जब नरम दल की याचिका नीति विफल हो गई और ब्रिटिश दमन बढ़ता गया, तब भारतीय युवाओं का एक वर्ग सशस्त्र क्रांति की ओर मुड़ा। इस क्रांतिकारी आंदोलन के दो स्पष्ट चरण रहे — प्रथम चरण (1897–1917) में महाराष्ट्र, बंगाल, पंजाब में गुप्त संगठनों का उदय; और द्वितीय चरण (1924–1931) में HRA/HSRA के नेतृत्व में काकोरी, केंद्रीय विधानसभा बम कांड और लाहौर षड्यंत्र जैसी ऐतिहासिक घटनाएँ।
🎯 EXAM TIP
UPSC में पूछा गया — क्रांतिकारियों के तरीके: (1) वीरतापूर्ण कार्य — अप्रिय अधिकारियों की हत्या, (2) स्वदेशी डकैती — धन जुटाना, (3) सैन्य षड्यंत्र — विश्वयुद्ध में ब्रिटिश विरोधियों की मदद।
| संगठन / घटना | वर्ष | प्रमुख व्यक्ति | विवरण |
|---|---|---|---|
| रामोसी किसान बल | 1879 | वासुदेव बलवंत फड़के | ब्रिटिश अधिकारियों के विरुद्ध सशस्त्र विद्रोह का प्रयास। पहले आधुनिक क्रांतिकारी। |
| चापेकर बंधु कांड | 1897 | दामोदर व बालकृष्ण चापेकर | प्लेग आयुक्त रैंड व लेफ्टिनेंट आयर्स्ट की हत्या — अत्याचारी प्लेग नीतियों के विरुद्ध। दोनों फाँसी। |
| मित्र मेला | 1899 | वी.डी. सावरकर व उनके भाई | गुप्त क्रांतिकारी संगठन। 1904 में अभिनव भारत में विलय। इटली के मैज़िनी से प्रेरित। |
| अभिनव भारत सोसाइटी | 1904 | वी.डी. सावरकर | सशस्त्र क्रांति का संगठन। नासिक के कलेक्टर जैक्सन की हत्या (1909)। |
| नासिक कलेक्टर हत्या | 1909 | अनंत लक्ष्मण कान्हेरे | A.M.T. जैक्सन (नासिक कलेक्टर) की हत्या। कान्हेरे को फाँसी। सावरकर को कालापानी। |
सावरकर: विनायक दामोदर सावरकर — "वीर सावरकर"। "1857 का प्रथम स्वातंत्र्य समर" पुस्तक के लेखक। ब्रिटिश ने इस पुस्तक को प्रकाशन से पहले ही जब्त किया। अंडमान (कालापानी) में दो बार आजीवन कारावास — कुल 50 वर्ष।
| संगठन / घटना | वर्ष | प्रमुख व्यक्ति | विवरण |
|---|---|---|---|
| अनुशीलन समिति | 1902 | प्रमोथ मित्र, जतींद्रनाथ बनर्जी, बारींद्र कुमार घोष | बंगाल का पहला क्रांतिकारी संगठन। युगांतर और संध्या प्रकाश पत्रिकाएँ। स्वदेशी डकैती, शारीरिक प्रशिक्षण। |
| मुज़फ्फरपुर षड्यंत्र / अलीपुर बम कांड | 1908 | प्रफुल्ल चाकी, खुदीराम बोस | मुज़फ्फरपुर के मजिस्ट्रेट किंग्सफोर्ड की हत्या का प्रयास। खुदीराम बोस फाँसी। बारींद्र घोष को आजीवन कारावास। अरविंदो घोष बरी। |
| बर्राह डकैती | 1908 | पुलिन दास (ढाका अनुशीलन) | क्रांतिकारी गतिविधियों के लिए धन जुटाना। |
| दिल्ली षड्यंत्र केस | 1912 | रश बिहारी बोस, सचिंद्र नाथ सान्याल | वायसराय हार्डिंग पर बम फेंकने का प्रयास (दिल्ली दरबार के दौरान)। सान्याल ने जेल में "बंदी जीवन" लिखी। |
| जर्मन षड्यंत्र / ज़िम्मरमान योजना | 1916-17 | जतींद्रनाथ मुखर्जी (बाघा जतिन), युगांतर | प्रथम विश्वयुद्ध में जर्मन हथियारों से सशस्त्र विद्रोह की योजना। बाघा जतिन का बालासोर में अंग्रेजों से लड़ते हुए निधन। |
| मुक्ति कोन पथे | 1906 | बारींद्र घोष (अरविंदो के भाई) | क्रांतिकारी मैन्युअल — प्रकाशन के 48 घंटे में ही ब्रिटिश ने प्रतिबंधित किया। चंद्रनगर (फ्रांसीसी उपनिवेश) से वितरण। |
खुदीराम बोस: खुदीराम बोस — भारत के सबसे युवा क्रांतिकारी शहीद। जन्म: 3 दिसंबर 1889। फाँसी: 11 अगस्त 1908। आयु: केवल 18 वर्ष। उनकी फाँसी के बाद बंगाल में शोक की लहर — "एकटी माँ एर छेले" (एक माँ का बेटा) गीत प्रसिद्ध।
🎯 EXAM TIP
चंद्रनगर — फ्रांसीसी उपनिवेश, ब्रिटिश कानून से मुक्त। यहाँ से "वंदे मातरम" पर्चे और हथियारों की योजनाएँ छापी जाती थीं — UPSC में यह तथ्य महत्वपूर्ण।
गदर आंदोलन मुख्यतः अमेरिका और कनाडा में बसे भारतीय (अधिकांशतः सिख और पंजाबी मुसलमान) प्रवासियों द्वारा चलाया गया क्रांतिकारी आंदोलन था।
याद रखें: गदर आंदोलन की विशेषता — यह पहला अंतर्राष्ट्रीय भारतीय क्रांतिकारी आंदोलन था जो अमेरिका, कनाडा, एशिया, त्रिनिदाद तक फैला। "गदर" का अर्थ है — विद्रोह।
🎯 EXAM TIP
UPSC में गदर आंदोलन पर प्रश्न — लाला हरदयाल (संस्थापक), करतार सिंह सराभा (सबसे कम उम्र शहीद, 19 वर्ष)। 1915 के गदर विद्रोह में 45 नेताओं को फाँसी।
असहयोग आंदोलन के अचानक वापस लिए जाने (1922) के बाद युवा क्रांतिकारियों का एक वर्ग निराश हुआ। रूसी क्रांति से प्रभावित होकर HRA की स्थापना हुई जो बाद में HSRA बना।
| पहलू | HRA (1924) | HSRA (1928) |
|---|---|---|
| स्थापना | 1924, कानपुर | सितंबर 1928, पुनर्गठन |
| संस्थापक | रामप्रसाद बिस्मिल, जोगेश चंद्र चटर्जी, सचिन सान्याल | चंद्रशेखर आज़ाद के नेतृत्व में पुनर्गठित |
| पूरा नाम | Hindustan Republican Association | Hindustan Socialist Republican Association |
| विचारधारा | सशस्त्र क्रांति द्वारा ब्रिटिश शासन उखाड़ना | समाजवादी विचारों को अपनाया — वर्ग शोषण का अंत |
| लक्ष्य | भारत का संघीय गणराज्य (United States of India) | समाजवादी आधार पर स्वतंत्र भारत |
| सक्रिय क्षेत्र | पंजाब, उत्तर प्रदेश, बिहार | वही क्षेत्र + राष्ट्रीय स्तर पर प्रभाव |
| घटना | दिनांक / स्थान | प्रमुख क्रांतिकारी | विवरण एवं परिणाम |
|---|---|---|---|
| काकोरी ट्रेन डकैती | 9 अगस्त 1925, काकोरी (लखनऊ के पास) | रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाकउल्ला खाँ, रोशन सिंह, राजेंद्र लाहिड़ी | HRA क्रांतिकारियों ने 8-डाउन ट्रेन से सरकारी धन लूटा। चारों को फाँसी। क्रांतिकारी आंदोलन का प्रतीक। |
| सांडर्स हत्या | 17 दिसंबर 1928, लाहौर | भगत सिंह, चंद्रशेखर आज़ाद, राजगुरु | साइमन कमीशन विरोध में लाला लाजपत राय पर लाठीचार्ज के लिए जिम्मेदार SSP सांडर्स की हत्या। असल निशाना — जेम्स स्कॉट। |
| केंद्रीय विधानसभा बम कांड | 8 अप्रैल 1929, दिल्ली | भगत सिंह, बटुकेश्वर दत्त | पब्लिक सेफ्टी बिल व ट्रेड डिस्प्यूट्स बिल के विरोध में बम फेंका — मारने के लिए नहीं, "बहरों को सुनाने" के लिए। दोनों ने स्वयं को गिरफ्तार कराया। |
| लाहौर षड्यंत्र केस | 1929-31, लाहौर | भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु | सांडर्स हत्या के लिए मुकदमा। जतिन दास — 64 दिन अनशन के बाद शहीद। 23 मार्च 1931 — भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु फाँसी। |
| मेरठ षड्यंत्र केस | 1929, मेरठ | मुजफ्फर अहमद, शौकत उस्मानी, S.A. डांगे | रेलवे हड़ताल षड्यंत्र। विभिन्न सजाएँ। कम्युनिस्ट प्रभाव पर ब्रिटिश चिंता। |
| चटगाँव शस्त्रागार छापा | 18 अप्रैल 1930, चटगाँव, बंगाल | सूर्य सेन (मास्टर दा), अनंत सिंह, गणेश घोष | 65 क्रांतिकारियों ने ब्रिटिश शस्त्रागार पर कब्ज़ा, अस्थायी क्रांतिकारी सरकार घोषित। सूर्य सेन 1933 में गिरफ्तार, 1934 में फाँसी। |
| माइकल ओ'डायर हत्या | 13 मार्च 1940, कैक्सटन हॉल, लंदन | उधम सिंह | जलियाँवाला बाग के समय पंजाब के लेफ्टिनेंट गवर्नर ओ'डायर की लंदन में हत्या — जलियाँवाला बाग का बदला। |
ऐतिहासिक नारा: "इंकलाब जिंदाबाद" (क्रांति अमर रहे) और "साम्राज्यवाद का नाश हो" — भगत सिंह ने केंद्रीय विधानसभा में ये नारे लगाए। "इंकलाब जिंदाबाद" नारा पहले मौलाना हसरत मोहानी ने दिया था।
🎯 EXAM TIP
UPSC में भगत सिंह पर बार-बार प्रश्न — जन्म: 1907। फाँसी: 23 मार्च 1931। "Why I Am An Atheist" जेल में लिखा। Central Assembly bombing: 8 अप्रैल 1929 — मारने के लिए नहीं, "बहरों को सुनाने" के लिए।
आज़ाद की प्रतिज्ञा: "मैं कभी जीते-जी गिरफ्तार नहीं होऊँगा" — चंद्रशेखर आज़ाद ने अपनी यह प्रतिज्ञा आखिरी साँस तक निभाई। अल्फ्रेड पार्क (अब आज़ाद पार्क) इलाहाबाद में उनका बलिदान।
चटगाँव शस्त्रागार छापे और बंगाल के क्रांतिकारी आंदोलन में महिलाओं ने ऐतिहासिक भूमिका निभाई — यह भारतीय क्रांतिकारी इतिहास का अनोखा पहलू है।
| नाम | भूमिका | परिणाम |
|---|---|---|
| प्रीतिलता वड्डेदार | सूर्य सेन के साथ छापे में शामिल। यूरोपियन क्लब पर हमले का नेतृत्व। | हमले के दौरान शहीद। |
| कल्पना दत्त | चटगाँव छापे में शामिल। | सूर्य सेन के साथ मुकदमा, आजीवन कारावास। |
| शांति घोष और सुनीति चौधरी | 1931 — एक जिला मजिस्ट्रेट की हत्या। | गिरफ्तार, कारावास। |
| बीना दास | 1932 — बंगाल के गवर्नर पर हत्या का प्रयास। | गिरफ्तार, कारावास। |
🎯 EXAM TIP
UPSC में महिला क्रांतिकारियों पर प्रश्न आते हैं — प्रीतिलता वड्डेदार पहली भारतीय महिला क्रांतिकारी शहीद। सूर्य सेन (मास्टर दा) रवींद्रनाथ और नज़रुल इस्लाम के प्रशंसक थे।
| प्रकाशन | सम्पादक / लेखक | संगठन | विशेषता |
|---|---|---|---|
| युगांतर | भूपेंद्रनाथ दत्त | अनुशीलन समिति, बंगाल | क्रांतिकारी विचारों का प्रसार, 1906 से। |
| संध्या | ब्रह्मबांधव उपाध्याय | बंगाल | अत्यंत उग्र राष्ट्रवादी, 1906। |
| काल | बाल गंगाधर तिलक | महाराष्ट्र | मराठी में क्रांतिकारी लेखन। |
| केसरी | बाल गंगाधर तिलक | महाराष्ट्र | तिलक का प्रमुख मराठी अखबार। |
| वंदे मातरम | अरविंदो घोष | बंगाल | अंग्रेजी में राष्ट्रवाद, 1906। |
| द गदर | लाला हरदयाल | गदर पार्टी, सैन फ्रांसिस्को | नवंबर 1913 से, उर्दू-पंजाबी-हिंदी-बंगाली में। |
| बंदी जीवन | सचिन सान्याल | HRA | क्रांतिकारी संस्मरण, प्रसिद्ध पुस्तक। |
| पाथेर दाबी | शरतचंद्र चट्टोपाध्याय | — | क्रांतिकारी उपन्यास, ब्रिटिश ने प्रतिबंधित किया। |
| पहलू | गरम दल (उग्रवादी) | क्रांतिकारी |
|---|---|---|
| तरीके | बहिष्कार, निष्क्रिय प्रतिरोध, जन आंदोलन | सशस्त्र क्रांति, बम, हत्याएँ, डकैती |
| संगठन | INC के भीतर, सार्वजनिक | गुप्त समितियाँ — अनुशीलन, HSRA, गदर |
| लक्ष्य | स्वराज (स्वशासन) | पूर्ण स्वतंत्रता, ब्रिटिश उखाड़ना |
| जनभागीदारी | जन आंदोलन पर जोर | सीमित — युवा, शिक्षित वर्ग |
| विचारधारा | राष्ट्रवाद + सांस्कृतिक पुनरुत्थान | राष्ट्रवाद + बाद में समाजवाद (HSRA) |
| प्रमुख नेता | तिलक, लाल-बाल-पाल | भगत सिंह, आज़ाद, बिस्मिल, सूर्य सेन |
| ★ KEY POINTS ★ |
|---|
| ✦ चापेकर बंधु (1897) — प्लेग आयुक्त रैंड की हत्या। महाराष्ट्र का पहला प्रमुख क्रांतिकारी कांड। |
| ✦ अनुशीलन समिति (1902) — प्रमोथ मित्र। युगांतर व संध्या पत्रिकाएँ। बंगाल का पहला क्रांतिकारी संगठन। |
| ✦ खुदीराम बोस — फाँसी: 11 अगस्त 1908। आयु: 18 वर्ष। भारत के सबसे युवा क्रांतिकारी शहीद। |
| ✦ गदर पार्टी (1913) — लाला हरदयाल। "द गदर" अखबार नवंबर 1913। 1915 विद्रोह — 45 फाँसी। |
| ✦ HRA (1924, कानपुर) — रामप्रसाद बिस्मिल, सचिन सान्याल। काकोरी डकैती 9 अगस्त 1925। |
| ✦ HSRA (सितंबर 1928) — चंद्रशेखर आज़ाद के नेतृत्व में। समाजवादी विचारधारा अपनाई। |
| ✦ सांडर्स हत्या — 17 दिसंबर 1928। भगत सिंह + आज़ाद + राजगुरु। लाला लाजपत राय का बदला। |
| ✦ केंद्रीय विधानसभा बम — 8 अप्रैल 1929। भगत सिंह + बटुकेश्वर दत्त। "इंकलाब जिंदाबाद"। |
| ✦ जतिन दास — 64 दिन अनशन के बाद शहीद (13 सितंबर 1929)। |
| ✦ भगत सिंह + सुखदेव + राजगुरु — फाँसी: 23 मार्च 1931। भगत सिंह की आयु: 23 वर्ष। |
| ✦ चंद्रशेखर आज़ाद — शहादत: 27 फरवरी 1931, अल्फ्रेड पार्क, इलाहाबाद। कभी गिरफ्तार नहीं। |
| ✦ चटगाँव शस्त्रागार छापा — 18 अप्रैल 1930। सूर्य सेन (मास्टर दा)। फाँसी: 1934। |
| ✦ उधम सिंह — 13 मार्च 1940, लंदन। माइकल ओ'डायर की हत्या — जलियाँवाला बाग का बदला। |
| 🧑💼 महत्वपूर्ण क्रांतिकारी व्यक्तित्व (UPSC दृष्टि से) |
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🎯 EXAM TIP
UPSC Prelims — तारीखें याद रखें: काकोरी: 9 अगस्त 1925। सांडर्स: 17 दिसंबर 1928। विधानसभा बम: 8 अप्रैल 1929। तीनों फाँसी: 23 मार्च 1931। चटगाँव: 18 अप्रैल 1930।
🎯 EXAM TIP
UPSC Mains — "क्रांतिकारी आंदोलन की सीमाएँ और उपलब्धियाँ" तथा "भगत सिंह की विचारधारा का विकास" — 150-250 शब्दों में उत्तर लिखने का अभ्यास करें।
अध्याय सारांश: उग्र राष्ट्रवाद एवं क्रांतिकारी आंदोलन के दो चरण रहे। प्रथम चरण (1897-1917): महाराष्ट्र में चापेकर-सावरकर, बंगाल में अनुशीलन समिति-युगांतर, गदर आंदोलन। द्वितीय चरण (1924-1931): HRA/HSRA, काकोरी, सांडर्स हत्या, केंद्रीय विधानसभा बम, चटगाँव शस्त्रागार छापा। भगत सिंह ने आतंकवाद से मार्क्सवाद की ओर क्रांतिकारी विचारधारा को परिवर्तित किया।