🏰 अध्याय 2/15 — आधुनिक भारत का इतिहास

ब्रिटिश विजय की पूर्व संध्या पर भारत

India on Eve of British Conquest | RAS Pre + Mains
📋 इस अध्याय में

    ▌ भूमिका (Introduction)

    जब अंग्रेज भारत में अपने पाँव पसार रहे थे, उस समय भारत की राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक स्थिति अत्यंत कमज़ोर थी। 1707 ई. में औरंगज़ेब की मृत्यु के बाद मुगल साम्राज्य तेजी से बिखरता गया और उसके स्थान पर अनेक क्षेत्रीय शक्तियाँ उभर आईं। इस विघटन ने अंग्रेजों को भारत पर विजय प्राप्त करने का सुनहरा अवसर प्रदान किया।

    18वीं शताब्दी को भारत के इतिहास में 'संक्रमण काल' कहा जाता है — यह वह समय था जब पुरानी व्यवस्था टूट रही थी और नई व्यवस्था अभी बनी नहीं थी। इस अव्यवस्था का लाभ उठाकर ईस्ट इंडिया कंपनी ने भारत में अपनी राजनीतिक सत्ता स्थापित की।

    ▌ मुगल साम्राज्य का पतन (Decline of the Mughal Empire)

    मुगल साम्राज्य का पतन एक क्रमिक प्रक्रिया थी जो कई आंतरिक और बाह्य कारणों से हुई:

    पतन के प्रमुख कारण

    1707 के बाद के मुगल बादशाह

    बादशाहशासनकालउपनाम / विशेषता
    बहादुर शाह प्रथम (मुअज्जम)1707–12 ई.शाहे-बेखबर (बेखबर बादशाह); राजपूतों व सिखों से संधि की
    जहाँदार शाह1712–13 ई.लम्पट मूर्ख; ज़ुल्फ़िकार खाँ का कठपुतली
    फर्रुखसियर1713–19 ई.सैय्यद बंधुओं का कठपुतली; 1717 ई. में अंग्रेजों को फरमान दिया
    मुहम्मद शाह 'रंगीला'1719–48 ई.रंगीला; 1739 ई. में नादिर शाह का आक्रमण; नृत्य-संगीत में लीन
    अहमद शाह1748–54 ई.अयोग्य; अफगान आक्रमण झेले
    आलमगीर द्वितीय1754–59 ई.इमाद-उल-मुल्क का कठपुतली
    शाह आलम द्वितीय1759–1806 ई.1765 ई. में ईस्ट इंडिया कंपनी को दीवानी अधिकार दिए

    EXAM TIP

    परीक्षा में पूछा जाता है — फर्रुखसियर का फरमान (1717 ई.) अंग्रेजों को मिला जिसने EIC को बंगाल में शुल्क-मुक्त व्यापार का अधिकार दिया। इसे 'अंग्रेजों का मैग्ना कार्टा' कहा जाता है।

    ▌ नादिर शाह का आक्रमण (Invasion of Nadir Shah, 1739 ई.)

    नादिर शाह ईरान (फारस) का शासक था जिसने 1739 ई. में मुगल साम्राज्य पर आक्रमण किया। यह आक्रमण मुगल साम्राज्य के पतन की निर्णायक घटनाओं में से एक था।

    स्मरणीय: नादिर शाह के साथ 1739 ई. में हुई संधि के तहत मुगल बादशाह को सिंधु के पश्चिम का क्षेत्र देना पड़ा। इस आक्रमण के बाद मुगलों की वास्तविक शक्ति समाप्त हो गई।

    ▌ अहमद शाह अब्दाली के आक्रमण (Invasions of Ahmad Shah Abdali)

    नादिर शाह की हत्या के बाद उसका एक सेनानायक अहमद शाह अब्दाली (अहमद शाह दुर्रानी) अफगानिस्तान का शासक बना। उसने 1748 से 1767 ई. के बीच भारत पर आठ बार आक्रमण किए।

    पानीपत का तृतीय युद्ध — 14 जनवरी 1761 ई.

    यह युद्ध भारतीय इतिहास का एक निर्णायक मोड़ था। इस युद्ध में अफगान शासक अहमद शाह अब्दाली और मराठा संघ के बीच संघर्ष हुआ।

    पहलूविवरण
    तिथि14 जनवरी 1761 ई. (मकर संक्रांति)
    स्थानपानीपत, हरियाणा
    पक्षअहमद शाह अब्दाली (अफगान) + रोहिल्ला + शुजा-उद-दौला (अवध) बनाम मराठा संघ
    मराठा नेताविश्वासराव (पेशवा बालाजी बाजीराव नाना साहब के पुत्र) + सदाशिवराव भाऊ (बालाजी बाजीराव के भाई, विश्वासराव के चाचा)
    परिणाममराठाओं की निर्णायक पराजय; विश्वासराव और सदाशिवराव भाऊ युद्ध में मारे गए
    महत्वमराठा उत्तर भारत की राजनीति से बाहर हो गए; अंग्रेजों को मौका मिला

    ध्यान दें: पानीपत के तृतीय युद्ध (1761) में मराठाओं की पराजय ने उत्तर भारत में शक्ति-शून्यता पैदा की जिसका सबसे अधिक लाभ ईस्ट इंडिया कंपनी को मिला।

    EXAM TIP

    पानीपत के तीनों युद्ध: (1) 1526 — बाबर vs. इब्राहिम लोदी; (2) 1556 — अकबर vs. हेमू; (3) 1761 — अब्दाली vs. मराठा। तीनों में उत्तर भारत की राजनीति पलटी।

    ▌ क्षेत्रीय शक्तियों का उदय (Rise of Regional Powers)

    मुगल साम्राज्य के कमज़ोर पड़ने के साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में स्वतंत्र सत्ताएँ उभरीं। इन्हें दो श्रेणियों में रखा जा सकता है: (1) उत्तराधिकारी राज्य (Successor States) — जो मुगल प्रान्तों से निकले, (2) नई शक्तियाँ (New Powers) — जो मुगलों से स्वतंत्र रूप से उभरीं।

    हैदराबाद (Hyderabad)

    बंगाल (Bengal)

    महत्वपूर्ण: मुर्शिद कुली खाँ ने इज़ारेदारी प्रणाली (Ijaradari System) लागू की। उन्होंने राजधानी ढाका से मुर्शिदाबाद स्थानांतरित की। बंगाल 18वीं सदी का सर्वाधिक समृद्ध प्रांत था।

    अवध (Awadh)

    EXAM TIP

    अवध के नवाबों की परीक्षा में पूछी जाने वाली सूची: सआदत खाँ → सफदरजंग → शुजा-उद-दौला → आसफ-उद-दौला → वाजिद अली शाह (1857 में निर्वासित)।

    मराठा शक्ति (The Marathas)

    मराठा शक्ति का उदय छत्रपति शिवाजी (1627–80 ई.) के नेतृत्व में 17वीं शताब्दी में हुआ। 18वीं सदी में पेशवाओं के नेतृत्व में मराठा साम्राज्य अपने चरम पर पहुँचा और उत्तर भारत तक फैल गया।

    मराठा परिवारकेंद्रप्रमुख शासक
    पेशवापुणेबाजीराव प्रथम, बालाजी बाजीराव
    भोंसलेनागपुररघुजी भोंसले
    सिंधिया (शिंदे)ग्वालियरमहादजी सिंधिया
    होल्करइंदौरअहिल्याबाई होल्कर, यशवंत राव होल्कर
    गायकवाडबड़ोदादमाजी गायकवाड

    चौथ और सरदेशमुखी: मराठा क्षेत्रों से बाहर की भूमि से वसूली जाने वाली दो प्रकार की 'कर'। चौथ = भूमि राजस्व का 1/4 भाग; सरदेशमुखी = भूमि राजस्व का 1/10 अतिरिक्त भाग। यह मराठा आय का मुख्य स्रोत था।

    मैसूर (Mysore)

    मैसूर दक्षिण भारत की सबसे महत्वपूर्ण शक्ति बनी। हैदर अली और उसके पुत्र टीपू सुल्तान ने अंग्रेजों को कड़ी टक्कर दी।

    सिख शक्ति (The Sikhs)

    सिख धर्म की स्थापना गुरु नानकदेव जी (1469–1539 ई.) ने की। 18वीं सदी में सिख शक्ति पंजाब में एक प्रमुख राजनीतिक शक्ति बनी।

    राजपूत राज्य (Rajput States)

    जाट शक्ति (The Jats)

    ▌ 18वीं शताब्दी की आर्थिक और सामाजिक स्थिति

    आर्थिक स्थिति

    सामाजिक स्थिति

    सांस्कृतिक योगदान — 18वीं सदी

    ▶ उर्दू साहित्य का स्वर्ण युग: मीर तकी मीर, मिर्जा गालिब (19वीं सदी), दर्द ▶ लखनवी संस्कृति: कथक नृत्य, ठुमरी, नवाबी शैली का विकास ▶ चित्रकला: पहाड़ी चित्रकला (कांगड़ा), राजपूत चित्रकला का विकास ▶ वास्तुकला: लखनऊ का इमामबाड़ा (1784), आसफ-उद-दौला द्वारा निर्मित

    ▌ अंग्रेजों की सफलता के कारण (Why British Succeeded)

    18वीं सदी में भारत की कमज़ोर राजनीतिक दशा ही अंग्रेजों की सफलता का मुख्य कारण थी। किंतु अंग्रेजों की अपनी कुछ विशेषताएँ भी थीं जिन्होंने उन्हें सफल बनाया:

    भारत की कमज़ोरीअंग्रेजों की ताकत
    मुगल साम्राज्य का पतन — राजनीतिक शून्यतासंगठित सैन्य शक्ति और आधुनिक हथियार
    क्षेत्रीय शक्तियों में आपसी लड़ाईसुदृढ़ नौसेना और समुद्री व्यापार नियंत्रण
    आर्थिक संकट और राजकोष खालीईस्ट इंडिया कंपनी की वित्तीय ताकत
    विदेशी आक्रमणों से जनता थकी हुईकूटनीतिक चालाकी — फूट डालो, राज करो
    एकता का अभाव — जाति, धर्म, क्षेत्र में विभाजनब्रिटेन में औद्योगिक क्रांति से आर्थिक श्रेष्ठता

    ★ मुख्य बिंदु | KEY POINTS

    ✦ औरंगज़ेब की मृत्यु (1707) के बाद मुगल साम्राज्य का पतन प्रारंभ हुआ। ✦ नादिर शाह (1739) ने दिल्ली लूटी — मयूर सिंहासन और कोहिनूर हीरा ले गया। ✦ पानीपत का तृतीय युद्ध (1761) — अब्दाली ने मराठाओं को हराया, उत्तर भारत में शक्ति-शून्यता। ✦ हैदराबाद (1724), बंगाल (1717), अवध (1722) — प्रमुख उत्तराधिकारी राज्य। ✦ मराठा संघ — पाँच प्रमुख परिवार: पेशवा, भोंसले, सिंधिया, होल्कर, गायकवाड। ✦ चौथ = 1/4 राजस्व, सरदेशमुखी = 1/10 अतिरिक्त — मराठा कर प्रणाली। ✦ मुर्शिद कुली खाँ — बंगाल का प्रथम स्वतंत्र नवाब; राजधानी मुर्शिदाबाद। ✦ हैदर अली और टीपू सुल्तान — मैसूर के शक्तिशाली शासक; अंग्रेजों को चुनौती। ✦ रणजीत सिंह (1799–1839) — पंजाब के महाराजा, सिख साम्राज्य के संस्थापक। ✦ 18वीं सदी में भारत का सामाजिक-आर्थिक विघटन अंग्रेजी विजय का मुख्य कारण बना।

    EXAM TIP

    UPSC/PCS परीक्षा में इस अध्याय से अक्सर पूछा जाता है: नादिर शाह का आक्रमण वर्ष, पानीपत तृतीय युद्ध की तारीख और पक्ष, मुर्शिद कुली खाँ का योगदान, चौथ और सरदेशमुखी की परिभाषा, मराठा मिस्ल बनाम पेशवा शासन।

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