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राजस्थान कला संस्कृति TOP 150 MCQs RAJ ART CULTURE — GK & GS Paper
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राजस्थान कला संस्कृति TOP 150 MCQs RAJ ART CULTURE
GK & GS Paper | New India Education (NIEd)
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29/8/2026
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राजस्थान कला संस्कृति TOP 150 MCQs RAJ ART CULTURE
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राजस्थान कला संस्कृति TOP 150 MCQs RAJ ART CULTURE — GK & GS PaperSolved MCQ Questions with Answers & Explanation

🗓️ 29/8/2026  |  📝 150 प्रश्न  |  🏆 150 अंक

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प्रश्न 1. हम्मीर महल, रानी महल, सुपारी महल, बत्तीस खंभा छतरी, जोगी महल, पीर सदरुद्दीन की दरगाह और त्रिनेत्र गणेश मंदिर निम्न में से किस दुर्ग परिसर में स्थित हैं?

Aसिवाना दुर्ग
Bरणथंभौर दुर्ग
Cकुम्भलगढ़ दुर्ग
Dतारागढ़ दुर्ग

प्रश्न 2. चित्तौड़गढ़ दुर्ग के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. वीर विनोद के अनुसार इस दुर्ग का निर्माण मौर्य राजा चित्रांगद (चित्रांग) ने करवाया था। B. 8वीं शताब्दी में बप्पा रावल ने अंतिम मौर्य शासक मानमोरी को पराजित कर इस पर अधिकार किया था। C. यह दुर्ग मेसा के पठार पर गंभीरी और बेड़च नदियों के संगम स्थल के निकट स्थित है। D. अलाउद्दीन खिलजी ने 1303 ई. में इसे जीतकर इसका नाम 'मुस्तफाबाद' रखा था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

Aकेवल A, B और C
Bकेवल B, C और D
Cकेवल A और C
DA, B, C और D सभी

प्रश्न 3. राजस्थान के प्रमुख दुर्गों को उनकी भौगोलिक स्थिति/स्थान से सुमेलित कीजिए: सूची-I (दुर्ग): सूची-I: A. सिवाना दुर्ग B. चित्तौड़गढ़ दुर्ग C. लोहागढ़ दुर्ग D. तिमनगढ़ दुर्ग सूची-II: 1. मेसा का पठार 2. छप्पन का पहाड़ 3. भरतपुर 4. करौली

AA-2, B-1, C-3, D-4
BA-1, B-2, C-3, D-4
CA-2, B-1, C-4, D-3
DA-3, B-4, C-1, D-2

प्रश्न 4. किस दुर्ग की सुदृढ़ प्राचीरों, कंगूरों और बुर्जों की वास्तुकला की तुलना कर्नल जेम्स टॉड ने 'इट्रस्कन' (Etruscan) वास्तुकला से की है?

Aचित्तौड़गढ़ दुर्ग
Bरणथंभौर दुर्ग
Cकुम्भलगढ़ दुर्ग
Dमेहरानगढ़ दुर्ग

प्रश्न 5. कुम्भलगढ़ दुर्ग के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. यह दुर्ग मेवाड़ और मारवाड़ की सीमा पर सादड़ी गाँव के निकट स्थित है। B. इस दुर्ग के सबसे ऊपरी भाग में महाराणा कुम्भा का निवास स्थित है, जिसे 'कटारगढ़' (मेवाड़ की आँख) कहा जाता है। C. इस दुर्ग में उदय सिंह का राज्याभिषेक और महाराणा प्रताप का जन्म हुआ था। D. अबुल फजल ने इस दुर्ग के बारे में लिखा कि 'यह इतनी ऊँचाई पर बना है कि नीचे से ऊपर देखने पर सिर से पगड़ी गिर जाती है।' उपर्युक्त में से कौन-से कथन सत्य हैं?

Aकेवल A, B और C
Bकेवल B और D
Cकेवल A, C और D
DA, B, C और D सभी

प्रश्न 6. सिवाना दुर्ग (बालोतरा) के संबंध में कौन सा तथ्य सही नहीं है?

Aइसका निर्माण 954 ई. में परमार वंशीय वीरनारायण ने करवाया था।
B1310 ई. में अलाउद्दीन खिलजी के आक्रमण के समय यह कान्हड़दे के भतीजे शीतलदेव के प्रभार में था।
Cगिरी-सुमेल युद्ध के बाद राव मालदेव ने इस दुर्ग में शरण ली थी।
Dयह दुर्ग त्रिकूट पहाड़ी पर स्थित होने के कारण 'त्रिकूटगढ़' कहलाता है।

प्रश्न 7. भरतपुर के अजेय 'लोहागढ़ दुर्ग' का निर्माण 1733 ई. में किस शासक द्वारा करवाया गया था?

Aमहाराजा बदन सिंह
Bमहाराजा सूरजमल
Cमहाराजा जवाहर सिंह
Dमहाराजा रणजीत सिंह

प्रश्न 8. शेखावाटी की प्रसिद्ध हवेलियों को उनके संबंधित स्थानों से सुमेलित कीजिए: सूची-I (हवेली): सूची-I: A. सेठ जयदयाल केडिया व सीताराम सिंगतिया की हवेली B. सेठ लालचंद गोयनका की हवेली C. सेठ राधाकृष्ण एवं केसरदेव कनेड़िया की हवेली D. पंसारी की हवेली सूची-II: 1. दुंदलोद (झुंझुनू) 2. बिसाऊ (झुंझुनू) 3. श्रीमाधोपुर (सीकर) 4. मुकुंदगढ़ (झुंझुनू)

AA-2, B-1, C-4, D-3
BA-1, B-2, C-3, D-4
CA-2, B-4, C-1, D-3
DA-4, B-1, C-2, D-3

प्रश्न 9. शेखावाटी में 'सोने-चाँदी की हवेली' कहाँ स्थित है, जो अपने स्वर्णयुक्त सूक्ष्म भित्तिचित्रों के लिए जानी जाती है?

Aनवलगढ़ (झुंझुनू)
Bमहनसर (झुंझुनू)
Cफतेहपुर (सीकर)
Dलक्ष्मणगढ़ (सीकर)

प्रश्न 10. जैसलमेर की प्रसिद्ध 'दीवान नथमल की हवेली' का निर्माण 19वीं सदी में किन दो शिल्पकार भाइयों द्वारा किया गया था?

Aहाथी और लालू
Bजैता और पोमा
Cमंथन और नापा
Dईसर और दयाल

प्रश्न 11. राजस्थान की प्रमुख छतरियों को उनके संबंधित जिलों से सुमेलित कीजिए: सूची-I (छतरी): सूची-I: A. मूसी महारानी की छतरी व फतेह गुंबद B. चौरासी खंभों की छतरी C. जसवंत थड़ा D. गेटोर की छतरियाँ सूची-II: 1. बूंदी 2. अलवर 3. जयपुर 4. जोधपुर

AA-2, B-1, C-4, D-3
BA-1, B-2, C-3, D-4
CA-2, B-4, C-1, D-3
DA-4, B-1, C-2, D-3

प्रश्न 12. बूंदी स्थित 'चौरासी (84) खंभों की छतरी' के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?

Aइसका निर्माण राव विष्णु सिंह के काल में हुआ था।
Bइसका निर्माण राव अनिरुद्ध सिंह द्वारा अपने धाबाई देवा की स्मृति में करवाया गया था।
Cयह छतरी केवल लाल बलुआ पत्थर से निर्मित एकमंजिला ढाँचा है।
Dयह छतरी नवल सागर झील के ठीक मध्य में स्थित है।

प्रश्न 13. रणथंभौर दुर्ग में स्थित 'अधूरा स्वप्न' छतरी का निर्माण किस रानी द्वारा शुरू करवाया गया था, जो अधूरा रह गया?

Aरानी पद्मिनी
Bरानी कर्मावती
Cरानी जोधाबाई
Dरानी उमादे

प्रश्न 14. राजस्थान की प्रमुख सूफी दरगाहों/मजारों को उनके संबंधित स्थानों से सुमेलित कीजिए: सूची-I (दरगाह/मजार): सूची-I: A. दीवान शाह की दरगाह B. मिट्ठे शाह की दरगाह C. शक्कर पीर बाबा (नरहड़ के पीर) D. अब्दुल पीर (अब्दुल्लाह पीर) की मजार सूची-II: 1. कपासन (चित्तौड़गढ़) 2. गागरोन (झालावाड़) 3. नरहड़ (झुंझुनू) 4. भवानीपुरा/भगवानपुरा (बांसवाड़ा)

AA-1, B-2, C-3, D-4
BA-2, B-1, C-4, D-3
CA-1, B-3, C-2, D-4
DA-4, B-2, C-3, D-1

प्रश्न 15. किराडू (बाड़मेर) के मंदिर समूह के संदर्भ में कौन सा कथन सत्य है?

Aकिराडू का प्राचीन नाम 'किरातकूप' था और इसे 'राजस्थान का खजुराहो' कहा जाता है।
Bयहाँ का सबसे प्रमुख और भव्य मंदिर सोमेश्वर मंदिर है, जो गुर्जर-प्रतिहार और सोलंकी शैली का सुंदर समन्वय है।
Cयह 11वीं-12वीं शताब्दी में निर्मित शैव और वैष्णव मंदिरों का समूह है।
Dउपर्युक्त सभी कथन सत्य हैं।

प्रश्न 16. रणकपुर के प्रसिद्ध जैन मंदिर के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. यह मंदिर जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ (ऋषभदेव) को समर्पित है। B. इसका निर्माण महाराणा कुम्भा के शासनकाल में जैन श्रेष्ठी धरनक शाह (धरणी शाह) ने करवाया था। C. इस मंदिर के प्रमुख वास्तुकार (शिल्पी) देपाक (देपा) थे। D. यह मंदिर 1444 नक्काशीदार खंभों पर टिका है, जिसके कारण इसे 'खंभों का अजायबघर' (Trilokya Deepak) कहा जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

Aकेवल A, B और D
Bकेवल B और C
Cकेवल A और C
DA, B, C और D सभी

प्रश्न 17. दिलवाड़ा (माउंट आबू) के प्रसिद्ध जैन मंदिरों में प्रथम तीर्थंकर ऋषभदेव को समर्पित 'विमल वसही' मंदिर का निर्माण 1031 ई. में किसने करवाया था?

Aविमल शाह
Bवास्तुपाल और तेजपाल
Cधरनक शाह
Dमहाराणा कुम्भा

प्रश्न 18. 10वीं शताब्दी का भगवान शिव को समर्पित 'भांडदेवरा मंदिर' (रामगढ़, बारां) अपनी खजुराहो जैसी मिथुन मूर्तियों के कारण किस उपनाम से जाना जाता है?

Aमेवाड़ का खजुराहो
Bराजस्थान का खजुराहो
Cराजस्थान का मिनी खजुराहो / हाड़ौती का खजुराहो
Dवागड़ का खजुराहो

प्रश्न 19. जगत (उदयपुर) में स्थित 10वीं शताब्दी का 'अम्बिका माता मंदिर', जिसे 'मेवाड़ का खजुराहो' कहा जाता है, का निर्माण किस गुहिल शासक के काल में हुआ था?

Aमहाराणा कुम्भा
Bबप्पा रावल
Cअल्लट (आलू रावल)
Dजैत्रसिंह

प्रश्न 20. राजस्थान में नागर शैली की उप-शैली 'भूमिज शैली' का सबसे प्राचीन ज्ञात मंदिर कौन सा है?

Aउंडेश्वर महादेव मंदिर (बिजोलिया)
Bमहानालेश्वर मंदिर (मेनाल)
Cसूर्य मंदिर (झालरापाटन)
Dसेवाड़ी का जैन मंदिर (पाली)

प्रश्न 21. राजस्थान के गुर्जर-प्रतिहार (महामारू) कालीन मंदिरों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. आभानेरी (दौसा) का हर्षद माता मंदिर 8वीं शताब्दी का प्रतिहार कालीन मंदिर है। B. ओसियां (जोधपुर) में स्थित सचियाय माता, सूर्य मंदिर और हरिहर मंदिर प्रतिहार कालीन स्थापत्य के उदाहरण हैं। C. आहड़ (उदयपुर) का आदिवराह मंदिर और राजौरगढ़ (अलवर) का नीलकंठ मंदिर भी इसी काल के हैं। D. किराडू का सोमेश्वर मंदिर गुर्जर-प्रतिहार शैली का अंतिम और सबसे भव्य मंदिर माना जाता है। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सत्य हैं?

Aकेवल A और B
Bकेवल B, C और D
Cकेवल A, C और D
DA, B, C और D सभी

प्रश्न 22. चित्तौड़गढ़ दुर्ग में स्थित 'विजय स्तंभ' के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. इसका निर्माण महाराणा कुम्भा ने 1437 ई. के सारंगपुर युद्ध में मालवा के सुल्तान महमूद खिलजी पर विजय के उपलक्ष्य में करवाया था। B. यह 9 मंजिला तथा 120-122 फीट ऊँचा स्मारक है, जो भगवान विष्णु को समर्पित होने के कारण 'विष्णुध्वज' कहलाता है। C. इसकी पाँचवीं मंजिल पर इसके मुख्य शिल्पी जैता और उसके पुत्रों नापा, पोमा, पूंजा के नाम उत्कीर्ण हैं। D. यह राजस्थान की पहली इमारत है जिस पर 15 अगस्त 1949 को डाक टिकट जारी किया गया था तथा यह राजस्थान पुलिस और RBSE का प्रतीक चिह्न है। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सत्य हैं?

Aकेवल A, B और C
Bकेवल B और D
Cकेवल A, C और D
DA, B, C और D सभी

प्रश्न 23. घूँघट, गूगड़ी, बाँदरा, इमली, फूटी बुर्ज और खिड़की बुर्ज निम्नलिखित में से किस दुर्ग की प्राचीर की विशाल बुर्जों के नाम हैं?

Aमेहरानगढ़ दुर्ग (जोधपुर)
Bतारागढ़ दुर्ग (अजमेर)
Cभटनेर दुर्ग (हनुमानगढ़)
Dगागरोन दुर्ग (झालावाड़)

प्रश्न 24. गागरोन दुर्ग (झालावाड़) के ऐतिहासिक साकों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. गागरोन दुर्ग आहू और कालीसिंध नदियों के संगम पर स्थित राजस्थान का सर्वश्रेष्ठ जल दुर्ग (ओदक दुर्ग) है। B. प्रथम साका 1423 ई. में हुआ जब मांडू के सुल्तान होशंगशाह के आक्रमण के समय अचलदास खींची ने केसरिया किया। C. द्वितीय साका 1444 ई. में हुआ जब मालवा के सुल्तान महमूद खिलजी प्रथम के आक्रमण पर पल्हणसी ने नेतृत्व किया। D. महमूद खिलजी प्रथम ने गागरोन दुर्ग को जीतकर इसका नाम 'मुस्तफाबाद' रखा था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

Aकेवल A, B और C
Bकेवल B, C और D
Cकेवल A और D
DA, B, C और D सभी

प्रश्न 25. बारां जिले में परवन नदी के तट पर स्थित 'कोषवर्धन दुर्ग' का जीर्णोद्धार 1542 ई. में शेरशाह सूरी द्वारा करवाए जाने के बाद इसका क्या नाम रखा गया?

Aशाहबाद दुर्ग
Bशेरगढ़ दुर्ग
Cफतेहगढ़ दुर्ग
Dमुस्तफाबाद दुर्ग

प्रश्न 26. राजस्थान के प्रमुख महलों को उनके निर्माताओं/विशेषताओं से सुमेलित कीजिए: सूची-I (महल): सूची-I: A. हवामहल (जयपुर) B. जलमहल (जयपुर) C. खेतड़ी महल (झुंझुनू) D. उम्मेद भवन पैलेस (जोधपुर) सूची-II: 1. सवाई प्रताप सिंह द्वारा 1799 ई. में निर्मित (953 खिड़कियाँ, 5 मंजिलें) 2. सवाई जयसिंह द्वितीय द्वारा मानसागर झील के मध्य निर्मित 3. भोपाल सिंह द्वारा निर्मित, 'शेखावाटी का हवामहल' 4. महाराजा उम्मेद सिंह द्वारा अकाल राहत कार्यों के दौरान निर्मित (छीतर पैलेस)

AA-1, B-2, C-3, D-4
BA-2, B-1, C-4, D-3
CA-1, B-3, C-2, D-4
DA-4, B-2, C-3, D-1

प्रश्न 27. जालौर दुर्ग (सुवर्णगिरि दुर्ग) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. यह दुर्ग सुकड़ी नदी के किनारे सोनगिरि पहाड़ी पर स्थित है। B. डॉ. दशरथ शर्मा के अनुसार इस दुर्ग का मूल निर्माण प्रतिहार शासक नागभट्ट प्रथम ने करवाया था। C. इस दुर्ग के भीतर परमार कालीन संस्कृत पाठशाला स्थित थी जिसे अलाउद्दीन खिलजी ने 'तोपखाना मस्जिद' में परिवर्तित कर दिया। D. 1311-12 ई. में कान्हड़दे चौहान और अलाउद्दीन खिलजी के मध्य ऐतिहासिक युद्ध के समय बीका दहिया के विश्वासघात से यह दुर्ग जीता गया। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सत्य हैं?

Aकेवल A, B और C
Bकेवल B और D
Cकेवल A, C और D
DA, B, C और D सभी

प्रश्न 28. मंडावा (झुंझुनू) अपनी समृद्ध हवेलियों के लिए प्रसिद्ध है। निम्नलिखित में से कौन सी हवेली मंडावा में स्थित नहीं है?

Aरामगोपाल मदनलाल मुरमुरिया की हवेली
Bलादूराम तारकेश्वर गोयनका की हवेली
Cहरचंदलाल ढांढनिया की हवेली
Dताराचंद रुइया की हवेली

प्रश्न 29. रणथंभौर दुर्ग में स्थित भारत के एकमात्र 'त्रिनेत्र गणेश मंदिर' का निर्माण किस चौहान शासक द्वारा करवाया गया था जहाँ भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को लक्खी मेला भरता है?

Aपृथ्वीराज चौहान तृतीय
Bहम्मीर देव चौहान
Cगोविंदराज चौहान
Dविग्रहराज चतुर्थ

प्रश्न 30. राजस्थान के विभिन्न राजवंशों के प्रमुख शाही श्मशान घाटों / छतरी स्थलों को सुमेलित कीजिए: सूची-I (शाही छतरी स्थल): सूची-I: A. बड़ा बाग B. देवीकुंड सागर C. क्षार बाग D. महासतियां सूची-II: 1. जैसलमेर के भाटी शासक 2. बीकानेर के राठौड़ शासक 3. कोटा व बूंदी के हाड़ा शासक 4. मेवाड़ के गुहिल/सिसोदिया शासक (आहड़)

AA-1, B-2, C-3, D-4
BA-2, B-1, C-4, D-3
CA-1, B-3, C-2, D-4
DA-4, B-2, C-3, D-1

प्रश्न 31. राजस्थानी चित्रकला के नामकरण एवं वैज्ञानिक वर्गीकरण के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. 1916 ई. में आनंद कुमार स्वामी ने अपनी पुस्तक 'राजपूत पेंटिंग्स' (Rajput Paintings) में राजस्थानी चित्रकला का पहला वैज्ञानिक वर्गीकरण प्रस्तुत किया। B. ओ.सी. गांगुली और ई.बी. हैवेल ने इसे 'राजपूत चित्रकला' नाम दिया था। C. डब्ल्यू.एच. ब्राउन ने अपनी पुस्तक 'इंडियन पेंटिंग्स' में इसे 'राजपूत कला' कहा। D. रायकृष्ण दास ने 'राजपूत चित्रकला' नामकरण का खंडन करते हुए इसे 'राजस्थानी चित्रकला' नाम दिया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

Aकेवल A और B
Bकेवल B, C और D
Cकेवल A, C और D
DA, B, C और D सभी

प्रश्न 32. राजस्थानी चित्रकला के प्रमुख स्कूलों (Schools of Painting) को उनकी उप-शैलियों व ठिकानों से सुमेलित कीजिए: सूची-I (चित्रकला स्कूल): सूची-I: A. मेवाड़ स्कूल B. मारवाड़ स्कूल C. हाड़ौती स्कूल D. ढूंढाड़ स्कूल सूची-II: 1. चावंड, उदयपुर, नाथद्वारा, देवगढ़, सावर, शाहपुरा 2. जोधपुर, बीकानेर, किशनगढ़, जैसलमेर, नागौर, अजमेर, सिरोही 3. बूंदी, कोटा, झालावाड़ 4. आमेर, जयपुर, शेखावाटी, अलवर, उनियारा

AA-1, B-2, C-3, D-4
BA-2, B-1, C-4, D-3
CA-1, B-3, C-2, D-4
DA-4, B-2, C-3, D-1

प्रश्न 33. मेवाड़ चित्रकला शैली का सबसे प्राचीन उपलब्ध चित्रित ग्रंथ 'श्रावक प्रतिक्रमण सूत्र चूर्णी' (1260 ई.) किस शासक के काल में ताड़पत्र पर चित्रित किया गया था?

Aरावल समर सिंह
Bरावल तेज सिंह
Cमहाराणा कुम्भा
Dमहाराणा हम्मीर

प्रश्न 34. महाराणा उदय सिंह (1537-1572 ई.) के काल में भागवत पुराण के प्रसिद्ध 'पारिजात अवतरण' ग्रंथ को चित्रित करने वाले मेवाड़ के प्रमुख चित्रकार कौन थे?

Aनानाराम
Bनिसारदीन
Cसाहिबदीन
Dमनोहर

प्रश्न 35. देवगढ़ चित्रकला शैली के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. देवगढ़ ठिकाने की स्थापना 1680 ई. में महाराणा जयसिंह के काल में द्वारिकादास चूंडावत ने की थी। B. यह शैली मारवाड़, जयपुर और मेवाड़ शैलियों का सुंदर समन्वित रूप (संलयन) प्रदर्शित करती है। C. इस शैली को सर्वप्रथम प्रकाश में लाने का श्रेय डॉ. श्रीधर अंधारे को जाता है। D. बगता, कंवला (प्रथम व द्वितीय), चोखा, हरचंद और बैजनाथ इस शैली के प्रमुख चित्रकार थे तथा 'अजारा की ओवरी' व 'मोती महल' के भित्तिचित्र इस शैली के उत्कृष्ट उदाहरण हैं। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सत्य हैं?

Aकेवल A, B और C
Bकेवल B और D
Cकेवल A, C और D
DA, B, C और D सभी

प्रश्न 36. किशनगढ़ चित्रकला शैली के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. किशनगढ़ शैली का स्वर्णकाल राजा सावंत सिंह (उपनाम 'नागरीदास', 1748-1764 ई.) का शासनकाल माना जाता है। B. इस शैली की सर्वाधिक प्रसिद्ध कृति 'बणी-ठणी' है जिसे मोरध्वज निहालचंद ने राधा के रूप में चित्रित किया था। C. कलाविद् एरिक डिकिन्सन ने बणी-ठणी के चित्र को 'भारत की मोनालिसा' (Mona Lisa of India) कहा था। D. 5 मई 1973 को भारत सरकार के डाक व तार विभाग द्वारा 'बणी-ठणी' चित्र पर 20 पैसे का डाक टिकट जारी किया गया था। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सत्य हैं?

Aकेवल A, B और C
Bकेवल B और D
Cकेवल A, C और D
DA, B, C और D सभी

प्रश्न 37. अलवर चित्रकला शैली में महाराजा मंगल सिंह और शिवदान सिंह के समय हाथीदांत के फलकों (Ivory plates) पर अत्यंत सूक्ष्म व उत्कृष्ट लघुचित्र बनाने वाले प्रसिद्ध चित्रकार कौन थे?

Aमूलचंद और उदैराम
Bसालीग्राम और जमनादास
Cबलदेव और डालूराम
Dरामगोपाल और जगमोहन

प्रश्न 38. राम, नाथा, दाना, छज्जू, सैफ़ू, जीतमल और शिवदास किस चित्रकला शैली के प्रमुख चित्रकार थे?

Aमेवाड़ शैली
Bजोधपुर (मारवाड़) शैली
Cबीकानेर शैली
Dहाड़ौती शैली

प्रश्न 39. मेवाड़ चित्रकला शैली के स्वर्णकाल (महाराणा जगत सिंह प्रथम, 1628-1652 ई.) के संबंध में कौन से कथन सत्य हैं? A. महाराणा जगत सिंह प्रथम के काल को मेवाड़ की लघु चित्रकला का स्वर्ण युग कहा जाता है। B. इस काल में राजमहल में चित्रकला के विकास हेतु 'तस्वीरों का कारखाना' (चित्रों की ओवरी) नामक कला विद्यालय स्थापित किया गया। C. दरबारी चित्रकार साहिबदीन ने रागमाला (1628 ई.), रसिकप्रिया, भागवत पुराण और रामायण के युद्धकांड का चित्रण किया। D. चित्रकार मनोहर ने रामायण के बालकांड (1649 ई.) का सुंदर चित्रण किया। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सत्य हैं?

Aकेवल A और B
Bकेवल B, C और D
Cकेवल A, C और D
DA, B, C और D सभी

प्रश्न 40. कोटा चित्रकला शैली के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. कोटा शैली का स्वतंत्र अस्तित्व महाराव रामसिंह के समय शुरू हुआ और महाराव उम्मेद सिंह प्रथम (1771-1820 ई.) का काल इसका स्वर्णकाल था। B. इस शैली की सबसे अनूठी विशेषता शिकार के दृश्यों की बहुलता है, जिसमें रानियों और नारियों को भी शिकार करते हुए दिखाया गया है। C. कोटा के झाला जी की हवेली और कोटा दुर्ग के भित्तिचित्र शिकार और राजसी वैभव के उत्कृष्ट उदाहरण हैं। D. नूर मोहम्मद, डालू, लक्षीराम और गोविंद इस शैली के प्रमुख चित्रकार थे। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

Aकेवल A और B
Bकेवल B, C और D
Cकेवल A, C और D
DA, B, C और D सभी

प्रश्न 41. राजस्थान की प्रमुख चित्रकला विधाओं/शब्दावलियों को उनके सही अर्थ से सुमेलित कीजिए: सूची-I (विधा/शब्दावली): सूची-I: A. माथेरण कला B. पट चित्रण (पिछवाई) C. कजली पेंटिंग D. फड़ चित्रण सूची-II: 1. बीकानेर के जैन चित्रकारों द्वारा दीवारों व काष्ठ पर धार्मिक चित्र बनाना 2. नाथद्वारा में भगवान श्रीकृष्ण की मूर्ति के पीछे कपड़े पर की जाने वाली चित्रकारी 3. बिना ब्रश के केवल काजल, उंगलियों व कपड़े की सहायता से निर्मित कलात्मक चित्र 4. कपड़े के लंबे पट पर लोकदेवताओं के जीवन चरित्र व गाथाओं का चित्रांकन

AA-1, B-2, C-3, D-4
BA-2, B-1, C-4, D-3
CA-1, B-3, C-2, D-4
DA-4, B-2, C-3, D-1

प्रश्न 42. राजस्थान की प्रसिद्ध 'कावड़' (चलती-फिरती काष्ठ देवविमान/मंदिर) निर्माण कला का प्रमुख केंद्र बस्सी (चित्तौड़गढ़) है। इस कला के प्रसिद्ध राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कलाकार कौन हैं?

Aमांगीलाल मिस्त्री
Bकृपाल सिंह शेखावत
Cहिसामुद्दीन उस्ता
Dमोहनलाल कुम्हार

प्रश्न 43. राजस्थान में वस्त्रों को अलंकृत करने वाले 'गोटा उद्योग' (लप्पा, लप्पी, बांकड़ी, किरण, चौमास्या) का सबसे प्रसिद्ध ऐतिहासिक केंद्र कौन सा है?

Aसांगानेर (जयपुर)
Bखंडेला (सीकर)
Cमथानिया (जोधपुर)
Dनापासर (बीकानेर)

प्रश्न 44. राजस्थान की 'लहरिया' एवं 'मोठड़ा' रंगाई कला के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. लहरिया विशेष रूप से श्रावण मास की तीज के अवसर पर महिलाओं द्वारा ओढ़नी तथा पुरुषों द्वारा पगड़ी के रूप में पहना जाता है। B. जयपुर के रंगरेज और नीलगर 'राजशाही' लहरिया रंगते थे जिसमें चटक गुलाबी रंग की धारियाँ होती हैं। C. जब रंगाई की तिरछी धारियाँ केवल एक दिशा में होती हैं तो उसे 'लहरिया' कहते हैं और जब धारियाँ दोनों तरफ से एक-दूसरे को काटती (चेकदार) हैं तो उसे 'मोठड़ा' कहा जाता है। D. 'समुद्र लहर' का प्रसिद्ध लहरिया जयपुर के रंगरेजों द्वारा दो, तीन, पाँच या सात रंगों में रंगा जाता है। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सत्य हैं?

Aकेवल A और B
Bकेवल B, C और D
Cकेवल A, C और D
DA, B, C और D सभी

प्रश्न 45. राजस्थान के प्रसिद्ध पारंपरिक प्रिंट (छपाई कला) को उनके प्रमुख केंद्रों से सुमेलित कीजिए: सूची-I (प्रिंट/छपाई): सूची-I: A. अजरक एवं मलीर प्रिंट B. जाजम एवं दाबू प्रिंट C. सांगानेरी प्रिंट D. बगरू प्रिंट सूची-II: 1. बाड़मेर 2. अकोला (चित्तौड़गढ़) 3. सांगानेर (जयपुर) 4. बगरू (जयपुर)

AA-1, B-2, C-3, D-4
BA-2, B-1, C-4, D-3
CA-1, B-3, C-2, D-4
DA-4, B-2, C-3, D-1

प्रश्न 46. चित्तौड़गढ़ जिले के 'अकोला' गाँव का प्रसिद्ध 'जाजम प्रिंट' मुख्य रूप से किस प्रकार के वस्त्रों और रंगों के लिए जाना जाता है?

Aमहीन रेशमी वस्त्रों पर सुनहरे रंगों की छपाई
Bमोटे सूती कपड़ों पर लाल और काले रंगों की छपाई, जिनका उपयोग फर्श व बिछाने के वस्त्रों हेतु होता है
Cहाथीदांत की पट्टियों पर प्राकृतिक रंगों का अंकन
Dकांच पर सोने की सूक्ष्म नक्काशी

प्रश्न 47. कपड़े पर रंगाई करते समय जिन भागों पर रंग नहीं चढ़ाना होता, उन्हें मोम से दबाकर (ढाँककर) रंगने की तकनीक 'मोम का दाबू' कहलाती है। इसका प्रमुख केंद्र कौन सा है?

Aसवाई माधोपुर और बगरू (जयपुर)
Bनाथद्वारा और कांकरोली
Cफलोदी और पोकरण
Dकैथून और मांगरोल

प्रश्न 48. डूंगरपुर जिले के गलियाकोट कस्बे का 'रमकड़ा उद्योग' (Ramkada Industry) किस पत्थर को तराशकर कलात्मक खिलौने, बर्तन और सजावटी वस्तुएँ बनाने के लिए विख्यात है?

Aमकराना संगमरमर
Bपरेवा / घिया पत्थर (Soapstone)
Cजैसलमेर पीला पत्थर
Dकोटा स्टोन

प्रश्न 49. राजस्थान में आदिवासियों के पारंपरिक और कलात्मक 'तीर-कमान' निर्माण के लिए कौन-से दो प्रमुख स्थान प्रसिद्ध हैं?

Aचंदूजी का गढ़ा (बांसवाड़ा) और बोडीगामा (डूंगरपुर)
Bनापासर (बीकानेर) और बिलाड़ा (जोधपुर)
Cतिजारा (अलवर) और रूपबास (भरतपुर)
Dमांगरोल (बारां) और कैथून (कोटा)

प्रश्न 50. चाँदी के अत्यंत बारीक तारों से कलात्मक जेवर, मूर्तियाँ और आभूषण बनाने की कला 'तारकशी' (Filigree) राजस्थान में कहाँ की प्रसिद्ध है?

Aप्रतापगढ़
Bनाथद्वारा (राजसमंद)
Cजयपुर
Dबीकानेर

प्रश्न 51. राजस्थान की 'मीनाकारी' एवं 'थेवा कला' के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. मीनाकारी (कुंदन पर रंगों की जड़ाई) को जयपुर के महाराजा मानसिंह प्रथम लाहौर से कलाकारों को लाकर प्रारंभ करवाया था। B. जयपुर के सरदार कुदरत सिंह को मीनाकारी कला में उत्कृष्ट योगदान हेतु 'पद्मश्री' से सम्मानित किया गया था। C. थेवा कला (हरे रंग के बेल्जियम कांच पर सोने की सूक्ष्म नक्काशी) प्रतापगढ़ के 'राजसोनी परिवार' की अनूठी और गोपनीय पारिवारिक विरासत है। D. थेवा कला के जनक नाथूजी सोनी माने जाते हैं और महेश राज सोनी को इस कला हेतु पद्मश्री प्राप्त हो चुका है। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सत्य हैं?

Aकेवल A और C
Bकेवल B, C और D
Cकेवल A, B और D
DA, B, C और D सभी

प्रश्न 52. जसोल (बालोतरा/बाड़मेर) का कौन सा पारंपरिक उद्योग प्रसिद्ध है, जहाँ 'जिरोही', 'भाकला' और 'गंधा' जैसे उत्पाद बनाए जाते हैं?

Aजाटपट्टी (जट्टपट्टी) उद्योग
Bब्लू पॉटरी उद्योग
Cलकड़ी के खिलौने उद्योग
Dनमदा उद्योग

प्रश्न 53. राजस्थान में वस्त्रों पर कशीदाकारी, पैचवर्क और गोटा-किनारी कला के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. शेखावाटी क्षेत्र विभिन्न रंगों के कपड़ों को अलग-अलग आकारों में काटकर दूसरे कपड़े पर सिलने की 'पैचवर्क' (Patchwork) कला के लिए प्रसिद्ध है। B. बाड़मेर के रावतसर गाँव की रूमा देवी ने थार की पारंपरिक कशीदाकारी व हस्तशिल्प को विश्व पटल पर पहचान दिलाई और उन्हें 2018 में 'नारी शक्ति पुरस्कार' से सम्मानित किया गया। C. सुनहरे और रूपहले धागों से कपड़ों पर की जाने वाली बारीक कढ़ाई को 'ज़रदोज़ी' कहा जाता है। D. सूती कपड़े पर छोटे-छोटे तारों या टांकों से किए जाने वाले काम को 'मुकेश' या 'मौकेश' कहा जाता है तथा 'भरत', 'सूफ', 'हुरमजी' और 'आरी' कढ़ाई के प्रकार हैं। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सत्य हैं?

Aकेवल A और B
Bकेवल B, C और D
Cकेवल A, C और D
DA, B, C और D सभी

प्रश्न 54. राजस्थान में प्राचीन काल से प्रसिद्ध 'मलमल' वस्त्र बुनाई का प्रमुख केंद्र मथानिया (जोधपुर) रहा है, जबकि 'मसूरिया/कोटा डोरिया' साड़ियों के प्रसिद्ध केंद्र कौन-से हैं?

Aकैथून (कोटा) और मांगरोल (बारां)
Bसांगानेर और बगरू (जयपुर)
Cअकोला और बस्सी (चित्तौड़गढ़)
Dनापासर और नोखा (बीकानेर)

प्रश्न 55. राजस्थान में मूर्तिकला एवं प्रस्तर शिल्प के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. जयपुर शहर सफेद संगमरमर की सजीव और कलात्मक मूर्तियों के निर्माण का एशिया का सबसे बड़ा केंद्र है। B. तलवाड़ा (बांसवाड़ा) काले संगमरमर की मूर्तियों के निर्माण के लिए प्रसिद्ध है जहाँ 'सोमपुरा जाति' के शिल्पी कार्य करते हैं। C. डूंगरपुर जिले की देवल खदान से निकलने वाले 'परेवा पत्थर' से बर्तन व मूर्तियाँ बनाई जाती हैं। D. जैसलमेर में पीले संगमरमर व बलुआ पत्थर की बारीक जाली-झरोखों की कटाई का कार्य विख्यात है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

Aकेवल A, B और C
Bकेवल B, C और D
Cकेवल A और D
DA, B, C और D सभी

प्रश्न 56. निम्नलिखित में से कौन-सा हस्तशिल्प उत्पाद राजस्थान से भौगोलिक संकेतक (GI Tag) प्राप्त उत्पादों की श्रेणी में शामिल नहीं है?

Aसांगानेरी हैंड ब्लॉक प्रिंट और बगरू हैंड ब्लॉक प्रिंट
Bकोटा डोरिया और थेवा कला (प्रतापगढ़)
Cब्लू पॉटरी (जयपुर) और मोलेला क्ले वर्क (राजसमंद)
Dलोहिया कालीन (भरतपुर)

प्रश्न 57. राजस्थानी संस्कृति में नवजात शिशु के जन्म पर ननिहाल (पीहर) पक्ष द्वारा दिया जाने वाला 'पोमचा' (कमल के फूल की आकृति वाली ओढ़नी) के संबंध में सही परंपरा क्या है?

Aपुत्र जन्म पर 'पीला पोमचा' तथा पुत्री जन्म पर 'गुलाबी पोमचा' (चीड़ का पोमचा) दिया जाता है।
Bपुत्र जन्म पर 'गुलाबी पोमचा' तथा पुत्री जन्म पर 'पीला पोमचा' दिया जाता है।
Cपोमचा केवल विवाह के समय वधू पक्ष द्वारा दिया जाता है।
Dपोमचा केवल विधवा महिलाओं द्वारा पहना जाने वाला काला वस्त्र है।

प्रश्न 58. 'डिंगल' (Dingal) एवं 'पिंगल' (Pingal) राजस्थानी साहित्य की दो प्रमुख काव्य शैलियाँ हैं। इनके संबंध में कौन सा विवरण सही है?

Aडिंगल पूर्वी राजस्थानी की शैली है, जबकि पिंगल पश्चिमी राजस्थानी की शैली है।
Bडिंगल पश्चिमी राजस्थानी (मारवाड़ी) का साहित्यिक रूप है जो चारण कवियों द्वारा प्रयुक्त हुआ, जबकि पिंगल पूर्वी राजस्थानी व ब्रज का मिश्रित रूप है जो भाट कवियों द्वारा प्रयुक्त हुआ।
Cडिंगल केवल गद्य में लिखी जाती है, जबकि पिंगल केवल संस्कृत में लिखी जाती है।
Dडिंगल जैन मुनियों की भाषा है, जबकि पिंगल सूफी संतों की भाषा है।

प्रश्न 59. जयपुर की प्रसिद्ध 'ब्लू पॉटरी' (Blue Pottery) चीनी मिट्टी के बर्तनों पर नीले व हरे रंगों के चित्रांकन की कला है। इसे 25 से अधिक रंगों का प्रयोग कर अंतरराष्ट्रीय ख्याति दिलाने वाले मूर्धन्य कलाकार कौन थे?

Aकृपाल सिंह शेखावत
Bमोहनलाल कुम्हार
Cभूरसिंह शेखावत
Dरामगोपाल विजयवर्गीय

प्रश्न 60. बीकानेर की विश्वप्रसिद्ध 'उस्ता कला' (Usta Art) क्या है और इसके प्रसिद्ध पद्मश्री सम्मानित उस्ताद कौन थे?

Aऊँट की खाल पर सोने की बारीक मीनाकारी (मुनव्वती कला) - हिसामुद्दीन उस्ता
Bकांच पर सोने की नक्काशी - नाथूजी सोनी
Cकपड़े पर अजरक प्रिंट - यासीन छिपा
Dलकड़ी पर कावड़ निर्माण - मांगीलाल मिस्त्री

प्रश्न 61. राजस्थान की प्रसिद्ध मांड गायिका पद्मश्री अल्लाह जिल्लाई बाई के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. इनका जन्म 1902 ई. में बीकानेर में हुआ था और बीकानेर महाराजा गंगा सिंह ने इन्हें राजगायिका बनाया था। B. इन्होंने विश्वप्रसिद्ध मांड गीत 'केसरिया बालम आओ नी पधारो म्हारे देस' गाकर इसे अंतरराष्ट्रीय ख्याति दिलाई। C. संगीत में उत्कृष्ट योगदान हेतु इन्हें 1982 में 'पद्मश्री' तथा 2012 में मरणोपरांत प्रथम 'राजस्थान रत्न' से सम्मानित किया गया। D. भारत सरकार के डाक विभाग द्वारा 2003 में इन पर 5 रुपये का विशेष डाक टिकट जारी किया गया था। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सत्य हैं?

Aकेवल A और B
Bकेवल B, C और D
Cकेवल A, C और D
DA, B, C और D सभी

प्रश्न 62. राजस्थान के क्षेत्रीय लोकगीतों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. मरुस्थली क्षेत्र (बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर, जोधपुर) के लोकगीत खुले वातावरण के कारण ऊँचे स्वर, तीव्र लय और लंबी तानों में गाए जाते हैं। B. कुरजां, पीपली, रतन राणो, मूमल, घुघरी, झोरावा और केवड़ा पश्चिमी राजस्थान के प्रमुख विरह व लोकगीत हैं। C. लंगा, मांगणियार, मिरासी, ढाढी और कलावंत मरुस्थली क्षेत्र की प्रमुख संगीतकार पेशेवर जातियाँ हैं। D. दक्षिणी पर्वतीय क्षेत्र (भील, मीणा, गरासिया) में लोकगीत सामूहिक रूप से सरल, छोटी और सीमित स्वरों वाली धुनों में गाए जाते हैं। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सत्य हैं?

Aकेवल A और B
Bकेवल B, C और D
Cकेवल A, C और D
DA, B, C और D सभी

प्रश्न 63. राजस्थान के प्रमुख लोकगीतों को उनके गायन के विशिष्ट अवसरों से सुमेलित कीजिए: सूची-I (लोकगीत): सूची-I: A. जच्चा / होलार गीत B. कामण गीत C. मोरिया गीत D. ओल्यूं / कोयलड़ी सूची-II: 1. नवजात शिशु के जन्म के अवसर पर 2. विवाह के समय वर (दूल्हे) को जादू-टोने और बुरी नजर से बचाने हेतु 3. सगाई तय हो चुकी लेकिन विवाह में देरी से व्यथित युवती की मनोदशा 4. किसी प्रियजन की याद आने पर अथवा बेटी की विदाई के समय

AA-1, B-2, C-3, D-4
BA-2, B-1, C-4, D-3
CA-1, B-3, C-2, D-4
DA-4, B-2, C-3, D-1

प्रश्न 64. मेवाड़ अंचल में दीपावली से 15 दिन पूर्व लड़के और लड़कियों द्वारा घर-घर जाकर गाए जाने वाले पारंपरिक गीतों को क्रमशः क्या कहा जाता है?

Aलोवड़ी (हरनी) एवं घडल्यो
Bझमट्या एवं खटकड्या
Cफाग एवं बीजन
Dपंखिया एवं बिछवा

प्रश्न 65. राजस्थान का राज्य गीत 'केसरिया बालम आओ नी पधारो म्हारे देस' संगीत और रस की दृष्टि से किस श्रेणी का लोकगीत है?

Aवीर रस प्रधान युद्ध गीत
Bमांड गायकी शैली में रचित विरह एवं दांपत्य प्रेम का गीत
Cभक्ति रस का निर्गुणी भजन
Dऋतु परिवर्तन का उल्लास गीत

प्रश्न 66. राजस्थान के 'तत वाद्ययंत्रों' (String Instruments) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. रावणहत्था सबसे प्राचीन तत वाद्य है, जो आधे कटे नारियल की कटोरी पर बकरे की खाल मढ़कर 9 तारों की सहायता से बनाया जाता है। B. कामायचा सारंगी जैसा ईरानी मूल का वाद्य है जिसमें 16-27 तार होते हैं और इसे पश्चिमी राजस्थान के मांगणियार कलाकार गज से बजाते हैं। C. जंतर वाद्ययंत्र वीणा का प्रारंभिक रूप है जिसमें दो तुम्बे होते हैं तथा इसे गुर्जर भोपे देवनारायण जी की फड़ बाँचते समय बजाते हैं। D. दुकाका वाद्ययंत्र दीपावली के अवसर पर भील पुरुषों द्वारा घुटनों के बीच दबाकर बजाया जाने वाला तत वाद्य है। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सत्य हैं?

Aकेवल A और B
Bकेवल B, C और D
Cकेवल A, C और D
DA, B, C और D सभी

प्रश्न 67. राजस्थान के 'सुषिर वाद्ययंत्रों' (Wind Instruments) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. अलगोजा राजस्थान का राज्य वाद्ययंत्र है, जिसमें वादक दो बाँसुरियों को एक साथ मुँह में रखकर बजाता है। B. नड़ वाद्ययंत्र कैर की लगभग 1 मीटर लंबी लकड़ी से बनता है जिसमें 4 से 6 छेद होते हैं और इसके विश्वप्रसिद्ध वादक जैसलमेर के कर्ण भील थे। C. मोरचंग लोहे का बना एक छोटा सुषिर वाद्य है जिसे दाँतों के बीच दबाकर हवा से बजाया जाता है और इसे 'ज्यूज हार्प' (Jew's Harp) भी कहते हैं। D. शंख, नागफनी, बांकिया, भूंगल, तुरही, सतारा, पुंगी, मशक और शहनाई सभी सुषिर वाद्ययंत्रों की श्रेणी में आते हैं। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सत्य हैं?

Aकेवल A और B
Bकेवल B, C और D
Cकेवल A, C और D
DA, B, C और D सभी

प्रश्न 68. राजस्थान के लोक वाद्ययंत्रों को उनकी सही श्रेणियों (वर्गीकरण) से सुमेलित कीजिए: सूची-I (वाद्ययंत्र): सूची-I: A. दुकाका B. श्रीमंडल C. पखावज (मृदंग) D. मोरचंग सूची-II: 1. तत वाद्य (तार वाले) 2. घन वाद्य (धातु के ठोस वाद्य) 3. अवनद्ध वाद्य (चमड़ा मढ़े वाद्य) 4. सुषिर वाद्य (फूँक से बजने वाले)

AA-1, B-2, C-3, D-4
BA-2, B-1, C-4, D-3
CA-1, B-3, C-2, D-4
DA-4, B-2, C-3, D-1

प्रश्न 69. रोहिड़ा की लकड़ी से निर्मित 'सुरिन्दा' (Surinda) वाद्ययंत्र मुख्य रूप से राजस्थान की किस पेशेवर संगीतकार जाति द्वारा बजाया जाता है?

Aमांगणियार जाति
Bलंगा जाति
Cकालबेलिया जाति
Dगरासिया जाति

प्रश्न 70. कैर या कांगोर की 1 मीटर लंबी पोली लकड़ी में 4 से 6 छेद करके बनाया जाने वाला प्रसिद्ध सुषिर वाद्य कौन सा है, जिसके विश्वविख्यात वादक कर्ण भील थे?

Aनड़
Bसतारा
Cअलगोजा
Dमुरली

प्रश्न 71. राजस्थान में ध्रुपद गायकी और इसके संगीत घरानों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. ध्रुपद गायकी का विकास ग्वालियर के राजा मानसिंह तोमर के समय हुआ तथा इसकी 'खंडारी' व 'नोहारी' शैलियाँ राजस्थान में पल्लवित हुईं। B. खंडारी वाणी के प्रवर्तक खांडे निवासी समोखन सिंह (राजा मानसिंह के दामाद) तथा नोहारी वाणी के प्रवर्तक नोहर निवासी श्रीचंद थे। C. ध्रुपद गायकी का 'डागर घराना' जयपुर के सवाई रामसिंह के दरबारी गायक बहराम खान डागर द्वारा स्थापित किया गया। D. डागर घराने के प्रमुख गायकों में जकीरुद्दीन खाँ, अल्लाबंदे खाँ, नसीरुद्दीन खाँ और डागर बंधु (नसीर मोईनुद्दीन व अमीनुद्दीन) शामिल हैं। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सत्य हैं?

Aकेवल A और B
Bकेवल B, C और D
Cकेवल A, C और D
DA, B, C और D सभी

प्रश्न 72. शास्त्रीय ख्याल गायकी के प्रसिद्ध 'मेवाती घराने' के प्रवर्तक कौन थे, जिससे बाद में पं. मोतीराम-ज्योतिराम, पं. मणिराम और पद्म विभूषण पं. जसराज जैसे मूर्धन्य गायक जुड़े?

Aघग्घे नज़ीर खाँ
Bभूपत खाँ (मनरंग)
Cउस्ताद फैयाज खाँ
Dरजब अली खाँ

प्रश्न 73. जयपुर के किस कलाप्रेमी शासक के काल में देश भर के प्रकांड संगीतज्ञों का सम्मेलन बुलाकर संगीत के प्रामाणिक ग्रंथ 'राधा गोविंद संगीत सार' की रचना करवाई गई थी?

Aसवाई जयसिंह द्वितीय
Bसवाई प्रताप सिंह
Cसवाई रामसिंह द्वितीय
Dसवाई माधोसिंह प्रथम

प्रश्न 74. भारतीय लोक कला मंडल (उदयपुर) के संस्थापक और प्रसिद्ध कला पारखी देवीलाल सामर ने राजस्थान के लोक नृत्यों को उनकी भौगोलिक विशेषताओं के आधार पर कितने भागों में वर्गीकृत किया है?

Aदो भागों में
Bतीन भागों में (पर्वतीय, मरुस्थली/राजस्थानी, एवं पूर्वी मैदानी)
Cपाँच भागों में
Dचार भागों में

प्रश्न 75. मेवाड़ एवं बाड़मेर क्षेत्र के प्रसिद्ध 'गैर नृत्य' (Gair Dance) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. यह नृत्य मुख्य रूप से होली के अवसर पर केवल पुरुषों द्वारा गोल घेरा बनाकर लकड़ी की छड़ियों (खांडे) को टकराते हुए किया जाता है। B. गोल घेरे में नृत्य करने के कारण इसे 'गैर' और नर्तकों को 'गैरिये' कहा जाता है। C. इस नृत्य में प्रयुक्त मुख्य वाद्ययंत्र ढोल, बांकिया और थाली हैं। D. गैर नृत्य में भाग लेने वाले कुछ पुरुष महिलाओं के वस्त्र पहनते हैं, जिन्हें स्थानीय भाषा में 'गणगौर' या 'मेहरी' कहा जाता है। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सत्य हैं?

Aकेवल A और B
Bकेवल B, C और D
Cकेवल A, C और D
DA, B, C और D सभी

प्रश्न 76. शेखावाटी क्षेत्र में होली के अवसर पर नगाड़े की थाप पर पुरुषों द्वारा डंडों को टकराते हुए किया जाने वाला प्रसिद्ध नृत्य कौन सा है जिसमें महिलाओं के वेश धारण करने वाले पुरुष 'गणगौर/मेहरी' कहलाते हैं?

Aगिंदड़ नृत्य
Bकच्छी घोड़ी नृत्य
Cबम नृत्य
Dडांडिया नृत्य

प्रश्न 77. जालौर के प्रसिद्ध 'ढोल नृत्य' (Dhol Dance) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. यह नृत्य जालौर क्षेत्र में विवाह के मांगलिक अवसर पर ढोली, भील, सरगड़ा और माली जाति के पुरुषों द्वारा किया जाता है। B. इस नृत्य में एक साथ 4-5 ढोल बजाए जाते हैं और ढोल वादक इसे 'थाकना' (Thakana) शैली में बजाना शुरू करता है। C. जब थाकना समाप्त होता है तो नर्तक मुँह में तलवार, हाथों में डंडे या रुमाल लेकर अत्यंत द्रुत गति से लयबद्ध नृत्य करते हैं। D. राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री श्री जयनारायण व्यास ने इस नृत्य को पहचान दिलाकर राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध किया। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सत्य हैं?

Aकेवल A, B और C
Bकेवल B और D
Cकेवल A, C और D
DA, B, C और D सभी

प्रश्न 78. राजस्थान के चमत्कारिक 'भवाई नृत्य' (Bhavai Dance) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. यह नृत्य अपनी असाधारण शारीरिक लोच, संतुलन और साहसी कलाबाजियों के लिए पूरे भारत में विख्यात है। B. सिर पर 7-8 या 11 मटके रखकर नाचना, जमीन से मुँह से रुमाल उठाना, नंगी तलवारों व कांच के टुकड़ों पर नाचना इसकी प्रमुख विशेषताएँ हैं। C. रूपसिंह शेखावत, दयाराम, अस्मिता काला और तारा शर्मा इस नृत्य के प्रमुख प्रसिद्ध कलाकार रहे हैं। D. इस नृत्य शैली के जनक केकड़ी (अजमेर) के बाघाजी / नागाजी जाट माने जाते हैं। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सत्य हैं?

Aकेवल A और B
Bकेवल B, C और D
Cकेवल A, C और D
DA, B, C और D सभी

प्रश्न 79. कालबेलिया नृत्य एवं सपेरा जाति की लोक संस्कृति के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. 2010 ई. में यूनेस्को (UNESCO) ने कालबेलिया लोक नृत्य को अपनी 'अमूर्त सांस्कृतिक विरासत' (Intangible Cultural Heritage) सूची में शामिल किया। B. इस नृत्य की विश्वविख्यात नर्तकी 'गुलाबो सपेरा' (पद्मश्री 2016) हैं जिन्होंने इसे वैश्विक मंचों पर पहचान दिलाई। C. इस नृत्य में महिलाएँ काले रंग की घनी कशीदाकारी वाली पोशाक पहनकर साँप के समान लचीली व द्रुत गति से घूमती हैं तथा पुरुष पुंगी और खंजरी/डफ बजाते हैं। D. इंदोणी, पणिहारी, बागड़िया और संकरिया कालबेलिया जाति के अन्य प्रमुख पारंपरिक लोक नृत्य हैं। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सत्य हैं?

Aकेवल A और B
Bकेवल B, C और D
Cकेवल A, C और D
DA, B, C और D सभी

प्रश्न 80. राजस्थान के प्रमुख जनजातीय एवं लोक नृत्यों को उनकी संबंधित जातियों/जनजातियों से सुमेलित कीजिए: सूची-I (लोक नृत्य): सूची-I: A. शिकारी नृत्य B. मावलिया एवं होली नृत्य C. हाथीमना एवं युद्ध नृत्य D. वालर एवं मादल नृत्य सूची-II: 1. सहरिया जनजाति 2. कथौड़ी जनजाति 3. भील जनजाति 4. गरासिया जनजाति

AA-1, B-2, C-3, D-4
BA-2, B-1, C-4, D-3
CA-1, B-3, C-2, D-4
DA-4, B-2, C-3, D-1

प्रश्न 81. गरासिया जनजाति का वह कौन सा प्रसिद्ध युगल लोक नृत्य है, जो बिना किसी वाद्ययंत्र के धीमी गति से दो अर्धवृत्तों में किया जाता है और जिसे 'गरासियों का घूमर' कहा जाता है?

Aवालर नृत्य
Bमादल नृत्य
Cलूर नृत्य
Dजवारा नृत्य

प्रश्न 82. किशनगढ़ (अजमेर) क्षेत्र का प्रसिद्ध 'चरी नृत्य' (Chari Dance) किस जाति की महिलाओं द्वारा सिर पर जलती हुई कपास के बीजों (काकड़ों) वाली चरी रखकर किया जाता है, जिसकी प्रसिद्ध नृत्यांगना फलकू बाई हैं?

Aगुर्जर जाति
Bभील जनजाति
Cमीणा जनजाति
Dमाली जाति

प्रश्न 83. शेखावाटी एवं डीडवाना-कुचामन क्षेत्र के प्रसिद्ध व्यावसायिक नृत्य 'कच्छी घोड़ी' के संबंध में कौन से कथन सत्य हैं? A. यह विशुद्ध रूप से पुरुषों द्वारा विवाह व व्यावसायिक अवसरों पर किया जाने वाला वीर रस प्रधान नृत्य है। B. इसमें नर्तक बाँस और कपड़े से बनी काठ (लकड़ी) की घोड़ी की पोशाक पहनकर हाथ में तलवार लेकर वीरतापूर्वक नृत्य करते हैं। C. इस नृत्य में नर्तक 4-4 की पंक्तियों में आगे-पीछे होकर इस प्रकार गति करते हैं कि कमल के फूल के खिलने और बंद होने (पंखुड़ियों) का सजीव दृश्य बनता है। D. इस नृत्य में ढोल, बांकिया और थाली के साथ 'लश्करिया', 'बींद', 'रमगड़िया' और 'गींदड़' लोकगीत गाए जाते हैं। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सत्य हैं?

Aकेवल A और B
Bकेवल B, C और D
Cकेवल A, C और D
DA, B, C और D सभी

प्रश्न 84. राजस्थान के प्रमुख क्षेत्रीय लोक नृत्यों को उनके संबंधित क्षेत्रों से सुमेलित कीजिए: सूची-I (क्षेत्रीय लोक नृत्य): सूची-I: A. डांग नृत्य B. बिंदौरी नृत्य C. भैरव (मयूर) नृत्य D. खारी नृत्य सूची-II: 1. नाथद्वारा (राजसमंद) 2. झालावाड़ 3. ब्यावर 4. मेवात (अलवर)

AA-1, B-2, C-3, D-4
BA-2, B-1, C-4, D-3
CA-1, B-3, C-2, D-4
DA-4, B-2, C-3, D-1

प्रश्न 85. सहरिया जनजाति (शाहबाद एवं किशनगंज, बारां) के पारंपरिक नृत्यों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. शिकारी नृत्य सहरिया पुरुषों द्वारा वनों में शिकार की विभिन्न गतिविधियों का नाट्य रूपांतरण करते हुए किया जाने वाला ओजस्वी नृत्य है। B. लहंगी नृत्य सहरिया युवतियों द्वारा वर्षा ऋतु (सावन-भादों) और पेड़ों पर झूला झूलते समय किया जाने वाला नृत्य है। C. इंद्रपरी नृत्य विवाह के अवसर पर रागिनी गीतों के साथ किया जाने वाला नृत्य है। D. बिछवा केवल महिलाओं द्वारा समूह में तथा झेला फसल पकने के समय स्त्री-पुरुषों द्वारा गाया व नाचा जाने वाला युगल नृत्य है। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सत्य हैं?

Aकेवल A और B
Bकेवल B, C और D
Cकेवल A, C और D
DA, B, C और D सभी

प्रश्न 86. टोंक के प्रसिद्ध लोकनाट्य 'चारबैंत' (Chaar Baint) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. चारबैंत टोंक रियासत का एक संगीत-दंगल और कव्वालीनुमा अनूठा लोकनाट्य है। B. इसकी शुरुआत टोंक के नवाब फैजुल्ला खाँ के शासनकाल में करीम खाँ निहंग द्वारा की गई थी। C. इसमें गायक घुटनों के बल बैठकर हाथ में 'डफ' (Daf) बजाते हुए ऊँचे सुरों में शेरो-शायरी और काव्यात्मक संवाद प्रस्तुत करते हैं। D. यह मूलतः पश्तो (पठान) भाषा की लोक विधा थी जिसका स्थानीयकरण राजस्थान के टोंक में हुआ। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सत्य हैं?

Aकेवल A और B
Bकेवल B, C और D
Cकेवल A, C और D
DA, B, C और D सभी

प्रश्न 87. राजस्थान के पारंपरिक लोकनाट्य 'रम्मत' (Rammat) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. रम्मत का मुख्य उद्गम जैसलमेर से हुआ तथा बीकानेर और फलोदी इसके प्रमुख केंद्र बने जहाँ यह 'पाटा संस्कृति' (चौकों में लकड़ी के तख्तों पर) खेली जाती है। B. तेज कवि जैसलमेरी ने 'श्री कृष्ण कंपनी' की स्थापना की और 1943 ई. में अंग्रेजी शासन के विरोध में 'स्वतंत्र बावनी' पुस्तक लिखकर महात्मा गांधी को भेंट की थी। C. बीकानेर में आचार्यों के चौक की 'अमर सिंह राठौड़ की रम्मत', बिस्सों के चौक की 'चौबेल नौटंकी' तथा किकाणी व्यासों की रम्मतें प्रसिद्ध हैं। D. रम्मत के मुख्य रचयिताओं में मणिराम व्यास, तुलसीराम, फागू महाराज और सूआ महाराज प्रमुख थे तथा रम्मत शुरू होने से पूर्व रामदेवजी के भजन गाए जाते हैं। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सत्य हैं?

Aकेवल A, B और C
Bकेवल B और D
Cकेवल A, C और D
DA, B, C और D सभी

प्रश्न 88. कुचामनी ख्याल (डीडवाना-कुचामन) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. इस ख्याल शैली के प्रवर्तक प्रसिद्ध लोक नाटककार पंडित लच्छीराम थे। B. लच्छीराम द्वारा रचित प्रमुख ख्यालों में 'चांद नीलगिरी', 'राव रिड़मल' और 'मीरा मंगल' विख्यात हैं। C. इस शैली का स्वरूप पश्चिमी 'ओपेरा' (Opera) जैसा होता है जिसमें लोकगीतों की प्रधानता और खुली रंगमंचीय प्रस्तुति होती है। D. इस ख्याल में स्त्री पात्रों की भूमिका भी पुरुष कलाकारों द्वारा ही निभाई जाती है तथा उगमराज इसके प्रमुख प्रसिद्ध कलाकार रहे हैं। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सत्य हैं?

Aकेवल A, B और C
Bकेवल B, C और D
Cकेवल A, C और D
DA, B, C और D सभी

प्रश्न 89. राजस्थान के प्रमुख ख्यालों (Folk Theatres) को उनकी विशेषताओं/प्रवर्तकों से सुमेलित कीजिए: सूची-I (ख्याल शैली): सूची-I: A. जयपुरी ख्याल B. कन्हैया ख्याल C. शेखावाटी (चिड़ावी) ख्याल D. तुर्रा-कलंगी ख्याल सूची-II: 1. महिलाओं के पात्रों का अभिनय स्वयं महिलाओं द्वारा किया जाना (जोगी-जोगन, कान-गूजरी) 2. पूर्वी राजस्थान (करौली/सवाई माधोपुर) का ख्याल, मुख्य कथा 'काहन' व मुख्य पात्र 'मेडिया' 3. नानूराम एवं दुलिया राणा द्वारा पल्लवित, चिड़ावा केंद्र, सारंगी व हारमोनियम संगत 4. मेवाड़/घोसुंडा में चंदेरी के संत तुकनगीर (शिव पक्ष) और शाह अली (शक्ति पक्ष) द्वारा प्रारंभ

AA-1, B-2, C-3, D-4
BA-2, B-1, C-4, D-3
CA-1, B-3, C-2, D-4
DA-4, B-2, C-3, D-1

प्रश्न 90. राजस्थान के 'तमाशा' (जयपुर) एवं 'गवरी' (मेवाड़) लोकनाट्य के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. तमाशा मूलतः महाराष्ट्र की विधा है जिसे सवाई प्रताप सिंह के काल में जयपुर के बंशीधर भट्ट परिवार ने स्थानीय रंग में ढाला और इसके मंच को 'अखाड़ा' कहा जाता है। B. तमाशा लोकनाट्य में स्त्री पात्रों का अभिनय स्त्रियाँ ही करती हैं (जैसे प्रसिद्ध कलाकार गोहर जान)। C. गवरी (राई) मेवाड़ के भीलों का 40 दिनों तक चलने वाला धार्मिक लोकनाट्य है जो भगवान शिव और भस्मासुर की कथा पर आधारित है। D. गवरी लोकनाट्य में 'बुढ़िया' शिव-भस्मासुर का प्रतीक है, 'झमट्या' कविता बोलता है और 'खटकड्या' उसे दोहराते हुए विदूषक (कॉमेडियन) का कार्य करता है। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सत्य हैं?

Aकेवल A, B और C
Bकेवल B, C और D
Cकेवल A, C और D
DA, B, C और D सभी

प्रश्न 91. राजस्थानी भाषा की उत्पत्ति एवं विकास के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. राजस्थानी भाषा का उद्भव 12वीं शताब्दी के अंतिम चरण में शौरसेनी अपभ्रंश के 'मरुगुर्जरी' (गुर्जर) रूप से हुआ माना जाता है। B. 8वीं शताब्दी (913 ई.) में उद्योतन सूरि द्वारा रचित ग्रंथ 'कुवलयमाला' में उल्लिखित 18 देशी भाषाओं में इसे 'मरुभाषा' कहा गया है। C. जॉर्ज अब्राहम ग्रियर्सन ने सर्वप्रथम 1912 ई. में अपनी पुस्तक 'लिंग्विस्टिक सर्वे ऑफ इंडिया' में इस भूभाग की बोली हेतु 'राजस्थानी' शब्द का प्रयोग किया। D. 16वीं शताब्दी के बाद राजस्थानी भाषा ने एक स्वतंत्र भाषा के रूप में आकार लेना प्रारंभ किया। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सत्य हैं?

Aकेवल A और B
Bकेवल B, C और D
Cकेवल A, C और D
DA, B, C और D सभी

प्रश्न 92. सर जॉर्ज अब्राहम ग्रियर्सन ने 1912 ई. में 'लिंग्विस्टिक सर्वे ऑफ इंडिया' (Linguistic Survey of India) में राजस्थानी बोलियों को कितने मुख्य भौगोलिक समूहों में विभाजित किया था?

Aतीन समूहों में
Bपाँच समूहों में
Cसात समूहों में
Dचार समूहों में

प्रश्न 93. राजस्थानी भाषा एवं साहित्य का 'स्वर्ण युग' (Golden Age) किस कालखंड को माना जाता है?

A1050 ई. से 1450 ई. (वीरगाथा काल)
B1450 ई. से 1650 ई. (भक्ति काल)
C1650 ई. से 1850 ई. (उत्तर-मध्यकाल / शृंगार व रीति-नीति काल)
D1850 ई. से 1950 ई. (आधुनिक काल)

प्रश्न 94. राजस्थानी की प्रमुख बोलियों को उनके पारंपरिक प्रचलन क्षेत्रों से सुमेलित कीजिए: सूची-I (बोली): सूची-I: A. मारवाड़ी B. मेवाड़ी C. ढूंढाड़ी D. हाड़ौती सूची-II: 1. जोधपुर, नागौर, पाली, बाड़मेर, जैसलमेर 2. उदयपुर, राजसमंद, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़ 3. जयपुर, दौसा, दूदू, टोंक 4. कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़

AA-1, B-2, C-3, D-4
BA-2, B-1, C-4, D-3
CA-1, B-3, C-2, D-4
DA-4, B-2, C-3, D-1

प्रश्न 95. राजस्थानी बोलियों पर अन्य भाषाओं के प्रभाव के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. ढूंढाड़ी बोली में 'है' के स्थान पर 'छे' और 'छो' का प्रयोग गुजराती भाषा के निकट प्रभाव को दर्शाता है। B. वागड़ी बोली (डूंगरपुर-बांसवाड़ा) पर गुजराती भाषा का सर्वाधिक प्रभाव है, जिसे जॉर्ज ग्रियर्सन ने 'भीली बोली' कहा था। C. मेवाती बोली (अलवर-भरतपुर) पर ब्रजभाषा का स्पष्ट प्रभाव दिखाई देता है। D. मालवी बोली (झालावाड़, प्रतापगढ़, कोटा) पर गुजराती और मराठी दोनों भाषाओं का प्रभाव है। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सत्य हैं?

Aकेवल A और B
Bकेवल B, C और D
Cकेवल A, C और D
DA, B, C और D सभी

प्रश्न 96. अलवर जिले के मुंडावर, बहरोड़ और कोटपूतली क्षेत्र में बोली जाने वाली 'अहीरवाटी' (राठी) बोली किस भाषाई समूह के अंतर्गत आती है?

Aपश्चिमी राजस्थानी
Bउत्तर-पूर्वी राजस्थानी
Cदक्षिणी राजस्थानी
Dमध्य-पूर्वी राजस्थानी

प्रश्न 97. राजस्थान की विभिन्न मिश्रित उपबोलियों के भाषाई संयोजन (समीकरण) को सुमेलित कीजिए: सूची-I (मिश्रित बोली): सूची-I: A. खैराड़ी बोली B. रांगड़ी बोली C. मेवाती बोली D. निमाड़ी बोली सूची-II: 1. मेवाड़ी + ढूंढाड़ी + हाड़ौती का त्रिवेणी संगम (शाहपुरा, जहाजपुर, बूंदी) 2. मारवाड़ी + मालवी का मिश्रण (कर्कश व ओजस्वी बोली, राजपूतों की) 3. पश्चिमी हिंदी (ब्रज) + मरुभाषा का मिश्रण 4. मालवी + मारवाड़ी + गुजराती प्रभाव ('दक्षिणी राजस्थानी')

AA-1, B-2, C-3, D-4
BA-2, B-1, C-4, D-3
CA-1, B-3, C-2, D-4
DA-4, B-2, C-3, D-1

प्रश्न 98. मारवाड़ी की प्रमुख क्षेत्रीय उपबोलियों को उनके संबंधित जिलों से सुमेलित कीजिए: सूची-I (उपबोली): सूची-I: A. गोडवाड़ी B. देवड़ावाटी C. धातकी एवं थली D. जाग्रौटी सूची-II: 1. पाली (बाली, देसूरी) एवं जालोर 2. सिरोही 3. बाड़मेर एवं जैसलमेर (रेगिस्तानी थार) 4. करौली (डांग क्षेत्र)

AA-1, B-2, C-3, D-4
BA-2, B-1, C-4, D-3
CA-1, B-3, C-2, D-4
DA-4, B-2, C-3, D-1

प्रश्न 99. राजस्थानी साहित्य के ऐतिहासिक काल-विभाजन के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. प्राचीन काल (वीरगाथा काल, 1050-1450 ई.) में मुख्यतः चारण व जैन कवियों द्वारा युद्धों, शौर्य और त्याग पर आधारित वीर रस के काव्य रचे गए। B. पूर्व-मध्यकाल (भक्ति काल, 1450-1650 ई.) में मीरांबाई, दादू दयाल, जसनाथ जी, जाम्भोजी और ईसरदास जैसे संतों ने सगुण-निर्गुण भक्ति काव्य का सृजन किया। C. उत्तर-मध्यकाल (शृंगार व रीति काल, 1650-1850 ई.) में कलात्मक गद्य, नीति सोरठे, ख्यात, वचनिका और राजाओं के पराक्रम का वर्णन हुआ। D. आधुनिक काल (1850 ई. से वर्तमान) में बांकीदास, सूर्यमल्ल मिश्रण, कन्हैयालाल सेठिया और विजयदान देथा ने राष्ट्रीय चेतना और लोकसंस्कृति को मुखरित किया। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सत्य हैं?

Aकेवल A और B
Bकेवल B, C और D
Cकेवल A, C और D
DA, B, C और D सभी

प्रश्न 100. राजस्थानी साहित्य की प्रसिद्ध कृतियों को उनके अमर रचयिताओं से सुमेलित कीजिए: सूची-I (साहित्यिक कृति): सूची-I: A. रणमल छंद B. हरिरस एवं गुण भागवत C. वेली किसन रुक्मणी री D. पृथ्वीराज रासो सूची-II: 1. श्रीधर व्यास 2. भक्त कवि ईसरदास 3. पृथ्वीराज राठौड़ (पीथल) 4. महाकवि चंदबरदाई

AA-1, B-2, C-3, D-4
BA-2, B-1, C-4, D-3
CA-1, B-3, C-2, D-4
DA-4, B-2, C-3, D-1

प्रश्न 101. प्राचीन राजस्थानी एवं अपभ्रंश कालीन प्रमुख जैन साहित्यिक ग्रंथों को उनके लेखकों से सुमेलित कीजिए: सूची-I (जैन ग्रंथ): सूची-I: A. भरतेश्वर बाहुबली घोर (1168 ई.) B. भरतेश्वर बाहुबली रास (1184 ई.) C. कुवलयमाला (913 ई.) D. नेमिनाथ बारहमासा सूची-II: 1. वज्रसेन सूरि 2. शालिभद्र सूरि 3. उद्योतन सूरि 4. कवि पाल्हण

AA-1, B-2, C-3, D-4
BA-2, B-1, C-4, D-3
CA-1, B-3, C-2, D-4
DA-3, B-2, C-1, D-4

प्रश्न 102. राजस्थानी गद्य-काव्य विधा 'वचनिका' (Vachanika) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. 'वचनिका' शब्द संस्कृत के 'वचन' से बना है और यह तुकांत, छंदोबद्ध गद्य-पद्य मिश्रित (चम्पू काव्य शैली) रचना होती है। B. शिवदास गाडण कृत 'अचलदास खींची री वचनिका' में 1423 ई. में गागरोन के प्रथम साके और अचलदास खींची व होशंगशाह के युद्ध का सजीव वर्णन है। C. खिड़िया जग्गा कृत 'राठौड़ रतनसिंह महेसदासोत री वचनिका' में धरमत के युद्ध (1658 ई.) में रतलाम के राजा रतनसिंह राठौड़ की वीरता का वर्णन है। D. वचनिका में सामान्यतः अंत्यानुप्रास मिलता है और यह ऐतिहासिक युद्धों के विवरण का प्रामाणिक स्रोत है। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सत्य हैं?

Aकेवल A और B
Bकेवल B, C और D
Cकेवल A, C और D
DA, B, C और D सभी

प्रश्न 103. राजस्थानी गद्य विधाओं 'दवावैत', 'वात' एवं 'ख्यात' के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. दवावैत वचनिका के समान ही कलात्मक तुकांत गद्य का रूप है, जिसमें उर्दू-फारसी के प्रवाहपूर्ण शब्दों के साथ नायक की प्रशंसा, युद्ध व आखेट का वर्णन होता है (जैसे अखमाल देवड़ा री दवावैत)। B. 'वात' कहानी कहने और सुनने की एक मौखिक कथा परंपरा है, जिसमें श्रोता बीच-बीच में 'हुँकारा' (हाँ, हाँजी) भरकर सहभागिता दर्शाता है। C. 'ख्यात' शब्द संस्कृत के 'ख्याति' (प्रसिद्धि/इतिहास) से बना है, जिसमें रियासतों के राजाओं ने अपने वंश, युद्धों व पराक्रम का प्रामाणिक इतिहास दर्ज करवाया। D. मुहणोत नैणसी री ख्यात, दयालदास री ख्यात और बांकीदास री ख्यात राजस्थान के इतिहास के अमूल्य स्रोत हैं। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सत्य हैं?

Aकेवल A, B और C
Bकेवल B और D
Cकेवल A, C और D
DA, B, C और D सभी

प्रश्न 104. राजस्थानी साहित्य में किसी प्रतिष्ठित राजा, योद्धा या वीर पुरुष की मृत्यु पर गहरा शोक, विलाप और उसके आदर्श गुणों को व्यक्त करने वाले काव्य को क्या कहा जाता है?

Aमरस्या
Bप्रकाश
Cझामल
Dदवावैत

प्रश्न 105. आधुनिक राजस्थानी साहित्यकारों को उनकी प्रसिद्ध कालजयी रचनाओं से सुमेलित कीजिए: सूची-I (साहित्यकार): सूची-I: A. विजयदान देथा (बिज्जी) B. कन्हैयालाल सेठिया C. महाकवि सूर्यमल्ल मिश्रण D. कविराज बांकीदास सूची-II: 1. 'बातां री फुलवारी' (14 खंड), 'दुविधा', 'उलझन', 'अलेखूँ हिटलर' 2. 'धरती धोरां री', 'पाथल और पीथल', 'लीलटांस', 'मिंझर' 3. 'वंश भास्कर', 'वीर सतसई', 'बलवंत विलास', 'छंदोमयूख' 4. 'बांकीदास री ख्यात', 'आयो इंगरेज मुलक रै ऊपर', 'सूर छत्तीसी'

AA-1, B-2, C-3, D-4
BA-2, B-1, C-4, D-3
CA-1, B-3, C-2, D-4
DA-4, B-2, C-3, D-1

प्रश्न 106. आधुनिक राजस्थानी भाषा एवं साहित्य की प्रथम ऐतिहासिक कृतियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. राजस्थानी भाषा का प्रथम आधुनिक नाटक 'केसर विलास' (1900 ई.) शिवचंद्र भरतिया द्वारा लिखा गया था। B. राजस्थानी भाषा का प्रथम उपन्यास 'कनक सुंदर' (1903 ई.) भी शिवचंद्र भरतिया की रचना है। C. राजस्थानी भाषा की प्रथम आधुनिक कहानी 'विश्रांत प्रवास' (1904 ई.) शिवचंद्र भरतिया द्वारा रचित है। D. आधुनिक राजस्थानी काव्य की प्रथम कृति 'बादली' (1940 ई.) के रचयिता चंद्रसिंह बिरकाली हैं। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सत्य हैं?

Aकेवल A और B
Bकेवल B, C और D
COnly A, C and D
DA, B, C और D सभी

प्रश्न 107. 1960 ई. में प्रकाशित अपनी प्रसिद्ध काव्य कृति 'राधा' के माध्यम से महाभारत के विनाशकारी युद्ध का विरोध करने वाले जोधपुर के प्रख्यात आधुनिक साहित्यकार कौन थे?

Aसत्यप्रकाश जोशी
Bमेघराज मुकुल
Cकन्हैयालाल सेठिया
Dनारायण सिंह भाटी

प्रश्न 108. राजस्थान के प्रसिद्ध 'रासो साहित्य' को उनके संबंधित रचयिताओं से सुमेलित कीजिए: सूची-I (रासो ग्रंथ): सूची-I: A. खुमाण रासो B. सगत रासो (सगत सिंह रासो) C. हम्मीर रासो D. विजयपाल रासो सूची-II: 1. दलपत विजय (दौलत विजय) 2. गिरधर आसिया 3. जोधराज / सारंगधर 4. नल्ल सिंह

AA-1, B-2, C-3, D-4
BA-2, B-1, C-4, D-3
CA-1, B-3, C-2, D-4
DA-4, B-2, C-3, D-1

प्रश्न 109. राजस्थान के ऐतिहासिक 'प्रकाश' (किसी व्यक्ति या वंश के कार्यों पर आधारित ग्रंथ) साहित्य को उनके रचयिताओं से सुमेलित कीजिए: सूची-I (प्रकाश ग्रंथ): सूची-I: A. राजप्रकास B. महायश प्रकास C. सूरज प्रकास D. पाबू प्रकास सूची-II: 1. किशोरदास 2. आसिया मानसिंह 3. करणीदान कविया 4. आशिया मोड़जी

AA-1, B-2, C-3, D-4
BA-2, B-1, C-4, D-3
CA-1, B-3, C-2, D-4
DA-4, B-2, C-3, D-1

प्रश्न 110. राजस्थानी भाषा व साहित्य की प्रमुख पत्रिकाओं को उनके संस्थापक/संपादक से सुमेलित कीजिए: सूची-I (पत्रिका): सूची-I: A. हरावल B. ओळ्युं C. मरुवाणी D. जागती जोत सूची-II: 1. सत्यप्रकाश जोशी 2. किशोर कल्पनाकांत 3. पं. रामकरण आसोपा / कवि चंद्रसिंह 4. राजस्थानी भाषा, साहित्य एवं संस्कृति अकादमी (बीकानेर)

AA-1, B-2, C-3, D-4
BA-2, B-1, C-4, D-3
CA-1, B-3, C-2, D-4
DA-4, B-2, C-3, D-1

प्रश्न 111. राजस्थानी व्याकरण एवं वृहद् शब्दकोश निर्माण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. लगभग 70 वर्ष पूर्व जोधपुर के पंडित रामकरण आसोपा ने 'मारवाड़ी भाषा रौ व्याकरण' नामक प्रामाणिक ग्रंथ प्रकाशित किया था। B. पद्मश्री सीताराम लालस ने 40 वर्षों के अथक परिश्रम से 2 लाख से अधिक शब्दों वाला चार खंडों का 'राजस्थानी सबद कोस' (राजस्थानी व्याकरण व शब्दकोश) तैयार किया। C. एनसाइक्लोपीडिया ब्रिटानिका ने सीताराम लालस को 'राजस्थानी जुबां की मशाल' (Mashaal of Rajasthani) की संज्ञा दी। D. कविराजा मुरारीदान कृत 'डिंगल कोश' एवं उदयराम बारहठ कृत 'अवधांन माळा' डिंगल भाषा के प्रसिद्ध प्राचीन शब्दकोश हैं। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सत्य हैं?

Aकेवल A और B
Bकेवल B, C और D
Cकेवल A, C और D
DA, B, C और D सभी

प्रश्न 112. राजस्थान के महान क्रांतिकारी एवं साहित्यकार ठाकुर केसरी सिंह बारहठ की प्रमुख कृतियों के संबंध में कौन सा समूह पूर्णतः सत्य है?

Aप्रताप चरित, दुर्गादास चरित, रूठी राणी, कुसुमांजलि और चेतावनी रा चूँगट्या
Bबातां री फुलवारी, पाथल और पीथल, दुविधा और सेनाणी
Cवंश भास्कर, वीर सतसई, बलवंत विलास और छंदोमयूख
Dअजयमेरु, पथिक प्रमोद, जानकी मंगल और तत्वबोध

प्रश्न 113. रानी लक्ष्मी कुमारी चूंडावत के साहित्यिक योगदान के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. इनका जन्म मेवाड़ के देवगढ़ ठिकाने में हुआ तथा ये राजस्थान विधानसभा व राज्यसभा की सदस्य भी रहीं। B. 'मांझल रात', 'मूमल', 'कै रे चकवा बात', 'देवनारायण बगड़ावत री महागाथा' और 'राजस्थान के रीति-रिवाज' इनकी प्रमुख साहित्यिक कृतियाँ हैं। C. बच्चों के लिए इन्होंने 'हुंकारो दो सा' और 'टाबरां री बातां' जैसे प्रसिद्ध बाल साहित्य की रचना की। D. इन्हें 1984 में 'पद्मश्री' तथा 2012 में राजस्थान सरकार द्वारा प्रथम 'राजस्थान रत्न' पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सत्य हैं?

Aकेवल A और B
Bकेवल B, C और D
Cकेवल A, C और D
DA, B, C और D सभी

प्रश्न 114. दादू दयाल जी के परम विद्वान शिष्य संत सुंदरदास जी (दौसा) द्वारा रचित प्रमुख दार्शनिक एवं काव्य ग्रंथों में कौन सा ग्रंथ शामिल नहीं है?

Aज्ञान समुद्र और सुंदर विलास
Bबावनी और सवैया
Cरामजी अष्टक और पीर मुरीद अष्टक
Dचेतावनी रा चूँगट्या

प्रश्न 115. स्वतंत्रता के बाद राजस्थानी भाषा का प्रथम उपन्यास 'आभै पटकी' (1956 ई.) लिखने वाले बीकानेर के प्रसिद्ध आधुनिक साहित्यकार कौन थे?

Aश्री लाल नथमल जोशी
Bविजयदान देथा
Cयादवेंद्र शर्मा 'चंद्र'
Dकरणीदान बारहट

प्रश्न 116. जयपुर में जन्मे पंडित चंद्रधर शर्मा 'गुलेरी' की वह कौन सी अमर कहानी है, जो 1915 ई. में 'सरस्वती' पत्रिका में प्रकाशित हुई और विश्व साहित्य में फ्लैशबैक (पूर्वदीप्ति) तकनीक की पहली उत्कृष्ट कहानी मानी गई?

Aउसने कहा था
Bसुखमय जीवन
Cबुद्धू का काँटा
Dकनक सुंदर

प्रश्न 117. राजस्थान के किस मूर्धन्य लेखक और संपादक को भारतीय पत्रकारिता और इतिहास शोध में 'पत्रकारिता के भीष्म पितामह' की उपाधि से विभूषित किया गया है?

Aपंडित झाबरमल शर्मा
Bकविराज श्यामलदास
Cगौरीशंकर हीराचंद ओझा
Dविजय सिंह पथिक

प्रश्न 118. कविराज बांकीदास आशिया (1771-1833 ई.) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. ये जोधपुर (मारवाड़) के महाराजा मानसिंह के राजकवि और गुरु समान सलाहकार थे। B. इन्होंने अंग्रेजों द्वारा भारतीय राजाओं को अधीन करने के विरुद्ध राष्ट्रीय चेतना का प्रसिद्ध देशभक्ति गीत 'आयो इंगरेज मुलक रै ऊपर' रचा। C. इनकी ऐतिहासिक कृति 'बांकीदास री ख्यात' में राजस्थान के विभिन्न राजवंशों, भूगोल और समाज की अमूल्य 2776 ऐतिहासिक बातें संकलित हैं। D. इन्होंने 'सूर छत्तीसी', 'कृपण दर्पण', 'दातार बावनी' और 'नीति मंजरी' जैसी उच्च कोटि की डिंगल कृतियों की रचना की। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सत्य हैं?

Aकेवल A और B
Bकेवल B, C और D
Cकेवल A, C और D
DA, B, C और D सभी

प्रश्न 119. राजस्थान के राज्य कवि महाकवि सूर्यमल्ल मिश्रण (1815-1868 ई.) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. ये बूंदी के महाराव राजा रामसिंह के दरबारी कवि थे और 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के प्रबल समर्थक थे। B. इनकी सर्वश्रेष्ठ ऐतिहासिक पद्य कृति 'वंश भास्कर' है (जिसमें बूंदी राज्य का विस्तृत पद्यमय इतिहास है) जिसे इनके दत्तक पुत्र मुरारिदान ने पूर्ण किया। C. इन्होंने 1857 की क्रांति के समय वीर रस प्रधान अमर ग्रंथ 'वीर सतसई' (इला न देणी आपणी, हालरिया हुलराय...) की रचना की। D. 'बलवंत विलास', 'छंदोमयूख', 'सती रासो' और 'धातु रूपावली' इनकी अन्य प्रमुख कृतियाँ हैं। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सत्य हैं?

Aकेवल A, B और C
Bकेवल B और D
Cकेवल A, C और D
DA, B, C और D सभी

प्रश्न 120. संत चरणदास जी की सुप्रसिद्ध शिष्याओं 'दयाबाई' और 'सहजोबाई' द्वारा रचित प्रसिद्ध भक्ति ग्रंथ क्रमशः कौन-से हैं?

Aदयाबाई - 'दयाबोध' व 'विनय मालिका'; सहजोबाई - 'सहज प्रकाश'
Bदयाबाई - 'सहज प्रकाश'; सहजोबाई - 'दयाबोध'
Cदयाबाई - 'ज्ञान समुद्र'; सहजोबाई - 'भक्ति सागर'
Dदयाबाई - 'राग गोविंद'; सहजोबाई - 'सबद वाणी'

प्रश्न 121. राजस्थान के लोकदेवता बाबा रामदेवजी के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. इनका जन्म बाड़मेर जिले की शिव तहसील के उडूकासमीर गाँव में तंवर वंशीय राजपूत परिवार में हुआ था। B. ये राजस्थान के 'पंचपीरों' (गोगाजी, पाबूजी, रामदेवजी, हड़बूजी, मेहाजी) में प्रमुख हैं और मुस्लिम इन्हें 'रामसा पीर' के रूप में पूजते हैं। C. इन्होंने छुआछूत और सामाजिक भेदभाव मिटाने हेतु 'कामड़िया पंथ' की स्थापना की तथा स्वयं कवि होने के नाते 'चौबीस वाणियां' ग्रंथ रचा। D. इनका मुख्य समाधि स्थल रुणिचा (रामदेवरा, जैसलमेर) में है जहाँ प्रतिवर्ष भाद्रपद शुक्ल द्वितीया से एकादशी तक सांप्रदायिक सद्भाव का विशाल मेला भरता है। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सत्य हैं?

Aकेवल A और B
Bकेवल B, C और D
Cकेवल A, C और D
DA, B, C और D सभी

प्रश्न 122. लोकदेवता गोगाजी (जाहरपीर) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. इनका जन्म चूरू जिले के ददरेवा में चौहान राजपूत परिवार (पिता जेवर सिंह व माता बाछल दे) में हुआ था। B. इन्होंने गायों की रक्षार्थ महमूद गजनवी के विरुद्ध भीषण युद्ध किया जिससे गजनवी ने इन्हें 'जाहरपीर' (साक्षात् देवता) कहा। C. गोगामेड़ी (नोहर, हनुमानगढ़) में इनकी मुख्य समाधि है जिसका निर्माण फिरोजशाह तुगलक ने मकबरेनुमा शैली में करवाया और महाराजा गंगासिंह ने आधुनिक रूप दिया। D. जवाहर पांड्या एवं भज्जू कोटवाल इनके प्रमुख सहयोगी मित्र थे तथा कवि मेह ने 'गोगाजी का रसावला' में इनकी वीरता का वर्णन किया है। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सत्य हैं?

Aकेवल A, B और C
Bकेवल B और D
Cकेवल A, C और D
DA, B, C और D सभी

प्रश्न 123. लोकदेवता देवनारायण जी (बगड़ावत नागवंशीय गुर्जर) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. इनका जन्म आसींद (भीलवाड़ा) में माघ शुक्ल षष्ठी को हुआ था और इन्हें भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है। B. इनका मुख्य मेला प्रतिवर्ष भाद्रपद शुक्ल सप्तमी को खारी नदी के किनारे सवाई भोज (आसींद) में भरता है। C. देवनारायण जी की फड़ राजस्थान की सबसे लंबी, सबसे प्राचीन और सर्वाधिक चित्रांकन वाली फड़ है, जिसका वाचन गुर्जर भोपे 'जंतर' वाद्ययंत्र पर करते हैं। D. इनके मंदिरों में किसी मूर्ति के स्थान पर नीम की पत्तियों के साथ 'पाँच ईंटों' की पूजा की जाती है तथा 1992 में इनकी फड़ पर 5 रुपये का डाक टिकट जारी हुआ था। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सत्य हैं?

Aकेवल A, B और C
Bकेवल B और D
Cकेवल A, C और D
DA, B, C और D सभी

प्रश्न 124. लोकदेवता पाबूजी राठौड़ के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. इनका जन्म कोलू मंड (फलौदी) में हुआ था तथा इन्हें ऊंटों के देवता, प्लेग रक्षक देव और 'लक्ष्मण का अवतार' माना जाता है। B. राजस्थान में सर्वप्रथम साँड (ऊँट) लाने का श्रेय पाबूजी को है, जिसके कारण ऊँट पालक रेबारी (राईका) जाति इन्हें अपना आराध्य देव मानती है। C. पाबूजी की फड़ राजस्थान में सर्वाधिक लोकप्रिय फड़ है, जिसका वाचन नायक/भील भोपों द्वारा 'रावणहत्था' वाद्ययंत्र के साथ किया जाता है। D. देवल चारणी की गायों को जींदराव खींची से छुड़ाते हुए पाबूजी अपनी घोड़ी 'केसर कालमी' सहित देचू गाँव में वीरगति को प्राप्त हुए। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सत्य हैं?

Aकेवल A और B
Bकेवल B, C और D
Cकेवल A, C और D
DA, B, C और D सभी

प्रश्न 125. लोकदेवता हड़बूजी सांखला एवं मेहाजी मांगलिया के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. हड़बूजी का जन्म भुंडेल (नागौर) में हुआ था; ये बाबा रामदेवजी के मौसेरे भाई और गुरु बालीनाथ के शिष्य थे। B. हड़बूजी ने मारवाड़ के राव जोधा को मंडोर विजय का आशीर्वाद देकर एक कटार भेंट की थी, जिसके बाद राव जोधा ने इन्हें 'बेंगटी' (फलौदी) गाँव जागीर में दिया था। C. हड़बूजी शकुन शास्त्र के प्रकांड ज्ञाता थे और बेंगटी स्थित इनके मंदिर में इनकी 'बैलगाड़ी' (छकड़ा गाड़ी) की पूजा होती है जिससे वे पंगु गायों हेतु घास लाते थे। D. मेहाजी मांगलिया पंचपीरों में शामिल हैं जिनका मुख्य मंदिर बापणी (जोधपुर) में है और इनके घोड़े का नाम 'किरण काबरा' था। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सत्य हैं?

Aकेवल A, B और C
Bकेवल B और D
Cकेवल A, C और D
DA, B, C और D सभी

प्रश्न 126. चित्तौड़गढ़ के तीसरे साके (1567-68 ई.) में अकबर की सेना के विरुद्ध घायल जयमल राठौड़ को अपने कंधों पर बैठाकर दो तलवारों से लड़ते हुए वीरगति पाने वाले 'चार हाथों और दो सिर वाले' लोकदेवता कौन हैं?

Aवीर कल्लाजी राठौड़
Bवीर फत्ताजी
Cवीर तेजाजी
Dवीर बिग्गाजी

प्रश्न 127. लोकदेवता तल्लीनाथ जी एवं मल्लीनाथ जी के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. तल्लीनाथ जी का वास्तविक नाम गांगदेव राठौड़ था और इनका मुख्य पूजा स्थल पांचोटा (जालौर) में पंचमुखी पहाड़ी पर स्थित है। B. तल्लीनाथ जी को प्रकृति प्रेमी लोकदेवता और जहरीले कीड़ों के काटने पर उपचार हेतु पूजा जाता है तथा इनके पूजा स्थल का वन क्षेत्र 'ओरण' कहलाता है। C. मल्लीनाथ जी मारवाड़ के वीर योद्धा थे जिनका मुख्य मंदिर तिलवाड़ा (बालोतरा) में लूनी नदी के तट पर स्थित है। D. तिलवाड़ा में प्रतिवर्ष चैत्र कृष्ण एकादशी से चैत्र शुक्ल एकादशी तक राजस्थान का सबसे प्राचीन पशु मेला 'मल्लीनाथ पशु मेला' आयोजित होता है। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सत्य हैं?

Aकेवल A और B
Bकेवल B, C और D
Cकेवल A, C और D
DA, B, C और D सभी

प्रश्न 128. राजस्थान के विशिष्ट लोकदेवताओं को उनके प्रतीकों / कार्यक्षेत्रों से सुमेलित कीजिए: सूची-I (लोकदेवता): सूची-I: A. मामादेव B. हरीराम बाबा C. केसरिया कंवर जी D. देवबाबा सूची-II: 1. वर्षा के लोकदेवता, जिनकी मूर्ति नहीं बल्कि गाँव के बाहर लकड़ी का कलात्मक तोरण पूजा जाता है 2. झोरड़ा (नागौर) मंदिर, जहाँ मूर्ति के स्थान पर 'साँप की बाँबी' और चरण कमलों की पूजा होती है 3. गोगाजी के पुत्र, जिनके थान पर सफेद रंग का ध्वज फहराया जाता है और सर्पदंश का इलाज होता है 4. नंगला जहाज (भरतपुर), गवालों के पालनहार व पशु चिकित्सक लोकदेवता (वाहन: भैंसा)

AA-1, B-2, C-3, D-4
BA-2, B-1, C-4, D-3
CA-1, B-3, C-2, D-4
DA-4, B-2, C-3, D-1

प्रश्न 129. बीकानेर की प्रसिद्ध लोकदेवी 'करणी माता' (देशनोक) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. करणी माता चारण कुल में सुआप गाँव (जोधपुर) में जन्मी थीं और इनका मुख्य मंदिर देशनोक (बीकानेर) में स्थित है। B. इन्हें 'चूहों वाली देवी' कहा जाता है और मंदिर में पाए जाने वाले सफेद चूहों को 'काबा' कहते हैं, जिनका दर्शन अत्यंत शुभ माना जाता है। C. करणी माता का एक प्रतीक रूप 'सफेद चील' (संवली) भी है तथा इनकी इष्ट देवी 'तेमड़ा राय' थीं। D. राव बीका ने करणी माता के आशीर्वाद से बीकानेर राज्य की स्थापना की तथा मेहरानगढ़ दुर्ग की नींव भी करणी माता (रिद्धि बाई) के हाथों रखवाई गई थी। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सत्य हैं?

Aकेवल A, B और C
Bकेवल B और D
Cकेवल A, C और D
DA, B, C और D सभी

प्रश्न 130. राजस्थान के प्रमुख राजवंशों को उनकी संबंधित कुलदेवियों से सुमेलित कीजिए: सूची-I (कुलदेवी): सूची-I: A. शाकम्भरी माता B. बाण माता C. स्वांगिया माता D. नागणेची माता सूची-II: 1. सांभर एवं अजमेर के चौहान शासक 2. मेवाड़ के गुहिल / सिसोदिया शासक 3. जैसलमेर के यदुवंशी भाटी शासक 4. मारवाड़ (जोधपुर व बीकानेर) के राठौड़ शासक

AA-1, B-2, C-3, D-4
BA-2, B-1, C-4, D-3
CA-1, B-3, C-2, D-4
DA-4, B-2, C-3, D-1

प्रश्न 131. चाकसू (जयपुर) की 'शीतला माता' के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. शीतला माता का मुख्य मंदिर शील की डूंगरी (चाकसू, जयपुर) पर स्थित है जिसका निर्माण महाराजा सवाई माधोसिंह ने करवाया था। B. शीतला माता को बच्चों की संरक्षिका देवी ('मातृरक्षिका देवी'), 'महामाई', 'सेढ माता' और चेचक निवारक देवी के रूप में पूजा जाता है। C. इनका पूजन चैत्र कृष्ण अष्टमी (शीतलाष्टमी) को होता है और इन्हें एक दिन पूर्व बने बासी भोजन (ठंडे पकवानों) का भोग लगाया जाता है, जिसे 'बसौड़ा' कहते हैं। D. राजस्थान में शीतला माता एकमात्र ऐसी देवी हैं जिनकी खंडित प्रतिमा की पूजा की जाती है तथा इनका वाहन 'गधा' और पुजारी 'कुम्हार' जाति के होते हैं। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सत्य हैं?

Aकेवल A और B
Bकेवल B, C और D
Cकेवल A, C और D
DA, B, C और D सभी

प्रश्न 132. राजस्थान की प्रसिद्ध लोकदेवियों 'जीण माता' एवं 'कैला देवी' के संदर्भ में कौन से कथन सत्य हैं? A. जीण माता का मुख्य मंदिर काजल शिखर/हर्ष की पहाड़ी (रेवासा, सीकर) में स्थित है जहाँ राजस्थान के लोक साहित्य का सबसे लंबा लोकगीत ('चिरजा') गाया जाता है। B. जीण माता को चौहानों की इष्टदेवी और मधुमक्खियों की देवी (भंवरों वाली देवी) कहा जाता है क्योंकि इन्होंने औरंगजेब की सेना पर मधुमक्खियों का हमला करवाया था। C. कैला देवी का भव्य मंदिर करौली में कालीसिल नदी के तट पर त्रिकूट पर्वत पर स्थित है जो करौली के यदुवंशी जादौन राजवंश की कुलदेवी हैं। D. कैला देवी के मंदिर के सामने बोहरा की छतरी स्थित है तथा इनके भक्त 'लांगुरिया' गीत गाते हुए लांगुरिया नृत्य करते हैं और चैत्र शुक्ल अष्टमी को लक्खी मेला भरता है। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सत्य हैं?

Aकेवल A, B और C
Bकेवल B और D
Cकेवल A, C और D
DA, B, C और D सभी

प्रश्न 133. जसनाथी सम्प्रदाय एवं संत जसनाथ जी के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. संत जसनाथ जी का जन्म 1482 ई. में कतरियासर (बीकानेर) में हमीर जी जानी जाट के घर हुआ और इन्होंने गुरु गोरखनाथ से दीक्षा लेकर गोरखमालिया में 12 वर्ष तपस्या की। B. इन्होंने 1504 ई. में जसनाथी संप्रदाय की स्थापना की और अनुयायियों हेतु '36 आचार नियम' निर्धारित किए। C. इस संप्रदाय के लोग 'जाल वृक्ष' और 'मोर पंख' को परम पवित्र मानते हैं तथा गले में काली ऊन का धागा (कतर) पहनते हैं। D. जसनाथी संप्रदाय के सिद्ध पुरुषों द्वारा धधकते अंगारों पर 'फतेह-फतेह' का उद्घोष करते हुए किया जाने वाला 'अग्नि नृत्य' (Fire Dance) कतरियासर का विश्वप्रसिद्ध है। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सत्य हैं?

Aकेवल A और B
Bकेवल B, C और D
Cकेवल A, C और D
DA, B, C और D सभी

प्रश्न 134. बिश्नोई सम्प्रदाय एवं संत जाम्भोजी (पर्यावरण वैज्ञानिक) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. संत जाम्भोजी का जन्म 1451 ई. (भाद्रपद कृष्ण अष्टमी) को पीपासर (नागौर) में पंवार वंशीय राजपूत परिवार में हुआ था। B. इन्होंने 1485 ई. में समराथल धोरा (बीकानेर) में बिश्नोई संप्रदाय की स्थापना की और '29 नियम' (20+9 = बिश्नोई) प्रतिपादित किए। C. जीवों की रक्षा, हरे वृक्षों (विशेषकर खेजड़ी) को न काटना तथा विधवा विवाह का समर्थन इस संप्रदाय के मुख्य सिद्धांत हैं। D. जाम्भोजी के 29 नियम और 120 उपदेश 'जम्भसागर' (पंचम वेद), 'सबदवाणी' (गुरुवाणी), 'जम्भसंहिता' और 'विश्नोई धर्म प्रकाश' में संकलित हैं। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सत्य हैं?

Aकेवल A, B और C
Bकेवल B और D
Cकेवल A, C और D
DA, B, C और D सभी

प्रश्न 135. दादूपंथ (Dadu Panth) एवं संत दादू दयाल के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. संत दादू दयाल को 'राजस्थान का कबीर' कहा जाता है; इनकी प्रधान पीठ नरैना (नारायणा, जयपुर) में स्थित है। B. दादूपंथ के सत्संग स्थल को 'अलख दरीबा' कहा जाता है और इनकी वाणियाँ ढूंढाड़ी (सधुक्कड़ी) भाषा में 'दादू दयाल री वाणी' व 'दादू रा दूहा' में संकलित हैं। C. दादू दयाल के 152 शिष्यों में से 52 प्रमुख शिष्य 'दादूपंथ के 52 स्तंभ' कहलाए (जैसे संत रज्जब जी, सुंदरदास जी, गरीबदास जी, मिस्किनदास जी)। D. संत रज्जब जी (सांगानेर के पठान) दादू जी के उपदेश सुनकर विवाह के मंडप से ही आजीवन दूल्हे के वेश में रहकर भक्ति करने वाले संत थे। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सत्य हैं?

Aकेवल A और B
Bकेवल B, C और D
Cकेवल A, C और D
DA, B, C और D सभी

प्रश्न 136. चरणदासी सम्प्रदाय एवं परनामी सम्प्रदाय के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. चरणदासी संप्रदाय के प्रवर्तक संत चरणदास जी (डेहरा, अलवर में जन्मे) थे, जिनकी प्रधान पीठ दिल्ली में स्थित है और इसमें '42 नियम' हैं। B. संत चरणदास जी ने 1739 ई. में भारत पर ईरानी आक्रांता नादिरशाह के आक्रमण की ऐतिहासिक भविष्यवाणी की थी। C. परनामी संप्रदाय की स्थापना महामति प्राणनाथ जी ने की थी, जिनकी मुख्य गद्दी पन्ना (मध्य प्रदेश) तथा राजस्थान में प्रमुख केंद्र जयपुर में है। D. परनामी संप्रदाय का प्रमुख पवित्र ग्रंथ 'कुलजम स्वरूप' (कुंजलम स्वरूपम) है जिसकी मंदिरों में पूजा की जाती है। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सत्य हैं?

Aकेवल A, B और C
Bकेवल B और D
Cकेवल A, C और D
DA, B, C और D सभी

प्रश्न 137. राजस्थान के प्रमुख धार्मिक संप्रदायों को उनकी प्रधान पीठों / केंद्रों से सुमेलित कीजिए: सूची-I (धार्मिक संप्रदाय): सूची-I: A. निम्बार्क संप्रदाय (हंस संप्रदाय) B. अलखिया संप्रदाय C. गूदड़ संप्रदाय D. नवल संप्रदाय सूची-II: 1. सलेमाबाद (किशनगढ़, अजमेर) 2. बीकानेर (सुलखिया, चूरू जन्मस्थान) 3. दांतड़ा (भीलवाड़ा) 4. जोधपुर

AA-1, B-2, C-3, D-4
BA-2, B-1, C-4, D-3
CA-1, B-3, C-2, D-4
DA-4, B-2, C-3, D-1

प्रश्न 138. वागड़ के प्रसिद्ध संत मावजी एवं 'निष्कलंक सम्प्रदाय' के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. संत मावजी का जन्म साबला गाँव (डूंगरपुर) में औदीच्य ब्राह्मण परिवार में हुआ था। B. इन्होंने सोम, माही और जाखम नदियों के पवित्र त्रिवेणी संगम पर 'बेणेश्वर धाम' की स्थापना की। C. इन्होंने निष्कलंक (पवित्र) संप्रदाय की स्थापना की और इन्हें भगवान विष्णु के 10वें 'कल्कि अवतार' के रूप में पूजा जाता है। D. इनके द्वारा वागड़ी भाषा में रचित हस्तलिखित पाँच वृहद् ग्रंथ 'चोपड़ा' (Chopra) कहलाते हैं, जिनमें कलयुग के अंत और भविष्य की भविष्यवाणियाँ संकलित हैं। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सत्य हैं?

Aकेवल A और B
Bकेवल B, C और D
Cकेवल A, C और D
DA, B, C और D सभी

प्रश्न 139. राजस्थान की प्रमुख महिला संतों को उनके संबंधित क्षेत्रों/विशेषताओं से सुमेलित कीजिए: सूची-I (महिला संत): सूची-I: A. संत मीरांबाई B. संत रानाबाई C. संत गवरी बाई D. संत भूरी बाई अलख सूची-II: 1. कुड़की (ब्यावर) जन्म, मेड़ता व चित्तौड़; कृष्ण की अनन्य कांता भाव से सगुण भक्ति 2. हरनावां (नागौर) जन्म; 'राजस्थान की दूसरी मीरां', 1570 ई. में जीवित समाधि 3. डूंगरपुर; 'वागड़ की मीरां', जिनके प्रति श्रद्धा स्वरूप महारावल शिवसिंह ने बालमुकुंद मंदिर बनवाया 4. मेवाड़ (सादरगढ़, उदयपुर); निर्गुण एवं सगुण दोनों भक्ति धाराओं को अपनाने वाली संत

AA-1, B-2, C-3, D-4
BA-2, B-1, C-4, D-3
CA-1, B-3, C-2, D-4
DA-4, B-2, C-3, D-1

प्रश्न 140. राजस्थान में 'गणगौर उत्सव' (चैत्र शुक्ल तृतीया) की अनूठी क्षेत्रीय परंपराओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. गणगौर शिव (ईसर) और पार्वती (गौरी) के अमर दांपत्य प्रेम का 18 दिनों तक चलने वाला राजस्थान का सर्वाधिक गीतों वाला त्योहार है। B. जैसलमेर में केवल 'गवर' (बिना ईसर) की शाही सवारी चैत्र शुक्ल चतुर्थी को निकाली जाती है। C. नाथद्वारा (राजसमंद) में 'गुलाबी गणगौर' (चूनड़ी गणगौर) चैत्र शुक्ल पंचमी को धूमधाम से मनाई जाती है। D. जोधपुर और उदयपुर में वैशाख कृष्ण तृतीया को 'धींगा गवर' (बेंतमार गणगौर) का अनूठा उत्सव मनाया जाता है। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सत्य हैं?

Aकेवल A, B और C
Bकेवल B और D
Cकेवल A, C और D
DA, B, C और D सभी

प्रश्न 141. राजस्थान में 'तीज' के त्योहारों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. श्रावणी तीज (छोटी तीज) श्रावण शुक्ल तृतीया को मनाई जाती है, जिसे राजस्थान में त्योहारों के आगमन का सूचक माना जाता है और जयपुर की तीज माता की सवारी विख्यात है। B. कजली तीज (बड़ी तीज / सातुड़ी तीज / बूढ़ी तीज) भाद्रपद कृष्ण तृतीया को मनाई जाती है। C. बूंदी की 'कजली तीज' का मेला और भव्य जुलूस पूरे देश में प्रसिद्ध है, जो नवल सागर से शुरू होकर कुम्भा स्टेडियम तक निकलता है। D. हरितालिका तीज भाद्रपद शुक्ल तृतीया को मनाई जाती है जिसमें महिलाएँ भगवान शिव-पार्वती की बालू रेत की प्रतिमा बनाकर पूजन करती हैं। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सत्य हैं?

Aकेवल A और B
Bकेवल B, C और D
Cकेवल A, C और D
DA, B, C और D सभी

प्रश्न 142. राजस्थान में 'होली' के विभिन्न पारंपरिक व क्षेत्रीय रूपों को उनके प्रसिद्ध स्थानों से सुमेलित कीजिए: सूची-I (होली का प्रकार): सूची-I: A. कोड़ामार होली B. पत्थरमार होली C. लठमार होली D. अंगारों की होली सूची-II: 1. भिनाय (अजमेर / केकड़ी) 2. बाड़मेर 3. श्रीमहावीर जी (करौली) 4. लालसोट (दौसा) एवं केकड़ी

AA-1, B-2, C-3, D-4
BA-2, B-1, C-4, D-3
CA-1, B-3, C-2, D-4
DA-4, B-2, C-3, D-1

प्रश्न 143. राजस्थान के प्रसिद्ध ऐतिहासिक मेलों को उनके आयोजन की तिथियों व स्थानों से सुमेलित कीजिए: सूची-I (मेला): सूची-I: A. फूलडोल मेला (शाहपुरा, भीलवाड़ा) B. गोमती सागर पशु मेला (झालरापाटन, झालावाड़) C. भर्तृहरि मेला (सरिस्का, अलवर) D. खाटूश्याम जी मेला (सीकर) सूची-II: 1. चैत्र कृष्ण एकम (प्रतिपदा) से पंचमी तक (रामस्नेही पीठ) 2. वैशाख शुक्ल त्रयोदशी (तेरस) - मालवी नस्ल के पशु 3. भाद्रपद शुक्ल अष्टमी - मत्स्य प्रदेश का सबसे बड़ा लक्खी मेला 4. फाल्गुन शुक्ल एकादशी से द्वादशी तक

AA-1, B-2, C-3, D-4
BA-2, B-1, C-4, D-3
CA-1, B-3, C-2, D-4
DA-4, B-2, C-3, D-1

प्रश्न 144. राजस्थान की पारंपरिक प्रथाओं एवं सामाजिक रीति-रिवाजों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. 'मौताणा प्रथा' (Mautana) आदिवासी क्षेत्रों में किसी व्यक्ति की अप्राकृतिक/संदिग्ध मृत्यु होने पर मृत्यु स्थल के स्वामी से भारी हर्जाना (खून का मुआवजा) वसूलने की प्रथा है। B. 'दापा प्रथा' (Dapa Pratha) गरासिया व भील जनजातियों में विवाह के समय वर पक्ष द्वारा वधू पक्ष को कन्या के मूल्य के रूप में नकद राशि देने की प्रथा है। C. 'रियाण' (Riyan) पश्चिमी राजस्थान में विवाह के दूसरे दिन अथवा सामाजिक बैठकों में अफीम (मनुहार) घोलकर मेहमानों का मान-सम्मान करने की रस्म है। D. 'डावरिया प्रथा' प्राचीन काल में राजा-महाराजाओं द्वारा अपनी पुत्री के विवाह में दहेज के साथ दी जाने वाली कुँवारी दासियों की कुप्रथा थी। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सत्य हैं?

Aकेवल A और B
Bकेवल B, C और D
Cकेवल A, C और D
DA, B, C और D सभी

प्रश्न 145. राजस्थानी संस्कृति में विवाह से संबंधित प्रमुख रस्मों व भोजों को उनके सही अर्थ से सुमेलित कीजिए: सूची-I (विवाह रस्म/भोज): सूची-I: A. मुगधणा B. हीरावणी एवं कंवर कलेवा C. बढ़ार (बड़ार) D. बरोटी सूची-II: 1. विनायक स्थापना के बाद भोजन पकाने हेतु लाई जाने वाली पवित्र लकड़ियाँ 2. विवाह के दिन क्रमशः दुल्हन को पीहर पक्ष द्वारा तथा दूल्हे को ससुराल में कराया जाने वाला नाश्ता/कलेवा 3. विवाह के दूसरे दिन वर पक्ष द्वारा दिया जाने वाला मुख्य प्रीतिभोज 4. विवाह के पश्चात् ससुराल में नववधू के प्रथम स्वागत व गृहप्रवेश पर दिया जाने वाला भोज

AA-1, B-2, C-3, D-4
BA-2, B-1, C-4, D-3
CA-1, B-3, C-2, D-4
DA-4, B-2, C-3, D-1

प्रश्न 146. राजस्थान में पुरुषों के 'पगड़ी' (साफा/पाग) परिधान के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. मेवाड़ के महाराणाओं की पगड़ी बाँधने वाले विशेष राजसेवक को 'छबदार' (छाबदार) कहा जाता था। B. मेवाड़ में अटपटी, अमरशाही, उदयशाही, खंजरशाही, भीमशाही, स्वरूपशाही और शिवशाही प्रमुख पगड़ी शैलियाँ थीं। C. मारवाड़ में खिड़किया पाग, तख्तशाही, जसवंतशाही, विजयशाही और जोधपुरी साफा विख्यात हैं। D. राजस्थान में मांगलिक अवसरों पर मोठड़े की पगड़ी, श्रावण में लहरिया, दशहरे पर मदील तथा होली पर फूल-पत्ती की छपाई वाली पगड़ी पहनी जाती है। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सत्य हैं?

Aकेवल A, B और C
Bकेवल B और D
Cकेवल A, C और D
DA, B, C और D सभी

प्रश्न 147. राजस्थान में स्त्रियों द्वारा पहने जाने वाले पारंपरिक आभूषणों को उनके धारण करने वाले अंगों से सुमेलित कीजिए: सूची-I (आभूषण): सूची-I: A. टीडी भलको, मेमंद, रखड़ी, शीशफूल B. बजट्टी, पीपलपन्ना, अंगोट्या, सुरलिया, ओगण्या C. बेसरी, चूनी, चॉप, बारी, भोगली, खींव D. तिमणिया, ठुस्सी, चंपकली, हांसली, मांदलिया, कंठी सूची-II: 1. सिर / मस्तक 2. कान 3. नाक 4. गला / कंठ

AA-1, B-2, C-3, D-4
BA-2, B-1, C-4, D-3
CA-1, B-3, C-2, D-4
DA-4, B-2, C-3, D-1

प्रश्न 148. दाँत, कमर एवं पैर के प्रमुख राजस्थानी आभूषणों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. दाँतों के बीच सोने की कील जड़वाना 'चूप' कहलाता है तथा दाँत पर सोने का खोल चढ़ाना 'रखन' कहलाता है। B. कंदोरा, करधनी, तागड़ी, कणकती, मेखला और सटका (लहंगे के नेफे में अटकाया जाने वाला) कमर के आभूषण हैं। C. पैर की उंगलियों में पहना जाने वाला चाँदी का छल्ला 'फोलरी' (बिछिया) कहलाता है। D. नेवरी, झाँझर, रमझोल, नूपुर, आंवला, लंगर और पाजेब स्त्रियों के पैर/टखने के आभूषण हैं। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सत्य हैं?

Aकेवल A और B
Bकेवल B, C और D
Cकेवल A, C और D
DA, B, C और D सभी

प्रश्न 149. हाथ, कलाई एवं उंगलियों के आभूषणों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. 'दामणा' (दामनी) हाथ की दो या तीन उंगलियों में एक साथ पहना जाने वाला अंगूठियों का संयुक्त आभूषण है। B. 'अरसी' (Arsi) हाथ के अँगूठे में पहनी जाने वाली शीशे (आईने) जड़ी हुई बड़ी अंगूठी है। C. गोखरू, कंकण, नोगरी, बंगड़ी, चांट, आंवळा और गजरा स्त्रियों की कलाई/हाथ के आभूषण हैं। D. बाजूबंद, टड्डा, अणत (अनंत), केयूर और खांच स्त्रियों की बाँह (भुजा) के आभूषण हैं। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सत्य हैं?

Aकेवल A, B और C
Bकेवल B और D
Cकेवल A, C और D
DA, B, C और D सभी

प्रश्न 150. राजस्थान की जनजातीय वेशभूषा (भील, गरासिया एवं सहरिया) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. भील पुरुषों द्वारा सिर पर बाँधा जाने वाला साफा 'पोत्या', तंग धोती 'ढेपाड़ा' तथा कमर पर लपेटी जाने वाली लंगोटी 'खोयतू' कहलाती है। B. भील महिलाओं द्वारा घुटनों तक पहना जाने वाला लाल या काले रंग का घाघरा 'काछाबू' (Kachhabu) कहलाता है। C. सहरिया पुरुषों का साफा 'खपटा', पूरी बाँह की कमीज 'सलूका' तथा घुटने तक की तंग धोती 'पंछा' कहलाती है। D. गरासिया पुरुषों की कमीज 'पुठियों' तथा महिलाओं की कुर्ती 'झूलकी' कहलाती है। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सत्य हैं?

Aकेवल A, B और C
Bकेवल B और D
Cकेवल A, C और D
DA, B, C और D सभी