दो या दो से अधिक शब्दों के मेल से बनने वाले नए एवं संक्षिप्त शब्द को समास कहते हैं। जैसे: राजा का पुत्र = राजपुत्र।
| भेद | पहचान | उदाहरण |
|---|---|---|
| तत्पुरुष समास | दूसरा पद प्रधान, कारक चिन्ह लुप्त | राजपुत्र (राजा का पुत्र), रसोईघर (रसोई के लिए घर) |
| कर्मधारय समास | विशेषण-विशेष्य या उपमान-उपमेय संबंध | नीलकमल (नीला है जो कमल), चंद्रमुख |
| द्विगु समास | पहला पद संख्यावाचक | त्रिभुज (तीन भुजाओं का समूह), नवरात्र |
| द्वंद्व समास | दोनों पद प्रधान, योजक चिन्ह से जुड़े | माता-पिता, राजा-रानी |
| बहुव्रीहि समास | दोनों पद गौण, कोई तीसरा अर्थ प्रधान | दशानन (दस मुख वाला अर्थात रावण), पीतांबर (पीला है वस्त्र जिसका अर्थात कृष्ण) |
| अव्ययीभाव समास | पहला पद प्रधान, संपूर्ण पद अव्यय बन जाता है | यथाशक्ति (शक्ति के अनुसार), प्रतिदिन |
बहुव्रीहि समास में कोई तीसरा (बाहरी) अर्थ प्रधान होता है — जैसे "दशानन" का अर्थ न तो "दस" है न "आनन (मुख)", बल्कि "रावण" है। यही बहुव्रीहि की पहचान है।