🤝 अध्याय 9/34 — भारतीय राजव्यवस्था एवं शासन

मूल कर्तव्य

Fundamental Duties | RAS Pre + Mains
📋 इस अध्याय में
  1. परिचय (Introduction)
  2. स्वर्ण सिंह समिति (Swaran Singh Committee 1976)
  3. 11 मूल कर्तव्यों की सूची (Art. 51A — List of Fundamental Duties)
  4. मूल कर्तव्यों की 4 विशेषताएँ (Features)
  5. मूल कर्तव्यों की आलोचनाएँ (5 Criticisms)
  6. मूल कर्तव्यों का महत्व (Significance)
  7. वर्मा समिति 1999 (Verma Committee on Fundamental Duties)

1परिचय (Introduction)

मूल संविधान में नागरिकों के मूल कर्तव्य (Fundamental Duties) नहीं थे — केवल मूल अधिकार (FR) थे। संविधान के प्रारूपकारों ने इसे जरूरी नहीं समझा। हालाँकि उन्होंने राज्य के कर्तव्य — DPSP के रूप में — जरूर शामिल किए। बाद में — 42वें संशोधन 1976 से 10 और 86वें संशोधन 2002 से 1 और — कुल 11 मूल कर्तव्य जोड़े गए।

पहलूतथ्य
अनुच्छेद और भागArt. 51A; Part IVA (केवल 1 अनुच्छेद)
प्रेरणा (Inspiration)USSR (सोवियत संघ) का संविधान — अधिकार और कर्तव्य अविभाज्य
42वाँ संशोधन 1976Swaran Singh Committee की सिफारिश पर — 10 कर्तव्य जोड़े; Part IVA और Art. 51A संविधान में जोड़ा
86वाँ संशोधन 200211वाँ कर्तव्य जोड़ा — 6-14 वर्ष के बच्चे को शिक्षा का अवसर देना
लोकतांत्रिक देशों मेंUSA, Canada, France, Germany, Australia — किसी में भी Fundamental Duties की सूची नहीं
Japanशायद एकमात्र लोकतांत्रिक देश जिसके संविधान में नागरिकों के कर्तव्यों की सूची है
समाजवादी देशUSSR जैसे देशों में — अधिकारों और कर्तव्यों को अविभाज्य माना गया

2स्वर्ण सिंह समिति (Swaran Singh Committee 1976)

1976 में Congress Party ने सरदार स्वर्ण सिंह की अध्यक्षता में एक समिति बनाई। पृष्ठभूमि: आंतरिक आपातकाल (1975-77) के दौरान महसूस हुआ कि नागरिकों को अपने कर्तव्यों का बोध कराना जरूरी है।

समिति की सिफारिशें — स्वीकार (8 → 10 FDs)
  • समिति ने 8 FDs की सिफारिश की
  • Congress ने 10 FDs जोड़े
  • Part IVA और Art. 51A बनाया
  • Congress ने कहा: "मूल संविधान में FDs न जोड़ना ऐतिहासिक भूल थी"
समिति की सिफारिशें — अस्वीकार (3)
  • 1. FD न निभाने पर Parliament — उचित दंड या सजा का प्रावधान कर सके
  • 2. ऐसे दंड-कानून को FR या संविधान के किसी प्रावधान के उल्लंघन के आधार पर court में challenge न किया जाए
  • 3. करों का भुगतान (Payment of Taxes) भी FD हो
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311 मूल कर्तव्यों की सूची (Art. 51A — List of Fundamental Duties)

अनुच्छेद 51A के अनुसार — भारत के प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य होगा कि वह:

11 मूल कर्तव्य (Fundamental Duties) — Art. 51A 42वाँ संशोधन 1976: FD 1-10 | 86वाँ संशोधन 2002: FD 11

1. संविधान का पालन — संविधान का पालन करे और उसके आदर्शों, संस्थाओं, राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रीय गान का सम्मान करे। [नागरिक कर्तव्य] 2. स्वतंत्रता संग्राम के आदर्श — राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम को प्रेरित करने वाले उदात्त आदर्शों को संजोए और उनका पालन करे। [नैतिक कर्तव्य] 3. संप्रभुता और अखंडता — भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को बनाए रखे और उसकी रक्षा करे। [नागरिक कर्तव्य] 4. देश की रक्षा — देश की रक्षा करे और आह्वान किए जाने पर राष्ट्रीय सेवा करे। [नागरिक कर्तव्य] 5. भाईचारा और महिला सम्मान — धार्मिक, भाषायी, क्षेत्रीय विविधताओं से परे — सद्भाव और सामान्य भाईचारे की भावना को बढ़ाए। महिलाओं की गरिमा के लिए अपमानजनक प्रथाओं का त्याग करे। [नैतिक + नागरिक] 6. समग्र संस्कृति की विरासत — हमारी सामासिक (Composite) संस्कृति की समृद्ध विरासत का महत्व समझे और उसे संरक्षित करे। [नैतिक कर्तव्य] 7. प्राकृतिक पर्यावरण की रक्षा — वनों, झीलों, नदियों और वन्यजीवों सहित प्राकृतिक पर्यावरण की रक्षा और सुधार करे; जीवित प्राणियों के प्रति दया रखे। [नागरिक कर्तव्य] 8. वैज्ञानिक दृष्टिकोण — वैज्ञानिक दृष्टिकोण (Scientific Temper), मानवतावाद और जिज्ञासा एवं सुधार की भावना विकसित करे। [नैतिक कर्तव्य] 9. सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा — सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा करे और हिंसा से दूर रहे (Abjure Violence)। [नागरिक कर्तव्य] 10. उत्कृष्टता की ओर प्रयास — व्यक्तिगत और सामूहिक गतिविधि के सभी क्षेत्रों में उत्कृष्टता (Excellence) की ओर प्रयासरत रहे। [नैतिक + नागरिक] 11. बच्चों को शिक्षा [86वाँ संशोधन 2002] — अपने 6 से 14 वर्ष के बच्चे या वार्ड को शिक्षा के अवसर प्रदान करे। [नागरिक कर्तव्य]

Note: [नागरिक कर्तव्य (Civic Duty)]: राज्य और समाज के प्रति औपचारिक कर्तव्य। [नैतिक कर्तव्य (Moral Duty)]: आंतरिक मूल्यों और आदर्शों से जुड़ा कर्तव्य।

4मूल कर्तव्यों की 4 विशेषताएँ (Features)

क्र.विशेषताविस्तार
1नैतिक और नागरिक कर्तव्यों का मिश्रणकुछ नैतिक (Moral) — जैसे: स्वतंत्रता संग्राम के आदर्शों को संजोना। कुछ नागरिक (Civic) — जैसे: राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रगान का सम्मान।
2भारतीय परंपरा में निहितये भारतीय परंपरा, पुराण, धर्म और रीतियों का हिस्सा रहे हैं। इनमें केवल भारतीय जीवन-पद्धति के अभिन्न कार्यों का संहिताबद्धीकरण किया गया है।
3केवल नागरिकों के लिए (Only for Citizens)FR कुछ विदेशियों को भी उपलब्ध हैं — लेकिन FD केवल भारतीय नागरिकों पर लागू। विदेशियों पर नहीं।
4Non-Justiciable — न्यायालय में प्रवर्तनीय नहींDPSP की तरह — courts इन्हें directly enforce नहीं कर सकते। न कोई कानूनी प्रतिबंध। लेकिन Parliament उचित कानून बनाकर इन्हें लागू करवा सकती है।
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5मूल कर्तव्यों की आलोचनाएँ (5 Criticisms)

आलोचनातर्क
1. अधूरी सूची (Not Exhaustive)मतदान, करों का भुगतान (Tax), परिवार नियोजन (Family Planning) — ये महत्वपूर्ण कर्तव्य सूची में नहीं। Swaran Singh Committee ने करों को FD बनाने की सिफारिश की थी।
2. अस्पष्ट भाषा (Vague Language)कई शब्द अस्पष्ट हैं जैसे — "उदात्त आदर्श", "सामासिक संस्कृति", "वैज्ञानिक दृष्टिकोण"। सामान्य नागरिक इन्हें सही से नहीं समझ सकता।
3. नैतिक उपदेशों की संहिता(Code of Moral Precepts)Non-justiciable होने के कारण — ये केवल नैतिक निर्देश हैं। Swaran Singh Committee ने दंड का प्रावधान सुझाया था — जो स्वीकार नहीं हुआ।
4. अनावश्यक समावेश (Superfluous)99.9% नागरिक कानून-प्रिय हैं — उन्हें कर्तव्य बताने की जरूरत नहीं (C.K. Daphtary, पूर्व Attorney General)। संविधान में शामिल किए बिना भी लोग ये काम करते।
5. गलत स्थान (Wrong Placement)Part IVA को Part III (FR) के बाद होना चाहिए था — Part IV (DPSP) के अनुबंध के रूप में नहीं। इससे FD का मूल्य और महत्व कम हो गया।

6मूल कर्तव्यों का महत्व (Significance)

क्र.महत्व (Significance)
1नागरिकों को याद दिलाते हैं कि अधिकारों के उपभोग के साथ-साथ उनके देश, समाज और साथी नागरिकों के प्रति कर्तव्य भी हैं।
2राष्ट्र-विरोधी और समाज-विरोधी गतिविधियों जैसे — राष्ट्रीय ध्वज जलाना, सार्वजनिक संपत्ति नष्ट करना — के विरुद्ध चेतावनी का काम करते हैं।
3नागरिकों के लिए प्रेरणा का स्रोत — अनुशासन और प्रतिबद्धता की भावना जगाते हैं। नागरिक केवल दर्शक नहीं — राष्ट्रीय लक्ष्यों में सक्रिय भागीदार।
4Parliament उचित कानून बनाकर इन्हें प्रवर्तनीय बना सकती है।
5Courts — FD का उपयोग कानूनों की संवैधानिक वैधता तय करने में कर सकते हैं (Mohan Kumar Singhania Case 1991 और Ramlila Maidan Case 2012)।

महत्वपूर्ण न्यायिक निर्णय (Case Laws)

वाद (Case)वर्षनिर्णय (Ruling)
Mohan Kumar Singhania vs. Union of India1991SC: Art. 51A (FD) का उपयोग अस्पष्ट कानूनों की संवैधानिकता तय करने में किया जा सकता है।
Re, Ramlila Maidan Incident2012SC: Part III (FR), Part IV (DPSP) और Part IVA (FD) में एक साझा सूत्र है। किसी भी एक का अर्थ करते समय तीनों पर पड़ने वाले प्रभाव को ध्यान में रखना जरूरी है।

Indira Gandhi — PM (FD जोड़ने पर)

"मूल कर्तव्यों का नैतिक मूल्य यह नहीं है कि अधिकारों को दबाया जाए — बल्कि एक लोकतांत्रिक संतुलन स्थापित किया जाए। लोग अपने अधिकारों के प्रति जितने जागरूक हैं — उतने ही कर्तव्यों के प्रति भी जागरूक हों।"

H.R. Gokhale — तत्कालीन विधि मंत्री

"स्वतंत्र भारत में — विशेषकर जून 1975 में आपातकाल की पूर्व संध्या पर — जनता के एक वर्ग ने स्थापित कानूनी व्यवस्था का सम्मान करने की कोई इच्छा नहीं दिखाई। इन कर्तव्यों के प्रावधान — उन अशांत लोगों पर — जिन्होंने अनेक राष्ट्र-विरोधी, संविधान-विरोधी आंदोलन किए — एक शांत करने वाला प्रभाव डालेंगे।"

7वर्मा समिति 1999 (Verma Committee on Fundamental Duties)

Verma Committee on Fundamental Duties of the Citizens (1999) ने पहचाना कि कुछ FD को लागू करने के लिए पहले से ही कानून मौजूद हैं। इन 8 कानूनों की पहचान की गई:

क्र.कानून (Law)संबंधित FD
1Prevention of Insults to National Honour Act, 1971संविधान, राष्ट्रीय ध्वज, राष्ट्रगान का सम्मान (FD 1)
2विभिन्न आपराधिक कानून — भाषा, जाति, जन्म-स्थान, धर्म के आधार पर दुश्मनी भड़काने पर दंडभाईचारे की भावना (FD 5)
3Protection of Civil Rights Act, 1955 (पूर्व: Untouchability Offences Act)जाति और धर्म संबंधी अपराधों पर दंड (FD 5)
4Indian Penal Code (IPC)राष्ट्रीय एकता के लिए प्रतिकूल बयानों को दंडनीय अपराध (FD 3, 5)
5Unlawful Activities (Prevention) Act, 1967सांप्रदायिक संगठन को गैरकानूनी संस्था घोषित करना (FD 5)
6Representation of People Act, 1951धर्म/जाति/भाषा आदि के आधार पर वोट माँगना या दुश्मनी फैलाना — अयोग्यता (FD 5)
7Wildlife (Protection) Act, 1972दुर्लभ और लुप्तप्राय प्रजातियों के व्यापार पर रोक (FD 7)
8Forest (Conservation) Act, 1980अंधाधुंध वनों की कटाई और गैर-वन उद्देश्यों के लिए वन भूमि के उपयोग पर रोक (FD 7)

★ सारांश (Summary)

मूल कर्तव्य — Quick Facts

विषयतथ्य
अनुच्छेद और भागArt. 51A; Part IVA
प्रेरणा का स्रोतUSSR (सोवियत संघ) का संविधान
42वाँ संशोधन 197610 FDs जोड़े; Swaran Singh Committee की सिफारिश पर
86वाँ संशोधन 200211वाँ FD — 6-14 वर्ष के बच्चे को शिक्षा
स्वर्ण सिंह समिति8 FDs सुझाए → 10 जोड़े गए; 3 सिफारिशें अस्वीकार
प्रकृतिNon-Justiciable; केवल नागरिकों के लिए (विदेशियों को नहीं)
प्रकारनैतिक (Moral) + नागरिक (Civic) — दोनों
Verma Committee1999 — 8 कानूनों की पहचान जो FD को लागू करते हैं
Mohan Kumar Singhania 1991SC: Art. 51A — कानूनों की संवैधानिकता तय करने में उपयोगी
Ramlila Maidan 2012SC: Part III + Part IV + Part IVA — एक साझा सूत्र; तीनों साथ पढ़े जाएँ
Japanएकमात्र लोकतांत्रिक देश — नागरिकों की duties की list संविधान में
Janata Party (1977)Morarji Desai सरकार ने FD को रद्द नहीं किया — consensus का संकेत

11 मूल कर्तव्य — One-liner Quick Reference

क्र.कर्तव्य — एक पंक्ति मेंसंशोधन
FD 1संविधान, राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रगान का सम्मान42वाँ/1976
FD 2स्वतंत्रता संग्राम के उदात्त आदर्शों का पालन42वाँ/1976
FD 3संप्रभुता, एकता और अखंडता की रक्षा42वाँ/1976
FD 4देश की रक्षा और राष्ट्रीय सेवा42वाँ/1976
FD 5भाईचारा; महिला सम्मान — अपमानजनक प्रथाओं का त्याग42वाँ/1976
FD 6सामासिक संस्कृति की समृद्ध विरासत का संरक्षण42वाँ/1976
FD 7प्राकृतिक पर्यावरण की रक्षा; जीवित प्राणियों पर दया42वाँ/1976
FD 8वैज्ञानिक दृष्टिकोण, मानवतावाद और सुधार की भावना42वाँ/1976
FD 9सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा; हिंसा का त्याग42वाँ/1976
FD 10व्यक्तिगत और सामूहिक क्षेत्रों में उत्कृष्टता की ओर प्रयास42वाँ/1976
FD 116-14 वर्ष के बच्चे को शिक्षा का अवसर [Art. 21A से जुड़ा]86वाँ/2002
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