🧩 अध्याय 2/6 — सामान्य हिंदी

समास एवं भेद

Samas
📋 इस अध्याय में
  1. समास की परिभाषा
  2. समास के भेद

1समास की परिभाषा

दो या दो से अधिक शब्दों के मेल से बनने वाले नए एवं संक्षिप्त शब्द को समास कहते हैं। जैसे: राजा का पुत्र = राजपुत्र।

2समास के भेद

भेदपहचानउदाहरण
तत्पुरुष समासदूसरा पद प्रधान, कारक चिन्ह लुप्तराजपुत्र (राजा का पुत्र), रसोईघर (रसोई के लिए घर)
कर्मधारय समासविशेषण-विशेष्य या उपमान-उपमेय संबंधनीलकमल (नीला है जो कमल), चंद्रमुख
द्विगु समासपहला पद संख्यावाचकत्रिभुज (तीन भुजाओं का समूह), नवरात्र
द्वंद्व समासदोनों पद प्रधान, योजक चिन्ह से जुड़ेमाता-पिता, राजा-रानी
बहुव्रीहि समासदोनों पद गौण, कोई तीसरा अर्थ प्रधानदशानन (दस मुख वाला अर्थात रावण), पीतांबर (पीला है वस्त्र जिसका अर्थात कृष्ण)
अव्ययीभाव समासपहला पद प्रधान, संपूर्ण पद अव्यय बन जाता हैयथाशक्ति (शक्ति के अनुसार), प्रतिदिन
💡 पहचानने की Trick

बहुव्रीहि समास में कोई तीसरा (बाहरी) अर्थ प्रधान होता है — जैसे "दशानन" का अर्थ न तो "दस" है न "आनन (मुख)", बल्कि "रावण" है। यही बहुव्रीहि की पहचान है।

🔑 Keyword Summary
समासतत्पुरुषकर्मधारयद्विगुद्वंद्वबहुव्रीहिअव्ययीभाव
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