✊ अध्याय 7/34 — भारतीय राजव्यवस्था एवं शासन

मूल अधिकार

Fundamental Rights | RAS Pre + Mains
📋 इस अध्याय में
  1. परिचय (Introduction)
  2. मूल अधिकारों की 12 विशेषताएँ (12 Features of Fundamental Rights)
  3. 6 मूल अधिकार — एक नजर में (Table 8.1)
  4. Table 8.2 — विदेशियों को मूल अधिकार (FR Available to Foreigners)
  5. अनुच्छेद 12 — "राज्य" की परिभाषा (Article 12 — Definition of State)
  6. अनुच्छेद 13 — FR से असंगत कानून शून्य (Article 13 — Void Laws)
  7. समानता का अधिकार (Right to Equality) — Art. 14–18
  8. स्वतंत्रता का अधिकार (Right to Freedom — Art. 19–22)
  9. शोषण के विरुद्ध अधिकार (Right against Exploitation — Art. 23–24)
  10. धर्म की स्वतंत्रता (Right to Freedom of Religion — Art. 25–28)
  11. सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक अधिकार (Cultural & Educational Rights — Art. 29–30)
  12. संवैधानिक उपचारों का अधिकार (Article 32 — Right to Constitutional Remedies)
  13. पाँच प्रकार की Writs (Five Writs — Types and Scope)
  14. अनुच्छेद 33, 34, 35 — विशेष प्रावधान
  15. संपत्ति का अधिकार — वर्तमान स्थिति (Art. 300-A)
  16. FR के अपवाद (Art. 31A, 31B, 31C)
  17. मूल अधिकारों की आलोचनाएँ (8 Criticisms)
  18. मूल अधिकारों का महत्व (10 Significance)
  19. Part III के बाहर अधिकार (Rights outside Part III)
📌 मूल अधिकार — भाग 1

1परिचय (Introduction)

मूल अधिकार (Fundamental Rights) संविधान के भाग III (Part III) में अनुच्छेद 12 से 35 तक वर्णित हैं। इन्हें तैयार करने में संस्थापकों ने अमेरिकी संविधान (Bill of Rights) से प्रेरणा ली। Part III को उचित ही "भारत का मैग्ना कार्टा (Magna Carta of India)" कहा जाता है।

ये अधिकार "Fundamental" इसलिए हैं क्योंकि: (1) संविधान — देश के सर्वोच्च कानून — द्वारा गारंटीकृत हैं, और (2) ये व्यक्ति के सर्वांगीण विकास (भौतिक, बौद्धिक, नैतिक, आध्यात्मिक) के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।

मूलतः 7 मूल अधिकार (Originally 7 FRs)
  • 1. समानता का अधिकार (Art. 14-18)
  • 2. स्वतंत्रता का अधिकार (Art. 19-22)
  • 3. शोषण के विरुद्ध अधिकार (Art. 23-24)
  • 4. धर्म की स्वतंत्रता (Art. 25-28)
  • 5. सांस्कृतिक/शैक्षणिक (Art. 29-30)
  • 6. संपत्ति का अधिकार (Art. 31)
  • 7. संवैधानिक उपचार (Art. 32)
वर्तमान में 6 मूल अधिकार (Now 6 FRs)
  • 44वाँ संशोधन 1978 ने Art. 31 हटाया
  • संपत्ति का अधिकार — अब Art. 300-A में कानूनी अधिकार
  • अब 6 Fundamental Rights
  • मूल अधिकार — राजनीतिक लोकतंत्र के लिए
  • "Government of Laws, not of Men"
  • Part III ≠ USA से सिर्फ inspired; अधिक elaborate

2मूल अधिकारों की 12 विशेषताएँ (12 Features of Fundamental Rights)

क्र.विशेषता (Feature)विस्तार
1कुछ केवल नागरिकों को, कुछ सभी कोArt. 15, 16, 19, 29, 30 — केवल नागरिक; Art. 14, 20, 21, 22, 23, 24, 25-28 — सभी व्यक्ति
2निरपेक्ष नहीं — Qualified (युक्तियुक्त प्रतिबंध)राज्य Reasonable Restrictions लगा सकता है; court तय करेगा कि "reasonable" है या नहीं
3State के विरुद्ध; कुछ निजी व्यक्तियों के विरुद्ध भीArt. 17 (Untouchability), 23 (Traffic/Forced labour) — Private individuals पर भी
4कुछ Negative, कुछ PositiveNegative: State पर सीमाएँ (Art. 14, 15); Positive: व्यक्तियों को विशेषाधिकार (Art. 16)
5Justiciable (न्यायालय में प्रवर्तनीय)उल्लंघन पर court में जा सकते हैं
6SC द्वारा संरक्षित और गारंटीकृतपीड़ित व्यक्ति सीधे SC जा सकता है (Art. 32)
7अपरिवर्तनीय नहीं; Parliament curtail/repeal कर सकती हैConstitutional Amendment से — साधारण कानून से नहीं; Basic Structure प्रभावित नहीं होनी चाहिए
8National Emergency में निलंबनArt. 20, 21 — कभी नहीं; Art. 19 — केवल External Emergency में; बाकी सभी suspend
9Art. 31A, 31B, 31C द्वारा सीमितकुछ कानून FR के विरुद्ध होने पर भी रद्द नहीं
10Armed Forces/Police पर संसद द्वारा प्रतिबंधArt. 33 — Parliament restrict/abrogate कर सकती है; State Legislature नहीं
11Martial Law के दौरान प्रतिबंध संभवArt. 34 — Martial Law लागू होने पर, Parliament द्वारा Indemnity
12अधिकांश सीधे प्रवर्तनीय (Self-executory)कुछ के लिए Parliament कानून बनाएगी (Art. 35) — उनकी एकरूपता सुनिश्चित करने के लिए

36 मूल अधिकार — एक नजर में (Table 8.1)

अधिकार (Right)अनुच्छेदमुख्य प्रावधान
1. समानता का अधिकार (Right to Equality)Art. 14–18विधि के समक्ष समानता; भेदभाव निषेध; लोक नियोजन में समता; अस्पृश्यता उन्मूलन; उपाधि उन्मूलन
2. स्वतंत्रता का अधिकार (Right to Freedom)Art. 19–226 स्वतंत्रताएँ (Art. 19); अपराध सिद्धि के विरुद्ध (Art. 20); जीवन/व्यक्तिगत स्वतंत्रता (Art. 21); शिक्षा (Art. 21A); गिरफ्तारी से संरक्षण (Art. 22)
3. शोषण के विरुद्ध अधिकार (Right against Exploitation)Art. 23–24बेगार/बंधुआ मजदूरी निषेध; 14 वर्ष से कम आयु में कारखाने/खदान में काम निषेध
4. धर्म की स्वतंत्रता (Right to Freedom of Religion)Art. 25–28अंतःकरण की स्वतंत्रता; धर्म मानना/आचरण/प्रचार; धार्मिक मामले प्रबंधन; कर निषेध; धार्मिक शिक्षा
5. सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक अधिकार (Cultural & Educational Rights)Art. 29–30अल्पसंख्यकों की भाषा/लिपि/संस्कृति संरक्षण; अल्पसंख्यकों को शिक्षण संस्था स्थापित करने का अधिकार
6. संवैधानिक उपचारों का अधिकार (Right to Constitutional Remedies)Art. 32SC में जाने का अधिकार; 5 प्रकार की Writs; "संविधान की आत्मा" — Dr. Ambedkar

मूल अधिकार किसके लिए?: मूल अधिकार सभी 'व्यक्तियों (persons)' को प्राप्त हैं — नागरिक, विदेशी और Legal Persons (Corporations, Companies)। लेकिन कुछ अधिकार केवल 'नागरिकों (citizens)' को ही मिलते हैं।

4Table 8.2 — विदेशियों को मूल अधिकार (FR Available to Foreigners)

केवल नागरिकों को — विदेशियों को नहीं
  • Art. 15 — धर्म/जाति/लिंग पर भेदभाव निषेध
  • Art. 16 — लोक नियोजन में अवसर की समता
  • Art. 19 — 6 स्वतंत्रताएँ (वाक्, संगठन आदि)
  • Art. 29 — अल्पसंख्यक भाषा/लिपि की रक्षा
  • Art. 30 — अल्पसंख्यक शिक्षण संस्था का अधिकार
नागरिक + विदेशी — दोनों को (शत्रु विदेशी को नहीं)
  • Art. 14 — समानता (Equality before Law)
  • Art. 20 — अपराध सिद्धि से संरक्षण
  • Art. 21 — जीवन एवं व्यक्तिगत स्वतंत्रता
  • Art. 21A — प्रारम्भिक शिक्षा
  • Art. 22 — गिरफ्तारी से संरक्षण
  • Art. 23 — बेगार/मानव तस्करी निषेध
  • Art. 24 — बाल श्रम निषेध
  • Art. 25-28 — धर्म की स्वतंत्रता

5अनुच्छेद 12 — "राज्य" की परिभाषा (Article 12 — Definition of State)

Part III में "राज्य (State)" शब्द का बार-बार प्रयोग होता है। अनुच्छेद 12 ने इसे व्यापक अर्थ में परिभाषित किया है ताकि उनकी सभी एजेंसियाँ मूल अधिकारों के उल्लंघन के लिए जवाबदेह हों।

घटकउदाहरणमहत्व
1. भारत सरकार और Parliament (Union Government की कार्यपालिका + विधायिका)केंद्रीय मंत्रालय, संसदसंसद के कानून FR के विरुद्ध — void
2. राज्य सरकारें और विधानमंडल (State Government की कार्यपालिका + विधायिका)राज्य मंत्रिमंडल, विधानसभाState के कानून FR के विरुद्ध — void
3. सभी स्थानीय प्राधिकरण (All Local Authorities)नगर पालिका, पंचायत, जिला बोर्ड, सुधार न्यासस्थानीय निकायों के कार्य FR के अधीन
4. अन्य सभी प्राधिकरण (All Other Authorities)वैधानिक: LIC, ONGC, SAIL; गैर-वैधानिक भीइनके कार्य भी court में चुनौती दे सकते हैं

Supreme Court का विस्तार: SC के अनुसार यदि कोई निजी संस्था (Private Body) या एजेंसी राज्य के साधन (Instrument of State) के रूप में कार्य करती है तो वह Art. 12 के अंतर्गत "राज्य" के दायरे में आती है।

6अनुच्छेद 13 — FR से असंगत कानून शून्य (Article 13 — Void Laws)

Art. 13 घोषित करता है कि जो भी कानून मूल अधिकारों से असंगत (Inconsistent) या उनका उल्लंघन (Derogation) करता है — वह शून्य (Void) होगा। यह प्रावधान न्यायिक पुनरावलोकन (Judicial Review) के सिद्धांत को स्पष्ट रूप से प्रावधानित करता है।

"कानून (Law)" की व्यापक परिभाषा — Art. 13 के अंतर्गत

क्र.कानून का प्रकारउदाहरण
1स्थायी कानून (Permanent Laws)Parliament या State Legislature द्वारा अधिनियमित
2अस्थायी कानून (Temporary Laws)राष्ट्रपति या राज्यपाल द्वारा जारी Ordinances
3वैधानिक लिखत (Statutory Instruments)Delegated Legislation — Order, Bye-law, Rule, Regulation, Notification
4गैर-विधायी कानून स्रोत (Non-legislative Sources)कानून का बल रखने वाले रीति-रिवाज (Custom) या परंपरा (Usage)
Art. 13 के तहत "Law" में क्या शामिल है
  • Parliament + State Legislature के कानून
  • President/Governor के Ordinances
  • Order, Bye-law, Rule, Regulation, Notification
  • Custom/Usage having force of law
Art. 13 के अनुसार Constitutional Amendment
  • Art. 13 में "Amendment" = "Law" नहीं — इसलिए Challenge नहीं किया जा सकता
  • LEKIN: Kesavananda Bharati 1973 — Amendment को तब Challenge किया जा सकता है जब वह Basic Structure का उल्लंघन करे
  • यह सिद्धांत Supreme Court द्वारा विकसित किया गया
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7समानता का अधिकार (Right to Equality) — Art. 14–18

7.1 अनुच्छेद 14 — विधि के समक्ष समानता एवं समान संरक्षण (Article 14)

Art. 14 कहता है कि राज्य किसी भी व्यक्ति को "विधि के समक्ष समानता (Equality before Law)" या "विधियों के समान संरक्षण (Equal Protection of Laws)" से वंचित नहीं करेगा। यह अधिकार नागरिकों और विदेशियों — दोनों को, और Legal Persons को भी उपलब्ध है।

विधि के समक्ष समानता(Equality before Law — British Origin)
  • अर्थ: कोई विशेषाधिकार नहीं
  • सभी का साधारण कानून के अधीन
  • कोई कानून से ऊपर नहीं (PM से Constable तक)
  • Negative Concept (नकारात्मक)
  • सरकारी/गैर-सरकारी — सब समान
विधियों का समान संरक्षण(Equal Protection — American Origin)
  • अर्थ: समान परिस्थिति में समान व्यवहार
  • समान लोगों पर एक जैसे कानून
  • Like treated alike
  • Positive Concept (सकारात्मक)
  • दोनों — एक ही लक्ष्य: कानूनी समानता

Reasonable Classification: Art. 14 वर्ग-विधान (Class Legislation) निषिद्ध करता है लेकिन युक्तियुक्त वर्गीकरण (Reasonable Classification) की अनुमति देता है। वर्गीकरण के लिए दो शर्तें: (1) बोधगम्य अंतर (Intelligible Differentia) — वर्गीकृत और गैर-वर्गीकृत में स्पष्ट अंतर, और (2) तर्कसंगत संबंध (Rational Nexus) — अंतर का कानून के लक्ष्य से तार्किक संबंध।

विधि का शासन (Rule of Law) — A.V. Dicey के तीन तत्व

Rule of Law — A.V. Dicey (British Jurist)

तत्व 1: मनमानी शक्ति का अभाव (Absence of Arbitrary Power) — कोई व्यक्ति केवल कानून के उल्लंघन पर ही दंडित किया जाए, मनमाने तरीके से नहीं। तत्व 2: विधि के समक्ष समानता (Equality before Law) — राजा से constable तक — सभी साधारण न्यायालयों के अधीन। [भारत में लागू] तत्व 3: व्यक्तिगत अधिकारों की प्रधानता (Primacy of Individual Rights) — संविधान न्यायालयों द्वारा लागू व्यक्तिगत अधिकारों का परिणाम है। [भारत में लागू नहीं — भारत में संविधान अधिकारों का स्रोत है] SC ने Rule of Law को Art. 14 का "Basic Feature" घोषित किया — संशोधन से भी नष्ट नहीं किया जा सकता।

अनुच्छेद 14 के अपवाद (Exceptions to Art. 14)

क्र.अपवादअनुच्छेद
1राष्ट्रपति और राज्यपाल — पद पर रहते हुए: आपराधिक/दीवानी कार्यवाही नहीं; गिरफ्तारी नहीं; अपने कार्यों के लिए किसी court के प्रति उत्तरदायी नहींArt. 361
2Parliament या State Legislature की कार्यवाही की सत्य रिपोर्ट का समाचारपत्र/TV में प्रकाशन — किसी court में कार्यवाही नहींArt. 361-A
3Parliament का कोई सदस्य — संसद में कही गई किसी बात या मत के लिए court में कार्यवाही नहींArt. 105
4State Legislature का कोई सदस्य — Legislature में कही गई किसी बात या मत के लिए कार्यवाही नहींArt. 194
5Art. 31C — DPSP (Art. 39b, 39c) को लागू करने वाले State के कानून — Art. 14 के आधार पर Challenge नहीं हो सकते (SC: "Where Art. 31C comes in, Art. 14 goes out")Art. 31C
6विदेशी राजनयिक (Foreign Sovereigns, Ambassadors, Diplomats) — आपराधिक/दीवानी कार्यवाही से उन्मुक्ति (Diplomatic Immunity)International Law
7संयुक्त राष्ट्र (UNO) और उसकी एजेंसियाँ — कूटनीतिक उन्मुक्ति (Diplomatic Immunity)UN Charter

7.2 अनुच्छेद 15 — भेदभाव का निषेध (Article 15 — Table 8.3)

Art. 15 राज्य को निर्देश देता है कि वह किसी भी नागरिक के साथ केवल धर्म, मूलवंश, जाति, लिंग या जन्म-स्थान के आधार पर भेदभाव (Discrimination) नहीं करेगा। "केवल (Only)" शब्द महत्वपूर्ण है — अन्य आधारों पर भेदभाव निषिद्ध नहीं।

Art. 15 का खंडविषय
15(1)राज्य — धर्म/मूलवंश/जाति/लिंग/जन्म-स्थान पर भेदभाव नहीं करेगा। [केवल State पर लागू]
15(2)कोई नागरिक — इन्हीं आधारों पर दुकान, होटल, सार्वजनिक मनोरंजन स्थल, कुआँ, तालाब, स्नानघाट, सड़क, सार्वजनिक स्थल पर जाने से वंचित नहीं किया जाएगा। [State + Private Individuals दोनों पर]
15(3) — अपवाद 1राज्य महिलाओं और बच्चों के लिए विशेष प्रावधान कर सकता है।
15(4) — अपवाद 2 [1st Amendment 1951]राज्य सामाजिक एवं शैक्षणिक पिछड़े वर्गों, SC एवं ST की उन्नति के लिए विशेष प्रावधान कर सकता है।
15(5) — अपवाद 3 [93rd Amendment 2005]राज्य सामाजिक/शैक्षणिक पिछड़े वर्ग, SC, ST के लिए शैक्षणिक संस्थाओं (Private Aided/Unaided सहित, Minority Institutions को छोड़कर) में प्रवेश में आरक्षण कर सकता है।
15(6) — अपवाद 4 [103rd Amendment 2019]राज्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए (i) विशेष प्रावधान, (ii) शैक्षणिक संस्थाओं (Private Aided/Unaided सहित, Minority को छोड़कर) में 10% सीट आरक्षण। यह मौजूदा आरक्षण के अतिरिक्त होगा।

"Creamy Layer" — OBCs का उन्नत वर्ग (Indra Sawhney Case 1992)

Creamy Layer = OBCs का वह वर्ग जो आरक्षण का लाभ नहीं उठाएगा। निम्नलिखित Creamy Layer में आते हैं:

क्र.Creamy Layer श्रेणी
1संवैधानिक पदाधारी — राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, SC/HC के न्यायाधीश, UPSC/SPSC के अध्यक्ष/सदस्य, CEC, CAG आदि
2Group A/Class I और Group B/Class II अधिकारी (All India/Central/State Services) + PSU, Bank, Insurance, University में समकक्ष + निजी क्षेत्र में भी
3Army में Colonel और उससे ऊपर; Navy/Air Force/Paramilitary में समकक्ष
4Professionals — Doctor, Lawyer, Engineer, Artist, Author, Consultant आदि
5व्यापार, व्यवसाय, उद्योग में लगे व्यक्ति
6एक सीमा से अधिक कृषि भूमि + शहरी क्षेत्र में रिक्त भूखंड/भवन
7वार्षिक आय ₹8 लाख से अधिक (मूल सीमा 1993: ₹1 लाख → 2004: ₹2.5 लाख → 2008: ₹4.5 लाख → 2013: ₹6 लाख → 2017: ₹8 लाख)

EWS (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) — पात्रता (103rd Amendment 2019)

EWS पात्रता शर्तविवरण
आय सीमापरिवार की सकल वार्षिक आय ₹8 लाख से कम (सभी स्रोतों से)
अपात्र — संपत्ति आधार पर5 एकड़ या अधिक कृषि भूमि; 1000 sq.ft. या अधिक आवासीय फ्लैट; Notified Municipality में 100 sq.yards या अधिक; अन्य क्षेत्र में 200 sq.yards या अधिक
EWS लाभ किसे?SC/ST/OBC आरक्षण में शामिल नहीं — केवल उन्हें जो किसी भी मौजूदा आरक्षण के अंतर्गत नहीं
परिवार में शामिलस्वयं + माता-पिता + 18 वर्ष से कम भाई-बहन + पति/पत्नी + 18 वर्ष से कम बच्चे

7.3 अनुच्छेद 16 — लोक नियोजन में समता (Article 16 — Table 8.4)

Art. 16 सभी नागरिकों को राज्य के अधीन नियोजन या पद पर नियुक्ति (Employment or Appointment) के मामले में अवसर की समानता (Equality of Opportunity) की गारंटी देता है। आधार: धर्म, मूलवंश, जाति, लिंग, वंश, जन्म-स्थान या निवास पर भेदभाव निषिद्ध।

Art. 16 का खंडविषय
16(1)सभी नागरिकों के लिए लोक नियोजन/पद पर नियुक्ति में अवसर की समता
16(2)धर्म/मूलवंश/जाति/लिंग/वंश/जन्म-स्थान/निवास के आधार पर भेदभाव निषिद्ध
16(3)Parliament कुछ नियोजन के लिए निवास को शर्त बना सकती है [Public Employment Act 1957 — 1974 में expired; AP और Telangana में Art. 371-D से अभी भी लागू]
16(4)राज्य पिछड़े वर्ग (inadequately represented) के लिए आरक्षण कर सकता है
16(4A) [77th Amendment 1995]SC/ST (inadequately represented) के लिए पदोन्नति में आरक्षण [85th Amendment 2001 — consequential seniority जोड़ी]
16(4B) [81st Amendment 2000]अपूर्ण आरक्षित रिक्तियाँ (Backlog Vacancies) — अगले वर्ष में अलग श्रेणी में; 50% की सीमा backlog पर नहीं
16(5)धार्मिक/सांप्रदायिक संस्था के पद पर उसी धर्म/संप्रदाय के व्यक्ति की नियुक्ति — कानून द्वारा जायज
16(6) [103rd Amendment 2019]EWS के लिए 10% तक नियुक्तियों/पदों का आरक्षण (मौजूदा आरक्षण के अतिरिक्त)

Mandal Commission (मंडल आयोग) — B.P. Mandal 1979

विषयतथ्य
नियुक्ति1979 — Morarji Desai सरकार; Art. 340 के तहत; द्वितीय पिछड़ा वर्ग आयोग (B.P. Mandal — MP — अध्यक्ष)
रिपोर्ट1980 — 3743 जातियाँ OBC; कुल जनसंख्या का ~52% (SC/ST को छोड़कर)
सिफारिशसरकारी नौकरियों में OBC के लिए 27% आरक्षण (SC/ST + OBC मिलाकर 50%)
क्रियान्वयनV.P. Singh सरकार 1990 — 27% OBC आरक्षण लागू
Narasimha Rao Govt 1991(a) OBC के गरीब वर्ग को प्राथमिकता; (b) अन्य आर्थिक पिछड़ों के लिए 10% अतिरिक्त

Indra Sawhney vs. Union of India (1992) — Mandal Case — 7 प्रमुख निर्णय

1. OBC की उन्नत परत — "Creamy Layer" — आरक्षण सूची से बाहर। 2. पदोन्नति में कोई आरक्षण नहीं — केवल प्रारम्भिक नियुक्तियों तक सीमित। 3. मौजूदा पदोन्नति आरक्षण — 5 वर्ष तक (1997 तक) जारी रह सकता है। 4. कुल आरक्षण — 50% से अधिक नहीं (कुछ असाधारण परिस्थितियों को छोड़कर)। यह नियम प्रतिवर्ष लागू। 5. Backlog (Carry Forward) नियम वैध — लेकिन 50% सीमा का उल्लंघन नहीं। 6. OBC की सूची में Over/Under-inclusion की शिकायतों के लिए स्थायी वैधानिक निकाय (NCBC) की स्थापना। 7. पदोन्नति में आरक्षण के मामले में अर्हता अंकों में छूट नहीं — Art. 335 (प्रशासन में कार्यकुशलता)।

Indra Sawhney के बाद संसद की प्रतिक्रिया (Amendments)

संशोधनवर्षविषय
77वाँ संशोधन1995SC/ST के लिए पदोन्नति में आरक्षण — Art. 16(4A) जोड़ा
85वाँ संशोधन2001Consequential Seniority (परिणामी वरिष्ठता) — June 1995 से पूर्वव्यापी प्रभाव
81वाँ संशोधन2000Backlog Vacancies की 50% सीमा से मुक्ति — Art. 16(4B)
76वाँ संशोधन1994Tamil Nadu Reservations Act 1993 (69%) — 9वीं अनुसूची में डाला
82वाँ संशोधन2000पदोन्नति में आरक्षण: अर्हता अंकों में छूट — Art. 335 में संशोधन
103वाँ संशोधन2019EWS के लिए 10% आरक्षण — Art. 16(6) जोड़ा

First Backward Classes Commission: प्रथम पिछड़ा वर्ग आयोग — 1953 में Kaka Kalelkar की अध्यक्षता में; Report 1955 में प्रस्तुत।

7.4 अनुच्छेद 17 — अस्पृश्यता का उन्मूलन (Article 17 — Abolition of Untouchability)

Art. 17 "अस्पृश्यता (Untouchability)" का उन्मूलन करता है और किसी भी रूप में इसके आचरण को निषिद्ध करता है। इसका उल्लंघन कानून के अनुसार दंडनीय अपराध (Punishable Offence) है।

संबंधित कानूनविवरण
अस्पृश्यता (अपराध) अधिनियम 1955Untouchability (Offences) Act 1955
नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम 19551976 में अस्पृश्यता अधिनियम का व्यापक संशोधन; नाम बदला; दायरा और दंड — दोनों कठोर किए
People's Union for Democratic Rights Case 1982SC: Art. 17 का अधिकार — निजी व्यक्तियों के विरुद्ध भी; राज्य का Constitutional Obligation

7.5 अनुच्छेद 18 — उपाधियों का उन्मूलन (Article 18 — Abolition of Titles)

Art. 18 उपाधियों (Titles) को समाप्त करता है और इस संबंध में 4 प्रावधान करता है:

क्र.प्रावधान
1राज्य किसी को कोई उपाधि (सैन्य या शैक्षणिक को छोड़कर) नहीं देगा — चाहे नागरिक हो या विदेशी।
2कोई भारतीय नागरिक किसी विदेशी राज्य से कोई उपाधि स्वीकार नहीं करेगा।
3राज्य के अधीन लाभ या विश्वास के पद पर आसीन विदेशी — राष्ट्रपति की अनुमति के बिना विदेशी राज्य से कोई उपाधि स्वीकार नहीं करेगा।
4राज्य के अधीन लाभ या विश्वास के पद पर आसीन कोई नागरिक या विदेशी — राष्ट्रपति की अनुमति के बिना किसी विदेशी राज्य से कोई उपहार, परितोषण या पद स्वीकार नहीं करेगा।
निषिद्ध उपाधियाँ (Prohibited Titles)
  • वंशानुगत उपाधियाँ (Hereditary Titles)
  • Maharaja, Raj Bahadur, Rai Bahadur
  • Rai Saheb, Dewan Bahadur आदि
  • औपनिवेशिक राज्यों द्वारा दी गई उपाधियाँ
  • समान स्थिति के सिद्धांत के विरुद्ध
राष्ट्रीय पुरस्कार — Art. 18 का उल्लंघन नहीं
  • Bharat Ratna, Padma Vibhushan, Padma Bhushan, Padma Sri
  • Balaji Raghavan Case 1995: ये "Title" नहीं — Merit की पहचान
  • नाम के साथ Prefix/Suffix के रूप में नहीं — अन्यथा पुरस्कार वापस
  • 1954 में instituted; 1977 में बंद; 1980 में पुनः शुरू
राष्ट्रीय पुरस्कारवार्षिक सीमाअन्य तथ्य
Bharat Ratnaअधिकतम 3 प्रति वर्ष1954 में स्थापित; Republic Day पर घोषित
Padma Awards (Vibhushan + Bhushan + Sri)अधिकतम 120 प्रति वर्ष (Posthumous/NRI/OCI को छोड़कर)Republic Day पर घोषित; 1978-79 + 1993-97 में बंद रहे

★ सारांश Part 1 (Summary)

समानता का अधिकार — त्वरित संदर्भ (Art. 14-18 Quick Reference)

अनुच्छेदविषयमहत्वपूर्ण बिंदु
Art. 12State की परिभाषा4 Components; SC — Instrument of State = State
Art. 13FR से असंगत कानून voidJudicial Review; 4 types of Law; Constitutional Amendment ≠ Law (but Kesavananda)
Art. 14Equality before Law + Equal ProtectionBritish + American concept; Rule of Law (Dicey); Reasonable Classification; 7 Exceptions
Art. 15धर्म/जाति/लिंग/जन्म-स्थान पर भेदभाव निषेध15(1) to 15(6); OBC 27%; EWS 10%; Creamy Layer ₹8L
Art. 16लोक नियोजन में समता16(1) to 16(6); Mandal Commission; Indra Sawhney 1992; 7 rulings
Art. 17Untouchability उन्मूलनProtection of Civil Rights Act 1955; Private individuals पर भी; PUDR Case 1982
Art. 18Titles उन्मूलन4 provisions; National Awards = Not Titles (Balaji Raghavan 1995); Prefix/Suffix नहीं

प्रमुख Case Laws (Part 1)

वाद (Case)वर्षनिर्णय (Ruling)
Kesavananda Bharati vs. State of Kerala1973Constitutional Amendment भी Basic Structure का उल्लंघन करने पर void; Art. 13 में "Law" में Amendment नहीं
Indra Sawhney vs. Union of India (Mandal Case)199227% OBC आरक्षण valid; Creamy Layer बाहर; 50% ceiling; पदोन्नति में नहीं; Backlog carry forward valid
Balaji Raghavan vs. Union of India1995National Awards — Art. 18 का उल्लंघन नहीं; Prefix/Suffix के रूप में नहीं
People's Union for Democratic Rights (PUDR)1982Art. 17 — Private individuals के विरुद्ध भी; State का constitutional obligation

प्रमुख संशोधन — Part 1 Relevant

संशोधनवर्षप्रभाव
44वाँ संशोधन1978Art. 31 (Right to Property) — FR से हटाया → Art. 300-A (Legal Right)
1st Amendment1951Art. 15(4) जोड़ा; Art. 19 पर 3 नए प्रतिबंध grounds
93rd Amendment2005Art. 15(5) — Private Educational Institutions में OBC/SC/ST को आरक्षण
103rd Amendment2019Art. 15(6) + Art. 16(6) — EWS के लिए 10% आरक्षण
77th Amendment1995Art. 16(4A) — SC/ST के लिए Promotion में आरक्षण
81st Amendment2000Art. 16(4B) — Backlog Vacancies की 50% सीमा से मुक्ति
85th Amendment2001Art. 16(4A) में Consequential Seniority (June 1995 से)
📌 मूल अधिकार — भाग 2

1स्वतंत्रता का अधिकार (Right to Freedom — Art. 19–22)

1.1 अनुच्छेद 19 — 6 स्वतंत्रताएँ एवं युक्तियुक्त प्रतिबंध (Table 8.5)

Art. 19 केवल नागरिकों को 6 स्वतंत्रताएँ प्रदान करता है। ये केवल State action के विरुद्ध हैं, निजी व्यक्तियों के नहीं। मूलतः 7 स्वतंत्रताएँ थीं; संपत्ति का अधिकार [Art. 19(1)(f)] को 44वें संशोधन 1978 ने हटाया।

क्र.अधिकार (Right)प्रतिबंध के आधार (Grounds of Restriction)
1वाक् एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता [Art. 19(1)(a)]Art. 19(2): संप्रभुता-अखंडता, राज्य-सुरक्षा, विदेशी संबंध, लोक व्यवस्था, शालीनता/नैतिकता, न्यायालय की अवमानना, मानहानि, अपराध के लिए उकसाना
2शांतिपूर्वक और बिना हथियार एकत्र होने का अधिकार [Art. 19(1)(b)]Art. 19(3): संप्रभुता-अखंडता, लोक व्यवस्था
3संघ, यूनियन या सहकारी समिति बनाने का अधिकार [Art. 19(1)(c)]Art. 19(4): संप्रभुता-अखंडता, लोक व्यवस्था, नैतिकता
4भारत के राज्यक्षेत्र में स्वतंत्र आवागमन [Art. 19(1)(d)]Art. 19(5): सामान्य जनहित, अनुसूचित जनजातियों के हित
5भारत के किसी भी भाग में निवास और बसने का अधिकार [Art. 19(1)(e)]Art. 19(5): सामान्य जनहित, अनुसूचित जनजातियों के हित
(6)[संपत्ति — 44वें संशोधन 1978 से हटाया गया]
6कोई भी पेशा, व्यवसाय, वाणिज्य या व्यापार करने का अधिकार [Art. 19(1)(g)]Art. 19(6): सामान्य जनहित, आवश्यक व्यावसायिक/तकनीकी योग्यता, राज्य का State Monopoly

Art. 19(1)(a) — वाक् स्वतंत्रता के SC-मान्यता प्राप्त विस्तार

SC द्वारा Art. 19(1)(a) में शामिल किए गए अधिकार (18 Rights)
1. मत प्रचार (Right to propagate views)
2. प्रेस की स्वतंत्रता (Freedom of Press)
3. वाणिज्यिक विज्ञापन की स्वतंत्रता
4. टेलीफोन वार्तालाप की टैपिंग के विरुद्ध
5. टेलीकास्ट का अधिकार — सरकारी एकाधिकार नहीं
6. बंद (Bandh) के विरुद्ध
7. सरकारी गतिविधियों की जानकारी का अधिकार
8. मौन का अधिकार (Freedom of Silence)
9. समाचारपत्र पर पूर्व-सेंसरशिप के विरुद्ध
10. धरना/पिकेटिंग का अधिकार (हड़ताल नहीं)
11. राष्ट्रीय ध्वज फहराने का अधिकार
12. उम्मीदवारों की पृष्ठभूमि जानने का मतदाता अधिकार
13. प्राथमिक स्तर पर शिक्षा का माध्यम चुनने का अधिकार
14. लैंगिक पहचान व्यक्त करने का अधिकार
15. उत्तर देने का अधिकार (Right to Reply)
16. Internet/Social Media पर जानकारी/वीडियो पोस्ट करने का अधिकार
17. फिल्म निर्माताओं को फिल्म प्रदर्शित करने का अधिकार
18. इंटरनेट के माध्यम से जानकारी प्राप्त करने का अधिकार (Anuradha Bhasin Case 2020)

1.2 अनुच्छेद 20 — अपराध सिद्धि के विरुद्ध संरक्षण (Article 20)

Art. 20 नागरिक, विदेशी और Legal Persons — सभी को मनमाने और अत्यधिक दंड से संरक्षण देता है। यह National Emergency में भी suspend नहीं होता।

संरक्षण (Protection)विस्तारअपवाद/सीमाएँ
1. भूतलक्षी कानून नहीं (No Ex-Post-Facto Law)(i) अपराध के समय प्रचलित कानून के उल्लंघन पर ही दंड; (ii) उस समय निर्धारित दंड से अधिक नहींकेवल Criminal Laws पर; Civil/Tax Laws पर नहीं। Trial prohibit नहीं — केवल conviction/sentence। Preventive Detention पर लागू नहीं।
2. दोहरे दंड से संरक्षण (No Double Jeopardy)एक ही अपराध के लिए दो बार अभियोजित और दंडित नहीं किया जाएगाकेवल न्यायालय/Judicial Tribunal में। Departmental/Administrative proceedings में नहीं।
3. स्वयं के विरुद्ध साक्षी न बनने का (No Self-incrimination)किसी अभियुक्त को स्वयं के विरुद्ध गवाह बनने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगाOral और Documentary evidence दोनों। लेकिन: Material objects, Thumb impression, Signature, Blood specimen, शरीर का प्रदर्शन — इसमें नहीं। केवल Criminal proceedings, Civil नहीं।

1.3 अनुच्छेद 21 — जीवन एवं व्यक्तिगत स्वतंत्रता (Article 21)

Art. 21 — "किसी भी व्यक्ति को उसके प्राण (Life) या दैहिक स्वतंत्रता (Personal Liberty) से, विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया (Procedure Established by Law) के अनुसार ही, वंचित किया जाएगा।" यह नागरिक और विदेशी — दोनों को मिलता है।

Gopalan Case 1950 (संकीर्ण व्याख्या)
  • Art. 21 केवल Arbitrary Executive Action से संरक्षण
  • Legislative Action से नहीं (यदि कानून है तो valid)
  • "Procedure Established by Law" = कोई भी कानूनी प्रक्रिया
  • USA के "Due Process of Law" से भिन्न
  • Personal Liberty = केवल शारीरिक स्वतंत्रता
Maneka Gandhi Case 1978 (व्यापक व्याख्या)
  • Gopalan पलटा — Art. 21 बहुत व्यापक
  • Procedure Reasonable, Fair और Just होनी चाहिए
  • Natural Justice के सिद्धांतों के अनुरूप
  • USA का "Due Process of Law" भारत में भी लागू (अप्रत्यक्ष)
  • Executive AND Legislative — दोनों से संरक्षण

Art. 21 का अर्थ (Maneka Gandhi 1978): Right to Life = केवल जानवरों की तरह जीना नहीं — बल्कि मानवीय गरिमा (Human Dignity) के साथ जीना। "Personal Liberty" = अत्यंत व्यापक अर्थ।

Art. 21 के अंतर्गत SC द्वारा मान्यता प्राप्त 39 अधिकार

क्र.Art. 21 में शामिल अधिकारक्र.Art. 21 में शामिल अधिकार
1मानवीय गरिमा के साथ जीने का अधिकार21बाहर न निकाले जाने का अधिकार (Not to be driven out of State)
2प्रदूषण-मुक्त पर्यावरण का अधिकार22निष्पक्ष सुनवाई का अधिकार (Fair Trial)
3आजीविका का अधिकार (Right to Livelihood)23कैदी को जीवन की आवश्यकताएँ
4गोपनीयता का अधिकार (Right to Privacy)24महिलाओं के साथ शालीन व्यवहार
5आश्रय का अधिकार (Right to Shelter)25सार्वजनिक फाँसी के विरुद्ध अधिकार
6स्वास्थ्य का अधिकार26पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क का अधिकार
714 वर्ष तक नि:शुल्क शिक्षा (Unni Krishnan 1993)27सूचना का अधिकार (Right to Information)
8नि:शुल्क कानूनी सहायता का अधिकार28प्रतिष्ठा का अधिकार (Right to Reputation)
9एकान्त कारावास के विरुद्ध अधिकार29दोषसिद्धि के निर्णय से अपील का अधिकार
10शीघ्र सुनवाई का अधिकार (Speedy Trial)30पारिवारिक पेंशन का अधिकार
11हथकड़ी लगाने के विरुद्ध अधिकार31सामाजिक-आर्थिक न्याय का अधिकार
12अमानवीय व्यवहार के विरुद्ध अधिकार32जंजीर डालने के विरुद्ध
13मृत्युदंड में विलंब के विरुद्ध अधिकार33उचित जीवन बीमा पॉलिसी का अधिकार
14विदेश यात्रा का अधिकार34नींद का अधिकार (Right to Sleep)
15बंधुआ मजदूरी के विरुद्ध अधिकार35शोर प्रदूषण से मुक्ति
16हिरासत में उत्पीड़न के विरुद्ध36सतत् विकास का अधिकार
17आपातकालीन चिकित्सा सहायता का अधिकार37अवसर का अधिकार
18सरकारी अस्पताल में समय पर उपचार38सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार का अधिकार
19पसंद के व्यक्ति से विवाह का अधिकार39जलवायु परिवर्तन के प्रतिकूल प्रभावों से मुक्ति
20गरिमा के साथ मृत्यु (Passive Euthanasia 2018)

Table 8.6 — Art. 21 को विस्तारित करने वाले महत्वपूर्ण वाद

वाद (Case)वर्षSC द्वारा घोषित अधिकार
Satwant Singh Sawhney vs. Asst. Passport Officer1967विदेश यात्रा का अधिकार (Right to Travel Abroad)
M.H. Hoskot vs. State of Maharashtra1978नि:शुल्क कानूनी सहायता (Right to Free Legal Aid)
Hussainara Khatoon vs. Home Secy., Bihar1979शीघ्र सुनवाई (Right to Speedy Trial)
Francis Coralie Mullin vs. Administrator, Delhi1981मानवीय गरिमा के साथ जीना + कैदी को आवश्यकताएँ
Sheela Barse vs. State of Maharashtra1983हिरासत में उत्पीड़न के विरुद्ध (Right against Custodial Harassment)
Rural Litigation vs. State of UP1985स्वच्छ पर्यावरण का अधिकार (Right to Decent Environment)
Olga Tellis vs. Bombay Municipal Corporation1985आजीविका का अधिकार (Right to Livelihood)
Parmanand Katara vs. Union of India1989आपातकालीन चिकित्सा सहायता (Right to Emergency Medical Aid)
Shantistar Builders vs. N.K. Totame1990आश्रय का अधिकार (Right to Shelter)
K.S. Puttaswamy vs. Union of India2017गोपनीयता का अधिकार (Right to Privacy) — 9 जजों की Bench
Common Cause vs. Union of India2018गरिमा के साथ मृत्यु — Passive Euthanasia वैध

1.4 अनुच्छेद 21A — शिक्षा का अधिकार (Right to Education)

Art. 21A: राज्य 6 से 14 वर्ष के सभी बच्चों को नि:शुल्क और अनिवार्य प्रारम्भिक शिक्षा (Free and Compulsory Elementary Education) प्रदान करेगा। यह 86वें संविधान संशोधन 2002 द्वारा जोड़ा गया — 1 April 2010 से प्रभावी।

पहलूविवरण
कानूनी आधारRTE Act 2009 (Right of Children to Free and Compulsory Education Act) — 1 April 2010 से लागू
Art. 45 परिवर्तनपहले Art. 45 में 14 वर्ष तक शिक्षा — DPSP था (Non-justiciable); अब Art. 45 में 6 वर्ष तक की Early Childhood Care and Education
Art. 51-A नया कर्तव्यप्रत्येक नागरिक का कर्तव्य: 6-14 वर्ष के अपने बच्चे को शिक्षा के अवसर देना
Unni Krishnan Case 199314 वर्ष तक नि:शुल्क शिक्षा — Art. 21 का हिस्सा घोषित (86वें संशोधन से पहले)
Mohini Jain Case 1992Professional/Higher Education भी FR — लेकिन Unni Krishnan ने इसे सीमित किया
विशेषArt. 21A केवल Elementary Education को FR बनाता है — Higher/Professional Education नहीं

1.5 अनुच्छेद 22 — गिरफ्तारी और निरोध से संरक्षण (Article 22)

भाग 1: साधारण कानून के तहत गिरफ्तारी
  • 1. गिरफ्तारी के कारण बताने का अधिकार
  • 2. विधि-व्यवसायी से परामर्श और बचाव का अधिकार
  • 3. 24 घंटे (यात्रा समय छोड़कर) में Magistrate के सामने पेश करना
  • 4. 24 घंटे बाद Magistrate की अनुमति के बिना नहीं रखा जाएगा
अपवाद — ये सुरक्षाएँ नहीं मिलतीं
  • शत्रु विदेशी (Enemy Alien)
  • निवारक निरोध कानून के तहत (Preventive Detention)
  • SC: Criminal/Quasi-criminal nature के acts पर ही — Court Order/Civil Arrest/Income Tax Failure/Deportation पर नहीं

भाग 2: निवारक निरोध (Preventive Detention) — संरक्षण

निवारक निरोध = बिना मुकदमे और दोषसिद्धि के नजरबंदी — भविष्य में अपराध रोकने के लिए। यह नागरिक और विदेशी दोनों को उपलब्ध है।

संरक्षण (Safeguard)विवरण
1. अधिकतम 3 माह Advisory Board के बिना नहीं3 माह से अधिक के लिए HC के न्यायाधीशों की Advisory Board की रिपोर्ट आवश्यक [44वाँ संशोधन 1978: 3 माह → 2 माह, लेकिन अभी लागू नहीं]
2. निरोध के कारण बताना आवश्यकलेकिन जो बात सार्वजनिक हित के विरुद्ध हो — वह नहीं बताना जरूरी नहीं
3. प्रतिनिधित्व (Representation) का अवसरनिरुद्ध व्यक्ति को निरोध आदेश के विरुद्ध प्रतिनिधित्व का अवसर

निवारक निरोध के प्रमुख कानून (Parliament द्वारा)

क्र.कानूनस्थिति
1Preventive Detention Act, 1950Expired 1969
2Maintenance of Internal Security Act (MISA), 1971Repealed 1978
3Conservation of Foreign Exchange and Prevention of Smuggling Activities Act (COFEPOSA), 1974Active
4National Security Act (NSA), 1980Active
5Prevention of Blackmarketing and Maintenance of Supplies of Essential Commodities Act (PBMSECA), 1980Active
6Terrorist and Disruptive Activities (Prevention) Act (TADA), 1985Repealed 1995
7Prevention of Illicit Traffic in Narcotic Drugs and Psychotropic Substances Act (PITNDPSA), 1988Active
8Prevention of Terrorism Act (POTA), 2002Repealed 2004
9Unlawful Activities (Prevention) Act (UAPA), 1967Amended 2004, 2008, 2012, 2019 — Active

महत्वपूर्ण: विश्व का कोई भी लोकतांत्रिक देश Preventive Detention को संविधान का अभिन्न अंग नहीं बनाया जैसा भारत ने किया। USA में Preventive Detention अज्ञात है। ब्रिटेन में केवल WW-I और WW-II में था।

2शोषण के विरुद्ध अधिकार (Right against Exploitation — Art. 23–24)

2.1 अनुच्छेद 23 — मानव तस्करी एवं बेगार निषेध (Article 23)

Art. 23 — मानव तस्करी (Traffic in Human Beings), बेगार (Begar) और अन्य समान प्रकार के बलात् श्रम (Forced Labour) को निषिद्ध करता है। यह नागरिक और गैर-नागरिक — दोनों को उपलब्ध; निजी व्यक्तियों के विरुद्ध भी।

शब्द/अवधारणाअर्थसंबंधित कानून
"Traffic in Human Beings"(a) स्त्री-पुरुष-बच्चों की वस्तुओं की तरह खरीद-बिक्री; (b) वेश्यावृत्ति; (c) देवदासी प्रथा; (d) दासताImmoral Traffic (Prevention) Act 1956
"बेगार (Begar)"जमींदारों द्वारा किसानों से बिना मेहनताना काम करवाना — परंपरागत भारतीय प्रथा
"Forced Labour"इच्छा के विरुद्ध काम करवाना; Force = Physical force + न्यूनतम वेतन से कम भुगतान (Economic Compulsion भी)Bonded Labour System (Abolition) Act 1976; Minimum Wages Act 1948; Contract Labour Act 1970; Equal Remuneration Act 1976
अपवादराज्य सार्वजनिक प्रयोजन के लिए अनिवार्य सेवा (Military/Social Service) लागू कर सकता है — लेकिन धर्म/मूलवंश/जाति/वर्ग पर भेदभाव नहीं

2.2 अनुच्छेद 24 — बाल श्रम निषेध (Article 24)

Art. 24 — 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों को किसी कारखाने (Factory), खदान (Mine) या अन्य खतरनाक कार्यों (Hazardous Activities) जैसे निर्माण कार्य, रेलवे आदि में नियोजन निषिद्ध। निर्दोष/सुरक्षित कार्य में निषेध नहीं।

कानून/घटनाक्रमविवरण
Child Labour (Prohibition and Regulation) Act, 1986सर्वाधिक महत्वपूर्ण कानून
SC निर्देश 1996Child Labour Rehabilitation Welfare Fund; प्रत्येक बच्चे के लिए ₹20,000 का जुर्माना
2006 सरकारी प्रतिबंधबच्चों को Domestic Servants/Hotels/Restaurants/Shops आदि में काम पर रोक
Child Labour (Amendment) Act, 20161986 Act का नाम बदला — "Child and Adolescent Labour (Prohibition and Regulation) Act, 1986"
Commissions for Protection of Child Rights Act, 2005National Commission + State Commissions + Children's Courts — शीघ्र न्याय

3धर्म की स्वतंत्रता (Right to Freedom of Religion — Art. 25–28)

3.1 अनुच्छेद 25 — अंतःकरण और धर्म की स्वतंत्रता (Article 25)

Art. 25 के 4 पहलूअर्थ
अंतःकरण की स्वतंत्रता (Freedom of Conscience)व्यक्ति की आंतरिक स्वतंत्रता — ईश्वर या सृजन के साथ अपने संबंध को जैसे चाहे बनाए
धर्म स्वीकार (Right to Profess)अपनी धार्मिक आस्थाओं और मान्यताओं को खुले रूप से घोषित करना
धर्म का पालन (Right to Practice)धार्मिक पूजा, अनुष्ठान, समारोह और अपनी आस्थाओं का प्रदर्शन
धर्म का प्रचार (Right to Propagate)अपनी धार्मिक मान्यताओं का प्रसार — लेकिन जबरन धर्मांतरण (Forcible Conversion) नहीं

ये अधिकार नागरिक और गैर-नागरिक — दोनों को। लेकिन लोक व्यवस्था, नैतिकता, स्वास्थ्य और FR के अन्य प्रावधानों के अधीन।

विशेष: Art. 25(2)(a): राज्य धार्मिक आचरण से जुड़ी आर्थिक/वित्तीय/राजनीतिक गतिविधियों को विनियमित कर सकता है। Art. 25(2)(b): सामाजिक कल्याण, सुधार और हिंदू धार्मिक संस्थाओं को सभी हिंदुओं के लिए खोलने का प्रावधान। हिंदुओं में सिख, जैन और बौद्ध भी शामिल हैं। Kirpan धारण = सिख धर्म का पालन।

3.2 अनुच्छेद 26 — धार्मिक मामलों के प्रबंधन की स्वतंत्रता (Article 26)

Art. 26 प्रत्येक धार्मिक संप्रदाय (Religious Denomination) या उसके किसी वर्ग को निम्नलिखित अधिकार देता है:

1. धार्मिक और धर्मार्थ उद्देश्यों के लिए संस्थाएँ स्थापित और अनुरक्षित (Maintain) करने का अधिकार।

2. धर्म के मामलों में अपने मामलों का स्वयं प्रबंधन (Manage its own Affairs)।

3. चल और अचल संपत्ति का अर्जन और स्वामित्व (Own and Acquire Property)।

4. ऐसी संपत्ति का कानून के अनुसार प्रशासन (Administer such Property)।

Art. 25 — व्यक्तिगत अधिकार; Art. 26 — सामूहिक अधिकार (Collective Freedom of Religion)। दोनों लोक व्यवस्था, नैतिकता और स्वास्थ्य के अधीन।

SC का मत: धार्मिक संप्रदाय के लिए 3 शर्तें: (1) व्यक्तियों का समूह जिनकी आस्था एकजुट हो; (2) साझा संगठन हो; (3) विशिष्ट नाम हो। SC: Ramakrishna Mission और Ananda Marga = Religious Denominations; Aurobindo Society = नहीं।

3.3 अनुच्छेद 27-28 (Articles 27-28)

Art. 27 — धर्म के लिए कर निषेध
  • किसी विशेष धर्म के प्रचार/रखरखाव के लिए कर नहीं
  • राज्य सार्वजनिक धन का उपयोग एक धर्म के लिए नहीं करेगा
  • सभी धर्मों के प्रचार के लिए उपयोग उचित
  • Fee = Tax नहीं — तीर्थस्थल पर विशेष सेवा के लिए Fee जायज
  • Religious Endowments पर Fee — जायज
Art. 28 — धार्मिक शिक्षा
  • Type 1 (पूर्णतः राज्य-वित्त): धार्मिक शिक्षा — पूर्णतः निषिद्ध
  • Type 2 (Trust/Endowment से): धार्मिक शिक्षा जायज (Trusts की शर्तें)
  • Type 3 (राज्य-मान्यता): स्वैच्छिक रूप से धार्मिक शिक्षा जायज
  • Type 4 (राज्य-सहायता): स्वैच्छिक; नाबालिग के लिए Guardian की अनुमति

4सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक अधिकार (Cultural & Educational Rights — Art. 29–30)

4.1 अनुच्छेद 29 — अल्पसंख्यक हितों का संरक्षण (Article 29)

Art. 29 — भारत के किसी भी भाग में रहने वाले नागरिकों का कोई भी वर्ग जिसकी अपनी विशिष्ट भाषा, लिपि या संस्कृति है — उसे संरक्षित करने का अधिकार होगा। कोई भी नागरिक राज्य-संचालित या राज्य-सहायता प्राप्त शैक्षणिक संस्था में केवल धर्म/मूलवंश/जाति/भाषा के आधार पर प्रवेश से वंचित नहीं किया जाएगा।

4.2 अनुच्छेद 30 — अल्पसंख्यकों का शैक्षणिक संस्था अधिकार (Article 30)

Art. 30 धार्मिक या भाषाई अल्पसंख्यकों (Minorities) को निम्नलिखित अधिकार देता है:

1. अपनी पसंद की शैक्षणिक संस्थाएँ स्थापित और प्रशासित करने का अधिकार।

2. State द्वारा अनिवार्य अर्जन में compensation — Art. 30 के अधिकार को प्रतिबंधित/समाप्त नहीं करेगी [44वाँ संशोधन 1978 द्वारा जोड़ा]।

3. सहायता (Aid) देने में राज्य — अल्पसंख्यक प्रबंधित संस्था के साथ भेदभाव नहीं करेगा।

विषयविवरण
Art. 30 बनाम Art. 29Art. 29: बहुसंख्यक सहित सभी वर्गों को; Art. 30: केवल अल्पसंख्यकों को
अल्पसंख्यक की परिभाषासंविधान में कहीं परिभाषित नहीं
3 प्रकार की Minority Educational Institutions(1) Recognition + Aid दोनों; (2) केवल Recognition; (3) न Recognition न Aid
Type 1 & 2 पर राज्य का नियंत्रणपाठ्यक्रम, शैक्षणिक मानक, अनुशासन, स्वच्छता, शिक्षक सेवा शर्तें — State की regulatory power
Type 3General laws (Contract, Labour, Tax आदि) लागू; पूर्ण स्वायत्तता
प्रमुख CasesSecretary of Malankara Syrian Catholic College 2006; Right = Maladminister का अधिकार नहीं

5संवैधानिक उपचारों का अधिकार (Article 32 — Right to Constitutional Remedies)

Dr. B.R. Ambedkar — Art. 32 के बारे में

"Art. 32 — यह "इस संविधान का सबसे महत्वपूर्ण अनुच्छेद" है — बिना जिसके यह संविधान शून्य (Nullity) होता। यह संविधान की आत्मा है और इसका हृदय है।" SC: Art. 32 = Basic Feature of the Constitution — संशोधन से भी नहीं हटाया जा सकता।

Art. 32 के 4 प्रावधान:

1. Fundamental Rights के प्रवर्तन के लिए SC में जाने का अधिकार — गारंटीशुदा।

2. SC — Habeas Corpus, Mandamus, Prohibition, Certiorari, Quo-Warranto सहित — directions, orders, writs जारी कर सकता है।

3. Parliament — SC के अधिकारों की हानि के बिना — किसी अन्य court को भी ऐसी Writs जारी करने का अधिकार दे सकती है। [अभी तक ऐसा नहीं किया — HC को Art. 226 से पहले से यह अधिकार]

4. यह अधिकार — National Emergency में Art. 359 के तहत — President द्वारा suspend किया जा सकता है।

SC की Writ Jurisdiction (Art. 32)
  • केवल FR के प्रवर्तन के लिए (narrower purpose)
  • पूरे भारत के विरुद्ध — व्यापक क्षेत्राधिकार
  • Art. 32 स्वयं FR है — SC मना नहीं कर सकता
  • Original (direct) — अपील की जरूरत नहीं
HC की Writ Jurisdiction (Art. 226)
  • FR + Any Other Purpose — wider purpose
  • केवल अपने क्षेत्राधिकार में (अपवाद: cause of action वहाँ)
  • Discretionary — HC refuse कर सकता है
  • Preferred: पहले HC जाएँ (SC की advice)
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6पाँच प्रकार की Writs (Five Writs — Types and Scope)

Writलैटिन अर्थजारी किया जाता हैकिसके विरुद्धजारी नहीं होती जब
Habeas Corpus बंदी प्रत्यक्षीकरणBody को पेश करनानिरुद्ध व्यक्ति को पेश करने के लिए; गैरकानूनी नजरबंदी — मुक्त करने के लिएPublic और Private दोनों(a) नजरबंदी कानूनी; (b) Legislature/Court की अवमानना; (c) Competent Court का आदेश; (d) Court के क्षेत्राधिकार से बाहर
Mandamusपरमादेशहम आदेश देते हैंPublic Officer को उसके Official Duty करने का आदेश; Public Body/Corporation/Inferior Court/Tribunal/Government को भीPublic Body/ Authority(a) Private individual/body; (b) Statutory force रहित departmental instructions; (c) Discretionary duty; (d) Contractual obligation; (e) President/Governor के विरुद्ध
Prohibitionप्रतिषेधरोकना/मना करनाअधिकार क्षेत्र से बाहर जाने से रोकना — Final Order से पहलेJudicial और Quasi-Judicial authoritiesAdministrative authorities के विरुद्ध नहीं
Certiorariउत्प्रेषणप्रमाणित करनाLower Court/Tribunal के आदेश को — Excess/Lack of Jurisdiction पर — रद्द करना (Quash) — Final Order के बादपहले: केवल Judicial/Quasi-Judicial; बाद में SC: Administrative authorities भी
Quo-Warrantoअधिकार-पृच्छाकिस अधिकार सेकिसी व्यक्ति के सार्वजनिक पद के दावे की वैधता जाँच; अवैध अधिग्रहण रोकनाPublic statutory permanent office पर"Ministerial" या "Private Office" पर नहीं; कोई भी जनहित-याचिका दायर कर सकता है
Prohibition बनाम Certiorari
  • जारी: Final Order से पहले
  • कार्यवाही आगे न चले — इसलिए
  • Prohibits (रोकता है)
  • Ongoing proceedings में
Certiorari vs Prohibition
  • जारी: Final Order के बाद
  • पारित आदेश को रद्द (Quash) करने के लिए
  • Quashes order
  • Post-final order stage

7अनुच्छेद 33, 34, 35 — विशेष प्रावधान

7.1 अनुच्छेद 33 — सशस्त्र बलों के FR (Article 33)

Art. 33 — Parliament को अधिकार कि वह सशस्त्र बलों, अर्धसैनिक बलों, पुलिस बलों, खुफिया एजेंसियों के सदस्यों के FR को restrict या abrogate करे। उद्देश्य: उचित कर्तव्य पालन और अनुशासन बनाए रखना।

7.2 अनुच्छेद 34 — Martial Law और FR (Article 34)

Art. 34 — Martial Law लागू होने पर — Parliament किसी सरकारी कर्मचारी को Indemnity (क्षतिपूर्ति) प्रदान कर सकती है। Parliament कोई भी sentence/punishment/forfeiture को भी validate कर सकती है।

Martial Law बनाम National Emergency (Table 8.7)Martial LawNational Emergency
प्रभावकेवल FR प्रभावितFR + Centre-State relations + Revenue distribution + Legislative powers + Parliament tenure
सरकार और न्यायालयGovernment और Ordinary Courts निलंबितGovernment और Ordinary Courts जारी रहते हैं
आधारकिसी भी कारण से Law & Order breakdownकेवल 3 आधार: युद्ध, बाह्य आक्रमण, सशस्त्र विद्रोह
क्षेत्रदेश के किसी विशेष क्षेत्र मेंपूरे देश या किसी भाग में
संवैधानिक प्रावधानसंविधान में कोई विशेष प्रावधान नहीं — ImplicitArt. 352 — Explicit and detailed

SC का मत: Martial Law की घोषणा से Habeas Corpus की Writ स्वतः (ipso facto) suspend नहीं होती।

7.3 अनुच्छेद 35 — FR को प्रभावी करने के लिए कानून (Article 35)

Art. 35 — यह सुनिश्चित करता है कि कुछ विशेष मामलों में FR के संबंध में कानून बनाने की शक्ति केवल Parliament को है (State Legislatures को नहीं) — ताकि पूरे देश में एकरूपता बनी रहे:

केवल Parliament कानून बना सकती है
  • Art. 16: निवास शर्त (public employment)
  • Art. 32: अन्य courts को Writ power देना
  • Art. 33: Armed Forces के FR पर प्रतिबंध
  • Art. 34: Martial Law Indemnity
दंड विधान (Punishment) — केवल Parliament
  • Art. 17: Untouchability
  • Art. 23: Forced Labour/Traffic
  • Parliament का यह दंड-कानून बनाना संवैधानिक OBLIGATION
  • Art. 35 — State List विषयों पर भी Parliament की competence

8संपत्ति का अधिकार — वर्तमान स्थिति (Art. 300-A)

चरणविवरण
मूल स्थिति (1949)Art. 19(1)(f) + Art. 31 — दोनों FR। Art. 31: No deprivation except by law + Public Purpose + Compensation।
विवादFR to Property — सर्वाधिक विवादास्पद। SC vs Parliament संघर्ष। 1st, 4th, 7th, 25th, 39th, 40th, 42nd Amendments। Art. 31A, 31B, 31C जोड़े गए।
44वाँ संशोधन 1978Art. 19(1)(f) और Art. 31 — हटाए। नया Art. 300-A जोड़ा — Part XII में। "विधि के प्राधिकार के बिना किसी व्यक्ति को उसकी संपत्ति से वंचित नहीं किया जाएगा।"
वर्तमान स्थितिLegal Right / Constitutional Right — Fundamental Right नहीं। Basic Structure का भाग नहीं।
Legal Right (Art. 300-A) — क्या होता है
  • साधारण कानून से regulate/curtail/modify हो सकता है
  • Private property — Executive action से संरक्षण
  • HC के Art. 226 से न्याय मिल सकता है
  • Compensation की गारंटी नहीं
2 अपवाद — जहाँ Compensation अभी भी गारंटीशुदा
  • Art. 30: Minority Educational Institution की property acquisition — Compensation अनिवार्य [44वाँ संशोधन 1978]
  • Art. 31A: Personal Cultivation + Statutory Ceiling की जमीन अर्जन — Market Value Compensation [17वाँ संशोधन 1964]

9FR के अपवाद (Art. 31A, 31B, 31C)

अनुच्छेदप्रावधानमहत्वपूर्ण Cases
Art. 31A [1st Amendment 1951]5 श्रेणियों के कानूनों को Art. 14 और Art. 19 के आधार पर Challenge से बचाता है: (1) Estates का अर्जन; (2) संपत्ति प्रबंधन अपने हाथ लेना; (3) Corporations का विलय; (4) Directors/Shareholders के अधिकार समाप्त/संशोधन; (5) Mining Leases समाप्त/संशोधन। [State law के लिए President's assent जरूरी]1st, 4th, 17th, 44th Amendments
Art. 31B [1st Amendment 1951] + 9th Schedule9वीं अनुसूची में शामिल कानूनों को किसी भी FR के आधार पर Challenge से बचाता है। Art. 31B की scope Art. 31A से broader। [मूलतः 13 laws, अब 282]Kesavananda Bharati 1973: Basic Structure violation — challenge संभव। Waman Rao 1980: 24 April 1973 के बाद जोड़े laws — review open। IR Coelho 2007: Art. 14,15,19,21 violation या Basic Structure — challenge संभव।
Art. 31C [25th Amendment 1971]Art. 39(b) और (c) — Socialistic DPSP को लागू करने वाले कानून — Art. 14 और Art. 19 के आधार पर void नहीं। Original provision (b) — Kesavananda ने valid माना। 42nd Amendment Extension (सभी DPSP) — Minerva Mills 1980 ने Invalid घोषित किया। [State law के लिए President's assent जरूरी]Kesavananda 1973; Minerva Mills 1980

10मूल अधिकारों की आलोचनाएँ (8 Criticisms)

आलोचनातर्क (Critics के अनुसार)
1. अत्यधिक सीमाएँ (Excessive Limitations)अनगिनत exceptions, restrictions, qualifications। Jaspat Roy Kapoor: "Limitations on FR" नाम होना चाहिए था।
2. सामाजिक-आर्थिक अधिकारों का अभावRight to Social Security, Work, Employment, Rest — नहीं। USSR/China के संविधान में थे।
3. अस्पष्ट भाषा (No Clarity)"Public order", "minorities", "reasonable restriction", "public interest" — परिभाषित नहीं। Ivor Jennings: "Paradise for Lawyers"।
4. स्थायित्व नहीं (No Permanency)Parliament curtail/abolish कर सकती है — जैसे 1978 में Property Right हटाया। "Basic Structure" ही एकमात्र सीमा।
5. Emergency में निलंबनNational Emergency में FR (Art. 20, 21 छोड़कर) suspend। "निर्दोष लोगों के अधिकार खतरे में।"
6. महँगा उपचार (Expensive Remedy)Judicial process — बहुत महँगा। सामान्य नागरिक court नहीं जा सकता — FR अमीरों के लिए।
7. निवारक निरोध (Preventive Detention)Art. 22 — State को मनमानी शक्ति। व्यक्तिगत स्वतंत्रता का विरोधी। कोई अन्य लोकतांत्रिक देश ऐसा नहीं।
8. अदर्शन-विरोध (No Consistent Philosophy)Ivor Jennings: FR किसी दार्शनिक सिद्धांत पर नहीं। Courts के लिए interpretation कठिन।

11मूल अधिकारों का महत्व (10 Significance)

क्र.महत्व (Significance)
1लोकतांत्रिक व्यवस्था की आधारशिला (Bedrock of Democratic System)
2व्यक्ति के भौतिक और नैतिक संरक्षण के लिए आवश्यक शर्तें
3व्यक्तिगत स्वतंत्रता का शक्तिशाली संरक्षक (Bulwark of Individual Liberty)
4देश में विधि के शासन (Rule of Law) की स्थापना में सहायक
5अल्पसंख्यकों और कमजोर वर्गों के हितों की रक्षा
6भारतीय राज्य के धर्मनिरपेक्ष ढाँचे को मजबूत करते हैं
7सरकार की शक्ति की निरंकुशता (Absoluteness) पर अंकुश
8सामाजिक समानता और सामाजिक न्याय की आधारशिला
9व्यक्ति की गरिमा और सम्मान सुनिश्चित करते हैं
10लोगों की राजनीतिक-प्रशासनिक प्रक्रिया में भागीदारी को सुगम बनाते हैं

12Part III के बाहर अधिकार (Rights outside Part III)

अधिकार (Right)अनुच्छेद (Article)भाग (Part)
कानून के प्राधिकार के बिना कर नहीं वसूला जाएगाArt. 265Part XII
कानून के प्राधिकार के बिना संपत्ति से वंचित नहीं किया जाएगाArt. 300-APart XII
भारत के राज्यक्षेत्र में व्यापार-वाणिज्य स्वतंत्र रहेगाArt. 301Part XIII
Lok Sabha और State Assembly के चुनाव — Adult Suffrage के आधार परArt. 326Part XV

FR बनाम Rights outside Part III: FR का उल्लंघन: सीधे SC — Art. 32 (जो स्वयं FR है)। Rights outside Part III का उल्लंघन: Art. 32 नहीं; HC — Art. 226 या साधारण वाद।

Table 8.8 — अनुच्छेद एक नजर में (Art. 12–35)

अनुच्छेदविषय
Art. 12राज्य की परिभाषा
Art. 13FR से असंगत या उनका उल्लंघन करने वाले कानून
Art. 14विधि के समक्ष समानता
Art. 15धर्म/मूलवंश/जाति/लिंग/जन्म-स्थान पर भेदभाव का निषेध
Art. 16लोक नियोजन में अवसर की समता
Art. 17अस्पृश्यता का उन्मूलन
Art. 18उपाधियों का उन्मूलन
Art. 19वाक् एवं अभिव्यक्ति आदि की 6 स्वतंत्रताएँ
Art. 20अपराध सिद्धि के विरुद्ध संरक्षण
Art. 21जीवन एवं व्यक्तिगत स्वतंत्रता का संरक्षण
Art. 21Aप्रारम्भिक शिक्षा का अधिकार [86वाँ संशोधन 2002]
Art. 22गिरफ्तारी और निरोध के विरुद्ध संरक्षण
Art. 23मानव तस्करी और बलात् श्रम का निषेध
Art. 24कारखानों आदि में बच्चों को काम पर लगाने का निषेध
Art. 25धर्म की स्वतंत्रता — अंतःकरण, धर्म मानना, पालन, प्रचार
Art. 26धार्मिक मामलों के प्रबंधन की स्वतंत्रता
Art. 27किसी विशेष धर्म के प्रचार के लिए कर अदा करने से मुक्ति
Art. 28कुछ शैक्षणिक संस्थाओं में धार्मिक शिक्षा या उपासना में उपस्थिति से मुक्ति
Art. 29अल्पसंख्यकों के हितों का संरक्षण
Art. 30अल्पसंख्यकों का शैक्षणिक संस्था स्थापित और प्रशासित करने का अधिकार
Art. 31संपत्ति का अनिवार्य अर्जन — (Repealed by 44th Amendment 1978)
Art. 31AEstates अर्जन आदि के प्रावधान वाले कानूनों का परित्राण
Art. 31Bकुछ अधिनियमों और विनियमनों का सत्यापन (9th Schedule)
Art. 31Cकुछ DPSP को प्रभावी करने वाले कानूनों का परित्राण
Art. 31Dराष्ट्र-विरोधी गतिविधियों के कानूनों का परित्राण — (Repealed)
Art. 32इस भाग द्वारा प्रदत्त अधिकारों के प्रवर्तन के लिए उपचार (Writs)
Art. 32AState Laws की संवैधानिक वैधता — (Repealed)
Art. 33सशस्त्र बलों आदि पर इस भाग के अधिकारों का संशोधन
Art. 34Martial Law प्रवृत्त होने पर इस भाग पर प्रतिबंध
Art. 35इस भाग के प्रावधानों को प्रभावी करने के लिए विधान

★ सारांश (Summary — Part 2)

सभी FR — Quick Reference (Complete)

FRArticlesKey Points
समानता (Equality)14–18Equality before Law (UK); Equal Protection (USA); Rule of Law (Dicey); Reasonable Classification; Abolition of Untouchability; National Awards
स्वतंत्रता (Freedom)19–226 Rights Art. 19 (citizens only); Ex-post-facto/Double Jeopardy/Self-incrimination (Art. 20); Life & Liberty (Art. 21) — 39 rights; Education 6-14 yrs (Art. 21A); Arrest Safeguards (Art. 22)
शोषण-विरोध23–24Traffic + Begar + Forced Labour; 14 yr Child Labour Ban; Both vs Private individuals
धर्म (Religion)25–28Conscience + Profess + Practice + Propagate (Art. 25); Denomination rights (Art. 26); No Tax for religion (Art. 27); Religious instruction (Art. 28)
सांस्कृतिक/शैक्षणिक29–30Language/Script/Culture; Minorities: Establish Educational Institutions; Aid discrimination prohibited
उपचार (Remedies)32Art. 32 = "Soul and Heart" (Ambedkar); 5 Writs; SC as Defender

प्रमुख Case Laws — Part 2

वाद (Case)वर्षअनुच्छेदनिर्णय
A.K. Gopalan vs. State of Madras1950Art. 21Narrow interpretation — केवल Executive Action से; Procedure Established by Law = कोई भी
Maneka Gandhi vs. Union of India1978Art. 21Gopalan overruled; Procedure = Reasonable, Fair, Just; Due Process indirectly
Unni Krishnan vs. State of AP1993Art. 21/21A14 वर्ष तक FR to Education (86वें से पहले)
K.S. Puttaswamy vs. Union of India2017Art. 21Right to Privacy = FR; 9-judge bench
Common Cause vs. Union of India2018Art. 21Passive Euthanasia (गरिमा से मृत्यु) — valid
Kesavananda Bharati vs. Kerala1973Art. 31B9th Schedule laws — Basic Structure violation पर challenge संभव
Waman Rao vs. Union of India1980Art. 31B24 April 1973 के बाद 9th Schedule में डाले laws — open to review
I.R. Coelho vs. State of TN2007Art. 31BArt. 14,15,19,21 + Basic Structure — challenge; कोई blanket immunity नहीं
Minerva Mills vs. Union of India1980Art. 31C42nd Amendment extension — invalid; FR-DPSP balance = Basic Structure
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