📊 अध्याय 0/14 — राजस्थान अर्थव्यवस्था

राजस्थान एक नज़र में एवं विकसित राजस्थान @2047

Rajasthan at a Glance & Viksit Rajasthan @2047 | आर्थिक परिदृश्य, प्रमुख संकेतक व विजन
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📋 इस अध्याय में क्या-क्या पढ़ेंगे
  1. आर्थिक समीक्षा 2025-26 : एक परिचय
  2. राजस्थान का संक्षिप्त परिचय
  3. राजस्थान बनाम भारत : प्रमुख संकेतक
  4. आर्थिक विकास के प्रमुख संकेतक (5 वर्ष)
  5. सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP)
  6. शुद्ध राज्य घरेलू उत्पाद (NSDP)
  7. प्रति व्यक्ति आय (PCI)
  8. सकल राज्य मूल्य वर्धन (GSVA) — क्षेत्रवार योगदान
  9. सकल स्थायी पूँजी निर्माण (GFCF)
  10. मूल्य सूचकांक — थोक (WPI) एवं उपभोक्ता (CPI)
  11. बैंकिंग क्षेत्र एक नज़र में
  12. स्वास्थ्य संकेतक एक नज़र में
  13. विकसित राजस्थान @2047 — दृष्टि एवं 13 क्षेत्र
  14. आर्थिक समीक्षा की अध्याय-वार मुख्य झलकियाँ
  15. नई राज्य नीतियाँ (2024–2026) एक नज़र में
  16. पंच गौरव कार्यक्रम — 41 जिलों की सूची
  17. प्रमुख फ्लैगशिप योजनाएँ
  18. RAS पाठ्यक्रम और आर्थिक समीक्षा के अध्याय
📘 अध्याय 00

परिभाषा: राजस्थान एक नज़र में एवं विकसित राजस्थान @2047 राजस्थान आर्थिक समीक्षा 2025-26 पर आधारित — प्रमुख आर्थिक संकेतक, क्षेत्रवार योगदान, पंच गौरव एवं 13 क्षेत्रों की विकास-दृष्टि

🌟 शुरुआत एक कहानी से

कल्पना कीजिए कि पूरा राजस्थान एक बहुत बड़ा परिवार है, जिसमें लगभग 8.33 करोड़ सदस्य हैं। साल के अंत में यह परिवार अपना हिसाब लगाता है — "इस साल हमने खेतों में कितना अनाज उगाया, कारखानों में कितना सामान बनाया, और दुकानों, होटलों, बैंकों व अस्पतालों ने कितनी सेवाएँ दीं?" इन सबका कुल मूल्य ही राज्य का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) है।

फिर यह परिवार पूछता है — "औसतन एक सदस्य के हिस्से में कितनी आय आई?" यही प्रति व्यक्ति आय है, जो 2025-26 में पहली बार ₹2 लाख के पार (₹2,02,349) पहुँच गई है। यह हिसाब-किताब हर साल एक दस्तावेज़ में दर्ज होता है, जिसे आर्थिक समीक्षा (Economic Review) कहते हैं।

इस अध्याय में हम राजस्थान की अर्थव्यवस्था की पूरी तस्वीर "एक नज़र में" देखेंगे — और यह भी समझेंगे कि वर्ष 2047 तक राज्य को "विकसित राजस्थान" बनाने का सपना किन 13 क्षेत्रों पर टिका है।

1आर्थिक समीक्षा 2025-26 : एक परिचय

आर्थिक समीक्षा राज्य सरकार का वह वार्षिक दस्तावेज़ है, जो बताता है कि पिछले एक साल में राज्य की अर्थव्यवस्था ने कैसा प्रदर्शन किया, कौन-सा क्षेत्र आगे बढ़ा, कौन पीछे रहा, और सरकार ने कौन-सी नई नीतियाँ व योजनाएँ चलाईं। इसे बजट से ठीक पहले/साथ जारी किया जाता है, ताकि बजट बनाते समय सरकार और जनता दोनों के सामने राज्य की सही आर्थिक तस्वीर हो।

बिंदुविवरण
दस्तावेज़ का नामराजस्थान आर्थिक समीक्षा 2025-26 (Economic Review 2025-26)
तैयार करने वाली संस्थाआर्थिक एवं सांख्यिकी निदेशालय (Directorate of Economics & Statistics), सांख्यिकी विभाग, राजस्थान सरकार, जयपुर
जारी होने का समयफ़रवरी 2026 — राज्य बजट 2026-27 (11 फ़रवरी 2026, उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री दीया कुमारी) के साथ
इस वर्ष की विषय-वस्तु (Theme)इस वर्ष अध्यायों को "विकसित राजस्थान @2047" दृष्टि-दस्तावेज़ के 13 क्षेत्रों के अनुसार बाँटा गया है — यानी 13 क्षेत्र = 13 अध्याय
अनुमान का प्रकार2023-24 = संशोधित अनुमान-II, 2024-25 = संशोधित अनुमान-I, 2025-26 = अग्रिम अनुमान (AE)
साथ मेंसांख्यिकीय परिशिष्ट (Statistical Appendix, A1–A52) — प्रमुख सामाजिक-आर्थिक संकेतकों के कई वर्षा के आँकड़े
आधार वर्ष (राज्य आय)2011-12 (स्थिर मूल्यों की गणना के लिए)
अध्यायअध्याय का नाम (13 क्षेत्र = 13 अध्याय)
1कृषि-खाद्य प्रणालियों में रूपांतरण
2स्वास्थ्य एवं कल्याण
3शिक्षा एवं ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था
4सामाजिक सशक्तीकरण एवं समावेशन
5औद्योगिक, खनन एवं आर्थिक वृद्धि (रोज़गार, श्रम, कौशल, युवा सहित)
📘 आर्थिक समीक्षा (Economic Review)

परिभाषा: राज्य की अर्थव्यवस्था के बड़े संकेतकों (जैसे GSDP, प्रति व्यक्ति आय, मूल्य सूचकांक), विभिन्न क्षेत्रों के विकास और सरकारी नीतियों का तथ्यों पर आधारित वार्षिक मूल्यांकन।

💡 आसान भाषा में: यह राज्य का "सालाना रिपोर्ट कार्ड" है — जिसमें लिखा होता है कि राज्य ने किस विषय में कितने अंक पाए।

🏠 उदाहरण: जैसे स्कूल में साल के अंत में रिपोर्ट कार्ड से पता चलता है कि बच्चा गणित में मज़बूत है और अंग्रेज़ी में कमज़ोर — वैसे ही आर्थिक समीक्षा बताती है कि सेवा क्षेत्र तेज़ी से बढ़ा और कृषि की वृद्धि धीमी रही।

📘 अग्रिम अनुमान, संशोधित अनुमान (AE, RE)

परिभाषा: वर्ष पूरा होने से पहले उपलब्ध आँकड़ों से लगाया गया पहला अनुमान "अग्रिम अनुमान" होता है; बाद में पूरे आँकड़े आने पर उसे सुधारकर "संशोधित अनुमान-I" और फिर "संशोधित अनुमान-II" बनाया जाता है।

💡 आसान भाषा में: पहले अंदाज़ा, फिर सुधार, फिर और सुधार — इसलिए किसी एक वर्ष का आँकड़ा अगले साल की समीक्षा में थोड़ा बदल सकता है।

🏠 उदाहरण: जैसे परीक्षा के तुरंत बाद आप अपने अंकों का अंदाज़ा लगाते हैं (अग्रिम अनुमान), फिर उत्तर-कुंजी देखकर सुधारते हैं (संशोधित-I), और अंत में परिणाम आने पर पक्के अंक मिलते हैं (संशोधित-II)।

अध्यायअध्याय का नाम (13 क्षेत्र = 13 अध्याय)
6पर्यटन एवं सांस्कृतिक विकास
7आधारभूत अवसंरचना
8जल सुरक्षा एवं अनुकूलता
9पर्यावरणीय स्थायित्व एवं जलवायु अनुकूलता
10ग्रामीण विकास
11शहरी विकास
12प्रभावी शासन एवं सार्वजनिक सेवाएँ
13राजकोषीय प्रबंधन एवं आर्थिक नीति
क्षेत्रफल
3,42,239 वर्ग कि.मी.
भारत का 10.41% — क्षेत्रफल में सबसे बड़ा राज्य
अनुमानित जनसंख्या
8.33 करोड़
1 अक्टूबर 2025 तक — देश में छठा स्थान
विस्तार
869 × 826 कि.मी.
पश्चिम→पूर्व × उत्तर→दक्षिण
भौगोलिक क्षेत्रविशेषताआर्थिक अवसर
पश्चिमी मरुस्थल (थार)शुष्क (कम वर्षा वाला) क्षेत्रसौर ऊर्जा उत्पादन और खनन का प्रमुख केंद्र

2राजस्थान का संक्षिप्त परिचय

राजस्थान परंपरा और आधुनिकता का संगम है — यहाँ समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के साथ तेज़ आर्थिक विकास भी हो रहा है।

अवसंरचना, नवीकरणीय ऊर्जा और उद्योग पर लगातार ध्यान देने से राज्य भारत की विकास-यात्रा का एक प्रमुख भागीदार बना हुआ है।

स्थिति, आकार एवं सीमाएँ

चार प्रमुख भौगोलिक क्षेत्र और उनकी आर्थिक भूमिका

भौगोलिक क्षेत्रविशेषताआर्थिक अवसर
अरावली पहाड़ियाँजैव-विविधता से समृद्ध, अनेक ऐतिहासिक स्थलपर्यटन का केंद्र
पूर्व मैदानउपजाऊ मिट्टीकृषि के लिए सबसे उपयुक्त
दक्षिण-पूर्व पठार (हाड़ौती)पठारी भू-भागऔद्योगिक विकास की संभावनाएँ
संकेतकवर्षइकाईराजस्थानभारत
भौगोलिक क्षेत्रफल2011लाख वर्ग कि.मी.3.4232.87
जनसंख्या2011करोड़6.85121.09
दशकीय वृद्धि दर2001-11प्रतिशत21.317.7
जनसंख्या घनत्व2011व्यक्ति/वर्ग कि.मी.200382
शहरी जनसंख्या2011प्रतिशत24.931.2
ग्रामीण जनसंख्या2011प्रतिशत75.168.8
अनुसूचित जाति जनसंख्या2011प्रतिशत17.816.6
अनुसूचित जनजाति जनसंख्या2011प्रतिशत13.58.6
लिंगानुपात2011महिलाएँ/1000 पुरुष928943
शिशु लिंगानुपात (0-6 वर्ष)2011बालिकाएँ/1000 बालक888919
साक्षरता दर (कुल)2011प्रतिशत66.173.0

अर्थव्यवस्था का स्वरूप — परंपरा + आधुनिकता

3राजस्थान बनाम भारत : प्रमुख संकेतक

नीचे की तालिका आर्थिक समीक्षा की तालिका-I पर आधारित है। जनसंख्या से जुड़े अधिकांश आँकड़े जनगणना 2011 के हैं, जबकि जन्म-दर, मृत्यु-दर जैसे आँकड़े नमूना पंजीकरण प्रणाली (SRS) के नवीनतम बुलेटिन से लिए गए हैं।

संकेतकवर्षइकाईराजस्थानभारत
साक्षरता दर (पुरुष)2011प्रतिशत79.280.9
साक्षरता दर (महिला)2011प्रतिशत52.164.6
कार्य सहभागिता दर2011प्रतिशत43.639.8
अशोधित जन्म दर (CBR)2023प्रति हज़ार जनसंख्या22.918.4
अशोधित मृत्यु दर (CDR)2023प्रति हज़ार जनसंख्या5.96.4
शिशु मृत्यु दर (IMR)2023प्रति हज़ार जीवित जन्म2925
मातृ मृत्यु अनुपात (MMR)2021-23प्रति लाख जीवित जन्म8688
जन्म के समय जीवन प्रत्याशा2019-23वर्ष70.470.3
जहाँ राजस्थान भारत से आगे/बेहतर है
▸ क्षेत्रफल — देश का सबसे बड़ा राज्य (10.41%)
▸ दशकीय वृद्धि दर अधिक (21.3% बनाम 17.7%) ▸ कार्य सहभागिता दर अधिक (43.6% बनाम 39.8%) ▸ अनुसूचित जनजाति का हिस्सा अधिक (13.5% बनाम 8.6%) ▸ मृत्यु दर कम (5.9 बनाम 6.4) ▸ मातृ मृत्यु अनुपात कम (86 बनाम 88) ▸ जीवन प्रत्याशा थोड़ी अधिक (70.4 बनाम 70.3)
जहाँ सुधार की ज़रूरत है
▸ जनसंख्या घनत्व कम (200 बनाम 382) — बड़ा मरुस्थलीय
क्षेत्र ▸ शहरीकरण कम (24.9% बनाम 31.2%) ▸ लिंगानुपात व शिशु लिंगानुपात कम (928 व 888) ▸ साक्षरता, विशेषकर महिला साक्षरता कम (52.1%) ▸ जन्म दर अधिक (22.9 बनाम 18.4) ▸ शिशु मृत्यु दर अधिक (SRS 2023 : 29 बनाम 25)
संकेतक2024-252025-26
GSDP — चालू मूल्य17,01,19018,75,413
GSDP वृद्धि दर — चालू (%)11.7710.24
GSDP — स्थिर मूल्य (2011-12)9,03,5649,81,807
📘 कार्य सहभागिता दर (Work Participation Rate)

परिभाषा: कुल जनसंख्या में से उन लोगों का प्रतिशत, जो किसी आर्थिक (कमाई वाले) काम में लगे हुए हैं।

💡 आसान भाषा में: 100 लोगों में से कितने लोग कोई काम करके कमाई में योगदान दे रहे हैं।

🏠 उदाहरण: राजस्थान में 100 में से लगभग 44 लोग काम में लगे हैं, जबकि भारत में लगभग 40 — ग्रामीण राजस्थान में खेती और पशुपालन में पूरा परिवार (महिलाएँ भी) काम में हाथ बँटाता है, इसलिए यह दर अधिक है।

4आर्थिक विकास के प्रमुख संकेतक (2021-22 से 2025-26)

यह तालिका पूरी आर्थिक समीक्षा का सबसे महत्वपूर्ण सार है। इसमें एक साथ 5 वर्षा के मुख्य आँकड़े दिए गए हैं। (राशि ₹ करोड़ में, जहाँ अलग से न लिखा हो)

संकेतक2024-252025-26
GSDP वृद्धि दर — स्थिर (%)8.778.66
NSDP — चालू मूल्य15,25,29116,85,118
NSDP — स्थिर मूल्य7,89,1338,59,333
प्रति व्यक्ति आय — चालू (₹)1,85,0952,02,349
प्रति व्यक्ति आय — स्थिर (₹)95,7621,03,189
GSVA हिस्सा (चालू) — कृषि / उद्योग / सेवा (%)27.13 / 27.05 / 45.8225.74 / 26.55 / 47.71
GSVA हिस्सा (स्थिर) — कृषि / उद्योग / सेवा (%)27.05 / 28.21 / 44.7425.33 / 28.21 / 46.46
सकल स्थायी पूँजी निर्माण (GFCF)5,02,412—
GFCF — GSDP का %29.53—
कृषि उत्पादन सूचकांक* (आधार 2005-06 से 2007-08=100)243.55 (अंतिम)—
कुल खाद्यान्न उत्पादन* (लाख मी. टन)309.62 (अंतिम)283.98 (अग्रिम)
औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आधार 2011-12=100)154.38153.29 (नवंबर 2025 तक, अनंतिम)
थोक मूल्य सूचकांक (आधार 1999-2000=100)396.72399.74 (दिसंबर 2025 तक)
थोक मूल्य सूचकांक — परिवर्तन (%)2.180.76
स्थापित विद्युत क्षमता (मेगावाट)27,28431,556 (दिसंबर 2025 तक)
वाणिज्यिक बैंक ऋण (30 सितंबर तक)6,11,5466,91,943
ध्यान दें

* कृषि उत्पादन सूचकांक और खाद्यान्न उत्पादन कृषि वर्ष (जुलाई से जून) के अनुसार हैं। ऊपर थोक मूल्य सूचकांक वित्त वर्ष (अप्रैल-मार्च) के अनुसार है; आगे खंड 10 में यही सूचकांक कैलेंडर वर्ष (जनवरी-दिसंबर) के अनुसार दिया गया है (2025 में 1.13% वृद्धि) — प्रश्न में वर्ष का प्रकार ध्यान से पढ़ें। 2025-26 में खाद्यान्न उत्पादन घटा है (309.62 से 283.98 लाख मी. टन, लगभग 8.3% कमी) — इसी कारण कृषि GSVA की वास्तविक वृद्धि केवल 0.22% रही।

GSDP 2025-26 (चालू मूल्य)
₹18.75 लाख करोड़
वृद्धि 10.24% | 2024-25 : ₹17.01 लाख करोड़
GSDP 2025-26 (स्थिर मूल्य)
₹9.82 लाख करोड़
वृद्धि 8.66% | 2024-25 : ₹9.04 लाख करोड़
वर्षGSDP राजस्थान (₹ करोड़)वृद्धि दर (%)GDP भारत (₹ करोड़)वृद्धि दर (%)
2024-2517,01,19011.773,30,68,1459.8
2025-2618,75,41310.243,57,13,8868.0
वर्षGSDP राजस्थान (₹ करोड़)वृद्धि दर (%)GDP भारत (₹ करोड़)वृद्धि दर (%)
2024-259,03,5648.771,87,96,9556.5
2025-269,81,8078.662,01,89,9197.4
📘 सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP)

परिभाषा: किसी राज्य की भौगोलिक सीमा के भीतर एक वित्त वर्ष में उत्पादित सभी अंतिम वस्तुओं और सेवाओं का कुल बाज़ार मूल्य।

💡 आसान भाषा में: राज्य के अंदर एक साल में जो कुछ भी बना या सेवा के रूप में दिया गया, उसकी कुल कीमत।

🏠 उदाहरण: जयपुर में बनी रज़ाई, कोटा में दी गई कोचिंग, बाड़मेर में निकला कच्चा तेल और उदयपुर के होटल में ठहरे पर्यटक का बिल — सब GSDP में जुड़ते हैं।

📘 चालू मूल्य बनाम स्थिर मूल्य (Current vs Constant Prices)

परिभाषा: चालू मूल्य = उसी वर्ष की कीमतों पर गणना; स्थिर मूल्य = किसी आधार वर्ष (यहाँ 2011-12) की कीमतों पर गणना, ताकि महँगाई का असर हट जाए।

💡 आसान भाषा में: चालू मूल्य में महँगाई भी शामिल होती है; स्थिर मूल्य बताता है कि असल में उत्पादन कितना बढ़ा। इसलिए स्थिर मूल्य वाली वृद्धि को "वास्तविक वृद्धि" (Real Growth) कहते हैं।

🏠 उदाहरण: अगर पिछले साल 10 किलो गेहूँ ₹200 का था और इस साल भी 10 किलो ही उगा पर कीमत ₹220 हो गई — तो चालू मूल्य 10% बढ़ा दिखेगा, पर स्थिर मूल्य पर वृद्धि शून्य होगी, क्योंकि गेहूँ उतना ही उगा।

5सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP)

GSDP (राजस्थान) बनाम GDP (भारत) — चालू मूल्य

GSDP (राजस्थान) बनाम GDP (भारत) — स्थिर मूल्य (2011-12)

NSDP 2025-26 (चालू मूल्य)
₹16.85 लाख करोड़
वृद्धि 10.48% | 2024-25 : ₹15.25 लाख करोड़
NSDP 2025-26 (स्थिर मूल्य)
₹8.59 लाख करोड़
वृद्धि 8.90% | 2024-25 : ₹7.89 लाख करोड़
वर्षNSDP चालू मूल्य (₹ करोड़)वृद्धि (%)NSDP स्थिर मूल्य (₹ करोड़)वृद्धि (%)
2024-2515,25,29112.007,89,1338.91
2025-2616,85,11810.488,59,3338.90
PCI राजस्थान (चालू)
₹2,02,349
वृद्धि 9.32% | पहली बार ₹2 लाख पार
PCI राजस्थान (स्थिर)
₹1,03,189
वृद्धि 7.76%
PCI भारत (चालू)
₹2,19,575
वृद्धि 6.9%
🌟 शुरुआत एक कहानी से

सूत्र NSDP = GSDP − स्थिर पूँजी का उपभोग (CFC) स्थिर पूँजी का उपभोग (CFC) = मशीनों, भवनों आदि की घिसावट / मूल्यह्रास (Depreciation)

📘 स्थिर पूँजी का उपभोग (Consumption of Fixed Capital)

परिभाषा: उत्पादन की प्रक्रिया में एक वर्ष के दौरान पूँजीगत संपत्तियों (मशीन, भवन, वाहन) के जितने हिस्से का उपयोग हो गया (घिस गया), उसका प्रतिस्थापन मूल्य।

💡 आसान भाषा में: कमाई में से वह हिस्सा घटाना, जो पुरानी मशीनों की टूट-फूट ठीक करने में लगेगा — तभी "शुद्ध" (असली) कमाई पता चलती है।

🏠 उदाहरण: एक टैक्सी वाले ने साल में ₹5 लाख कमाए, पर उसकी गाड़ी ₹50 हज़ार की घिस गई — तो उसकी शुद्ध कमाई ₹4.5 लाख मानी जाएगी।

🌟 शुरुआत एक कहानी से

सूत्र प्रति व्यक्ति आय = शुद्ध राज्य घरेलू उत्पाद (NSDP) ÷ वर्ष के मध्य की कुल जनसंख्या

6शुद्ध राज्य घरेलू उत्पाद (NSDP)

7प्रति व्यक्ति आय (Per Capita Income — PCI)

प्रति व्यक्ति आय लोगों के जीवन-स्तर और कल्याण का सबसे अच्छा सूचक मानी जाती है। ध्यान रहे — यह एक औसत है, यानी इससे यह पता नहीं चलता कि आय सब लोगों में बराबर बँटी है या नहीं।

वर्षPCI राजस्थानवृद्धि (%)PCI भारतवृद्धि (%)अंतर (भारत − राज.)
2021-221,34,14316.721,50,90618.616,763
2022-231,49,06011.121,69,14512.120,085
2023-241,67,02712.051,88,89211.721,865
2024-251,85,09510.822,05,3248.720,229
2025-262,02,3499.322,19,5756.917,226
वर्षPCI राजस्थानवृद्धि (%)PCI भारतवृद्धि (%)
2021-2279,4908.2394,0549.3
2022-2383,5615.121,00,1636.5
2023-2488,8686.351,08,7868.6
2024-2595,7627.761,14,7105.4
2025-261,03,1897.761,21,9686.3
प्रति व्यक्ति आय — समझने योग्य बातें

2011-12 से 2025-26 तक : राजस्थान की PCI (चालू) ₹57,192 से बढ़कर ₹2,02,349 हुई — लगभग 3.5 गुना; इसी दौरान भारत की PCI ₹63,462 से ₹2,19,575 हुई (लगभग 3.46 गुना)। राजस्थान की PCI अब भी राष्ट्रीय औसत से कम है। 2025-26 में यह भारत की PCI का लगभग 92% है (चालू मूल्य)। अंतर का रुझान : 2021-22 में अंतर ₹16,763 था, जो 2023-24 में बढ़कर ₹21,865 हो गया; उसके बाद घटते हुए 2025-26 में ₹17,226 रह गया। यानी पिछले दो वर्षा से अंतर घट रहा है, क्योंकि राजस्थान की PCI वृद्धि दर (9.32%) भारत (6.9%) से अधिक रही। स्थिर मूल्य पर 2024-25 और 2025-26 — दोनों वर्षा में राजस्थान की PCI वृद्धि दर 7.76% रही (संयोग से एक समान)।

🌟 शुरुआत एक कहानी से

GSVA और GSDP का संबंध GSDP = GSVA (आधारभूत मूल्य पर) + उत्पादों पर कर − उत्पादों पर सब्सिडी अर्थात् GSVA = GSDP − उत्पादों पर शुद्ध कर

प्रति व्यक्ति आय — राजस्थान बनाम भारत (चालू मूल्य, ₹)

प्रति व्यक्ति आय — राजस्थान बनाम भारत (स्थिर मूल्य 2011-12, ₹)

8सकल राज्य मूल्य वर्धन (GSVA) — क्षेत्रवार योगदान

कृषि क्षेत्र
25.74%
₹4,40,702 करोड़ | स्थिर मूल्य पर 25.33%
उद्योग क्षेत्र
26.55%
₹4,54,486 करोड़ | स्थिर मूल्य पर 28.21%
सेवा क्षेत्र
47.71%
₹8,16,828 करोड़ | स्थिर मूल्य पर 46.46%
मुख्य क्षेत्र (कुल %)उप-क्षेत्र और उनका हिस्सा (%)
कृषि (25.74)पशुधन 12.70 | फसलें 10.97 | वानिकी एवं लट्ठा (Forestry & Logging) 1.93 | मत्स्य पालन 0.14
उद्योग (26.55)विनिर्माण 10.76 | निर्माण (Construction) 9.30 | खनन एवं उत्खनन 3.30 | बिजली, गैस, जलापूर्ति एवं अन्य उपयोगी सेवाएँ 3.20
सेवा (47.71)व्यापार, होटल एवं रेस्तराँ 13.33 | रियल एस्टेट, आवास-स्वामित्व एवं व्यावसायिक सेवाएँ 11.20 | अन्य सेवाएँ 9.72 | वित्तीय सेवाएँ 5.07 | परिवहन (भंडारण एवं संचार सहित) 5.04 | लोक प्रशासन 3.34
क्षेत्र2021-222022-232023-242024-252025-26वृद्धि 2025-26
कृषि3,22,7393,51,1213,88,4384,25,9044,40,7023.47%
📘 सकल राज्य मूल्य वर्धन (GSVA)

परिभाषा: उत्पादन के कुल मूल्य में से कच्चे माल/मध्यवर्त वस्तुओं की लागत घटाने पर जो मूल्य बचता है, उसे मूल्य वर्धन कहते हैं; राज्य के सभी क्षेत्रों का कुल मूल्य वर्धन GSVA है।

💡 आसान भाषा में: हर उत्पादक ने अपनी मेहनत से कच्चे माल में कितनी "नई कीमत" जोड़ी — बस उतना ही जोड़ा जाता है, ताकि एक ही चीज़ दो बार न गिनी जाए।

🏠 उदाहरण: एक किसान ने ₹100 की कपास बेची; कारखाने ने उससे ₹250 का कपड़ा बनाया। कारखाने का मूल्य वर्धन ₹150 है (₹250 − ₹100)। कुल मूल्य वर्धन = ₹100 + ₹150 = ₹250।

उप-क्षेत्रों के मुख्य तथ्य

कृषि क्षेत्र में पशुधन (12.70%) का हिस्सा फसलों (10.97%) से अधिक है — यानी राजस्थान में पशुपालन "दोहरी आय" का साधन है और यह कृषि उत्पादन का एक-तिहाई से अधिक देता है। पूरे GSVA में सबसे बड़ा एकल उप-क्षेत्र = व्यापार, होटल एवं रेस्तराँ (13.33%) → फिर पशुधन (12.70%) → फिर रियल एस्टेट (11.20%)। उद्योग में विनिर्माण (10.76%) सबसे बड़ा उप-क्षेत्र है।

वर्ष 2025-26 (चालू मूल्य) में कुल GSVA ₹17.12 लाख करोड़ रहने का अनुमान है, जो 2024-25 (₹15.70 लाख करोड़) से 9.03% अधिक है। सेवा क्षेत्र का योगदान सबसे अधिक है — यानी राजस्थान की अर्थव्यवस्था अब मुख्य रूप से सेवा-आधारित है।

उप-क्षेत्रवार योगदान (चालू मूल्य, 2025-26, GSVA का %)

क्षेत्रवार GSVA — चालू मूल्य (₹ करोड़)

क्षेत्र2021-222022-232023-242024-252025-26वृद्धि 2025-26
उद्योग3,15,4503,48,3613,95,7834,24,7904,54,4866.99%
सेवा4,92,5275,73,0236,33,3027,19,5308,16,82813.52%
कुल GSVA11,30,71612,72,50514,17,52315,70,22417,12,0169.03%
क्षेत्र2021-222022-232023-242024-252025-26वृद्धि 2025-26
कृषि1,91,5711,99,6192,06,4742,22,0732,22,5500.22%
उद्योग1,94,5682,03,1712,18,7682,31,6182,47,8727.02%
सेवा2,93,7573,19,8423,38,0683,67,3774,08,32511.15%
कुल GSVA6,79,8967,22,6327,63,3108,21,0688,78,7477.03%
कुल GFCF (2024-25)
₹5,02,412 करोड़
GSDP (₹17,01,190 करोड़) का 29.53% | वृद्धि 11.81%
निजी क्षेत्र का हिस्सा
77.97%
₹3,91,722 करोड़
सार्वजनिक क्षेत्र का हिस्सा
22.03%
₹1,10,689 करोड़
वृद्धि दर का विश्लेषण

2025-26 में सेवा क्षेत्र की वृद्धि दर सबसे अधिक रही — चालू मूल्य पर 13.52% और स्थिर मूल्य पर 11.15%। कृषि की वृद्धि सबसे कम — चालू मूल्य पर 3.47% और स्थिर (वास्तविक) मूल्य पर मात्र 0.22%। कारण : 2024-25 की रिकॉर्ड फ़सल (309.62 लाख मी. टन खाद्यान्न) के बाद 2025-26 में खाद्यान्न उत्पादन घटा। स्थिर मूल्य पर कुल GSVA की वृद्धि 2024-25 में 7.57% थी, जो 2025-26 में 7.03% रही। याद रखने का क्रम (हिस्सेदारी, चालू मूल्य) : सेवा (47.71) > उद्योग (26.55) > कृषि (25.74); पर स्थिर मूल्य पर भी यही क्रम है — सेवा (46.46) > उद्योग (28.21) > कृषि (25.33)।

📘 सकल स्थायी पूँजी निर्माण (Gross Fixed Capital Formation)

परिभाषा: एक लेखा-अवधि में उत्पादकों द्वारा स्थायी संपत्तियों (भवन, सड़क, मशीन, वाहन आदि) की कुल ख़रीद में से बिक्री घटाकर निकाला गया मूल्य।

💡 आसान भाषा में: राज्य में एक साल में नई "टिकाऊ संपत्तियाँ" बनाने पर कितना निवेश हुआ — यह अर्थव्यवस्था में निवेश का सूचक है।

🏠 उदाहरण: कोई किसान ट्रैक्टर ख़रीदता है, कंपनी नई फ़ैक्ट्री बनाती है या सरकार पुल बनाती है — ये सब GFCF में गिने जाते हैं, क्योंकि ये कई वर्षों तक उत्पादन में मदद करेंगे।

क्षेत्रवार GSVA — स्थिर मूल्य 2011-12 (₹ करोड़)

9सकल स्थायी पूँजी निर्माण (GFCF)

विवरण2020-212021-222022-232023-242024-25
कुल GFCF (₹ करोड़)2,77,8663,42,3743,90,2454,49,3525,02,412
GSDP का %—28.6428.9429.5229.53
निजी क्षेत्र (₹ करोड़)2,17,4492,66,5033,14,5933,58,4883,91,722
सार्वजनिक क्षेत्र (₹ करोड़)60,41775,87075,65290,8641,10,689
क्र.उद्योग / क्षेत्र2020-212021-222022-232023-242024-25
1फसलें8,52710,23710,19012,56814,871
2पशुधन1,9852,0712,3342,6463,067
3वानिकी131331427805572
4मत्स्य पालन131147187205241
5खनन5,7406,4756,2106,6186,991
6विनिर्माण13,89521,17228,89037,23140,479
7बिजली, गैस, जलापूर्ति एवं अन्य उपयोगी सेवाएँ24,41431,27225,20231,14437,922
8निर्माण (Construction)1,13,1341,36,9981,61,9231,88,1322,07,125
9व्यापार, होटल एवं रेस्तराँ3,6704,7396,3457,0358,136
10रेलवे1,0861,7043,4216,7847,459
11अन्य परिवहन3,2124,6124,8435,6986,030
12भंडारण521831856767
13संचार11,85314,61218,03917,95119,593
14वित्तीय सेवाएँ1,2757161,2681,4671,619
15रियल एस्टेट, आवास-स्वामित्व एवं व्यावसायिक सेवाएँ66,43077,56785,06490,49796,745
16लोक प्रशासन10,64112,80113,32717,29623,255
17अन्य सेवाएँ11,68916,73722,39023,21028,240
कुल2,77,8663,42,3743,90,2454,49,3525,02,412

उद्योगवार GFCF (अनंतिम, ₹ करोड़)

समूहवस्तुओं की संख्याभार (Weight)
प्राथमिक वस्तुएँ (Primary Articles)7533.894
विनिर्मित उत्पाद (Manufactured Products)6949.853
ईंधन, बिजली, प्रकाश एवं स्नेहक (Fuel, Power, Light & Lubricants)1016.253
कुल154100
GFCF के मुख्य तथ्य

सबसे अधिक पूँजी निर्माण निर्माण (Construction) क्षेत्र में — 2024-25 में ₹2,07,125 करोड़, यानी कुल GFCF का लगभग 41%। दूसरे स्थान पर रियल एस्टेट (₹96,745 करोड़) और तीसरे पर विनिर्माण (₹40,479 करोड़)। राज्य में निवेश का बड़ा हिस्सा (लगभग 78%) निजी क्षेत्र से आता है। ये अनुमान केंद्र सरकार के राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO), सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा तय राष्ट्रीय लेखा सांख्यिकी (आधार वर्ष 2011-12) की पद्धति से बनाए गए हैं।

📘 मूल्य सूचकांक (Price Index)

परिभाषा: किसी क्षेत्र में एक निश्चित अवधि के दौरान चुनी हुई वस्तुओं/सेवाओं की कीमतों में आए सापेक्ष बदलाव का माप, जिसमें आधार वर्ष का मान 100 माना जाता है।

💡 आसान भाषा में: आधार वर्ष की कीमत को 100 मानकर देखा जाता है कि आज वही सामान कितना महँगा हुआ।

🏠 उदाहरण: अगर आधार वर्ष 1999-2000 में सूचकांक 100 था और 2025 में 399 है, तो इसका अर्थ है कि उस टोकरी की कीमतें लगभग 4 गुना हो गई हैं।

10मूल्य सूचकांक — थोक (WPI) एवं उपभोक्ता (CPI)

कीमतें समय के साथ और अलग-अलग स्थानों पर बदलती रहती हैं। कीमतों के इस बदलाव को मापने का मुख्य साधन मूल्य सूचकांक (Price Index) है। दो प्रमुख सूचकांक हैं — थोक मूल्य सूचकांक (WPI), जो थोक बाज़ार की कीमतें मापता है और उत्पादन-लागत पर असर डालता है; तथा उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI), जो खुदरा कीमतें मापता है और आम आदमी के जीवन-यापन की लागत बताता है।

राजस्थान में मूल्य आँकड़ों का संग्रह

(क) थोक मूल्य सूचकांक (WPI) — राजस्थान (आधार वर्ष 1999-2000 = 100)

WPI राजस्थान (सभी वस्तुएँ)
399.13
2024 : 394.68 → 2025 : 399.13 | वृद्धि 1.13%
WPI भारत (आधार 2011-12)
154.9
2024 : 153.9 → 2025 : 154.9 | वृद्धि 0.65%
WPI खाद्य सूचकांक (राज.)
427.13
2024 : 421.67 | वृद्धि 1.29% | भार 30.163
प्रमुख समूह (वार्षिक औसत सूचकांक)20212022202320242025
1. प्राथमिक वस्तुएँ378.22416.65420.67438.15445.65
(क) कृषि वस्तुएँ377.10415.64414.86431.42437.84
(ख) खनिज386.65424.23464.56488.97504.67
2. ईंधन, बिजली, प्रकाश एवं स्नेहक569.93576.88579.11570.72571.11
3. विनिर्मित उत्पाद285.65302.60303.29307.73311.42
सभी वस्तुएँ363.23385.83387.90394.68399.13
प्रमुख समूह (वार्षिक % परिवर्तन)20212022202320242025
1. प्राथमिक वस्तुएँ14.1010.160.964.161.71
(क) कृषि वस्तुएँ14.7710.22−0.193.991.49
(ख) खनिज9.399.729.515.253.21
2. ईंधन, बिजली, प्रकाश एवं स्नेहक11.911.220.39−1.450.07
3. विनिर्मित उत्पाद4.915.930.231.461.20
सभी वस्तुएँ9.786.220.541.751.13
CPI का प्रकारकिसके लिएजारी करने वाली संस्था
CPI-IWऔद्योगिक श्रमिक (Industrial Workers)श्रम ब्यूरो, चंडीगढ़ (श्रम एवं रोज़गार मंत्रालय)
WPI 2025 — याद रखें

सबसे अधिक वृद्धि : प्राथमिक वस्तुएँ (1.71%) → विनिर्मित उत्पाद (1.20%) → ईंधन-बिजली (0.07%, लगभग स्थिर)। उप-समूहों में खनिज की कीमतें सबसे तेज़ बढ़ीं (3.21%)। थोक मूल्य सूचकांक व्यापार, राजकोषीय और मौद्रिक नीतियाँ बनाने में मदद करता है और कीमतों की राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय तुलना का आधार बनता है। खाद्य महँगाई के कारण : जलवायु परिवर्तन, लू, असमान मानसून, बेमौसम वर्षा, ओलावृष्टि, अतिवृष्टि और सूखा।

(ख) उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI)

CPI हर उपभोक्ता की ख़रीद से जुड़ी कीमतों को मापता है, इसलिए सरकार महँगाई मापने में WPI से अधिक CPI पर ध्यान देती है। हर महीने चार प्रकार के CPI तैयार होते हैं :

CPI का प्रकारकिसके लिएजारी करने वाली संस्था
CPI-ALकृषि श्रमिक (Agricultural Labourers)श्रम ब्यूरो, चंडीगढ़
CPI-RLग्रामीण श्रमिक (Rural Labourers)श्रम ब्यूरो, चंडीगढ़
CPI-R, U & Cग्रामीण, शहरी एवं संयुक्त (Rural, Urban & Combined)राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO), नई दिल्ली
वर्षअलवर (सूचकांक / % परिवर्तन)भीलवाड़ाजयपुरअखिल भारत
2021120.9 / 2.37118.5 / 1.98115.8 / 1.31122.0 / 2.43
2022126.3 / 4.47127.0 / 7.17123.1 / 6.30129.2 / 5.90
2023127.6 / 1.03131.9 / 3.86126.4 / 2.68136.4 / 5.57
2024133.6 / 4.70133.6 / 1.29127.6 / 0.95141.6 / 3.81
2025136.3 / 2.02137.1 / 2.62130.0 / 1.88145.5 / 2.75
समूहअलवरभीलवाड़ाजयपुर
खाद्य एवं पेय पदार्थ−0.90−2.68−0.14
पान, सुपारी, तंबाकू एवं नशीले पदार्थ4.894.101.88
कपड़े एवं जूते-चप्पल10.564.700.64
आवास1.742.503.03
ईंधन एवं प्रकाश4.111.222.81
विविध4.764.863.66
सामान्य सूचकांक2.022.621.88

CPI-IW (आधार वर्ष 2016 = 100)

कुल बैंक शाखाएँ
9,172
प्रति लाख जनसंख्या 11 शाखाएँ
कुल जमा
₹7,72,147 करोड़
वृद्धि 9.75% (भारत 9.70%)
कुल ऋण
₹6,91,943 करोड़
वृद्धि 13.15% (भारत 11.24%)
ऋण-जमा अनुपात
89.61%
भारत 80.43% — राजस्थान आगे
बैंक का प्रकारशाखाएँशाखाओं का %जमा (₹ करोड़)ऋण (₹ करोड़)
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक4,61950.364,70,3273,48,084
निजी क्षेत्र के बैंक2,30125.092,09,2532,61,369
क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक*1,62817.7552,77042,176
लघु वित्त बैंक (Small Finance Banks)5776.2938,59738,961
भुगतान बैंक (Payment Banks)400.4340
विदेशी बैंक70.081,1961,353
CPI-IW 2025 — मुख्य तथ्य

तीनों केंद्रों में सबसे अधिक वृद्धि भीलवाड़ा (2.62%), फिर अलवर (2.02%), सबसे कम जयपुर (1.88%) — तीनों ही राष्ट्रीय औसत (2.75%) से कम। तीनों केंद्रों में खाद्य एवं पेय पदार्थ की कीमतें घटीं (ऋणात्मक परिवर्तन), जबकि अलवर में कपड़े-जूतों की कीमतें सबसे तेज़ (10.56%) बढ़ीं।

📘 ऋण-जमा अनुपात (Credit-Deposit Ratio)

परिभाषा: किसी क्षेत्र के बैंकों द्वारा दिए गए कुल ऋण का, उनकी कुल जमा राशि से प्रतिशत अनुपात।

💡 आसान भाषा में: बैंक में जमा हर ₹100 में से कितने रुपये उसी राज्य में कज़ के रूप में दिए गए।

🏠 उदाहरण: राजस्थान में ऋण-जमा अनुपात 89.61% है — यानी यहाँ जमा हर ₹100 में से लगभग ₹90 राज्य के लोगों/उद्यमों को ऋण के रूप में वापस मिल रहे हैं। यह अनुपात जितना अधिक, राज्य की बचत उतनी ही राज्य के विकास में लग रही है।

CPI-AL (कृषि श्रमिक)

11बैंकिंग क्षेत्र एक नज़र में (सितंबर 2025)

बैंक लोगों की बचत (जमा) इकट्ठा करते हैं और उसे ऋण के रूप में कृषि, उद्योग, व्यापार और आवास जैसे क्षेत्रों में पहुँचाते हैं।

इसलिए बैंकिंग क्षेत्र राज्य के आर्थिक विकास और गरीबी-उन्मूलन कार्यक्रमों की रीढ़ है।

बैंक के प्रकार के अनुसार (सितंबर 2025)

बैंक का प्रकारशाखाएँशाखाओं का %जमा (₹ करोड़)ऋण (₹ करोड़)
कुल (सभी अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक)9,1721007,72,1476,91,943
संकेतकराजस्थान (सित. 2024)राजस्थान (सित. 2025)भारत (सित. 2025)
बैंक शाखाएँ8,5319,1721,74,858
कुल जमा (₹ करोड़)7,03,5567,72,1472,42,63,563
कुल ऋण (₹ करोड़)6,11,5466,91,9431,95,15,992
प्रमुख बैंकिंग तथ्यमान
एक बैंक शाखा कितने लोगों को सेवा देती है9,080 व्यक्ति (लगभग 37.31 वर्ग कि.मी. क्षेत्र) — अनुमानित जनसंख्या 832.78 लाख (1 अक्टूबर 2025) के आधार पर
प्रति व्यक्ति बैंक जमा₹92,719
प्रति व्यक्ति बैंक ऋण₹83,088
बैंकिंग प्रतिनिधि (Business Correspondents)1,27,468 (31 दिसंबर 2025 तक) — वित्तीय समावेशन के लिए
जन आधार से नकद/वित्तीय लेन-देन केंद्र75,000 से अधिक कियोस्क / ई-मित्र / माइक्रो ATM
संकेतकराज. NFHS-4राज. NFHS-5भारत NFHS-4भारत NFHS-5
नवजात मृत्यु दर (प्रति 1000 जीवित जन्म)29.820.229.524.9
शिशु मृत्यु दर (प्रति 1000 जीवित जन्म)41.330.340.735.2
5 वर्ष से कम आयु मृत्यु दर (प्रति 1000)50.737.649.741.9
संस्थागत प्रसव (%)84.094.978.988.6
बैंक ऋण से जुड़ी प्रमुख योजनाएँ

केंद्रीय : दीनदयाल अंत्योदय योजना–राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, स्टार्ट-अप/स्टैंड-अप इंडिया, प्रधानमंत्री रोज़गार सृजन कार्यक्रम, पीएम विश्वकर्मा योजना। राज्य : मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री विश्वकर्मा युवा उद्यमी प्रोत्साहन योजना, डॉ. भीमराव अंबेडकर दलित आदिवासी उद्यम प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री विशेष योग्यजन स्वरोज़गार योजना।

12स्वास्थ्य संकेतक एक नज़र में

राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-4 (NFHS-4, 2015-16) से NFHS-5 (2019-21) के बीच राजस्थान ने कई प्रमुख स्वास्थ्य संकेतकों में राष्ट्रीय औसत के बराबर या उससे बेहतर प्रदर्शन किया है।

संकेतकराज. NFHS-4राज. NFHS-5भारत NFHS-4भारत NFHS-5
पूर्ण टीकाकरण (12-23 माह के बच्चे, %)54.880.462.076.4
गर्भवती महिलाओं में एनीमिया (%)46.646.350.452.2
कुल प्रजनन दर (बच्चे प्रति महिला)2.42.02.22.0
5 वर्ष से कम — ठिगनापन (Stunting, %)39.131.838.435.5
5 वर्ष से कम — दुबलापन (Wasting, %)23.016.821.019.3
5 वर्ष से कम — कम वज़न (Underweight, %)36.727.635.832.1
संस्थासंख्या
अस्पताल (Hospitals)267
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC)849
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) — शहरी + ग्रामीण2,875
उप-स्वास्थ्य केंद्र (Sub-Centres)15,292
कुल बिस्तर (Beds)76,720
आयुष्मान आरोग्य मंदिर — 12 व्यापक प्राथमिक सेवाएँ देने वाले11,571
शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र / शहरी PHC / शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर (राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन)17 / 286 / 638
पद्धतिअस्पतालऔषधालय
आयुर्वेद127 ज़िला अस्पताल + 86 ब्लॉक अस्पताल3,575
होम्योपैथी7189
यूनानी12119
शिशु मृत्यु दर के दो अलग आँकड़े — भ्रम से बचें

NFHS-5 (2019-21) : राजस्थान 30.3, भारत 35.2 → राजस्थान बेहतर। SRS बुलेटिन (2023) : राजस्थान 29, भारत 25 → राजस्थान पीछे। कारण : दोनों अलग-अलग सर्वेक्षण हैं, जिनकी पद्धति और वर्ष अलग हैं। प्रश्न में स्रोत (NFHS या SRS) और वर्ष ज़रूर देखें। मातृ मृत्यु अनुपात (SRS 2021-23) : राजस्थान 86, भारत 88 → राजस्थान बेहतर।

स्वास्थ्य अवसंरचना (एलोपैथी)

बिंदुविवरण
जारीअक्टूबर 2025 — मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा (इससे पहले राज्य मंत्रिमंडल की स्वीकृति)
दीर्घकालिक आर्थिक लक्ष्यवर्ष 2047 तक राजस्थान को 4.3 ट्रिलियन (लाख करोड़) अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना
मध्यावधि लक्ष्यलगभग 2029-30 तक 350 अरब अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था (राजस्थान रोज़गार नीति 2026 में भी "2030 तक 350 अरब डॉलर" का उल्लेख)
संरचना13 चिन्हित क्षेत्रों के लिए अलग-अलग रोडमैप — नीतिगत निर्णय, निवेश की प्राथमिकता, संरचनात्मक बदलाव और 2047 तक के लक्ष्य
केंद्र में वर्गGYAN — ग़रीब, युवा, अन्नदाता (किसान) और नारी शक्ति
आर्थिक समीक्षा से संबंधआर्थिक समीक्षा 2025-26 के 13 अध्याय इन्हीं 13 क्षेत्रों पर आधारित हैं; हर अध्याय की शुरुआत उस क्षेत्र के "दृष्टि वक्तव्य" (Vision Statement) से होती है
#क्षेत्रवर्ष 2047 तक की दृष्टि — आसान भाषा में
1कृषि-खाद्य प्रणालियों में रूपांतरणराजस्थान भारत का अग्रणी "कृषि पावरहाउस" बनेगा — उत्पादकता, किसानों की आय और पर्यावरणीय स्थिरता में वृद्धि; पशुधन सशक्तीकरण, सहकारिता-आधारित अर्थव्यवस्था, उन्नत कृषि-तकनीक, सूक्ष्म सिंचाई और जलवायु-अनुकूल खेती से आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था।
📘 दृष्टि (Vision) — विकसित राजस्थान

परिभाषा: "वर्ष 2047 तक राजस्थान नए भारत के एक अग्रणी राज्य के रूप में उभरेगा — जिसकी पहचान समावेशी विकास, सशक्त नागरिक, विश्व-स्तरीय अवसंरचना, सतत विकास और पारदर्श शासन से होगी; जो अपनी सांस्कृतिक विरासत में जड़ें जमाए होगा और राज्य की जनता की अग्रणी भावना से प्रेरित होगा।"

13विकसित राजस्थान @2047 — दृष्टि एवं 13 क्षेत्र

विकसित राजस्थान के इस सपने को साकार करने के लिए राज्य ने "विकसित राजस्थान @2047" नाम से एक दृष्टि-दस्तावेज़ (Vision Document) तैयार किया है। यह एक दीर्घकालिक विकास रणनीति है, जो राज्य को आर्थिक समृद्धि, सतत विकास और समावेशी विकास का प्रतीक बनाने का रास्ता बताती है। यह दस्तावेज़ राष्ट्रीय लक्ष्य "विकसित भारत @2047" (स्वतंत्रता के 100 वर्ष) के अनुरूप है।

दृष्टि के अनुरूप विशेष ज़ोर वाले क्षेत्र

सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) को मज़बूत करना नवाचार (Innovation) और उद्यमिता को बढ़ावा देना महिलाओं और युवाओं का सशक्तीकरण हरित अवसंरचना (Green Infrastructure) को बढ़ावा देना बहुमूल्य प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण

13 क्षेत्र और उनकी 2047 की दृष्टि (Vision Statement का सार)

#क्षेत्रवर्ष 2047 तक की दृष्टि — आसान भाषा में
2स्वास्थ्य एवं कल्याणसभी के लिए शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आध्यात्मिक कल्याण — सार्वभौमिक, सुलभ और एकीकृत स्वास्थ्य व्यवस्था; पारदर्श और समावेशी खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति प्रणाली।
3शिक्षा एवं ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्थाछात्र-केंद्रित, समावेशी और तकनीक-आधारित शिक्षा; आलोचनात्मक सोच, रचनात्मकता और बहु-विषयक पढ़ाई; संस्कृत का आधुनिक शिक्षा से जुड़ाव; राजस्थान को ज्ञान और शोध का केंद्र बनाना।
4सामाजिक सशक्तीकरण एवं समावेशनअधिक न्यायपूर्ण, समावेशी और समृद्ध राज्य — अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति और अल्पसंख्यकों का सामाजिक, राजनीतिक व आर्थिक सशक्तीकरण; महिलाओं-बच्चों के लिए सम्मान और सुरक्षा; कुशल युवा; खेलों में वैश्विक उत्कृष्टता।
5औद्योगिक, खनन एवं आर्थिक वृद्धिभारत का अग्रणी औद्योगिक और निवेश केंद्र — MSME पर ज़ोर, पर्यावरण-अनुकूल विनिर्माण, न्यूनतम नियामकीय बाधाएँ; विश्व-स्तर पर मान्य टिकाऊ खनन व पेट्रोलियम क्षेत्र; भविष्य के लिए तैयार कौशल व्यवस्था।
6पर्यटन एवं सांस्कृतिक विकासग्रामीण पर्यटन, वैश्विक एवं पर्यावरण-पर्यटन (Eco-tourism) और सांस्कृतिक केंद्र — विरासत, आध्यात्मिक और कलात्मक अनुभव; प्राकृतिक, ऐतिहासिक व सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण।
7आधारभूत अवसंरचनासतत ऊर्जा, नवाचार और मज़बूत अवसंरचना में अग्रणी; सुरक्षित, कुशल और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन; हरित गतिशीलता (Green Mobility) और वैश्विक कनेक्टिविटी।
8जल सुरक्षा एवं अनुकूलतासुदृढ़ शासन, सतत संरक्षण और न्यायपूर्ण उपयोग से जल सुरक्षा — उपलब्धता, गुणवत्ता और जलवायु-चुनौतियों के प्रति अनुकूलन।
9पर्यावरणीय स्थायित्व एवं जलवायु अनुकूलतापर्यावरणीय लचीलेपन और सतत विकास में अग्रणी — वन संरक्षण, वैज्ञानिक शोध, चक्रीय अर्थव्यवस्था (Circular Economy), नवीकरणीय ऊर्जा, जैव-विविधता संरक्षण; मज़बूत आपदा प्रबंधन ढाँचा।
10ग्रामीण विकाससक्षम पंचायती राज संस्थाएँ — ग्रामीण समुदायों का सशक्तीकरण, समावेशी अवसंरचना, आजीविका व आय-वृद्धि, जल सुरक्षा, स्वच्छता; अंतिम लक्ष्य "ग्राम स्वराज"।
11शहरी विकासजीवंत, समावेशी और टिकाऊ शहर — किफ़ायती आवास, स्मार्ट टाउनशिप, कच्ची बस्तियों का रूपांतरण; 5R (कम करना, पुनः उपयोग, पुनर्चक्रण, पुनः प्राप्ति, हटाना) से स्वच्छता; हरित सार्वजनिक स्थान।
12प्रभावी शासन एवं सार्वजनिक सेवाएँकुशल, पारदर्श और तकनीक-आधारित शासन में वैश्विक अग्रणी — कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), ब्लॉकचेन, डेटा विश्लेषण; स्मार्ट पुलिसिंग, साइबर सुरक्षा; नागरिक-केंद्रित सेवाएँ।
13राजकोषीय प्रबंधन एवं आर्थिक नीतिराजस्थान को सतत वृद्धि, वित्तीय स्थिरता और नागरिक-केंद्रित शासन का आदर्श राज्य बनाना। कार्य-एजेंडा : वित्तीय स्थिरता व वृद्धि, डिजिटल रूपांतरण, समावेशी आर्थिक विकास, सतत विकास, सामाजिक सुरक्षा, दर्शिता व जवाबदेही।

14आर्थिक समीक्षा 2025-26 की अध्याय-वार मुख्य झलकियाँ

आर्थिक समीक्षा के "कार्यकारी सारांश" (Executive Summary) में हर अध्याय की सबसे ख़ास उपलब्धियाँ दी गई हैं। नीचे उन्हीं का सार है — इन सभी का विस्तार आगे के संबंधित अध्यायों में मिलेगा। (आँकड़े 2025-26, दिसंबर 2025 तक, जहाँ अलग से न लिखा हो)

अध्यायमुख्य तथ्य एवं आँकड़े
1. कृषि-खाद्य प्रणालीGSVA में कृषि का हिस्सा 25.74%; पशुधन कृषि उत्पादन का एक-तिहाई से अधिक बाजरा, राई-सरसों, कुल तिलहन और दूध उत्पादन में अग्रणी ख़रीफ़ दालें 20.52 लाख टन (+2.34%), रबी दालें 26.61 लाख टन (+22.34%) मुख्यमंत्री बीज स्वावलंबन योजना : 1.12 लाख क्विंटल बीज (लक्ष्य 1.13 लाख); 31.50 लाख निःशुल्क बीज मिनीकिट नमो ड्रोन दीदी : 1,070 कृषि ड्रोन हेतु महिला स्वयं सहायता समूहों को 3% ब्याज अनुदान केंद्रीय सहकारी बैंक : 30.45 लाख किसानों को ₹18,085.89 करोड़ ऋण; फ़सल बीमा दावे लगभग ₹6,206.61 करोड़ राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन : 2,000 क्लस्टर, 2.50 लाख किसान, 1 लाख हेक्टेयर पीएम धन-धान्य कृषि योजना : बाड़मेर, जैसलमेर, पाली, नागौर, जोधपुर, बीकानेर, चूरू, जालोर पीएम सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन (PM-FME) : 8 ज़िलों में 8 इनक्यूबेशन केंद्र (₹23.11 करोड़); 414 इकाइयों को ₹23.54 करोड़ अनुदान मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा : 10.63 लाख पशु, 5.54 लाख परिवार; 1 दिसंबर 2025 से देशी पशुओं का 100% प्रीमियम राज्य देगा; लक्ष्य 42 लाख पशु राज सरस सुरक्षा कवच बीमा (1 फ़रवरी 2025 से) : दुग्ध उत्पादकों को ₹5 लाख दुर्घटना बीमा; 1.12 लाख बीमित
2. स्वास्थ्य एवं कल्याणमुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना : 1.36 करोड़ परिवार, ₹25 लाख तक कैशलेस इलाज, 2,179 पैकेज; 15.33 लाख रोगी, ₹1,919 करोड़ दावे राजस्थान सरकारी स्वास्थ्य योजना (RGHS) : 13.65 लाख सरकारी परिवार, ₹2,441 करोड़, 92.76 लाख दावे निःशुल्क निरोगी राजस्थान (दवा) : 15.73 करोड़ रोगी, ₹1,312 करोड़; निःशुल्क जाँच 13.55 करोड़ कर्मचारी राज्य बीमा : 67.44 लाख बीमित व्यक्ति आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन : 6.52 करोड़ ABHA ID, 2.38 करोड़ स्वास्थ्य रिकॉर्ड जुड़े; ई-संजीवनी से 20.33 लाख परामर्श मिशन मधुनेत्र (AI से डायबिटिक रेटिनोपैथी जाँच) व मिशन मधुहरि (टाइप-1 डायबिटीज़ के 1,700+ रोगियों को निःशुल्क इंसुलिन) सिलिकोसिस नीति : 20,478 पीड़ितों को ₹614.86 करोड़; 54,022 आशा सहयोगिनी 108 एंबुलेंस (3.19 लाख कॉल), 104 जननी एक्सप्रेस (13,984 मातृ परिवहन) "शुद्ध आहार मिलावट पर वार" अभियान : 38,647 नमूनों की जाँच; अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर 1.38 करोड़ प्रतिभागी
3. शिक्षाराष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप सुधार; समग्र शिक्षा अभियान (पूर्व-प्राथमिक से वरिष्ठ माध्यमिक तक) निपुण भारत मिशन : कक्षा 1-5 के 35 लाख से अधिक विद्यार्थ लाभान्वित मुख्यमंत्री शिक्षित राजस्थान अभियान; प्रखर राजस्थान 2.0, निपुण राजस्थान अभियान, मेगा अभिभावक-शिक्षक बैठक 639 पीएम श्री विद्यालय (लगभग 2.96 लाख विद्यार्थ) व्यावसायिक शिक्षा 4,000 से अधिक विद्यालयों में; छात्रवृत्ति, निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें, साइकिल, टैबलेट, परिवहन वाउचर
4. सामाजिक सशक्तीकरणलाडो प्रोत्साहन योजना : प्रति बालिका ₹1.50 लाख, 7 किस्तों में; 3.27 लाख बालिकाएँ, ₹217.63 करोड़ समेकित बाल विकास सेवाएँ : 27.64 लाख बच्चे, 2.89 लाख गर्भवती व 2.84 लाख धात्री महिलाओं को पोषण राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम : अधिकतम सीमा 4.46 करोड़, लाभार्थ 4.38 करोड़ (1 दिसंबर 2025) पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना : 18.73 लाख मी. टन गेहूँ उठाव, 18.76 लाख मी. टन वितरण दिव्यांगजनों के लिए समान अवसर नीति 2025; जन आधार व प्रत्यक्ष लाभ अंतरण से दर्शिता
अध्यायमुख्य तथ्य एवं आँकड़े
5. उद्योग, खनन एवं रोज़गारराजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना (RIPS) 2024 : 3,914 इकाइयों को पात्रता प्रमाण-पत्र, लगभग ₹1.65 लाख करोड़ का प्रस्तावित निवेश MSME नीति 2024 : 343 इकाइयों को ₹188.92 लाख सहायता; MSME सुविधा अधिनियम 2019 के तहत 2025 में 1,405 पावती प्रमाण-पत्र एकीकृत क्लस्टर विकास योजना 2024 व एक ज़िला एक उत्पाद नीति 2024 : 272 इकाइयों को ₹11.5 करोड़ से अधिक सहायता निर्यात 2024-25 : ₹97,171.66 करोड़ रोज़गार नीति 2026 : श्रम बल भागीदारी दर 64.4%, बेरोज़गारी दर 4.2%; मार्च 2029 तक 15 लाख रोज़गार अवसर मुख्यमंत्री युवा स्वरोज़गार योजना (15 जनवरी 2026) : 18-45 वर्ष के 1 लाख युवाओं को ब्याज-मुक्त ऋण
6. पर्यटन एवं संस्कृतिपर्यटन नीति 2025 व फ़िल्म पर्यटन प्रोत्साहन नीति 2025; पर्यटन क्षेत्र को उद्योग का दर्जा राजस्थान पर्यटन अवसंरचना एवं क्षमता निर्माण कोष (मार्च 2025) — बड़े पर्यटन अवसंरचना कार्यों के लिए; 2025-26 में ₹276 करोड़ के 88 कार्य स्वीकृत
7. आधारभूत अवसंरचनास्थापित बिजली क्षमता : 27,283.83 मेगावाट (मार्च 2025) → 31,556.43 मेगावाट (दिसंबर 2025) सौर 9,898 मेगावाट + पवन 4,416.12 मेगावाट = कुल क्षमता का 45.36% बिजली उपभोक्ता 202.78 लाख; 70,566 कृषि कनेक्शन; किसानों को ₹14,612.19 करोड़ टैरिफ़ सब्सिडी पीएम-कुसुम घटक-A : 364 सौर संयंत्र (468.75 मेगावाट); पीएम सूर्य घर : 1.22 लाख उपभोक्ता, 493 मेगावाट रूफ़टॉप सड़क घनत्व 97.97 कि.मी. प्रति 100 वर्ग कि.मी.; 91.68% गाँव (39,666) सड़क से जुड़े (मार्च 2025) पीएम ग्राम सड़क योजना-III : 8,560.07 कि.मी. सड़कें उन्नत; अटल प्रगति पथ : 78 में से पहले चरण में 35 पूर्ण सार्वजनिक-निजी भागीदारी : 210 परियोजनाएँ पूर्ण (₹22,196.46 करोड़), 24 क्रियान्वयनाधीन, 35 योजना-स्तर पर
8. जल सुरक्षाराजस्थान के पास देश का 10.41% भू-भाग पर केवल 1.16% जल संसाधन नई सिंचाई क्षमता 23,320 हेक्टेयर (₹2,765.05 करोड़, इंदिरा गांधी नहर को छोड़कर); 6 वृहद, 5 मध्यम, 34 लघु परियोजनाएँ जारी संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक : 17 ज़िलों को पेयजल, 2.51 लाख हेक्टेयर नई सिंचाई इंदिरा गांधी नहर परियोजना : 16.17 लाख हेक्टेयर कृषि-योग्य कमांड क्षेत्र जल जीवन मिशन : ₹93,427 करोड़ स्वीकृत, 62.40 लाख घरों में नल कनेक्शन (लक्ष्य 2028); अमृत 2.0 : 183 नगरीय निकाय मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान 2.0 : दूसरे चरण में 20,000 गाँवों में 26,059 कार्य
9. पर्यावरण"एक पेड़ माँ के नाम" अभियान : 8.21 करोड़ पौधे एकीकृत स्वच्छ ऊर्जा नीति 2024; वाहन स्क्रैपिंग नीति 2025 राजस्थान सतत विकास लक्ष्य स्थिति रिपोर्ट 2025 (7वाँ संस्करण, राज्य संकेतक ढाँचा 3.0) : 188 संकेतकों में से 33 का लक्ष्य प्राप्त, 63 सही दिशा में
10. ग्रामीण विकासराजीविका के माध्यम से स्वयं सहायता समूह; 37,369 पशु सखी व 36,787 कृषि सखी पीएम आवास योजना-ग्रामीण : 1.08 लाख नए घर; पं. दीनदयाल उपाध्याय गरीबी मुक्त गाँव योजना : 22 लाख BPL परिवारों का लक्ष्य स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण)-II : 1.05 लाख शौचालय, 414 ODF प्लस मॉडल गाँव स्वामित्व योजना : 4.13 लाख संपत्ति कार्ड; 1,607 अटल ज्ञान केंद्रों की वित्तीय स्वीकृति
अध्यायमुख्य तथ्य एवं आँकड़े
11. शहरी विकासट्रांज़िट उन्मुख विकास नीति 2025 (10 दिसंबर 2025); टाउनशिप नीति 2024 (17 जुलाई 2025 को अधिसूचित); भूमि आवंटन नीति 2025 पीएम आवास योजना-शहरी 1.0 : 2.7 लाख से अधिक स्वीकृत, 2.3 लाख से अधिक पूर्ण स्मार्ट सिटी मिशन (जयपुर, उदयपुर, कोटा, अजमेर) : ₹4,000 करोड़ प्रावधान, लगभग ₹3,862 करोड़ व्यय श्री अन्नपूर्णा रसोई : ₹8 प्रति थाली (राज्य अनुदान ₹22), लगभग 11 करोड़ थालियाँ शहरी राजस्थान के लगभग 68.9% मकान "अच्छी" स्थिति में
12. प्रभावी शासनजन आधार : 2.06 करोड़ परिवार, 7.95 करोड़ व्यक्ति; 165+ योजनाओं में ₹1.29 लाख करोड़ से अधिक प्रत्यक्ष लाभ अंतरण राजस्थान संपर्क (181) : 2025 में 33.88 लाख शिकायतें, 98% से अधिक निस्तारित 78,000 ई-मित्र; जन सूचना पोर्टल : 117 विभाग, 351 योजनाएँ राज-काज में 42 लाख ई-फ़ाइलें; राज ई-साइन से प्रतिदिन 70,000+ दस्तावेज़; अभय कमांड सेंटर : 26 ज़िलों में 25,159 कैमरे AI/ML नीति 2026 (6 जनवरी 2026); AVGC-XR नीति 2024; पंच गौरव कार्यक्रम
13. राजकोषीय प्रबंधनGSDP ₹18.75 लाख करोड़ (+10.24%); प्रति व्यक्ति आय ₹2,02,349 (+9.32%) GSVA : सेवा 47.71% > उद्योग 26.55% > कृषि 25.74% थोक मूल्य सूचकांक +1.13% (2025); बैंक ऋण-जमा अनुपात 89.61%
नीतिमुख्य उद्देश्य (संक्षेप में)
राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना (RIPS) 2024देशी-विदेशी निवेश आकर्षित करना, हरित व तकनीक-आधारित उद्योग, रोज़गार
MSME नीति 2024प्रतिस्पर्ध, समावेशी और तकनीक-सक्षम सूक्ष्म-लघु-मध्यम उद्यम
एक ज़िला एक उत्पाद (ODOP) नीति 2024क्षेत्रीय विशेषज्ञता वाले उत्पादों को बढ़ावा
निर्यात संवर्धन नीति 2024विपणन, तकनीकी उन्नयन और प्रमाणन में सहायता
खनिज नीति 2024 व एम-सैंड नीति 2024टिकाऊ व पारदर्श खनिज विकास; बजरी का विकल्प (निर्मित रेत)
एकीकृत क्लस्टर विकास योजना 2024क्लस्टर-आधारित औद्योगिक विकास
एकीकृत स्वच्छ ऊर्जा नीति 2024नवीकरणीय ऊर्जा व भंडारण; राष्ट्रीय 500 गीगावाट लक्ष्य के अनुरूप
AVGC-XR नीति 2024एनिमेशन, विज़ुअल इफ़ेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स व विस्तारित वास्तविकता उद्योग
टाउनशिप नीति 2024बड़ी, आत्मनिर्भर टाउनशिप; संतुलित शहरी विस्तार (17 जुलाई 2025 को अधिसूचित)
लॉजिस्टिक्स नीति 2025परिवहन-भंडारण की लागत घटाना, आपूर्ति शृंखला मज़बूत करना
वस्त्र एवं परिधान नीति 2025राज्य को वस्त्र-परिधान का वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनाना
व्यापार संवर्धन नीति 2025छोटे व्यापारियों को ऋण, बीमा, ई-कॉमर्स; महिला व SC/ST उद्यमियों को विशेष प्रोत्साहन

15नई राज्य नीतियाँ (2024–2026) एक नज़र में

पिछले दो वर्षा में राज्य सरकार ने निवेश, रोज़गार, ऊर्जा और शासन से जुड़ी कई नई नीतियाँ जारी की हैं। परीक्षा में इनके नाम और वर्ष से सीधे प्रश्न बनते हैं।

नीतिमुख्य उद्देश्य (संक्षेप में)
अप्रवासी राजस्थानी नीति 2025प्रवासी राजस्थानियों से निवेश, व्यापार, नवाचार और परोपकारी योगदान
डेटा सेंटर नीति 2025राजस्थान को डेटा सेंटर का पसंदीदा गंतव्य बनाना
वैश्विक क्षमता केंद्र (GCC) नीति 2025बहुराष्ट्रीय कंपनियों के क्षमता केंद्र आकर्षित करना, उच्च-मूल्य रोज़गार
कौशल नीति 2025माँग-आधारित कौशल, पुनः-कौशल व कौशल उन्नयन
सिटी गैस वितरण नीति 2025घरों, परिवहन व उद्योगों तक स्वच्छ प्राकृतिक गैस
पर्यटन नीति 2025पूँजी अनुदान, SGST पुनर्भरण, ब्याज अनुदान, स्टांप शुल्क छूट
फ़िल्म पर्यटन प्रोत्साहन नीति 2025राजस्थान को फ़िल्म-निर्माण का राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय केंद्र बनाना
वाहन स्क्रैपिंग नीति 2025पुराने वाहनों से प्रदूषण घटाना, चक्रीय अर्थव्यवस्था
ट्रांज़िट उन्मुख विकास (TOD) नीति 2025भूमि-उपयोग और सार्वजनिक परिवहन का एकीकरण (10 दिसंबर 2025)
भूमि आवंटन नीति 2025निजी निवेशकों, संस्थाओं, विभागों आदि को भूमि आवंटन के प्रावधान
दिव्यांगजनों के लिए समान अवसर नीति 2025सरकारी कार्यालयों में दिव्यांग कर्मियों को समान अवसर
रोज़गार नीति 2026मार्च 2029 तक 15 लाख रोज़गार अवसर
युवा नीति 2026शिक्षा, कौशल, उद्यमिता और नेतृत्व से युवा सशक्तीकरण
AI/ML नीति 2026कृत्रिम बुद्धिमत्ता से सार्वजनिक सेवाओं का आधुनिकीकरण (6 जनवरी 2026)
बिंदुविवरण
पाँच तत्व(1) एक ज़िला-एक उत्पाद, (2) एक ज़िला-एक फ़सल, (3) एक ज़िला-एक वनस्पति प्रजाति, (4) एक ज़िला-एक खेल, (5) एक ज़िला-एक पर्यटन स्थल
शुरुआतआर्थिक समीक्षा के अनुसार वर्ष 2025-26 में शुरू; राज्य सरकार के पहले वर्ष के अवसर (दिसंबर 2024) पर इसकी घोषणा हुई थी
राज्य-स्तरीय समितिअध्यक्ष — मुख्य सचिव
ज़िला-स्तरीय समितिअध्यक्ष — ज़िला कलेक्टर
बजट (2025-26)₹100 करोड़
#ज़िलाफ़सलवनस्पति प्रजातिउत्पादपर्यटन स्थलखेल
1अजमेरगुलाबनीमग्रेनाइट व मार्बल उत्पादपुष्कर तीर्थकबड्डी

16पंच गौरव कार्यक्रम — 41 ज़िलों की सूची

"पंच गौरव" कार्यक्रम का उद्देश्य हर ज़िले को एक अनोखी पहचान देना है। हर ज़िले की क्षमता और विशेषता के आधार पर पाँच तत्व चुने गए हैं, ताकि उनके संरक्षण, प्रचार और विकास से ज़िले को मज़बूत सांस्कृतिक और आर्थिक पहचान मिले।

#ज़िलाफ़सलवनस्पति प्रजातिउत्पादपर्यटन स्थलखेल
2अलवरप्याज़अर्जुनऑटोमोबाइल पुर्जेसरिस्का बाघ अभयारण्यकुश्ती
3बालोतराअनाररोहिड़ावस्त्र उत्पादनाकोड़ा जैन मंदिरक्रिकेट
4बाँसवाड़ाआमसागवानमार्बल उत्पादत्रिपुरा सुंदरी मंदिरतीरंदाज़ी
5बाराँलहसुनचिरौंजीलहसुन उत्पादरामगढ़ क्रेटरफ़ुटबॉल
6बाड़मेरईसबगोलरोहिड़ाकशीदाकारीकिराडू मंदिरबास्केटबॉल
7ब्यावरगेहूँकरंजक्वाट्ज़ व फ़ेल्डस्पार पाउडरटॉडगढ़हॉकी
8भरतपुरशहदकदंबकृषि-आधारित उत्पादकेवलादेव राष्ट्रीय उद्यानकुश्ती
9भीलवाड़ासंतराअर्जुनवस्त्र उत्पादमांडलगढ़ किलाबास्केटबॉल
10बीकानेरमोठरोहिड़ाबीकानेरी नमकीनकरणी माता मंदिरतीरंदाज़ी
11बूँदीचावलधोकबलुआ पत्थर (सैंडस्टोन)रामगढ़ विषधारी अभयारण्यकबड्डी
12चित्तौड़गढ़सीताफलबिल्वपत्रग्रेनाइट व मार्बल उत्पादचित्तौड़गढ़ किलाकबड्डी
13चूरूएलोवेरा (ग्वारपाठा)खेजड़ीकाष्ठ (लकड़ी) उत्पादसालासर बालाजी मंदिरएथलेटिक्स
14दौसासौंफढाक (पलाश)पत्थर उत्पादमेहंदीपुर बालाजी मंदिरफ़ुटबॉल
15डीडवाना-कुचाम नप्याज़खेजड़ीमार्बल व ग्रेनाइट उत्पादडीडवाना झीलबास्केटबॉल
16डीगसरसोंअर्जुनपत्थर-आधारित उत्पादडीग महलकुश्ती
17धौलपुरआलूकरंजपत्थर-आधारित उत्पादमचकुंडहॉकी
18डूँगरपुरआमसागवानमार्बल उत्पादबेणेश्वर धामहॉकी
19हनुमानगढ़किन्नूशीशमकृषि-आधारित उत्पादगोगामेड़ी मंदिरहॉकी
20जयपुरआँवलालिसोड़ारत्न एवं आभूषणआमेर किलाकबड्डी
21जैसलमेरखजूरजालपीले पत्थर के उत्पादजैसलमेर किलाजिम्नास्टिक्स
22जालोरअनारजालग्रेनाइट उत्पादसुंधा माता मंदिरमुक्केबाज़ी
23झालावाड़संतरासागवानकोटा स्टोन उत्पादगागरोन किलाबास्केटबॉल
24झुंझुनूँसरसोंनीमलकड़ी के हस्तशिल्पलोहार्गल तीर्थबास्केटबॉल
25जोधपुरजीराजाललकड़ी का फ़र्नचरमेहरानगढ़ किलाजिम्नास्टिक्स
26करौलीतिलबरगदबलुआ पत्थर उत्पादकैला देवी मंदिरक्रिकेट
27खैरथल-तिजाराप्याज़शीशमऑटोमोबाइल पुर्जेतिजारा जैन मंदिरकुश्ती
#ज़िलाफ़सलवनस्पति प्रजातिउत्पादपर्यटन स्थलखेल
28कोटाधनियाखैरकोटा डोरियाचंबल रिवर फ़्रंटकुश्ती
29कोटपूतली-बहरो ड़गाजरगुग्गलऑटोमोबाइल पुर्जेबैराठकुश्ती
30नागौरमूँगखेजड़ीपान मेथी व मसाला प्रसंस्करणमीराबाई स्मारककबड्डी
31पालीमेहंदीनीमवस्त्र उत्पादरणकपुर जैन मंदिरबास्केटबॉल
32फलौदीजीराजालसोनामुखी उत्पादखींचनएथलेटिक्स
33प्रतापगढ़कलौंजीतेंदूथेवा आभूषणसीतामाता वन्यजीव अभयारण्यतीरंदाज़ी
34राजसमंदसीताफलनीमग्रेनाइट व मार्बल उत्पादकुंभलगढ़ किलाहॉकी
35सलूंबरमक्कापलाशक्वाट्ज़जयसमंद झीलकबड्डी
36सवाई माधोपुरअमरूदनीममार्बल उत्पादरणथंभौर राष्ट्रीय उद्यानफ़ुटबॉल
37सीकरप्याज़अरडूलकड़ी का फ़र्नचरखाटूश्यामजी मंदिरबास्केटबॉल
38सिरोहीसौंफमहुआमार्बल उत्पाददिलवाड़ा जैन मंदिरतीरंदाज़ी
39श्रीगंगानगरकिन्नूशीशमसरसों का तेलबुड्ढा जोहड़एथलेटिक्स
40टोंकसरसोंअमलतासस्लेट पत्थर उत्पादडिग्गी कल्याणजीएथलेटिक्स
41उदयपुरसीताफलमहुआमार्बल व ग्रेनाइट उत्पादफ़तेहसागर व पिछोला झीलतैराकी
पंच गौरव — ऐसे याद करें (समूह बनाकर)

प्याज़ — अलवर, डीडवाना-कुचामन, खैरथल-तिजारा, सीकर (4 ज़िले) | सरसों — डीग, झुंझुनूँ, टोंक | सीताफल — चित्तौड़गढ़, राजसमंद, उदयपुर जीरा — जोधपुर, फलौदी | किन्नू — हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर | अनार — बालोतरा, जालोर | आम — बाँसवाड़ा, डूँगरपुर | संतरा — भीलवाड़ा, झालावाड़ | सौंफ — दौसा, सिरोही वनस्पति : नीम — अजमेर, झुंझुनूँ, पाली, राजसमंद, सवाई माधोपुर | जाल — जैसलमेर, जालोर, जोधपुर, फलौदी | खेजड़ी — चूरू, डीडवाना-कुचामन, नागौर | रोहिड़ा — बालोतरा, बाड़मेर, बीकानेर उत्पाद : ऑटोमोबाइल पुर्जे — अलवर, खैरथल-तिजारा, कोटपूतली-बहरोड़ | ख़ास उत्पाद — जयपुर (रत्न-आभूषण), कोटा (कोटा डोरिया), प्रतापगढ़ (थेवा), बीकानेर (नमकीन), बाड़मेर (कशीदाकारी) खेल : तैराकी केवल उदयपुर | मुक्केबाज़ी केवल जालोर | जिम्नास्टिक्स — जैसलमेर, जोधपुर | क्रिकेट — बालोतरा, करौली

#योजनाविभागअध्याय
1प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशनचिकित्सा एवं स्वास्थ्य2
2मुख्यमंत्री शिक्षित राजस्थान अभियानस्कूल शिक्षा3
3लाडो प्रोत्साहन योजनामहिला अधिकारिता4
4नए परिवारों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम से लाभखाद्य एवं नागरिक आपूर्ति4
5पीएम विश्वकर्मा योजनाउद्योग5
6कुसुम योजना — घटक B एवं Cऊर्जा7
7संशोधित वितरण क्षेत्र योजना (RDSS)ऊर्जा7
8प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजनासार्वजनिक निर्माण7
9अटल प्रगति पथसार्वजनिक निर्माण7
10प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजनाकृषि एवं उद्यानिकी8
11कर्मभूमि से मातृभूमि अभियानभूजल8
12जल जीवन मिशनजन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी8
13अमृत योजनाजन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी8
14पंच गौरव योजनाआयोजना9, 12
15नमो ड्रोन दीदी, सोलर दीदी, लखपति दीदी, बैंक सखी, कृषि सखी एवं पशु सखीग्रामीण विकास10
16प्रधानमंत्री आवास योजना — ग्रामीणग्रामीण विकास10
17पंडित दीनदयाल उपाध्याय गरीबी मुक्त गाँव योजनाग्रामीण विकास10
18स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण)पंचायती राज10
19स्वामित्व योजनापंचायती राज10
20मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान 2.0ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज8, 10
21अटल ज्ञान केंद्रपंचायती राज10
22मुख्यमंत्री स्वनिधि योजनास्वायत्त शासन11
23स्वच्छ भारत मिशन (शहरी)स्वायत्त शासन11
24प्रधानमंत्री आवास योजना — शहरीस्वायत्त शासन11

17प्रमुख फ्लैगशिप योजनाएँ

ये वे बड़ी योजनाएँ हैं, जिन पर राज्य सरकार का विशेष ध्यान है। तालिका में संबंधित विभाग और आर्थिक समीक्षा का वह अध्याय दिया गया है, जहाँ इनका विस्तार मिलेगा।

पाठ्यक्रम का विषयसंबंधित अध्याय
अर्थव्यवस्था का वृहद परिदृश्य और राज्य बजटअध्याय 13 — राजकोषीय प्रबंधन एवं आर्थिक नीति; राजस्थान बजट 2026-27; अध्याय 0
कृषि, उद्योग और सेवा क्षेत्र की मौजूदा स्थिति, मुद्दे और सरकारी पहलअध्याय 1 — कृषि-खाद्य; अध्याय 5 — उद्योग, खनन; अध्याय 6 — पर्यटन
आधारभूत संरचना का विकास : ऊर्जा, परिवहन और संचारअध्याय 7 — आधारभूत अवसंरचना
ग्रामीण विकास, पंचायती राज और राज्य वित्त आयोगअध्याय 10 — ग्रामीण विकास
मूलभूत सामाजिक सेवाएँ — शिक्षा और स्वास्थ्यअध्याय 3 — शिक्षा; अध्याय 2 — स्वास्थ्य
राजस्थान सरकार की मुख्य कल्याणकारी योजनाएँअध्याय 4 — सामाजिक सशक्तीकरण; सभी अध्यायों की योजनाएँ
पाठ्यक्रम का विषयसंबंधित अध्याय
1. आर्थिक संवृद्धि के संकेतक — राज्य घरेलू उत्पाद, प्रति व्यक्ति आय, समावेशी संवृद्धि; विकसित राजस्थान 2047; हरित संवृद्धि व पर्यावरणीय संधारणीयता; सतत विकास लक्ष्यों में राजस्थान की स्थितिअध्याय 0; अध्याय 13; अध्याय 9 — पर्यावरणीय स्थायित्व
2. राज्य बजट, राजकोषीय प्रबंधन और बजट घाटाअध्याय 13; राजस्थान बजट 2026-27
3. कृषि विकास — उत्पादन व उत्पादकता; जल संसाधन व सिंचाई; पशुपालन व सहायक गतिविधियाँ; कृषि विपणन; किसान कल्याण योजनाएँअध्याय 1 — कृषि-खाद्य; अध्याय 8 — जल सुरक्षा
4. ग्रामीण विकास व ग्रामीण आधारभूत संरचना; पंचायती राज संस्थाएँ और राज्य वित्त आयोगअध्याय 10 — ग्रामीण विकास
5. औद्योगिक विकास हेतु संस्थागत तंत्र; निवेश प्रोत्साहन नीति; MSME का महत्व व नीतिगत पहल; पेट्रोलियम और तेल संसाधनअध्याय 5 — उद्योग, खनन एवं आर्थिक वृद्धि
6. आधारभूत संरचना — ऊर्जा व परिवहन; सार्वजनिक-निजी भागीदारी परियोजनाएँ; बाहरी सहायता से वित्त-पोषित परियोजनाएँअध्याय 7 — आधारभूत अवसंरचना
7. मानव संसाधन विकास — स्वास्थ्य और शिक्षा; बेरोज़गारी, गरीबी और रोज़गार सृजनअध्याय 2; अध्याय 3; अध्याय 5 (रोज़गार भाग)
8. सुशासन और सार्वजनिक सेवाओं के प्रभावी वितरण हेतु डिजिटल रूपांतरणअध्याय 12 — प्रभावी शासन
9. SC/ST/OBC, अल्पसंख्यक, दिव्यांगजन, निराश्रित, महिला, बच्चे और वृद्धजन के कल्याण की योजनाएँअध्याय 4 — सामाजिक सशक्तीकरण; सभी अध्यायों की योजनाएँ

18RAS पाठ्यक्रम और आर्थिक समीक्षा के अध्याय

राजस्थान की अर्थव्यवस्था RAS प्रारंभिक और मुख्य — दोनों परीक्षाओं का महत्वपूर्ण भाग है। नीचे दी गई तालिका बताती है कि पाठ्यक्रम का कौन-सा विषय आर्थिक समीक्षा के किस अध्याय से पढ़ना है।

RAS प्रारंभिक परीक्षा

RAS मुख्य परीक्षा

पढ़ने की रणनीति

प्रारंभिक परीक्षा के लिए — आँकड़े, वर्ष, नीतियों के नाम और रैंक/क्रम (जैसे GSVA का क्रम, CPI-IW केंद्र, पंच गौरव) पर ज़ोर दें। मुख्य परीक्षा के लिए — रुझान और कारण (जैसे कृषि वृद्धि 0.22% क्यों रही, PCI का अंतर क्यों घट रहा है, ऋण-जमा अनुपात ऊँचा होने का अर्थ) को अपने शब्दों में लिखने का अभ्यास करें।

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