📋 इस अध्याय में
- परिचय (Introduction)
- निर्वाचन-मंडल (Electoral College)
- मतों का मूल्य — सूत्र (Value of Votes Formula)
- निर्वाचन विधि, Quota और विवाद
- Table 18.1 — राष्ट्रपति चुनाव 1952-2022 (16 चुनाव)
- योग्यताएँ (Qualifications)
- शपथ और पुष्टि (Oath or Affirmation)
- पद की शर्तें, वेतन और उन्मुक्ति (Conditions, Salary & Immunity)
- कार्यकाल (Term of Office)
- महाभियोग (Impeachment of President)
- रिक्ति एवं Acting President की श्रृंखला (Vacancy)
- कार्यकारी शक्तियाँ — 12 (Executive Powers)
- विधायी शक्तियाँ — 13 (Legislative Powers)
- वित्तीय + न्यायिक + राजनयिक + सैन्य + आपातकाल शक्तियाँ
- राष्ट्रपति की वीटो शक्ति (Veto Power)
- राज्य विधायन पर राष्ट्रपति का वीटो (Art. 200-201)
- अध्यादेश-निर्माण शक्ति (Ordinance-Making Power — Art. 123)
- क्षमादान की शक्ति (Pardoning Power — Art. 72)
- संवैधानिक स्थिति (Constitutional Position of President)
- भारतीय बनाम अमेरिकी राष्ट्रपति (India vs USA President)
1परिचय (Introduction)
| विषय | विवरण |
|---|
| पद | भारत के राज्य का प्रधान (Head of State); भारत का प्रथम नागरिक (First Citizen); राष्ट्र की एकता, अखंडता और एकजुटता का प्रतीक |
| अनुच्छेद और भाग | भाग V (Part V) | अनुच्छेद 52-78 |
| संघ कार्यपालिका | राष्ट्रपति + उपराष्ट्रपति + PM + मंत्रिपरिषद + Attorney General — ये सभी संघ कार्यपालिका में शामिल |
| संवैधानिक स्थिति | नाममात्र/औपचारिक/De Jure कार्यपालिका; वास्तविक कार्यपालिका = PM की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद |
| Dr. Ambedkar का कथन | "राष्ट्रपति इंग्लैंड के King जैसा है — वह राज्य का प्रधान है, सरकार का नहीं। वह राष्ट्र का प्रतिनिधित्व करता है लेकिन शासन नहीं चलाता।" |
2निर्वाचन-मंडल (Electoral College)
Electoral College में शामिल
- दोनों सदनों के निर्वाचित सदस्य (Parliament)
- राज्य विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य (State MLAs)
- दिल्ली और पुदुचेरी विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य [70वाँ संशोधन 1992 — 1 जून 1995 से]
Electoral College में शामिल नहीं
- संसद के मनोनीत सदस्य
- राज्य विधानसभाओं के मनोनीत सदस्य
- राज्य विधान परिषदों के सभी सदस्य (निर्वाचित और मनोनीत — दोनों)
- पुदुचेरी विधानसभा के मनोनीत सदस्य
104वाँ संशोधन 2019: Anglo-Indian community की Lok Sabha और State Assemblies में मनोनीत सीटें बंद (25 जनवरी 2020 से); अतः Electoral College में अब ये मनोनीत सदस्य नहीं।
महत्वपूर्ण: यदि कोई विधानसभा भंग हो और नए चुनाव न हुए हों — उस भंग विधानसभा के सदस्य राष्ट्रपति चुनाव में मतदान नहीं कर सकते।
3मतों का मूल्य — सूत्र (Value of Votes Formula)
| सूत्र (Formula) | विवरण (Description) |
|---|
| MLA के एक मत का मूल्य | राज्य की जनसंख्या (1971 Census) ÷ (निर्वाचित MLAs की संख्या × 1000) = MLA का मत-मूल्य (हजार का गुणज); जैसे UP: 83,849,905 ÷ (403 × 1000) = 208 |
| MP के एक मत का मूल्य | सभी राज्यों के MLAs के कुल मत-मूल्य ÷ संसद के कुल निर्वाचित सदस्य; 2022 में: 5,43,231 ÷ 776 = 700 |
| 84वाँ संशोधन 2001 | जनसंख्या = 1971 Census (2026 के बाद पहली Census के आँकड़े प्रकाशित होने तक) |
| 2022 के आँकड़े | MLAs (4033) का कुल मत-मूल्य = 5,43,231 | MPs (776) का कुल मत-मूल्य = 5,43,200 | Grand Total = 10,86,431 |
| Uniformity और Parity | राज्यों के बीच प्रतिनिधित्व की एकरूपता (Uniformity) + राज्यों और केंद्र के बीच समानता (Parity) सुनिश्चित करना |
4निर्वाचन विधि, Quota और विवाद
| पहलू | विवरण |
|---|
| निर्वाचन विधि | आनुपातिक प्रतिनिधित्व (Proportional Representation) + एकल हस्तांतरणीय मत (Single Transferable Vote) + गुप्त मतदान (Secret Ballot) |
| Quota सूत्र | Quota = कुल वैध मत ÷ 2 + 1 (अर्थात् — उम्मीदवार को पूर्ण बहुमत प्राप्त करना होगा) |
| मतदान प्रक्रिया | प्रत्येक सदस्य को एक ही Ballot Paper; वरीयताएँ 1, 2, 3... अंकित; Transfer of Votes — कम मत पाने वाले की Ballots cancel → 2nd preference transfer |
| विवाद निपटारा | सभी विवाद — SC द्वारा; SC का निर्णय अंतिम; अपूर्ण Electoral College पर Election challenge नहीं; void घोषित होने तक के कार्य valid |
| अप्रत्यक्ष निर्वाचन के कारण | (a) Parliamentary System में राष्ट्रपति नाममात्र Executive — Direct Election अनावश्यक; (b) विशाल मतदाता-सूची — खर्चीला और समय-खपत; (c) केवल Parliament से चुनाव होता तो एकदलीय बहुमत — राज्यों का प्रतिनिधित्व नहीं |
5Table 18.1 — राष्ट्रपति चुनाव 1952-2022 (16 चुनाव)
| क्र. | वर्ष | विजयी राष्ट्रपति | मुख्य प्रतिद्वंद्वी | उल्लेखनीय बात |
|---|
| 1 | 1952 | Dr. राजेन्द्र प्रसाद (83.81%) | K.T. Shah | प्रथम राष्ट्रपति |
| 2 | 1957 | Dr. राजेन्द्र प्रसाद (99.35%) | N.N. Das | दूसरा कार्यकाल — एकमात्र जिन्होंने 2 कार्यकाल पूरे किए |
| 3 | 1962 | Dr. सर्वपल्ली राधाकृष्णन (98.24%) | Ch. हरि राम | पहले उपराष्ट्रपति थे |
| 4 | 1967 | Dr. ज़ाकिर हुसैन (56.23%) | के. सुब्बा राव | पद पर मृत्यु (1969); V.V. गिरि Acting President |
| 5 | 1969 | V.V. गिरि (50.22%) | एन. संजीव रेड्डी | अब तक का सबसे निकटतम contest; पहले Acting President थे |
| 6 | 1974 | फखरुद्दीन अली अहमद (80.18%) | त्रिदेव चौधरी | पद पर मृत्यु (1977); B.D. जत्ती Acting President |
| 7 | 1977 | नीलम संजीव रेड्डी | — | एकमात्र Unopposed चुनाव |
| 8 | 1982 | ज्ञानी जैल सिंह (72.73%) | H.R. खन्ना | Pocket Veto — Post Office Bill 1986 |
| 9 | 1987 | R. वेंकटरमण (72.29%) | V. कृष्ण अय्यर | Absolute Veto — 1991 MP Salary Bill |
| 10 | 1992 | Dr. शंकर दयाल शर्मा (65.86%) | George Swell | |
| 11 | 1997 | K.R. नारायणन (94.97%) | T.N. शेषन | UP (1997) + Bihar (1998) — Presidents Rule लौटाया |
| 12 | 2002 | Dr. A.P.J. अब्दुल कलाम (89.58%) | लक्ष्मी सहगल | "जनता के राष्ट्रपति" |
| 13 | 2007 | प्रतिभा पाटिल (65.82%) | B.S. शेखावत | प्रथम महिला राष्ट्रपति |
| 14 | 2012 | प्रणब मुखर्जी (68.12%) | P.A. संगमा | |
| 15 | 2017 | राम नाथ कोविंद (65.65%) | मीरा कुमार | |
| 16 | 2022 | द्रौपदी मुर्मू (64.03%) | यशवंत सिन्हा | जनजातीय समुदाय की प्रथम राष्ट्रपति |
6योग्यताएँ (Qualifications)
| क्र. | योग्यता (Qualification) |
|---|
| 1 | भारत का नागरिक (Citizen of India) होना चाहिए |
| 2 | 35 वर्ष की आयु पूरी होनी चाहिए |
| 3 | लोक सभा का सदस्य निर्वाचित होने की योग्यता होनी चाहिए (Qualified for Lok Sabha) |
| 4 | संघ, राज्य, स्थानीय प्राधिकरण या किसी भी सार्वजनिक प्राधिकरण के अधीन कोई लाभ का पद न हो |
अपवाद एवं अतिरिक्त शर्तें: (a) पदस्थ राष्ट्रपति/उपराष्ट्रपति, किसी राज्य के राज्यपाल और संघ/राज्य के मंत्री — लाभ का पद नहीं माना जाता। (b) 50 प्रस्तावक + 50 अनुमोदक + ₹15,000 जमानत-राशि (RBI में); यदि 1/6 से कम वोट मिले तो जमानत जब्त। (1997 से पहले: 10+10+₹2,500 था)।
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7शपथ और पुष्टि (Oath or Affirmation)
| शपथ में 3 प्रतिज्ञाएँ | विस्तार |
|---|
| 1. पद का निष्ठापूर्वक पालन | To faithfully execute the office of President of India |
| 2. संविधान और कानून की रक्षा, संरक्षण और परिरक्षण | To preserve, protect and defend the Constitution and the law |
| 3. जनता की सेवा और कल्याण | To devote himself/herself to the service and well-being of the people of India |
शपथ कौन दिलाता है?: भारत के मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice of India); उनकी अनुपस्थिति में — उपलब्ध वरिष्ठतम SC Judge। Acting President भी समान शपथ लेता/लेती है।
8पद की शर्तें, वेतन और उन्मुक्ति (Conditions, Salary & Immunity)
| विषय | विवरण |
|---|
| पद की 5 शर्तें | (1) संसद के किसी सदन या राज्य विधानमंडल का सदस्य नहीं (अन्यथा पद ग्रहण पर सदन की सीट रद्द); (2) कोई अन्य लाभ का पद नहीं; (3) राष्ट्रपति भवन (Rashtrapati Bhavan) का निःशुल्क उपयोग; (4) Parliament द्वारा निर्धारित परितोषण और भत्ते; (5) कार्यकाल में परितोषण/भत्ते कम नहीं किए जा सकते। |
| वेतन एवं सुविधाएँ | ₹5 लाख/माह (Finance Act 2018; 1 जनवरी 2016 से); पूर्व राष्ट्रपति को: Pension = 50% salary/माह (2008 से; पहले ₹3 लाख/वर्ष था); furnished residence, phone, car, medical, travel, secretarial staff, ₹1 लाख office expenses/वर्ष; Deceased President की spouse को: 50% pension + furnished residence + phone + car + medical + travel + secretarial staff + ₹20,000 office expenses/वर्ष |
| उन्मुक्ति (Immunity) | (a) Official Acts पर Personal Immunity; (b) कार्यकाल में Criminal Proceedings से उन्मुक्ति — Personal Acts पर भी; (c) Arrest/Imprisonment नहीं हो सकता; (d) Civil Proceedings — 2 माह का notice देकर Personal Acts पर ही; (e) कार्यकाल के बाद — सभी पर सामान्य कानूनी प्रक्रिया |
9कार्यकाल (Term of Office)
| पहलू | विवरण |
|---|
| अवधि | 5 वर्ष (पद ग्रहण की तारीख से); उत्तराधिकारी के पदभार ग्रहण तक continue करते हैं |
| इस्तीफा | उपराष्ट्रपति को लिखित त्यागपत्र; कभी भी |
| पुनर्निर्वाचन | कितनी भी बार पुनर्निर्वाचन संभव; Dr. राजेन्द्र प्रसाद एकमात्र जिन्होंने 2 कार्यकाल पूरे किए |
| Interregnum से बचाव | नए राष्ट्रपति के पदभार ग्रहण तक पुराने continue करते हैं (5 वर्ष के बाद भी); इस situation में VP को Acting President नहीं बनाया जाता |
| USA से अंतर | USA में अधिकतम 2 terms ही संभव; भारत में कोई सीमा नहीं |
10महाभियोग (Impeachment of President)
आधार: केवल "संविधान का उल्लंघन (Violation of Constitution)" — Constitution ने इसे परिभाषित नहीं किया। Quasi-Judicial प्रक्रिया। अब तक किसी राष्ट्रपति का महाभियोग नहीं हुआ।
| चरण | विवरण | विशेष बात |
|---|
| चरण 1: प्रस्ताव प्रस्तुति | किसी भी सदन में आरोप प्रस्ताव रखा जा सकता है (Either House) | उस सदन के कम से कम 1/4 सदस्यों के हस्ताक्षर + 14 दिन पूर्व राष्ट्रपति को नोटिस |
| चरण 2: उसी सदन में पारित | कुल सदस्यता के 2/3 बहुमत से पारित करना होगा | Total Membership का 2/3 — न कि केवल उपस्थित और मतदान करने वाले |
| चरण 3: दूसरे सदन में जाँच | दूसरे सदन द्वारा आरोपों की जाँच | राष्ट्रपति को appear होने और अपना बचाव करने का अधिकार |
| चरण 4: निष्कासन | दूसरे सदन द्वारा भी कुल सदस्यता के 2/3 से पारित | उस तारीख से राष्ट्रपति पद से हटे |
महाभियोग में भाग लेते हैं
- मनोनीत संसद सदस्य (Nominated MPs)
- यद्यपि वे राष्ट्रपति चुनाव में भाग नहीं लेते
महाभियोग में भाग नहीं लेते
- राज्य विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य (State MLAs)
- यद्यपि वे राष्ट्रपति चुनाव में भाग लेते हैं
11रिक्ति एवं Acting President की श्रृंखला (Vacancy)
रिक्ति के 5 कारण
- 1. 5 वर्ष का कार्यकाल पूरा होने पर
- 2. इस्तीफे (VP को लिखित) पर
- 3. महाभियोग द्वारा निष्कासन पर
- 4. मृत्यु (Dr. ज़ाकिर हुसैन 1969; फखरुद्दीन अली अहमद 1977)
- 5. अन्यथा (अयोग्यता/election void)
Acting President की श्रृंखला
- 1. उपराष्ट्रपति (VP) — Acting President (अधिकतम 6 माह)
- VP अनुपलब्ध हो तो →
- 2. भारत का मुख्य न्यायाधीश (CJI)
- CJI अनुपलब्ध हो तो →
- 3. सर्वोच्च न्यायालय का वरिष्ठतम उपलब्ध न्यायाधीश
| स्थिति | विवरण |
|---|
| Death/Resignation/Removal से रिक्ति | 6 माह के भीतर नया चुनाव अनिवार्य; नए राष्ट्रपति — 5 वर्ष का पूर्ण कार्यकाल |
| Term expiry से रिक्ति | पहले ही चुनाव; पुराने राष्ट्रपति तब तक continue; VP को Acting President का अवसर नहीं |
| Temporary absence/illness | VP — functions discharge करते हैं; राष्ट्रपति वापस आते ही VP का role समाप्त |
| Acting President को अधिकार | राष्ट्रपति की सभी शक्तियाँ और उन्मुक्तियाँ; राष्ट्रपति की salary |
12कार्यकारी शक्तियाँ — 12 (Executive Powers)
| क्र. | कार्यकारी शक्ति (Executive Power) |
|---|
| 1 | भारत सरकार के सभी कार्यकारी कार्य — राष्ट्रपति के नाम पर; Orders और Instruments — कैसे authenticated हों — Rules बना सकते हैं |
| 2 | Union Government के कार्यों का Ministers के बीच आवंटन (Business Rules); अधिक सुविधाजनक transaction के लिए Rules |
| 3 | प्रधानमंत्री + अन्य मंत्रियों की नियुक्ति; वे राष्ट्रपति की इच्छा पर्यंत पद पर रहते हैं |
| 4 | Attorney General of India की नियुक्ति; उनके पारिश्रमिक का निर्धारण; वे राष्ट्रपति की इच्छा पर्यंत पद पर |
| 5 | CAG, मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य निर्वाचन आयुक्त, UPSC Chairman और Members, राज्यों के राज्यपाल, Finance Commission Chairman और Members आदि की नियुक्ति |
| 6 | सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों और न्यायाधीशों की नियुक्ति |
| 7 | PM से Union प्रशासन के मामलों और विधान प्रस्तावों से संबंधित कोई भी जानकारी माँगना |
| 8 | PM को निर्देश — यदि किसी मंत्री ने कोई निर्णय लिया हो जो Cabinet के विचार में नहीं आया — Cabinet के विचार के लिए भेजें |
| 9 | पिछड़े वर्गों (Backward Classes) की स्थितियों की जाँच के लिए Commission की नियुक्ति |
| 10 | अंतर-राज्यीय परिषद (Inter-State Council) की स्थापना — केंद्र-राज्य और राज्य-राज्य सहयोग के लिए |
| 11 | संघ राज्यक्षेत्रों (Union Territories) का सीधे प्रशासन — नियुक्त प्रशासकों (LG) के माध्यम से |
| 12 | अनुसूचित क्षेत्र (Scheduled Area) घोषित करना; अनुसूचित क्षेत्रों और जनजातीय क्षेत्रों का प्रशासन |
13विधायी शक्तियाँ — 13 (Legislative Powers)
| क्र. | विधायी शक्ति (Legislative Power) |
|---|
| 1 | संसद का सत्र बुलाना (Summon), सत्र स्थगित करना (Prorogue) और लोक सभा को भंग करना (Dissolve); दोनों सदनों की संयुक्त बैठक (Speaker की अध्यक्षता) |
| 2 | प्रत्येक आम चुनाव के बाद पहले सत्र में और प्रत्येक वर्ष के पहले सत्र में संसद को Address करना |
| 3 | किसी सदन को संदेश (Message) भेजना — चाहे लंबित Bill के संबंध में हो या अन्यथा |
| 4 | Lok Sabha — Speaker + Deputy Speaker दोनों अनुपलब्ध → किसी सदस्य को Preside करने के लिए नियुक्त; Rajya Sabha में भी यही |
| 5 | राज्य सभा में 12 सदस्यों का मनोनयन (साहित्य, विज्ञान, कला, समाज सेवा में विशेष ज्ञान/अनुभव) |
| 6 | Anglo-Indian Community से Lok Sabha में 2 Members मनोनयन [104वाँ संशोधन 2019 ने बंद किया] |
| 7 | संसद सदस्यों की अयोग्यता के प्रश्नों पर निर्णय — निर्वाचन आयोग से परामर्श करके |
| 8 | कुछ विशेष Bills की संसद में प्रस्तुति के लिए राष्ट्रपति की पूर्व सिफारिश/अनुमति अनिवार्य (Money Bill, वित्तीय Bills, राज्य सीमाएँ बदलने वाले Bills आदि) |
| 9 | संसद से पारित Bills पर: (a) Assent दें; (b) Assent रोकें (Absolute Veto); (c) Reconsideration के लिए वापस भेजें — Money Bill पर नहीं; यदि Parliament दुबारा पास करे → Assent देना अनिवार्य |
| 10 | राज्य विधानमंडल के Reserved Bills पर: (a) Assent; (b) Withhold; (c) Governor को Reconsideration निर्देश; परंतु State Legislature दुबारा भेजे तो Assent देना अनिवार्य नहीं (Absolute Veto) |
| 11 | अध्यादेश जारी करना (Art. 123) — संसद के अवकाश में; संसद की बैठक पर 6 सप्ताह में Approval जरूरी |
| 12 | CAG, UPSC, Finance Commission आदि की रिपोर्टें — संसद के सामने रखना |
| 13 | UTs के लिए Regulations बनाना (अंडमान, लक्षद्वीप, दादरा, D&D, लद्दाख; पुदुचेरी — Assembly suspended/dissolved हो तब) |
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14वित्तीय + न्यायिक + राजनयिक + सैन्य + आपातकाल शक्तियाँ
| श्रेणी | शक्तियाँ एवं कार्य |
|---|
| वित्तीय शक्तियाँ (Financial) | (a) Money Bills — केवल राष्ट्रपति की पूर्व सिफारिश पर संसद में; (b) Union Budget (वार्षिक वित्तीय विवरण) संसद के सामने; (c) अनुदान की माँग — केवल राष्ट्रपति की सिफारिश पर; (d) आकस्मिकता निधि (Contingency Fund) से अप्रत्याशित व्यय; (e) हर 5 वर्ष पर Finance Commission |
| न्यायिक शक्तियाँ (Judicial) | (a) CJI + SC Judges + HC Judges की नियुक्ति; (b) SC से किसी Law/Fact पर Advisory Opinion माँगना (Art. 143 — SC की Advice बाध्यकारी नहीं); (c) Art. 72 के तहत Pardoning Power — 5 प्रकार |
| राजनयिक शक्तियाँ (Diplomatic) | (a) अंतर्राष्ट्रीय संधियाँ और समझौते — राष्ट्रपति के नाम पर (संसद की approval आवश्यक); (b) अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व; (c) राजदूत, High Commissioner आदि भेजना/प्राप्त करना |
| सैन्य शक्तियाँ (Military) | (a) भारत के रक्षा बलों के सर्वोच्च Commander; (b) Army, Navy, Air Force Chiefs की नियुक्ति; (c) युद्ध की घोषणा या शांति — संसद की approval |
| आपातकाल शक्तियाँ (Emergency) | (a) राष्ट्रीय आपातकाल (Art. 352) — युद्ध/बाह्य आक्रमण/सशस्त्र विद्रोह; (b) राष्ट्रपति शासन (Art. 356/365) — Constitutional Machinery failure; (c) वित्तीय आपातकाल (Art. 360) — वित्तीय स्थिरता को खतरा |
15राष्ट्रपति की वीटो शक्ति (Veto Power)
4 प्रकार के वीटो — तुलनात्मक अवलोकन
| वीटो का प्रकार | अर्थ | भारत में | अमेरिका में |
|---|
| परम वीटो (Absolute Veto) | Bill पर Assent रोकना — Bill समाप्त हो जाता है | ✅ हाँ | ✅ हाँ |
| अर्हित वीटो (Qualified Veto) | Legislature उच्च बहुमत से override कर सकती है | ❌ नहीं | ✅ हाँ (2/3 majority) |
| निलंबनकारी वीटो (Suspensive Veto) | Legislature साधारण बहुमत से override कर सकती है | ✅ हाँ | ❌ नहीं (2/3 से override) |
| जेब वीटो (Pocket Veto) | Bill पर कोई कार्रवाई नहीं — अनिश्चितकाल लंबित | ✅ हाँ (कोई Time Limit नहीं) | सीमित (10 दिन की सीमा) |
(a) परम वीटो (Absolute Veto)
संसद से पारित Bill पर Assent रोकना — Bill समाप्त। 2 महत्वपूर्ण ऐतिहासिक उदाहरण:
| परम वीटो के ऐतिहासिक उदाहरण |
|---|
| 1954 — Dr. राजेन्द्र प्रसाद ने PEPSU Appropriation Bill पर Assent रोका। Bill संसद ने तब पारित किया था जब PEPSU में राष्ट्रपति शासन था; लेकिन Assent के समय राष्ट्रपति शासन revoke हो चुका था। |
| 1991 — राष्ट्रपति R. वेंकटरमण ने MPs के वेतन-भत्ते Bill पर Assent रोका। Bill लोक सभा के अंतिम दिन (dissolution से पहले) राष्ट्रपति की पूर्व सिफारिश के बिना पारित किया गया था। |
(b) निलंबनकारी वीटो (Suspensive Veto)
Bill को संसद के पुनर्विचार के लिए वापस भेजना; संसद दुबारा साधारण बहुमत से पास करे → Assent देना अनिवार्य। Money Bill पर यह वीटो नहीं।
अमेरिका से अंतर: भारत में संसद साधारण बहुमत से override कर सकती है; USA में 2/3 बहुमत चाहिए। इसलिए भारत में निलंबनकारी वीटो अपेक्षाकृत कमजोर है।
(c) जेब वीटो (Pocket Veto)
Bill पर न Ratify, न Reject, न वापस भेजें — अनिश्चितकाल के लिए लंबित रखें। कोई Time Limit नहीं (USA में 10 दिन की सीमा)।
जेब वीटो का ऐतिहासिक उदाहरण
1986 — राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह ने Indian Post Office (Amendment) Bill पर कोई कार्रवाई नहीं की। यह Bill राजीव गांधी सरकार ने पास कराया था जो Press की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध लगाता था। व्यापक आलोचना हुई। 1989 में अगले राष्ट्रपति R. वेंकटरमण ने इसे पुनर्विचार के लिए भेजा; नई नेशनल फ्रंट सरकार ने Bill को ही समाप्त कर दिया।
महत्वपूर्ण तथ्य: (a) भारतीय राष्ट्रपति की जेब अमेरिकी राष्ट्रपति से बड़ी है — कोई Time Limit नहीं। (b) Constitutional Amendment Bill पर कोई वीटो नहीं — Assent देना अनिवार्य [24वाँ संशोधन 1971]।
16राज्य विधायन पर राष्ट्रपति का वीटो (Art. 200-201)
राज्यपाल के 4 विकल्प (Art. 200)
- Bill पर Assent दे
- Bill पर Assent रोके
- Bill को (Money Bill नहीं) राज्य विधानमंडल के पुनर्विचार के लिए वापस भेजे
- Bill को राष्ट्रपति के विचार के लिए Reserve करे
राष्ट्रपति के 3 विकल्प (Art. 201)
- Reserved Bill पर Assent दे
- Assent रोके
- राज्यपाल को निर्देश — Bill को (Money Bill नहीं) राज्य विधानमंडल के पुनर्विचार के लिए वापस करे; परंतु State Legislature दुबारा भेजे तो Assent देना अनिवार्य नहीं — यही State Absolute Veto है
State Pocket Veto: राज्य Bills के संदर्भ में Constitution ने कोई Time Limit निर्धारित नहीं की — अतः राष्ट्रपति State Bills पर Pocket Veto भी exercise कर सकते हैं।
17अध्यादेश-निर्माण शक्ति (Ordinance-Making Power — Art. 123)
अनुच्छेद 123 — राष्ट्रपति संसद के अवकाश (Recess) में अध्यादेश (Ordinances) जारी कर सकते हैं। अध्यादेशों का वही बल और प्रभाव होता है जो संसद के Act का। यह अस्थायी कानून है। यह राष्ट्रपति की सबसे महत्वपूर्ण विधायी शक्ति है।
| सीमा (Limitation) | विस्तार |
|---|
| 1. कब जारी हो सकता है | केवल तब जब दोनों सदन Session में न हों अथवा कोई एक सदन Session में न हो। यदि दोनों सदन Session में हों — Ordinance शून्य होगा। Ordinance — संसद की शक्ति के समानांतर (Parallel) शक्ति नहीं। |
| 2. तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता | राष्ट्रपति संतुष्ट हों कि परिस्थितियाँ ऐसी हैं जिनमें तत्काल कार्रवाई आवश्यक है। Cooper Case 1970: राष्ट्रपति की संतुष्टि — Malafide के आधार पर court में challenge संभव। 38वाँ संशोधन 1975: Judicial Review बंद किया; 44वाँ संशोधन 1978: पुनः खोला। |
| 3. संसद की शक्ति के समान क्षेत्र | संसद जिन विषयों पर कानून बना सकती है — उन्हीं पर Ordinance; वही संवैधानिक सीमाएँ। FR को कम/समाप्त नहीं कर सकता (Art. 13 में Ordinance शामिल)। Constitution संशोधन नहीं कर सकता। Retrospective हो सकता है। |
| 4. संसद की अनिवार्य स्वीकृति | संसद के फिर से बैठने पर 6 सप्ताह के भीतर Approval। दोनों सदन Disapproval Resolution पारित करें → उससे पहले समाप्त। अधिकतम जीवन: 6 माह + 6 सप्ताह (दो Sessions के बीच max gap 6 माह)। Withdraw: राष्ट्रपति कभी भी। |
D.C. Wadhwa Case 1986 (SC) — महत्वपूर्ण निर्णय
बिहार में राज्यपाल ने 1967-1981 के बीच 256 Ordinances जारी किए; 1-14 वर्षों तक Repromulgation से जारी रखे। SC ने कहा: विधानमंडल में Bills लाने के प्रयास के बिना बार-बार Repromulgation = संविधान का उल्लंघन; ऐसा Ordinance न्यायालय रद्द कर सकता है। सिद्धांत: अध्यादेश-निर्माण = आपातकालीन शक्ति; विधानमंडल की शक्ति का विकल्प नहीं।
18क्षमादान की शक्ति (Pardoning Power — Art. 72)
अनुच्छेद 72 — राष्ट्रपति को 3 situations में किसी भी Offence के लिए दंड और सजा को माफ/कम/परिवर्तित करने की शक्ति: (1) Court Martial (सैनिक न्यायालय) द्वारा दिया दंड; (2) Union Law के विरुद्ध Offence; (3) मृत्युदंड (Death Sentence)। यह शक्ति न्यायपालिका से स्वतंत्र है — Court of Appeal नहीं।
| प्रकार (Type) | अर्थ एवं प्रभाव |
|---|
| 1. क्षमा (Pardon) | दोनों — सजा और conviction — पूरी तरह हटाता है; सभी punishments, sentences और disqualifications से पूर्ण मुक्ति। अपराध के सभी परिणाम समाप्त। |
| 2. लघुकरण (Commutation) | एक प्रकार की सजा को हल्की सजा में बदलना; जैसे — मृत्युदंड → कठोर कारावास → साधारण कारावास। सजा का character बदल जाता है। |
| 3. परिमार्जन (Remission) | सजा की अवधि कम करना — बिना character बदले; जैसे — 2 वर्ष का कठोर कारावास → 1 वर्ष का कठोर कारावास। |
| 4. विराम (Respite) | किसी विशेष कारण से (physical disability, गर्भवती महिला) मूल सजा के स्थान पर कम सजा देना। |
| 5. प्रविराम (Reprieve) | सजा (विशेषकर मृत्युदंड) का अस्थायी स्थगन — ताकि दोषी Pardon या Commutation के लिए समय ले सके। |
Art. 72 (राष्ट्रपति) बनाम Art. 161 (राज्यपाल)
- राष्ट्रपति — Court Martial की सजा माफ कर सकते हैं
- राष्ट्रपति — मृत्युदंड माफ कर सकते हैं
- Union Law + Court Martial + मृत्युदंड — राष्ट्रपति की शक्ति
- State Law द्वारा दिए मृत्युदंड पर भी Pardon — राष्ट्रपति
राज्यपाल से अंतर
- राज्यपाल — Court Martial की सजा माफ नहीं कर सकते
- राज्यपाल — मृत्युदंड माफ नहीं कर सकते (Suspend/Remit/Commute कर सकते हैं)
- राज्यपाल — केवल State Law Offence पर शक्ति
- Concurrent Power: मृत्युदंड का Suspension/Remission/Commutation — दोनों कर सकते हैं
Kehar Singh Case 1988 (SC) — 5 सिद्धांत
| 1 | दया याचिकाकर्ता को मौखिक सुनवाई (Oral Hearing) का अधिकार नहीं |
|---|
| 2 | राष्ट्रपति — Court की evidence पुनः examine कर सकते हैं और Court से अलग view ले सकते हैं |
| 3 | यह शक्ति — Union Cabinet की सलाह पर राष्ट्रपति द्वारा exercise होती है |
| 4 | SC को इस शक्ति के लिए specific guidelines देने की आवश्यकता नहीं |
| 5 | SC Review — केवल irrelevant, irrational, malafide या discriminatory होने पर संभव (Maru Ram Case 1980 में points 3 और 5 confirmed) |
19संवैधानिक स्थिति (Constitutional Position of President)
Dr. B.R. Ambedkar — संविधान सभा (Constituent Assembly) में राष्ट्रपति की स्थिति पर
"भारतीय संविधान में संघ के प्रधान पर एक functionary रखा गया है जिसे राष्ट्रपति कहते हैं। नाम से American President की याद आती है लेकिन उससे आगे कोई समानता नहीं। राष्ट्रपति, इंग्लैंड के King जैसी स्थिति में है। वह State का प्रधान है, Government का नहीं। वह राष्ट्र का प्रतिनिधित्व करता है लेकिन शासन नहीं चलाता। वह एक ceremonial device है या एक seal है जिससे राष्ट्र के निर्णय प्रकट होते हैं। वह generally अपने ministers की advice से bound है। वह उनकी advice के विरुद्ध कुछ नहीं कर सकता, उनकी advice के बिना भी नहीं।"
| प्रावधान | विवरण |
|---|
| अनुच्छेद 53 | संघ की कार्यकारी शक्ति राष्ट्रपति में निहित; directly या subordinate officers के माध्यम से |
| अनुच्छेद 74 | PM की अध्यक्षता में Council of Ministers — राष्ट्रपति को aid and advise; राष्ट्रपति "shall" act accordingly |
| अनुच्छेद 75 | Council of Ministers — Lok Sabha के प्रति सामूहिक रूप से उत्तरदायी (Collectively Responsible) |
| 42वाँ संशोधन 1976 | Art. 74 में स्पष्ट प्रावधान जोड़ा — राष्ट्रपति Cabinet की सलाह से bound (इंदिरा गांधी सरकार द्वारा) |
| 44वाँ संशोधन 1978 | राष्ट्रपति Cabinet की advice पर एक बार पुनर्विचार माँग सकते हैं; Reconsidered advice — binding (मोरारजी देसाई सरकार द्वारा) |
परिस्थितिजन्य विवेक — 3 situations (Situational Discretion)
यद्यपि राष्ट्रपति को कोई संवैधानिक विवेक नहीं, फिर भी कुछ परिस्थितियों में वे बिना Cabinet सलाह के कार्य कर सकते हैं:
| परिस्थिति | विवरण |
|---|
| 1. प्रधानमंत्री की नियुक्ति | जब Lok Sabha में किसी दल को स्पष्ट बहुमत न हो अथवा पदस्थ PM की अचानक मृत्यु हो और कोई obvious successor न हो |
| 2. मंत्रिपरिषद को बर्खास्त करना | जब मंत्रिपरिषद Lok Sabha का विश्वास सिद्ध न कर सके |
| 3. लोक सभा भंग करना | यदि मंत्रिपरिषद अपना बहुमत खो चुकी हो |
KR नारायणन के ऐतिहासिक उदाहरण: 1997: Cabinet ने UP में राष्ट्रपति शासन की सिफारिश की → राष्ट्रपति ने Reconsideration के लिए वापस किया → Cabinet ने आगे बढ़ने का निर्णय नहीं लिया → कल्याण सिंह सरकार बची। 1998: Bihar में राष्ट्रपति शासन की सिफारिश वापस की → Cabinet ने फिर वही advice दी → फरवरी 1999 में राष्ट्रपति शासन।
20भारतीय बनाम अमेरिकी राष्ट्रपति (India vs USA President)
| पहलू | भारत (India) | अमेरिका (USA) |
|---|
| शासन प्रणाली | संसदीय शासन (Parliamentary System) | राष्ट्रपतीय शासन (Presidential System) |
| कार्यकारी स्थिति | नाममात्र/औपचारिक (Nominal/De Jure) | वास्तविक (Real/De Facto) |
| पद | राज्य का प्रधान (Head of State) मात्र | राज्य का प्रधान + सरकार का प्रधान दोनों |
| Cabinet की भूमिका | Cabinet की advice — बाध्यकारी | Cabinet = केवल सलाहकार; राष्ट्रपति स्वतंत्र |
| वीटो शक्ति | परम + निलंबनकारी + जेब वीटो; अर्हित वीटो नहीं | चारों प्रकार; override के लिए 2/3 majority |
| जेब वीटो | कोई Time Limit नहीं (भारत का pocket बड़ा) | 10 दिन की सीमा |
| अध्यादेश शक्ति | Art. 123 — संसद के अवकाश में | ऐसी कोई शक्ति नहीं |
| कार्यकाल (Terms) | कितनी बार भी पुनर्निर्वाचन | अधिकतम 2 Terms |
| महाभियोग का आधार | Constitution violation (Quasi-Judicial) | High Crimes and Misdemeanors |
| SC से परामर्श | माँग सकते हैं (Art. 143); non-binding | ऐसी कोई शक्ति नहीं |
| सेना का प्रधान | हाँ — लेकिन Cabinet की सलाह से | हाँ — स्वतंत्र रूप से |
Table 18.3 — अनुच्छेद एक नजर में (Articles at a Glance)
| अनु. | विषय-वस्तु |
|---|
| अनु. 52 | भारत का राष्ट्रपति |
| अनु. 53 | संघ की कार्यकारी शक्ति — राष्ट्रपति में निहित |
| अनु. 54 | राष्ट्रपति का निर्वाचन |
| अनु. 55 | राष्ट्रपति निर्वाचन की रीति (मतों का मूल्य) |
| अनु. 56 | राष्ट्रपति का कार्यकाल |
| अनु. 57 | पुनर्निर्वाचन की पात्रता |
| अनु. 58 | राष्ट्रपति निर्वाचन की योग्यताएँ |
| अनु. 59 | राष्ट्रपति के पद की शर्तें |
| अनु. 60 | राष्ट्रपति की शपथ या प्रतिज्ञान |
| अनु. 61 | महाभियोग की प्रक्रिया |
| अनु. 62 | राष्ट्रपति पद की रिक्ति भरने का समय |
| अनु. 65 | उपराष्ट्रपति — Acting President |
| अनु. 71 | राष्ट्रपति निर्वाचन से संबंधित विषय (SC अंतिम) |
| अनु. 72 | क्षमादान की शक्ति |
| अनु. 74 | PM की अध्यक्षता में Council of Ministers |
| अनु. 75 | मंत्रियों की नियुक्ति, कार्यकाल, वेतन आदि |
| अनु. 76 | Attorney General of India |
| अनु. 77 | भारत सरकार के कार्य का संचालन |
| अनु. 78 | PM का राष्ट्रपति को जानकारी देने का कर्तव्य |
| अनु. 85 | संसद — सत्र, सत्रावसान, विघटन |
| अनु. 111 | संसद के Bills पर Assent |
| अनु. 112 | Union Budget (वार्षिक वित्तीय विवरण) |
| अनु. 123 | अध्यादेश निर्माण की शक्ति |
| अनु. 143 | राष्ट्रपति — SC से Advisory Opinion |
Table 18.4 — राष्ट्रपति चुनाव 2022 — मतों का मूल्य (Key Data)
| श्रेणी | संख्या (Count) | प्रत्येक का मूल्य | कुल मूल्य |
|---|
| निर्वाचित विधायक (30 राज्य + 2 UTs) | 4,033 | राज्यवार (7 से 208 तक) | 5,43,231 |
| निर्वाचित सांसद (LS + RS) | 776 (543+233) | 700 प्रत्येक | 5,43,200 |
| Grand Total (Electoral College) | 4,809 (4033+776) | — | 10,86,431 |
राज्यवार मत-मूल्य (उल्लेखनीय): सर्वाधिक: उत्तर प्रदेश — 208 प्रति MLA; सबसे कम: अरुणाचल प्रदेश — 8 प्रति MLA; मिजोरम — 8 प्रति MLA। सूत्र: 1971 Census जनसंख्या ÷ (निर्वाचित MLAs × 1000)।
★ सारांश (Summary)
प्रमुख तथ्य — Quick Reference
| विषय | तथ्य |
|---|
| पद | प्रथम नागरिक; राज्य का प्रधान; नाममात्र कार्यपालिका; अनु. 52-78; भाग V |
| Electoral College | Parliament (निर्वाचित + मनोनीत नहीं) + State MLAs (निर्वाचित) + दिल्ली/पुदुचेरी MLAs |
| सूत्र | MLA vote = जनसंख्या ÷ (MLA संख्या × 1000); MP vote = कुल MLA votes ÷ कुल MPs |
| 2022 Grand Total | 10,86,431 (MLAs: 5,43,231 | MPs: 5,43,200 | MP vote value: 700) |
| निर्वाचन विधि | PR + STV + गुप्त मतदान; SC विवाद निपटाता है; Quota = कुल वैध मत ÷ 2 + 1 |
| योग्यताएँ | नागरिक + 35 वर्ष + LS-योग्य + कोई लाभ का पद नहीं; 50+50+₹15,000 |
| शपथ | CJI द्वारा; 3 प्रतिज्ञाएँ |
| वेतन | ₹5 लाख/माह (2018); पेंशन: salary का 50%; आपराधिक कार्यवाही से उन्मुक्ति |
| कार्यकाल | 5 वर्ष; असीमित पुनर्निर्वाचन; Dr. राजेन्द्र प्रसाद — एकमात्र 2 कार्यकाल |
| महाभियोग | Constitutional violation; 1/4 + 14 दिन; 2/3 कुल सदस्यता दोनों सदनों में; अब तक नहीं |
| रिक्ति | 6 माह में चुनाव; Acting: VP → CJI → वरिष्ठतम SC Judge |
| 7 शक्ति-श्रेणियाँ | कार्यकारी(12) + विधायी(13) + वित्तीय + न्यायिक + राजनयिक + सैन्य + आपातकाल |
| वीटो (3 प्रकार) | परम + निलंबनकारी + जेब; अर्हित वीटो नहीं (USA में होता है); CA Bill पर वीटो नहीं |
| जेब वीटो | कोई Time Limit नहीं; भारत > USA; 1986 Post Office Bill (जैल सिंह) |
| अध्यादेश अनु.123 | 4 सीमाएँ; अधिकतम 6 माह + 6 सप्ताह; Constitution संशोधन नहीं; Cooper 1970; DC Wadhwa 1986 |
| क्षमादान अनु.72 | 5 प्रकार: क्षमा + लघुकरण + परिमार्जन + विराम + प्रविराम; राज्यपाल से 2 अंतर |
| Kehar Singh 1988 | 5 सिद्धांत; Cabinet की सलाह पर; Malafide पर SC review |
| संवैधानिक स्थिति | नाममात्र; अनु. 74-75; 42वाँ + 44वाँ संशोधन; परिस्थितिजन्य विवेक — 3 situations |
| भारत vs USA | संसदीय vs राष्ट्रपतीय; Nominal vs Real; बड़ी Pocket; Qualified Veto नहीं |
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