📘 अध्याय 3/34 — भारतीय राजव्यवस्था एवं शासन

संविधान की अवधारणा एवं प्रमुख विशेषताएँ

Concept & Salient Features of the Constitution | RAS Pre + Mains
📋 इस अध्याय में
  1. संविधान का अर्थ (Meaning of Constitution)
  2. संविधान के कार्य (Functions of Constitution) — Elliot Bulmer
  3. एक अच्छे संविधान के गुण (Qualities of a Good Constitution)
  4. संविधान का वर्गीकरण (Classification of Constitutions)
  5. संवैधानिकता (Constitutionalism) एवं संवैधानिक सरकार
  6. 17 प्रमुख विशेषताएँ — एक नजर में (Overview)
  7. संविधान की 6 प्रमुख आलोचनाएँ

भाग A — संविधान की अवधारणा (Concept of the Constitution)

1संविधान का अर्थ (Meaning of Constitution)

"संविधान (Constitution)" शब्द लैटिन (Latin) शब्द "constituere" से लिया गया है जिसका अर्थ है "स्थापित करना (to establish)" या "व्यवस्थित करना (to set-up)"। वर्तमान अर्थ में संविधान उन सिद्धांतों का समूह है जो सरकार के संगठन (Organisation), कार्यप्रणाली (Working) और नागरिकों के अधिकारों (Rights) एवं कर्तव्यों (Duties) के साथ सरकार के संबंध को निर्धारित करता है।

संविधान के विभिन्न विवरण (Various Descriptions)

संविधान को कहा जाता है...
"देश का मूलभूत कानून" (Fundamental Law of the Land)
"राज्य का सर्वोच्च कानून" (Supreme Law of the State)
"शासन का दस्तावेज़" (Instrument of the Government)
"राज्य की मूल संरचना" (Basic Structure of the Polity)
"देश का ग्रुंडनॉर्म (Grundnorm)" — कानून का मूल आदर्श

1.1 विद्वानों की परिभाषाएँ (Definitions by Scholars)

विद्वान (Scholar)परिभाषा (Definition)
Gilchristसंविधान उन नियमों या कानूनों का समूह है जो सरकार के संगठन, उसके विभिन्न अंगों में शक्तियों के वितरण और उन शक्तियों के उपयोग के सामान्य सिद्धांतों को निर्धारित करता है।
Gettellकिसी राज्य के स्वरूप को निर्धारित करने वाले मूलभूत सिद्धांतों को ही उसका संविधान कहते हैं। इसमें राज्य का संगठन, संप्रभु शक्तियों का वितरण, सरकारी कार्यों का दायरा और जनता के साथ संबंध शामिल हैं।
Wheareसंविधान किसी देश की पूरी शासन व्यवस्था का वर्णन करता है — नियमों का वह संग्रह जो सरकार की स्थापना, नियंत्रण और प्रशासन करता है।
Wade and Phillipsसंविधान एक विशेष कानूनी मान्यता प्राप्त दस्तावेज़ है जो राज्य सरकार के अंगों की रूपरेखा और प्रमुख कार्यों को निर्धारित करता है और उन अंगों की कार्यप्रणाली के सिद्धांत घोषित करता है।

2संविधान के कार्य (Functions of Constitution) — Elliot Bulmer

संवैधानिक विद्वान Elliot Bulmer ने संविधान के 8 मुख्य कार्यों (Functions / Purposes) की पहचान की है:

क्र.कार्य (Function)विवरण
1राजनीतिक समुदाय की सीमाएँ निर्धारित करनादेश की भौगोलिक और राजनीतिक सीमाएँ (Boundaries) तय करना
2समुदाय की प्रकृति और प्राधिकरण घोषित करनाराजनीतिक समुदाय की प्रकृति (Nature) और अधिकार (Authority) स्पष्ट करना
3राष्ट्रीय पहचान और मूल्य व्यक्त करनाराष्ट्रीय पहचान (Identity) और साझा मूल्यों (Values) को प्रकट करना
4नागरिकों के अधिकार-कर्तव्य घोषित करनाRights and Duties of Citizens की स्पष्ट घोषणा
5राजनीतिक संस्थाएँ स्थापित करनासरकार की संस्थाओं (Institutions) की स्थापना और नियमन
6शक्ति का विभाजन (Division of Power)विभिन्न स्तरों की सरकारों या उप-राज्य समुदायों में शक्ति का बँटवारा
7धर्म और राजनीति का संबंध निर्धारित करनाराज्य की धार्मिक पहचान और धर्मनिरपेक्षता का दायरा तय करना
8सामाजिक-आर्थिक लक्ष्यों के प्रति प्रतिबद्धताराज्य को विशेष सामाजिक, आर्थिक या विकास लक्ष्यों के प्रति समर्पित करना
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3एक अच्छे संविधान के गुण (Qualities of a Good Constitution)

गुण (Quality)अर्थ एवं व्याख्या
1. संक्षिप्तता (Brevity)संविधान सुस्पष्ट और संक्षिप्त होना चाहिए — अनावश्यक प्रावधान नहीं। अत्यधिक विस्तृत संविधान व्याख्या में भ्रम (Confusion) उत्पन्न करता है।
2. स्पष्टता (Clarity)प्रावधान स्पष्ट शब्दों में लिखे हों। जटिल भाषा (Complicated Language) समझ को कम करती है।
3. निश्चितता (Definiteness)प्रत्येक प्रावधान का एक निश्चित अर्थ (Definite Meaning) हो। अस्पष्ट अर्थ से न्यायाधीशों का विवेक (Discretion) बढ़ता है।
4. व्यापकता (Comprehensiveness)सरकार की शक्तियों के साथ नागरिकों के अधिकार-कर्तव्य — सभी का समावेश। विवादों (Controversies) और मुकदमों की गुंजाइश कम होती है।
5. उपयुक्तता (Suitability)संविधान जनता की आवश्यकताओं और आकांक्षाओं (Aspirations) को प्रतिबिम्बित करे। देश की ऐतिहासिक, सामाजिक-सांस्कृतिक, आर्थिक परिस्थितियों के अनुकूल।
6. स्थिरता (Stability)राजनीतिक स्थिरता (Political Stability) को बढ़ावा दे; आसानी से बदला न जा सके। नागरिकों की संविधान के प्रति आज्ञाकारिता मजबूत होती है।
7. अनुकूलनशीलता (Adaptability)संविधान गतिशील (Dynamic) हो, स्थिर (Static) नहीं। बदलती परिस्थितियों के अनुसार स्वयं को ढाल सके — "जीवंत दस्तावेज़ (Living Document)"।

4संविधान का वर्गीकरण (Classification of Constitutions)

संविधानों को विभिन्न आधारों पर वर्गीकृत किया जाता है। मुख्यतः 5 प्रकार की वर्गीकरण प्रणालियाँ प्रचलित हैं:

4.1 विकसित बनाम अधिनियमित (Evolved vs Enacted)

विकसित संविधान (Evolved Constitution)
  • धीरे-धीरे विकसित होता है — कोई एक दस्तावेज़ नहीं
  • परम्पराओं, रीति-रिवाजों, न्यायिक निर्णयों में मिलता है
  • संचयी संविधान (Cumulative Constitution) भी कहते हैं
  • उदाहरण: ब्रिटेन (UK) का संविधान
अधिनियमित संविधान (Enacted Constitution)
  • जानबूझकर Constituent Assembly द्वारा बनाया जाता है
  • एक दस्तावेज़ या पुस्तक के रूप में
  • पारंपरिक संविधान (Conventional Constitution) भी कहते हैं
  • उदाहरण: अमेरिका, भारत

4.2 लिखित बनाम अलिखित (Written vs Unwritten)

लिखित संविधान (Written Constitution)
  • प्रावधान एक दस्तावेज़ में संकलित
  • Constituent Assembly द्वारा सुविचारित रूप से बनाया
  • Documentary / Codified Constitution भी कहते हैं
  • उदाहरण: USA, Canada, Japan, France, India
अलिखित संविधान (Unwritten Constitution)
  • अधिकांश प्रावधान दस्तावेज़ में नहीं
  • परम्पराओं, Charter, Statutes में मिलता है
  • Non-documentary / Uncodified Constitution
  • उदाहरण: UK, New Zealand, Israel

महत्वपूर्ण: Written vs Unwritten और Evolved vs Enacted में काफी हद तक समानता है।

4.3 कठोर बनाम लचीला (Rigid vs Flexible) — Lord James Bryce

कठोर संविधान (Rigid Constitution)
  • संशोधन के लिए विशेष प्रक्रिया (Special Procedure) आवश्यक
  • संवैधानिक कानून और साधारण कानून में अंतर
  • Inelastic Constitution भी कहते हैं
  • उदाहरण: USA, Australia, Switzerland
लचीला संविधान (Flexible Constitution)
  • साधारण कानून की तरह संशोधन संभव
  • संवैधानिक और साधारण कानून में कोई अंतर नहीं
  • Elastic Constitution भी कहते हैं
  • उदाहरण: UK, New Zealand

भारत का संविधान: भारत का संविधान न पूरी तरह कठोर है, न पूरी तरह लचीला — यह दोनों का समन्वय (Synthesis of Both) है।

4.4 संघीय बनाम एकात्मक (Federal vs Unitary)

संघीय संविधान (Federal Constitution)
  • राष्ट्रीय और क्षेत्रीय सरकारों में शक्ति विभाजन
  • दोनों अपने-अपने क्षेत्र में स्वतंत्र रूप से काम करती हैं
  • उदाहरण: USA, Switzerland, Australia, Canada, Russia, Brazil
एकात्मक संविधान (Unitary Constitution)
  • शक्ति केंद्र (National Government) में केंद्रित
  • क्षेत्रीय सरकारें केंद्र की अधीनस्थ (Subordinate) एजेंसी
  • उदाहरण: UK, France, Japan, China, Italy, Norway

भारत का संविधान: भारतीय संविधान में संघीय (Federal) और एकात्मक (Unitary) — दोनों प्रावधान हैं। इसीलिए K.C. Wheare ने इसे "Quasi-Federal" कहा।

4.5 प्रक्रियात्मक बनाम विहित (Procedural vs Prescriptive) — Elliot Bulmer

प्रक्रियात्मक (Procedural Constitution)
  • सार्वजनिक संस्थाओं की कानूनी और राजनीतिक संरचना परिभाषित करता है
  • सरकारी शक्ति की सीमाएँ (Limits) निर्धारित करता है
  • लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और मूल अधिकारों की रक्षा
  • मुख्यतः HOW (कैसे) पर केंद्रित
विहित (Prescriptive Constitution)
  • सामान्य सामाजिक लक्ष्यों पर व्यापक सहमति मानता/थोपता है
  • सार्वजनिक प्राधिकरणों को साझा लक्ष्यों की ओर बाध्य करता है
  • HOW के साथ-साथ WHAT (क्या) पर भी जोर
  • DPSP जैसे प्रावधान इसी श्रेणी में
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5संवैधानिकता (Constitutionalism) एवं संवैधानिक सरकार

5.1 अर्थ (Meaning)

1. किसी देश में संविधान हो सकता है लेकिन संवैधानिकता न हो — जैसे तानाशाही (Dictatorship) में। असीमित शक्ति (Unlimited Power) लोगों की स्वतंत्रता को खतरे में डालती है।

2. संवैधानिकता का मूल अर्थ है "सीमित सरकार (Limited Government)" — यह मनमानी शक्ति (Arbitrary Power) का विरोधी (Antithesis) है।

3. संवैधानिकता शासन व्यवस्था है जहाँ संविधान द्वारा सरकार की शक्तियाँ सीमित होती हैं और कानून के शासन (Rule of Law) पर आधारित होती हैं।

4. यह एक "सभ्य सरकार (Civilised Government)" की अवधारणा है — शासकों को नियमों और कानूनों का पालन करना होता है।

5.2 परिभाषाएँ (Definitions)

विद्वान (Scholar)परिभाषा (Definition)
Friedrichसंवैधानिकता सरकारी कार्यों पर प्रभावी अंकुश (Effective Restraints) की एक व्यवस्था प्रदान करती है। यह निष्पक्षता के नियमों का एक समूह है जो सरकार को जिम्मेदार बनाता है।
Roucekसंवैधानिकता का अर्थ है — अनिवार्यतः सीमित सरकार। यह शासकों की अनियंत्रित इच्छाओं द्वारा शासन का विरोधी है।
Wheareसंवैधानिक सरकार केवल संविधान के अनुसार चलने वाली सरकार नहीं है — यह मनमानी (Arbitrary) सरकार के विरोध में नियमों (Rules) के अनुसार चलने वाली सीमित सरकार है।
Ybemaशासन का एक रूप तभी "संवैधानिक" कहलाएगा जब शासक नियमों और सिद्धांतों के अधीन हों जो उनकी शक्ति के प्रयोग को सीमित करें।

5.3 Louis Henkin के 8 तत्व (Elements of Constitutionalism)

क्र.तत्व (Element)क्र.तत्व (Element)
1जनता की संप्रभुता (Popular Sovereignty)5स्वतंत्र न्यायपालिका (Independent Judiciary)
2विधि का शासन (Rule of Law)6सेना पर नागरिक नियंत्रण (Civilian Control of Military)
3लोकतांत्रिक, उत्तरदायी सरकार7पुलिस पर कानूनी और न्यायिक नियंत्रण
4शक्ति पृथक्करण — Checks and Balances8व्यक्तिगत अधिकारों का सम्मान (Individual Rights)

CHAPTER — संविधान की प्रमुख विशेषताएँ (Salient Features of the Constitution)

617 प्रमुख विशेषताएँ — एक नजर में (Overview)

भारतीय संविधान अपनी विषय-वस्तु और भावना में अनूठा है। विश्व के लगभग हर संविधान से कुछ न कुछ लेते हुए भी इसकी अनेक विशिष्ट विशेषताएँ हैं। 42वाँ संशोधन अधिनियम 1976 "Mini-Constitution" कहलाता है।

क्र.विशेषता (Feature)महत्वपूर्ण बिंदु
1सबसे लंबा लिखित संविधानOriginally 395 Arts, 8 Sch; अब ~470 Arts, 12 Sch, 25 Parts
2विभिन्न स्रोतों से ग्रहणGOI 1935 (structural), USA (FR), Ireland (DPSP), UK (Parliamentary)
3कठोरता-लचीलेपन का समन्वयArt. 368 — तीन प्रकार के संशोधन; न पूरी तरह Rigid, न Flexible
4एकात्मक पूर्वाग्रह वाला संघीय तंत्रK.C. Wheare: Quasi-Federal; Federation शब्द संविधान में नहीं
5संसदीय शासन प्रणालीWestminster Model; Centre + States दोनों में Parliamentary System
6संसदीय संप्रभुता + न्यायिक सर्वोच्चताArt. 21 — "Procedure Established by Law" vs "Due Process of Law"
7एकीकृत एवं स्वतंत्र न्यायपालिकाSC → HC → District Courts; India में एक ही system (unlike USA)
8मूल अधिकार (Fundamental Rights)Part III; Art. 12-35; 6 अधिकार; Justiciable
9नीति निदेशक तत्व (DPSP)Part IV; Art. 36-51; Non-Justiciable; Welfare State
10मूल कर्तव्य (Fundamental Duties)Part IVA; Art. 51-A; 11 कर्तव्य; Non-Justiciable
11धर्मनिरपेक्ष राज्य (Secular State)42वाँ संशोधन; Positive Secularism; सभी धर्मों को समान आदर
12सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार18+ वर्ष (61वाँ संशोधन 1988); जाति/धर्म/लिंग का कोई भेद नहीं
13एकल नागरिकताकेवल भारतीय नागरिकता; USA से अलग — कोई Dual Citizenship नहीं
14स्वतंत्र निकाय (Independent Bodies)Election Commission, CAG, UPSC, State PSC
15आपातकालीन प्रावधानArt. 352, 356, 360 — तीन प्रकार के आपातकाल
16तीन-स्तरीय सरकार73वाँ/74वाँ संशोधन 1992; Panchayats + Municipalities; विश्व में अनूठा
17सहकारी समितियाँ (Co-operative Societies)97वाँ संशोधन 2011; Art. 19, 43-B, Part IX-B (Art. 243-ZH to 243-ZT)

विशेषता 1: सबसे लंबा लिखित संविधान (Lengthiest Written Constitution)

भारत का संविधान विश्व के सभी लिखित संविधानों में सबसे लंबा है। यह अत्यंत व्यापक, विस्तृत और विस्तारित दस्तावेज़ है।

मूल संविधान 1949
  • Preamble + 395 Articles
  • 22 Parts + 8 Schedules
  • केवल मूल शासन सिद्धांत
वर्तमान संविधान (2024)
  • ~470 Articles (25 Parts)
  • 12 Schedules; 106+ Amendments
  • ~95 Arts जोड़े; ~20 Arts हटाए

लंबाई के 4 कारण (Four Factors)

1. भौगोलिक कारण (Geographical Factors) — देश की विशालता और विविधता।

2. ऐतिहासिक कारण (Historical Factors) — GOI Act 1935 का भारी प्रभाव।

3. केंद्र और राज्यों के लिए एक ही संविधान (Single Constitution)।

4. संविधान सभा में कानूनविदों (Legal Luminaries) का वर्चस्व।

J&K विशेष: 2019 तक J&K का अपना संविधान था और Art. 370 के तहत विशेष दर्जा था। "The Constitution (Application to J&K) Order, 2019" ने यह समाप्त किया। J&K Reorganisation Act 2019 ने J&K को दो Union Territories में बाँटा: J&K (UT with Legislature) और Ladakh (UT without Legislature)।

विशेषता 2: विभिन्न स्रोतों से ग्रहण (Drawn from Various Sources)

Dr. B.R. Ambedkar के अनुसार भारत का संविधान "विश्व के सभी ज्ञात संविधानों की छानबीन (Ransacking)" के बाद बना है। GOI Act 1935 सबसे बड़ा स्रोत है — संविधान के 250 से अधिक प्रावधान इसी से लिए गए हैं।

तीन प्रमुख भाग और उनके स्रोत
  • संरचनात्मक भाग (Structural Part) → GOI Act 1935
  • दार्शनिक भाग — FR → अमेरिका; DPSP → आयरलैंड
  • राजनीतिक भाग (Cabinet System) → ब्रिटेन
सर्वाधिक महत्वपूर्ण स्रोत
  • GOI Act 1935 — Federal Scheme, Judiciary, Governor
  • Emergency Powers, PSC, Administrative Details
  • Constitution के 50%+ प्रावधान 1935 Act से प्रेरित

विशेषता 3: कठोरता और लचीलेपन का समन्वय (Blend of Rigidity and Flexibility)

अनुच्छेद 368 (Article 368) संशोधन के दो प्रकार निर्धारित करता है। साथ ही कुछ प्रावधान साधारण बहुमत से बदले जा सकते हैं जो Article 368 के अंतर्गत नहीं आते।

संशोधन का प्रकारप्रक्रियाउदाहरण
विशेष बहुमत (Special Majority)दोनों सदनों में 2/3 उपस्थित + मतदान + कुल सदस्यता का बहुमतअधिकांश संवैधानिक प्रावधान
विशेष बहुमत + राज्यों का अनुसमर्थनSpecial Majority + 50% राज्य विधानमंडलों की स्वीकृतिसंघीय ढाँचे से संबंधित प्रावधान (Art. 368 स्वयं)
साधारण बहुमत (Simple Majority)साधारण कानून की तरह — Art. 368 के बाहरनए राज्यों का निर्माण, नागरिकता, अनुसूची 5-6

विशेषता 4: एकात्मक पूर्वाग्रह वाला संघीय तंत्र (Federal System with Unitary Bias)

संघात्मक विशेषताएँ (Federal Features)
  • दो सरकारें (Two Governments)
  • शक्तियों का विभाजन (Division of Powers)
  • लिखित संविधान (Written Constitution)
  • संविधान की सर्वोच्चता (Supremacy)
  • स्वतंत्र न्यायपालिका (Independent Judiciary)
  • संविधान की कठोरता + Bicameralism
एकात्मक विशेषताएँ (Unitary Features)
  • शक्तिशाली केंद्र (Strong Centre)
  • एकल संविधान (Single Constitution)
  • एकल नागरिकता (Single Citizenship)
  • एकीकृत न्यायपालिका (Integrated Judiciary)
  • राज्यपाल की नियुक्ति केंद्र द्वारा
  • All-India Services; Emergency Provisions
विद्वान (Scholar)भारत के संविधान को क्या कहा
K.C. WheareQuasi-Federal (अर्ध-संघात्मक)
Morris JonesBargaining Federalism (सौदेबाजी का संघवाद)
Granville AustinCo-operative Federalism (सहकारी संघवाद)
Ivor JenningsFederation with a Centralising Tendency
Article 1भारत को "Union of States" कहा — Federation नहीं

महत्वपूर्ण: "Federation" शब्द भारतीय संविधान में कहीं नहीं है। Art. 1 कहता है: "India, that is Bharat, shall be a Union of States" — इसके दो अर्थ: (1) भारतीय संघ राज्यों के समझौते का परिणाम नहीं; (2) किसी राज्य को संघ से अलग होने का अधिकार नहीं।

विशेषता 5: संसदीय शासन प्रणाली (Parliamentary Form of Government)

भारत ने अमेरिकी राष्ट्रपतीय प्रणाली (Presidential System) की जगह ब्रिटिश संसदीय प्रणाली (Parliamentary System) अपनाई। इसे Westminster Model, Responsible Government या Cabinet Government भी कहते हैं। यह प्रणाली Centre और States दोनों में लागू है।

भारतीय संसदीय प्रणाली की 6 विशेषताएँ
  • नाममात्र और वास्तविक कार्यपालिका (Nominal + Real)
  • बहुमत दल का शासन (Majority Party Rule)
  • कार्यपालिका की विधायिका के प्रति उत्तरदायिता
  • मंत्रियों का विधायिका में सदस्यता
India vs UK तुलना
  • Indian Parliament: Sovereign नहीं; UK Parliament: Sovereign
  • India: Elected Head (Republic); UK: Hereditary Head (Monarchy)
  • India: Written Constitution; UK: Unwritten
  • भारत में President — Nominal; PM — Real Executive

विशेषता 6: संसदीय संप्रभुता और न्यायिक सर्वोच्चता का समन्वय

ब्रिटेन में संसदीय संप्रभुता (Parliamentary Sovereignty) का सिद्धांत है जबकि अमेरिका में न्यायिक सर्वोच्चता (Judicial Supremacy) का। भारत ने दोनों का उचित समन्वय (Proper Synthesis) किया है।

India में
  • Supreme Court — Parliamentary Laws को असंवैधानिक घोषित कर सकता है (Judicial Review)
  • Parliament — संविधान के अधिकांश भाग में संशोधन (Constituent Power)
  • Balance between Judiciary and Parliament
USA vs India
  • USA: "Due Process of Law" (Art. 21 equivalent)
  • India: "Procedure Established by Law" (Art. 21)
  • India में Judicial Review की शक्ति USA से संकीर्ण

विशेषता 7: एकीकृत एवं स्वतंत्र न्यायपालिका (Integrated and Independent Judiciary)

विशेषता 8: मूल अधिकार (Fundamental Rights) — Part III

अधिकार (Right)अनुच्छेद (Articles)
1. समानता का अधिकार (Right to Equality)Art. 14–18
2. स्वतंत्रता का अधिकार (Right to Freedom)Art. 19–22
3. शोषण के विरुद्ध अधिकार (Right against Exploitation)Art. 23–24
4. धर्म की स्वतंत्रता का अधिकार (Right to Freedom of Religion)Art. 25–28
5. सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक अधिकार (Cultural and Educational Rights)Art. 29–30
6. संवैधानिक उपचारों का अधिकार (Right to Constitutional Remedies)Art. 32

विशेषता 9: राज्य के नीति निदेशक तत्व (Directive Principles of State Policy — DPSP)

Dr. B.R. Ambedkar के अनुसार DPSP भारतीय संविधान की "नवीन विशेषता (Novel Feature)" है। Part IV (Art. 36-51) में। इन्हें तीन श्रेणियों में बाँटा जाता है: समाजवादी (Socialistic), गांधीवादी (Gandhian), और उदार-बौद्धिक (Liberal-Intellectual)।

मूल अधिकार vs DPSP
  • Part III; Art. 12-35
  • Justiciable (न्यायालय द्वारा प्रवर्तनीय)
  • Political Democracy का लक्ष्य
  • नकारात्मक — सरकार को रोकते हैं
DPSP
  • Part IV; Art. 36-51
  • Non-Justiciable (प्रवर्तन नहीं)
  • Social & Economic Democracy
  • सकारात्मक — सरकार को दिशा देते हैं

Minerva Mills Case 1980: SC ने कहा: "भारतीय संविधान की नींव FR और DPSP के बीच संतुलन (Balance) पर टिकी है।" DPSP के पीछे असली बल "जनमत (Public Opinion)" है — राजनीतिक बल।

विशेषता 10: मूल कर्तव्य (Fundamental Duties) — Art. 51-A, Part IV-A

विशेषता 11: धर्मनिरपेक्ष राज्य (A Secular State)

भारत का संविधान एक धर्मनिरपेक्ष राज्य (Secular State) की स्थापना करता है — कोई एक धर्म राज्य का आधिकारिक धर्म नहीं है।

अनुच्छेद (Article)धर्मनिरपेक्षता का प्रावधान
Preamble (42वाँ संशोधन 1976)प्रस्तावना में "धर्मनिरपेक्ष (Secular)" शब्द जोड़ा
Art. 14सभी व्यक्तियों को कानून के समक्ष समानता
Art. 15धर्म के आधार पर भेदभाव पर रोक
Art. 16सार्वजनिक रोजगार में अवसर की समानता
Art. 25अंतःकरण की स्वतंत्रता — धर्म मानने, आचरण करने, प्रचार करने का अधिकार
Art. 26धार्मिक संगठनों को अपने धार्मिक मामले प्रबंधित करने का अधिकार
Art. 27किसी विशेष धर्म के प्रचार के लिए कर अदा करने पर रोक
Art. 28राज्य द्वारा संचालित शिक्षा संस्थाओं में धार्मिक शिक्षा पर रोक
Art. 29अपनी भाषा, लिपि या संस्कृति को संरक्षित करने का अधिकार
Art. 30अल्पसंख्यकों को शिक्षण संस्था स्थापित करने का अधिकार
Art. 44सभी नागरिकों के लिए समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) — DPSP
पश्चिमी धर्मनिरपेक्षता (Negative)
  • राज्य और धर्म का पूर्ण पृथक्करण (Separation)
  • Church और State का संबंध नहीं
  • धर्म को सार्वजनिक जीवन से बाहर
  • Multi-religious society में अव्यावहारिक
भारतीय धर्मनिरपेक्षता (Positive)
  • सभी धर्मों को समान सम्मान
  • Positive Secularism — सभी धर्मों की रक्षा
  • साम्प्रदायिक प्रतिनिधित्व समाप्त
  • SC/ST के लिए आरक्षित सीटें (अस्थायी)

विशेषता 12-13: मताधिकार एवं नागरिकता (Franchise and Citizenship)

सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार (Universal Adult Franchise)
  • 18+ वर्ष के सभी नागरिकों को मतदान का अधिकार
  • जाति, धर्म, लिंग, साक्षरता, संपत्ति — कोई भेद नहीं
  • 61वाँ संशोधन 1988 ने मतदान आयु 21 → 18 वर्ष की
  • Lok Sabha + State Legislature — दोनों के लिए
एकल नागरिकता (Single Citizenship)
  • केवल भारतीय नागरिकता — कोई State Citizenship नहीं
  • USA में Dual Citizenship — भारत में नहीं
  • सभी नागरिकों को समान राजनीतिक-नागरिक अधिकार
  • एकता और अखंडता का आधार

विशेषता 14: स्वतंत्र निकाय (Independent Bodies)

निकाय (Body)कार्य (Function)स्वतंत्रता
निर्वाचन आयोग (Election Commission)Parliament, State Legislature, President, VP के चुनाव — स्वतंत्र एवं निष्पक्षकार्यकाल सुरक्षा; Consolidated Fund से वेतन
महालेखापरीक्षक (CAG — Comptroller and Auditor-General)केंद्र और राज्य सरकारों के खातों का लेखापरीक्षण; सार्वजनिक कोष का संरक्षकसुरक्षित कार्यकाल; Fixed Service Conditions
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC)All-India Services + उच्च केंद्रीय सेवाओं में भर्ती परीक्षा; राष्ट्रपति को सलाहConsolidated Fund; सुरक्षित कार्यकाल
राज्य लोक सेवा आयोग (State PSC)राज्य सेवाओं में भर्ती परीक्षा; Governor को सलाहसमान स्वतंत्रता प्रावधान

विशेषता 15: आपातकालीन प्रावधान (Emergency Provisions)

प्रकार (Type)अनुच्छेद (Article)आधार (Ground)प्रभाव (Effect)
राष्ट्रीय आपातकाल (National Emergency)Art. 352युद्ध, बाह्य आक्रमण, सशस्त्र विद्रोह (Armed Rebellion*)केंद्र सर्वशक्तिमान; FR suspended (Art. 20-21 छोड़कर)
राज्य आपातकाल / राष्ट्रपति शासन (President's Rule)Art. 356/365राज्य में संवैधानिक तंत्र विफल; केंद्र के निर्देश न मानेराज्य का शासन राष्ट्रपति के हाथ में
वित्तीय आपातकाल (Financial Emergency)Art. 360भारत की वित्तीय स्थिरता या साख को खतराराज्यों के वित्त पर केंद्र का नियंत्रण

महत्वपूर्ण: *44वाँ संशोधन 1978 ने Art. 352 में "internal disturbance" को "armed rebellion (सशस्त्र विद्रोह)" से बदला। आपातकाल के दौरान Federal Structure → Unitary Structure — संविधान में औपचारिक संशोधन के बिना — यह भारतीय संविधान की अनूठी विशेषता है।

विशेषता 16: तीन-स्तरीय सरकार (Three-tier Government)

73वाँ संशोधन 1992 (Panchayats)
  • Part IX + 11वीं अनुसूची जोड़ी
  • पंचायती राज को संवैधानिक मान्यता
  • तीन-स्तर: ग्राम, मध्यवर्ती (Intermediate), जिला
  • 29 विषय — 11वीं अनुसूची में
74वाँ संशोधन 1992 (Municipalities)
  • Part IX-A + 12वीं अनुसूची जोड़ी
  • शहरी स्थानीय निकायों को संवैधानिक मान्यता
  • तीन प्रकार: Nagar Panchayat, Municipal Council, Municipal Corporation
  • 18 विषय — 12वीं अनुसूची में

विश्व में अनूठा: तीन-स्तरीय सरकार का प्रावधान विश्व के किसी अन्य संविधान में नहीं है। यह भारतीय संविधान की मौलिक विशेषता है।

विशेषता 17: सहकारी समितियाँ (Co-operative Societies) — 97वाँ संशोधन 2011

1. Art. 19 में सहकारी समिति बनाने का अधिकार — Fundamental Right।

2. Art. 43-B — सहकारी समितियों के प्रोत्साहन पर नई Directive Principle।

3. नया Part IX-B — "The Co-operative Societies" (Art. 243-ZH से 243-ZT)। संसद: Multi-State Cooperatives के लिए; State Legislature: अन्य के लिए।

भाग C — संविधान की आलोचनाएँ (Criticisms of the Constitution)

7संविधान की 6 प्रमुख आलोचनाएँ

आलोचनाआलोचकों के तर्कDr. Ambedkar / समर्थकों का उत्तर
1. उधार का संविधान (Borrowed Constitution)'Bag of Borrowings', 'Hotch-potch Constitution', 'Patchwork'Dr. Ambedkar: 100+ वर्षों के अनुभव के बाद लिखे संविधान में नए तत्व क्या हो सकते हैं? उधार लेना Plagiarism नहीं। भारतीय परिस्थितियों के अनुसार संशोधन किया।
2. 1935 Act की Carbon CopyN. Srinivasan: "in language and substance a close copy of 1935 Act"; Ivor Jennings; P.R. Deshmukh: "only adult franchise added"Dr. Ambedkar: 1935 Act से उधार लेने पर कोई माफी नहीं। उधार लेने में कोई शर्म नहीं।
3.भारत-विरोधी (Un-Indian/ Anti-Indian)K. Hanumanthaiya: "Veena/Sitar चाहते थे, English Band मिला";Lokanath Misra: "slavish imitation of the west"सभी अच्छी चीज़ें सार्वभौमिक होती हैं — भारतीय परिस्थितियों के अनुकूल बनाया गया।
4. गांधी-विरोधी (Un-Gandhian)Village Panchayats और District Panchayats पर आधारित होना चाहिए था;K. Hanumanthaiya: "Gandhiji ने ऐसा नहीं चाहा था"73वाँ/74वाँ संशोधन 1992 ने Panchayati Raj को संवैधानिक मान्यता दी।
5. बड़ा आकार (Elephantine Size)Ivor Jennings: "provisions not well-selected; too long and complicated";H.V. Kamath: "हाथी की तरह भारी"विशाल, विविध देश के लिए विस्तृत संविधान आवश्यक।
6. वकीलों का स्वर्ग (Paradise of Lawyers)Ivor Jennings: "lawyer's paradise";H.K. Maheswari: "litigation बढ़ाने वाला";P.R. Deshmukh: "कानून की किताब जैसा"जटिल राज्य व्यवस्था के लिए कानूनी भाषा आवश्यक।

भाग D — सांख्यिकी सारणियाँ (Statistical Tables)

Table 4.1 — संविधान के भाग (Parts of the Constitution at a Glance)

भाग (Part)विषय (Subject Matter)अनुच्छेद (Articles)
Iसंघ और उसका राज्यक्षेत्र (The Union and its Territory)1–4
IIनागरिकता (Citizenship)5–11
IIIमूल अधिकार (Fundamental Rights)12–35
IVराज्य के नीति निदेशक तत्व (DPSP)36–51
IV-Aमूल कर्तव्य (Fundamental Duties) — 42वाँ संशोधन 197651-A
Vसंघ सरकार (The Union Government)52–151
↳ Ch-Iकार्यपालिका (The Executive)52–78
↳ Ch-IIसंसद (Parliament)79–122
↳ Ch-IIIराष्ट्रपति की विधायी शक्तियाँ (Ordinance)123
↳ Ch-IVसंघ न्यायपालिका (Union Judiciary)124–147
↳ Ch-Vमहालेखापरीक्षक (CAG)148–151
VIराज्य सरकारें (State Governments)152–237
VII(भाग-B राज्य — 7वाँ संशोधन 1956 द्वारा हटाया)238 (deleted)
VIIIसंघ राज्यक्षेत्र (Union Territories)239–242
IXपंचायतें (The Panchayats) — 73वाँ संशोधन243–243-O
IX-Aनगरपालिकाएँ (Municipalities) — 74वाँ संशोधन 1992243-P–243-ZG
IX-Bसहकारी समितियाँ (Co-operative Societies) — 97वाँ संशोधन 2011243-ZH–243-ZT
Xअनुसूचित एवं जनजाति क्षेत्र244–244-A
XIकेंद्र-राज्य संबंध (Centre-State Relations)245–263
XIIवित्त, संपत्ति, अनुबंध एवं वाद (Finance, Property, Contracts)264–300-A
XIIIभारत के राज्यक्षेत्र में व्यापार-वाणिज्य (Trade and Commerce)301–307
XIVसंघ और राज्यों के अधीन सेवाएँ (Services)308–323
XIV-Aअधिकरण (Tribunals) — 42वाँ संशोधन323-A–323-B
XVनिर्वाचन (Elections)324–329-A
XVIकुछ वर्गों के लिए विशेष प्रावधान330–342-A
XVIIराजभाषा (Official Language)343–351
XVIIIआपातकालीन प्रावधान (Emergency Provisions)352–360
XIXविविध (Miscellaneous)361–367
XXसंविधान का संशोधन (Amendment of the Constitution)368
XXIअस्थायी, संक्रमणकालीन और विशेष प्रावधान369–392
XXIIलघु शीर्षक, प्रारम्भ, हिंदी पाठ एवं निरसन393–395

Table 4.2 — महत्वपूर्ण अनुच्छेद (Important Articles of the Constitution)

अनुच्छेदविषय
1संघ का नाम और राज्यक्षेत्र
3नए राज्यों का निर्माण और सीमाओं में परिवर्तन
13मूल अधिकारों से असंगत कानून
14कानून के समक्ष समानता (Equality before Law)
15धर्म, मूलवंश, जाति, लिंग, जन्म-स्थान के आधार पर भेदभाव का निषेध
16सार्वजनिक रोजगार में अवसर की समानता
17अस्पृश्यता का उन्मूलन (Abolition of Untouchability)
19वाक् एवं अभिव्यक्ति आदि की स्वतंत्रता
21जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का संरक्षण (Protection of Life and Liberty)
21-A6–14 वर्ष के बच्चों को प्रारम्भिक शिक्षा का अधिकार
25धर्म की स्वतंत्रता — अंतःकरण, पालन, प्रचार
30अल्पसंख्यकों का शैक्षणिक संस्था स्थापित करने का अधिकार
32मूल अधिकारों के प्रवर्तन के लिए उपचार (Writs सहित)
38जनता के कल्याण के लिए सामाजिक व्यवस्था
40ग्राम पंचायतों का संगठन
44नागरिकों के लिए समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code)
456 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए प्रारम्भिक बाल्यावस्था देखभाल
46SC, ST और पिछड़े वर्गों के शैक्षिक-आर्थिक हितों का संवर्धन
50न्यायपालिका का कार्यपालिका से पृथक्करण
51अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा का संवर्धन
51-Aमूल कर्तव्य (Fundamental Duties)
72राष्ट्रपति की क्षमादान शक्ति (Pardon Power)
74राष्ट्रपति को सहायता और सलाह देने वाली मंत्रिपरिषद
110धन विधेयक की परिभाषा (Definition of Money Bill)
112वार्षिक वित्तीय विवरण (Annual Financial Statement / Budget)
123राष्ट्रपति की अध्यादेश (Ordinance) जारी करने की शक्ति
143राष्ट्रपति की सर्वोच्च न्यायालय से परामर्श की शक्ति
155राज्यपाल की नियुक्ति
161राज्यपाल की क्षमादान शक्ति
163राज्यपाल को सहायता और सलाह देने वाली मंत्रिपरिषद
169राज्यों में विधान परिषद का उन्मूलन या निर्माण
200राज्यपाल द्वारा विधेयकों पर अनुमति
213राज्यपाल की Ordinance शक्ति
226उच्च न्यायालयों की Writ जारी करने की शक्ति
239-AAदिल्ली के लिए विशेष प्रावधान
249राष्ट्रीय हित में State List विषय पर Parliament का कानून
262अंतर-राज्यीय नदी विवाद का निपटारा
263अंतर-राज्यीय परिषद के प्रावधान
279-Aवस्तु एवं सेवा कर परिषद (GST Council)
280वित्त आयोग (Finance Commission)
300-Aकानून के प्राधिकार के बिना संपत्ति से वंचित नहीं किया जाएगा (Right to Property)
311सिविल क्षमता में कार्यरत व्यक्तियों की बर्खास्तगी/कमी
312अखिल भारतीय सेवाएँ (All-India Services)
315संघ और राज्यों के लिए लोक सेवा आयोग
320लोक सेवा आयोगों के कार्य
323-Aप्रशासनिक अधिकरण (Administrative Tribunals)
324निर्वाचन आयोग — चुनावों पर अधीक्षण, निदेश और नियंत्रण
330Lok Sabha में SC/ST के लिए सीटों का आरक्षण
352राष्ट्रीय आपातकाल की उद्घोषणा (National Emergency)
356राज्यों में संवैधानिक तंत्र विफल (President's Rule)
360वित्तीय आपातकाल (Financial Emergency)
365केंद्र के निर्देश न मानने का प्रभाव (President's Rule)
368संसद की संविधान संशोधन शक्ति एवं प्रक्रिया

Table 4.3 — संविधान की अनुसूचियाँ (Schedules of the Constitution)

Table 4.4 — संविधान के स्रोत (Sources of the Constitution)

स्रोत (Source)उधार लिए गए प्रावधान (Features Borrowed)
1. GOI Act 1935 (सर्वाधिक प्रभाव)संघीय ढाँचा, राज्यपाल, न्यायपालिका, लोक सेवा आयोग, आपातकालीन प्रावधान, सर्वोच्च न्यायालय की परामर्शी क्षेत्राधिकारिता, प्रशासनिक विवरण
2. ब्रिटेन (UK)संसदीय सरकार, विधि का शासन, विधायी प्रक्रिया, एकल नागरिकता, Cabinet प्रणाली, Prerogative Writs, संसदीय विशेषाधिकार, Bicameralism
3. अमेरिका (USA)मूल अधिकार, न्यायपालिका की स्वतंत्रता, न्यायिक पुनरावलोकन, राष्ट्रपति पर Impeachment, SC/HC न्यायाधीशों को हटाने की प्रक्रिया, उपराष्ट्रपति का पद
4. आयरलैंड (Ireland)राज्य के नीति निदेशक तत्व (DPSP), राज्यसभा में सदस्यों का मनोनयन, राष्ट्रपति के निर्वाचन की पद्धति
5. कनाडा (Canada)शक्तिशाली केंद्र के साथ संघवाद, अवशिष्ट शक्तियाँ केंद्र को, केंद्र द्वारा राज्यपाल की नियुक्ति
6. ऑस्ट्रेलिया (Australia)समवर्ती सूची, व्यापार-वाणिज्य की स्वतंत्रता, दोनों सदनों की संयुक्त बैठक
7. जर्मनी (Weimar Constitution)मूल अधिकारों के निलंबन से संबंधित आपातकालीन प्रावधान
8. सोवियत संघ — USSR (Russia)मूल कर्तव्य + प्रस्तावना में न्याय (सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक) का आदर्श
9. फ्रांस (France)गणराज्य और प्रस्तावना में स्वतंत्रता, समता, बंधुत्व के आदर्श
10. दक्षिण अफ्रीका (South Africa)संविधान संशोधन की प्रक्रिया, राज्यसभा सदस्यों का निर्वाचन
11. जापान (Japan)विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया (Procedure Established by Law) — Art. 21

★ सारांश (Summary)

संविधान वर्गीकरण — भारत की स्थिति (India's Position)

वर्गीकरण आधारभारतविशेष तथ्य
Evolved vs EnactedEnacted — Constituent Assembly द्वाराDocument form में; Dr. Ambedkar — Chief Architect
Written vs UnwrittenWritten (Codified)Lengthiest written constitution in the world
Rigid vs Flexibleदोनों का समन्वय (Synthesis)Art. 368 — तीन प्रकार के संशोधन
Federal vs UnitaryQuasi-Federal (K.C. Wheare)Article 1: Union of States; "Federation" शब्द नहीं
Procedural vs Prescriptiveदोनों का मिश्रणFR (Procedural) + DPSP (Prescriptive)

प्रमुख संख्याएँ और तथ्य (Key Facts)

विषयतथ्य
मूल संविधान — Articles395 (22 Parts, 8 Schedules)
वर्तमान संविधान — Articles~470 (25 Parts, 12 Schedules)
हटाए गए Articles~20 Articles + Part VII
जोड़े गए Articles~95 Articles; 4 Parts (IV-A, IX-A, IX-B, XIV-A); 4 Schedules (9,10,11,12)
Constitutionalism के तत्व (Henkin)8
संविधान के कार्य (Elliot Bulmer)8
एक अच्छे संविधान के गुण7 (Brevity, Clarity, Definiteness, Comprehensiveness, Suitability, Stability, Adaptability)
Classification के प्रकार5 (Evolved/Enacted, Written/Unwritten, Rigid/Flexible, Federal/Unitary, Procedural/Prescriptive)
Salient Features17
Fundamental Rights (वर्तमान)6 (44वाँ संशोधन 1978 के बाद)
Fundamental Duties11 (42वाँ + 86वाँ संशोधन)
Schedules — वर्तमान12 (मूलतः 8)
Union List — विषय98 (मूलतः 97)
State List — विषय59 (मूलतः 66)
Concurrent List — विषय52 (मूलतः 47)
8वीं अनुसूची — भाषाएँ22 (मूलतः 14)
Mini Constitution42वाँ संशोधन 1976
42वाँ संशोधन ने क्या जोड़ा"Secular", "Socialist" (Preamble); Part IV-A (Duties); Part XIV-A (Tribunals)
GOI Act 1935 से कितने Articles250+ (Constitution के 50%+ प्रावधान)

17 विशेषताएँ — Article Quick Reference

विशेषतामुख्य Articleसंशोधन / Case Law
Fundamental RightsArt. 12–35 (Part III)44वाँ संशोधन 1978 (Property Right हटाया)
DPSPArt. 36–51 (Part IV)Minerva Mills Case 1980 — FR-DPSP Balance
Fundamental DutiesArt. 51-A (Part IV-A)42वाँ संशोधन 1976; 86वाँ संशोधन 2002
Secular StateArt. 25–28, 44 + Preamble42वाँ संशोधन 1976 — "Secular" जोड़ा
Universal Adult FranchiseArt. 32661वाँ संशोधन 1988 — 21 → 18 वर्ष
National EmergencyArt. 35244वाँ संशोधन — "Armed Rebellion"
President's RuleArt. 356, 365S.R. Bommai Case 1994
Financial EmergencyArt. 360अब तक एक बार भी लागू नहीं
Panchayati RajArt. 243 (Part IX, Sch 11)73वाँ संशोधन 1992
MunicipalitiesArt. 243-P (Part IX-A, Sch 12)74वाँ संशोधन 1992
Co-operative SocietiesArt. 243-ZH (Part IX-B), 19, 43-B97वाँ संशोधन 2011
Anti-Defection10वीं अनुसूची, Art. 102, 19152वाँ संशोधन 1985
GST CouncilArt. 279-A101वाँ संशोधन 2016
Right to EducationArt. 21-A86वाँ संशोधन 2002
Right to PropertyArt. 300-A (Legal Right)44वाँ संशोधन 1978 (FR से हटाया)
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