🧭 अध्याय 8/34 — भारतीय राजव्यवस्था एवं शासन

राज्य के नीति निदेशक तत्व

Directive Principles of State Policy | RAS Pre + Mains
📋 इस अध्याय में
  1. परिचय (Introduction)
  2. DPSP की 5 प्रमुख विशेषताएँ (5 Features)
  3. DPSP का वर्गीकरण — Overview (Classification)
  4. समाजवादी निदेशक सिद्धांत (Socialistic Principles)
  5. गांधीवादी निदेशक सिद्धांत (Gandhian Principles)
  6. उदार-बौद्धिक निदेशक सिद्धांत (Liberal-Intellectual Principles)
  7. नए जोड़े गए निदेशक सिद्धांत (New Directive Principles)
  8. DPSP के पीछे बाध्यकारी शक्ति (Sanction behind DPSP)
  9. Table 9.1 — मूल अधिकार बनाम DPSP (FR vs DPSP)
  10. आलोचनाएँ (Criticisms of DPSP)
  11. DPSP की उपयोगिता (Utility)
  12. FR और DPSP का संघर्ष — कालरेखा (FR vs DPSP — Timeline of Cases)
  13. DPSP का क्रियान्वयन (Implementation)
  14. Part IV के बाहर निदेशक (Directives outside Part IV)
  15. Table 9.2 — अनुच्छेद एक नजर में (Art. 36–51)

1परिचय (Introduction)

राज्य के नीति निदेशक तत्व (DPSP) संविधान के भाग IV (Part IV) में अनुच्छेद 36 से 51 तक वर्णित हैं। इन्हें आयरलैंड के संविधान (1937) से लिया गया, जिसने इसे स्पेनिश संविधान से लिया था।

महत्वपूर्ण कथनकिसने कहा
"Novel Features" — DPSP भारतीय संविधान की नवीन अभिनव विशेषता हैDr. B.R. Ambedkar
"Conscience of the Constitution" — FR और DPSP मिलकर संविधान की अंतरात्मा हैंGranville Austin
"Soul of the Constitution" — DPSP संविधान की आत्मा है
"Instrument of Instructions" जैसे — GOI Act 1935 में Governor-General को जैसे निर्देश दिए जाते थेDr. B.R. Ambedkar
कल्याणकारी राज्य (Welfare State)
  • जनकल्याण सर्वोपरि; सामाजिक-आर्थिक लक्ष्य
  • सामाजिक न्याय — DPSP की नींव
  • राज्य जनता के जीवन-स्तर को ऊपर उठाए
  • DPSP का सपना — Welfare State की स्थापना
पुलिस राज्य (Police State)
  • केवल कानून-व्यवस्था और देश की रक्षा
  • जनकल्याण की कोई जिम्मेदारी नहीं
  • 19वीं सदी के Laissez-faire पर आधारित
  • औपनिवेशिक (Colonial) युग में यही था

2DPSP की 5 प्रमुख विशेषताएँ (5 Features)

क्र.विशेषताविवरण
1संवैधानिक निर्देश (Constitutional Instructions)DPSP — राज्य के लिए वे आदर्श हैं जिन्हें नीति और कानून बनाते समय ध्यान में रखना चाहिए। Art. 36 के अनुसार Part IV में "राज्य" का वही अर्थ है जो Part III (FR) में है।
2Instrument of Instructions जैसेDr. Ambedkar: ये GOI Act 1935 में Governor-General और Governors को दिए जाने वाले निर्देशों जैसे हैं। अंतर यह है कि ये निर्देश अब विधायिका और कार्यपालिका के लिए हैं।
3व्यापक आर्थिक-सामाजिक-राजनीतिक कार्यक्रमDPSP एक आधुनिक लोकतांत्रिक राज्य के लिए संपूर्ण कार्यक्रम है। ये Preamble में वर्णित न्याय, स्वतंत्रता, समता और बंधुत्व के आदर्शों को साकार करने का मार्ग दिखाते हैं।
4Non-Justiciable — न्यायालय में प्रवर्तनीय नहींArt. 37: ये अधिकार हैं लेकिन न्यायालय द्वारा लागू नहीं करवाए जा सकते। फिर भी — Art. 37 ही कहता है — "ये देश की शासन-व्यवस्था में मूलभूत हैं और इन्हें लागू करना राज्य का कर्तव्य है।"
5न्यायिक समीक्षा में सहायकSC ने बार-बार कहा है: यदि कोई कानून DPSP को लागू करने के लिए बना है, तो उसे Art. 14 (समानता) या Art. 19 (6 स्वतंत्रताएँ) के आधार पर अनुचित नहीं माना जाएगा।

3DPSP का वर्गीकरण — Overview (Classification)

संविधान में DPSP का कोई औपचारिक वर्गीकरण नहीं है। विषय-वस्तु और दिशा के आधार पर इन्हें 3 श्रेणियों में बाँटा जाता है:

श्रेणी (Category)रंगअनुच्छेदकुल
समाजवादी (Socialistic)NAVYArt. 38, 39, 39A, 41, 42, 43, 43A, 478
गांधीवादी (Gandhian)GREENArt. 40, 43, 43B, 46, 47, 486
उदार-बौद्धिक (Liberal-Intellectual)TEALArt. 44, 45, 48, 48A, 49, 50, 517

4समाजवादी निदेशक सिद्धांत (Socialistic Principles)

ये सिद्धांत समाजवाद की विचारधारा को दर्शाते हैं। ये लोकतांत्रिक समाजवादी राज्य की नींव रखते हैं और सामाजिक-आर्थिक न्याय की स्थापना का लक्ष्य रखते हैं।

अनु.क्या करे राज्य (DPSP)मुख्य बिंदु
Art. 38सामाजिक व्यवस्था द्वारा जनकल्याण; आय, प्रतिष्ठा, सुविधाओं और अवसरों में असमानता कम करना [44वाँ संशोधन 1978 द्वारा 2nd aspect जोड़ा]Welfare State का मूल सिद्धांत
Art. 39(a) समुचित आजीविका का अधिकार; (b) भौतिक संसाधनों का न्यायपूर्ण वितरण; (c) धन और उत्पादन के साधनों का केंद्रीकरण न हो; (d) पुरुष-महिला को समान काम पर समान वेतन; (e) श्रमिकों के स्वास्थ्य की रक्षा; (f) बच्चों के स्वस्थ विकास के अवसर [42वाँ संशोधन 1976]सामाजिक-आर्थिक न्याय का आधार
Art. 39Aसमान न्याय और गरीबों को नि:शुल्क कानूनी सहायता [42वाँ संशोधन 1976]Legal Services Authorities Act 1987; Lok Adalat
Art. 41बेरोजगारी, बुढ़ापे, बीमारी और अपंगता में काम, शिक्षा और सार्वजनिक सहायता का अधिकारSocial Security का लक्ष्य
Art. 42काम की उचित और मानवीय स्थितियाँ + प्रसूति सहायता (Maternity Relief)Maternity Benefit Act 1961
Art. 43सभी श्रमिकों के लिए जीवन-निर्वाह मजदूरी (Living Wage), जीवन का उचित स्तर और सांस्कृतिक अवसरLiving Wage > Fair Wage > Minimum Wage
Art. 43Aउद्योगों के प्रबंधन में श्रमिकों की भागीदारी सुनिश्चित करना [42वाँ संशोधन 1976]Industrial Democracy
Art. 47जन-स्वास्थ्य सुधारना; पोषण-स्तर और जीवन-स्तर ऊँचा उठाना; मादक पेय और औषधि निषेध [Art. 47 — Gandhian में भी]Public Health Policy

वेतन के 3 प्रकार: न्यूनतम मजदूरी (Minimum Wage) — केवल जीवन की बुनियादी जरूरतें (भोजन, आश्रय, कपड़ा)। उचित मजदूरी (Fair Wage) — Minimum और Living के बीच। जीवन-निर्वाह मजदूरी (Living Wage) — बुनियादी जरूरतों के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, बीमा भी।

5गांधीवादी निदेशक सिद्धांत (Gandhian Principles)

ये सिद्धांत महात्मा गांधी की विचारधारा पर आधारित हैं। राष्ट्रीय आंदोलन के दौरान गांधी ने जो पुनर्निर्माण का कार्यक्रम बताया था, उसे इन DPSP में शामिल किया गया है।

अनु.क्या करे राज्य (DPSP)मुख्य बिंदु
Art. 40ग्राम पंचायतों का संगठन; उन्हें स्वशासन की इकाइयों के रूप में कार्य करने योग्य बनाना73वाँ संशोधन 1992 — Constitutional Status
Art. 43ग्रामीण क्षेत्रों में कुटीर उद्योगों (Cottage Industries) को बढ़ावा देना (Individual या Co-operative आधार पर)Khadi Board, Village Industries Commission
Art. 43Bसहकारी समितियों (Co-operative Societies) को स्वैच्छिक, स्वायत्त और लोकतांत्रिक तरीके से प्रोत्साहन [97वाँ संशोधन 2011]Part IX-B; Art. 19 में Right to form Co-operatives
Art. 46SC, ST और अन्य कमजोर वर्गों के शैक्षिक-आर्थिक हितों को बढ़ावा; सामाजिक अन्याय और शोषण से सुरक्षाSC/ST Atrocities Act; Reservations
Art. 47नशीले पेय (Intoxicating Drinks) और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक नशीले पदार्थों का निषेध [Socialistic में भी]Prohibition Policy
Art. 48गाय, बछड़ों और दुधारू-भारवाही पशुओं का वध निषेध; उनकी नस्लों में सुधार [Liberal में भी]Slaughter laws in many states
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6उदार-बौद्धिक निदेशक सिद्धांत (Liberal-Intellectual Principles)

ये सिद्धांत उदारवाद (Liberalism) की विचारधारा को प्रकट करते हैं। इनमें आधुनिक और प्रगतिशील सोच झलकती है।

अनु.क्या करे राज्य (DPSP)मुख्य बिंदु
Art. 44समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) — देश भर में सभी नागरिकों के लिएसर्वाधिक विवादास्पद DPSP; अभी लागू नहीं
Art. 456 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए प्रारम्भिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा [86वाँ संशोधन 2002 ने बदला; पहले: 14 वर्ष तक नि:शुल्क शिक्षा]Art. 21A ने 6-14 को FR बनाया
Art. 48कृषि और पशुपालन को आधुनिक और वैज्ञानिक आधार पर संगठित करना [Gandhian में भी]Green Revolution प्रेरणा
Art. 48Aपर्यावरण की रक्षा और सुधार; वनों और वन्यजीवों की रक्षा [42वाँ संशोधन 1976]Wildlife Protection Act 1972; Forest Conservation Act 1980
Art. 49राष्ट्रीय महत्व के स्मारकों, स्थानों और वस्तुओं की रक्षाAncient Monuments Act 1951
Art. 50न्यायपालिका को कार्यपालिका से अलग करना (Separation of Judiciary from Executive)CrPC 1973 ने लागू किया
Art. 51अंतर्राष्ट्रीय शांति-सुरक्षा; राष्ट्रों के बीच उचित संबंध; अंतर्राष्ट्रीय कानून का सम्मान; विवादों का मध्यस्थता से निपटानNon-Alignment; Panchsheel

7नए जोड़े गए निदेशक सिद्धांत (New Directive Principles)

संशोधनवर्षनए DPSPअनुच्छेद
42वाँ संशोधन1976(1) बच्चों के स्वस्थ विकास के अवसर; (2) समान न्याय और नि:शुल्क कानूनी सहायता; (3) उद्योग-प्रबंधन में श्रमिकों की भागीदारी; (4) पर्यावरण की रक्षा और वनों-वन्यजीवों की सुरक्षाArt. 39(f), 39A, 43A, 48A
44वाँ संशोधन1978आय, प्रतिष्ठा, सुविधाओं और अवसरों में असमानता कम करनाArt. 38 (2nd provision)
86वाँ संशोधन2002Art. 45 का विषय बदला — पहले: 14 वर्ष तक नि:शुल्क शिक्षा; अब: 6 वर्ष तक Early Childhood Care and EducationArt. 45
97वाँ संशोधन2011सहकारी समितियों का स्वैच्छिक, स्वायत्त, लोकतांत्रिक और व्यावसायिक प्रबंधनArt. 43B

8DPSP के पीछे बाध्यकारी शक्ति (Sanction behind DPSP)

B.N. Rau (Constituent Assembly के Constitutional Advisor) ने सिफारिश की थी कि अधिकारों को दो भागों में बाँटा जाए — Justiciable और Non-justiciable। Drafting Committee ने यही माना। इसीलिए:

मूल अधिकार (FR)
  • Justiciable — न्यायालय में प्रवर्तनीय
  • Law की Force है
  • उल्लंघन पर सीधे SC जा सकते हैं
  • राज्य को रोकते हैं (Negative)
DPSP
  • Non-Justiciable — न्यायालय नहीं
  • नैतिक बाध्यता (Moral Obligation)
  • राजनीतिक बाध्यता — जनमत (Public Opinion)
  • राज्य को काम करने के लिए कहते हैं (Positive)

Art. 37 कहता है: ये सिद्धांत "देश की शासन-व्यवस्था में मूलभूत" हैं और "कानून बनाते समय इन्हें लागू करना राज्य का कर्तव्य है।" इनकी असली ताकत है — जनमत (Public Opinion) — जो सरकार को जवाबदेह बनाती है।

विद्वानकथन
Alladi Krishnaswamy Ayyarकोई भी मंत्रालय जो जनता के प्रति उत्तरदायी है — Part IV के प्रावधानों को हल्के में नहीं ले सकता।
Dr. B.R. Ambedkarजो सरकार लोकप्रिय वोट पर टिकी है — वह नीति बनाते समय DPSP की उपेक्षा नहीं कर सकती। यदि वह ऐसा करती है, तो चुनाव में जनता को जवाब देना होगा।

DPSP को Non-Justiciable क्यों बनाया गया? — 3 कारण

1. देश में इन्हें लागू करने के लिए पर्याप्त

कारणविवरण
1. वित्तीय संसाधनों की कमीनव-स्वतंत्र भारत के पास इन्हें तुरंत लागू करने की आर्थिक क्षमता नहीं थी।
2. विविधता और पिछड़ापनदेश में व्यापक विविधता और पिछड़ापन इन्हें एकसाथ लागू करने में बाधा थी।
3. नए राज्य को लचीलापन चाहिए थानव-स्वतंत्र भारत को समय, स्थान और क्रम तय करने की छूट मिलनी चाहिए थी।

9Table 9.1 — मूल अधिकार बनाम DPSP (FR vs DPSP)

अंतर का आधारमूल अधिकार (FR)DPSP
1. प्रकृतिनकारात्मक (Negative) — राज्य को कुछ करने से रोकते हैंसकारात्मक (Positive) — राज्य को कुछ करने के लिए कहते हैं
2. प्रवर्तनीयताJusticiable — न्यायालय में लागू कराए जा सकते हैंNon-Justiciable — न्यायालय लागू नहीं कर सकता
3. लक्ष्यराजनीतिक लोकतंत्र (Political Democracy)सामाजिक और आर्थिक लोकतंत्र (Social & Economic Democracy)
4. प्रतिबंधकानूनी प्रतिबंध (Legal Sanctions)नैतिक और राजनीतिक प्रतिबंध (Moral & Political Sanctions)
5. कल्याणव्यक्ति का कल्याण — व्यक्तिगत और वैयक्तिक (Individualistic)समुदाय का कल्याण — सामाजिक और समाजवादी (Societarian & Socialistic)
6. क्रियान्वयनकोई कानून नहीं चाहिए — स्वतः लागू (Self-executory)लागू करने के लिए कानून जरूरी — स्वतः लागू नहीं
7. न्यायिक निर्णयFR का उल्लंघन करने वाला कानून — unconstitutional और voidDPSP का उल्लंघन करने वाला कानून — void नहीं; DPSP को लागू करने वाला कानून — valid हो सकता है

10आलोचनाएँ (Criticisms of DPSP)

आलोचनाआलोचकतर्क
कोई कानूनी बल नहीं (No Legal Force)K.T. Shah; Nasiruddin; T.T. Krishnamachari; K.C. Wheare; Ivor JenningsK.T. Shah: "Pious Superfluities" — बैंक का चेक जो तब भुनाया जाए जब बैंक के पास पैसे हों। Nasiruddin: "नए साल के संकल्पों जैसा — 2 जनवरी को टूट जाते हैं।" T.T. Krishnamachari: "भावनाओं की dustbin।" Wheare: "mere moral homily।"
तार्किक व्यवस्था नहीं (Illogically Arranged)N. Srinivasan; Ivor Jenningsमहत्वहीन मुद्दों को बड़े प्रश्नों के साथ मिला दिया। आधुनिक और पुराना साथ-साथ। कोई consistent philosophy नहीं।
रूढ़िवादी(Conservative)Sir Ivor Jennings"19वीं सदी के इंग्लैंड की राजनीतिक दर्शन पर आधारित।" कहा: "Sydney Webb और Beatrice Webb की आत्माएँ Part IV में घूमती हैं — Fabian Socialism without the socialism।"
संवैधानिक संघर्ष(Constitutional Conflict)K. SanthanamDPSP से केंद्र-राज्य, राष्ट्रपति-PM और राज्यपाल-CM के बीच संघर्ष हो सकता है।
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11DPSP की उपयोगिता (Utility)

विद्वानों के मत

विद्वानमत
L.M. Singhvi ( न्यायविद)DPSP संविधान के जीवनदायी प्रावधान हैं — संविधान की विषय-वस्तु और सामाजिक न्याय की दर्शन।
M.C. Chagla (पूर्व CJI)यदि ये सिद्धांत पूरी तरह लागू हों — भारत सचमुच स्वर्ग होगा; Political Democracy के साथ Welfare State।
Dr. B.R. AmbedkarDPSP का महान मूल्य यह है कि ये दिखाते हैं भारत की राजनीति का लक्ष्य "Economic Democracy" है — न केवल Political Democracy।
Granville AustinDPSP "सामाजिक क्रांति के लक्ष्यों को आगे बढ़ाने" के लिए हैं।
Sir B.N. RauDPSP — राज्य के अधिकारियों के लिए "नैतिक आदेश" हैं। इनका कम से कम शैक्षिक मूल्य तो है।

M.C. Setalvad (पूर्व Attorney General) के अनुसार DPSP के 4 उपयोग

1. ये सभी प्राधिकारियों को संबोधित "Instrument of Instructions" जैसे हैं — नई सामाजिक-आर्थिक व्यवस्था के मूल सिद्धांत याद दिलाते हैं।

2. न्यायालयों के लिए उपयोगी मार्गदर्शक (Beacon-lights) — Judicial Review में सहायक।

3. सभी State action का प्रमुख पृष्ठभूमि — कार्यपालिका और विधायिका के लिए।

4. Preamble को amplify करते हैं — जो न्याय, स्वतंत्रता, समता और बंधुत्व का संकल्प लेती है।

DPSP की अतिरिक्त भूमिकाएँ (6 Additional Roles)

क्र.भूमिका (Role)
1घरेलू और विदेश नीतियों में स्थिरता और निरंतरता — सत्ता परिवर्तन होने पर भी।
2FR के पूरक — Part III में जो सामाजिक-आर्थिक अधिकारों की कमी है, DPSP उसे भरते हैं।
3DPSP के क्रियान्वयन से FR के समुचित उपभोग का अनुकूल वातावरण बनता है। आर्थिक लोकतंत्र के बिना राजनीतिक लोकतंत्र अर्थहीन है।
4विपक्ष को सरकार पर नियंत्रण रखने में मदद — यदि सरकार DPSP के विरुद्ध काम करे तो जवाबदेह।
5सरकार के प्रदर्शन की कसौटी (Crucial Test) — जनता सरकार की नीतियों को DPSP की कसौटी पर परख सकती है।
6सार्वजनिक राजनीतिक घोषणापत्र (Common Political Manifesto) — कोई भी सत्तारूढ़ दल इन्हें अनदेखा नहीं कर सकता।

12FR और DPSP का संघर्ष — कालरेखा (FR vs DPSP — Timeline of Cases)

वर्ष/घटनाक्या हुआप्रभाव
Champakam Dorairajan Case 1951SC: FR और DPSP में टकराव हो तो FR को प्राथमिकता। DPSP FR के सहायक हैं, न कि उससे ऊपर।Parliament ने 1st (1951), 4th (1955), 17th (1964) Amendments से DPSP लागू किए।
Golaknath Case 1967SC: Parliament कोई भी FR को नहीं छीन सकती — FR "sacrosanct" हैं। DPSP के लिए FR नहीं बदले जा सकते।Parliament को लगा SC ने लोकतंत्र में बाधा डाली।
24वाँ + 25वाँ संशोधन 197124th Amendment: Parliament को FR संशोधित करने का अधिकार। 25th Amendment: Art. 31C जोड़ा — Art. 39(b) और (c) [DPSP] को लागू करने वाले कानून — Art. 14, 19, 31 पर Challenge नहीं।Parliament ने Golaknath का असर खत्म करने की कोशिश।
Kesavananda Bharati Case 1973SC: Parliament FR बदल सकती है, लेकिन Basic Structure नहीं। Art. 31C का 2nd provision (Judicial Review हटाना) — invalid; 1st provision — valid।Balance बना: Parliament FR बदल सकती है लेकिन Basic Structure नहीं।
42वाँ संशोधन 1976Art. 31C का दायरा बढ़ाया — सभी DPSP को लागू करने वाले कानून Art. 14, 19 पर Challenge से मुक्त। DPSP को FR पर supremacy।Emergency के दौरान Parliament ने DPSP को FR से ऊपर रखा।
Minerva Mills Case 1980SC: 42वें संशोधन का विस्तार — invalid। FR और DPSP — दोनों में balance ही Basic Structure है। "Like two wheels of a chariot।"वर्तमान स्थिति: FR को DPSP पर supremacy; लेकिन Art. 39(b),(c) के लिए Art. 14, 19 सहायक।
वर्तमान स्थिति (Present)FR को DPSP पर प्राथमिकता। लेकिन Parliament FR संशोधित कर DPSP लागू कर सकती है — Basic Structure की सीमा में।FR + DPSP = Balance = Basic Structure of Constitution

Minerva Mills Case 1980 — SC का ऐतिहासिक कथन

"भारतीय संविधान मूल अधिकारों और नीति निदेशक सिद्धांतों के बीच संतुलन की आधारशिला पर टिका है। वे मिलकर सामाजिक क्रांति के प्रति प्रतिबद्धता का मूल हैं। वे रथ के दो पहियों की तरह हैं — एक दूसरे से कम नहीं। किसी एक को दूसरे पर पूर्ण प्राथमिकता देना — संविधान की सामंजस्यता को बिगाड़ना है। यह सामंजस्य और संतुलन संविधान की मूल संरचना (Basic Structure) की अनिवार्य विशेषता है।"

13DPSP का क्रियान्वयन (Implementation)

DPSPक्रियान्वयन — कानून / कार्यक्रम
Art. 38, 39 — सामाजिक व्यवस्था + संसाधन वितरणPlanning Commission 1950 (→ NITI Aayog 2015); Five Year Plans; भूमि सुधार कानून (जमींदारी उन्मूलन, भूमि सीमा, सहकारी खेती)
Art. 39, 41-43 — श्रम कानूनMinimum Wages Act 1948; Factories Act 1948; Payment of Wages Act; Contract Labour Act 1970; Bonded Labour Act 1976; Maternity Benefit Act 1961; Equal Remuneration Act 1976; Child Labour Act 1986 (→ 2016 में नाम बदला)
Art. 39A — नि:शुल्क कानूनी सहायताLegal Services Authorities Act 1987; Lok Adalat — Civil Court का दर्जा; निर्णय अपीलीय नहीं — binding
Art. 39 — धन का केंद्रीकरण न होLIC राष्ट्रीयकरण 1956; 14 Banks 1969; General Insurance 1971; Privy Purses उन्मूलन 1971
Art. 40 — ग्राम पंचायत73वाँ संशोधन 1992; Three-tier Panchayati Raj (Village, Taluka, Zila)
Art. 43 — Cottage IndustriesKhadi & Village Industries Commission; Handloom Board; Handicrafts Board; Coir Board; Silk Board; Small Industries Board
Art. 46 — SC/ST कल्याणSC/ST Atrocities Act 1989; Protection of Civil Rights Act 1976; NCSC + NCST (89वाँ संशोधन 2003); Reservations
Art. 47 — जन स्वास्थ्यPrimary Health Centres; Malaria/TB/Leprosy/AIDS उन्मूलन कार्यक्रम; Prohibition Laws (कुछ राज्यों में)
Art. 48A — पर्यावरणWildlife Protection Act 1972; Forest Conservation Act 1980; Water/Air Pollution Control Boards; National Forest Policy 1988
Art. 49 — स्मारकAncient & Historical Monuments Act 1951; Archaeological Sites & Remains Act
Art. 50 — न्यायपालिका-कार्यपालिका अलगावCrPC 1973 — Executive magistracy समाप्त; Judicial Magistrates अलग (High Court के अधीन)
Art. 51 — अंतर्राष्ट्रीय शांतिNon-Alignment Policy; Panchsheel; UN Membership 1945
OBC/EWS कल्याणNCBC 1993; 27% OBC Reservation (V.P. Singh 1990); 10% EWS (103rd Amendment 2019)

14Part IV के बाहर निदेशक (Directives outside Part IV)

Part IV के अलावा संविधान के अन्य भागों में भी कुछ निदेशक तत्व हैं। ये भी Non-Justiciable हैं लेकिन न्यायपालिका इन्हें समान महत्व देती है।

अनुच्छेदभागनिदेशक (Directive)
Art. 335Part XVISC और ST के सदस्यों के दावों को — प्रशासन की कार्यकुशलता (Efficiency) को ध्यान में रखते हुए — Union और State की सेवाओं में नियुक्ति में विचार किया जाएगा।
Art. 350-APart XVIIप्राथमिक शिक्षा के स्तर पर भाषायी अल्पसंख्यक वर्गों के बच्चों को मातृभाषा में निर्देश की सुविधा प्रदान करना — प्रत्येक राज्य और स्थानीय प्राधिकरण का प्रयास।
Art. 351Part XVIIहिंदी भाषा का प्रसार करना और उसे विकसित करना — ताकि वह भारत की समग्र संस्कृति की अभिव्यक्ति का माध्यम बन सके — संघ का कर्तव्य।

15Table 9.2 — अनुच्छेद एक नजर में (Art. 36–51)

अनु.विषयश्रेणी
Art. 36राज्य की परिभाषा (Part III जैसी ही)
Art. 37इस भाग के सिद्धांतों का अनुप्रयोग (Non-justiciable; लेकिन मूलभूत)
Art. 38सामाजिक व्यवस्था द्वारा जनकल्याण; असमानता कम करनासमाजवादी
Art. 396 आर्थिक सिद्धांत (आजीविका, वितरण, समान वेतन, बच्चों की रक्षा आदि)समाजवादी
Art. 39Aसमान न्याय; गरीबों को नि:शुल्क कानूनी सहायता [42वाँ संशोधन 1976]समाजवादी
Art. 40ग्राम पंचायतों का संगठन — स्वशासन की इकाईगांधीवादी
Art. 41काम, शिक्षा और सार्वजनिक सहायता का अधिकार (बेरोजगारी/वृद्धावस्था/बीमारी/अपंगता)समाजवादी
Art. 42काम की उचित और मानवीय परिस्थितियाँ; Maternity Reliefसमाजवादी
Art. 43Living Wage; जीवन का उचित स्तर; Cottage Industriesसमाजवादी + गांधीवादी
Art. 43Aउद्योग-प्रबंधन में श्रमिकों की भागीदारी [42वाँ संशोधन 1976]समाजवादी
Art. 43Bसहकारी समितियों का प्रोत्साहन [97वाँ संशोधन 2011]गांधीवादी
Art. 44समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code)उदार-बौद्धिक
Art. 456 वर्ष तक Early Childhood Care and Education [86वाँ संशोधन 2002 से बदला]उदार-बौद्धिक
Art. 46SC, ST और कमजोर वर्गों के शैक्षिक-आर्थिक हित; सामाजिक अन्याय से सुरक्षागांधीवादी
Art. 47पोषण-स्तर और जन-स्वास्थ्य सुधारना; नशीले पदार्थों का निषेधसमाजवादी + गांधीवादी
Art. 48कृषि और पशुपालन — आधुनिक-वैज्ञानिक; गायों का वध निषेधउदार-बौद्धिक + गांधीवादी
Art. 48Aपर्यावरण की रक्षा; वन और वन्यजीव [42वाँ संशोधन 1976]उदार-बौद्धिक
Art. 49राष्ट्रीय महत्व के स्मारकों, स्थानों और वस्तुओं की रक्षाउदार-बौद्धिक
Art. 50न्यायपालिका को कार्यपालिका से अलग करनाउदार-बौद्धिक
Art. 51अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा; अंतर्राष्ट्रीय कानून का सम्मानउदार-बौद्धिक

★ सारांश (Summary)

DPSP — Quick Facts

विषयतथ्य
भाग और अनुच्छेदPart IV; Art. 36-51 (DPSP Art. 38-51 में; Art. 36 = State definition; Art. 37 = Nature)
स्रोतआयरलैंड (1937) → स्पेनिश संविधान से
Dr. Ambedkar ने क्या कहा"Novel Features"; "Instrument of Instructions जैसा"
Granville Austin ने क्या कहा"Conscience of the Constitution" (FR + DPSP मिलकर)
प्रकृतिNon-Justiciable — Art. 37 के अनुसार; लेकिन "fundamental in governance"
3 श्रेणियाँSocialistic (8) + Gandhian (6) + Liberal-Intellectual (7)
42वाँ संशोधन 1976 ने जोड़ेArt. 39(f), 39A, 43A, 48A — 4 नए DPSP
44वाँ संशोधन 1978 ने जोड़ाArt. 38 का 2nd provision
86वाँ संशोधन 2002 ने बदलाArt. 45 — 14 वर्ष → 6 वर्ष Early Childhood
97वाँ संशोधन 2011 ने जोड़ाArt. 43B — Co-operative Societies
सबसे विवादास्पद DPSPArt. 44 — Uniform Civil Code (अभी लागू नहीं)

FR-DPSP Conflict — Timeline Summary

वर्षमहत्वपूर्ण Case/Eventपरिणाम
1951Champakam DorairajanFR > DPSP; 1st, 4th, 17th Amendments
1967GolaknathFR sacrosanct; Parliament cannot abridge FR for DPSP
197124th + 25th AmendmentsParliament can amend FR; Art. 31C — DPSP को Art. 14, 19 से ऊपर
1973Kesavananda BharatiBasic Structure doctrine; Art. 31C (1st provision) valid; Parliament can amend FR within Basic Structure
197642nd AmendmentArt. 31C का विस्तार — सभी DPSP को FR से ऊपर
1980Minerva Mills42nd Amendment extension invalid; FR-DPSP balance = Basic Structure; "Two wheels of chariot"
वर्तमानPresent PositionFR > DPSP; लेकिन Parliament FR बदल सकती है Basic Structure की सीमा में; Art. 39(b),(c) के लिए Art. 14, 19 subordinate
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