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20 random sawal
GK & GS Paper
New India Education (NIEd)
New India Education (NIEd) — www.omkarsir.in
📚 20 random sawal
विषय: GK & GS Paper अंक: 21 समय: 21 Minutes कुल प्रश्न: 21 व्याख्या: 20 / 21 दिनांक: — Batch: RAS FOUNDATION COURSE
1
भारत की तटरेखा एवं जलीय सीमा से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
A.भारत की मुख्य भूमि एवं द्वीपों सहित कुल तटरेखा की लंबाई वैज्ञानिक पुनर्मापन के अनुसार 11,098.81 किमी निर्धारित की गई है।
B.राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों में समग्र रूप से सर्वाधिक लंबी तटरेखा गुजरात राज्य की है।
C.भारत का अनन्य आर्थिक क्षेत्र (EEZ) आधार रेखा से 200 समुद्री मील (लगभग 370 किमी) तक विस्तृत है।
D.प्रादेशिक जल सीमा (Territorial Sea) में तटीय देश को केवल सीमा-शुल्क वसूली एवं स्वच्छता का ही सीमित अधिकार प्राप्त होता है।
(a) केवल A, B और C ✗
(b) केवल A और C ✓
(c) केवल B और D ✗
(d) A, B, C एवं D सभी ✗
(e) अनुत्तरित प्रश्न ✗
📝 व्याख्या (Explanation)
कथन A सही है, क्योंकि पोत परिवहन मंत्रालय तथा राष्ट्रीय जल-सर्वेक्षण कार्यालय द्वारा आधुनिक GIS एवं उच्च-विभेदन डेटा से उच्च ज्वार रेखा के पुनर्मापन के बाद भारत की कुल तटरेखा 11,098.81 किमी आँकी गई है, जो पूर्व में 7,516.6 किमी मानी जाती थी। कथन B असत्य है, क्योंकि समग्र रूप से (राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों दोनों को मिलाकर) सर्वाधिक लंबी तटरेखा अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह (3,083.50 किमी) की है; गुजरात (2,340.62 किमी) केवल 'राज्यों' में प्रथम स्थान पर है। कथन C सही है, क्योंकि संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून सम्मेलन (UNCLOS) के प्रावधानों के अनुसार आधार रेखा से 200 समुद्री मील तक अनन्य आर्थिक क्षेत्र (EEZ) का विस्तार होता है, जिसमें भारत को प्राकृतिक संसाधनों के विदोहन व वैज्ञानिक अनुसंधान के अनन्य अधिकार प्राप्त हैं। कथन D असत्य है, क्योंकि आधार रेखा से 12 समुद्री मील तक विस्तृत प्रादेशिक जल सीमा (Territorial Sea) पर भारत का पूर्ण संप्रभु (Sovereign) अधिकार होता है, जबकि सीमा-शुल्क वसूली एवं वित्तीय सुरक्षा संबंधी अधिकार 24 समुद्री मील तक विस्तृत 'संलग्न क्षेत्र' (Contiguous Zone) में प्राप्त होते हैं। ⚡ [परीक्षा-उपयोगी सूक्ष्म दृष्टि / RPSC Trap Alert]: परीक्षार्थी अक्सर समग्र तटरेखा में गुजरात को प्रथम मान लेते हैं, जबकि अंडमान-निकोबार की तटरेखा गुजरात से भी अधिक लंबी है। इसके अतिरिक्त 1 समुद्री मील (Nautical Mile) 1.852 किमी के बराबर होता है, जिसे स्थलीय मील (लगभग 1.6 किमी) से पृथक समझना आवश्यक है।
2
भारत की मानक समय रेखा (82°30' पूर्वी देशांतर) तथा कर्क रेखा (23°30' उत्तरी अक्षांश) एक-दूसरे को किस राज्य के ज़िले में काटती हैं?
(a) मध्य प्रदेश के जबलपुर ज़िले में ✗
(b) ओडिशा के संबलपुर ज़िले में ✗
(c) छत्तीसगढ़ के सूरजपुर ज़िले में ✓
(d) झारखंड के राँची ज़िले में ✗
(e) अनुत्तरित प्रश्न ✗
📝 व्याख्या (Explanation)
भारत की मानक याम्योत्तर रेखा (82°30' E) तथा कर्क रेखा (23°30' N) एक-दूसरे को छत्तीसगढ़ राज्य के सूरजपुर ज़िले (पूर्व में कोरिया ज़िले का भाग) में परस्पर काटती हैं। कर्क रेखा भारत के 8 राज्यों (गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा एवं मिज़ोरम) से होकर गुजरती है, जबकि भारतीय मानक समय (IST) रेखा 5 राज्यों (उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा एवं आंध्र प्रदेश) से होकर गुजरती है। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ मात्र ऐसे दो राज्य हैं जहाँ से ये दोनों महत्वपूर्ण भौगोलिक रेखाएँ एक साथ गुजरती हैं। ⚡ [परीक्षा-उपयोगी सूक्ष्म दृष्टि / RPSC Trap Alert]: कर्क रेखा की सर्वाधिक लंबाई मध्य प्रदेश में तथा न्यूनतम लंबाई राजस्थान में है। कर्क रेखा के सबसे नज़दीक स्थित राजधानी राँची (झारखंड) है, जबकि मानक याम्योत्तर के सबसे नज़दीक स्थित राजधानी रायपुर (छत्तीसगढ़) है। माही नदी भारत की एकमात्र ऐसी नदी है जो कर्क रेखा को दो बार पार करती है। भारत का मानक समय ग्रीनविच मीन टाइम (GMT) से 5 घंटे 30 मिनट आगे है।
3
निम्नलिखित हिमालयी दर्रों को उनसे संबंधित राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के साथ सुमेलित कीजिए:
सूची-Iसूची-II
A. शिपकी ला1. अरुणाचल प्रदेश
B. नीति दर्रा2. सिक्किम
C. जेलेप ला3. हिमाचल प्रदेश
D. बोमडी ला4. उत्तराखंड
(a) A-3, B-4, C-2, D-1 ✓
(b) A-4, B-3, C-1, D-2 ✗
(c) A-3, B-2, C-4, D-1 ✗
(d) A-1, B-4, C-2, D-3 ✗
(e) अनुत्तरित प्रश्न ✗
📝 व्याख्या (Explanation)
सही सुमेलन A-3, B-4, C-2, D-1 है। शिपकी ला हिमाचल प्रदेश के किन्नौर ज़िले में स्थित है, जहाँ से सतलुज नदी तिब्बत से भारत में प्रवेश करती है तथा यह भारत-तिब्बत व्यापार मार्ग का प्रमुख केंद्र है। नीति दर्रा उत्तराखंड के चमोली ज़िले में महान हिमालय श्रेणी में स्थित है, जो कैलाश-मानसरोवर यात्रा एवं तिब्बत संपर्क हेतु प्रयुक्त होता है (माना, नीति व लिपुलेख उत्तराखंड के प्रमुख दर्रे हैं)। जेलेप ला सिक्किम में चुम्बी घाटी के समीप स्थित है, जो ल्हासा (तिब्बत) को कलिम्पोंग व गंगटोक से जोड़ता है। बोमडी ला (बोमडिला) अरुणाचल प्रदेश के पश्चिम कामेंग ज़िले में स्थित है, जो अरुणाचल को ल्हासा से जोड़ता है। ⚡ [परीक्षा-उपयोगी सूक्ष्म दृष्टि / RPSC Trap Alert]: नाथू ला और जेलेप ला दोनों सिक्किम में हैं, जबकि बम ला और यांग्याप दर्रा अरुणाचल प्रदेश में हैं। यांग्याप दर्रे के समीप से ही ब्रह्मपुत्र नदी भारत में प्रवेश करती है। लद्दाख स्थित उमलिंग-ला (ऊँचाई लगभग 19,300 फीट) विश्व के सर्वोच्च मोटरेबल दर्रों में शामिल है, जबकि पीरपंजाल व बनिहाल दर्रे जम्मू-कश्मीर में स्थित हैं।
4
दक्कन ट्रैप (Deccan Trap) की बेसाल्टी लावा संरचना के भूगर्भिक निर्माण के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?
(a) इसका निर्माण कार्बोनिफेरस काल में टेथिस भूसन्नति के अवसादों के वलन से हुआ। ✗
(b) इसका निर्माण क्रिटेशियस काल के उत्तरार्ध में भारतीय प्लेट के रियूनियन हॉटस्पॉट के ऊपर से गुजरने के दौरान दरारी ज्वालामुखी उद्भेदन से हुआ। ✓
(c) यह प्री-कैम्ब्रियन काल की आग्नेय व कायांतरित चट्टानों से निर्मित है जो धात्विक खनिजों का प्रमुख स्रोत है। ✗
(d) इसका निर्माण प्लाइस्टोसीन काल में सिंधु और गंगा नदियों द्वारा निक्षेपित जलोढ़ अवसादों से हुआ। ✗
(e) अनुत्तरित प्रश्न ✗
📝 व्याख्या (Explanation)
दक्कन ट्रैप की उत्पत्ति क्रिटेशियस काल के उत्तरार्ध में (लगभग 6.6 करोड़ वर्ष पूर्व) हुई, जब भारतीय प्लेट उत्तर की ओर खिसकते समय हिंद महासागर में स्थित 'रियूनियन मैंटल प्लूम' (हॉटस्पॉट) के ऊपर से गुज़री। इस दौरान अत्यधिक मात्रा में क्षारीय बेसाल्टिक लावा का दरारी ज्वालामुखी उद्गार (fissure eruption) हुआ, जिससे सीढ़ीनुमा (step-like/trap) परतदार पठारी संरचना निर्मित हुई। इसी बेसाल्ट शैल के दीर्घकालिक अपक्षय एवं अपरदन से उपजाऊ काली मृदा (रेगुर) का विकास हुआ है, जो कपास की खेती के लिए सर्वोत्तम मानी जाती है। ⚡ [परीक्षा-उपयोगी सूक्ष्म दृष्टि / RPSC Trap Alert]: विकल्प A हिमालय की उत्पत्ति से संबंधित है; विकल्प C धारवाड़ शैल-क्रम से संबंधित है जिसमें सोना, लोहा व मैंगनीज़ मिलते हैं; तथा विकल्प D उत्तर भारत के विशाल मैदान की उत्पत्ति को दर्शाता है। गोंडवाना शैल-क्रम कार्बोनिफेरस से जुरासिक काल का है, जिसमें भारत का 98% कोयला भंडार पाया जाता है।
5
प्रायद्वीपीय भारत की पर्वत श्रेणियों एवं प्रमुख शिखरों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
A.प्रायद्वीपीय भारत एवं दक्षिण भारत का सर्वोच्च शिखर अनाईमुडी (2,695 मी.) अन्नामलाई पहाड़ियों में स्थित है।
B.डोडाबेट्टा (2,637 मी.) नीलगिरि पहाड़ियों का सर्वोच्च शिखर है, जहाँ पश्चिमी घाट और पूर्वी घाट का मिलन होता है।
C.धूपगढ़ (1,352 मी.) सतपुड़ा पर्वतमाला की महादेव पहाड़ियों में स्थित मध्य प्रदेश का सर्वोच्च शिखर है।
D.गुरु शिखर (1,722 मी.) विंध्याचल पर्वत श्रेणी का सर्वोच्च शिखर है जो मध्य प्रदेश में स्थित है।
(a) केवल A, B और D ✗
(b) केवल B, C और D ✗
(c) केवल A, B और C ✓
(d) A, B, C एवं D सभी ✗
(e) अनुत्तरित प्रश्न ✗
📝 व्याख्या (Explanation)
कथन A सही है, क्योंकि केरल में अन्नामलाई पहाड़ियों पर स्थित अनाईमुडी (2,695 मी.) संपूर्ण प्रायद्वीपीय भारत एवं दक्षिण भारत का सर्वोच्च पर्वत शिखर है। कथन B सही है, क्योंकि नीलगिरि पहाड़ियों की सबसे ऊँची चोटी डोडाबेट्टा (2,637 मी.) है और नीलगिरि पर्वत ग्रंथि पर ही पश्चिमी घाट एवं पूर्वी घाट पर्वतमालाओं का संगम होता है। कथन C सही है, क्योंकि पंचमढ़ी के निकट महादेव पहाड़ियों में स्थित धूपगढ़ (1,352 मी.) सतपुड़ा श्रेणी तथा मध्य प्रदेश का उच्चतम बिंदु है। कथन D असत्य है, क्योंकि गुरु शिखर (1,722 मी.) अरावली पर्वतमाला का सर्वोच्च शिखर है, जो राजस्थान के सिरोही ज़िले में माउंट आबू पर स्थित है, न कि विंध्याचल श्रेणी में। विंध्याचल श्रेणी की सबसे ऊँची चोटी सद्भावना शिखर (गुडविल पीक / कालूमार पीक) है। ⚡ [परीक्षा-उपयोगी सूक्ष्म दृष्टि / RPSC Trap Alert]: पश्चिमी घाट एक सतत भ्रंश-कगार (block mountain/scarp) है, जबकि पूर्वी घाट एक अत्यधिक अपरदित एवं नदियों द्वारा विच्छेदित असंतत अवशिष्ट पर्वतमाला है। पूर्वी घाट का सर्वोच्च शिखर जिंदगड़ा पीक (1,690 मी., आंध्र प्रदेश) है, जिसके बाद देवमाली (1,672 मी., ओडिशा) व महेंद्रगिरि (1,501 मी., ओडिशा) आते हैं।
6
सिंधु नदी तंत्र एवं उसकी सहायक नदियों से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
A.सिंधु नदी का उद्गम तिब्बत में मानसरोवर झील के निकट बोखर चू हिमनद से होता है, जहाँ इसे 'सिंगी खंबान' कहा जाता है।
B.चिनाब नदी का निर्माण हिमाचल प्रदेश में बारालाचा ला के दोनों ओर से निकलने वाली चंद्रा और भागा नामक दो धाराओं के संगम से होता है।
C.पंचनद की नदियों में केवल व्यास नदी ऐसी नदी है जिसका संपूर्ण प्रवाह केवल भारत की भौगोलिक सीमा के भीतर है।
D.सिंधु जल संधि (1960) के अंतर्गत भारत को पश्चिमी नदियों (सिंधु, झेलम, चिनाब) के संपूर्ण जल के अनन्य उपयोग का पूर्ण अधिकार प्राप्त है।
(a) केवल A, B और D ✗
(b) केवल A, B और C ✓
(c) केवल B, C और D ✗
(d) A, B, C एवं D सभी ✗
(e) अनुत्तरित प्रश्न ✗
📝 व्याख्या (Explanation)
कथन A सही है, क्योंकि सिंधु का उद्गम कैलाश पर्वतमाला के उत्तरी ढाल पर बोखर चू हिमनद से होता है और तिब्बत में इसे सिंगी खंबान (शेर का मुख) कहते हैं। कथन B सही है, क्योंकि हिमाचल प्रदेश के लाहौल में तांडी के निकट चंद्रा और भागा के मिलने से चंद्रभागा (चिनाब) बनती है, जो सिंधु की सबसे बड़ी सहायक नदी है। कथन C सही है, क्योंकि व्यास नदी रोहतांग दर्रे के पास व्यास कुंड से निकलकर पंजाब में हरिके नामक स्थान पर सतलज से मिल जाती है; इसका संपूर्ण मार्ग भारत में ही है। कथन D असत्य है, क्योंकि 1960 की सिंधु जल संधि (विश्व बैंक की मध्यस्थता) के तहत भारत को तीन पूर्वी नदियों (रावी, ब्यास, सतलज) के जल का अनन्य अधिकार मिला, जबकि पश्चिमी नदियों (सिंधु, झेलम, चिनाब) के जल का लगभग 80% भाग पाकिस्तान के उपयोग हेतु आवंटित किया गया (भारत को सीमित गैर-उपभोग्य, घरेलू व रन-ऑफ़-द-रिवर पनबिजली उपयोग की अनुमति है)। ⚡ [परीक्षा-उपयोगी सूक्ष्म दृष्टि / RPSC Trap Alert]: झेलम नदी पीरपंजाल के गिरिपद में स्थित वेरीनाग झरने से निकलती है, श्रीनगर व वूलर झील से होकर बहती है और पाकिस्तान में चिनाब से मिलती है। सतलज नदी का उद्गम तिब्बत में राक्षसताल (राकसताल) से होता है, जहाँ इसे 'लॉन्गचेन खंबाब' कहा जाता है।
7
निम्नलिखित प्रायद्वीपीय नदियों को उनके उद्गम स्थलों के साथ सुमेलित कीजिए:
सूची-Iसूची-II
A. गोदावरी1. महाबलेश्वर (महाराष्ट्र)
B. कृष्णा2. अमरकंटक पठार (मध्य प्रदेश)
C. कावेरी3. त्र्यंबकेश्वर, नासिक (महाराष्ट्र)
D. नर्मदा4. ब्रह्मगिरि पहाड़ियाँ, कूर्ग (कर्नाटक)
(a) A-3, B-1, C-4, D-2 ✓
(b) A-1, B-3, C-4, D-2 ✗
(c) A-3, B-4, C-1, D-2 ✗
(d) A-4, B-1, C-3, D-2 ✗
(e) अनुत्तरित प्रश्न ✗
📝 व्याख्या (Explanation)
सही सुमेलन A-3, B-1, C-4, D-2 है। गोदावरी नदी प्रायद्वीपीय भारत की सबसे लंबी नदी (1,465 किमी) है, जिसका उद्गम महाराष्ट्र के नासिक ज़िले में त्र्यंबकेश्वर से होता है; इसे 'दक्षिण गंगा' या 'वृद्ध गंगा' भी कहा जाता है। कृष्णा नदी (1,401 किमी) पश्चिमी घाट में महाराष्ट्र के महाबलेश्वर के समीप से निकलती है और कर्नाटक, तेलंगाना व आंध्र प्रदेश से बहते हुए बंगाल की खाड़ी में गिरती है। कावेरी नदी (800 किमी) कर्नाटक के कोडागु (कूर्ग) ज़िले में ब्रह्मगिरि पहाड़ियों (तालकावेरी) से निकलती है; इसमें ग्रीष्म में दक्षिण-पश्चिम मानसून और शीत में उत्तर-पूर्वी मानसून दोनों से जल प्राप्त होता है, अतः यह वर्षवाहिनी प्रकृति की है। नर्मदा नदी (1,312 किमी) मध्य प्रदेश के अनूपपुर ज़िले में अमरकंटक पठार से निकलती है और विंध्य व सतपुड़ा के मध्य भ्रंश घाटी (Rift Valley) से पश्चिम की ओर बहती हुई खंभात की खाड़ी में ज्वारनदमुख (Estuary) बनाती है। ⚡ [परीक्षा-उपयोगी सूक्ष्म दृष्टि / RPSC Trap Alert]: नर्मदा और तापी (उद्गम मुलताई, बैतूल) दोनों नदियाँ डेल्टा नहीं बनातीं बल्कि एश्चुअरी बनाती हैं। वहीं गोदावरी, कृष्णा, महानदी और कावेरी नदियाँ बंगाल की खाड़ी में विशाल उपजाऊ डेल्टा का निर्माण करती हैं।
8
निम्नलिखित झीलों को उनकी उत्पत्ति एवं प्रकृति के आधार पर सुमेलित कीजिए:
सूची-Iसूची-II
A. वुलर झील1. उल्कापिंड प्रहार जनित (क्रेटर झील)
B. लोनार झील2. विवर्तनिक (टेक्टोनिक) प्रक्रिया से निर्मित मीठे पानी की झील
C. चिल्का झील3. नदी विसर्प के कटने से निर्मित गोखुर झील (Oxbow Lake)
D. कंवर झील4. तटीय लैगून (खारे पानी की अनूप झील)
(a) A-2, B-4, C-1, D-3 ✗
(b) A-2, B-1, C-4, D-3 ✓
(c) A-3, B-1, C-4, D-2 ✗
(d) A-4, B-2, C-1, D-3 ✗
(e) अनुत्तरित प्रश्न ✗
📝 व्याख्या (Explanation)
सही सुमेलन A-2, B-1, C-4, D-3 है। वुलर झील (जम्मू-कश्मीर) का निर्माण भू-विवर्तनिक (टेक्टोनिक) हलचल से हुआ है, जिस पर झेलम नदी का प्रवाह बना रहता है; यह जल-आयतन की दृष्टि से भारत की सबसे बड़ी मीठे पानी की प्राकृतिक झील है। लोनार झील (बुलढाणा, महाराष्ट्र) बेसाल्टी चट्टान में अति-तीव्र उल्कापिंड के टकराने (हाइपर-वेलोसिटी इम्पैक्ट) से निर्मित विश्वविख्यात क्रेटर झील है। चिल्का झील (ओडिशा) भारत की सबसे बड़ी खारे पानी की तटीय लैगून झील है, जो दया व भार्गवी नदियों के मुहाने पर बंगाल की खाड़ी से बालू-भित्ति द्वारा आंशिक पृथक है। कंवर झील (बेगूसराय, बिहार) बूढ़ी गंडक नदी के पुराने विसर्प के कटने से बनी एशिया की सबसे बड़ी ताज़े पानी की गोखुर (ऑक्सबो) झील है। ⚡ [परीक्षा-उपयोगी सूक्ष्म दृष्टि / RPSC Trap Alert]: राजस्थान की सांभर झील एक अंतःस्थलीय प्लाया (वायु-निर्मित लवणीय गर्त) झील है जो अभिकेंद्रीय अपवाह का उत्कृष्ट उदाहरण है। सिक्किम की चो-ल्हामू झील भारत की सबसे ऊँची झीलों में से एक है (तीस्ता नदी का उद्गम), जबकि केरल की वेम्बनाड कयाल भारत की सबसे लंबी झील (लगभग 96 किमी) है।
9
भारत में आर्द्रभूमियों (Wetlands) एवं रामसर सम्मेलन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
A.भारत 1 फरवरी 1982 को रामसर सम्मेलन (1971) का औपचारिक पक्षकार बना था।
B.चिल्का झील (ओडिशा) और केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान (राजस्थान) 1981 में घोषित भारत के प्रथम दो रामसर स्थल थे।
C.भारत में राज्यों के स्तर पर सर्वाधिक संख्या में रामसर स्थल वर्तमान में तमिलनाडु राज्य में स्थित हैं।
D.मोंट्रेक्स रिकॉर्ड उन अंतरराष्ट्रीय आर्द्रभूमियों की सूची है जिन्हें उत्कृष्ट संरक्षण कार्यों हेतु वैश्विक पुरस्कार प्राप्त हुआ है।
(a) केवल A, B और D ✗
(b) केवल B, C और D ✗
(c) केवल A, B और C ✓
(d) A, B, C एवं D सभी ✗
(e) अनुत्तरित प्रश्न ✗
📝 व्याख्या (Explanation)
कथन A सही है, क्योंकि रामसर कन्वेंशन (ईरान, 1971) पर भारत ने आधिकारिक रूप से 1 फरवरी 1982 को हस्ताक्षर किए थे। कथन B सही है, क्योंकि चिल्का झील और केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान को 1981 में भारत के पहले दो रामसर स्थलों के रूप में मान्यता मिली थी। कथन C सही है, क्योंकि तमिलनाडु में देश के सर्वाधिक रामसर स्थल (लगभग 18) हैं, जिसके उपरांत उत्तर प्रदेश दूसरे स्थान पर आता है। कथन D असत्य है, क्योंकि 'मोंट्रेक्स रिकॉर्ड' (Montreux Record) रामसर सूची के अंतर्गत उन संकटग्रस्त आर्द्रभूमियों का रजिस्टर है जहाँ मानवीय हस्तक्षेप, प्रदूषण या तकनीकी विकास के कारण पारिस्थितिक स्वरूप में नकारात्मक परिवर्तन आ चुका है, आ रहा है या आने की आशंका है; यह कोई सम्मान या पुरस्कार सूची नहीं है बल्कि एक 'अलर्ट/निगरानी सूची' है। वर्तमान में भारत के दो स्थल - केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान (राजस्थान) तथा लोकटक झील (मणिपुर) मोंट्रेक्स रिकॉर्ड में दर्ज हैं (चिल्का झील को सफल पुनरुद्धार के बाद इस सूची से बाहर कर दिया गया था)। ⚡ [परीक्षा-उपयोगी सूक्ष्म दृष्टि / RPSC Trap Alert]: हिमाचल प्रदेश की रेणुका झील भारत के सबसे छोटे रामसर स्थलों में शामिल है, जबकि सुंदरबन आर्द्रभूमि (पश्चिम बंगाल) क्षेत्रफल में भारत का सबसे बड़ा रामसर स्थल है।
10
भारत के दक्षिण-पश्चिम मानसून तंत्र के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
A.अंतर-उष्णकटिबंधीय अभिसरण मेखला (ITCZ) का ग्रीष्मकाल में गंगा के मैदान की ओर उत्तरवर्ती खिसकाव दक्षिण-पश्चिम मानसून की नींव तैयार करता है।
B.तिब्बती पठार का अत्यधिक ग्रीष्मकालीन तापन एक प्रभावी ऊष्मा स्रोत (thermal engine) के रूप में कार्य कर क्षोभमंडल में निम्न वायुदाब तंत्र बनाता है।
C.मैस्करीन उच्च (Mascarene High) दक्षिणी हिंद महासागर में मेडागास्कर के पूर्व स्थित एक उच्च वायुदाब केंद्र है जो मानसूनी पवनों को भारतीय प्रायद्वीप की ओर धकेलता है।
D.तमिलनाडु का कोरोमंडल तट दक्षिण-पश्चिम मानसून से अत्यधिक भारी वर्षा प्राप्त करता है क्योंकि यह अरब सागर शाखा के सीधे सम्मुख पड़ता है।
(a) केवल A, B और D ✗
(b) केवल A, B और C ✓
(c) केवल B, C और D ✗
(d) A, B, C एवं D सभी ✗
(e) अनुत्तरित प्रश्न ✗
📝 व्याख्या (Explanation)
कथन A सही है, क्योंकि जुलाई में ITCZ विषुवतीय रेखा से खिसककर 20°N-25°N अक्षांश (गंगा के मैदान) पर स्थापित हो जाती है, जिसे मानसूनी गर्त (Monsoon Trough) कहते हैं। कथन B सही है, क्योंकि लगभग 4,500 मीटर ऊँचा तिब्बती पठार तीव्र सौर विकिरण से गर्म होकर एक विशाल तापीय इंजन बन जाता है, जिससे यहाँ से वायु ऊपर उठती है और उच्च वायुमंडल में उष्णकटिबंधीय पूर्वी जेट स्ट्रीम (TEJ) का निर्माण होता है। कथन C सही है, क्योंकि मैस्करीन द्वीपों के निकट हिंद महासागर में बनने वाला मैस्करीन उच्च-दाब क्षेत्र दक्षिणी गोलार्ध की व्यापारिक पवनों को भूमध्य रेखा पार कराकर भारत की ओर प्रेरित करने वाला प्रमुख गतिक कारक है। कथन D असत्य है, क्योंकि तमिलनाडु तट दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान शुष्क रहता है; इसका कारण यह है कि यह बंगाल की खाड़ी शाखा की दिशा के समानांतर स्थित है तथा पश्चिमी घाट के कारण अरब सागर शाखा के वृष्टि-छाया (Rain-shadow) क्षेत्र में पड़ता है। तमिलनाडु को अपनी मुख्य वर्षा अक्टूबर-दिसंबर में लौटते हुए मानसून (उत्तर-पूर्वी मानसून) तथा तटीय चक्रवातों से प्राप्त होती है। ⚡ [परीक्षा-उपयोगी सूक्ष्म दृष्टि / RPSC Trap Alert]: अल-नीनो (El Niño) प्रशांत महासागर की गर्म जलधारा है जो सामान्यतः भारतीय मानसून को कमज़ोर करती है, जबकि धनात्मक हिंद महासागर द्विध्रुव (Positive IOD) भारतीय मानसून को अनुकूल रूप से सुदृढ़ करता है।
11
व्लादिमीर कोपेन के जलवायु वर्गीकरण के अनुसार भारत के जलवायु प्रकारों एवं उनके क्षेत्रों को सुमेलित कीजिए:
सूची-Iसूची-II
A. Amw1. कोरोमंडल तट (तमिलनाडु) - शुष्क ग्रीष्म वाली मानसूनी जलवायु
B. As2. पश्चिमी तटीय मैदान (गोवा के दक्षिण) - लघु शुष्क ऋतु वाली मानसूनी जलवायु
C. BWhw3. गंगा का मैदान एवं पूर्वी राजस्थान - शुष्क शीत वाली मानसूनी जलवायु
D. Cwg4. पश्चिमी राजस्थान का थार मरुस्थल - उष्ण मरुस्थलीय जलवायु
(a) A-2, B-1, C-4, D-3 ✓
(b) A-1, B-2, C-4, D-3 ✗
(c) A-2, B-3, C-1, D-4 ✗
(d) A-4, B-1, C-2, D-3 ✗
(e) अनुत्तरित प्रश्न ✗
📝 व्याख्या (Explanation)
सही सुमेलन A-2, B-1, C-4, D-3 है। कोपेन के जलवायु वर्गीकरण में: Amw (लघु शुष्क ऋतु युक्त उष्णकटिबंधीय मानसूनी जलवायु) पश्चिमी घाट के पश्चिमी ढाल व मालाबार तट पर पाई जाती है, जहाँ 200-300 सेमी से अधिक वर्षा होती है। As (शुष्क ग्रीष्म ऋतु वाली उष्णकटिबंधीय मानसूनी जलवायु) तमिलनाडु के कोरोमंडल तट पर मिलती है, जहाँ ग्रीष्मकाल शुष्क रहता है और वर्षा मुख्यतः शीतकाल में लौटते मानसून से होती है। BWhw (उष्ण मरुस्थलीय शुष्क जलवायु) पश्चिमी राजस्थान के जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर आदि क्षेत्रों में पाई जाती है जहाँ वाष्पीकरण वर्षण से अधिक होता है और वार्षिक वर्षा 25-30 सेमी से कम होती है। Cwg (शुष्क शीत ऋतु वाली मध्य-तापीय गंगा तुल्य मानसूनी जलवायु) उत्तरी भारत के विशाल मैदान (पंजाब से लेकर बिहार, असम व पूर्वी राजस्थान) में विस्तृत है। ⚡ [परीक्षा-उपयोगी सूक्ष्म दृष्टि / RPSC Trap Alert]: अरुणाचल प्रदेश की जलवायु Dfc (लघु ग्रीष्म युक्त शीत-आर्द्र जलवायु) है, जबकि जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल व उत्तराखंड के उच्च पर्वतीय भागों को E (ध्रुवीय/टुंड्रा प्रकार) में वर्गीकृत किया गया है।
12
भारत की प्राकृतिक वनस्पति एवं भारतीय वन सर्वेक्षण रिपोर्ट (ISFR) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
A.क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत में सर्वाधिक विस्तृत वन समूह उष्णकटिबंधीय शुष्क पर्णपाती वन (Tropical Dry Deciduous Forests) है।
B.चंदन, सागौन (Teak), साल और शीशम उष्णकटिबंधीय आर्द्र पर्णपाती वनों के प्रमुख आर्थिक दृष्टि से मूल्यवान वृक्ष हैं।
C.मैंग्रोव (ज्वारीय) वनों का सर्वाधिक क्षेत्रफल भारत में गुजरात राज्य में पाया जाता है।
D.नीलगिरि, अन्नामलाई और पलानी पहाड़ियों में पाए जाने वाले शीतोष्ण कटिबंधीय पर्वतीय वनों को स्थानीय रूप से 'शोला' (Sholas) कहा जाता है।
(a) केवल A, B और C ✗
(b) केवल B, C और D ✗
(c) केवल A, B और D ✓
(d) A, B, C एवं D सभी ✗
(e) अनुत्तरित प्रश्न ✗
📝 व्याख्या (Explanation)
कथन A सही है, क्योंकि भारत में कुल वनावरण में उष्णकटिबंधीय शुष्क पर्णपाती वन लगभग 41-43% भाग के साथ सबसे बड़े वन समूह का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो 70-100 सेमी वर्षा वाले प्रायद्वीपीय पठार व उत्तरी मैदानों में फैले हैं। कथन B सही है, क्योंकि 100-200 सेमी वर्षा वाले आर्द्र पर्णपाती वनों में साल, सागौन, शीशम, महुआ, आँवला और चंदन प्रमुखता से पाए जाते हैं। कथन C असत्य है, क्योंकि भारत में मैंग्रोव वनावरण का सर्वाधिक क्षेत्रफल पश्चिम बंगाल (सुंदरबन - कुल मैंग्रोव का लगभग 42%) में है; गुजरात दूसरे स्थान पर तथा अंडमान-निकोबार तीसरे स्थान पर है। कथन D सही है, क्योंकि दक्षिण भारत के 1,500 मीटर से अधिक ऊँचे पर्वतीय भागों में स्थित शीतोष्ण आर्द्र वनों को 'शोला' वन कहा जाता है, जहाँ मैग्नोलिया, लॉरेल, सिनकोना आदि पाए जाते हैं। ⚡ [परीक्षा-उपयोगी सूक्ष्म दृष्टि / RPSC Trap Alert]: सागौन और साल दोनों पर्णपाती (मानसूनी) वनस्पति हैं, इन्हें सदाबहार समझना आम त्रुटि है। सागौन का सर्वाधिक वन क्षेत्र मध्य प्रदेश में है। ISFR के अनुसार राज्यों में भौगोलिक क्षेत्रफल की दृष्टि से सर्वाधिक वनावरण मध्य प्रदेश में तथा प्रतिशतता की दृष्टि से मिज़ोरम में है (केंद्रशासित प्रदेशों में लक्षद्वीप सर्वोच्च है)।
13
निम्नलिखित राष्ट्रीय उद्यानों को उनसे संबंधित विशिष्ट वन्यजीवों अथवा भौगोलिक विशेषताओं के साथ सुमेलित कीजिए:
सूची-Iसूची-II
A. केइबुल लामजाओ1. एशियाई सिंह (Asiatic Lion) का एकमात्र प्राकृतिक आवास
B. काज़ीरंगा2. विश्व का एकमात्र तैरता हुआ राष्ट्रीय उद्यान (संगाई हिरण)
C. गिर राष्ट्रीय उद्यान3. गोडावण (ग्रेट इंडियन बस्टर्ड) का प्रमुख प्राकृतिक वास
D. मरु राष्ट्रीय उद्यान (Desert NP)4. एक-सींग वाला भारतीय गैंडा (One-horned Rhino)
(a) A-2, B-4, C-1, D-3 ✓
(b) A-4, B-2, C-1, D-3 ✗
(c) A-2, B-1, C-4, D-3 ✗
(d) A-3, B-4, C-1, D-2 ✗
(e) अनुत्तरित प्रश्न ✗
📝 व्याख्या (Explanation)
सही सुमेलन A-2, B-4, C-1, D-3 है। केइबुल लामजाओ राष्ट्रीय उद्यान (मणिपुर) लोकटक झील पर तैरती हुई वनस्पति व मिट्टी के द्वीपों (जिन्हें 'फुम्दी' कहा जाता है) पर स्थित विश्व का एकमात्र तैरता हुआ राष्ट्रीय उद्यान है, जो लुप्तप्राय 'संगाई' (ब्रो-एंटीलर्ड हिरण) का अंतिम प्राकृतिक शरणस्थल है। काज़ीरंगा राष्ट्रीय उद्यान (असम) ब्रह्मपुत्र नदी के बाढ़कृत मैदान में स्थित है और विश्व के दो-तिहाई से अधिक एक-सींग वाले भारतीय गैंडों का घर है। गिर राष्ट्रीय उद्यान (सौराष्ट्र, गुजरात) पूरे विश्व में एशियाई बब्बर शेर (Panthera leo persica) का एकमात्र शेष प्राकृतिक आवास है। मरु राष्ट्रीय उद्यान (जैसलमेर-बाड़मेर, राजस्थान) थार मरुस्थल की शुष्क पारिस्थितिकी का प्रतिनिधित्व करता है तथा भारत के अति-संकटग्रस्त पक्षी गोडावण (ग्रेट इंडियन बस्टर्ड) के संरक्षण का सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्र है। ⚡ [परीक्षा-उपयोगी सूक्ष्म दृष्टि / RPSC Trap Alert]: भारत का प्रथम राष्ट्रीय उद्यान 1936 में स्थापित 'हैली नेशनल पार्क' था, जिसे वर्तमान में 'जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान' (उत्तराखंड) के नाम से जाना जाता है। क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत का सबसे बड़ा राष्ट्रीय उद्यान हेमिस राष्ट्रीय उद्यान (लद्दाख) है, जो हिम तेंदुए (Snow Leopard) के लिए विख्यात है।
14
भारतीय मृदाओं के संदर्भ में काली मृदा (रेगुर) से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
A.काली मृदा का निर्माण दक्कन ट्रैप के आग्नेय बेसाल्ट लावा शैलों के अपक्षय से हुआ है।
B.इसमें महीन मृतिका (Clay) की उच्च मात्रा होने के कारण इसकी जल-धारण क्षमता अत्यंत अधिक होती है।
C.यह मृदा शुष्क अवस्था में सिकुड़कर गहरी दरारें विकसित कर लेती है, जिससे इसमें 'स्वतः जुताई' (Self-ploughing) की प्रक्रिया होती है।
D.इस मृदा का गहरा काला रंग इसमें नाइट्रोजन, फॉस्फोरस तथा ह्यूमस (जैविक पदार्थ) की अत्यधिक प्रचुरता के कारण होता है।
(a) केवल A, B और C ✓
(b) केवल B, C और D ✗
(c) केवल A, C और D ✗
(d) A, B, C एवं D सभी ✗
(e) अनुत्तरित प्रश्न ✗
📝 व्याख्या (Explanation)
कथन A, B और C सत्य हैं। काली मृदा (वर्टिसोल) दक्कन के पठार (महाराष्ट्र, गुजरात, पश्चिमी मध्य प्रदेश, उत्तरी कर्नाटक) में बेसाल्टिक लावा के विखंडन से बनी है। इसमें मोंटमोरिलोनाइट समूह के क्ले खनिजों की प्रधानता होती है, जिससे यह गीली होने पर अत्यधिक चिपचिपी व फूलने वाली तथा सूखने पर सिकुड़कर चौड़ी दरारें बना लेती है। हवा के प्रवेश और मिट्टी के स्वतः पलटने के इसी गुण को 'स्वतः जुताई' कहा जाता है। यह नमी को लंबे समय तक संजोए रखती है, जिससे बिना सिंचाई के भी शुष्क कृषि संभव होती है। कथन D असत्य है, क्योंकि काली मृदा का काला रंग इसमें उपस्थित 'टाइटेनीफेरस मैग्नेटाइट' तथा लौह यौगिकों के जटिल मिश्रण के कारण होता है; भारतीय काली मृदा में नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और ह्यूमस (जैविक पदार्थ) की प्राकृतिक रूप से भारी कमी पाई जाती है (यह चूना, लोहा, मैग्नीशिया व एल्युमिना में समृद्ध होती है)। ⚡ [परीक्षा-उपयोगी सूक्ष्म दृष्टि / RPSC Trap Alert]: परीक्षार्थी प्रायः सोचते हैं कि काला रंग ह्यूमस के कारण है, जबकि भारतीय काली मृदा में ह्यूमस न्यून होता है। कपास, सोयाबीन, ज्वार और गन्ने की खेती के लिए यह सर्वोत्तम मानी जाती है।
15
जल द्वारा होने वाले मृदा अपरदन की विभिन्न अवस्थाओं का सही क्रमिक अनुक्रम (तीव्रता के बढ़ते क्रम में) कौन-सा है?
(a) परत अपरदन → रिल अपरदन → अवनालिका अपरदन → बौछार अपरदन ✗
(b) बौछार अपरदन → परत अपरदन → रिल अपरदन → अवनालिका अपरदन ✓
(c) रिल अपरदन → बौछार अपरदन → अवनालिका अपरदन → परत अपरदन ✗
(d) अवनालिका अपरदन → रिल अपरदन → परत अपरदन → बौछार अपरदन ✗
(e) अनुत्तरित प्रश्न ✗
📝 व्याख्या (Explanation)
जल द्वारा मृदा अपरदन का प्राकृतिक एवं सही क्रमिक अनुक्रम है:
16
बौछार अपरदन (Splash Erosion): जब वर्षा की बूँदें सीधे नंगी मिट्टी पर गिरती हैं, तो उनके आघात से मिट्टी के कण अलग-अलग बिखर जाते हैं; यह अपरदन का पहला चरण है।
(b) परत अपरदन (Sheet Erosion): जब भारी वर्षा का जल ढाल पर एकसमान पतली चादर के रूप में बहता है, तो वह सबसे उपजाऊ ऊपरी मृदा (Topsoil) की बारीक परत को चुपचाप बहा ले जाता है; यह किसान के लिए सबसे खतरनाक है क्योंकि यह आसानी से दृष्टिगोचर नहीं होता। ✗
(c) रिल / क्षुद्र सरिता अपरदन (Rill Erosion): जब बहता हुआ जल ढाल पर पतली-पतली उँगलियों जैसी नालियाँ बना लेता है; इन्हें साधारण जुताई से समतल किया जा सकता है। ✗
(d) अवनालिका अपरदन (Gully Erosion): जब रिल नालियाँ और अधिक गहरी व चौड़ी होकर विशाल खड्डों का रूप ले लेती हैं, तो कृषि योग्य भूमि नष्ट हो जाती है। ⚡ [परीक्षा-उपयोगी सूक्ष्म दृष्टि / RPSC Trap Alert]: अवनालिका अपरदन के चरम रूप से 'उत्खात भूमि' (Badland Topography) या बीहड़ (Ravines) का निर्माण होता है, जिसका भारत में सबसे उत्कृष्ट उदाहरण मध्य प्रदेश व राजस्थान की चंबल नदी घाटी है। ✗
(e) अनुत्तरित प्रश्न ✗
व्याख्या उपलब्ध नहीं है।
17
भारत में सिंचाई एवं जल संसाधनों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
A.भारत में शुद्ध सिंचित क्षेत्रफल के आधार पर सिंचाई का सबसे बड़ा एकल साधन नलकूप (Tube-wells) है।
B.प्रायद्वीपीय भारत में कठोर चट्टानी संरचना तथा मौसमी नदियों के कारण पारंपरिक रूप से तालाब (Tanks) सिंचाई का प्रमुख साधन रहे हैं।
C.इंदिरा गांधी नहर परियोजना का उद्गम पंजाब में सतलज और ब्यास नदियों के संगम पर स्थित हरिके बैराज से होता है।
D.ड्रिप (टपकन) सिंचाई पद्धति की जल-उपयोग दक्षता पारंपरिक बाढ़ सिंचाई से कम होती है क्योंकि इसमें जल का वाष्पीकरण अधिक होता है।
(a) केवल A, B और C ✓
(b) केवल B, C और D ✗
(c) केवल A, C और D ✗
(d) A, B, C एवं D सभी ✗
(e) अनुत्तरित प्रश्न ✗
📝 व्याख्या (Explanation)
कथन A सही है, क्योंकि देश के कुल शुद्ध सिंचित क्षेत्र में नलकूपों की हिस्सेदारी लगभग 49% से अधिक है (नलकूप व कुएँ मिलाकर 62% से अधिक क्षेत्र सींचते हैं)। उत्तर प्रदेश में नलकूपों से सर्वाधिक सिंचित क्षेत्रफल है। कथन B सही है, क्योंकि दक्षिण भारत के पठारी भाग में अप्रवेश्य कठोर चट्टानी धरातल के कारण कुएँ खोदना व नहरें निकालना अत्यधिक कठिन होता है, अतः प्राकृतिक गर्तों में वर्षा-जल संचित कर तालाब सिंचाई की जाती है (तमिलनाडु व आंध्र प्रदेश में प्रमुख)। कथन C सही है, क्योंकि देश की सबसे लंबी नहर प्रणाली इंदिरा गांधी नहर (कुल मुख्य नहर व फीडर 649 किमी) हरिके बैराज से निकाली गई है, जिसने पश्चिमी राजस्थान के थार मरुस्थल का कायापलट किया है। कथन D असत्य है, क्योंकि ड्रिप (टपक) सिंचाई में जल सीधे पौधों की जड़ क्षेत्र (Root zone) में बूँद-बूँद दिया जाता है, जिससे वाष्पीकरण व रिसाव नगण्य हो जाता है और इसकी जल-उपयोग दक्षता 85-90% तक पहुँच जाती है, जबकि पारंपरिक बाढ़/प्रवाह सिंचाई की दक्षता मात्र 35-40% होती है। ⚡ [परीक्षा-उपयोगी सूक्ष्म दृष्टि / RPSC Trap Alert]: सिंचित भूमि के प्रतिशत के आधार पर पंजाब देश में प्रथम (लगभग 98%) है, जबकि कुल सिंचित क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) की दृष्टि से उत्तर प्रदेश प्रथम स्थान पर है।
18
भारत की प्रमुख फसलों को उनके शीर्ष उत्पादक राज्यों (नवीनतम कृषि आँकड़ों के आधार पर) के साथ सुमेलित कीजिए:
सूची-Iसूची-II
A. मूँगफली1. पश्चिम बंगाल
B. सोयाबीन2. कर्नाटक
C. जूट3. गुजरात
D. कॉफी4. महाराष्ट्र
(a) A-3, B-4, C-1, D-2 ✓
(b) A-3, B-1, C-4, D-2 ✗
(c) A-4, B-3, C-1, D-2 ✗
(d) A-2, B-4, C-1, D-3 ✗
(e) अनुत्तरित प्रश्न ✗
📝 व्याख्या (Explanation)
सही सुमेलन A-3, B-4, C-1, D-2 है। मूँगफली के उत्पादन में गुजरात देश में प्रथम स्थान पर है (देश के उत्पादन का 40% से अधिक), इसके बाद राजस्थान का स्थान आता है। सोयाबीन के उत्पादन में 2024-25 में महाराष्ट्र शीर्ष स्थान पर रहा, जिसने मध्य प्रदेश को पीछे छोड़ा (यद्यपि क्षेत्रफल में मध्य प्रदेश अब भी बड़ा राज्य है)। जूट एवं मेस्ता के उत्पादन में पश्चिम बंगाल का लगभग 80% एकाधिकार है, इसके बाद बिहार व असम आते हैं। कॉफी उत्पादन में कर्नाटक देश का निर्विवाद अग्रणी राज्य है (देश की कुल कॉफी उत्पादन का 70% से अधिक), जहाँ अरेबिका और रोबस्टा दोनों किस्में कोडगु (कूर्ग) व चिकमगलूर ज़िलों में उगाई जाती हैं। ⚡ [परीक्षा-उपयोगी सूक्ष्म दृष्टि / RPSC Trap Alert]: चावल उत्पादन में उत्तर प्रदेश प्रथम तथा तेलंगाना द्वितीय स्थान पर है (पश्चिम बंगाल अब तीसरे स्थान पर आ गया है)। गेहूँ व गन्ना उत्पादन में उत्तर प्रदेश शीर्ष पर है, जबकि प्राकृतिक रबड़ उत्पादन में केरल (लगभग 75%) देश में प्रथम स्थान पर है।
19
भारत के खनिज संसाधनों एवं उनकी उत्पादक पेटियों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
A.भारत में हेमेटाइट लौह अयस्क के सर्वाधिक भंडार तथा लौह अयस्क उत्पादन में ओडिशा राज्य देश में प्रथम स्थान पर है।
B.राजस्थान राज्य सीसा, जस्ता, जिप्सम और वोलास्टोनाइट के उत्पादन में देश में लगभग एकाधिकार रखता है।
C.मध्य प्रदेश का मलांजखंड क्षेत्र देश का सबसे बड़ा खुली खदान (Open-cast) ताँबा अयस्क उत्पादक क्षेत्र है।
D.भारत में टिन अयस्क (कैसिटराइट) का व्यावसायिक उत्पादन केवल झारखंड के छोटानागपुर पठार तक सीमित है।
(a) केवल A, B और D ✗
(b) केवल A, B और C ✓
(c) केवल B, C और D ✗
(d) A, B, C एवं D सभी ✗
(e) अनुत्तरित प्रश्न ✗
📝 व्याख्या (Explanation)
कथन A सही है, क्योंकि देश के कुल लौह अयस्क उत्पादन का 50% से अधिक अकेले ओडिशा (मयूरभंज, क्योंझर, सुंदरगढ़) से आता है और हेमेटाइट भंडारों में भी ओडिशा प्रथम है (मैग्नेटाइट भंडारों में कर्नाटक अग्रणी है)। कथन B सही है, क्योंकि राजस्थान में रामपुरा-आगूचा (भीलवाड़ा) व ज़ावर (उदयपुर) से देश का समस्त सीसा-जस्ता निकाला जाता है, साथ ही जिप्सम (बीकानेर, नागौर) व वोलास्टोनाइट में इसका एकाधिकार है। कथन C सही है, क्योंकि मध्य प्रदेश के बालाघाट ज़िले में स्थित मलांजखंड देश की सबसे बड़ी ताँबा अयस्क उत्पादक इकाई है (यद्यपि ताँबा भंडारों में राजस्थान का खेतड़ी क्षेत्र प्रथम है)। कथन D असत्य है, क्योंकि भारत में टिन अयस्क (कैसिटराइट) का एकमात्र उत्पादक राज्य छत्तीसगढ़ है (दंतेवाड़ा व बस्तर ज़िले); झारखंड टिन का उत्पादक नहीं है। ⚡ [परीक्षा-उपयोगी सूक्ष्म दृष्टि / RPSC Trap Alert]: कोडरमा (झारखंड) को 'अभ्रक नगरी' कहा जाता है, पन्ना (मध्य प्रदेश) भारत का एकमात्र सक्रिय हीरा उत्पादक ज़िला है, तथा जादूगोड़ा व तुरामडीह (झारखंड) यूरेनियम खनन के मुख्य केंद्र हैं।
20
भारत के ऊर्जा परिदृश्य एवं गैर-जीवाश्म ऊर्जा लक्ष्यों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
A.भारत ने अपनी कुल स्थापित विद्युत क्षमता का 50% गैर-जीवाश्म स्रोतों (नवीकरणीय, जलविद्युत व परमाणु) से प्राप्त करने का लक्ष्य 2030 से पूर्व ही हासिल कर लिया है।
B.वर्तमान में भारत में कुल स्थापित सौर ऊर्जा क्षमता में राजस्थान राज्य देश में प्रथम स्थान पर है।
C.भारत में पवन ऊर्जा की सर्वाधिक स्थापित क्षमता गुजरात राज्य में स्थित है, जिसके बाद तमिलनाडु का स्थान आता है।
D.भारत के कुल वास्तविक विद्युत उत्पादन में परमाणु ऊर्जा का योगदान 25% से अधिक है।
(a) केवल A, B और D ✗
(b) केवल A, B और C ✓
(c) केवल B, C और D ✗
(d) A, B, C एवं D सभी ✗
(e) अनुत्तरित प्रश्न ✗
📝 व्याख्या (Explanation)
कथन A सही है, क्योंकि भारत ने जुलाई 2025 में ही अपनी स्थापित विद्युत क्षमता में 50% गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता का लक्ष्य पार कर लिया (वर्तमान में यह 54% से अधिक हो चुकी है), जो पेरिस समझौते के अंतर्गत 2030 तक निर्धारित समय-सीमा से पाँच वर्ष पूर्व की ऐतिहासिक उपलब्धि है। कथन B सही है, क्योंकि राजस्थान 40 गीगावाट से अधिक स्थापित सौर क्षमता के साथ देश में शीर्ष पर है (जोधपुर का भड़ला सौर पार्क विश्व के विशालतम सौर पार्कों में से एक है)। कथन C सही है, क्योंकि पवन ऊर्जा क्षमता में गुजरात (कच्छ व सौराष्ट्र तट) प्रथम स्थान पर पहुँच चुका है और तमिलनाडु (मुप्पंडल क्षेत्र) दूसरे स्थान पर है। कथन D असत्य है, क्योंकि भारत के कुल विद्युत उत्पादन में परमाणु ऊर्जा की हिस्सेदारी मात्र लगभग 1.6% से 3% के बीच ही है; देश के वास्तविक विद्युत उत्पादन में आज भी कोयला आधारित तापीय विद्युत का योगदान लगभग दो-तिहाई (65-70%) बना हुआ है। ⚡ [परीक्षा-उपयोगी सूक्ष्म दृष्टि / RPSC Trap Alert]: कॉप-26 (ग्लासगो) में घोषित भारत के 'पंचामृत' लक्ष्यों के तहत 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता तथा वर्ष 2070 तक शुद्ध शून्य कार्बन उत्सर्जन (Net Zero) का राष्ट्रीय संकल्प लिया गया है।
21
2011 की भारतीय जनगणना के अनुसार जनसंख्या के वितरण, घनत्व एवं साक्षरता से संबंधित निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही सुमेलित नहीं है?
(a) सर्वाधिक जनसंख्या वाला राज्य - उत्तर प्रदेश ✗
(b) सर्वाधिक जनसंख्या घनत्व वाला राज्य - बिहार ✗
(c) न्यूनतम साक्षरता दर वाला राज्य - राजस्थान ✓
(d) सर्वाधिक लिंगानुपात वाला राज्य - केरल ✗
(e) अनुत्तरित प्रश्न ✗
📝 व्याख्या (Explanation)
विकल्प C सही सुमेलित नहीं है, क्योंकि 2011 की जनगणना के अनुसार भारत में न्यूनतम कुल साक्षरता दर वाला राज्य बिहार (लगभग 61.8% / 63.8%) है, न कि राजस्थान। राजस्थान केवल 'न्यूनतम महिला साक्षरता' (52.1%) वाला राज्य है, जबकि कुल साक्षरता में वह नीचे से दूसरा/तीसरा है। विकल्प A सही है: उत्तर प्रदेश 19.98 करोड़ (देश की कुल आबादी का 16.5%) के साथ सर्वाधिक जनसंख्या वाला राज्य है। विकल्प B सही है: बिहार 1,106 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी घनत्व के साथ राज्यों में शीर्ष पर है (पश्चिम बंगाल 1,028 के साथ दूसरे स्थान पर है; केंद्रशासित प्रदेशों में दिल्ली 11,320 के साथ सर्वोच्च है)। विकल्प D सही है: केरल 1,084 महिलाओं के लिंगानुपात के साथ देश में शीर्ष स्थान पर है (हरियाणा 879 के साथ न्यूनतम लिंगानुपात वाला राज्य है)। ⚡ [परीक्षा-उपयोगी सूक्ष्म दृष्टि / RPSC Trap Alert]: न्यूनतम जनसंख्या वाला राज्य सिक्किम (लगभग 6.1 लाख) है तथा न्यूनतम जनसंख्या घनत्व वाला राज्य अरुणाचल प्रदेश (17 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी) है। 2001-2011 के दौरान एकमात्र ऋणात्मक जनसंख्या वृद्धि दर्ज करने वाला राज्य नागालैंड (-0.6%) रहा है।
New India Education (NIEd) — www.omkarsir.in