ज़रा सोचिए — सुबह उठकर आप मोबाइल से UPI से दूध वाले को पैसे भेजते हैं, ऑफिस जाने के लिए मेट्रो या बस लेते हैं जो सड़क/रेल अवसंरचना पर चलती है, दोपहर में किसी IT कंपनी में बैठकर विदेशी क्लाइंट के लिए सॉफ्टवेयर बनाते हैं, शाम को अस्पताल में आयुष्मान भारत कार्ड दिखाकर मुफ़्त इलाज कराते हैं, और रात में Netflix या YouTube देखते हैं जो 5G/BharatNet जैसी संचार अवसंरचना के बिना संभव नहीं। यह पूरा दिन "सेवा क्षेत्र" (Service Sector) है — जो आज भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन चुका है, GDP का आधे से ज़्यादा हिस्सा अकेले यही क्षेत्र देता है। लेकिन यह सेवा क्षेत्र बिना ऊर्जा, सड़क, रेल, बंदरगाह और डिजिटल नेटवर्क जैसी "आधारभूत संरचना" (Infrastructure) के अधूरा है — यही इस अध्याय की कहानी है।
📚 मानक परिभाषा: वह आर्थिक क्षेत्र जो भौतिक वस्तुओं (Physical Goods) का उत्पादन नहीं करता, बल्कि अमूर्त सेवाएँ (Intangible Services) प्रदान करता है — इसे तृतीयक क्षेत्र (Tertiary Sector) भी कहते हैं। ✅ सरल शब्दों में: ऐसा काम जिसे आप "छू" नहीं सकते लेकिन उसका फायदा उठाते हैं — जैसे डॉक्टर का इलाज, बैंक की सुविधा, या मोबाइल इंटरनेट — इन्हें बनाया नहीं जाता, बल्कि "प्रदान" (Provide) किया जाता है। 💡 उदाहरण: जब आप किसी बैंक में खाता खुलवाते हैं या डॉक्टर से सलाह लेते हैं — कोई सामान नहीं मिलता, फिर भी आप पैसे देते हैं — यही सेवा क्षेत्र है। इसे "अदृश्य निर्यात" (Invisible Exports) भी कहते हैं क्योंकि IT व पर्यटन जैसी सेवाओं से भारत को विदेशी मुद्रा मिलती है, बिना किसी भौतिक वस्तु के जहाज़ द्वारा भेजे।
| विशेषता | 🌾 प्राथमिक (Agriculture) | 🏭 द्वितीयक (Industry) | 💼 तृतीयक (Service) |
|---|---|---|---|
| शामिल क्षेत्र | कृषि, वन, खनन, मत्स्य | उद्योग, निर्माण, ऊर्जा | IT, बैंकिंग, पर्यटन, व्यापार |
| GDP योगदान (2025-26) | ~17% | ~27-28% | ⭐ ~55-56% |
| रोज़गार में हिस्सा | ~45% | ~25% | ~30% |
| वृद्धि दर (FY 2025-26) | ~3.5% | ~6-7% | ⭐ ~9.1% |
| आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 टिप्पणी | सर्वाधिक रोज़गार देने वाला | FDI आकर्षण का प्रमुख केंद्र | GDP वृद्धि की रीढ़ (Backbone) |
| वर्ष | सेवा क्षेत्र % | कृषि % | उद्योग % |
|---|---|---|---|
| 1950-51 | ~30% | ~55% | ~15% |
| 1990-91 | ~40% | ~35% | ~25% |
| 2010-11 | ~50% | ~18% | ~28% |
| 2020-21 (कोविड वर्ष) | ~54% | ~20% | ~26% |
| 2024-25 | ~55% | ~17% | ~28% |
| 2025-26 (प्रथम अग्रिम अनुमान — नवीनतम) | ⭐ ~56.4% (GVA) | ~16% | ~27% |
1950 में भारत की अर्थव्यवस्था में क्रम था — कृषि > उद्योग > सेवा, यानी सबसे ज़्यादा योगदान खेती का था। 2025-26 आते-आते यह क्रम पूरी तरह पलट गया — सेवा > उद्योग > कृषि। यह वैसा ही है जैसे किसी परिवार में दादाजी के ज़माने में खेत की कमाई सबसे बड़ी होती थी, आज उसी परिवार में किसी बच्चे की IT कंपनी की सैलरी या बैंक का काम सबसे बड़ी कमाई का ज़रिया बन गया हो।
1. सेवा क्षेत्र की वृद्धि दर FY 2025-26 में लगभग 9.1% रही — जबकि FY 2024-25 में यह 7.2% थी। 2. सेवा क्षेत्र का GDP में योगदान H1 FY26 में लगभग 53.6% तथा GVA में यह ऐतिहासिक रूप से 56.4% (FY26 प्रथम अग्रिम अनुमान) तक पहुँचा। 3. भारत अब विश्व का सातवाँ सबसे बड़ा सेवा निर्यातक (7th Largest Services Exporter) है — वैश्विक सेवा व्यापार में भारत की हिस्सेदारी 2005 के 2% से बढ़कर 2024 में 4.3% हो चुकी है। 4. सेवा निर्यात (Services Exports) $387.6 अरब तक पहुँचा — 13.6% की वृद्धि के साथ। 5. सेवा क्षेत्र विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) पाने वाला सबसे बड़ा क्षेत्र बना हुआ है।
ध्यान दें — दो अलग आँकड़ों में भ्रम न करें: "भारत विश्व का सबसे बड़ा IT सेवा निर्यातक (World No.1 IT Services Exporter)" और "भारत विश्व का 7वाँ सबसे बड़ा कुल सेवा निर्यातक (7th Largest Overall Services Exporter)" — ये दोनों तथ्य सही हैं, पर अलग-अलग चीज़ें मापते हैं। पहला सिर्फ IT/सॉफ्टवेयर सेवाओं के निर्यात की बात करता है (जिसमें भारत नंबर 1 है), जबकि दूसरा सभी प्रकार की सेवाओं (पर्यटन, वित्त, परिवहन आदि सहित) के कुल निर्यात की बात करता है (जिसमें भारत 7वें स्थान पर है)।
1. IT + ITES निर्यात लगभग $194 अरब (2024-25) — विश्व में सर्वाधिक (World No. 1 IT Services Exporter)। 2. IT क्षेत्र में रोज़गार — 57 लाख+ प्रत्यक्ष तथा 3 करोड़+ अप्रत्यक्ष। 3. सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स (STPI) — 1991 में शुरू, देशभर में लगभग 53 STPI केंद्र, निर्यात प्रोत्साहन क्षेत्र के रूप में कार्यरत। 4. IT का GDP में प्रत्यक्ष योगदान लगभग 7.5% तथा डिजिटल अर्थव्यवस्था (Digital Economy) का कुल योगदान लगभग 10% — 2030 तक लक्ष्य ~20%। 5. शीर्ष IT कंपनियाँ — TCS, Infosys, Wipro, HCL, Tech Mahindra; इनका कुल बाज़ार पूँजीकरण (Market Cap) ₹50 लाख करोड़ से अधिक। 6. IndiaAI मिशन (2024) — ₹10,372 करोड़ का परिव्यय, 10,000+ GPU सुपरकंप्यूटर सुविधा — भारत को AI हब बनाने का लक्ष्य।
| शहर | विशेषता | प्रमुख कंपनियाँ/पार्क |
|---|---|---|
| बेंगलुरु (Bengaluru) | "Silicon Valley of India" — सर्वोच्च IT हब | Infosys, Wipro, TCS, ITPL |
| हैदराबाद (Hyderabad) | HITEC City — "Cyberabad" | Microsoft, Google, Amazon, Apple |
| पुणे (Pune) | IT + ऑटोमोबाइल हब — हिंजेवाड़ी IT पार्क | Infosys, Cognizant, Capgemini |
| चेन्नई (Chennai) | सॉफ्टवेयर + BPO + इलेक्ट्रॉनिक्स | TCS, Cognizant, Ford Technology |
| NCR (दिल्ली-गुरुग्राम-नोएडा) | GCC हब — 400+ MNC कार्यालय | गुरुग्राम — "Millennium City" |
| मुंबई (Mumbai) | BFSI + IT + मीडिया हब | बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज, BFSI-IT कंपनियाँ |
📚 मानक परिभाषा: बहुराष्ट्रीय कंपनियों (MNCs) द्वारा भारत में स्थापित उच्च-तकनीकी केंद्र, जो अनुसंधान एवं विकास (R&D), विश्लेषण (Analytics), AI व इंजीनियरिंग जैसे उच्च-मूल्य कार्य करते हैं। ✅ सरल शब्दों में: बड़ी विदेशी कंपनियाँ भारत में अपना खुद का "मिनी ऑफिस" खोलती हैं, जहाँ भारतीय कर्मचारी सीधे उस कंपनी के लिए वैश्विक स्तर के जटिल काम करते हैं — बाहरी ठेकेदार बनकर नहीं, बल्कि कंपनी के अपने हिस्से के रूप में। 💡 उदाहरण: गोल्डमैन सैक्स, JPMorgan, अमेरिकन एक्सप्रेस, माइक्रोसॉफ्ट व गूगल जैसी कंपनियों ने बेंगलुरु व हैदराबाद में अपने GCC खोले हैं जहाँ हज़ारों भारतीय इंजीनियर सीधे इन कंपनियों के वैश्विक प्रोजेक्ट्स पर काम करते हैं।
1. GCC की संख्या (2024): 1,800+ | कर्मचारी: 18 लाख+ | लक्ष्य 2030: 2,500+ GCCs। 2. सर्वाधिक GCC वाले शहर (क्रमानुसार) — बेंगलुरु (40%+) > हैदराबाद > पुणे > चेन्नई > NCR। 3. GCC राजस्व (2024): लगभग $46 अरब | लक्ष्य 2030: $100 अरब। 4. GCC नीति 2024 — भारत सरकार की नई नीति, जो टियर-2 शहरों में भी GCC स्थापना को बढ़ावा देती है।
| प्रकार | विवरण | उदाहरण |
|---|---|---|
| सार्वजनिक बैंक (PSBs) | सरकार की 51%+ हिस्सेदारी | SBI, PNB, Canara, BOB |
| निजी बैंक (Private Banks) | निजी स्वामित्व, RBI नियमन | HDFC, ICICI, Axis, Kotak |
| विदेशी बैंक (Foreign Banks) | भारत में शाखाएँ, RBI नियमन | Citibank, Standard Chartered, HSBC |
| सहकारी बैंक (Co-operative) | NABARD के अंतर्गत, ग्रामीण केंद्रित | ज़िला केंद्रीय सहकारी बैंक |
| लघु वित्त बैंक (Small Finance Bank) | वित्तीय समावेशन (Financial Inclusion) | AU SFB, Jana SFB, Ujjivan SFB |
| भुगतान बैंक (Payments Bank) | सीमित सेवाएँ, ऋण देने की अनुमति नहीं | Airtel Payments Bank, India Post PB |
विस्तृत अध्ययन: RBI, मौद्रिक नीति समिति (MPC), रेपो दर व CRR/SLR जैसे उपकरणों का विस्तृत अध्ययन अध्याय 7 (RBI एवं मौद्रिक प्रबंधन) में किया जाएगा — यहाँ केवल सेवा क्षेत्र के एक अंग के रूप में परिचय दिया गया है।
| संस्था | स्थापना | मुख्यालय | कार्यक्षेत्र |
|---|---|---|---|
| RBI | 1935 (राष्ट्रीयकरण 1949) | मुंबई | बैंकिंग, मौद्रिक नीति, मुद्रा |
| SEBI | 1988 (सांविधिक दर्जा 1992) | मुंबई | पूँजी बाज़ार, शेयर बाज़ार नियमन |
| IRDAI | 1999 | हैदराबाद | जीवन एवं साधारण बीमा नियमन |
| TRAI | 1997 | नई दिल्ली | दूरसंचार, इंटरनेट, प्रसारण |
| संस्था | स्थापना | मुख्यालय | कार्यक्षेत्र |
|---|---|---|---|
| PFRDA | 2003 (सांविधिक दर्जा 2013) | नई दिल्ली | पेंशन कोष, NPS, अटल पेंशन योजना |
| CCI | 2003 (सक्रिय 2009) | नई दिल्ली | एकाधिकार रोकना, निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा |
| NABARD | 1982 | मुंबई | ग्रामीण ऋण, सूक्ष्म वित्त, SHG |
| SIDBI | 1990 | लखनऊ | MSME वित्त, स्टार्टअप फंडिंग |
| NPCI | 2008 | मुंबई | UPI, RuPay, IMPS, NACH का संचालन |
स्मरण तकनीक (Memory Trick): शीर्ष 5 नियामक — "RSI-TP": R-RBI (बैंकिंग), S-SEBI (शेयर बाज़ार), I-IRDAI (बीमा), T-TRAI (दूरसंचार), P-PFRDA (पेंशन)। मुख्यालय ट्रिक — मुंबई में RBI+SEBI+NPCI+NABARD; हैदराबाद में IRDAI; दिल्ली में TRAI+PFRDA+CCI।
| प्रकार | विवरण | प्रमुख तथ्य |
|---|---|---|
| जीवन बीमा (Life Insurance) | LIC — सरकारी; निजी: HDFC Life, ICICI Pru | LIC का IPO 2022 में — भारत का अब तक का सबसे बड़ा IPO |
| साधारण बीमा (General Insurance) | स्वास्थ्य, मोटर, संपत्ति, फसल बीमा | PM फसल बीमा योजना — कृषि जोखिम कवर |
| बीमा पहुँच (Insurance Penetration) | GDP का लगभग 4.2% (2024) | विश्व औसत ~7% — भारत में सुधार की आवश्यकता |
| "Bima Trinity" (बजट 2026-27) | Bima Vistaar + Bima Sugam + महिलाओं हेतु PMABY | लक्ष्य — "Insurance for All by 2047" |
📚 मानक परिभाषा: नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) द्वारा 2016 में बनाई गई तत्काल भुगतान प्रणाली (Real-Time Payment System), जो किसी भी दो बैंक खातों के बीच मोबाइल के ज़रिए तुरंत पैसे भेजने की सुविधा देती है। ✅ सरल शब्दों में: बिना किसी नकद या कार्ड के, सिर्फ मोबाइल नंबर या QR कोड स्कैन करके तुरंत किसी को भी पैसे भेज देना — जैसे मोहल्ले की चाय की दुकान पर QR कोड स्कैन करके 10 रुपये चुकाना। 💡 उदाहरण: सब्ज़ी वाले से लेकर बड़े मॉल तक, आज हर जगह "PhonePe/GPay/Paytm से UPI पेमेंट करें" का बोर्ड दिखता है — यही UPI की सफलता की कहानी है।
1. UPI लेनदेन मूल्य — वित्त वर्ष 2025-26 में दिसंबर तक ₹230 लाख करोड़ के रिकॉर्ड स्तर तक पहुँचा (तुलना हेतु — पूरे वित्त वर्ष 2022-23 में यह मात्र ₹139 लाख करोड़ था)। 2. अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने जून 2025 की रिपोर्ट में UPI को "विश्व की सबसे बड़ी रियल-टाइम रिटेल भुगतान प्रणाली" (World’s Largest Retail Fast-Payment System) बताया। 3. RuPay कार्ड — NPCI का स्वदेशी कार्ड, 80 करोड़+ जारी, 50 से अधिक देशों में स्वीकार्य। 4. UPI अब भारत के बाहर भी — श्रीलंका, फ्रांस, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), सिंगापुर व UK में उपयोग हो रहा है — भारत के "FinTech निर्यात" का उदाहरण। 5. CBDC (Digital Rupee / e₹) — RBI की डिजिटल मुद्रा, 2022 से पायलट चरण में (Retail + Wholesale)। 6. ONDC (Open Network for Digital Commerce) — 2022 में शुरू, "E-commerce का UPI" कहा जाता है — छोटे व्यापारियों को किसी भी प्लेटफ़ॉर्म से सीधे बिक्री की सुविधा।
जिस तरह UPI ने भुगतान (Payment) को खोल दिया — अब कोई भी ऐप किसी भी बैंक खाते में पैसे भेज सकता है — उसी तर्ज पर ONDC ने ई-कॉमर्स को खोला है, जिससे कोई भी छोटा दुकानदार बिना Amazon या Flipkart पर निर्भर हुए, किसी भी ऐप के ज़रिए अपना सामान बेच सकता है।
1. विदेशी पर्यटक आगमन (Foreign Tourist Arrivals) — लगभग 2.4 करोड़ (2024), आय $30 अरब से अधिक। 2. GDP में योगदान — लगभग 5% प्रत्यक्ष तथा 10% तक अप्रत्यक्ष (परिवहन, होटल, हस्तशिल्प सहित)। 3. रोज़गार — लगभग 8 करोड़ प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष; पर्यटन श्रम-प्रधान (Labour-Intensive) क्षेत्र है। 4. भारत विश्व आर्थिक मंच (WEF) के "Travel & Tourism Development Index 2024" में 39वें स्थान पर रहा। 5. बजट 2026-27 का लक्ष्य — 2030 तक पर्यटन आय $100 अरब तथा 50 करोड़ घरेलू पर्यटक। 6. वर्ष 2025 की दूसरी तिमाही में विदेशी पर्यटक आगमन घटकर 16.48 लाख रह गया (जनवरी-मार्च के 26.15 लाख से) — मुख्यतः बांग्लादेश से आगमन में कमी व भू-राजनैतिक कारणों से।
| प्रकार | विवरण | भारत में उदाहरण |
|---|---|---|
| धरोहर पर्यटन (Heritage) | UNESCO स्थल, स्मारक, किले | ताज महल, हम्पी, खजुराहो, अजंता |
| चिकित्सा पर्यटन (Medical) | सस्ती + उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा | Apollo, Fortis, AIIMS — विश्वस्तरीय |
| आयुर्वेद/वेलनेस पर्यटन | योग, आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा | केरल — "गॉड्स ओन कंट्री (God’s Own Country)" |
| पर्यावरण पर्यटन (Eco-Tourism) | वन्यजीव अभयारण्य, राष्ट्रीय उद्यान | काज़ीरंगा, जिम कॉर्बेट, सुंदरबन |
| MICE पर्यटन | सम्मेलन, प्रदर्शनी, बैठकें | भारत मंडपम (दिल्ली) — G20 वेन्यू |
| तटीय पर्यटन (Beach) | तटीय एवं द्वीप पर्यटन | गोवा, अंडमान, लक्षद्वीप |
| आध्यात्मिक पर्यटन (Pilgrimage) | धार्मिक स्थल, चार धाम यात्रा | वाराणसी, तिरुपति, शिरडी |
| क्षेत्र | विवरण | प्रमुख आँकड़ा |
|---|---|---|
| आयुष्मान भारत PM-JAY | 2018 में शुरू; 70 करोड़+ लोगों को कवर | ₹5 लाख/परिवार/वर्ष — विश्व की सबसे बड़ी सरकारी स्वास्थ्य योजना |
| चिकित्सा पर्यटन (Medical Tourism) | कम खर्च + उच्च गुणवत्ता — जैसे हृदय शल्य चिकित्सा (Heart Surgery) अमेरिका के खर्च का लगभग 1/10 | भारत शीर्ष 10 चिकित्सा पर्यटन गंतव्यों में शामिल |
| जन औषधि योजना (PMBJAY) | सस्ती जेनेरिक दवाइयाँ; 10,000+ केंद्र | 70-90% तक सस्ती दवाइयाँ |
| डिजिटल स्वास्थ्य मिशन | ABHA ID व स्वास्थ्य रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण | राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) द्वारा संचालित |
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) 34 वर्षों बाद लाई गई नई शिक्षा नीति है — इसने पुराने 10+2 ढाँचे की जगह 5+3+3+4 संरचना, व्यावसायिक शिक्षा (Vocational Education), कोडिंग व बहुभाषिकता (Multilingualism) पर बल दिया।
1. भारतीय खुदरा (Retail) बाज़ार (2024): $800 अरब+ — विश्व में 5वाँ सबसे बड़ा; 2030 तक $2 ट्रिलियन का अनुमान। 2. संगठित खुदरा (Organised Retail): कुल खुदरा का लगभग 13% (शॉपिंग मॉल, चेन स्टोर); शेष ~87% असंगठित (किराना दुकानें)। 3. E-commerce (ऑनलाइन खुदरा): $130 अरब (2024) — Amazon, Flipkart, Meesho, Nykaa जैसी कंपनियाँ अग्रणी। 4. खुदरा में FDI — सिंगल ब्रांड रिटेल में 100% FDI; मल्टी-ब्रांड रिटेल में शर्तों सहित 51% FDI।
| प्रमुख पहल | विवरण | प्रभाव |
|---|---|---|
| PM गति शक्ति (2021) | बहु-मॉडल संपर्क (Multi-modal Connectivity); 16 मंत्रालयों का साझा प्लेटफ़ॉर्म | लॉजिस्टिक्स लागत GDP के 14% से घटाकर 8% करने का लक्ष्य |
| राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति 2022 | लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को एकीकृत बनाना; ULIP पोर्टल | लक्ष्य — लागत को GDP के 10% से नीचे लाना |
| समर्पित माल गलियारे (DFC) | पूर्वी व पश्चिमी DFC — कुल 3,360 किमी | रेल फ्रेट (माल ढुलाई) में लगभग दोगुनी वृद्धि |
| सागरमाला परियोजना | बंदरगाह-आधारित विकास; तटीय अर्थव्यवस्था | ₹1.57 लाख करोड़ की 315 परियोजनाएँ मार्च 2026 तक पूर्ण |
📚 मानक परिभाषा: 2022 में शुरू किया गया खुला डिजिटल प्रोटोकॉल (Open Protocol), जो किसी भी विक्रेता को किसी भी ऐप या प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से ऑनलाइन बिक्री करने में सक्षम बनाता है — जिससे ई-कॉमर्स का "लोकतंत्रीकरण" (Democratization) होता है। ✅ सरल शब्दों में: जैसे UPI ने भुगतान को किसी एक कंपनी की मोहताजी से मुक्त कर दिया, वैसे ही ONDC ई-कॉमर्स को किसी एक बड़ी कंपनी (जैसे Amazon) पर निर्भर होने से मुक्त करता है — कोई भी छोटा दुकानदार अपने ग्राहकों तक सीधे पहुँच सकता है। 💡 उदाहरण: एक छोटे शहर की कपड़ों की दुकान अब ONDC नेटवर्क से जुड़े किसी भी ऐप पर अपना सामान बेच सकती है, बिना Amazon या Flipkart को भारी कमीशन दिए।
| चुनौती | विवरण एवं सरकारी समाधान |
|---|---|
| रोज़गार-विहीन वृद्धि (Jobless Growth) | सेवा क्षेत्र की GDP तेज़ी से बढ़ रही है, परंतु रोज़गार उसी अनुपात में नहीं बढ़ रहा — समाधान: Skill India, PMKVY, PM गति शक्ति |
| कौशल अंतराल (Skill Gap) | उद्योग की माँग व उपलब्ध कौशल में बड़ा अंतर — समाधान: NSDC, Sector Skill Councils |
| असंगठित क्षेत्र (90%+ Informal) | सेवा क्षेत्र में अधिकांश काम असंगठित, सामाजिक सुरक्षा का अभाव — समाधान: EPFO, ESIC, e-Shram पोर्टल |
| डिजिटल विभाजन (Digital Divide) | शहरी-ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट पहुँच का भारी अंतर — समाधान: BharatNet, PM-WANI, CSC |
| साइबर सुरक्षा खतरे | डिजिटल सेवाएँ बढ़ने से साइबर हमले भी बढ़े — समाधान: CERT-In, साइबर सुरक्षा नीति 2020 |
| डेटा गोपनीयता (Data Privacy) | डिजिटल सेवाओं में डेटा सुरक्षा का अभाव — समाधान: डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 |
| AI से रोज़गार विस्थापन | AI/स्वचालन से BPO व कॉल सेंटर नौकरियाँ खतरे में — समाधान: Future Skills पहल, AI Re-skilling |
1. AI व मशीन लर्निंग — IndiaAI मिशन (₹10,372 करोड़) से 2030 तक लगभग 50 लाख नई नौकरियाँ बनने की संभावना। 2. GCC विस्तार — Tier-2 शहरों तक MNC की हायरिंग; लक्ष्य $100 अरब राजस्व 2030 तक। 3. ग्रीन सर्विसेज़ (कार्बन मार्केट, ESG कंसल्टिंग, ग्रीन फाइनेंस) — वैश्विक स्तर पर नया $2 ट्रिलियन बाज़ार। 4. स्पेस इकोनॉमी — ISRO के वाणिज्यीकरण व IN-SPACe के ज़रिए निजी क्षेत्र की भागीदारी; भारत की हिस्सेदारी $44 अरब तक (2033 तक अनुमान)। 5. क्रिएटर इकोनॉमी (YouTube, पॉडकास्ट, शॉर्ट वीडियो) — $1 अरब+ का तेज़ी से बढ़ता बाज़ार।
1. कोयला भारत की लगभग 55% प्राथमिक वाणिज्यिक ऊर्जा (Primary Commercial Energy) उपलब्ध कराता है तथा कुल बिजली उत्पादन (Power Generation) में इसका योगदान लगभग 70% है। 2. FY24 में कोयला उत्पादन: 997.2 मिलियन टन (MT); खपत: 1233.86 MT; आयात: 261 MT। 3. घरेलू उत्पादन-खपत अनुपात (Production as % of Consumption) FY14 के 76.6% से बढ़कर FY24 में 80.8% हो गया — यानी आयात-निर्भरता घट रही है। 4. कोयला गैसीकरण (Coal Gasification) — 2030 तक 100 MT कोयला गैसीकृत करने का लक्ष्य; ₹8,500 करोड़ की योजना 2023-24 में शुरू। 5. कोयला क्षेत्र का राष्ट्रीयकरण 1971-73 में इंदिरा गांधी सरकार के दौरान हुआ था; कोयला खान (विशेष प्रावधान) अधिनियम, 2015 से निजी क्षेत्र को नीलामी के ज़रिए कोयला खदानें आवंटित करने की अनुमति मिली।
📚 मानक परिभाषा: वह ऊर्जा जो प्राकृतिक स्रोतों — सूर्य, हवा, पानी व बायोमास — से प्राप्त होती है और लगातार नवीनीकृत (Replenish) होती रहती है, जिससे प्रदूषण व कोयले पर निर्भरता कम होती है। ✅ सरल शब्दों में: ऐसी बिजली जो "खत्म नहीं होने वाले" स्रोतों से बनती है — जैसे सूरज की रोशनी या हवा — कोयले की तरह जो एक दिन खत्म हो सकता है। 💡 उदाहरण: राजस्थान के जैसलमेर व बीकानेर के रेगिस्तानी इलाकों में लगे विशाल सोलर पैनल पूरे दिन धूप से बिजली बनाते हैं — यही सौर ऊर्जा (Solar Energy) का उदाहरण है।
1. 31 मार्च 2026 तक भारत की कुल गैर-जीवाश्म (Non-Fossil) स्थापित क्षमता 283.46 GW तक पहुँची — मई 2026 तक यह लगभग 282.75 GW रही। 2. सौर ऊर्जा (Solar): मार्च 2026 तक कुल स्थापित क्षमता 150.26 GW (जिसमें 110.43 GW यूटिलिटी-स्केल, 25.73 GW रूफटॉप व 14.10 GW KUSUM/ऑफ-ग्रिड शामिल); मई 2026 तक यह बढ़कर लगभग 157 GW हो गई। 3. पवन ऊर्जा (Wind): मार्च 2026 तक 56.09 GW — FY 2025-26 में अकेले 6.05 GW जोड़ा गया, जो अब तक की सबसे अधिक वार्षिक वृद्धि है। 4. FY 2025-26 में कुल गैर-जीवाश्म क्षमता वृद्धि 55.3 GW रही — यह अब तक की सर्वाधिक वार्षिक वृद्धि है। 5. भारत नवीकरणीय ऊर्जा स्थापित क्षमता में विश्व में तीसरे स्थान पर है (Renewable Energy Statistics 2026)। 6. 2030 तक लक्ष्य — कुल बिजली क्षमता का 50% गैर-जीवाश्म स्रोतों से प्राप्त करना। 7. स्वच्छ ऊर्जा में निवेश — 2014-2023 के बीच लगभग ₹8.5 लाख करोड़ (लगभग $102.4 अरब)।
| स्रोत | स्थापित क्षमता (GW) |
|---|---|
| तापीय (Thermal — कोयला/गैस) | 240 |
| सौर ऊर्जा (Solar Power) | 110.9 |
| पवन ऊर्जा (Wind Power) | 51.3 |
| जल विद्युत (Hydro) | 48 |
| बायो पावर (Bio Power) | 11.6 |
| परमाणु ऊर्जा (Nuclear) | 8.8 |
| लघु जल विद्युत (Small Hydro) | 5.1 |
राजस्थान का रेगिस्तान — जो कभी सिर्फ सूखे व गर्मी के लिए जाना जाता था — अब भारत की "सौर राजधानी" (Solar Capital) बन चुका है। जैसे किसी बंजर ज़मीन पर सोना मिल जाए, वैसे ही राजस्थान की तेज़ धूप अब बिजली के रूप में "सोना" बरसा रही है।
📚 मानक परिभाषा: सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की छत्र योजना (Umbrella Programme), जिसका उद्देश्य आर्थिक गलियारों, सीमा व तटीय सड़कों के विकास के ज़रिए भारत के सड़क अवसंरचना में सुधार करना है। ✅ सरल शब्दों में: देश भर में नई और पुरानी सड़कों को इस तरह जोड़ना कि माल व लोगों की आवाजाही तेज़, सस्ती व सुरक्षित हो जाए — जैसे शरीर में नसों का जाल बेहतर बनाना ताकि खून सुचारू रूप से बहे। 💡 उदाहरण: भारतमाला के तहत बने नए एक्सप्रेसवे (जैसे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे) से अब दिल्ली से मुंबई की यात्रा का समय घंटों कम हो गया है।
1. चरण-1 (Phase-1): मार्च 2024 तक 26,425 किमी सड़कों के अनुबंध दिए गए; लगभग 25,000+ किमी सड़कें निर्मित (2024-25 तक), कुल व्यय ₹4.59 लाख करोड़। 2. चरण-2 (Phase-2): लगभग 8,100-8,500 किमी नए गलियारों (Corridors) पर ₹3.5-3.66 लाख करोड़ के निवेश की योजना — योजना व सर्वेक्षण चरण में। 3. शेष चरण-1 परियोजनाओं के 2027 तक पूर्ण होने की उम्मीद।
1. पूँजीगत व्यय (CapEx): FY24 में ₹2.62 लाख करोड़ (5 वर्षों में 77% की वृद्धि); बजट 2026-27 में रिकॉर्ड ₹2.8-2.92 लाख करोड़ का आवंटन (10.25% वृद्धि)। 2. विद्युतीकरण (Electrification): रेल नेटवर्क का 96.4% विद्युतीकृत। 3. प्रमुख परियोजनाएँ — वंदे भारत ट्रेनें, मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल (MAHSR — बुलेट ट्रेन), अमृत भारत स्टेशन योजना (स्टेशन उन्नयन)। 4. बजट 2026-27 में 7 नए हाई-स्पीड रेल गलियारों की घोषणा — जैसे मुंबई-पुणे, हैदराबाद-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी आदि। 5. समर्पित माल गलियारे (DFC) — पूर्वी व पश्चिमी DFC कुल 3,360 किमी; बजट 2026-27 में डानकुनी (पूर्व) से सूरत (पश्चिम) तक नया DFC प्रस्तावित। 6. मेट्रो रेल/RRTS — 945 किमी परिचालन में, 939 किमी निर्माणाधीन (27 शहरों में); दैनिक सवारियाँ 1.01 करोड़ तक पहुँचीं।
📚 मानक परिभाषा: बंदरगाह-आधारित विकास (Port-Led Development) पर केंद्रित कार्यक्रम, जिसका उद्देश्य भारत के 7,500+ किमी लंबे समुद्र तट के सहारे बंदरगाह क्षमता बढ़ाना, परिवहन नेटवर्क सुधारना व व्यापार को बढ़ावा देना है। ✅ सरल शब्दों में: देश के समुद्री किनारों पर बंदरगाहों का इतना विकास करना कि जहाज़ों से माल जल्दी उतरे-चढ़े और सीधे सड़क/रेल से आगे बढ़ सके — जैसे किसी बस स्टैंड को बड़ा व सुव्यवस्थित बनाना ताकि भीड़ न लगे। 💡 उदाहरण: गुजरात का कांडला या मुंबई का जवाहरलाल नेहरू पोर्ट (JNPT) जैसे बंदरगाहों पर सागरमाला के तहत आधुनिक क्रेन व तेज़ माल-चढ़ाई की व्यवस्था से जहाज़ों का इंतज़ार समय कम हुआ है।
1. 2014 से प्रमुख बंदरगाहों की क्षमता लगभग दोगुनी हुई; FY 2025-26 में प्रमुख बंदरगाहों ने रिकॉर्ड 915.17 मिलियन टन कार्गो संभाला (7.06% वृद्धि)। 2. विश्व बैंक के लॉजिस्टिक्स प्रदर्शन सूचकांक (अंतर्राष्ट्रीय शिपमेंट) में भारत की रैंक 2014 के 44वें स्थान से सुधरकर 2023 में 22वें स्थान पर पहुँची। 3. सागरमाला 2.0 — ₹85,482 करोड़ की सहायता से ₹3.6 लाख करोड़ के निवेश को आकर्षित करने का लक्ष्य; मार्च 2026 तक ₹1.57 लाख करोड़ की 315 परियोजनाएँ पूर्ण। 4. भारत में 13 प्रमुख बंदरगाह (केंद्र सरकार के अधीन) व 200 से अधिक छोटे/मध्यम बंदरगाह (राज्य सरकारों के अधीन)। 5. अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI) — राष्ट्रीय जलमार्गों का विकास; राष्ट्रीय जलमार्ग-1 (गंगा-भागीरथी-हुगली) व राष्ट्रीय जलमार्ग-2 (ब्रह्मपुत्र) प्रमुख उदाहरण; बजट 2026-27 में 20 नए राष्ट्रीय जलमार्ग प्रस्तावित।
📚 मानक परिभाषा: क्षेत्रीय संपर्क (Regional Connectivity) बढ़ाने व आम आदमी के लिए हवाई यात्रा सस्ती बनाने हेतु शुरू की गई योजना, जिसमें छोटे व असेवित हवाई अड्डों को सब्सिडी-युक्त किराए से जोड़ा जाता है। ✅ सरल शब्दों में: जैसे बड़े शहरों के बीच सस्ती बस सेवा होती है, वैसे ही UDAN के तहत छोटे शहरों के बीच सस्ती हवाई सेवा शुरू की गई ताकि आम आदमी भी हवाई जहाज़ में उड़ान भर सके। 💡 उदाहरण: पहले जिस शहर से हवाई अड्डा जाने में 6-7 घंटे सड़क मार्ग से लगते थे, अब UDAN के तहत शुरू हुई सीधी उड़ान से वही दूरी 1 घंटे में तय हो जाती है — जैसे झारसुगुड़ा या किशनगढ़ जैसे छोटे शहरों को अब सीधी हवाई सेवा मिली।
1. भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू विमानन बाज़ार बन चुका है; हवाई अड्डों की संख्या 2014 के 74 से बढ़कर 2025 में 163 हो गई। 2. UDAN के तहत मार्च 2026 तक 95 हवाई अड्डों/हेलीपोर्ट/वाटर एयरोड्रोम पर 663 मार्ग शुरू; फरवरी 2026 तक 1.62 करोड़ यात्रियों ने 3.41 लाख+ उड़ानों का लाभ उठाया। 3. "संशोधित UDAN 2026-2036" — मार्च 2026 में मंज़ूर; ₹12,159 करोड़ के परिव्यय से अगले 8 वर्षों में 100 नए हवाई अड्डे विकसित करने तथा 200 आधुनिक हेलीपैड बनाने का लक्ष्य। 4. डिजी यात्रा (Digi Yatra) — बायोमेट्रिक आधारित डिजिटल पहचान से 2.5 करोड़+ यात्रियों को निर्बाध हवाई अड्डा अनुभव। 5. भारत में महिला पायलटों की भागीदारी लगभग 15% — वैश्विक औसत से लगभग तीन गुना अधिक।
📚 मानक परिभाषा: 2015 में शुरू किया गया प्रमुख कार्यक्रम, जिसका उद्देश्य भारत को डिजिटल रूप से सशक्त समाज व ज्ञान अर्थव्यवस्था (Knowledge Economy) में बदलना है — इसमें इंटरनेट पहुँच, ई-गवर्नेंस व डिजिटल सेवाओं का विस्तार शामिल है। ✅ सरल शब्दों में: सरकार का हर काम — सर्टिफिकेट बनवाना, टैक्स भरना, शिकायत दर्ज करना — मोबाइल या कंप्यूटर से ऑनलाइन कर पाना, बिना सरकारी दफ्तर के चक्कर लगाए। 💡 उदाहरण: DigiLocker में आपकी मार्कशीट या ड्राइविंग लाइसेंस डिजिटल रूप में सुरक्षित रहता है और आप उसे कहीं भी दिखा सकते हैं — बिना असली कागज़ साथ रखे।
1. DigiLocker — 26.28 करोड़+ उपयोगकर्ता, 674 करोड़+ दस्तावेज़ संग्रहीत। 2. UMANG ऐप — केंद्र व राज्य के 207 विभागों की 2,019 सेवाएँ एक ही ऐप पर उपलब्ध। 3. मेरी पहचान (MeriPehchaan / National Single Sign-On) — 9,600+ सेवाओं का एकीकृत प्रमाणीकरण मंच। 4. India Stack — आधार (पहचान), UPI (भुगतान) व DigiLocker (दस्तावेज़) की त्रिमूर्ति — जिसे विश्व स्तर पर डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) के सफलतम उदाहरणों में गिना जाता है।
1. उद्देश्य — देश की सभी 2.5 लाख ग्राम पंचायतों (GP) को ऑप्टिकल फाइबर के ज़रिए ब्रॉडबैंड से जोड़ना। 2. दिसंबर 2025 तक — 2.14 लाख ग्राम पंचायतें सेवा-तत्पर (Service-Ready), 6.95 लाख किमी ऑप्टिकल फाइबर बिछाई गई। 3. 2.15 लाख से अधिक ग्राम पंचायतें अब BharatNet से जुड़ चुकी हैं (2026 की स्थिति) — भारत के डिजिटल विभाजन (Digital Divide) को पाटने की दिशा में बड़ा कदम। 4. फरवरी 2026 तक 4,09,111 सार्वजनिक Wi-Fi हॉटस्पॉट देशभर में स्थापित। 5. BharatNet चरण-3 (Phase-3) का लक्ष्य — 2026 तक सभी 6.4 लाख गाँवों को ऑप्टिकल फाइबर ब्रॉडबैंड से जोड़ना; 1.5 करोड़ घरों तक FTTH (Fibre-to-the-Home) पहुँचाना।
1. 5G सेवाएँ अब देश के 99.9% ज़िलों में उपलब्ध — सभी राज्य व केंद्रशासित प्रदेश कवर। 2. दिसंबर 2025 तक 5.18 लाख से अधिक बेस ट्रांसीवर स्टेशन (BTS) स्थापित। 3. भारत विश्व का दूसरा सबसे बड़ा 5G बाज़ार बन चुका है — 40 करोड़+ (400 मिलियन+) 5G ग्राहक (2025 के अंत तक)। 4. 2031 तक भारत में 1 अरब 5G उपयोगकर्ता होने का अनुमान। 5. दूरसंचार अधिनियम, 2023 (Telecommunications Act 2023) — दूरसंचार सेवाओं व स्पेक्ट्रम आवंटन से संबंधित पुराने कानूनों को समेकित (Consolidate) किया। 6. देश में कुल मोबाइल टावर — 8.13 लाख (नवंबर 2024 तक)।
📚 मानक परिभाषा: 31 जुलाई 2008 को स्थापित एक "नॉट-फॉर-प्रॉफिट" (गैर-लाभकारी) सार्वजनिक कंपनी, जो निजी क्षेत्र की भागीदारी से कौशल विकास प्रशिक्षण को बढ़ावा देती है — वर्तमान में कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) के अंतर्गत कार्यरत। ✅ सरल शब्दों में: देश के युवाओं को नौकरी लायक कौशल (जैसे इलेक्ट्रीशियन, ब्यूटीशियन, ड्राइवर, डेटा एंट्री) सिखाने के लिए सरकार व निजी कंपनियों के बीच "पुल" का काम करने वाली संस्था। 💡 उदाहरण: किसी गाँव के युवा को NSDC से मान्यता प्राप्त प्रशिक्षण केंद्र में मोबाइल रिपेयरिंग सिखाई जाती है, और प्रशिक्षण पूरा होने पर उसे प्रमाण-पत्र (Certificate) मिलता है जिससे उसे नौकरी पाने में आसानी होती है।
| योजना | फोकस | उपलब्धि/तथ्य |
|---|---|---|
| PMKVY (प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना) | अल्पकालिक कौशल प्रशिक्षण व प्रमाणन, अनिवार्य ऑन-द-जॉब प्रशिक्षण सहित | महिला भागीदारी FY24 में बढ़कर 52.3%; PMKVY 4.0 (2022-2026) AI/रोबोटिक्स/3D प्रिंटिंग पर केंद्रित; 597 कौशल केंद्र (PMKK) सक्रिय |
| शिल्पकार प्रशिक्षण योजना (Craftsmen Training Scheme) | ITI व NSTI में दीर्घकालिक व्यावसायिक प्रशिक्षण | महिला भागीदारी FY24 में 13.3% |
| जन शिक्षण संस्थान (JSS) | संचार व प्रबंधन कौशल में क्षमता निर्माण | 82% लाभार्थी महिलाएँ |
| राष्ट्रीय प्रशिक्षुता प्रोत्साहन योजना (NAPS) | आंशिक स्टाइपेंड प्रतिपूर्ति के ज़रिए प्रशिक्षुता को बढ़ावा | महिला भागीदारी FY24 में 20.77%; 2017 से 32 लाख+ प्रशिक्षु शामिल |
| उद्यमिता प्रशिक्षण (Entrepreneurship Training) | उद्यमिता कौशल हेतु प्रशिक्षण | FY19-FY24 के बीच 3.21 लाख लाभार्थी |
| कौशल भारत डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म | AI/ML तकनीक से कौशल, शिक्षा व रोज़गार का एकीकरण | 690 ऑनलाइन कोर्स व 1,650 ई-बुक से जुड़ा |
क्रियान्वयन में चुनौतियाँ (संतुलित दृष्टिकोण): CAG (नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक) की ऑडिट रिपोर्टों में PMKVY 4.0 के क्रियान्वयन में कुछ खामियाँ भी सामने आई हैं — जैसे कुछ राज्यों में प्रशिक्षण केंद्रों में शून्य नामांकन, कम आयु के प्रशिक्षुओं का पंजीकरण, तथा दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने पर सैकड़ों प्रशिक्षण केंद्रों का ब्लैकलिस्ट होना। यह दर्शाता है कि योजना के आँकड़ों के साथ-साथ ज़मीनी क्रियान्वयन की गुणवत्ता पर भी परीक्षा में संतुलित उत्तर देना बेहतर है।
1. सौर ऊर्जा — राजस्थान भारत में सौर ऊर्जा स्थापित क्षमता में अग्रणी राज्य; 35,000 MW से अधिक सौर क्षमता के साथ भारत की कुल सौर क्षमता का लगभग 27% हिस्सा अकेले राजस्थान का है। 2. कुल नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता — राजस्थान की कुल स्थापित नवीकरणीय क्षमता लगभग 47,020 MW है, जो भारत की कुल नवीकरणीय क्षमता का लगभग 17.12% है (गुजरात के बाद निकटतम प्रतिस्पर्धी)। 3. राजस्थान स्वच्छ ऊर्जा नीति 2024 (Clean Energy Policy 2024) के तहत 2030 तक 115 GW नवीकरणीय ऊर्जा व 10 GW ऊर्जा भंडारण क्षमता का लक्ष्य। 4. IT/BPO क्षेत्र — जयपुर स्थित महिंद्रा वर्ल्ड सिटी (Mahindra World City, 3,000 एकड़, NH-8 पर स्थित) उत्तर भारत का सबसे बड़ा एकीकृत IT पार्क माना जाता है, जिसे 2007 में शुरू किया गया। 5. सड़क नेटवर्क — राजस्थान का कुल सड़क नेटवर्क लगभग 5.50 लाख किमी, जिसमें से राष्ट्रीय राजमार्ग लगभग 18,459 किमी (2024 तक)। 6. पर्यटन — राजस्थान का हेरिटेज सर्किट (जयपुर-जोधपुर-उदयपुर) राज्य के सर्वाधिक पर्यटन राजस्व वाला सर्किट है।
जैसे भारत ने कोयले पर निर्भरता कम करने के लिए सौर ऊर्जा का रास्ता चुना, वैसे ही राजस्थान ने अपने सूखे व धूप वाले भूगोल को कमज़ोरी नहीं, बल्कि ताकत बनाया — आज वही रेगिस्तान जो खेती के लिए चुनौती था, सौर ऊर्जा के लिए वरदान बन गया है।
1. सेवा क्षेत्र को तृतीयक क्षेत्र (Tertiary Sector) भी कहा जाता है — इसे "अदृश्य निर्यात" (Invisible Exports) भी कहते हैं। 📌 Pre 2. सेवा क्षेत्र का GDP योगदान 2025-26 में लगभग 55-56% — भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़। 📝 5M 3. सेवा क्षेत्र की वृद्धि दर FY 2025-26 में लगभग 9.1% रही (आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26)। 📌 Pre 4. NASSCOM की स्थापना 1988 में हुई — भारत की IT इंडस्ट्री की शीर्ष संस्था। 📌 Pre 5. भारत IT सेवा निर्यात में विश्व नंबर 1, परंतु कुल सेवा निर्यात में विश्व में 7वें स्थान पर है। 📝 10M 6. UPI की शुरुआत NPCI ने 2016 में की — FY 2025-26 में दिसंबर तक ₹230 लाख करोड़ का रिकॉर्ड लेनदेन। 📌 Pre 7. RBI की स्थापना 1935 में हुई, राष्ट्रीयकरण 1949 में; SEBI को सांविधिक दर्जा 1992 में मिला। 📌 Pre 8. आयुष्मान भारत PM-JAY (2018) — 70 करोड़+ लोगों को ₹5 लाख/परिवार/वर्ष का स्वास्थ्य कवर, विश्व की सबसे बड़ी सरकारी स्वास्थ्य योजना। 📝 5M 9. PM गति शक्ति (2021) का लक्ष्य — लॉजिस्टिक्स लागत को GDP के 14% से घटाकर 8% करना। 📌 Pre 10. कोयला भारत की कुल बिजली उत्पादन में लगभग 70% का योगदान देता है, जबकि कोयला राष्ट्रीयकरण 1971-73 में हुआ था। 📝 10M 11. भारत की कुल गैर-जीवाश्म ऊर्जा स्थापित क्षमता मार्च 2026 तक 283.46 GW तक पहुँची — 2030 तक 50% गैर-जीवाश्म बिजली का लक्ष्य। 📝 10M 12. राजस्थान भारत के कुल सौर ऊर्जा उत्पादन का लगभग 27% हिस्सा अकेले उत्पन्न करता है। 📝 5M 13. भारतमाला परियोजना सड़क अवसंरचना हेतु तथा सागरमाला कार्यक्रम बंदरगाह-आधारित विकास हेतु है — दोनों को अलग-अलग याद रखें। 📌 Pre 14. भारतीय रेल का 96.4% नेटवर्क विद्युतीकृत हो चुका है; बजट 2026-27 में रिकॉर्ड ₹2.8+ लाख करोड़ का आवंटन। 📌 Pre 15. UDAN योजना 2016 में शुरू हुई — "उड़े देश का आम नागरिक"; मार्च 2026 तक 663 मार्ग व 95 हवाई अड्डे जुड़े। 📌 Pre 16. डिजिटल इंडिया कार्यक्रम 2015 में शुरू हुआ; India Stack में आधार, UPI व DigiLocker शामिल हैं। 📌 Pre 17. 5G सेवाएँ अब 99.9% ज़िलों में उपलब्ध; BharatNet के तहत 2.15 लाख+ ग्राम पंचायतें जुड़ीं। 📝 5M 18. NSDC की स्थापना 31 जुलाई 2008 को हुई; MSDE (कौशल विकास मंत्रालय) के अंतर्गत कार्यरत। 📌 Pre 19. PMKVY का वर्तमान संस्करण PMKVY 4.0 (2022-2026) है, जो AI/रोबोटिक्स/3D प्रिंटिंग पर केंद्रित है। 📝 5M 20. जनसांख्यिकीय लाभांश (Demographic Dividend) — कार्यशील आयु जनसंख्या का आश्रित जनसंख्या से अधिक होना। 📌 Pre 21. ONDC (2022) को "ई-कॉमर्स का UPI" कहा जाता है — यह ई-कॉमर्स का लोकतंत्रीकरण करता है। 📝 5M 22. राजस्थान की महिंद्रा वर्ल्ड सिटी (जयपुर) उत्तर भारत का सबसे बड़ा एकीकृत IT पार्क है। 📝 10M
Q1. भारत में सेवा क्षेत्र के बढ़ते महत्व को आँकड़ों सहित स्पष्ट कीजिए। (10 अंक) Q2. GCC (Global Capability Centre) क्या है? भारत के लिए इसका क्या महत्व है? (5 अंक) Q3. UPI ने भारत की डिजिटल भुगतान प्रणाली को किस प्रकार बदला है? (5 अंक) Q4. भारत में प्रमुख वित्तीय एवं बीमा नियामक संस्थाओं का उल्लेख कीजिए। (Pre MCQ) Q5. सेवा क्षेत्र की प्रमुख चुनौतियाँ (जैसे रोज़गार-विहीन वृद्धि) एवं उनके समाधान बताइए। (10 अंक) Q6. भारत में नवीकरणीय ऊर्जा के विकास एवं इसकी नवीनतम स्थिति का वर्णन कीजिए। (10 अंक) Q7. भारतमाला एवं सागरमाला परियोजनाओं में अंतर स्पष्ट कीजिए। (5 अंक) Q8. PM गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान का उद्देश्य क्या है? (5 अंक) Q9. भारत में 5G एवं BharatNet के माध्यम से डिजिटल संपर्क सुधार का मूल्यांकन कीजिए। (10 अंक) Q10. NSDC एवं PMKVY की भूमिका भारत के कौशल विकास में स्पष्ट कीजिए। (5 अंक) Q11. राजस्थान को "सौर ऊर्जा राजधानी" क्यों कहा जाता है? (5 अंक)
| वर्ष | घटना/नीति | महत्व |
|---|---|---|
| 1935/1949 | RBI की स्थापना/राष्ट्रीयकरण | भारत के केंद्रीय बैंकिंग ढाँचे की नींव |
| 1971-73 | कोयला क्षेत्र का राष्ट्रीयकरण | ऊर्जा सुरक्षा हेतु सरकारी नियंत्रण |
| 1988 | NASSCOM की स्थापना | भारतीय IT उद्योग की शीर्ष संस्था |
| 1991 | STPI (सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क) की शुरुआत | IT निर्यात को बढ़ावा |
| 2008 | NSDC की स्थापना | कौशल विकास के लिए PPP मॉडल संस्था |
| 2014 | सौभाग्य योजना-पूर्व विद्युतीकरण अभियान शुरू | ग्रामीण विद्युतीकरण की गति तेज़ |
| 2015 | डिजिटल इंडिया, स्किल इंडिया, PMKVY, PRASAD, HRIDAY, स्वदेश दर्शन लॉन्च | सेवा व अवसंरचना सुधार का बड़ा वर्ष |
| 2016 | UPI (NPCI), UDAN, आयुष्मान भारत की नींव व Startup India लॉन्च | डिजिटल भुगतान क्रांति व क्षेत्रीय हवाई संपर्क की शुरुआत |
| 2018 | आयुष्मान भारत PM-JAY लॉन्च | विश्व की सबसे बड़ी सरकारी स्वास्थ्य योजना |
| 2020 | राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) लागू | 34 वर्षों बाद नई शिक्षा नीति |
| 2021 | PM गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान लॉन्च | बहु-मॉडल अवसंरचना योजना |
| 2022 | राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति, ONDC व भारत सेमीकंडक्टर मिशन | लॉजिस्टिक्स व ई-कॉमर्स सुधार |
| 2024 | IndiaAI मिशन, GCC नीति 2024 व राजस्थान स्वच्छ ऊर्जा नीति | AI व नवीकरणीय ऊर्जा को नई गति |
| मार्च 2026 | संशोधित UDAN 2026-2036 स्वीकृत | क्षेत्रीय हवाई संपर्क का अगला चरण |
| 2026 (नवीनतम) | नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता 283+ GW व 5G कवरेज 99.9% ज़िलों तक | ऊर्जा व संचार अवसंरचना में ऐतिहासिक उपलब्धि |