साल 1944 — दूसरा विश्व युद्ध समाप्त होने वाला था और दुनिया की अर्थव्यवस्था तबाह हो चुकी थी। अमेरिका के न्यू हैम्पशायर स्थित एक छोटे-से होटल "माउंट वाशिंगटन" में 44 देशों के प्रतिनिधि इकट्ठा हुए और तय किया — अब दुनिया को एक साझा आर्थिक व्यवस्था चाहिए जो युद्ध जैसी तबाही दोबारा न होने दे। यहीं से जन्म हुआ अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) और विश्व बैंक (World Bank) का। और 1995 में इनके साथ जुड़ा एक तीसरा खंभा — विश्व व्यापार संगठन (WTO)। आज जब भारत अमेरिका से टैरिफ-विवाद सुलझाता है, या BRICS शिखर सम्मेलन के लिए नई दिल्ली में मेज़बानी करता है, या G20 में अफ्रीकी संघ को स्थायी सदस्य बनवाता है — यह सब उसी वैश्विक अर्थव्यवस्था की कहानी का हिस्सा है, जिसे समझना RAS परीक्षा के लिए अनिवार्य है।
द्वितीय विश्व युद्ध के बाद वैश्विक व्यापार को नियमबद्ध करने के तीन बड़े प्रयास हुए, जिनमें से केवल एक तत्काल सफल हो सका, जबकि आधुनिक WTO का जन्म लगभग 50 वर्ष बाद हुआ।
📚 मानक परिभाषा: विश्व का एकमात्र वैश्विक संगठन जो देशों के बीच व्यापार के नियम तय करता है — वर्तमान में 166 सदस्य देश (यूरोपीय संघ सहित) व 22 पर्यवेक्षक देश (ईरान, इराक, भूटान, लीबिया आदि)। ✅ सरल शब्दों में: जैसे किसी कॉलोनी में रहने वाले सभी परिवार मिलकर तय करते हैं कि एक-दूसरे को सामान बेचते समय कितना "पड़ोसी टैक्स" (tariff) लगाया जा सकता है — ठीक वैसे ही WTO दुनिया के देशों के बीच व्यापार की "नियम की किताब" है। 💡 उदाहरण: भारत अमेरिका को स्टील बेचता है और अमेरिका भारत से आम आयात करता है — दोनों देशों के बीच कितनी duty लगेगी, यह काफी हद तक WTO के समझौतों के दायरे में तय होता है।
A. मंत्रिस्तरीय सम्मेलन (Ministerial Conference) — WTO का सर्वोच्च निर्णायक निकाय, हर 2 वर्ष में बैठक, सभी सदस्य देशों की भागीदारी।
B. सामान्य परिषद (General Council) — जिनेवा (स्विट्ज़रलैंड) में स्थित, सम्मेलनों के बीच सर्वोच्च निर्णायक निकाय; व्यापार नीति समीक्षा निकाय (TPRB) व विवाद निपटान निकाय (DSB) के रूप में भी कार्य करता है।
C. वस्तु परिषद, सेवा परिषद, TRIPS परिषद — General Council को रिपोर्ट करने वाली विशिष्ट परिषदें, जो अपने-अपने क्षेत्र के समझौतों की निगरानी करती हैं।
D. विवाद निपटान निकाय (DSB) एवं अपीलीय निकाय (Appellate Body) — DSB सदस्यों के बीच विवाद सुलझाता है; अपीलीय निकाय (1995 में स्थापित, 7 सदस्य) पैनल रिपोर्ट्स पर अपील सुनता है, परंतु 2019 से अमेरिका द्वारा नई नियुक्तियाँ रोके जाने के कारण यह निष्क्रिय है।
| सिद्धांत (Principle) | विवरण |
|---|---|
| गैर-भेदभाव (Non-Discrimination) | व्यापारिक साझेदारों में भेदभाव न करना — MFN सिद्धांत में निहित |
| राष्ट्रीय व्यवहार (National Treatment) | आयातित व घरेलू वस्तुओं को बाज़ार में प्रवेश के बाद समान व्यवहार देना |
| पारस्परिकता (Reciprocity) | एक सदस्य द्वारा दी गई रियायत के बदले दूसरे सदस्य से समान रियायत |
| बाज़ार पहुँच (Market Access) | व्यापार बाधाओं को क्रमिक रूप से घटाना व व्यापार प्रवाह उदार बनाना |
| नियम-आधारित प्रणाली | पारदर्शी व पूर्वानुमेय व्यापार ढाँचा उपलब्ध कराना |
| विवाद निपटान (Dispute Settlement) | सदस्यों के बीच व्यापार विवाद सुलझाने की औपचारिक व्यवस्था |
| विशेष एवं विभेदक व्यवहार (S&DT) | विकासशील/अल्पविकसित देशों को अतिरिक्त लचीलापन व छूट |
📚 मानक परिभाषा: यदि कोई सदस्य देश किसी एक WTO सदस्य को व्यापार में कोई विशेष रियायत देता है, तो वही रियायत स्वतः सभी WTO सदस्यों को देनी होगी। ✅ सरल शब्दों में: जैसे किसी दुकानदार ने एक ग्राहक को छूट दी तो उसे अपने बाकी सभी नियमित ग्राहकों को भी वही छूट देनी होगी — किसी एक के साथ पक्षपात नहीं चलेगा। 💡 उदाहरण: यदि भारत जापान से आयातित कार पर टैरिफ घटाकर 10% करता है, तो यही 10% दर बाकी सभी WTO सदस्य देशों पर भी लागू होगी (जिनसे भारत का कोई अलग FTA नहीं है)।
मुक्त व्यापार समझौतों (FTA), सीमा शुल्क संघों (Customs Union) व विकासशील देशों को दी गई विशेष तरजीही व्यवस्था में MFN सिद्धांत से छूट मिलती है — यानी FTA साझेदार को अन्य सदस्यों से अलग, बेहतर शर्तें दी जा सकती हैं। उदाहरण: भारत-आसियान FTA के तहत आसियान देशों को मिलने वाली रियायत बाकी WTO सदस्यों को स्वतः नहीं मिलती।
यह समझौता एक निष्पक्ष व बाज़ार-उन्मुख कृषि व्यापार प्रणाली बनाने के उद्देश्य से तीन स्तंभों पर आधारित है।
| बॉक्स (Box) | विवरण | उदाहरण |
|---|---|---|
| ग्रीन बॉक्स (Green Box) | गैर-व्यापार विकृतकारी सब्सिडी — शोध, कीट नियंत्रण, पर्यावरण संरक्षण | फसल बीमा, सिंचाई कार्यक्रम |
| ब्लू बॉक्स (Blue Box) | उत्पादन-सीमित सब्सिडी, अपेक्षाकृत कम व्यापार-विकृतकारी | यूरोपीय संघ में सामान्यतः प्रयुक्त |
| एम्बर बॉक्स (Amber Box) | व्यापार-विकृतकारी सब्सिडी, कटौती प्रतिबद्धता के अधीन | भारत की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) नीति इसी श्रेणी में आती है |
| डी मिनिमिस (De Minimis) | न्यूनतम सीमा तक छूट — विकासशील देशों हेतु उत्पादन मूल्य का 10%, विकसित देशों के लिए 5% (आधार वर्ष 1986-88) | भारत सीमित इनपुट सब्सिडी हेतु इसका उपयोग करता है |
📚 मानक परिभाषा: बाली मंत्रिस्तरीय सम्मेलन (2013) में स्वीकृत उपबंध, जो विकासशील देशों को खाद्य सुरक्षा कार्यक्रमों (जैसे सार्वजनिक स्टॉकहोल्डिंग) हेतु एम्बर बॉक्स सीमा लांघने पर भी WTO विवाद से सुरक्षा देता है, बशर्ते पारदर्शिता शर्तें पूरी हों। ✅ सरल शब्दों में: जैसे परीक्षा में थोड़ा नियम टूटने पर भी "चेतावनी" देकर माफ कर दिया जाए, सज़ा न मिले — बशर्ते जानकारी छुपाई न जाए। 💡 उदाहरण: भारत के राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत MSP पर होने वाली अनाज खरीद, जो तकनीकी रूप से एम्बर बॉक्स सीमा पार करती है, इसी शांति उपबंध के सहारे WTO विवाद से बची रहती है।
| सुरक्षा उपाय | उदाहरण | परिणाम |
|---|---|---|
| एंटी-डंपिंग शुल्क (Anti-Dumping) | भारत बनाम चीन (स्टील उद्योग, 2015) — सस्ते चीनी स्टील पर शुल्क | भारत ने सफलतापूर्वक शुल्क लगाया |
| काउंटरवेलिंग शुल्क (Countervailing Duty) | भारत बनाम अमेरिका (सोलर सेल) — अमेरिकी सब्सिडी को चुनौती | भारत हारा — WTO ने अमेरिकी सब्सिडी को वैध ठहराया |
| सुरक्षा उपाय (Safeguard Measures) | चीनी सोलर पैनल पर सुरक्षा शुल्क (2018) | WTO ने भारत के अस्थायी सुरक्षा उपाय के अधिकार को बरकरार रखा |
| GATT अनुच्छेद XX (सार्वजनिक स्वास्थ्य) | GM खाद्य आयात पर प्रतिबंध | WTO ने भारत के पक्ष का समर्थन किया |
| SPS उपाय (स्वच्छता एवं पादप-स्वच्छता) | चीन से पोल्ट्री आयात पर प्रतिबंध (बर्ड फ्लू, 2007) | WTO ने भारत के वैज्ञानिक आधार को सही माना |
| GATT 1994 (टैरिफ विवाद) | अमेरिका द्वारा स्टील पर टैरिफ (2018, राष्ट्रीय सुरक्षा आधार) | WTO ने भारत के पक्ष में फैसला दिया |
1. 14वाँ मंत्रिस्तरीय सम्मेलन (MC14) — 26-30 मार्च 2026, याउंडे (कैमरून) में आयोजित; ई-कॉमर्स मोरेटोरियम पर अंतिम सहमति नहीं बन सकी, "याउंडे पैकेज" जिनेवा में अंतिम रूप लेगा 2. वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया; भारत व दक्षिण अफ्रीका ने निवेश सुगमीकरण समझौते (Investment Facilitation for Development — IFD) को WTO के अधिकार-क्षेत्र से बाहर बताकर उसे शामिल करने से रोका 3. भारत का जोर — खाद्य सुरक्षा हेतु सार्वजनिक स्टॉकहोल्डिंग (PSH) व कपास पर विशेष सुरक्षा तंत्र (SSM) को प्राथमिकता देने पर रहा 4. WTO मत्स्य सब्सिडी समझौता (Fisheries Subsidies Agreement) सितंबर 2025 से लागू, परंतु भारत व इंडोनेशिया ने अभी अनुसमर्थन (ratify) नहीं किया है 5. भारत का रुख — सब्सिडी अनुशासन प्रति-मछुआरा आधार पर तय हो (भारत लगभग $35/मछुआरा बनाम विकसित देशों में लगभग $76,000/मछुआरा); विकासशील देशों को 25 वर्ष की संक्रमण अवधि की माँग (विकसित देशों का प्रस्ताव मात्र 5-7 वर्ष) 6. WTO महानिदेशक (Director-General) — न्गोज़ी ओकोन्जो-इवेला (Ngozi Okonjo-Iweala), WTO की प्रथम महिला व प्रथम अफ्रीकी महानिदेशक 7. कुल सदस्यता — 166 सदस्य देश + यूरोपीय संघ, 22 पर्यवेक्षक देश
WTO की प्रमुख चुनौतियाँ: अपीलीय निकाय 2019 से निष्क्रिय (अमेरिका की नियुक्ति-रोक के कारण), दोहा विकास एजेंडा (2001) अब तक अनसुलझा, क्षेत्रीय व्यापार समझौतों (RTA) का बढ़ता प्रभाव बहुपक्षीय वार्ता से ध्यान भटका रहा है, तथा डिजिटल व्यापार व जलवायु परिवर्तन जैसे नए मुद्दों पर सदस्यों में सर्वसम्मति का अभाव है।
जुलाई 1-22, 1944 को अमेरिका के न्यू हैम्पशायर स्थित माउंट वाशिंगटन होटल में 44 मित्र देशों के प्रतिनिधि एकत्र हुए। ब्रिटेन के जॉन मेनार्ड कीन्स (John Maynard Keynes) व अमेरिका के हैरी डेक्सटर व्हाइट (Harry Dexter White) की अगुवाई में द्वितीय विश्व युद्ध के बाद एक स्थिर अंतर्राष्ट्रीय मौद्रिक व्यवस्था बनाने पर सहमति बनी। इसी सम्मेलन से अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) व विश्व बैंक (World Bank) दोनों का जन्म हुआ — दोनों संस्थाएँ 1944 में स्थापित हुईं, दोनों का मुख्यालय वाशिंगटन डी.सी. में है।
| संस्था | स्थापना | उद्देश्य | भारत सदस्य? |
|---|---|---|---|
| IBRD (पुनर्निर्माण एवं विकास हेतु अंतर्राष्ट्रीय बैंक) | 1944 | मध्यम आय वाले विकासशील देशों को बाज़ार-दर के निकट ऋण | हाँ |
| IDA (अंतर्राष्ट्रीय विकास संगठन) | 1960 | सबसे गरीब देशों को ब्याज-मुक्त/अत्यंत रियायती ऋण एवं अनुदान | हाँ |
| IFC (अंतर्राष्ट्रीय वित्त निगम) | 1956 | निजी क्षेत्र में निवेश एवं ऋण, बिना सरकारी गारंटी | हाँ |
| MIGA (बहुपक्षीय निवेश गारंटी एजेंसी) | 1988 | विदेशी निजी निवेश को राजनीतिक जोखिम से बीमा सुरक्षा | हाँ |
| ICSID (निवेश विवाद निपटान केंद्र) | 1966 | निवेश संबंधी अंतर्राष्ट्रीय विवादों का निपटान | नहीं |
1. अध्यक्ष (President) — अजय बंगा (Ajay Banga), जून 2023 से कार्यरत, भारतीय-अमेरिकी मूल 2. 189 सदस्य देश 3. शीर्ष शेयरधारक — अमेरिका (16.41%), जापान (7.87%), चीन (5.8%), जर्मनी (4.49%), भारत लगभग 3.2% 4. भारत को कुल प्रतिबद्धता (Commitment) — 31 मई 2026 तक लगभग $141,253 मिलियन, 717 परियोजनाओं में 5. वित्त वर्ष 2025 में IBRD ने $40.8 बिलियन व IDA ने $39.9 बिलियन की नई परियोजनाएँ स्वीकृत कीं 6. IDA पात्रता सीमा (वित्त वर्ष 2026) — प्रति व्यक्ति आय $1,325 से कम
| संस्था | भारत में प्रमुख परियोजनाएँ |
|---|---|
| विश्व बैंक (World Bank) | राष्ट्रीय गंगा नदी बेसिन परियोजना, दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना (ग्रामीण विद्युतीकरण), कौशल भारत मिशन परिचालन (SIMO), अमृत (AMRUT) शहरी नवीनीकरण |
| जापान अंतर्राष्ट्रीय सहयोग एजेंसी (JICA) | मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन (₹1.1 लाख करोड़ ऋण, 0.1% ब्याज, 50 वर्ष अवधि), दिल्ली मेट्रो, समर्पित माल गलियारा (DFC), गंगा कायाकल्प कार्यक्रम |
| एशियाई विकास बैंक (ADB) | पूर्वी तट आर्थिक गलियारा (ECEC), बेंगलुरु मेट्रो, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY), चेन्नई-कन्याकुमारी औद्योगिक गलियारा |
| एशियाई अवसंरचना निवेश बैंक (AIIB) | मुंबई शहरी परिवहन परियोजना, चेन्नई मेट्रो विस्तार, राजस्थान सौर ऊर्जा परियोजना, कोविड-19 में स्वास्थ्य तंत्र सुदृढ़ीकरण |
| यूरोपीय निवेश बैंक (EIB) | बेंगलुरु मेट्रो चरण-II, नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाएँ |
| हरित जलवायु कोष (Green Climate Fund) | मध्य प्रदेश सौर ऊर्जा परियोजना, जलवायु-अनुकूल कृषि |
AIIB में भारत की भूमिका: एशियाई अवसंरचना निवेश बैंक (AIIB) — 2015 में स्थापित, मुख्यालय बीजिंग, 105 सदस्य देश। भारत इसमें दूसरा सबसे बड़ा शेयरधारक है (लगभग 7.6-8% मताधिकार), जो भारत की एशियाई अवसंरचना वित्तपोषण में बढ़ती भूमिका दर्शाता है।
IMF की स्थापना 1944 में ब्रेटन वुड्स सम्मेलन में हुई (परिचालन 1945 से आरंभ), मुख्यालय वाशिंगटन डी.सी. में है। इसका उद्देश्य है — अंतर्राष्ट्रीय मौद्रिक सहयोग बढ़ाना, विनिमय दर स्थिरता बनाए रखना, भुगतान संतुलन संकट में सदस्य देशों की सहायता करना तथा आर्थिक नीति संबंधी परामर्श देना। इसका शासन बोर्ड ऑफ गवर्नर्स, अंतर्राष्ट्रीय मौद्रिक एवं वित्तीय समिति (IMFC) तथा विकास समिति के माध्यम से होता है।
📚 मानक परिभाषा: 1969 में IMF द्वारा सृजित एक अंतर्राष्ट्रीय आरक्षित परिसंपत्ति; यह कोई वास्तविक मुद्रा नहीं, बल्कि 5 प्रमुख मुद्राओं (डॉलर, यूरो, चीनी युआन, जापानी येन, ब्रिटिश पाउंड) की टोकरी पर आधारित एक इकाई है, जिसकी समीक्षा हर 5 वर्ष में होती है। ✅ सरल शब्दों में: जैसे किसी सोसाइटी क्लब में सदस्यों के बीच लेन-देन के लिए जारी किए गए "पॉइंट्स" जिन्हें ज़रूरत पड़ने पर असली डॉलर/यूरो/येन में बदला जा सकता है — SDR भी वैसा ही एक अंतर्राष्ट्रीय "अंक" है, नोट या सिक्का नहीं। 💡 उदाहरण: यदि किसी देश के पास विदेशी मुद्रा भंडार की कमी हो जाए, तो वह अपने SDR कोटे को असली मुद्रा में बदलकर अस्थायी राहत पा सकता है — यही 1991 में भारत के लिए महत्वपूर्ण सहारा बना था।
प्रत्येक सदस्य देश की कोटा एक निश्चित सूत्र से तय होती है, जो देश का IMF में वित्तीय योगदान, मतदान शक्ति व उधार सीमा — तीनों एक साथ निर्धारित करती है।
| घटक (Factor) | भार (Weight) |
|---|---|
| सकल घरेलू उत्पाद (GDP) | 50% |
| खुलापन (Openness) | 30% |
| आर्थिक अस्थिरता (Variability) | 15% |
| अंतर्राष्ट्रीय आरक्षित निधि (Reserves) | 5% |
1. 16वीं सामान्य कोटा समीक्षा (16th General Review of Quotas) — 15 दिसंबर 2023 को स्वीकृत, कुल कोटा में 50% वृद्धि (SDR 238.6 बिलियन जोड़कर कुल SDR 715.7 बिलियन, लगभग $960 बिलियन) 2. भारत की कोटा — SDR 13,114.4 मिलियन, यानी 2.75% हिस्सेदारी — विश्व में 8वाँ सबसे बड़ा कोटाधारक देश 3. भारत की मतदान शक्ति — 2.63% (लगभग 1,32,063 वोट) 4. भारत IMF का संस्थापक सदस्य (1945) है — 1993 के बाद से किसी वित्तीय सहायता की आवश्यकता नहीं पड़ी, जो भारतीय अर्थव्यवस्था की मज़बूती दर्शाता है 5. विश्व आर्थिक दृष्टिकोण (World Economic Outlook), 2026 — भारत की वृद्धि दर 2026 हेतु लगभग 6.3-6.4% अनुमानित, विश्व की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बरकरार; विकसित अर्थव्यवस्थाओं की वृद्धि दर मात्र 1.8% (2026) व 1.7% (2027) अनुमानित
| सुविधा (Facility) | उद्देश्य |
|---|---|
| स्टैंड-बाय व्यवस्था (SBA) | अल्पकालिक भुगतान संतुलन आवश्यकताओं की पूर्ति |
| विस्तारित निधि सुविधा (EFF) | दीर्घकालिक संरचनात्मक भुगतान संतुलन समस्याओं का समाधान |
| त्वरित वित्त साधन (RFI) | आपातकालीन/तात्कालिक आवश्यकता हेतु, बिना पूर्ण कार्यक्रम शर्त के |
| त्वरित ऋण सुविधा (RCF) | निम्न-आय देशों हेतु आपातकालीन रियायती सहायता |
| गरीबी न्यूनीकरण एवं वृद्धि न्यास (PRGT) | निम्न-आय देशों हेतु दीर्घकालिक रियायती ऋण |
| लचीली ऋण सीमा (FCL) | मज़बूत आर्थिक नीति रिकॉर्ड वाले देशों हेतु पूर्व-अनुमोदित सुरक्षा कवच |
1991 में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार गिरकर मात्र 3 सप्ताह के आयात के बराबर रह गया था और सोना गिरवी रखना पड़ा था। IMF ने ढाँचागत समायोजन ऋण (Structural Adjustment Loan) दिया, जिसके बदले भारत ने उदारीकरण-निजीकरण-वैश्वीकरण (LPG) सुधार लागू किए। बाद में भारत ने वस्तु एवं सेवा कर (GST) के क्रियान्वयन हेतु IMF से तकनीकी सहायता भी ली, परंतु 1993 के बाद कभी वित्तीय सहायता की ज़रूरत नहीं पड़ी।
📚 मानक परिभाषा: ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन व दक्षिण अफ्रीका द्वारा गठित उभरती अर्थव्यवस्थाओं का समूह, जो पश्चिमी-प्रभुत्व वाली वित्तीय व्यवस्था (IMF/World Bank) के विकल्प के रूप में आपसी सहयोग बढ़ाता है। ✅ सरल शब्दों में: जैसे कुछ बड़े व्यापारी मिलकर अपना खुद का सहकारी बैंक बना लें ताकि बड़े बैंकों की शर्तों पर पूरी तरह निर्भर न रहना पड़े — वैसे ही BRICS देशों ने अपना न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB) बनाया। 💡 उदाहरण: भारत ने NDB से मुंबई मेट्रो व दिल्ली-गाज़ियाबाद-मेरठ रैपिड रेल जैसी बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं के लिए ऋण लिया है।
1. 2026 में BRICS के 11 पूर्ण सदस्य — ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका (मूल 5) + मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (जनवरी 2024 से) + इंडोनेशिया (जनवरी 2025 से) 2. 10 भागीदार देश (Partner Countries, 2025 से जुड़े) — बेलारूस, बोलीविया, क्यूबा, कज़ाकिस्तान, मलेशिया, नाइजीरिया, थाईलैंड, युगांडा, उज़्बेकिस्तान, वियतनाम 3. 18वाँ BRICS शिखर सम्मेलन — 12-13 सितंबर 2026, नई दिल्ली (भारत) में आयोजित होना प्रस्तावित; नई सदस्यता पर निर्णय संभावित 4. न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB) — स्थापना 2014, मुख्यालय शंघाई (चीन); समतावादी (egalitarian) मताधिकार संरचना — IMF/World Bank की असमान व्यवस्था के विपरीत 5. NDB से भारत को सहायता — मुंबई मेट्रो, दिल्ली-गाज़ियाबाद-मेरठ रैपिड रेल (RRTS), बिहार की ग्रामीण सड़कें; 2020 में ग्रामीण रोज़गार हेतु $1 बिलियन ऋण स्वीकृत
BRICS विस्तार पर मतभेद: चीन व रूस BRICS के तेज़ विस्तार के पक्ष में हैं ताकि पश्चिमी वित्तीय प्रभुत्व को चुनौती दी जा सके, जबकि भारत व ब्राज़ील निर्णय-प्रक्रिया की दक्षता बनाए रखने हेतु कड़े मूल्यांकन मापदंडों (strict evaluation criteria) के पक्षधर हैं — यह BRICS के भीतर एक महत्वपूर्ण आंतरिक बहस है।
1. G20 की 2026 अध्यक्षता — संयुक्त राज्य अमेरिका के पास (1 दिसंबर 2025 से प्रभावी) 2. G20 मियामी शिखर सम्मेलन — 14-15 दिसंबर 2026, ट्रम्प नेशनल डोरल, फ्लोरिडा (अमेरिका) में प्रस्तावित 3. अमेरिकी अध्यक्षता की 3 प्राथमिकताएँ — आर्थिक समृद्धि (नियामक बोझ घटाना), किफायती व सुरक्षित ऊर्जा आपूर्ति शृंखला, नई तकनीक व नवाचार 4. विवाद — नवंबर 2025 में अमेरिका ने दक्षिण अफ्रीका को 2026 सम्मेलन में आमंत्रित न करने की घोषणा की (अफ्रीकानेर मुद्दे व होस्टिंग-हस्तांतरण विवाद के चलते) 5. भारत ने 2023 में G20 की अध्यक्षता की थी — नई दिल्ली घोषणापत्र (New Delhi Declaration) व अफ्रीकी संघ (African Union) को स्थायी सदस्य के रूप में शामिल कराना भारत की एक बड़ी कूटनीतिक उपलब्धि मानी जाती है
📚 मानक परिभाषा: आसियान (ASEAN) के 10 सदस्य देशों तथा उनके FTA साझेदारों (चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैंड) के बीच विश्व का सबसे बड़ा मुक्त व्यापार समझौता, जनवरी 2022 से प्रभावी। ✅ सरल शब्दों में: जैसे कई पड़ोसी दुकानदार मिलकर तय कर लें कि आपस में बिना किसी भारी टैक्स-झंझट के माल बेचेंगे — भारत इस "पड़ोसी क्लब" में शामिल नहीं हुआ। 💡 उदाहरण: भारत 2019 में RCEP वार्ता से बाहर निकल गया था, क्योंकि उसे डर था कि चीन से सस्ते आयात की बाढ़ आ जाएगी और व्यापार घाटा और बढ़ेगा।
भारत की "RCEP माइनस चीन" रणनीति: भारत ने RCEP में शामिल हुए बिना ही, चीन को छोड़कर बाकी सभी RCEP सदस्य देशों के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय मुक्त व्यापार समझौते (FTA) कर लिए हैं — इस तरह बाज़ार पहुँच भी मिल रही है और चीन से आयात पर नियंत्रण भी बरकरार है। हाल के वैश्विक आपूर्ति शृंखला बदलावों व टैरिफ-युद्ध के चलते भारत में RCEP पर पुनर्विचार को लेकर सीमित चर्चा भी शुरू हुई है, परंतु सरकार ने आधिकारिक रूप से इसे अभी खारिज किया है।
2025-26 में अमेरिका-भारत व्यापार संबंधों में तीव्र उतार-चढ़ाव देखने को मिला, जो दिखाता है कि वैश्विक व्यापार नीति कितनी तेज़ी से बदल सकती है और इसका असर सीधे स्थानीय उद्योगों तक पहुँचता है।
1. अगस्त 2025 — अमेरिका ने भारत पर 25% "पारस्परिक" (reciprocal) टैरिफ लगाया, तथा रूसी तेल आयात जारी रखने पर अतिरिक्त 25% दंडात्मक टैरिफ जोड़कर कुल 50% कर दिया — यह अमेरिका द्वारा किसी भी व्यापारिक साझेदार पर लगाए गए सर्वाधिक टैरिफ में से एक था 2. सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्र — वस्त्र (टेक्सटाइल), रत्न-आभूषण (जेम्स एंड ज्वेलरी), झींगा (श्रिम्प), कालीन (कारपेट) — निर्यात में 70% तक गिरावट की आशंका जताई गई 3. 2 फरवरी 2026 — अमेरिका-भारत नए द्विपक्षीय व्यापार समझौते की घोषणा, टैरिफ 50% से घटाकर 18% किया गया 4. भारत की प्रतिबद्धताएँ — अमेरिकी वस्तुओं पर शून्य टैरिफ, रूसी तेल आयात रोकना, अमेरिका से अधिक आयात व "Buy American" नीति अपनाना, भविष्य में $500 बिलियन से अधिक अमेरिकी उत्पाद आयात की प्रतिबद्धता
जब अमेरिका ने अगस्त 2025 में 50% टैरिफ लगाया, तो जयपुर के रत्न-आभूषण निर्यातकों के ऑर्डर अचानक रुक गए — क्योंकि अमेरिका में बिकने वाला गहना अब वहाँ 50% महँगा हो गया था। फरवरी 2026 के समझौते (18% टैरिफ) के बाद राहत मिली, लेकिन इस बीच हज़ारों कारीगरों की आजीविका प्रभावित हुई — यही दिखाता है कि वैश्विक व्यापार नीति सीधे राजस्थान के छोटे कारीगर तक असर डालती है।
| संगठन | स्थापना/मुख्यालय | उद्देश्य/भारत की भूमिका |
|---|---|---|
| शंघाई सहयोग संगठन (SCO) | 2001 / बीजिंग | राजनीतिक-आर्थिक-सैन्य गठबंधन; 10 सदस्य (भारत, चीन, रूस, पाकिस्तान सहित); भारत का जोर अंतर्राष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारे (INSTC) पर |
| आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन (OECD) | 1961 / पेरिस | 38 उच्च-आय देशों का समूह; भारत सदस्य नहीं, पर प्रमुख भागीदार (कराधान, आँकड़ा-साझाकरण में सहयोग) |
| एशियाई अवसंरचना निवेश बैंक (AIIB) | 2015 / बीजिंग | 105 सदस्य; भारत दूसरा सबसे बड़ा शेयरधारक (लगभग 7.6-8%) |
| हिंद-प्रशांत आर्थिक ढाँचा (IPEF) | मई 2022 / अमेरिका के नेतृत्व में | 14 सदस्य देश; भारत व्यापार-स्तंभ से बाहर, शेष 3 स्तंभों (आपूर्ति शृंखला, स्वच्छ ऊर्जा, निष्पक्ष अर्थव्यवस्था) में शामिल |
| बैंक फॉर इंटरनेशनल सेटलमेंट्स (BIS) | 1930 / बेसल | केंद्रीय बैंकों का बैंक; 60 सदस्य केंद्रीय बैंक, भारत (RBI) सदस्य |
| वित्तीय स्थिरता बोर्ड (FSB) | 2009 / G20 ढाँचे में स्थापित | वैश्विक वित्तीय स्थिरता निगरानी; भारत RBI, वित्त मंत्रालय व SEBI के माध्यम से प्रतिनिधित्व |
| UNCTAD | 1964 / जिनेवा | विकासशील देशों को वैश्विक अर्थव्यवस्था में एकीकृत करना; 195 सदस्य देश |
| विश्व बौद्धिक संपदा संगठन (WIPO) | 1967 / जिनेवा | बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) हेतु वैश्विक संधियाँ प्रशासित; भारत 1975 से सदस्य |
राजस्थान की अर्थव्यवस्था वैश्विक व्यापार नीति से गहराई से जुड़ी है — विशेषकर रत्न-आभूषण व हस्तशिल्प निर्यात के माध्यम से। WTO के नियम, अमेरिका जैसे देशों की टैरिफ नीति व नए मुक्त व्यापार समझौते — सीधे जयपुर के जौहरी व कारीगर तक असर डालते हैं।
1. राजस्थान भारत के कुल रत्न-आभूषण निर्यात में लगभग 17.5% हिस्सेदारी रखता है — लगभग 90% मीनाकारी आभूषण व 60% कुंदन आभूषण निर्यात राजस्थान से होता है 2. वित्त वर्ष 2025-26 की पहली छमाही (अप्रैल-सितंबर 2025) में राजस्थान के रत्न-आभूषण निर्यात में 82.14% की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई 3. परंतु अमेरिकी टैरिफ के कारण स्टडेड ज्वेलरी निर्यात ₹82,000 करोड़ (2023-24) से गिरकर ₹60,000 करोड़ (2024-25) रह गया — लगभग 30% की गिरावट 4. हस्तशिल्प (Handicraft) क्षेत्र — 2030 तक राजस्थान के निर्यात हिस्से को लगभग ₹18,000 करोड़ तक बढ़ाने की संभावना जताई गई है 5. भारत-यूके मुक्त व्यापार समझौता (FTA, जुलाई 2025 हस्ताक्षरित) — 99% निर्यात पर शून्य शुल्क का प्रावधान, जयपुर के जौहरियों व हस्तशिल्प निर्यातकों के लिए बड़ा अवसर
राजस्थान पर टैरिफ-युद्ध व राहत का सीधा असर: अगस्त 2025 के 50% अमेरिकी टैरिफ ने जयपुर के जौहरी उद्योग को गहरा झटका दिया; फरवरी 2026 के व्यापार समझौते (टैरिफ घटकर 18%) से आंशिक राहत मिली है। छात्रों को यह समझना ज़रूरी है कि वैश्विक व्यापार नीति (WTO/द्विपक्षीय टैरिफ) का सीधा प्रभाव राजस्थान के स्थानीय कारीगरों व निर्यातकों पर पड़ता है — यह RAS मुख्य परीक्षा में राजस्थान-केंद्रित प्रश्न पूछे जाने का प्रमुख आधार है।
1. WTO की स्थापना 1 जनवरी 1995 को हुई, GATT (1947) की उत्तराधिकारी संस्था के रूप में। 📌 Pre 2. WTO का मुख्यालय जिनेवा (स्विट्ज़रलैंड) में है। 📌 Pre 3. WTO की वर्तमान महानिदेशक न्गोज़ी ओकोन्जो-इवेला हैं — प्रथम महिला व प्रथम अफ्रीकी महानिदेशक। 📌 Pre 4. मंत्रिस्तरीय सम्मेलन (Ministerial Conference) WTO का सर्वोच्च निकाय है, हर 2 वर्ष में आयोजित होता है। 📌 Pre 5. WTO का अपीलीय निकाय (Appellate Body) 2019 से अमेरिका द्वारा नियुक्तियाँ रोके जाने के कारण निष्क्रिय है। 📝 10M 6. भारत की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) नीति WTO के एम्बर बॉक्स (व्यापार-विकृतकारी सब्सिडी) में आती है। 📝 5M 7. शांति उपबंध (Peace Clause) बाली मंत्रिस्तरीय सम्मेलन (2013) में स्वीकृत हुआ था। 📌 Pre 8. WTO का 14वाँ मंत्रिस्तरीय सम्मेलन (MC14) मार्च 2026 में याउंडे, कैमरून में हुआ। 📌 Pre 9. WTO मत्स्य सब्सिडी समझौता सितंबर 2025 से लागू हुआ; भारत ने अभी अनुसमर्थन नहीं किया। 📝 10M 10. IMF व विश्व बैंक दोनों की स्थापना 1944 में ब्रेटन वुड्स सम्मेलन (अमेरिका) में हुई थी। 📌 Pre 11. IBRD मध्यम-आय देशों को, जबकि IDA सबसे गरीब देशों को रियायती ऋण देता है। 📝 5M 12. विश्व बैंक के वर्तमान अध्यक्ष अजय बंगा हैं (जून 2023 से कार्यरत)। 📌 Pre 13. IMF की स्थापना का उद्देश्य अंतर्राष्ट्रीय मौद्रिक सहयोग व भुगतान संतुलन सहायता है। 📌 Pre 14. SDR (विशेष आहरण अधिकार) की रचना 1969 में हुई थी, यह 5 मुद्राओं की टोकरी पर आधारित है। 📌 Pre 15. IMF की 16वीं सामान्य कोटा समीक्षा दिसंबर 2023 में स्वीकृत हुई, जिसमें कुल कोटा में 50% वृद्धि हुई। 📝 10M 16. भारत IMF में 8वाँ सबसे बड़ा कोटाधारक देश है (2.75% कोटा, 2.63% मताधिकार)। 📌 Pre 17. 1991 के भुगतान संतुलन संकट में IMF ने भारत को ढाँचागत समायोजन ऋण दिया था। 📝 10M 18. BRICS के 5 संस्थापक सदस्य — ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका। 📌 Pre 19. 2026 में BRICS के 11 पूर्ण सदस्य हैं (मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब, UAE 2024 से; इंडोनेशिया 2025 से जुड़े)। 📌 Pre 20. न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB) की स्थापना 2014 में हुई, मुख्यालय शंघाई (चीन) में है। 📌 Pre 21. 18वाँ BRICS शिखर सम्मेलन सितंबर 2026 में नई दिल्ली में आयोजित होगा। 📝 10M 22. G20 की 2026 अध्यक्षता अमेरिका के पास है; शिखर सम्मेलन मियामी (फ्लोरिडा) में दिसंबर 2026 में प्रस्तावित। 📌 Pre 23. भारत ने 2023 में G20 की अध्यक्षता की थी, जिसमें अफ्रीकी संघ (AU) को स्थायी सदस्य बनाया गया। 📝 10M 24. भारत 2019 में RCEP वार्ता से बाहर निकल गया था। 📌 Pre 25. भारत ने "RCEP माइनस चीन" रणनीति अपनाकर चीन को छोड़कर बाकी सभी RCEP सदस्यों से FTA किए हैं। 📝 10M 26. अगस्त 2025 में अमेरिका ने भारत पर 50% टैरिफ लगाया था, फरवरी 2026 के समझौते से घटाकर 18% किया गया। 📝 10M 27. राजस्थान भारत के कुल रत्न-आभूषण निर्यात का लगभग 17.5% हिस्सा रखता है। 📌 Pre
Q1. विश्व व्यापार संगठन (WTO) की स्थापना, संरचना एवं भारत के समक्ष चुनौतियों की विवेचना कीजिए। (10 अंक) Q2. GATT से WTO तक की यात्रा को स्पष्ट कीजिए। (5 अंक) Q3. सर्वाधिक तरजीही राष्ट्र (MFN) सिद्धांत क्या है? उदाहरण सहित समझाइए। (5 अंक) Q4. WTO कृषि समझौते के तीन स्तंभों का वर्णन कीजिए एवं स्पष्ट कीजिए कि भारत की MSP नीति किस बॉक्स में आती है। (10 अंक) Q5. IBRD व IDA में अंतर स्पष्ट कीजिए। (5 अंक) Q6. विश्व बैंक समूह की संरचना एवं भारत में इसकी भूमिका का वर्णन कीजिए। (10 अंक) Q7. IMF की कोटा प्रणाली एवं उसमें भारत की स्थिति का वर्णन कीजिए। (10 अंक) Q8. विशेष आहरण अधिकार (SDR) क्या है? (5 अंक) Q9. भारत के 1991 आर्थिक संकट में IMF की भूमिका पर प्रकाश डालिए। (5 अंक) Q10. BRICS एवं न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB) की स्थापना, उद्देश्य एवं भारत की भूमिका बताइए। (10 अंक) Q11. भारत RCEP से बाहर क्यों है? इसकी वैकल्पिक रणनीति स्पष्ट कीजिए। (10 अंक) Q12. अमेरिका-भारत टैरिफ विवाद (2025-26) का भारतीय अर्थव्यवस्था, विशेषकर राजस्थान, पर पड़ने वाले प्रभाव का विश्लेषण कीजिए। (10 अंक) Q13. WTO के वर्तमान महानिदेशक कौन हैं? (Pre MCQ) Q14. न्यू डेवलपमेंट बैंक का मुख्यालय कहाँ स्थित है? (Pre MCQ)
| वर्ष | घटना/समझौता/संस्था | महत्व |
|---|---|---|
| 1944 | ब्रेटन वुड्स सम्मेलन; IMF व विश्व बैंक की स्थापना | वैश्विक मौद्रिक व्यवस्था की नींव |
| 1947 | GATT की स्थापना | बहुपक्षीय व्यापार वार्ता की शुरुआत |
| 1948 | हवाना चार्टर व ITO प्रस्ताव विफल | अमेरिकी सीनेट की अस्वीकृति |
| 1956 | IFC की स्थापना | निजी क्षेत्र वित्तपोषण की शुरुआत |
| 1960 | IDA की स्थापना | निर्धनतम देशों हेतु रियायती ऋण |
| 1961 | OECD की स्थापना | विकसित देशों का आर्थिक सहयोग मंच |
| 1964 | UNCTAD की स्थापना | विकासशील देशों का व्यापार मंच |
| 1966 | ADB, ICSID व UNIDO की स्थापना | क्षेत्रीय विकास वित्तपोषण |
| 1967 | WIPO की स्थापना | बौद्धिक संपदा अधिकार हेतु वैश्विक ढाँचा |
| 1969 | SDR का सृजन | अंतर्राष्ट्रीय आरक्षित परिसंपत्ति की शुरुआत |
| 1988 | MIGA की स्थापना | विदेशी निवेश हेतु राजनीतिक जोखिम बीमा |
| 1991 | भारत का भुगतान संतुलन संकट; IMF ऋण व LPG सुधार | भारतीय अर्थव्यवस्था में ऐतिहासिक मोड़ |
| 1995 | WTO की स्थापना (1 जनवरी); TRIPS व GATS शामिल | GATT की उत्तराधिकारी, व्यापक दायरा |
| 2001 | दोहा विकास एजेंडा शुरू; SCO की स्थापना | विकासशील देशों के मुद्दे प्रमुखता से उठे |
| 2009 | वित्तीय स्थिरता बोर्ड (FSB) की स्थापना | वैश्विक वित्तीय निगरानी तंत्र |
| 2013 | बाली मंत्रिस्तरीय सम्मेलन — शांति उपबंध स्वीकृत | खाद्य सुरक्षा कार्यक्रमों को सुरक्षा मिली |
| 2014 | BRICS न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB) की स्थापना | वैकल्पिक वैश्विक वित्तीय संरचना |
| 2015 | AIIB की स्थापना; WTO नैरोबी सम्मेलन | एशियाई अवसंरचना वित्तपोषण, निर्यात सब्सिडी समाप्ति |
| 2019 | अपीलीय निकाय निष्क्रिय; भारत RCEP वार्ता से बाहर | WTO विवाद तंत्र संकट व भारत की रणनीतिक स्वायत्तता |
| 2022 | IPEF लॉन्च (मई); RCEP प्रभावी (जनवरी) | नई क्षेत्रीय व्यापार संरचनाओं का उदय |
| 2023 | भारत की G20 अध्यक्षता; IMF 16वीं कोटा समीक्षा (दिसंबर) | भारत की वैश्विक कूटनीतिक उपलब्धि |
| 2024 | BRICS विस्तार — मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब, UAE शामिल | ब्रिक्स का सबसे बड़ा विस्तार |
| 2025 | इंडोनेशिया BRICS का पूर्ण सदस्य बना (जनवरी); WTO मत्स्य सब्सिडी समझौता लागू (सितंबर); अमेरिका द्वारा भारत पर 50% टैरिफ (अगस्त) | 11वाँ पूर्ण सदस्य; सतत मत्स्य पालन नियम; व्यापार तनाव चरम पर |
| 2026 | अमेरिका-भारत व्यापार समझौता — टैरिफ 18% (फरवरी); WTO का 14वाँ मंत्रिस्तरीय सम्मेलन (मार्च, याउंडे); 18वाँ BRICS शिखर सम्मेलन (सितंबर, नई दिल्ली); G20 मियामी शिखर सम्मेलन (दिसंबर) | तनाव में कमी; नवीनतम वैश्विक व्यापार वार्ता; भारत की मेज़बानी; अमेरिका की प्राथमिकताएँ |
योजना
केंद्र सरकार की प्रमुख योजनाएं — Complete Yojana Guide RAS Pre + Mains | सभी 9 अध्यायों हेतु पूरक संदर्भ सामग्री
RAS Pre व Mains दोनों में सरकारी योजनाओं (Government Schemes) से सबसे ज़्यादा प्रश्न पूछे जाते हैं — क्योंकि योजनाएं करेंट अफेयर्स व स्थायी अर्थशास्त्र दोनों को जोड़ती हैं। इस गाइड में केंद्र सरकार की सभी 9 अध्यायों (कृषि, उद्योग, सेवा क्षेत्र, व्यापार, वित्त, बैंकिंग, सामाजिक क्षेत्र) से जुड़ी प्रमुख योजनाओं को एक जगह, आसान भाषा में, उनके प्रावधानों (Provisions) पर फोकस करते हुए समझाया गया है। सबसे पहले "फ्लैगशिप योजनाएं" (सरकार की सबसे बड़ी व चर्चित योजनाएं) पूरे विस्तार से — फुल फॉर्म, मंत्रालय, कब से, क्या-क्या प्रावधान व एक वास्तविक उदाहरण के साथ समझाई गई हैं। इसके बाद बाकी सभी योजनाएं क्षेत्र (sector) के अनुसार संक्षिप्त परंतु पूर्ण जानकारी के साथ दी गई हैं।
केंद्र सरकार की फ्लैगशिप योजनाएं — त्वरित सूची
"फ्लैगशिप योजना" (Flagship Scheme) वह योजना होती है जिसे सरकार अपनी सबसे बड़ी प्राथमिकता व पहचान मानती है — जिस पर सबसे ज़्यादा बजट, प्रचार व राजनीतिक महत्व दिया जाता है। नीचे केंद्र सरकार की 15 प्रमुख फ्लैगशिप योजनाओं की सूची दी गई है, जिन्हें आगे विस्तार से समझाया गया है।
| क्रम | योजना | मंत्रालय | वर्ष |
|---|---|---|---|
| 1 | प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) | कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय | 2019 |
| 2 | आयुष्मान भारत — PM-JAY | स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय | 2018 |
| 3 | प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY 2.0) | आवास एवं शहरी मामले / ग्रामीण विकास मंत्रालय | 2015 |
| 4 | प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY) | वित्त मंत्रालय | 2014 |
| 5 | प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) | पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय | 2016 |
| 6 | मनरेगा (MGNREGA) | ग्रामीण विकास मंत्रालय | 2005 |
| 7 | स्वच्छ भारत मिशन 2.0 (SBM) | आवास एवं शहरी मामले / जल शक्ति मंत्रालय | 2014 |
| 8 | डिजिटल इंडिया (Digital India) | इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय | 2015 |
| 9 | मेक इन इंडिया (Make in India) | वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय | 2014 |
| 10 | स्किल इंडिया मिशन (PMKVY) | कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय | 2015 |
| 11 | स्टार्टअप इंडिया (Startup India) | DPIIT, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय | 2016 |
| 12 | प्रधानमंत्री गति शक्ति (PM Gati Shakti) | वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय | 2021 |
| 13 | प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना | सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) मंत्रालय | 2023 |
| 14 | जल जीवन मिशन (Jal Jeevan Mission) | जल शक्ति मंत्रालय | 2019 |
| 15 | PM सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना | नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय | 2024 |
📚 मानक परिभाषा: कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा फरवरी 2019 में शुरू की गई 100% केंद्र प्रायोजित योजना, जिसके तहत सभी भूमिधारक किसान परिवारों को प्रति वर्ष ₹6,000 की आर्थिक सहायता तीन बराबर किस्तों (₹2,000 प्रत्येक) में सीधे बैंक खाते में DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से दी जाती है। ✅ सरल शब्दों में: जैसे घर में हर महीने की जरूरी खर्च के लिए थोड़ी रकम पहले से तय होकर सीधे हाथ में आ जाए — वैसे ही सरकार किसान के खाते में सीधे साल में तीन बार पैसा भेजती है, ताकि बीज-खाद खरीदने में मदद मिले। 💡 उदाहरण: जून 2026 में सरकार ने PM-KISAN की 23वीं किस्त जारी की, जिसमें ₹18,880 करोड़ सीधे 9.44 करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए।
📚 मानक परिभाषा: स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) द्वारा 23 सितंबर 2018 को शुरू की गई विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना, जो SECC-2011 डेटा के आधार पर पात्र परिवारों को द्वितीयक व तृतीयक अस्पताल भर्ती हेतु प्रति परिवार प्रति वर्ष ₹5 लाख का कैशलेस कवर देती है। ✅ सरल शब्दों में: जैसे किसी बड़े परिवार के पास एक साझा "मेडिकल इमरजेंसी फंड कार्ड" हो, जिसे दिखाकर अस्पताल में बिना पैसे दिए इलाज हो जाए — वही काम आयुष्मान कार्ड करता है। 💡 उदाहरण: 2026 में 70 वर्ष व उससे अधिक आयु के सभी वरिष्ठ नागरिकों (आय-स्थिति चाहे जो भी हो) को अतिरिक्त ₹5 लाख का टॉप-अप कवर मुफ्त मिलना शुरू हुआ — जैसे किसी गाँव के 72 वर्षीय बुज़ुर्ग को हार्ट सर्जरी की ज़रूरत पड़ने पर पूरा खर्च आयुष्मान कार्ड से कवर हो जाता है, चाहे परिवार गरीब हो या न हो।
📚 मानक परिभाषा: 2015 में शुरू "सबके लिए आवास" मिशन, जो ग्रामीण क्षेत्र में ग्रामीण विकास मंत्रालय (PMAY-G) व शहरी क्षेत्र में आवास एवं शहरी मामले मंत्रालय (PMAY-U) द्वारा क्रियान्वित है; PMAY 2.0 के तहत 2024-29 की अवधि में 4.95 करोड़ ग्रामीण घरों का लक्ष्य रखा गया है। ✅ सरल शब्दों में: जैसे किसी बेघर परिवार को सरकार कहे — "घर बनाने का ज़्यादातर खर्च हम देंगे, बस थोड़ा योगदान तुम करो" — यही योजना का मूल भाव है। 💡 उदाहरण: अगस्त 2025 तक स्वीकृत 4.12 करोड़ घरों में से 2.82 करोड़ से अधिक घर बनकर तैयार हो चुके हैं; समतल क्षेत्रों में ₹1.20 लाख व पहाड़ी/दुर्गम क्षेत्रों में ₹1.30 लाख प्रति घर सहायता दी जाती है।
📚 मानक परिभाषा: 28 अगस्त 2014 को वित्त मंत्रालय द्वारा शुरू राष्ट्रीय वित्तीय समावेशन मिशन, जिसके तहत हर परिवार का शून्य बैलेंस पर बैंक खाता खोला जाता है, साथ में रुपे डेबिट कार्ड, दुर्घटना बीमा व ओवरड्राफ्ट सुविधा दी जाती है। ✅ सरल शब्दों में: जैसे पहले गाँव के बहुत से लोगों के पास बैंक खाता ही नहीं होता था और पैसा घर में या साहूकार के पास रखना पड़ता था — जन धन योजना ने हर परिवार को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ दिया। 💡 उदाहरण: कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान सरकार ने महिला जन धन खाताधारकों के खातों में सीधे राहत राशि (₹500/माह) DBT से भेजी — यह जन धन खातों की उपयोगिता का सबसे बड़ा उदाहरण है।
📚 मानक परिभाषा: 1 मई 2016 को उत्तर प्रदेश के बलिया से पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा शुरू योजना, जिसके तहत गरीबी रेखा से नीचे (BPL) परिवारों की महिलाओं को मुफ्त LPG कनेक्शन दिया जाता है। ✅ सरल शब्दों में: जैसे पहले गाँव की महिलाएं लकड़ी व कोयले के धुएँ में खाना बनाती थीं, जिससे सांस की बीमारियाँ होती थीं — उज्ज्वला योजना ने उन्हें धुआं-मुक्त रसोई गैस दी। 💡 उदाहरण: मई 2026 तक कुल 10.55 करोड़ LPG कनेक्शन जारी किए जा चुके हैं; जून 2026 से पात्र लाभार्थी अब वर्ष में 4 सिलेंडर तक सब्सिडी (अधिकतम ₹1,200/वर्ष) पा सकते हैं।
📚 मानक परिभाषा: 2005 में पारित अधिनियम (ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा क्रियान्वित), जो प्रत्येक ग्रामीण परिवार को वित्तीय वर्ष में 100 दिन के अकुशल शारीरिक श्रम का कानूनी अधिकार (Legal Guarantee) देता है — यह विश्व की सबसे बड़ी रोजगार गारंटी योजना है। ✅ सरल शब्दों में: जैसे किसी गाँव में खेती का काम न होने पर मज़दूर बेरोज़गार बैठ जाता — मनरेगा के तहत सरकार गाँव में ही सड़क/तालाब जैसे काम देकर मज़दूरी की गारंटी देती है। 💡 उदाहरण: यदि आवेदन के 15 दिन के भीतर काम नहीं मिलता, तो सरकार को बेरोज़गारी भत्ता देना पड़ता है — यह इसे बाकी योजनाओं से अलग "कानूनी अधिकार" बनाता है, न कि सिर्फ योजना।
📚 मानक परिभाषा: 2 अक्टूबर 2014 को शुरू, अब SBM-शहरी 2.0 (आवास एवं शहरी मामले मंत्रालय) व SBM-ग्रामीण 2.0 (जल शक्ति मंत्रालय) के रूप में अक्टूबर 2026 तक विस्तारित; उद्देश्य है खुले में शौच मुक्ति (ODF) को स्थायी बनाना व सभी शहरों को "कचरा-मुक्त" बनाना। ✅ सरल शब्दों में: जैसे घर की सफाई एक बार करके नहीं छोड़ी जाती, रोज़ाना बनाए रखनी पड़ती है — SBM 2.0 का फोकस सिर्फ शौचालय बनाने पर नहीं, बल्कि कचरा प्रबंधन को स्थायी रूप से बनाए रखने पर है। 💡 उदाहरण: SBM-शहरी 2.0 के तहत ₹1,41,600 करोड़ का कुल परिव्यय स्वीकृत है; इसके अंतर्गत 3.5 लाख से अधिक व्यक्तिगत, सामुदायिक व सार्वजनिक शौचालय बनाए गए हैं।
📚 मानक परिभाषा: 1 जुलाई 2015 को इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) द्वारा शुरू अभियान, जिसका उद्देश्य भारत को डिजिटल रूप से सशक्त समाज व ज्ञान अर्थव्यवस्था में बदलना है — यह आधार, UPI, डिजिलॉकर व भारतनेट जैसी "इंडिया स्टैक" परियोजनाओं की छतरी (umbrella) है। ✅ सरल शब्दों में: जैसे पहले हर सरकारी काम के लिए लाइन में लगकर फॉर्म भरना पड़ता था — डिजिटल इंडिया ने आधार-आधारित पहचान व मोबाइल से ही ज़्यादातर काम घर बैठे संभव बना दिया। 💡 उदाहरण: 2026 में UPI हर महीने 23 बिलियन से अधिक लेनदेन प्रोसेस कर रहा है (मई 2026 में 23.2 बिलियन) — जो इसे विश्व का सबसे बड़ा रियल-टाइम भुगतान तंत्र बनाता है; भारत अकेले वैश्विक डिजिटल भुगतान लेनदेन का लगभग 49% हिस्सा रखता है।
📚 मानक परिभाषा: 25 सितंबर 2014 को वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय (DPIIT) द्वारा शुरू अभियान, जिसका उद्देश्य भारत को वैश्विक विनिर्माण केंद्र (Global Manufacturing Hub) बनाना, विदेशी निवेश आकर्षित करना व GDP में विनिर्माण का हिस्सा बढ़ाना है। ✅ सरल शब्दों में: जैसे कोई दुकानदार अपने बोर्ड पर लिख दे "यहां का माल यहीं बनता है, बाहर से मंगाने की ज़रूरत नहीं" — भारत ने भी दुनिया को यही संदेश दिया कि "भारत में बनाओ, भारत से बेचो"। 💡 उदाहरण: Apple व Foxconn जैसी कंपनियों ने PLI योजना (Make in India का ही एक उपकरण) के सहारे भारत में iPhone विनिर्माण इकाइयाँ लगाईं, जिससे भारत मोबाइल निर्यात में वैश्विक खिलाड़ी बना।
📚 मानक परिभाषा: 15 जुलाई 2015 को कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) द्वारा शुरू मिशन, जिसका फ्लैगशिप घटक PMKVY है — यह युवाओं को अल्पकालिक कौशल प्रशिक्षण देकर प्रमाण-पत्र व रोजगार-योग्यता प्रदान करता है। ✅ सरल शब्दों में: जैसे किसी युवा के पास डिग्री तो हो पर हाथ से काम करने का प्रमाण-पत्र न हो — PMKVY उसे 2-3 महीने की ट्रेनिंग देकर एक सर्टिफिकेट देती है जिससे उसे नौकरी मिलने में आसानी हो। 💡 उदाहरण: PMKVY 4.0 के तहत अब ड्रोन तकनीक, AI व सोलर पैनल इंस्टॉलेशन जैसे नए-युग के कोर्स भी शामिल किए गए हैं — जैसे किसी गांव के युवा को ड्रोन उड़ाने का प्रशिक्षण देकर उसे कृषि-ड्रोन ऑपरेटर बनाया जा रहा है।
📚 मानक परिभाषा: 16 जनवरी 2016 को DPIIT (वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय) द्वारा शुरू पहल, जिसका उद्देश्य नवाचार व उद्यमिता को बढ़ावा देकर रोज़गार सृजन करना है; DPIIT-मान्यता प्राप्त स्टार्टअप को कर छूट, आसान अनुपालन व फंडिंग सहायता मिलती है। ✅ सरल शब्दों में: जैसे किसी नए विचार वाले युवा को कंपनी शुरू करने में कई सरकारी अड़चनें (लाइसेंस, टैक्स) आती थीं — स्टार्टअप इंडिया ने 3 साल तक टैक्स छूट व आसान रजिस्ट्रेशन देकर यह रास्ता आसान बनाया। 💡 उदाहरण: फंड ऑफ फंड्स फॉर स्टार्टअप्स (FFS) योजना के तहत सरकार सीधे स्टार्टअप्स को पैसा न देकर SEBI-पंजीकृत वेंचर कैपिटल फंडों में निवेश करती है, जो आगे स्टार्टअप्स में लगाया जाता है — जैसे कोई बड़ा निवेशक कई छोटे निवेशकों के ज़रिए पैसा लगाए।
📚 मानक परिभाषा: 13 अक्टूबर 2021 को शुरू, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत डिजिटल प्लेटफॉर्म, जो रेलवे, सड़क, बंदरगाह, जलमार्ग, हवाई अड्डे, सामूहिक परिवहन व रसद (logistics) — 7 आर्थिक इंजनों की योजना को एक साथ, एक ही मंच (GIS-आधारित) पर एकीकृत करता है ताकि अलग-अलग विभाग एक-दूसरे से टकराए बिना काम करें। ✅ सरल शब्दों में: जैसे किसी शहर में सड़क बनाने वाला विभाग एक जगह सड़क खोदे और अगले ही महीने पानी विभाग वही सड़क दोबारा खोद दे — इस "अलग-अलग काम, बार-बार खुदाई" की समस्या को ख़त्म करने के लिए PM गति शक्ति एक साझा नक्शा (मास्टर प्लान) बनाती है, ताकि सभी विभाग पहले से समन्वय करके काम करें। 💡 उदाहरण: 44 केंद्रीय मंत्रालय व 36 राज्य/केंद्रशासित प्रदेश अब इस प्लेटफॉर्म से जुड़े हैं, जिसमें 1,614 डेटा लेयर एकीकृत हैं — जैसे किसी नए उद्योग को अनुमति चाहिए तो "नो योर अप्रूवल्स (KYA)" मॉड्यूल से पता चल जाता है कि कुल 427 में से कौन-कौन सी मंज़ूरियाँ ज़रूरी हैं।
📚 मानक परिभाषा: 17 सितंबर 2023 को MSME मंत्रालय, कौशल विकास मंत्रालय व वित्तीय सेवा विभाग द्वारा संयुक्त रूप से शुरू केंद्रीय क्षेत्र योजना (₹13,000 करोड़ परिव्यय, 2023-24 से 2027-28), जो 18 पारंपरिक शिल्प व्यवसायों (बढ़ई, लोहार, सुनार, दर्ज़ी, कुम्हार आदि) के कारीगरों को मान्यता, प्रशिक्षण व ऋण सहायता देती है। ✅ सरल शब्दों में: जैसे पीढ़ियों से चला आ रहा पारंपरिक हुनर (जैसे लोहार का काम) आधुनिक बाज़ार में पिछड़ता जा रहा था क्योंकि न आधुनिक औज़ार थे न पहचान — यह योजना कारीगर को एक पहचान-पत्र, आधुनिक औज़ार खरीदने के पैसे व सस्ता कर्ज़ देकर उसे मुख्यधारा से जोड़ती है। 💡 उदाहरण: फरवरी 2026 तक 30 लाख से अधिक कारीगर पंजीकृत हो चुके हैं — जैसे किसी गाँव के परंपरागत लोहार को ₹15,000 का टूलकिट वाउचर व 5% ब्याज पर ₹1 लाख का पहला ऋण मिलने से वह अपनी दुकान को आधुनिक बना पाया।
📚 मानक परिभाषा: 15 अगस्त 2019 को जल शक्ति मंत्रालय द्वारा शुरू मिशन, जिसका लक्ष्य हर ग्रामीण घर तक नल से पीने योग्य पानी (Functional Household Tap Connection) पहुंचाना है; JJM 2.0 (22 मार्च 2026 को स्वीकृत) के तहत अब यह लक्ष्य दिसंबर 2028 तक बढ़ाया गया है। ✅ सरल शब्दों में: जैसे पहले गाँव की महिलाओं व बच्चों को रोज़ाना कई किलोमीटर दूर से सिर पर घड़ा रखकर पानी लाना पड़ता था — जल जीवन मिशन ने हर घर के आंगन तक नल कनेक्शन पहुंचाकर यह मेहनत व समय दोनों बचाया। 💡 उदाहरण: मई 2026 तक 15 करोड़ से अधिक ग्रामीण घरों में नल कनेक्शन दिया जा चुका है (81.6% कवरेज); गोवा, तेलंगाना, हरियाणा जैसे राज्यों ने 100% कवरेज हासिल कर लिया है।
📚 मानक परिभाषा: फरवरी 2024 को नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा शुरू, ₹75,021 करोड़ के कुल परिव्यय वाली भारत की सबसे बड़ी आवासीय सौर योजना, जिसका लक्ष्य 1 करोड़ घरों की छत पर सोलर पैनल लगाकर हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली देना है। ✅ सरल शब्दों में: जैसे घर की छत खाली पड़ी रहती थी, अब उसी छत पर सोलर पैनल लगाकर बिजली बिल लगभग शून्य किया जा सकता है — और बची हुई बिजली ग्रिड को बेचकर कमाई भी हो सकती है। 💡 उदाहरण: 3 kW तक के सिस्टम पर अधिकतम ₹78,000 तक की सब्सिडी मिलती है — जैसे किसी मध्यम वर्गीय परिवार ने 3 kW का सोलर सिस्टम लगवाया, ₹78,000 सब्सिडी मिली और अब उसका मासिक बिजली बिल लगभग खत्म हो गया है। ध्यान दें: 6 जून 2026 से इस योजना में नए पंजीकरण बंद कर दिए गए हैं।
नाम-भ्रम से सावधान — दो अलग PMKSY: कृषि क्षेत्र में "PMKSY" नाम की दो पूरी तरह अलग योजनाएं हैं — (1) प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (सिंचाई, जल शक्ति मंत्रालय) और (2) प्रधानमंत्री किसान सम्पदा योजना (खाद्य प्रसंस्करण, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय)। परीक्षा में दोनों को अलग-अलग पहचानना ज़रूरी है — नीचे तालिका में दोनों स्पष्ट रूप से अलग दिखाई गई हैं।
| योजना (वर्ष, मंत्रालय) | प्रमुख प्रावधान | उदाहरण | नवीनतम आंकड़ा/तथ्य |
|---|---|---|---|
| प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना — PMFBY (2016, कृषि मंत्रालय) | प्राकृतिक आपदा से फसल नुकसान पर बीमा कवर; किसान प्रीमियम मात्र खरीफ 2%, रबी 1.5%, वाणिज्यिक/बागवानी 5% — शेष केंद्र-राज्य वहन करते हैं | ओलावृष्टि से नष्ट सरसों की फसल का मुआवज़ा किसान को मिलता है | देश की सबसे बड़ी फसल बीमा योजना |
| प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना — PMKSY-सिंचाई (2015, जल शक्ति व कृषि मंत्रालय) | "हर खेत को पानी"; सूक्ष्म सिंचाई (ड्रिप/स्प्रिंकलर) पर सब्सिडी — "प्रति बूंद अधिक फसल" उप-योजना | राजस्थान के शुष्क क्षेत्र में किसान ड्रिप सिंचाई से कम पानी में अधिक उपज लेते हैं | — |
| राष्ट्रीय कृषि बाजार — e-NAM (2016, कृषि मंत्रालय) | देशभर की मंडियों को ऑनलाइन जोड़कर पारदर्शी नीलामी व बेहतर दाम की सुविधा | राजस्थान का किसान अपनी मंडी के कम दाम की बजाय दूसरे राज्य में बेहतर दाम पाता है | 1,000+ मंडियां जुड़ीं |
| किसान क्रेडिट कार्ड — KCC (1998 से, नाबार्ड/बैंक) | समय पर व सस्ती दर पर अल्पकालिक कृषि ऋण; अब पशुपालन व मत्स्य पालन भी शामिल | बुवाई के समय खाद-बीज हेतु किसान बिना गिरवी तुरंत ऋण लेता है | ब्याज दर 4% तक (समय पर चुकौती पर) |
| ब्याज अनुदान योजना — Interest Subvention Scheme (2006 से, कृषि व वित्त मंत्रालय) | ₹3 लाख तक के KCC ऋण पर मूल ब्याज दर 7%, समय पर चुकौती पर अतिरिक्त 3% छूट | समय पर ऋण चुकाने वाले किसान को ब्याज में सीधी छूट मिलती है | प्रभावी ब्याज दर मात्र 4% प्रति वर्ष |
| PM-KUSUM (2019, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय) | किसानों को सोलर पंप व बंजर भूमि पर सोलर प्लांट हेतु सब्सिडी, अतिरिक्त बिजली ग्रिड को बेचने की सुविधा | किसान मेड़ पर सोलर पंप लगाकर डीज़ल खर्च बचाता है व बिजली बेचकर आय भी कमाता है | — |
| प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान — PM-AASHA (2018, कृषि मंत्रालय) | MSP से नीचे दाम गिरने पर मूल्य समर्थन योजना (PSS) व मूल्य न्यूनता भुगतान योजना (PDPS) से सुरक्षा | तिलहन का भाव MSP से नीचे जाने पर सरकार किसान को अंतर राशि देती है | — |
| राष्ट्रीय गोकुल मिशन (2014, पशुपालन विभाग) | देसी गोवंश नस्ल सुधार व संरक्षण, कृत्रिम गर्भाधान कवरेज बढ़ाना | गिर व साहीवाल नस्लों से दूध उत्पादन बढ़ाया जा रहा है | — |
| मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना (2015, कृषि मंत्रालय) | हर 2 वर्ष में मुफ्त मिट्टी जांच रिपोर्ट, उर्वरक की सही मात्रा की सिफारिश | किसान कार्ड देखकर यूरिया कम व पोटाश ज़्यादा डालने का निर्णय लेता है, लागत बचती है | — |
| नमो ड्रोन दीदी (2024, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय) | महिला स्वयं सहायता समूहों (SHG) को कृषि-ड्रोन देकर प्रशिक्षित करना, खाद-कीटनाशक छिड़काव सेवा हेतु आय-साधन बनाना | गांव की महिला SHG ड्रोन से आसपास के खेतों में छिड़काव सेवा देकर किराया कमाती हैं | — |
| यूरिया गोल्ड — Urea Gold (2024, रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय) | सल्फर-लेपित यूरिया (Sulphur-coated Urea) — मिट्टी में सल्फर की कमी दूर करना व नाइट्रोजन उपयोग क्षमता बढ़ाना | सल्फर-रहित मिट्टी में यूरिया गोल्ड डालने पर सरसों की उपज व तेल-मात्रा दोनों बढ़ती हैं | पहला घरेलू उत्पादन संयंत्र — हजीरा (गुजरात), IFFCO द्वारा |
| प्रधानमंत्री किसान सम्पदा योजना — PMKSY-खाद्य प्रसंस्करण (2017, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय) | खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों, कोल्ड चेन व मेगा फूड पार्क को वित्तीय सहायता — फसलोपरांत नुकसान घटाना | किसान की सब्ज़ी मंडी में सड़ने की बजाय कोल्ड चेन से सीधे प्रोसेसिंग यूनिट तक पहुंचती है | लक्ष्य: कृषि-निर्यात दोगुना करना |
| उर्वरक सब्सिडी हेतु DBT (2018, उर्वरक विभाग) | दुकान पर पूरा मूल्य देकर उर्वरक खरीद (आधार सत्यापन+POS मशीन अनिवार्य), सब्सिडी सरकार सीधे कंपनी को DBT से देती है | किसान आधार सत्यापन कर पूरा दाम चुकाता है, सब्सिडी सरकार सीधे कंपनी को भेजती है | 100% उर्वरक सब्सिडी अब DBT आधारित |
| योजना (वर्ष, मंत्रालय) | प्रमुख प्रावधान | उदाहरण | नवीनतम आंकड़ा/तथ्य |
|---|---|---|---|
| उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजना — PLI (2020, वाणिज्य मंत्रालय व संबंधित मंत्रालय) | 14 रणनीतिक क्षेत्रों (मोबाइल, फार्मा, ऑटो, टेक्सटाइल, सोलर मॉड्यूल, ड्रोन आदि) में अतिरिक्त उत्पादन पर सीधा नकद प्रोत्साहन | मोबाइल कंपनी लक्ष्य से अधिक फोन भारत में बनाकर बेचती है तो प्रोत्साहन राशि पाती है | कुल परिव्यय ₹1.91 लाख करोड़ |
| उद्यम पंजीकरण — Udyam Registration (2020, MSME मंत्रालय) | सूक्ष्म: निवेश ≤₹1 करोड़ व टर्नओवर ≤₹5 करोड़; लघु: निवेश ≤₹10 करोड़ व टर्नओवर ≤₹50 करोड़; मध्यम: निवेश ≤₹50 करोड़ व टर्नओवर ≤₹250 करोड़ — मुफ्त, स्व-घोषणा आधारित ऑनलाइन पंजीकरण | छोटा कारखाना मालिक 10 मिनट में आधार से पंजीकरण कर योजनाओं का पात्र बनता है | निवेश+टर्नओवर दोनों आधार पर वर्गीकरण (2020 से) |
| प्रधानमंत्री मुद्रा योजना — PMMY (2015, वित्त मंत्रालय) | गैर-कॉर्पोरेट, गैर-कृषि छोटे व्यवसायों को बिना गारंटी ₹20 लाख तक ऋण (शिशु/किशोर/तरुण/तरुण प्लस) | सिलाई दुकान वाली महिला मुद्रा ऋण लेकर एक और मशीन खरीदती है | 52 करोड़+ खाते खुले, 68% महिला लाभार्थी |
| प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम — PMEGP (2008, MSME मंत्रालय) | सामान्य वर्ग को ग्रामीण क्षेत्र में 25% व विशेष वर्ग (SC/ST/OBC/महिला/दिव्यांग) को 35% तक सब्सिडी | गांव का युवा आटा चक्की/पापड़ यूनिट हेतु PMEGP सब्सिडी लेता है | — |
| स्टैंड-अप इंडिया (2016, वित्त मंत्रालय — SIDBI के माध्यम से) | हर बैंक शाखा से कम-से-कम 1 SC/ST व 1 महिला उद्यमी को ₹10 लाख-₹1 करोड़ ऋण (ग्रीनफील्ड उद्यम) | दलित महिला उद्यमी नई फैक्ट्री हेतु बड़ा ऋण लेती है | — |
| क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट — CGTMSE (2000, MSME मंत्रालय) | बिना गिरवी/गारंटी MSME को ₹5 करोड़ तक ऋण की गारंटी सरकार देती है | संपत्ति न होने पर भी बैंक CGTMSE गारंटी के भरोसे ऋण देता है | — |
| SFURTI योजना (2005, MSME मंत्रालय) | बांस, शहद, खादी, हस्तशिल्प जैसे पारंपरिक उद्योगों के कारीगरों को क्लस्टर बनाकर आधुनिक उपकरण व बाज़ार जोड़ना | बांस-शिल्पियों का समूह बनाकर साझा वर्कशॉप व मशीनें दी जाती हैं | — |
| ASPIRE योजना (2015, MSME मंत्रालय) | ग्रामीण क्षेत्रों में इनक्यूबेशन सेंटर व तकनीकी केंद्र स्थापित कर नवाचार-आधारित उद्यमिता बढ़ाना | कृषि-उत्पाद बनाने वाले ग्रामीण युवा को इनक्यूबेशन सेंटर से तकनीकी सहायता मिलती है | — |
| आत्मनिर्भर भारत अभियान (मई 2020, वित्त मंत्रालय) | MSME की परिभाषा में बदलाव, ₹3 लाख करोड़ की बिना गारंटी आपातकालीन क्रेडिट लाइन (ECLGS), "वोकल फॉर लोकल" | कोविड में नकदी संकट से जूझती छोटी कंपनी को ECLGS से बिना गारंटी ऋण मिला | — |
| TReDS — Trade Receivables Discounting System (2014, RBI-अनुमोदित मंच) | MSME के बकाया चालान (invoice) को बड़ी कंपनियों/बैंकों से तुरंत नकद में भुनाने की डिजिटल मंडी | छोटा सप्लायर चालान TReDS पर डालकर बैंक/NBFC से तुरंत भुगतान पाता है | RXIL, M1xchange, Invoicemart — 3 प्रमुख प्लेटफॉर्म |
| प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना — PMKKKY (2015, खान मंत्रालय) | खनन प्रभावित क्षेत्रों में जिला खनिज प्रतिष्ठान (DMF) निधि से स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल व अवसंरचना विकास | खनन क्षेत्र की रॉयल्टी का हिस्सा सीधे प्रभावित गांव के स्कूल/अस्पताल में लगता है | कंपनी रॉयल्टी का 10-30% DMF में अनिवार्य |
| योजना (वर्ष, मंत्रालय) | प्रमुख प्रावधान | उदाहरण | नवीनतम आंकड़ा/तथ्य |
|---|---|---|---|
| उड़ान योजना — UDAN (2016, नागरिक उड्डयन मंत्रालय) | छोटे शहरों को हवाई मार्ग से जोड़ना; किराया सीमित रखने हेतु एयरलाइन को Viability Gap Funding | पहले जहां हवाई सेवा नहीं थी वहां अब सस्ती फ्लाइट शुरू हुई | 1 घंटे की उड़ान अधिकतम ₹2,500 |
| भारतमाला परियोजना (2017, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय) | आर्थिक गलियारों, सीमा/तटीय सड़कों व एक्सप्रेसवे का विकास कर माल ढुलाई लागत व समय घटाना | दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से यात्रा समय लगभग आधा हुआ | — |
| सागरमाला परियोजना (2015, पोत परिवहन मंत्रालय) | बंदरगाह आधुनिकीकरण, संपर्क सड़क/रेल विकास व तटीय आर्थिक क्षेत्र निर्माण | बंदरगाह तक माल पहुंचाने का समय घटने से निर्यातकों की लागत कम होती है | — |
| भारतनेट — BharatNet (2011, 2015 में पुनर्गठित, दूरसंचार विभाग) | हर ग्राम पंचायत तक ऑप्टिकल फाइबर से हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड पहुंचाना | गांव के स्कूल में ऑनलाइन क्लास संभव हुई | जनवरी 2026 तक 2.15 लाख ग्राम पंचायतें (97%) जुड़ीं |
| UPI / इंडिया स्टैक (2016, NPCI — RBI-प्रवर्तित) | मोबाइल नंबर/QR कोड से तुरंत बैंक-टू-बैंक भुगतान, बिना कार्ड या नकदी | सब्ज़ी वाला भी QR कोड दिखाकर UPI से भुगतान लेता है | मई 2026 में 23.2 बिलियन लेनदेन/माह |
| डिजिलॉकर — DigiLocker (2015, MeitY) | दस्तावेज़ों को डिजिटल रूप से सुरक्षित रखना व कानूनी रूप से मान्य प्रमाण के रूप में उपयोग | ट्रैफिक जांच में मूल लाइसेंस की जगह डिजिलॉकर कॉपी मान्य | मार्च 2026 तक 70.69 करोड़ पंजीकृत उपयोगकर्ता |
| PM-WANI (2020, दूरसंचार विभाग) | बिना लाइसेंस छोटे दुकानदार भी सार्वजनिक Wi-Fi हॉटस्पॉट खोलकर अतिरिक्त आय कमा सकते हैं | गांव की चाय दुकान पर PM-WANI हॉटस्पॉट से सस्ता इंटरनेट मिलता है | — |
| राष्ट्रीय रसद नीति — National Logistics Policy (सितंबर 2022, वाणिज्य मंत्रालय) | रसद लागत घटाना, एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म (ULIP) से लॉजिस्टिक्स जोड़ना | निर्यातक एक ही पोर्टल पर माल ढुलाई की सारी जानकारी पाता है | लक्ष्य: रसद लागत GDP का 13-14% → 8% |
| GI-क्लाउड "मेघराज" (2014, MeitY) | सरकारी विभागों हेतु साझा राष्ट्रीय क्लाउड अवसंरचना — अलग सर्वर खरीदने की ज़रूरत नहीं | राज्य सरकार का पोर्टल महंगा अलग सर्वर खरीदे बिना मेघराज पर होस्ट होता है | भारत सरकार का राष्ट्रीय क्लाउड कंप्यूटिंग प्लेटफॉर्म |
| राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन (जनवरी 2023, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय) | भारत को ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन-निर्यात का वैश्विक केंद्र बनाना, इलेक्ट्रोलाइज़र निर्माण प्रोत्साहन | स्टील/उर्वरक उद्योग प्रदूषणकारी ईंधन की जगह ग्रीन हाइड्रोजन अपनाकर कार्बन उत्सर्जन घटा रहे हैं | लक्ष्य: 2030 तक 5 मिलियन टन/वर्ष उत्पादन क्षमता, परिव्यय ₹19,744 करोड़ |
| योजना (वर्ष, मंत्रालय) | प्रमुख प्रावधान | उदाहरण |
|---|---|---|
| RoDTEP (जनवरी 2021, वाणिज्य मंत्रालय) | MEIS की जगह लाई गई; एम्बेडेड करों/शुल्कों की वापसी जो अन्य किसी योजना में नहीं मिलती — WTO-अनुरूप | कपड़ा निर्यातक को छिपे राज्य करों की वापसी शुल्क क्रेडिट स्क्रिप के रूप में मिलती है |
| व्यापार अवसंरचना योजना — TIES (2017, वाणिज्य मंत्रालय) | राज्य सरकारों/एजेंसियों को निर्यात हेतु सड़क, कोल्ड चेन, टेस्टिंग लैब जैसी अवसंरचना हेतु वित्तीय सहायता | किसी राज्य में फल-सब्ज़ी निर्यात हेतु कोल्ड स्टोरेज सुविधा TIES से बनी |
| कृषि निर्यात नीति (2018, वाणिज्य मंत्रालय) | कृषि निर्यात दोगुना करने का लक्ष्य, निर्यात प्रतिबंधों में स्थिरता व मूल्य-वर्धित उत्पादों को बढ़ावा | बासमती चावल व मसालों के निर्यात हेतु विशेष क्लस्टर बनाए गए |
| जिला निर्यात हब पहल (2019, वाणिज्य मंत्रालय) | हर जिले की एक विशिष्ट निर्यात-योग्य उत्पाद पहचानकर बढ़ावा देना (जिला निर्यात संवर्धन समिति) | राजस्थान के किसी जिले को हस्तशिल्प/मसाला निर्यात हब के रूप में विकसित किया जा रहा है |
| विशेष आर्थिक क्षेत्र — SEZ Act (2005, वाणिज्य मंत्रालय) | SEZ इकाइयों को कर छूट, सरल सीमा शुल्क प्रक्रिया व बेहतर अवसंरचना देकर निर्यात केंद्र बनाना | गुजरात के SEZ में स्थापित इकाई बिना जटिल प्रक्रिया के सीधे निर्यात करती है |
| योजना (वर्ष, मंत्रालय) | प्रमुख प्रावधान | उदाहरण | नवीनतम आंकड़ा/तथ्य |
|---|---|---|---|
| प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना — PMJJBY (2015, वित्त मंत्रालय) | 18-50 वर्ष आयु वर्ग हेतु मात्र ₹436/वर्ष प्रीमियम पर ₹2 लाख का जीवन बीमा कवर (किसी भी कारण से मृत्यु पर) | परिवार के कमाने वाले सदस्य की मृत्यु पर ₹2 लाख की सहायता मिलती है | 29 अप्रैल 2026 तक 27.43 करोड़+ नामांकन |
| प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना — PMSBY (2015, वित्त मंत्रालय) | मात्र ₹20/वर्ष प्रीमियम पर दुर्घटना मृत्यु व पूर्ण अपंगता पर ₹2 लाख, आंशिक अपंगता पर ₹1 लाख | सड़क दुर्घटना में स्थायी अपंगता होने पर ₹20 सालाना प्रीमियम देने वाले को ₹2 लाख तक सहायता | — |
| अटल पेंशन योजना — APY (2015, वित्त मंत्रालय/PFRDA) | असंगठित क्षेत्र के 18-40 वर्ष आयु नागरिकों को 60 वर्ष बाद ₹1,000-₹5,000/माह गारंटीशुदा पेंशन | रिक्शा चालक हर महीने थोड़ी राशि जमा कर बुढ़ापे की पेंशन गारंटी लेता है | 30 अप्रैल 2026 तक 9.04 करोड़+ नामांकित |
| राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली — NPS (2004, 2009 से सभी नागरिकों हेतु खुली, PFRDA) | बाज़ार-आधारित रिटर्न देने वाली स्वैच्छिक पेंशन योजना; 2026 दिशानिर्देशों में 85 वर्ष तक निवेश जारी रखने की सुविधा | निजी क्षेत्र का कर्मचारी सेवानिवृत्ति हेतु हर महीने NPS में निवेश करता है | — |
| सुकन्या समृद्धि योजना (2015, वित्त मंत्रालय — बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के तहत) | 10 वर्ष से कम उम्र की बेटी के नाम खाता, अधिकतम ₹1.5 लाख/वर्ष जमा, 21 वर्ष में परिपक्वता, ब्याज व निकासी कर-मुक्त | बेटी के जन्म पर माता-पिता खाता खोलकर उच्च शिक्षा/विवाह हेतु बचत करते हैं | ब्याज दर 8.2% (FY26 Q2) |
| प्रधानमंत्री वय वंदना योजना — PMVVY (2017, LIC के माध्यम से — नए आवेदन मार्च 2023 से बंद) | वरिष्ठ नागरिकों को 10 वर्ष की गारंटीशुदा पेंशन, मृत्यु पर मूल राशि नामिनी को वापस | पहले से निवेशित वरिष्ठ नागरिक को अब भी मासिक पेंशन मिल रही है | रिटर्न दर लगभग 7.4% |
| योजना (वर्ष, मंत्रालय) | प्रमुख प्रावधान | उदाहरण | नवीनतम आंकड़ा/तथ्य |
|---|---|---|---|
| राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन — NHM (2013, NRHM+NUHM विलय, स्वास्थ्य मंत्रालय) | ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में सस्ती स्वास्थ्य सेवा, आशा कार्यकर्ता व ANM के माध्यम से अंतिम व्यक्ति तक पहुंच | गांव की आशा कार्यकर्ता गर्भवती महिला को नियमित जांच व टीकाकरण हेतु प्रेरित करती है | — |
| PM-आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन — PM-ABHIM (2021, स्वास्थ्य मंत्रालय) | जिला/ब्लॉक स्तर पर क्रिटिकल केयर अस्पताल, जांच लैब नेटवर्क व महामारी-तैयारी अवसंरचना | हर जिले में क्रिटिकल केयर ब्लॉक बनाकर कोविड जैसी स्थिति की पुनरावृत्ति रोकी जा रही है | परिव्यय ₹64,180 करोड़ |
| मिशन इंद्रधनुष (2014, स्वास्थ्य मंत्रालय) | छूटे/आंशिक टीकाकरण वाले बच्चों व गर्भवती महिलाओं को 12 गंभीर बीमारियों से बचाव हेतु विशेष टीकाकरण अभियान | दूरदराज़ गांव में विशेष अभियान से छूटे बच्चों को पोलियो-खसरा टीके लगाए जाते हैं | — |
| POSHAN अभियान 2.0 (2021, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय) | कुपोषण, एनीमिया व स्टंटिंग घटाने हेतु आंगनवाड़ी सेवाओं, पूरक पोषण व जागरूकता को एकीकृत करना | आंगनवाड़ी में बच्चों की ग्रोथ मॉनिटरिंग कर कुपोषित बच्चों को अतिरिक्त आहार दिया जाता है | — |
| जननी सुरक्षा योजना (2005, स्वास्थ्य मंत्रालय — NHM अंतर्गत) | गरीब गर्भवती महिलाओं को अस्पताल प्रसव हेतु नकद प्रोत्साहन (ग्रामीण ₹1,400, शहरी ₹1,000) | घर पर असुरक्षित प्रसव की बजाय महिला अस्पताल में प्रसव कराकर नकद सहायता भी पाती है | — |
| प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना — PMMVY (2017, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय) | पहले जीवित बच्चे के जन्म पर गर्भवती/स्तनपान महिला को ₹5,000 की सशर्त नकद सहायता (किश्तों में) | गर्भावस्था में मज़दूरी छोड़नी पड़ी महिला को यह राशि आर्थिक सहारा देती है | अब मिशन शक्ति के "सामर्थ्य" उप-घटक में शामिल |
| योजना (वर्ष, मंत्रालय) | प्रमुख प्रावधान | उदाहरण | नवीनतम आंकड़ा/तथ्य |
|---|---|---|---|
| समग्र शिक्षा अभियान (2018-19, SSA+RMSA+शिक्षक शिक्षा विलय, शिक्षा मंत्रालय) | पूर्व-प्राथमिक से 12वीं तक समग्र शिक्षा व्यवस्था — स्कूल अवसंरचना, शिक्षक प्रशिक्षण व समावेशी शिक्षा एक छतरी में | एक ही योजना से स्कूल भवन, शिक्षक ट्रेनिंग व दिव्यांग बच्चों की सहायता — सभी को फंडिंग मिलती है | 2026-27 आवंटन ₹42,100 करोड़ |
| PM POSHAN (पूर्व मिड-डे मील, 2021 पुनर्नामित, शिक्षा मंत्रालय) | सरकारी/सहायता प्राप्त स्कूलों में कक्षा 1-8 बच्चों को स्कूल में पका पौष्टिक भोजन मुफ्त | स्कूल भोजन से उपस्थिति व सीखने की क्षमता दोनों बढ़ी हैं | लगभग 11.8 करोड़ बच्चे कवर |
| PM श्री स्कूल — PM SHRI (2022, शिक्षा मंत्रालय) | 14,500+ सरकारी स्कूलों को NEP 2020 अनुरूप "आदर्श स्कूल" बनाना — स्मार्ट क्लासरूम, खेल सुविधा, कौशल लैब | चयनित सरकारी स्कूल में डिजिटल बोर्ड व विज्ञान लैब जैसी सुविधाएं मिल रही हैं | परिव्यय ₹27,360 करोड़ (2022-23 से 2026-27) |
| निपुण भारत मिशन (2021, शिक्षा मंत्रालय) | कक्षा 3 तक हर बच्चे में मौलिक साक्षरता व संख्यात्मकता सुनिश्चित करना | तीसरी कक्षा का बच्चा वाक्य पढ़े व सरल जोड़-घटाव कर सके — यही लक्ष्य है | 2026-27 में समाप्ति प्रस्तावित, विस्तार पर विचार जारी |
| रूसा — RUSA (2013, शिक्षा मंत्रालय) | राज्य के उच्च शिक्षा संस्थानों (कॉलेज/विश्वविद्यालय) की गुणवत्ता व पहुंच बढ़ाने हेतु केंद्रीय सहायता | राज्य विश्वविद्यालय को नई लैब व लाइब्रेरी हेतु RUSA अनुदान मिलता है | — |
| PM ई-विद्या (2020, शिक्षा मंत्रालय) | डिजिटल/ऑनलाइन/ऑन-एयर शिक्षा एकीकृत मंच — DIKSHA पोर्टल, स्वयं प्रभा TV चैनल व रेडियो | कोविड लॉकडाउन में बिना इंटरनेट वाले बच्चे स्वयं प्रभा DTH चैनल से पढ़ाई जारी रख पाए | — |
| अटल टिंकरिंग लैबोरेट्रीज — ATL (2016, NITI आयोग — अटल इनोवेशन मिशन) | स्कूलों में इनोवेशन लैब स्थापित करना जहां बच्चे 3D प्रिंटर, रोबोटिक्स किट से प्रयोग कर वैज्ञानिक सोच विकसित करें | सरकारी स्कूल का बच्चा ATL में रोबोट बनाकर विज्ञान प्रदर्शनी में भाग लेता है | 10,000+ स्कूलों में ATL स्थापित |
| योजना (वर्ष, मंत्रालय) | प्रमुख प्रावधान | उदाहरण | नवीनतम आंकड़ा/तथ्य |
|---|---|---|---|
| DAY-NRLM व लखपति दीदी (2011, ग्रामीण विकास मंत्रालय) | ग्रामीण गरीब महिलाओं को SHG में संगठित कर बैंक ऋण व कौशल सहायता; हर SHG महिला की वार्षिक आय ₹1 लाख से अधिक करने का लक्ष्य | गांव की महिलाएं SHG बनाकर सिलाई/अचार व्यवसाय से "लखपति दीदी" बनती हैं | लक्ष्य अब 3 करोड़ महिलाओं तक बढ़ाया गया |
| DAY-NULM (2014, आवास एवं शहरी मामले मंत्रालय) | शहरी गरीबों (रेहड़ी-पटरी, बेघर) को स्वरोजगार ऋण, कौशल प्रशिक्षण व आश्रय स्थल | बेघर मज़दूर शेल्टर होम में रहते हुए स्वरोज़गार प्रशिक्षण भी पाता है | — |
| PM स्वनिधि योजना (जून 2020, आवास एवं शहरी मामले मंत्रालय) | स्ट्रीट वेंडर को बिना गारंटी पहला ऋण ₹10,000, फिर ₹20,000 व ₹50,000 तक ऋण | चाट ठेला वाला पहला ऋण चुकाकर बड़ा ठेला हेतु दूसरा ऋण लेता है | — |
| PM गरीब कल्याण अन्न योजना — PMGKAY (2020, उपभोक्ता मामले मंत्रालय) | NFSA लाभार्थियों को अतिरिक्त मुफ्त अनाज (अब NFSA से एकीकृत) | राशन कार्ड परिवार को सस्ते अनाज के अतिरिक्त कुछ किलो मुफ्त मिलता है | — |
| एक राष्ट्र एक राशन कार्ड (2019, उपभोक्ता मामले मंत्रालय) | प्रवासी मज़दूर देश में कहीं भी अपने राशन कार्ड पर अनाज ले सकता है, नया कार्ड बनवाने की ज़रूरत नहीं | बिहार का मज़दूर दिल्ली में वहीं की राशन दुकान से कोटा लेता है | — |
| PM-JANMAN — जनजातीय न्याय महाअभियान (नवंबर 2023, जनजातीय कार्य मंत्रालय) | विशेष रूप से कमज़ोर जनजातीय समूहों (PVTG) तक पक्का घर, सड़क, बिजली, स्वास्थ्य व शिक्षा पहुंचाना | राजस्थान की सहरिया जनजाति जैसे PVTG समुदायों को सीधा लाभ मिल रहा है | परिव्यय ₹24,000 करोड़ |
| राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम — NSAP (1995, ग्रामीण विकास मंत्रालय) | वृद्धावस्था, विधवा व दिव्यांग पेंशन योजनाओं से गरीबी रेखा से नीचे के असहाय वर्गों को मासिक पेंशन | गरीब विधवा महिला को हर महीने पेंशन मिलती है, जीवन-यापन आसान होता है | — |
| स्वामित्व योजना — SVAMITVA (अप्रैल 2020, पंचायती राज मंत्रालय) | ड्रोन तकनीक से गांव की आबादी भूमि का सर्वेक्षण कर ग्रामीणों को कानूनी संपत्ति कार्ड देना | ग्रामीण के पास अब बैंक ऋण हेतु पक्का संपत्ति कार्ड है, जो पहले सिर्फ मौखिक कब्ज़ा था | ड्रोन सर्वेक्षण से लाखों गांवों में संपत्ति कार्ड जारी |
| सांसद आदर्श ग्राम योजना — SAGY (अक्टूबर 2014, ग्रामीण विकास मंत्रालय) | हर सांसद अपने क्षेत्र का एक गांव गोद लेकर उसे बुनियादी सुविधाओं से युक्त "आदर्श ग्राम" बनाता है | सांसद द्वारा गोद लिए गांव में मॉडल स्कूल व सामुदायिक भवन बनते हैं | लक्ष्य: हर सांसद के 3 आदर्श ग्राम (चरणबद्ध) |
| सार्वजनिक वितरण प्रणाली — PDS (स्वतंत्रता के बाद से, उपभोक्ता मामले मंत्रालय; NFSA 2013 से कानूनी अधिकार) | राशन कार्ड धारकों को उचित मूल्य दुकानों से सस्ती दर पर गेहूं/चावल/चीनी/केरोसिन उपलब्ध कराना | गरीब परिवार राशन दुकान से ₹2-3/किलो में गेहूं-चावल खरीदता है | NFSA के तहत लगभग 81.35 करोड़ लाभार्थी कवर |
| योजना (वर्ष, मंत्रालय) | प्रमुख प्रावधान | उदाहरण |
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| ई-श्रम पोर्टल (अगस्त 2021, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय) | असंगठित श्रमिकों का राष्ट्रीय डेटाबेस, 12-अंकीय UAN व स्वतः ₹2 लाख PMSBY दुर्घटना बीमा | दिहाड़ी मज़दूर ई-श्रम कार्ड बनवाकर सरकारी कल्याण योजनाओं से जुड़ता है |
| राष्ट्रीय करियर सेवा — NCS (2015, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय) | नौकरी खोजने वालों व नियोक्ताओं को ऑनलाइन मंच पर जोड़ना, करियर काउंसलिंग | बेरोज़गार युवा NCS पोर्टल पर रिज्यूमे डालकर आवेदन करता है |
| प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना (अक्टूबर 2024, कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय) | 500+ बड़ी कंपनियों में 21-25 वर्ष युवाओं को 6-12 माह इंटर्नशिप, ₹9,000/माह वज़ीफा + ₹6,000 एकमुश्त | कॉलेज पास युवा बड़ी कंपनी में इंटर्नशिप कर अनुभव व नौकरी की संभावना दोनों पाता है |
| आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना — ABRY (अक्टूबर 2020, श्रम मंत्रालय — कोविड राहत, अवधि समाप्त) | नई नौकरी देने वाले प्रतिष्ठानों के कर्मचारी व नियोक्ता के EPF अंशदान का हिस्सा सरकार वहन करती थी | नई भर्ती करने वाली कंपनी को EPF अंशदान में सरकारी सहायता मिली |
| प्रधानमंत्री रोजगार प्रोत्साहन योजना — PMRPY (2016, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय — ABRY से अलग, पुरानी योजना) | नई नौकरी देने वाले नियोक्ता के EPF योगदान (12% या 8.33%) का सरकार द्वारा वहन ताकि औपचारिक रोज़गार बढ़े 3 वर्ष तक नियोक्ता अंशदान सरकार वहन करती थी | नई फैक्ट्री मालिक नए कर्मचारी रखने पर EPF अंशदान में राहत पाता है |
| योजना (वर्ष, मंत्रालय) | प्रमुख प्रावधान | cउदाहरण |
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| मिशन शक्ति (2021-22 से 2025-26, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय) | दो उप-योजनाएं — "संबल" (सुरक्षा: OSC, हेल्पलाइन, BBBP) व "सामर्थ्य" (सशक्तिकरण: क्रेच योजना, PMMVY) | हिंसा पीड़ित महिला वन स्टॉप सेंटर में कानूनी सलाह, चिकित्सा व आश्रय एक साथ पाती है |
| बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ (जनवरी 2015, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय) | घटते बाल लिंगानुपात में सुधार, कन्या भ्रूण हत्या रोकना, बालिका शिक्षा को बढ़ावा — PC-PNDT अधिनियम का सख्त क्रियान्वयन अब मिशन शक्ति के "संबल" उप-घटक में | सबसे कम लिंगानुपात वाले ज़िलों में विशेष अभियान से अनुपात सुधरा |
| सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 — पुनर्गठित ICDS (1975 से, अब मिशन पोषण 2.0 में एकीकृत) | 6 वर्ष तक बच्चों व गर्भवती/स्तनपान महिलाओं को पूरक पोषण, टीकाकरण, स्वास्थ्य जांच व प्री-स्कूल शिक्षा एक केंद्र पर | आंगनवाड़ी में बच्चे खेल-खेल में शिक्षा व पौष्टिक आहार दोनों पाते हैं |
| वन स्टॉप सेंटर — OSC/सखी (2015, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय) | हिंसा-पीड़ित महिलाओं को एक ही स्थान पर चिकित्सा, पुलिस, कानूनी सहायता व अस्थायी आश्रय | महिला थाने-अस्पताल के अलग चक्कर काटने की बजाय सखी केंद्र पर सारी सहायता पाती है |
| SC/ST/OBC पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति (सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय / जनजातीय कार्य मंत्रालय) | 10वीं के बाद उच्च शिक्षा प्राप्त SC/ST/OBC विद्यार्थियों को ट्यूशन फीस, छात्रावास शुल्क व निर्वाह भत्ता | अनुसूचित जाति का विद्यार्थी छात्रवृत्ति से कॉलेज फीस चुका पाता है |
| दिव्यांगजन सशक्तिकरण — ADIP योजना (सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय) | दिव्यांगजनों को व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र, कृत्रिम अंग जैसे उपकरण मुफ्त/रियायती दर पर वितरण शिविरों से | दूरदराज़ गांव के शिविर में दिव्यांग व्यक्ति को मुफ्त ट्राइसाइकिल मिलती है |
| वरिष्ठ नागरिक हेतु राष्ट्रीय कार्यक्रम — SAGE (2021, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय) | स्टार्टअप्स को वरिष्ठ नागरिकों हेतु नवाचार-उत्पाद (इमरजेंसी अलार्म, वृद्धाश्रम एप) विकसित करने हेतु प्रोत्साहन | स्टार्टअप का एप बुज़ुर्ग के गिरने पर तुरंत परिवार को सूचना भेजता है |