🔤 अध्याय 1/6 — सामान्य हिंदी

संधि एवं संधि विच्छेद

Sandhi
📋 इस अध्याय में
  1. संधि की परिभाषा
  2. संधि के प्रकार
  3. स्वर संधि के भेद

1संधि की परिभाषा

दो वर्णों (ध्वनियों) के परस्पर मेल से उत्पन्न विकार (परिवर्तन) को संधि कहते हैं। जैसे: विद्या + आलय = विद्यालय। संधि मुख्यतः तीन प्रकार की होती है:

2संधि के प्रकार

प्रकारनियमउदाहरण
स्वर संधिदो स्वरों के मेल सेविद्या+आलय = विद्यालय, हिम+आलय = हिमालय
व्यंजन संधिव्यंजन के साथ स्वर/व्यंजन के मेल सेजगत्+नाथ = जगन्नाथ, सत्+जन = सज्जन
विसर्ग संधिविसर्ग (:) के साथ स्वर/व्यंजन के मेल सेमनः+बल = मनोबल, निः+रोग = नीरोग

3स्वर संधि के भेद

भेदनियमउदाहरण
दीर्घ संधिसजातीय स्वर मिलकर दीर्घ बनते हैंविद्या+आलय=विद्यालय, गिरि+इंद्र=गिरींद्र
गुण संधिअ/आ + इ/ई=ए, अ/आ+उ/ऊ=ओनर+ईश=नरेश, महा+उत्सव=महोत्सव
वृद्धि संधिअ/आ+ए/ऐ=ऐ, अ/आ+ओ/औ=औएक+एक=एकैक, मत+ऐक्य=मतैक्य
यण संधिइ/ई/उ/ऊ/ऋ के बाद असमान स्वर आने परयदि+अपि=यद्यपि, सु+अल्प=स्वल्प
अयादि संधिए/ऐ/ओ/औ के बाद कोई स्वर आने परने+अन=नयन, पौ+अक=पावक
💡 Trick

"गुण संधि" याद रखने के लिए: अ/आ के बाद इ-ई आए तो 'ए' बनता है, उ-ऊ आए तो 'ओ' बनता है — जैसे नर+ईश = नरेश (इ→ए), महा+उत्सव=महोत्सव (उ→ओ)।

🔑 Keyword Summary
संधिस्वर संधिव्यंजन संधिविसर्ग संधिदीर्घ संधिगुण संधियण संधि
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