🔫 अध्याय 8/15 — आधुनिक भारत का इतिहास

उग्र राष्ट्रवाद एवं क्रांतिकारी आंदोलन

Militant Nationalism & Revolutionary Movements | RAS Pre + Mains
📋 इस अध्याय में
  1. क्रांतिकारी आंदोलन के उदय के कारण
  2. क्रांतिकारी आंदोलन — प्रथम चरण (1897–1917)
  3. गदर आंदोलन (1913–1915)
  4. क्रांतिकारी आंदोलन — द्वितीय चरण (1920s–1931)
  5. भगत सिंह — क्रांतिकारी विचारक एवं शहीद
  6. चंद्रशेखर आज़ाद — "आज़ाद" जो कभी पकड़ा न गया
  7. बंगाल में क्रांतिकारी महिलाएँ — 1920s-30s
  8. क्रांतिकारी समाचार-पत्र एवं साहित्य
  9. क्रांतिकारी बनाम गरम दल — तुलनात्मक अध्ययन
  10. क्रांतिकारी आंदोलन का मूल्यांकन

जब नरम दल की याचिका नीति विफल हो गई और ब्रिटिश दमन बढ़ता गया, तब भारतीय युवाओं का एक वर्ग सशस्त्र क्रांति की ओर मुड़ा। इस क्रांतिकारी आंदोलन के दो स्पष्ट चरण रहे — प्रथम चरण (1897–1917) में महाराष्ट्र, बंगाल, पंजाब में गुप्त संगठनों का उदय; और द्वितीय चरण (1924–1931) में HRA/HSRA के नेतृत्व में काकोरी, केंद्रीय विधानसभा बम कांड और लाहौर षड्यंत्र जैसी ऐतिहासिक घटनाएँ।

1क्रांतिकारी आंदोलन के उदय के कारण

🎯 EXAM TIP

UPSC में पूछा गया — क्रांतिकारियों के तरीके: (1) वीरतापूर्ण कार्य — अप्रिय अधिकारियों की हत्या, (2) स्वदेशी डकैती — धन जुटाना, (3) सैन्य षड्यंत्र — विश्वयुद्ध में ब्रिटिश विरोधियों की मदद।

2क्रांतिकारी आंदोलन — प्रथम चरण (1897–1917)

2.1 महाराष्ट्र में क्रांतिकारी गतिविधियाँ

संगठन / घटनावर्षप्रमुख व्यक्तिविवरण
रामोसी किसान बल1879वासुदेव बलवंत फड़केब्रिटिश अधिकारियों के विरुद्ध सशस्त्र विद्रोह का प्रयास। पहले आधुनिक क्रांतिकारी।
चापेकर बंधु कांड1897दामोदर व बालकृष्ण चापेकरप्लेग आयुक्त रैंड व लेफ्टिनेंट आयर्स्ट की हत्या — अत्याचारी प्लेग नीतियों के विरुद्ध। दोनों फाँसी।
मित्र मेला1899वी.डी. सावरकर व उनके भाईगुप्त क्रांतिकारी संगठन। 1904 में अभिनव भारत में विलय। इटली के मैज़िनी से प्रेरित।
अभिनव भारत सोसाइटी1904वी.डी. सावरकरसशस्त्र क्रांति का संगठन। नासिक के कलेक्टर जैक्सन की हत्या (1909)।
नासिक कलेक्टर हत्या1909अनंत लक्ष्मण कान्हेरेA.M.T. जैक्सन (नासिक कलेक्टर) की हत्या। कान्हेरे को फाँसी। सावरकर को कालापानी।

सावरकर: विनायक दामोदर सावरकर — "वीर सावरकर"। "1857 का प्रथम स्वातंत्र्य समर" पुस्तक के लेखक। ब्रिटिश ने इस पुस्तक को प्रकाशन से पहले ही जब्त किया। अंडमान (कालापानी) में दो बार आजीवन कारावास — कुल 50 वर्ष।

2.2 बंगाल में क्रांतिकारी गतिविधियाँ

संगठन / घटनावर्षप्रमुख व्यक्तिविवरण
अनुशीलन समिति1902प्रमोथ मित्र, जतींद्रनाथ बनर्जी, बारींद्र कुमार घोषबंगाल का पहला क्रांतिकारी संगठन। युगांतर और संध्या प्रकाश पत्रिकाएँ। स्वदेशी डकैती, शारीरिक प्रशिक्षण।
मुज़फ्फरपुर षड्यंत्र / अलीपुर बम कांड1908प्रफुल्ल चाकी, खुदीराम बोसमुज़फ्फरपुर के मजिस्ट्रेट किंग्सफोर्ड की हत्या का प्रयास। खुदीराम बोस फाँसी। बारींद्र घोष को आजीवन कारावास। अरविंदो घोष बरी।
बर्राह डकैती1908पुलिन दास (ढाका अनुशीलन)क्रांतिकारी गतिविधियों के लिए धन जुटाना।
दिल्ली षड्यंत्र केस1912रश बिहारी बोस, सचिंद्र नाथ सान्यालवायसराय हार्डिंग पर बम फेंकने का प्रयास (दिल्ली दरबार के दौरान)। सान्याल ने जेल में "बंदी जीवन" लिखी।
जर्मन षड्यंत्र / ज़िम्मरमान योजना1916-17जतींद्रनाथ मुखर्जी (बाघा जतिन), युगांतरप्रथम विश्वयुद्ध में जर्मन हथियारों से सशस्त्र विद्रोह की योजना। बाघा जतिन का बालासोर में अंग्रेजों से लड़ते हुए निधन।
मुक्ति कोन पथे1906बारींद्र घोष (अरविंदो के भाई)क्रांतिकारी मैन्युअल — प्रकाशन के 48 घंटे में ही ब्रिटिश ने प्रतिबंधित किया। चंद्रनगर (फ्रांसीसी उपनिवेश) से वितरण।

खुदीराम बोस: खुदीराम बोस — भारत के सबसे युवा क्रांतिकारी शहीद। जन्म: 3 दिसंबर 1889। फाँसी: 11 अगस्त 1908। आयु: केवल 18 वर्ष। उनकी फाँसी के बाद बंगाल में शोक की लहर — "एकटी माँ एर छेले" (एक माँ का बेटा) गीत प्रसिद्ध।

2.3 पंजाब में क्रांतिकारी गतिविधियाँ

🎯 EXAM TIP

चंद्रनगर — फ्रांसीसी उपनिवेश, ब्रिटिश कानून से मुक्त। यहाँ से "वंदे मातरम" पर्चे और हथियारों की योजनाएँ छापी जाती थीं — UPSC में यह तथ्य महत्वपूर्ण।

3गदर आंदोलन (1913–1915)

गदर आंदोलन मुख्यतः अमेरिका और कनाडा में बसे भारतीय (अधिकांशतः सिख और पंजाबी मुसलमान) प्रवासियों द्वारा चलाया गया क्रांतिकारी आंदोलन था।

3.1 स्थापना एवं संगठन

3.2 कोमागाटा मारू घटना (1914)

3.3 गदर विद्रोह (1915) एवं दमन

याद रखें: गदर आंदोलन की विशेषता — यह पहला अंतर्राष्ट्रीय भारतीय क्रांतिकारी आंदोलन था जो अमेरिका, कनाडा, एशिया, त्रिनिदाद तक फैला। "गदर" का अर्थ है — विद्रोह।

🎯 EXAM TIP

UPSC में गदर आंदोलन पर प्रश्न — लाला हरदयाल (संस्थापक), करतार सिंह सराभा (सबसे कम उम्र शहीद, 19 वर्ष)। 1915 के गदर विद्रोह में 45 नेताओं को फाँसी।

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4क्रांतिकारी आंदोलन — द्वितीय चरण (1920s–1931)

असहयोग आंदोलन के अचानक वापस लिए जाने (1922) के बाद युवा क्रांतिकारियों का एक वर्ग निराश हुआ। रूसी क्रांति से प्रभावित होकर HRA की स्थापना हुई जो बाद में HSRA बना।

4.1 HRA → HSRA का गठन

पहलूHRA (1924)HSRA (1928)
स्थापना1924, कानपुरसितंबर 1928, पुनर्गठन
संस्थापकरामप्रसाद बिस्मिल, जोगेश चंद्र चटर्जी, सचिन सान्यालचंद्रशेखर आज़ाद के नेतृत्व में पुनर्गठित
पूरा नामHindustan Republican AssociationHindustan Socialist Republican Association
विचारधारासशस्त्र क्रांति द्वारा ब्रिटिश शासन उखाड़नासमाजवादी विचारों को अपनाया — वर्ग शोषण का अंत
लक्ष्यभारत का संघीय गणराज्य (United States of India)समाजवादी आधार पर स्वतंत्र भारत
सक्रिय क्षेत्रपंजाब, उत्तर प्रदेश, बिहारवही क्षेत्र + राष्ट्रीय स्तर पर प्रभाव

4.2 प्रमुख क्रांतिकारी घटनाएँ

घटनादिनांक / स्थानप्रमुख क्रांतिकारीविवरण एवं परिणाम
काकोरी ट्रेन डकैती9 अगस्त 1925, काकोरी (लखनऊ के पास)रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाकउल्ला खाँ, रोशन सिंह, राजेंद्र लाहिड़ीHRA क्रांतिकारियों ने 8-डाउन ट्रेन से सरकारी धन लूटा। चारों को फाँसी। क्रांतिकारी आंदोलन का प्रतीक।
सांडर्स हत्या17 दिसंबर 1928, लाहौरभगत सिंह, चंद्रशेखर आज़ाद, राजगुरुसाइमन कमीशन विरोध में लाला लाजपत राय पर लाठीचार्ज के लिए जिम्मेदार SSP सांडर्स की हत्या। असल निशाना — जेम्स स्कॉट।
केंद्रीय विधानसभा बम कांड8 अप्रैल 1929, दिल्लीभगत सिंह, बटुकेश्वर दत्तपब्लिक सेफ्टी बिल व ट्रेड डिस्प्यूट्स बिल के विरोध में बम फेंका — मारने के लिए नहीं, "बहरों को सुनाने" के लिए। दोनों ने स्वयं को गिरफ्तार कराया।
लाहौर षड्यंत्र केस1929-31, लाहौरभगत सिंह, सुखदेव, राजगुरुसांडर्स हत्या के लिए मुकदमा। जतिन दास — 64 दिन अनशन के बाद शहीद। 23 मार्च 1931 — भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु फाँसी।
मेरठ षड्यंत्र केस1929, मेरठमुजफ्फर अहमद, शौकत उस्मानी, S.A. डांगेरेलवे हड़ताल षड्यंत्र। विभिन्न सजाएँ। कम्युनिस्ट प्रभाव पर ब्रिटिश चिंता।
चटगाँव शस्त्रागार छापा18 अप्रैल 1930, चटगाँव, बंगालसूर्य सेन (मास्टर दा), अनंत सिंह, गणेश घोष65 क्रांतिकारियों ने ब्रिटिश शस्त्रागार पर कब्ज़ा, अस्थायी क्रांतिकारी सरकार घोषित। सूर्य सेन 1933 में गिरफ्तार, 1934 में फाँसी।
माइकल ओ'डायर हत्या13 मार्च 1940, कैक्सटन हॉल, लंदनउधम सिंहजलियाँवाला बाग के समय पंजाब के लेफ्टिनेंट गवर्नर ओ'डायर की लंदन में हत्या — जलियाँवाला बाग का बदला।

5भगत सिंह — क्रांतिकारी विचारक एवं शहीद

5.1 जीवन परिचय

5.2 राजनीतिक संगठन एवं विचारधारा

5.3 प्रमुख कार्य

ऐतिहासिक नारा: "इंकलाब जिंदाबाद" (क्रांति अमर रहे) और "साम्राज्यवाद का नाश हो" — भगत सिंह ने केंद्रीय विधानसभा में ये नारे लगाए। "इंकलाब जिंदाबाद" नारा पहले मौलाना हसरत मोहानी ने दिया था।

🎯 EXAM TIP

UPSC में भगत सिंह पर बार-बार प्रश्न — जन्म: 1907। फाँसी: 23 मार्च 1931। "Why I Am An Atheist" जेल में लिखा। Central Assembly bombing: 8 अप्रैल 1929 — मारने के लिए नहीं, "बहरों को सुनाने" के लिए।

6चंद्रशेखर आज़ाद — "आज़ाद" जो कभी पकड़ा न गया

आज़ाद की प्रतिज्ञा: "मैं कभी जीते-जी गिरफ्तार नहीं होऊँगा" — चंद्रशेखर आज़ाद ने अपनी यह प्रतिज्ञा आखिरी साँस तक निभाई। अल्फ्रेड पार्क (अब आज़ाद पार्क) इलाहाबाद में उनका बलिदान।

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7बंगाल में क्रांतिकारी महिलाएँ — 1920s-30s

चटगाँव शस्त्रागार छापे और बंगाल के क्रांतिकारी आंदोलन में महिलाओं ने ऐतिहासिक भूमिका निभाई — यह भारतीय क्रांतिकारी इतिहास का अनोखा पहलू है।

नामभूमिकापरिणाम
प्रीतिलता वड्डेदारसूर्य सेन के साथ छापे में शामिल। यूरोपियन क्लब पर हमले का नेतृत्व।हमले के दौरान शहीद।
कल्पना दत्तचटगाँव छापे में शामिल।सूर्य सेन के साथ मुकदमा, आजीवन कारावास।
शांति घोष और सुनीति चौधरी1931 — एक जिला मजिस्ट्रेट की हत्या।गिरफ्तार, कारावास।
बीना दास1932 — बंगाल के गवर्नर पर हत्या का प्रयास।गिरफ्तार, कारावास।

🎯 EXAM TIP

UPSC में महिला क्रांतिकारियों पर प्रश्न आते हैं — प्रीतिलता वड्डेदार पहली भारतीय महिला क्रांतिकारी शहीद। सूर्य सेन (मास्टर दा) रवींद्रनाथ और नज़रुल इस्लाम के प्रशंसक थे।

8क्रांतिकारी समाचार-पत्र एवं साहित्य

प्रकाशनसम्पादक / लेखकसंगठनविशेषता
युगांतरभूपेंद्रनाथ दत्तअनुशीलन समिति, बंगालक्रांतिकारी विचारों का प्रसार, 1906 से।
संध्याब्रह्मबांधव उपाध्यायबंगालअत्यंत उग्र राष्ट्रवादी, 1906।
कालबाल गंगाधर तिलकमहाराष्ट्रमराठी में क्रांतिकारी लेखन।
केसरीबाल गंगाधर तिलकमहाराष्ट्रतिलक का प्रमुख मराठी अखबार।
वंदे मातरमअरविंदो घोषबंगालअंग्रेजी में राष्ट्रवाद, 1906।
द गदरलाला हरदयालगदर पार्टी, सैन फ्रांसिस्कोनवंबर 1913 से, उर्दू-पंजाबी-हिंदी-बंगाली में।
बंदी जीवनसचिन सान्यालHRAक्रांतिकारी संस्मरण, प्रसिद्ध पुस्तक।
पाथेर दाबीशरतचंद्र चट्टोपाध्यायक्रांतिकारी उपन्यास, ब्रिटिश ने प्रतिबंधित किया।

9क्रांतिकारी बनाम गरम दल — तुलनात्मक अध्ययन

पहलूगरम दल (उग्रवादी)क्रांतिकारी
तरीकेबहिष्कार, निष्क्रिय प्रतिरोध, जन आंदोलनसशस्त्र क्रांति, बम, हत्याएँ, डकैती
संगठनINC के भीतर, सार्वजनिकगुप्त समितियाँ — अनुशीलन, HSRA, गदर
लक्ष्यस्वराज (स्वशासन)पूर्ण स्वतंत्रता, ब्रिटिश उखाड़ना
जनभागीदारीजन आंदोलन पर जोरसीमित — युवा, शिक्षित वर्ग
विचारधाराराष्ट्रवाद + सांस्कृतिक पुनरुत्थानराष्ट्रवाद + बाद में समाजवाद (HSRA)
प्रमुख नेतातिलक, लाल-बाल-पालभगत सिंह, आज़ाद, बिस्मिल, सूर्य सेन

10क्रांतिकारी आंदोलन का मूल्यांकन

10.1 योगदान

10.2 सीमाएँ

★ KEY POINTS ★
✦ चापेकर बंधु (1897) — प्लेग आयुक्त रैंड की हत्या। महाराष्ट्र का पहला प्रमुख क्रांतिकारी कांड।
✦ अनुशीलन समिति (1902) — प्रमोथ मित्र। युगांतर व संध्या पत्रिकाएँ। बंगाल का पहला क्रांतिकारी संगठन।
✦ खुदीराम बोस — फाँसी: 11 अगस्त 1908। आयु: 18 वर्ष। भारत के सबसे युवा क्रांतिकारी शहीद।
✦ गदर पार्टी (1913) — लाला हरदयाल। "द गदर" अखबार नवंबर 1913। 1915 विद्रोह — 45 फाँसी।
✦ HRA (1924, कानपुर) — रामप्रसाद बिस्मिल, सचिन सान्याल। काकोरी डकैती 9 अगस्त 1925।
✦ HSRA (सितंबर 1928) — चंद्रशेखर आज़ाद के नेतृत्व में। समाजवादी विचारधारा अपनाई।
✦ सांडर्स हत्या — 17 दिसंबर 1928। भगत सिंह + आज़ाद + राजगुरु। लाला लाजपत राय का बदला।
✦ केंद्रीय विधानसभा बम — 8 अप्रैल 1929। भगत सिंह + बटुकेश्वर दत्त। "इंकलाब जिंदाबाद"।
✦ जतिन दास — 64 दिन अनशन के बाद शहीद (13 सितंबर 1929)।
✦ भगत सिंह + सुखदेव + राजगुरु — फाँसी: 23 मार्च 1931। भगत सिंह की आयु: 23 वर्ष।
✦ चंद्रशेखर आज़ाद — शहादत: 27 फरवरी 1931, अल्फ्रेड पार्क, इलाहाबाद। कभी गिरफ्तार नहीं।
✦ चटगाँव शस्त्रागार छापा — 18 अप्रैल 1930। सूर्य सेन (मास्टर दा)। फाँसी: 1934।
✦ उधम सिंह — 13 मार्च 1940, लंदन। माइकल ओ'डायर की हत्या — जलियाँवाला बाग का बदला।
🧑‍💼 महत्वपूर्ण क्रांतिकारी व्यक्तित्व (UPSC दृष्टि से)
  • वी.डी. सावरकर — "वीर सावरकर", अभिनव भारत, "1857: प्रथम स्वातंत्र्य समर"। कालापानी में दो बार आजीवन कारावास।
  • खुदीराम बोस — सबसे युवा शहीद (18 वर्ष)। फाँसी: 11 अगस्त 1908। मुज़फ्फरपुर बम कांड।
  • रामप्रसाद बिस्मिल — HRA संस्थापक। काकोरी षड्यंत्र। फाँसी: 19 दिसंबर 1927।
  • अशफाकउल्ला खाँ — काकोरी षड्यंत्र। बिस्मिल के घनिष्ठ मित्र। फाँसी: 19 दिसंबर 1927।
  • चंद्रशेखर आज़ाद — HSRA सेनापति। "पिस्तौल की नोक पर स्वतंत्र"। शहादत: 27 फरवरी 1931।
  • भगत सिंह — HSRA, नौजवान भारत सभा। "Why I Am An Atheist"। फाँसी: 23 मार्च 1931।
  • सुखदेव — HSRA, भगत सिंह के साथी। फाँसी: 23 मार्च 1931।
  • राजगुरु — HSRA। सांडर्स हत्या में भूमिका। फाँसी: 23 मार्च 1931।
  • सूर्य सेन (मास्टर दा) — चटगाँव छापा। "इंडियन रिपब्लिकन आर्मी"। फाँसी: 1934।
  • लाला हरदयाल — गदर पार्टी संस्थापक। "द गदर" अखबार। बाद में ब्रिटेन लौटे।
  • करतार सिंह सराभा — गदर पार्टी। सबसे कम उम्र शहीद: 19 वर्ष। फाँसी: 1915।
  • उधम सिंह — "राम मोहम्मद सिंह आज़ाद" नाम से जाने जाते थे। लंदन में ओ'डायर को मारा।

🎯 EXAM TIP

UPSC Prelims — तारीखें याद रखें: काकोरी: 9 अगस्त 1925। सांडर्स: 17 दिसंबर 1928। विधानसभा बम: 8 अप्रैल 1929। तीनों फाँसी: 23 मार्च 1931। चटगाँव: 18 अप्रैल 1930।

🎯 EXAM TIP

UPSC Mains — "क्रांतिकारी आंदोलन की सीमाएँ और उपलब्धियाँ" तथा "भगत सिंह की विचारधारा का विकास" — 150-250 शब्दों में उत्तर लिखने का अभ्यास करें।

अध्याय सारांश: उग्र राष्ट्रवाद एवं क्रांतिकारी आंदोलन के दो चरण रहे। प्रथम चरण (1897-1917): महाराष्ट्र में चापेकर-सावरकर, बंगाल में अनुशीलन समिति-युगांतर, गदर आंदोलन। द्वितीय चरण (1924-1931): HRA/HSRA, काकोरी, सांडर्स हत्या, केंद्रीय विधानसभा बम, चटगाँव शस्त्रागार छापा। भगत सिंह ने आतंकवाद से मार्क्सवाद की ओर क्रांतिकारी विचारधारा को परिवर्तित किया।

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