परिभाषा: राजस्थान एक नज़र में एवं विकसित राजस्थान @2047 राजस्थान आर्थिक समीक्षा 2025-26 पर आधारित — प्रमुख आर्थिक संकेतक, क्षेत्रवार योगदान, पंच गौरव एवं 13 क्षेत्रों की विकास-दृष्टि
कल्पना कीजिए कि पूरा राजस्थान एक बहुत बड़ा परिवार है, जिसमें लगभग 8.33 करोड़ सदस्य हैं। साल के अंत में यह परिवार अपना हिसाब लगाता है — "इस साल हमने खेतों में कितना अनाज उगाया, कारखानों में कितना सामान बनाया, और दुकानों, होटलों, बैंकों व अस्पतालों ने कितनी सेवाएँ दीं?" इन सबका कुल मूल्य ही राज्य का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) है।
फिर यह परिवार पूछता है — "औसतन एक सदस्य के हिस्से में कितनी आय आई?" यही प्रति व्यक्ति आय है, जो 2025-26 में पहली बार ₹2 लाख के पार (₹2,02,349) पहुँच गई है। यह हिसाब-किताब हर साल एक दस्तावेज़ में दर्ज होता है, जिसे आर्थिक समीक्षा (Economic Review) कहते हैं।
इस अध्याय में हम राजस्थान की अर्थव्यवस्था की पूरी तस्वीर "एक नज़र में" देखेंगे — और यह भी समझेंगे कि वर्ष 2047 तक राज्य को "विकसित राजस्थान" बनाने का सपना किन 13 क्षेत्रों पर टिका है।
आर्थिक समीक्षा राज्य सरकार का वह वार्षिक दस्तावेज़ है, जो बताता है कि पिछले एक साल में राज्य की अर्थव्यवस्था ने कैसा प्रदर्शन किया, कौन-सा क्षेत्र आगे बढ़ा, कौन पीछे रहा, और सरकार ने कौन-सी नई नीतियाँ व योजनाएँ चलाईं। इसे बजट से ठीक पहले/साथ जारी किया जाता है, ताकि बजट बनाते समय सरकार और जनता दोनों के सामने राज्य की सही आर्थिक तस्वीर हो।
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| दस्तावेज़ का नाम | राजस्थान आर्थिक समीक्षा 2025-26 (Economic Review 2025-26) |
| तैयार करने वाली संस्था | आर्थिक एवं सांख्यिकी निदेशालय (Directorate of Economics & Statistics), सांख्यिकी विभाग, राजस्थान सरकार, जयपुर |
| जारी होने का समय | फ़रवरी 2026 — राज्य बजट 2026-27 (11 फ़रवरी 2026, उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री दीया कुमारी) के साथ |
| इस वर्ष की विषय-वस्तु (Theme) | इस वर्ष अध्यायों को "विकसित राजस्थान @2047" दृष्टि-दस्तावेज़ के 13 क्षेत्रों के अनुसार बाँटा गया है — यानी 13 क्षेत्र = 13 अध्याय |
| अनुमान का प्रकार | 2023-24 = संशोधित अनुमान-II, 2024-25 = संशोधित अनुमान-I, 2025-26 = अग्रिम अनुमान (AE) |
| साथ में | सांख्यिकीय परिशिष्ट (Statistical Appendix, A1–A52) — प्रमुख सामाजिक-आर्थिक संकेतकों के कई वर्षा के आँकड़े |
| आधार वर्ष (राज्य आय) | 2011-12 (स्थिर मूल्यों की गणना के लिए) |
| अध्याय | अध्याय का नाम (13 क्षेत्र = 13 अध्याय) |
|---|---|
| 1 | कृषि-खाद्य प्रणालियों में रूपांतरण |
| 2 | स्वास्थ्य एवं कल्याण |
| 3 | शिक्षा एवं ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था |
| 4 | सामाजिक सशक्तीकरण एवं समावेशन |
| 5 | औद्योगिक, खनन एवं आर्थिक वृद्धि (रोज़गार, श्रम, कौशल, युवा सहित) |
परिभाषा: राज्य की अर्थव्यवस्था के बड़े संकेतकों (जैसे GSDP, प्रति व्यक्ति आय, मूल्य सूचकांक), विभिन्न क्षेत्रों के विकास और सरकारी नीतियों का तथ्यों पर आधारित वार्षिक मूल्यांकन।
💡 आसान भाषा में: यह राज्य का "सालाना रिपोर्ट कार्ड" है — जिसमें लिखा होता है कि राज्य ने किस विषय में कितने अंक पाए।
🏠 उदाहरण: जैसे स्कूल में साल के अंत में रिपोर्ट कार्ड से पता चलता है कि बच्चा गणित में मज़बूत है और अंग्रेज़ी में कमज़ोर — वैसे ही आर्थिक समीक्षा बताती है कि सेवा क्षेत्र तेज़ी से बढ़ा और कृषि की वृद्धि धीमी रही।
परिभाषा: वर्ष पूरा होने से पहले उपलब्ध आँकड़ों से लगाया गया पहला अनुमान "अग्रिम अनुमान" होता है; बाद में पूरे आँकड़े आने पर उसे सुधारकर "संशोधित अनुमान-I" और फिर "संशोधित अनुमान-II" बनाया जाता है।
💡 आसान भाषा में: पहले अंदाज़ा, फिर सुधार, फिर और सुधार — इसलिए किसी एक वर्ष का आँकड़ा अगले साल की समीक्षा में थोड़ा बदल सकता है।
🏠 उदाहरण: जैसे परीक्षा के तुरंत बाद आप अपने अंकों का अंदाज़ा लगाते हैं (अग्रिम अनुमान), फिर उत्तर-कुंजी देखकर सुधारते हैं (संशोधित-I), और अंत में परिणाम आने पर पक्के अंक मिलते हैं (संशोधित-II)।
| अध्याय | अध्याय का नाम (13 क्षेत्र = 13 अध्याय) |
|---|---|
| 6 | पर्यटन एवं सांस्कृतिक विकास |
| 7 | आधारभूत अवसंरचना |
| 8 | जल सुरक्षा एवं अनुकूलता |
| 9 | पर्यावरणीय स्थायित्व एवं जलवायु अनुकूलता |
| 10 | ग्रामीण विकास |
| 11 | शहरी विकास |
| 12 | प्रभावी शासन एवं सार्वजनिक सेवाएँ |
| 13 | राजकोषीय प्रबंधन एवं आर्थिक नीति |
| भौगोलिक क्षेत्र | विशेषता | आर्थिक अवसर |
|---|---|---|
| पश्चिमी मरुस्थल (थार) | शुष्क (कम वर्षा वाला) क्षेत्र | सौर ऊर्जा उत्पादन और खनन का प्रमुख केंद्र |
राजस्थान परंपरा और आधुनिकता का संगम है — यहाँ समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के साथ तेज़ आर्थिक विकास भी हो रहा है।
अवसंरचना, नवीकरणीय ऊर्जा और उद्योग पर लगातार ध्यान देने से राज्य भारत की विकास-यात्रा का एक प्रमुख भागीदार बना हुआ है।
| भौगोलिक क्षेत्र | विशेषता | आर्थिक अवसर |
|---|---|---|
| अरावली पहाड़ियाँ | जैव-विविधता से समृद्ध, अनेक ऐतिहासिक स्थल | पर्यटन का केंद्र |
| पूर्व मैदान | उपजाऊ मिट्टी | कृषि के लिए सबसे उपयुक्त |
| दक्षिण-पूर्व पठार (हाड़ौती) | पठारी भू-भाग | औद्योगिक विकास की संभावनाएँ |
| संकेतक | वर्ष | इकाई | राजस्थान | भारत |
|---|---|---|---|---|
| भौगोलिक क्षेत्रफल | 2011 | लाख वर्ग कि.मी. | 3.42 | 32.87 |
| जनसंख्या | 2011 | करोड़ | 6.85 | 121.09 |
| दशकीय वृद्धि दर | 2001-11 | प्रतिशत | 21.3 | 17.7 |
| जनसंख्या घनत्व | 2011 | व्यक्ति/वर्ग कि.मी. | 200 | 382 |
| शहरी जनसंख्या | 2011 | प्रतिशत | 24.9 | 31.2 |
| ग्रामीण जनसंख्या | 2011 | प्रतिशत | 75.1 | 68.8 |
| अनुसूचित जाति जनसंख्या | 2011 | प्रतिशत | 17.8 | 16.6 |
| अनुसूचित जनजाति जनसंख्या | 2011 | प्रतिशत | 13.5 | 8.6 |
| लिंगानुपात | 2011 | महिलाएँ/1000 पुरुष | 928 | 943 |
| शिशु लिंगानुपात (0-6 वर्ष) | 2011 | बालिकाएँ/1000 बालक | 888 | 919 |
| साक्षरता दर (कुल) | 2011 | प्रतिशत | 66.1 | 73.0 |
नीचे की तालिका आर्थिक समीक्षा की तालिका-I पर आधारित है। जनसंख्या से जुड़े अधिकांश आँकड़े जनगणना 2011 के हैं, जबकि जन्म-दर, मृत्यु-दर जैसे आँकड़े नमूना पंजीकरण प्रणाली (SRS) के नवीनतम बुलेटिन से लिए गए हैं।
| संकेतक | वर्ष | इकाई | राजस्थान | भारत |
|---|---|---|---|---|
| साक्षरता दर (पुरुष) | 2011 | प्रतिशत | 79.2 | 80.9 |
| साक्षरता दर (महिला) | 2011 | प्रतिशत | 52.1 | 64.6 |
| कार्य सहभागिता दर | 2011 | प्रतिशत | 43.6 | 39.8 |
| अशोधित जन्म दर (CBR) | 2023 | प्रति हज़ार जनसंख्या | 22.9 | 18.4 |
| अशोधित मृत्यु दर (CDR) | 2023 | प्रति हज़ार जनसंख्या | 5.9 | 6.4 |
| शिशु मृत्यु दर (IMR) | 2023 | प्रति हज़ार जीवित जन्म | 29 | 25 |
| मातृ मृत्यु अनुपात (MMR) | 2021-23 | प्रति लाख जीवित जन्म | 86 | 88 |
| जन्म के समय जीवन प्रत्याशा | 2019-23 | वर्ष | 70.4 | 70.3 |
| संकेतक | 2024-25 | 2025-26 |
|---|---|---|
| GSDP — चालू मूल्य | 17,01,190 | 18,75,413 |
| GSDP वृद्धि दर — चालू (%) | 11.77 | 10.24 |
| GSDP — स्थिर मूल्य (2011-12) | 9,03,564 | 9,81,807 |
परिभाषा: कुल जनसंख्या में से उन लोगों का प्रतिशत, जो किसी आर्थिक (कमाई वाले) काम में लगे हुए हैं।
💡 आसान भाषा में: 100 लोगों में से कितने लोग कोई काम करके कमाई में योगदान दे रहे हैं।
🏠 उदाहरण: राजस्थान में 100 में से लगभग 44 लोग काम में लगे हैं, जबकि भारत में लगभग 40 — ग्रामीण राजस्थान में खेती और पशुपालन में पूरा परिवार (महिलाएँ भी) काम में हाथ बँटाता है, इसलिए यह दर अधिक है।
यह तालिका पूरी आर्थिक समीक्षा का सबसे महत्वपूर्ण सार है। इसमें एक साथ 5 वर्षा के मुख्य आँकड़े दिए गए हैं। (राशि ₹ करोड़ में, जहाँ अलग से न लिखा हो)
| संकेतक | 2024-25 | 2025-26 |
|---|---|---|
| GSDP वृद्धि दर — स्थिर (%) | 8.77 | 8.66 |
| NSDP — चालू मूल्य | 15,25,291 | 16,85,118 |
| NSDP — स्थिर मूल्य | 7,89,133 | 8,59,333 |
| प्रति व्यक्ति आय — चालू (₹) | 1,85,095 | 2,02,349 |
| प्रति व्यक्ति आय — स्थिर (₹) | 95,762 | 1,03,189 |
| GSVA हिस्सा (चालू) — कृषि / उद्योग / सेवा (%) | 27.13 / 27.05 / 45.82 | 25.74 / 26.55 / 47.71 |
| GSVA हिस्सा (स्थिर) — कृषि / उद्योग / सेवा (%) | 27.05 / 28.21 / 44.74 | 25.33 / 28.21 / 46.46 |
| सकल स्थायी पूँजी निर्माण (GFCF) | 5,02,412 | — |
| GFCF — GSDP का % | 29.53 | — |
| कृषि उत्पादन सूचकांक* (आधार 2005-06 से 2007-08=100) | 243.55 (अंतिम) | — |
| कुल खाद्यान्न उत्पादन* (लाख मी. टन) | 309.62 (अंतिम) | 283.98 (अग्रिम) |
| औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आधार 2011-12=100) | 154.38 | 153.29 (नवंबर 2025 तक, अनंतिम) |
| थोक मूल्य सूचकांक (आधार 1999-2000=100) | 396.72 | 399.74 (दिसंबर 2025 तक) |
| थोक मूल्य सूचकांक — परिवर्तन (%) | 2.18 | 0.76 |
| स्थापित विद्युत क्षमता (मेगावाट) | 27,284 | 31,556 (दिसंबर 2025 तक) |
| वाणिज्यिक बैंक ऋण (30 सितंबर तक) | 6,11,546 | 6,91,943 |
* कृषि उत्पादन सूचकांक और खाद्यान्न उत्पादन कृषि वर्ष (जुलाई से जून) के अनुसार हैं। ऊपर थोक मूल्य सूचकांक वित्त वर्ष (अप्रैल-मार्च) के अनुसार है; आगे खंड 10 में यही सूचकांक कैलेंडर वर्ष (जनवरी-दिसंबर) के अनुसार दिया गया है (2025 में 1.13% वृद्धि) — प्रश्न में वर्ष का प्रकार ध्यान से पढ़ें। 2025-26 में खाद्यान्न उत्पादन घटा है (309.62 से 283.98 लाख मी. टन, लगभग 8.3% कमी) — इसी कारण कृषि GSVA की वास्तविक वृद्धि केवल 0.22% रही।
| वर्ष | GSDP राजस्थान (₹ करोड़) | वृद्धि दर (%) | GDP भारत (₹ करोड़) | वृद्धि दर (%) |
|---|---|---|---|---|
| 2024-25 | 17,01,190 | 11.77 | 3,30,68,145 | 9.8 |
| 2025-26 | 18,75,413 | 10.24 | 3,57,13,886 | 8.0 |
| वर्ष | GSDP राजस्थान (₹ करोड़) | वृद्धि दर (%) | GDP भारत (₹ करोड़) | वृद्धि दर (%) |
|---|---|---|---|---|
| 2024-25 | 9,03,564 | 8.77 | 1,87,96,955 | 6.5 |
| 2025-26 | 9,81,807 | 8.66 | 2,01,89,919 | 7.4 |
परिभाषा: किसी राज्य की भौगोलिक सीमा के भीतर एक वित्त वर्ष में उत्पादित सभी अंतिम वस्तुओं और सेवाओं का कुल बाज़ार मूल्य।
💡 आसान भाषा में: राज्य के अंदर एक साल में जो कुछ भी बना या सेवा के रूप में दिया गया, उसकी कुल कीमत।
🏠 उदाहरण: जयपुर में बनी रज़ाई, कोटा में दी गई कोचिंग, बाड़मेर में निकला कच्चा तेल और उदयपुर के होटल में ठहरे पर्यटक का बिल — सब GSDP में जुड़ते हैं।
परिभाषा: चालू मूल्य = उसी वर्ष की कीमतों पर गणना; स्थिर मूल्य = किसी आधार वर्ष (यहाँ 2011-12) की कीमतों पर गणना, ताकि महँगाई का असर हट जाए।
💡 आसान भाषा में: चालू मूल्य में महँगाई भी शामिल होती है; स्थिर मूल्य बताता है कि असल में उत्पादन कितना बढ़ा। इसलिए स्थिर मूल्य वाली वृद्धि को "वास्तविक वृद्धि" (Real Growth) कहते हैं।
🏠 उदाहरण: अगर पिछले साल 10 किलो गेहूँ ₹200 का था और इस साल भी 10 किलो ही उगा पर कीमत ₹220 हो गई — तो चालू मूल्य 10% बढ़ा दिखेगा, पर स्थिर मूल्य पर वृद्धि शून्य होगी, क्योंकि गेहूँ उतना ही उगा।
| वर्ष | NSDP चालू मूल्य (₹ करोड़) | वृद्धि (%) | NSDP स्थिर मूल्य (₹ करोड़) | वृद्धि (%) |
|---|---|---|---|---|
| 2024-25 | 15,25,291 | 12.00 | 7,89,133 | 8.91 |
| 2025-26 | 16,85,118 | 10.48 | 8,59,333 | 8.90 |
सूत्र NSDP = GSDP − स्थिर पूँजी का उपभोग (CFC) स्थिर पूँजी का उपभोग (CFC) = मशीनों, भवनों आदि की घिसावट / मूल्यह्रास (Depreciation)
परिभाषा: उत्पादन की प्रक्रिया में एक वर्ष के दौरान पूँजीगत संपत्तियों (मशीन, भवन, वाहन) के जितने हिस्से का उपयोग हो गया (घिस गया), उसका प्रतिस्थापन मूल्य।
💡 आसान भाषा में: कमाई में से वह हिस्सा घटाना, जो पुरानी मशीनों की टूट-फूट ठीक करने में लगेगा — तभी "शुद्ध" (असली) कमाई पता चलती है।
🏠 उदाहरण: एक टैक्सी वाले ने साल में ₹5 लाख कमाए, पर उसकी गाड़ी ₹50 हज़ार की घिस गई — तो उसकी शुद्ध कमाई ₹4.5 लाख मानी जाएगी।
सूत्र प्रति व्यक्ति आय = शुद्ध राज्य घरेलू उत्पाद (NSDP) ÷ वर्ष के मध्य की कुल जनसंख्या
प्रति व्यक्ति आय लोगों के जीवन-स्तर और कल्याण का सबसे अच्छा सूचक मानी जाती है। ध्यान रहे — यह एक औसत है, यानी इससे यह पता नहीं चलता कि आय सब लोगों में बराबर बँटी है या नहीं।
| वर्ष | PCI राजस्थान | वृद्धि (%) | PCI भारत | वृद्धि (%) | अंतर (भारत − राज.) |
|---|---|---|---|---|---|
| 2021-22 | 1,34,143 | 16.72 | 1,50,906 | 18.6 | 16,763 |
| 2022-23 | 1,49,060 | 11.12 | 1,69,145 | 12.1 | 20,085 |
| 2023-24 | 1,67,027 | 12.05 | 1,88,892 | 11.7 | 21,865 |
| 2024-25 | 1,85,095 | 10.82 | 2,05,324 | 8.7 | 20,229 |
| 2025-26 | 2,02,349 | 9.32 | 2,19,575 | 6.9 | 17,226 |
| वर्ष | PCI राजस्थान | वृद्धि (%) | PCI भारत | वृद्धि (%) |
|---|---|---|---|---|
| 2021-22 | 79,490 | 8.23 | 94,054 | 9.3 |
| 2022-23 | 83,561 | 5.12 | 1,00,163 | 6.5 |
| 2023-24 | 88,868 | 6.35 | 1,08,786 | 8.6 |
| 2024-25 | 95,762 | 7.76 | 1,14,710 | 5.4 |
| 2025-26 | 1,03,189 | 7.76 | 1,21,968 | 6.3 |
2011-12 से 2025-26 तक : राजस्थान की PCI (चालू) ₹57,192 से बढ़कर ₹2,02,349 हुई — लगभग 3.5 गुना; इसी दौरान भारत की PCI ₹63,462 से ₹2,19,575 हुई (लगभग 3.46 गुना)। राजस्थान की PCI अब भी राष्ट्रीय औसत से कम है। 2025-26 में यह भारत की PCI का लगभग 92% है (चालू मूल्य)। अंतर का रुझान : 2021-22 में अंतर ₹16,763 था, जो 2023-24 में बढ़कर ₹21,865 हो गया; उसके बाद घटते हुए 2025-26 में ₹17,226 रह गया। यानी पिछले दो वर्षा से अंतर घट रहा है, क्योंकि राजस्थान की PCI वृद्धि दर (9.32%) भारत (6.9%) से अधिक रही। स्थिर मूल्य पर 2024-25 और 2025-26 — दोनों वर्षा में राजस्थान की PCI वृद्धि दर 7.76% रही (संयोग से एक समान)।
GSVA और GSDP का संबंध GSDP = GSVA (आधारभूत मूल्य पर) + उत्पादों पर कर − उत्पादों पर सब्सिडी अर्थात् GSVA = GSDP − उत्पादों पर शुद्ध कर
| मुख्य क्षेत्र (कुल %) | उप-क्षेत्र और उनका हिस्सा (%) |
|---|---|
| कृषि (25.74) | पशुधन 12.70 | फसलें 10.97 | वानिकी एवं लट्ठा (Forestry & Logging) 1.93 | मत्स्य पालन 0.14 |
| उद्योग (26.55) | विनिर्माण 10.76 | निर्माण (Construction) 9.30 | खनन एवं उत्खनन 3.30 | बिजली, गैस, जलापूर्ति एवं अन्य उपयोगी सेवाएँ 3.20 |
| सेवा (47.71) | व्यापार, होटल एवं रेस्तराँ 13.33 | रियल एस्टेट, आवास-स्वामित्व एवं व्यावसायिक सेवाएँ 11.20 | अन्य सेवाएँ 9.72 | वित्तीय सेवाएँ 5.07 | परिवहन (भंडारण एवं संचार सहित) 5.04 | लोक प्रशासन 3.34 |
| क्षेत्र | 2021-22 | 2022-23 | 2023-24 | 2024-25 | 2025-26 | वृद्धि 2025-26 |
|---|---|---|---|---|---|---|
| कृषि | 3,22,739 | 3,51,121 | 3,88,438 | 4,25,904 | 4,40,702 | 3.47% |
परिभाषा: उत्पादन के कुल मूल्य में से कच्चे माल/मध्यवर्त वस्तुओं की लागत घटाने पर जो मूल्य बचता है, उसे मूल्य वर्धन कहते हैं; राज्य के सभी क्षेत्रों का कुल मूल्य वर्धन GSVA है।
💡 आसान भाषा में: हर उत्पादक ने अपनी मेहनत से कच्चे माल में कितनी "नई कीमत" जोड़ी — बस उतना ही जोड़ा जाता है, ताकि एक ही चीज़ दो बार न गिनी जाए।
🏠 उदाहरण: एक किसान ने ₹100 की कपास बेची; कारखाने ने उससे ₹250 का कपड़ा बनाया। कारखाने का मूल्य वर्धन ₹150 है (₹250 − ₹100)। कुल मूल्य वर्धन = ₹100 + ₹150 = ₹250।
कृषि क्षेत्र में पशुधन (12.70%) का हिस्सा फसलों (10.97%) से अधिक है — यानी राजस्थान में पशुपालन "दोहरी आय" का साधन है और यह कृषि उत्पादन का एक-तिहाई से अधिक देता है। पूरे GSVA में सबसे बड़ा एकल उप-क्षेत्र = व्यापार, होटल एवं रेस्तराँ (13.33%) → फिर पशुधन (12.70%) → फिर रियल एस्टेट (11.20%)। उद्योग में विनिर्माण (10.76%) सबसे बड़ा उप-क्षेत्र है।
वर्ष 2025-26 (चालू मूल्य) में कुल GSVA ₹17.12 लाख करोड़ रहने का अनुमान है, जो 2024-25 (₹15.70 लाख करोड़) से 9.03% अधिक है। सेवा क्षेत्र का योगदान सबसे अधिक है — यानी राजस्थान की अर्थव्यवस्था अब मुख्य रूप से सेवा-आधारित है।
| क्षेत्र | 2021-22 | 2022-23 | 2023-24 | 2024-25 | 2025-26 | वृद्धि 2025-26 |
|---|---|---|---|---|---|---|
| उद्योग | 3,15,450 | 3,48,361 | 3,95,783 | 4,24,790 | 4,54,486 | 6.99% |
| सेवा | 4,92,527 | 5,73,023 | 6,33,302 | 7,19,530 | 8,16,828 | 13.52% |
| कुल GSVA | 11,30,716 | 12,72,505 | 14,17,523 | 15,70,224 | 17,12,016 | 9.03% |
| क्षेत्र | 2021-22 | 2022-23 | 2023-24 | 2024-25 | 2025-26 | वृद्धि 2025-26 |
|---|---|---|---|---|---|---|
| कृषि | 1,91,571 | 1,99,619 | 2,06,474 | 2,22,073 | 2,22,550 | 0.22% |
| उद्योग | 1,94,568 | 2,03,171 | 2,18,768 | 2,31,618 | 2,47,872 | 7.02% |
| सेवा | 2,93,757 | 3,19,842 | 3,38,068 | 3,67,377 | 4,08,325 | 11.15% |
| कुल GSVA | 6,79,896 | 7,22,632 | 7,63,310 | 8,21,068 | 8,78,747 | 7.03% |
2025-26 में सेवा क्षेत्र की वृद्धि दर सबसे अधिक रही — चालू मूल्य पर 13.52% और स्थिर मूल्य पर 11.15%। कृषि की वृद्धि सबसे कम — चालू मूल्य पर 3.47% और स्थिर (वास्तविक) मूल्य पर मात्र 0.22%। कारण : 2024-25 की रिकॉर्ड फ़सल (309.62 लाख मी. टन खाद्यान्न) के बाद 2025-26 में खाद्यान्न उत्पादन घटा। स्थिर मूल्य पर कुल GSVA की वृद्धि 2024-25 में 7.57% थी, जो 2025-26 में 7.03% रही। याद रखने का क्रम (हिस्सेदारी, चालू मूल्य) : सेवा (47.71) > उद्योग (26.55) > कृषि (25.74); पर स्थिर मूल्य पर भी यही क्रम है — सेवा (46.46) > उद्योग (28.21) > कृषि (25.33)।
परिभाषा: एक लेखा-अवधि में उत्पादकों द्वारा स्थायी संपत्तियों (भवन, सड़क, मशीन, वाहन आदि) की कुल ख़रीद में से बिक्री घटाकर निकाला गया मूल्य।
💡 आसान भाषा में: राज्य में एक साल में नई "टिकाऊ संपत्तियाँ" बनाने पर कितना निवेश हुआ — यह अर्थव्यवस्था में निवेश का सूचक है।
🏠 उदाहरण: कोई किसान ट्रैक्टर ख़रीदता है, कंपनी नई फ़ैक्ट्री बनाती है या सरकार पुल बनाती है — ये सब GFCF में गिने जाते हैं, क्योंकि ये कई वर्षों तक उत्पादन में मदद करेंगे।
| विवरण | 2020-21 | 2021-22 | 2022-23 | 2023-24 | 2024-25 |
|---|---|---|---|---|---|
| कुल GFCF (₹ करोड़) | 2,77,866 | 3,42,374 | 3,90,245 | 4,49,352 | 5,02,412 |
| GSDP का % | — | 28.64 | 28.94 | 29.52 | 29.53 |
| निजी क्षेत्र (₹ करोड़) | 2,17,449 | 2,66,503 | 3,14,593 | 3,58,488 | 3,91,722 |
| सार्वजनिक क्षेत्र (₹ करोड़) | 60,417 | 75,870 | 75,652 | 90,864 | 1,10,689 |
| क्र. | उद्योग / क्षेत्र | 2020-21 | 2021-22 | 2022-23 | 2023-24 | 2024-25 |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 1 | फसलें | 8,527 | 10,237 | 10,190 | 12,568 | 14,871 |
| 2 | पशुधन | 1,985 | 2,071 | 2,334 | 2,646 | 3,067 |
| 3 | वानिकी | 131 | 331 | 427 | 805 | 572 |
| 4 | मत्स्य पालन | 131 | 147 | 187 | 205 | 241 |
| 5 | खनन | 5,740 | 6,475 | 6,210 | 6,618 | 6,991 |
| 6 | विनिर्माण | 13,895 | 21,172 | 28,890 | 37,231 | 40,479 |
| 7 | बिजली, गैस, जलापूर्ति एवं अन्य उपयोगी सेवाएँ | 24,414 | 31,272 | 25,202 | 31,144 | 37,922 |
| 8 | निर्माण (Construction) | 1,13,134 | 1,36,998 | 1,61,923 | 1,88,132 | 2,07,125 |
| 9 | व्यापार, होटल एवं रेस्तराँ | 3,670 | 4,739 | 6,345 | 7,035 | 8,136 |
| 10 | रेलवे | 1,086 | 1,704 | 3,421 | 6,784 | 7,459 |
| 11 | अन्य परिवहन | 3,212 | 4,612 | 4,843 | 5,698 | 6,030 |
| 12 | भंडारण | 52 | 183 | 185 | 67 | 67 |
| 13 | संचार | 11,853 | 14,612 | 18,039 | 17,951 | 19,593 |
| 14 | वित्तीय सेवाएँ | 1,275 | 716 | 1,268 | 1,467 | 1,619 |
| 15 | रियल एस्टेट, आवास-स्वामित्व एवं व्यावसायिक सेवाएँ | 66,430 | 77,567 | 85,064 | 90,497 | 96,745 |
| 16 | लोक प्रशासन | 10,641 | 12,801 | 13,327 | 17,296 | 23,255 |
| 17 | अन्य सेवाएँ | 11,689 | 16,737 | 22,390 | 23,210 | 28,240 |
| कुल | 2,77,866 | 3,42,374 | 3,90,245 | 4,49,352 | 5,02,412 |
| समूह | वस्तुओं की संख्या | भार (Weight) |
|---|---|---|
| प्राथमिक वस्तुएँ (Primary Articles) | 75 | 33.894 |
| विनिर्मित उत्पाद (Manufactured Products) | 69 | 49.853 |
| ईंधन, बिजली, प्रकाश एवं स्नेहक (Fuel, Power, Light & Lubricants) | 10 | 16.253 |
| कुल | 154 | 100 |
सबसे अधिक पूँजी निर्माण निर्माण (Construction) क्षेत्र में — 2024-25 में ₹2,07,125 करोड़, यानी कुल GFCF का लगभग 41%। दूसरे स्थान पर रियल एस्टेट (₹96,745 करोड़) और तीसरे पर विनिर्माण (₹40,479 करोड़)। राज्य में निवेश का बड़ा हिस्सा (लगभग 78%) निजी क्षेत्र से आता है। ये अनुमान केंद्र सरकार के राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO), सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा तय राष्ट्रीय लेखा सांख्यिकी (आधार वर्ष 2011-12) की पद्धति से बनाए गए हैं।
परिभाषा: किसी क्षेत्र में एक निश्चित अवधि के दौरान चुनी हुई वस्तुओं/सेवाओं की कीमतों में आए सापेक्ष बदलाव का माप, जिसमें आधार वर्ष का मान 100 माना जाता है।
💡 आसान भाषा में: आधार वर्ष की कीमत को 100 मानकर देखा जाता है कि आज वही सामान कितना महँगा हुआ।
🏠 उदाहरण: अगर आधार वर्ष 1999-2000 में सूचकांक 100 था और 2025 में 399 है, तो इसका अर्थ है कि उस टोकरी की कीमतें लगभग 4 गुना हो गई हैं।
कीमतें समय के साथ और अलग-अलग स्थानों पर बदलती रहती हैं। कीमतों के इस बदलाव को मापने का मुख्य साधन मूल्य सूचकांक (Price Index) है। दो प्रमुख सूचकांक हैं — थोक मूल्य सूचकांक (WPI), जो थोक बाज़ार की कीमतें मापता है और उत्पादन-लागत पर असर डालता है; तथा उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI), जो खुदरा कीमतें मापता है और आम आदमी के जीवन-यापन की लागत बताता है।
| प्रमुख समूह (वार्षिक औसत सूचकांक) | 2021 | 2022 | 2023 | 2024 | 2025 |
|---|---|---|---|---|---|
| 1. प्राथमिक वस्तुएँ | 378.22 | 416.65 | 420.67 | 438.15 | 445.65 |
| (क) कृषि वस्तुएँ | 377.10 | 415.64 | 414.86 | 431.42 | 437.84 |
| (ख) खनिज | 386.65 | 424.23 | 464.56 | 488.97 | 504.67 |
| 2. ईंधन, बिजली, प्रकाश एवं स्नेहक | 569.93 | 576.88 | 579.11 | 570.72 | 571.11 |
| 3. विनिर्मित उत्पाद | 285.65 | 302.60 | 303.29 | 307.73 | 311.42 |
| सभी वस्तुएँ | 363.23 | 385.83 | 387.90 | 394.68 | 399.13 |
| प्रमुख समूह (वार्षिक % परिवर्तन) | 2021 | 2022 | 2023 | 2024 | 2025 |
|---|---|---|---|---|---|
| 1. प्राथमिक वस्तुएँ | 14.10 | 10.16 | 0.96 | 4.16 | 1.71 |
| (क) कृषि वस्तुएँ | 14.77 | 10.22 | −0.19 | 3.99 | 1.49 |
| (ख) खनिज | 9.39 | 9.72 | 9.51 | 5.25 | 3.21 |
| 2. ईंधन, बिजली, प्रकाश एवं स्नेहक | 11.91 | 1.22 | 0.39 | −1.45 | 0.07 |
| 3. विनिर्मित उत्पाद | 4.91 | 5.93 | 0.23 | 1.46 | 1.20 |
| सभी वस्तुएँ | 9.78 | 6.22 | 0.54 | 1.75 | 1.13 |
| CPI का प्रकार | किसके लिए | जारी करने वाली संस्था |
|---|---|---|
| CPI-IW | औद्योगिक श्रमिक (Industrial Workers) | श्रम ब्यूरो, चंडीगढ़ (श्रम एवं रोज़गार मंत्रालय) |
सबसे अधिक वृद्धि : प्राथमिक वस्तुएँ (1.71%) → विनिर्मित उत्पाद (1.20%) → ईंधन-बिजली (0.07%, लगभग स्थिर)। उप-समूहों में खनिज की कीमतें सबसे तेज़ बढ़ीं (3.21%)। थोक मूल्य सूचकांक व्यापार, राजकोषीय और मौद्रिक नीतियाँ बनाने में मदद करता है और कीमतों की राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय तुलना का आधार बनता है। खाद्य महँगाई के कारण : जलवायु परिवर्तन, लू, असमान मानसून, बेमौसम वर्षा, ओलावृष्टि, अतिवृष्टि और सूखा।
CPI हर उपभोक्ता की ख़रीद से जुड़ी कीमतों को मापता है, इसलिए सरकार महँगाई मापने में WPI से अधिक CPI पर ध्यान देती है। हर महीने चार प्रकार के CPI तैयार होते हैं :
| CPI का प्रकार | किसके लिए | जारी करने वाली संस्था |
|---|---|---|
| CPI-AL | कृषि श्रमिक (Agricultural Labourers) | श्रम ब्यूरो, चंडीगढ़ |
| CPI-RL | ग्रामीण श्रमिक (Rural Labourers) | श्रम ब्यूरो, चंडीगढ़ |
| CPI-R, U & C | ग्रामीण, शहरी एवं संयुक्त (Rural, Urban & Combined) | राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO), नई दिल्ली |
| वर्ष | अलवर (सूचकांक / % परिवर्तन) | भीलवाड़ा | जयपुर | अखिल भारत |
|---|---|---|---|---|
| 2021 | 120.9 / 2.37 | 118.5 / 1.98 | 115.8 / 1.31 | 122.0 / 2.43 |
| 2022 | 126.3 / 4.47 | 127.0 / 7.17 | 123.1 / 6.30 | 129.2 / 5.90 |
| 2023 | 127.6 / 1.03 | 131.9 / 3.86 | 126.4 / 2.68 | 136.4 / 5.57 |
| 2024 | 133.6 / 4.70 | 133.6 / 1.29 | 127.6 / 0.95 | 141.6 / 3.81 |
| 2025 | 136.3 / 2.02 | 137.1 / 2.62 | 130.0 / 1.88 | 145.5 / 2.75 |
| समूह | अलवर | भीलवाड़ा | जयपुर |
|---|---|---|---|
| खाद्य एवं पेय पदार्थ | −0.90 | −2.68 | −0.14 |
| पान, सुपारी, तंबाकू एवं नशीले पदार्थ | 4.89 | 4.10 | 1.88 |
| कपड़े एवं जूते-चप्पल | 10.56 | 4.70 | 0.64 |
| आवास | 1.74 | 2.50 | 3.03 |
| ईंधन एवं प्रकाश | 4.11 | 1.22 | 2.81 |
| विविध | 4.76 | 4.86 | 3.66 |
| सामान्य सूचकांक | 2.02 | 2.62 | 1.88 |
CPI-IW (आधार वर्ष 2016 = 100)
| बैंक का प्रकार | शाखाएँ | शाखाओं का % | जमा (₹ करोड़) | ऋण (₹ करोड़) |
|---|---|---|---|---|
| सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक | 4,619 | 50.36 | 4,70,327 | 3,48,084 |
| निजी क्षेत्र के बैंक | 2,301 | 25.09 | 2,09,253 | 2,61,369 |
| क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक* | 1,628 | 17.75 | 52,770 | 42,176 |
| लघु वित्त बैंक (Small Finance Banks) | 577 | 6.29 | 38,597 | 38,961 |
| भुगतान बैंक (Payment Banks) | 40 | 0.43 | 4 | 0 |
| विदेशी बैंक | 7 | 0.08 | 1,196 | 1,353 |
तीनों केंद्रों में सबसे अधिक वृद्धि भीलवाड़ा (2.62%), फिर अलवर (2.02%), सबसे कम जयपुर (1.88%) — तीनों ही राष्ट्रीय औसत (2.75%) से कम। तीनों केंद्रों में खाद्य एवं पेय पदार्थ की कीमतें घटीं (ऋणात्मक परिवर्तन), जबकि अलवर में कपड़े-जूतों की कीमतें सबसे तेज़ (10.56%) बढ़ीं।
परिभाषा: किसी क्षेत्र के बैंकों द्वारा दिए गए कुल ऋण का, उनकी कुल जमा राशि से प्रतिशत अनुपात।
💡 आसान भाषा में: बैंक में जमा हर ₹100 में से कितने रुपये उसी राज्य में कज़ के रूप में दिए गए।
🏠 उदाहरण: राजस्थान में ऋण-जमा अनुपात 89.61% है — यानी यहाँ जमा हर ₹100 में से लगभग ₹90 राज्य के लोगों/उद्यमों को ऋण के रूप में वापस मिल रहे हैं। यह अनुपात जितना अधिक, राज्य की बचत उतनी ही राज्य के विकास में लग रही है।
CPI-AL (कृषि श्रमिक)
बैंक लोगों की बचत (जमा) इकट्ठा करते हैं और उसे ऋण के रूप में कृषि, उद्योग, व्यापार और आवास जैसे क्षेत्रों में पहुँचाते हैं।
इसलिए बैंकिंग क्षेत्र राज्य के आर्थिक विकास और गरीबी-उन्मूलन कार्यक्रमों की रीढ़ है।
| बैंक का प्रकार | शाखाएँ | शाखाओं का % | जमा (₹ करोड़) | ऋण (₹ करोड़) |
|---|---|---|---|---|
| कुल (सभी अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक) | 9,172 | 100 | 7,72,147 | 6,91,943 |
| संकेतक | राजस्थान (सित. 2024) | राजस्थान (सित. 2025) | भारत (सित. 2025) |
|---|---|---|---|
| बैंक शाखाएँ | 8,531 | 9,172 | 1,74,858 |
| कुल जमा (₹ करोड़) | 7,03,556 | 7,72,147 | 2,42,63,563 |
| कुल ऋण (₹ करोड़) | 6,11,546 | 6,91,943 | 1,95,15,992 |
| प्रमुख बैंकिंग तथ्य | मान |
|---|---|
| एक बैंक शाखा कितने लोगों को सेवा देती है | 9,080 व्यक्ति (लगभग 37.31 वर्ग कि.मी. क्षेत्र) — अनुमानित जनसंख्या 832.78 लाख (1 अक्टूबर 2025) के आधार पर |
| प्रति व्यक्ति बैंक जमा | ₹92,719 |
| प्रति व्यक्ति बैंक ऋण | ₹83,088 |
| बैंकिंग प्रतिनिधि (Business Correspondents) | 1,27,468 (31 दिसंबर 2025 तक) — वित्तीय समावेशन के लिए |
| जन आधार से नकद/वित्तीय लेन-देन केंद्र | 75,000 से अधिक कियोस्क / ई-मित्र / माइक्रो ATM |
| संकेतक | राज. NFHS-4 | राज. NFHS-5 | भारत NFHS-4 | भारत NFHS-5 |
|---|---|---|---|---|
| नवजात मृत्यु दर (प्रति 1000 जीवित जन्म) | 29.8 | 20.2 | 29.5 | 24.9 |
| शिशु मृत्यु दर (प्रति 1000 जीवित जन्म) | 41.3 | 30.3 | 40.7 | 35.2 |
| 5 वर्ष से कम आयु मृत्यु दर (प्रति 1000) | 50.7 | 37.6 | 49.7 | 41.9 |
| संस्थागत प्रसव (%) | 84.0 | 94.9 | 78.9 | 88.6 |
केंद्रीय : दीनदयाल अंत्योदय योजना–राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, स्टार्ट-अप/स्टैंड-अप इंडिया, प्रधानमंत्री रोज़गार सृजन कार्यक्रम, पीएम विश्वकर्मा योजना। राज्य : मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री विश्वकर्मा युवा उद्यमी प्रोत्साहन योजना, डॉ. भीमराव अंबेडकर दलित आदिवासी उद्यम प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री विशेष योग्यजन स्वरोज़गार योजना।
राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-4 (NFHS-4, 2015-16) से NFHS-5 (2019-21) के बीच राजस्थान ने कई प्रमुख स्वास्थ्य संकेतकों में राष्ट्रीय औसत के बराबर या उससे बेहतर प्रदर्शन किया है।
| संकेतक | राज. NFHS-4 | राज. NFHS-5 | भारत NFHS-4 | भारत NFHS-5 |
|---|---|---|---|---|
| पूर्ण टीकाकरण (12-23 माह के बच्चे, %) | 54.8 | 80.4 | 62.0 | 76.4 |
| गर्भवती महिलाओं में एनीमिया (%) | 46.6 | 46.3 | 50.4 | 52.2 |
| कुल प्रजनन दर (बच्चे प्रति महिला) | 2.4 | 2.0 | 2.2 | 2.0 |
| 5 वर्ष से कम — ठिगनापन (Stunting, %) | 39.1 | 31.8 | 38.4 | 35.5 |
| 5 वर्ष से कम — दुबलापन (Wasting, %) | 23.0 | 16.8 | 21.0 | 19.3 |
| 5 वर्ष से कम — कम वज़न (Underweight, %) | 36.7 | 27.6 | 35.8 | 32.1 |
| संस्था | संख्या |
|---|---|
| अस्पताल (Hospitals) | 267 |
| सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) | 849 |
| प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) — शहरी + ग्रामीण | 2,875 |
| उप-स्वास्थ्य केंद्र (Sub-Centres) | 15,292 |
| कुल बिस्तर (Beds) | 76,720 |
| आयुष्मान आरोग्य मंदिर — 12 व्यापक प्राथमिक सेवाएँ देने वाले | 11,571 |
| शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र / शहरी PHC / शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर (राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन) | 17 / 286 / 638 |
| पद्धति | अस्पताल | औषधालय |
|---|---|---|
| आयुर्वेद | 127 ज़िला अस्पताल + 86 ब्लॉक अस्पताल | 3,575 |
| होम्योपैथी | 7 | 189 |
| यूनानी | 12 | 119 |
NFHS-5 (2019-21) : राजस्थान 30.3, भारत 35.2 → राजस्थान बेहतर। SRS बुलेटिन (2023) : राजस्थान 29, भारत 25 → राजस्थान पीछे। कारण : दोनों अलग-अलग सर्वेक्षण हैं, जिनकी पद्धति और वर्ष अलग हैं। प्रश्न में स्रोत (NFHS या SRS) और वर्ष ज़रूर देखें। मातृ मृत्यु अनुपात (SRS 2021-23) : राजस्थान 86, भारत 88 → राजस्थान बेहतर।
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| जारी | अक्टूबर 2025 — मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा (इससे पहले राज्य मंत्रिमंडल की स्वीकृति) |
| दीर्घकालिक आर्थिक लक्ष्य | वर्ष 2047 तक राजस्थान को 4.3 ट्रिलियन (लाख करोड़) अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना |
| मध्यावधि लक्ष्य | लगभग 2029-30 तक 350 अरब अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था (राजस्थान रोज़गार नीति 2026 में भी "2030 तक 350 अरब डॉलर" का उल्लेख) |
| संरचना | 13 चिन्हित क्षेत्रों के लिए अलग-अलग रोडमैप — नीतिगत निर्णय, निवेश की प्राथमिकता, संरचनात्मक बदलाव और 2047 तक के लक्ष्य |
| केंद्र में वर्ग | GYAN — ग़रीब, युवा, अन्नदाता (किसान) और नारी शक्ति |
| आर्थिक समीक्षा से संबंध | आर्थिक समीक्षा 2025-26 के 13 अध्याय इन्हीं 13 क्षेत्रों पर आधारित हैं; हर अध्याय की शुरुआत उस क्षेत्र के "दृष्टि वक्तव्य" (Vision Statement) से होती है |
| # | क्षेत्र | वर्ष 2047 तक की दृष्टि — आसान भाषा में |
|---|---|---|
| 1 | कृषि-खाद्य प्रणालियों में रूपांतरण | राजस्थान भारत का अग्रणी "कृषि पावरहाउस" बनेगा — उत्पादकता, किसानों की आय और पर्यावरणीय स्थिरता में वृद्धि; पशुधन सशक्तीकरण, सहकारिता-आधारित अर्थव्यवस्था, उन्नत कृषि-तकनीक, सूक्ष्म सिंचाई और जलवायु-अनुकूल खेती से आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था। |
परिभाषा: "वर्ष 2047 तक राजस्थान नए भारत के एक अग्रणी राज्य के रूप में उभरेगा — जिसकी पहचान समावेशी विकास, सशक्त नागरिक, विश्व-स्तरीय अवसंरचना, सतत विकास और पारदर्श शासन से होगी; जो अपनी सांस्कृतिक विरासत में जड़ें जमाए होगा और राज्य की जनता की अग्रणी भावना से प्रेरित होगा।"
विकसित राजस्थान के इस सपने को साकार करने के लिए राज्य ने "विकसित राजस्थान @2047" नाम से एक दृष्टि-दस्तावेज़ (Vision Document) तैयार किया है। यह एक दीर्घकालिक विकास रणनीति है, जो राज्य को आर्थिक समृद्धि, सतत विकास और समावेशी विकास का प्रतीक बनाने का रास्ता बताती है। यह दस्तावेज़ राष्ट्रीय लक्ष्य "विकसित भारत @2047" (स्वतंत्रता के 100 वर्ष) के अनुरूप है।
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) को मज़बूत करना नवाचार (Innovation) और उद्यमिता को बढ़ावा देना महिलाओं और युवाओं का सशक्तीकरण हरित अवसंरचना (Green Infrastructure) को बढ़ावा देना बहुमूल्य प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण
| # | क्षेत्र | वर्ष 2047 तक की दृष्टि — आसान भाषा में |
|---|---|---|
| 2 | स्वास्थ्य एवं कल्याण | सभी के लिए शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आध्यात्मिक कल्याण — सार्वभौमिक, सुलभ और एकीकृत स्वास्थ्य व्यवस्था; पारदर्श और समावेशी खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति प्रणाली। |
| 3 | शिक्षा एवं ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था | छात्र-केंद्रित, समावेशी और तकनीक-आधारित शिक्षा; आलोचनात्मक सोच, रचनात्मकता और बहु-विषयक पढ़ाई; संस्कृत का आधुनिक शिक्षा से जुड़ाव; राजस्थान को ज्ञान और शोध का केंद्र बनाना। |
| 4 | सामाजिक सशक्तीकरण एवं समावेशन | अधिक न्यायपूर्ण, समावेशी और समृद्ध राज्य — अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति और अल्पसंख्यकों का सामाजिक, राजनीतिक व आर्थिक सशक्तीकरण; महिलाओं-बच्चों के लिए सम्मान और सुरक्षा; कुशल युवा; खेलों में वैश्विक उत्कृष्टता। |
| 5 | औद्योगिक, खनन एवं आर्थिक वृद्धि | भारत का अग्रणी औद्योगिक और निवेश केंद्र — MSME पर ज़ोर, पर्यावरण-अनुकूल विनिर्माण, न्यूनतम नियामकीय बाधाएँ; विश्व-स्तर पर मान्य टिकाऊ खनन व पेट्रोलियम क्षेत्र; भविष्य के लिए तैयार कौशल व्यवस्था। |
| 6 | पर्यटन एवं सांस्कृतिक विकास | ग्रामीण पर्यटन, वैश्विक एवं पर्यावरण-पर्यटन (Eco-tourism) और सांस्कृतिक केंद्र — विरासत, आध्यात्मिक और कलात्मक अनुभव; प्राकृतिक, ऐतिहासिक व सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण। |
| 7 | आधारभूत अवसंरचना | सतत ऊर्जा, नवाचार और मज़बूत अवसंरचना में अग्रणी; सुरक्षित, कुशल और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन; हरित गतिशीलता (Green Mobility) और वैश्विक कनेक्टिविटी। |
| 8 | जल सुरक्षा एवं अनुकूलता | सुदृढ़ शासन, सतत संरक्षण और न्यायपूर्ण उपयोग से जल सुरक्षा — उपलब्धता, गुणवत्ता और जलवायु-चुनौतियों के प्रति अनुकूलन। |
| 9 | पर्यावरणीय स्थायित्व एवं जलवायु अनुकूलता | पर्यावरणीय लचीलेपन और सतत विकास में अग्रणी — वन संरक्षण, वैज्ञानिक शोध, चक्रीय अर्थव्यवस्था (Circular Economy), नवीकरणीय ऊर्जा, जैव-विविधता संरक्षण; मज़बूत आपदा प्रबंधन ढाँचा। |
| 10 | ग्रामीण विकास | सक्षम पंचायती राज संस्थाएँ — ग्रामीण समुदायों का सशक्तीकरण, समावेशी अवसंरचना, आजीविका व आय-वृद्धि, जल सुरक्षा, स्वच्छता; अंतिम लक्ष्य "ग्राम स्वराज"। |
| 11 | शहरी विकास | जीवंत, समावेशी और टिकाऊ शहर — किफ़ायती आवास, स्मार्ट टाउनशिप, कच्ची बस्तियों का रूपांतरण; 5R (कम करना, पुनः उपयोग, पुनर्चक्रण, पुनः प्राप्ति, हटाना) से स्वच्छता; हरित सार्वजनिक स्थान। |
| 12 | प्रभावी शासन एवं सार्वजनिक सेवाएँ | कुशल, पारदर्श और तकनीक-आधारित शासन में वैश्विक अग्रणी — कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), ब्लॉकचेन, डेटा विश्लेषण; स्मार्ट पुलिसिंग, साइबर सुरक्षा; नागरिक-केंद्रित सेवाएँ। |
| 13 | राजकोषीय प्रबंधन एवं आर्थिक नीति | राजस्थान को सतत वृद्धि, वित्तीय स्थिरता और नागरिक-केंद्रित शासन का आदर्श राज्य बनाना। कार्य-एजेंडा : वित्तीय स्थिरता व वृद्धि, डिजिटल रूपांतरण, समावेशी आर्थिक विकास, सतत विकास, सामाजिक सुरक्षा, दर्शिता व जवाबदेही। |
आर्थिक समीक्षा के "कार्यकारी सारांश" (Executive Summary) में हर अध्याय की सबसे ख़ास उपलब्धियाँ दी गई हैं। नीचे उन्हीं का सार है — इन सभी का विस्तार आगे के संबंधित अध्यायों में मिलेगा। (आँकड़े 2025-26, दिसंबर 2025 तक, जहाँ अलग से न लिखा हो)
| अध्याय | मुख्य तथ्य एवं आँकड़े |
|---|---|
| 1. कृषि-खाद्य प्रणाली | GSVA में कृषि का हिस्सा 25.74%; पशुधन कृषि उत्पादन का एक-तिहाई से अधिक बाजरा, राई-सरसों, कुल तिलहन और दूध उत्पादन में अग्रणी ख़रीफ़ दालें 20.52 लाख टन (+2.34%), रबी दालें 26.61 लाख टन (+22.34%) मुख्यमंत्री बीज स्वावलंबन योजना : 1.12 लाख क्विंटल बीज (लक्ष्य 1.13 लाख); 31.50 लाख निःशुल्क बीज मिनीकिट नमो ड्रोन दीदी : 1,070 कृषि ड्रोन हेतु महिला स्वयं सहायता समूहों को 3% ब्याज अनुदान केंद्रीय सहकारी बैंक : 30.45 लाख किसानों को ₹18,085.89 करोड़ ऋण; फ़सल बीमा दावे लगभग ₹6,206.61 करोड़ राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन : 2,000 क्लस्टर, 2.50 लाख किसान, 1 लाख हेक्टेयर पीएम धन-धान्य कृषि योजना : बाड़मेर, जैसलमेर, पाली, नागौर, जोधपुर, बीकानेर, चूरू, जालोर पीएम सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन (PM-FME) : 8 ज़िलों में 8 इनक्यूबेशन केंद्र (₹23.11 करोड़); 414 इकाइयों को ₹23.54 करोड़ अनुदान मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा : 10.63 लाख पशु, 5.54 लाख परिवार; 1 दिसंबर 2025 से देशी पशुओं का 100% प्रीमियम राज्य देगा; लक्ष्य 42 लाख पशु राज सरस सुरक्षा कवच बीमा (1 फ़रवरी 2025 से) : दुग्ध उत्पादकों को ₹5 लाख दुर्घटना बीमा; 1.12 लाख बीमित |
| 2. स्वास्थ्य एवं कल्याण | मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना : 1.36 करोड़ परिवार, ₹25 लाख तक कैशलेस इलाज, 2,179 पैकेज; 15.33 लाख रोगी, ₹1,919 करोड़ दावे राजस्थान सरकारी स्वास्थ्य योजना (RGHS) : 13.65 लाख सरकारी परिवार, ₹2,441 करोड़, 92.76 लाख दावे निःशुल्क निरोगी राजस्थान (दवा) : 15.73 करोड़ रोगी, ₹1,312 करोड़; निःशुल्क जाँच 13.55 करोड़ कर्मचारी राज्य बीमा : 67.44 लाख बीमित व्यक्ति आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन : 6.52 करोड़ ABHA ID, 2.38 करोड़ स्वास्थ्य रिकॉर्ड जुड़े; ई-संजीवनी से 20.33 लाख परामर्श मिशन मधुनेत्र (AI से डायबिटिक रेटिनोपैथी जाँच) व मिशन मधुहरि (टाइप-1 डायबिटीज़ के 1,700+ रोगियों को निःशुल्क इंसुलिन) सिलिकोसिस नीति : 20,478 पीड़ितों को ₹614.86 करोड़; 54,022 आशा सहयोगिनी 108 एंबुलेंस (3.19 लाख कॉल), 104 जननी एक्सप्रेस (13,984 मातृ परिवहन) "शुद्ध आहार मिलावट पर वार" अभियान : 38,647 नमूनों की जाँच; अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर 1.38 करोड़ प्रतिभागी |
| 3. शिक्षा | राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप सुधार; समग्र शिक्षा अभियान (पूर्व-प्राथमिक से वरिष्ठ माध्यमिक तक) निपुण भारत मिशन : कक्षा 1-5 के 35 लाख से अधिक विद्यार्थ लाभान्वित मुख्यमंत्री शिक्षित राजस्थान अभियान; प्रखर राजस्थान 2.0, निपुण राजस्थान अभियान, मेगा अभिभावक-शिक्षक बैठक 639 पीएम श्री विद्यालय (लगभग 2.96 लाख विद्यार्थ) व्यावसायिक शिक्षा 4,000 से अधिक विद्यालयों में; छात्रवृत्ति, निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें, साइकिल, टैबलेट, परिवहन वाउचर |
| 4. सामाजिक सशक्तीकरण | लाडो प्रोत्साहन योजना : प्रति बालिका ₹1.50 लाख, 7 किस्तों में; 3.27 लाख बालिकाएँ, ₹217.63 करोड़ समेकित बाल विकास सेवाएँ : 27.64 लाख बच्चे, 2.89 लाख गर्भवती व 2.84 लाख धात्री महिलाओं को पोषण राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम : अधिकतम सीमा 4.46 करोड़, लाभार्थ 4.38 करोड़ (1 दिसंबर 2025) पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना : 18.73 लाख मी. टन गेहूँ उठाव, 18.76 लाख मी. टन वितरण दिव्यांगजनों के लिए समान अवसर नीति 2025; जन आधार व प्रत्यक्ष लाभ अंतरण से दर्शिता |
| अध्याय | मुख्य तथ्य एवं आँकड़े |
|---|---|
| 5. उद्योग, खनन एवं रोज़गार | राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना (RIPS) 2024 : 3,914 इकाइयों को पात्रता प्रमाण-पत्र, लगभग ₹1.65 लाख करोड़ का प्रस्तावित निवेश MSME नीति 2024 : 343 इकाइयों को ₹188.92 लाख सहायता; MSME सुविधा अधिनियम 2019 के तहत 2025 में 1,405 पावती प्रमाण-पत्र एकीकृत क्लस्टर विकास योजना 2024 व एक ज़िला एक उत्पाद नीति 2024 : 272 इकाइयों को ₹11.5 करोड़ से अधिक सहायता निर्यात 2024-25 : ₹97,171.66 करोड़ रोज़गार नीति 2026 : श्रम बल भागीदारी दर 64.4%, बेरोज़गारी दर 4.2%; मार्च 2029 तक 15 लाख रोज़गार अवसर मुख्यमंत्री युवा स्वरोज़गार योजना (15 जनवरी 2026) : 18-45 वर्ष के 1 लाख युवाओं को ब्याज-मुक्त ऋण |
| 6. पर्यटन एवं संस्कृति | पर्यटन नीति 2025 व फ़िल्म पर्यटन प्रोत्साहन नीति 2025; पर्यटन क्षेत्र को उद्योग का दर्जा राजस्थान पर्यटन अवसंरचना एवं क्षमता निर्माण कोष (मार्च 2025) — बड़े पर्यटन अवसंरचना कार्यों के लिए; 2025-26 में ₹276 करोड़ के 88 कार्य स्वीकृत |
| 7. आधारभूत अवसंरचना | स्थापित बिजली क्षमता : 27,283.83 मेगावाट (मार्च 2025) → 31,556.43 मेगावाट (दिसंबर 2025) सौर 9,898 मेगावाट + पवन 4,416.12 मेगावाट = कुल क्षमता का 45.36% बिजली उपभोक्ता 202.78 लाख; 70,566 कृषि कनेक्शन; किसानों को ₹14,612.19 करोड़ टैरिफ़ सब्सिडी पीएम-कुसुम घटक-A : 364 सौर संयंत्र (468.75 मेगावाट); पीएम सूर्य घर : 1.22 लाख उपभोक्ता, 493 मेगावाट रूफ़टॉप सड़क घनत्व 97.97 कि.मी. प्रति 100 वर्ग कि.मी.; 91.68% गाँव (39,666) सड़क से जुड़े (मार्च 2025) पीएम ग्राम सड़क योजना-III : 8,560.07 कि.मी. सड़कें उन्नत; अटल प्रगति पथ : 78 में से पहले चरण में 35 पूर्ण सार्वजनिक-निजी भागीदारी : 210 परियोजनाएँ पूर्ण (₹22,196.46 करोड़), 24 क्रियान्वयनाधीन, 35 योजना-स्तर पर |
| 8. जल सुरक्षा | राजस्थान के पास देश का 10.41% भू-भाग पर केवल 1.16% जल संसाधन नई सिंचाई क्षमता 23,320 हेक्टेयर (₹2,765.05 करोड़, इंदिरा गांधी नहर को छोड़कर); 6 वृहद, 5 मध्यम, 34 लघु परियोजनाएँ जारी संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक : 17 ज़िलों को पेयजल, 2.51 लाख हेक्टेयर नई सिंचाई इंदिरा गांधी नहर परियोजना : 16.17 लाख हेक्टेयर कृषि-योग्य कमांड क्षेत्र जल जीवन मिशन : ₹93,427 करोड़ स्वीकृत, 62.40 लाख घरों में नल कनेक्शन (लक्ष्य 2028); अमृत 2.0 : 183 नगरीय निकाय मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान 2.0 : दूसरे चरण में 20,000 गाँवों में 26,059 कार्य |
| 9. पर्यावरण | "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान : 8.21 करोड़ पौधे एकीकृत स्वच्छ ऊर्जा नीति 2024; वाहन स्क्रैपिंग नीति 2025 राजस्थान सतत विकास लक्ष्य स्थिति रिपोर्ट 2025 (7वाँ संस्करण, राज्य संकेतक ढाँचा 3.0) : 188 संकेतकों में से 33 का लक्ष्य प्राप्त, 63 सही दिशा में |
| 10. ग्रामीण विकास | राजीविका के माध्यम से स्वयं सहायता समूह; 37,369 पशु सखी व 36,787 कृषि सखी पीएम आवास योजना-ग्रामीण : 1.08 लाख नए घर; पं. दीनदयाल उपाध्याय गरीबी मुक्त गाँव योजना : 22 लाख BPL परिवारों का लक्ष्य स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण)-II : 1.05 लाख शौचालय, 414 ODF प्लस मॉडल गाँव स्वामित्व योजना : 4.13 लाख संपत्ति कार्ड; 1,607 अटल ज्ञान केंद्रों की वित्तीय स्वीकृति |
| अध्याय | मुख्य तथ्य एवं आँकड़े |
|---|---|
| 11. शहरी विकास | ट्रांज़िट उन्मुख विकास नीति 2025 (10 दिसंबर 2025); टाउनशिप नीति 2024 (17 जुलाई 2025 को अधिसूचित); भूमि आवंटन नीति 2025 पीएम आवास योजना-शहरी 1.0 : 2.7 लाख से अधिक स्वीकृत, 2.3 लाख से अधिक पूर्ण स्मार्ट सिटी मिशन (जयपुर, उदयपुर, कोटा, अजमेर) : ₹4,000 करोड़ प्रावधान, लगभग ₹3,862 करोड़ व्यय श्री अन्नपूर्णा रसोई : ₹8 प्रति थाली (राज्य अनुदान ₹22), लगभग 11 करोड़ थालियाँ शहरी राजस्थान के लगभग 68.9% मकान "अच्छी" स्थिति में |
| 12. प्रभावी शासन | जन आधार : 2.06 करोड़ परिवार, 7.95 करोड़ व्यक्ति; 165+ योजनाओं में ₹1.29 लाख करोड़ से अधिक प्रत्यक्ष लाभ अंतरण राजस्थान संपर्क (181) : 2025 में 33.88 लाख शिकायतें, 98% से अधिक निस्तारित 78,000 ई-मित्र; जन सूचना पोर्टल : 117 विभाग, 351 योजनाएँ राज-काज में 42 लाख ई-फ़ाइलें; राज ई-साइन से प्रतिदिन 70,000+ दस्तावेज़; अभय कमांड सेंटर : 26 ज़िलों में 25,159 कैमरे AI/ML नीति 2026 (6 जनवरी 2026); AVGC-XR नीति 2024; पंच गौरव कार्यक्रम |
| 13. राजकोषीय प्रबंधन | GSDP ₹18.75 लाख करोड़ (+10.24%); प्रति व्यक्ति आय ₹2,02,349 (+9.32%) GSVA : सेवा 47.71% > उद्योग 26.55% > कृषि 25.74% थोक मूल्य सूचकांक +1.13% (2025); बैंक ऋण-जमा अनुपात 89.61% |
| नीति | मुख्य उद्देश्य (संक्षेप में) |
|---|---|
| राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना (RIPS) 2024 | देशी-विदेशी निवेश आकर्षित करना, हरित व तकनीक-आधारित उद्योग, रोज़गार |
| MSME नीति 2024 | प्रतिस्पर्ध, समावेशी और तकनीक-सक्षम सूक्ष्म-लघु-मध्यम उद्यम |
| एक ज़िला एक उत्पाद (ODOP) नीति 2024 | क्षेत्रीय विशेषज्ञता वाले उत्पादों को बढ़ावा |
| निर्यात संवर्धन नीति 2024 | विपणन, तकनीकी उन्नयन और प्रमाणन में सहायता |
| खनिज नीति 2024 व एम-सैंड नीति 2024 | टिकाऊ व पारदर्श खनिज विकास; बजरी का विकल्प (निर्मित रेत) |
| एकीकृत क्लस्टर विकास योजना 2024 | क्लस्टर-आधारित औद्योगिक विकास |
| एकीकृत स्वच्छ ऊर्जा नीति 2024 | नवीकरणीय ऊर्जा व भंडारण; राष्ट्रीय 500 गीगावाट लक्ष्य के अनुरूप |
| AVGC-XR नीति 2024 | एनिमेशन, विज़ुअल इफ़ेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स व विस्तारित वास्तविकता उद्योग |
| टाउनशिप नीति 2024 | बड़ी, आत्मनिर्भर टाउनशिप; संतुलित शहरी विस्तार (17 जुलाई 2025 को अधिसूचित) |
| लॉजिस्टिक्स नीति 2025 | परिवहन-भंडारण की लागत घटाना, आपूर्ति शृंखला मज़बूत करना |
| वस्त्र एवं परिधान नीति 2025 | राज्य को वस्त्र-परिधान का वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनाना |
| व्यापार संवर्धन नीति 2025 | छोटे व्यापारियों को ऋण, बीमा, ई-कॉमर्स; महिला व SC/ST उद्यमियों को विशेष प्रोत्साहन |
पिछले दो वर्षा में राज्य सरकार ने निवेश, रोज़गार, ऊर्जा और शासन से जुड़ी कई नई नीतियाँ जारी की हैं। परीक्षा में इनके नाम और वर्ष से सीधे प्रश्न बनते हैं।
| नीति | मुख्य उद्देश्य (संक्षेप में) |
|---|---|
| अप्रवासी राजस्थानी नीति 2025 | प्रवासी राजस्थानियों से निवेश, व्यापार, नवाचार और परोपकारी योगदान |
| डेटा सेंटर नीति 2025 | राजस्थान को डेटा सेंटर का पसंदीदा गंतव्य बनाना |
| वैश्विक क्षमता केंद्र (GCC) नीति 2025 | बहुराष्ट्रीय कंपनियों के क्षमता केंद्र आकर्षित करना, उच्च-मूल्य रोज़गार |
| कौशल नीति 2025 | माँग-आधारित कौशल, पुनः-कौशल व कौशल उन्नयन |
| सिटी गैस वितरण नीति 2025 | घरों, परिवहन व उद्योगों तक स्वच्छ प्राकृतिक गैस |
| पर्यटन नीति 2025 | पूँजी अनुदान, SGST पुनर्भरण, ब्याज अनुदान, स्टांप शुल्क छूट |
| फ़िल्म पर्यटन प्रोत्साहन नीति 2025 | राजस्थान को फ़िल्म-निर्माण का राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय केंद्र बनाना |
| वाहन स्क्रैपिंग नीति 2025 | पुराने वाहनों से प्रदूषण घटाना, चक्रीय अर्थव्यवस्था |
| ट्रांज़िट उन्मुख विकास (TOD) नीति 2025 | भूमि-उपयोग और सार्वजनिक परिवहन का एकीकरण (10 दिसंबर 2025) |
| भूमि आवंटन नीति 2025 | निजी निवेशकों, संस्थाओं, विभागों आदि को भूमि आवंटन के प्रावधान |
| दिव्यांगजनों के लिए समान अवसर नीति 2025 | सरकारी कार्यालयों में दिव्यांग कर्मियों को समान अवसर |
| रोज़गार नीति 2026 | मार्च 2029 तक 15 लाख रोज़गार अवसर |
| युवा नीति 2026 | शिक्षा, कौशल, उद्यमिता और नेतृत्व से युवा सशक्तीकरण |
| AI/ML नीति 2026 | कृत्रिम बुद्धिमत्ता से सार्वजनिक सेवाओं का आधुनिकीकरण (6 जनवरी 2026) |
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| पाँच तत्व | (1) एक ज़िला-एक उत्पाद, (2) एक ज़िला-एक फ़सल, (3) एक ज़िला-एक वनस्पति प्रजाति, (4) एक ज़िला-एक खेल, (5) एक ज़िला-एक पर्यटन स्थल |
| शुरुआत | आर्थिक समीक्षा के अनुसार वर्ष 2025-26 में शुरू; राज्य सरकार के पहले वर्ष के अवसर (दिसंबर 2024) पर इसकी घोषणा हुई थी |
| राज्य-स्तरीय समिति | अध्यक्ष — मुख्य सचिव |
| ज़िला-स्तरीय समिति | अध्यक्ष — ज़िला कलेक्टर |
| बजट (2025-26) | ₹100 करोड़ |
| # | ज़िला | फ़सल | वनस्पति प्रजाति | उत्पाद | पर्यटन स्थल | खेल |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 1 | अजमेर | गुलाब | नीम | ग्रेनाइट व मार्बल उत्पाद | पुष्कर तीर्थ | कबड्डी |
"पंच गौरव" कार्यक्रम का उद्देश्य हर ज़िले को एक अनोखी पहचान देना है। हर ज़िले की क्षमता और विशेषता के आधार पर पाँच तत्व चुने गए हैं, ताकि उनके संरक्षण, प्रचार और विकास से ज़िले को मज़बूत सांस्कृतिक और आर्थिक पहचान मिले।
| # | ज़िला | फ़सल | वनस्पति प्रजाति | उत्पाद | पर्यटन स्थल | खेल |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 2 | अलवर | प्याज़ | अर्जुन | ऑटोमोबाइल पुर्जे | सरिस्का बाघ अभयारण्य | कुश्ती |
| 3 | बालोतरा | अनार | रोहिड़ा | वस्त्र उत्पाद | नाकोड़ा जैन मंदिर | क्रिकेट |
| 4 | बाँसवाड़ा | आम | सागवान | मार्बल उत्पाद | त्रिपुरा सुंदरी मंदिर | तीरंदाज़ी |
| 5 | बाराँ | लहसुन | चिरौंजी | लहसुन उत्पाद | रामगढ़ क्रेटर | फ़ुटबॉल |
| 6 | बाड़मेर | ईसबगोल | रोहिड़ा | कशीदाकारी | किराडू मंदिर | बास्केटबॉल |
| 7 | ब्यावर | गेहूँ | करंज | क्वाट्ज़ व फ़ेल्डस्पार पाउडर | टॉडगढ़ | हॉकी |
| 8 | भरतपुर | शहद | कदंब | कृषि-आधारित उत्पाद | केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान | कुश्ती |
| 9 | भीलवाड़ा | संतरा | अर्जुन | वस्त्र उत्पाद | मांडलगढ़ किला | बास्केटबॉल |
| 10 | बीकानेर | मोठ | रोहिड़ा | बीकानेरी नमकीन | करणी माता मंदिर | तीरंदाज़ी |
| 11 | बूँदी | चावल | धोक | बलुआ पत्थर (सैंडस्टोन) | रामगढ़ विषधारी अभयारण्य | कबड्डी |
| 12 | चित्तौड़गढ़ | सीताफल | बिल्वपत्र | ग्रेनाइट व मार्बल उत्पाद | चित्तौड़गढ़ किला | कबड्डी |
| 13 | चूरू | एलोवेरा (ग्वारपाठा) | खेजड़ी | काष्ठ (लकड़ी) उत्पाद | सालासर बालाजी मंदिर | एथलेटिक्स |
| 14 | दौसा | सौंफ | ढाक (पलाश) | पत्थर उत्पाद | मेहंदीपुर बालाजी मंदिर | फ़ुटबॉल |
| 15 | डीडवाना-कुचाम न | प्याज़ | खेजड़ी | मार्बल व ग्रेनाइट उत्पाद | डीडवाना झील | बास्केटबॉल |
| 16 | डीग | सरसों | अर्जुन | पत्थर-आधारित उत्पाद | डीग महल | कुश्ती |
| 17 | धौलपुर | आलू | करंज | पत्थर-आधारित उत्पाद | मचकुंड | हॉकी |
| 18 | डूँगरपुर | आम | सागवान | मार्बल उत्पाद | बेणेश्वर धाम | हॉकी |
| 19 | हनुमानगढ़ | किन्नू | शीशम | कृषि-आधारित उत्पाद | गोगामेड़ी मंदिर | हॉकी |
| 20 | जयपुर | आँवला | लिसोड़ा | रत्न एवं आभूषण | आमेर किला | कबड्डी |
| 21 | जैसलमेर | खजूर | जाल | पीले पत्थर के उत्पाद | जैसलमेर किला | जिम्नास्टिक्स |
| 22 | जालोर | अनार | जाल | ग्रेनाइट उत्पाद | सुंधा माता मंदिर | मुक्केबाज़ी |
| 23 | झालावाड़ | संतरा | सागवान | कोटा स्टोन उत्पाद | गागरोन किला | बास्केटबॉल |
| 24 | झुंझुनूँ | सरसों | नीम | लकड़ी के हस्तशिल्प | लोहार्गल तीर्थ | बास्केटबॉल |
| 25 | जोधपुर | जीरा | जाल | लकड़ी का फ़र्नचर | मेहरानगढ़ किला | जिम्नास्टिक्स |
| 26 | करौली | तिल | बरगद | बलुआ पत्थर उत्पाद | कैला देवी मंदिर | क्रिकेट |
| 27 | खैरथल-तिजारा | प्याज़ | शीशम | ऑटोमोबाइल पुर्जे | तिजारा जैन मंदिर | कुश्ती |
| # | ज़िला | फ़सल | वनस्पति प्रजाति | उत्पाद | पर्यटन स्थल | खेल |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 28 | कोटा | धनिया | खैर | कोटा डोरिया | चंबल रिवर फ़्रंट | कुश्ती |
| 29 | कोटपूतली-बहरो ड़ | गाजर | गुग्गल | ऑटोमोबाइल पुर्जे | बैराठ | कुश्ती |
| 30 | नागौर | मूँग | खेजड़ी | पान मेथी व मसाला प्रसंस्करण | मीराबाई स्मारक | कबड्डी |
| 31 | पाली | मेहंदी | नीम | वस्त्र उत्पाद | रणकपुर जैन मंदिर | बास्केटबॉल |
| 32 | फलौदी | जीरा | जाल | सोनामुखी उत्पाद | खींचन | एथलेटिक्स |
| 33 | प्रतापगढ़ | कलौंजी | तेंदू | थेवा आभूषण | सीतामाता वन्यजीव अभयारण्य | तीरंदाज़ी |
| 34 | राजसमंद | सीताफल | नीम | ग्रेनाइट व मार्बल उत्पाद | कुंभलगढ़ किला | हॉकी |
| 35 | सलूंबर | मक्का | पलाश | क्वाट्ज़ | जयसमंद झील | कबड्डी |
| 36 | सवाई माधोपुर | अमरूद | नीम | मार्बल उत्पाद | रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान | फ़ुटबॉल |
| 37 | सीकर | प्याज़ | अरडू | लकड़ी का फ़र्नचर | खाटूश्यामजी मंदिर | बास्केटबॉल |
| 38 | सिरोही | सौंफ | महुआ | मार्बल उत्पाद | दिलवाड़ा जैन मंदिर | तीरंदाज़ी |
| 39 | श्रीगंगानगर | किन्नू | शीशम | सरसों का तेल | बुड्ढा जोहड़ | एथलेटिक्स |
| 40 | टोंक | सरसों | अमलतास | स्लेट पत्थर उत्पाद | डिग्गी कल्याणजी | एथलेटिक्स |
| 41 | उदयपुर | सीताफल | महुआ | मार्बल व ग्रेनाइट उत्पाद | फ़तेहसागर व पिछोला झील | तैराकी |
प्याज़ — अलवर, डीडवाना-कुचामन, खैरथल-तिजारा, सीकर (4 ज़िले) | सरसों — डीग, झुंझुनूँ, टोंक | सीताफल — चित्तौड़गढ़, राजसमंद, उदयपुर जीरा — जोधपुर, फलौदी | किन्नू — हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर | अनार — बालोतरा, जालोर | आम — बाँसवाड़ा, डूँगरपुर | संतरा — भीलवाड़ा, झालावाड़ | सौंफ — दौसा, सिरोही वनस्पति : नीम — अजमेर, झुंझुनूँ, पाली, राजसमंद, सवाई माधोपुर | जाल — जैसलमेर, जालोर, जोधपुर, फलौदी | खेजड़ी — चूरू, डीडवाना-कुचामन, नागौर | रोहिड़ा — बालोतरा, बाड़मेर, बीकानेर उत्पाद : ऑटोमोबाइल पुर्जे — अलवर, खैरथल-तिजारा, कोटपूतली-बहरोड़ | ख़ास उत्पाद — जयपुर (रत्न-आभूषण), कोटा (कोटा डोरिया), प्रतापगढ़ (थेवा), बीकानेर (नमकीन), बाड़मेर (कशीदाकारी) खेल : तैराकी केवल उदयपुर | मुक्केबाज़ी केवल जालोर | जिम्नास्टिक्स — जैसलमेर, जोधपुर | क्रिकेट — बालोतरा, करौली
| # | योजना | विभाग | अध्याय |
|---|---|---|---|
| 1 | प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन | चिकित्सा एवं स्वास्थ्य | 2 |
| 2 | मुख्यमंत्री शिक्षित राजस्थान अभियान | स्कूल शिक्षा | 3 |
| 3 | लाडो प्रोत्साहन योजना | महिला अधिकारिता | 4 |
| 4 | नए परिवारों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम से लाभ | खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति | 4 |
| 5 | पीएम विश्वकर्मा योजना | उद्योग | 5 |
| 6 | कुसुम योजना — घटक B एवं C | ऊर्जा | 7 |
| 7 | संशोधित वितरण क्षेत्र योजना (RDSS) | ऊर्जा | 7 |
| 8 | प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना | सार्वजनिक निर्माण | 7 |
| 9 | अटल प्रगति पथ | सार्वजनिक निर्माण | 7 |
| 10 | प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना | कृषि एवं उद्यानिकी | 8 |
| 11 | कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान | भूजल | 8 |
| 12 | जल जीवन मिशन | जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी | 8 |
| 13 | अमृत योजना | जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी | 8 |
| 14 | पंच गौरव योजना | आयोजना | 9, 12 |
| 15 | नमो ड्रोन दीदी, सोलर दीदी, लखपति दीदी, बैंक सखी, कृषि सखी एवं पशु सखी | ग्रामीण विकास | 10 |
| 16 | प्रधानमंत्री आवास योजना — ग्रामीण | ग्रामीण विकास | 10 |
| 17 | पंडित दीनदयाल उपाध्याय गरीबी मुक्त गाँव योजना | ग्रामीण विकास | 10 |
| 18 | स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) | पंचायती राज | 10 |
| 19 | स्वामित्व योजना | पंचायती राज | 10 |
| 20 | मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान 2.0 | ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज | 8, 10 |
| 21 | अटल ज्ञान केंद्र | पंचायती राज | 10 |
| 22 | मुख्यमंत्री स्वनिधि योजना | स्वायत्त शासन | 11 |
| 23 | स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) | स्वायत्त शासन | 11 |
| 24 | प्रधानमंत्री आवास योजना — शहरी | स्वायत्त शासन | 11 |
ये वे बड़ी योजनाएँ हैं, जिन पर राज्य सरकार का विशेष ध्यान है। तालिका में संबंधित विभाग और आर्थिक समीक्षा का वह अध्याय दिया गया है, जहाँ इनका विस्तार मिलेगा।
| पाठ्यक्रम का विषय | संबंधित अध्याय |
|---|---|
| अर्थव्यवस्था का वृहद परिदृश्य और राज्य बजट | अध्याय 13 — राजकोषीय प्रबंधन एवं आर्थिक नीति; राजस्थान बजट 2026-27; अध्याय 0 |
| कृषि, उद्योग और सेवा क्षेत्र की मौजूदा स्थिति, मुद्दे और सरकारी पहल | अध्याय 1 — कृषि-खाद्य; अध्याय 5 — उद्योग, खनन; अध्याय 6 — पर्यटन |
| आधारभूत संरचना का विकास : ऊर्जा, परिवहन और संचार | अध्याय 7 — आधारभूत अवसंरचना |
| ग्रामीण विकास, पंचायती राज और राज्य वित्त आयोग | अध्याय 10 — ग्रामीण विकास |
| मूलभूत सामाजिक सेवाएँ — शिक्षा और स्वास्थ्य | अध्याय 3 — शिक्षा; अध्याय 2 — स्वास्थ्य |
| राजस्थान सरकार की मुख्य कल्याणकारी योजनाएँ | अध्याय 4 — सामाजिक सशक्तीकरण; सभी अध्यायों की योजनाएँ |
| पाठ्यक्रम का विषय | संबंधित अध्याय |
|---|---|
| 1. आर्थिक संवृद्धि के संकेतक — राज्य घरेलू उत्पाद, प्रति व्यक्ति आय, समावेशी संवृद्धि; विकसित राजस्थान 2047; हरित संवृद्धि व पर्यावरणीय संधारणीयता; सतत विकास लक्ष्यों में राजस्थान की स्थिति | अध्याय 0; अध्याय 13; अध्याय 9 — पर्यावरणीय स्थायित्व |
| 2. राज्य बजट, राजकोषीय प्रबंधन और बजट घाटा | अध्याय 13; राजस्थान बजट 2026-27 |
| 3. कृषि विकास — उत्पादन व उत्पादकता; जल संसाधन व सिंचाई; पशुपालन व सहायक गतिविधियाँ; कृषि विपणन; किसान कल्याण योजनाएँ | अध्याय 1 — कृषि-खाद्य; अध्याय 8 — जल सुरक्षा |
| 4. ग्रामीण विकास व ग्रामीण आधारभूत संरचना; पंचायती राज संस्थाएँ और राज्य वित्त आयोग | अध्याय 10 — ग्रामीण विकास |
| 5. औद्योगिक विकास हेतु संस्थागत तंत्र; निवेश प्रोत्साहन नीति; MSME का महत्व व नीतिगत पहल; पेट्रोलियम और तेल संसाधन | अध्याय 5 — उद्योग, खनन एवं आर्थिक वृद्धि |
| 6. आधारभूत संरचना — ऊर्जा व परिवहन; सार्वजनिक-निजी भागीदारी परियोजनाएँ; बाहरी सहायता से वित्त-पोषित परियोजनाएँ | अध्याय 7 — आधारभूत अवसंरचना |
| 7. मानव संसाधन विकास — स्वास्थ्य और शिक्षा; बेरोज़गारी, गरीबी और रोज़गार सृजन | अध्याय 2; अध्याय 3; अध्याय 5 (रोज़गार भाग) |
| 8. सुशासन और सार्वजनिक सेवाओं के प्रभावी वितरण हेतु डिजिटल रूपांतरण | अध्याय 12 — प्रभावी शासन |
| 9. SC/ST/OBC, अल्पसंख्यक, दिव्यांगजन, निराश्रित, महिला, बच्चे और वृद्धजन के कल्याण की योजनाएँ | अध्याय 4 — सामाजिक सशक्तीकरण; सभी अध्यायों की योजनाएँ |
राजस्थान की अर्थव्यवस्था RAS प्रारंभिक और मुख्य — दोनों परीक्षाओं का महत्वपूर्ण भाग है। नीचे दी गई तालिका बताती है कि पाठ्यक्रम का कौन-सा विषय आर्थिक समीक्षा के किस अध्याय से पढ़ना है।
प्रारंभिक परीक्षा के लिए — आँकड़े, वर्ष, नीतियों के नाम और रैंक/क्रम (जैसे GSVA का क्रम, CPI-IW केंद्र, पंच गौरव) पर ज़ोर दें। मुख्य परीक्षा के लिए — रुझान और कारण (जैसे कृषि वृद्धि 0.22% क्यों रही, PCI का अंतर क्यों घट रहा है, ऋण-जमा अनुपात ऊँचा होने का अर्थ) को अपने शब्दों में लिखने का अभ्यास करें।
सभी 15 अध्याय, 50+ प्रामाणिक तालिकाएँ, 100+ इन्फोग्राफिक्स, बजट 2026-27 और 41 जिलों के पंच गौरव का संपूर्ण संकलन एक ही रंगीन HD प्रिंटेबल PDF में प्राप्त करें।
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