🌍 अध्याय 7/7 — विश्व भूगोल

पर्यावरणीय मुद्दे

Environmental Issues: Desertification, Deforestation & Climate Change | RAS Pre + Mains
📋 इस अध्याय में
  1. मरुस्थलीकरण (Desertification)
  2. वनोन्मूलन (Deforestation)
  3. ओज़ोन क्षरण (Ozone Depletion)

पर्यावरणीय मुद्दे आज विश्व की सबसे गंभीर चुनौतियाँ हैं। मरुस्थलीकरण, वनोन्मूलन, जलवायु परिवर्तन और ओज़ोन क्षरण — ये चारों समस्याएँ परस्पर संबद्ध हैं और पृथ्वी के पारिस्थितिक तंत्र को खतरे में डाल रही हैं। UPSC, RAS, State PSC तथा SSC जैसी सभी प्रमुख परीक्षाओं में इस अध्याय से प्रत्येक वर्ष 3-5 प्रश्न पूछे जाते हैं।

1मरुस्थलीकरण (Desertification)

1.1 परिभाषा (UNCCD के अनुसार)

UNCCD (United Nations Convention to Combat Desertification) के अनुसार — शुष्क (Arid), अर्ध-शुष्क (Semi-Arid) और शुष्क उप-आर्द्र (Dry Sub-Humid) क्षेत्रों में प्राकृतिक कारणों (जलवायु परिवर्तन) एवं मानवीय गतिविधियों (अधिक चराई, वनोन्मूलन) के संयुक्त प्रभाव से भूमि की उत्पादकता में स्थायी गिरावट को मरुस्थलीकरण कहते हैं।

ध्यान दें: मरुस्थलीकरण केवल अफ्रीका या उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों की समस्या नहीं है — यह सभी शुष्क, अर्ध-शुष्क और उप-आर्द्र क्षेत्रों में होने वाला भूमि क्षरण है। SDG 15.3 से सीधा संबंध है।

1.2 वैश्विक स्थिति — नवीनतम डेटा (COP16, 2024)

संकेतकडेटा
विश्व की क्षतिग्रस्त उपजाऊ भूमि~40% (लगभग)
प्रतिवर्ष क्षतिग्रस्त स्वस्थ भूमि~100 मिलियन हेक्टेयर
शुष्कता में वृद्धि (1990s से)77.6% भूमि पर (COP16 रिपोर्ट)
2050 तक सूखे से प्रभावित जनसंख्या75% (4 में से 3 लोग)
UNCCD COP16 (दिसं. 2024, रियाद)$12.15 बिलियन — Riyadh Global Drought Resilience Partnership
UNCCD का मुख्य 2030 लक्ष्यLand Degradation Neutrality (LDN) — SDG 15.3

1.3 भारत में मरुस्थलीकरण (ISRO भूमि क्षरण एटलस — 2018-19)

आँकड़ाविवरण
कुल क्षरणग्रस्त भूमि97.85 मिलियन हेक्टेयर (कुल भौगोलिक क्षेत्र का 29.7%)
मरुस्थलीकरण क्षेत्र (विशेष)83.69 मिलियन हेक्टेयर
सर्वाधिक प्रभावित राज्य (1st)राजस्थान — 21.23 मिलियन हेक्टेयर (सबसे अधिक)
सर्वाधिक प्रभावित राज्य (2nd)महाराष्ट्र
सर्वाधिक प्रभावित राज्य (3rd)गुजरात
सकारात्मक खबर (राजस्थान)387,000 हेक्टेयर की कमी — 2003-05 से; सिंचाई विस्तार (इंदिरा गांधी नहर) और वनस्पति सुधार से
Good News: राजस्थान भारत का एकमात्र शुष्क राज्य है जहाँ मरुस्थलीकरण की दर में कमी दर्ज की गई है — ISRO एटलस के अनुसार 387,000 हेक्टेयर की कमी। इंदिरा गांधी नहर, MGNREGA और हरित राजस्थान अभियान इसके मुख्य कारण हैं।

1.4 मरुस्थलीकरण के कारण

प्राकृतिक कारण (Natural Causes)
  • जल अपरदन (Water Erosion) — भारत में सबसे बड़ा कारण; कुल क्षरण का ~11.01%
  • वायु अपरदन (Wind Erosion) — थार मरुस्थल में प्रमुख; कुल क्षरण का ~5.46%
  • अत्यधिक तापमान और कम वर्षा
  • रेतीली मृदा संरचना — जल धारण क्षमता में कमी
  • जलवायु परिवर्तन से तीव्र होती शुष्कता
मानवीय कारण (Anthropogenic Causes)
  • अतिचारण (Overgrazing) — वनस्पति क्षरण; कुल क्षरण का ~9.15%
  • वनोन्मूलन और ईंधन लकड़ी की अत्यधिक माँग
  • असंतुलित कृषि (Over-cultivation) और रासायनिक उर्वरक
  • अनुचित सिंचाई → जलभराव (Waterlogging) + लवणीकरण (Salinization) — पंजाब-हरियाणा उदाहरण
  • खनन गतिविधियाँ + अनियोजित शहरीकरण + अत्यधिक भूजल दोहन

1.5 मरुस्थलीकरण के प्रभाव

1.6 समाधान और सरकारी योजनाएँ

योजना/कार्यक्रमवर्षमुख्य विशेषता
मरुस्थल विकास कार्यक्रम (DDP)1977-78राजस्थान, गुजरात, हरियाणा के शुष्क क्षेत्रों में पारिस्थितिक संतुलन बहाल करना
CAZRI (केंद्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान)जोधपुरमरुस्थलीकरण पर शोध और समाधान
मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना2015 (सूरतगढ़, राजस्थान)किसानों को मिट्टी की पोषण स्थिति; रासायनिक उर्वरकों का संतुलित उपयोग
PMKSY — "Per Drop More Crop"2015ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई; जलभराव और लवणीकरण रोकना
राष्ट्रीय वनीकरण कार्यक्रम (NAP)चालूJFMCs के माध्यम से बिगड़े वनों का पुनर्वास
हरित राजस्थान अभियान2009वृक्षारोपण; वनावरण और हरियाली बढ़ाना (RPSC 2016)
MGNREGA2005वाटरशेड मैनेजमेंट, चेक डैम, कंटूर फार्मिंग

अरावली ग्रीन वॉल प्रोजेक्ट (★ Current Affairs 2023): मार्च 2023 में शुरू। अफ्रीका की "ग्रेट ग्रीन वॉल" की तर्ज पर भारत की पहल। उद्देश्य: थार मरुस्थल के पूर्वी विस्तार को रोकना। 5 किमी बफर जोन। शामिल राज्य: गुजरात, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली। लाभ: जैव विविधता वृद्धि, भूजल स्तर सुधार, अरावली पुनरुद्धार।

बॉन चैलेंज (Bonn Challenge): भारत ने 2030 तक 26 मिलियन हेक्टेयर (पुराने 21 MH लक्ष्य को बढ़ाकर) क्षतिग्रस्त भूमि को बहाल करने का संकल्प लिया है। यह एक अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबद्धता है जो LDN लक्ष्य से जुड़ी है।

ग्रेट ग्रीन वॉल — अफ्रीका (Great Green Wall): अफ्रीका के साहेल क्षेत्र में — अटलांटिक महासागर से लाल सागर तक — 8,000 किमी लंबी वनस्पति पट्टी (Green Belt) का निर्माण। उद्देश्य: सहारा मरुस्थल के दक्षिण की ओर विस्तार रोकना।

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2वनोन्मूलन (Deforestation)

2.1 परिभाषा और वैश्विक/भारत स्थिति

वनोन्मूलन से तात्पर्य है — कृषि, बसावट, उद्योग या भूमि उपयोग परिवर्तन के लिए पेड़ों एवं वनस्पतियों को स्थायी रूप से हटाना।

संकेतकवैश्विक डेटा (FAO 2025)भारत डेटा
कुल वन क्षेत्र~4.14 बिलियन हेक्टेयर (पृथ्वी के भू-क्षेत्र का 32%)कुल भूमि का ~21.71% (ISFR 2023)
प्रतिवर्ष वन हानि~10.9 मिलियन हेक्टेयर18,200 हेक्टेयर Primary Forest (GFW 2024)
क्षेत्रीय केंद्रअमेज़न, कांगो, SE Asia सर्वाधिक प्रभावित60% नुकसान पूर्वोत्तर राज्यों में — असम शीर्ष
सकारात्मक रुझानब्राज़ील: Amazon में 2023 में 50% कमी2000-2020 में 1.78 MH वन आवरण बढ़ाया; FAO में 9वाँ स्थान
राष्ट्रीय नीति लक्ष्यSDG 15 — जीवन स्थल संरक्षणराष्ट्रीय वन नीति 1988: 33% भूमि पर वन

2.2 वनोन्मूलन के प्रमुख कारण

1. कृषि विस्तार और झूम खेती (Shifting Cultivation): पूर्वोत्तर भारत में "स्थानांतरित कृषि" प्रतिवर्ष ~5 लाख हेक्टेयर को प्रभावित करती है।

2. शहरीकरण और इंफ्रास्ट्रक्चर: नई सड़कों, राजमार्गों और बाँधों के लिए बड़े पैमाने पर वन भूमि का उपयोग।

3. खनन (Mining): कोयला, लौह अयस्क आदि के खनन से वन नष्ट; रासायनिक रिसाव से मृदा-जल प्रदूषण।

4. वनाग्नि (Forest Fires): उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में मानवीय लापरवाही या प्राकृतिक कारणों से।

5. अवैध कटान (Illegal Logging): लकड़ी की माँग; कानूनों का कमजोर क्रियान्वयन।

6. अतिचारण (Overgrazing): पशुधन के अत्यधिक दबाव से छोटे पौधों का स्थायी नाश।

2.3 वन संरक्षण: प्रमुख कानून और नीतियाँ

कानून/नीतिवर्षप्रमुख प्रावधान
वन संरक्षण अधिनियम1980गैर-वन उद्देश्य के लिए केंद्र सरकार की पूर्व अनुमति अनिवार्य
वन अधिकार अधिनियम (FRA)2006ग्राम सभा और वनवासियों को अधिकार; व्यक्तिगत 4 हेक्टेयर तक कृषि भूमि अधिकार
राष्ट्रीय वन नीति198833% भूमि पर वन आवरण का लक्ष्य; संयुक्त वन प्रबंधन (JFM)
CAMPA अधिनियम2016प्रतिपूरक वनीकरण अनिवार्य; CAMPA Fund: केंद्र 10%, राज्य 90%
REDD+ कार्यक्रम (UNFCCC)चालूउत्सर्जन कम करना; वन बचाना; विकासशील देशों को Carbon Credit
वन संरक्षण संशोधन अधिनियम2023Net Zero 2070, वृक्षारोपण, Agroforestry को बढ़ावा; विवादित प्रावधान

वन संरक्षण संशोधन अधिनियम 2023 — प्रमुख एवं विवादित प्रावधान

2.4 अन्य महत्वपूर्ण पर्यावरण अवधारणाएँ

मियावाकी पद्धति (Miyawaki Method)

कृषिवानिकी (Agroforestry)

पर्यावरण प्रभाव आकलन (EIA)

छठा महा-विनाश (Sixth Mass Extinction)

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3. जलवायु परिवर्तन (Climate Change)

3.1 मूल अवधारणा और नवीनतम डेटा

दीर्घकालिक समय अवधि में तापमान, वर्षा और हवा के पैटर्न में स्थायी परिवर्तन को जलवायु परिवर्तन कहते हैं। ग्लोबल वार्मिंग इसका सबसे प्रमुख रूप है — मुख्यतः ग्रीनहाउस गैसों (GHGs) के कारण पृथ्वी के औसत सतह तापमान में वृद्धि।

संकेतकडेटा
पूर्व-औद्योगिक CO2 (Pre-Industrial)280 ppm
CO2 (दिसंबर 2025)427.48 ppm (ऐतिहासिक उच्च; +2.9 ppm तीव्र वृद्धि)
2024 — सबसे गर्म वर्ष1.55°C ऊपर प्री-इंडस्ट्रियल स्तर (रिकॉर्ड पर)
2025 का तापमानशीर्ष 3 सबसे गर्म वर्षों में; 1.44°C वार्मिंग
वर्तमान नीतियों पर 2100 तक वृद्धि2.8°C (चिंताजनक)
1.5°C लक्ष्य की स्थितिलगभग असंभव (Almost Impossible) — वर्तमान उत्सर्जन दर से

3.2 प्रमुख ग्रीनहाउस गैसें (GHGs)

गैसस्रोतGWP (CO2=1)परीक्षा संकेत
CO2 (Carbon Dioxide)जीवाश्म ईंधन दहन, वनोन्मूलन1 (मानक)सर्वाधिक मात्रा में
CH4 (Methane)कृषि, पशुपालन, लैंडफिल, कोयला खनन~84 (20 वर्ष में)India ने Global Methane Pledge नहीं माना
N2O (Nitrous Oxide)कृषि, उर्वरक, वाहन~298कृषि क्षेत्र का बड़ा योगदान
HFCs (Hydrofluorocarbons)AC, Refrigerator (CFC का विकल्प)सैकड़ों-हजारोंकिगाली संशोधन 2016 में नियंत्रित
SF6 (Sulphur Hexafluoride)विद्युत उपकरण22,800 ★★★सर्वाधिक GWP — UPSC 2008, 2018
UPSC परीक्षा ट्रिक: CO2 की मात्रा सर्वाधिक है लेकिन GWP (Global Warming Potential) सर्वाधिक SF6 का है — CO2 से 22,800 गुना अधिक। यह प्रश्न UPSC 2008, 2018 में पूछा गया है।

3.3 भारत पर जलवायु परिवर्तन का प्रभाव (2024-25 के चौंकाने वाले आँकड़े)

3.4 महासागरीय अम्लीकरण (Ocean Acidification)

ओशन एसिडिफिकेशन — जलवायु परिवर्तन का जुड़वाँ भाई: समुद्र वायुमंडल से ~30% CO2 सोखता है। CO2 + H2O → H2CO3 (कार्बोनिक एसिड)। pH 8.2 (सामान्य) से गिरकर 8.1 (अम्लीय) की ओर। प्रभाव: कैल्सीफाइंग जीवों (कोरल, मोलस्क) के खोल और कंकाल बनाने में कठिनाई; समुद्री खाद्य श्रृंखला (Marine Food Web) का ढहना; फाइटोप्लैंक्टन का नाश।

3.5 प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय संधियाँ — UNFCCC से Paris तक

संधि/समझौतावर्षमुख्य प्रावधानविशेष
UNFCCC1992 (रियो, Earth Summit)GHG सांद्रता को स्थिर रखना; Framework ConventionGEF वित्तीय तंत्र के रूप में
क्योटो प्रोटोकॉल1997Annex-1 (विकसित) देशों पर बाध्यकारी लक्ष्य; CBDR सिद्धांतCarbon Credit का concept शुरू
पेरिस समझौता2015 (COP-21)2°C से नीचे; 1.5°C प्रयास; NDCs; Global Stocktake हर 5 वर्षसभी देशों पर लागू

3.6 NAPCC 2008 — राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन कार्य योजना

2008 में शुरू। इसमें 8 प्रमुख राष्ट्रीय मिशन शामिल हैं:

1. राष्ट्रीय सौर मिशन (Solar Mission)

2. राष्ट्रीय संवर्धित ऊर्जा दक्षता मिशन

3. राष्ट्रीय सतत आवास मिशन

4. राष्ट्रीय जल मिशन

5. हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र संरक्षण मिशन

6. हरित भारत मिशन (Green India Mission)

7. राष्ट्रीय सतत कृषि मिशन

8. जलवायु परिवर्तन के लिए सामरिक ज्ञान पर राष्ट्रीय मिशन

3.7 पंचामृत (Panchamrit) — COP-26 ग्लासगो 2021 ★★★

पंचामृत लक्ष्य2030 तक लक्ष्य
1. गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता500 GW (Non-Fossil Energy)
2. नवीकरणीय ऊर्जा का हिस्सा50% ऊर्जा आवश्यकताएं Renewable Sources से
3. कार्बन उत्सर्जन में कमी1 बिलियन टन (Projected Emissions)
4. GDP उत्सर्जन तीव्रता में कमी45% कमी (2005 के स्तर से)
5. Net Zero लक्ष्य2070 तक (ऐतिहासिक घोषणा)

3.8 भारत के Updated NDCs (2022) — 2030 तक के प्रमुख लक्ष्य

1. उत्सर्जन तीव्रता में कमी: GDP उत्सर्जन तीव्रता 45% तक (2005 के स्तर से)। (पुराना: 33-35%)

2. गैर-जीवाश्म ऊर्जा: कुल स्थापित बिजली क्षमता का 50% (पुराना: 40%)

3. कार्बन सिंक: वन/वृक्ष आवरण से 2.5-3.0 बिलियन टन CO2 समतुल्य

4. Mission LiFE: जलवायु परिवर्तन के लिए "जन-आंदोलन" — अंधाधुंध उपभोग की जगह सतर्क उपयोग

5. अनुकूलन: कृषि, जल, हिमालयी, तटीय और आपदा क्षेत्रों में निवेश

6. जलवायु वित्त: विकसित देशों से कम लागत वाला अंतर्राष्ट्रीय वित्त और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण

7. आर्थिक विकास और गरीबी उन्मूलन: पर्यावरण रक्षा के साथ आर्थिक विकास से समझौता नहीं

3.9 COP करेंट अफेयर्स अपडेट (★ Most Important 2024-25)

COPस्थान और वर्षप्रमुख निर्णय/थीम
COP-26ग्लासगो, UK (2021)पंचामृत; LiFE पेश; Global Methane Pledge; Coal Phase-Down
COP-28दुबई, UAE (2023)पहला Global Stocktake; Fossil Fuels से Transition; Loss & Damage Fund शुरू
COP-29बाकू, अज़रबैजान (2024)NCQG: $1.3 ट्रिलियन जलवायु वित्त का नया लक्ष्य (2035 तक)
COP-30 ★★★बेलेम, ब्राज़ील (नवं. 2025)Paris Agreement की 10वीं वर्षगाँठ; अधिक महत्वाकांक्षी NDCs; 1.5°C संरेखित योजनाएँ; NCQG लागू करना

COP-30 बेलेम (Current Affairs 2025) ★★★: नवंबर 2025, ब्राज़ील। पेरिस समझौते की 10वीं वर्षगाँठ। प्राथमिकताएँ: (1) $1.3 ट्रिलियन NCQG लागू करना, (2) 1.5°C संरेखित नए NDCs, (3) न्यायसंगत परिवर्तन, (4) जैव विविधता संरक्षण। 86 देशों के नए NDCs से 2035 तक 12% उत्सर्जन कटौती का लक्ष्य।

3.10 CBAM और Global Methane Pledge — विवाद और भारत की स्थिति

CBAM — EU का Carbon Tax
  • यूरोपीय संघ (EU) का नया "Carbon Border Adjustment Mechanism"
  • भारत के Iron, Steel, Aluminium निर्यात पर अतिरिक्त कार्बन टैक्स
  • भारत इसे "Climate Protectionism" (जलवायु संरक्षणवाद) मानता है
  • व्यापार बनाम पर्यावरण (Trade vs Environment) का सबसे बड़ा विवाद
  • UPSC Mains 2024 में महत्वपूर्ण
Global Methane Pledge (COP-26)
  • लक्ष्य: 2030 तक वैश्विक Methane उत्सर्जन 30% कम (2020 के स्तर से)
  • ★ भारत ने हस्ताक्षर नहीं किए हैं
  • कारण: भारत में CH4 का मुख्य स्रोत कृषि और पशुपालन है
  • किसानों और पशुपालकों पर आर्थिक बोझ न डालने की नीति
  • UPSC Pre/Mains में बार-बार पूछा गया

3.11 जलवायु वित्तपोषण तंत्र (Climate Finance Mechanisms)

संस्थास्थापनाकार्य
GEF (Global Environment Facility)1992 (रियो Earth Summit)5 सम्मेलनों (UNFCCC, UNCCD, CBD, Minamata, Stockholm) के लिए वित्तीय तंत्र
GCF (Green Climate Fund)2010 (COP-16, कानकुन, मेक्सिको)विकासशील देशों को Mitigation + Adaptation में सहायता; दुनिया का सबसे बड़ा समर्पित जलवायु कोष
NCQG (New Collective Quantified Goal)COP-29 बाकू 2024 में सहमति$1.3 ट्रिलियन प्रतिवर्ष (2035 तक) — विकसित देशों द्वारा
ISA (International Solar Alliance)2015 (COP-21, पेरिस)भारत की पहल; 121+ सदस्य देश; Solar Energy को बढ़ावा

3.12 Mission LiFE और Green Credit Program (GCP 2023)

Mission LiFE (Lifestyle for Environment): COP-26 ग्लासगो में पेश; अक्टूबर 2022 में भारत में लॉन्च। बदलाव: "अंधाधुंध उपभोग" (Mindless Destructive Consumption) से "सतर्क उपयोग" (Mindful Deliberate Utilization) की ओर। एक वैश्विक जन-आंदोलन (Global Mass Movement)। भारत के Updated NDCs का हिस्सा।

Green Credit Program (GCP) — 2023 ★: MoEFCC द्वारा शुरू। कार्बन क्रेडिट से अलग: 8 प्रकार की पर्यावरण-अनुकूल गतिविधियों के लिए (वृक्षारोपण, जल संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन, वायु प्रदूषण कम करना आदि)। Carbon Credit: केवल CO2 उत्सर्जन कमी। GCP: व्यापक पर्यावरण सुरक्षा।

3.13 CCUS तकनीक (Carbon Capture, Utilization and Storage)

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3ओज़ोन क्षरण (Ozone Depletion)

4.1 ओज़ोन परत: स्थिति और प्रकार

परतऊँचाईओज़ोन प्रकारप्रभाव
क्षोभमंडल (Troposphere)0-15 किमीबुरी ओज़ोन (Bad Ozone)स्मॉग (Smog) बनाता है — प्रदूषक
समताप मंडल (Stratosphere)15-35 किमीअच्छी ओज़ोन (Good Ozone) ★UV किरणों से जीवों की रक्षा करती है

डॉब्सन यूनिट (Dobson Unit): ओज़ोन परत की मोटाई मापने की इकाई। 100 Dobson Unit = 1 मिलीमीटर मोटी ओज़ोन परत। ओज़ोन छिद्र: जहाँ परत सामान्य से 30% पतली हो। UPPSC 2018, RAS 2020 में पूछा गया।

4.2 ओज़ोन क्षरण के कारण — ODS (Ozone Depleting Substances)

4.3 ओज़ोन छिद्र — अंटार्कटिका में ही क्यों? (UPSC Core Science)

ओज़ोन छिद्र का रहस्य: दो कारण: (1) ध्रुवीय भंवर (Polar Vortex): सर्दियों में अंटार्कटिका के ऊपर बेहद ठंडी हवाओं की भंवर बनती है जो वहाँ की हवा को बाकी दुनिया से अलग कर देती है (Isolation)। इससे समताप मंडल का तापमान -80°C तक गिर जाता है। (2) ध्रुवीय समतापमंडलीय बादल (PSCs — Polar Stratospheric Clouds): -80°C पर विशेष PSC बनते हैं जो CFCs को Activate करने के लिए "सतह" प्रदान करते हैं। वसंत ऋतु (Spring) में पहली सूरज की किरणें आते ही रासायनिक प्रतिक्रिया तेज़ी से शुरू होती है → ओज़ोन का भारी नाश।

ओज़ोन छिद्र की खोज: सर्वप्रथम 1985 में ब्रिटिश वैज्ञानिक जो फार्मन (Joe Farman) और उनकी टीम ने अंटार्कटिका के ऊपर ओज़ोन छिद्र की खोज की।

4.4 नवीनतम स्थिति 2025 (★ Current Affairs)

सकारात्मक खबर — 2025 ★★★: 2025 में अंटार्कटिक ओज़ोन छिद्र 1992 के बाद 5वाँ सबसे छोटा दर्ज किया गया। ओज़ोन परत धीरे-धीरे ठीक हो रही है। रिकवरी का अनुमान: 2066 तक पूरी तरह से ठीक होने (1980 के स्तर तक) की उम्मीद। मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल की सफलता: 99% ODS समाप्त कर दिए गए हैं।

4.5 ओज़ोन क्षरण के हानिकारक प्रभाव

मानव स्वास्थ्य पर प्रभाव
  • UV-B किरणों से त्वचा कैंसर (Melanoma)
  • मोतियाबिंद (Cataract) की समस्या
  • प्रतिरक्षा तंत्र (Immune System) कमजोर
  • समय से पहले त्वचा की उम्र बढ़ना
  • DNA क्षति और आनुवांशिक परिवर्तन
पर्यावरण और कृषि पर प्रभाव
  • फाइटोप्लैंक्टन (Phytoplankton) नष्ट — समुद्री खाद्य श्रृंखला का आधार
  • मूंगा चट्टानें (Coral Reefs) में Bleaching
  • फसलों की उत्पादकता में गिरावट
  • स्थलीय पौधों की वृद्धि और प्रजनन प्रभावित
  • पर्यावरण में UV-B का अत्यधिक प्रवेश

4.6 प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय संधियाँ — ओज़ोन संरक्षण

संधिवर्षमुख्य प्रावधानविशेष तथ्य
वियना कन्वेंशन (Vienna Convention)1985ओज़ोन संरक्षण का पहला अंतर्राष्ट्रीय समझौता; वैज्ञानिक अनुसंधान और सूचना आदान-प्रदानFramework Convention — बाध्यकारी नहीं
मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल (Montreal Protocol)1987 (16 सितंबर ★)ODS (CFCs, Halons) के उत्पादन पर प्रतिबंध; सर्वाधिक सफल पर्यावरण संधि16 सितंबर = विश्व ओज़ोन दिवस; 99% ODS समाप्त
किगाली संशोधन (Kigali Amendment)2016HFCs के उपयोग को 80-85% तक कम करना; जलवायु लाभMontreal Protocol का संशोधन; UPSC 2020
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★ परीक्षा में अवश्य पूछे जाने वाले तथ्य ★

1. UNCCD: स्थापना 1994, मुख्यालय बॉन (जर्मनी)। विश्व मरुस्थलीकरण दिवस: 17 जून (पहली बार 1995 में)। 2. UNCCD COP16 (दिसंबर 2024, रियाद): $12.15 बिलियन — Riyadh Global Drought Resilience Partnership लॉन्च। ★ Current Affairs 3. भारत में भूमि क्षरण: 97.85 MH (29.7%); मरुस्थलीकरण का सबसे बड़ा कारण: जल अपरदन (11.01%)। 4. सर्वाधिक प्रभावित राज्य: राजस्थान (21.23 MH); सकारात्मक: 387,000 Ha कमी दर्ज — एकमात्र शुष्क राज्य जहाँ कमी हुई। 5. UNCCD 2030 लक्ष्य: Land Degradation Neutrality (LDN) — SDG 15.3 से जुड़ा। 6. अरावली ग्रीन वॉल प्रोजेक्ट (मार्च 2023): थार मरुस्थल विस्तार रोकना; 5 किमी बफर जोन; राज्य: GJ, RJ, HR, DL। ★ 7. बॉन चैलेंज: भारत का लक्ष्य — 2030 तक 26 MH क्षतिग्रस्त भूमि बहाल करना। 8. वैश्विक वन: 4.14 बिलियन हेक्टेयर (32%); प्रतिवर्ष 10.9 MH कटाई (FAO 2025); भारत: FAO रैंकिंग में 9वाँ। 9. भारत (GFW 2024): 18,200 Ha Primary Forest नुकसान; 60% नुकसान पूर्वोत्तर में — असम शीर्ष पर। 10. ISFR: FSI (देहरादून) प्रकाशित, द्विवार्षिक। राष्ट्रीय वन नीति 1988: 33% वन आवरण लक्ष्य। 11. 2024: रिकॉर्ड पर सबसे गर्म वर्ष (1.55°C ऊपर प्री-इंडस्ट्रियल)। CO2 (दिसं. 2025): 427.48 ppm (ऐतिहासिक उच्च)। ★★★ 12. GHG: CO2 — सर्वाधिक मात्रा; SF6 — सर्वाधिक GWP (22,800 × CO2)। UPSC 2008, 2018। 13. पंचामृत (COP-26, 2021): 500 GW, 50% Renewable, 1B टन कटौती, 45% तीव्रता कमी, Net Zero 2070। ★★★ 14. भारत ने Global Methane Pledge (COP-26) पर हस्ताक्षर नहीं किए — कृषि और पशुपालन मुख्य स्रोत। 15. COP-30: बेलेम, ब्राज़ील (नवंबर 2025) — Paris Agreement की 10वीं वर्षगाँठ; NCQG: $1.3 ट्रिलियन (COP-29, बाकू 2024)। ★★★ 16. IPCC: 1988 में UNEP + WMO द्वारा स्थापना। IPCC AR6 (2021-22): 1.1°C वृद्धि दर्ज। 17. GCF (2010, COP-16 कानकुन); GEF (1992, रियो); ISA: भारत की पहल, 121+ सदस्य देश। 18. ओज़ोन परत: Stratosphere (15-35 km); माप: Dobson Unit; खोज: 1985 — Joe Farman (Antarctica)। 19. मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल (1987 — 16 सितंबर = विश्व ओज़ोन दिवस): 99% ODS समाप्त। किगाली संशोधन (2016): HFCs कटौती। 20. 2025: ओज़ोन छिद्र — 1992 के बाद 5वाँ सबसे छोटा। रिकवरी: 2066 तक (1980 स्तर)। ★ Current Affairs 2025

📝 पिछले वर्षों के प्रश्न (PYQs) 📝

Q1. UNCCD की स्थापना कब और क्यों की गई? इसका मुख्यालय कहाँ है? मरुस्थलीकरण के 2030 लक्ष्य क्या हैं? (State PSC 2018) Q2. भारत में मरुस्थलीकरण के प्रमुख कारण बताएं। ISRO भूमि क्षरण एटलस के अनुसार सर्वाधिक प्रभावित राज्य कौन-सा है? (UPSC Pre 2019) Q3. बॉन चैलेंज (Bonn Challenge) क्या है? भारत की इस संदर्भ में प्रतिबद्धता क्या है? (UPSC Mains 2022) Q4. "ग्रेट ग्रीन वॉल" (Great Green Wall) पहल किस क्षेत्र में और किस उद्देश्य से शुरू की गई है? (RAS Pre 2021) Q5. चिपको आंदोलन कब, कहाँ और किसके नेतृत्व में हुआ? इसका क्या महत्व था? (UPSC Pre 1996) Q6. राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) की स्थापना कब और किस उद्देश्य से की गई? (Bihar PSC 2017) Q7. पंचामृत लक्ष्य क्या हैं? भारत का Net Zero लक्ष्य वर्ष कौन सा है? (UPSC Mains 2022, RAS 2023) Q8. SF6 (सल्फर हेक्साफ्लोराइड) का ग्लोबल वार्मिंग के संदर्भ में उल्लेख क्यों किया जाता है? (UPSC Pre 2008) Q9. ओज़ोन परत की मोटाई किस इकाई में मापी जाती है? यह अंटार्कटिका के ऊपर ही क्यों क्षीण होती है? (UPPSC 2018) Q10. किगाली संशोधन (2016) क्या है? यह मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल से किस प्रकार भिन्न है? (UPSC Pre 2020) Q11. CBAM क्या है? यह भारत के निर्यात को किस प्रकार प्रभावित करता है? भारत का क्या रुख है? (UPSC Mains 2024) Q12. भारत ने Global Methane Pledge पर हस्ताक्षर क्यों नहीं किए? इसके क्या दीर्घकालिक निहितार्थ हैं? (RAS Mains 2023)

पर्यावरणीय मुद्दे — कालरेखा (Timeline)

वर्ष/अनुच्छेदविषय
1973चिपको आंदोलन — चमोली (उत्तराखंड); गौरा देवी, सुंदरलाल बहुगुणा, चंडी प्रसाद भट्ट
1977-78मरुस्थल विकास कार्यक्रम (DDP) आरंभ — शुष्क क्षेत्रों में
1980वन संरक्षण अधिनियम — गैर-वन उपयोग के लिए केंद्र की अनुमति अनिवार्य
1985वियना कन्वेंशन; ओज़ोन छिद्र की खोज — Joe Farman, Antarctica
1986पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम 1986 — EIA का कानूनी आधार
1987मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल — 16 सितंबर = विश्व ओज़ोन दिवस
1988IPCC की स्थापना — UNEP + WMO द्वारा संयुक्त रूप से
1992UNFCCC — रियो Earth Summit; GEF की स्थापना
1994UNCCD — स्थापना; मुख्यालय: बॉन (जर्मनी)
1995पहला विश्व मरुस्थलीकरण रोकथाम दिवस मनाया गया (17 जून)
1997क्योटो प्रोटोकॉल — Carbon Credit का concept; CBDR सिद्धांत
2006वन अधिकार अधिनियम (FRA); EIA Notification 2006 लागू
2008NAPCC लॉन्च — 8 राष्ट्रीय मिशन शामिल
2009हरित राजस्थान अभियान — वृक्षारोपण द्वारा मरुस्थलीकरण नियंत्रण
2010NGT की स्थापना (6 महीने में निपटान); GCF — COP-16 कानकुन
2015पेरिस समझौता (COP-21); ISA; Soil Health Card Scheme (सूरतगढ़, RJ)
2016किगाली संशोधन (HFCs); CAMPA अधिनियम — प्रतिपूरक वनीकरण
2021पंचामृत (COP-26, ग्लासगो); Net Zero 2070; LiFE पेश; Methane Pledge
Oct-2022Mission LiFE भारत में लॉन्च — वैश्विक जन-आंदोलन
2023ग्रीन क्रेडिट प्रोग्राम (GCP); अरावली ग्रीन वॉल प्रोजेक्ट (मार्च); वन संरक्षण संशोधन अधिनियम
Nov-2024COP-29 (बाकू, अज़रबैजान): NCQG — $1.3 ट्रिलियन जलवायु वित्त सहमति
Dec-2024UNCCD COP-16 (रियाद): $12.15B Riyadh Global Drought Resilience Partnership
2025COP-30 बेलेम (ब्राज़ील, नवं.); CO2: 427.48 ppm; ओज़ोन छिद्र: 1992 के बाद 5वाँ सबसे छोटा
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