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प्राचीन भारत का इतिहास

प्रागैतिहासिक युग से लेकर 8वीं शताब्दी तक के भारत की गौरवशाली यात्रा का संपूर्ण अध्ययन।

परिचय | Introduction

प्राचीन भारत के इतिहास का अध्ययन उस विशाल कालखंड को समेटता है जो प्रागैतिहासिक युग से आरंभ होकर 8वीं शताब्दी ईस्वी के अरब आक्रमण तक विस्तृत है। इस काल में भारतीय उपमहाद्वीप की महान सभ्यताएँ, विविध राजवंश, क्रांतिकारी धार्मिक आंदोलन और उत्कृष्ट कला-संस्कृति का विकास हुआ।

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समयकाल

~25 लाख वर्ष पूर्व से 8वीं सदी CE

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प्रमुख स्रोत

पुरातात्विक, साहित्यिक व विदेशी विवरण

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परीक्षा महत्व

RAS/IAS Prelims & Mains (Scoring)

कालक्रम — एक नज़र में

~25 लाख वर्ष — 3000 BCE

प्रागैतिहासिक काल

पाषाण, ताम्र और लौह युग का विकास। मानव सभ्यता के आरंभिक पदचिह्न।

3300 — 1300 BCE

सिंधु घाटी सभ्यता

विश्व की प्रथम नगरीय सभ्यता, अपनी उत्कृष्ट नगर नियोजन और व्यापार के लिए प्रसिद्ध।

1500 — 600 BCE

वैदिक काल

आर्य संस्कृति, वेदों की रचना और सामाजिक-धार्मिक संरचना का उदय।

600 — 321 BCE

धार्मिक क्रांति और महाजनपद

बौद्ध व जैन धर्म का उदय तथा 16 महाजनपदों के बीच सत्ता का संघर्ष।

321 — 185 BCE

मौर्य साम्राज्य

अखंड भारत की स्थापना और सम्राट अशोक का धम्म विजय।

185 BCE — 300 CE

उत्तर-मौर्य काल

कुषाण, सातवाहन और विदेशी संस्कृतियों के साथ भारत का समन्वय।

320 — 550 CE

गुप्त काल

भारतीय कला, विज्ञान और साहित्य का "स्वर्ण युग"।

550 — 800 CE

उत्तर-गुप्त काल

सम्राट हर्ष, चालुक्य, पल्लव और उभरते क्षेत्रीय राज्यों का काल।