कल्पना कीजिए — साल है 1946, अमेरिका की एक बड़ी प्रयोगशाला में एक मशीन खड़ी है जो पूरे एक कमरे जितनी बड़ी है, जिसका वज़न लगभग 30 टन है और जिसमें 18,000 से अधिक वैक्यूम ट्यूब (Vacuum Tube) लगे हैं। इस मशीन का नाम था — ENIAC। यह इतनी बिजली खींचती थी कि कहा जाता है, इसे चालू करते ही आस-पास के इलाके की लाइट्स कभी-कभी धीमी पड़ जाती थीं, और इसमें लगे हज़ारों ट्यूबों में से कोई एक भी हर दिन खराब हो जाता तो पूरी मशीन बंद करनी पड़ती थी। आज, लगभग 80 साल बाद, आपकी जेब में रखा एक छोटा-सा स्मार्टफोन उस विशालकाय मशीन से लाखों गुना तेज़, हज़ारों गुना छोटा और अरबों गुना सस्ता है। यही है कंप्यूटर विज्ञान की सबसे रोमांचक कहानी — कमरे जितनी बड़ी मशीनों से लेकर आपकी हथेली तक पहुंचने का सफर। आइए, इस अध्याय में समझते हैं कि यह क्रांति कैसे हुई, कंप्यूटर के अंदर वास्तव में काम कैसे होता है, और इसकी मूल तकनीकी बुनियाद क्या है — ताकि आगे के सभी तकनीकी अध्याय (नेटवर्किंग, इंटरनेट, AI, साइबर सुरक्षा) आपको आसानी से समझ आएं।
शब्द 'कंप्यूटर' लैटिन भाषा के 'Computare' से बना है, जिसका अर्थ है 'गणना करना'। सरल शब्दों में, कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण (Electronic Device) है जो उपयोगकर्ता से डेटा (Data) को इनपुट के रूप में प्राप्त करता है, पूर्व-निर्धारित निर्देशों (Instructions/Program) के अनुसार उस पर प्रोसेसिंग करता है, और परिणाम को सूचना (Information) के रूप में आउटपुट देता है। इस पूरी प्रक्रिया को 'IPO साइकल' कहा जाता है।
► इस प्रकार पूरा चक्र बनता है: Input → Process → Output → Storage (आवश्यकतानुसार Feedback भी वापस Input में जाता है)।
| 1. इनपुट Input — डेटा प्राप्त करना | ➜ | 2. प्रोसेस Process — CPU प्रोसेसिंग | ➜ | 3. आउटपुट Output — परिणाम प्रदर्शन |
|---|
चित्र: IPO साइकल (Input-Process-Output Cycle) — हर कंप्यूटर इसी सिद्धांत पर कार्य करता है
कंप्यूटर अचानक नहीं बना — यह हज़ारों वर्षों की गणना-यंत्र विकास यात्रा का परिणाम है। नीचे दी गई तालिका में प्रमुख पूर्व-कंप्यूटर यंत्रों का कालक्रम (Timeline) दिया गया है:
| यंत्र (Device) | आविष्कारक/काल | विशेषता |
|---|---|---|
| अबेकस (Abacus) | लगभग 2400 ईसा पूर्व (चीन/बेबीलोन) | विश्व का सबसे पुराना गणना यंत्र; मनकों (Beads) की सहायता से जोड़-घटाव किया जाता था |
| नेपियर बोन्स (Napier's Bones) | जॉन नेपियर, 1617 ई. | हड्डी/लकड़ी की छड़ों की सहायता से गुणा-भाग को आसान बनाया |
| पास्कलाइन (Pascaline) | ब्लेज़ पास्कल, 1642 ई. | पहला यांत्रिक (Mechanical) कैलकुलेटर; गियर पद्धति पर आधारित जोड़-घटाव यंत्र |
| स्टेप्ड रेकनर (Stepped Reckoner) | गॉटफ्रीड लाइबनिट्ज़, 1673 ई. | जोड़, घटाव, गुणा व भाग — चारों संक्रियाएं करने में सक्षम पहला यंत्र |
| जेकार्ड लूम (Jacquard Loom) | जोसेफ मैरी जेकार्ड, 1801 ई. | पंच कार्ड (Punched Card) के माध्यम से बुनाई पैटर्न नियंत्रित करने वाला पहला यंत्र — आधुनिक प्रोग्रामिंग अवधारणा की नींव |
| डिफरेंस इंजन व एनालिटिकल इंजन | चार्ल्स बैबेज, 1822 व 1837 ई. | प्रोग्राम-नियंत्रित स्वचालित गणना की अवधारणा प्रस्तुत की — मेमोरी, प्रोसेसर व आउटपुट यूनिट जैसी संरचना |
चार्ल्स बैबेज को उनके 'एनालिटिकल इंजन' (1837) के डिज़ाइन के कारण 'आधुनिक कंप्यूटर का जनक (Father of Computer)' कहा जाता है। यह मशीन आज के कंप्यूटर की तरह ही तीन मुख्य भागों — मिल (Mill, आज का CPU), स्टोर (Store, आज की मेमोरी) और आउटपुट यूनिट — पर आधारित थी, हालांकि उस समय की तकनीकी सीमाओं के कारण यह पूरी तरह नहीं बन पाई। गणितज्ञ एडा लवलेस (Ada Lovelace) ने इस इंजन के लिए एक विस्तृत एल्गोरिद्म लिखा, जिसे विश्व का पहला कंप्यूटर प्रोग्राम माना जाता है — इसीलिए उन्हें 'विश्व की पहली प्रोग्रामर' कहा जाता है। रोचक तथ्य: अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने एक कंप्यूटर प्रोग्रामिंग भाषा का नाम भी उनके सम्मान में 'Ada' रखा।
आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर के विकास को उपयोग की गई मुख्य तकनीक (Technology) के आधार पर पाँच पीढ़ियों (Generations) में बांटा गया है। हर पीढ़ी में आकार छोटा, गति तेज़, लागत कम और विश्वसनीयता अधिक होती गई:
| पीढ़ी | काल (Period) | मुख्य तकनीक | प्रमुख उदाहरण |
|---|---|---|---|
| प्रथम (I) | 1940-1956 | वैक्यूम ट्यूब (Vacuum Tube); मशीन भाषा (Machine Language); विशाल आकार, अत्यधिक गर्मी व बिजली खपत | ENIAC, EDVAC, UNIVAC |
| द्वितीय (II) | 1956-1964 | ट्रांजिस्टर (Transistor, 1947 में बेल लैब्स में आविष्कृत); चुंबकीय क्रोड मेमोरी (Magnetic Core Memory); असेंबली भाषा | IBM 1401, IBM 7090 |
| तृतीय (III) | 1964-1971 | इंटीग्रेटेड सर्किट (IC — Integrated Circuit); उच्चस्तरीय भाषाएं (FORTRAN, COBOL); पहली बार ऑपरेटिंग सिस्टम की शुरुआत | IBM 360, PDP-8 |
| चतुर्थ (IV) | 1971-वर्तमान | माइक्रोप्रोसेसर व VLSI (Very Large Scale Integration); GUI, माउस, पर्सनल कंप्यूटर | IBM PC (1981), Apple Macintosh (1984) |
| पंचम (V) | वर्तमान-भविष्य | कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), मशीन लर्निंग, समांतर प्रोसेसिंग (Parallel Processing), क्वांटम कंप्यूटिंग | PARAM Rudra सुपरकंप्यूटर, AI-आधारित सिस्टम |
| पंचम पीढ़ी — AI व क्वांटम कंप्यूटिंग (वर्तमान-भविष्य) | ||
|---|---|---|
| चतुर्थ पीढ़ी — माइक्रोप्रोसेसर, पर्सनल कंप्यूटर (1971-अब) | ||
| तृतीय पीढ़ी — इंटीग्रेटेड सर्किट (1964-1971) | ||
| द्वितीय पीढ़ी — ट्रांजिस्टर (1956-1964) | ||
| प्रथम पीढ़ी — वैक्यूम ट्यूब (1940-1956) |
चित्र: कंप्यूटर पीढ़ियों का विकास-क्रम — नीचे से ऊपर की ओर समय एवं तकनीक का विस्तार
मूर का नियम (Moore's Law): 1965 में इंटेल के सह-संस्थापक गॉर्डन मूर ने भविष्यवाणी की थी कि एक माइक्रोचिप पर लगे ट्रांजिस्टरों की संख्या लगभग हर दो वर्ष में दोगुनी हो जाएगी, जिससे कंप्यूटर की प्रोसेसिंग क्षमता बढ़ती जाएगी और लागत घटती जाएगी। पिछले 50+ वर्षों से यह सिद्धांत काफी हद तक सही साबित हुआ है और आज की स्मार्टफोन-क्रांति की एक बड़ी वजह यही है।
हार्डवेयर कंप्यूटर के वे सभी भौतिक (Physical) अंग हैं जिन्हें हम देख और छू सकते हैं — जैसे कीबोर्ड, माउस, मॉनिटर, CPU आदि। हार्डवेयर स्वयं कुछ नहीं कर सकता, इसे कार्य करने के लिए सॉफ्टवेयर के निर्देशों की आवश्यकता होती है।
सॉफ्टवेयर निर्देशों (Instructions/Programs) का वह समूह है जो हार्डवेयर को बताता है कि उसे क्या और कैसे करना है। सॉफ्टवेयर को छुआ नहीं जा सकता, केवल देखा व उपयोग किया जा सकता है। यह मुख्यतः दो प्रकार का होता है:
CPU को कंप्यूटर का 'मस्तिष्क (Brain)' कहा जाता है। यह मुख्यतः निम्न भागों से मिलकर बनता है:
| भाग | पूरा नाम | कार्य |
|---|---|---|
| CU | कंट्रोल यूनिट (Control Unit) | निर्देशों को डिकोड करना तथा कंप्यूटर के अन्य सभी भागों (मेमोरी, ALU, I/O) को नियंत्रित एवं समन्वित करना |
| ALU | अरिथमेटिक लॉजिक यूनिट (Arithmetic Logic Unit) | गणितीय संक्रियाएं (जोड़, घटाव, गुणा, भाग) व तार्किक संक्रियाएं (AND, OR, NOT, तुलना) करना |
| Registers | रजिस्टर | डेटा व निर्देशों को अस्थायी रूप से स्टोर करना — कंप्यूटर की सबसे तेज़ मेमोरी |
| Bus | बस (Data/Address/Control Bus) | CPU, मेमोरी व I/O उपकरणों के बीच डेटा व सिग्नल स्थानांतरण का मार्ग |
इनपुट डिवाइस वे उपकरण हैं जिनसे डेटा कंप्यूटर के अंदर भेजा जाता है, जबकि आउटपुट डिवाइस वे हैं जिनसे प्रोसेस किया गया परिणाम बाहर प्रदर्शित होता है। कुछ उपकरण दोनों कार्य एक साथ करते हैं (जैसे टचस्क्रीन)।
| उपकरण (Device) | प्रकार | कार्य/उपयोग |
|---|---|---|
| कीबोर्ड (Keyboard) | इनपुट | टेक्स्ट व कमांड टाइप करना |
| माउस (Mouse) | इनपुट | पॉइंटिंग, क्लिक व चयन (Selection) करना |
| स्कैनर (Scanner) | इनपुट | कागज़ी दस्तावेज़/फोटो को डिजिटल रूप में बदलना |
| बायोमेट्रिक डिवाइस | इनपुट | फिंगरप्रिंट/आइरिस स्कैन द्वारा पहचान (आधार, बैंकिंग, डिजी यात्रा) |
| OMR/OCR उपकरण | इनपुट | परीक्षा उत्तर-पत्रक स्कैनिंग व मुद्रित टेक्स्ट की पहचान |
| माइक्रोफोन/वेबकैम | इनपुट | आवाज़ व वीडियो रिकॉर्डिंग |
| मॉनिटर (Monitor) | आउटपुट | दृश्य परिणाम प्रदर्शन (LED/LCD/OLED स्क्रीन) |
| प्रिंटर (Printer) | आउटपुट | कागज़ पर प्रिंट — इंकजेट, लेज़र, 3D प्रिंटर आदि प्रकार |
| स्पीकर (Speaker) | आउटपुट | ध्वनि आउटपुट |
| प्रोजेक्टर व प्लॉटर | आउटपुट | बड़ी स्क्रीन प्रदर्शन व बड़े नक़्शे/चित्र प्रिंट |
| टचस्क्रीन (Touchscreen) | इनपुट + आउटपुट | स्पर्श से इनपुट देना तथा साथ ही परिणाम प्रदर्शित करना |
| मॉडेम (Modem) | इनपुट + आउटपुट | नेटवर्क के माध्यम से डेटा भेजना व प्राप्त करना |
आधार कार्ड बनवाते समय आपकी फिंगरप्रिंट और आइरिस (आँख की पुतली) स्कैन बायोमेट्रिक इनपुट डिवाइस द्वारा ली जाती है। चूंकि यह डेटा किसी भी दो व्यक्तियों में एक जैसा नहीं होता, इसलिए इसे पहचान का सबसे सुरक्षित तरीका माना जाता है। यही तकनीक बैंकों, हवाई अड्डों (जैसे 'डिजी यात्रा' सुविधा) और स्मार्टफोन अनलॉक करने में भी उपयोग होती है।
स्पर्श तकनीक (Touchscreen Technology): टचस्क्रीन दो प्रमुख प्रकार की होती हैं — रेज़िस्टिव (Resistive, दबाव पर आधारित, पुराने फीचर फोन में) और कैपेसिटिव (Capacitive, विद्युत संकेत पर आधारित, आज के स्मार्टफोन/टैबलेट में)। कैपेसिटिव टचस्क्रीन अधिक संवेदनशील (Sensitive) होती है और मल्टी-टच (एक साथ कई उंगलियों से इशारा) को सपोर्ट करती है।
कंप्यूटर में मेमोरी को गति (Speed), क्षमता (Capacity) व लागत (Cost) के आधार पर एक पिरामिड-रूपी संरचना में व्यवस्थित किया जाता है — जितना ऊपर जाएं, गति उतनी तेज़ पर क्षमता व आकार उतना ही कम; जितना नीचे जाएं, क्षमता उतनी अधिक पर गति उतनी धीमी:
| रजिस्टर (Registers) — सबसे तेज़, CPU के अंदर, न्यूनतम क्षमता | ||
|---|---|---|
| कैश मेमोरी (Cache — L1/L2/L3) — बहुत तेज़, छोटी क्षमता | ||
| RAM (Primary Memory) — तेज़, अस्थायी (Volatile) | ||
| सेकेंडरी स्टोरेज (HDD/SSD) — धीमी पर स्थायी (Non-Volatile), सबसे बड़ी क्षमता |
चित्र: मेमोरी पदानुक्रम पिरामिड (Memory Hierarchy) — ऊपर तेज़/छोटी, नीचे धीमी/बड़ी
RAM कंप्यूटर की मुख्य (Primary) कार्यशील मेमोरी है, जो CPU द्वारा तुरंत उपयोग किए जाने वाले डेटा व प्रोग्राम को अस्थायी रूप से स्टोर करती है। यह 'वोलेटाइल (Volatile)' मेमोरी है — यानी कंप्यूटर बंद होते ही इसमें रखा डेटा मिट जाता है।
ROM एक 'नॉन-वोलेटाइल (Non-Volatile)' मेमोरी है, जिसमें डेटा स्थायी रूप से स्टोर रहता है और बिजली बंद होने पर भी मिटता नहीं। इसमें कंप्यूटर को चालू (Boot) करने के लिए आवश्यक बुनियादी निर्देश (Firmware/BIOS) संग्रहीत रहते हैं।
कैश मेमोरी CPU व RAM के बीच स्थित एक बहुत तेज़, छोटी क्षमता वाली मेमोरी है, जो CPU द्वारा बार-बार उपयोग किए जाने वाले डेटा/निर्देशों को अस्थायी रूप से रखती है, ताकि CPU को हर बार धीमी RAM तक न जाना पड़े। इसके तीन स्तर होते हैं:
सेकेंडरी स्टोरेज वह मेमोरी है जिसमें डेटा दीर्घकाल तक स्थायी रूप से (Non-Volatile) रखा जाता है — जैसे दस्तावेज़, फोटो, वीडियो व सॉफ्टवेयर फाइलें। CPU इस डेटा को सीधे प्रोसेस नहीं करता, पहले उसे RAM में लाया जाता है:
| डिवाइस | अनुमानित क्षमता (2026) | विशेषता |
|---|---|---|
| हार्ड डिस्क (HDD) | 500 GB - 20 TB | घूमने वाली चुंबकीय डिस्क (Magnetic Disk); सस्ती परंतु अपेक्षाकृत धीमी |
| SSD (NVMe/SATA) | 128 GB - 8 TB+ | कोई गतिशील पुर्ज़ा नहीं (No Moving Parts); HDD की तुलना में 5-10 गुना तेज़ रीड-राइट स्पीड |
| पेन ड्राइव (USB Drive) | 8 GB - 1 TB | पोर्टेबल, USB पोर्ट से जुड़ने वाली फ्लैश मेमोरी |
| मेमोरी कार्ड (microSD) | 16 GB - 1 TB+ | मोबाइल फोन व कैमरा में उपयोग होने वाली छोटी फ्लैश मेमोरी |
| ऑप्टिकल डिस्क (CD/DVD/Blu-ray) | 700 MB - 100 GB | लेज़र तकनीक पर आधारित; आज लगभग अप्रचलित (Obsolete) |
| क्लाउड स्टोरेज (Cloud Storage) | व्यावहारिक रूप से असीमित | इंटरनेट के माध्यम से दूरस्थ सर्वर पर डेटा स्टोर — जैसे Google Drive, iCloud, OneDrive |
2026 में आने वाले नए लैपटॉप/कंप्यूटर DDR5 रैम के साथ आते हैं, जो DDR4 की तुलना में लगभग दोगुनी गति और कम बिजली खपत देती है। वहीं NVMe SSD, पुरानी हार्ड डिस्क (HDD) की तुलना में 5-10 गुना तेज़ डेटा रीड-राइट स्पीड देती है — जिससे आज का कंप्यूटर मात्र कुछ सेकंड में ही बूट (Boot) हो जाता है, जबकि पहले यह प्रक्रिया कई मिनट लेती थी।
कंप्यूटर मेमोरी को निम्नलिखित इकाइयों में मापा जाता है, जहां हर बड़ी इकाई अपनी छोटी इकाई से 1024 गुना बड़ी होती है:
| इकाई (Unit) | बराबर (Equal to) |
|---|---|
| 1 बाइट (Byte) | 8 बिट्स (Bits) |
| 1 किलोबाइट (KB) | 1024 बाइट्स |
| 1 मेगाबाइट (MB) | 1024 KB |
| 1 गीगाबाइट (GB) | 1024 MB |
| 1 टेराबाइट (TB) | 1024 GB |
| 1 पेटाबाइट (PB) | 1024 TB |
कैश मेमोरी बनाम RAM — गति में अंतर क्यों?: कैश मेमोरी, SRAM (Static RAM) तकनीक पर आधारित होती है जिसे बार-बार रिफ्रेश करने की ज़रूरत नहीं पड़ती, इसलिए यह RAM (जो DRAM तकनीक पर आधारित है) से कई गुना तेज़ होती है। यही कारण है कि CPU पहले कैश में डेटा खोजता है, न मिलने पर ही RAM की ओर जाता है — इसे 'कैश हिट/मिस' कहा जाता है।
ऑपरेटिंग सिस्टम (OS) एक विशेष प्रकार का सिस्टम सॉफ्टवेयर है, जो उपयोगकर्ता (User) और कंप्यूटर हार्डवेयर के बीच एक सेतु (Interface) का कार्य करता है। बिना OS के कोई भी कंप्यूटर, स्मार्टफोन या टैबलेट कार्य नहीं कर सकता — यह हार्डवेयर के सभी संसाधनों (CPU, मेमोरी, स्टोरेज, I/O डिवाइस) का प्रबंधन करता है तथा एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर को चलाने के लिए आवश्यक वातावरण प्रदान करता है।
| उपयोगकर्ता User | ➜ | ऑपरेटिंग सिस्टम Interface | ➜ | हार्डवेयर CPU, RAM, Storage |
|---|
चित्र: ऑपरेटिंग सिस्टम — उपयोगकर्ता और हार्डवेयर के बीच सेतु (Interface)
| प्रकार (Type) | विशेषता | उदाहरण |
|---|---|---|
| बैच OS (Batch) | कार्यों को समूह (Batch) में एकत्र कर बिना यूज़र इंटरैक्शन के क्रमवार प्रोसेस करना | प्रारंभिक मेनफ्रेम सिस्टम |
| टाइम-शेयरिंग OS | एक साथ कई उपयोगकर्ताओं को बारी-बारी CPU समय देकर सेवा प्रदान करना | Unix |
| रियल-टाइम OS (RTOS) | तयशुदा समय-सीमा के भीतर तुरंत प्रतिक्रिया देना — देरी अस्वीकार्य | विमान नियंत्रण प्रणाली, मेडिकल उपकरण, ISRO के मिशन-नियंत्रण सॉफ्टवेयर |
| डिस्ट्रिब्यूटेड OS | नेटवर्क से जुड़े कई कंप्यूटरों को एक इकाई की तरह संचालित करना | बड़े सर्वर नेटवर्क सिस्टम |
| मोबाइल OS | स्मार्टफोन व टैबलेट के लिए विशेष रूप से बना, टच-आधारित | Android, iOS |
| ऑपरेटिंग सिस्टम | नवीनतम स्थिति (जुलाई 2026) | डेवलपर |
|---|---|---|
| Windows | Windows 11 वर्तमान में सक्रिय; Windows 12 (कोडनेम 'Hudson Valley Next') 2026 में AI-केंद्रित नई पीढ़ी के रूप में अपेक्षित | Microsoft |
| macOS | Apple का नवीनतम macOS संस्करण — Apple Silicon (M-सीरीज़ चिप) पर आधारित | Apple |
| Linux | ओपन-सोर्स; अनेक डिस्ट्रीब्यूशन (Ubuntu, Fedora, Red Hat आदि) — सर्वर व सुपरकंप्यूटर में व्यापक उपयोग | Open Source समुदाय |
| Android | Android 17 — जून 2026 में जारी किया गया नवीनतम संस्करण | |
| iOS | Apple के iPhone उपकरणों हेतु नवीनतम iOS संस्करण | Apple |
जब आप स्मार्टफोन पर एक साथ WhatsApp पर चैट करते हैं, गाना सुनते हैं और नोटिफिकेशन देखते हैं — यह सब Android या iOS ऑपरेटिंग सिस्टम की 'मल्टीटास्किंग' क्षमता के कारण संभव होता है। OS ही तय करता है कि किस ऐप को कितनी मेमोरी व बैटरी मिले, ताकि फोन धीमा न पड़े। जून 2026 में जारी Android 17, बैटरी प्रबंधन व AI-आधारित फीचर्स में और सुधार लेकर आया है।
AI-एकीकृत ऑपरेटिंग सिस्टम — Windows 12: 2026 में लॉन्च होने जा रहा Windows 12 (कोडनेम 'Hudson Valley Next') कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) को कोई अतिरिक्त फीचर नहीं, बल्कि सिस्टम का मूल हिस्सा (Core Part) बना रहा है — Copilot अब एक वैकल्पिक सहायक की बजाय केंद्रीय नियंत्रण इकाई की तरह कार्य करेगा। इसके लिए कम-से-कम 40 TOPS क्षमता वाली NPU (Neural Processing Unit) चिप आवश्यक होगी। यह दर्शाता है कि भविष्य के ऑपरेटिंग सिस्टम पारंपरिक कार्यों के साथ-साथ AI को भी मूल रूप से सँभालेंगे।
राजस्थान नॉलेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (Rajasthan Knowledge Corporation Limited - RKCL) राज्य सरकार व उद्योग जगत की संयुक्त पहल (Public-Private Partnership) है, जिसकी स्थापना राजस्थान के हर नागरिक तक बुनियादी कंप्यूटर शिक्षा पहुंचाने के उद्देश्य से की गई थी। इसके अंतर्गत चलाया जाने वाला 'RS-CIT (Rajasthan State Certificate in Information Technology)' कोर्स राज्य का सबसे लोकप्रिय बुनियादी कंप्यूटर साक्षरता कार्यक्रम है, जो अब तक लाखों युवाओं व सरकारी कर्मचारियों को कंप्यूटर के मूल सिद्धांत (हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर, ऑपरेटिंग सिस्टम, इंटरनेट) सिखा चुका है — कई राजस्थान सरकार की भर्तियों (जैसे पटवारी, LDC) में RS-CIT प्रमाण-पत्र अनिवार्य योग्यता के रूप में मांगा जाता है।
Q1. कंप्यूटर की पीढ़ियों (Generations) को उनकी विशेषताओं व उदाहरणों सहित समझाइए। Q2. "आधुनिक कंप्यूटर के जनक" किसे कहा जाता है और क्यों? एडा लवलेस का इसमें क्या योगदान था? Q3. RAM व ROM में अंतर स्पष्ट कीजिए। Q4. कोई चार इनपुट व चार आउटपुट उपकरणों के नाम बताते हुए उनके कार्य लिखिए। Q5. ऑपरेटिंग सिस्टम के प्रमुख कार्य (Functions) कौन-कौन से हैं? संक्षेप में समझाइए। Q6. कैश मेमोरी क्या है? यह RAM से किस प्रकार भिन्न है? Q7. GUI तथा CLI में अंतर बताइए। Q8. भारत के राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन (NSM) एवं PARAM Rudra पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।