📰 अध्याय 12/15 — आधुनिक भारत का इतिहास

शिक्षा एवं प्रेस का विकास

Development of Education & Press | RAS Pre + Mains
📋 इस अध्याय में

    भारत में अंग्रेजी शासन के दौरान शिक्षा और प्रेस के विकास की कहानी एक जटिल और द्वंद्वपूर्ण प्रक्रिया है। जहाँ एक ओर औपनिवेशिक शासन ने पश्चिमी शिक्षा के माध्यम से अपना प्रशासनिक आधार मजबूत करने का प्रयास किया, वहीं दूसरी ओर इसी शिक्षा ने राष्ट्रीय चेतना को जन्म दिया। इसी प्रकार प्रेस ने जहाँ स्वतंत्रता आंदोलन को गति दी, वहाँ सरकार ने कठोर कानूनों से उसे दबाने का प्रयास किया।

    भाग-क : भारत में शिक्षा का विकास

    1. प्रारंभिक पृष्ठभूमि — प्राच्य-पाश्चात्य विवाद

    ईस्ट इंडिया कंपनी के शासनकाल में शिक्षा नीति को लेकर दो प्रमुख विचारधाराएँ थीं जिनके बीच तीव्र विवाद हुआ :

    (अ) प्राच्यवादी (Orientalist) विचारधारा

    (ब) आंग्लवादी (Anglicist) विचारधारा

    2. चार्टर एक्ट, 1813 — शिक्षा पर पहला प्रावधान

    यह प्रथम अधिनियम था जिसने भारत में शिक्षा के लिए वित्तीय प्रावधान किया।

    3. मैकाले का विवरण पत्र (Macaulay's Minute), 1835

    थॉमस बबिंग्टन मैकाले ने 2 फरवरी, 1835 को अपना प्रसिद्ध विवरण पत्र (Minute) प्रस्तुत किया। 7 मार्च, 1835 को गवर्नर जनरल लॉर्ड विलियम बेंटिंक ने इसे सरकारी नीति के रूप में स्वीकार किया।

    मैकाले के मुख्य तर्क

    1. समस्त यूरोपीय साहित्य का एकमात्र अच्छा शेल्फ, भारत व अरब के समस्त साहित्य से अधिक मूल्यवान है

    2. संस्कृत और अरबी साहित्य तथ्यात्मक त्रुटियों से भरा है, वे आधुनिक विज्ञान के योग्य नहीं

    3. भारत में एक वर्ग बनाना जो "रक्त और रंग से भारतीय, किंतु रुचि, विचार, नैतिकता और बुद्धि में अंग्रेज हो"

    4. "टपकन सिद्धांत" — शिक्षित वर्ग से ज्ञान नीचे की ओर प्रसारित होगा

    परिणाम

    स्मरण बिंदु: मैकाले को "भारत में अंग्रेजी शिक्षा का जनक" कहा जाता है। उनके टपकन सिद्धांत की 1854 में वुड डिस्पैच ने आलोचना की।

    4. वुड का घोषणापत्र (Wood's Despatch), 1854 — "भारतीय शिक्षा का मेग्नाकार्टा"

    लॉर्ड डलहौजी के समय चार्ल्स वुड (Board of Control के अध्यक्ष) के नेतृत्व में यह घोषणापत्र तैयार किया गया। इसे "भारतीय शिक्षा का मेग्नाकार्टा" (Magna Carta) कहा जाता है।

    प्रमुख अनुशंसाएँ

    1. मैकाले के "टपकन सिद्धांत" को अस्वीकार किया — शिक्षा सरकार की जिम्मेदारी

    2. कंपनी के पाँचों प्रान्तों में शिक्षा विभाग और शिक्षा आयुक्त (Commissioner) की नियुक्ति

    3. लंदन विश्वविद्यालय की तर्ज पर कलकत्ता, बॉम्बे और मद्रास में विश्वविद्यालय स्थापित हों

    4. अध्यापक प्रशिक्षण संस्थानों की स्थापना

    5. महिला शिक्षा, व्यावसायिक तथा तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा

    6. निजी क्षेत्र को शिक्षा में "अनुदान सहायता" (Grant-in-Aid) दी जाए

    7. माध्यम : प्राथमिक स्तर पर मातृभाषा, उच्च शिक्षा में अंग्रेजी

    परिणाम

    5. प्रमुख शिक्षा आयोग एवं समितियाँ — कालक्रम

    वर्षआयोग/समिति/अधिनियमअध्यक्ष/संबंधितप्रमुख विशेषता
    1882हंटर आयोग (Hunter Commission)विलियम विल्सन हंटरप्राथमिक व माध्यमिक शिक्षा; द्वि-शाखा — साहित्यिक/व्यावसायिक
    1902विश्वविद्यालय आयोगथॉमस रेलेकलकत्ता वि.वि. हेतु; सरकारी नियंत्रण बढ़ाने की अनुशंसा
    1904विश्वविद्यालय अधिनियमलॉर्ड कर्जनवि.वि. में सरकारी सदस्य बढ़े; प्राइवेट कॉलेज मान्यता कठोर
    1913शिक्षा पर सरकारी प्रस्तावगोपाल कृष्ण गोखले के प्रयासनिरक्षरता समाप्ति; प्रत्येक प्रान्त में वि.वि. की योजना
    1917सैडलर आयोग (Sadler Commission)माइकल सैडलरकलकत्ता वि.वि.; 12 वर्षीय स्कूली + 3 वर्षीय डिग्री; ढाका वि.वि. की अनुशंसा
    1929हार्टोग समिति (Hartog Committee)फिलिप हार्टोगअत्यधिक प्रवेश की समस्या; व्यावसायिक शिक्षा पर बल; 1935 — CABE का पुनर्गठन
    1937वर्धा योजना (Wardha Scheme)महात्मा गांधी / जाकिर हुसैनबुनियादी शिक्षा; 7-14 वर्ष — मातृभाषा, निःशुल्क; हस्त-उत्पाद से शिक्षकों का वेतन
    1944सार्जेंट योजना (Sergeant Plan)CABE6-11 प्राथमिक (निःशुल्क+अनिवार्य); माध्यमिक 11-17; 40 वर्ष में साक्षरता
    1948राधाकृष्णन आयोगडॉ. एस. राधाकृष्णनविश्वविद्यालय शिक्षा; UGC की स्थापना; विश्वविद्यालय प्रवेश से पहले 12 वर्ष
    1952मुदालियार आयोगए. लक्ष्मण स्वामी मुदालियारमाध्यमिक शिक्षा; त्रिभाषा फार्मूला; 14 वर्ष तक अनिवार्य
    1964-66कोठारी शिक्षा आयोगडी. एस. कोठारी10+2+3 प्रणाली; शिक्षा को समवर्ती सूची में; UGC सशक्त करें

    6. हंटर आयोग (1882) — विस्तृत विवेचना

    यह आयोग प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा की समीक्षा के लिए बनाया गया था।

    परीक्षा टिप: हंटर आयोग की अनुशंसाओं पर 1904 का विश्वविद्यालय अधिनियम बना। इस आयोग ने 1813 के चार्टर एक्ट के शिक्षा प्रावधानों की समीक्षा की।

    7. सैडलर आयोग (1917-19) — विस्तृत विवेचना

    यह आयोग कलकत्ता विश्वविद्यालय की समस्याओं के अध्ययन के लिए बनाया गया था, बाद में इसकी अनुशंसाएँ अन्य विश्वविद्यालयों में भी लागू हुईं।

    8. वर्धा योजना (1937) — बुनियादी शिक्षा

    महात्मा गांधी ने "हरिजन" समाचार-पत्र में शिक्षा संबंधी लेख लिखे। इन लेखों के आधार पर ज़ाकिर हुसैन समिति ने यह योजना तैयार की।

    9. ईसाई मिशनरी और शिक्षा

    ईसाई मिशनरियों ने भारत में शिक्षा के प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, यद्यपि उनका मुख्य उद्देश्य धर्म प्रचार था।

    10. महिला शिक्षा का विकास

    भारत में महिला शिक्षा का विकास धीमी गति से हुआ। अनेक समाज सुधारकों तथा मिशनरियों ने इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    प्रमुख व्यक्तित्व एवं संस्थाएँ

    11. तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा

    ब्रिटिश शासन में तकनीकी शिक्षा की उपेक्षा रही, परंतु धीरे-धीरे औद्योगीकरण की आवश्यकता के कारण कुछ संस्थाएँ खुलीं।

    12. शिक्षा और राष्ट्रीय आंदोलन

    अंग्रेजी शिक्षा का सबसे महत्वपूर्ण अनपेक्षित परिणाम था — राष्ट्रवाद का उदय। पश्चिमी शिक्षा ने भारतीयों को स्वतंत्रता, समानता और न्याय जैसे मूल्यों से परिचित कराया।

    शिक्षा नीति — एक नजर में : प्रमुख बिंदु

    प्रमुख घटना/नीतिवर्षमहत्व
    कलकत्ता मदरसा1781प्राच्य शिक्षा — वारेन हेस्टिंग्स
    बनारस संस्कृत कॉलेज1792जोनाथन डंकन; प्राच्यवादी परंपरा
    हिंदू कॉलेज, कलकत्ता1817डेविड हेयर; प्रथम आधुनिक कॉलेज
    चार्टर एक्ट में शिक्षा प्रावधान1813₹1 लाख वार्षिक; विवाद का प्रारंभ
    मैकाले मिनट1835अंग्रेजी शिक्षा नीति; टपकन सिद्धांत
    वुड डिस्पैच1854"भारतीय शिक्षा का मेग्नाकार्टा"; वि.वि. की स्थापना
    कलकत्ता-बॉम्बे-मद्रास वि.वि.1857प्रथम तीन विश्वविद्यालय
    हंटर आयोग1882प्राथमिक + माध्यमिक; द्वि-शाखा
    विश्वविद्यालय अधिनियम1904कर्जन; सरकारी नियंत्रण बढ़ा
    राष्ट्रीय शिक्षा परिषद1906स्वदेशी आंदोलन; बंगाल विभाजन के विरोध में
    सैडलर आयोग191712+3 शिक्षा; ढाका वि.वि.
    हार्टोग समिति1929अत्यधिक प्रवेश की समस्या
    वर्धा योजना1937गांधीजी; बुनियादी शिक्षा
    सार्जेंट योजना1944CABE; 40 वर्ष में सार्वभौमिक शिक्षा
    राधाकृष्णन आयोग1948UGC की स्थापना

    भाग-ख : भारत में प्रेस का विकास

    1. प्रेस का उद्भव — प्रारंभिक इतिहास

    भारत में प्रेस का इतिहास ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के उदय के साथ आरंभ हुआ। प्रेस ने जहाँ एक ओर राष्ट्रीय चेतना को जागृत किया, वहीं ब्रिटिश सरकार ने इसे नियंत्रित करने के लिए कड़े कानून बनाए।

    ► हिक्की के पत्र ने गवर्नर जनरल वारेन हेस्टिंग्स और मुख्य न्यायाधीश की आलोचना की

    ► 1782 में इसके मुद्रणालय को जब्त कर लिया गया

    2. राजा राममोहन राय और राष्ट्रीय प्रेस

    राजा राममोहन राय को "राष्ट्रीय प्रेस की स्थापना का श्रेय" दिया जाता है। उन्होंने प्रेस को सामाजिक सुधार का हथियार बनाया।

    3. प्रेस पर कानूनी नियंत्रण — अधिनियमों का कालक्रम

    वर्षअधिनियमसंबंधित व्यक्तिविशेषता
    1799प्रेस नियंत्रण अधिनियम (Press Control Act)लॉर्ड वेलेजलीसभी समाचार-पत्रों पर पूर्व-सेंसरशिप (Pre-Censorship); युद्धकाल में कठोर नियंत्रण
    1818प्री-सेंसरशिप समाप्तलॉर्ड हेस्टिंग्सउदार नीति; समाचार-पत्रों को राहत
    1823लाइसेंसिंग रेगुलेशन एक्टजॉन एडम्स (कार्यकारी GG)प्रेस के लिए लाइसेंस अनिवार्य; मजिस्ट्रेट को जब्त करने का अधिकार; राममोहन राय का मिरात-उल-अखबार बंद
    1835प्रेस अधिनियम (Metcalfe Act)चार्ल्स मेटकाफ1823 का एक्ट रद्द; उदार नियमन; मेटकाफ को "भारतीय समाचार-पत्रों का मुक्तिदाता" कहा गया
    1857अनुज्ञप्ति अधिनियम (Licensing Act)1857 विद्रोह के बादबिना लाइसेंस के छापाखाना स्थापित नहीं; सरकारी अनुमति के बिना प्रकाशन नहीं
    1867प्रेस एवं पुस्तक पंजीकरण अधिनियमप्रत्येक पुस्तक/पत्रिका का पंजीकरण अनिवार्य; 1857 एक्ट रद्द
    1878वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट (VPA)लॉर्ड लिटनदेशी भाषाओं के पत्रों पर; "गैगिंग एक्ट"; 1882 में रिपन ने रद्द किया
    1908समाचार-पत्र (अपराध के लिए उकसावा) अधिनियमलॉर्ड मिंटो IIराजद्रोह पर 6 महीने से 6 साल की सजा; तिलक के "केसरी" पर
    1910भारतीय प्रेस अधिनियमलॉर्ड मिंटो IIजमानत राशि; जब्त करने का अधिकार; 1878 के VPA के प्रावधान फिर लागू
    1931भारतीय प्रेस (आपातकाल) अधिनियमलॉर्ड इरविनCDM के दौरान; जमानत; प्रांतीय सरकार को अत्यधिक शक्तियाँ; 1932 में और कठोर

    4. वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट (1878) — विस्तृत विवेचना

    यह भारतीय इतिहास का सर्वाधिक कुख्यात प्रेस-विरोधी कानून था। इसे "गैगिंग एक्ट" (Gagging Act = मुँह बंद करने वाला अधिनियम) कहा जाता था।

    पृष्ठभूमि

    प्रमुख प्रावधान

    प्रभावित समाचार-पत्र

    ► पायोनियर पत्रिका ने VPA का समर्थन किया था

    1882 में रद्द: लॉर्ड रिपन ने 1882 में VPA को रद्द किया। यह उनकी उदार नीति का प्रतीक था।

    5. प्रमुख समाचार-पत्र एवं उनके संपादक

    समाचार-पत्रभाषा/स्थानसंस्थापक/संपादकवर्षविशेषता
    बंगाल गजट / कलकत्ता जर्नलअंग्रेजी/कलकत्ताजेम्स हिक्की1780भारत का प्रथम समाचार-पत्र; 1782 में जब्त
    संवाद कौमुदीबंगाली/कलकत्ताराजा राममोहन राय1821सती प्रथा विरोध; सामाजिक सुधार
    मिरात-उल-अखबारफारसी/कलकत्ताराजा राममोहन राय18221823 के एक्ट पर बंद
    केसरीमराठी/पुणेबाल गंगाधर तिलक1881"स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है"
    मराठाअंग्रेजी/पुणेबाल गंगाधर तिलक1881राष्ट्रवाद का उग्र स्वर
    अमृत बाजार पत्रिकाबंगाली→अंग्रेजीशिशिर कुमार घोष1868VPA से बचने को रातभर में अंग्रेजी
    द हिंदूअंग्रेजी/मद्रासजी. एस. अय्यर, वीर राघवाचारी1878दक्षिण भारत का प्रमुख पत्र
    ट्रिब्यूनअंग्रेजी/लाहौरदयाल सिंह मजीठिया1881पंजाब का प्रमुख पत्र
    पायोनियरअंग्रेजी/इलाहाबाद1865सरकारी नीतियों का समर्थक; रुडयार्ड किपलिंग
    हिंदुस्तान टाइम्सअंग्रेजी/दिल्ली1924बाद में गांधीजी का प्रभाव
    नेशनल हेराल्डअंग्रेजी/लखनऊजवाहरलाल नेहरू1938कांग्रेस का मुखपत्र
    हरिजनहिंदी-अंग्रेजीमहात्मा गांधी1933दलित उत्थान; वर्धा शिक्षा योजना
    यंग इंडियाअंग्रेजीमहात्मा गांधी1919गांधी का प्रमुख पत्र; वैचारिक आंदोलन
    नवजीवनगुजरातीमहात्मा गांधी1919गुजराती जनता में राष्ट्रवाद
    अल-हिलालउर्दूअबुल कलाम आज़ाद19121914 में जब्त; क्रांतिकारी विचार
    अल-बलागउर्दूअबुल कलाम आज़ाद1915सरकार विरोधी; बंद कराया गया
    कॉमरेडअंग्रेजीमोहम्मद अली जौहर1911खिलाफत समर्थन
    बंगालीअंग्रेजी/बंगालीसुरेन्द्रनाथ बनर्जी1879बंगाल विभाजन विरोध
    इंडियाअंग्रेजी/लंदनभिकाजी कामा1909लंदन से; क्रांतिकारी प्रचार
    युगान्तरबंगाली/बंगालभूपेन्द्रनाथ दत्त1906अनुशीलन समिति; क्रांतिकारी

    6. प्रेस और राष्ट्रीय आंदोलन

    प्रेस राष्ट्रीय आंदोलन का महत्वपूर्ण माध्यम बना। तिलक, गांधी, आज़ाद जैसे नेताओं ने अपनी पत्रिकाओं से जनचेतना जागृत की।

    तिलक और प्रेस

    गांधी और प्रेस

    आज़ाद और प्रेस

    7. प्रेस एवं स्वतंत्रता आंदोलन — प्रमुख घटनाएँ

    वर्षघटनाप्रमुख पत्र/व्यक्ति
    1780भारत का पहला समाचार-पत्रहिक्की का बंगाल गजट
    1822राममोहन राय का "मिरात-उल-अखबार"फारसी प्रेस की स्वाधीनता का प्रयास
    1835मेटकाफ एक्ट — प्रेस को आजादीसभी प्रतिबंध हटे; प्रेस का स्वर्णिम काल
    1868अमृत बाजार पत्रिकाशिशिर कुमार घोष; सामाजिक-राजनीतिक जागरण
    1878VPA — "गैगिंग एक्ट"देशी भाषा पत्रों पर क्रूर प्रहार
    1881केसरी और मराठातिलक; उग्र राष्ट्रवाद का प्रसार
    1905बंगाल विभाजन विरोधसुरेन्द्रनाथ बनर्जी की "बंगाली"
    1906-07युगान्तर और संधिक्रांतिकारी विचारों का प्रसार
    1908तिलक पर 6 वर्ष की सजाकेसरी — राजद्रोह मामला
    1910प्रेस अधिनियमजमानत राशि प्रावधान
    1912-14अल-हिलालआज़ाद का क्रांतिकारी पत्र; 1914 में जब्त
    1919यंग इंडिया और नवजीवनगांधीजी का राजनीतिक प्रवेश
    19211908 और 1910 के एक्ट रद्दसर तेज बहादुर सप्रू की अध्यक्षता में प्रेस समिति
    1931प्रेस आपात अधिनियमCDM के दौरान; प्रांतों को अत्यधिक शक्तियाँ
    1933हरिजनगांधी; दलित अधिकार और ग्रामोद्योग
    1938नेशनल हेराल्डनेहरू; कांग्रेस का मुखपत्र

    8. प्रेस समितियाँ एवं मुक्ति के प्रयास

    समय-समय पर प्रेस की स्वतंत्रता की माँग उठती रही और कुछ आयोगों ने प्रतिबंध हटाने की अनुशंसा की।

    भाग-ग : प्रमुख व्यक्तित्व — शिक्षा एवं प्रेस

    शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देने वाले व्यक्ति

    व्यक्तित्वयोगदान
    थॉमस बबिंग्टन मैकालेमैकाले मिनट (1835); "टपकन सिद्धांत"; अंग्रेजी शिक्षा नीति के प्रणेता
    चार्ल्स वुडवुड डिस्पैच (1854); भारतीय शिक्षा का मेग्नाकार्टा; वि.वि. स्थापना
    विलियम हंटरहंटर आयोग (1882); प्राथमिक-माध्यमिक शिक्षा सुधार
    ईश्वरचन्द्र विद्यासागर1849 — बेथुन स्कूल; महिला शिक्षा; बंगाली शिक्षा सुधार
    राजा राममोहन रायपश्चिमी शिक्षा समर्थन; हिंदू कॉलेज में सहयोग
    ज्योतिबा फुले1848 — पुणे बालिका विद्यालय; शूद्र-अतिशूद्र शिक्षा
    महात्मा गांधीवर्धा/बुनियादी शिक्षा योजना (1937); हस्त-उत्पाद आधारित शिक्षा
    मदन मोहन मालवीयबनारस हिंदू विश्वविद्यालय (1916); हिंदी शिक्षा का केन्द्र
    सर सैयद अहमद खाँअलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी का आधार (1875 — MAO कॉलेज)
    गोपाल कृष्ण गोखले1910 — प्राथमिक शिक्षा विधेयक; 1913 के प्रस्ताव में भूमिका
    डॉ. एस. राधाकृष्णन1948 आयोग; UGC; भारत के उच्च शिक्षा के पुनर्गठन में योगदान

    प्रेस के क्षेत्र में योगदान देने वाले व्यक्ति

    व्यक्तित्वपत्र/पत्रिकायोगदान
    जेम्स हिक्कीबंगाल गजट (1780)भारत का प्रथम समाचार-पत्र; शासन की आलोचना
    राजा राममोहन रायसंवाद कौमुदी, मिरात-उल-अखबारराष्ट्रीय प्रेस के जनक; प्रेस स्वतंत्रता के पक्षधर
    बाल गंगाधर तिलककेसरी, मराठाउग्र राष्ट्रवाद; "स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार"
    महात्मा गांधीयंग इंडिया, नवजीवन, हरिजनराष्ट्रीय आंदोलन का वैचारिक नेतृत्व
    अबुल कलाम आज़ादअल-हिलाल, अल-बलागइस्लामी जनचेतना; ब्रिटिश नीति की आलोचना
    मोहम्मद अली जौहरकॉमरेड, हमदर्दखिलाफत आंदोलन; हिंदू-मुस्लिम एकता
    सुरेन्द्रनाथ बनर्जीबंगालीबंगाल विभाजन विरोध; मध्यमार्गी स्वर
    भूपेन्द्रनाथ दत्तयुगान्तरक्रांतिकारी विचारधारा; बंगाल में जागरण
    जवाहरलाल नेहरूनेशनल हेराल्ड (1938)कांग्रेस नीतियों का प्रचार
    भिकाजी कामाइंडिया (लंदन, 1909)विदेश से क्रांतिकारी प्रचार; पहली बार तिरंगा फहराया
    चार्ल्स मेटकाफ1823 एक्ट रद्द; "भारतीय समाचार-पत्रों का मुक्तिदाता"
    शिशिर कुमार घोषअमृत बाजार पत्रिका (1868)VPA से बचाव हेतु रातभर में अंग्रेजी में परिवर्तित

    भाग-घ : तुलनात्मक विश्लेषण एवं UPSC टिप्स

    शिक्षा एवं प्रेस — तुलनात्मक प्रभाव

    पहलूब्रिटिश शिक्षा नीतिब्रिटिश प्रेस नीति
    मूल उद्देश्यसस्ते कर्मचारी; पश्चिमी मूल्यों का प्रचार; ईसाई धर्म प्रसारसमाचार-पत्रों पर नियंत्रण; सरकार विरोधी स्वर दबाना
    अनपेक्षित परिणामराष्ट्रवाद का उदय; पश्चिमी स्वतंत्रता-समानता के विचारप्रेस ने राष्ट्रीय आंदोलन को गति दी; जन-जागरण
    प्रमुख नीतिमैकाले → वुड डिस्पैच → हंटर → वर्धा → सार्जेंट1799 → 1823 → 1835 → 1878 (VPA) → 1908 → 1910
    कट्टरताकर्जन का विश्वविद्यालय अधिनियम (1904) — नियंत्रणVPA (1878), 1908, 1910, 1931 के दमनकारी अधिनियम
    उदारतावुड डिस्पैच (1854), हंटर आयोग (1882)मेटकाफ (1835), 1921 में 1908-10 अधिनियम रद्द
    राष्ट्रीय प्रतिक्रियाBHU (1916), AMU (1920), राष्ट्रीय शिक्षा परिषद (1905)केसरी, अल-हिलाल, यंग इंडिया, हरिजन

    UPSC परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

    ★ प्रमुख तथ्य ★

    1. मैकाले का "टपकन सिद्धांत" (Filtration Theory) — ऊपर से नीचे शिक्षा — वुड डिस्पैच ने अस्वीकार किया 2. वुड डिस्पैच (1854) = "भारतीय शिक्षा का मेग्नाकार्टा" — तीन विश्वविद्यालयों की स्थापना 3. भारत का पहला समाचार-पत्र : "बंगाल गजट" — जेम्स हिक्की — 1780 — कलकत्ता 4. राजा राममोहन राय = "राष्ट्रीय प्रेस के जनक" — संवाद कौमुदी (1821) + मिरात-उल-अखबार (1822) 5. चार्ल्स मेटकाफ = "भारतीय समाचार-पत्रों का मुक्तिदाता" — 1823 का लाइसेंसिंग एक्ट रद्द किया (1835) 6. वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट (1878) = "गैगिंग एक्ट" — लॉर्ड लिटन; 1882 में लॉर्ड रिपन ने रद्द किया 7. अमृत बाजार पत्रिका — VPA से बचाव हेतु रातभर बंगाली से अंग्रेजी में बदली 8. हंटर आयोग (1882) — प्राथमिक + माध्यमिक शिक्षा; 1904 विश्वविद्यालय अधिनियम का आधार 9. सैडलर आयोग (1917) — कलकत्ता वि.वि.; ढाका वि.वि. की अनुशंसा; 12+3 प्रणाली 10. वर्धा योजना (1937) = "बुनियादी शिक्षा" — महात्मा गांधी — 7-14 वर्ष निःशुल्क मातृभाषा में 11. सार्जेंट योजना (1944) — CABE; 40 वर्ष में 100% साक्षरता का लक्ष्य 12. 1857 ई. में कलकत्ता, बॉम्बे, मद्रास वि.वि. की स्थापना — सिर्फ संबद्धता विश्वविद्यालय 13. तिलक को 1908 में 6 वर्ष की सजा — "केसरी" में खुदीराम बोस का समर्थन करने पर 14. नेशनल हेराल्ड (1938) — जवाहरलाल नेहरू; हिंदुस्तान टाइम्स — बाद में बिड़ला परिवार 15. जामिया मिलिया इस्लामिया (1920) — 1920 के असहयोग आंदोलन में अलीगढ़ से अलग होकर 16. BHU (1916) — मदन मोहन मालवीय; AMU (1920) — सर सैयद की MAO कॉलेज (1875) से विकसित

    शिक्षा एवं प्रेस — संयुक्त कालरेखा

    वर्षशिक्षाप्रेस
    1780हिक्की का बंगाल गजट — भारत का प्रथम समाचार-पत्र
    1781कलकत्ता मदरसा (वारेन हेस्टिंग्स)
    1813चार्टर एक्ट — ₹1 लाख शिक्षा प्रावधान
    1817हिंदू कॉलेज (डेविड हेयर + राय)
    1821संवाद कौमुदी (राय); मिरात-उल-अखबार (1822)
    1823लाइसेंसिंग एक्ट; प्रेस पर नियंत्रण
    1835मैकाले मिनट — अंग्रेजी शिक्षामेटकाफ — 1823 एक्ट रद्द; प्रेस मुक्त
    1848फुले — पुणे बालिका विद्यालय
    1854वुड डिस्पैच — "मेग्नाकार्टा"
    1857कलकत्ता/बॉम्बे/मद्रास वि.वि.अनुज्ञप्ति अधिनियम
    1868अमृत बाजार पत्रिका
    1878VPA — "गैगिंग एक्ट" (लिटन)
    1879सुरेन्द्रनाथ बनर्जी की "बंगाली"
    1881हंटर आयोगकेसरी और मराठा — तिलक
    1882VPA रद्द (रिपन)
    1902-04विश्वविद्यालय आयोग → अधिनियम
    1905राष्ट्रीय शिक्षा परिषद
    1908समाचार-पत्र अपराध उकसावा अधिनियम; तिलक को सजा
    1910भारतीय प्रेस अधिनियम (जमानत)
    1912अल-हिलाल — आज़ाद; 1914 में जब्त
    1916BHU — मालवीय
    1919यंग इंडिया और नवजीवन — गांधी
    1920AMU की स्थापना; जामिया मिलिया
    19211908-10 के एक्ट रद्द (सप्रू समिति)
    1929हार्टोग समिति
    1931प्रेस आपात अधिनियम (CDM दमन)
    1933हरिजन — गांधी
    1937वर्धा/बुनियादी शिक्षा योजना
    1938नेशनल हेराल्ड — नेहरू
    1944सार्जेंट योजना
    1948राधाकृष्णन आयोग — UGCभारतीय संविधान — अनुच्छेद 19(1)(a)
    🎯 परीक्षा दृष्टि से स्मरणीय 🎯

    शिक्षा : मैकाले (1835) → वुड (1854) → हंटर (1882) → विश्वविद्यालय अधिनियम (1904) → सैडलर (1917) → हार्टोग (1929) → वर्धा (1937) → सार्जेंट (1944) → राधाकृष्णन (1948) प्रेस : प्रेस नियंत्रण (1799) → लाइसेंसिंग (1823) → मेटकाफ-मुक्ति (1835) → VPA (1878) → पुनः मुक्ति (1882) → अपराध उकसावा (1908) → प्रेस एक्ट (1910) → सप्रू समिति (1921) → आपात अधिनियम (1931) याद रखें : "भारतीय प्रेस की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष, राष्ट्रीय स्वतंत्रता के संघर्ष का अभिन्न अंग था।"

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