19वीं-20वीं शताब्दी में भारतीय समाज गहरे परिवर्तन के दौर से गुज़रा। औपनिवेशिक शासन, पाश्चात्य शिक्षा और वैज्ञानिक चेतना के प्रभाव ने समाज में नए प्रश्न खड़े किए। सती प्रथा, बाल-विवाह, जाति भेद और अस्पृश्यता जैसी कुरीतियों के विरुद्ध सुधार आंदोलनों ने जनचेतना को जागृत किया। इन आंदोलनों ने भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के लिए वैचारिक आधार तैयार किया। ★ सुधार आंदोलन दो प्रकार के: (1) सुधारवादी [ब्रह्म समाज, प्रार्थना समाज] — (2) पुनरुत्थानवादी [आर्य समाज, देवबंद]
1. हिंदू धर्म सुधार आंदोलन
ब्रह्म समाज एवं राजा राममोहन राय
ब्रह्म समाज — मुख्य तथ्य
- स्थापना: 20 अगस्त, 1828 ई.
- स्थान: कालीमिर्च हाऊस, कलकत्ता
- संस्थापक: राजा राममोहन राय
- सहयोगी: द्वारिकानाथ टैगोर, ताराचंद चक्रवर्ती (प्रथम सचिव)
- उद्देश्य: हिंदू धर्म को शुद्ध बनाना, एकेश्वरवाद
राजा राममोहन राय — उपाधियाँ
- जन्म: 22 मई, 1772 — राधानगर, हुगली
- आधुनिक भारत के जनक (गोपाल कृष्ण गोखले)
- भारतीय पुनर्जागरण का जनक
- प्रभात का तारा / युगदूत (सुभाष चंद्र बोस)
- भारतपथिक (रवींद्रनाथ टैगोर)
- 'राजा' उपाधि: अकबर द्वितीय द्वारा
राजा राममोहन राय के विचार
| क्षेत्र | समर्थन | विरोध |
|---|
| धार्मिक | एकेश्वरवाद, उपनिषद | मूर्तिपूजा, बहुदेववाद, पुरोहितवाद |
| सामाजिक | विधवा विवाह, महिला शिक्षा, प्रेस स्वतंत्रता | सती प्रथा, बाल-विवाह, दास प्रथा |
| प्रशासनिक | कार्यपालिका-न्यायपालिका पृथक्करण, भारतीयकरण | स्थायी बंदोबस्त (समर्थन) |
| राजा राममोहन राय की प्रमुख संस्थाएँ |
|---|
- आत्मीय सभा (1815) — सहयोगी: द्वारकानाथ ठाकुर
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- वेदांत सोसायटी (1816) | हिंदू कॉलेज (1817) — डेविड हेयर सहयोगी
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- कलकत्ता यूनिटेरियन एसोसिएशन (1821) | वेदान्त कॉलेज (1825)
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- ब्रह्म समाज (1828) — सबसे महत्त्वपूर्ण
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| राजा राममोहन राय की प्रमुख पुस्तकें व समाचार-पत्र |
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- तुहफात उल मुहावुद्दीन (फारसी) — प्रथम पुस्तक | ए कॉन्फ्रेंस (1818) — सती प्रथा विरोध
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- प्रीसेप्ट्स ऑफ जीसस (1823) — जीसस के ईश्वरीय होने का खंडन
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- मिरातुल अखबार (फारसी) — भारतीय द्वारा प्रथम भारतीय भाषा पत्रिका (साप्ताहिक)
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- संवाद कौमुदी (बांग्ला, दिसं. 1821) — सती प्रथा विरोध में लेख
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- बंगदूत (हिंदी) | ब्रह्मेनिकल मैगज़ीन (अंग्रेजी)
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महत्त्वपूर्ण: सती प्रथा निषेध: गवर्नर जनरल लॉर्ड विलियम बेंटिंक द्वारा 4 दिसंबर 1829 को नियम-17 के अंतर्गत सती प्रथा को निषेध घोषित किया — राजा राममोहन राय के प्रयासों का परिणाम।
मृत्यु: 27 सितंबर 1833 — ब्रिस्टल (यू.के.) में मेनिनजाइटिस रोग से मृत्यु। इंग्लैंड यात्रा (1830) मुगल सम्राट अकबर II के प्रतिनिधि के रूप में।
ब्रह्म समाज — विभाजन और विकास
| नेता | संगठन | वर्ष | विशेषता |
|---|
| देवेंद्रनाथ टैगोर | आदि ब्रह्म समाज | 1843 | तत्वबोधिनी सभा (1839) की स्थापना |
| केशव चंद्र सेन | भारतीय ब्रह्म समाज | 1866 | बंगाल के बाहर ब्रह्म समाज का प्रसार, 54 शाखाएँ |
| आनंद मोहन बोस | साधारण ब्रह्म समाज | 1878 | मूल ब्रह्म सिद्धांतों पर केंद्रित |
- देवेंद्रनाथ टैगोर: 1843 में ब्रह्म समाज का नेतृत्व। 1839 में तत्वबोधिनी सभा स्थापना; 1842 में ब्रह्म समाज में विलय। तत्वबोधिनी पत्रिका (बांग्ला) — संपादक: अक्षय कुमार दत्त।
- केशव चंद्र सेन: 1866 में भारतीय ब्रह्म समाज की स्थापना। 1872 का Native Marriage Act: लड़के की न्यूनतम विवाह आयु 18 व लड़की 14 वर्ष। समाचार-पत्र: इंडियन मिरर, सुलभ समाचार।
- आनंद मोहन बोस: 1878 में साधारण ब्रह्म समाज। सदस्य: सुरेंद्रनाथ बनर्जी, द्वारिका नाथ गांगुली, शिवनाथ शास्त्री। City School व City College की स्थापना।
वेद समाज (1864, मद्रास)
- संस्थापक: श्री धरलू नायडू | दक्षिण भारत का ब्रह्म समाज कहा जाता है।
- केशव चंद्र सेन के प्रयासों से स्थापना। तमिल पत्रिका 'तत्व बोधिनी' (1864)।
- योगदान: जातीय भेदभाव समाप्त करना, विधवा विवाह व महिला शिक्षा को बढ़ावा।
प्रार्थना समाज (1867, बम्बई)
- संस्थापक: (i) आत्माराम पांडुरंग (ii) R.G. भंडारकर (iii) चंद्रावरकर | दक्कन का ब्रह्म समाज।
- सिद्धांत: एकेश्वरवाद, मूर्तिपूजा विरोध, जाति प्रथा विरोध, विधवा विवाह, महिला शिक्षा।
- ब्रह्म समाज से प्रभावित परंतु हिंदू धर्म की मुख्यधारा से जुड़े रहे।
महादेव गोविंद रानाडे — "महाराष्ट्र का सुकरात"
- 1869 में प्रार्थना समाज से जुड़े | गोपाल कृष्ण गोखले के राजनीतिक गुरु
- बॉम्बे विधान परिषद सदस्य व बॉम्बे उच्च न्यायालय के न्यायाधीश
- संगठन: विधवा विवाह संघ (1867) | पूना सार्वजनिक सभा (1871) | दक्कन एजुकेशन सोसायटी (1884)
- इंडियन नेशनल सोशल कॉन्फ्रेंस (1887) — रघुनाथ राव के साथ
- समाचार-पत्र: इंदु प्रकाश | पुस्तक: एक आस्तिक की धर्म में आस्था
ब्रह्म समाज UPSC: तीन विभाजन याद रखें — 1866: देवेंद्रनाथ vs केशव | 1878: केशव vs आनंद मोहन। केशव के प्रयास से Native Marriage Act 1872। सती प्रथा निषेध: 4 दिसंबर 1829।
2. आर्य समाज एवं स्वामी दयानंद सरस्वती
आर्य समाज — मुख्य तथ्य
- स्थापना: 10 अप्रैल, 1875 — बम्बई
- संस्थापक: स्वामी दयानंद सरस्वती
- प्रथम अध्यक्ष: लाला मूलराज
- आरंभिक सिद्धांत: 28 (बाद में 10 किए — लाहौर 1883)
- नारा: "वेदों की ओर लौटो"
- व्यापारिक जातियों में मजबूत आधार
स्वामी दयानंद सरस्वती
- जन्म: 1824 — मौरबी, गुजरात
- वास्तविक नाम: मूलशंकर
- 1845-46 में गृह-त्याग | स्वामी पूर्णानंद से संन्यास दीक्षा
- 1860 में मथुरा में विरजानंद (वृद्धानंद) से वेद शिक्षा
- 'हिंदू लूथर' कहा जाता है
- मृत्यु: 1883 — अजमेर (विषपान, जोधपुर षड्यंत्र)
स्वामी दयानंद सरस्वती के विचार
- धार्मिक: ऋग्वेद को प्रमाणिक माना। यज्ञों का समर्थन। पुराणों को मनगढ़ंत माना। अवतारवाद व बहुदेववाद का विरोध।
- सामाजिक: छुआछूत, जातिप्रथा, वर्णव्यवस्था का विरोध। शूद्र व स्त्री को वेद पढ़ने का अधिकार। विधवा विवाह व अंतर्जातीय विवाह का समर्थन।
- राजनीतिक: "स्वदेशी राज्य सर्वोपरि है — विदेशी राज्य चाहे जितना अच्छा हो, सुखदायक नहीं होता।" (सत्यार्थ प्रकाश) — पहली बार स्वदेशी, स्वराज, स्वभाषा, स्वाभिमान की बात की।
| स्वामी दयानंद की प्रमुख पुस्तकें |
|---|
- सत्यार्थ प्रकाश (हिंदी) — उदयपुर में लिखी, अजमेर के वैदिक यंत्रालय में छपी
|
- ऋग्वेद भाष्य | वेदभाष्य भूमिका | संस्कार विधि | गौकरुणा निधि
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- पाखंड खंडन | अद्वैत मत का खंडन | वल्लभाचार्यमत खंडन
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| शुद्धि आंदोलन व आर्य समाज का विभाजन (1893) |
|---|
- शुद्धि आंदोलन: दयानंद द्वारा — धर्मांतरित मुसलमानों/ईसाइयों को वापस हिंदू धर्म में लाना।
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- 1893 में आर्य समाज दो भागों में विभाजित: वैदिक शिक्षा बनाम अंग्रेजी शिक्षा।
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- वैदिक शिक्षा पक्ष: श्रद्धानंद सरस्वती (मुंशीराम) — 1902 में कांगड़ी, हरिद्वार में गुरुकुल।
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- अंग्रेजी शिक्षा पक्ष: लाला लाजपत राय, हंसराज — 1886 में DAV स्कूल, लाहौर (1889 में कॉलेज)।
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- वेलेंटाइन शिरोल (पुस्तक: Indian Unrest): आर्य समाज व तिलक को भारत में अशांति का जनक कहा।
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Annie Besant: एनी बेसेंट के अनुसार स्वामी दयानंद प्रथम भारतीय थे जिन्होंने कहा था — "भारत, भारतीयों के लिए है।"
आर्य समाज UPSC: स्थापना 10 अप्रैल 1875, बम्बई। DAV स्कूल 1886, लाहौर। शुद्धि आंदोलन। सत्यार्थ प्रकाश। हिंदू लूथर।
3. स्वामी विवेकानंद एवं रामकृष्ण मिशन
रामकृष्ण मिशन — मुख्य तथ्य
- स्थापना: 5 मई, 1897 — बेलूर, कलकत्ता
- संस्थापक: स्वामी विवेकानंद
- मोटो: "आत्मनो मोक्षार्थम् जगद्धिताय च"
- ध्येय वाक्य: "नर सेवा नारायण सेवा"
- 1909 में वैध पंजीकरण | मायावती, अल्मोड़ा में कार्यालय
- गुरु: रामकृष्ण परमहंस (वास्तविक नाम: गदाधर) — दक्षिणेश्वर काली मंदिर पुजारी
स्वामी विवेकानंद
- जन्म: 12 जनवरी 1863 — कलकत्ता
- बचपन का नाम: नरेंद्र नाथ दत्त | माता: भुवनेश्वरी दत्त
- स्मरण शक्ति के कारण "श्रुतिधर" कहलाए
- खेतड़ी महाराज अजीत सिंह ने "विवेकानंद" नाम व शिकागो यात्रा हेतु धन दिया
- मृत्यु: 4 जुलाई 1902 — बेलूर
विश्व धर्म सम्मेलन, शिकागो (1893)
- 30 जुलाई 1893: स्वामी विवेकानंद शिकागो पहुँचे।
- 11 सितंबर 1893: विश्व धर्म सम्मेलन आयोजन। भाषण "मेरे अमेरिकन भाइयों व बहनों" से शुरू।
- न्यूयॉर्क हेराल्ड: "शिकागो धर्म सम्मेलन में विवेकानंद ही सर्वश्रेष्ठ व्यक्ति हैं।"
- 1894: न्यूयॉर्क में वेदांत सोसायटी की स्थापना।
- 1895-96: फ्रांस, जर्मनी, इंग्लैंड की यात्रा — अनुयायी: मार्गरेट एलिज़ाबेथ, अभ्यानंद, कृपानंद।
| विवेकानंद के विचार |
|---|
- दरिद्रनारायण की सेवा पर बल — "जब तक करोड़ों व्यक्ति भूखे हैं, उन पर खर्च से शिक्षा पाने वाला देशद्रोही है।"
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- वेदांत दर्शन के समर्थक — "नव-वेदांत" का प्रतिपादन | पश्चिमी भौतिकवाद व भारतीय अध्यात्म का समन्वय।
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- सभी धर्मों में एकता | मूर्तिपूजा व बहुदेववाद का समर्थन | पुरोहितवाद की आलोचना।
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- "उठो, जागो और तब तक विश्राम न करो जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए।"
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- रवींद्रनाथ टैगोर: "भारत को समझना है तो विवेकानंद को पढ़ो।" | सुभाष चंद्र बोस: राष्ट्रीय आंदोलन का आध्यात्मिक पिता।
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सिस्टर निवेदिता (मार्गरेट एलिज़ाबेथ नोबल, आयरलैंड)
- विवेकानंद की मुख्य शिष्या | रामकृष्ण परमहंस की पत्नी शारदा देवी के साथ गरीब मरीजों की सेवा।
- कालांतर में रामकृष्ण मिशन का संचालन किया। मृत्यु: दार्जिलिंग।
- कथन: "ब्रिटिश सरकार भारत में पूर्णतया भ्रष्ट है।"
आर्य समाज बनाम रामकृष्ण मिशन
- आर्य समाज: केवल वेद सर्वोच्च, मूर्तिपूजा का विरोध।
- रामकृष्ण मिशन: सभी धर्मों को सत्य का मार्ग मानता।
- आर्य समाज: पुनरुद्धारवादी | रामकृष्ण मिशन: समन्वयवादी।
विवेकानंद की पुस्तकें
- ज्ञानयोग | कर्मयोग | राजयोग
- मैं समाजवादी हूँ
- लेक्चर्स फ्रॉम कोलंबो टू अल्मोड़ा (1897, मद्रास)
- पत्रिकाएँ: प्रबुद्ध भारत (English), उद्बोधन (बांग्ला)
4. थियोसोफिकल सोसायटी
- स्थापना: न्यूयॉर्क, 1875 | संस्थापक: (i) मैडम H.P. ब्लावात्स्की (ii) कर्नल H.S. अल्कॉट (प्रथम अध्यक्ष)।
- 1879: भारत आगमन | 1882: अड्यार (मद्रास) में मुख्यालय स्थापित।
- सिद्धांत: प्राचीन धर्मों (हिंदू, बौद्ध, पारसी) का पुनरुत्थान। आत्मा के पुनर्जन्म और कर्म सिद्धांत में विश्वास। सार्वभौमिक भाईचारे का संदेश।
एनी बेसेंट (Annie Besant)
- 1893: थियोसोफिकल सोसायटी की सदस्या के रूप में भारत आईं।
- 1907: थियोसोफिकल सोसायटी की अध्यक्षा बनीं।
- 1898: बनारस में सेंट्रल हिंदू कॉलेज की स्थापना (1916 में BHU बना — मदन मोहन मालवीय के प्रयासों से)।
- 1917: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की प्रथम महिला अध्यक्ष।
- जिद्दु कृष्णमूर्ति को गोद लिया — भगवान कृष्ण का अवतार घोषित किया।
- समाचार-पत्र: न्यू इंडिया (दैनिक) | कॉमनवील (साप्ताहिक)
थियोसोफिकल सोसायटी: 1875 न्यूयॉर्क, 1882 अड्यार। एनी बेसेंट 1907 अध्यक्षा, 1917 कांग्रेस अध्यक्षा। BHU स्थापना 1916।
5. मुस्लिम धर्म सुधार आंदोलन
अलीगढ़ आंदोलन — सर सैयद अहमद खाँ
अलीगढ़ आंदोलन — संगठन
- मुहम्मदन लिटरेरी एसोसिएशन (1863)
- साइंटिफिक सोसायटी (1864) — गाजीपुर
- एंग्लो-ओरिएंटल मोहम्मदन कॉलेज (MAO) (1875) — 1920 में AMU बना।
- मुहम्मदन एंग्लो ओरिएंटल एजुकेशनल कॉन्फ्रेंस (1886)
अलीगढ़ आंदोलन — विचार
- कुरान की तर्कसंगत व्याख्या पर बल।
- मुसलमानों के पिछड़ेपन का कारण — धार्मिक रूढ़िवादिता व आधुनिक शिक्षा का अभाव।
- अंग्रेजी शिक्षा व पश्चिमी विज्ञान को अपनाने पर जोर।
- ब्रिटिश शासन के प्रति वफादारी की नीति।
- 1885 में कांग्रेस का विरोध।
- यूनाइटेड इंडियन पैट्रियोटिक एसोसिएशन (1888) — राजा शिवप्रसाद के साथ।
| अलीगढ़ आंदोलन — प्रमुख पुस्तकें व पत्रिकाएँ |
|---|
- तहज़ीब-उल-अख़लाक (पत्रिका) | असबाब-ए-बग़ावत-ए-हिंद (1857 की क्रांति के कारणों का विश्लेषण)
|
- द लॉयल मुहम्मदन्स ऑफ इंडिया | राजभक्त मुसलमान
|
- सहयोगी: चिराग अली, अल्ताफ हुसैन हाली, नजीर अहमद, मोहसिन-उल-मुल्क (मृत्यु के बाद नेतृत्व)
|
अलीगढ़ बनाम 1857: अलीगढ़ आंदोलन ने 1857 की क्रांति का विरोध किया और ब्रिटिश शासन के साथ सहयोग की नीति अपनाई।
देवबंद आंदोलन (1867)
- स्थापना: 1867 — देवबंद (सहारनपुर, U.P.) | 1857 की क्रांति में शामिल लोगों द्वारा प्रारंभ।
- संस्थापक: (i) राशिद अहमद गंगोही (ii) मुहम्मद कासिम नानोत्वी।
- उद्देश्य: (i) कुरान और हदीस की शुद्ध शिक्षा का प्रसार (ii) विदेशी (ब्रिटिश) शासन के विरुद्ध जिहाद की भावना जीवित रखना।
- महमूद उल हसन ने देवबंद को राजनीतिक स्वरूप प्रदान किया। शिबली नुमानी भी इससे जुड़े थे।
| तुलना बिंदु | अलीगढ़ आंदोलन | देवबंद आंदोलन |
|---|
| 1857 के प्रति | विरोध (ब्रिटिश समर्थक) | समर्थक (ब्रिटिश विरोधी) |
| शिक्षा पद्धति | अंग्रेजी व आधुनिक विज्ञान | कुरान, हदीस — पारंपरिक |
| ब्रिटिश नीति | सहयोग | विरोध (जिहाद की भावना) |
| आधार क्षेत्र | उत्तर भारत के मुसलमान | उलेमा वर्ग |
अलीगढ़ आंदोलन vs देवबंद: अलीगढ़ — ब्रिटिश समर्थक, आधुनिक शिक्षा, MAO कॉलेज 1875। देवबंद — ब्रिटिश विरोधी, 1857, पारंपरिक इस्लामी शिक्षा।
6. महिला सुधार एवं प्रमुख व्यक्तित्व
| अधिनियम/सुधार | वर्ष | संबंधित व्यक्ति/गवर्नर |
|---|
| सती प्रथा निषेध (नियम-17) | 1829 | लॉर्ड विलियम बेंटिंक (राजा राममोहन राय के प्रयास) |
| हिंदू विधवा पुनर्विवाह अधिनियम | 1856 | ईश्वर चंद्र विद्यासागर के प्रयास |
| Native Marriage Act | 1872 | केशव चंद्र सेन के प्रयास — लड़की 14, लड़का 18 वर्ष न्यूनतम |
| बाल विवाह निरोधक अधिनियम (शारदा एक्ट) | 1929 | हरविलास शारदा |
ईश्वर चंद्र विद्यासागर
- कलकत्ता संस्कृत महाविद्यालय के प्राचार्य | "विद्यासागर" उपाधि प्रेसिडेंसी कॉलेज से प्राप्त।
- 1851: संस्कृत कॉलेज में गैर-ब्राह्मणों को प्रवेश दिलाया।
- विधवा पुनर्विवाह अधिनियम 1856 का नेतृत्व किया। 35 से अधिक बालिका विद्यालयों से जुड़े।
- पुस्तक: वर्ण परिचय (आधुनिक बांग्ला भाषा व्याकरण)।
पंडिता रमाबाई
- प्रथम भारतीय महिला जिन्हें कलकत्ता विश्वविद्यालय द्वारा "पंडिता" और "सरस्वती" की उपाधि मिली।
- महादेव गोविंद रानाडे और R.G. भंडारकर की सहायता से बॉम्बे में "शारदा सदन" की स्थापना।
- 1882 में "आर्य महिला सभा" की स्थापना | 1890 में पुणे में "मुक्ति सदन" की स्थापना।
- 1919 में "केसर-ए-हिंद पदक" से सम्मानित। पुस्तकें: स्त्री धर्म नीति, द हाई-कास्ट हिंदू वुमन।
सावित्रीबाई फुले
- 1848 में पुणे में लड़कियों के लिए भारत का पहला स्कूल खोला (ज्योतिबा फुले के साथ)।
- भारत की प्रथम महिला शिक्षिका। 1852 में "महिला सेवा मंडल" की स्थापना।
7. दलित एवं सामाजिक सुधार आंदोलन
सत्यशोधक समाज (1873) — ज्योतिबा फुले
- स्थापना: 1873, पुणे | संस्थापक: ज्योतिबा (ज्योतिराव) फुले।
- उद्देश्य: निम्न जातियों को सामाजिक दासता से मुक्त करना, सामाजिक न्याय दिलाना।
- जाति-विरोधी आंदोलन: ब्राह्मणवाद और जाति प्रथा पर कठोर प्रहार। दलितों व निम्न जातियों का उत्थान।
- पुस्तक: गुलाम गिरी (1873) — अमेरिकी गुलाम-मुक्ति आंदोलन को समर्पित | सार्वजनिक सत्य धर्म।
- "महात्मा" उपाधि: वी.के. वाडेकर द्वारा। शिवाजी की जीवनी लिखी।
श्री नारायण गुरु — केरल
- केरल के एझावा समुदाय का नेतृत्व किया। सभी धर्मों को समान माना।
- 1889: अरुविप्पुरम आंदोलन | 1902: श्री नारायण गुरु धर्म परिपालन आंदोलन।
- 1924: वाइकोम सत्याग्रह — K.P. केशव व T.K. माधवन के साथ दलितों के मंदिर प्रवेश के लिए।
यंग-बंगाल आंदोलन — हेनरी विवियन डेरोज़ियो
- हेनरी विवियन डेरोज़ियो ने आरंभ किया | "यंग इटली मूवमेंट" से प्रेरित।
- कलकत्ता हिंदू कॉलेज में प्रोफेसर (1826-31) | 1831 में युवावस्था में हैज़ा से मृत्यु।
- "राष्ट्रवादी कवि" कहलाए | सुरेंद्रनाथ बनर्जी: "सभ्यता का अग्रदूत" व "अपनी जाति का पिता।"
परमहंस मंडली एवं अन्य संस्थाएँ (1840, बम्बई)
- संस्थापक: दादोबा पांडुरंग एवं दुर्गाराम मेहताजी। जातिगत भेदभाव विरोध, विधवा विवाह व महिला शिक्षा।
- देव समाज (दिव्य समाज): 1887, लाहौर | संस्थापक: शिवनारायण अग्निहोत्री। आत्मा की अमरता, गुरु की सर्वोच्चता।
- राधास्वामी आंदोलन: आगरा | संस्थापक: शिव दयाल (तुलसीराम) — एकेश्वरवाद, गुरु महत्व, धार्मिक संगीत।
सिख सुधार आंदोलन — सिंह सभा आंदोलन
- स्थापना: 1873 — अमृतसर | उद्देश्य: सिख धर्म की शुद्धि एवं नवजागरण।
- प्रमुख नेता: बाबा खेम सिंह बेदी, सर अतर सिंह। सिख गुरुद्वारों में सुधार।
- 1902 में गुरुद्वारा सुधार आंदोलन का प्रारंभिक आधार तैयार हुआ।
गोपाल हरि देशमुख — "लोकहितवादी काका"
- महिला शिक्षा एवं विधवा पुनर्विवाह की वकालत। जातिगत भेद, बाल-विवाह व दहेज प्रथा को चुनौती।
- समाचार-पत्र: प्रभाकर, लोकहितवादी (साप्ताहिक) | पुस्तकें: ज्ञान प्रकाश, इंदु प्रकाश।
8. प्रमुख सुधारक — त्वरित संदर्भ
| सुधारक | आंदोलन/संस्था | वर्ष | मुख्य योगदान |
|---|
| राजा राममोहन राय | ब्रह्म समाज | 1828 | सती प्रथा उन्मूलन, आधुनिक भारत के जनक |
| स्वामी दयानंद | आर्य समाज | 1875 | "वेदों की ओर लौटो", हिंदू लूथर |
| स्वामी विवेकानंद | रामकृष्ण मिशन | 1897 | शिकागो धर्म सम्मेलन 1893, नव-वेदांत |
| ईश्वर चंद्र विद्यासागर | विधवा विवाह | 1856 | विधवा पुनर्विवाह अधिनियम |
| सर सैयद अहमद खाँ | अलीगढ़ आंदोलन | 1875 | MAO कॉलेज, मुस्लिम शिक्षा |
| ज्योतिबा फुले | सत्यशोधक समाज | 1873 | दलित उत्थान, गुलाम गिरी |
| एनी बेसेंट | थियोसोफिकल सोसायटी | 1893 | BHU, कांग्रेस प्रथम महिला अध्यक्ष 1917 |
| M.G. रानाडे | प्रार्थना समाज | 1869 | दक्कन एजुकेशन सोसायटी, इंडियन नेशनल सोशल कॉन्फ्रेंस |
| श्री नारायण गुरु | केरल सुधार | 1889 | वाइकोम सत्याग्रह 1924 |
9. सुधार आंदोलन — कालक्रम
| वर्ष | घटना |
|---|
| 1815 | आत्मीय सभा — राजा राममोहन राय |
| 1828 | ब्रह्म समाज स्थापना (20 अगस्त) |
| 1829 | सती प्रथा निषेध (4 दिसंबर) |
| 1839 | तत्वबोधिनी सभा — देवेंद्रनाथ टैगोर |
| 1840 | परमहंस मंडली — दादोबा पांडुरंग |
| 1848 | पुणे में बालिका विद्यालय — ज्योतिबा फुले |
| 1856 | विधवा पुनर्विवाह अधिनियम — विद्यासागर |
| 1864 | वेद समाज (मद्रास) | साइंटिफिक सोसायटी (गाजीपुर) |
| 1866 | भारतीय ब्रह्म समाज — केशव चंद्र सेन (प्रथम विभाजन) |
| 1867 | प्रार्थना समाज (बम्बई) | देवबंद आंदोलन (सहारनपुर) |
| 1872 | Native Marriage Act |
| 1873 | सत्यशोधक समाज — ज्योतिबा फुले |
| 1875 | आर्य समाज (10 अप्रैल, बम्बई) | थियोसोफिकल सोसायटी (न्यूयॉर्क) | MAO कॉलेज |
| 1878 | साधारण ब्रह्म समाज — आनंद मोहन बोस (द्वितीय विभाजन) |
| 1882 | थियोसोफिकल सोसायटी मुख्यालय — अड्यार, मद्रास |
| 1886 | DAV स्कूल — लाहौर (हंसराज, लाला लाजपत राय) |
| 1893 | विश्व धर्म सम्मेलन, शिकागो (11 सितंबर) — विवेकानंद |
| 1897 | रामकृष्ण मिशन — बेलूर (5 मई) |
| 1898 | सेंट्रल हिंदू कॉलेज, बनारस — एनी बेसेंट |
| 1916 | BHU स्थापना — मदन मोहन मालवीय |
| 1917 | एनी बेसेंट — कांग्रेस प्रथम महिला अध्यक्ष |
| 1920 | MAO कॉलेज → अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय |
| 1924 | वाइकोम सत्याग्रह — श्री नारायण गुरु |
| 1929 | शारदा एक्ट (बाल विवाह निरोधक अधिनियम) |
| ★ KEY POINTS ★ |
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| ✦ सती प्रथा निषेध: 4 दिसंबर 1829 — नियम-17, गवर्नर जनरल लॉर्ड विलियम बेंटिंक। |
| ✦ ब्रह्म समाज: 1828 | आर्य समाज: 1875 | रामकृष्ण मिशन: 1897 | थियोसोफिकल: 1875। |
| ✦ ब्रह्म समाज के तीन नेता: राजा राममोहन राय → देवेंद्रनाथ टैगोर → केशव चंद्र सेन। |
| ✦ "हिंदू लूथर" = स्वामी दयानंद सरस्वती | "आधुनिक भारत के जनक" = राजा राममोहन राय। |
| ✦ शिकागो धर्म सम्मेलन: 11 सितंबर 1893 — विवेकानंद। MAO कॉलेज (1875) → AMU (1920)। |
| ✦ एनी बेसेंट: थियोसोफिकल सोसायटी अध्यक्षा (1907) + कांग्रेस प्रथम महिला अध्यक्षा (1917)। |
| ✦ देवबंद (1867): ब्रिटिश विरोधी | अलीगढ़ (1875): ब्रिटिश समर्थक — मुख्य अंतर। |
| ✦ वाइकोम सत्याग्रह (1924): श्री नारायण गुरु — दलितों के मंदिर प्रवेश के लिए केरल में। |
| ✦ विधवा पुनर्विवाह अधिनियम (1856) — ईश्वर चंद्र विद्यासागर के प्रयासों का परिणाम। |
| ✦ रानाडे: दक्कन एजुकेशन सोसायटी (1884) + इंडियन नेशनल सोशल कॉन्फ्रेंस (1887)। |
| ✦ यंग-बंगाल आंदोलन: हेनरी विवियन डेरोज़ियो (1831 में मृत्यु) — हिंदू कॉलेज, कलकत्ता। |
| ✦ BHU की स्थापना 1916 — मदन मोहन मालवीय; आधार था सेंट्रल हिंदू कॉलेज (1898, एनी बेसेंट)। |
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