📋 इस अध्याय में
- परिचय (Introduction)
- DPSP की 5 प्रमुख विशेषताएँ (5 Features)
- DPSP का वर्गीकरण — Overview (Classification)
- समाजवादी निदेशक सिद्धांत (Socialistic Principles)
- गांधीवादी निदेशक सिद्धांत (Gandhian Principles)
- उदार-बौद्धिक निदेशक सिद्धांत (Liberal-Intellectual Principles)
- नए जोड़े गए निदेशक सिद्धांत (New Directive Principles)
- DPSP के पीछे बाध्यकारी शक्ति (Sanction behind DPSP)
- Table 9.1 — मूल अधिकार बनाम DPSP (FR vs DPSP)
- आलोचनाएँ (Criticisms of DPSP)
- DPSP की उपयोगिता (Utility)
- FR और DPSP का संघर्ष — कालरेखा (FR vs DPSP — Timeline of Cases)
- DPSP का क्रियान्वयन (Implementation)
- Part IV के बाहर निदेशक (Directives outside Part IV)
- Table 9.2 — अनुच्छेद एक नजर में (Art. 36–51)
1परिचय (Introduction)
राज्य के नीति निदेशक तत्व (DPSP) संविधान के भाग IV (Part IV) में अनुच्छेद 36 से 51 तक वर्णित हैं। इन्हें आयरलैंड के संविधान (1937) से लिया गया, जिसने इसे स्पेनिश संविधान से लिया था।
| महत्वपूर्ण कथन | किसने कहा |
|---|
| "Novel Features" — DPSP भारतीय संविधान की नवीन अभिनव विशेषता है | Dr. B.R. Ambedkar |
| "Conscience of the Constitution" — FR और DPSP मिलकर संविधान की अंतरात्मा हैं | Granville Austin |
| "Soul of the Constitution" — DPSP संविधान की आत्मा है | — |
| "Instrument of Instructions" जैसे — GOI Act 1935 में Governor-General को जैसे निर्देश दिए जाते थे | Dr. B.R. Ambedkar |
कल्याणकारी राज्य (Welfare State)
- जनकल्याण सर्वोपरि; सामाजिक-आर्थिक लक्ष्य
- सामाजिक न्याय — DPSP की नींव
- राज्य जनता के जीवन-स्तर को ऊपर उठाए
- DPSP का सपना — Welfare State की स्थापना
पुलिस राज्य (Police State)
- केवल कानून-व्यवस्था और देश की रक्षा
- जनकल्याण की कोई जिम्मेदारी नहीं
- 19वीं सदी के Laissez-faire पर आधारित
- औपनिवेशिक (Colonial) युग में यही था
2DPSP की 5 प्रमुख विशेषताएँ (5 Features)
| क्र. | विशेषता | विवरण |
|---|
| 1 | संवैधानिक निर्देश
(Constitutional Instructions) | DPSP — राज्य के लिए वे आदर्श हैं जिन्हें नीति और कानून बनाते समय ध्यान में रखना चाहिए। Art. 36 के अनुसार Part IV में "राज्य" का वही अर्थ है जो Part III (FR) में है। |
| 2 | Instrument of Instructions जैसे | Dr. Ambedkar: ये GOI Act 1935 में Governor-General और Governors को दिए जाने वाले निर्देशों जैसे हैं। अंतर यह है कि ये निर्देश अब विधायिका और कार्यपालिका के लिए हैं। |
| 3 | व्यापक आर्थिक-सामाजिक-राजनीतिक कार्यक्रम | DPSP एक आधुनिक लोकतांत्रिक राज्य के लिए संपूर्ण कार्यक्रम है। ये Preamble में वर्णित न्याय, स्वतंत्रता, समता और बंधुत्व के आदर्शों को साकार करने का मार्ग दिखाते हैं। |
| 4 | Non-Justiciable — न्यायालय में प्रवर्तनीय नहीं | Art. 37: ये अधिकार हैं लेकिन न्यायालय द्वारा लागू नहीं करवाए जा सकते। फिर भी — Art. 37 ही कहता है — "ये देश की शासन-व्यवस्था में मूलभूत हैं और इन्हें लागू करना राज्य का कर्तव्य है।" |
| 5 | न्यायिक समीक्षा में सहायक | SC ने बार-बार कहा है: यदि कोई कानून DPSP को लागू करने के लिए बना है, तो उसे Art. 14 (समानता) या Art. 19 (6 स्वतंत्रताएँ) के आधार पर अनुचित नहीं माना जाएगा। |
3DPSP का वर्गीकरण — Overview (Classification)
संविधान में DPSP का कोई औपचारिक वर्गीकरण नहीं है। विषय-वस्तु और दिशा के आधार पर इन्हें 3 श्रेणियों में बाँटा जाता है:
| श्रेणी (Category) | रंग | अनुच्छेद | कुल |
|---|
| समाजवादी (Socialistic) | NAVY | Art. 38, 39, 39A, 41, 42, 43, 43A, 47 | 8 |
| गांधीवादी (Gandhian) | GREEN | Art. 40, 43, 43B, 46, 47, 48 | 6 |
| उदार-बौद्धिक (Liberal-Intellectual) | TEAL | Art. 44, 45, 48, 48A, 49, 50, 51 | 7 |
4समाजवादी निदेशक सिद्धांत (Socialistic Principles)
ये सिद्धांत समाजवाद की विचारधारा को दर्शाते हैं। ये लोकतांत्रिक समाजवादी राज्य की नींव रखते हैं और सामाजिक-आर्थिक न्याय की स्थापना का लक्ष्य रखते हैं।
| अनु. | क्या करे राज्य (DPSP) | मुख्य बिंदु |
|---|
| Art. 38 | सामाजिक व्यवस्था द्वारा जनकल्याण; आय, प्रतिष्ठा, सुविधाओं और अवसरों में असमानता कम करना [44वाँ संशोधन 1978 द्वारा 2nd aspect जोड़ा] | Welfare State का मूल सिद्धांत |
| Art. 39 | (a) समुचित आजीविका का अधिकार; (b) भौतिक संसाधनों का न्यायपूर्ण वितरण; (c) धन और उत्पादन के साधनों का केंद्रीकरण न हो; (d) पुरुष-महिला को समान काम पर समान वेतन; (e) श्रमिकों के स्वास्थ्य की रक्षा; (f) बच्चों के स्वस्थ विकास के अवसर [42वाँ संशोधन 1976] | सामाजिक-आर्थिक न्याय का आधार |
| Art. 39A | समान न्याय और गरीबों को नि:शुल्क कानूनी सहायता
[42वाँ संशोधन 1976] | Legal Services Authorities Act 1987; Lok Adalat |
| Art. 41 | बेरोजगारी, बुढ़ापे, बीमारी और अपंगता में काम, शिक्षा और सार्वजनिक सहायता का अधिकार | Social Security का लक्ष्य |
| Art. 42 | काम की उचित और मानवीय स्थितियाँ + प्रसूति सहायता (Maternity Relief) | Maternity Benefit Act 1961 |
| Art. 43 | सभी श्रमिकों के लिए जीवन-निर्वाह मजदूरी (Living Wage), जीवन का उचित स्तर और सांस्कृतिक अवसर | Living Wage > Fair Wage > Minimum Wage |
| Art. 43A | उद्योगों के प्रबंधन में श्रमिकों की भागीदारी सुनिश्चित करना [42वाँ संशोधन 1976] | Industrial Democracy |
| Art. 47 | जन-स्वास्थ्य सुधारना; पोषण-स्तर और जीवन-स्तर ऊँचा उठाना; मादक पेय और औषधि निषेध [Art. 47 — Gandhian में भी] | Public Health Policy |
वेतन के 3 प्रकार: न्यूनतम मजदूरी (Minimum Wage) — केवल जीवन की बुनियादी जरूरतें (भोजन, आश्रय, कपड़ा)। उचित मजदूरी (Fair Wage) — Minimum और Living के बीच। जीवन-निर्वाह मजदूरी (Living Wage) — बुनियादी जरूरतों के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, बीमा भी।
5गांधीवादी निदेशक सिद्धांत (Gandhian Principles)
ये सिद्धांत महात्मा गांधी की विचारधारा पर आधारित हैं। राष्ट्रीय आंदोलन के दौरान गांधी ने जो पुनर्निर्माण का कार्यक्रम बताया था, उसे इन DPSP में शामिल किया गया है।
| अनु. | क्या करे राज्य (DPSP) | मुख्य बिंदु |
|---|
| Art. 40 | ग्राम पंचायतों का संगठन; उन्हें स्वशासन की इकाइयों के रूप में कार्य करने योग्य बनाना | 73वाँ संशोधन 1992 — Constitutional Status |
| Art. 43 | ग्रामीण क्षेत्रों में कुटीर उद्योगों (Cottage Industries) को बढ़ावा देना (Individual या Co-operative आधार पर) | Khadi Board, Village Industries Commission |
| Art. 43B | सहकारी समितियों (Co-operative Societies) को स्वैच्छिक, स्वायत्त और लोकतांत्रिक तरीके से प्रोत्साहन [97वाँ संशोधन 2011] | Part IX-B; Art. 19 में Right to form Co-operatives |
| Art. 46 | SC, ST और अन्य कमजोर वर्गों के शैक्षिक-आर्थिक हितों को बढ़ावा; सामाजिक अन्याय और शोषण से सुरक्षा | SC/ST Atrocities Act; Reservations |
| Art. 47 | नशीले पेय (Intoxicating Drinks) और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक नशीले पदार्थों का निषेध [Socialistic में भी] | Prohibition Policy |
| Art. 48 | गाय, बछड़ों और दुधारू-भारवाही पशुओं का वध निषेध; उनकी नस्लों में सुधार [Liberal में भी] | Slaughter laws in many states |
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6उदार-बौद्धिक निदेशक सिद्धांत (Liberal-Intellectual Principles)
ये सिद्धांत उदारवाद (Liberalism) की विचारधारा को प्रकट करते हैं। इनमें आधुनिक और प्रगतिशील सोच झलकती है।
| अनु. | क्या करे राज्य (DPSP) | मुख्य बिंदु |
|---|
| Art. 44 | समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) — देश भर में सभी नागरिकों के लिए | सर्वाधिक विवादास्पद DPSP; अभी लागू नहीं |
| Art. 45 | 6 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए प्रारम्भिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा [86वाँ संशोधन 2002 ने बदला; पहले: 14 वर्ष तक नि:शुल्क शिक्षा] | Art. 21A ने 6-14 को FR बनाया |
| Art. 48 | कृषि और पशुपालन को आधुनिक और वैज्ञानिक आधार पर संगठित करना [Gandhian में भी] | Green Revolution प्रेरणा |
| Art. 48A | पर्यावरण की रक्षा और सुधार; वनों और वन्यजीवों की रक्षा [42वाँ संशोधन 1976] | Wildlife Protection Act 1972; Forest Conservation Act 1980 |
| Art. 49 | राष्ट्रीय महत्व के स्मारकों, स्थानों और वस्तुओं की रक्षा | Ancient Monuments Act 1951 |
| Art. 50 | न्यायपालिका को कार्यपालिका से अलग करना (Separation of Judiciary from Executive) | CrPC 1973 ने लागू किया |
| Art. 51 | अंतर्राष्ट्रीय शांति-सुरक्षा; राष्ट्रों के बीच उचित संबंध; अंतर्राष्ट्रीय कानून का सम्मान; विवादों का मध्यस्थता से निपटान | Non-Alignment; Panchsheel |
7नए जोड़े गए निदेशक सिद्धांत (New Directive Principles)
| संशोधन | वर्ष | नए DPSP | अनुच्छेद |
|---|
| 42वाँ संशोधन | 1976 | (1) बच्चों के स्वस्थ विकास के अवसर; (2) समान न्याय और नि:शुल्क कानूनी सहायता; (3) उद्योग-प्रबंधन में श्रमिकों की भागीदारी; (4) पर्यावरण की रक्षा और वनों-वन्यजीवों की सुरक्षा | Art. 39(f), 39A, 43A, 48A |
| 44वाँ संशोधन | 1978 | आय, प्रतिष्ठा, सुविधाओं और अवसरों में असमानता कम करना | Art. 38 (2nd provision) |
| 86वाँ संशोधन | 2002 | Art. 45 का विषय बदला — पहले: 14 वर्ष तक नि:शुल्क शिक्षा; अब: 6 वर्ष तक Early Childhood Care and Education | Art. 45 |
| 97वाँ संशोधन | 2011 | सहकारी समितियों का स्वैच्छिक, स्वायत्त, लोकतांत्रिक और व्यावसायिक प्रबंधन | Art. 43B |
8DPSP के पीछे बाध्यकारी शक्ति (Sanction behind DPSP)
B.N. Rau (Constituent Assembly के Constitutional Advisor) ने सिफारिश की थी कि अधिकारों को दो भागों में बाँटा जाए — Justiciable और Non-justiciable। Drafting Committee ने यही माना। इसीलिए:
मूल अधिकार (FR)
- Justiciable — न्यायालय में प्रवर्तनीय
- Law की Force है
- उल्लंघन पर सीधे SC जा सकते हैं
- राज्य को रोकते हैं (Negative)
DPSP
- Non-Justiciable — न्यायालय नहीं
- नैतिक बाध्यता (Moral Obligation)
- राजनीतिक बाध्यता — जनमत (Public Opinion)
- राज्य को काम करने के लिए कहते हैं (Positive)
Art. 37 कहता है: ये सिद्धांत "देश की शासन-व्यवस्था में मूलभूत" हैं और "कानून बनाते समय इन्हें लागू करना राज्य का कर्तव्य है।" इनकी असली ताकत है — जनमत (Public Opinion) — जो सरकार को जवाबदेह बनाती है।
| विद्वान | कथन |
|---|
| Alladi Krishnaswamy Ayyar | कोई भी मंत्रालय जो जनता के प्रति उत्तरदायी है — Part IV के प्रावधानों को हल्के में नहीं ले सकता। |
| Dr. B.R. Ambedkar | जो सरकार लोकप्रिय वोट पर टिकी है — वह नीति बनाते समय DPSP की उपेक्षा नहीं कर सकती। यदि वह ऐसा करती है, तो चुनाव में जनता को जवाब देना होगा। |
DPSP को Non-Justiciable क्यों बनाया गया? — 3 कारण
1. देश में इन्हें लागू करने के लिए पर्याप्त
| कारण | विवरण |
|---|
| 1. वित्तीय संसाधनों की कमी | नव-स्वतंत्र भारत के पास इन्हें तुरंत लागू करने की आर्थिक क्षमता नहीं थी। |
| 2. विविधता और पिछड़ापन | देश में व्यापक विविधता और पिछड़ापन इन्हें एकसाथ लागू करने में बाधा थी। |
| 3. नए राज्य को लचीलापन चाहिए था | नव-स्वतंत्र भारत को समय, स्थान और क्रम तय करने की छूट मिलनी चाहिए थी। |
9Table 9.1 — मूल अधिकार बनाम DPSP (FR vs DPSP)
| अंतर का आधार | मूल अधिकार (FR) | DPSP |
|---|
| 1. प्रकृति | नकारात्मक (Negative) — राज्य को कुछ करने से रोकते हैं | सकारात्मक (Positive) — राज्य को कुछ करने के लिए कहते हैं |
| 2. प्रवर्तनीयता | Justiciable — न्यायालय में लागू कराए जा सकते हैं | Non-Justiciable — न्यायालय लागू नहीं कर सकता |
| 3. लक्ष्य | राजनीतिक लोकतंत्र (Political Democracy) | सामाजिक और आर्थिक लोकतंत्र (Social & Economic Democracy) |
| 4. प्रतिबंध | कानूनी प्रतिबंध (Legal Sanctions) | नैतिक और राजनीतिक प्रतिबंध (Moral & Political Sanctions) |
| 5. कल्याण | व्यक्ति का कल्याण — व्यक्तिगत और वैयक्तिक (Individualistic) | समुदाय का कल्याण — सामाजिक और समाजवादी (Societarian & Socialistic) |
| 6. क्रियान्वयन | कोई कानून नहीं चाहिए — स्वतः लागू (Self-executory) | लागू करने के लिए कानून जरूरी — स्वतः लागू नहीं |
| 7. न्यायिक निर्णय | FR का उल्लंघन करने वाला कानून — unconstitutional और void | DPSP का उल्लंघन करने वाला कानून — void नहीं; DPSP को लागू करने वाला कानून — valid हो सकता है |
10आलोचनाएँ (Criticisms of DPSP)
| आलोचना | आलोचक | तर्क |
|---|
| कोई कानूनी बल नहीं
(No Legal Force) | K.T. Shah; Nasiruddin; T.T. Krishnamachari; K.C. Wheare; Ivor Jennings | K.T. Shah: "Pious Superfluities" — बैंक का चेक जो तब भुनाया जाए जब बैंक के पास पैसे हों। Nasiruddin: "नए साल के संकल्पों जैसा — 2 जनवरी को टूट जाते हैं।" T.T. Krishnamachari: "भावनाओं की dustbin।" Wheare: "mere moral homily।" |
| तार्किक व्यवस्था नहीं
(Illogically Arranged) | N. Srinivasan; Ivor Jennings | महत्वहीन मुद्दों को बड़े प्रश्नों के साथ मिला दिया। आधुनिक और पुराना साथ-साथ। कोई consistent philosophy नहीं। |
| रूढ़िवादी(Conservative) | Sir Ivor Jennings | "19वीं सदी के इंग्लैंड की राजनीतिक दर्शन पर आधारित।" कहा: "Sydney Webb और Beatrice Webb की आत्माएँ Part IV में घूमती हैं — Fabian Socialism without the socialism।" |
| संवैधानिक संघर्ष(Constitutional Conflict) | K. Santhanam | DPSP से केंद्र-राज्य, राष्ट्रपति-PM और राज्यपाल-CM के बीच संघर्ष हो सकता है। |
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11DPSP की उपयोगिता (Utility)
विद्वानों के मत
| विद्वान | मत |
|---|
| L.M. Singhvi ( न्यायविद) | DPSP संविधान के जीवनदायी प्रावधान हैं — संविधान की विषय-वस्तु और सामाजिक न्याय की दर्शन। |
| M.C. Chagla (पूर्व CJI) | यदि ये सिद्धांत पूरी तरह लागू हों — भारत सचमुच स्वर्ग होगा; Political Democracy के साथ Welfare State। |
| Dr. B.R. Ambedkar | DPSP का महान मूल्य यह है कि ये दिखाते हैं भारत की राजनीति का लक्ष्य "Economic Democracy" है — न केवल Political Democracy। |
| Granville Austin | DPSP "सामाजिक क्रांति के लक्ष्यों को आगे बढ़ाने" के लिए हैं। |
| Sir B.N. Rau | DPSP — राज्य के अधिकारियों के लिए "नैतिक आदेश" हैं। इनका कम से कम शैक्षिक मूल्य तो है। |
M.C. Setalvad (पूर्व Attorney General) के अनुसार DPSP के 4 उपयोग
1. ये सभी प्राधिकारियों को संबोधित "Instrument of Instructions" जैसे हैं — नई सामाजिक-आर्थिक व्यवस्था के मूल सिद्धांत याद दिलाते हैं।
2. न्यायालयों के लिए उपयोगी मार्गदर्शक (Beacon-lights) — Judicial Review में सहायक।
3. सभी State action का प्रमुख पृष्ठभूमि — कार्यपालिका और विधायिका के लिए।
4. Preamble को amplify करते हैं — जो न्याय, स्वतंत्रता, समता और बंधुत्व का संकल्प लेती है।
DPSP की अतिरिक्त भूमिकाएँ (6 Additional Roles)
| क्र. | भूमिका (Role) |
|---|
| 1 | घरेलू और विदेश नीतियों में स्थिरता और निरंतरता — सत्ता परिवर्तन होने पर भी। |
| 2 | FR के पूरक — Part III में जो सामाजिक-आर्थिक अधिकारों की कमी है, DPSP उसे भरते हैं। |
| 3 | DPSP के क्रियान्वयन से FR के समुचित उपभोग का अनुकूल वातावरण बनता है। आर्थिक लोकतंत्र के बिना राजनीतिक लोकतंत्र अर्थहीन है। |
| 4 | विपक्ष को सरकार पर नियंत्रण रखने में मदद — यदि सरकार DPSP के विरुद्ध काम करे तो जवाबदेह। |
| 5 | सरकार के प्रदर्शन की कसौटी (Crucial Test) — जनता सरकार की नीतियों को DPSP की कसौटी पर परख सकती है। |
| 6 | सार्वजनिक राजनीतिक घोषणापत्र (Common Political Manifesto) — कोई भी सत्तारूढ़ दल इन्हें अनदेखा नहीं कर सकता। |
12FR और DPSP का संघर्ष — कालरेखा (FR vs DPSP — Timeline of Cases)
| वर्ष/घटना | क्या हुआ | प्रभाव |
|---|
| Champakam Dorairajan Case 1951 | SC: FR और DPSP में टकराव हो तो FR को प्राथमिकता। DPSP FR के सहायक हैं, न कि उससे ऊपर। | Parliament ने 1st (1951), 4th (1955), 17th (1964) Amendments से DPSP लागू किए। |
| Golaknath Case 1967 | SC: Parliament कोई भी FR को नहीं छीन सकती — FR "sacrosanct" हैं। DPSP के लिए FR नहीं बदले जा सकते। | Parliament को लगा SC ने लोकतंत्र में बाधा डाली। |
| 24वाँ + 25वाँ संशोधन 1971 | 24th Amendment: Parliament को FR संशोधित करने का अधिकार। 25th Amendment: Art. 31C जोड़ा — Art. 39(b) और (c) [DPSP] को लागू करने वाले कानून — Art. 14, 19, 31 पर Challenge नहीं। | Parliament ने Golaknath का असर खत्म करने की कोशिश। |
| Kesavananda Bharati Case 1973 | SC: Parliament FR बदल सकती है, लेकिन Basic Structure नहीं। Art. 31C का 2nd provision (Judicial Review हटाना) — invalid; 1st provision — valid। | Balance बना: Parliament FR बदल सकती है लेकिन Basic Structure नहीं। |
| 42वाँ संशोधन 1976 | Art. 31C का दायरा बढ़ाया — सभी DPSP को लागू करने वाले कानून Art. 14, 19 पर Challenge से मुक्त। DPSP को FR पर supremacy। | Emergency के दौरान Parliament ने DPSP को FR से ऊपर रखा। |
| Minerva Mills Case 1980 | SC: 42वें संशोधन का विस्तार — invalid। FR और DPSP — दोनों में balance ही Basic Structure है। "Like two wheels of a chariot।" | वर्तमान स्थिति: FR को DPSP पर supremacy; लेकिन Art. 39(b),(c) के लिए Art. 14, 19 सहायक। |
| वर्तमान स्थिति (Present) | FR को DPSP पर प्राथमिकता। लेकिन Parliament FR संशोधित कर DPSP लागू कर सकती है — Basic Structure की सीमा में। | FR + DPSP = Balance = Basic Structure of Constitution |
Minerva Mills Case 1980 — SC का ऐतिहासिक कथन
"भारतीय संविधान मूल अधिकारों और नीति निदेशक सिद्धांतों के बीच संतुलन की आधारशिला पर टिका है। वे मिलकर सामाजिक क्रांति के प्रति प्रतिबद्धता का मूल हैं। वे रथ के दो पहियों की तरह हैं — एक दूसरे से कम नहीं। किसी एक को दूसरे पर पूर्ण प्राथमिकता देना — संविधान की सामंजस्यता को बिगाड़ना है। यह सामंजस्य और संतुलन संविधान की मूल संरचना (Basic Structure) की अनिवार्य विशेषता है।"
13DPSP का क्रियान्वयन (Implementation)
| DPSP | क्रियान्वयन — कानून / कार्यक्रम |
|---|
| Art. 38, 39 — सामाजिक व्यवस्था + संसाधन वितरण | Planning Commission 1950 (→ NITI Aayog 2015); Five Year Plans; भूमि सुधार कानून (जमींदारी उन्मूलन, भूमि सीमा, सहकारी खेती) |
| Art. 39, 41-43 — श्रम कानून | Minimum Wages Act 1948; Factories Act 1948; Payment of Wages Act; Contract Labour Act 1970; Bonded Labour Act 1976; Maternity Benefit Act 1961; Equal Remuneration Act 1976; Child Labour Act 1986 (→ 2016 में नाम बदला) |
| Art. 39A — नि:शुल्क कानूनी सहायता | Legal Services Authorities Act 1987; Lok Adalat — Civil Court का दर्जा; निर्णय अपीलीय नहीं — binding |
| Art. 39 — धन का केंद्रीकरण न हो | LIC राष्ट्रीयकरण 1956; 14 Banks 1969; General Insurance 1971; Privy Purses उन्मूलन 1971 |
| Art. 40 — ग्राम पंचायत | 73वाँ संशोधन 1992; Three-tier Panchayati Raj (Village, Taluka, Zila) |
| Art. 43 — Cottage Industries | Khadi & Village Industries Commission; Handloom Board; Handicrafts Board; Coir Board; Silk Board; Small Industries Board |
| Art. 46 — SC/ST कल्याण | SC/ST Atrocities Act 1989; Protection of Civil Rights Act 1976; NCSC + NCST (89वाँ संशोधन 2003); Reservations |
| Art. 47 — जन स्वास्थ्य | Primary Health Centres; Malaria/TB/Leprosy/AIDS उन्मूलन कार्यक्रम; Prohibition Laws (कुछ राज्यों में) |
| Art. 48A — पर्यावरण | Wildlife Protection Act 1972; Forest Conservation Act 1980; Water/Air Pollution Control Boards; National Forest Policy 1988 |
| Art. 49 — स्मारक | Ancient & Historical Monuments Act 1951; Archaeological Sites & Remains Act |
| Art. 50 — न्यायपालिका-कार्यपालिका अलगाव | CrPC 1973 — Executive magistracy समाप्त; Judicial Magistrates अलग (High Court के अधीन) |
| Art. 51 — अंतर्राष्ट्रीय शांति | Non-Alignment Policy; Panchsheel; UN Membership 1945 |
| OBC/EWS कल्याण | NCBC 1993; 27% OBC Reservation (V.P. Singh 1990); 10% EWS (103rd Amendment 2019) |
14Part IV के बाहर निदेशक (Directives outside Part IV)
Part IV के अलावा संविधान के अन्य भागों में भी कुछ निदेशक तत्व हैं। ये भी Non-Justiciable हैं लेकिन न्यायपालिका इन्हें समान महत्व देती है।
| अनुच्छेद | भाग | निदेशक (Directive) |
|---|
| Art. 335 | Part XVI | SC और ST के सदस्यों के दावों को — प्रशासन की कार्यकुशलता (Efficiency) को ध्यान में रखते हुए — Union और State की सेवाओं में नियुक्ति में विचार किया जाएगा। |
| Art. 350-A | Part XVII | प्राथमिक शिक्षा के स्तर पर भाषायी अल्पसंख्यक वर्गों के बच्चों को मातृभाषा में निर्देश की सुविधा प्रदान करना — प्रत्येक राज्य और स्थानीय प्राधिकरण का प्रयास। |
| Art. 351 | Part XVII | हिंदी भाषा का प्रसार करना और उसे विकसित करना — ताकि वह भारत की समग्र संस्कृति की अभिव्यक्ति का माध्यम बन सके — संघ का कर्तव्य। |
15Table 9.2 — अनुच्छेद एक नजर में (Art. 36–51)
| अनु. | विषय | श्रेणी |
|---|
| Art. 36 | राज्य की परिभाषा (Part III जैसी ही) | — |
| Art. 37 | इस भाग के सिद्धांतों का अनुप्रयोग (Non-justiciable; लेकिन मूलभूत) | — |
| Art. 38 | सामाजिक व्यवस्था द्वारा जनकल्याण; असमानता कम करना | समाजवादी |
| Art. 39 | 6 आर्थिक सिद्धांत (आजीविका, वितरण, समान वेतन, बच्चों की रक्षा आदि) | समाजवादी |
| Art. 39A | समान न्याय; गरीबों को नि:शुल्क कानूनी सहायता [42वाँ संशोधन 1976] | समाजवादी |
| Art. 40 | ग्राम पंचायतों का संगठन — स्वशासन की इकाई | गांधीवादी |
| Art. 41 | काम, शिक्षा और सार्वजनिक सहायता का अधिकार (बेरोजगारी/वृद्धावस्था/बीमारी/अपंगता) | समाजवादी |
| Art. 42 | काम की उचित और मानवीय परिस्थितियाँ; Maternity Relief | समाजवादी |
| Art. 43 | Living Wage; जीवन का उचित स्तर; Cottage Industries | समाजवादी + गांधीवादी |
| Art. 43A | उद्योग-प्रबंधन में श्रमिकों की भागीदारी [42वाँ संशोधन 1976] | समाजवादी |
| Art. 43B | सहकारी समितियों का प्रोत्साहन [97वाँ संशोधन 2011] | गांधीवादी |
| Art. 44 | समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) | उदार-बौद्धिक |
| Art. 45 | 6 वर्ष तक Early Childhood Care and Education [86वाँ संशोधन 2002 से बदला] | उदार-बौद्धिक |
| Art. 46 | SC, ST और कमजोर वर्गों के शैक्षिक-आर्थिक हित; सामाजिक अन्याय से सुरक्षा | गांधीवादी |
| Art. 47 | पोषण-स्तर और जन-स्वास्थ्य सुधारना; नशीले पदार्थों का निषेध | समाजवादी + गांधीवादी |
| Art. 48 | कृषि और पशुपालन — आधुनिक-वैज्ञानिक; गायों का वध निषेध | उदार-बौद्धिक + गांधीवादी |
| Art. 48A | पर्यावरण की रक्षा; वन और वन्यजीव [42वाँ संशोधन 1976] | उदार-बौद्धिक |
| Art. 49 | राष्ट्रीय महत्व के स्मारकों, स्थानों और वस्तुओं की रक्षा | उदार-बौद्धिक |
| Art. 50 | न्यायपालिका को कार्यपालिका से अलग करना | उदार-बौद्धिक |
| Art. 51 | अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा; अंतर्राष्ट्रीय कानून का सम्मान | उदार-बौद्धिक |
★ सारांश (Summary)
DPSP — Quick Facts
| विषय | तथ्य |
|---|
| भाग और अनुच्छेद | Part IV; Art. 36-51 (DPSP Art. 38-51 में; Art. 36 = State definition; Art. 37 = Nature) |
| स्रोत | आयरलैंड (1937) → स्पेनिश संविधान से |
| Dr. Ambedkar ने क्या कहा | "Novel Features"; "Instrument of Instructions जैसा" |
| Granville Austin ने क्या कहा | "Conscience of the Constitution" (FR + DPSP मिलकर) |
| प्रकृति | Non-Justiciable — Art. 37 के अनुसार; लेकिन "fundamental in governance" |
| 3 श्रेणियाँ | Socialistic (8) + Gandhian (6) + Liberal-Intellectual (7) |
| 42वाँ संशोधन 1976 ने जोड़े | Art. 39(f), 39A, 43A, 48A — 4 नए DPSP |
| 44वाँ संशोधन 1978 ने जोड़ा | Art. 38 का 2nd provision |
| 86वाँ संशोधन 2002 ने बदला | Art. 45 — 14 वर्ष → 6 वर्ष Early Childhood |
| 97वाँ संशोधन 2011 ने जोड़ा | Art. 43B — Co-operative Societies |
| सबसे विवादास्पद DPSP | Art. 44 — Uniform Civil Code (अभी लागू नहीं) |
FR-DPSP Conflict — Timeline Summary
| वर्ष | महत्वपूर्ण Case/Event | परिणाम |
|---|
| 1951 | Champakam Dorairajan | FR > DPSP; 1st, 4th, 17th Amendments |
| 1967 | Golaknath | FR sacrosanct; Parliament cannot abridge FR for DPSP |
| 1971 | 24th + 25th Amendments | Parliament can amend FR; Art. 31C — DPSP को Art. 14, 19 से ऊपर |
| 1973 | Kesavananda Bharati | Basic Structure doctrine; Art. 31C (1st provision) valid; Parliament can amend FR within Basic Structure |
| 1976 | 42nd Amendment | Art. 31C का विस्तार — सभी DPSP को FR से ऊपर |
| 1980 | Minerva Mills | 42nd Amendment extension invalid; FR-DPSP balance = Basic Structure; "Two wheels of chariot" |
| वर्तमान | Present Position | FR > DPSP; लेकिन Parliament FR बदल सकती है Basic Structure की सीमा में; Art. 39(b),(c) के लिए Art. 14, 19 subordinate |
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