💻 अध्याय 1/10 — विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी

कंप्यूटर विज्ञान की मूल बातें

Basic Computer Science | RAS Pre + Mains
📋 इस अध्याय में
  1. कंप्यूटर क्या है, इतिहास एवं पीढ़ियाँ (Definition, History & Generations)
  2. हार्डवेयर बनाम सॉफ्टवेयर तथा इनपुट-आउटपुट उपकरण (Hardware, Software & I/O Devices)
  3. मेमोरी: RAM, ROM, कैश एवं सेकेंडरी स्टोरेज (Computer Memory & Storage)
  4. ऑपरेटिंग सिस्टम (Operating System): प्रकार एवं कार्य
🌟 क्या आप जानते हैं?

कल्पना कीजिए — साल है 1946, अमेरिका की एक बड़ी प्रयोगशाला में एक मशीन खड़ी है जो पूरे एक कमरे जितनी बड़ी है, जिसका वज़न लगभग 30 टन है और जिसमें 18,000 से अधिक वैक्यूम ट्यूब (Vacuum Tube) लगे हैं। इस मशीन का नाम था — ENIAC। यह इतनी बिजली खींचती थी कि कहा जाता है, इसे चालू करते ही आस-पास के इलाके की लाइट्स कभी-कभी धीमी पड़ जाती थीं, और इसमें लगे हज़ारों ट्यूबों में से कोई एक भी हर दिन खराब हो जाता तो पूरी मशीन बंद करनी पड़ती थी। आज, लगभग 80 साल बाद, आपकी जेब में रखा एक छोटा-सा स्मार्टफोन उस विशालकाय मशीन से लाखों गुना तेज़, हज़ारों गुना छोटा और अरबों गुना सस्ता है। यही है कंप्यूटर विज्ञान की सबसे रोमांचक कहानी — कमरे जितनी बड़ी मशीनों से लेकर आपकी हथेली तक पहुंचने का सफर। आइए, इस अध्याय में समझते हैं कि यह क्रांति कैसे हुई, कंप्यूटर के अंदर वास्तव में काम कैसे होता है, और इसकी मूल तकनीकी बुनियाद क्या है — ताकि आगे के सभी तकनीकी अध्याय (नेटवर्किंग, इंटरनेट, AI, साइबर सुरक्षा) आपको आसानी से समझ आएं।

1कंप्यूटर क्या है, इतिहास एवं पीढ़ियाँ (Definition, History & Generations)

1.1 कंप्यूटर की परिभाषा (Definition of Computer)

शब्द 'कंप्यूटर' लैटिन भाषा के 'Computare' से बना है, जिसका अर्थ है 'गणना करना'। सरल शब्दों में, कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण (Electronic Device) है जो उपयोगकर्ता से डेटा (Data) को इनपुट के रूप में प्राप्त करता है, पूर्व-निर्धारित निर्देशों (Instructions/Program) के अनुसार उस पर प्रोसेसिंग करता है, और परिणाम को सूचना (Information) के रूप में आउटपुट देता है। इस पूरी प्रक्रिया को 'IPO साइकल' कहा जाता है।

► इस प्रकार पूरा चक्र बनता है: Input → Process → Output → Storage (आवश्यकतानुसार Feedback भी वापस Input में जाता है)।

1. इनपुट Input — डेटा प्राप्त करना2. प्रोसेस Process — CPU प्रोसेसिंग3. आउटपुट Output — परिणाम प्रदर्शन

चित्र: IPO साइकल (Input-Process-Output Cycle) — हर कंप्यूटर इसी सिद्धांत पर कार्य करता है

1.2 कंप्यूटर की मुख्य विशेषताएं (Key Characteristics)

1. गति (Speed) — कंप्यूटर करोड़ों गणनाएं प्रति सेकंड (आधुनिक CPU गीगाहर्ट्ज़/GHz तथा गीगाफ्लॉप्स/GFLOPS में मापे जाते हैं) कर सकता है।

2. शुद्धता (Accuracy) — कंप्यूटर में गणना की त्रुटि लगभग शून्य होती है, यदि इनपुट सही हो (Garbage In, Garbage Out सिद्धांत)।

3. स्वचालन (Automation) — एक बार प्रोग्राम दे देने पर बिना मानवीय हस्तक्षेप के कार्य पूर्ण करता है।

4. विश्वसनीयता (Reliability) — बार-बार एक जैसा परिणाम देना।

5. बहुमुखी प्रतिभा (Versatility) — गणना से लेकर वीडियो एडिटिंग, गेमिंग, AI तक अनेक कार्य।

6. संग्रहण क्षमता (Storage Capacity) — विशाल मात्रा में डेटा को स्थायी रूप से रखने की क्षमता।

7. थकान-रहित कार्य (Diligence) — बिना थके, बिना बोर हुए लगातार काम करने की क्षमता — परन्तु इसमें 'बुद्धि/समझ (IQ)' नहीं होती, यह केवल दिए गए निर्देशों का पालन करता है।

1.3 कंप्यूटर से पहले के गणना यंत्र (Pre-Computing Devices)

कंप्यूटर अचानक नहीं बना — यह हज़ारों वर्षों की गणना-यंत्र विकास यात्रा का परिणाम है। नीचे दी गई तालिका में प्रमुख पूर्व-कंप्यूटर यंत्रों का कालक्रम (Timeline) दिया गया है:

यंत्र (Device)आविष्कारक/कालविशेषता
अबेकस (Abacus)लगभग 2400 ईसा पूर्व (चीन/बेबीलोन)विश्व का सबसे पुराना गणना यंत्र; मनकों (Beads) की सहायता से जोड़-घटाव किया जाता था
नेपियर बोन्स (Napier's Bones)जॉन नेपियर, 1617 ई.हड्डी/लकड़ी की छड़ों की सहायता से गुणा-भाग को आसान बनाया
पास्कलाइन (Pascaline)ब्लेज़ पास्कल, 1642 ई.पहला यांत्रिक (Mechanical) कैलकुलेटर; गियर पद्धति पर आधारित जोड़-घटाव यंत्र
स्टेप्ड रेकनर (Stepped Reckoner)गॉटफ्रीड लाइबनिट्ज़, 1673 ई.जोड़, घटाव, गुणा व भाग — चारों संक्रियाएं करने में सक्षम पहला यंत्र
जेकार्ड लूम (Jacquard Loom)जोसेफ मैरी जेकार्ड, 1801 ई.पंच कार्ड (Punched Card) के माध्यम से बुनाई पैटर्न नियंत्रित करने वाला पहला यंत्र — आधुनिक प्रोग्रामिंग अवधारणा की नींव
डिफरेंस इंजन व एनालिटिकल इंजनचार्ल्स बैबेज, 1822 व 1837 ई.प्रोग्राम-नियंत्रित स्वचालित गणना की अवधारणा प्रस्तुत की — मेमोरी, प्रोसेसर व आउटपुट यूनिट जैसी संरचना
💡 चार्ल्स बैबेज एवं एडा लवलेस — कंप्यूटर के 'माता-पिता'

चार्ल्स बैबेज को उनके 'एनालिटिकल इंजन' (1837) के डिज़ाइन के कारण 'आधुनिक कंप्यूटर का जनक (Father of Computer)' कहा जाता है। यह मशीन आज के कंप्यूटर की तरह ही तीन मुख्य भागों — मिल (Mill, आज का CPU), स्टोर (Store, आज की मेमोरी) और आउटपुट यूनिट — पर आधारित थी, हालांकि उस समय की तकनीकी सीमाओं के कारण यह पूरी तरह नहीं बन पाई। गणितज्ञ एडा लवलेस (Ada Lovelace) ने इस इंजन के लिए एक विस्तृत एल्गोरिद्म लिखा, जिसे विश्व का पहला कंप्यूटर प्रोग्राम माना जाता है — इसीलिए उन्हें 'विश्व की पहली प्रोग्रामर' कहा जाता है। रोचक तथ्य: अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने एक कंप्यूटर प्रोग्रामिंग भाषा का नाम भी उनके सम्मान में 'Ada' रखा।

1.4 कंप्यूटर की पीढ़ियाँ (Generations of Computers)

आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर के विकास को उपयोग की गई मुख्य तकनीक (Technology) के आधार पर पाँच पीढ़ियों (Generations) में बांटा गया है। हर पीढ़ी में आकार छोटा, गति तेज़, लागत कम और विश्वसनीयता अधिक होती गई:

पीढ़ीकाल (Period)मुख्य तकनीकप्रमुख उदाहरण
प्रथम (I)1940-1956वैक्यूम ट्यूब (Vacuum Tube); मशीन भाषा (Machine Language); विशाल आकार, अत्यधिक गर्मी व बिजली खपतENIAC, EDVAC, UNIVAC
द्वितीय (II)1956-1964ट्रांजिस्टर (Transistor, 1947 में बेल लैब्स में आविष्कृत); चुंबकीय क्रोड मेमोरी (Magnetic Core Memory); असेंबली भाषाIBM 1401, IBM 7090
तृतीय (III)1964-1971इंटीग्रेटेड सर्किट (IC — Integrated Circuit); उच्चस्तरीय भाषाएं (FORTRAN, COBOL); पहली बार ऑपरेटिंग सिस्टम की शुरुआतIBM 360, PDP-8
चतुर्थ (IV)1971-वर्तमानमाइक्रोप्रोसेसर व VLSI (Very Large Scale Integration); GUI, माउस, पर्सनल कंप्यूटरIBM PC (1981), Apple Macintosh (1984)
पंचम (V)वर्तमान-भविष्यकृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), मशीन लर्निंग, समांतर प्रोसेसिंग (Parallel Processing), क्वांटम कंप्यूटिंगPARAM Rudra सुपरकंप्यूटर, AI-आधारित सिस्टम
पंचम पीढ़ी — AI व क्वांटम कंप्यूटिंग (वर्तमान-भविष्य)
चतुर्थ पीढ़ी — माइक्रोप्रोसेसर, पर्सनल कंप्यूटर (1971-अब)
तृतीय पीढ़ी — इंटीग्रेटेड सर्किट (1964-1971)
द्वितीय पीढ़ी — ट्रांजिस्टर (1956-1964)
प्रथम पीढ़ी — वैक्यूम ट्यूब (1940-1956)

चित्र: कंप्यूटर पीढ़ियों का विकास-क्रम — नीचे से ऊपर की ओर समय एवं तकनीक का विस्तार

मूर का नियम (Moore's Law): 1965 में इंटेल के सह-संस्थापक गॉर्डन मूर ने भविष्यवाणी की थी कि एक माइक्रोचिप पर लगे ट्रांजिस्टरों की संख्या लगभग हर दो वर्ष में दोगुनी हो जाएगी, जिससे कंप्यूटर की प्रोसेसिंग क्षमता बढ़ती जाएगी और लागत घटती जाएगी। पिछले 50+ वर्षों से यह सिद्धांत काफी हद तक सही साबित हुआ है और आज की स्मार्टफोन-क्रांति की एक बड़ी वजह यही है।

🚀 PARAM रुद्र सुपरकंप्यूटर स्वदेशी सुपरकंप्यूटिंग सिस्टम (राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन) | 2025-26

📢 विज्ञापन
🔥 सबसे लोकप्रिय
📘

RAS Foundation Course 2026 🕉️

Multiple ValidityTests
₹4,999₹25,000
Join Now →

2हार्डवेयर बनाम सॉफ्टवेयर तथा इनपुट-आउटपुट उपकरण (Hardware, Software & I/O Devices)

2.1 हार्डवेयर (Hardware)

हार्डवेयर कंप्यूटर के वे सभी भौतिक (Physical) अंग हैं जिन्हें हम देख और छू सकते हैं — जैसे कीबोर्ड, माउस, मॉनिटर, CPU आदि। हार्डवेयर स्वयं कुछ नहीं कर सकता, इसे कार्य करने के लिए सॉफ्टवेयर के निर्देशों की आवश्यकता होती है।

2.2 सॉफ्टवेयर (Software)

सॉफ्टवेयर निर्देशों (Instructions/Programs) का वह समूह है जो हार्डवेयर को बताता है कि उसे क्या और कैसे करना है। सॉफ्टवेयर को छुआ नहीं जा सकता, केवल देखा व उपयोग किया जा सकता है। यह मुख्यतः दो प्रकार का होता है:

हार्डवेयर (Hardware)
  • भौतिक/छूने योग्य भाग (Tangible)
  • उदाहरण: CPU, RAM, कीबोर्ड, मॉनिटर, मदरबोर्ड
  • बिना सॉफ्टवेयर के निष्क्रिय (Dead) रहता है
  • समय के साथ भौतिक घिसाव (Wear & Tear) होता है
सॉफ्टवेयर (Software)
  • अभौतिक निर्देशों का समूह (Intangible)
  • उदाहरण: Windows, MS Word, Chrome, Android ऐप्स
  • हार्डवेयर को कार्य करने हेतु निर्देश देता है
  • समय के साथ अपडेट व सुधार होता रहता है

2.3 CPU की संरचना (Structure of CPU — Central Processing Unit)

CPU को कंप्यूटर का 'मस्तिष्क (Brain)' कहा जाता है। यह मुख्यतः निम्न भागों से मिलकर बनता है:

भागपूरा नामकार्य
CUकंट्रोल यूनिट (Control Unit)निर्देशों को डिकोड करना तथा कंप्यूटर के अन्य सभी भागों (मेमोरी, ALU, I/O) को नियंत्रित एवं समन्वित करना
ALUअरिथमेटिक लॉजिक यूनिट (Arithmetic Logic Unit)गणितीय संक्रियाएं (जोड़, घटाव, गुणा, भाग) व तार्किक संक्रियाएं (AND, OR, NOT, तुलना) करना
Registersरजिस्टरडेटा व निर्देशों को अस्थायी रूप से स्टोर करना — कंप्यूटर की सबसे तेज़ मेमोरी
Busबस (Data/Address/Control Bus)CPU, मेमोरी व I/O उपकरणों के बीच डेटा व सिग्नल स्थानांतरण का मार्ग

2.4 इनपुट एवं आउटपुट उपकरण (Input & Output Devices)

इनपुट डिवाइस वे उपकरण हैं जिनसे डेटा कंप्यूटर के अंदर भेजा जाता है, जबकि आउटपुट डिवाइस वे हैं जिनसे प्रोसेस किया गया परिणाम बाहर प्रदर्शित होता है। कुछ उपकरण दोनों कार्य एक साथ करते हैं (जैसे टचस्क्रीन)।

उपकरण (Device)प्रकारकार्य/उपयोग
कीबोर्ड (Keyboard)इनपुटटेक्स्ट व कमांड टाइप करना
माउस (Mouse)इनपुटपॉइंटिंग, क्लिक व चयन (Selection) करना
स्कैनर (Scanner)इनपुटकागज़ी दस्तावेज़/फोटो को डिजिटल रूप में बदलना
बायोमेट्रिक डिवाइसइनपुटफिंगरप्रिंट/आइरिस स्कैन द्वारा पहचान (आधार, बैंकिंग, डिजी यात्रा)
OMR/OCR उपकरणइनपुटपरीक्षा उत्तर-पत्रक स्कैनिंग व मुद्रित टेक्स्ट की पहचान
माइक्रोफोन/वेबकैमइनपुटआवाज़ व वीडियो रिकॉर्डिंग
मॉनिटर (Monitor)आउटपुटदृश्य परिणाम प्रदर्शन (LED/LCD/OLED स्क्रीन)
प्रिंटर (Printer)आउटपुटकागज़ पर प्रिंट — इंकजेट, लेज़र, 3D प्रिंटर आदि प्रकार
स्पीकर (Speaker)आउटपुटध्वनि आउटपुट
प्रोजेक्टर व प्लॉटरआउटपुटबड़ी स्क्रीन प्रदर्शन व बड़े नक़्शे/चित्र प्रिंट
टचस्क्रीन (Touchscreen)इनपुट + आउटपुटस्पर्श से इनपुट देना तथा साथ ही परिणाम प्रदर्शित करना
मॉडेम (Modem)इनपुट + आउटपुटनेटवर्क के माध्यम से डेटा भेजना व प्राप्त करना
💡 बायोमेट्रिक इनपुट — आपके आधार कार्ड की कहानी

आधार कार्ड बनवाते समय आपकी फिंगरप्रिंट और आइरिस (आँख की पुतली) स्कैन बायोमेट्रिक इनपुट डिवाइस द्वारा ली जाती है। चूंकि यह डेटा किसी भी दो व्यक्तियों में एक जैसा नहीं होता, इसलिए इसे पहचान का सबसे सुरक्षित तरीका माना जाता है। यही तकनीक बैंकों, हवाई अड्डों (जैसे 'डिजी यात्रा' सुविधा) और स्मार्टफोन अनलॉक करने में भी उपयोग होती है।

स्पर्श तकनीक (Touchscreen Technology): टचस्क्रीन दो प्रमुख प्रकार की होती हैं — रेज़िस्टिव (Resistive, दबाव पर आधारित, पुराने फीचर फोन में) और कैपेसिटिव (Capacitive, विद्युत संकेत पर आधारित, आज के स्मार्टफोन/टैबलेट में)। कैपेसिटिव टचस्क्रीन अधिक संवेदनशील (Sensitive) होती है और मल्टी-टच (एक साथ कई उंगलियों से इशारा) को सपोर्ट करती है।

📢 विज्ञापन
📦

ALL IN ONE Subscription — सम्पूर्ण GK एक ही स्थान पर

Multiple ValidityTests
₹899₹4,999
Join Now →

3मेमोरी: RAM, ROM, कैश एवं सेकेंडरी स्टोरेज (Computer Memory & Storage)

3.1 मेमोरी पदानुक्रम (Memory Hierarchy)

कंप्यूटर में मेमोरी को गति (Speed), क्षमता (Capacity) व लागत (Cost) के आधार पर एक पिरामिड-रूपी संरचना में व्यवस्थित किया जाता है — जितना ऊपर जाएं, गति उतनी तेज़ पर क्षमता व आकार उतना ही कम; जितना नीचे जाएं, क्षमता उतनी अधिक पर गति उतनी धीमी:

रजिस्टर (Registers) — सबसे तेज़, CPU के अंदर, न्यूनतम क्षमता
कैश मेमोरी (Cache — L1/L2/L3) — बहुत तेज़, छोटी क्षमता
RAM (Primary Memory) — तेज़, अस्थायी (Volatile)
सेकेंडरी स्टोरेज (HDD/SSD) — धीमी पर स्थायी (Non-Volatile), सबसे बड़ी क्षमता

चित्र: मेमोरी पदानुक्रम पिरामिड (Memory Hierarchy) — ऊपर तेज़/छोटी, नीचे धीमी/बड़ी

3.2 RAM (Random Access Memory)

RAM कंप्यूटर की मुख्य (Primary) कार्यशील मेमोरी है, जो CPU द्वारा तुरंत उपयोग किए जाने वाले डेटा व प्रोग्राम को अस्थायी रूप से स्टोर करती है। यह 'वोलेटाइल (Volatile)' मेमोरी है — यानी कंप्यूटर बंद होते ही इसमें रखा डेटा मिट जाता है।

3.3 ROM (Read Only Memory)

ROM एक 'नॉन-वोलेटाइल (Non-Volatile)' मेमोरी है, जिसमें डेटा स्थायी रूप से स्टोर रहता है और बिजली बंद होने पर भी मिटता नहीं। इसमें कंप्यूटर को चालू (Boot) करने के लिए आवश्यक बुनियादी निर्देश (Firmware/BIOS) संग्रहीत रहते हैं।

RAM — अस्थायी मेमोरी
  • वोलेटाइल (Volatile) — बिजली बंद होने पर डेटा मिट जाता है
  • CPU द्वारा तुरंत पढ़ी व लिखी (Read/Write) जा सकती है
  • कंप्यूटर की गति (Multitasking) निर्धारित करती है
  • उदाहरण: DDR4, DDR5 RAM मॉड्यूल
ROM — स्थायी मेमोरी
  • नॉन-वोलेटाइल (Non-Volatile) — बिजली बंद होने पर भी डेटा सुरक्षित रहता है
  • सामान्यतः केवल पढ़ी (Read-Only) जा सकती है
  • कंप्यूटर को चालू करने हेतु आवश्यक (BIOS/Firmware)
  • उदाहरण: PROM, EPROM, EEPROM

3.4 कैश मेमोरी (Cache Memory)

कैश मेमोरी CPU व RAM के बीच स्थित एक बहुत तेज़, छोटी क्षमता वाली मेमोरी है, जो CPU द्वारा बार-बार उपयोग किए जाने वाले डेटा/निर्देशों को अस्थायी रूप से रखती है, ताकि CPU को हर बार धीमी RAM तक न जाना पड़े। इसके तीन स्तर होते हैं:

1. L1 कैश — CPU के सबसे नज़दीक, सबसे तेज़, सबसे छोटी क्षमता (कुछ KB)।

2. L2 कैश — L1 से थोड़ी बड़ी व थोड़ी धीमी (कुछ सौ KB से कुछ MB)।

3. L3 कैश — सबसे बड़ी व अपेक्षाकृत धीमी, कई कोर (Core) के बीच साझा होती है (कुछ MB)।

3.5 सेकेंडरी स्टोरेज (Secondary Storage)

सेकेंडरी स्टोरेज वह मेमोरी है जिसमें डेटा दीर्घकाल तक स्थायी रूप से (Non-Volatile) रखा जाता है — जैसे दस्तावेज़, फोटो, वीडियो व सॉफ्टवेयर फाइलें। CPU इस डेटा को सीधे प्रोसेस नहीं करता, पहले उसे RAM में लाया जाता है:

डिवाइसअनुमानित क्षमता (2026)विशेषता
हार्ड डिस्क (HDD)500 GB - 20 TBघूमने वाली चुंबकीय डिस्क (Magnetic Disk); सस्ती परंतु अपेक्षाकृत धीमी
SSD (NVMe/SATA)128 GB - 8 TB+कोई गतिशील पुर्ज़ा नहीं (No Moving Parts); HDD की तुलना में 5-10 गुना तेज़ रीड-राइट स्पीड
पेन ड्राइव (USB Drive)8 GB - 1 TBपोर्टेबल, USB पोर्ट से जुड़ने वाली फ्लैश मेमोरी
मेमोरी कार्ड (microSD)16 GB - 1 TB+मोबाइल फोन व कैमरा में उपयोग होने वाली छोटी फ्लैश मेमोरी
ऑप्टिकल डिस्क (CD/DVD/Blu-ray)700 MB - 100 GBलेज़र तकनीक पर आधारित; आज लगभग अप्रचलित (Obsolete)
क्लाउड स्टोरेज (Cloud Storage)व्यावहारिक रूप से असीमितइंटरनेट के माध्यम से दूरस्थ सर्वर पर डेटा स्टोर — जैसे Google Drive, iCloud, OneDrive
💡 DDR5 RAM और NVMe SSD — आपका कंप्यूटर पहले से कितना तेज़ हुआ

2026 में आने वाले नए लैपटॉप/कंप्यूटर DDR5 रैम के साथ आते हैं, जो DDR4 की तुलना में लगभग दोगुनी गति और कम बिजली खपत देती है। वहीं NVMe SSD, पुरानी हार्ड डिस्क (HDD) की तुलना में 5-10 गुना तेज़ डेटा रीड-राइट स्पीड देती है — जिससे आज का कंप्यूटर मात्र कुछ सेकंड में ही बूट (Boot) हो जाता है, जबकि पहले यह प्रक्रिया कई मिनट लेती थी।

3.6 मेमोरी की इकाइयाँ (Memory Units)

कंप्यूटर मेमोरी को निम्नलिखित इकाइयों में मापा जाता है, जहां हर बड़ी इकाई अपनी छोटी इकाई से 1024 गुना बड़ी होती है:

इकाई (Unit)बराबर (Equal to)
1 बाइट (Byte)8 बिट्स (Bits)
1 किलोबाइट (KB)1024 बाइट्स
1 मेगाबाइट (MB)1024 KB
1 गीगाबाइट (GB)1024 MB
1 टेराबाइट (TB)1024 GB
1 पेटाबाइट (PB)1024 TB

कैश मेमोरी बनाम RAM — गति में अंतर क्यों?: कैश मेमोरी, SRAM (Static RAM) तकनीक पर आधारित होती है जिसे बार-बार रिफ्रेश करने की ज़रूरत नहीं पड़ती, इसलिए यह RAM (जो DRAM तकनीक पर आधारित है) से कई गुना तेज़ होती है। यही कारण है कि CPU पहले कैश में डेटा खोजता है, न मिलने पर ही RAM की ओर जाता है — इसे 'कैश हिट/मिस' कहा जाता है।

4ऑपरेटिंग सिस्टम (Operating System): प्रकार एवं कार्य

4.1 ऑपरेटिंग सिस्टम क्या है?

ऑपरेटिंग सिस्टम (OS) एक विशेष प्रकार का सिस्टम सॉफ्टवेयर है, जो उपयोगकर्ता (User) और कंप्यूटर हार्डवेयर के बीच एक सेतु (Interface) का कार्य करता है। बिना OS के कोई भी कंप्यूटर, स्मार्टफोन या टैबलेट कार्य नहीं कर सकता — यह हार्डवेयर के सभी संसाधनों (CPU, मेमोरी, स्टोरेज, I/O डिवाइस) का प्रबंधन करता है तथा एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर को चलाने के लिए आवश्यक वातावरण प्रदान करता है।

4.2 ऑपरेटिंग सिस्टम के प्रमुख कार्य (Functions)

उपयोगकर्ता Userऑपरेटिंग सिस्टम Interfaceहार्डवेयर CPU, RAM, Storage

चित्र: ऑपरेटिंग सिस्टम — उपयोगकर्ता और हार्डवेयर के बीच सेतु (Interface)

4.3 ऑपरेटिंग सिस्टम के प्रकार (Types of OS)

प्रकार (Type)विशेषताउदाहरण
बैच OS (Batch)कार्यों को समूह (Batch) में एकत्र कर बिना यूज़र इंटरैक्शन के क्रमवार प्रोसेस करनाप्रारंभिक मेनफ्रेम सिस्टम
टाइम-शेयरिंग OSएक साथ कई उपयोगकर्ताओं को बारी-बारी CPU समय देकर सेवा प्रदान करनाUnix
रियल-टाइम OS (RTOS)तयशुदा समय-सीमा के भीतर तुरंत प्रतिक्रिया देना — देरी अस्वीकार्यविमान नियंत्रण प्रणाली, मेडिकल उपकरण, ISRO के मिशन-नियंत्रण सॉफ्टवेयर
डिस्ट्रिब्यूटेड OSनेटवर्क से जुड़े कई कंप्यूटरों को एक इकाई की तरह संचालित करनाबड़े सर्वर नेटवर्क सिस्टम
मोबाइल OSस्मार्टफोन व टैबलेट के लिए विशेष रूप से बना, टच-आधारितAndroid, iOS

4.4 प्रमुख ऑपरेटिंग सिस्टम एवं नवीनतम संस्करण (2026 के अनुसार नवीनतम आंकड़े)

ऑपरेटिंग सिस्टमनवीनतम स्थिति (जुलाई 2026)डेवलपर
WindowsWindows 11 वर्तमान में सक्रिय; Windows 12 (कोडनेम 'Hudson Valley Next') 2026 में AI-केंद्रित नई पीढ़ी के रूप में अपेक्षितMicrosoft
macOSApple का नवीनतम macOS संस्करण — Apple Silicon (M-सीरीज़ चिप) पर आधारितApple
Linuxओपन-सोर्स; अनेक डिस्ट्रीब्यूशन (Ubuntu, Fedora, Red Hat आदि) — सर्वर व सुपरकंप्यूटर में व्यापक उपयोगOpen Source समुदाय
AndroidAndroid 17 — जून 2026 में जारी किया गया नवीनतम संस्करणGoogle
iOSApple के iPhone उपकरणों हेतु नवीनतम iOS संस्करणApple

4.5 GUI बनाम CLI

GUI (Graphical User Interface)
  • चित्र/आइकन आधारित दृश्य इंटरफेस
  • माउस से संचालन — सीखना व उपयोग करना आसान
  • नए उपयोगकर्ताओं के लिए सर्वाधिक उपयुक्त
  • उदाहरण: Windows, macOS, Android होम स्क्रीन
CLI (Command Line Interface)
  • टेक्स्ट कमांड टाइप कर संचालन
  • तकनीकी जानकारी व कमांड याद रखना आवश्यक
  • तेज़ व कम सिस्टम संसाधन खपत करता है
  • उदाहरण: MS-DOS, Linux Terminal
💡 आपके स्मार्टफोन में चल रहा ऑपरेटिंग सिस्टम

जब आप स्मार्टफोन पर एक साथ WhatsApp पर चैट करते हैं, गाना सुनते हैं और नोटिफिकेशन देखते हैं — यह सब Android या iOS ऑपरेटिंग सिस्टम की 'मल्टीटास्किंग' क्षमता के कारण संभव होता है। OS ही तय करता है कि किस ऐप को कितनी मेमोरी व बैटरी मिले, ताकि फोन धीमा न पड़े। जून 2026 में जारी Android 17, बैटरी प्रबंधन व AI-आधारित फीचर्स में और सुधार लेकर आया है।

AI-एकीकृत ऑपरेटिंग सिस्टम — Windows 12: 2026 में लॉन्च होने जा रहा Windows 12 (कोडनेम 'Hudson Valley Next') कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) को कोई अतिरिक्त फीचर नहीं, बल्कि सिस्टम का मूल हिस्सा (Core Part) बना रहा है — Copilot अब एक वैकल्पिक सहायक की बजाय केंद्रीय नियंत्रण इकाई की तरह कार्य करेगा। इसके लिए कम-से-कम 40 TOPS क्षमता वाली NPU (Neural Processing Unit) चिप आवश्यक होगी। यह दर्शाता है कि भविष्य के ऑपरेटिंग सिस्टम पारंपरिक कार्यों के साथ-साथ AI को भी मूल रूप से सँभालेंगे।

🏛️ डिजिटल एवं तकनीकी अवसंरचना — भारत की प्रमुख पहलें

4.6 राजस्थान में कंप्यूटर शिक्षा — RKCL एवं RS-CIT

राजस्थान नॉलेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (Rajasthan Knowledge Corporation Limited - RKCL) राज्य सरकार व उद्योग जगत की संयुक्त पहल (Public-Private Partnership) है, जिसकी स्थापना राजस्थान के हर नागरिक तक बुनियादी कंप्यूटर शिक्षा पहुंचाने के उद्देश्य से की गई थी। इसके अंतर्गत चलाया जाने वाला 'RS-CIT (Rajasthan State Certificate in Information Technology)' कोर्स राज्य का सबसे लोकप्रिय बुनियादी कंप्यूटर साक्षरता कार्यक्रम है, जो अब तक लाखों युवाओं व सरकारी कर्मचारियों को कंप्यूटर के मूल सिद्धांत (हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर, ऑपरेटिंग सिस्टम, इंटरनेट) सिखा चुका है — कई राजस्थान सरकार की भर्तियों (जैसे पटवारी, LDC) में RS-CIT प्रमाण-पत्र अनिवार्य योग्यता के रूप में मांगा जाता है।

🎯 कंप्यूटर विज्ञान की मूल बातें — RAS Mains उत्तर लेखन कोण 5-अंक: 60-70 शब्द | 10-अंक: ~120 शब्द

📝 पिछले वर्षों के प्रश्न (PYQs) 📝

Q1. कंप्यूटर की पीढ़ियों (Generations) को उनकी विशेषताओं व उदाहरणों सहित समझाइए। Q2. "आधुनिक कंप्यूटर के जनक" किसे कहा जाता है और क्यों? एडा लवलेस का इसमें क्या योगदान था? Q3. RAM व ROM में अंतर स्पष्ट कीजिए। Q4. कोई चार इनपुट व चार आउटपुट उपकरणों के नाम बताते हुए उनके कार्य लिखिए। Q5. ऑपरेटिंग सिस्टम के प्रमुख कार्य (Functions) कौन-कौन से हैं? संक्षेप में समझाइए। Q6. कैश मेमोरी क्या है? यह RAM से किस प्रकार भिन्न है? Q7. GUI तथा CLI में अंतर बताइए। Q8. भारत के राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन (NSM) एवं PARAM Rudra पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।

📌 अध्याय सारांश (Chapter Summary)

📢 विज्ञापन
🔥 सबसे लोकप्रिय
📘

RAS Foundation Course 2026 🕉️

Multiple ValidityTests
₹4,999₹25,000
Join Now →
← मुख्य पृष्ठ पर वापस अध्याय 2: नेटवर्किंग, दूरसंचार एवं मोबाइल टेलीफोनी →