राजस्थान युवा खेल (प्रस्तावित) | खेलो इंडिया की तज़ पर पारंपरिक-स्वदेशी खेलों सहित ब्लॉक-ज़िला-राज्य स्तर पर आयोजन, बजट प्रावधान ~₹50 करोड़ |
| ग्रामीण अवसंरचना | ग्राम पंचायत स्तर ओपन जिम-खेल मैदान — 163+3,138 पंचायतें, ₹35 करोड़ व्यय प्रस्तावित |
उद्योग GSVA योगदान (~28%) व खनन उप-क्षेत्र की गिरावट (−1.41% वृद्धि, IIP 87.94) एक विरोधाभासी तथ्य है। RIPS-2024 का त्रिस्तरीय ढाँचा (मानक + राज्य प्राथमिकता + Silver/Gold/Platinum) व JPMIA-KBNIR की SIR तिथियाँ याद रखें। निर्यात में इंजीनियरिंग गुड्स सबसे बड़ा व शीर्ष 5 वस्तुओं का 67%+ योगदान। राजस्थान — ऑनशोर गैस में देश में द्वितीय, कच्चे तेल में ~12% राष्ट्रीय योगदान। PLFS 2023-24 — राजस्थान महिला LFPR राष्ट्रीय औसत से ऊपर, पर कुल बेरोज़गारी दर भी राष्ट्रीय औसत से ऊपर — दोनों याद रखें। BOCW बोर्ड व EPFO (EPF/EPS/EDLI) की योजनाओं को मिलाकर भ्रमित न हों — दोनों अलग-अलग वर्ग (असंगठित बनाम संगठित) के लिए हैं।
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