सुनीता जयपुर में एक छोटी सी दुकान चलाती हैं। एक दिन उन्हें SBI Bank का नंबर से call आई — "आपका ATM block हो गया है, OTP बताइए।" सुनीता ने OTP दे दिया। 2 मिनट में उनके खाते से 45,000 रुपए गायब। सुनीता थाने गई — पुलिस ने कहा "साइबर Crime Cell जाओ।" वहां गई — धारा (Section) 66D के तहत FIR दर्ज हुई। आरोपी पकड़ा गया — 3 साल की सजा और 1 लाख जुर्माना। यह सब संभव हुआ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (IT Act, 2000) की वजह से।
Section 1
Section 2- Definitions: Communication device, Computer, Computer Network, Computer Resource, Computer System, Cyber Cafe, Cyber Security, Data, Digital Signature, Electronic Record, Electronic Signature, Information, Private Key, Public Key.
Sections 65, 66, 66(B-F), 67, 67 (A-C), 71-78
| धारा | विषय | सरल अर्थ |
|---|---|---|
| धारा 1 | विस्तार और लागू | यह पूरे भारत पर लागू है। विदेश में किए गए अपराध पर भी लागू (यदि भारत के कंप्यूटर का उपयोग हो)। |
| धारा 2 | मुख्य परिभाषाएं | इसमें 14 मुख्य शब्द हैं (Computer, Network, Data, Digital Signature, Electronic Record, Intermediary आदि)। |
| धारा | अपराध | मुख्य दंड (संक्षेप में) |
|---|---|---|
| 65 | सोर्स कोड के साथ छेड़छाड़ | 3 वर्ष कैद / 2 लाख जुर्माना |
| 66 | कंप्यूटर अपराध (Hacking, Data Theft) | 3 वर्ष कैद / 5 लाख जुर्माना |
| 66A | आपत्तिजनक संदेश | STRUCK DOWN (असंवैधानिक) |
| 66B | चोरी का कंप्यूटर संसाधन रखना | 3 वर्ष कैद / 1 लाख जुर्माना |
| 66C | पहचान की चोरी (Identity Theft) | 3 वर्ष कैद / 1 लाख जुर्माना |
| 66D | धोखाधड़ी (Cheating by Personation) | 3 वर्ष कैद / 1 लाख जुर्माना |
| 66E | गोपनीयता का उल्लंघन (Privacy) | 3 वर्ष कैद / 2 लाख जुर्माना |
| 66F | साइबर आतंकवाद (Cyber Terrorism) | आजीवन कारावास |
| 67 | अश्लील सामग्री | 3 वर्ष कैद / 5 लाख जुर्माना |
| 67A | यौन सामग्री | 5 वर्ष कैद / 10 लाख जुर्माना |
| 67B | बाल पोर्नोग्राफी | 5 वर्ष कैद / 10 लाख जुर्माना |
| 67C | मध्यस्थों द्वारा डेटा न रखना | दंड प्रावधान (आईटी नियमों के तहत) |
| धारा | विषय | मुख्य दंड / प्रावधान |
|---|---|---|
| 71 | गलत बयानी (DSC के लिए) | 2 वर्ष कैद / 1 लाख जुर्माना |
| 72 | गोपनीयता भंग | 2 वर्ष कैद / 1 लाख जुर्माना |
| 72A | कॉन्ट्रैक्ट उल्लंघन में सूचना प्रकटीकरण | 3 वर्ष कैद / 5 लाख जुर्माना |
| 73 | झूठा डिजिटल प्रमाणपत्र | 2 वर्ष कैद / 1 लाख जुर्माना |
| 74 | कपटपूर्ण उद्देश्य से उपयोग | 2 वर्ष कैद / 1 लाख जुर्माना |
| 75 | विदेशी क्षेत्राधिकार | भारत में स्थित कंप्यूटर के लिए लागू |
| 76 | जब्ती (Confiscation) | अपराध में प्रयुक्त उपकरण कोर्ट द्वारा जब्त |
| 77 | अन्य कानूनों के साथ संबंध | अन्य कानूनों के साथ मिलकर भी दंड |
| 78 | जांच की शक्ति | Inspector rank से नीचे का अधिकारी नहीं |
सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (Information Technology Act, 2000) भारत में इलेक्ट्रॉनिक वाणिज्य (E-Commerce) को कानूनी मान्यता देने और साइबर अपराधों (Cyber Crimes) को परिभाषित कर दंडित करने के लिए बनाया गया। यह UNCITRAL (United Nations Commission on International Trade Law) के Model Law on Electronic Commerce, 1996 पर आधारित है। संसद ने इसे 2000 में पारित किया और 17 अक्टूबर 2000 से लागू किया। 2008 में व्यापक संशोधन (Amendment) किए गए।
| विवरण | तथ्य |
|---|---|
| पूरा नाम | Information Technology Act, 2000 (सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000) |
| पारित (Passed) | 17 मई 2000 | लागू: 17 अक्टूबर 2000 |
| आधार (Basis) | UNCITRAL Model Law on E-Commerce, 1996 |
| प्रमुख संशोधन | IT (Amendment) Act, 2008 — 27 अक्टूबर 2009 से लागू |
| धाराएं (Sections) | कुल 90 धाराएं + 4 अनुसूचियां (Schedules) |
| उद्देश्य | E-Commerce को मान्यता, Digital Signature, Cyber Crime दंड |
| Rajasthan में | Rajasthan Cyber Crime Cell — जयपुर, जोधपुर, कोटा, उदयपुर में |
1990 के दशक में Internet का विस्तार हुआ। Online Shopping, Email, Digital Documents का उपयोग बढ़ा। समस्या यह थी: (1) Courts में Electronic Record को साक्ष्य (Evidence) नहीं माना जाता था — Indian Evidence Act 1872 में। (2) Online frauds, hacking के लिए कोई specific कानून नहीं था। (3) Digital Signature को कानूनी मान्यता नहीं थी। → IT Act, 2000 ने इन तीनों समस्याओं का समाधान किया और भारत को digital economy के लिए तैयार किया।
धारा 1
क्षेत्र और लागू (Extent and Applicability) यह अधिनियम: (a) संपूर्ण भारत में लागू होगा; (b) भारत के बाहर (Outside India) किए गए अपराध के लिए भी — यदि अपराध में भारतीय computer या network का उपयोग हुआ हो (धारा 75 के तहत Extraterritorial Jurisdiction)। अपवाद (Exceptions): कुछ दस्तावेज IT Act के दायरे में नहीं आते — (i) Negotiable Instrument Act के तहत document, (ii) Power of Attorney, (iii) Trust, (iv) Will, (v) किसी अचल संपत्ति के हस्तांतरण का Contract।
महत्वपूर्ण — धारा 1 अपवाद: IT Act के अंतर्गत "will (वसीयत)", "negotiable instruments (चेक, ड्राफ्ट)" और "power of attorney" शामिल नहीं हैं। RAS Mains में अक्सर पूछा जाता है कि "IT Act किस पर लागू नहीं होता?"
धारा (Section) 2 में IT Act की समस्त परिभाषाएं हैं। पाठ्यक्रम (Syllabus) में 14 परिभाषाएं निर्धारित हैं। ये सभी RAS Mains में "5-अंक के प्रश्न" के रूप में पूछी जा सकती हैं। सभी को 3-step format में समझें — Legal → सरल → उदाहरण।
⚖️ कानूनी परिभाषा: अभिगम का तात्पर्य है computer resource में प्रवेश करने के लिए अनुदेश (Instructions) देना, संचार करना (Communicate), डेटा संग्रहीत करना (Store), पुनः प्राप्त करना (Retrieve) या अन्यथा उपयोग करना। ✅ सरल अर्थ: किसी भी डिजिटल सिस्टम (जैसे कंप्यूटर, फोन, वेबसाइट या अकाउंट) के अंदर जाना, उसमें कुछ बदलाव करना, या वहां रखी जानकारी को पढ़ना या चुराना 'एक्सेस' कहलाता है। 💡 उदाहरण: जैसे किसी चोर का बिना अनुमति के घर में घुसना। इसी तरह, बिना पासवर्ड जाने किसी की ईमेल आईडी खोल लेना या किसी के बैंक खाते में बिना परमिशन घुसकर पैसे ट्रांसफर करना 'अनधिकृत एक्सेस' (Unauthorized Access) है।
⚖️ कानूनी परिभाषा: ऐसी प्रणाली (System) जिसमें सुरक्षित key-pairs (key-pairs) का उपयोग होता है — एक key से encrypt करते हैं (Public Key) और दूसरी key से decrypt करते हैं (Private Key)। ✅ सरल अर्थ: यह सुरक्षा का एक ऐसा तरीका है जिसमें डेटा को लॉक करने के लिए दो अलग-अलग चाबियों (Keys) का इस्तेमाल होता है। पहली 'Public Key' है जिसे हर कोई देख सकता है (डेटा लॉक करने के लिए), और दूसरी 'Private Key' है जो केवल असली मालिक के पास गुप्त रहती है (डेटा खोलने के लिए)। 💡 उदाहरण: इसे ऐसे समझें जैसे आपका बैंक का डिजिटल लॉकर। जब आप पैसे भेजते हैं, तो बैंक की Public Key उस लेनदेन को सुरक्षित 'लॉक' कर देती है। फिर उसे सिर्फ आपकी Private Key या डिजिटल सिग्नेचर ही 'अनलॉक' कर सकता है। यह तकनीक आपके द्वारा भेजे गए मैसेज या डिजिटल साइन को सुरक्षित रखती है।
⚖️ कानूनी परिभाषा: Computer का तात्पर्य है कोई भी इलेक्ट्रॉनिक, magnetic, optical या अन्य high-speed data processing device या system जो logical, arithmetic और memory functions को mathematical operations, manipulation, retrieval, communication और display के माध्यम से निष्पादित करे। ✅ सरल अर्थ: कोई भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जो डेटा को प्रोसेस (process) कर सके। इसमें कंप्यूटर, लैपटॉप, स्मार्टफोन, स्मार्ट टीवी और एटीएम मशीन जैसे सभी उपकरण शामिल हैं। 💡 उदाहरण: आपका स्मार्टफोन एक छोटा कंप्यूटर ही है क्योंकि यह भी डेटा प्रोसेस करता है। इसलिए, मोबाइल पर होने वाले ऑनलाइन फ्रॉड या हैकिंग के मामले भी इसी अधिनियम के तहत आते हैं।
⚖️ कानूनी परिभाषा: कंप्यूटर नेटवर्क का तात्पर्य है दो या अधिक computers या computer systems का ऐसा परस्पर संपर्क (Interconnection) जो telephone lines, cables, optical fibres, microwave, radio waves, satellite या अन्य electromagnetic माध्यम से बना हो। ✅ सरल अर्थ: जब दो या दो से अधिक कंप्यूटरों को आपस में जोड़ा जाता है ताकि वे जानकारी शेयर कर सकें। यह कनेक्शन इंटरनेट, केबल या वाई-फाई के जरिए हो सकता है। 💡 उदाहरण: इंटरनेट दुनिया का सबसे बड़ा नेटवर्क है। इसी तरह, बैंक की सभी शाखाओं के कंप्यूटर आपस में जुड़े होते हैं ताकि वे तुरंत बैलेंस अपडेट कर सकें।
⚖️ कानूनी परिभाषा: कंप्यूटर संसाधन का तात्पर्य है computer, computer system, computer network, data, computer database या software। ✅ सरल अर्थ: कंप्यूटर से संबंधित सब कुछ। इसमें कंप्यूटर सिस्टम, उसमें मौजूद डेटा, सॉफ्टवेयर, पासवर्ड और फाइलें शामिल हैं। 💡 उदाहरण: आपके फोन में मौजूद बैंक ऐप, आपकी ईमेल आईडी का डेटा, या आपके लैपटॉप में सेव की गई फाइलें—ये सब 'कंप्यूटर रिसोर्स' हैं। इन्हें बिना अनुमति के छूना या छेड़ना अपराध है।
⚖️ कानूनी परिभाषा: कंप्यूटर सिस्टम का तात्पर्य है ऐसा device जो data processing के लिए capable हो और उसमें input device, output device, processing unit, storage device और software शामिल हों. ✅ सरल शब्दों में: यह आपके कंप्यूटर का पूरा सेटअप है। इसमें कंप्यूटर का दिमाग (CPU), कीबोर्ड, स्क्रीन और उसमें चलने वाले प्रोग्राम्स सब शामिल हैं. 💡 उदाहरण: आपके घर का कंप्यूटर, ऑफिस का लैपटॉप या रेलवे स्टेशन पर टिकट काटने वाली मशीन—ये सब 'कंप्यूटर सिस्टम' के हिस्से हैं। इनमें से किसी को खराब करना या बिना इजाजत छेड़ना कानूनन अपराध है.
⚖️ कानूनी परिभाषा: डेटा का तात्पर्य है ऐसा information, knowledge, fact, concept या instruction जो computer में तैयार या process किए जाने वाले या computer memory में store होने वाले किसी formal manner में representation हो. ✅ सरल शब्दों में: कंप्यूटर के अंदर मौजूद हर जानकारी—जैसे फोटो, वीडियो, फाइल, नंबर या मैसेज—सब 'डेटा' है. 💡 उदाहरण: आपके आधार कार्ड का नंबर, बैंक अकाउंट का स्टेटमेंट या आपकी फोन गैलरी में मौजूद तस्वीरें। इन्हें बिना अनुमति चुराना या मिटाना 'डेटा थेफ्ट' (Data Theft) है.
⚖️ कानूनी परिभाषा: डिजिटल हस्ताक्षर का तात्पर्य है subscriber द्वारा किसी electronic record को authenticate करने के लिए asymmetric crypto system और hash function का उपयोग करते हुए electronic form में बनाया गया हस्ताक्षर (Signature). ✅ सरल शब्दों में: यह डिजिटल दुनिया का आपका असली सिग्नेचर है। जैसे कागज पर आप पेन से साइन करते हैं, वैसे ही डिजिटल डॉक्यूमेंट्स पर यह गणितीय (mathematical) तरीके से किया गया साइन है जो यह पक्का करता है कि डॉक्यूमेंट असली है और उससे कोई छेड़छाड़ नहीं हुई है. 💡 उदाहरण: इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करते समय ऑनलाइन सिग्नेचर करना या किसी RAS अधिकारी का ई-ऑफिस (e-office) पर आधिकारिक आदेश जारी करना.
⚖️ कानूनी परिभाषा: इलेक्ट्रॉनिक रूप से बनाई, भेजी, प्राप्त या stored information — जो computer readable form में हो. ✅ सरल शब्दों में: वह जानकारी जो कागज पर नहीं, बल्कि डिजिटल तरीके से मोबाइल या कंप्यूटर में है. 💡 उदाहरण: आपके फोन में मौजूद WhatsApp मैसेज, ईमेल, पीडीएफ फाइल, या एक्सेल शीट। ये सब सरकारी रिकॉर्ड में भी अब कानूनी रूप से मान्य हैं.
⚖️ कानूनी परिभाषा: Electronic record का तात्पर्य है data, record या data generated, image या sound stored, received or sent in an electronic form or micro film or computer generated micro fiche। ✅ सरल शब्दों में: Computer पर बना, भेजा, या store किया गया कोई भी record — email, digital photo, scanned document — "Electronic Record" है। 💡 उदाहरण: Court में email को Evidence के रूप में पेश करना — IT Act ने इसे valid बनाया (Indian Evidence Act Section 65B)। WhatsApp chat — Electronic Record है, Court में valid।
⚖️ कानूनी परिभाषा: सूचना में सभी प्रकार के electronic data, electronic record, sound, voice, text, video और combination of any of them शामिल हैं। ✅ सरल शब्दों में: Computer में रखी या भेजी गई कोई भी जानकारी — text, audio, video, mixed — "Information" है। 💡 उदाहरण: Twitter/X पर tweet, YouTube video, WhatsApp audio message — सब "Information" हैं। इन्हें गलत तरीके से प्रकाशित करना IT Act के तहत अपराध हो सकता है।
⚖️ कानूनी परिभाषा: प्रवर्तक वह व्यक्ति है जो किसी electronic record को generate, store या transmit करता है या करवाता है — लेकिन वह intermediary नहीं है जो किसी और के लिए उसे process या store करे। ✅ सरल शब्दों में: Email भेजने वाला, WhatsApp message लिखने वाला, website content डालने वाला — "Originator" है। 💡 उदाहरण: रामलाल ने email लिखकर सुनीता को भेजा → रामलाल Originator है। Gmail (जो email deliver करता है) intermediary है — Originator नहीं।
⚖️ कानूनी परिभाषा: Subscriber वह व्यक्ति है जिसके नाम से Certifying Authority (CA) ने Digital Signature Certificate (DSC) जारी किया हो। ✅ सरल शब्दों में: Digital Signature Certificate (DSC) जिसके नाम पर हो — वह "Subscriber" है। 💡 उदाहरण: CA Certifying Authority ने अधिकारी विक्रम सिंह को DSC जारी किया → विक्रम सिंह "Subscriber" हैं। वे अपनी Private Key से documents sign करते हैं।
⚖️ कानूनी परिभाषा: Intermediary वह व्यक्ति है जो किसी electronic record के संबंध में — किसी अन्य व्यक्ति की ओर से record receive, store या transmit करता हो — जिसमें Telecom Service Providers, Network Service Providers, Internet Service Providers, Web Hosting Service Providers, Search Engines, Online Payment Sites, Online Auction Sites, Online Market Places और Cyber Cafes शामिल हैं। ✅ सरल शब्दों में: वह platform जो users के messages को बीच में deliver करे — Google, Facebook, WhatsApp, Airtel, Jio — सब "Intermediaries" हैं। 💡 उदाहरण: WhatsApp अगर user A का message user B को deliver करे — WhatsApp यहां Intermediary है। IT Act की धारा 79 के तहत Intermediaries को "Safe Harbour" protection मिलती है — यदि वे government के directions का पालन करें।
धारा 2 — 14 परिभाषाओं की Quick List: (1) Access (2) Asymmetric Crypto System (3) Computer (4) Computer Network (5) Computer Resource (6) Computer System (7) Data (8) Digital Signature (9) Electronic Form (10) Electronic Record (11) Information (12) Originator (13) Subscriber (14) Intermediary। RAS Mains में "कोई 5 परिभाषाएं दीजिए" — style में आते हैं।
साइबर अपराध (Cyber Crime) वे अपराध हैं जो Computer, Internet या किसी Electronic Device का उपयोग करके किए जाते हैं। IT Act, 2000 भारत का पहला कानून है जिसने इन अपराधों को परिभाषित और दंडित किया। साइबर अपराध दो प्रकार के होते हैं — (A) जिनमें computer Target है, (B) जिनमें computer Tool है।
NCRB 2023 के अनुसार: भारत में 15.56 लाख Cyber Crimes दर्ज। Rajasthan में Cyber Crime की शिकायतें — National Cyber Crime Reporting Portal (cybercrime.gov.in) पर 2023 में 10 लाख से अधिक complaints पूरे देश से। Rajasthan Cyber Crime Cell: Jaipur में मुख्यालय, OTP fraud सबसे अधिक मामले। "Mewat Gang" — Online fraud में कुख्यात, Alwar (Rajasthan) से operate करते थे। Jamtara (Jharkhand) के बाद Mewat भारत का दूसरा बड़ा cyber fraud hub माना जाता है।
धारा 65
कंप्यूटर स्रोत दस्तावेजों से छेड़छाड़ (Tampering with Computer Source Documents) जो कोई जानबूझकर (Knowingly) या जानते हुए (Intentionally) किसी computer, computer programme, computer system या computer network के उपयोग में लगे किसी computer source code को छुपाएगा, नष्ट करेगा या बदलेगा या किसी को ऐसा करने के लिए जानबूझकर कहेगा — जबकि किसी कानून के तहत उसे रखना अनिवार्य हो — वह दंडनीय होगा।
| धारा 65 | अपराध | दंड (Punishment) |
|---|---|---|
| 65 | Computer Source Code बदलना/नष्ट करना/छुपाना | 3 वर्ष कारावास (Imprisonment) या 2 लाख रु. जुर्माना (Fine) या दोनों |
एक software company के employee ने secretly कंपनी के software का source code modify करके अपने USB में copy कर लिया और competitor को बेच दिया। IT Act 65 के तहत: 3 साल जेल + 2 लाख जुर्माना। इसी तरह किसी website का backend code (HTML/CSS/JavaScript) server से चुरा लेना भी इस धारा के अंतर्गत आता है।
धारा 66
कंप्यूटर संबंधित अपराध (Computer Related Offences) जो कोई बेईमानी से (Dishonestly) या कपटपूर्वक (Fraudulently) धारा 43 में बताए गए कार्य करेगा — कंप्यूटर में unlawful entry, data चुराना, virus फैलाना, computer system को damage करना — वह दंडनीय होगा। धारा 43 में वे कार्य हैं जो "unauthorized" होने पर civil liability बनाते हैं — और यदि dishonesty/fraud के साथ हों तो criminal liability (धारा 66) बनती है।
| धारा 66 | अपराध के प्रकार | दंड | परीक्षा महत्व |
|---|---|---|---|
| 66 | Computer Hacking, Unauthorized Access, Data Theft, Virus Attack, System Damage | 3 वर्ष कारावास या 5 लाख रु. जुर्माना या दोनों | ★★★★★ |
धारा 66A
आपत्तिजनक संदेश भेजना — STRUCK DOWN [Section 66A — Offensive Messages] ⚠️ यह धारा Shreya Singhal v. Union of India (2015) में Supreme Court ने असंवैधानिक (Unconstitutional) घोषित की — अनुच्छेद 19(1)(a) अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के उल्लंघन के आधार पर। इसलिए अब यह धारा लागू नहीं होती। यह ऐतिहासिक landmark judgment RAS Mains में अत्यंत महत्वपूर्ण है।
★ Landmark Judgment — अवश्य याद रखें: Shreya Singhal v. Union of India (2015): SC ने Section 66A को struck down किया। Reason: "Grossly offensive" जैसे vague शब्द — अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अनुचित रोक। यह Palghar arrest case (2012) — Shaheen Dhada arrest के बाद आया। RAS Mains 2026 में "IT Act में unconstitutional section" पूछा जा सकता है।
धारा 66B
चोरी किया गया कंप्यूटर संसाधन प्राप्त करना (Receiving Stolen Computer Resource) जो कोई बेईमानी से किसी चोरी किए हुए (Stolen) computer resource या communication device को प्राप्त करेगा या retain करेगा — जबकि जानता हो कि यह चोरी का है — वह दंडनीय होगा।
धारा 66C
पहचान की चोरी (Identity Theft) जो कोई कपटपूर्वक (Fraudulently) किसी अन्य व्यक्ति के Electronic Signature, Password या किसी अन्य Unique Identification Feature का उपयोग करेगा — वह दंडनीय होगा।
धारा 66D
प्रतिरूपण द्वारा धोखाधड़ी (Cheating by Personation using Computer) जो कोई कंप्यूटर resource या communication device का उपयोग करके किसी अन्य व्यक्ति का रूप धारण कर (Personating) धोखाधड़ी करेगा — वह दंडनीय होगा।
धारा 66E
गोपनीयता का उल्लंघन (Violation of Privacy) जो कोई जानबूझकर या जानते हुए किसी व्यक्ति की private parts (अंतरंग अंगों) की images — बिना उसकी सहमति के — publish, transmit या capture करेगा — वह दंडनीय होगा। यह धारा "Voyeurism (ताकझांक)" और "Revenge Porn" को cover करती है।
धारा 66F
साइबर आतंकवाद (Cyber Terrorism) — सर्वाधिक गंभीर अपराध जो कोई इरादे से (Intentionally) — भारत की एकता, अखंडता, सुरक्षा, संप्रभुता या विदेश संबंधों को खतरे में डालने के लिए या जनता में आतंक (Terror) फैलाने के लिए — Computer Network, Computer System को hack करे, या किसी authorized person को access से वंचित करे, या किसी critical information infrastructure को नुकसान पहुंचाए — वह Cyber Terrorism का दोषी है।
| धारा | अपराध (Offence) | दंड (Punishment) |
|---|---|---|
| 66A | आपत्तिजनक संदेश (Offensive Messages) | STRUCK DOWN — 2015 SC Judgment (Shreya Singhal) |
| 66B | चोरी का Computer Resource रखना | 3 वर्ष / 1 लाख रु. |
| 66C | पहचान की चोरी (Identity Theft) | 3 वर्ष / 1 लाख रु. |
| 66D | Computer द्वारा धोखाधड़ी (Cheating by Personation) | 3 वर्ष / 1 लाख रु. |
| 66E | गोपनीयता उल्लंघन / Voyeurism | 3 वर्ष / 2 लाख रु. |
| 66F | साइबर आतंकवाद (Cyber Terrorism) | आजीवन कारावास (Life Imprisonment) |
66B: मोहन को market में 500 रु. में एक "second-hand" laptop मिला जो वास्तव में चोरी का था → 66B। | 66C: किसी ने आपका Aadhaar number, PAN, mobile OTP लेकर आपकी identity बनाकर loan ले लिया → 66C (Identity Theft)। | 66D: सुनीता को SBI की fake call आई — caller ने SBI officer बनकर OTP ले लिया → 66D (Cheating by Personation) — यही सबसे common cyber fraud है। | 66E: किसी ने college में classmate की private photo without consent WhatsApp पर share की → 66E। | 66F: Pakistan-based hackers ने Indian power grid के SCADA system में घुसकर Mumbai में blackout किया (2020 incident) → 66F Cyber Terrorism।
धारा 67
अश्लील सामग्री का प्रकाशन (Publishing Obscene Material in Electronic Form) जो कोई किसी electronic form में ऐसी सामग्री publish, transmit या cause to publish करेगा — जो कामुक (Lascivious) हो या अश्लील हितों (Prurient Interests) को appeal करती हो या जिसका effect उन लोगों पर होने की संभावना हो जो उसे देखें, पढ़ें या सुनें — वह भ्रष्टाचारी और दुराचारी (Depraving and Corrupting) प्रभाव डालने के लिए liable होगा।
धारा 67A
यौन रूप से स्पष्ट सामग्री (Publishing Sexually Explicit Material) जो कोई किसी electronic form में sexually explicit act या conduct वाली सामग्री publish, transmit या cause to publish करेगा — वह दंडनीय होगा। यह धारा 67 से अधिक गंभीर है — specifically sexual content के लिए।
धारा 67B
बालकों की अश्लील सामग्री (Child Pornography) जो कोई: (a) बच्चों को sexually explicit act में दिखाने वाली material publish/transmit करेगा; (b) ऐसी material create, collect, download, transmit करेगा; (c) किसी बच्चे को online sexually abuse करेगा; (d) बच्चों को sexual purposes के लिए entice, seduce करेगा — वह दंडनीय होगा। यह IT Act का बच्चों के संरक्षण के लिए सबसे महत्वपूर्ण प्रावधान है।
धारा 67C
मध्यस्थों द्वारा डेटा का संरक्षण (Preservation and Retention of Information by Intermediaries) Intermediaries (Facebook, WhatsApp, Google आदि) सरकार द्वारा निर्धारित समय अवधि के लिए सूचना को preserve और retain करेंगे। सरकार यह समय-सीमा IT Rules के तहत तय करती है। यह provision Law Enforcement Agencies को cybercrime investigation में मदद के लिए है।
| धारा | अपराध | प्रथम अपराध (First Offence) | पुनः अपराध (Subsequent Offence) |
|---|---|---|---|
| 67 | अश्लील सामग्री Electronic Form में | 3 वर्ष / 5 लाख रु. | 5 वर्ष / 10 लाख रु. |
| 67A | Sexually Explicit Material | 5 वर्ष / 10 लाख रु. | 7 वर्ष / 10 लाख रु. |
| 67B | बाल पोर्नोग्राफी (Child Pornography) | 5 वर्ष / 10 लाख रु. | 7 वर्ष / 10 लाख रु. |
| 67C | Intermediary द्वारा Data न रखना | Civil Penalty — 25 लाख रु. तक (IT Rules) | --- |
धारा 71
गलत बयानी के लिए दंड (Penalty for Misrepresentation) जो कोई Certifying Authority (CA) से Digital Signature Certificate (DSC) प्राप्त करने के लिए कोई जरूरी तथ्य छुपाएगा या गलत बयानी (Misrepresentation) करेगा — वह दंडनीय होगा।
धारा 72
गोपनीयता और प्रकटीकरण का भंग (Breach of Confidentiality and Privacy) यदि कोई Controller, Certifying Authority, या उनके employee अपने कार्य के दौरान प्राप्त किसी electronic record, book, register, correspondence, information, document या अन्य material को — बिना उस व्यक्ति की सहमति के — किसी अन्य को प्रकट करेगा — वह दंडनीय होगा।
धारा 72A
वैध ठेके के उल्लंघन में सूचना का प्रकटीकरण (Disclosure in Breach of Lawful Contract) यदि कोई व्यक्ति service provide करते समय, किसी lawful contract के होते हुए — बिना consent के किसी तृतीय पक्ष को personal information प्रकट करेगा जिससे उस व्यक्ति को wrongful gain या wrongful loss हो — वह दंडनीय होगा। यह धारा data privacy के लिए महत्वपूर्ण है।
धारा 73
झूठे Digital Signature Certificate का प्रकाशन (Publishing False Certificate) यदि कोई: (a) Digital Signature Certificate को suspend/revoke होने के बाद भी use करे; (b) ऐसा Certificate publish करे जो Certifying Authority ने जारी ही नहीं किया हो; (c) Certificate को उस उद्देश्य के लिए use करे जिसके लिए जारी नहीं किया गया — तो दंडनीय होगा।
धारा 74
कपटपूर्ण उद्देश्य के लिए प्रकाशन (Publication for Fraudulent Purpose) जो कोई जानते हुए किसी कपटपूर्ण (Fraudulent) या गैरकानूनी (Unlawful) उद्देश्य के लिए Digital Signature Certificate बनाएगा, publish करेगा या उपयोग करेगा — वह दंडनीय होगा।
धारा 75
भारत के बाहर किए अपराधों पर लागू (Extraterritorial Jurisdiction) इस अधिनियम के प्रावधान किसी भी अपराध या उल्लंघन पर लागू होंगे — चाहे वे भारत के बाहर क्यों न किए गए हों — यदि उनमें भारत में स्थित किसी Computer, Computer System या Computer Network का उपयोग किया गया हो। अर्थात् विदेश से भारत के computer पर attack → IT Act लागू।
धारा 76
जब्ती (Confiscation) जो computer, computer system या अन्य electronic device किसी अपराध में उपयोग किया गया हो — उसे Court/Adjudicating Officer जब्त (Confiscate) करने का आदेश दे सकती है। यह जब्ती आरोपी की सजा के अतिरिक्त होगी।
धारा 77
दंड और व्यादेश (Penalties and Injunctions) इस अधिनियम के तहत किए गए किसी दंड (Penalty) या व्यादेश (Injunction) से किसी अन्य कानून के तहत मिलने वाले दंड, राहत या उपाय में बाधा नहीं आएगी। अर्थात् IT Act के साथ-साथ IPC/BNS के तहत भी case चल सकता है।
धारा 78
अपराधों की जांच करने की शक्ति (Power to Investigate Offences) IT Act के तहत अपराधों की जांच (Investigation) केवल Inspector rank से नीचे का पुलिस अधिकारी (Police Officer) नहीं करेगा। Note: 2008 संशोधन से पहले यह DSP (Deputy Superintendent of Police) से नीचे नहीं था। अब Inspector rank के अधिकारी भी जांच कर सकते हैं।
| धारा | विषय | दंड / प्रावधान |
|---|---|---|
| 71 | Digital Certificate के लिए गलत बयानी | 2 वर्ष / 1 लाख रु. |
| 72 | गोपनीयता भंग (Breach of Confidentiality) | 2 वर्ष / 1 लाख रु. |
| 72A | Contract उल्लंघन में सूचना प्रकटीकरण | 3 वर्ष / 5 लाख रु. |
| 73 | झूठा Digital Certificate publish करना | 2 वर्ष / 1 लाख रु. |
| 74 | Fraudulent purpose के लिए Certificate | 2 वर्ष / 1 लाख रु. |
| 75 | Extraterritorial Jurisdiction | IT Act विदेश से किए अपराधों पर भी |
| 76 | Computer/Device की जब्ती (Confiscation) | Court द्वारा आदेश |
| 77 | अन्य कानूनों के साथ-साथ IT Act भी | Concurrent Application |
| 78 | Investigation — Inspector rank से नीचे नहीं | 2008 संशोधन — Inspector rank ok |
1. IT Act 2000 — पारित: 17 मई 2000 | लागू: 17 अक्टूबर 2000 | आधार: UNCITRAL Model Law 1996 2. धारा 1: IT Act — Will, Negotiable Instrument, Power of Attorney, Trust पर लागू नहीं 3. धारा 2(1)(f): Asymmetric Crypto System — Public Key + Private Key pair 4. धारा 2(1)(i): Mobile Phone भी "Computer" है — इसलिए mobile fraud IT Act में 5. धारा 2(1)(w): Intermediary — Google, WhatsApp, Airtel, Jio — Section 79 Safe Harbour 6. धारा 65: Source Code नष्ट/बदलना → 3 वर्ष / 2 लाख रु. 7. धारा 66: Computer Hacking, Data Theft → 3 वर्ष / 5 लाख रु. 8. धारा 66A: STRUCK DOWN — Shreya Singhal v. UOI (2015) — अब valid नहीं 9. धारा 66C: Identity Theft → 3 वर्ष / 1 लाख रु. — OTP fraud यहां आता है 10. धारा 66D: Personation/Impersonation by Computer → 3 वर्ष / 1 लाख रु. 11. धारा 66E: Privacy Violation (Voyeurism) → 3 वर्ष / 2 लाख रु. 12. धारा 66F: साइबर आतंकवाद (Cyber Terrorism) → आजीवन कारावास (Life Imprisonment) — सबसे बड़ी सजा 13. धारा 67: Obscene Content → First: 3 वर्ष/5 लाख | Second: 5 वर्ष/10 लाख 14. धारा 67A: Sexually Explicit → 5 वर्ष/10 लाख | 7 वर्ष/10 लाख (repeat) 15. धारा 67B: Child Pornography → 5 वर्ष/10 लाख | 7 वर्ष/10 लाख (repeat) 16. धारा 72A: Contract उल्लंघन में data share करना → 3 वर्ष / 5 लाख 17. धारा 75: Extraterritorial Jurisdiction — विदेश से भारत के computer पर attack → IT Act लागू 18. धारा 78: जांच — Inspector rank से नीचे नहीं (2008 संशोधन के बाद, पहले DSP था) 19. Rajasthan: Mewat Gang cyber fraud | Jaipur Cyber Crime Cell | NCRB 2023 data 20. IT Amendment Act 2008: 27 अक्टूबर 2009 से लागू — 66B-66F, 67A, 67B added
Q1. सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 2 में दी गई पांच प्रमुख परिभाषाएं उदाहरण सहित लिखिए। (10 अंक) Q2. IT Act 2000 की धारा 66F के तहत साइबर आतंकवाद (Cyber Terrorism) की परिभाषा, तत्व और दंड प्रावधान बताइए। (5 अंक) Q3. धारा 66A को Shreya Singhal v. UOI (2015) में क्यों असंवैधानिक घोषित किया गया? इसका क्या प्रभाव पड़ा? (10 अंक) Q4. "IT Act 2000 में पहचान की चोरी (Identity Theft) और प्रतिरूपण (Cheating by Personation) में क्या अंतर है?" — धाराओं सहित समझाइए। (5 अंक) Q5. IT Act 2000 की धाराएं 67, 67A और 67B में क्या अंतर है? दंड प्रावधान तुलनात्मक रूप में बताइए। (10 अंक) Q6. सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के तहत साइबर अपराधों (Cyber Crimes) की जांच (Investigation) के लिए कौन सा पुलिस अधिकारी अधिकृत है? — धारा 78 के संदर्भ में। (5 अंक) Q7. "Computer" और "Computer System" में IT Act 2000 के अनुसार क्या अंतर है? (5 अंक) Q8. IT Act 2000 में मध्यस्थों (Intermediaries) की क्या भूमिका और दायित्व हैं? धारा 67C और 79 के संदर्भ में। (10 अंक) Q9. OTP Fraud, Identity Theft और Cyber Stalking — इनमें से प्रत्येक के लिए IT Act 2000 में कौन सी धारा लागू होगी? (10 अंक) Q10. IT Act 2000 और IT (Amendment) Act 2008 में प्रमुख अंतर क्या हैं? (10 अंक)
| वर्ष | घटना / निर्णय / संशोधन (Event / Judgment / Amendment) |
|---|---|
| 1996 | UNCITRAL Model Law on E-Commerce — जिस पर IT Act आधारित है |
| 2000 | IT Act 2000 — पारित: 17 मई | लागू: 17 अक्टूबर 2000 | भारत का पहला Cyber Law |
| 2004 | Nasscom v. Ajay Sood — Delhi HC: Phishing को IT Act में मान्यता |
| 2008 | IT (Amendment) Act 2008 — 27 Oct 2009 से लागू | 66B-66F, 67A, 67B, 72A added |
| 2009 | Rajasthan Cyber Crime Cell स्थापित — Jaipur में |
| 2011 | IT (Intermediary Guidelines and Digital Media Ethics Code) Rules 2011 |
| 2012 | Palghar arrest case — Shaheen Dhada | 66A के दुरुपयोग पर आंदोलन |
| 2015 | Shreya Singhal v. UOI — SC ने 66A unconstitutional घोषित किया |
| 2021 | IT (Intermediary Guidelines) Rules 2021 — Social Media को accountability |
| 2023 | Digital Personal Data Protection Act 2023 — IT Act के साथ data privacy |
Digital Personal Data Protection Act 2023: अगस्त 2023 में भारत ने Digital Personal Data Protection Act (DPDPA) 2023 पारित किया। यह IT Act 72A की सीमाओं से आगे जाकर personal data को protect करता है। Data Fiduciary (जो data store करे) और Data Principal (जिसका data है) की अवधारणाएं इसमें हैं। RAS Mains 2026 में IT Act के साथ DPDPA पूछा जा सकता है।