🔷 भाग 1 — कार्यस्थल यौन उत्पीड़न (रोकथाम, प्रतिषेध, निवारण) अधिनियम, 2013 [POSH Act, 2013]
प्रिया एक IT company में काम करती है — जयपुर के एक tech park में। उसका manager रोज़ "अच्छे project के लिए" WhatsApp पर अश्लील messages भेजता है। अगर शिकायत करे तो promotion जाएगा, नौकरी जाएगी। प्रिया डरी हुई थी — लेकिन उसकी एक सहेली ने बताया: "POSH Act 2013 है — company में ICC है — तू शिकायत कर सकती है।" प्रिया ने ICC में complaint की। ICC ने 60 दिन में जांच की — manager को बर्खास्त किया गया। यही POSH Act की ताकत है — workplace पर "No means No।"
| विवरण | तथ्य |
|---|---|
| पूर्ण नाम | कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न (रोकथाम, प्रतिषेध, निवारण) अधिनियम, 2013 |
| अधिनियम संख्या | 2013 का अधिनियम संख्या 14 |
| राष्ट्रपति की सहमति | 22 अप्रैल, 2013 |
| लागू (Effective) | 9 दिसम्बर, 2013 |
| संरचना | 8 अध्याय (Chapters) | 30 धाराएं (Sections) |
| आधार (Basis) | विशाखा Guidelines 1997 (SC judgment) + Nirbhaya Case 2012 + Justice Verma Committee Report |
| संवैधानिक आधार | अनुच्छेद 14 (समानता), 15 (भेदभाव न हो), 21 (गरिमा से जीवन) का उल्लंघन माना गया |
1992 में Rajasthan की Bhanwari Devi (एक सरकारी कर्मचारी) ने बाल विवाह रोकने की कोशिश की। प्रतिशोध में उसके साथ सामूहिक बलात्कार हुआ। महिला संगठन "Vishakha" ने SC में PIL दायर की। 1997 में Supreme Court ने "Vishakha Guidelines" जारी की — workplace पर sexual harassment रोकने के लिए। 2013 में Parliament ने POSH Act बनाया — Vishakha को statutory बनाया। | Bhanwari Devi का मामला Rajasthan से था — यह connection RAS Mains में अत्यंत महत्वपूर्ण है।
धारा 3
लैंगिक उत्पीड़न का निवारण [Prevention of Sexual Harassment] नियोजक को यह सुनिश्चित करना होगा कि निम्न परिस्थितियां न हों: (1) अस्वागत्य शारीरिक, मौखिक या गैर-मौखिक आचरण; (2) किसी मनचाहे कार्य के लिए sexual favor की मांग; (3) किसी कार्य को सम्पन्न कराने या न कराने के लिए धमकी। | विस्तारित अर्थ (धारा 3 — Explanation): निम्न तब भी लैंगिक उत्पीड़न माने जाएंगे: (A) नियुक्ति, पदोन्नति या नौकरी में निहित/स्पष्ट वादा; (B) नौकरी से निकालने की धमकी; (C) कार्यस्थल पर शत्रुतापूर्ण/भयावह/आक्रामक माहौल; (D) महिला की गरिमा/मर्यादा का अपमान; (E) स्वास्थ्य/सुरक्षा की समस्या।
धारा 8
घरेलू कामगार की शिकायत [Domestic Worker's Complaint — Section 8] जब व्यथित महिला घरेलू कामगार (Domestic Worker) हो — तो: (1) LCC में शिकायत दर्ज होगी (ICC नहीं); (2) LCC शिकायत पर जांच करेगी; (3) लेकिन यदि प्रत्यर्थी (आरोपी) घरेलू नियोजक हो — LCC 7 दिन के भीतर पुलिस को BNS की धारा 79 के तहत शिकायत भेजेगी। | याद रखें: घरेलू कामगार के case में सीधे criminal FIR का रास्ता अपनाया जाता है — civil inquiry नहीं।
धारा 15 — क्षतिपूर्ति (Compensation) कैसे तय होती है?: ICC/LCC निम्न आधारों पर compensation तय करती है: (1) मानसिक/शारीरिक कष्ट; (2) करियर अवसरों की हानि; (3) चिकित्सा खर्च; (4) प्रत्यर्थी की आर्थिक स्थिति और वेतन; (5) लगातार उत्पीड़न की संख्या। Compensation उचित आयकर (Income Tax) के बाद के वेतन से काटी जाती है।
⚖️ कानूनी परिभाषा: किसी भी कार्यस्थल के संबंध में, ऐसी महिला जो किसी भी आयु की हों, चाहे नियोजित हो या नहीं, तथा जो प्रत्यर्थी (आरोपी) पर लैंगिक उत्पीड़न का आरोप लगाती हो। ✅ सरल शब्दों में: कोई भी महिला जो कार्यस्थल पर sexual harassment की शिकार हो — age/employment status कोई भी — वह Aggrieved Woman है। 💡 उदाहरण: प्रिया (permanent employee), काव्या (intern), सुमन (contract worker), रानी (domestic worker) — सभी POSH Act के तहत शिकायत कर सकती हैं।
⚖️ कानूनी परिभाषा: लैंगिक उत्पीड़न में निम्न शामिल हैं: (1) शारीरिक संपर्क या फायदा उठाना; (2) लैंगिक स्वीकृति की मांग या अनुरोध; (3) लैंगिक अर्थ वाली टिप्पणियां; (4) अश्लील साहित्य दिखाना; (5) लैंगिक प्रकृति का कोई अन्य अशोभनीय आचरण (शाब्दिक, गैर-शाब्दिक या शारीरिक)। ✅ सरल शब्दों में: कार्यस्थल पर किसी महिला के साथ यौन प्रकृति का कोई भी अवांछनीय व्यवहार — 5 में से कोई एक हो — वह Sexual Harassment है। 💡 उदाहरण: Manager का unwanted touch (1), "date पर चलो नहीं तो promotion नहीं" (2), obscene jokes (3), अश्लील photo share (4), leering gaze (5) — सभी POSH के तहत आते हैं।
⚖️ कानूनी परिभाषा: कार्यस्थल में शामिल हैं: सार्वजनिक क्षेत्र के विभाग/कार्यालय/संगठन/सहकारी समितियां; निजी क्षेत्र के संगठन, उपक्रम, NGO; घरेलू कामगार के लिए निवास गृह; अस्पताल व Nursing Home; महिला खिलाड़ी के लिए स्टेडियम, जिम, खेल मैदान; कार्य के प्रयोजन से भ्रमण के स्थान + नियोजक का वाहन। ✅ सरल शब्दों में: जहां कहीं भी काम होता है — ऑफिस, घर, जिम, हॉस्पिटल, सफर — सब Workplace है। 💡 उदाहरण: Jaipur की Riya Rajasthan Government की IAS officer है और सरकारी गाड़ी में Senior Officer ने harassment किया — यह भी workplace है। Swiggy delivery boy ने customer के घर में — यह भी workplace।
| धारा | परिभाषा | सरल अर्थ |
|---|---|---|
| 2(f) | कर्मचारी (Employee): स्थायी/अस्थायी, पूर्णकालिक/अंशकालिक, संविदा, परिवीक्षाधीन, agency से नियुक्त | हर प्रकार का काम करने वाला — interns भी |
| 2(g) | नियोजक (Employer): सरकारी विभागाध्यक्ष, कार्यालयाध्यक्ष, निजी संस्था में निदेशक/प्रबंधक, घरेलू कार्य में घर का मालिक | Company/Dept का Boss |
| 2(e) | घरेलू कामगार (Domestic Worker): घर में वेतन पर काम करने वाली महिला — परिवार की सदस्य नहीं | घर में काम करने वाली महिला कर्मचारी |
| 2(b) | समुचित सरकार: केंद्र सरकार (केंद्र के dept), राज्य सरकार (राज्य के dept) | कौन सी सरकार कानून लागू करेगी |
| 2(m) | प्रत्यर्थी (Respondent): जिसके खिलाफ शिकायत की — यदि employer, तो LCC में; यदि employee, तो ICC में | आरोपी — ICC या LCC में case |
धारा 4
आंतरिक शिकायत समिति — ICC (Internal Complaints Committee) प्रत्येक कार्यस्थल पर नियोजक लिखित आदेश द्वारा ICC का गठन करेगा — यदि 10 या अधिक कर्मचारी हों। | संरचना: 4 सदस्य — (1) अध्यक्ष/पीठासीन अधिकारी: वरिष्ठ महिला कर्मचारी | (2-3) 2 कर्मचारी: सामाजिक कार्य में रुचि रखने वाले | (4) बाहरी व्यक्ति: NGO/committed person — ICC fee/allowance। 4 में से 1 महिला SC/ST/OBC/Minority से अनिवार्य। कार्यकाल: 3 वर्ष।
धारा 5-7
स्थानीय शिकायत समिति — LCC (Local Complaints Committee) — धारा 5, 6, 7 LCC का गठन: जब (i) 10 से कम कर्मचारी हों; (ii) असंगठित क्षेत्र में कार्यरत महिला; (iii) घरेलू कामगारों के लिए; (iv) शिकायत स्वयं नियोजक के खिलाफ हो; (v) ICC का गठन न हुआ हो। | गठन: जिलाधिकारी की अधिसूचना द्वारा (DC/DM/ADM/SDM)। कार्यक्षेत्र: संपूर्ण जिला। | संरचना (धारा 7): 5 सदस्य — 1 अध्यक्ष (प्रतिष्ठित महिला) + 3 अन्य (1 स्थानीय महिला + 1 NGO + 1 विशेषज्ञ) + 1 पदेन सदस्य (सामाजिक कल्याण/CDPO)। कार्यकाल: 3 वर्ष।
धारा 9
लैंगिक उत्पीड़न का परिवाद (Filing Complaint) लिखित शिकायत में: आरोपी का नाम, घटना का दिन व समय, संपूर्ण विवरण अनिवार्य। शिकायत सामान्यतः 3 माह के भीतर दर्ज की जाएगी। यदि घटनाएं क्रमबद्ध हों तो अंतिम घटना के 3 माह के भीतर। ICC समय सीमा बढ़ा भी सकती है। यदि महिला शिकायत करने में असमर्थ हो — विधिक वारिस या अन्य व्यक्ति शिकायत कर सकता है।
धारा 10
सुलह/समझौता (Conciliation) पीड़ित महिला के अनुरोध पर ICC/LCC सुलह की कोशिश करेगी। लेकिन समझौता निम्न आधारों पर नहीं होगा: (1) आर्थिक आधार; (2) भय द्वारा कराया गया; (3) समझौता लिखित में अनिवार्य। समझौते की terms का उल्लंघन करने पर भी जांच जारी रहेगी।
धारा 11
परिवाद की जांच (Inquiry of Complaint) ICC/LCC द्वारा दोनों पक्षों को सुनवाई का पर्याप्त अवसर दिया जाएगा। सामान्यतः 90 दिन में जांच पूर्ण करना अनिवार्य। ICC/LCC को कार्यवाही के दौरान सिविल न्यायालय की शक्तियां प्राप्त (CPC 1908 के तहत)। घरेलू कामगार की दशा में LCC — BNS (धारा 79) के तहत 7 दिन में पुलिस को शिकायत भेजेगी।
धारा 12
जांच लंबित रहने के दौरान कार्यवाही (Interim Relief) समिति द्वारा निम्न अनुशंसाएं की जा सकती हैं: (1) व्यथित (पीड़ित) या प्रत्यर्थी (आरोपी) को किसी अन्य कार्यस्थल पर स्थानांतरित करना; (2) पीड़ित महिला को 3 माह का अतिरिक्त अवकाश (मूल छुट्टी के अलावा); (3) पीड़ित महिला को अन्य आवश्यक राहत।
धारा 13
जांच रिपोर्ट (Inquiry Report) ICC/LCC द्वारा जांच पूरी होने की तारीख से 10 दिन की अवधि के भीतर अपने निष्कर्षों की रिपोर्ट नियोजक/जिलाधिकारी को उपलब्ध करवाई जाएगी। यदि प्रत्यर्थी दोष सिद्ध — तो ICC/LCC अनुशंसा: (i) सेवा नियमों के अनुसार कार्यवाही; (ii) प्रत्यर्थी के वेतन से व्यथित को क्षतिपूर्ति।
धारा 14 — झूठी शिकायत पर दंड: यदि ICC/LCC जांच के बाद पाए कि शिकायत झूठी थी — तो महिला पर भी (जिलाधिकारी/नियोजक की सिफारिश पर) उचित कार्यवाही हो सकती है। लेकिन evidence न होना ≠ झूठी शिकायत।
धारा 19
नियोजक के कर्तव्य (Employer's Duties) (1) महिलाओं के लिए सुरक्षित कार्य वातावरण; (2) POSH policy प्रदर्शित करना; (3) ICC गठित करना और जानकारी प्रदर्शित करना; (4) महिलाओं को awareness; (5) ICC की meetings में सुविधा; (6) Annual Report District Officer को।
धारा 20
जिला अधिकारी के कर्तव्य (District Officer's Duties) (1) LCC द्वारा प्रस्तुत रिपोर्टों के समय से प्रस्तुत किए जाने की monitoring; (2) लैंगिक उत्पीड़न और महिला अधिकारों के बारे में जागरूकता फैलाने वाले NGOs को नियोजित करने के आवश्यक उपाय। RAS Officer यहां key role निभाता है।
धारा 26 — POSH Act न मानने पर दंड: ₹50,000 जुर्माना। दूसरी बार उल्लंघन: दोगुना जुर्माना + license/registration रद्द/निलंबन। Rajasthan में 2023-24 में 157 POSH complaints registered।
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने 29 अगस्त 2024 को नया SHe-Box Portal (Sexual Harassment Electronic Box) लॉन्च किया। Features: (1) Centralized database — सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों की ICC और LCC की जानकारी; (2) महिलाएं online complaint दर्ज कर सकती हैं — status track करें; (3) शिकायत सीधे ICC/LC को भेजी जाती है (शिकायतकर्ता चुन सकती है); (4) मानवीय हस्तक्षेप कम। | NARI Report 2025: जयपुर को सबसे कम सुरक्षित शहरों में गिना — Score 59.1% (राष्ट्रीय औसत 64.6% से कम) | 8% Jaipur महिलाओं ने उत्पीड़न का सामना किया | केवल 31% ने दिन में जयपुर को "सुरक्षित" माना।
🔶 भाग 2 — लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 [POCSO Act, 2012]
राजू एक 11 साल का बच्चा है — जयपुर के एक Government school में पढ़ता है। स्कूल का एक शिक्षक रोज़ उसे अकेले बुलाकर गलत काम करता था। राजू डरा हुआ था — किसी को नहीं बताया। एक दिन उसकी माँ को पता चला। वह पुलिस जाने से डरी — "क्या होगा, कोर्ट-कचहरी..." लेकिन POCSO Act की धारा 19 कहती है: यदि किसी को पता हो कि बच्चे के साथ ऐसा हुआ है — और वह रिपोर्ट न करे — तो वह भी दोषी है। माँ ने police को बताया। 24 घंटे में FIR, Special Court, महिला जांच अधिकारी — और शिक्षक को सजा।
| विवरण | तथ्य |
|---|---|
| पूर्ण नाम | लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 (Protection of Children from Sexual Offences Act) |
| राष्ट्रपति की स्वीकृति | 19 जून, 2012 | अधिनियम संख्या 32 |
| लागू (Effective) | 14 नवम्बर, 2012 | POCSO Rules, 2020 |
| संरचना | 9 अध्याय | 46 धाराएं |
| हेल्पलाइन | Child Helpline — 1098 |
| आधार | UN Convention on Rights of Child (CRC, 1989) | भारत ने 11 December 1992 को अनुसमर्थन किया |
| NCRB 2022 Data | POCSO Cases: भारत में 38,000+ प्रतिवर्ष | Rajasthan में 3,000+ मामले |
POCSO 2019 संशोधन: POCSO Amendment 2019: 12 वर्ष से कम आयु के बच्चे के साथ Aggravated Penetrative Sexual Assault पर मृत्युदंड (Death Penalty) का प्रावधान जोड़ा गया।
⚖️ कानूनी परिभाषा: ऐसा व्यक्ति जिसकी आयु 18 वर्ष से कम हो, बालक कहलाएगा। ✅ सरल शब्दों में: 18 साल से छोटा कोई भी — चाहे लड़का हो या लड़की — POCSO के तहत "Child" है। 💡 उदाहरण: राजू (11 वर्ष) — बालक है। 17 साल की प्रिया — बालक है। 18 साल का व्यक्ति — अब बालक नहीं। Gender-neutral Act — लड़के भी protected।
⚖️ कानूनी परिभाषा: किसी बालक को शामिल करते हुए लैंगिक संबंध बनाने के आचरण का कोई दृश्य चित्रण — जिसमें शामिल है: (1) फोटो; (2) वीडियो; (3) डिजिटल या कंप्यूटर जनित आकृति — बालक की आकृति प्रतीत होने वाली भी। ✅ सरल शब्दों में: बच्चे की कोई भी sexual content — photo, video, digital image — बाल अश्लील साहित्य है। Create करना, store करना, share करना — सभी दंडनीय। 💡 उदाहरण: WhatsApp पर बच्चों की obscene photo share करना, storage करना — धारा 15 के तहत दंडनीय। Rajasthan Cyber Crime Cell 2023-24 में 450+ ऐसे cases दर्ज।
⚖️ कानूनी परिभाषा: ऐसा घर/आवास जहाँ बालक प्रत्यर्थी (अपराधी) के साथ रहता है, चाहे संयुक्त परिवार हो या अकेले — यदि एक ही छत के नीचे रहते हैं तो shared household है। ✅ सरल शब्दों में: जहाँ बच्चा और आरोपी एक ही घर में रहते हों — वह Shared Household है। 💡 उदाहरण: गाँव में चाचा/ताऊ के घर में रहकर पढ़ने वाला बच्चा — अगर चाचा ने अपराध किया — यह Shared Household है। यहाँ aggravated offense मानी जाती है।
धारा 3 / 4
प्रवेशन लैंगिक हमला (Penetrative Sexual Assault) धारा 3 — परिभाषा: (a) अपने लिंग/किसी अंग/किसी वस्तु को बालक की योनि/मुख/मूत्रमार्ग/गुदा में प्रविष्ट करना; (b) बालक से ऐसा स्वयं कराना; (c) बालक के मुख का उपयोग अपने लिंग के लिए; (d) अपने मुख का बालक के यौनांग के लिए उपयोग। | धारा 4 — दंड: 10 वर्ष से आजीवन कारावास + जुर्माना। यदि बालक 16 वर्ष से कम: 20 वर्ष से आजीवन कारावास। | Gender-neutral: अपराधी पुरुष या महिला कोई भी हो सकती है।
धारा 5 / 6
गुरुत्तर प्रवेशन लैंगिक हमला (Aggravated Penetrative Sexual Assault) धारा 5 — निम्न द्वारा प्रवेशन लैंगिक हमला "गुरुत्तर" माना जाता है — | विशेष व्यक्ति (Special Persons): (A) पुलिस अधिकारी; (B) सशस्त्र बल/अर्धसैनिक बल; (C) लोक सेवक; (D) जेल/Remand Home प्रबंधक; (E) अस्पताल/शैक्षणिक/धार्मिक संस्था का कर्मचारी; (F) संरक्षक/दत्तक ग्रहीता। | विशेष परिस्थितियां: (i) बालक 12 वर्ष से कम आयु का हो; (ii) सांप्रदायिक/जातीय दंगों के दौरान; (iii) शारीरिक अक्षमता/मानसिक विकार से ग्रस्त बालक; (iv) गर्भवती बच्ची; (v) नुकसान पहुंचाने की कोशिश; (vi) ज्वलनशील पदार्थ से जलाने का प्रयास। | धारा 6 — दंड: 20 वर्ष से आजीवन कारावास + जुर्माना। अथवा मृत्युदंड (2019 संशोधन)।
जयपुर के एक private school के शिक्षक ने 10 साल की छात्रा के साथ यौन अपराध किया। वह "शिक्षक" — एक educational institution employee — धारा 5 के तहत special person। Aggravated Penetrative Sexual Assault — धारा 5(f) → 20 वर्ष से आजीवन कारावास। Jaipur Sessions Court ने 2023 में ऐसे ही एक case में 20 वर्ष की सजा दी। NCRB 2022 data: Rajasthan में school से related POCSO cases — 420+।
धारा 7 / 8
लैंगिक हमला (Sexual Assault) धारा 7 — परिभाषा: यौन आशय से बालक के निजी अंगों को स्पर्श करना — प्रवेशन के बिना। अथवा बालक से किसी व्यक्ति के शरीर को स्पर्श कराना। यौन आशय (Sexual Intent) अनिवार्य है। | उदाहरण: बालक के कपड़ों के ऊपर से छूना, kissing करना, स्तन/जननांग छूना — सभी Sexual Assault। | धारा 8 — दंड: 3 से 5 वर्ष कारावास + जुर्माना। | याद रखें: Sexual Assault (7/8) और Aggravated Sexual Assault (9/10) में Penetration नहीं होता — यही Penetrative Assault (3/4) से अंतर है।
धारा 9 / 10
गुरुत्तर लैंगिक हमला (Aggravated Sexual Assault) धारा 9 — धारा 7 (लैंगिक हमला) उन्हीं विशेष व्यक्तियों/परिस्थितियों में हो जो धारा 5 में हैं — तो वह Aggravated Sexual Assault है। उदाहरण: Police officer ने 11 वर्ष के बच्चे को inappropriate तरीके से touch किया — यह Aggravated Sexual Assault। | धारा 10 — दंड: 5 से 7 वर्ष कारावास + जुर्माना।
धारा 11 / 12
लैंगिक उत्पीड़न (Sexual Harassment) धारा 11 — परिभाषा — बिना शारीरिक संपर्क के: (i) यौन आशय से बालक को देखना/दिखाना; (ii) अश्लील शब्द बोलना/electronic माध्यम से भेजना; (iii) अश्लील वस्तु/चित्र दिखाना; (iv) बालक से उसके शरीर को प्रदर्शित कराना; (v) बालक को देखकर हस्तमैथुन करना; (vi) बालक को धमकाना/सताना। | धारा 12 — दंड: 3 वर्ष तक + जुर्माना। | Digital माध्यम: WhatsApp/SMS/Instagram पर sexual message भेजना → धारा 11(ii) + IT Act दोनों।
धारा 13 / 14
अश्लील प्रयोजन के लिए बालक का उपयोग (Child Pornography) धारा 13 — कोई व्यक्ति किसी बालक का अश्लील प्रयोजन के लिए Electronic/Digital media में उपयोग करेगा — तो अपराध। | धारा 14 — दंड: (A) पहली बार — 5 वर्ष + जुर्माना; (B) दूसरी बार — 7 वर्ष + जुर्माना। | यदि साथ में कोई और अपराध (Penetrative/Non-Penetrative) भी हो — तो उस अपराध की सजा भी अलग से। | Explanation: यहाँ "उपयोग" = photograph खींचना, video बनाना, online streaming, live broadcast — सभी।
धारा 15
बाल अश्लील साहित्य का संग्रह (Storage of CSAM) तीन श्रेणियों में अलग-अलग दंड: | (A) साधारण संग्रह (Mere Storage): पहली बार — ₹5,000 जुर्माना | दूसरी बार — ₹10,000 जुर्माना। | (B) वितरण/प्रसारण (Distribution/Transmission): 3 वर्ष कारावास + जुर्माना या दोनों। | (C) व्यावसायिक प्रयोग (Commercial Purpose): 5 से 7 वर्ष कारावास + जुर्माना। | Note: CSAM = Child Sexual Abuse Material। Internet पर forward करना = distribution। Telegram/WhatsApp group में share = distribution।
धारा 16 / 17
दुष्प्रेरण (Abetment) धारा 16: POCSO Act के किसी भी अपराध के लिए: (a) उकसाना (Instigation); (b) षड्यंत्र (Conspiracy); (c) जानबूझकर सहायता (Intentional Aid) — दुष्प्रेरण है। | धारा 17 — दंड: मूल अपराध के बराबर। | उदाहरण: किसी ने अपराधी को बच्चे तक पहुँचाया → वह भी उतनी ही सजा। बालिका गृह में warden ने बच्चे को उपलब्ध कराया → same punishment।
— त्वरित संदर्भ तालिका (Quick Reference Table) —
| अपराध (Offence) | धारा | मुख्य अंतर | दंड (Punishment) |
|---|---|---|---|
| प्रवेशन लैंगिक हमला | 3/4 | शरीर में प्रवेश (Penetration) | 10 वर्ष–आजीवन | 16 वर्ष से कम: 20–आजीवन |
| गुरुत्तर प्रवेशन लैंगिक हमला | 5/6 | Penetration + विशेष व्यक्ति/परिस्थिति/12 वर्ष से कम | 20 वर्ष–आजीवन OR मृत्युदंड |
| लैंगिक हमला | 7/8 | Penetration नहीं — स्पर्श/touching | 3–5 वर्ष + जुर्माना |
| गुरुत्तर लैंगिक हमला | 9/10 | Touching + विशेष व्यक्ति/परिस्थिति | 5–7 वर्ष + जुर्माना |
| लैंगिक उत्पीड़न | 11/12 | कोई शारीरिक संपर्क नहीं — शब्द/digital | 3 वर्ष तक + जुर्माना |
| बालक का अश्लील उपयोग | 13/14 | Electronic/digital media में | 5–7 वर्ष | 2nd time: 7 वर्ष |
| बाल अश्लील साहित्य संग्रह | 15 | Storage/Distribution/Commercial | ₹5000 → 3 वर्ष → 5–7 वर्ष |
| दुष्प्रेरण | 16/17 | उकसाना/षड्यंत्र/सहायता | मूल अपराध के बराबर |
धारा 19
अनिवार्य रिपोर्टिंग (Mandatory Reporting) — सबसे महत्वपूर्ण कोई भी व्यक्ति जो POCSO अपराध की संभावना देखे या जाने कि अपराध हुआ है — वह तुरंत पुलिस या SJPU (Special Juvenile Police Unit) को सूचित करेगा। | पुलिस/SJPU द्वारा: (i) 24 घंटे के भीतर FIR दर्ज; (ii) 24 घंटे के भीतर बालक को अस्पताल/आश्रय; (iii) 24 घंटे के भीतर CWC (Child Welfare Committee) और Special Court को प्रति। | रिपोर्ट न करना = अपराध (6 माह तक + जुर्माना)। Teacher, Doctor, NGO worker, neighbour, relative — कोई भी जाने तो बताना अनिवार्य। | BNS के तहत भी यही दायित्व है।
जोधपुर के एक NGO कार्यकर्ता को पता चला कि एक 9 वर्षीय बच्चे के साथ उसके neighbor ने अपराध किया। उसने सोचा — "परिवार की इज़्ज़त जाएगी, चुप रहते हैं।" लेकिन POCSO की धारा 19 कहती है — यदि वह रिपोर्ट नहीं करता, वह भी दोषी है। 6 महीने की सज़ा हो सकती है। | रिपोर्टिंग का क्रम: (1) पुलिस/SJPU को शिकायत → (2) 24 घंटे में FIR → (3) बच्चे को hospital/shelter → (4) CWC को सूचना → (5) Special Court में case।
धारा 24
पुलिस द्वारा बालक के बयान लेना (Statement by Police) धारा 24 में child-friendly procedure अनिवार्य: (1) महिला पुलिस अधिकारी — SI रैंक से निम्न नहीं — साधे (plain) वस्त्रों में; (2) बालक के घर या पसंद की जगह पर — Police Station नहीं; (3) माता-पिता/संरक्षक की उपस्थिति में; (4) रात में बालक को Police Station में नहीं रखा जाएगा; (5) बालक की पहचान पूर्णतः गोपनीय — media में नहीं; (6) बालक और आरोपी का सामना नहीं; (7) Video recording — धारा 26 + BNSS धारा 184 के तहत।
धारा 26 / 27
Video Recording + Medical Examination धारा 26 — Video Recording: बालक के बयान की Video recording BNSS (धारा 184) के अनुसार होगी — जिससे court में बालक को बार-बार न बुलाना पड़े। Magistrate की उपस्थिति में बयान लिया जा सकता है। | धारा 27 — Medical Examination: (i) POCSO case में चिकित्सीय परीक्षण अनिवार्य; (ii) बालिका का परीक्षण — केवल महिला चिकित्सक द्वारा; (iii) माता-पिता/संरक्षक की उपस्थिति में; (iv) बालिका की अनुपस्थिति में — किसी विश्वसनीय महिला की उपस्थिति। | उद्देश्य: Medical evidence → court में prosecution को मजबूत करना।
धारा 28 / 29
Special Court + Presumption of Guilt धारा 28: हर जिले में POCSO के लिए Special Court गठित होगी। trial 60 दिन में पूरा। Special Prosecutor नियुक्ति। बालक को court में बार-बार बुलाना नहीं। | धारा 29: Presumption of Guilt (अपराध का अनुमान): POCSO में आरोपी को खुद को निर्दोष साबित करना होगा — not the prosecution। यह CrPC/BNSS के सामान्य niyam से अलग है। | Rajasthan में जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, कोटा, बीकानेर, अजमेर में dedicated POCSO Courts।
| पहलू | POSH Act 2013 | POCSO Act 2012 |
|---|---|---|
| पूरा नाम | कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न (रोकथाम...) Act, 2013 | लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण Act, 2012 |
| संरक्षण का विषय | महिलाएं (कोई भी आयु, किसी भी कार्यस्थल पर) | बालक — 18 वर्ष से कम (लड़का और लड़की) |
| अधिनियम संख्या | Act 14 of 2013 | Act 32 of 2012 |
| लागू | 9 December 2013 | 14 November 2012 |
| संरचना | 8 अध्याय, 30 धाराएं | 9 अध्याय, 46 धाराएं |
| शिकायत निकाय | ICC (Internal) / LCC (Local Complaints Committee) | Police / SJPU (Special Juvenile Police Unit) |
| जांच समय | 90 दिन (ICC/LCC) | 60 दिन (Special Court) |
| आधार | Vishakha Guidelines 1997, Nirbhaya 2012 | UN CRC 1989, Art 15(3) & 39 Constitution |
| दंड | ₹50,000 जुर्माना (employer), सेवा कार्यवाही | 3 वर्ष से मृत्युदंड — offense के अनुसार |
1. POSH Act — Act 14 of 2013 | Assent: 22 April 2013 | Effective: 9 December 2013 | 8 Chapters, 30 Sections 2. POSH आधार: Vishakha v. State of Rajasthan 1997 (Bhanwari Devi case) + Nirbhaya 2012 + Justice Verma Committee 3. POSH — Constitutional Basis: Articles 14 (समानता), 15 (भेदभाव), 21 (गरिमा) का उल्लंघन = Sexual Harassment 4. Sexual Harassment 5 प्रकार (Section 2n): Physical contact | Demand | Remarks | Obscene material | Other unwelcome 5. ICC: 10+ employees | 4 members (1 Presiding Officer + 3) | 3 year term | 1 SC/ST/OBC/Minority अनिवार्य 6. LCC: <10 employees, असंगठित, घरेलू कामगार, employer के खिलाफ | District Officer | 5 members | पूरा जिला 7. POSH Complaint: 3 माह के भीतर | Conciliation — monetary/coercive नहीं | Inquiry — 90 दिन | Report — 10 दिन 8. Section 12: Interim relief — Transfer + 3 months additional leave | Section 18: Appeal — 90 days 9. Section 26: Non-compliance → ₹50,000 | Second time: double + license/registration cancel 10. SHe-Box Portal: 29 August 2024 (MWC&D Ministry) | Online complaint + ICC/LCC database centralized 11. NARI Report 2025: Jaipur — Score 59.1% (राष्ट्रीय 64.6% से कम) | 25/31 cities | 8% women faced harassment 12. POCSO Act — Act 32 of 2012 | Assent: 19 June 2012 | Effective: 14 November 2012 | 9 Chapters, 46 Sections 13. POCSO — Constitutional Basis: Art 15(3) + Art 39(e)(f) + Art 21 | UN CRC 1989 (India ratified 11 Dec 1992) 14. POCSO — बालक: 18 वर्ष से कम | Gender-neutral (लड़का+लड़की) | Child Helpline: 1098 15. Penetrative SA (3/4): 10 yr–life | 16 वर्ष से कम: 20 yr–life | Aggravated PSA (5/6): 20 yr–life OR Death 16. Section 5 Special Persons: Police, Armed forces, Jail manager, Hospital staff, Teacher, Public servant, Guardian 17. Sexual Assault (7/8): 3-5 years | Aggravated SA (9/10): 5-7 years | Harassment (11/12): 3 years max 18. Section 15 — 3 Tiers: Storage only: ₹5000/₹10000 | Distribution: 3 yr | Commercial: 5-7 yr 19. Section 19: Mandatory Reporting — FIR 24 घंटे | Hospital 24 घंटे | CWC 24 घंटे | न करना = 6 माह 20. Section 24: Statement — महिला SI+ | घर/preferred place | रात police station नहीं | Video (Sec 26) 21. Section 27: Medical examination — महिला doctor (बालिका के लिए) | माता-पिता की उपस्थिति 22. Section 28/29: Special Court — trial 60 days | Presumption of Guilt — आरोपी खुद को निर्दोष साबित करे 23. NCRB 2022: India — 38,000+ POCSO cases | Rajasthan — 3,000+ | Jaipur Sessions Court में dedicated POCSO court
Q1. कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न क्या है? POSH Act 2013 के अंतर्गत ICC की संरचना एवं कार्य बताइए। (10 अंक) Q2. "विशाखा Guidelines क्या थीं?" — Bhanwari Devi case के संदर्भ में POSH Act 2013 से इनका संबंध स्पष्ट कीजिए। (5 अंक) Q3. ICC और LCC में क्या अंतर है? POSH Act 2013 के तहत किन परिस्थितियों में LCC का गठन किया जाता है? (5 अंक) Q4. POSH Act 2013 के अंतर्गत शिकायत प्रक्रिया (Complaint Procedure — धाराएं 9 से 18) की विस्तृत विवेचना कीजिए। (10 अंक) Q5. POCSO Act 2012 के अंतर्गत "बालक" की परिभाषा बताइए। POCSO के तहत यौन अपराधों के प्रकार एवं उनके दंड का उल्लेख कीजिए। (10 अंक) Q6. "गुरुत्तर प्रवेशन लैंगिक हमला (Aggravated Penetrative Sexual Assault — धारा 5/6)" — "विशेष व्यक्तियों" की सूची और दंड बताइए। (5 अंक) Q7. "बाल अश्लील साहित्य के संग्रह, वितरण और व्यावसायिक उपयोग" — POCSO Act की धारा 15 के तहत तीन श्रेणियों में दंड बताइए। (5 अंक) Q8. "बालकों के यौन उत्पीड़न की अनिवार्य रिपोर्टिंग" का प्रावधान समझाइए। रिपोर्ट न करने पर क्या होता है? (5 अंक) Q9. POCSO Act 2012 के अंतर्गत Special Court की भूमिका एवं Presumption of Guilt (धारा 29) समझाइए। (5 अंक) Q10. "Rajasthan में बाल यौन अपराध और POCSO Act का क्रियान्वयन" — एक RAS Officer की भूमिका SJPU, CWC और Special Court के संदर्भ में बताइए। (10 अंक) Q11. POSH Act और POCSO Act की तुलना — संरक्षण का विषय, शिकायत निकाय, जांच समय और दंड के संदर्भ में। (10 अंक) Q12. SHe-Box Portal (2024) क्या है? NARI Report 2025 के अनुसार Jaipur की क्या स्थिति है? (5 अंक)
| वर्ष | घटना / अधिनियम / मामला (Event / Act / Case) |
|---|---|
| 1989 | UN Convention on Rights of Child (CRC) — 1989 | बाल अधिकारों पर अंतर्राष्ट्रीय संधि |
| 1992 | भारत ने CRC का अनुसमर्थन — 11 December 1992 | बाल अधिकारों की मान्यता |
| 1992 | Bhanwari Devi Case — Rajasthan | बाल विवाह रोकने पर सामूहिक बलात्कार | POSH की नींव |
| 1997 | Vishakha v. State of Rajasthan — Supreme Court | Vishakha Guidelines जारी |
| 2012 | Nirbhaya Gang Rape Case — December 2012 Delhi | Justice Verma Committee गठन |
| 2012 | POCSO Act — अधिनियम संख्या 32 | Assent: 19 June 2012 | Effective: 14 November 2012 |
| 2013 | POSH Act — अधिनियम संख्या 14 | Assent: 22 April 2013 | Effective: 9 December 2013 |
| 2019 | POCSO Amendment 2019 — 12 वर्ष से कम बालक: Death Penalty जोड़ा गया |
| 2020 | POCSO Rules 2020 — Procedure streamlined | Video recording mandatory |
| 2024 | SHe-Box Portal — 29 August 2024 | Online POSH complaints | Centralized ICC/LCC database |
| 2025 | NARI Report 2025 (NCW) — Jaipur 25th/31 | Score 59.1% | Rajasthan में POSH compliance low |