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भारतीय संविधान राजव्यवस्था INDIA POLITY TOP 150 QUESTIONS — GK & GS Paper
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भारतीय संविधान राजव्यवस्था INDIA POLITY TOP 150 QUESTIONS
GK & GS Paper | New India Education (NIEd)
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27/8/2026
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भारतीय संविधान राजव्यवस्था INDIA POLITY TOP 150 QUESTIONS — GK & GS PaperSolved MCQ Questions with Answers & Explanation

🗓️ 27/8/2026  |  📝 150 प्रश्न  |  🏆 150 अंक

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प्रश्न 1. भारत में संविधान सभा के गठन का विचार सर्वप्रथम 1934 में किसके द्वारा प्रस्तुत किया गया था?

Aमहात्मा गांधी
Bजवाहरलाल नेहरू
Cएम. एन. रॉय
Dडॉ. बी. आर. अंबेडकर

प्रश्न 2. संविधान सभा की प्रथम बैठक एवं उसकी प्रारंभिक कार्यवाहियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. संविधान सभा की प्रथम बैठक 9 दिसंबर 1946 को काउंसिल चैंबर के पुस्तकालय भवन में आयोजित हुई थी। B. मुस्लिम लीग ने इस बैठक का बहिष्कार किया और अलग पाकिस्तान की मांग पर बल दिया। C. फ्रांसीसी परंपरा के अनुसार सभा के सबसे वरिष्ठ सदस्य डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा को अस्थायी अध्यक्ष चुना गया था। D. 13 दिसंबर 1946 को डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने ऐतिहासिक 'उद्देश्य प्रस्ताव' (Objective Resolution) प्रस्तुत किया था।

Aकेवल A, B और C
Bकेवल B, C और D
Cकेवल A और C
DA, B, C एवं D सभी

प्रश्न 3. संविधान सभा की प्रमुख समितियों और उनके संबंधित अध्यक्षों के संबंध में निम्नलिखित का मिलान कीजिए: सूची-I (समिति): सूची-I: A. प्रारूप समिति (Drafting Committee) B. संघ शक्ति समिति (Union Powers Committee) C. प्रांतीय संविधान समिति (Provincial Constitution Committee) D. प्रक्रिया नियम समिति (Rules of Procedure Committee) सूची-II: 1. पंडित जवाहरलाल नेहरू 2. डॉ. बी. आर. अंबेडकर 3. डॉ. राजेंद्र प्रसाद 4. सरदार वल्लभभाई पटेल

AA-2, B-1, C-4, D-3
BA-1, B-2, C-3, D-4
CA-2, B-4, C-1, D-3
DA-4, B-1, C-2, D-3

प्रश्न 4. भारतीय संविधान के निर्माण, अंगीकरण और प्रवर्तन से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. संविधान के निर्माण में कुल 2 वर्ष, 11 माह और 18 दिन का समय लगा था। B. 26 नवंबर 1949 को संविधान सभा द्वारा संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित किया गया। C. 24 जनवरी 1950 को संविधान सभा की अंतिम बैठक में राष्ट्रगान एवं राष्ट्रगीत को अपनाया गया था। D. नागरिकता, निर्वाचन और अंतरिम संसद से जुड़े उपबंध 26 जनवरी 1950 को लागू किए गए थे।

Aकेवल A, B और C
Bकेवल B, C और D
Cकेवल A और D
DA, B, C एवं D सभी

प्रश्न 5. 29 अगस्त 1947 को गठित सात सदस्यीय प्रारूप समिति (Drafting Committee) में निम्नलिखित में से कौन सदस्य के रूप में शामिल नहीं थे?

Aअल्लादि कृष्णास्वामी अय्यर
Bके. एम. मुंशी
Cपट्टाभि सीतारमैया
Dएन. गोपालस्वामी अय्यंगार

प्रश्न 6. संविधान सभा के स्वरूप और संरचना के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. संविधान सभा के सदस्य प्रांतीय विधानसभाओं द्वारा अप्रत्यक्ष रूप से एकल संक्रमणीय मत द्वारा चुने गए थे। B. यह निकाय पूर्णतः प्रत्यक्ष वयस्क मताधिकार पर आधारित निर्वाचित निकाय था। C. संविधान सभा में देशी रियासतों के प्रतिनिधियों को रियासतों के प्रमुखों द्वारा मनोनीत किया गया था। D. संविधान सभा में कुल 15 महिला सदस्य शामिल थीं।

Aकेवल A, C और D
Bकेवल B, C और D
Cकेवल A और B
DA, B, C एवं D सभी

प्रश्न 7. भारतीय संविधान के स्रोतों और विभिन्न देशों के संविधानों से ग्रहण किए गए उपबंधों का सही मिलान कीजिए: सूची-I (संवैधानिक प्रावधान): सूची-I: A. राज्य के नीति निदेशक तत्व (DPSP) B. मौलिक अधिकार एवं न्यायिक समीक्षा C. समवर्ती सूची एवं संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक D. आपातकाल के समय मूल अधिकारों का स्थगन सूची-II: 1. संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) 2. आयरलैंड 3. जर्मनी (वाइमर संविधान) 4. ऑस्ट्रेलिया

AA-2, B-1, C-4, D-3
BA-1, B-2, C-3, D-4
CA-2, B-4, C-1, D-3
DA-3, B-1, C-4, D-2

प्रश्न 8. 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 और प्रस्तावना के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. 42वें संविधान संशोधन द्वारा प्रस्तावना में 'समाजवादी', 'पंथनिरपेक्ष' और 'अखंडता' शब्द जोड़े गए थे। B. भारतीय संविधान की प्रस्तावना में अब तक केवल एक बार संशोधन किया गया है। C. प्रस्तावना को संविधान के लागू होने से पहले ही अंगीकृत कर लिया गया था। D. प्रस्तावना विधायिका की शक्तियों का स्रोत नहीं है और न ही उस पर प्रतिबंध लगाती है।

Aकेवल A, B और D
Bकेवल B, C और D
Cकेवल A और C
DA, B, C एवं D सभी

प्रश्न 9. भारतीय संविधान की प्रस्तावना में प्रयुक्त भारत की प्रकृति को दर्शाने वाले शब्दों का सही क्रमिक विन्यास कौन सा है?

Aसंप्रभुत्वसंपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक, गणराज्य
Bसंप्रभुत्वसंपन्न, पंथनिरपेक्ष, समाजवादी, लोकतंत्रात्मक, गणराज्य
Cसमाजवादी, संप्रभुत्वसंपन्न, पंथनिरपेक्ष, गणराज्य, लोकतंत्रात्मक
Dसंप्रभुत्वसंपन्न, लोकतंत्रात्मक, पंथनिरपेक्ष, समाजवादी, गणराज्य

प्रश्न 10. प्रस्तावना की संवैधानिक स्थिति और संबंधित ऐतिहासिक वादों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. बेरुबारी संघ वाद (1960) में सर्वोच्च न्यायालय ने मत दिया था कि प्रस्तावना संविधान का अंग नहीं है। B. केशवानंद भारती वाद (1973) में सर्वोच्च न्यायालय ने पूर्व मत को पलटते हुए प्रस्तावना को संविधान का अभिन्न अंग स्वीकार किया। C. एल.आई.सी. ऑफ इंडिया वाद (1995) में भी न्यायालय ने पुनः माना कि प्रस्तावना संविधान का आंतरिक भाग है। D. प्रस्तावना के प्रावधान न्यायालय द्वारा सीधे तौर पर प्रवर्तनीय (Justiciable) हैं।

Aकेवल A, B और C
Bकेवल B, C और D
Cकेवल A और D
DA, B, C एवं D सभी

प्रश्न 11. भारतीय संविधान की प्रस्तावना में वर्णित 'न्याय' और 'स्वतंत्रता, समानता व बंधुत्व' के आदर्श क्रमशः किन ऐतिहासिक क्रांतियों से प्रेरित हैं?

Aअमेरिकी क्रांति एवं गौरवपूर्ण क्रांति (ब्रिटेन)
B1917 की रूसी क्रांति एवं 1789 की फ्रांसीसी क्रांति
Cफ्रांसीसी क्रांति एवं रूसी क्रांति
D1776 की अमेरिकी क्रांति एवं 1911 की चीनी क्रांति

प्रश्न 12. भारतीय नागरिकता अधिनियम, 1955 के अंतर्गत नागरिकता अर्जन (Acquisition) के तरीकों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. नागरिकता अधिनियम 1955 नागरिकता प्राप्त करने के पांच आधार प्रदान करता है: जन्म, वंश, पंजीकरण, देशीयकरण और क्षेत्र समाविष्टि। B. पंजीकरण द्वारा नागरिकता प्राप्त करने के लिए सामान्यतः आवेदन से पूर्व कम से कम 7 वर्ष तक भारत में निवास अनिवार्य है। C. देशीयकरण (Naturalization) का प्रमाण पत्र केवल उन व्यक्तियों को दिया जा सकता है जो संविधान की 8वीं अनुसूची में शामिल किसी एक भाषा का अच्छा ज्ञान रखते हों। D. यदि कोई नया विदेशी भूभाग भारत का हिस्सा बनता है, तो उस क्षेत्र के सभी निवासी स्वतः अमेरिकी तर्ज पर दोहरी नागरिकता प्राप्त कर लेते हैं।

Aकेवल A, B और C
Bकेवल B, C और D
Cकेवल A और D
DA, B, C एवं D सभी

प्रश्न 13. भारतीय नागरिकता अधिनियम, 1955 के तहत नागरिकता की समाप्ति (Loss of Citizenship) के प्रावधानों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. नागरिकता का स्वैच्छिक त्याग (Renunciation) करने पर उस व्यक्ति के प्रत्येक अवयस्क बच्चे की भारतीय नागरिकता भी समाप्त हो जाती है। B. किसी भारतीय नागरिक द्वारा स्वेच्छा से अन्य देश की नागरिकता ग्रहण करने पर उसकी भारतीय नागरिकता स्वतः समाप्त (Termination) हो जाती है। C. यदि नागरिकता कपट, जालसाजी या संविधान के प्रति अनादर प्रदर्शित करके प्राप्त की गई हो, तो केंद्र सरकार उसे नागरिकता से वंचित (Deprivation) कर सकती है। D. युद्ध के दौरान शत्रु देश के साथ गैर-कानूनी व्यापार या संपर्क करने पर नागरिकता से वंचित नहीं किया जा सकता।

Aकेवल A, B और C
Bकेवल B, C और D
Cकेवल A और D
DA, B, C एवं D सभी

प्रश्न 14. भारतीय संविधान के भाग-II (अनुच्छेद 5 से 11) और एकल नागरिकता के संदर्भ में कौन सा कथन सत्य है?

Aसंविधान में भविष्य की नागरिकता अर्जन और समाप्ति के लिए विस्तृत और स्थायी नियम बनाए गए हैं।
Bअनुच्छेद 11 के तहत संसद को नागरिकता के अधिकार का विधि द्वारा विनियमन करने की पूर्ण शक्ति प्रदान की गई है।
Cभारत अमेरिका और स्विट्जरलैंड की तरह केंद्र और राज्यों की दोहरी नागरिकता की व्यवस्था करता है।
Dसंविधान लागू होने के समय नागरिकता से संबंधित मामलों का निर्धारण अनुच्छेद 368 के तहत किया गया था।

प्रश्न 15. प्रवासी भारतीय नागरिकता (OCI Cardholder) योजना के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. OCI कार्डधारकों को भारत में प्रवेश के लिए बहु-प्रवेश, बहुउद्देश्यीय आजीवन वीजा प्राप्त होता है। B. OCI कार्डधारक भारत में किसी भी चुनाव में मतदान करने और संवैधानिक पदों (जैसे राष्ट्रपति, न्यायाधीश) को धारण करने के हकदार होते हैं। C. 2015 के नागरिकता (संशोधन) अधिनियम द्वारा PIO (भारतीय मूल के व्यक्ति) योजना को OCI योजना में विलय कर दिया गया। D. OCI कार्डधारक भारत में कृषि भूमि या बागान संपत्ति (Agricultural land/Plantation property) स्वतंत्र रूप से नहीं खरीद सकते।

Aकेवल A, C और D
Bकेवल B, C और D
Cकेवल A और B
DA, B, C एवं D सभी

प्रश्न 16. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 12 और 13 के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. अनुच्छेद 12 के अंतर्गत 'राज्य' की परिभाषा में भारत की संसद, सरकार, राज्य विधानमंडल तथा सभी स्थानीय एवं अन्य प्राधिकारी शामिल हैं। B. उच्चतम न्यायालय के अनुसार कोई भी निजी निकाय या एजेंसी जो राज्य के अभिकरण के रूप में कार्य कर रही हो, अनुच्छेद 12 के तहत राज्य है। C. अनुच्छेद 13 घोषित करता है कि मूल अधिकारों से असंगत या उनका अल्पीकरण करने वाली सभी विधियां शून्य होंगी। D. अनुच्छेद 13 के अंतर्गत 'विधि' शब्द में केवल संसद द्वारा पारित स्थायी कानून शामिल हैं, अध्यादेश या उप-विधियां शामिल नहीं हैं।

Aकेवल A, B और C
Bकेवल B, C और D
Cकेवल A और D
DA, B, C एवं D सभी

प्रश्न 17. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. 'विधि के समक्ष समता' (Equality before law) की अवधारणा ब्रिटिश परंपरा से ली गई है और यह एक नकारात्मक अवधारणा है। B. 'विधियों का समान संरक्षण' (Equal protection of laws) की अवधारणा अमेरिकी संविधान से प्रेरित है और यह एक सकारात्मक अवधारणा है। C. अनुच्छेद 14 पूर्ण और अनियंत्रित समानता की बात करता है तथा किसी भी प्रकार के विधायी वर्गीकरण पर पूर्ण रोक लगाता है। D. अनुच्छेद 14 में निहित 'विधि का शासन' (Rule of Law) संविधान के 'मूल ढांचे' का हिस्सा है जिसे संशोधित नहीं किया जा सकता।

Aकेवल A, B और D
Bकेवल B, C और D
Cकेवल A और C
DA, B, C एवं D सभी

प्रश्न 18. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 15 (धर्म, मूलवंश, जाति, लिंग या जन्मस्थान के आधार पर विभेद का प्रतिषेध) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. अनुच्छेद 15 (1) केवल नागरिकों को प्राप्त है और यह राज्य को केवल 5 आधारों पर नागरिकों के मध्य विभेद करने से रोकता है। B. अनुच्छेद 15(3) राज्य को महिलाओं और बच्चों के लिए विशेष कल्याणकारी प्रावधान करने की अनुमति देता है। C. अनुच्छेद 15(4) और 15 (5) सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों (SEBC), SC और ST के लिए विशेष प्रावधान और उच्च शिक्षण संस्थानों में आरक्षण से संबंधित हैं। D. 103वें संविधान संशोधन अधिनियम (2019) द्वारा अनुच्छेद 15 (6) जोड़कर आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (EWS) के लिए 10% आरक्षण का प्रावधान किया गया।

AA, B, C एवं D सभी
Bकेवल A, B और C
Cकेवल B, C और D
Dकेवल A और D

प्रश्न 19. अनुच्छेद 16 (लोक नियोजन के विषय में अवसर की समता) और इंद्रा साहनी वाद (1992) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. अनुच्छेद 16(2) के अनुसार राज्य के अधीन किसी पद पर नियोजन में धर्म, मूलवंश, जाति, लिंग, उद्भव, जन्मस्थान या निवास के आधार पर भेदभाव नहीं किया जाएगा। B. इंद्रा साहनी वाद (मण्डल वाद, 1992) में सर्वोच्च न्यायालय ने OBC के लिए 27% आरक्षण को वैध ठहराया, लेकिन 'क्रीमी लेयर' को बाहर करने का निर्देश दिया। C. सर्वोच्च न्यायालय ने निर्णय दिया कि विशेष परिस्थितियों को छोड़कर आरक्षण की कुल सीमा 50% से अधिक नहीं होनी चाहिए। D. उच्चतम न्यायालय ने इंद्रा साहनी मामले में स्पष्ट किया कि पदोन्नति में आरक्षण (Reservation in Promotions) अनिवार्य रूप से लागू रहेगा।

Aकेवल A, B और C
Bकेवल B, C और D
Cकेवल A और D
DA, B, C एवं D सभी

प्रश्न 20. समता के अधिकार से संबंधित अनुच्छेदों और उनके मुख्य संवैधानिक प्रावधानों का सही मिलान कीजिए: सूची-I (अनुच्छेद): सूची-I: A. अनुच्छेद 14 B. अनुच्छेद 16 C. अनुच्छेद 17 D. अनुच्छेद 18 सूची-II: 1. अस्पृश्यता का पूर्ण उन्मूलन और किसी भी रूप में इसके आचरण का निषेध 2. राज्य के अधीन पदों पर लोक नियोजन में अवसर की समता 3. सेना और विद्या संबंधी उपाधियों को छोड़कर अन्य सभी उपाधियों का अंत 4. विधि के समक्ष समता और विधियों का समान संरक्षण

AA-4, B-2, C-1, D-3
BA-2, B-4, C-1, D-3
CA-4, B-1, C-2, D-3
DA-3, B-2, C-1, D-4

प्रश्न 21. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19 द्वारा प्रदत्त छह स्वतंत्रताओं और उन पर आरोपित युक्तियुक्त प्रतिबंधों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. अनुच्छेद 19 केवल भारत के नागरिकों को प्राप्त है, यह विदेशियों या कानूनी व्यक्तियों (कंपनियों) को प्राप्त नहीं है। B. वाक् एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता [19(1)(a)] पर भारत की संप्रभुता, सुरक्षा, विदेशी राज्यों से मैत्रीपूर्ण संबंध, लोक व्यवस्था, शिष्टाचार, न्यायालय की अवमानना आदि 8 आधारों पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है। C. 97वें संविधान संशोधन अधिनियम (2011) द्वारा अनुच्छेद 19(1)(c) में 'सहकारी समितियां' (Co-operative Societies) बनाने का अधिकार जोड़ा गया था। D. नागरिकों को बिना किसी पूर्व सूचना या प्रतिबंध के किसी भी समय और स्थान पर हथियार सहित शांतिपूर्ण सम्मेलन करने का असीमित मौलिक अधिकार है।

Aकेवल A, B और C
Bकेवल B, C और D
Cकेवल A और D
DA, B, C एवं D सभी

प्रश्न 22. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 20 (अपराधों के लिए दोषसिद्धि के संबंध में संरक्षण) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. कार्योत्तर विधियों से संरक्षण (Ex-post facto law) केवल आपराधिक कानूनों पर लागू होता है, दीवानी (Civil) या कर (Tax) कानूनों पर नहीं। B. दोहरे दंड से संरक्षण (Double Jeopardy) का अर्थ है कि किसी व्यक्ति को एक ही अपराध के लिए एक से अधिक बार अभियोजित और दंडित नहीं किया जाएगा। C. दोहरे दंड से संरक्षण की सुविधा विभागीय या प्रशासनिक जांचों में लागू नहीं होती, यह केवल न्यायालयों या न्यायिक न्यायाधिकरणों के समक्ष प्राप्त है। D. आत्म-अभिशंसन से संरक्षण (Self-incrimination) के तहत किसी आरोपी को अपने ही विरुद्ध गवाह बनने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता, और यह संरक्षण केवल दीवानी मामलों में उपलब्ध है।

Aकेवल A, B और C
Bकेवल B, C और D
Cकेवल A और D
DA, B, C एवं D सभी

प्रश्न 23. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 (प्राण और दैहिक स्वतंत्रता का संरक्षण) और संबंधित ऐतिहासिक न्यायिक निर्णयों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. ए. के. गोपालन वाद (1950) में सर्वोच्च न्यायालय ने अनुच्छेद 21 की संकीर्ण व्याख्या करते हुए केवल 'विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया' पर बल दिया था। B. मेनका गांधी वाद (1978) में न्यायालय ने गोपालन निर्णय को पलटते हुए स्थापित किया कि प्रक्रिया केवल औपचारिक नहीं, बल्कि 'उचित, न्यायसंगत और तर्कसंगत' (Due Process of Law) होनी चाहिए। C. के. एस. पुट्टास्वामी बनाम भारत संघ वाद (2017) में सर्वोच्च न्यायालय की 9-न्यायाधीशों की पीठ ने 'निजता के अधिकार' (Right to Privacy) को अनुच्छेद 21 के तहत मूल अधिकार घोषित किया। D. 44वें संविधान संशोधन (1978) के बाद राष्ट्रीय आपातकाल (अनुच्छेद 352) के दौरान भी अनुच्छेद 20 और 21 को किसी भी परिस्थिति में निलंबित नहीं किया जा सकता।

AA, B, C एवं D सभी
Bकेवल A, B और C
Cकेवल B, C और D
Dकेवल A और D

प्रश्न 24. शिक्षा के अधिकार (Right to Education - RTE) और अनुच्छेद 21A के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. 86वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2002 द्वारा संविधान में अनुच्छेद 21A जोड़कर 6 से 14 वर्ष के बच्चों के लिए निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा को मौलिक अधिकार बनाया गया। B. मोहिनी जैन वाद (1992) और उन्नीकृष्णन वाद (1993) ने शिक्षा के अधिकार को मौलिक अधिकार के रूप में स्थापित करने की न्यायिक पृष्ठभूमि तैयार की थी। C. इस अधिकार को प्रभावी बनाने के लिए संसद द्वारा 'निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम, 2009' (RTE Act) पारित किया गया जो 1 अप्रैल 2010 से लागू हुआ। D. अनुच्छेद 21A उच्च शिक्षा और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में भी सभी नागरिकों को राज्य के खर्चे पर निःशुल्क शिक्षा की संवैधानिक गारंटी देता है।

Aकेवल A, B और C
Bकेवल B, C और D
Cकेवल A और D
DA, B, C एवं D सभी

प्रश्न 25. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 22 (कुछ दशाओं में गिरफ्तारी और निरोध से संरक्षण) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. दंडात्मक निरोध (Punitive Detention) के तहत गिरफ्तार व्यक्ति को गिरफ्तारी के कारणों को जानने और अपने वकील से परामर्श करने का अधिकार है। B. गिरफ्तार व्यक्ति को यात्रा के समय को छोड़कर 24 घंटे के भीतर निकटतम मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत किया जाना अनिवार्य है। C. निवारक निरोध (Preventive Detention) के तहत किसी व्यक्ति को बिना किसी औपचारिक मुकदमे के केवल अपराध की आशंका के आधार पर हिरासत में लिया जा सकता है। D. निवारक निरोध कानून के अंतर्गत किसी व्यक्ति को सलाहकार बोर्ड की अनुमति के बिना सामान्यतः अधिकतम 1 वर्ष तक हिरासत में रखा जा सकता है।

Aकेवल A, B और C
Bकेवल B, C और D
Cकेवल A और D
DA, B, C एवं D सभी

प्रश्न 26. शोषण के विरुद्ध अधिकार (अनुच्छेद 23 एवं 24) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. अनुच्छेद 23 मानव के दुर्व्यापार (Human Trafficking), बेगार तथा इसी प्रकार के अन्य बलात् श्रम का प्रतिषेध करता है। B. अनुच्छेद 23 का उल्लंघन कानून के अनुसार एक दंडनीय अपराध है, और यह अधिकार राज्य तथा निजी व्यक्तियों दोनों के विरुद्ध प्राप्त है। C. अनुच्छेद 23 राज्य को सार्वजनिक प्रयोजनों (जैसे अनिवार्य सैन्य सेवा या सामाजिक सेवा) के लिए अनिवार्य सेवा अधिरोपित करने से नहीं रोकता। D. अनुच्छेद 24 किसी कारखाने, खान अथवा अन्य परिसंकटमय (Hazardous) गतिविधियों में 18 वर्ष से कम आयु के बालकों के नियोजन पर पूर्ण रोक लगाता है।

Aकेवल A, B और C
Bकेवल B, C और D
Cकेवल A और D
DA, B, C एवं D सभी

प्रश्न 27. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 25 (धर्म की स्वतंत्रता का अधिकार) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. अनुच्छेद 25 अंतःकरण की स्वतंत्रता तथा धर्म को अबाध रूप से मानने, आचरण करने और प्रचार करने की स्वतंत्रता देता है। B. 'धर्म के प्रचार के अधिकार' में किसी अन्य व्यक्ति का जबरन या प्रलोभन देकर धर्मांतरण कराने का अधिकार भी शामिल है। C. अनुच्छेद 25 के तहत प्रदत्त धार्मिक स्वतंत्रता 'लोक व्यवस्था', 'सदाचार' और 'स्वास्थ्य' तथा भाग III के अन्य उपबंधों के अधीन है। D. सिखों द्वारा कृपाण धारण करना और लेकर चलना अनुच्छेद 25 के स्पष्टीकरण के तहत सिख धर्म के मानने का अंग समझा जाता है।

Aकेवल A, C और D
Bकेवल B, C और D
Cकेवल A और B
DA, B, C एवं D सभी

प्रश्न 28. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 26, 27 और 28 में निहित धार्मिक अधिकारों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. अनुच्छेद 26 धार्मिक संप्रदायों को धार्मिक एवं पूर्त (Charitable) संस्थाओं की स्थापना, अपने कार्यों के प्रबंधन और संपत्ति अर्जन का सामूहिक अधिकार देता है। B. अनुच्छेद 27 राज्य को किसी विशिष्ट धर्म या संप्रदाय की अभिवृद्धि या पोषण के लिए कर (Tax) लगाने से पूरी तरह रोकता है। C. अनुच्छेद 27 कर लगाने पर रोक लगाता है, लेकिन धर्मनिरपेक्ष प्रशासन या तीर्थयात्रियों की सुविधाओं के लिए 'शुल्क' (Fee) लगाने पर रोक नहीं लगाता। D. पूर्णतः राज्य निधि से पोषित किसी भी शिक्षण संस्थान में कोई भी धार्मिक शिक्षा नहीं दी जा सकती।

AA, B, C एवं D सभी
Bकेवल A, B और C
Cकेवल B, C और D
Dकेवल A और D

प्रश्न 29. संस्कृति एवं शिक्षा संबंधी अधिकारों (अनुच्छेद 29 एवं 30) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. भारतीय संविधान स्पष्ट रूप से केवल दो प्रकार के अल्पसंख्यकों-धार्मिक और भाषायी अल्पसंख्यकों को मान्यता देता है। B. अनुच्छेद 29(1) भारत के राज्यक्षेत्र में रहने वाले नागरिकों के किसी भी वर्ग को अपनी विशिष्ट भाषा, लिपि या संस्कृति को बनाए रखने का अधिकार देता है। C. अनुच्छेद 30 केवल धार्मिक और भाषायी अल्पसंख्यकों को अपनी पसंद की शिक्षण संस्थाओं की स्थापना और प्रशासन का अधिकार देता है। D. संविधान के अनुच्छेद 30 में 'अल्पसंख्यक' (Minority) शब्द की विस्तृत और स्पष्ट परिभाषा दी गई है।

Aकेवल A, B और C
Bकेवल B, C और D
Cकेवल A और D
DA, B, C एवं D सभी

प्रश्न 30. मूल अधिकारों के प्रमुख अनुच्छेदों और उनसे संबंधित कानूनी प्रावधानों का सही मिलान कीजिए: सूची-I (विषय): सूची-I: A. उपाधियों का अंत (Abolition of Titles) B. विचार एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता (Freedom of Speech) C. धार्मिक कार्यों के प्रबंध की स्वतंत्रता (Manage Religious Affairs) D. अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों की स्थापना का अधिकार (Minority Educational Institutions) सूची-II: 1. अनुच्छेद 19(1)(a) 2. अनुच्छेद 18 3. अनुच्छेद 30(1) 4. अनुच्छेद 26

AA-2, B-1, C-4, D-3
BA-1, B-2, C-3, D-4
CA-2, B-4, C-1, D-3
DA-4, B-1, C-2, D-3

प्रश्न 31. भारतीय संविधान में 'संपत्ति के अधिकार' के क्रमिक विकास और वर्तमान संवैधानिक स्थिति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. मूल संविधान में संपत्ति का अधिकार अनुच्छेद 19(1)(f) और अनुच्छेद 31 के तहत एक मौलिक अधिकार था। B. 44वें संविधान संशोधन अधिनियम (1978) द्वारा इसे मौलिक अधिकारों की सूची से पूर्णतः हटा दिया गया। C. वर्तमान में संपत्ति का अधिकार संविधान के भाग XII में अनुच्छेद 300A (300क) के तहत एक विधिक/संवैधानिक अधिकार है। D. संपत्ति के अधिकार के हनन की स्थिति में पीड़ित नागरिक अनुच्छेद 32 के तहत सीधे सर्वोच्च न्यायालय में रिट याचिका दायर कर सकता है।

Aकेवल A, B और C
Bकेवल B, C और D
Cकेवल A और D
DA, B, C एवं D सभी

प्रश्न 32. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 32 (संवैधानिक उपचारों का अधिकार) और अनुच्छेद 226 के तुलनात्मक क्षेत्राधिकार के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. डॉ. बी. आर. अंबेडकर ने अनुच्छेद 32 को 'संविधान की आत्मा और उसका हृदय' (Heart and Soul of the Constitution) कहा था। B. अनुच्छेद 32 स्वयं में एक मौलिक अधिकार है, जबकि अनुच्छेद 226 एक संवैधानिक शक्ति है, मौलिक अधिकार नहीं। C. सर्वोच्च न्यायालय (अनुच्छेद 32) का रिट क्षेत्राधिकार उच्च न्यायालय (अनुच्छेद 226) की तुलना में अधिक व्यापक है। D. उच्चतम न्यायालय केवल मौलिक अधिकारों के प्रवर्तन के लिए रिट जारी कर सकता है, जबकि उच्च न्यायालय मूल अधिकारों के साथ-साथ अन्य विधिक अधिकारों के लिए भी रिट जारी कर सकता है।

Aकेवल A, B और D
Bकेवल B, C और D
Cकेवल A और C
DA, B, C एवं D सभी

प्रश्न 33. न्यायालय द्वारा जारी की जाने वाली पांचों संवैधानिक रिटों और उनके शाब्दिक अर्थ तथा प्रयोजनों का सही मिलान कीजिए: सूची-I (रिट): सूची-I: A. बंदी प्रत्यक्षीकरण (Habeas Corpus) B. परमादेश (Mandamus) C. प्रतिषेध (Prohibition) D. अधिकारपृच्छा (Quo-Warranto) सूची-II: 1. 'हम आदेश देते हैं' - सार्वजनिक कर्तव्यों के पालन हेतु अधिकारी के विरुद्ध 2. 'शरीर को प्रस्तुत किया जाए' - किसी व्यक्ति को अवैध हिरासत से मुक्त कराने हेतु 3. 'किस अधिकार या वारंट से' - किसी व्यक्ति द्वारा अवैध रूप से सार्वजनिक पद धारण करने की जांच हेतु 4. 'रोकना / मना करना' - अधीनस्थ न्यायालय को अपने क्षेत्राधिकार से बाहर जाने से रोकने हेतु

AA-2, B-1, C-4, D-3
BA-1, B-2, C-3, D-4
CA-2, B-4, C-1, D-3
DA-4, B-1, C-2, D-3

प्रश्न 34. न्यायालय द्वारा जारी 'परमादेश' (Writ of Mandamus) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. परमादेश का उपयोग किसी भी सार्वजनिक अधिकारी को उसके विधिक और संवैधानिक दायित्वों को पूरा करने के लिए बाध्य करने हेतु किया जाता है। B. यह रिट भारत के राष्ट्रपति और राज्यों के राज्यपालों के विरुद्ध उनके पदीय कर्तव्यों के निर्वहन के लिए जारी नहीं की जा सकती। C. यह रिट किसी निजी व्यक्ति, निजी संस्था या गैर-सांविधिक निजी निकाय के विरुद्ध सामान्यतः जारी नहीं की जा सकती। D. यह रिट ऐसे संविदात्मक दायित्वों (Contractual obligations) को लागू कराने के लिए अनिवार्य रूप से जारी की जाती है जिनका कोई वैधानिक आधार नहीं है।

Aकेवल A, B और C
Bकेवल B, C और D
Cकेवल A और D
DA, B, C एवं D सभी

प्रश्न 35. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 33, 34 और 35 में उल्लिखित विशिष्ट प्रतिबंधात्मक प्रावधानों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. अनुच्छेद 33 संसद को यह शक्ति देता है कि वह कानून बनाकर सशस्त्र बलों, अर्धसैनिक बलों और पुलिस के सदस्यों के मौलिक अधिकारों को सीमित या समाप्त कर सकती है। B. अनुच्छेद 33 के तहत केवल संसद कानून बना सकती है, राज्य विधानमंडलों को ऐसा कोई कानून बनाने की शक्ति नहीं है। C. अनुच्छेद 34 के अनुसार जब किसी क्षेत्र में 'मार्शल लॉ' (सैन्य शासन) लागू हो, तो संसद विधि द्वारा सरकारी कर्मचारियों के कृत्यों को क्षतिपूर्ति (Indemnify) प्रदान कर सकती है। D. भारतीय संविधान में 'मार्शल लॉ' (Martial Law) शब्द की स्पष्ट और विस्तृत परिभाषा अनुच्छेद 34 में दी गई है।

Aकेवल A, B और C
Bकेवल B, C और D
Cकेवल A और D
DA, B, C एवं D सभी

प्रश्न 36. राज्य के नीति निदेशक तत्वों (DPSP - भाग IV, अनुच्छेद 36 से 51) के दार्शनिक आधार और प्रकृति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. DPSP का मुख्य उद्देश्य देश में राजनीतिक प्रजातंत्र के साथ-साथ 'सामाजिक और आर्थिक प्रजातंत्र' की स्थापना करना तथा एक 'लोक कल्याणकारी राज्य' का निर्माण करना है। B. नीति निदेशक तत्व आयरलैंड के संविधान (1937) से प्रेरित हैं, जिसने इन्हें स्पेन के संविधान से ग्रहण किया था। C. संविधान का अनुच्छेद 37 स्पष्ट रूप से घोषणा करता है कि ये तत्व किसी न्यायालय द्वारा प्रवर्तनीय (Non-justiciable) नहीं हैं, किंतु देश के शासन में मूलभूत हैं। D. प्रो. के. टी. शाह ने DPSP की गैर-प्रवर्तनीय प्रकृति पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि "यह एक ऐसा चेक है जिसका भुगतान बैंक की सुविधानुसार किया जाता है।"

AA, B, C एवं D सभी
Bकेवल A, B और C
Cकेवल B, C और D
Dकेवल A और D

प्रश्न 37. राज्य के नीति निदेशक तत्वों के वैचारिक वर्गीकरण और उनसे संबंधित अनुच्छेदों का सही मिलान कीजिए: सूची-I (वैचारिक श्रेणी): सूची-I: A. समाजवादी सिद्धांत (Socialistic Principles) B. गांधीवादी सिद्धांत (Gandhian Principles) C. उदार-बौद्धिक सिद्धांत (Liberal-Intellectual Principles) D. अंतर्राष्ट्रीय शांति एवं न्यायपालिका पृथक्करण सूची-II: 1. अनुच्छेद 40 (ग्राम पंचायतें), अनुच्छेद 43 (कुटीर उद्योग), अनुच्छेद 47 (मादक पदार्थों पर रोक) 2. अनुच्छेद 38 (कल्याणकारी राज्य), अनुच्छेद 39 (संसाधनों का वितरण), अनुच्छेद 43A (श्रमिक भागीदारी) 3. अनुच्छेद 44 (समान नागरिक संहिता), अनुच्छेद 45 (बाल्यावस्था देखरेख), अनुच्छेद 48A (पर्यावरण संरक्षण) 4. अनुच्छेद 50 (कार्यपालिका-न्यायपालिका पृथक्करण) एवं अनुच्छेद 51 (अंतर्राष्ट्रीय शांति)

AA-2, B-1, C-3, D-4
BA-1, B-2, C-3, D-4
CA-2, B-3, C-1, D-4
DA-3, B-1, C-2, D-4

प्रश्न 38. 25वें संविधान संशोधन अधिनियम (1971) और अनुच्छेद 31C के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. 25वें संविधान संशोधन द्वारा संविधान में अनुच्छेद 31C जोड़ा गया था। B. अनुच्छेद 31C के अनुसार अनुच्छेद 39(b) और 39(c) में वर्णित नीति निदेशक तत्वों को लागू करने वाले कानून को अनुच्छेद 14 और 19 के उल्लंघन के आधार पर अवैध नहीं ठहराया जा सकता। C. अनुच्छेद 39(b) भौतिक संसाधनों के समतामूलक वितरण और 39(c) धन तथा उत्पादन के साधनों के अहितकारी संकेंद्रण को रोकने से संबंधित है। D. 42वें संविधान संशोधन ने अनुच्छेद 31C का विस्तार कर सभी नीति निदेशक तत्वों को मूल अधिकारों पर प्राथमिकता दे दी, जिसे मिनर्वा मिल्स वाद (1980) में पूरी तरह बरकरार रखा गया।

Aकेवल A, B और C
Bकेवल B, C और D
Cकेवल A और D
DA, B, C एवं D सभी

प्रश्न 39. मूल अधिकारों (FR) और राज्य के नीति निदेशक तत्वों (DPSP) के मध्य संतुलन से संबंधित ऐतिहासिक न्यायिक निर्णयों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. मद्रास राज्य बनाम चंपकम दोराइराजन वाद (1951) में न्यायालय ने माना कि मूल अधिकारों और DPSP में टकराव की स्थिति में मूल अधिकार प्रभावी होंगे। B. गोलकनाथ वाद (1967) में सर्वोच्च न्यायालय ने माना कि संसद नीति निदेशक तत्वों को लागू करने के लिए भी मौलिक अधिकारों में संशोधन नहीं कर सकती। C. केशवानंद भारती वाद (1973) में न्यायालय ने 25वें संशोधन द्वारा जोड़े गए अनुच्छेद 31C के प्रथम भाग (39b और 39c की प्राथमिकता) को वैध ठहराया। D. मिनर्वा मिल्स वाद (1980) में न्यायालय ने स्थापित किया कि भारतीय संविधान मूल अधिकारों और DPSP के बीच संतुलन की नींव पर टिका हुआ है।

AA, B, C एवं D सभी
Bकेवल A, B और C
Cकेवल B, C और D
Dकेवल A और D

प्रश्न 40. विभिन्न संविधान संशोधनों द्वारा राज्य के नीति निदेशक तत्वों में जोड़े गए नए प्रावधानों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. 42वें संविधान संशोधन (1976) द्वारा अनुच्छेद 39A (समान न्याय और गरीबों को निःशुल्क विधिक सहायता) जोड़ा गया। B. 42वें संशोधन द्वारा अनुच्छेद 43A (उद्योगों के प्रबंधन में कर्मकारों की भागीदारी) और अनुच्छेद 48A (पर्यावरण, वन तथा वन्यजीवों की रक्षा) जोड़े गए। C. 44वें संविधान संशोधन (1978) द्वारा अनुच्छेद 38(2) जोड़कर राज्य को आय, प्रतिष्ठा, सुविधाओं और अवसरों की असमानताओं को समाप्त करने का निर्देश दिया गया। D. 97वें संविधान संशोधन (2011) द्वारा अनुच्छेद 43B जोड़कर सहकारी समितियों के स्वैच्छिक गठन और स्वायत्त कार्यप्रणाली को बढ़ावा देने का प्रावधान किया गया।

AA, B, C एवं D सभी
Bकेवल A, B और C
Cकेवल B, C और D
Dकेवल A और D

प्रश्न 41. समान नागरिक संहिता (UCC - अनुच्छेद 44) और प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा (अनुच्छेद 45) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. अनुच्छेद 44 राज्य को पूरे भारत के राज्यक्षेत्र में नागरिकों के लिए एक 'समान नागरिक संहिता' (Uniform Civil Code) सुनिश्चित करने का प्रयास करने का निर्देश देता है। B. गोवा स्वतंत्रता के पूर्व (1867 के पुर्तगाली सिविल कोड) से ही सभी नागरिकों के लिए समान पारिवारिक कानून लागू रखने वाला भारत का पहला राज्य रहा है। C. उत्तराखंड स्वतंत्रता के बाद अपनी राज्य विधानसभा द्वारा कानून पारित करके UCC लागू करने वाला भारत का पहला राज्य बन गया है। D. 86वें संविधान संशोधन (2002) द्वारा अनुच्छेद 45 की विषय-वस्तु बदलकर 6 वर्ष से कम आयु के सभी बच्चों की प्रारंभिक बाल्यावस्था देखरेख और शिक्षा कर दी गई।

AA, B, C एवं D सभी
Bकेवल A, B और C
Cकेवल B, C और D
Dकेवल A और D

प्रश्न 42. भारतीय संविधान का अनुच्छेद 50 (कार्यपालिका से न्यायपालिका का पृथक्करण) और अनुच्छेद 51 (अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा की अभिवृद्धि) क्रमशः किन सिद्धांतों को स्थापित करते हैं?

Aलोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण एवं पंचायती राज का गठन
Bस्वतंत्र व निष्पक्ष न्यायपालिका का संस्थागत आधार तथा भारत की गुटनिरपेक्ष व संप्रभु विदेश नीति का दार्शनिक आधार
Cसमान कार्य के लिए समान वेतन तथा नागरिकों के लिए अनिवार्य सैन्य सेवा
Dअनुसूचित जातियों के शैक्षणिक विकास तथा राज्य के वित्तीय अधिकारों का वितरण

प्रश्न 43. मूल अधिकारों (FR) और राज्य के नीति निदेशक तत्वों (DPSP) के बीच आधारभूत अंतरों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. मूल अधिकार न्यायोचित (Justiciable) हैं, जबकि नीति निदेशक तत्व गैर-न्यायोचित (Non-justiciable) हैं। B. मूल अधिकारों की प्रकृति मुख्य रूप से नकारात्मक (राज्य की शक्ति पर सीमाएं) है, जबकि DPSP की प्रकृति सकारात्मक (राज्य के लिए निर्देश) है। C. मूल अधिकार देश में राजनीतिक लोकतंत्र स्थापित करते हैं, जबकि DPSP सामाजिक और आर्थिक लोकतंत्र की स्थापना करते हैं। D. मूल अधिकारों के उल्लंघन पर अदालतें कानून को असंवैधानिक घोषित कर सकती हैं, जबकि DPSP के उल्लंघन पर किसी कानून को शून्य घोषित नहीं किया जा सकता।

AA, B, C एवं D सभी
Bकेवल A, B और C
Cकेवल B, C और D
Dकेवल A और D

प्रश्न 44. मूल कर्तव्यों (Fundamental Duties - भाग IV-A, अनुच्छेद 51A) की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और सरदार स्वर्ण सिंह समिति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. मूल संविधान में मूल कर्तव्यों का कोई उल्लेख नहीं था; इन्हें आपातकाल के दौरान 42वें संविधान संशोधन (1976) द्वारा शामिल किया गया। B. मूल कर्तव्यों का विचार तत्कालीन सोवियत संघ (USSR) के संविधान से प्रेरित होकर ग्रहण किया गया था। C. सरदार स्वर्ण सिंह समिति (1976) ने संविधान में कुल 8 मूल कर्तव्यों को शामिल करने की सिफारिश की थी। D. स्वर्ण सिंह समिति ने कर का भुगतान (Paying Taxes) करने को भी मूल कर्तव्य बनाने तथा कर्तव्यों के उल्लंघन पर संसद द्वारा दंड का प्रावधान करने की सिफारिश की थी जिसे सरकार ने स्वीकार नहीं किया।

AA, B, C एवं D सभी
Bकेवल A, B और C
Cकेवल B, C और D
Dकेवल A और D

प्रश्न 45. 86वें संविधान संशोधन अधिनियम (2002) और न्यायमूर्ति जे. एस. वर्मा समिति (1999) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. 86वें संविधान संशोधन (2002) द्वारा अनुच्छेद 51A(k) जोड़कर संविधान में 11वाँ मूल कर्तव्य शामिल किया गया। B. 11वें मूल कर्तव्य के अनुसार 6 से 14 वर्ष की आयु के बच्चों के माता-पिता या संरक्षक का यह कर्तव्य है कि वे अपने बच्चे को शिक्षा के अवसर प्रदान करें। C. न्यायमूर्ति जे. एस. वर्मा समिति (1999) का गठन कुछ मूल कर्तव्यों के प्रचालन और उनके कानूनी प्रावधानों की पहचान के लिए किया गया था। D. वर्मा समिति ने रेखांकित किया कि कई मूल कर्तव्य पहले से ही पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम और राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम जैसे कानूनों द्वारा कानूनी रूप से लागू हैं।

AA, B, C एवं D सभी
Bकेवल A, B और C
Cकेवल B, C और D
Dकेवल A और D

प्रश्न 46. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51A में वर्णित मूल कर्तव्यों और उनके प्रमुख संवैधानिक संदर्भों का सही मिलान कीजिए: सूची-I (कर्तव्य का विषय): सूची-I: A. संविधान का पालन, राष्ट्रध्वज और राष्ट्रगान का आदर B. स्वतंत्रता के लिए हमारे राष्ट्रीय आंदोलन को प्रेरित करने वाले उच्च आदर्शों को संजोना C. वैज्ञानिक दृष्टिकोण, मानववाद तथा ज्ञानार्जन व सुधार की भावना का विकास D. प्राकृतिक पर्यावरण (वन, झील, नदी, वन्यजीव) की रक्षा और संवर्धन सूची-II: 1. अनुच्छेद 51A (a) 2. अनुच्छेद 51A (b) 3. अनुच्छेद 51A (h) 4. अनुच्छेद 51A (g)

AA-1, B-2, C-3, D-4
BA-2, B-1, C-4, D-3
CA-1, B-3, C-2, D-4
DA-4, B-2, C-3, D-1

प्रश्न 47. निम्नलिखित में से कौन सा विषय भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51A के तहत नागरिकों के मूल कर्तव्य के रूप में उल्लिखित नहीं है?

Aभारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता की रक्षा करना और उसे अक्षुण्ण रखना
Bसार्वजनिक संपत्ति को सुरक्षित रखना और हिंसा से दूर रहना
Cनियमित रूप से चुनावों में मतदान करना और समय पर कर (Tax) का भुगतान करना
Dहमारी सामासिक संस्कृति (Composite Culture) की गौरवशाली परंपरा का परिरक्षण करना

प्रश्न 48. भारत के राष्ट्रपति के निर्वाचक मंडल (Electoral College - अनुच्छेद 54) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. निर्वाचक मंडल में संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) के केवल निर्वाचित सदस्य भाग लेते हैं। B. इसमें राज्यों की विधानसभाओं (State Legislative Assemblies) के केवल निर्वाचित सदस्य शामिल होते हैं। C. 70वें संविधान संशोधन अधिनियम (1992) द्वारा दिल्ली और पुडुचेरी केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्यों को भी इसमें शामिल किया गया। D. संसद के मनोनीत सदस्य और राज्य विधान परिषदों (Legislative Councils) के सदस्य राष्ट्रपति के चुनाव में मतदान करने के पात्र होते हैं।

Aकेवल A, B और C
Bकेवल B, C और D
Cकेवल A और D
DA, B, C एवं D सभी

प्रश्न 49. भारत के राष्ट्रपति के निर्वाचन की प्रक्रिया (अनुच्छेद 55) और मत मूल्य निर्धारण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. राष्ट्रपति का चुनाव आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के अनुसार एकल संक्रमणीय मत (Single Transferable Vote) और गुप्त मतदान द्वारा होता है। B. किसी राज्य के एक विधायक (MLA) का मत मूल्य उस राज्य की कुल जनसंख्या को विधानसभा के कुल निर्वाचित सदस्यों से भाग देकर, फिर 1000 से भाग देकर निकाला जाता है। C. वर्तमान में सभी राज्यों के विधायकों का मत मूल्य निर्धारित करने के लिए 1971 की जनगणना के जनसंख्या आंकड़ों का उपयोग किया जा रहा है। D. राष्ट्रपति चुनाव में सभी राज्यों के निर्वाचित विधायकों के कुल मत मूल्य का योग संसद के सभी निर्वाचित सांसदों (MPs) के कुल मत मूल्य के बराबर होता है।

AA, B, C एवं D सभी
Bकेवल A, B और C
Cकेवल B, C और D
Dकेवल A और D

प्रश्न 50. भारत के राष्ट्रपति पर महाभियोग की प्रक्रिया (अनुच्छेद 61) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. राष्ट्रपति पर महाभियोग चलाने का एकमात्र संवैधानिक आधार 'संविधान का उल्लंघन' (Violation of the Constitution) है। B. महाभियोग का प्रस्ताव संसद के किसी भी सदन (लोकसभा या राज्यसभा) में प्रारंभ किया जा सकता है। C. प्रस्ताव पेश करने के लिए उस सदन के कम से कम एक-चौथाई (1/4) सदस्यों के हस्ताक्षर और राष्ट्रपति को 14 दिन की लिखित पूर्व सूचना आवश्यक है। D. संसद के मनोनीत सदस्य जिन्होंने राष्ट्रपति के चुनाव में भाग नहीं लिया था, वे महाभियोग प्रक्रिया में मतदान कर सकते हैं, जबकि राज्य विधानसभाओं के सदस्य इसमें भाग नहीं लेते।

AA, B, C एवं D सभी
Bकेवल A, B और C
Cकेवल B, C और D
Dकेवल A और D

प्रश्न 51. राष्ट्रपति की क्षमादान शक्ति (अनुच्छेद 72) और उसके विभिन्न रूपों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. 'क्षमा' (Pardon) दंड और बंदीकरण दोनों को पूरी तरह समाप्त कर देती है तथा अपराधी को उस स्थिति में ला देती है जैसे उसने कोई अपराध किया ही न हो। B. 'लघुकरण' (Commutation) का अर्थ है दंड के स्वरूप को बदलकर किसी हल्के रूप में परिवर्तित करना (जैसे मृत्युदंड को आजीवन कारावास में बदलना)। C. 'परिहार' (Remission) का अर्थ है दंड की प्रकृति बदले बिना उसकी अवधि या मात्रा को कम करना (जैसे 2 वर्ष के कठोर कारावास को 1 वर्ष करना)। D. 'विराम' (Respite) का अर्थ किसी विशेष परिस्थिति (जैसे गर्भवती महिला या शारीरिक विकलांगता) के कारण सजा को कम करना है, जबकि 'प्रविलंबन' (Reprieve) का अर्थ मृत्युदंड पर अस्थायी रोक लगाना है।

AA, B, C एवं D सभी
Bकेवल A, B और C
Cकेवल B, C और D
Dकेवल A और D

प्रश्न 52. भारत के राष्ट्रपति की वीटो शक्तियों (अनुच्छेद 111) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. राष्ट्रपति सामान्य विधेयक पर 'आत्यंतिक वीटो' (Absolute Veto) का प्रयोग कर अपनी सहमति पूरी तरह रोक सकता है। B. राष्ट्रपति किसी विधेयक (धन विधेयक को छोड़कर) को संसद को पुनर्विचार के लिए लौटाकर 'निलंबनकारी वीटो' (Suspensive Veto) का प्रयोग कर सकता है। C. यदि संसद दोनों सदनों द्वारा साधारण बहुमत से उस विधेयक को पुनः पारित कर दे, तो राष्ट्रपति को उस पर सहमति देना अनिवार्य (बाध्यकारी) होता है। D. 1986 में राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह ने 'भारतीय डाकघर (संशोधन) विधेयक' पर ऐतिहासिक 'पॉकेट वीटो' (Pocket Veto) का प्रयोग किया था।

AA, B, C एवं D सभी
Bकेवल A, B और C
Cकेवल B, C और D
Dकेवल A और D

प्रश्न 53. राष्ट्रपति की अध्यादेश जारी करने की विधायी शक्ति (अनुच्छेद 123) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. राष्ट्रपति अध्यादेश केवल तभी जारी कर सकता है जब संसद के दोनों सदन या दोनों में से कोई एक सदन सत्र में न हो। B. अध्यादेश की विधायी शक्ति और प्रभाव संसद द्वारा पारित अधिनियम के बिल्कुल समान होते हैं, और इसकी सीमाएं भी वही हैं जो संसद की हैं। C. संसद का सत्र पुनः प्रारंभ होने की तिथि से 6 सप्ताह के भीतर अध्यादेश को संसद द्वारा अनुमोदित किया जाना अनिवार्य है, अन्यथा यह निष्प्रभावी हो जाता है। D. डी. सी. वाधवा वाद (1987) में सर्वोच्च न्यायालय ने माना कि बिना संसद में रखे बार-बार अध्यादेश को पुनः प्रख्यापित (Re-promulgate) करना संविधान के साथ धोखा और असंवैधानिक है।

AA, B, C एवं D सभी
Bकेवल A, B और C
Cकेवल B, C और D
Dकेवल A और D

प्रश्न 54. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 143 के तहत सर्वोच्च न्यायालय से परामर्श लेने की राष्ट्रपति की शक्ति (सलाहकार क्षेत्राधिकार) के संदर्भ में कौन सा कथन सही है?

Aसर्वोच्च न्यायालय द्वारा दी गई सलाह राष्ट्रपति के लिए कानूनी रूप से पूर्णतः बाध्यकारी होती है।
Bसंविधान पूर्व की संधियों और समझौतों से उत्पन्न विवादों पर सर्वोच्च न्यायालय राष्ट्रपति को सलाह देने के लिए बाध्य नहीं है।
Cसार्वजनिक महत्व के किसी विधि या तथ्य के प्रश्न पर सर्वोच्च न्यायालय अपनी राय दे भी सकता है और राय देने से इनकार भी कर सकता है।
Dराष्ट्रपति केवल तभी राय मांग सकता है जब संसद के दोनों सदन विशेष बहुमत से इसके लिए प्रस्ताव पारित करें।

प्रश्न 55. भारत के उपराष्ट्रपति के पद, योग्यता और निर्वाचक मंडल (अनुच्छेद 63 से 66) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. उपराष्ट्रपति बनने के लिए उम्मीदवार का भारत का नागरिक होना, न्यूनतम 35 वर्ष की आयु और राज्यसभा का सदस्य चुने जाने की योग्यता होना आवश्यक है। B. उपराष्ट्रपति के निर्वाचक मंडल में संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) के सभी सदस्य (निर्वाचित और मनोनीत दोनों) शामिल होते हैं। C. राज्य विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य उपराष्ट्रपति के निर्वाचन में मतदान करते हैं। D. उपराष्ट्रपति का चुनाव आनुपातिक प्रतिनिधित्व पद्धति के अनुसार एकल संक्रमणीय मत और गुप्त मतदान द्वारा संपन्न होता है।

Aकेवल A, B और D
Bकेवल B, C और D
Cकेवल A और C
DA, B, C एवं D सभी

प्रश्न 56. भारत के उपराष्ट्रपति को पद से हटाने की संवैधानिक प्रक्रिया (अनुच्छेद 67) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. उपराष्ट्रपति को हटाने का औपचारिक प्रस्ताव केवल राज्यसभा में ही पेश (आरंभ) किया जा सकता है। B. ऐसा प्रस्ताव लाने के लिए कम से कम 14 दिन की पूर्व लिखित सूचना दिया जाना अनिवार्य है। C. इस प्रस्ताव को राज्यसभा द्वारा 'तत्कालीन समस्त सदस्यों के बहुमत' (प्रभावी बहुमत / Effective Majority) से पारित होना आवश्यक है। D. राज्यसभा द्वारा पारित होने के बाद लोकसभा द्वारा इसे दो-तिहाई विशेष बहुमत से पारित किया जाना अनिवार्य है।

Aकेवल A, B और C
Bकेवल B, C और D
Cकेवल A और D
DA, B, C एवं D सभी

प्रश्न 57. भारत के उपराष्ट्रपति की दोहरी भूमिका और संवैधानिक कार्यों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. अनुच्छेद 64 और 89 के अनुसार उपराष्ट्रपति राज्य सभा का पदेन सभापति (Ex-officio Chairman) होता है। B. उपराष्ट्रपति राज्यसभा का सदस्य नहीं होता, अतः उसे पहली बार में मत देने का अधिकार नहीं है, किंतु मत बराबर होने पर वह निर्णायक मत (Casting Vote) दे सकता है। C. अनुच्छेद 65 के अनुसार राष्ट्रपति का पद मृत्यु, त्यागपत्र या हटाए जाने से रिक्त होने पर उपराष्ट्रपति अधिकतम 6 माह तक कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में कार्य करता है। D. जब उपराष्ट्रपति कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में कार्य करता है, तो वह राज्यसभा के सभापति के कर्तव्यों का पालन जारी रखता है और दोनों पदों का वेतन एक साथ प्राप्त करता है।

Aकेवल A, B और C
Bकेवल B, C और D
Cकेवल A और D
DA, B, C एवं D सभी

प्रश्न 58. भारत के राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति से संबंधित प्रमुख संवैधानिक अनुच्छेदों का सही मिलान कीजिए: सूची-I (संवैधानिक विषय): सूची-I: A. राष्ट्रपति का निर्वाचन (Election of the President) B. राष्ट्रपति पर महाभियोग (Impeachment of the President) C. राष्ट्रपति की क्षमादान शक्ति (Pardoning Power) D. राष्ट्रपति की अध्यादेश जारी करने की शक्ति (Promulgate Ordinances) सूची-II: 1. अनुच्छेद 61 2. अनुच्छेद 54 3. अनुच्छेद 123 4. अनुच्छेद 72

AA-2, B-1, C-4, D-3
BA-1, B-2, C-3, D-4
CA-2, B-4, C-1, D-3
DA-4, B-1, C-2, D-3

प्रश्न 59. राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के चुनाव से संबंधित विवादों (अनुच्छेद 71) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. राष्ट्रपति या उपराष्ट्रपति के चुनाव से जुड़े सभी विवादों और शंकाओं की जांच और अंतिम निर्णय केवल भारत के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा किया जाता है। B. सर्वोच्च न्यायालय का निर्णय अंतिम और सर्वमान्य होता है। C. यदि सर्वोच्च न्यायालय किसी व्यक्ति के राष्ट्रपति या उपराष्ट्रपति के रूप में निर्वाचन को शून्य/अवैध घोषित कर देता है, तो उसके द्वारा उस तिथि से पूर्व किए गए सभी पदीय कार्य स्वतः अमान्य और शून्य हो जाते हैं। D. निर्वाचक मंडल में किसी सदस्य का स्थान रिक्त होने के आधार पर राष्ट्रपति या उपराष्ट्रपति के चुनाव को न्यायालय में चुनौती नहीं दी जा सकती।

Aकेवल A, B और D
Bकेवल B, C और D
Cकेवल A और C
DA, B, C एवं D सभी

प्रश्न 60. 1969 के 'राष्ट्रपति (कर्तव्यों का निर्वहन) अधिनियम' के अनुसार, जब राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति दोनों के पद एक साथ रिक्त हो जाएं, तो भारत के कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में कौन कार्य करता है?

Aभारत के प्रधानमंत्री
Bलोकसभा के अध्यक्ष (Speaker)
Cभारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) या उनकी अनुपस्थिति में सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठतम न्यायाधीश
Dराज्यसभा के उपसभापति

प्रश्न 61. भारत के प्रधानमंत्री की नियुक्ति, संवैधानिक स्थिति और शक्तियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. संविधान के अनुच्छेद 75 के अनुसार प्रधानमंत्री की नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति द्वारा की जाती है। B. राष्ट्रपति लोकसभा में बहुमत प्राप्त दल के नेता को प्रधानमंत्री नियुक्त करता है, किंतु स्पष्ट बहुमत न होने पर राष्ट्रपति अपने स्वविवेक का प्रयोग कर सकता है। C. जो व्यक्ति संसद के किसी भी सदन का सदस्य नहीं है, वह भी प्रधानमंत्री नियुक्त हो सकता है, बशर्ते उसे 6 माह के भीतर किसी भी सदन की सदस्यता प्राप्त करनी होगी। D. यदि प्रधानमंत्री त्यागपत्र दे देता है या उसका आकस्मिक निधन हो जाता है, तो पूरी मंत्रिपरिषद स्वतः ही विघटित (Dissolve) हो जाती है।

AA, B, C एवं D सभी
Bकेवल A, B और C
Cकेवल B, C और D
Dकेवल A और D

प्रश्न 62. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 74 और राष्ट्रपति तथा मंत्रिपरिषद के संबंधों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. अनुच्छेद 74(1) के अनुसार राष्ट्रपति को सहायता और सलाह देने के लिए एक मंत्रिपरिषद होगी जिसका प्रधान प्रधानमंत्री होगा। B. 42वें संविधान संशोधन (1976) ने मंत्रिपरिषद की सलाह को राष्ट्रपति के लिए बाध्यकारी बना दिया था। C. 44वें संविधान संशोधन (1978) ने राष्ट्रपति को यह शक्ति दी कि वह मंत्रिपरिषद की सलाह को एक बार पुनर्विचार के लिए वापस भेज सकता है, किंतु पुनर्विचार के बाद दी गई सलाह बाध्यकारी होगी। D. मंत्रिपरिषद द्वारा राष्ट्रपति को दी गई सलाह की वैधता की जांच किसी भी न्यायालय द्वारा की जा सकती है।

Aकेवल A, B और C
Bकेवल B, C और D
Cकेवल A और D
DA, B, C एवं D सभी

प्रश्न 63. मंत्रिपरिषद के सामूहिक उत्तरदायित्व (Collective Responsibility) और व्यक्तिगत उत्तरदायित्व के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. अनुच्छेद 75(3) के अनुसार केंद्रीय मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से केवल 'लोकसभा' के प्रति उत्तरदायी होती है, संसद के दोनों सदनों के प्रति नहीं। B. सामूहिक उत्तरदायित्व का अर्थ है कि यदि लोकसभा अविश्वास प्रस्ताव पारित कर दे, तो राज्यसभा से बने मंत्रियों सहित पूरी मंत्रिपरिषद को त्यागपत्र देना होता है। C. कैबिनेट के सभी निर्णय सभी मंत्रियों पर बाध्यकारी होते हैं; यदि कोई मंत्री असहमत है, तो उसे त्यागपत्र देना पड़ता है (जैसे डॉ. अंबेडकर ने हिंदू कोड बिल पर दिया था)। D. अनुच्छेद 75(2) के अनुसार प्रत्येक मंत्री व्यक्तिगत रूप से 'प्रधानमंत्री' के प्रसादपर्यंत अपना पद धारण करता है।

Aकेवल A, B और C
Bकेवल B, C और D
Cकेवल A और D
DA, B, C एवं D सभी

प्रश्न 64. 91वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2003 के अनुसार, केंद्रीय मंत्रिपरिषद में प्रधानमंत्री सहित मंत्रियों की कुल संख्या लोकसभा की कुल सदस्य संख्या के कितने प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकती?

A10 प्रतिशत
B12 प्रतिशत
C15 प्रतिशत
D20 प्रतिशत

प्रश्न 65. भारतीय संविधान में 'मंत्रिमंडल' (Cabinet) और 'मंत्रिपरिषद' (Council of Ministers) के संवैधानिक अंतर के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. मूल संविधान में 'मंत्रिमंडल' (Cabinet) शब्द का कहीं भी उल्लेख नहीं था; इसे 44वें संविधान संशोधन (1978) द्वारा अनुच्छेद 352 में शामिल किया गया। B. मंत्रिपरिषद एक व्यापक निकाय है जिसमें कैबिनेट मंत्री, राज्य मंत्री और उप-मंत्री तीनों श्रेणियां शामिल होती हैं। C. मंत्रिमंडल (कैबिनेट) में केवल वरिष्ठ और कैबिनेट स्तर के मंत्री शामिल होते हैं, और यह नीति निर्माण की सर्वोच्च नीति-निर्धारक इकाई है। D. मंत्रिमंडल की सभी बैठकें और निर्णय संविधान के अनुच्छेद 78 के तहत सीधे भारत के मुख्य न्यायाधीश द्वारा संचालित किए जाते हैं।

Aकेवल A, B और C
Bकेवल B, C और D
Cकेवल A और D
DA, B, C एवं D सभी

प्रश्न 66. भारत के प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाले प्रमुख राष्ट्रीय परिषदों/आयोगों और उनसे संबंधित निकायों का सही मिलान कीजिए: सूची-I (निकाय/संस्था): सूची-I: A. नीति आयोग (NITI Aayog) B. राष्ट्रीय विकास परिषद (National Development Council) C. अंतर-राज्यीय परिषद (Inter-State Council) D. क्षेत्रीय परिषदें (Zonal Councils) सूची-II: 1. प्रधानमंत्री की पदेन अध्यक्षता 2. केंद्रीय गृह मंत्री की पदेन अध्यक्षता 3. प्रधानमंत्री की अध्यक्षता (सभी राज्यों के मुख्यमंत्री सदस्य) 4. प्रधानमंत्री की पदेन अध्यक्षता (योजनाओं के अनुमोदन हेतु गठित)

AA-1, B-4, C-3, D-2
BA-1, B-2, C-3, D-4
CA-3, B-1, C-4, D-2
DA-4, B-1, C-2, D-3

प्रश्न 67. भारत के महान्यायवादी (Attorney General of India - अनुच्छेद 76) के पद और शक्तियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. महान्यायवादी भारत सरकार का प्रथम और सर्वोच्च विधि अधिकारी होता है, जिसकी नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है। B. महान्यायवादी बनने के लिए वही योग्यताएं होनी चाहिए जो सर्वोच्च न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त होने के लिए आवश्यक हैं। C. संविधान में महान्यायवादी का कार्यकाल निश्चित नहीं है; वह राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत पद धारण करता है और राष्ट्रपति द्वारा निर्धारित पारिश्रमिक प्राप्त करता है। D. अनुच्छेद 88 के तहत उसे संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही में भाग लेने और बोलने का अधिकार है, तथा वह विधेयकों पर मतदान भी कर सकता है।

Aकेवल A, B और C
Bकेवल B, C और D
Cकेवल A और D
DA, B, C एवं D सभी

प्रश्न 68. भारतीय संसद के गठन और राज्य सभा की संरचना (अनुच्छेद 79 एवं 80) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. अनुच्छेद 79 के अनुसार भारतीय संसद राष्ट्रपति, राज्य सभा (उच्च सदन) और लोक सभा (निम्न सदन) से मिलकर बनती है। B. राज्य सभा की अधिकतम सदस्य संख्या 250 हो सकती है, जिसमें से 12 सदस्य राष्ट्रपति द्वारा साहित्य, विज्ञान, कला और समाज सेवा के क्षेत्र से मनोनीत होते हैं। C. राज्य सभा एक स्थायी सदन है जिसका कभी विघटन नहीं होता, और इसके एक-तिहाई (1/3) सदस्य प्रत्येक दो वर्ष की समाप्ति पर सेवानिवृत्त हो जाते हैं। D. संविधान के अनुसार राज्य सभा का कार्यकाल 6 वर्ष निर्धारित किया गया है।

Aकेवल A, B और C
Bकेवल B, C और D
Cकेवल A और D
DA, B, C एवं D सभी

प्रश्न 69. लोक सभा की संरचना (अनुच्छेद 81) और हालिया संविधान संशोधनों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. 104वें संविधान संशोधन अधिनियम (2019) द्वारा लोक सभा और राज्य विधानसभाओं में एंग्लो-इंडियन समुदाय के लिए 2 सदस्यों के मनोनयन के प्रावधान को आगे न बढ़ाकर समाप्त कर दिया गया। B. 84वें संविधान संशोधन अधिनियम (2001) ने राज्यों में लोक सभा की कुल सीटों की संख्या को वर्ष 2026 के बाद की पहली जनगणना तक स्थिर (Freeze) कर दिया है। C. लोक सभा की अधिकतम निर्धारित सदस्य संख्या अब 550 (530 राज्यों से + 20 केंद्र शासित प्रदेशों से) हो गई है। D. लोक सभा का सामान्य कार्यकाल 5 वर्ष है, किंतु राष्ट्रीय आपातकाल के दौरान संसद विधि बनाकर इसके कार्यकाल को एक बार में अनिश्चितकाल के लिए बढ़ा सकती है।

Aकेवल A, B और C
Bकेवल B, C और D
Cकेवल A और D
DA, B, C एवं D सभी

प्रश्न 70. संसद सदस्यों की योग्यताओं, अयोग्यताओं और संबंधित संवैधानिक प्रक्रियाओं का सही मिलान कीजिए: सूची-I (संवैधानिक प्रावधान): सूची-I: A. संसद सदस्य बनने हेतु न्यूनतम आयु सीमा B. लाभ का पद या दिवालियापन के आधार पर अयोग्यता C. दल-बदल के आधार पर अयोग्यता D. निर्वाचन संबंधी अयोग्यता पर अंतिम निर्णय सूची-II: 1. अनुच्छेद 84 (लोक सभा 25 वर्ष, राज्य सभा 30 वर्ष) 2. अनुच्छेद 102 (संविधान के तहत निर्धारित अयोग्यताएं) 3. 10वीं अनुसूची (सदन के अध्यक्ष / सभापति का निर्णय) 4. अनुच्छेद 103 (चुनाव आयोग की सलाह पर राष्ट्रपति का निर्णय)

AA-1, B-2, C-3, D-4
BA-2, B-1, C-4, D-3
CA-1, B-3, C-2, D-4
DA-4, B-2, C-3, D-1

प्रश्न 71. भारतीय संविधान की 10वीं अनुसूची (दल-बदल विरोधी कानून) और किहोटो होलोहन वाद (1992) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. 10वीं अनुसूची को 52वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1985 द्वारा संविधान में जोड़ा गया था। B. 91वें संविधान संशोधन (2003) ने मूल कानून में दिए गए 'एक-तिहाई (1/3) सदस्यों के विभाजन' (Split) के अपवाद को समाप्त कर दिया। C. वर्तमान में किसी राजनीतिक दल के कम से कम 'दो-तिहाई' (2/3) सदस्यों द्वारा किसी अन्य दल में विलय (Merger) करने पर दल-बदल कानून लागू नहीं होता। D. किहोटो होलोहन बनाम जाचिल्हू वाद (1992) में सर्वोच्च न्यायालय ने निर्णय दिया कि 10वीं अनुसूची के तहत पीठासीन अधिकारी का निर्णय न्यायिक समीक्षा (Judicial Review) के दायरे से पूरी तरह बाहर है।

Aकेवल A, B और C
Bकेवल B, C और D
Cकेवल A और D
DA, B, C एवं D सभी

प्रश्न 72. लोक सभा अध्यक्ष (Speaker) के पद, शक्तियों और पदमुक्ति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. लोक सभा अध्यक्ष का चुनाव लोक सभा के सदस्यों द्वारा अपने में से ही साधारण बहुमत द्वारा किया जाता है। B. जब लोक सभा भंग होती है, तो अध्यक्ष तुरंत अपना पद खाली नहीं करता, बल्कि वह नई लोक सभा की प्रथम बैठक तक अपने पद पर बना रहता है। C. अध्यक्ष को लोक सभा के 'तत्कालीन समस्त सदस्यों के बहुमत' (प्रभावी बहुमत) द्वारा पारित संकल्प से 14 दिन की पूर्व सूचना देकर हटाया जा सकता है। D. जब अध्यक्ष को पद से हटाने का संकल्प विचाराधीन हो, तो वह सदन में उपस्थित रह सकता है और पहली बार में मतदान कर सकता है, किंतु निर्णायक मत (Casting vote) नहीं दे सकता।

AA, B, C एवं D सभी
Bकेवल A, B और C
Cकेवल B, C और D
Dकेवल A और D

प्रश्न 73. लोक सभा के 'प्रोटेम स्पीकर' (Pro-tem Speaker) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?

Aइसका पद संविधान में स्थायी रूप से उल्लिखित है और इसका कार्यकाल 5 वर्ष का होता है।
Bराष्ट्रपति आम चुनाव के बाद नवनिर्वाचित लोक सभा के वरिष्ठतम सदस्यों में से किसी एक को प्रोटेम स्पीकर नियुक्त करता है, जिसका मुख्य कार्य नए सदस्यों को शपथ दिलाना और नए अध्यक्ष के चुनाव का संचालन करना है।
Cप्रोटेम स्पीकर की नियुक्ति भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त द्वारा की जाती है।
Dप्रोटेम स्पीकर को राष्ट्रपति पर महाभियोग चलाने की विशेष शक्ति प्राप्त होती है।

प्रश्न 74. संसद के सत्रों, आहूत करने, सत्रावसान और विघटन (अनुच्छेद 85) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. राष्ट्रपति समय-समय पर संसद के प्रत्येक सदन को आहूत (Summon) करता है, किंतु संसद के दो सत्रों की अंतिम व प्रथम बैठक के मध्य 6 माह से अधिक का अंतर नहीं होना चाहिए। B. 'स्थगन' (Adjournment) सदन की बैठक को कुछ घंटों, दिनों या अनिश्चितकाल (Sine die) के लिए रोकता है और यह शक्ति संबंधित सदन के पीठासीन अधिकारी (स्पीकर/सभापति) में निहित है। C. 'सत्रावसान' (Prorogation) संसद के चालू सत्र को समाप्त करता है और यह आदेश भारत के राष्ट्रपति द्वारा जारी किया जाता है। D. लोक सभा का 'विघटन' (Dissolution) केवल राष्ट्रपति द्वारा किया जा सकता है, जो सदन के जीवन काल को समाप्त कर देता है और इसके बाद नए चुनाव अनिवार्य होते हैं।

AA, B, C एवं D सभी
Bकेवल A, B और C
Cकेवल B, C और D
Dकेवल A और D

प्रश्न 75. संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक (Joint Sitting - अनुच्छेद 108) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. यदि किसी साधारण विधेयक या वित्त विधेयक पर दोनों सदनों के मध्य 6 माह तक गतिरोध बना रहे, तो राष्ट्रपति दोनों सदनों की संयुक्त बैठक बुला सकता है। B. 'धन विधेयक' (Money Bill) और 'संविधान संशोधन विधेयक' (Constitutional Amendment Bill) के मामले में संयुक्त बैठक का कोई संवैधानिक प्रावधान नहीं है। C. संयुक्त बैठक की अध्यक्षता लोक सभा का अध्यक्ष करता है; उसकी अनुपस्थिति में उपाध्यक्ष और उसके भी अनुपस्थित होने पर राज्य सभा का उपसभापति करता है। D. संयुक्त बैठक में कोई भी विधेयक दोनों सदनों के कुल उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के साधारण बहुमत से पारित किया जाता है।

AA, B, C एवं D सभी
Bकेवल A, B और C
Cकेवल B, C और D
Dकेवल A और D

प्रश्न 76. संसदीय कार्यवाही के उपकरणों (प्रश्नकाल, शून्यकाल और कोरम) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. संविधान के अनुच्छेद 100(3) के अनुसार संसद के किसी सदन की बैठक आयोजित करने के लिए न्यूनतम गणपूर्ति (Quorum) सदन की कुल सदस्य संख्या का 1/10 भाग (लोक सभा में 55, राज्य सभा में 25) है। B. संसद की बैठक का पहला घंटा (11:00 AM से 12:00 PM) सामान्यतः 'प्रश्नकाल' (Question Hour) होता है, जिसमें तारांकित (मौखिक उत्तर), अतारांकित (लिखित उत्तर) और अल्प सूचना प्रश्न पूछे जाते हैं। C. 'शून्य काल' (Zero Hour) भारतीय संसदीय नवाचार है जो 1962 से अस्तित्व में है, और इसका संसदीय प्रक्रिया के नियमों में कोई औपचारिक उल्लेख नहीं है। D. शून्य काल प्रश्नकाल के ठीक बाद शुरू होता है और इसमें सदस्य बिना किसी पूर्व सूचना के अत्यावश्यक लोक महत्व के मुद्दे उठा सकते हैं।

AA, B, C एवं D सभी
Bकेवल A, B और C
Cकेवल B, C और D
Dकेवल A और D

प्रश्न 77. 'धन विधेयक' (Money Bill - अनुच्छेद 110) की संवैधानिक प्रक्रिया के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. कोई विधेयक धन विधेयक है या नहीं, इसका अंतिम और बाध्यकारी निर्णय केवल 'लोक सभा अध्यक्ष' (Speaker) करता है। B. धन विधेयक केवल राष्ट्रपति की पूर्व सिफारिश से ही और केवल 'लोक सभा' में ही पेश किया जा सकता है। C. राज्य सभा धन विधेयक को न तो अस्वीकार कर सकती है और न ही इसमें कोई संशोधन कर सकती है; वह केवल सिफारिशें कर सकती है। D. राज्य सभा को धन विधेयक को अधिकतम 14 दिनों के भीतर लोक सभा को लौटाना अनिवार्य है, अन्यथा इसे दोनों सदनों द्वारा पारित मान लिया जाता है।

AA, B, C एवं D सभी
Bकेवल A, B और C
Cकेवल B, C और D
Dकेवल A और D

प्रश्न 78. बजट (वार्षिक वित्तीय विवरण - अनुच्छेद 112) और अनुदानों की संवैधानिक प्रक्रिया के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. भारतीय संविधान में कहीं भी 'बजट' शब्द का प्रयोग नहीं किया गया है; अनुच्छेद 112 में इसे 'वार्षिक वित्तीय विवरण' (Annual Financial Statement) कहा गया है। B. भारत की संचित निधि से कोई भी धनराशि अनुच्छेद 114 के तहत पारित 'विनियोग विधेयक' (Appropriation Bill) के बिना नहीं निकाली जा सकती। C. 'लेखानुदान' (Vote on Account - अनुच्छेद 116) बजट पारित होने तक सरकार को अपने दैनिक खर्चे चलाने के लिए अग्रिम अनुदान प्रदान करता है। D. भारत की संचित निधि पर 'भारित व्यय' (Expenditure Charged on Consolidated Fund) पर संसद में चर्चा तो हो सकती है, किंतु इस पर मतदान नहीं कराया जाता।

AA, B, C एवं D सभी
Bकेवल A, B और C
Cकेवल B, C और D
Dकेवल A और D

प्रश्न 79. राज्य सभा की विशेष और अनन्य (Exclusive) संवैधानिक शक्तियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. अनुच्छेद 249 के तहत यदि राज्य सभा उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के 2/3 बहुमत से संकल्प पारित करे, तो संसद राष्ट्रीय हित में राज्य सूची के विषय पर कानून बना सकती है। B. अनुच्छेद 312 के तहत यदि राज्य सभा उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के 2/3 बहुमत से संकल्प पारित करे, तो संसद एक या अधिक नई 'अखिल भारतीय सेवाओं' (All India Services) का सृजन कर सकती है। C. भारत के उपराष्ट्रपति को पद से हटाने का प्रस्ताव केवल राज्य सभा में ही प्रारंभ किया जा सकता है। D. यदि राष्ट्रीय आपातकाल के दौरान लोक सभा भंग हो गई हो, तो आपातकाल के अनुमोदन की शक्ति केवल राज्य सभा में निहित हो जाती है।

AA, B, C एवं D सभी
Bकेवल A, B और C
Cकेवल B, C और D
Dकेवल A और D

प्रश्न 80. संसद सदस्यों और संसदीय समितियों के 'संसदीय विशेषाधिकारों' (Parliamentary Privileges - अनुच्छेद 105) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. सांसदों को संसद सत्र के दौरान तथा सत्र प्रारंभ होने के 40 दिन पूर्व और 40 दिन पश्चात केवल 'दीवानी मामलों' (Civil Cases) में गिरफ्तारी से संरक्षण प्राप्त है। B. सांसदों को आपराधिक मामलों (Criminal Cases) या निवारक निरोध (Preventive Detention) अधिनियम के तहत गिरफ्तारी से कोई उन्मुक्ति प्राप्त नहीं है। C. संसद के भीतर किसी सांसद द्वारा कही गई किसी बात या दिए गए किसी मत के संबंध में उसके विरुद्ध किसी भी न्यायालय में कोई कार्यवाही नहीं की जा सकती। D. संसद को अपनी गुप्त बैठकें आयोजित करने और अपनी कार्यवाही के प्रकाशन को प्रतिबंधित करने का सामूहिक विशेषाधिकार प्राप्त है।

AA, B, C एवं D सभी
Bकेवल A, B और C
Cकेवल B, C और D
Dकेवल A और D

प्रश्न 81. 'लोक लेखा समिति' (Public Accounts Committee - PAC) की संरचना, कार्यप्रणाली और महत्व के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. लोक लेखा समिति की स्थापना सर्वप्रथम 1921 में भारत सरकार अधिनियम 1919 (मोंटेग्यू-चेम्सफोर्ड सुधार) के तहत की गई थी। B. समिति में कुल 22 सदस्य (15 लोक सभा से और 7 राज्य सभा से) होते हैं, जिनका चुनाव आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली द्वारा प्रतिवर्ष होता है। C. 1967 से चली आ रही सुस्थापित संसदीय परंपरा के अनुसार लोक लेखा समिति का अध्यक्ष हमेशा 'विपक्षी दल' (Opposition Party) से चुना जाता है। D. यह समिति नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की वार्षिक ऑडिट रिपोर्टों की गहन जांच करती है, इसलिए CAG को इसका 'मित्र, दार्शनिक और मार्गदर्शक' कहा जाता है।

AA, B, C एवं D सभी
Bकेवल A, B और C
Cकेवल B, C और D
Dकेवल A और D

प्रश्न 82. 'प्राक्कलन समिति' (Estimates Committee) की संरचना और कार्यप्रणाली के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. स्वतंत्रता के बाद पहली प्राक्कलन समिति का गठन 1950 में तत्कालीन वित्त मंत्री जॉन मथाई की सिफारिश पर किया गया था। B. यह संसद की सबसे बड़ी स्थायी वित्तीय समिति है जिसमें कुल 30 सदस्य होते हैं और इसके सभी 30 सदस्य केवल 'लोक सभा' से चुने जाते हैं। C. राज्य सभा का इस समिति में कोई प्रतिनिधित्व नहीं होता है। D. प्राक्कलन समिति का अध्यक्ष लोक सभा अध्यक्ष द्वारा हमेशा 'विपक्षी दल' के सदस्यों में से ही नियुक्त किया जाता है।

Aकेवल A, B और C
Bकेवल B, C और D
Cकेवल A और D
DA, B, C एवं D सभी

प्रश्न 83. 'सार्वजनिक उपक्रम समिति' (Committee on Public Undertakings - COPU) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. इस समिति का गठन सर्वप्रथम 1964 में कृष्ण मेनन समिति की सिफारिशों के आधार पर किया गया था। B. इस समिति में कुल 22 सदस्य होते हैं (15 लोक सभा से और 7 राज्य सभा से एकल संक्रमणीय मत द्वारा निर्वाचित)। C. समिति का अध्यक्ष केवल लोक सभा के सदस्यों में से ही लोक सभा अध्यक्ष द्वारा नियुक्त किया जाता है। D. यह समिति सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs जैसे ONGC, BHEL, LIC आदि) के वाणिज्यिक खातों, दक्षता और CAG की रिपोर्टों की जांच करती है।

AA, B, C एवं D सभी
Bकेवल A, B और C
Cकेवल B, C और D
Dकेवल A और D

प्रश्न 84. भारत के सर्वोच्च न्यायालय के संगठन, स्थापना और न्यायाधीशों की संख्या (भाग V, अध्याय IV) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. 28 जनवरी 1950 को भारत के सर्वोच्च न्यायालय का औपचारिक उद्घाटन हुआ, जिसने 1935 के अधिनियम के तहत स्थापित संघीय न्यायालय (Federal Court) का स्थान लिया। B. मूल संविधान में 1 मुख्य न्यायाधीश और 7 अन्य न्यायाधीश (कुल 8) का प्रावधान था। C. संविधान के अनुच्छेद 124(1) के तहत सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या में वृद्धि करने का एकमात्र विधायी अधिकार 'संसद' के पास है। D. वर्तमान में सर्वोच्च न्यायालय में मुख्य न्यायाधीश सहित कुल स्वीकृत न्यायाधीशों की संख्या 34 (1 CJI + 33 अन्य न्यायाधीश) है।

AA, B, C एवं D सभी
Bकेवल A, B और C
Cकेवल B, C और D
Dकेवल A और D

प्रश्न 85. न्यायपालिका में 'कॉलेजियम प्रणाली' (Collegium System) के विकास और ऐतिहासिक न्यायाधीश मामलों (Judges Cases) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. प्रथम न्यायाधीश मामला (1982 - एस. पी. गुप्ता वाद) में न्यायालय ने माना कि नियुक्ति में मुख्य न्यायाधीश के साथ 'परामर्श' का अर्थ 'सहमति' नहीं है और कार्यपालिका का निर्णय अंतिम होगा। B. द्वितीय न्यायाधीश मामला (1993) में न्यायालय ने पूर्व फैसला पलटते हुए 'कॉलेजियम प्रणाली' की शुरुआत की और कहा कि परामर्श का अर्थ सहमति है। C. तृतीय न्यायाधीश मामला (1998) में सर्वोच्च न्यायालय के कॉलेजियम का विस्तार कर CJI तथा 'चार अन्य वरिष्ठतम न्यायाधीशों' की 5-सदस्यीय पीठ बनाई गई। D. 99वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा गठित 'राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग' (NJAC) को सर्वोच्च न्यायालय ने 2015 में न्यायिक स्वतंत्रता के हनन के आधार पर असंवैधानिक घोषित कर रद्द कर दिया।

AA, B, C एवं D सभी
Bकेवल A, B और C
Cकेवल B, C और D
Dकेवल A और D

प्रश्न 86. सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की अर्हताओं, कार्यकाल और पदमुक्ति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. सर्वोच्च न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त होने के लिए भारत का नागरिक होना, किसी उच्च न्यायालय में कम से कम 5 वर्ष जज या 10 वर्ष वकील होना, या राष्ट्रपति की राय में पारंगत विधिवेत्ता होना आवश्यक है। B. भारतीय संविधान में सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश की नियुक्ति के लिए किसी न्यूनतम आयु सीमा का कोई उल्लेख नहीं किया गया है। C. सर्वोच्च न्यायालय का न्यायाधीश 65 वर्ष की आयु प्राप्त करने तक पद पर बना रहता है और वह राष्ट्रपति को संबोधित त्यागपत्र देकर कभी भी पदमुक्त हो सकता है। D. संविधान के अनुच्छेद 124(7) के अनुसार सेवानिवृत्ति के पश्चात सर्वोच्च न्यायालय का कोई भी न्यायाधीश भारत के किसी भी न्यायालय या प्राधिकारी के समक्ष वकालत नहीं कर सकता।

AA, B, C एवं D सभी
Bकेवल A, B और C
Cकेवल B, C और D
Dकेवल A और D

प्रश्न 87. सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों को हटाने की प्रक्रिया (महाभियोग / Removal Process) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. संविधान के अनुच्छेद 124(4) के अनुसार न्यायाधीश को केवल दो आधारों-'साबित कदाचार' (Proved Misbehaviour) या 'असमर्थता' (Incapacity) पर ही हटाया जा सकता है। B. न्यायाधीश जांच अधिनियम, 1968 के अनुसार हटाने का प्रस्ताव लोक सभा में कम से कम 100 सदस्यों और राज्य सभा में कम से कम 50 सदस्यों के हस्ताक्षर से पेश किया जाता है। C. प्रस्ताव स्वीकार होने पर पीठासीन अधिकारी द्वारा 3-सदस्यीय जांच समिति (CJI या SC जज + HC का मुख्य न्यायाधीश + एक प्रख्यात विधिवेत्ता) गठित की जाती है। D. दोनों सदनों द्वारा विशेष बहुमत (सदन की कुल सदस्य संख्या का बहुमत तथा उपस्थित व मतदान करने वाले सदस्यों का 2/3 बहुमत) से प्रस्ताव पारित होने के बाद राष्ट्रपति हटाने का अंतिम आदेश जारी करता है।

AA, B, C एवं D सभी
Bकेवल A, B और C
Cकेवल B, C और D
Dकेवल A और D

प्रश्न 88. सर्वोच्च न्यायालय के क्षेत्राधिकार (Jurisdiction) और शक्तियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. अनुच्छेद 131 के तहत केंद्र और एक या अधिक राज्यों के बीच, या राज्यों के आपसी संघीय विवाद सर्वोच्च न्यायालय के अनन्य 'मूल क्षेत्राधिकार' (Original Jurisdiction) में आते हैं। B. अंतर-राज्यीय नदी जल विवाद (अनुच्छेद 262) और वित्त आयोग के संदर्भ वाले मामले अनुच्छेद 131 के मूल क्षेत्राधिकार से बाहर रखे गए हैं। C. अनुच्छेद 136 के तहत 'विशेष अनुमति याचिका' (SLP) सर्वोच्च न्यायालय की एक असाधारण विवेकाधीन शक्ति है, जो सैन्य न्यायालयों (Court Martial) को छोड़कर किसी भी अदालत के निर्णय के खिलाफ स्वीकार की जा सकती है। D. अनुच्छेद 142 सर्वोच्च न्यायालय को अपने समक्ष लंबित किसी भी मामले में 'पूर्ण न्याय' (Complete Justice) करने के लिए आवश्यक कोई भी डिक्री या आदेश पारित करने की असाधारण शक्ति देता है।

AA, B, C एवं D सभी
Bकेवल A, B और C
Cकेवल B, C और D
Dकेवल A और D

प्रश्न 89. सर्वोच्च न्यायालय के 'अभिलेख न्यायालय' (Court of Record - अनुच्छेद 129) और निर्णयों की समीक्षा (अनुच्छेद 137) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. अनुच्छेद 129 के अनुसार सर्वोच्च न्यायालय के सभी निर्णयों और कार्यवाहियों का शाश्वत स्मृति और साक्ष्य के रूप में रिकॉर्ड रखा जाता है, और किसी भी अधीनस्थ अदालत में इनकी प्रामाणिकता पर सवाल नहीं उठाया जा सकता। B. अभिलेख न्यायालय होने के नाते सर्वोच्च न्यायालय को अपनी अवमानना (Contempt of Court) के लिए दंडित करने की अंतर्निहित शक्ति प्राप्त है। C. अनुच्छेद 137 के तहत सर्वोच्च न्यायालय को अपने द्वारा सुनाए गए किसी भी निर्णय या आदेश की स्वयं समीक्षा (Review) करने और त्रुटियों को सुधारने के लिए अपने पूर्व निर्णय को पलटने की पूर्ण शक्ति है। D. अनुच्छेद 141 घोषित करता है कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा घोषित विधि भारत के राज्यक्षेत्र के भीतर सभी न्यायालयों पर बाध्यकारी (Binding) होगी।

AA, B, C एवं D सभी
Bकेवल A, B और C
Cकेवल B, C और D
Dकेवल A और D

प्रश्न 90. भारत में 'जनहित याचिका' (PIL) और 'सुधारात्मक याचिका' (Curative Petition) की संकल्पनाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. भारत में 1980 के दशक में जनहित याचिका (PIL) का सूत्रपात और संस्थागत विकास मुख्य रूप से न्यायमूर्ति पी. एन. भगवती और न्यायमूर्ति वी. आर. कृष्ण अय्यर द्वारा किया गया था। B. PIL ने पारंपरिक 'लोकस स्टैंडी' (Locus Standi - केवल पीड़ित व्यक्ति ही अदालत जा सकता है) के कठोर नियम को शिथिल करते हुए किसी भी जागरूक नागरिक या सामाजिक संस्था को गरीबों और वंचितों की ओर से अदालत जाने की अनुमति दी। C. 'सुधारात्मक याचिका' (Curative Petition) की नवीन अवधारणा सर्वोच्च न्यायालय द्वारा रूपा अशोक हुर्रा बनाम अशोक हुर्रा वाद (2002) में विकसित की गई थी। D. सुधारात्मक याचिका किसी मामले में 'समीक्षा याचिका' (Review Petition) के खारिज होने के बाद गंभीर प्रक्रियात्मक अन्याय या प्राकृतिक न्याय के उल्लंघन को रोकने के लिए अंतिम न्यायिक उपाय के रूप में दायर की जाती है।

AA, B, C एवं D सभी
Bकेवल A, B और C
Cकेवल B, C और D
Dकेवल A और D

प्रश्न 91. केंद्र और राज्यों के मध्य विधायी संबंधों (भाग XI, अध्याय I, अनुच्छेद 245 से 255) और 7वीं अनुसूची के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. अनुच्छेद 245 के अनुसार संसद भारत के संपूर्ण राज्यक्षेत्र या उसके किसी भाग के लिए कानून बना सकती है और संसद का कानून राज्यक्षेत्रातीत (Extra-territorial) भी लागू हो सकता है। B. 7वीं अनुसूची में तीन सूचियां-संघ सूची (Union List), राज्य सूची (State List) और समवर्ती सूची (Concurrent List) दी गई हैं। C. संघ सूची के विषयों पर कानून बनाने का अनन्य अधिकार संसद को है, जबकि राज्य सूची के विषयों पर सामान्य परिस्थितियों में राज्य विधानमंडल कानून बनाते हैं। D. समवर्ती सूची के विषयों पर संसद और राज्य विधानमंडल दोनों कानून बना सकते हैं, और टकराव की स्थिति में सामान्यतः राज्य का कानून केंद्र के कानून पर प्रभावी होता है।

Aकेवल A, B और C
Bकेवल B, C और D
Cकेवल A और D
DA, B, C एवं D सभी

प्रश्न 92. भारतीय संविधान में 'अवशिष्ट शक्तियों' (Residuary Powers - अनुच्छेद 248) के प्रावधानों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. वे विषय जो तीनों सूचियों (संघ, राज्य या समवर्ती) में से किसी में भी स्पष्ट रूप से शामिल नहीं हैं, अवशिष्ट विषय कहलाते हैं। B. संविधान के अनुच्छेद 248 के अनुसार अवशिष्ट विषयों पर कानून बनाने की अनन्य विधायी शक्ति केवल भारत की 'संसद' को सौंपी गई है। C. अवशिष्ट शक्तियों के संबंध में भारतीय संविधान संयुक्त राज्य अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के संघीय मॉडल का अनुसरण करता है। D. भारतीय संविधान का अवशिष्ट शक्तियों को केंद्र को सौंपने का ढांचा कनाडा के संघीय मॉडल से प्रेरित है।

Aकेवल A, B और D
Bकेवल B, C और D
Cकेवल A और C
DA, B, C एवं D सभी

प्रश्न 93. असाधारण परिस्थितियों में राज्य सूची के विषयों पर कानून बनाने की संसद की शक्तियों और संबंधित अनुच्छेदों का सही मिलान कीजिए: सूची-I (संवैधानिक परिस्थिति): सूची-I: A. राष्ट्रीय हित में राज्य सभा द्वारा संकल्प पारित करने पर B. राष्ट्रीय आपातकाल (अनुच्छेद 35 C. दो या अधिक राज्यों के विधानमंडलों के अनुरोध पर D. अंतर्राष्ट्रीय संधियों और समझौतों को प्रभावी बनाने के लिए सूची-II: 2. के प्रवर्तन में रहने के दौरान 1. अनुच्छेद 250 2. अनुच्छेद 249 3. अनुच्छेद 253 4. अनुच्छेद 252

AA-2, B-1, C-4, D-3
BA-1, B-2, C-3, D-4
CA-2, B-4, C-1, D-3
DA-4, B-1, C-2, D-3

प्रश्न 94. समवर्ती सूची के विषयों पर केंद्र और राज्य कानूनों के टकराव (Repugnancy - अनुच्छेद 254) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. अनुच्छेद 254(1) के अनुसार यदि समवर्ती सूची के किसी विषय पर संसद और राज्य विधानमंडल के कानूनों में विरोध हो, तो केंद्रीय कानून मान्य होगा और राज्य का कानून उस विरोध की सीमा तक शून्य होगा। B. अनुच्छेद 254(2) के अनुसार यदि राज्य द्वारा बनाए गए कानून को राष्ट्रपति के विचारार्थ आरक्षित रखा गया हो और उसे राष्ट्रपति की सहमति मिल गई हो, तो वह कानून उस संबंधित राज्य में प्रभावी रहेगा। C. राष्ट्रपति की सहमति मिलने के बाद भी संसद उसी विषय पर बाद में पुनः कोई नया कानून बनाकर राज्य के उस कानून को संशोधित, परिवर्तित या निरस्त कर सकती है। D. समवर्ती सूची के मामलों में राज्यों को केंद्र से पूर्व अनुमति लेना प्रत्येक स्थिति में अनिवार्य होता है।

Aकेवल A, B और C
Bकेवल B, C और D
Cकेवल A और D
DA, B, C एवं D सभी

प्रश्न 95. केंद्र और राज्यों के बीच प्रशासनिक संबंधों (भाग XI, अध्याय II, अनुच्छेद 256 से 263) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. अनुच्छेद 256 के अनुसार प्रत्येक राज्य की कार्यपालिका शक्ति का प्रयोग इस प्रकार किया जाएगा जिससे संसद द्वारा बनाई गई विधियों का अनुपालन सुनिश्चित हो सके। B. अनुच्छेद 257 के तहत केंद्र सरकार राज्यों को राष्ट्रीय या सैन्य महत्व के संचार साधनों के निर्माण व रखरखाव तथा रेलवे की सुरक्षा के संबंध में बाध्यकारी निर्देश दे सकती है। C. संविधान के अनुच्छेद 365 के अनुसार यदि कोई राज्य केंद्र द्वारा दिए गए संवैधानिक निर्देशों का पालन करने में विफल रहता है, तो राष्ट्रपति यह मान सकता है कि राज्य का शासन संविधान के अनुसार नहीं चल रहा है (और अनुच्छेद 356 के तहत राष्ट्रपति शासन लगा सकता है)। D. केंद्र सरकार को राज्यों के आंतरिक प्रशासनिक मामलों में मनमाने ढंग से हस्तक्षेप करने का असीमित और अनियंत्रित संवैधानिक अधिकार प्राप्त है।

Aकेवल A, B और C
Bकेवल B, C और D
Cकेवल A और D
DA, B, C एवं D सभी

प्रश्न 96. अंतर-राज्यीय नदी जल विवादों के न्यायनिर्णयन (अनुच्छेद 262) के संवैधानिक तंत्र के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. अनुच्छेद 262 के तहत संसद को विधि द्वारा किसी अंतर-राज्यीय नदी या नदी घाटी के जल के प्रयोग, वितरण या नियंत्रण संबंधी विवाद के न्यायनिर्णयन का उपबंध करने की शक्ति है। B. संसद कानून बनाकर ऐसे किसी भी जल विवाद में सर्वोच्च न्यायालय या किसी अन्य न्यायालय के क्षेत्राधिकार को पूरी तरह वर्जित (Bar) कर सकती है। C. संसद ने अनुच्छेद 262 की शक्तियों का प्रयोग करते हुए 'अंतर-राज्यीय नदी जल विवाद अधिनियम, 1956' और 'नदी बोर्ड अधिनियम, 1956' पारित किए। D. अंतर-राज्यीय जल विवाद न्यायाधिकरण (Water Disputes Tribunal) द्वारा दिया गया अंतिम निर्णय सर्वोच्च न्यायालय के नियमित मूल क्षेत्राधिकार (अनुच्छेद 131) में सीधे अपील योग्य होता है।

Aकेवल A, B और C
Bकेवल B, C और D
Cकेवल A और D
DA, B, C एवं D सभी

प्रश्न 97. 'अंतर-राज्यीय परिषद' (Inter-State Council - अनुच्छेद 263) के गठन, संरचना और कार्यों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 263 के तहत राष्ट्रपति द्वारा एक अंतर-राज्यीय परिषद का गठन किया जा सकता है यदि उसे प्रतीत हो कि इससे सार्वजनिक हितों की पूर्ति होगी। B. केंद्र-राज्य संबंधों पर गठित 'सरकारिया आयोग' (1983-88) की सिफारिश के आधार पर 1990 में वी. पी. सिंह सरकार द्वारा पहली बार अंतर-राज्यीय परिषद की स्थापना की गई थी। C. भारत का प्रधानमंत्री इस परिषद का पदेन अध्यक्ष होता है और सभी राज्यों व विधानसभा वाले केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री तथा अन्य UTs के उपराज्यपाल इसके सदस्य होते हैं। D. अंतर-राज्यीय परिषद एक वैधानिक निर्णय लेने वाली सर्वोच्च विधिक अदालत के रूप में कार्य करती है और इसके निर्णय केंद्र व राज्यों पर बाध्यकारी होते हैं।

Aकेवल A, B और C
Bकेवल B, C और D
Cकेवल A और D
DA, B, C एवं D सभी

प्रश्न 98. भारत में 'क्षेत्रीय परिषदों' (Zonal Councils) की संवैधानिक/वैधानिक स्थिति और कार्यप्रणाली के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. क्षेत्रीय परिषदें संवैधानिक निकाय नहीं हैं, बल्कि ये राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 के तहत स्थापित 'वैधानिक निकाय' (Statutory Bodies) हैं। B. 1956 के अधिनियम द्वारा देश को 5 क्षेत्रों (उत्तरी, मध्य, पूर्वी, पश्चिमी और दक्षिणी) में विभाजित कर पांच क्षेत्रीय परिषदों का गठन किया गया था। C. 1971 में एक अलग संसदीय अधिनियम द्वारा 'पूर्वोत्तर परिषद' (North-Eastern Council) का गठन किया गया जिसमें असम, मेघालय, मणिपुर, नागालैंड, त्रिपुरा, अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम और सिक्किम शामिल हैं। D. भारत के प्रधानमंत्री सभी क्षेत्रीय परिषदों के स्थायी अध्यक्ष होते हैं।

Aकेवल A, B और C
Bकेवल B, C और D
Cकेवल A और D
DA, B, C एवं D सभी

प्रश्न 99. केंद्र और राज्यों के बीच वित्तीय संबंधों (भाग XII) के अंतर्गत 'वैधानिक अनुदान' (अनुच्छेद 275) और 'विवेकाधीन अनुदान' (अनुच्छेद 282) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. अनुच्छेद 275 के तहत संसद उन राज्यों को भारत की संचित निधि से वैधानिक अनुदान (Statutory Grants) प्रदान करती है जिन्हें वित्तीय सहायता की आवश्यकता होती है। B. अनुच्छेद 275 के अंतर्गत दिए जाने वाले अनुदान 'वित्त आयोग' (Finance Commission) की सिफारिशों के आधार पर निर्धारित किए जाते हैं। C. अनुच्छेद 282 केंद्र और राज्यों दोनों को किसी भी सार्वजनिक प्रयोजन के लिए विवेकाधीन अनुदान (Discretionary Grants) देने का अधिकार देता है, भले ही वह विषय उनकी विधायी सूची में न हो। D. विवेकाधीन अनुदान (अनुच्छेद 282) के लिए वित्त आयोग की सिफारिश अनिवार्य होती है और राज्य इसे कानूनी अधिकार के रूप में दावा कर सकते हैं।

Aकेवल A, B और C
Bकेवल B, C और D
Cकेवल A और D
DA, B, C एवं D सभी

प्रश्न 100. राज्यों की ऋण लेने की संवैधानिक शक्तियों (अनुच्छेद 293) और केंद्र की वित्तीय सर्वोच्चता के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. राज्य सरकारें राज्य की संचित निधि की प्रतिभूति पर केवल 'भारत के राज्यक्षेत्र के भीतर' ही ऋण ले सकती हैं। B. राज्य सरकारों को भारत के बाहर (विदेशों या विदेशी वित्तीय संस्थाओं से) सीधे ऋण लेने का कोई संवैधानिक अधिकार प्राप्त नहीं है। C. यदि किसी राज्य पर केंद्र सरकार का कोई पुराना ऋण बकाया हो, तो वह राज्य केंद्र की पूर्व सहमति के बिना कोई नया बाजार ऋण नहीं ले सकता। D. केंद्र सरकार राज्यों को स्वयं ऋण दे सकती है या राज्यों द्वारा लिए जाने वाले ऋणों की गारंटी दे सकती है।

AA, B, C एवं D सभी
Bकेवल A, B और C
Cकेवल B, C और D
Dकेवल A और D

प्रश्न 101. 'वस्तु एवं सेवा कर परिषद' (GST Council - अनुच्छेद 279A) के संवैधानिक प्रावधानों और कार्यप्रणाली के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. 101वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2016 द्वारा संविधान में नया अनुच्छेद 279A जोड़कर GST परिषद के गठन का प्रावधान किया गया। B. GST परिषद केंद्र और राज्यों का एक संयुक्त मंच है जिसकी अध्यक्षता 'केंद्रीय वित्त मंत्री' करते हैं। C. परिषद में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री तथा सभी राज्यों के वित्त मंत्री या उनके द्वारा नामित अन्य मंत्री सदस्य के रूप में शामिल होते हैं। D. GST परिषद के निर्णयों में केंद्र सरकार के मत का भार (Weightage) कुल डाले गए मतों का एक-तिहाई (1/3) और सभी राज्यों के मतों का संयुक्त भार दो-तिहाई (2/3) होता है।

AA, B, C एवं D सभी
Bकेवल A, B और C
Cकेवल B, C और D
Dकेवल A और D

प्रश्न 102. केंद्र-राज्य संबंधों की समीक्षा और पुनर्गठन हेतु समय-समय पर गठित प्रमुख आयोगों/समितियों और उनके गठन वर्ष का सही मिलान कीजिए: सूची-I (आयोग / समिति): सूची-I: A. प्रशासनिक सुधार आयोग (प्रथम ARC - मोरारजी देसाई / के. हनुमंतैया) B. राजमन्नार समिति (तमिलनाडु सरकार द्वारा गठित) C. सरकारिया आयोग (न्यायमूर्ति आर. एस. सरकारिया) D. पुंछी आयोग (द्वितीय आयोग - न्यायमूर्ति मदन मोहन पुंछी) सूची-II: 1. 1969 2. 1966 3. 2007 4. 1983

AA-2, B-1, C-4, D-3
BA-1, B-2, C-3, D-4
CA-2, B-4, C-1, D-3
DA-4, B-1, C-2, D-3

प्रश्न 103. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 352 के तहत 'राष्ट्रीय आपातकाल' (National Emergency) की घोषणा और अनुमोदन प्रक्रिया के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. राष्ट्रपति अनुच्छेद 352 के तहत 'युद्ध', 'बाह्य आक्रमण' या 'सशस्त्र विद्रोह' (Armed Rebellion) के आधार पर राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा कर सकता है। B. 44वें संविधान संशोधन (1978) द्वारा 'आंतरिक अशांति' (Internal Disturbance) शब्द को हटाकर उसके स्थान पर 'सशस्त्र विद्रोह' शब्द प्रतिस्थापित किया गया। C. राष्ट्रपति आपातकाल की घोषणा केवल तब कर सकता है जब प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्रिमंडल (Cabinet) लिखित रूप में ऐसा परामर्श दें। D. आपातकाल की उद्घोषणा को 1 माह के भीतर संसद के दोनों सदनों द्वारा 'विशेष बहुमत' (कुल सदस्य संख्या का बहुमत तथा उपस्थित व मतदान का 2/3) से अनुमोदित होना अनिवार्य है।

AA, B, C एवं D सभी
Bकेवल A, B और C
Cकेवल B, C और D
Dकेवल A और D

प्रश्न 104. राष्ट्रीय आपातकाल का नागरिकों के मौलिक अधिकारों पर प्रभाव (अनुच्छेद 358 एवं 359) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. अनुच्छेद 358 के तहत जब केवल 'युद्ध' या 'बाह्य आक्रमण' के आधार पर आपातकाल घोषित हो, तो अनुच्छेद 19 द्वारा प्रदत्त छह स्वतंत्रताएं स्वतः निलंबित हो जाती हैं। B. 'सशस्त्र विद्रोह' के आधार पर घोषित आपातकाल के दौरान अनुच्छेद 19 की स्वतंत्रताएं स्वतः निलंबित नहीं होती हैं। C. अनुच्छेद 359 राष्ट्रपति को आदेश जारी करके भाग III के तहत अन्य मौलिक अधिकारों के प्रवर्तन के लिए न्यायालय जाने के अधिकार को निलंबित करने की शक्ति देता है। D. 44वें संविधान संशोधन (1978) के अनुसार आपातकाल के दौरान भी अनुच्छेद 20 (दोषसिद्धि के संबंध में संरक्षण) और अनुच्छेद 21 (प्राण व दैहिक स्वतंत्रता) को किसी भी स्थिति में निलंबित नहीं किया जा सकता।

AA, B, C एवं D सभी
Bकेवल A, B और C
Cकेवल B, C और D
Dकेवल A और D

प्रश्न 105. भारत में राष्ट्रीय आपातकाल के ऐतिहासिक प्रयोग और उसकी समाप्ति (Revocation) की प्रक्रिया के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. भारत में अब तक कुल तीन बार राष्ट्रीय आपातकाल लागू किया गया है: 1962 (भारत-चीन युद्ध), 1971 (भारत-पाकिस्तान युद्ध), और 1975 (आंतरिक अशांति के आधार पर)। B. 1975 के आपातकाल की ज्यादतियों और परिस्थितियों की जांच के लिए जनता पार्टी सरकार द्वारा 'शाह आयोग' (Shah Commission) का गठन किया गया था। C. राष्ट्रपति किसी भी समय दूसरी उद्घोषणा जारी करके राष्ट्रीय आपातकाल को वापस ले सकता है, जिसके लिए संसदीय अनुमोदन की आवश्यकता नहीं होती। D. 44वें संशोधन के अनुसार यदि लोक सभा कुल सदस्य संख्या के कम से कम 1/10 सदस्यों के नोटिस पर आहूत विशेष बैठक में साधारण बहुमत से आपातकाल अस्वीकार करने का संकल्प पारित कर दे, तो राष्ट्रपति को इसे वापस लेना अनिवार्य होता है।

AA, B, C एवं D सभी
Bकेवल A, B और C
Cकेवल B, C और D
Dकेवल A और D

प्रश्न 106. राज्यों में 'राष्ट्रपति शासन' (President's Rule / State Emergency - अनुच्छेद 356 एवं 365) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. राष्ट्रपति शासन दो आधारों पर लगाया जा सकता है: अनुच्छेद 356 (राज्यपाल की रिपोर्ट पर या अन्यथा संवैधानिक तंत्र की विफलता) और अनुच्छेद 365 (केंद्र के निर्देशों का पालन करने में राज्य की विफलता)। B. राष्ट्रपति शासन की घोषणा को जारी होने की तिथि से 2 माह के भीतर संसद के दोनों सदनों द्वारा 'साधारण बहुमत' से अनुमोदित होना अनिवार्य है। C. एक बार अनुमोदित होने के बाद यह 6 माह तक जारी रहता है और संसद के अनुमोदन से इसे अधिकतम 3 वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है। D. किसी राज्य में राष्ट्रपति शासन को 1 वर्ष से अधिक बढ़ाने के लिए दो शर्तें (पूरे देश/राज्य में राष्ट्रीय आपातकाल लागू हो तथा चुनाव आयोग प्रमाणित करे कि चुनाव कराना कठिन है) पूरी होनी चाहिए।

AA, B, C एवं D सभी
Bकेवल A, B और C
Cकेवल B, C और D
Dकेवल A और D

प्रश्न 107. एस. आर. बोम्मई बनाम भारत संघ वाद (1994) में राष्ट्रपति शासन (अनुच्छेद 356) के संबंध में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा प्रतिपादित ऐतिहासिक दिशा-निर्देशों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. न्यायालय ने निर्णय दिया कि अनुच्छेद 356 के तहत राष्ट्रपति की संतुष्टि पूर्णतः 'न्यायिक समीक्षा' (Judicial Review) के अधीन है। B. यदि न्यायालय पाता है कि राष्ट्रपति शासन दुर्भावनापूर्ण (Mala fide) या अप्रासंगिक आधारों पर लगाया गया था, तो न्यायालय बर्खास्त राज्य सरकार और विधानसभा को पुनर्स्थापित (Restore) कर सकता है। C. राष्ट्रपति द्वारा उद्घोषणा जारी होते ही राज्य विधानसभा को तुरंत भंग नहीं किया जा सकता; संसद के दोनों सदनों द्वारा अनुमोदन मिलने तक विधानसभा को केवल 'निलंबित' (Suspended animation) रखा जाना चाहिए। D. न्यायालय ने माना कि 'धर्मनिरपेक्षता' (Secularism) संविधान के मूल ढांचे का हिस्सा है, अतः यदि कोई राज्य सरकार धर्मनिरपेक्षता विरोधी नीतियां अपनाती है, तो उस पर अनुच्छेद 356 लागू किया जा सकता है।

AA, B, C एवं D सभी
Bकेवल A, B और C
Cकेवल B, C और D
Dकेवल A और D

प्रश्न 108. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 360 के तहत 'वित्तीय आपातकाल' (Financial Emergency) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. यदि राष्ट्रपति संतुष्ट हो कि ऐसी स्थिति उत्पन्न हो गई है जिससे भारत या उसके किसी भाग की वित्तीय स्थिरता या साख (Credit) खतरे में है, तो वह वित्तीय आपातकाल घोषित कर सकता है। B. वित्तीय आपातकाल की घोषणा को जारी होने के 2 माह के भीतर संसद के दोनों सदनों द्वारा 'साधारण बहुमत' से अनुमोदित होना आवश्यक है। C. एक बार संसद द्वारा अनुमोदित होने के बाद यह अनिश्चितकाल के लिए तब तक जारी रहता है जब तक कि इसे राष्ट्रपति द्वारा वापस न ले लिया जाए (इसके लिए बार-बार 6 माह के अनुमोदन की आवश्यकता नहीं होती)। D. भारत में 1991 के गंभीर भुगतान संतुलन संकट के बावजूद, आज तक एक बार भी अनुच्छेद 360 के तहत वित्तीय आपातकाल लागू नहीं किया गया है।

AA, B, C एवं D सभी
Bकेवल A, B और C
Cकेवल B, C और D
Dकेवल A और D

प्रश्न 109. भारत में पंचायती राज के ऐतिहासिक विकास और 73वें संविधान संशोधन की पृष्ठभूमि के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. स्वतंत्रता के बाद लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण के तहत सर्वप्रथम 2 अक्टूबर 1959 को राजस्थान के नागौर जिले के बगदरी गांव में प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू द्वारा पंचायती राज व्यवस्था का उद्घाटन किया गया था। B. बलवंत राय मेहता समिति (1957) ने लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण के लिए त्रि-स्तरीय पंचायती राज प्रणाली (ग्राम, ब्लॉक, जिला स्तर) की सिफारिश की थी। C. अशोक मेहता समिति (1977) ने त्रि-स्तरीय के स्थान पर 'द्वि-स्तरीय प्रणाली' (मंडल पंचायत एवं जिला परिषद) की सिफारिश की थी। D. एल. एम. सिंघवी समिति (1986) और पी. के. थुंगन समिति (1988) ने पंचायती राज संस्थाओं को 'संवैधानिक दर्जा' (Constitutional Status) देने की पुरजोर सिफारिश की थी।

AA, B, C एवं D सभी
Bकेवल A, B और C
Cकेवल B, C और D
Dकेवल A और D

प्रश्न 110. पंचायती राज और स्थानीय प्रशासन से संबंधित महत्वपूर्ण समितियों और उनके गठन वर्ष का सही मिलान कीजिए: सूची-I (समिति): सूची-I: A. बलवंत राय मेहता समिति (Balwant Rai Mehta Committee) B. अशोक मेहता समिति (Ashok Mehta Committee) C. जी. वी. के. राव समिति (G. V. K. Rao Committee) D. एल. एम. सिंघवी समिति (L. M. Singhvi Committee) सूची-II: 1. 1977 2. 1957 3. 1986 4. 1985

AA-2, B-1, C-4, D-3
BA-1, B-2, C-3, D-4
CA-2, B-4, C-1, D-3
DA-4, B-1, C-2, D-3

प्रश्न 111. 73वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 की प्रमुख विशेषताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. यह अधिनियम 24 अप्रैल 1993 से पूरे देश में लागू हुआ, इसलिए प्रतिवर्ष 24 अप्रैल को 'राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस' मनाया जाता है। B. इस संशोधन द्वारा संविधान में एक नया भाग IX ('द पंचायतें' - अनुच्छेद 243 से 243O) और 11वीं अनुसूची जोड़ी गई। C. 11वीं अनुसूची (अनुच्छेद 243G) में पंचायतों के कार्यक्षेत्र के अंतर्गत कुल '29 कार्यात्मक विषय' (Functional Items) शामिल किए गए हैं। D. जिन राज्यों की जनसंख्या 20 लाख से कम है, उन्हें मध्यवर्ती स्तर (ब्लॉक स्तर / पंचायत समिति) की पंचायत गठित न करने की छूट दी गई है।

AA, B, C एवं D सभी
Bकेवल A, B और C
Cकेवल B, C और D
Dकेवल A और D

प्रश्न 112. भारतीय संविधान के तहत 'ग्राम सभा' (Gram Sabha) की संवैधानिक स्थिति और शक्तियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. अनुच्छेद 243(b) में ग्राम सभा को परिभाषित किया गया है और अनुच्छेद 243A में इसके कार्यों और शक्तियों का उल्लेख है। B. ग्राम सभा में ग्राम स्तर पर गठित पंचायत क्षेत्र के भीतर की मतदाता सूची (Electoral Roll) में पंजीकृत सभी वयस्क व्यक्ति शामिल होते हैं। C. ग्राम सभा प्रत्यक्ष लोकतंत्र (Direct Democracy) का सर्वोत्कृष्ट संस्थागत उदाहरण है जो ग्राम पंचायत की कार्यप्रणाली पर निगरानी रखती है। D. ग्राम सभा की बैठक बुलाने और इसकी शक्तियों का निर्धारण करने का अधिकार सीधे राज्य विधानमंडल द्वारा बनाए गए कानून द्वारा तय होता है।

AA, B, C एवं D सभी
Bकेवल A, B और C
Cकेवल B, C और D
Dकेवल A और D

प्रश्न 113. पंचायतों की संरचना, चुनाव और कार्यकाल (अनुच्छेद 243C, 243E, 243F) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. पंचायत के तीनों स्तरों (ग्राम, मध्यवर्ती और जिला) के सभी सदस्य प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों से मतदाताओं द्वारा 'प्रत्यक्ष रूप से' (Directly) चुने जाते हैं। B. ग्राम पंचायत के अध्यक्ष (सरपंच) का चुनाव राज्य विधानमंडल के कानून के अनुसार प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष हो सकता है, किंतु मध्यवर्ती व जिला स्तर के अध्यक्षों का चुनाव निर्वाचित सदस्यों द्वारा 'अप्रत्यक्ष रूप से' ही होता है। C. पंचायत का सदस्य या चुनाव लड़ने के लिए न्यूनतम आयु सीमा '21 वर्ष' निर्धारित की गई है। D. प्रत्येक पंचायत का कार्यकाल प्रथम बैठक से 5 वर्ष होता है, और यदि पंचायत समय से पूर्व भंग हो जाए तो 6 माह के भीतर चुनाव कराना अनिवार्य है (और नई पंचायत केवल शेष अवधि के लिए कार्य करती है)।

AA, B, C एवं D सभी
Bकेवल A, B और C
Cकेवल B, C और D
Dकेवल A और D

प्रश्न 114. पंचायतों में आरक्षण के संवैधानिक प्रावधानों (अनुच्छेद 243D) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. प्रत्येक पंचायत में अनुसूचित जातियों (SC) और अनुसूचित जनजातियों (ST) के लिए उनकी जनसंख्या के अनुपात में स्थान आरक्षित किए जाते हैं। B. प्रत्यक्ष निर्वाचन द्वारा भरे जाने वाले कुल स्थानों में से कम से कम 'एक-तिहाई' (1/3) स्थान महिलाओं के लिए आरक्षित होना अनिवार्य है (जिसमें SC/ST की महिलाओं का कोटा शामिल है)। C. तीनों स्तरों पर पंचायतों के अध्यक्षों (सरपंच, प्रधान, जिला प्रमुख) के पदों में भी SC, ST और महिलाओं के लिए आरक्षण का प्रावधान है। D. राजस्थान, बिहार, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड सहित कई राज्यों ने कानून बनाकर महिलाओं के लिए आरक्षण की सीमा 33% से बढ़ाकर 50% कर दी है।

AA, B, C एवं D सभी
Bकेवल A, B और C
Cकेवल B, C और D
Dकेवल A और D

प्रश्न 115. राज्य वित्त आयोग (अनुच्छेद 243I) और राज्य निर्वाचन आयोग (अनुच्छेद 243K) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. अनुच्छेद 243I के तहत राज्य का राज्यपाल प्रत्येक 5 वर्ष की समाप्ति पर राज्य वित्त आयोग (State Finance Commission) का गठन करता है, जो पंचायतों और नगरपालिकाओं की वित्तीय स्थिति की समीक्षा करता है। B. राज्य वित्त आयोग राज्य द्वारा लगाए गए करों, शुल्कों, टोल और फीसों की शुद्ध प्राप्तियों को राज्य और पंचायतों के मध्य वितरित करने के सिद्धांतों की सिफारिश करता है। C. अनुच्छेद 243K के तहत पंचायतों के सभी चुनावों के लिए मतदाता सूची तैयार करने तथा चुनावों के संचालन, अधीक्षण, निदेशन और नियंत्रण का दायित्व 'राज्य निर्वाचन आयोग' (State Election Commission) में निहित है। D. राज्य निर्वाचन आयुक्त की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है, और उसे पद से केवल उसी रीति और उन्हीं आधारों पर हटाया जा सकता है जिस पर उच्च न्यायालय के न्यायाधीश को हटाया जाता है।

AA, B, C एवं D सभी
Bकेवल A, B और C
Cकेवल B, C और D
Dकेवल A और D

प्रश्न 116. 'पेसा अधिनियम, 1996' (PESA Act - पंचायत उपबंध अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार अधिनियम) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. पेसा अधिनियम 1996 संसद द्वारा 'दिलीप सिंह भूरिया समिति' की सिफारिशों के आधार पर 24 दिसंबर 1996 को पारित किया गया था। B. इसका मुख्य उद्देश्य संविधान के भाग IX के पंचायती राज प्रावधानों को 5वीं अनुसूची में शामिल 10 राज्यों के जनजातीय क्षेत्रों में उनकी पारंपरिक प्रथाओं के अनुरूप विस्तारित करना है। C. पेसा अधिनियम के तहत 'ग्राम सभा' को अत्यधिक शक्तिशाली बनाया गया है, जिसमें लघु वनोपज (Minor Forest Produce) का स्वामित्व और भूमि हस्तांतरण को रोकने की शक्तियां निहित हैं। D. अनुसूचित क्षेत्रों में लघु खनिजों (Minor Minerals) के लिए खनन पट्टा या पूर्वेक्षण लाइसेंस देने से पहले ग्राम सभा की पूर्व अनिवार्य अनुशंसा आवश्यक है।

AA, B, C एवं D सभी
Bकेवल A, B और C
Cकेवल B, C और D
Dकेवल A और D

प्रश्न 117. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 243M के तहत 73वें संविधान संशोधन (पंचायती राज) के अपवादों और छूट प्राप्त क्षेत्रों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. 73वें संविधान संशोधन के प्रावधान नागालैंड, मेघालय और मिजोरम राज्यों पर पूर्णतः लागू नहीं होते हैं। B. इन राज्यों में पंचायतों के स्थान पर पारंपरिक स्वायत्त जनजातीय परिषदें (जैसे नगालैंड में ग्राम परिषदें) कार्य करती हैं। C. मणिपुर के पर्वतीय क्षेत्र (जहाँ जिला परिषदें हैं) और पश्चिम बंगाल का दार्जिलिंग गोरखा हिल काउंसिल क्षेत्र भी इन प्रावधानों से छूट प्राप्त हैं। D. अनुच्छेद 243M के अनुसार संसद कानून बनाकर (जैसे पेसा अधिनियम) इन उपबंधों को कुछ संशोधनों के साथ छूट प्राप्त क्षेत्रों पर लागू कर सकती है।

AA, B, C एवं D सभी
Bकेवल A, B और C
Cकेवल B, C और D
Dकेवल A और D

प्रश्न 118. 74वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 (शहरी स्थानीय स्वशासन) और नगरपालिकाओं के प्रकारों (अनुच्छेद 243Q) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. 74वां संविधान संशोधन अधिनियम 1 जून 1993 से लागू हुआ, जिसने संविधान में नया भाग IX-A ('नगरपालिकाएं' - अनुच्छेद 243P से 243ZG) और 12वीं अनुसूची जोड़ी। B. 12वीं अनुसूची (अनुच्छेद 243W) में नगरपालिकाओं के लिए कुल '18 कार्यात्मक विषय' (जैसे शहरी योजना, भूमि उपयोग नियमन, जलापूर्ति, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन) सूचीबद्ध हैं। C. अनुच्छेद 243Q के तहत तीन प्रकार की नगरपालिकाओं का प्रावधान है: 1. नगर पंचायत (संक्रमणकालीन क्षेत्र हेतु), 2. नगरपालिका परिषद (छोटे शहरी क्षेत्र हेतु), और 3. नगर निगम (बड़े शहरी क्षेत्र हेतु)। D. किसी क्षेत्र को संक्रमणकालीन, छोटा शहरी या बड़ा शहरी क्षेत्र घोषित करने की संवैधानिक शक्ति संबंधित राज्य के 'राज्यपाल' (Governor) के पास है।

AA, B, C एवं D सभी
Bकेवल A, B और C
Cकेवल B, C और D
Dकेवल A और D

प्रश्न 119. शहरी स्थानीय स्वशासन के विशिष्ट रूपों (छावनी बोर्ड, अधिसूचित क्षेत्र समिति, वार्ड समितियां) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. अनुच्छेद 243S के अनुसार 3 लाख या उससे अधिक जनसंख्या वाली नगरपालिका के प्रादेशिक क्षेत्र के भीतर एक या अधिक वार्डों को मिलाकर 'वार्ड समितियों' (Wards Committees) का गठन किया जाता है। B. 'छावनी बोर्ड' (Cantonment Board) छावनी क्षेत्र में नागरिक आबादी के प्रशासन हेतु छावनी अधिनियम, 2006 के तहत स्थापित किया जाता है और यह केंद्र सरकार के 'रक्षा मंत्रालय' (Ministry of Defence) के प्रशासनिक नियंत्रण में कार्य करता है। C. 'अधिसूचित क्षेत्र समिति' (Notified Area Committee) राज्य सरकार द्वारा राजपत्र में एक प्रशासनिक अधिसूचना द्वारा तेजी से विकसित हो रहे नए औद्योगिक कस्बों के लिए गठित की जाती है। D. भारत में पहला नगर निगम 1687-88 में 'मद्रास' (चेन्नई) में स्थापित किया गया था, जिसके बाद 1726 में बॉम्बे और कलकत्ता में नगर निगम स्थापित हुए।

AA, B, C एवं D सभी
Bकेवल A, B और C
Cकेवल B, C और D
Dकेवल A और D

प्रश्न 120. 'जिला योजना समिति' (DPC - अनुच्छेद 243ZD) और 'महानगर योजना समिति' (MPC - अनुच्छेद 243ZE) के संवैधानिक प्रावधानों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. अनुच्छेद 243ZD के अनुसार प्रत्येक जिले में जिला स्तर पर पंचायतों और नगरपालिकाओं द्वारा तैयार की गई योजनाओं को समेकित करने के लिए एक 'जिला योजना समिति' (DPC) का गठन किया जाएगा। B. जिला योजना समिति (DPC) के कुल सदस्यों में से कम से कम 'चार-बटा-पांच' (4/5) सदस्य जिले की जिला पंचायत और नगरपालिकाओं के निर्वाचित सदस्यों द्वारा अपने में से चुने जाते हैं। C. अनुच्छेद 243ZE के अनुसार 10 लाख या उससे अधिक जनसंख्या वाले प्रत्येक 'महानगरीय क्षेत्र' (Metropolitan Area) के लिए विकास योजना का प्रारूप तैयार करने हेतु एक 'महानगर योजना समिति' (MPC) का गठन किया जाएगा। D. महानगर योजना समिति (MPC) के कम से कम 'दो-तिहाई' (2/3) सदस्य उस महानगरीय क्षेत्र की नगरपालिकाओं के निर्वाचित सदस्यों और पंचायतों के अध्यक्षों द्वारा अपने में से चुने जाते हैं।

AA, B, C एवं D सभी
Bकेवल A, B और C
Cकेवल B, C और D
Dकेवल A और D

प्रश्न 121. भारत के निर्वाचन आयोग (Election Commission of India - भाग XV, अनुच्छेद 324) और 2023 के नए नियुक्ति कानून के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. अनुच्छेद 324 के तहत संसद, राज्य विधानमंडलों, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के पदों के चुनावों का अधीक्षण, निदेशन और नियंत्रण निर्वाचन आयोग में निहित है। B. मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) और अन्य निर्वाचन आयुक्तों का कार्यकाल 6 वर्ष या 65 वर्ष की आयु (जो भी पहले हो) निर्धारित है। C. मुख्य निर्वाचन आयुक्त को उसके पद से केवल उसी रीति और उन्हीं आधारों पर हटाया जा सकता है जैसे सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश को हटाया जाता है, जबकि अन्य आयुक्तों को CEC की सिफारिश पर ही राष्ट्रपति द्वारा हटाया जा सकता है। D. 'मुख्य चुनाव आयुक्त एवं अन्य चुनाव आयुक्त (नियुक्ति, सेवा शर्तें और पदावधि) अधिनियम, 2023' के अनुसार चयन समिति में प्रधानमंत्री (अध्यक्ष), लोक सभा में विपक्ष के नेता, और प्रधानमंत्री द्वारा नामित एक केंद्रीय कैबिनेट मंत्री शामिल होते हैं।

AA, B, C एवं D सभी
Bकेवल A, B और C
Cकेवल B, C और D
Dकेवल A और D

प्रश्न 122. चुनावी प्रक्रियाओं, आदर्श आचार संहिता (MCC) और चुनावी सुधारों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. 61वें संविधान संशोधन अधिनियम (1988) द्वारा अनुच्छेद 326 में संशोधन कर मतदान की न्यूनतम आयु 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष कर दी गई थी। B. 'आदर्श आचार संहिता' (Model Code of Conduct - MCC) चुनाव आयोग द्वारा चुनाव कार्यक्रम (तारीखों) की आधिकारिक घोषणा के तुरंत बाद लागू हो जाती है। C. VVPAT (Voter Verifiable Paper Audit Trail) एक स्वतंत्र प्रिंटर सत्यापन प्रणाली है जिसका उपयोग EVM के साथ मतों की प्रामाणिकता जांचने हेतु किया जाता है। D. संविधान के अनुच्छेद 329 के अनुसार एक बार चुनाव प्रक्रिया प्रारंभ हो जाने के बाद न्यायालयों को चुनावी मामलों में हस्तक्षेप करने से रोका गया है।

AA, B, C एवं D सभी
Bकेवल A, B और C
Cकेवल B, C और D
Dकेवल A और D

प्रश्न 123. संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) और राज्य लोक सेवा आयोग (SPSC) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. भारत में पहली बार 1926 में ली आयोग (Lee Commission) की सिफारिश पर भारत सरकार अधिनियम 1919 के तहत 'केंद्रीय लोक सेवा आयोग' की स्थापना की गई थी। B. संविधान के भाग XIV (अनुच्छेद 315 से 323) के तहत UPSC और SPSC स्वतंत्र संवैधानिक निकाय हैं। C. UPSC के अध्यक्ष और सदस्यों का कार्यकाल 6 वर्ष या 65 वर्ष होता है, जबकि SPSC के सदस्यों का कार्यकाल 6 वर्ष या 62 वर्ष होता है। D. यद्यपि SPSC के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति राज्य के राज्यपाल द्वारा की जाती है, किंतु उन्हें पद से हटाने की शक्ति केवल 'भारत के राष्ट्रपति' के पास है (सर्वोच्च न्यायालय की जांच रिपोर्ट के आधार पर)।

AA, B, C एवं D सभी
Bकेवल A, B और C
Cकेवल B, C और D
Dकेवल A और D

प्रश्न 124. 'राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग' (NHRC) और 'राज्य मानवाधिकार आयोग' (SHRC) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. NHRC एक संवैधानिक निकाय नहीं है, बल्कि यह मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 के तहत स्थापित एक 'सांविधिक/वैधानिक निकाय' (Statutory Body) है। B. 2019 के संशोधन के बाद, भारत का कोई भी सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश (CJI) या सर्वोच्च न्यायालय का सेवानिवृत्त न्यायाधीश NHRC का अध्यक्ष बनने का पात्र है। C. NHRC के अध्यक्ष और सदस्यों का कार्यकाल 2019 के संशोधन द्वारा 5 वर्ष से घटाकर '3 वर्ष या 70 वर्ष की आयु' (जो भी पहले हो) कर दिया गया है। D. NHRC किसी ऐसी घटना या मानवाधिकार उल्लंघन की जांच नहीं कर सकता जिसे घटित हुए '1 वर्ष से अधिक' का समय बीत चुका हो।

AA, B, C एवं D सभी
Bकेवल A, B और C
Cकेवल B, C और D
Dकेवल A और D

प्रश्न 125. 'राष्ट्रीय महिला आयोग' (National Commission for Women - NCW) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. राष्ट्रीय महिला आयोग की स्थापना 31 जनवरी 1992 को राष्ट्रीय महिला आयोग अधिनियम, 1990 के तहत एक वैधानिक निकाय के रूप में की गई थी। B. आयोग की संरचना में केंद्र सरकार द्वारा नामित एक अध्यक्ष, 5 सदस्य और एक सदस्य-सचिव (कुल 7) होते हैं। C. अधिनियम के अनुसार इन 5 सदस्यों में से कम से कम एक सदस्य अनुसूचित जाति (SC) और कम से कम एक सदस्य अनुसूचित जनजाति (ST) से होना अनिवार्य है। D. सुश्री जयंती पटनायक राष्ट्रीय महिला आयोग की प्रथम अध्यक्ष थीं।

AA, B, C एवं D सभी
Bकेवल A, B और C
Cकेवल B, C और D
Dकेवल A और D

प्रश्न 126. 'राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग' (NCPCR) और बाल कल्याणकारी कानूनों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. NCPCR की स्थापना मार्च 2007 में 'बाल अधिकार संरक्षण आयोग (CPCR) अधिनियम, 2005' के तहत एक सांविधिक निकाय के रूप में की गई थी। B. अधिनियम के अनुसार 'बालक' (Child) को 0 से 18 वर्ष के आयु वर्ग के किसी भी व्यक्ति के रूप में परिभाषित किया गया है। C. आयोग में एक अध्यक्ष और 6 अन्य सदस्य होते हैं, जिनमें से कम से कम '2 महिला सदस्य' होना अनिवार्य है। D. शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम 2009 और POCSO अधिनियम 2012 के प्रभावी क्रियान्वयन की निगरानी की वैधानिक जिम्मेदारी NCPCR को सौंपी गई है।

AA, B, C एवं D सभी
Bकेवल A, B और C
Cकेवल B, C और D
Dकेवल A और D

प्रश्न 127. विभिन्न संवैधानिक एवं सांविधिक निकायों के सदस्यों के कार्यकाल और सेवानिवृत्ति आयु का सही मिलान कीजिए: सूची-I (आयोग / संस्था): सूची-I: A. संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) B. राज्य लोक सेवा आयोग (SPSC) C. राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) D. केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) सूची-II: 1. 6 वर्ष या 62 वर्ष की आयु 2. 6 वर्ष या 65 वर्ष की आयु 3. 4 वर्ष या 65 वर्ष की आयु 4. 3 वर्ष या 70 वर्ष की आयु

AA-2, B-1, C-4, D-3
BA-1, B-2, C-3, D-4
CA-2, B-4, C-1, D-3
DA-3, B-1, C-4, D-2

प्रश्न 128. भारत में 'लोकपाल' और 'लोकायुक्त' संस्थाओं के ऐतिहासिक उद्भव के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. विश्व में सर्वप्रथम 1809 में स्कैंडिनेवियाई देश स्वीडन में नागरिकों की प्रशासनिक शिकायतों और भ्रष्टाचार के निवारण हेतु 'ओम्बड्समैन' (Ombudsman) संस्था का गठन हुआ था। B. भारत में 1963 में प्रसिद्ध न्यायविद डॉ. एल. एम. सिंघवी ने भारतीय संदर्भ में 'लोकपाल' (केंद्र हेतु) और 'लोकायुक्त' (राज्यों हेतु) शब्दों को पहली बार गढ़ा था। C. प्रथम प्रशासनिक सुधार आयोग (1st ARC, 1966) ने मोरारजी देसाई की अध्यक्षता में भारत में दो-स्तरीय लोकपाल और लोकायुक्त संस्थाओं के गठन की सिफारिश की थी। D. महाराष्ट्र 1971 में लोकायुक्त संस्था की औपचारिक स्थापना करने वाला भारत का पहला राज्य बना था।

AA, B, C एवं D सभी
Bकेवल A, B और C
Cकेवल B, C और D
Dकेवल A और D

प्रश्न 129. 'लोकपाल और लोकायुक्त अधिनियम, 2013' के तहत लोकपाल की संरचना और शक्तियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. लोकपाल एक बहु-सदस्यीय निकाय है जिसमें एक अध्यक्ष और अधिकतम 8 सदस्य होते हैं (जिनमें से 50% न्यायिक सदस्य और 50% SC, ST, OBC, अल्पसंख्यक व महिला वर्ग से होने अनिवार्य हैं)। B. लोकपाल के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा 5-सदस्यीय चयन समिति (PM, लोक सभा अध्यक्ष, लोक सभा में विपक्ष के नेता, CJI या उनका नामित जज, और प्रख्यात विधिवेत्ता) की सिफारिश पर की जाती है। C. लोकपाल के अधिकार क्षेत्र में भारत के प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्री, सांसद, तथा केंद्र सरकार के समूह A, B, C, D के सभी अधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं। D. प्रधानमंत्री के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय संबंधों, बाह्य व आंतरिक सुरक्षा, सार्वजनिक व्यवस्था, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष से संबंधित भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच लोकपाल नहीं कर सकता।

AA, B, C एवं D सभी
Bकेवल A, B और C
Cकेवल B, C और D
Dकेवल A और D

प्रश्न 130. 'केंद्रीय सतर्कता आयोग' (Central Vigilance Commission - CVC) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. CVC की स्थापना 1964 में के. संथानम की अध्यक्षता वाली 'भ्रष्टाचार निवारण समिति' की सिफारिशों के आधार पर की गई थी। B. संसद द्वारा 'केंद्रीय सतर्कता आयोग अधिनियम, 2003' पारित करके इसे पूर्ण वैधानिक (Statutory) दर्जा प्रदान किया गया। C. CVC में एक केंद्रीय सतर्कता आयुक्त (अध्यक्ष) और अधिकतम दो सतर्कता आयुक्त (सदस्य) होते हैं, जिनका कार्यकाल '4 वर्ष या 65 वर्ष की आयु' होता है। D. भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (PCA 1988) के तहत होने वाले अपराधों की जांच के संबंध में दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना (CBI) के कामकाज का अधीक्षण (Superintendence) CVC द्वारा किया जाता है।

AA, B, C एवं D सभी
Bकेवल A, B और C
Cकेवल B, C और D
Dकेवल A और D

प्रश्न 131. 'केंद्रीय सूचना आयोग' (Central Information Commission - CIC) और सूचना के अधिकार (RTI) अधिनियम के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. केंद्रीय सूचना आयोग की स्थापना 12 अक्टूबर 2005 को सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत एक वैधानिक निकाय के रूप में की गई थी। B. आयोग में एक मुख्य सूचना आयुक्त (CIC) और अधिकतम 10 केंद्रीय सूचना आयुक्त हो सकते हैं, जिनकी नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा 3-सदस्यीय समिति (PM, LoP, PM द्वारा नामित कैबिनेट मंत्री) की सिफारिश पर की जाती है। C. वजाहत हबीबुल्लाह भारत के पहले मुख्य सूचना आयुक्त (First Chief Information Commissioner) थे। D. यदि कोई लोक सूचना अधिकारी (PIO) बिना उचित कारण के सूचना देने से इनकार या देरी करता है, तो आयोग उस पर ₹250 प्रतिदिन की दर से अधिकतम ₹25,000 तक का जुर्माना लगा सकता है।

AA, B, C एवं D सभी
Bकेवल A, B और C
Cकेवल B, C और D
Dकेवल A और D

प्रश्न 132. 'नीति आयोग' (NITI Aayog - National Institution for Transforming India) के गठन, संरचना और कार्यप्रणाली के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. नीति आयोग का गठन 1 जनवरी 2015 को केंद्रीय मंत्रिमंडल के एक कार्यकारी संकल्प (Executive Resolution) द्वारा 65 वर्ष पुराने योजना आयोग के स्थान पर किया गया था। B. यह एक गैर-संवैधानिक और गैर-वैधानिक सलाहकार निकाय (थिंक टैंक) है जो 'सहकारी संघवाद' (Cooperative Federalism) और 'बॉटम-अप' (नीचे से ऊपर) दृष्टिकोण पर कार्य करता है। C. नीति आयोग के पदेन अध्यक्ष भारत के प्रधानमंत्री होते हैं, और इसकी 'गवर्निंग काउंसिल' में सभी राज्यों व विधानसभा वाले UTs के मुख्यमंत्री तथा अन्य UTs के उपराज्यपाल शामिल होते हैं। D. योजना आयोग के विपरीत, नीति आयोग के पास मंत्रालयों और राज्य सरकारों को विकास निधि/धन आवंटित (Allocate Funds) करने की कोई वित्तीय शक्ति नहीं है (यह कार्य अब वित्त मंत्रालय करता है)।

AA, B, C एवं D सभी
Bकेवल A, B और C
Cकेवल B, C और D
Dकेवल A और D

प्रश्न 133. नीति आयोग की योजना संरचना, प्रमुख पहलों और जारी किए जाने वाले सूचकांकों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. नीति आयोग ने पुरानी 5-वर्षीय योजनाओं के मॉडल को समाप्त कर 3-वर्षीय एक्शन एजेंडा, 7-वर्षीय मध्यम-अवधि रणनीति, और 15-वर्षीय दीर्घकालिक विज़न दस्तावेज की नई रूपरेखा अपनाई। B. जनवरी 2018 में नीति आयोग द्वारा देश के सबसे पिछड़े 112 जिलों के तीव्र रूपांतरण के लिए 'आकांक्षी जिला कार्यक्रम' (Aspirational Districts Programme - ADP) शुरू किया गया। C. नीति आयोग द्वारा राज्यों के बीच प्रतिस्पर्धी संघवाद को बढ़ावा देने के लिए 'SDG इंडिया इंडेक्स', 'राज्य स्वास्थ्य सूचकांक', 'समग्र जल प्रबंधन सूचकांक' और 'निर्यात तत्परता सूचकांक' जारी किए जाते हैं। D. 'मानव विकास सूचकांक' (Human Development Index - HDI) नीति आयोग द्वारा प्रतिवर्ष जारी किया जाने वाला एक प्रमुख राष्ट्रीय सूचकांक है।

Aकेवल A, B और C
Bकेवल B, C और D
Cकेवल A और D
DA, B, C एवं D सभी

प्रश्न 134. लोक नीति निर्माण प्रक्रिया (Public Policy Making Process) और प्रमुख नीति सिद्धांतों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. प्रसिद्ध नीति विश्लेषक थॉमस आर. डाई (Thomas R. Dye) के अनुसार "सरकारें जो कुछ भी करने या न करने का चुनाव करती हैं, वही लोक नीति है।" B. लोक नीति चक्र (Policy Cycle) के चरणों का सही तार्किक क्रम है: समस्या की पहचान (Problem Identification) → नीति निर्माण (Formulation) → नीति क्रियान्वयन (Implementation) → नीति मूल्यांकन (Evaluation)। C. चार्ल्स लिंडब्लोम (Charles Lindblom) द्वारा प्रस्तुत लोक नीति का 'वृद्धिशील मॉडल' (Incremental Model) वर्तमान नीतियों में धीरे-धीरे और छोटे सुधारों ('Muddling Through') पर बल देता है। D. लोक नीति में 'बॉटम-अप दृष्टिकोण' (Bottom-up Approach) स्थानीय समस्याओं, हितधारकों और जमीनी हकीकत को बेहतर ढंग से संबोधित करता है।

AA, B, C एवं D सभी
Bकेवल A, B और C
Cकेवल B, C और D
Dकेवल A और D

प्रश्न 135. लोक नीतियों के प्रकारों (Types of Public Policies) और नीति मूल्यांकन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. 'नियामक नीतियां' (Regulatory Policies) समाज में व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यक्तियों और व्यावसायिक संस्थाओं के व्यवहार व गतिविधियों को नियंत्रित करती हैं (जैसे यातायात नियम, RBI दिशा-निर्देश)। B. 'वितरणात्मक नीतियां' (Distributive Policies) समाज के विशिष्ट वर्गों को सार्वजनिक कोष से प्रत्यक्ष लाभ, अनुदान, सब्सिडी या सेवाएं प्रदान करती हैं (जैसे PDS राशन, छात्रवृत्तियां)। C. 'पुनर्वितरणात्मक नीतियां' (Redistributive Policies) धन और संसाधनों के बुनियादी पुनर्वितरण से संबंधित होती हैं (जैसे प्रगतिशील कराधान, भूमि सुधार)। D. 'प्रभाव मूल्यांकन' (Impact Evaluation) का मुख्य उद्देश्य यह आकलन करना है कि नीति ने अपने लक्षित दीर्घकालिक सामाजिक-आर्थिक परिणामों को वास्तविक रूप से प्राप्त किया है या नहीं।

AA, B, C एवं D सभी
Bकेवल A, B और C
Cकेवल B, C और D
Dकेवल A और D

प्रश्न 136. 'नागरिक अधिकार पत्र' (Citizen's Charter) की संकल्पना, सिद्धांतों और भारतीय अनुभव के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. नागरिक अधिकार पत्र की अवधारणा का उद्भव सर्वप्रथम 1991 में यूनाइटेड किंगडम (ब्रिटेन) में तत्कालीन प्रधानमंत्री जॉन मेजर द्वारा किया गया था। B. यूके नागरिक अधिकार पत्र के 6 मूल सिद्धांत हैं: गुणवत्ता (Quality), विकल्प (Choice), मानक (Standards), मूल्य (Value for money), जवाबदेही (Accountability), और पारदर्शिता (Transparency)। C. भारत में नागरिक अधिकार पत्र की शुरुआत मई 1997 में आयोजित मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन में एक कार्ययोजना अपनाने के पश्चात हुई। D. नागरिक अधिकार पत्र एक कानूनी रूप से बाध्यकारी दस्तावेज है और इसके मानकों का उल्लंघन होने पर नागरिक सीधे उच्च न्यायालय में रिट दायर कर सकते हैं।

Aकेवल A, B और C
Bकेवल B, C और D
Cकेवल A और D
DA, B, C एवं D सभी

प्रश्न 137. भारत में 'सेवोत्तम मॉडल' (Sevottam Model) और द्वितीय प्रशासनिक सुधार आयोग (2nd ARC) की सिफारिशों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. 'सेवोत्तम' (सेवा + उत्तम) मॉडल भारत सरकार के प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (DARPG) द्वारा सार्वजनिक सेवा वितरण की गुणवत्ता सुधारने हेतु 2006 में विकसित एक मूल्यांकन ढांचा है। B. सेवोत्तम मॉडल के तीन मुख्य स्तंभ (Modules) हैं: 1. नागरिक अधिकार पत्र का प्रभावी कार्यान्वयन, 2. लोक शिकायत निवारण तंत्र, और 3. सेवा वितरण क्षमता का विकास। C. द्वितीय प्रशासनिक सुधार आयोग (2nd ARC) की 12वीं रिपोर्ट का शीर्षक 'नागरिक केंद्रित प्रशासन: सुशासन का हृदय' (Citizen Centric Administration: The Heart of Governance) है। D. 2nd ARC ने सिफारिश की कि नागरिक अधिकार पत्रों को प्रभावी बनाने के लिए 'वन साइज फिट्स ऑल' (One size fits all) के सिद्धांत को सख्ती से अपनाया जाना चाहिए।

Aकेवल A, B और C
Bकेवल B, C और D
Cकेवल A और D
DA, B, C एवं D सभी

प्रश्न 138. 'सामाजिक अंकेक्षण' (Social Audit) की अवधारणा, वैधानिक स्थिति और भारत में इसके विकास के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. सामाजिक अंकेक्षण एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें समुदाय की सक्रिय भागीदारी से सरकारी योजनाओं के वास्तविक सामाजिक प्रभाव, व्यय की पारदर्शिता और लाभार्थियों तक पहुंच का मूल्यांकन किया जाता है। B. मनरेगा (MGNREGA, 2005) की धारा 17 भारत का पहला ऐसा केंद्रीय वैधानिक प्रावधान है जिसने ग्राम सभा द्वारा सभी विकास कार्यों का अनिवार्य सामाजिक अंकेक्षण करना बाध्यकारी बनाया। C. राजस्थान में 'मजदूर किसान शक्ति संगठन' (MKSS - अरुणा रॉय, निखिल डे आदि) ने 1990 के दशक में 'जन सुनवाई' (Public Hearing) के माध्यम से सामाजिक अंकेक्षण और RTI आंदोलन की नींव रखी थी। D. 'मेघालय' 2017 में सामाजिक अंकेक्षण को कानूनी रूप से अनिवार्य बनाने वाला कानून (Social Audit Act) पारित करने वाला भारत का पहला राज्य बना था।

AA, B, C एवं D सभी
Bकेवल A, B और C
Cकेवल B, C और D
Dकेवल A और D

प्रश्न 139. लोक शिकायत निवारण तंत्र (Public Grievance Redressal), ई-गवर्नेंस और संबंधित कानूनों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. भारत सरकार का CPGRAMS (Centralized Public Grievance Redress and Monitoring System) पोर्टल DARPG द्वारा नागरिकों की ऑनलाइन शिकायतें दर्ज करने और निगरानी हेतु विकसित 24x7 मंच है। B. राजस्थान सरकार द्वारा नागरिकों की शिकायतों के त्वरित और पारदर्शी निवारण के लिए 'राजस्थान संपर्क' (Sampark) पोर्टल और हेल्पलाइन (181) संचालित की जा रही है। C. मध्य प्रदेश 2010 में नागरिकों को समयबद्ध सेवा वितरण की गारंटी देने वाला 'लोक सेवा गारंटी अधिनियम' (Right to Public Services Act) लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना था। D. 'व्हिसलब्लोअर्स प्रोटेक्शन एक्ट, 2014' सार्वजनिक पदाधिकारियों द्वारा किए जाने वाले भ्रष्टाचार या सत्ता के दुरुपयोग को उजागर करने वाले व्यक्तियों की पहचान गुप्त रखने और उन्हें उत्पीड़न से संरक्षण प्रदान करता है।

AA, B, C एवं D सभी
Bकेवल A, B और C
Cकेवल B, C और D
Dकेवल A और D

प्रश्न 140. 106वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2023 ('नारी शक्ति वंदन अधिनियम') के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. यह अधिनियम लोक सभा, राज्य विधानसभाओं और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली की विधानसभा में महिलाओं के लिए '33% (एक-तिहाई) आरक्षण' का प्रावधान करता है। B. इस संशोधन द्वारा संविधान में नए अनुच्छेद 330A, 332A और 334A जोड़े गए तथा अनुच्छेद 239AA में संशोधन किया गया। C. यह आरक्षण राज्य सभा और राज्यों की विधान परिषदों (Legislative Councils) में भी पूर्णतः लागू होगा। D. अधिनियम के अनुसार यह आरक्षण आगामी नई जनगणना के आंकड़ों के प्रकाशन के बाद होने वाली 'परिसीमन प्रक्रिया' (Delimitation) के पूरा होने के बाद प्रभावी होगा और इसकी प्रारंभिक अवधि 15 वर्ष होगी।

Aकेवल A, B और D
Bकेवल B, C और D
Cकेवल A और C
DA, B, C एवं D सभी

प्रश्न 141. 105वें संविधान संशोधन अधिनियम (2021) और अन्य हालिया संशोधनों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. 105वें संविधान संशोधन अधिनियम (2021) का मुख्य उद्देश्य राज्यों को अपनी सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों (SEBC / OBC) की राज्य सूची स्वयं पहचानने और तैयार करने की शक्ति को पुनः बहाल करना था। B. सर्वोच्च न्यायालय के 'मराठा आरक्षण मामले' (2021) में दिए गए उस निर्णय के प्रभाव को दूर करने के लिए यह संशोधन लाया गया था जिसने राज्यों की OBC सूची बनाने की शक्ति को सीमित कर दिया था। C. 102वें संविधान संशोधन (2018) द्वारा 'राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग' (NCBC) को अनुच्छेद 338B के तहत संवैधानिक दर्जा दिया गया था। D. 103वें संविधान संशोधन (2019) द्वारा सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (EWS) को 10% आरक्षण प्रदान किया गया, जिसे सर्वोच्च न्यायालय की 5-जजों की संविधान पीठ ने 'जनहित अभियान वाद' (2022) में वैध ठहराया।

AA, B, C एवं D सभी
Bकेवल A, B और C
Cकेवल B, C और D
Dकेवल A और D

प्रश्न 142. भारत के नए आपराधिक कानूनों (New Criminal Laws 2023-2024) और कानूनी सुधारों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. औपनिवेशिक युग की 'भारतीय दंड संहिता, 1860' (IPC) को 'भारतीय न्याय संहिता, 2023' (Bharatiya Nyaya Sanhita - BNS) द्वारा प्रतिस्थापित किया गया है। B. 'दंड प्रक्रिया संहिता, 1973' (CrPC) को 'भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023' (Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita - BNSS) द्वारा प्रतिस्थापित किया गया है। C. 'भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872' (Indian Evidence Act) को 'भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023' (Bharatiya Sakshya Adhiniyam - BSA) द्वारा प्रतिस्थापित किया गया है। D. ये तीनों नए आपराधिक कानून भारत में 1 जुलाई 2024 से पूर्ण रूप से प्रभावी हो गए हैं।

AA, B, C एवं D सभी
Bकेवल A, B और C
Cकेवल B, C और D
Dकेवल A और D

प्रश्न 143. 'चुनावी बांड योजना' (Electoral Bonds Scheme) पर सर्वोच्च न्यायालय के ऐतिहासिक निर्णय (फरवरी 2024) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. भारत के मुख्य न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली 5-न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने सर्वसम्मति से 'चुनावी बांड योजना' को असंवैधानिक घोषित कर रद्द कर दिया। B. सर्वोच्च न्यायालय ने निर्णय दिया कि अनाम चुनावी बांड मतदाताओं के अनुच्छेद 19(1)(a) के तहत प्रदत्त 'सूचना के अधिकार' (Right to Information) का खुला उल्लंघन करते हैं। C. न्यायालय ने माना कि राजनीतिक दलों को मिलने वाले गुप्त कॉर्पोरेट चंदे से नीति निर्माण प्रभावित होने (Quid Pro Quo) की संभावना बढ़ती है। D. न्यायालय ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) को चुनावी बांड के खरीदारों और इन बांडों को भुनाने वाले राजनीतिक दलों का संपूर्ण विवरण चुनाव आयोग को सौंपने का निर्देश दिया।

AA, B, C एवं D सभी
Bकेवल A, B और C
Cकेवल B, C और D
Dकेवल A और D

प्रश्न 144. सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अनुसूचित जातियों (SC) और अनुसूचित जनजातियों (ST) के 'उप-वर्गीकरण' (Sub-classification) पर दिए गए ऐतिहासिक निर्णय (अगस्त 2024) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. भारत के मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली 7-न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने 6:1 के ऐतिहासिक बहुमत से राज्यों को SC और ST सूचियों का उप-वर्गीकरण करने का अधिकार दिया। B. इस निर्णय ने 2004 के 'ई. वी. चिन्नैया बनाम आंध्र प्रदेश राज्य' के उस पूर्व फैसले को पलट दिया जिसमें कहा गया था कि SC/ST एक समरूप (Homogeneous) समूह हैं और उनका उप-वर्गीकरण नहीं हो सकता। C. न्यायालय ने माना कि राज्य सरकारें SC/ST वर्ग के भीतर सबसे अधिक पिछड़े और वंचित समुदायों (जैसे सफाई कर्मचारी, वाल्मीकि, मडिगा आदि) के उत्थान के लिए अलग उप-कोटा (कोटे के भीतर कोटा) निर्धारित कर सकती हैं। D. न्यायालय ने स्पष्ट किया कि राज्यों द्वारा किया जाने वाला यह उप-वर्गीकरण मनमाना नहीं हो सकता, बल्कि यह अनुभवजन्य और वैज्ञानिक आंकड़ों (Empirical Data) पर आधारित होना चाहिए तथा यह न्यायिक समीक्षा के अधीन होगा।

AA, B, C एवं D सभी
Bकेवल A, B और C
Cकेवल B, C और D
Dकेवल A और D

प्रश्न 145. अनुच्छेद 370 के निरस्तीकरण पर सर्वोच्च न्यायालय की संविधान पीठ के ऐतिहासिक निर्णय (दिसंबर 2023) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. 11 दिसंबर 2023 को 5-न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने सर्वसम्मति से केंद्र सरकार द्वारा 5 अगस्त 2019 को संविधान के अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के निर्णय को वैध ठहराया। B. न्यायालय ने निर्णय दिया कि अनुच्छेद 370 भारतीय संविधान का एक 'अस्थायी और संक्रमणकालीन प्रावधान' (Temporary and Transitional Provision) था, जो संविधान के भाग XXI में उल्लिखित था। C. न्यायालय ने माना कि 1947 में भारत में विलय के साथ ही जम्मू और कश्मीर राज्य ने अपनी आंतरिक संप्रभुता (Internal Sovereignty) का पूरी तरह त्याग कर दिया था। D. न्यायालय ने भारत के चुनाव आयोग को सितंबर 2024 तक जम्मू-कश्मीर विधानसभा के चुनाव कराने तथा केंद्र को राज्य का दर्जा यथाशीघ्र बहाल करने का निर्देश दिया।

AA, B, C एवं D सभी
Bकेवल A, B और C
Cकेवल B, C और D
Dकेवल A और D

प्रश्न 146. 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' (Simultaneous Elections) हेतु गठित उच्च स्तरीय समिति (HLC) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. केंद्र सरकार द्वारा सितंबर 2023 में भारत के पूर्व राष्ट्रपति 'रामनाथ कोविंद' की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया था। B. समिति ने मार्च 2024 में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपी जिसमें लोक सभा, राज्य विधानसभाओं और स्थानीय निकायों के चुनाव एक साथ कराने की सिफारिश की गई। C. समिति ने पहले चरण में लोक सभा और सभी राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराने तथा दूसरे चरण में 100 दिनों के भीतर नगर पालिकाओं व पंचायतों के चुनाव कराने की त्रि-स्तरीय योजना सुझाई। D. समिति ने पूरे देश के लिए एक 'एकल निर्वाचक नामावली' (Single Electoral Roll) और साझा मतदाता पहचान पत्र तैयार करने की सिफारिश की।

AA, B, C एवं D सभी
Bकेवल A, B और C
Cकेवल B, C और D
Dकेवल A और D

प्रश्न 147. भारत के नए संसद भवन (New Parliament House) की स्थापत्य कला और विशेषताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. नए संसद भवन का उद्घाटन 28 मई 2023 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया था और इसका आकार 'त्रिकोणीय' (Triangular) है। B. नए संसद भवन के मुख्य वास्तुकार पद्मश्री 'बिमल पटेल' (HCP डिजाइन) हैं। C. लोक सभा कक्ष की आंतरिक सज्जा की थीम राष्ट्रीय पक्षी 'मोर' (Peacock) पर तथा राज्य सभा कक्ष की थीम राष्ट्रीय पुष्प 'कमल' (Lotus) पर आधारित है। D. लोक सभा अध्यक्ष के आसन के समीप पवित्र ऐतिहासिक 'सेंगोल' (Sengol - राजदंड) स्थापित किया गया है, जो सत्ता के न्यायपूर्ण हस्तांतरण का प्रतीक है।

AA, B, C एवं D सभी
Bकेवल A, B और C
Cकेवल B, C और D
Dकेवल A और D

प्रश्न 148. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 368 के तहत 'संविधान संशोधन की प्रक्रिया' और मूल ढांचे के सिद्धांत के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. अनुच्छेद 368 संविधान में संशोधन के दो तरीके प्रदान करता है: 1. संसद के विशेष बहुमत द्वारा, और 2. संसद के विशेष बहुमत तथा कम से कम आधे राज्यों के विधानमंडलों के साधारण बहुमत से अनुसमर्थन द्वारा। B. नए राज्यों का निर्माण, नागरिकता के नियम, और विधान परिषदों का गठन जैसे संशोधन साधारण बहुमत से होते हैं और वे अनुच्छेद 368 के तहत संविधान संशोधन नहीं माने जाते। C. संविधान संशोधन विधेयक संसद के किसी भी सदन में पेश किया जा सकता है और इसके लिए राष्ट्रपति की पूर्व अनुमति की आवश्यकता नहीं होती। D. संविधान संशोधन विधेयक के संबंध में दोनों सदनों में असहमति होने पर संसद की 'संयुक्त बैठक' (Joint Sitting) का कोई प्रावधान नहीं है।

AA, B, C एवं D सभी
Bकेवल A, B और C
Cकेवल B, C और D
Dकेवल A और D

प्रश्न 149. भारतीय संविधान के विकास में मील का पत्थर साबित हुए ऐतिहासिक वादों (Landmark Judgments) और उनके द्वारा प्रतिपादित सिद्धांतों का सही मिलान कीजिए: सूची-I (ऐतिहासिक वाद): सूची-I: A. केशवानंद भारती वाद (1973) B. मेनका गांधी वाद (1978) C. एस. आर. बोम्मई वाद (1994) D. के. एस. पुट्टास्वामी वाद (2017) सूची-II: 1. 'विधि की सम्यक प्रक्रिया' (Due Process of Law) और जीवन के अधिकार का व्यापक विस्तार 2. 'संविधान का मूल ढांचा सिद्धांत' (Basic Structure Doctrine) 3. 'निजता का अधिकार' (Right to Privacy) अनुच्छेद 21 के तहत मौलिक अधिकार 4. पंथनिरपेक्षता मूल ढांचा तथा राष्ट्रपति शासन (अनुच्छेद 356) की न्यायिक समीक्षा

AA-2, B-1, C-4, D-3
BA-1, B-2, C-3, D-4
CA-2, B-4, C-1, D-3
DA-4, B-1, C-2, D-3

प्रश्न 150. भारतीय संविधान के प्रमुख संवैधानिक निकायों, वैधानिक आयोगों और उनसे संबंधित अनुच्छेदों/अधिनियमों का सही मिलान कीजिए: सूची-I (निकाय / आयोग): सूची-I: A. भारत का नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) B. भारत का वित्त आयोग (Finance Commission) C. संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) D. राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) सूची-II: 1. अनुच्छेद 280 2. अनुच्छेद 148 3. अनुच्छेद 338A 4. अनुच्छेद 315

AA-2, B-1, C-4, D-3
BA-1, B-2, C-3, D-4
CA-2, B-4, C-1, D-3
DA-3, B-1, C-4, D-2